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इंदौर नगर निगम ने मास्टर प्लान की 23 सड़कों का काम शुरू करने की पूरी तैयारी, 2875 मकान तोड़े जाएंगे

इंदौर  इंदौर नगर निगम भले ही दावा करे कि उसने मास्टर प्लान की 23 सड़कों का काम शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है, लेकिन वास्तविकता यह है कि अब तक विस्थापन को लेकर कोई नीति तय ही नहीं हुई है। मास्टर प्लान की 23 सड़कों के निर्माण में 2875 मकान बाधक हैं। इनमें से करीब 650 ऐसे हैं, जो पूरी तरह से खत्म हो जाएंगे यानी इन मकानों में रह रहे लोगों को वैकल्पिक स्थान देने के अलावा नगर निगम के पास कोई चारा नहीं है। चौड़ीकरण में जा रहा मकान नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मास्टर प्लान की सड़कों को लेकर हुई विभागों की बैठक में कहा था कि जो लोग पीढ़ियों से रह रहे हैं और जिनका पूरा मकान चौड़ीकरण में जा रहा है, उन्हें वन बीएचके नहीं, कम से कम टू या थ्री बीएचके फ्लैट दिए जाएं। फ्लैट नहीं हैं समस्या यह है कि नगर निगम के पास शहरी क्षेत्र में कहीं भी टू या थ्री बीएचके फ्लैट नहीं हैं। ऐसे में सवाल यह है कि जब निगम के पास टू और थ्री बीएचके फ्लैट उपलब्ध ही नहीं हैं तो विस्थापितों को देंगे कैसे। अब तक निगम ने यह भी तय नहीं किया है कि किस व्यक्ति को कहां विस्थापित किया जाएगा। किसे क्या मिलेगा, यह अब तक तय नहीं सड़क चौड़ीकरण में जिन लोगों के मकान शत प्रतिशत जाते हैं, उन्हें नीति के तहत नगर निगम प्रधानमंत्री आवास योजना में तैयार किए गए वन बीएचके फ्लैट देता रहा है। शहर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 12 हजार आवास तैयार किए गए थे, जिनमें से करीब चार हजार अब भी खाली हैं, लेकिन ये सभी शहर के बाहरी इलाकों में हैं। समस्या यह भी है कि नगर निगम ने अब तक ऐसी कोई सूची तैयार नहीं की है, जिससे यह पता चल सके कि किस व्यक्ति को कहां फ्लैट दिया जाएगा। अब तक चली आ रही नीति में एक समस्या यह भी है कि सड़क चौड़ीकरण के लिए एक हजार वर्गफीट का मकान देने वाले और 200 वर्गफीट का मकान देने वालों को एक ही चश्मे से देखा जाता है। मध्यप्रदेश में शहरों को संवारने की कवायद चल रही है। इसके अंतर्गत इंदौर शहर में मास्टर प्लान की 23 सड़कों का निर्माण किया जाना है। चार पैकेज में बांटे गए इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में हर पैकेज की दो-दो सड़कों को लिया गया है। सड़क निर्माण के लिए हजारों मकान दुकान तोड़े जाएंगे जिससे भवन मालिक बेचैन हो गए हैं। इधर, सड़कों का काम जल्द शुरू हो, बाधक हटाने में विवाद न हो और गुणवत्तापूर्ण निर्माण हो, इसके लिए विभागीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक, सांसद और एमआइसी सदस्यों के साथ समीक्षा बैठक की।  नई सड़कों के लिए छोटे-बड़े करीब 3 हजार बाधक मकान और धार्मिक स्थल चिन्हित किए गए हैं। जिनके पूरे मकान तोड़े जाने हैं, उन्हें जनप्रतिनिधियों ने प्लॉट देने की पैरवी की। अफसरों ने कहा कि यह प्रावधान नहीं है, हम सिर्फ फ़्लैट दे सकते हैं, वह भी वन बीएचके। इस पर मंत्री विजयवर्गीय ने कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि वह टू या थ्री बीएचके का फ़्लैट देने का प्रपोजल दें, मैं स्वीकृति दूंगा। बैठक में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कुछ हजार लोगों के लिए लाखों लोगों को सड़क का लाभ मिलने से वंचित नहीं किया जा सकता। शहर हित में कड़े निर्णय लेना जरूरी है। विधायक रमेश मेंदोला ने कहा कि भमोरी में कई लोगों की दुकानें जा रही हैं। ऐसे तो व्यापारी मर जाएंगे। विजयवर्गीय ने दो टूक कहा कि ऐसा ही रहा तो काम ही नहीं कर पाएंगे। मकान की व्यवस्था करेंगे, दुकान की नहीं। विधायक रमेश मेंदोला ने कहा कि सड़क को 80 फीट की कर दें। विजयवर्गीय ने जवाब दिया कि शहर पहले ही छोटा पड़ रहा है। आप 1000 लोगों की चिंता मत करो, 40 लाख लोगों की करो। सड़क छोटी कर दोगे तो 10 साल बाद फिर कुछ करना पड़ेगा। बैठक में एक अहम मसला उठा। निगम ने गणेशगंज में कुछ लोगों को विंध्यांचल कॉलोनी में एक बिल्डर के यहां शिफ़्ट करवाया था। इसके बाद से अफसरों ने इस बिल्डिंग को खाली नहीं करवाया है। इसकी शिकायत मंत्री कैलाश विजयवर्गीय तक पहुंची तो समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि विस्थापितों को मकान देने के बाद भी निजी बिल्डिंग खाली नहीं करवाई है। काकाजी का राज चल रहा है क्या। किसी की भी बिल्डिंग ले लोगे। 15 दिन में बिल्डिंग खाली हो जानी चाहिए। विधायक रमेश मेंदोला ने कहा कि पाटनीपुरा में तीन मंजिला दुकान तोड़ी थी। उसके बदले मकान आज तक नहीं मिला। एक पार्षद ने कहा कि एरोड्रम से छोटा बांगड़दा क्षेत्र में निगम की दो प्रॉपर्टी में से एक पर धर्मशाला तो दूसरे पर स्कूल बन गया है। मंत्री ने कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बैठक में विधानसभावार प्रेजेंटेशन देखा। बताया गया कि शहर के पुराने मकानों में पीढ़ियों से लोग रह रहे हैं। उनके लिए बीच का रास्ता निकालना चाहिए, सड़क की चौड़ाई कम करने पर भी विचार होना चाहिए। विजयवर्गीय ने अफसरों से कहा कि व्यक्तिगत जाकर सर्वे करो, अगर पूरे मकान जा रहे हैं तो कुछ करेंगे। मेरा मार्गदर्शन लेना, मैं तो निर्दयी हूं। किसी का भी वार्ड हो, मास्टर प्लान की सड़क को लेकर काम होना चाहिए। ऐसी कोई योजना भी बनाएं, जिसमें पीड़ितों को प्लॉट मिल सकें। जहां सड़क निर्माण होगा, वहां नगर निगम बोर्ड चस्पा करेगा। इसमें लागत, ठेकेदार, समय सीमा और सुपरविजन करने की जानकारी दी जाएगी। महापौर हर 15 दिन में इसकी समीक्षा कर रिपोर्ट मंत्री विजयवर्गीय को देंगे। मंत्री ने कहा कि यदि कहीं धार्मिक स्थल की बाधा है तो हम बात करेंगे।

पब्लिक सेक्टर बैंकों का जोरदार प्रदर्शन, 9 महीनों में 1.29 लाख करोड़ रुपए का कमाया लाभ

नई दिल्ली वित्त वर्ष 2024-25 के पहले नौ महीनों (अप्रैल-दिसंबर) में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) की ओर से 1.29 लाख करोड़ रुपये का अब तक का सबसे अधिक शुद्ध लाभ दर्ज किया गया, जो सालाना आधार पर 31.3% की बढ़ोतरी दर्शाता है। वित्‍त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पीएसबी ने अब तक का उच्चतम कुल शुद्ध लाभ, बेहतर एसेट क्वालिटी, व्यापार में मजबूत बढ़ोतरी और पर्याप्त पूंजी बफर हासिल किया है। वहीं, नीति और प्रक्रिया सुधारों की वजह से क्रेडिट अनुशासन, तनावग्रस्त एसेट की पहचान और समाधान, जिम्मेदार लेंडिंग, बेहतर प्रशासन, वित्तीय समावेशन पहल, प्रौद्योगिकी अपनाने आदि के लिए प्रणालियां और प्रक्रियाएं बेहतर हुई हैं। 242.27 लाख करोड़ रुपये रहा कुल कारोबार मंत्रालय ने कहा कि 0.59 प्रतिशत के काफी कम शुद्ध एनपीए रेश्यो से भी बेहतर एसेट क्वालिटी का पता चलता है। सरकारी बैंकों ने 9.8 प्रतिशत की बेहतर कुल जमा वृद्धि के साथ सालाना 11 फीसदी की कुल व्यावसायिक वृद्धि दर्ज की है। समीक्षाधीन अवधि में सरकारी बैंकों का कुल कारोबार 242.27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इन बैंकों ने 12.4 प्रतिशत की मजबूत ऋण वृद्धि भी दर्ज की। इसमें खुदरा ऋण वृद्धि 16.6 प्रतिशत, कृषि ऋण वृद्धि 12.9 प्रतिशत और एमएसएमई ऋण वृद्धि 12.5 प्रतिशत रही। बेहतर स्थिति में हैं सरकारी बैंक बयान के अनुसार, 14.83 प्रतिशत के जोखिम भारित परिसंपत्तियों के अनुपात के साथ पर्याप्त पूंजी बफर का निर्माण 11.5 प्रतिशत की न्यूनतम आवश्यकता से काफी अधिक था। मंत्रालय ने कहा, ”सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक पर्याप्त पूंजीकृत हैं और अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों की ऋण मांगों को पूरा करने के लिए अच्छी स्थिति में हैं, जिसमें कृषि, एमएसएमई और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर विशेष जोर दिया गया है।” वित्त मंत्रालय ने कहा कि नीति और प्रक्रिया संबंधी सुधारों के चलते ऋण अनुशासन, संकटग्रस्त परिसंपत्तियों की पहचान और समाधान, बेहतर संचालन व्यवस्था, वित्तीय समावेश पहल और प्रौद्योगिकी अपनाने के लिए बेहतर प्रणाली को बढ़ावा मिला है। आपको बता दें, मौजूदा वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तीन तिमाहियों के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रदर्शन ने प्रमुख वित्तीय मापदंडों में महत्वपूर्ण सुधार दिखाया है। 31दिसंबर 2024 तक के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं –     वित्तीय वर्ष के पहले नौ महीनों में 31.3% (वर्ष-दर-वर्ष) की रिकॉर्ड शुद्ध लाभ वृद्धि, 1,29,426 करोड़ रुपये का उच्चतम कुल शुद्ध लाभ और 2,20,243 करोड़ रुपये का कुल परिचालन लाभ प्राप्त हुआ।     0.59% के बेहद कम नेट एनपीए अनुपात (कुल शुद्ध बकाया एनपीए 61,252 करोड़ रुपये) के साथ एसेट क्वालिटी बेहतर दिखाई दे रही है।     सकल व्यावसायिक वृद्धि 11.0% (वर्ष-दर-वर्ष) के साथ समग्र जमा वृद्धि 9.8% (वर्ष-दर-वर्ष) रही। पीएसबी का कुल कारोबार 242.27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।     16.6% की रिटेल क्रेडिट ग्रोथ, 12.9% की कृषि क्रेडिट ग्रोथ और 12.5% ​​की एमएसएमई क्रेडिट ग्रोथ के चलते 12.4% की मजबूत क्रेडिट ग्रोथ हुई ।     14.83% के रिस्क वेटेड एसेट अनुपात वाली कुल पूंजी के साथ पर्याप्त पूंजी बफर्स का निर्माण हुआ, जो 11.5% की न्यूनतम आवश्यकता से काफी ऊपर है। मंत्रालय ने बताया कि पीएसबी पर्याप्त रूप से पूंजीकृत हैं और कृषि, एमएसएमई और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर विशेष जोर देने के साथ अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों की क्रेडिट की मांगों को पूरा करने के लिए तैयार हैं।  

मुख्यमंत्री शर्मा ने कांग्रेस के हंगामे के बीच राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस का दिया जवाब, विपक्ष को कठघरे में किया खड़ा

जयपुर राजस्थान विधानसभा में सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का नया अध्याय लिखा गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस के हंगामे के बीच राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस का जवाब दिया और विपक्ष को कठघरे में खड़ा किया। खासतौर पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के न बोलने को लेकर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर “षड्यंत्र” का आरोप लगाते हुए इसे पार्टी की अंदरूनी कलह करार दिया। हंगामे के बीच विपक्षी विधायक नारे फोन टैपिंग बंद करो, मुख्यमंत्री इस्तीफा दो के नारे लगाते रहे। कांग्रेस के अंदरूनी संघर्ष पर तंज मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने जानबूझकर वंचित वर्ग से आने वाले नेता प्रतिपक्ष को बोलने से रोका, जिससे साफ जाहिर होता है कि पार्टी के भीतर गहरी खींचतान चल रही है। सत्ता पक्ष के इस आरोप से एक ओर जहां कांग्रेस की आंतरिक राजनीति पर सवाल उठते हैं, वहीं दूसरी ओर यह भी स्पष्ट होता है कि भाजपा इस मुद्दे को एक बड़े चुनावी नैरेटिव के रूप में देख रही है। राज्य की योजनाओं पर आरोप-प्रत्यारोप मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार और धीमी गति का आरोप लगाया। यह बयान स्पष्ट करता है कि भाजपा आने वाले समय में कांग्रेस शासन की नाकामियों को जोर-शोर से उठाकर खुद को मजबूत स्थिति में लाने की रणनीति अपना रही है। चार साल बाद कांग्रेस के विधायक सदन में नहीं दिखेंगे? मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का यह दावा कि “चार साल बाद कांग्रेस विधायक सदन में नजर नहीं आएंगे”, यह दिखाता है कि भाजपा अपने चुनावी भविष्य को लेकर बेहद आत्मविश्वास से भरी हुई है। हालांकि, यह दावा करना जल्दबाजी होगी कि कांग्रेस पूरी तरह हाशिए पर चली जाएगी, लेकिन विधानसभा में मौजूदा गतिरोध और कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी को देखते हुए भाजपा के लिए यह अवसर जरूर है कि वह अपनी राजनीतिक जमीन को और मजबूत करे। उपचुनाव के नतीजों पर सियासी वार मुख्यमंत्री ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर तंज कसते हुए कहा कि “मोरिया किसका बोला?” यानी उपचुनाव के नतीजे कांग्रेस की हार की ओर इशारा करते हैं। इससे साफ है कि भाजपा राजस्थान में उपचुनाव के परिणामों को कांग्रेस के खिलाफ बड़े हथियार के रूप में इस्तेमाल करने जा रही है। विपक्ष की रणनीति और भाजपा की आक्रामकता मुख्यमंत्री का यह बयान कि “डोटासरा के चक्कर में आ गए जूली”, यह दर्शाता है कि भाजपा विपक्षी एकता को तोड़ने और कांग्रेस में अंतर्विरोध को उजागर करने की रणनीति पर काम कर रही है। वहीं, कांग्रेस के लिए यह जरूरी होगा कि वह अपनी गुटबाजी को खत्म कर एक संगठित विपक्ष की भूमिका निभाए, वरना भाजपा अपने राजनीतिक एजेंडे को मजबूती से आगे बढ़ाने में कामयाब हो जाएगी।

मुझे प्रसन्नता है कि मप्र. पुलिस अपनी सभी चुनौतियों से जूझकर सफलता के नए आयाम तय कर रही है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पुलिस की सेवा जीवन भर जवान रखने वाली सेवा है। पुलिस के सामने सदैव चुनौतियां रहती हैं, मुझे प्रसन्नता है कि म.प्र. पुलिस अपनी सभी चुनौतियों से जूझकर सफलता के नए आयाम तय कर रही है। बड़ी बात है कि हमारी पुलिस 24 घंटे सेवा में तत्पर रहकर प्रदेश और समाज की सुरक्षा में कार्यरत है। उन्होंने कहा कि हमें आंतरिक एकात्मकता को और अधिक उभारने की जरूरत है। इस संदर्भ में सर्विस मीट बेहद लाभकारी और प्रासंगिक है। इस तरह के सेवा समागम से अधिकारियों को एक दूसरे के अनुभव सुनने, साझा करने और उन पर अमल करने की प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में भारतीय पुलिस सेवा समागम (आईपीएस मीट) का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस महानिदेशक से कहा कि वे कार्य प्रदर्शन के आधार पर प्रदेश के थानों की जिला, संभाग एवं राज्य स्तर पर ग्रेडेशन करें और अच्छा काम करने वाले पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को पुरस्कृत भी करें। इससे जनता के बीच प्रदेश और पुलिस की साख बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हमारी पुलिस सबकी आशा का केंद्र बनती जा रही है। हम सभी को जीवन के अच्छे गुणों का विकास कर पुलिस को उनके काम में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज हम जिस अपराध मुक्त, भय मुक्त और सकारात्मक माहौल में जी रहे हैं। यह सब पुलिस की सेवा समर्पण अनुशासन और उनकी कर्मठता से ही संभव है। सरकार पुलिस बल के आधुनिकीकरण के प्रति बेहद संवेदनशील होकर कार्य कर रही है। आईपीएस सर्विस मीट सिर्फ एक समागम न होकर एक प्रशिक्षण कार्यशाला के रूप में ली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि परमात्मा ने हमें सेवा का अवसर दिया है, तो इसे ईश्वर का आशीष मानकर हमें अपनी क्षमताओं का शत-प्रतिशत उपयोग समाज की भलाई, सेवा, सुरक्षा और समाज को एक सुसंस्कृत समाज बनाने की दिशा में करना चाहिए, यही कर्म साधना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब सारी सीमाएं बंद हो जाती हैं, तभी कोई व्यक्ति पुलिस के पास जाता है। इस संदर्भ में पुलिस उम्मीद की अंतिम किरण होती है। पुलिस को जनता की यह विश्वास बहाली हमेशा बनाए रखना चाहिए। एक दूसरे से संवाद, समागम, शिक्षण-प्रशिक्षण के जरिए अपनी योग्यताओं को और बेहतर बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सर्विस मीट सिर्फ मीट ना होकर, आपकी सोच का मीत मिलने की जगह बननी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस बल के प्रोत्साहन के लिए प्रदेश के थानों में अच्छा काम करने वाले पुलिस अधिकारी व कर्मचारी को भी पुरस्कृत करने की परंपरा प्रारंभ की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें पुलिस की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को समाज में सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सदैव तत्पर रहने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पुलिस बल को सर्व-संसाधनयुक्त कर अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। टीकमगढ़ जिले के बम्होरीकलां थाने को केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा सर्वश्रेष्ठ थानों की सूची में चिन्हित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ और थाना प्रभारी बम्होरीकलां सुश्री रश्मि जैन को इसके लिए सम्मानित किया। जनता की सुरक्षा के लिए पुलिस सदैव तत्पर : डीजीपी श्री मकवाना पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने कहा कि जनता की सुरक्षा के लिए पुलिस सदैव तत्पर है। हमने नये आपराधिक कानून का बेहतरीन क्रियान्वयन किया है। इस मामले में मध्यप्रदेश पुलिस को केंद्रीय गृहमंत्री और केंद्रीय गृह सचिव से भी सराहना मिली है। हम पुलिस बल के आधुनिकीकरण और उनके प्रशिक्षण पर विशेष जोर दे रहे हैं। हमारी पुलिस ने अतीत में बेहतरीन काम किए हैं। पुलिस ने समाज के साथ साझा प्रयासों से प्रदेश से डकैत समस्या का उन्मूलन किया है। नक्सल समस्या के उन्मूलन के तरफ भी हम तेजी से बढ़ रहे हैं। हमारी चुनौतियां बढ़ रही हैं, साइबर क्राइम, साइबर फ्रॉड, नशा मुक्ति और यातायात सुरक्षा हमारे लिए बड़ी चुनौतियां हैं। इस दिशा में हम तेजी से कार्य कर रहे हैं। बीते माहों में हमने पूरे प्रदेश में साइबर सुरक्षा और साइबर फ्रॉड से बचने के लिए अभियान चलाया। अब तक 10 लाख से अधिक स्टूडेंट और इतने ही नागरिकों को साइबर सुरक्षा के लिए जागरूक किया है। इस काम में हमें अभूतपूर्व सफलता मिली है। आईपीएस एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री रवि कुमार गुप्ता ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि सबके कल्याण की चिंता करने वाले मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज हमारे बीच है। हमारी पुलिस प्रदेश के हर व्यक्ति की सुरक्षा में तत्पर है। हम अपनी जिम्मेदारियां से कभी पीछे नहीं हटते। उन्होंने समिट में आकर पुलिस का उत्साहवर्धन करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार ज्ञपित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतीक-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी आईपीएस ऑफीसर्स के साथ समूह छायाचित्र खिंचवाकर सबका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में प्रदेश के सभी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी उपस्थित थे।  

मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कम्पनी 60 किलोमीटर की लाइन डाल रही, अब नहीं होगी बिजली कटौती

 जबलपुर बिजली उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना न करना पड़े, इसलिए आरआरडीएसएस योजना के तहत पहले चरण में 60 किलोमीटर की विद्युत लाइन को इंटर कनेक्ट किया जा रहा है। ऐसे में यदि एक जगह से आपूर्ति बाधित हुई, तो दूसरी जगह से तत्काल शुरू हो जाएगी। इससे औद्योगिक क्षेत्र के उपभोक्ता और कृषि उपभोक्ताओं को फायदा होगा। मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के संचारण एवं संधारण वृत्त द्वारा यह 60 किलोमीटर की यह लाइन डालने का कम किया जा रहा है। यह लाइनें दो विद्युत लाइनों को जोड़ेंगी। पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर, चार फीडर ओएंडएम के अंतर्गत आने वाले मुरई सब स्टेशन का काम पूरा हो चुका है। यहां 33/11 केवी का सब स्टेशन तैयार किया गया। इस सब स्टेशन से चार फीडर निकाले गए हैं। वहीं पांच एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर यहां लगाया गया है। औद्योगिक क्षेत्र को भी होगा फायदा लाइनों के इंटरकनेक्ट होने से सबसे ज्यादा फायदा औद्योगिक क्षेत्र हरगढ़ को होगा। यहां पहले एक ही लाइन और फीडर से सप्लाई की जा रही है। लाइनों के इंटरनेक्ट होने के बाद यहां बिजली की समस्या से निजात मिलेगी। इतना ही नहीं बिजली कम्पनी यहां आवश्यकतानुसार लोड बढ़ा और घटा भी सकेगी। वहीं लोड को ट्रांसफर भी किया जा सकेगा। हरगढ़ और रमखरिया की लाइनों को इंटरकनेक्ट किया जाएगा। इसके साथ ही ओएंडएम के अंतर्गत पाटन से ग्राम रौसरा, किसरोद से शहपुरा, कटंगी से पोला, रौसरा से बोरिया, बेलखेड़ा वन से बेलखेड़ा टू को जोड़ा जाएगा। वहीं शहर में कई जगहों पर रिंगमेन सिस्टम है। जहां यह सिस्टम नहीं है, वहां भी लाइनों का इंटरकनेक्ट किया जाएगा। आरआरडीएसएस योजना के तहत 60 किलोमीटर की विद्युत लाइन का इंटरकनेक्ट किया जा रहा है। इससे डबल सप्लाई का ऑप्शन मिल जाएगा। यदि एक फीडर बंद होता है, तो उसी लाइन के जरिए दूसरे फीडर से विद्युत सप्लाई की जा सकेगी। जल्द ही काम पूरा हो जाएगा।  

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के संचालन के लिए नए समय कार्यक्रम की घोषणा की, मंदिर अब सुबह छह बजे खुलेगा

अयोध्या अयोध्या में स्थित श्री राम मंदिर में दर्शन और अनुष्ठान के समय में अब बदलाव किया गया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के संचालन के लिए नए समय कार्यक्रम की घोषणा की है। इस बदलाव के बाद, मंदिर अब सुबह छह बजे खुलेगा, जबकि पहले यह सुबह सात बजे खोला जाता था। इस समय में बदलाव श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि सभी श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकें और मंदिर में चल रहे विभिन्न अनुष्ठानों का भी समुचित लाभ उठा सकें। नया समय कार्यक्रम: – मंगला आरती: सुबह 4 बजे     मंगला आरती तड़के चार बजे होगी, जिसके बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। यह आरती मंदिर में विशेष रूप से भगवान श्री राम की पूजा के समय होती है।   – श्रृंगार आरती: सुबह 6 बजे     श्रृंगार आरती सुबह 6 बजे होगी, इसके साथ ही मंदिर आम श्रद्धालुओं के लिए भी खोल दिया जाएगा। श्रद्धालु अब इस समय से मंदिर में दर्शन कर सकेंगे। श्रृंगार आरती मंदिर के महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में से एक है, जिसमें भगवान राम की सजावट की जाती है। – राजभोग: दोपहर 12 बजे     राजभोग अनुष्ठान दोपहर 12 बजे होगा। इसके बाद भी श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे, और मंदिर में भोग के समय भी श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिलेगा।   – संध्या आरती: शाम 7 बजे     संध्या आरती शाम सात बजे होगी। इस समय मंदिर के पट 15 मिनट के लिए बंद रहेंगे। फिर पुनः मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। संध्या आरती में विशेष रूप से दीप जलाने का कार्य किया जाता है, जो श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण का कारण है। – शयन आरती: रात 10 बजे     शयन आरती रात 10 बजे होगी, जबकि पहले यह 9:30 बजे होती थी। यह आरती भगवान राम को सोने के लिए तैयार करने का एक अनुष्ठान है, जिसके बाद मंदिर के पट बंद कर दिए जाते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के चलते समय का विस्तार श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि के कारण मंदिर में दर्शन के समय और अनुष्ठान कार्यक्रम में यह बदलाव किया गया है। अब दिन में आधा घंटा और सुबह में डेढ़ घंटा अतिरिक्त समय जोड़ा गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और वे आराम से दर्शन कर सकें। इसके अलावा, प्रसाद के समय भी श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। आगंतुकों की संख्या में भारी वृद्धि अयोध्या में पिछले कुछ वर्षों में धार्मिक पर्यटन में शानदार वृद्धि हुई है। केंद्र सरकार ने जानकारी दी है कि राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या में आगंतुकों की संख्या में बहुत बढ़ोतरी हुई है। 2020 में अयोध्या में आगंतुकों की संख्या लगभग 60 लाख थी, जो 2024 में बढ़कर 16 करोड़ से अधिक हो गई है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के अनुसार, राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या के धार्मिक पर्यटन में इस तरह की अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। राम मंदिर का निर्माण कार्य राम मंदिर के निर्माण कार्य के बारे में बात करें तो, 22 जनवरी 2024 को मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह हुआ था, जब मंदिर के आंशिक निर्माण को पूरा किया गया था। अब तक मंदिर के पूरे ढांचे का निर्माण कार्य चल रहा है, और श्रद्धालु इसके हर चरण में शामिल हो रहे हैं। राम मंदिर के पूरा होने के बाद, यह धार्मिक पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बन गया है, और हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं।  

पांचवीं और आठवीं बोर्ड परीक्षा में 24 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे, नकल करते पकड़े जाने पर परीक्षा होगी निरस्त

भोपाल  मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पांचवीं-आठवीं की बोर्ड परीक्षा 24 फरवरी से आयोजित हो रही है। इस बार हर जनशिक्षा केंद्र के तहत पांच केंद्र बनाए जाएंगे। परीक्षा केंद्र स्कूल से तीन किमी के अंदर ही होंगे और एक केंद्र पर 250 से अधिक विद्यार्थी शामिल नहीं होंगे। विशेष परिस्थितियों में राज्य शिक्षा केंद्र को सूचित करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की अनुमति से परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी। इस बार परीक्षा के लिए राज्य व जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष भी बनाया जाएगा। परीक्षा से संबंधित कोई भी शिकायत यहां दर्ज कराई जा सकती है। इस संबंध में राज्य शिक्षा केंद्र ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें निर्देशित किया गया है कि इस बार डिटेंशन पॉलिसी भी लागू होगी। बता दें कि इस बार परीक्षा में सरकारी व निजी स्कूलों के करीब 24 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। डिटेंशन पॉलिसी लागू होगी कक्षा 5वीं व 8वीं की परीक्षा में निर्धारित अर्हकारी अंक प्राप्त नहीं करने वाले विद्यार्थियों को पुन: परीक्षा का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए दो माह बाद पुन: परीक्षा आयोजित होगी। पुन: परीक्षा में भी अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों को उसी कक्षा में रोके जाने (डिटेंशन पालिसी) का प्रविधान होगा। प्रत्येक विषय में लिखित परीक्षा 60 अंक का होगा, जिसमें 33 प्रतिशत यानी 20 अंक लाने होंगे। उससे कम अंक लाने वाले बच्चों को पुन: परीक्षा देनी होगी। इसके बाद भी कोई फेल हो जाता है तो उसे उसी कक्षा में रोक लिया जाएगा। नियमितता व कर्तव्यनिष्ठा पर भी मिलेगी ग्रेड स्कूलों में आयोजित गतिविधियों में विद्यार्थी की उपलब्धि पर स्कूल से ग्रेड दी जाएगी। यह कक्षा शिक्षक देंगे। इसमें नियमितता, समयबद्धता, सहयोग की भावना, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा व ईमानदारी का आकलन भी होगा। इसके अलावा साहित्यिक, सांस्कृतिक, विज्ञान, सृजनात्मक, खेलकूद पर भी ग्रेडिंग की जाएगी। स्कूलों को ग्रेड व अंक 15 फरवरी तक आनलाइन भरकर राज्य शिक्षा केंद्र को भेजने होंगे। वहीं पांचवीं के परीक्षार्थियों के लिए अतिरिक्त भाषा वैकल्पिक है। इस कारण अतिरिक्त भाषा के प्राप्तांकों को वार्षिक परिणाम में नहीं जोड़ा जाएगा। नकल करते पकड़े जाने पर परीक्षा होगी निरस्त अगर कोई विद्यार्थी नकल करते या अनुचित साधनों का प्रयोग करते पकड़ा जाएगा तो उसकी परीक्षा निरस्त कर दी जाएगी। उसकी उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा। एक घंटे के अंदर उत्तरपुस्तिकाओं को जमा करना होगा यह भी निर्देशित किया गया है कि परीक्षा के दिन जनशिक्षा केंद्र से 45 मिनट पहले केंद्रों पर केंद्राध्यक्ष की उपस्थिति में प्रश्नपत्रों का बंडल वितरित किया जाएगा। परीक्षा समाप्त होने के बाद सभी केंद्रों से एक घंटे के अंदर उत्तरपुस्तिकाओं को जनशिक्षा केंद्र पर जमा कराना होगा।

ग्वालियर में 60 करोड़ की जमीन के लिए परिवार में खूनी संघर्ष, पंचायत में गोलीबारी, 1 की मौत, 3 घायल

ग्वालियर  मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) में परिवार के सदस्यों के बीच खूनी संघर्ष देखने को मिला। सदस्यों के बीच हुए भीषण खून-खराबे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि अन्य तीन लोग घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि लड़ाई की वजह 60 करोड़ रुपए की कीमत (Price of Rs 60 crores) वाली बेशकीमती जमीन (Precious land) है, जिसके बारे में पंचायत चलते समय विवाद बढ़ा और फिर खूनी रूख अख्तियार कर लिया। दरअसल ग्वालियर के एक यादव परिवार और उनके नजदीकी रिश्तेदारों की मौजूदगी में पंचायत की बैठक हो रही थी। तभी दो भाइयों हुकुम सिंह और रामू यादव के बीच में विवाद बढ़ गया। इस बीच हुकुम सिंह ने परिवार की कुछ महिलाओं सहित रामू और दिनेश पर षडयंत्र करके हमला करने का आरोप लगाया। और फिर विवाद बढ़ता ही चला गया और गोलियां चलने तक की नौबत आ गई। जब हम मृतक पुरुषोत्तम यादव के घर पहुंचे, तो वहां काफी संख्या में लोग जमा थे, क्योंकि कुछ ही देर में गोली लगने से मरने वाले युवक की बॉडी आने वाली थी। जिसके रिश्तेदार और गांव वाले अंतिम संस्कार की तैयारी में लगे थे। पूरे घर में गमगीन माहौल था। यहां महिलाएं रो-बिलख रही थीं। पुरुषोत्तम यादव के घर के पास दो घर छोड़कर आरोपियों का घर है, जहां सन्नाटा पसरा हुआ था और घर के बाहर ताला लगा था। वहां के पुरुष, महिलाएं और बच्चे सभी घर छोड़कर भाग चुके हैं। वहीं, आरोपियों के घर के बाहर और पूरे गांव में भारी पुलिस बल तैनात है। 60 करोड़ की जमीन बनी खूनी संघर्ष की वजह करीब साढ़े 17 बीघा जमीन, जिसकी मौजूदा कीमत लगभग 60 करोड़ रुपए आंकी जा रही है, इसी के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ। पंचायत के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि देखते ही देखते गोलियां चलने लगीं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। ऐसे समझिए पूरा मामला ग्वालियर के गिरवाई थाना क्षेत्र स्थित गोकुलपुरा में हुकुम सिंह यादव और उनके भाई पंचम सिंह यादव के बीच पुश्तैनी जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। यह जमीन 1989 में हुकुम सिंह के पिता मजबूत सिंह ने खरीदी थी। चूंकि हुकुम सिंह के छोटे भाई बालमुकुंद और बड़े भाई शिवचरण उस समय नाबालिग थे, इसलिए जमीन बड़े भाई पंचम सिंह यादव के नाम कर दी गई थी। बाद में, हुकुम सिंह, बालमुकुंद और शिवचरण ने 2000 में कानूनी कार्रवाई कर जमीन अपने नाम करा ली। हालांकि, 2018 में पंचायत बैठी, जिसमें जमीन का एक हिस्सा पंचम सिंह, शिवचरण और बालमुकुंद को दिया गया, जबकि दूसरा हिस्सा पंचम सिंह की पत्नी कमला यादव और उनके बेटे रामू व रामबरन यादव के नाम हुआ। लेकिन 2021 में कमला और उनके बेटों ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर पूरी जमीन अपने नाम करा ली। इसके बाद विवाद कोर्ट तक पहुंच गया, जहां 2021 में कोर्ट ने हुकुम सिंह के पक्ष में फैसला सुना दिया। बावजूद इसके, दूसरा पक्ष मानने को तैयार नहीं था। प्रशासनिक अधिकारी कई बार सुलह का प्रयास कर चुके थे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं निकल पाया। पंचायत में हथियारों के साथ पहुंचने पर दूसरे पक्ष ने की फायरिंग बुधवार को कुछ रिश्तेदारों ने दोनों पक्षों के बीच दुश्मनी खत्म करने के लिए पंचायत बुलाकर बातचीत कराने की पहल की थी। इस दौरान मजबूत सिंह के बड़े बेटे, पंचम सिंह की पत्नी कमला और उसका बेटा रामू यादव हथियारों के साथ वहां पहुंच गए। इसके बाद कमला के बेटे रामबरन, रामू, रणवीर और दिनेश ने पिस्टल, माउजर और बंदूक से अपने चाचा हुकुम सिंह, शिवचरण, बालमुकुंद और चचेरे भाई पुरुषोत्तम पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। बचाव में हुकुम सिंह, शिवचरण, बालमुकुंद और पुरुषोत्तम ने भी जवाबी फायरिंग की। इस गोलीबारी में हुकुम सिंह के पक्ष से उनके भाई बालमुकुंद सिंह यादव, पूर्व सरपंच शिवचरण सिंह यादव, भतीजा पुरुषोत्तम सिंह यादव और धीरज यादव गोली लगने से घायल हो गए। वहीं, कमला का बेटा रामबरन सिंह उर्फ रामू और दिनेश यादव भी घायल हुए। चार थानों की पुलिस मौके पर पहुंची थी घटना की सूचना मिलते ही चार थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। सभी घायलों को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने गोली लगने से घायल 25 वर्षीय पुरुषोत्तम सिंह यादव को मृत घोषित कर दिया। पुरुषोत्तम पूर्व सरपंच शिवचरण सिंह यादव का बेटा था। पंचायत के जरिए मामले को सुलझाने का वादा किया था दिसंबर में पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच बढ़ते विवाद को देखते हुए बाउंड ओवर की कार्रवाई की थी। इसमें दोनों पक्षों ने आपसी बातचीत और पंचायत के जरिए मामले को सुलझाने का वादा किया था। इसके बावजूद, पुलिस और प्रशासन ने एक बार फिर पंचायत कराने की कोशिश की। पुलिस और रिश्तेदारों ने 2 और 3 जनवरी को पंचायत आयोजित की थी, लेकिन उस समय दोनों परिवारों के बीच सहमति नहीं बन पाई। खून के छींटे अब भी जमीन पर मौजूद जब भास्कर की टीम घटनास्थल की पड़ताल करने पहुंची, तो गिरवाई थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके की जांच कर रहे थे। घटना के बाद मृतक के खून के छींटे अब भी जमीन पर मौजूद थे, जिन्हें पुलिसकर्मी सबूत के तौर पर इकट्ठा कर रहे थे। जिस स्थान पर यह खूनी संघर्ष हुआ, वह जमीन पूर्व सरपंच शिवचरण यादव की बताई जा रही है। शिवचरण ने इस जमीन को क्रेशर संचालक को किराये पर दिया हुआ है। सुरक्षा के लिए गांव में 30 पुलिसकर्मी तैनात गिरवाई थाना प्रभारी सुरेंद्र नाथ सिंह ने बताया कि घटना ठीक उसी स्थान पर हुई है, जहां दोनों पक्ष बातचीत कर रहे थे। पुलिस टीम घटनास्थल की दोबारा जांच करने पहुंची है। उन्होंने बताया कि मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ में पता चला कि तीन से चार राउंड फायर किए गए थे। पुलिस को घटनास्थल से खाली कारतूस भी मिले हैं। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 25 से 30 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।  

हार्दिक पटेल को सुप्रीम राहत, पटेल और उनके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज किए गए राजद्रोह का केस वापस

अहमदाबाद गुजरात बीजेपी के विधायक हार्दिक पटेल (31) काे बड़ी राहत मिली है। राज्य सरकार ने हार्दिक पटेल और अन्य के खिलाफ दर्ज राजद्रोह में मामले को वापस ले लिया है। पाटीदार अनामत आंदोलन के दौरान हार्दिक पटेल और उनके साथियों के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज हुआ था। आंदोलन के बाद हार्दिक पटेल कांग्रेस में शामिल हो गए थे। 2022 गुजरात विधानसभा चुनावों से पहले हार्दिक पटेल बीजेपी में शामिल हो गए थे। हार्दिक पटेल वर्तमान में अहमदाबाद जिले की वीरमगाम से विधायक हैं। गुजरात में पाटीदार अनामत आंदोलन साल 2015 में हुआ था। इसके बाद राज्य की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल को कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। 2017 में विधानसभा चुनावों में बीजेपी इसी आंदोलन की वजह से सिर्फ 99 सीटें जीत पाई थी। फैसले पर बोले हार्दिक पटेल राज्य सरकार के फैसले पर हार्दिक पटेल ने खुशी व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि गुजरात में हुए पाटीदार आंदोलन के दौरान मेरे समेत समाज के अनेक युवाओं पर लगे गंभीर राजद्रोह समेत के मुकदमें आज भूपेंद्र भाई पटेल की सरकार ने वापिस लिए है। मैं समाज की ओर से गुजरात की भाजपा सरकार का विशेष आभार व्यक्त करता हूं। पाटीदार आंदोलन से गुजरात में बिन आरक्षित वर्गों के लिए आयोग-निगम बना, 1000 करोड़ की युवा स्वावलंबन योजना लागू हुई और देश में आर्थिक आधार पर स्वर्णों को 10 फीसदी आरक्षण का लाभ मिला हैं। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी, गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित भाई शाह और राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल पुनः दिल की गहराई से आभार व्यक्त करता हूं। जीएमडीसी मैदान में की थी सभा 20 जुलाई 1993 को जन्में हार्दिक पटेल बी कॉम की डिग्री ली है। वह अक्टूबर 2012 में सरदार पटेल ग्रुप से जुड़ गए थे। इसके बा वह एसपीजी की वीरमगाम यूनिट के अध्यक्ष बन गए थे। 2015 में हार्दिक पटेल को मतभेदों के बाद एसपीजी प्रमुख ने निकाल दिया था। हार्दिक पटेल ने गुजरात पाटीदार अनामत आंदोलन को लीड किया था। इसके बाद वह पूरे देश में बड़ा चेहरा बन गए थे। उन्होंने जीएमडीसी मैदान में बड़ी सभा करके उस वक्त की सरकार को हिला दिया था। उनके आंदोलन को पास (PAAS) यानी पाटीदार अनामत आंदोलन समिति ने संचालित किया था। गुजराती में अनामत का मतलब आरक्षण से है।

ईरान में महिला ने नग्न होकर पुलिस के सामने हंगामा किया, हिजाब बैन के विरोध में

तेहरान इस्लामिक देश ईरान ने वैसे तो पिछले साल दिसंबर में ही सख्त हिजाब कानून को लागू करने पर रोक लगी दी है लेकिन अभी भी वहां हिजाब बैन के खिलाफ महिलाएं हल्ला बोल रही हैं। इसी तरह के एक वाकए में ईरान के दूसरे सबसे बड़े शहर मशहद में एक महिला ने सार्वजनिक तौर पर विरोध-प्रदर्शन करते हुए पहले अपने सभी कपड़े उतार दिए फिर नग्न होकर पुलिस वाहन के बोनट पर खड़ी होकर हंगामा करने लगीं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में महिला सशस्त्र बलों के अधिकारियों पर चिल्लाती हुई दिखाई दे रही है। ईरानी पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता मसीह अलीनेजाद ने महिला की इस करतूत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है। वीडियो में दिख रहा है कि हंगामा करने वाली महिला पुलिस की गाड़ी पर चढ़कर विंडशील्ड की ओर बढ़ते हुए और अपने दोनों पैरों को फैलाकर बैठ रही है। महिला की हालत देखकर वहां मौजूद एक सशस्त्र पुरुष अधिकारी मामले में दखल देने में हिचकिचाता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो के अंत में महिला ने अपने हाथ ऊपर उठा लिए और विरोध में चिल्लाने लगीं। महिला इस्लामी गणराज्य में महिलाओं के लिए सख्त प्रावधानों का विरोध कर रही थी। वह शरीर को पूरी तरह से ढकने से इनकार भी करती दिखी। हालांकि, हंगामा बढ़ने पर उस महिला के पति ने कहा कि फिलहाल उसका इलाज चल रहा है और उसकी हालत ठीक नहीं है। बता दें कि दिसंबर में, ईरानी सांसद ने विवादास्पद ‘पवित्रता और हिजाब’ कानून पारित किया था, जिसमें उन महिलाओं और लड़कियों पर कठोर दंड का प्रावधान किया गया था जो अपने बाल, हाथ या पैर का प्रदर्शन करती हैं। हालांकि, महिलाओं के व्यापक विरोध के बाद ईरानी सरकार झुक गई थी और इस कानून को लागू करने पर रोक लगा दी थी। तब ईरानी सरकार ने कहा था कि इसमें सुधार की जरूरत है। एमनेस्टी इंटरनेशनल समेत कई वैश्विक संगठनों ने ईरान के इस कानून की निंदा की थी और इसे दमनकारी और दमघोंटू व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश कहा था। प्रस्तावित कानून में भारी जुर्माना और बार-बार अपराध करने वालों के लिए 15 साल तक की कैद का भी प्रावधान किया गया था।

योगी सरकार ने की गजब व्यवस्था,1296 रुपये में हेलीकॉप्टर से देख सकेंगे महाकुंभ, यहां से बुक करें टिकट

 प्रयागराज महाकुंभ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए गुड न्यूज है. अब वे हेलीकॉप्टर के माध्यम से प्रयागराज एयरपोर्ट से सीधे त्रिवेणी संगम पहुंच सकते हैं. दरअसल, महाकुंभ में उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड और फ्लाई ओला की तरफ से हेलीकाप्टर सेवा शुरू की गई है. हेलीकॉप्टर सेवा लेने के बाद अब आपको संगम तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर पैदल नहीं चलना पड़ेगा. ये हेलीकॉप्टर प्रयागराज एयरपोर्ट से उड़ान भरेगा और सीधे त्रिवेणी संगम के करीब बोट क्लब पर बने हेलीपैड पर आपको उतारेगा. इस दौरान आप आसमान से महाकुंभ की भव्यता और दिव्यता को देख भी पाएंगे. हेलीपैड से उतरने के बाद आपको बोट क्लब से बोट उपलब्ध करवाई जाएगी, जो आपको सीधे संगम तक ले जाएगी. संगम में डुबकी लगाने के बाद आपको वही बोट हेलीपैड पर वापस ले जाएगी और हेलीकॉप्टर से वापस प्रयागराज एयरपोर्ट छोड़ देगी. कितना होगा खर्च? जानकारी के मुताबिक, इस पूरे पैकेज की लगता 35 हजार रुपये प्रति व्यक्ति है. इसके माध्यम से श्रद्धालु बिना चले संगम स्नान कर सकते हैं. खासकर, वृद्ध, दिव्यांगों के लिए संगम पहुंचने का ये अच्छा और सुलभ तरीका है. फिलहाल, अच्छी संख्या में लोग हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल कर रहे हैं और संगम तक पहुंचकर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. इस बाबत Fly Ola ग्रुप के सीईओ आर.एस सहगल ने बताया- राइड्स लगातार जारी हैं. बिना होटल बुकिंग करे आप 4-5 घंटे में स्नान कर वापस अपने गंतव्य स्थान पर पहुंच सकते हैं. 35 हजार रुपये में पूरी जिम्मेदार हमारी है. आपको बता दें कि महाकुंभ 13 जनवरी से शुरू हुआ था. प्रयागराज कुंभ मेले में छह शाही स्नान होंगे. महाकुंभ मेला का पहला शाही स्नान 13 जनवरी हुआ. दूसरा शाही स्नान 14 जनवरी 2025 को मकर संक्रांति पर हुआ, तीसरा स्नान 29 जनवरी 2025 को मौनी अमावस्या पर हुआ, चौथा शाही स्नान 2 फरवरी 2025 को बसंत पंचमी पर हुआ, अब पांचवां शाही स्नान 12 फरवरी 2025 को माघ पूर्णिमा पर होगा और आखिरी शाही स्नान 26 फरवरी 2025 को महाशिवरात्रि पर होगा.  

ट्रंप को PM नेतन्याहू ने क्यों गिफ्ट किया गोल्डन पेजर? जानें क्या है बड़ा कारण

न्यूयॉर्क  इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने ट्रंप को एक बेहद खास गिफ्ट दिया. व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें ‘गोल्डन पेजर’ गिफ्ट किया है. इजरायली प्रधानमंत्री के कार्यालय की ओर से भी इस बात की पुष्टि की गई कि नेतन्याहू ने डोनाल्ड ट्रंप को गोल्डन पेजर गिफ्ट के रूप में दिया है. दरअसल, यह तोहफा लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायल के ऑपरेशन का प्रतीक है, जिसमें पेजर ब्लास्ट के जरिए हिजबुल्लाह के कई आतंकवादियों को मार गिराया गया था. लेबनान में कैसे हुए थे पेजर ब्लास्ट? लेबनान और सीरिया के सीमावर्ती इलाकों में पिछले साल सितंबर में कई पेजरों में ब्लास्ट हुए थे. लेबनान की राजधानी बेरूत और दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में खासकर पूर्वी बेका घाटी में पेजर में एक के बाद एक सीरियल ब्लास्ट हुए थे. इसके बाद लेबनान में वॉकी-टॉकी के अलावा सोलर पैनल और हैंड हेल्ड रेडियो में भी ब्लास्ट हुए थे. इतना ही नहीं लेबनान के बेरूत समेत कई प्रमुख शहरों में घरों के सोलर सिस्टम और सोलर पैनलों में भी कई धमाके हुए थे. हिजबुल्लाह की ओर से संवाद करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पेजरों में हुए हमलों के कारण करीब  3000 से ज्यादा लोग घायल हुए थे और लगभग 40 आतंकवादियों की मौत हुई थी. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस बात की पुष्टि की थी कि उन्होंने ही सितंबर में लेबनान स्थित आतंकवादी समूह हिजबुल्लाह के खुफिया ठिकानों पर पेजर हमले को मंजूरी दी थी. पेजर का ही इस्तेमाल क्यों करते थे हिजबुल्लाह के लड़ाके दरअसल, हमास के ऊपर इजरायल के हमले के बाद हिजबुल्लाह के टॉप कमांडरों ने अपने लड़ाकों को एक-दूसरे से बात करने के लिए मोबाइल या इंटरनेट की जगह पेजर का इस्तेमाल करने का आदेश दिए थे.  पेजर की लोकेशन ट्रैक नहीं हो सकती है. कैसे काम करता है पेजर? पेजर रेडियो फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल करता है। जब किसी को मैसेज भेजना होता है तो पेजर नेटवर्क उस मैसेज को सेंड करता है, जिसे पेजर डिवाइस रिसीव करता है। जब कोई संदेश आता है तो यह बीप या बाइब्रेट करता है। इसीलिए इसे बीपर और ब्लीपर भी कहा जाता है। इसमें किसी भी तरह के इंटरनेट और कॉलिंग की भी जरूरत नहीं पड़ती है। यह पहाड़ी इलाकों या दूर दराज के क्षेत्रों में ज्यादा फायदेमंद होते हैं। तीन तरीके के होते हैं पेजर मोबाइल फोन के नेटवर्क वीक होने वाली जगहों पर भी पेजर काफी भरोसेमंद डिवाइस था। पेजर भी कोई एक तरह का नहीं होता है बल्कि यह भी तीन तरह का होता है। इसमें पहले आता है वन वे पेजर। वनवे पेजर में केवल मैसेज को रिसीव किया जा सकता है। दूसरे नंबर पर टू वे पेजर आता है। इसमें मैसेज रिसीव करने के साथ-साथ सेंड भी कर सकते हैं। फिर आखिरी वॉयस पेजर का नाम शामिल है। इसमें वॉयस मैसेज को रिकॉर्ड किए जाते हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्तमान समय में, जब संपूर्ण विश्व आपसी भौतिक प्रतिस्पर्धा से जूझ रहा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्तमान समय में, जब संपूर्ण विश्व आपसी भौतिक प्रतिस्पर्धा से जूझ रहा है, ऐसे में भगवान बुद्ध के शांति और करुणा के संदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। मानवता के उत्थान और शांति के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए बुद्ध के दिखाए रास्ते का अनुसरण करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी बुद्ध के संदेशों का व्यापक प्रभाव देखने को मिलता है, जिसके कारण यहाँ सभी धर्मों के लोग आपसी सौहार्द, भाईचारे और समरसता के साथ जीवन यापन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री साय आज डोंगरगढ़ के प्रसिद्ध प्रज्ञागिरी तीर्थ स्थल में आयोजित 32वें अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस आयोजन में देश-विदेश से आए बौद्ध भिक्षु, विद्वान एवं अनुयायी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ धार्मिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। प्रदेश के प्राचीन बौद्ध स्थलों में सिरपुर का विशेष महत्व है, जहाँ बौद्ध धर्म की ऐतिहासिक विरासत आज भी संरक्षित है। इसी प्रकार, उत्तरी छत्तीसगढ़ के मैनपाट क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में बौद्ध धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं, और यह क्षेत्र अब एक प्रमुख बौद्ध पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें पर्यटन भी एक महत्वपूर्ण घटक है। राज्य की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता इसे पर्यटन के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनाती है। प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए सतत प्रयासरत है। इस दिशा में, भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की प्रसाद योजना के तहत भी इस क्षेत्र को शामिल किया गया है, जिससे यहाँ पर्यटन सुविधाओं का व्यापक विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन में देश-विदेश से पधारे बौद्ध भिक्षुओं, विद्वानों एवं अनुयायियों का हृदय से स्वागत करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राजनांदगांव लोकसभा सांसद संतोष पाण्डेय एवं प्रज्ञागिरी ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष विनोद खाण्डेकर ने भी सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम में प्रज्ञागिरी ट्रस्ट समिति के सचिव शैलेन्द्र डोंगरे, कोषाध्यक्ष सुरेश कुमार सहारे एवं बड़ी संख्या में बौद्ध धर्म के अनुयायी उपस्थित रहे।

औचक निरीक्षण के संबंध में वीडियों कॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक

भोपाल लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के निर्देश पर प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये औचक निरीक्षण की नवीन पहल प्रारंभ की गई हैं। इसके तहत हर माह की 5 और 20 तारीख़ को सॉफ्टवेयर के माध्यम से रैंडम तरीके से चयनित दलों, जिलों, निर्माण कार्यों और सामग्री के सैंपल लेने के स्थानों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। इसी क्रम में हाल ही में लोक निर्माण विभाग के सातों परिक्षेत्रों के एक-एक जिले में मुख्य अभियंताओं की टीमों द्वारा निरीक्षण किया गया। प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम, भरत यादव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की गई। बैठक में निरीक्षण किए गए सात जिलों के 35 निर्माण कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसे सॉफ्टवेयर पर अपलोड कर पोर्टल पर प्रदर्शित किया गया। बैठक में प्रबंध संचालक भवन विकास निगम पंकज जैन, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग केपीएस राणा, प्रमुख अभियंता एस.आर. बघेल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं समस्त मुख्य अभियंता उपस्थित रहे। प्रबंध संचालक यादव ने सड़क, भवन और पुल निर्माण कार्यों के निरीक्षण के लिए अलग-अलग चेकलिस्ट तैयार करने के निर्देश दिए। निरीक्षण रिपोर्ट के लिए एक मानक फॉर्मेट तय करने का सुझाव दिया, जिससे निर्माण कार्यों की कमियों और सकारात्मक बिंदुओं को स्पष्ट रूप से दर्शाया जा सके। उन्होंने निर्देश दिये कि निरीक्षण के दौरान लिए गए नमूनों की लैब रिपोर्ट आने के बाद सभी दलों को फाइनल निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। समीक्षा बैठक में सिंगपुर-धरमपुर रोड से मझपुरा रोड के निर्माण कार्य में गुणवत्ता में गंभीर कमी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करते हुए उपयंत्री को निलंबित करने एवं कार्यपालन यंत्री को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने का निर्णय लिया गया। ठेकेदार मेसर्स माँ शारदा कंस्ट्रक्शन एण्ड सप्लायर पन्ना को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिये गये। प्रबंध संचालक यादव ने पन्ना जिले में वन स्टॉप सेंटर भवन कार्य में पाई गई कमी के आधार पर उपयंत्री को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया। भोपाल जिले में भोपाल-देवास मार्ग में कि.मी. 20, 23,24 एवं 25 में कुछ स्थानो पर सरफेस में क्रेक एवं रफनेस पाई गई। मार्ग में डिवाईडर में पेंटिंग एवं साईन बोर्ड तथा शोल्डर मापदण्ड अनुसार नही पाये गये। इसके लिये ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारियों को 7 दिवस में सुधार कार्य करने के लिये निर्देशित किया गया। ग्वालियर जिले में सड़क कार्य पटेल का पुरा से गुरी बंजारों का पूरा मार्ग में निरीक्षण में ठेकेदार के द्वारा सी.आर.एम. एवं डब्ल्यू.एम. का कार्य मानक स्तर का नहीं किये जाने के एवं कार्य में विलंब के कारण ठेकेदार मेसर्स कामतानाथ कंस्ट्रक्शन कंपनी मुरैना को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिये गये। प्रबंध संचालक यादव ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अच्छा काम करने वाले ठेकेदारों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा। एमडी यादव ने कहा कि लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के नेतृत्व में विभाग निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।  

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर तथा गुणवत्तापूर्ण विद्युत उपलब्ध कराई जा रही है

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर तथा गुणवत्तापूर्ण विद्युत उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निदान करने के लिए केन्द्रीयकृत कॉल सेंटर 1912 का लगातार उन्नयन करते हुए इनकमिंग चैनलों की संख्या को 550 से बढाकर 800 किया गया है। इससे उपभोक्ताओं के अधिकतम कॉल सुने जा सकेंगे। कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने बताया कि कॉल-सेंटर का उन्नयन होने से वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान कंपनी को कुल 89 लाख 96  हजार 106 कॉल प्राप्त हुईं, इनमें से 99.64 प्रतिशत कॉल को सफलतापूर्वक सुना गया है। इसी तरह शिकायत निराकृत करने में भी तेजी आई है। प्रबंध संचालक ने बताया कि कपंनी द्वारा आई.व्ही.आर. तकनीक, वाइस बोट, व्हाट्सएप-चेटबॉट, उपाय एप के माध्यम से 24X7 सतत् मॉनिटरिंग कर प्राप्त शिकायतों का निराकरण किया गया है। इन माध्यमों से वित्तीय वर्ष 2024-25  में प्राप्त 15 लाख 95 हजार 123 शिकायतों को दर्ज कर उनका समाधान सुनिश्चत किया गया। इसी अवधि में प्रतिदिन 500 उपभोक्ताओं का फीडबैक लेते हुए कुल 1 लाख 54 हजार से अधिक उपभोक्ताओं से बात की गई। ज्यादातर उपभोक्ताओें ने कंपनी की सेवाओं को बेहतर बताया तथा कुल 99.79 प्रतिशत उपभोक्ता अपनी शिकायतों के समाधान से पूरी तरह संतुष्ट हुए। प्रबंध संचालक ने कहा है कि विद्युत प्रणाली का उचित रखरखाव कर उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं अनवरत विद्युत प्रदाय करने के लिए कंपनी कृत-संकल्पित है। उपभोक्ताओं की विद्युत संबंधी शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में कंपनी क्षेत्रांतर्गत 12 निम्नदाब उपभोक्ताओं के लिए एवं 4 उच्चदाब उपभोक्ताओं के लिए एफओसी (शिकायत निवारण केन्द्र) का सृजन एवं नए लैडरयुक्त वाहनों की व्यवस्था की गई है।  

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