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बॉडी रिवाइवल के सीईओ मुनीश खान ने कहा- कैंसर से लड़ने में बॉडी रिवाइवल हो सकता हैं कारगर साबित

जयपुर आयुर्वेदिक सिद्धांतों पर आधारित एवं नवाचारपूर्ण हर्बल उत्पाद बॉडी रिवाइवल कैंसर से लड़ने में कारगर साबित हो सकता हैं और इससे कैंसर के खिलाफ लड़ाई लड़ने में नई आशा जगी हैं। बॉडी रिवाइवल के सीईओ और निदेशक मुनीश खान ने विश्व कैंसर दिवस को लेकर यह बात कही और बताया कि बॉडी रिवाइवल ने दूसरा चरण क्लीनिकल ट्रायल को पूरा किया है और यह अध्ययन विशेष रूप से ब्रेस्ट कैंसर मरीजों पर केंद्रित था और इसमें प्रोग्रेशन-फ्री सर्वाइवल (पीएफएस) और जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला हैं, जिससे कैंसर के खिलाफ लड़ाई में नई उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि कैंसर आज विश्वभर में सबसे गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है और इसकी देखभाल में बॉडी रिवाइवल एक महत्वपूर्ण प्रगति के रूप में हैं। सरकारें और चिकित्सा विशेषज्ञ लगातार बेहतर उपचार के लिए प्रयासरत हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में केन्द्र सरकार कैंसर अनुसंधान और समग्र चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। आयुष मंत्रालय के माध्यम से उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने आयुर्वेद के क्षेत्र में अनुसंधान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है, जिससे पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिल रही है। उन्होंने कहा कि बॉडी रिवाइवल एक स्वामित्वयुक्त माइक्रो-हर्बल समाधान है, जिसे नौ शक्तिशाली आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के संयोजन से तैयार किया गया है। इनमें बेल, वचा, अश्वगंधा, मंजिष्ठा और शहद शामिल हैं जो अपनी एंटी-कैंसर, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और समग्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने वाली विशेषताओं के लिए प्रसिद्ध हैं। यह उत्पाद 25 वर्षों के गहन अनुसंधान और विकास का परिणाम है जो प्राचीन आयुर्वेदिक ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण का संगम प्रस्तुत करता है। उन्होंने बताया कि जे बी रॉय स्टेट आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल कोलकाता में बारह सप्ताह के क्लीनिकल ट्रायल में 44 ब्रेस्ट कैंसर मरीजों को शामिल किया गया जो रेडिएशन और कीमोथेरेपी से गुजर रहे थे। इस अध्ययन के परिणाम अभूतपूर्व रहे जहां मरीजों ने शारीरिक और भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण सुधार की रिपोर्ट दी। अध्ययन में हीमोग्लोबिन स्तर, डब्ल्यूबीसी काउंट और ट्यूमर मार्कर्स में सकारात्मक बदलाव देखे गए, जिससे यह सिद्ध हुआ कि बॉडी रिवाइवल न केवल सुरक्षित और सहनीय है बल्कि कैंसर उपचार के दुष्प्रभावों को कम करने में भी प्रभावी है। उन्होंने कहा “यह क्लीनिकल ट्रायल आधुनिक कैंसर देखभाल में आयुर्वेद की क्षमता को दर्शाता है। बॉडी रिवाइवल एक समग्र और मरीज-केंद्रित उपचार पद्धति की ओर एक बड़ा कदम है। हम श्री मोदी के प्रति अत्यंत आभार व्यक्त करते हैं, जिनकी आयुर्वेद के प्रति प्रतिबद्धता ने इस प्रकार के नवाचारों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा दी है। श्री खान ने बताया कि हाल में राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे से मिलकर उन्हें इसकी क्लीनिकल ट्रायल रिपोर्ट से अवगत कराया और राज्यपाल ने इसकी सराहना भी की।  

महाकुंभ में पूरी दुनिया आकर अभिभूत है, लेकिन सपा को इससे पीड़ा हो रही है: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को समाजवादी पार्टी को खूब धोया। बोले कि ‘एक्स’ पर दो महीने से सपा अध्यक्ष के पोस्ट को देखिए, यह प्रयागराज महाकुंभ का विरोध करते हुए आए हैं। अब तक 34 करोड़ श्रद्धालुओं ने पावन त्रिवेणी के संगम पर आस्था की डुबकी लगाई है। शनिवार को उप राष्ट्रपति, कई देशों के राजदूत-हाई कमिश्नर आए थे। पूरी दुनिया आकर अभिभूत है, लेकिन सपा को इससे पीड़ा हो रही है। जिससे सनातन धर्म का गौरव बढ़ता हो, भारतीयों का सीना चौड़ा होता हो, उससे सपा को पीड़ा होती है। सपा सनातन धर्म और सामाजिक न्याय के पुरोधाओं की विरोधी है। मुख्यमंत्री ने मिल्कीपुर उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी चंद्रभानु पासवान के पक्ष में रविवार को जनसभा कर उन्हें जिताने की अपील की। सीएम ने कहा कि परसों (शुक्रवार) हेलीकॉप्टर से जा रहा था, अयोध्या धाम में हर तरफ जनसैलाब दिखाई दे रहा था। भाजपा की डबल इंजन सरकार ने फोरलेन सड़कें, रेलवे लाइन को डबल, स्टेशनों का सुदृढ़ीकरण, इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विस्तार नहीं किया होता तो प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु यहां नहीं आ पाते। केंद्र व राज्य सरकार का पैसा और हमारे जनप्रतिनिधियों का प्रयास रहा तो अयोध्या का विकास व व्यवसाय बढ़ रहा है। जब भी हमने अयोध्या के विकास की कार्ययोजना को बढ़ाया तो सपा ने विरोध किया। सड़क चौड़ीकरण के दौरान 1700 करोड़ से अधिक का मुआवजा दिया गया। राम मंदिर का शिलान्यास और राम मंदिर में रामलला विराजमान हुए, तब भी सपा ने विरोध किया। एयरपोर्ट का नामकरण महर्षि वाल्मीकि, रैन बसेरों का नाम निषादराज गुह्य के नाम पर किया गया, रसोई का नाम मां शबरी के नाम पर रखा गया, तब भी सपा को पीड़ा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने यूपी में पीएसी की तीन महिला बटालियन (वीरांगना उदा देवी, झलकारी बाई, अवंती बाई लोधी) गठित की। सपा ने तब भी विरोध किया था। यह वही सपा है, जो बहराइच में महाराज सुहेलदेव के विजय स्मारक का विरोध करती है, यह कहती है कि वहां गाजी का स्मारक होना चाहिए। सपा को गाजी व पाजी (बदमाश) प्यारे हैं। इन्हें बेटियों की इज्जत पर हाथ डालने वाला मिल्कीपुर का मोईद खान और कन्नौज का नवाब सिंह यादव प्यारा है। सपा गरीब, किसान, बेटी-बहन, व्यापारी, युवा के साथ नहीं, बल्कि माफिया, दुष्चरित्र व पेशेवर अपराधी के साथ खड़ी होती है। कोई घटना घटित होती है तो सपा का हाथ होता है या वह षड्यंत्र में शामिल रहती है। सीएम ने कहा कि सपा भारत विरोधी तत्वों को गले लगाती है। विधानसभा उपचुनाव के दौरान इनके दरिंदे नेता ने मैनपुरी में दलित बेटी की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। अयोध्या में कल एक बेटी के साथ घटना हुई है, आज इनका सांसद नौटंकी कर रहा है। जांच होगी तो उसमें भी सपा का कोई दरिंदा शामिल जरूर होगा। सीएम ने कहा कि 2016 में सपा सरकार के समय 2.35 लाख पर्यटक अयोध्या आए थे, जबकि 2024 में यहां 16.11 करोड़ श्रद्धालु आए। विकास विरोधी सपा की दृष्टि सैफई से बाहर नहीं जाती। सत्ता में आने पर यह परिवार के लिए कार्य करते हैं और वोट मांगने के लिए जाति का सहारा लेते हैं। सीएम ने कहा कि मिल्कीपुर का चुनाव भी राष्ट्रवाद बनाम परिवारवाद का चुनाव बन गया है। एक तरफ एनडीए प्रत्याशी के रूप में चंद्रभानु पासवान राष्ट्रवादी कार्यकर्ताओं के साथ मैदान में हैं तो दूसरी तरफ सपा के परिवारवाद का नमूना है, जिसका नाम भूमाफिया-अनैतिक, अराजक गतिविधियों में आता है। सीएम ने सपा पर हमला करते हुए कहा कि सब कुछ सुधर सकता है, लेकिन प्रवृत्ति नहीं। इनका पेशा अपराध, गुंडागर्दी, बेटी-व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाना है। समाजवादियों का नारा है, खाली प्लॉट हमारा है…, लेकिन 2017 में जब भाजपा सरकार आई और हमने एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स बनाया तो इसने गुंडों से 64 हजार एकड़ लैंड खाली कराई। यह परेशान हैं कि डबल इंजन सरकार ऐसे ही कार्य करेगी तो इनका धंधा चौपट हो जाएगा। धंधा चौपट होने से इनकी पार्टी भी चौपट हो जाएगी। सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या आकर विकास का मॉडल देखा जा सकता है। सरयू में स्टीमर भी चलकर सैर करा रही है। सपा को यह विकास अच्छा नहीं लग रहा है। सपा कहती थी कि अयोध्या का समाधान हुआ तो खून की नदियां बहेंगी, हमने कहा कि खून की नदियां बहाने वाले जहन्नुम में जा चुके हैं, धरती पर उनके लिए जगह नहीं है। अयोध्या की तर्ज पर मिल्कीपुर का समग्र विकास कराने के लिए चंद्रभानु पासवान यहां की आवश्यकता है। सीएम योगी ने कहा कि सपा वाले केवल सैफई का विकास कराते थे, लेकिन मैंने गोरखपुर और पीएम मोदी जी के आशीर्वाद से काशी में जितना विकास हुआ, उससे अधिक विकास अयोध्या में कराया गया। कोई भेदभाव नहीं हुआ। यह लोग कारसेवकों का रक्त बहाते थे। हम लोगों ने दीपोत्सव से यात्रा प्रारंभ की, आज यहां घर-घर में दीप जल रहे हैं। हमारी सरकार बिना भेदभाव विकास के लिए भरपूर मदद कर रही है। जनसभा में कृषि मंत्री व अयोध्या के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, योगी सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, जेपीएस राठौर, गिरीश चंद्र यादव, दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, मयंकेश्वर शरण सिंह, सतीश चंद शर्मा, मनोहर लाल कोरी, महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, विधायक रामचंद्र यादव, अमित सिंह चौहान, धर्मराज निषाद, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, अवनीश सिंह पटेल, पूर्व सांसद लल्लू सिंह आदि मौजूद रहे।

कांग्रेस सांसद अजय माकन ने कहा- आप सरकार ने दिल्ली के स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र को बनाया बदहाल

नई दिल्ली कांग्रेस सांसद अजय माकन ने दिल्ली में रविवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला है। माकन ने आरोप लगाया कि आप सरकार ने दिल्ली के स्वास्थ्य क्षेत्र को बदहाल कर दिया। उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली सरकार ने दिल्ली के विकास को लेकर भ्रम का जाल बिछाया। मैंने शीला दीक्षित के कार्यकाल और वर्तमान सरकार के बीच अंतर को उजागर किया था। मैंने बताया कि कैसे दिल्ली के अस्पतालों में विशेष रूप से राष्ट्रीय राजधानी में प्रति बिस्तर दो मरीज हैं। मैंने यह भी बताया था कि अस्पतालों में एक्स-रे, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड जैसी मशीनों की क्या हालत है। राज्य के प्रमुख अस्पतालों में जरूरी मेडिकल उपकरण जैसे एक्स-रे, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड मशीनें खराब पड़ी हैं। साथ ही कई अस्पतालों में आईसीयू भी कार्य में नहीं हैं। कोरोना महामारी के दौरान केंद्र सरकार से जो वित्तीय मदद मिली थी, वह भी आप सरकार द्वारा सही तरीके से खर्च नहीं की जा सकी। यह गंभीर लापरवाही है। यह सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी, बिजली बुनियादी मुद्दों पर असफल साबित हुई है। अब दिल्ली की जनता यह महसूस कर रही है कि कांग्रेस पार्टी ही उनकी सभी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है। ऐसे में मैं दिल्लीवासियों से कांग्रेस को समर्थन देने की अपील करता हूं। उन्होंने आगे कहा कि अरविंद केजरीवाल का एजुकेशन मॉडल केवल एक धोखा है। हम उस शिक्षा मॉडल को कैसे उचित ठहरा सकते हैं, जहां सरकारी स्कूलों के छात्र निजी स्कूलों में स्थानांतरित हो रहे हैं? हम आज यह सवाल पूछना चाहते हैं, और आप को इसका जवाब देना ही होगा कि अगर शिक्षा मॉडल इतना अच्छा है, तो 12वीं कक्षा पास करने वाले छात्रों की संख्या क्यों कम हो रही है? पूरी दुनिया में आप जैसी सरकार नहीं है, जहां शिक्षा और शराब मंत्री एक ही व्यक्ति हो।

खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री मनसुख मांडविया से सौजन्य मुलाकात की और पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिवादन किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने विंध्य क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि हाल ही में रीवा में एक भव्य स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया गया है, जहां दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं। उन्होंने कहा कि विंध्य क्षेत्र के जनजातीय और पिछड़े क्षेत्रों से उभर रही खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने केन्द्रीय मंत्री श्री मांडविया से विंध्य क्षेत्र के खिलाड़ियों के विकास के लिए रीवा में 10 करोड़ 33 लाख रुपये की लागत से सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करने के लिये अनुरोध किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘खेलो इंडिया’ अभियान और खेल के माध्यम से युवाओं के समग्र विकास की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक के निर्माण से विंध्य क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकेंगे। इस महत्वपूर्ण पहल के लिए केन्द्रीय मंत्री श्री मांडविया ने सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया और आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया। रीवा के सांसद श्री जनार्दन मिश्र और सीधी के सांसद डॉ. राजेश मिश्र भी उपस्थित रहे।  

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केजरीवाल से अंबेडकर की प्रतिमा तोड़े जाने को लेकर माफ़ी मांगने की मांग की, किया प्रदर्शन

नई दिल्ली पूर्व सांसद उदित राज के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रविवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के घर से बाहर प्रदर्शन किया और पंजाब के अमृतसर में बाबा साहब डॉ़ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तोड़े जाने को लेकर उनसे माफी मांगने की मांग की। इस दौरान श्री उदित राज ने कहा, ‘श्री केजरीवाल को डॉ. अंबेडकर का सम्मान करना सीखना चाहिए। अमृतसर में डॉ. अंबेडकर की मूर्ति को तोड़ा गया है। वहां उनकी सरकार है। मैं यहां कोई बाधा डालने नहीं आया हूं। हमारा कोई राजनीतिक मकसद नहीं है। मैं यहां सिर्फ उन्हें बाबा साहब अंबेडकर की मूर्ति भेंट करने आया हूं…उन्हें अमृतसर में राज्य के अपमान के लिए माफी मांगनी चाहिए।’ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस ने श्री केजरीवाल के घर से सामने सुरक्षा बढ़ा दी है। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेड लगाये हैं। गौरतलब है कि 26 जनवरी को एक वीडियो सोशल मीडिया में सामने आया था जिसमें एक व्यक्ति पंजाब के अमृतसर में सीढ़ी लगाकर बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा पर चढ़ते और हथौड़े से उसे क्षतिग्रस्त करते हुए नजर आ रहा था। इस घटना को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आम आदमी पार्टी, पंजाब सरकार और श्री केजरीवाल की तीखी आलोचना की थी।  

श्रद्धालुयो को सत्ता रहा भगदड़ का भय!, प्रयागराज में करीब 25 फीसदी होटलों की बुकिंग कैंसिल

प्रयागराज मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ के बाद तीर्थयात्रियों ने होटलों से बुकिंग कैंसिल कराई. एडवांस पेमेंट करने वाले श्रद्धालु अब आगे की डेट मांग रहे हैं. बताया जा रहा है कि प्रयागराज में करीब 25 फीसदी बुकिंग कैंसिल करा दी गई है. पहले दिन से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. इस वक्त प्रयागराज में 200 होटल संचालित हो रहे हैं. बता दें कि मौनी अमावस्या से ठीक पहली रात को संगम क्षेत्र में भगदड़ मच गई थी. जिसमें 30 लोगों की मौत की पुष्टि हुई. साथ ही बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए. इस हादसे के चलते उस दिन का अमृत स्नान स्थगित कर दिया गया था. हालांकि बाद में अखाड़ों के केवल गिनती के सन्यासी स्नान के लिए आए थे. वो भी बिना किसी शोभायात्रा या गाजे-बाजे के. साधारण तरीके से परंपरा के निर्वहन के लिए अखाड़ों ने उस दिन स्नान किया था. अलर्ट मोड पर प्रशासन हालांकि इधर भगदड़ से सबक लेते हुए शासन-प्रशासन ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया है. वहीं 3 फरवरी यानी कल होने वाले बसंत पंचमी के अमृत स्नान के लिए श्रद्धालु अभी से महाकुंभ नगर पहुंच चुके हैं. प्रशासन ने स्नान की तैयारी पूरी कर ली है. मेला क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है. स्नान घाटों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. साथ ही डीप वाटर बैरिकेडिंग लगाई गई है. श्रद्धालुओं के आने-जाने का मार्ग निर्धारित किया गया है. पुलिस के जवानों को चप्पे-चप्पे पर तैनात किया गया है. पूरे मेले की सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है. बसंत पंचमी पर करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है.

गोंगाडी तृषा ने किया कमाल का प्रदर्शन, प्लेयर ऑफ द मैच के साथ-साथ जीता प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवॉर्ड

नई दिल्ली गोंगाडी तृषा ने कमाल का प्रदर्शन आईसीसी अंडर 19 वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2025 में टीम इंडिया के लिए किया। एक ऑलराउंडर के तौर पर आने वाले समय में भारतीय महिला टीम को एक जबरदस्त प्लेयर मिल सकती है। गोंगाडी तृषा ने बल्ले और बॉल से तूफानी प्रदर्शन फाइनल में भी जारी रखा। तीन विकेट चटकाने के साथ-साथ लो स्कोरिंग मैच में 44 रनों की नाबाद पारी खेली। इस तरह उनको ना सिर्फ फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला, बल्कि प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवॉर्ड भी उन्होंने ही अपने नाम किया। लगातार दूसरी बार गोंगाडी तृषा ने इस टूर्नामेंट का फाइनल खेला। हालांकि, अगले टूर्नामेंट के लिए वे योग्य नहीं होंगी, क्योंकि उनकी उम्र ज्यादा हो चुकी होगी। 19 वर्षीय गोंगाडी तृषा ने इस टूर्नामेंट में 300 से ज्यादा रन बनाए। अब तक दो बार ये टूर्नामेंट आयोजित हो चुका है, लेकिन कोई भी खिलाड़ी 300 से ज्यादा रन नहीं बना पाया है। उन्होंने कुल सात मैचों में 309 रन बल्ले से बनाए और गेंदबाजी में 7 विकेट अपने नाम किए। फाइनल में उनको 3 सफलताएं मिलीं। इस तरह साउथ अफ्रीका के सामने उन्होंने अद्भुत प्रदर्शन किया। बता दें कि गोंगाडी तृषा एकमात्र बल्लेबाज हैं, जिन्होंने आईसीसी अंडर 19 वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप में शतक जड़ा है। पिछली बार ये टूर्नामेंट खेला गया था, उस समय किसी बल्लेबाज ने शतक नहीं जड़ा था, जबकि इस बार सिर्फ गोंगाडी तृषा ने ये कमाल किया और वे दुनिया की पहली क्रिकेटर अंडर 19 टी20 वर्ल्ड कप में सेंचुरी जड़ने वाली बनीं। गोंगाडी तृषा ने प्लेयर ऑफ द मैच बनने के बाद बताया कि वे अपने ही देश की पूर्व क्रिकेटर मिताली राज को अपना आइडल मानती हैं। इसके अलावा उन्होंने अपना प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट अवॉर्ड अपने पिता को डेडिकेट किया, क्योंकि पिता के योगदान के कारण ही गोंगाडी तृषा यहां तक पहुंच सकी हैं।

दूल्हे ने अपनी बारात में किया चोली के पीछे गाने पर किया डांस, दामाद के डांस से नाराज ससुर ने तोड़ी शादी

नई दिल्ली भारतीय शादियों में फिल्मी गानों पर दूल्हा-दुल्हन का डांस करना आम बात है। सोशल मीडिया पर इस तरह के अनेक वीडियो देखने को मिल जाते हैं। हम सभी ने ऐसे कई वायरल वीडियो और रील देखे हैं, जिनमें दूल्हे या दुल्हन को अपनी शादी में डांस करते दिखाया जाता है। सोशल मीडिया में वायरल ऐसी ही एक खबर के मुताबिक, दिल्ली में एक दूल्हे को अपनी शादी में डांस करना काफी महंगा पड़ गया। दूल्हे के डांस से भड़के दुल्हन के पिता ने नाराज होकर शादी तोड़ दी। अपने रिश्तेदारों का मनोरंजन करने के लिए दूल्हे ने चोली के पीछे गाने पर डांस किया तो लड़की के पिता ने शादी की कैंसल कर दी। इस खबर के साथ एक विज्ञापन है, जिसमें लिखा है – फ्री मनोरंजन तो सबको अच्छा लगता है। ‘जेवियर अंकल’ नाम के यूजर ने कैप्शन लिखा – यकीनन मैंने आज से पहले विज्ञापन का ऐसा प्लेसमेंट नहीं देखा! रिपोर्ट के अनुसार, नई दिल्ली में 18 जनवरी को एक शादी समारोह में कथित तौर पर दूल्हे द्वारा दोस्तों की फरमाईश पर बॉलीवुड के मशहूर सॉन्ग ‘चोली के पीछे क्या है’ पर डांस करना दोनों पक्षों के परिवारों के लिए महंगा साबित हुआ। ऐसा दावा है कि दूल्हे का डांस देख दुल्हन के पिता ने नाराज होकर शादी तोड़ दी। बैंड की धुनों पर नाचते हुए, दूल्हे के दोस्तों ने जोर देकर कहा कि वह उनके साथ लोकप्रिय गाने ‘चोली के पीछे क्या है’ पर डांस करे। इस दौरान कुछ मेहमानों और परिवार के सदस्यों ने नाचते हुए दूल्हे का उत्साहवर्धन किया, तभी अचानक वहां पहुंचे दुल्हन के पिता को अपने होने वाले दामाद की हरकतें पसंद नहीं आईं। उन्होंने इस पर ऐतराज जताते हुएए जश्न में हस्तक्षेप किया। इतना ही नहीं, दुल्हन के पिता ने दूल्हे के डांस से नाराज होकर शादी समारोह रोक दिया और शादी रद्द कर दी। रिपोर्ट के अनुसार, दुल्हन के पिता ने यह कहते हुए गुस्से में आकर अपनी बेटी की शादी तोड़ दी कि दूल्हे की हरकतों से उनके परिवार के संस्कार का अपमान हुआ है। बताया जा रहा है कि दुल्हन रो पड़ी, जबकि दूल्हे ने दुल्हन के पिता को सांत्वना देने की कोशिश की। हालांकि, उसकी कोशिशें बेकार गईं और शादी रद्द कर दी गई।

खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा- ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ धीरे-धीरे एक उत्सव का रूप ले रही है

नई दिल्ली ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ लोगों को फिटनेस अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने रविवार को कहा कि यह पहल धीरे-धीरे एक उत्सव का रूप ले रही है। ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम में शारीरिक स्वास्थ्य के महत्व पर जोर दिया गया तथा बताया गया कि सफलता प्राप्त करने के लिए स्वस्थ शरीर महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ‘फिट इंडिया’ अभियान का समर्थन कर रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य पूरे देश में फिटनेस और स्वास्थ्य की संस्कृति का निर्माण करना है। केंद्रीय खेल मंत्री ने साइकिलिंग इवेंट की बढ़ती सफलता पर कहा, “फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ धीरे-धीरे एक उत्सव का रूप ले रहा है, जिसमें प्रत्येक रविवार को अलग-अलग थीम पर पूरे देश में साइकिलिंग इवेंट आयोजित किए जा रहे हैं। आज, मुझे दिल्ली और पूरे देश के डॉक्टरों को रविवार को साइकिल चलाते और अपना संदेश फैलाते हुए देखकर खुशी हो रही है। मोटापे से लड़ने के लिए हमें अपने आहार पर नियंत्रण रखना चाहिए। एक अच्छा आहार एक स्वस्थ भारत और मोटापे के खिलाफ एक मजबूत लड़ाई सुनिश्चित करेगा।” यह पहल अनेक लोगों को पसंद आई है, जिनमें साइकिल चालक और एथलीट भी शामिल हैं, जो इसे जागरूकता पैदा करने और फिटनेस को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानते हैं। साइकिल चालक महेश कुमार ने फिटनेस के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “हमारे वेदों में इस बात पर जोर दिया गया है कि फिटनेस हर किसी के लिए जरूरी है। एक फिट व्यक्ति सफल होता है और इससे एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण होता है। खेल मंत्री और प्रधानमंत्री मोदी सक्रिय रूप से ‘फिट इंडिया’ अभियान को बढ़ावा दे रहे हैं। इस बड़े पैमाने की पहल का उद्देश्य युवाओं और बच्चों को स्वस्थ भविष्य के लिए प्रेरित करना है।” एथलीट भी इस अभियान को अपना समर्थन दे रहे हैं। पैरालंपिक एथलीट और कांस्य पदक विजेता शूटर रुबीना फ्रांसिस ने इस आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा, “एक एथलीट के तौर पर मैं जानती हूं कि ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ अभियान युवा पीढ़ी के लिए बहुत फायदेमंद है। विभिन्न क्षेत्रों के लोग इस अभियान के लिए एक साथ आए हैं और मैं उनका समर्थन करने के लिए यहां हूं। सरकार की यह पहल भावी पीढ़ियों के बीच जागरूकता बढ़ाने और उन्हें फिटनेस के प्रति प्रेरित करने का एक शानदार तरीका है।” ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम भारत में फिटनेस के बढ़ते महत्व का प्रमाण है, जिसका उद्देश्य सभी आयु वर्ग के नागरिकों को अपने दैनिक जीवन में स्वस्थ आदतों को शामिल करने के लिए प्रेरित करना है।  

कल लोकसभा में पेश होगी वक्फ विधेयक की समीक्षा के लिए गठित संसद की संयुक्त समिति की रिपोर्ट

नई दिल्ली वक्फ (संशोधन) विधेयक की समीक्षा के लिए गठित संसद की संयुक्त समिति (JPC) की रिपोर्ट सोमवार को लोकसभा में पेश की जाएगी। वहीं पैनल में मौजूद कई विपक्षी सांसदों का कहना है कि उनके असहमति नोट को बिना उनकी जानकारी के ही हटा दिया गया। लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी बुलेटिन में कहा गया है कि समिति के अध्यक्ष जगदम्बिका पाल और सदस्य संजय जायसवाल सोमवार को लोकसभा में रिपोर्ट पेश करेंगे। समिति ने गुरुवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को रिपोर्ट सौंप दी थी। समिति ने बुधवार को बहुमत से रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था, जिसमें सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के सदस्यों द्वारा सुझाए गए संशोधन शामिल किए गए थे। जिसके बाद विपक्ष ने इस प्रक्रिया को वक्फ बोर्डों को नष्ट करने का प्रयास करार दिया। वक्फ (संशोधन) विधेयक पर संसद की संयुक्त समिति ने मसौदा कानून पर रिपोर्ट को 15-11 बहुमत से अपनाया। विपक्षी सदस्यों ने रिपोर्ट पर असहमति जताई। भाजपा सदस्यों ने जोर देकर कहा कि पिछले साल अगस्त में लोकसभा में पेश किया गया यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में आधुनिकता, पारदर्शिता और जवाबदेही लाने की व्यवस्था करता है। दूसरी ओर, विपक्ष ने इसे मुस्लिम समुदाय के संवैधानिक अधिकारों पर हमला और वक्फ बोर्डों के कामकाज में हस्तक्षेप करार दिया। कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा कि उन्होंने असहमति पत्र दिया था जिसे हटा दिया गया। ऐसे में विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, बिना मेरी जनकारी के ही डिसेंट नोट को हटा दिया गया। वक्फ विधेयक पर बनी जॉइंट कमेटी का पहले ही तमाशा बना दिया गया। वहीं अब विपक्षी सांसदों को भी दरकिनार कर दिया गया। हमें चुप कराने के लिए यह सब क्यों किया जा रहा है। इससे पहले शुक्रवार को असदुद्दीन ओवैसी ने भी इसी तरह के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि विधेयक पर संयुक्त समिति की रिपोर्ट पर उनके विस्तृत असहमति नोट को समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने उनकी जानकारी के बिना हटा दिया। समिति के सदस्य ओवैसी ने इस रिपोर्ट पर 231 पृष्ठों का असहमति नोट दिया था। ओवैसी ने ‘एक्स’ पर लिखा, था‘मैंने वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ संयुक्त समिति को एक विस्तृत असहमति नोट सौंपा था। यह चौंकाने वाली बात है कि मेरे नोट के कुछ हिस्सों को मेरी जानकारी के बिना संपादित किया गया। हटाए गये खंड विवादास्पद नहीं थे; उनमें केवल तथ्य बताए गए थे।’ उन्होंने कहा, ‘‘(समिति के) अध्यक्ष जगदंबिका पाल जैसी रिपोर्ट चाहते थे, वैसी रिपोर्ट तैयार करवा ली , लेकिन विपक्ष की आवाज को क्यों दबाया गया? चूंकि उन्होंने मेरी रिपोर्ट को बदलने के लिए एक नियम का दुरुपयोग किया है, इसलिए मैं जल्द ही अपना पूरा असहमति नोट जनता को पढ़ने के लिए जारी करूंगा।’

योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण पर केरल की एक अदालत ने जारी किया गैर-जमानती वारंट, बढ़ी मुश्किल

नई दिल्ली योग गुरु बाबा रामदेव की मुश्किलें फिर एक बार बढ़ गई हैं। केरल की एक अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। रामदेव के अलावा पतंजलि योगपीठ के अध्यक्ष आचार्य बालकृष्ण के खिलाफ भी वारंट जारी किया है। पलक्कड़ जिले की कोर्ट दोनों के ही खिलाफ यह वारंट उनकी गैरहाजिरी के कारण जारी किया है। आपको बता दें कि वे केरल के ड्रग्स इंस्पेक्टर द्वारा दिव्य फार्मेसी के खिलाफ दायर किए गए आपराधिक मामले में पेश नहीं हुए थे। कोर्ट ने इन दोनों के खिलाफ 15 फरवरी को पेश होने के लिए गैर-जमानती वारंट जारी किया है। इससे पहले कोर्ट ने 1 फरवरी को इन आरोपियों के खिलाफ जमानत योग्य वारंट जारी किया था, ताकि वे कोर्ट में पेश हो सकें। यह मामला दिव्य फार्मेसी द्वारा कथित रूप से भ्रामक चिकित्सा विज्ञापन प्रसारित करने से जुड़ा है, जिस पर केरल ड्रग्स इंस्पेक्टर ने कार्रवाई की है। आपको बता दें कि योग गुरु बाबा रामदेव और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड पर कई मामले रहे हैं। इनमें भ्रामक विज्ञापन, अवमानना और ट्रेडमार्क उल्लंघन जैसे मामले शामिल हैं। इन मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने बाबा रामदेव और पतंजलि को राहत दे चुकी है। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें चेतावनी दी थी कि अगर वे फिर से कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करते हैं, तो उन्हें सजा हो सकती है। पतंजलि के खिलाफ अब तक के मामले पतंजलि के भ्रामक विज्ञापन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बाबा रामदेव और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड की माफी स्वीकार कर ली थी। इस मामले में मानहानि का केस बंद कर दिया गया था। पतंजलि के कपूर वाले उत्पादों को बेचने पर रोक लगाने के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट ने पतंजलि पर चार करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। कोविड-19 ठीक करने का दावा करने और मॉडर्न मेडिसिन को बेकार कहने के मामले में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने बाबा रामदेव पर आरोप लगाए थे।

केजरीवाल ने चुनाव आयोग को लिखे पत्र में दावा किया कि हमारे कार्यकर्ताओं को BJP वाले धमका रहे, दिल्ली पुलिस की भी की शिकायत

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने आज मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखा है। केजरीवाल ने अपने पत्र में दावा किया है कि नई दिल्ली विधानसभा में AAP कार्यकर्ताओं को भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से धमकाया और परेशान किया जा रहा है। केजरीवाल ने इलेक्शन कमिश्नर को लिखे पत्र में दिल्ली पुलिस की भी शिकायत की है। केजरीवाल ने चुनाव आयोग से दोषी पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की भी मांग की है। अरिवंद केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि उनके कार्यकर्ताओं को गैरकानूनी रूप से हिरासत में लिया गया और बीएनएसएस,2023 की धारा 126 के तहत निराधार और झूठे आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है। केजरीवाल ने पत्र में क्या-क्या लिखा? अरविंद केजरीवाल ने अपने पत्र में लिखा कि मैं चुनाव के दिन से पहले नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं और दिल्ली पुलिस की ओर से हमारे जमीनी स्तर के स्वयंसेवकों को दी जा रही धमकी और उत्पीड़न पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त करने के लिए लिख रहा हूं। कल,हमारे वरिष्ठ स्वयंसेवक चेतन (प्रिंसेस पार्क पार्ट-2 के निवासी) को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया और तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में BNSS, 2023 की धारा 126 के तहत मामला दर्ज किया गया। इस आधार पर कि उनके खिलाफ पहले भी मामले दर्ज हैं, जबकि ऐसा कोई मामला नहीं है। उन पर बेशर्मी से ऐसे आरोप लगाए गए जो उन्होंने कभी किए ही नहीं। पुलिस अधिकारियों द्वारा उन्हें इस हद तक गंभीर शारीरिक दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा कि वे बेहोश हो गए और बाद में उन्हें लेडी हार्डिंग अस्पताल ले जाया गया। बाद में काफी संघर्ष के बाद उन्हें संबंधित रिटर्न ऑफिसर/SDM के सामने पेश किया गया और जमानत दे दी गई,जिस मामले में उन्हें बेशर्मी से फंसाया गया था। झूठे केस में फंसाया गया- केजरीवाल अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि एक अन्य समान घटना में,हमारे वरिष्ठ स्वयंसेवक श्री ओम प्रकाश (निवासी जोधपुर मेस, पांडारा रोड) को तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन से फोन आया और उन्हें पुलिस स्टेशन में उपस्थित होने के लिए कहा गया क्योंकि एसएचओ उनसे बात करना चाहते थे। पुलिस स्टेशन पहुंचने पर उन्हें गैरकानूनी रूप से हिरासत में लिया गया और बीएनएसएस, 2023 की धारा 126 के तहत निराधार और झूठे आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया कि उनके खिलाफ पहले से मामले दर्ज हैं, जबकि ऐसा कुछ नहीं है। बाद में बहुत संघर्ष के बाद,उन्हें संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर/एसडीएम के समक्ष पेश किया गया और जमानत दी गई, जबकि उन्हें खुलेआम और स्पष्ट रूप से फंसाया गया था। केजरीवाल ने की चुनाव आयोग से ये मांग केजरीवाल ने अपने पत्र में आगे लिखा कि दिल्ली पुलिस को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए जाने चाहिए कि हमारे स्वयंसेवक चुनाव के दिन उत्पीड़न या गलत तरीके से हिरासत में लिए जाने के डर के बिना स्वतंत्र रूप से काम कर सकें। मैं अपने प्रमुख जमीनी स्तर के स्वयंसेवकों की एक सूची संलग्न कर रहा हूं जिन्हें पुलिस सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए,क्योंकि उन्हें हाल के दिनों में भाजपा कार्यकर्ताओं और दिल्ली पुलिस ने निशाना बनाया है। हम आग्रह करते हैं कि उन्हें दिल्ली पुलिस के अलावा अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि हम मांग करते हैं कि जिन पुलिस अधिकारियों ने इस असंवैधानिक और अवैध तरीके से और अपने कर्तव्यों की पूर्ण अवहेलना में काम किया है, उन्हें तत्काल निलंबित किया जाए। चुनाव आयोग को उन कानून प्रवर्तन अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करके एक उदाहरण पेश करना चाहिए जो हमारे स्वयंसेवकों को डराने या दबाने के लिए राजनीतिक दबाव में काम करते पाए जाते हैं। हमारे स्वयंसेवकों पर हमला करने और धमकाने में शामिल व्यक्तियों को भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 170 और 171 और चुनाव कानूनों के अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया जाना चाहिए और मुकदमा चलाया जाना चाहिए।

लॉ कॉलेज के छात्रों ने शिकायत की थी कि बाहरी लोग उन्हें धमकी दे रहे हैं, सरस्वती पूजा का कर रहे विरोध, हाई कोर्ट भड़का

कोलकाता कोलकाता के जोगेश चंद्र लॉ कॉलेज में सरस्वती पूजा को लेकर विवाद का मामला हाई कोर्ट पहुंच गया। एचसी ने यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने को कहा कि उत्सव शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हो। दरअसल, लॉ कॉलेज के छात्रों ने शिकायत की थी कि बाहरी लोग उन्हें धमकी दे रहे हैं और सरस्वती पूजा की तैयारियों में बाधा डाली जा रही है। इसे लेकर सुनवाई करते हुए अदालत ने पुलिस को कार्यक्रम के लिए सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया। जस्टिस जॉय सेनगुप्ता ने कहा कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए संयुक्त आयुक्त स्तर का अधिकारी स्थिति की निगरानी करेगा। कलकत्ता हाई कोर्ट की ओर से कहा गया, ‘हमें एक आवेदन मिला है, जिसमें राज्य और कॉलेज के अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की गई। कोलकाता के प्रिंस अनवर शाह रोड के पास स्थित जोगेश चंद्र चौधरी कॉलेज और जोगेश चंद्र चौधरी लॉ कॉलेज में पर्याप्त सुरक्षा की जरूरत है। सरस्वती पूजा का रोकने का प्रयास हो रहा है। ऐसे में कोई भी बाहरी व्यक्ति कॉलेज परिसर में जबरन प्रवेश नहीं कर सकता है। सरस्वती पूजा सम्पन्न कराने के लिए ओपन एंट्री और एग्जिट को रोका जाए।’ मोहम्मद शब्बीर अली नाम के बाहरी व्यक्ति पर आरोप है कि उसने धमकी दी और उत्सव को रोकने का प्रयास किया। अब छात्रों ने उच्च न्यायालय के आदेश पर राहत व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अपने धर्म का जश्न मनाने का अधिकार है। ‘उत्सव को रोकने वालों से सख्ती से निपटा जाए’ पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने शुक्रवार को कहा था कि उत्सव को रोकने के किसी भी प्रयास को अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तरह जोगेश चंद्र लॉ कॉलेज परिसर में पूजा की इजाजत दी जानी चाहिए और उत्सव को रोकने की कोशिश करने वालों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘कॉलेज में सरस्वती पूजा को रोकने के किसी भी प्रयास की अनुमति नहीं दी जाएगी। अगर कोई धमकायेगा या जबरदस्ती करनेगा या किसी अन्य तरीके से उत्सव को रोकने की कोशिश करता है, तो सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।’ बनर्जी की टिप्पणी कॉलेज के विद्यार्थियों की ओर से 30 जनवरी को लगाए गए आरोपों के बाद आई।

28 से 31 जनवरी के बीच इन विमानों से 28,990 लोगों ने की यात्रा, मात्र चार दिन में 229 विमानों का आवागमन हुआ

महाकुंभ नगर मौनी अमावस्या के दौरान प्रयागराज एयरपोर्ट पर मात्र चार दिन में 229 विमानों का आवागमन हुआ। 28 से 31 जनवरी के बीच इन विमानों से 28,990 लोगों ने यात्रा की। जबकि 2019 में यह संख्या मात्र 50 थी। इतनी बड़ी संख्या में विमानों के आवागमन का यह नया कीर्तिमान है। 2019 में शुरू हुए सिविल एयरपोर्ट पर इतनी बड़ी संख्या में न तो कभी विमानों का आवागमन हुआ और न ही यात्रियों का आवागमन हुआ है। बसंत पंचमी पर विमानों के आवागमन की संख्या फिर से बढ़ेगी। अभी औसतन प्रतिदिन 30-35 विमानों का आवागमन हो रहा है। 28 जनवरी को 28 विमान शेड्यूल होकर, जबकि तीन बिना समयसारिणी के अनुसार यहां आए। इससे 4336 यात्री प्रयागराज आए। जबकि इतने ही विमान प्रयागराज से रवाना हुए, जिससे 4042 यात्रियों ने उड़ान भरी। 29 जनवरी को 21 विमान समय सारिणी के अनुक्रम में और तीन विमान बिना बिना समय सारिणी के आए। इससे कुल 3278 यात्रियों का प्रयागराज आना हुआ। जबकि वापस में 24 विमान गए जिससे 2931 यात्रियों ने उड़ान भरी। 30 जनवरी को 29 विमानों से 3779 यात्री आए, इसमें पांच उड़ानें नान शेड्यूल रही। जबकि यहां से 29 उड़ानें रवाना हुई, इससे 3762 यात्री यहां से गए। जबकि 31 जनवरी को पुन: 62 विमानों का आवागमन हुआ। इसमें 21 विमान शेड्यूल और नौ विमान नान शेड्यूल रहे। इससे 3380 यात्री यहां आए। जबकि 32 विमानों से 3482 यात्रियों ने उड़ान भरी। इसमें 10 विमान नान शेड्यूल रहे।   231 करोड़ रुपये से बना नया टर्मिनल प्रयागराज एयरपोर्ट से इन विमानों का संचालन इंडिगो, एलाइंस एयर, अकासा एयर, स्पाइसजेट, एयर इंडिया ने किया। एयरपोर्ट के नए टर्मिनल से विमानों का संचालन शुरू हो जाने से अब आवागमन आसान हो गया है। इसे बनाने में 231 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसकी कुल क्षमता 1200 यात्रियों की हैं। यहां नया एयरो ब्रिज, नया टैक्सी, नए चेक इन काउंटरों की भी संख्या बढ़ी है। प्रयागराज से अभी अहमदाबाद, मुंबई, बेंगलुरु, दिल्ली, कोलकाता, भुवनेश्वर, रायपुर, लखनऊ, पुणे, भोपाल, नागपुर, चेन्नई, गुवाहाटी, चंडीगढ़, देहरादून, बिलासपुर, लखनऊ, बिलासपुर, इंदौर, अमृतसर, जम्मू, श्रीनगर, हैदराबाद आदि के लिए सीधी अथवा कनेक्टिंग उड़ान उपलब्ध है।

महाकुंभ आ रहे श्रद्धालुओं के लिए वसंत पंचमी स्‍नान पर भीड़ नियंत्रण को रेलवे ने बदली व्यवस्था

महाकुंभ नगर प्रयागराज जंक्शन समेत छिवकी, नैनी जंक्शन, प्रयाग जंक्शन, फाफामऊ, सूबेदारगंज व रामबाग रेलवे स्टेशन पर एक ओर से यात्रियों को प्रवेश मिलेगा और दूसरे ओर से निकास होगा। भीड़ प्रबंधन के लिए यह नियम दो फरवरी से पांच फरवरी लागू रहेगा। सभी रेलवे स्टेशनों पर यह नियम लागू महाकुंभ के चौथे स्नान पर्व वसंत पंचमी पर इस बदली व्यवस्था के तहत ही आवागमन होगा। झूंसी के अलावा प्रयागराज के सभी रेलवे स्टेशनों पर यह नियम लागू किया गया है। सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि यात्रियों के सुगम, सुरक्षित आवागमन के लिए यह बदलाव किया गया है। सभी रेलवे स्टेशन पर अनारक्षित यात्रियों के लिए यात्री आश्रय मिलेगा। अनारक्षित यात्रियों कों दिशावार यात्रा के अनुरूप प्रवेश दिया जाएगा। अनारक्षित यात्रियों के लिए यात्री आश्रय खुले हैं। टिकट के लिए अनारक्षित टिकट काउंटर, एटीवीएम और मोबाइल टिकटिंग आदि की सुविधा उपलब्ध होगी।   प्रयागराज जंक्शन प्रवेश केवल सिटी साइड (प्लेटफार्म नंबर नंबर-1 की ओर) से दिया जाएगा। निकास केवल सिविल लाइंस साइड की ओर से मिलेगा आरक्षित श्रेणी के यात्रियों को सिटी साइड स्थित गेट नंबर पांच से प्रवेश दिया जाएगा। प्रयागराज छिवकी स्टेशन प्रवेश केवल प्रयागराज-मीरजापुर राजमार्ग को जोड़ने वाले सीओडी मार्ग से दिया जाएगा।-निकास केवल जीईसी नैनी रोड (प्रथम प्रवेश द्वार) की ओर से दिया जाएगा। आरक्षित यात्रियों को गेट नंबर दो से प्रवेश दिया जाएगा। नैनी जंक्शन प्रवेश केवल स्टेशन रोड से दिया जाएगा। निकास केवल मालगोदाम की ओर (द्वितीय प्रवेश द्वार) से दिया जाएगा। आरक्षित श्रेणी के यात्रियों को गेट नंबर दो से प्रवेश दिया जाएगा। सूबेदारगंज स्टेशन प्रवेश केवल झलवा (कौशांबी रोड) की ओर से दिया जाएगा। निकास केवल जीटी रोड की ओर दिया जाएगा। आरक्षित श्रेणी के यात्रियों को गेट नंबर तीन से प्रवेश दिया जाएगा। फाफामऊ स्टेशन प्रवेश केवल प्लेटफार्म नंबर चार की ओर से (रंगपुरा की ओर से टाटा मोटर्स वर्कशाप की ढलान से) दिया जाएगा। स्नान कर आने वाले लोग 23 नंबर पांटून पुल से यहां आएंगे। निकास केवल एक नंबर की ओर से बनारस रोड की ओर दिया जाएगा। अनारक्षित यात्रियों के लिए भी प्रवेश वैशाली गेस्ट हाउस के सामने फ्लाई ओवर के माध्यम से चार नंबर की ओर होगा। प्रयाग स्टेशन प्रवेश केवल यूनिवर्सिटी रोड की ओर से दिया जाएगा। जौनपुर और बनारस के लिए गेट नंबर दो से, लखनऊ और अयोध्या के लिए गेट नंबर तीन से प्रवेश मिलेगा। निकास केवल रामप्रिया रोड(आइइआरटी के पहले से) की ओर दिया जाएगा। आरक्षित श्रेणी के यात्रियों को गेट नंबर एक से प्रवेश दिया जाएगा। रामबाग स्टेशन प्रवेश केवल स्टेशन रोड लल्लू एंड संस की ओर से दिया जाएगा। निकास केवल लाउदर रोड से गेट नंबर एक दो तीन की ओर से होगा । आरक्षित श्रेणी के यात्री आश्रय स्थल संख्या चार में जाना होगा। वहां से उन्हें मुख्य द्वारा से प्लेटफार्म पर ले जाया जाएगा।  

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