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आज बेटे दाम्पत्य जीवन की नई शुरुआत करने जा रहे, आप उन्हें आशीर्वाद दे : शिवराज सिंह चौहान

रायसेन  पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटों की शादी की रस्में रायसेन के जैत में शुरू हो चुकी हैं। जैत में प्रीति भोज का आयोजन हुआ। इस दौरान नर्मदा मैया के पूजन, और सुहाग की रस्में हुई। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मेरा मन आनंद और प्रसन्नता से भरा हुआ है। बुधनी विधानसभा क्षेत्र और विदिशा रायसेन संसदीय क्षेत्र की जनता ने जितना प्रेम मुझे दिया। उतना ही मेरी धर्मपत्नी साधना सिंह और मेरे दोनों बेटे कार्तिकेय और कुणाल चौहान को भी दिया है। आज जब दोनों बेटे दाम्पत्य जीवन की नई शुरुआत करने जा रहे हैं। आप उन्हें आशीर्वाद देने प्रीतिभोज समारोह में पधारे और हमेशा की तरह आज भी आप सभी ने स्नेह की वर्षा की। दोनों की जिंदगी की हो रही नई शुरुआत उन्होंने कहा कि आज जब दोनों बेटे जीवन की नई शुरुआत करने जा रहे हैं, तो आप उन्हें आशीर्वाद देने प्रीतिभोज समारोह में पधारे और हमेशा की तरह आज भी आप सबने स्नेह की वर्षा की। उन्होंने लिखा कि मेरा और आपका रिश्ता अटूट है । इस अवसर पर हमारे दोनों समधी अनुपम बंसल और संदीप जैन जी ने उपस्थित होकर हमारा मान बढ़ाया। आप सब परिवारजन दोनों बच्चों को आशीर्वाद देने जैत पधारे, इसके लिए आप सभी का बहुत-बहुत आभार! गौरतलब है कि शिवराज सिंह चौहन के छोटे बेटे कुणाल की शादी 16 फरवरी को है। उनकी शादी भोपाल के रहने वाले संदीप जैन की बेटी ऋद्धि के साथ हो रही है। 16 फरवरी को भोपाल में शादी है। इससे पहले परिवार में समारोह चल रहा है। 12 मार्च को बड़े बेटे कार्तिकेय के लिए भोपाल में प्रीतिभोज का आयोजन किया गया है। मेरा और आपका रिश्ता अटूट है- शिवराज सिंह चौहान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस अवसर पर हमारे दोनों समधी अनुपम बंसल और संदीप जैन ने उपस्थित होकर हमारा मान सम्मान बढ़ाया। आप सब परिवारजन दोनों बच्चों को आशीर्वाद देने जैत पधारे। इसके लिए आप सभी का बहुत-बहुत आभार। मेरे घर बंगले के दरवाजे जनसेवा के लिए हमेशा खुले हैं। इस पावन अवसर पर नरेंद्र सिंह चौहान मास्टर, सुरजीत सिंह चौहान, महेश पटेल, अरविंद चौहान, रोहित चौहान,लक्ष्मण पटेल एडवोकेट,पूर्व जिपं अध्यक्ष भंवर लाल पटेल रायसेन मिट्ठू लाल धाकड़ लखपत सिंह धाकड़ सहित किरार पटेल धाकड़ चौहान समाजजन आदि विशेष रूप से शामिल हुए।

महाकाल मंदिर में लड्डू प्रसाद की कमी के कारण भक्तों को परेशानी, कच्चे माल की कमी के कारण प्रसाद का उत्पादन प्रभावित

 उज्जैन ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में पिछले कुछ दिनों से लड्डू प्रसाद का टोटा बना हुआ है। दिन में कई बार काउंटरों पर प्रसाद उपलब्ध नहीं रहता है। चिंतामन स्थित यूनिट से गाड़ी आने के बाद व्यवस्था सुचारु हो पाती है। बताया जाता है कि कच्चे माल की आपूर्ति नहीं होने से समय पर लड्डू प्रसाद बन नहीं पा रहा है। अब 12 फरवरी को नए टेंडर होने के बाद सप्लाय व्यवस्था सामान्य होगी। महाकाल मंदिर में परिसर तथा महाकाल महालोक के काउंटरों से लड्डू प्रसाद विक्रय किया जाता है। देशभर से महाकाल दर्शन करने आने वाले दर्शनार्थी बड़े ही श्रद्धाभाव से लड्डू प्रसाद खरीदकर अपने साथ घर ले जाते हैं। महाकाल का लड्डू प्रसाद इतना शुद्ध व स्वादिष्ट है कि देशभर में इसकी बड़ी मांग है। काउंटरों पर किल्लत शुरू हालांकि समय-समय पर मंदिर प्रशासन की खामियों के कारण मांग के अनुरूप पूर्ति नहीं हो पाती है। बीते कुछ दिनों से कच्चे माल की कमी के कारण समय पर पर्याप्त मात्रा में लड्डू प्रसाद नहीं बन पा रहा है। इसका असर काउंटरों पर किल्लत के रूप में नजर आता है। काउंटर बंद नहीं करना पड़े इसलिए चिंतामन यूनिट से थोड़ा थोड़ा प्रसाद बनाकर आपूर्ति की जा रही है। टेंडर की ओर ध्यान नहीं दिया बता दें कि मंदिर में बीते एक वर्ष में लगातार प्रशासक बदले जाते रहे। प्रभारी प्रशासक बनकर आए अधिकारियों ने टेंडर की ओर ध्यान नहीं दिया। स्टोर विभाग व लड्डू प्रसाद निर्माण इकाई प्रभारी के बीच में भी तालमेल की कमी टेंडर प्रक्रिया में देरी का कारण मानी जा रही है। काफी मशक्कत के बाद मंगलवार को टेंडर होंगे। इसके बाद जिस फर्म को ठेका मिलेगा वह सप्लाय की शुरुआत करेगा। इसके बाद पर्याप्त मात्रा में प्रसाद बनेगा। अगर यही स्थित रही तो इस बार महाशिवरात्रि पर प्रसाद की कमी सामने आने वाली है। 40 से 50 क्विंटल लड्डू रोज बनता है यूनिट में चिंतामन स्थित लड्डू प्रसाद युनिट में प्रतिदिन 40 से 50 क्विंटल लड्डू प्रसाद रोज बनाया जाता है। काउंटरों से इतना प्रसाद बिक जाता है। लेकिन इन दिनों कच्चामाल उपलब्ध नहीं होने से पर्याप्त मात्रा में लड्डू प्रसाद नहीं बन पा रहा है। टेंडर के बाद व्यवस्था ठीक होगी     समय पर पर्याप्त मात्रा में कच्चा माल उपलब्ध नहीं होने से पूर्ण क्षमता के साथ लड्डू प्रसाद नहीं बन पा रहा है। 12 फरवरी को टेंडर होने के बाद व्यवस्था ठीक हो जाएगी। महाशिवरात्रि पर किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रहेगी। महापर्व पर भक्तों को पर्याप्त मात्रा में लड्डू प्रसाद मिलेगा। – अशोक लांडगे, प्रभारी लड्डू प्रसाद यूनिट प्रभारी  

सौरभ शर्मा, चेतन और शरद की मुसीबतें और बढ़ने वाली, प्रोडक्शन वारंट पर ईडी को कोर्ट से रिमांड संभव

भोपाल  काली कमाई के आरोप में जेल में बंद मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा, उसके करीबी चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल की मुसीबतें और बढ़ने वाली हैं। लोकायुक्त पुलिस के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहता है। ईडी ने इसके लिए सोमवार को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष न्यायालय में आवेदन किया है। मामले में न्यायालय मंगलवार को सुनवाई करेगा। सुनवाई के दौरान जेल अभिरक्षा से सौरभ, चेतन और शरद को भी प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।     प्रोडक्शन वारंट पर ईडी को कोर्ट से रिमांड मिलती है।     इसके बाद तीनों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की जाएगी।     बता दें कि इसके पहले भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष न्यायालय से अनुमति लेकर ईडी ने जेल में तीनों से पूछताछ की थी।     तीनों से अलग-अलग लगभग छह-छह घंटे पूछताछ की गई।     चेतन और शरद के अतिरिक्त खुद सौरभ से उसकी अघोषित संपत्तियों के बारे में पूछताछ की गई।     बताया जा रहा है कि तीनों ने रटा-रटाया जवाब ही दिया है। सबसे बड़ा प्रश्न लोकायुक्त छापे के अगले दिन में कार में मिला 54 किलो सोना और 10 करोड़ रुपये नकदी को लेकर था।     पूछताछ में तीनों ने साफ कह दिया कि सोना और नकदी उनकी नहीं है।     बता दें कि यह सोना चेतन सिंह गौर की कार में मिला था।     चेतन ने सभी जांच एजेंसियों से पूछताछ में कहा है कि कार का उपयोग सौरभ और उसके कार्यालय के कर्मचारी कर रहे थे।     ईडी की पूछताछ पूरी होने के बाद आयकर विभाग भी कोर्ट से अनुमति लेकर इनसे पूछताछ करेगा।  

केरल में युवक ने 500 करोड़ रुपये का पोंजी स्कैम चलाया, 40,000 लोग इस धोखाधड़ी का शिकार बने

तिरुवनंतपुरम केरल में हजारों परिवारों को एक शानदार ऑफर का लालच दिया गया। स्कूटर, लैपटॉप, और घर के सामान आधे दामों पर मिलने का वादा किया गया। यह योजना बड़ी कंपनियों के CSR यानी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के तहत चलाए जाने का दावा किया गया। कहा गया कि यह महिलाओं को सशक्त बनाने और कम आय वाले परिवारों की मदद के लिए है। महिलाओं को 1.2 लाख रुपये का स्कूटर सिर्फ 60,000 रुपये में मिलने का लालच दिया गया। लोग इस 50% डिस्काउंट की स्कीम का शिकार हुए और करोड़ों गंवा दिए। पुलिस ने बताया कि इस लुभावने ऑफर के पीछे इडुक्की जिले के कुडायथूर के 28 साल के अनंतु कृष्णन है। वह खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताता था, लेकिन असल में वही इस धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड था। पोंजी स्कीम फ्रॉड पुलिस के मुताबिक, यह योजना एक पोंजी स्कीम थी। पोंजी स्कीम एक तरह का फ्रॉड होता है जिसमें नए निवेशकों से मिले पैसों से पुराने निवेशकों को रिटर्न दिया जाता है। यह तब तक चलता रहता है जब तक पूरा सिस्टम धड़ाम से गिर नहीं जाता। 500 करोड़ की धोखाधड़ी का संदेह 30 जनवरी को अनंतु को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने इस धोखाधड़ी से जुड़े बैंक खातों को फ्रीज कर दिया। ताकि पैसों का लेन-देन रुक जाए। मामले की पूरी जांच के लिए SIT यानी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई गई। तब तक इस जाल में 30,000 से 40,000 लोग फंस चुके थे। कई लोगों ने तो कर्ज लेकर निवेश किया था। 3,000 से ज्यादा लोगों ने शिकायत दर्ज कराई है। जांच में पता चला है कि कुल 500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है। सिर्फ 34 FIR में ही 37 करोड़ रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है। जी रहा था ऐश की जिंदगी जांचकर्ताओं के अनुसार, अनंतु ठगे हुए पैसों से ऐश की जिंदगी जी रहा था। उसने कोच्चि के मरीन ड्राइव में महंगे अपार्टमेंट किराए पर लिए थे। अपनी शानो-शौकत पर खूब पैसा खर्च करता था। इडुक्की और कोट्टायम में कम से कम पांच जगहों पर उसने प्रॉपर्टी में निवेश किया था। अनंतु ने बड़ी चालाकी से अपनी एक विश्वसनीय छवि बनाई थी। वह अंग्रेजी में फर्राटेदार बात करता था और सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहता था। अपनी स्कीम को असली दिखाने के लिए वह मशहूर हस्तियों, नेताओं और सरकारी अधिकारियों के साथ तस्वीरें खिंचवाता था। वीमेन ऑन व्हील प्रोजेक्ट के बहाने किया फ्रॉड वह कहता था कि बड़ी कंपनियां CSR के तहत इस योजना को फंड कर रही हैं। इसे और भी असली दिखाने के लिए, उसने कुछ कंपनियों और NGO से CSR के लिए पैसे मांगे, लेकिन उसे कहीं से पैसे नहीं मिले। ‘वीमेन ऑन व्हील्स’ नाम का एक प्रोजेक्ट इस घोटाले की कामयाबी की चाबी बना। शुरुआती निवेशकों को स्कूटर दिए गए, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ा और ज्यादा लोग निवेश करने के लिए आकर्षित हुए। जल्द ही, इस योजना का विस्तार हुआ और घर के सामान भी भारी छूट पर ऑफर किए जाने लगे। घोटाले में प्रभावशाली लोगों का हाथ! लेकिन जैसा कि हर पोंजी स्कीम के साथ होता है, आखिरकार पैसा खत्म हो गया और हजारों लोग ठगा गए। केरल के पुलिस प्रमुख को एक शिकायत मिलने के बाद पहली जांच शुरू हुई। पुलिस ने कहा कि जब पहली FIR दर्ज हुई, तब हमें घोटाले की गंभीरता का अंदाजा नहीं था। अनंतु का घोटाला सिर्फ अकेले का काम नहीं था। इसमें कई NGO और प्रभावशाली लोगों का हाथ था। कई संगठन अनजाने में बिचौलिए बन गए और निवेशकों से पैसा इकट्ठा करके अनंतु को भेजते रहे। यह घोटाला केरल की राजनीति में भी घुस गया, और कई पार्टियों के नेताओं पर आरोप लगने लगे। यह एक बड़ा और जटिल मामला है, जिसकी जांच अभी जारी है। देखना होगा कि आगे क्या होता है और कितने लोग इस घोटाले में शामिल पाए जाते हैं।

ब्रिटिश सरकार ने पूरे देश में अवैध प्रवासियों के खिलाफ अभियान चलाया, 19 हजार प्रवासी बाहर

लंदन अमेरिका ने हाल ही में ब्राजील, भारत, मेक्सिको समेत कई देशों के अवैध प्रवासियों को बाहर निकाला है। अब बिना दस्तावेज के आए प्रवासियों और अपराधियों के खिलाफ डोनाल्ड ट्रंप जैसा ही ऐक्शन ब्रिटेन में भी शुरू हुआ है। ब्रिटेन में लेबर पार्टी के सत्ता में आने के बाद से करीब 19000 अवैध प्रवासियों और अपराधियों को देश से बाहर कर गया है। इन लोगों को डिपोर्ट करने का एक वीडियो भी ब्रिटिश सरकार की ओर से जारी किया गया है। पूरे देश में ही अवैध प्रवासियों के खिलाफ यह अभियान चलाया गया है। इसके लिए छापेमारी की गई है, जिसमें बड़ी संख्या में अवैध प्रवासी पाए गए। इन लोगों को डिपोर्ट किया गया है। इस अभियान के तहत भारतीय रेस्तरां, नेल बार, स्टोर और कार वॉश में छापेमारी की गई है। इनमें बड़ी संख्या में अवैध प्रवासियों को काम पर रखे जाने की शिकायतें मिली थीं। ब्रिटिश होम मिनिस्टर वेटे कूपर ने कहा कि उनके विभाग ने जनवरी में बड़े पैमाने पर छापेमारी की है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आने के बाद से कुल 19000 लोगों को डिपोर्ट किया गया है। जनवरी महीने में ही 828 परिसरों पर रेड मारी गई है और 609 लोगों को गिरफ्तार किया गया। बीते साल की जनवरी के मुकाबले यह 73 फीसदी ज्यादा नंबर था। 7 लोगों को तो अकेले हंबरसाइड स्थित भारतीय रेस्तरां में छापा मारकर अरेस्ट किया गया। इसके अलावा 4 को हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा ब्रिटिश संसद में नया बिल भी पेश किया गया है। इस विधेयक में सीमा सुरक्षा, शरण और अवैध प्रवासियों को बाहर करने का प्रस्ताव रखा गया है। ब्रिटिश सांसदों का कहना है कि इस विधेयक को लाने से बड़ी संख्या में आपराधिक गैंगों को खत्म करने में मदद मिलेगी। पीएम कीर स्टारमर की सरकार का कहना है कि पूर्व की सरकारों ने सीमा सुरक्षा से समझौता किया था। अब इस पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। ब्रिटिश सरकार ने उन संस्थानों को भी फाइल लगाने का फैसला लिया है, जो अवैध प्रवासियों को नौकरी देंगे। ऐसे मामलों में प्रति व्यक्ति 60 हजार पाउंड का फाइन लगाने का फैसला लिया गया है। अब तक कुल 1000 नोटिस जारी किए गए हैं। बीते साल जुलाई में हुए आम चुनाव के बाद से ही अब तक 16,400 लोगों को बाहर किया जा चुका है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री के पद को लेकर महिला विधायक को भी मौका दिया जा सकता

नई दिल्ली  दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली प्रचंड जीत के बाद सीएम फेस को लेकर मंथन जारी है। दिल्ली के मुख्यमंत्री को लेकर जिन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है उनमें प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, विजेंद्र गुप्ता और सतीश उपाध्याय जैसे नाम शामिल है। हालांकि इस बीच खबर यह भी आ रही है कि इस पद के लिए महिला विधायक को भी मौका दिया जा सकता है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 70 में से 48 सीटों पर जीत दर्ज कर सत्ता की चाबी हासिल की है। भाजपा ने बिना मुख्यमंत्री के चेहरे के दिल्ली में चुनाव लड़ा था। ऐसे में अब चुनाव जीतने के बाद अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसको लेकर चर्चा जोरों पर हैं। इंडिया टुडे के रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में अगला मुख्यमंत्री नवनिर्वाचित 48 विधायकों में से ही चुना जाएगा। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री पद के लिए महिला विधायक को मौका दिया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में डिप्टी सीएम भी बनाया जा सकता है और मंत्रिमंडल में भी दलितों और महिलाओं की भागीदारी का खास ध्यान रखा जा सकता है। बता दें, भाजपा की तरफ से इस बार 4 महिलाएं दिल्ली की विधायक बनी हैं। इनमें रेखा गुप्ता, शिखा राय, पूनम शर्मा और नीलम पहलवान के नाम शामिल हैं। रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग से , शिखा रॉय ने ग्रेटर कैलाश से, पूनम शर्मा ने वजीपुर और नीलम पहलवान ने नजफगढ़ विधानसभा सीट से जीत दर्ज की है। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मुलाकात की थी जिसमें दिल्ली सरकार के स्वरूप को लेकर चर्चा हुई। भाजपा नेताओं के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले सप्ताह विदेश दौरे से लौटने के बाद भाजपा सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है और उसके बाद शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा।

मोहन सरकार के सीनियर मंत्री का X अकाउंट हैक, बना दिया कांग्रेस, अश्लील कमेंट किया पोस्ट

भोपाल  मध्यप्रदेश से हैरान करने वाला मामला सामने आया है।यहां प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल का एक्स अकाउंट हैक हो गया है। हैकर्स ने कांग्रेस संबंधी आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की है। मंत्री ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है और जनता से सावधान रहने की अपील की है। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए प्रहलाद पटेल ने लिखा है कि- दोस्तों, मेरा X (ट्विटर)अकाउंट हैक कर लिया गया है। इससे कुछ आपत्तिजनक कंटेंट भी हाल ही में पोस्ट किया गया था, जिससे मेरा कोई संबंध नहीं है. आप सभी से अनुरोध है कि मेरे ट्विटर (X) अकांउट से आने वाले किसी भी फोटो या वीडियो को क्लिक न करें. यह मेरी ओर से नहीं भेजा जा रहा है. साइबर सेल भोपाल में इसकी शिकायत कर दी गई है. असुविधा और परेशानी के लिए खेद है. कांग्रेस संबंधी आपत्तिजनक पोस्ट हैकर्स ने प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल(Prahlad Patel X Account Hacked) के एक्स अकाउंट को सोमवार रात हैक कर कांग्रेस के नाम का जिक्र कर पोस्ट कर दी। पोस्ट में लिखा कि ‘भारतीय कांग्रेस को यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि हम देश के भीतर ब्लॉकचेन तकनीक का लाभ उठाते हुए अपना आधिकारिक डिजिटल टोकन पेश करेंगे…’ हैकर्स ने इसके अलावा भी कई पोस्टें कीं। जानकारी लगते ही मंत्री पटेल ने संज्ञान लिया और भोपाल साइबर सेल में शिकायतदर्ज कराई। मंत्री प्रहलाद पटेल ने की अपील मंत्री प्रहलाद पटेल(Prahlad Patel X Account Hacked) ने फेसबुक सहित अन्य एक्स अकाउंट से बयान जारी किया कि उनके अकाउंट से आने वाले किसी भी पोस्ट को सही न मानें। यह भी लिखा कि एक्स अकाउंट से कुछ आपत्तिजनक कंटेंट हाल ही में पोस्ट किया गया था, जिससे मेरा कोई संबंध नहीं है।

श्रद्धा वाकर के पिता का हार्ट अटैक से निधन, बेटी के अंतिम संस्कार का करते रह गए इंतजार

नई दिल्ली श्रद्धा वॉल्कर मर्डर केस को याद करके आज भी लोग सहम जाते हैं. इस मामले ने पूरे देश को दहला कर रख दिया था. अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने की खातिर विकास वॉल्कर इंसाफ की जंग लड़ रहे थे. वो अपना सबकुछ खो कर मुंबई से दिल्ली के चक्कर काट रहे थे. वो केवल कानून से इतना चाहते थे कि उनकी बेटी के अवशेष उन्हें मिल जाएं और वो उसका अंतिम संस्कार कर सकें. लेकिन उनकी ये ख्वाहिश महज आखिरी ख्वाहिश बनकर रह गई. और वो इसी टीस को लेकर दुनिया से विदा हो गए. दरअसल, श्रद्धा वॉल्कर के पिता विकास वॉल्कर की रविवार को मुंबई में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. वह अपनी पत्नी और परिवार के साथ मुबंई के वसई इलाके में रहा करते थे. पिछले काफी महीनों से वो मुंबई और दिल्ली के बीच भागदौड़ कर रहे थे. तमाम अदालतों के चक्कर लगा रहे थे. मगर उन्हें महज कुछ मिला तो वो थी सिर्फ तारीख पर तारीख. श्रद्धा के पिता विकास वॉल्कर और भाई मुंबई से दिल्ली के न जाने कितने ही चक्कर काट चुके थे. जानकारी के मुताबिक, पिछले दो सालों से वैसे ही विकास वॉल्कर सिर्फ कोर्ट में ही 35 से 40 बार हाजिरी लगा चुके थे. इस दौरान वो परेशान तो होते ही थे साथ ही मुंबई से दिल्ली आने-जाने और रहने-खाने का खर्च अलग से होता था. लेकिन वो अपनी बेटी के लिए लगातार लड़ रहे थे. दरअसल, श्रद्धा के कत्ल का खुलासा 12 नवंबर 2022 को उस वक्त हुआ था, जब दिल्ली के महरौली इलाके से उसका लिव इन पार्टनर आफताब पूनावाला पकड़ा गया था. आफताब की गिरफ्तारी के बाद ही पता चला था कि उसने श्रद्धा का क़त्ल 18 मई 2022 को ही कर दिया था. लेकिन इसके बावजूद श्रद्धा की लाश नहीं मिली थी, क्योंकि आफताब ने पहले श्रद्धा की लाश के टुकड़े किए थे और फिर उन टुकड़ों को महरौली में मौजूद अपने किराये के मकान में रखे फ्रिज में बंद कर दिया था. इसके बाद अगले तीन महीनों तक वो किस्तों में उन टुकड़ों को फ्रिज से निकाल कर महरौली के जंगलों में फेंकता रहा. चूंकि वक्त बहुत ज्यादा बीत चुका था, लिहाजा पुलिस को लाश के नाम पर श्रद्धा की चंद हड्डियां ही मिली थी. डीएनए टेस्ट से ये साबित हो गया था कि हड्डियां श्रद्धा की ही हैं. मीडिया की सुर्खियों के चलते श्रद्धा केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में भेज दिया गया था. एफआईआर दर्ज होने के 75 दिन बाद यानी 24 जनवरी 2023 को दिल्ली पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी. चार्जशीट दाखिल होने के बाद लगभग 3 महीने फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चार्ज फ्रेम करने में ही लगा दिए. 9 मई 2023 को चार्ज फ्रेम हुआ. मगर चार्ज फ्रेम होने के बाद भी ट्रायल शुरू करने के लिए अदालत ने लगभग 1 महीना और ले लिया. 1 जून 2023 से श्रद्धा केस के मुकदमे की सुनवाई दिल्ली की साकेत कोर्ट में शुरू हुई. उम्मीद थी कि 6 से 9 महीने में फैसला आ ही जाएगा. निर्भया केस में भी फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 9 महीने में अपना फैसला सुना दिया था. लेकिन अफसोस ऐसा हुआ नहीं. मुकदमे की कार्रवाई बीते पौने दो साल से जारी है. और आलम ये है कि इस केस में जो 212 गवाह हैं, उनमें से अभी सिर्फ 165 गवाहों की ही गवाहियां पूरी हो पाई हैं. यानी 47 गवाहों की गवाहियां अब भी बाकी हैं. अब सवाल ये है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा होने के बावजूद इतना वक्त क्यों लग रहा है? तो इसकी एक बड़ी सीधी सी वजह है. श्रद्धा का केस जिस फास्ट ट्रैक कोर्ट में है, उस कोर्ट को कहीं से ये डायरेक्शन ही नहीं मिला है कि इस मुकदमे की सुनवाई डे टू डे होगी या आम केस की तरह. अगर फास्ट ट्रैक कोर्ट को एक सीमा दी जाती कि इस टाइम बाउंड के अंदर अपना फैसला सुनाना है, तो शायद इतनी देरी ना होती. मगर अब, जब इस मुकदमे की कार्रवाई को लगभग 2 साल होने जा रहे हैं, तब फास्ट ट्रैक कोर्ट ने ये फैसला लिया कि अगले महीने यानी मार्च से वो इस केस की डे टू डे सुनवाई करेगा. यानी जो काम दो साल पहले होना था, वो अब दो साल बाद होगा. यानी इस हिसाब से अगर मार्च से भी डे टू डे हियरिंग शुरू होती है, तो भी अगले दो तीन महीने तक फैसला आने की उम्मीद नजर नहीं आती. कम से कम मई से पहले तो हरगिज नहीं. पर कहानी अप्रैल मई में भी खत्म नहीं होगी. क्योंकि फास्ट ट्रैक कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, उसे कोई ना कोई हाई कोर्ट में चैलेंज करेगा. अगर फास्ट ट्रैक कोर्ट आफताब पूना वाला को सजा-ए-मौत देता है, तो उस सूरत में भी उस फैसले पर मुहर हाई कोर्ट को ही लगाना है. हाई कोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट इसके बाद न जाने कितने पिटिशन, रिव्यू पिटिशन. जाहिर है श्रद्धा को मर कर भी अभी कई अदालतों के चक्कर काटने होंगे और जब तक ये चक्कर खत्म नहीं हो जाता, तब तक श्रद्धा के भाई को भी मुंबई से दिल्ली के न जाने कितने ही चक्कर काटने होंगे.

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि महाकुंभ के दौरान प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं की सेवा में तत्पर

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा बायपास पर प्रयागराज महाकुंभ के श्रद्धालुओं से की भेंट उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बेला बायपास पहुंचकर प्रयागराज महाकुंभ में जा रहे श्रद्धालुओं से की मुलाकात उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि महाकुंभ के दौरान प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं की सेवा में तत्पर है व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा के बेला स्थित बायपास पहुंचकर प्रयागराज महाकुंभ में जा रहे श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उनकी यात्रा से संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं से बातचीत कर उनकी यात्रा की स्थिति की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि महाकुंभ के दौरान प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं की सेवा में तत्पर है और हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि श्रद्धालु अपनी यात्रा निर्विध्न पूरी कर सकें। श्रद्धालुओं ने उप मुख्यमंत्री शुक्ल को बताया कि प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग में भोजन, पानी और अन्य आवश्यक सेवाओं की बेहतर व्यवस्था की गई है। उन्होंने प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर भोजन, पानी, स्वास्थ्य सेवाओं और विश्राम स्थलों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे धैर्य बनाए रखें और प्रशासन का सहयोग करें। विधायक नरेंद्र प्रजापति, नगर निगम अध्यक्ष व्यंकटेश पाण्डेय, पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।  

एकात्म मानव दर्शन तथा अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के चरणों में कोटिशः नमन

11 फरवरीः पंडित दीनदयाल उपाध्याय पुण्यतिथि विशेष डॉ. मोहन यादव भोपाल व्यक्ति से समाज और समाज से राष्ट्र निर्माण का दर्शन देने वाले विलक्षण व्यक्तित्व के धनी, एकात्म मानव दर्शन तथा अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के चरणों में कोटिशः नमन। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऐसे ऋषि-राजनेता रहे जिन्होंने राजनैतिक चिंतन के लिए एकात्म मानवदर्शन का सूत्र दिया और शासन की नीतियां बनाने का मार्ग प्रशस्त किया। दीनदयाल जी जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्र जीवन दर्शन के दृष्टा हैं। पंडित जी द्वारा लगाए गए जनसंघ के पौधे का विस्तार विचार के रूप में देश ही नहीं दुनिया में भी हुआ है। उन्होंने एक ऐसी राजनैतिक धारा निर्मित की जिसका लक्ष्य राष्ट्र निर्माण है। उनका मानना था कि राजनीति सत्ता के लिए नहीं अपितु समाज की सेवा के लिए हो, स्वतंत्रता के साथ भारत राष्ट्र की यात्रा भारतीय दर्शन के अनुरूप होनी चाहिए। पंडित जी ने भारत के भविष्य की कल्पना वेदों में वर्णित चार पुरुषार्थ-धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के आधार पर की थी। यह चारों पुरुषार्थ मन, बुद्धि, आत्मा और शरीर के संतुलन से संभव है। इससे ही एक आदर्श समाज और आदर्श राष्ट्र का निर्माण हो सकता है। पहला पुरुषार्थ धर्म है जिसमें शिक्षा, संस्कार और व्यवस्था है तो दूसरे अर्थ में साधन, संपन्नता और वैभव आता है। अर्थ उपार्जन सही तरीके से हो, इसके लिये पंडित दीनदयाल जी ने मानव धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। इस तरह धर्मानुकूल, अर्थात उचित मार्ग से अर्थ उपार्जन करने का मार्ग प्रशस्त किया। तीसरा पुरुषार्थ है काम, जिसमें मन की समस्त कामनाएं शामिल हैं। मनुष्य को संतुलित, समयानुकूल और सकारात्मक स्वरूप में कार्य करना चाहिए। चौथा पुरुषार्थ है मोक्ष, अर्थात संतोष की परम स्थिति। यदि व्यक्ति संतोषी होगा तो वह समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार बन सकता है। इन चार पुरुषार्थों की अवधारणा के अनुसार, यदि व्यक्ति और समाज को विकास के अवसर दिये जायें तो स्वावलंबी और समर्थ समाज का निर्माण किया जा सकता है। पंडित दीनदयाल जी ने राष्ट्र निर्माण और भविष्य की संकल्पना को लेकर गहन चिंतन किया, जिसमें भारतीय संस्कृति और परंपरा के अनुरूप राष्ट्र की चित्ति से विराट तक की कल्पना थी। उनके विकास का आधार एकात्म मानव दर्शन है। इसमें संपूर्ण जीवन की रचनात्मक दृष्टि समाहित है। उन्होंने विकास की दिशा को भारतीय संस्कृति के एकात्म मानवदर्शन के मूल में खोजा। हमारी संस्कृति संपूर्ण जीवन, संपूर्ण सृष्टि का समग्र विचार करती है। यही एकात्म भाव व्यष्टि से समष्टि की रचना करता है। यही पंडित दीनदयाल जी के विकास का व्यापक पक्ष है, सार्वभौम है, प्रासंगिक है। इसमें श्रीकृष्ण के वसुधैव कुटुम्बकम की अवधारणा से लेकर आज के ग्लोबलाइज्ड युग का समावेश है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में पंडित दीनदयाल जी की परिकल्पना को धरातल पर उतारने का प्रयास किया जा रहा है। दीनदयाल जी का मानना था कि अर्थव्यवस्था जितनी विकेन्द्रीकृत होगी उतनी नीचे तक जाएगी और यही स्वदेशी भाव के साथ सृजन का आधार होगा। माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत के आर्थिक विकास को लेकर जो कदम उठाये जा रहे हैं उसके मूल में दीनदयाल जी का अर्थदर्शन ही है। पंडित दीनदयाल जी ने भारत की कृषि, उद्योग, शिक्षा और आर्थिक नीति कैसी हो इन सबका विस्तार में उल्लेख किया है। माननीय प्रधानमंत्री जी ने दीनदयाल जी के आर्थिक चिंतन को धरातल पर उतारा है। उनके मार्गदर्शन में हम विरासत से विकास की अवधारणा को लेकर आगे बढ़ रहे हैं जो अंत्योदय लक्ष्य को पूर्ण करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। दीनदयाल जी का कहना था कि जब तक अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति का कल्याण नहीं हो जाता तब तक विकास सही अर्थों में संभव नहीं है। इसी भाव को धरातल पर उतारते हुए मध्यप्रदेश में 7 रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इससे प्रदेश के हर अंचल, हर क्षेत्र के लोगों की आवश्यकता, क्षमता, मेधा और दक्षता को अवसर मिलेगा। प्रदेश का हर व्यक्ति इससे जुड़ेगा और विकास की धारा में शामिल होगा। यह समिट एक तरफ जहां प्रदेश के कोने-कोने से और गांव-गांव से लोगों को उद्योग से जोड़ेगी वहीं विश्व पटल पर उनके उत्पादों को पहचान दिलायेगी। इसके लिये हमने यूके, जर्मनी और जापान की यात्रा की है। हैदराबाद, कोयंबटूर तथा मुंबई में रोड-शो कर उद्योगपतियों को निवेश के लिये आमंत्रित किया है। क्षेत्रीय से लेकर ग्लोबल स्तर तक उद्योग के लिये किया गया यह पहला नवाचार है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में हम 24-25 फरवरी 2025 को भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन कर रहे हैं। यह समिट दीनदयाल जी के स्वदेशी और विकेन्द्रीकरण के चिंतन को सार्थक करेगी। हमारे उद्योग और व्यवसाय की श्रृंखला में अंतिम पंक्ति का व्यक्ति भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ पायेगा और अंत्योदय का लक्ष्य पूर्ण होगा। दीनदयाल जी ने विकास को लेकर कल्पना की थी कि विश्व का ज्ञान और आज तक की अपनी संपूर्ण परंपरा के आधार पर हम गौरवशाली भारत का निर्माण करेंगे। प्रधानमंत्री जी का संकल्प है, स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक देश को विश्व की सर्वोच्च शक्ति के रूप में स्थापित करना। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि मध्यप्रदेश को समृद्ध और संपन्न बनाने के लिये लोकल से ग्लोबल को जोड़ने का जो प्रयास किया है उसके परिणाम ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में दिखाई देंगे। मुझे विश्वास है कि हमारा यह प्रयास पंडित दीनदयाल जी के आर्थिक विकास के चिंतन अनुरूप विकसित मध्यप्रदेश निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- अंग दान की पूर्व सूचना देने वालों को राष्ट्रीय पर्व पर किया जाएगा सम्मानित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एम्स भोपाल में हुए मध्य भारत के पहले हार्ट ट्रांसप्लांट से पुनर्जीवन प्राप्त करने वाले मरीज श्री दिनेश मालवीय से उनकी कुशलक्षेम पूछी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिए एम्स भोपाल की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि गत दो वर्ष से श्री मालवीय हृदय रोग से पीड़ित थे। उपचार से मिली राहत से श्री मालवीय प्रसन्न है। अंगदान किस प्रकार लोगों को जीवन देने का माध्यम बनता है, यह ट्रांसप्लांट इस तथ्य को स्पष्टत: दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नर्मदापुरम निवासी श्री मालवीय 22 जनवरी को एम्स भोपाल में भर्ती हुए और 23 जनवरी को उनका हार्ट ट्रांसप्लांट किया गया। अब वे पूर्णत: स्वस्थ है, संभवत: कल तक उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एम्स के डॉक्टरों व संपूर्ण टीम को उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई देते हुए कहा कि मानवता की सेवा के लिए टीम द्वारा किया गया कार्य प्रदेश को गौरवांवित करने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान युग में अंग प्रत्यारोपण, अंग दान, देह दान जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। एक देह दान से लगभग 9 डॉक्टर्स को चिकित्सा संबंधी कई बारीकियों को व्यावहारिक रूप से सीखने में सहायता मिलती है। चिकित्सा शिक्षा के उद्देश्य से मेडिकल कॉलेजों के साथ आयुर्वेदिक महाविद्यालयों में भी पार्थिक देह की आवश्यकता होती है। राज्य शासन द्वारा देह दान के लिए परिवारों में जागरूकता लाने और उन्हें इस पुनीत कार्य के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। देह दान की पूर्व सूचना देने वालों को राज्य शासन की ओर से सम्मानित किया जाएगा। अंतिम संस्कार के लिए गृह विभाग से समन्वय कर उपयुक्त व्यवस्था की जाएगी। अंग दान की पूर्व सूचना देने वाले व्यक्तियों को 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर सम्मानित किया जाएगा। ऐसे जिन व्यक्तियों के पास अनुष्मान कार्ड नहीं हैं, उनके आयुष्मान कार्ड बनवाए जाएंगे। प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज में अंग दान और अंग प्रत्यारोपण की स्थिति बने इस उद्देश्य से आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक स्वास्थ्य, राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस उद्देश्य से ही लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग का एकीकरण किया गया। प्रदेश के विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र को देखते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के समान ही राज्य शासन द्वारा भी आयुर्विज्ञान संस्थान विकसित किया जाएगा। राज्य शासन द्वारा रोगियों को तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पीएमश्री एयर एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जिन स्थानों पर हवाई पट्टियां हैं वहाँ विमान से और जहाँ हवाई पट्टियां नहीं है वहाँ हेलीकॉप्टर के माध्यम से मरीजों को चिकित्सा संस्थानों में भेजने की व्यवस्था की जा रही है। गंभीर स्थिति के मरीजों के उपचार में समय महत्वपूर्ण होता है, एयर एंबुलेंस सेवा से कम से कम समय में मरीज को उपयुक्त इलाज उपलब्ध कराना संभव हुआ है। एयर एंबुलेंस से प्रतिदिन जीवन रक्षा के उदाहरण सामने आ रहे हैं। एयर एंबुलेंस से एयर लिफ्ट करने में सामान्यतः 5 से 8 लाख रुपए का व्यय होता है। राज्य सरकार द्वारा लोगों की जीवन रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आयुष्मान योजना के माध्यम से आवश्यक प्रबंध किये गय हैं।  

26 फरवरी को मनाई जाएगी महाशिवरात्रि, इस बार महाशिवरात्रि उनके पुत्र गणेश के प्रिय दिन बुधवार को पड़ेगी

इंदौर शिव आराधना का पर्व महाशिवरात्रि इस वर्ष 26 फरवरी को त्रिग्रही युति योग में मनाया जाएगा। इस बार महाशिवरात्रि उनके पुत्र गणेश के प्रिय दिन बुधवार को पड़ेगी। इसका पूजन शताब्दी में एक बार बनने वाले खास योग में होगी। ज्योर्तिविद् आचार्य शिवप्रसाद तिवारी के अनुसार महाशिवरात्रि पर्व इस दिन पुत्र गणेश के पूजन के दिन बुधवार को श्रवण के बाद घनिष्ठा नक्षत्र में परिध योग में मकर राशि में चंद्रमा की मौजूदगी में मनाया जाएगा। इस दिन मकर राशि में चंद्रमा की मौजूदगी में सूर्य, बुध व शनि की युति कुंभ राशि में रहेगी। ऐसे समय जब कोई पर्व आता है, तो उस समय ग्रह, योग, नक्षत्र को देखा जाता है। इस अवसर पर ग्रहों के परिभ्रमण का असर भू मंडल पर पढ़ता है। 25 हजार लोगों के लिए गुटकेश्वर महादेव फरियाली भंडारा श्री गुटकेश्वर धाम सद्गुरु परिवार न्यास द्वारा किला मैदान स्थित गुटकेश्वर महादेव मंदिर रानी लक्ष्मीबाई चौराहा पर नगर फरियाली भंडारा का आयोजन किया गया है, जिसमें 25 हजार से अधिक भक्त सम्मिलित होंगे। भजनों की प्रस्तुतियां एवं वृंदावन के कलाकारों द्वारा नृत्य नाटिका की प्रस्तुति भी दी जाएगी। सुबह गुटकेश्वर महादेव का वेद मंत्रों के बीच अभिषेक होगा और शाम को श्रृंगार किया जाएगा। 25 हजार रुद्राक्ष को वितरित करेंगे। बाणेश्वर कुंड से निकलेगी भगवान की बारात शहर के प्राचीन शिव मंदिर में से एक बाणेश्वरी कुंड स्थित शिव मंदिर पर भी तीन दिनी आयोजन होगा। इसमें 24 को सुबह 8 बजे बाणेश्वरी महादेव का अभिषेक, दोपहर 1 बजे महादेव को हल्दी व मेहंदी लगाई जाएगी। इसके बाद भजनों की प्रस्तुति होगी। इसके लिए आसपास की 100 बस्तियों की महिलाओं को आमंत्रण दिया जा रहा है। 25 फरवरी को पांच हजार रुद्वाक्ष का वितरण होगा। 26 फरवरी को शृंगार दर्शन एवं महाआरती निकलेगी। शिवधाम में विवाह उत्सव की तैयारी शुरु शहर के श्रमिक क्षेत्र के परदेशीपुरा स्थित शिवधाम में विवाह उत्सव की तैयारी शुरु हो गई है।पांच दिनी महोत्सव में सैकड़ों महिलाएं भगवान के तल-हल्दी लगाएगी। इसके साथ ही भगवान का शृंगार दुल्हे स्वरूप में होंगे। कपलेश्वर महादेव मंदिर काटजू कालोनी में भगवान शिव-पार्वती का दुल्हे-दुल्हन रूप में शृंगार किया जाएगा।नौलखा स्थित मनकामेश्वर मंदिर में हर वर्ष की तरह झांकी सजाई जाएगी। दिनभर में सैकड़ों लोग पहुंचकर दर्शन-पूजन करेंगे।  

शहर के टॉप 20 बकायादारों की सूची नगरपालिका परिसर के अलावा चौराहों पर टांगी, नहीं चुकाए टैक्‍स

विदिशा नगरपालिका ने अपने बकायादारों की सूची अब सार्वजनिक करना शुरू कर दिया है। सबसे पहले शहर के टॉप 20 बकायादारों की सूची नगरपालिका परिसर के अलावा माधवगंज चौराहा, पुरानी नगरपालिका परिसर और गांधी चौक पर लगाई गई है। सीएमओ दुर्गेश सिंह ठाकुर का कहना है कि 20 हजार से अधिक संपत्तिकर के करीब 400 बकायादार हैं। बता दें कि नगरपालिका को जलकर, संपत्तिकर, दुकान किराया आदि सभी तरह के करों की करीब 32 करोड़ रुपये की राशि उपभोक्ताओं पर बकाया है। यदि यह राशि मिल जाती है तो नगरपालिका इस राशि से शहर में विकास कार्य करा सकती है। जतरापुरा स्थित शिव शक्ति पेपर मिल पर सबसे अधिक एक करोड़ से अधिक की राशि बकाया है। इसके अलावा अन्य बकायादारों में सेठ शिताबराय लख्मीचंद जैन पारमार्थिक ट्रस्ट, उपभोक्त केन्द्र बीएसएनएल कार्यालय, बड़जात्या जैन शिशु मंदिर अस्पताल रोड, बीएसएनएल टॉवर शेरपुरा, वार्ड 21 निवासी बीएम श्रीवास्तव, (दुकान) जैन मंदिर बड़ा बाजार, राजमल बडजात्या अस्पताल रोड, व्यवस्थापक माहेश्वरी धर्मशाला तलैया, सेठ शितावराय लक्ष्मीचंद जैन ट्रस्ट, शक्ति फूड्स यूनिकल पेस्टीसाइड्स प्रायवेट लिमिटेड, वार्ड क्रमांक आठ कोसाबाई प्रेमसिंह कुशवाह, बेतवा वेयर हाउस मिर्जापुर, ओंमप्रकाश अरोरा सोंठिया रोड, बेयर हाउस, युवराज क्लब शेरपुरा, श्रीराम केशव शास्त्री, जैन मंदिर माधवगंज, निर्भय सिंह सांची रोड शामिल है।

मुंबई के एक कपल 5 लाख की बाइक से पहुंचा प्रयागराज, जाने के लिए फ्लाइट को किया रिजेक्ट, तय किया 1200 KM का सफर!

प्रयागराज महाकुंभ 2025 अपनी भव्यता, दिव्यता और आध्यात्मिकता के कारण दुनियाभर में चर्चा का केंद्र बन चुका है। इस महाकुंभ में लाखों लोग अपनी आस्था और विश्वास के साथ पहुंचे हैं। मुंबई के एक कपल ने इस आस्था का अद्भुत उदाहरण पेश किया। उन्होंने 5 लाख की बाइक से लगभग 1200 किलोमीटर की यात्रा करके प्रयागराज के संगम तक पहुंचने का निर्णय लिया। राजेश और साधना मेहता का रोमांचक सफर महाराष्ट्र के भायंदर से अपने सफर की शुरुआत करने वाले राजेश मेहता और उनकी पत्नी साधना मेहता ने 3 दिन में करीब 1200 किलोमीटर की दूरी तय की। उनका मार्ग झांसी, चित्रकूट होते हुए प्रयागराज तक था। इस यात्रा के दौरान, उन्हें उत्तर प्रदेश को करीब से देखने का भी मौका मिला और उनका सफर बहुत ही रोमांचक रहा। फ्लाइट और ट्रेन के किराए में भारी अंतर राजेश मेहता ने बताया कि उन्होंने महाकुंभ में जाने के लिए ट्रेन और फ्लाइट दोनों के टिकट चेक किए थे, लेकिन इन दोनों ही विकल्पों में टिकट फुल थे और किराया 20,000 से 30,000 रुपए तक था। इस कारण उन्होंने बाइक से यात्रा करने का निर्णय लिया। महाकुंभ की भव्यता और प्रमुख दर्शनीय स्थल साधना मेहता ने महाकुंभ की भव्यता का अनुभव किया और बताया कि वे प्रयागराज में लगभग 24 घंटे रुकीं। इस दौरान, उन्होंने त्रिवेणी घाट, अखाड़े और रुद्राक्ष मंदिर जैसे प्रमुख स्थानों के दर्शन किए। उन्होंने यह भी कहा कि महाकुंभ एक अद्भुत अनुभव था और वे इस आस्था और आध्यात्मिकता से अभिभूत थीं। प्रयागराज के स्थानीय लोगों का प्यार साधना मेहता ने बताया कि वे एक स्थानीय व्यक्ति से मिलीं, जिन्होंने उनका बहुत सम्मान किया, हालांकि उनकी उनसे कोई पहचान नहीं थी। उन्होंने प्रयागराज और उत्तर प्रदेश के सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्थानीय लोगों का प्यार और स्वागत अद्वितीय था। यूपी के बाइक सवारों के लिए सलाह राजेश मेहता ने उत्तर प्रदेश में बाइक चलाने वालों को एक महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि यहां के लोग ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करें, खासकर हेलमेट पहनने की आदत डालें। उन्होंने यह भी बताया कि कई बार चार पहिया वाहन वाले लोग बाइक सवारों के सामने आकर कट मार देते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ता है। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन करना न सिर्फ समय बचाता है, बल्कि जीवन को भी सुरक्षित रखता है। सीएम योगी को धन्यवाद राजेश मेहता ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ की व्यवस्था बहुत ही उत्तम रही, और इससे उन्हें यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या नहीं हुई। इस अद्वितीय यात्रा से यह साबित होता है कि आस्था और श्रद्धा किसी भी मुश्किल को पार करने की ताकत रखती है, और हर किसी को अपने सफर पर निकलने का साहस होना चाहिए।  

2024 से अब तक 10 से ज्यादा बड़े नक्सली एनकाउंटर, 326 नक्सलियों को किया ढेर, 925 ने किया आत्मसमर्पण

रायपुर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 2026 तक नक्सलियों के सफाए का लक्ष्य दिया है। इसको लेकर छत्तीसगढ़ में फोर्स तेजी से नक्सलियों खत्म करने के लिए डटी हुई है। 9 जनवरी को सुबह बीजापुर में सुरक्षाबल ने 31 नक्सलियों को मार गिराया। इस साल अब तक 87 नक्सलियों को तो पिछले साल 239 को खत्म किया गया था। गृहमंत्री अमित शाह ने सख्त चेतावनी दी थी कि नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट आएं, वरना उन्हें पाताल से भी खोजकर मारा जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने बस्तर में चार हजार अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात किए हैं। 2024 में सुरक्षाबलों ने 1033 नक्सलियों को गिरफ्तार किया, जबकि 925 ने आत्मसमर्पण किया। 2025 में अब तक मारे गए नक्सली 3 नक्सली तीन जनवरी को गरियाबंद में मारे गए 5 नक्सली दो जनवरी को बीजापुर में मारे गए 5 नक्सली पांच जनवरी को अबूझमाड़ में ढेर 18 नक्सली बीजापुर-सुकमा में 16 जनवरी को ढेर 16 नक्सली गरियाबंद में 20 जनवरी को मारे गए 8 नक्सली एक फरवरी को बीजापुर के कोरचोली में ढेर 1 नक्सली दो फरवरी को कांकेर के पानीडोबिर में मारा गया 31 नक्सली नौ फरवरी को बीजापुर में मोर गए 2024 में बड़े नक्सली एनकाउंटर 38 नक्सली चार अक्टूबर को दंतेवाड़ा के थुलथुली में ढेर 29 नक्सली मारे गए 16 अप्रैल को कांकेर के छोटेबेठिया में 13 नक्सली दो अप्रैल को ढेर बीजापुर के कोराचोली में 12 नक्सली मारे गए 10 मई को बीजापुर के पीड़िया में 10 नक्सली 30 अप्रैल को ढेर नारायणपुर के टेकामेटा में 10 नक्सली मारे गए 22 अप्रैल को सुकमा के भेज्जी में 9 नक्सली तीस सितंबर को दंतेवाड़ा के पुरंगेल में ढेर 2024 में मारे गए 9.24 करोड़ रुपये के इनामी नक्सली पिछले साल 2024 में सुरक्षाबल और नक्सलियों के बीच 124 आमना-सामना हुआ था। एनकाउंटर में फोर्स ने 9 करोड़ 24 लाख रुपये के इनामी बड़े नक्सलियों को मार गिराया था। सबसे खास बात यह है कि इनमें 25-25 लाख रुपये के इनामी नक्सली रुपेश, नीति और रणधीर भी शामिल हैं। ठिकानों जमाने से पहले ही कर देते हैं ढेर नक्सली अब छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर अबूझमाड़ में सक्रिय हो गए हैं, जबकि कुछ बड़े नक्सली नेता गरियाबंद और ओडिशा सीमा में नया ठिकाना बना रहे हैं। इसी तरह अन्य राज्यों की सीमाओं में भी वे शरण लेने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सुरक्षा बल उन्हें ठिकाना जमाने से पहले ही कार्रवाई कर ढेर कर दे रहे हैं।

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