LATEST NEWS

महाकुंभ में स्नान जारी, सड़क पर उतरें अधिकारी, यातायात व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने सख्त निर्देश दिए

महाकुंभ नगर प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में स्नान जारी है। शुक्रवार को यहां पर यातायात की व्यवस्था को सुचारू ढंग से चलाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए अधिकारी भी सड़क पर उतरें। महाकुंभ में शुक्रवार होने के कारण भीड़ बढ़ने लगी है। कल शनिवार और फिर रविवार है। ऐसे में प्रशासन का अंदेशा है कि सप्ताह के आखिरी में एक बार फिर भीड़ बढ़ सकती है। इसको देखते हुए इंतजाम किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी लखनऊ में मीटिंग की। महाकुंभ में यातायात व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश दिए हैं। वरिष्ठ अधिकारी स्वयं सड़क पर उतरें। प्रयागराज महाकुंभ नगर, प्रयागराज जनपद, अयोध्या, वाराणसी और आसपास के सभी जिलों में कहीं भी सड़क पर जाम न लगे। हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करें। जहां जाम होगा, वहां के अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। दरअसल, प्रयागराज में कुंभ जाने वाले श्रद्धालु अयोध्या भी जाना चाहते हैं। इसे लेकर जाम के हालात बन रहे हैं। अमेठी, सुल्तानपुर और अंबेडकर नगर में जाम लग रहा है। कई बाहरी राज्यों की गाड़ियां जाम में फंस रही हैं। उधर, महाकुंभ में सफाई कर्मियों की तरफ से एक साथ घाटों की सफाई का अभियान चलाया जाएगा। महाकुंभ में शुक्रवार को 40.02 लाख लोगों ने स्नान किया है। वहीं, 13 फरवरी से आज तक 49.14 करोड़ लोगों ने स्नान किया है। शुक्रवार को भी कई अतिविशिष्ट लोग त्रिवेणी में स्नान के लिए आएंगे। कुंभ में करोड़ों श्रद्धालुओं के अलावा देश के कई वीवीआईपी ने भी आस्था की डुबकी लगाई है। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद समेत कई बड़े सियासी दिग्गज यहां स्नान कर चुके हैं।

भारत का ई-वेस्ट एक बड़ा आर्थिक अवसर हो सकता है, 6 बिलियन डॉलर की अनुमानित आर्थिक क्षमता का दावा

बेंगलुरु भारत का ई-वेस्ट एक बड़ा आर्थिक अवसर उपलब्ध करा रहा है। मेटल एक्सट्रैक्शन के जरिए रिकवर किए जाने वाले मटीरियल में 6 बिलियन डॉलर की अनुमानित आर्थिक क्षमता का दावा एक रिपोर्ट कर रही है। शुक्रवार को एक रिपोर्ट के हवाले से ये जानकारी दी गई। भारत अब चीन और अमेरिका के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ई-वेस्ट उत्पादक है। रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि देश का ई-वेस्ट वित्त वर्ष 2014 में 2 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) से दोगुना होकर वित्त वर्ष 2024 में 3.8 एमएमटी हो गया है, जो शहरीकरण और बढ़ती आय के कारण हुआ है। मुख्य रूप से घरों और व्यवसायों द्वारा उत्पन्न कंज्यूमर सेगमेंट ने वित्त वर्ष 2024 में कुल ई-वेस्ट का लगभग 70 प्रतिशत योगदान दिया। ई-वेस्ट उत्पादन में एक बड़ा ट्रेंड मटीरियल की तीव्रता में बदलाव है। जबकि उपकरण अधिक कॉम्पैक्ट और हल्के होते जा रहे हैं। त्यागे गए सामानों की मात्रा बढ़ रही है, जिससे कुशल रीसाइक्लिंग रणनीतियों की आवश्यकता होती है। रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स के पार्टनर जसबीर एस. जुनेजा ने कहा, “आने वाले वर्षों में ई-वेस्ट की मात्रा बढ़ने की उम्मीद है। ई-वेस्ट में मेटल का बढ़ता मूल्य भारत के लिए रिकवरी दक्षता बढ़ाने और खुद को सस्टेनेबल मेटल एक्सट्रैक्शन में लीडर के रूप में स्थापित करने का एक बड़ा अवसर प्रस्तुत करता है।” वर्तमान में, भारत में कंज्यूमर ई-वेस्ट का केवल 16 प्रतिशत फॉर्मल रिसाइक्लर द्वारा प्रोसेस किया जाता है। वित्त वर्ष 2035 तक फॉर्मल रिसाइकलिंग सेक्टर में 17 प्रतिशत सीएजीआर वृद्धि के अनुमानों के बावजूद, इसके द्वारा भारत के ई-वेस्ट का केवल 40 प्रतिशत ही हैंडल करने की उम्मीद है। इस सेक्टर को अनौपचारिक प्लेयर्स से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है, जो कम अनुपालन लागत और व्यापक संग्रह नेटवर्क का लाभ उठाते हैं। इस बीच, 10-15 प्रतिशत ई-वेस्ट घरों में स्टोर रहता है और 8-10 प्रतिशत लैंडफिल में समाप्त हो जाता है, जिससे रिसाइकलिंग दक्षता कम हो जाती है। एक सस्टेनेबल ई-वेस्ट मैनेजमेंट इकोसिस्टम बनाने के लिए, भारत सरकार ने एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी (ईपीआर) फ्रेमर्क पेश किया है। ईपीआर तब से उत्पादकों के लिए परिभाषित संग्रह लक्ष्यों के साथ एक अनिवार्य प्रणाली में विकसित हुआ है। हालांकि, कम न्यूनतम ईपीआर शुल्क और अपर्याप्त औपचारिक रीसाइक्लिंग क्षमता के कारण अंतराल बने हुए हैं। फॉर्मल रीसाइक्लिंग नेटवर्क को मजबूत करना मेटल रिकवरी रेट में सुधार और रिटर्न को अधिकतम करने की कुंजी है। इससे भारत की मेटल आयात मांग में 1.7 बिलियन डॉलर तक की कमी आ सकती है, जबकि हाई-वैल्यू रिसाइकल्ड मेटल की निरंतर सप्लाई सुनिश्चित हो सकती है।

दिल्ली में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 19 या 20 फरवरी को हो सकता है, सरकार गठन की प्रक्रिया तेज

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 19 या 20 फरवरी को हो सकता है। वहीं, विधायक दल की बैठक 17 और 18 फरवरी को आयोजित की जाएगी, जिसमें नई सरकार के गठन से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात अमेरिका से दिल्ली पहुंचेंगे। इसके बाद सरकार बनाने को लेकर एक अहम बैठक होगी। पीएम मोदी के साथ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और पार्टी के अन्य शीर्ष नेता भी मौजूद होंगे। इन नेताओं की बैठक में दिल्ली में सरकार गठन के लिए अंतिम रूप से निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान दिल्ली का अगला सीएम कौन होगा, यह भी तय हो जाएगा। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने दिल्ली में सरकार गठन के लिए पहले ही होमवर्क पूरा कर लिया है। पार्टी ने दिल्ली में सरकार गठन के लिए विधायकों के नामों की एक सूची तैयार की है, जिसमें 48 में से 15 विधायकों के नाम को प्राथमिकता दी गई है। इन 15 विधायकों में से 9 नामों को अंतिम रूप से चुना जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री, मंत्री और स्पीकर के नाम तय किए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री निर्वाचित विधायकों में से होगा और इस बारे में निर्णय विधायक दल की बैठक में लिया जाएगा। नड्डा ने यह भी संकेत दिया कि मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के बाद पहली कैबिनेट बैठक में कुछ महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लिए जाएंगे। एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा यह है कि दिल्ली में नई भाजपा सरकार में कोई उपमुख्यमंत्री नहीं होगा। बता दें कि 8 फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित किए गए। इस चुनाव में भाजपा ने 42 सीटों पर शानदार जीत हासिल की, तो वहीं, आम आदमी पार्टी महज 22 सीटों पर सिमट गई। इस चुनाव में एक बार फिर कांग्रेस का खाता नहीं खुला। दिल्ली विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 26 फरवरी को समाप्त हो रहा है और नई सरकार को उससे पहले कार्यभार संभालना होगा।

डोनाल्ड ट्रंप भारत को F-35 लड़ाकू विमान बेचेगा, यह डील भारत के लिए एक बड़ी जीत

वाशिंगटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नई दिल्ली को ‘एफ-35’ स्टील्थ फाइटर जेट बेचने का ऐलान किया। इस कदम से भारत अत्याधुनिक स्टील्थ विमानों वाले देशों के विशिष्ट क्लब में शामिल हो जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस जेट को दुनिया के सबसे उन्नत जेट में से एक माना जाता है। इसलिए यह डील भारत के लिए एक बड़ी जीत है। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि एफ-35 आखिरकार भारत को कब मिलेगा। विदेशी हथियारों की डील को फाइनल होने में कई साल लग जाते हैं। सबसे पहले यह समझते हैं कि स्टील्थ विमान किसे कहा जाता है? स्टील्थ विमान को रडार, इन्फ्रारेड और अन्य प्रकार के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन से बचने के लिए डिजाइन किया जाता है। हालांकि रडार से पूरी तरह से बचना मुश्किल है लेकिन यह विमान अन्य प्लेन के मुकाबले रडार की पकड़ में मुश्किल से आते हैं। एफ-35 ऐसा ही एक स्टील्थ प्लेन है जिसे अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने डेवलप किया है। विमान का आकार रडार एनर्जी को सोर्स से दूर करने के लिए डिजाइन किया गया है, जैसे कि एक तिरछा दर्पण। इसकी सतह को भी मिश्रित और चिकना किया गया है ताकि रडार ऊर्जा आसानी से इससे प्रवाहित हो सके – ठीक वैसे ही जैसे पानी चिकनी सतह पर बहता है। एफ-35 लड़ाकू जेट विमानों में एक एफ135 इंजन का इस्तेमाल होता है जो 40,000 पाउंड का थ्रस्ट पैदा करता है। इससे यह मैक 1.6 (1,200 मील प्रति घंटे) की हाई स्पीड तक पहुंच सकता है। एफ-35 का कॉकपिट अन्य लड़ाकू विमानों से अलग है; इसमें अन्य विमानों की तरह गेज या स्क्रीन नहीं है। इसमें बड़ी टचस्क्रीन और हेलमेट-माउंटेड डिस्प्ले सिस्टम है जो पायलट को रियल टाइम जानकारी देखने और जानने के काबिल बनाता है। हेलमेट पायलट को विमान के आर-पार देखने की भी अनुमति देता है। यह एफ-35 के डिस्ट्रिब्यूटेड अपर्चर सिस्टम (डीएएस) और विमान के चारों ओर रणनीतिक रूप से लगे छह इन्फ्रारेड कैमरों की वजह से संभव होता है। एफ-35 लड़ाकू विमानों की हथियार क्षमता भी 6,000 किलोग्राम से 8,100 किलोग्राम तक है। हालांकि एक्सपर्ट कहते हैं कि एफ-35 की मारक क्षमता नहीं बल्कि उसकी कंप्यूटिंग शक्ति उसे सबसे अलग बनाती है। यही कारण है कि एफ-35 को ‘आसमान में क्वार्टरबैक’ या ‘एक कंप्यूटर जो उड़ता है’ के रूप में जाना जाता है। कीमत के मामले में भी यह विमान अन्य प्लेन पर भारी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एफ-35ए के लिए प्रति यूनिट लागत लगभग 80 मिलियन डॉलर (695 करोड़ रुपये), ए-35बी के लिए 115 मिलियन डॉलर (10,005 करोड़ रुपये) और एफ-35सी के लिए 110 मिलियन डॉलर (9,622 करोड़ रुपये) है। प्रत्येक F-35 की लागत लगभग 36,000 डॉलर (31 लाख रुपये) प्रति उड़ान घंटा है, जो इसे संचालन के लिए सबसे महंगे जेट में से एक बनाता है। अमेरिका ने इन विमानों को यूनाइटेड किंगडम, इजरायल, जापान, ऑस्ट्रेलिया और इटली जैसे सहयोगी देशों को बेचा है। ऐसा नहीं है कि इस विमान की आलोचना नहीं हुई। अमेरिका के सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) के प्रमुख एलन मस्क F-35 का मजाक उड़ा चुके हैं। पिछले नवंबर में, दुनिया के सबसे अमीर आदमी ने कहा, “कुछ बेवकूफ अभी भी ड्रोन के युग में एफ-35 जैसे मानवयुक्त लड़ाकू विमान बना रहे हैं”। हालांकि, तत्कालीन वायु सेना सचिव फ्रैंक केंडल ने विमान का बचाव किया। उन्होंने एयर फोर्स एसोसिएशन के वेबकास्ट के दौरान कहा, “एफ-35 खत्म नहीं होने वाला है क्योंकि यह एक अत्याधुनिक प्रणाली है जिसे लगातार अपग्रेड किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में इसका कोई विकल्प नहीं है। हमें इसे खरीदना जारी रखना चाहिए। एफ-35 से भारत की आसमान में मारक क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिससे उसे किसी भी खतरे, खासकर चीन और पाकिस्तान से निपटने में मदद मिलेगी। फिलहाल, भारत के पास अपने शस्त्रागार में पांचवीं पीढ़ी का कोई विमान नहीं है। एफ-35 इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चीन के पास जे-35ए विमान है। कुछ एक्सपर्ट्स एफ-35 डील को भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों का महत्वपूर्ण क्षण मानते हैं। वहीं कुछ रक्षा विशेषज्ञों का यह भी मानना ​​है कि ट्रंप ने एफ-35 को भारत को देने का ऐलान कर रूस के साथ भारत के घनिष्ठ सैन्य संबंधों को कमजोर करने की कोशिश की है।

महाकुंभ के आयोजन के कारण राज्य की अर्थव्यवस्था में 3 लाख करोड़ रुपये का इजाफा होगा: सीएम योगी

लखनऊ लखनऊ में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक की मौजूदगी में 114 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस मौके पर तीनों नेताओं ने लोगों को संबोधित किया और उत्तर प्रदेश के विकास की दिशा में किए गए प्रयासों की सराहना की। महाकुंभ पर खर्च हुए 1500 करोड़ रुपए, सीएम योगी का खुलासा इस अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ के आयोजन को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने बताया कि कुंभ और महाकुंभ आयोजन से यूपी की अर्थव्यवस्था को भारी लाभ होता है। योगी ने कहा कि महाकुंभ के आयोजन के कारण राज्य की अर्थव्यवस्था में 3 लाख करोड़ रुपये का इजाफा होगा। सीएम योगी ने उन लोगों का जवाब दिया, जो पूछते हैं कि 5000-6000 करोड़ रुपये क्यों खर्च किए गए। उन्होंने बताया कि यह राशि सिर्फ कुंभ के आयोजन पर नहीं, बल्कि प्रयागराज शहर के जीर्णोद्धार पर भी खर्च की गई है। कुंभ के आयोजन में कुल 1500 करोड़ रुपये खर्च हुए, और यदि इसके बदले यूपी की अर्थव्यवस्था को 3 लाख करोड़ रुपये का लाभ हो, तो यह राशि उचित ही खर्च की गई है। महाकुंभ से यूपी की अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ के आयोजन से राज्य की अर्थव्यवस्था को और भी मजबूती मिलेगी। जब 50-55 करोड़ लोग उत्तर प्रदेश के महाकुंभ में शामिल होंगे, तो इससे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में 3 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि डबल इंजन सरकार के आने के बाद, श्रद्धालु उन जगहों तक आसानी से पहुंच पा रहे हैं, जहां आठ साल पहले वे नहीं जा पाते थे। नितिन गडकरी ने महाकुंभ के प्रभाव पर जताई राय केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि महाकुंभ के दौरान प्रयागराज ने 3 लाख करोड़ रुपये की जीडीपी वृद्धि में योगदान दिया। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र को एक महत्वपूर्ण आर्थिक क्षेत्र बताया, जहां 49 प्रतिशत पूंजी निवेश रोजगार पैदा करने में खर्च होता है। गडकरी ने कहा कि इस आयोजन से टैक्सी चालकों, रिक्शा चालकों और अन्य श्रेणियों के लोगों को रोजगार के कई अवसर मिले हैं। राजनाथ सिंह ने किया सीएम योगी और गडकरी का सम्मान लखनऊ में विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीएम योगी और नितिन गडकरी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि लखनऊ में जो विकास हो रहा है, वह पूरी तरह से सीएम योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के योगदान के कारण हो रहा है। राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि इन नेताओं के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को एक नई दिशा मिल रही है और राज्य का विकास तेज़ी से हो रहा है। यह उद्घाटन उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचा सुधार और राज्य की आर्थिक वृद्धि को एक नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।  

एलन मस्क ने की पीएम मोदी की तारीफ, दोनों के बीच मुलाकात के दौरान नवाचार जैसे कई मुद्दों पर हुई चर्चा

नई दिल्ली अरबपति एलन मस्क ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना सम्मान की बात है। दोनों के बीच मुलाकात के दौरान अंतरिक्ष, गतिशीलता, प्रौद्योगिकी और नवाचार जैसे कई मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में मस्क से कहा, “आपसे मिलना सम्मान की बात थी।” अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रमुख सलाहकार मस्क ने मस्क के साथ बैठक के बाद प्रधानमंत्री के पोस्ट के जवाब में यह बात कही। प्रधानमंत्री ने कहा, “एलन मस्क के परिवार से मिलना और विभिन्न विषयों पर बातचीत करना मेरे लिए खुशी की बात थी।” उन्होंने कहा, “हमने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की, जिनमें अंतरिक्ष, गतिशीलता, प्रौद्योगिकी और नवाचार जैसे मुद्दे शामिल हैं, जिनके बारे में वह भावुक हैं। मैंने सुधार और ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ को आगे बढ़ाने की दिशा में भारत के प्रयासों के बारे में बात की।”   किन मुद्दों को लेकर हुई बातचीत? विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ ने गुरुवार शाम वाशिंगटन डीसी के ब्लेयर हाउस में पीएम मोदी से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, “पीएम मोदी और मस्क ने नवाचार, अंतरिक्ष अन्वेषण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सतत विकास में भारतीय और अमेरिकी संस्थाओं के बीच सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की। उनकी चर्चा में उभरती प्रौद्योगिकियों, उद्यमिता और सुशासन में सहयोग को गहरा करने के अवसरों पर भी चर्चा हुई।” प्रधानमंत्री ने बच्चों को दिया ये गिफ्ट इसमें कहा गया कि इस बैठक में मस्क के साथ उनके परिवार के सदस्य भी थे। इस मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने एलन मस्क के तीन बच्चों को किताबें भी भेंट कीं। उन्होंने उन्हें रवींद्रनाथ टैगोर की द क्रिसेंट मून, द ग्रेट आरके नारायण कलेक्शन और पंडित विष्णु शर्मा की पंचतंत्र किताबें भेंट कीं। बाद में उन्होंने बच्चों को किताबें पढ़ते हुए तस्वीरें भी साझा कीं। इस दौरान मस्क ने पीएम मोदी को एक उपहार भी भेंट किया। माना जा रहा है कि यह एक हीट शील्ड टाइल है जो पिछले साल अक्टूबर में स्पेसएक्स के स्टारशिप फ्लाइट टेस्ट 5 पर उड़ाई गई थी। इस वस्तु पर लिखा था: “स्टारशिप फ्लाइट टेस्ट 5, 12 अक्टूबर, 2024।”

मोती नगर में रहवासियों को 15 दिन में घर खाली करने का नोटिस, 500 मकानों को हटाया जाएगा

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का बहुचर्चित मोतीनगर बस्ती के अतिक्रमण को अब प्रशासन द्वारा शहर में होने जा रही ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट (GIS) के बाद हटाया जाएगा। प्रशासन की ओर से मोतीनगर बस्ती के रहवासियों को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। रहवासियों को मिली 15 दिनों की और मोहलत के बाद अब वो इस अवधि में संबंदित स्थान से अपना कब्जा हटा सकते हैं। हालांकि, जानकारी ये भी सामने आई है कि मोतीनगर बस्ती के रहवासियों ने प्रशासन की ओर से भेजे गए नोटिस को अस्वीकार कर दिया है।  बता दें कि, रेलवे और बीडीए की जमीन पर अतिक्रमण कर मोतीनगर बस्ती बनाई गई थी। शहर की भदभदा बस्ती के बाद मोतीनगर बस्ती टूटेगा। मोती नगर क्षेत्र से रेलवे की चौथी लाइन और सुभाष ओवर ब्रिज का तीसरे लेग का निर्माण प्रस्तावित किया गया है। निर्माण के पहले झुग्गियों को हटाने की प्रशासन द्वारा ये दूसरी बड़ी कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई के बाद शुरु होगा निर्माण मामले को लेकर रहवासी कोर्ट गए। कोर्ट से कुछ दिनों की राहत मिली थी। उसके बाद कार्रवाई शुरू की गई थी। 110 मकानों में कुछ में तोड़फोड़ कार्रवाई की गई है। अतिक्रमण को प्रशासन ने बुलडोजर के माध्यम हटा दिया है। कुछ हिस्सों में अभी मकान बाकी जिसे हटाया जाना है। अतिक्रमण हटाने के बाद निर्माण काम शुरू होगा। लोग हटा रहे दुकानों का मलबा दुकानें तोड़ने के बाद यहां ज्यादातर सामान तो पहले ही हटा लिया गया है। जिन दुकानों का मलबा बच गया था उसे भी हटाया जा रहा है। लोग अपने स्तर पर दीवारों को तोड़कर ईंट और प​त्थर निकाल रहे हैं। जिन दुकानों के पीछे मकान हैं उनकी दीवारों पर लोगों ने कलर स्प्रे, पेंट से लिख दिया है यह घर की दीवार है। यही नहीं कुछ लोगों ने प्रिंट निकलवा कर पर्चे लगा दिए हैं। प्रशासन के तेवर देख अब विरोध कर रहे लोगों ने भी मकान खाली करने का मन बना लिया है। हालांकि, वे विस्थापन की मांग कर रहे हैं।

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में श्रमिकों को ले जा रहे वाहन में जोरदार धमाका, 11 की मौत और कई जख्मी

 बलूचिस्तान पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर धमाका हुआ है. कोयला खनिकों को ले जा रहे वाहन को निशाना बनाकर बम विस्फोट किया गया जिसमें कम से कम 11 लोग मारे गए हैं. इससे पहले भी इस क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. यह धमाका बलूचिस्तान प्रांत के हरनई में हुआ. कोयला खदान श्रमिकों को ले जा रहे एक पिकअप वाहन पर विस्फोटक उपकरण से हमला किया गया. हमले में तुरंत ही 11 लोगों की मौत हो गई और 6 लोग घायल हुए हैं जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती किया गया है. रिमोट से किया था ब्लास्ट एक अधिकारी बताया कि यह ब्लास्ट रिमोट से संचालित डिवाइस से किया गया था.किसी भी समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. क्षेत्र के डिप्टी कमिश्नर हजरत वली आगा ने कहा कि जब बम धमाका हुआ, तब ट्रक में 17 खनन श्रमिक सवार थे. स्थानीय अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि घायलों में से दो की हालत गंभीर है. खनिज समृद्ध बलूचिस्तान ईरान और अफगानिस्तान की सीमा पर स्थित है. यहां अलगाववादी जातीय बलूच समूहों द्वारा दशकों से विद्रोह किया जा रहा है. इस क्षेत्र में इस्लामी आतंकवादी भी सक्रिय हैं.  

भारत को दिया चीन सीमा विवाद मध्यस्थता कराने ट्रंप ने दिया ऑफर, भारत ने ठुकराया, कहा हम सक्षम हैं

वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को दुनिया का एक बड़ा प्लेयर बताया है। इसके साथ ही उन्होंने भारत और चीन के बीच सीमा विवाद मध्यस्थता का भी ऑफर दे दिया, जिसे भारत ने बिना कोई वक्त गंवाए खारिज कर दिया। भारत ने यह फैसला इसलिए लिया ताकि किसी तरह भ्रम न उपजे। भारत ने साफ कहा कि सीमा विवाद द्विपक्षीय मसला है और हम सभी चीजों को अपने स्तर पर निपटाने में सक्षम हैं। पीएम मोदी के साथ मीडिया को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा था, ‘मैं भारत की तरफ देखता हूं। कुछ सीमा विवाद भी हैं, जो सामान्य हैं। उन पर बात होनी चाहिए और पहल जारी रहनी चाहिए। यदि हम कोई मदद कर सकते हैं तो मुझे अच्छा लगेगा। मैं इसके लिए तैयार हूं क्योंकि मेरा मानना है कि विवादों का निपटारा होना चाहिए।’ उन्होंने चीन के साथ अमेरिका के अच्छे रिश्तों की भी बात की। उन्होंने कहा कि अमेरिका तो चीन के साथ अच्छे रिश्तों का हिमायती है। दुनिया का एक बड़ा प्लेयर चीन भी है। उन्होंने कहा कि हम चीन के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं। कोरोना काल तक हमारे शी जिनपिंग के साथ अच्छे संबंध थे। फिर बात थोड़ी बिगड़ गई। चीन दुनिया का एक बड़ा महत्वपूर्ण प्लेयर है। वहीं डोनाल्ड ट्रंप के ऑफर को भारत ने तत्काल खारिज कर दिया है। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा, ‘हमारे पड़ोसियों के साथ जो भी मसले हैं। उनसे निपटने के लिए हमने हमेशा से द्विपक्षीय वार्ता का रास्ता ही अपनाया है। हमें किसी तीसरे पक्ष की आवश्यकता नहीं है।’ डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग को रोकने के लिए भी हम मध्यस्थता करेंगे। हमारी ओर से हर मामले में अहम भूमिका अदा की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि यूक्रेन और रूस के बीच विवाद खत्म हो जाना चाहिए। दोनों के बीच जंग बहुत ज्यादा हो चुकी। उन्होंने कहा कि अब हमें अपने प्रयासों को बेकार नहीं होने देना है। हम अब हल निकालने के बेहद करीब हैं।’ उन्होंने कहा कि दुनिया की बड़ी शक्तियों को हल निकालने के लिए आगे बढ़ना होगा। ट्रंप ने कहा कि यह जंग बहुत समय से चल रही है। अब अमेरिका, भारत, चीन और रूस जैसी ताकतों को साथ आना होगा। यदि ये 4 देश साथ आए तो दुनिया की बहुत सी समस्याओं का हल हो सकेगा। ‘भारत तेल और गैस खरीदे तो हमारा व्यापार घाटा कम होगा’ उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि भारत की ओर से अमेरिकी तेल और गैस की खरीद की जाए। हमने उस डील की ओर कदम बढ़ाए हैं। इससे वॉशिंगटन का व्यापार घाटा भी कम हो सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की ओर से अमेरिका के कई उत्पादों पर टैक्स लगाया गया है। यह चिंता की बात है। ऐसी स्थिति में भारत के साथ कारोबार करना मुश्किल हो रहा है।

ICC ने Champions Trophy 2025 के लिए खोला खजाना, विजेता टीम को मिलेगी बंपर प्राइज मनी

नई दिल्ली  आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 की शुरुआत में अब एक हफ्ते से भी कम का समय बचा है. इस बार यह टूर्नामेंट पाकिस्तान की मेजबानी में ‘हाइब्रिड मॉडल’ के तहत खेला जाना है. इसके मुकाबले पाकिस्तान के तीन शहरों (लाहौर, रावलपिंडी, कराची) और दुबई में होंगे. टूर्नामेंट का आगाज 19 फरवरी को कराची में पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबले से होगा. वहीं टीम इंडिया भारतीय टीम अपना पहला मुकाबला 20 फरवरी को दुबई में बांग्लादेश से खेलेगी. प्राइज मनी में बंपर इजाफा अब चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए आईसीसी ने प्राइज मनी का ऐलान कर दिया है. चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 की विजेता टीम को 2.24 मिलियन डॉलर (लगभग 19.46 करोड़ रुपये) मिलेंगे. वहीं उपविजेता टीम को 1.12 मिलियन डॉलर (लगभग 9.73 करोड़ रुपये) मिलेंगे. सेमीफाइनल हारने वाली दोनों टीम को एक समान 560,000 डॉलर (लगभग 4.86 करोड़ रुपये) मिलेंगे. चैम्पियंस ट्रॉफी में हर मैच मायने रखेगा. ग्रुप स्टेज में मैच जीतने पर टीम को 34000 डॉलर (लगभग 29.53 लाख रुपये) मिलेंगे. जबकि पांचवें एवं छठे स्थान पर रहने वाली टीम को एक समान 350000 डॉलर (लगभग 3.04 करोड़ रुपये) मिलेंगे. जबकि सातवें और आठवें स्थान पर रहने वाली टीम को एक समान 140000 (लगभग 1.22 करोड़ रुपये) डॉलर मिलेंगे. इसके अलावा सभी आठ टीमों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए 125000 डॉलर (लगभग 1.09 करोड़ रुपये) की गारंटी दी जाएगी. आईसीसी इस टूर्नामेंट में कुल 6.9 मिलियन डॉलर (लगभग 60 करोड़ रुपये) की पुरस्कार राशि बांटेगी. यह 2017 की तुलना में 53 प्रतिशत ज्यादा है. चैम्पियंस ट्रॉफी की प्राइज मनी: (USD डॉलर) विजेता टीम: 2.24 मिलियन डॉलर (19.46 करोड़ रुपये) रनरअप: 1.24 मिलियन डॉलर (9.73 करोड़ रुपये) सेमीफाइनलिस्ट: 5,60,000 डॉलर (4.86 करोड़ रुपये) पांचवें एवं छठे नंबर की टीम: 3,50,000 डॉलर (3.04 करोड़ रुपये) सातवें या आठवें नंबर की टीम: 1,40000 डॉलर (1.22 करोड़ रुपये) ग्रुप स्टेज में जीत: 1,40,000 डॉलर (1.22 करोड़ रुपये) गारंटी मनी: 1,25,000 डॉलर (1.09 करोड़ रुपये)

औद्योगिक परिदृश्य बेहतर बनाने सीएम सुझाव लेंगे, इंदौर में 18 फरवरी को बैठक करेंगे। सीएम उनके साथ डिनर भी करेंगे

भोपाल राजधानी में 24-25 फरवरी को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के पहले सीएम डॉ. मोहन यादव भोपाल और इंदौर में उद्योगपतियों से संवाद करेंगे। आज शुक्रवार को भोपाल में कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में शाम 7 बजे से चर्चा होगी। सीएम उद्योगपतियों को उद्योग नीतियों में किए संशोधन बताएंगे। औद्योगिक परिदृश्य बेहतर बनाने के सुझाव भी लेंगे। इंदौर में 18 फरवरी को बैठक करेंगे। सीएम उनके साथ डिनर भी करेंगे।  संभागीय स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और देश के बड़े शहरों में इंटरेक्टिव सेशन किए गए हैं। सीएम ने ब्रिटेन, जर्मनी और जापान में भी रोड शो कर मप्र में निवेश की संभावनाएं और नीतियां बताई हैं। अब स्थानीय उद्योगपतियों सीएम सीधा संवाद करेंगे। मंडीदीप में भी 17 फरवरी को कार्यक्रम होगा। बैठकों के जरिए स्थानीय उद्योगपतियों को भी जीआइएस में आमंत्रण और सहयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उद्योगों के विस्तार पर भी बात बैठक में उद्योग विभाग और एमपीआइडीसी के अधिकारी आइटी, फूड प्रोसेसिंग, माइनिंग, पर्यटन आदि क्षेत्रों में सरकार से दी जा रही सुविधाएं, इंसेंटिव और नई नीतियों को बताएंगे। फिनलैंड की संस्था संवारेगी अपना पर्यटन भोपाल. फिनलैंड की संस्था वी रियल प्रदेश के पर्यटन स्थलों और ऐतिहासिक धरोहरों पर वर्चुअल टूर बनाएगी। मप्र टूरिज्म बोर्ड और वी रियल के बीच इसका करार हुआ है। इस दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव फिनलैंड के राजदूत किद्ब्रमो लाहदेविर्ता मौजूद रहे। ये वर्चुअल टूर जीवंत अनुभूति देंगे। इन टूर के जरिए पर्यटन, इतिहास और संस्कृति में रुचि रखने वाले मप्र के इतिहास और संस्कृति से परिचित हो सकेंगे।

सांसदों की मुलाकातों से डरे उद्धव ठाकरे, एडवाइजरी जारी, शिंदे गुट के नेताओं से मुलाकात न करने की दी नसीहत

मुंबई शरद पवार की ओर से एकनाथ शिंदे को महादजी शिंदे राष्ट्र गौरव पुरस्कार दिया गया था। इस सम्मान को लेकर टकराव खत्म भी नहीं हुआ था कि उद्धव सेना ने सांसदों को लेकर एडवाइजरी जारी कर दी है। उद्धव सेना के कुछ सांसद एकनाथ शिंदे गुट के नेताओं से मिल रहे थे। इसे लेकर उद्धव खेमा चिंतित था और अब उसने एकनाथ शिंदे गुट के नेताओं से ज्यादा मुलाकात न करने की नसीहत दी है। आदित्य ठाकरे की ओर से यह एडवाइजरी दी गई है। दरअसल खबरें थीं कि कई सांसदों ने एकनाथ शिंदे और उनके गुट के अन्य नेताओं से मुलाकात की है। एकनाथ शिंदे ने ढाई साल सरकार चलाई थी और अब भाजपा की लीडरशिप वाली सरकार में वह डिप्टी सीएम हैं। ऐसे में उद्धव खेमे के सांसदों और विधायकों को लगता है कि सत्ता से करीबी के लिए एकनाथ शिंदे गुट के साथ रहना मुनासिब होगा। यह बात उद्धव गुट के लिए चिंता की वजह बन गई है। अब आदित्य ठाकरे की ओर से कहा गया है कि किसी भी आयोजन का न्योता स्वीकार करने से पहले लीडरशिप की मंजूरी जरूरी है। एकनाथ शिंदे खेमे की ओर से यदि कोई डिनर या लंच का इनवाइट आता है तो उसके लिए भी परमिशन लेकर ही जाना होगा। दरअसल 11 फरवरी को शरद पवार ने एकनाख शइंदे को सम्मानित किया था। दिल्ली में यह आयोजन हुआ था, जिसमें उद्धव सेना के सांसद संजय पाटिल भी मौजूद थे। यह बात उद्धव खेमे को अखर गई है। सम्मान को लेकर संजय राउत ने यहां तक कह दिया कि ऐसे सम्मान या तो खरीदे जाते हैं या फिर बेचे जाते हैं। इन पुरस्कारों को हासिल करने का और कोई तरीका नहीं है। एकनाथ शिंदे के सम्मान समारोह में मौजूद रहने वाले सांसद शाम को श्रीकांत शिंदे की ओर से दिए गए डिनर में भी पहुंचे थे। इस बात को लेकर टेंशन है। यही नहीं 12 नवंबर को एकनाथ शिंदे गुट के केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव डिनर दिया था। उसमें भी उद्धव ठाकरे के कई सांसद पहुंचे थे। इन सभी को लेकर उद्धव ठाकरे गुट ने आपत्ति जताई है। दरअसल उद्धव खेमे का कहना है कि शरद पवार की ओर से एकनाथ शिंदे को सम्मानित करना एक तरह से उनके गुट को वैधता प्रदान करना है। इसके अलावा सांसदों के बार-बार मिलने से गलत संदेश जाता है। एक तरफ नैरेटिव खराब होता है तो वहीं ऐसी मुलाकातें सुर्खियां बनती हैं। इन्हीं मुलाकातों के चलते अकसर खबरें आती हैं कि उद्धव सेना के कई विधायक और सांसद पालाबदल कर सकते हैं। ऐसी खबरें उद्धव खेमे को असहज करने वाली होती हैं। यहां तक कि बीते सप्ताह मुंबई में एक मीटिंग हुई थी। इसमें उद्धव खेमे ने सभी सांसदों की परेड कराई थी। दिलचस्प बात है कि संजय पाटिल इसमें नहीं थे, जो श्रीकांत शिंदे के डिनर और एकनाथ शिंदे के सम्मान कार्यक्रम में पहुंचे थे।

व्हाइट हाउस में मोदी-ट्रंप की जुगलबंदी दिखी, कुर्सी पर बिठाना हो या गले लगकर कहना- आप याद आए

वॉशिंगटन ट्रंप ने वाशिंगटन डीसी स्थित व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान उन्हें ‘अवर जर्नी टुगेदर’ पुस्तक भेंट की। किताब में पीएम मोदी और ट्रंप की दोस्ती की पुरानी यादें संकलित हैं। इसमें ट्रंप के भारत दौरे की अहम यादें भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच व्हाइट हाउस में हुई वार्ता में अमेरिकी राष्ट्रपति ने मोदी को जमकर सराहा। उन्होंने कई मुद्दों पर भारत के रुख को गंभीरता से समझने की कोशिश की। इस दौरान दोनों की दोस्ती और जुगलबंदी भी देखने को मिली। फिर चाहे पीएम मोदी को कुर्सी पर बिठाना हो या फिर गले लगकर कहना कि आपकी बहुत याद आई। ट्रंप ने मोदी को उपहार के रूप में एक किताब भी दी। इस किताब के पहले पन्ने पर लिखा था- मिस्टर प्राइम मिनिस्टर, यू आर ग्रेट। ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उनसे कहीं ज्यादा कठोर वार्ताकार हैं। उनसे कोई मुकाबला ही नहीं है। बातचीत या समझौते को लेकर ट्रंप ने मोदी को खुद से कहीं ज्यादा सख्त और बेतहर बताया। पीएम मोदी के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब ट्रंप से पूछा गया कि उनमें से कौन आज ज्यादा सख्त मोलभाव कर सकता है तो ट्रंप ने कहा, ‘पीएम नरेंद्र मोदी मुझसे कहीं ज्यादा सख्त मोलभाव करने वाले हैं और वह मुझसे कहीं ज्यादा बेहतर वार्ताकार हैं। कोई मुकाबला ही नहीं है।   मस्क से की मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी ने स्पेसएक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एलन मस्क से मुलाकात की। इस दौरान अंतरिक्ष, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों पर चर्चा की गई। बैठक में भारत और अमेरिका में सुशासन के प्रयासों पर विचारों का भी आदान-प्रदान किया गया। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने मस्क को अपने प्रशासन के नवगठित सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) का प्रमुख चुना था। बैठक के लिए मस्क अपने तीन छोटे बच्चों समेत परिवार के साथ ब्लेयर हाउस पहुंचे थे।   पाकिस्तान से 26/11 हमलों के दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने का आह्वान प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप ने पाकिस्तान से आह्वान किया कि वह 26/11 के मुंबई हमलों के साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में लाने के लिए अपने प्रयास में तेजी लाए। ट्रंप ने इस नृशंस हमले के मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुर राणा को भारत को प्रत्यर्पित करने को मंजूरी देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा, ‘वह न्याय का सामना करने के लिए भारत वापस जा रहा है। हम उसे तुरंत भारत वापस भेज रहे हैं और इस तरह के और प्रत्यर्पण हो सकते हैं क्योंकि हमारे पास भारत से काफी अनुरोध हैं।’   असैन्य परमाणु सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमत प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप ने 16 साल पहले दोनों देशों के बीच हुए ऐतिहासिक असैन्य परमाणु समझौते के तहत भारत में अमेरिकी डिजाइन वाले परमाणु रिएक्टरों के निर्माण को सुविधाजनक बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया। ट्रंप और मोदी ने अपनी बातचीत में ऊर्जा सहयोग को उल्लेखनीय रूप से आगे बढ़ाने का फैसला किया।   भारत को मिलेंगे एफ-35 लड़ाकू विमान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच रक्षा और ऊर्जा समेत अन्य रणनीतिक संबंधों को व्यापक बनाने की दिशा में बड़ी छलांग लगाने का ऐलान करते हुए कहा कि वाशिंगटन भारत को अत्याधुनिक एफ-35 लड़ाकू विमान देगा। ट्रंप ने कहा कि भारत व्यापार घाटे को कम करने के लिए अमेरिका से एफ-35 लड़ाकू विमानों सहित अधिक तेल, गैस और सैन्य उपकरण खरीदेगा, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि वाशिंगटन जवाबी शुल्क से भारत को नहीं बख्शेगा।   ‘अवर जर्नी टुगेदर’ के जरिए याद किए अपनी दोस्ती के पल ट्रंप ने वाशिंगटन डीसी स्थित व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान उन्हें ‘अवर जर्नी टुगेदर’ पुस्तक भेंट की। किताब में पीएम मोदी और ट्रंप की दोस्ती की पुरानी यादें संकलित हैं। इसमें ट्रंप के भारत दौरे की अहम यादें भी शामिल हैं। किताब में अमेरिकी राष्ट्रपति के भारत दौरे पर आयोजित किए गए ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम की शानदार तस्वीरें संजोई गईं हैं। किताब में ट्रंप और मेलानिया की भी तस्वीरें हैं, जब दोनों ने आगरा का दौरा किया था और ताज का दीदार किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘मुझे खुशी है कि यहां प्रवेश करते ही मेरे मित्र ने मुझे पुरानी अहमदाबाद के क्रिकेट स्टेडियम की याद दिलाई

महाराष्ट्र कांग्रेस को मिला नया अध्यक्ष, हर्षवर्धन सपकाल को सौंपी गई जिम्मेदारी

मुंबई   महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में करारी हार की जिम्मेदारी लेते हुए नाना पटोले ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. महाराष्ट्र कांग्रेस को अब नाना पटोले की जगह नया अध्यक्ष भी मिल गया है. हर्षवर्धन सपकाल महाराष्ट्र कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए हैं. हर्षवर्धन सपकाल के नाम के ऐलान के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चल रहे कयासों का दौर थम गया है. हर्षवर्धन को महाराष्ट्र कांग्रेस की कमान सौंपा जाना कांग्रेस पार्टी के प्रदेश की सियासत में ‘स्ट्रैटेजी शिफ्ट’ की तरह देखा जा रहा है. हर्षवर्धन सपकाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के दांव के पीछे क्या है? 4 पॉइंट में समझा जा सकता है. 1- मराठा दांव हर्षवर्धन सपकाल मराठा समुदाय से आते हैं. मराठा समुदाय की आबादी सूबे में अनुमानों के मुताबिक करीब 28 फीसदी है. करीब 52 फीसदी ओबीसी आबादी के बाद सूबे का यह दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला वर्ग सियासी वर्चस्व के लिहाज से सबसे आगे है. मराठवाड़ा और पश्चिमी महाराष्ट्र, केवल दो रीजन ही देखें तो मराठा प्रभाव वाले इन इलाकों में ही विधानसभा की कुल 288 में से 116 सीटें हैं. लोकसभा चुनाव में कांग्रेस महाराष्ट्र की 48 में से 13 सीटों पर जीत के साथ सूबे की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी तो इसके पीछे मराठा समुदाय की भूमिका अहम मानी गई थी. विधानसभा चुनाव में विपक्ष की हार के बाद भी मराठा समुदाय के वोट बंटने को कारण बताया गया. अब कांग्रेस ने हर्षवर्धन सपकाल को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया है तो इसे मराठा वोटबैंक पर पकड़ मजबूत करने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. 2- गठबंधन पर निर्भरता कम करना महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष मराठा समाज से बनाए जाने के दांव को मराठा वोट के लिए गठबंधन कम करने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है. महाराष्ट्र में मराठा वोट के लिए कांग्रेस लंबे समय से शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पर ही निर्भर रही है. गठबंधन में उद्धव ठाकरे की शिवसेना के आ जाने के बाद कांग्रेस मराठा वोट को लेकर और अधिक निश्चिंत हो गई थी. लोकसभा चुनाव में इसके अच्छे नतीजे भी देखने को मिले लेकिन विधानसभा चुनाव में परिणाम उलट रहे. इसके बाद उद्धव ठाकरे की पार्टी ने निकाय चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान कर दिया तो शरद पवार भी कांग्रेस की आलोचना करते नजर आए, खासकर दिल्ली चुनाव लड़ने के फैसले की. विधानसभा चुनाव में खराब नतीजों के लिए भी ठीकरा कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर ही फोड़ा गया. अब कांग्रेस की कोशिश भविष्य की प्रेशर पॉलिटिक्स के लिहाज से खुद को तैयार करने की है.    3- ओबीसी से आगे का प्लान मराठा वोटबैंक को साधने की जिम्मेदारी एमवीए में एनसीपी (एसपी) और शिवसेना (यूबीटी) जैसे दल उठाते रहे और कांग्रेस ओबीसी को फोकस कर चलती रही है. पार्टी के पिछले प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले भी ओबीसी समुदाय से ही आते हैं जिसकी महाराष्ट्र की कुल आबादी में भागीदारी करीब 52 फीसदी होने के अनुमान हैं. ओबीसी वोटबैंक पर बीजेपी की पकड़ मजबूत मानी जाती है, खासकर 2014 में नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय राजनीति में उभार के बाद से. अब कांग्रेस नेतृत्व को भी यह समझ आ गया है कि महाराष्ट्र की राजनीति में बीजेपी जैसे मजबूत प्रतिद्वंद्वी से मोर्चा लेना है तो बस ओबीसी वोटबैंक के सहारे रहने की बजाय वोट बेस का विस्तार करना ही होगा. नए प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल मराठा समुदाय से आते हैं और आदिवासी समाज में भी मजबूत पकड़ रखते हैं. 4- अनुशासित कैडर कार्ड महाराष्ट्र में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे नाना पटोले ने सियासी सफर की शुरुआत कांग्रेस से ही की थी. 2009 के आम चुनाव में वह पार्टी से बगावत कर बतौर निर्दलीय ही गोंदिया भंडारा सीट से प्रफुल्ल पटेल के खिलाफ चुनाव मैदान में उतर गए. बाद में बीजेपी के टिकट पर नाना ने 2014 के चुनाव में प्रफुल्ल पटेल को पटखनी भी दी. 2018 में वह बीजेपी में छोड़ अपनी पुरानी पार्टी में लौट आए और कांग्रेस ने भी उन्हें उद्धव ठाकरे सरकार के समय विधानसभा अध्यक्ष से लेकर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष तक की जिम्मेदारी सौंप दी. अब कांग्रेस ने हर्ष सपकाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर कार्यकर्ताओं को भी एक संदेश दिया है. कौन हैं हर्षवर्धन सपकाल हर्षवर्धन सपकाल महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले से आते हैं 25 साल से अधिक समय से सियासत में सक्रिय हैं. 1999 में सबसे युवा जिला परिषद अध्यक्ष रहे हर्षवर्धन 2014 में बुलढाणा सीट से विधानसभा भी पहुंचे थे. वह कांग्रेस के पंचायती राज प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव के साथ ही गुजरात, पंजाब और मध्य प्रदेश के सह प्रभारी भी रह चुके हैं. जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन की ओर से 1996 में 21वीं सदी में वैश्विक मैत्री अभियान के तहत आयोजित अंतरराष्ट्रीय युवा सम्मेलन में भारतीय युवाओं के डेलिगेशन का नेतृत्व करने वाले हर्षवर्धन संत गाडगे बाबा ग्राम स्वच्छता अभियान से भी जुड़े रहे हैं.  

पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए भारत मां के वीर सपूतों को कोटिश नमन एवं श्रद्धांजलि : CM यादव

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। डॉ यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया कि पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मां भारती के गौरव और सम्मान की रक्षा करने वाले देश के जवानों ने अपनी वीरता और साहस से सदैव इस माटी को गौरवान्वित किया है। मातृभूमि की सेवा के लिए समर्पित अपने वीर जवानों के बलिदान का यह राष्ट्र अनंतकाल तक ऋणी रहेगा।     देश के लिए बलिदान होने वाले;     कभी मरते नहीं, अमर हो जाते हैं!     पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।     मां भारती के गौरव और सम्मान की रक्षा करने वाले देश के जवानों ने अपनी वीरता और साहस से सदैव इस माटी को गौरवान्वित किया है। मातृभूमि की… pic.twitter.com/C3eU1M30K0 — Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) February 14, 2025 बता दें कि 14 फरवरी का दिन इतिहास में जम्मू कश्मीर की एक दुखद घटना के साथ दर्ज है। घटना भले छह साल पुरानी है, लेकिन उसके जख्म आज तक हरे हैं, जब आतंकवादियों ने इस दिन को देश के सुरक्षाकर्मियों पर कायराना हमले के लिए चुना। राज्य के पुलवामा जिले में जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ जवानों की बस को टक्कर मार दी, जिससे कम से कम 39 जवान शहीद हो गये और कई गंभीर रूप से घायल हुए। यह दिन इतिहास में एक और वजह से भी दर्ज है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet