LATEST NEWS

बांग्लादेश में कट्टरपंथी दौर में राष्ट्रपति और सेना प्रमुख के पद होंगे खत्म, संविधान की हो सकती है विदाई

ढाका पूरी दुनिया में नए साल 2025 के स्वागत की तैयारियां हो रही हैं, लेकिन भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में अलग ही माहौल है। खबरों के मुताबिक आज यानी 31 दिसंबर को बांग्लादेश में उस संविधान को ही खत्म करने का ऐलान हो सकता है, जो 1972 में शेख मुजीबर रहमान के दौर में बना था। इसके अलावा राष्ट्रपति और सेना प्रमुख जैसे पदों का भी खात्मा हो सकता है। वहीं जुलाई में शेख हसीना के खिलाफ हुए आंदोलन को क्रांति का दर्जा दिया जा सकता है। यह ईरानी क्रांति जैसा होगा, जिसके बाद शेख हसीना ने पद से इस्तीफा दे दिया था और वह भारत आ गई थीं। खबर है कि शेख हसीना सरकार के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व करने वाले छात्र संगठन की ओर से नए रिपब्लिक का ऐलान किया जा सकता है। स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन की ओर से नए रिपब्लिक की घोषणा किए जाने की तैयारी है। अब तक यह जानकारी नहीं मिली है कि बांग्लादेश को इस्लामिक देश घोषित किया जाएगा या फिर सेकुलर गणराज्य बनाया जाएगा। फिलहाल अस्थिरता का आलम है और राष्ट्रपति एवं आर्मी चीफ जैसे पदों को समाप्त करने से यह और बढ़ सकती है। इससे भारत जैसे पड़ोसी मुल्कों के लिए भी चिंता बढ़ जाएगी। भारत के लिए एक चुनौती तो यही है कि यदि बांग्लादेश में किसी से बात की जाए तो वह कौन होगा। वहां फिलहाल कोई चुनी हुई सरकार नहीं है और अंतरिम सरकार के मुखिया नोबेल विजेता अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस हैं। उन्होंने अपने कार्य़काल के दौरान कट्टरपंथियों का खूब साथ दिया है, जिसे लेकर भारत समेत कई मुल्क चिंतित हैं। अमेरिका तक ने इसे लेकर चिंता जाहिर की है। छात्र नेता हसनत अब्दुल्ला ने बांग्लादेश के मौजूदा संविधान को लेकर कहा कि वह तो मुजीबवादी कानून है। उसे हम समाप्त करेंगे और दफन करेंगे। यही नहीं अब्दुल्ला ने भारत के खिलाफ भी अपनी नफरत को उजागर कर दिया। हसनत ने कहा कि 1972 के उस संविधान के चलते भारत को बांग्लादेश में दखल देने का मौका मिला। अब्दुल्ला ने कहा कि हम 31 दिसंबर की दोपहर को ढाका के सेंट्रल शहीद मीनार में ऐलान करेंगे और बताएंगे कि भविष्य का बांग्लादेश कैसा होगा। माना जा रहा है कि बांग्लादेश में इस तरह कट्टरपंथी विचारधारा के विस्तार लेने के पीछे पाकिस्तान है। यही नहीं छात्र आंदोलन के नाम पर तख्तापलट करने वाले नेता लगातार पाकिस्तान के दूतावास के संपर्क में हैं। यही नहीं हाल ही में इस्लामिक देशों के संगठन डी-8 की मीटिंग में मोहम्मद यूनुस और शहबाज शरीफ की मुलाकात हुई थी। इस मीटिंग में दोनों के बीच संबंधों को लेकर बात हुई। इसके अलावा बांग्लादेश ने पाकिस्तान से कारोबार में भी इजाफा किया है। अब बांग्लादेश के चटगांव बंदरगाह तक पाकिस्तान का माल सीधे पहुंच रहा है और उनकी फिजिकल चेकिंग के नियम को भी खत्म कर दिया गया है।

आख‍िरकार अलग हो गए अरबपत‍ि एक्टर ब्रैड पिट- एंजेलिना जोली

लंदन हॉलीवुड स्टार्स एंजेलिना जोली और ब्रैड पिट का आधिकारिक तौर पर तलाक हो गया है। उनके बीच 8 साल तक कानूनी लड़ाई चली। पावर कपल ने सोमवार, 30 दिसंबर को अपने तलाक के कागजात को अंतिम रूप दे दिया। Angelina Jolie के वकील जेम्स साइमन ने बताया कि ‘ओरिजिनल सिन’ की एक्ट्रेस इस मुकाम पर पहुंचकर राहत महसूस कर रही हैं। जेम्स साइमन ने कहा, ‘सच कहूं तो एंजेलिना थक चुकी हैं।’ एंजेलिना ने दी थी तलाक की अर्जी वो कहते हैं, ‘8 साल से भी ज्यादा समय पहले, एंजेलिना ने मिस्टर ब्रैड पिट से तलाक के लिए अर्जी दी थी। उन्होंने और बच्चों ने ब्रैड पिट के साथ शेयर की गई सारी संपत्ति छोड़ दी और तब से वह अपने परिवार के साथ शांति की खोज कर रही हैं और हील कर रही हैं।’ एक विवाद अभी भी बाकी तलाक के समझौते को अंतिम रूप दे दिया गया है, लेकिन पूर्व पावर कपल फ्रांस में शैटो मिरावल वाइनयार्ड को लेकर कानूनी विवाद में उलझा हुआ है। ब्रैड ने एंजेलिना पर आरोप लगाया है कि उन्होंने वाइनरी में अपनी हिस्सेदारी बिना उनकी सहमति के स्टोली ग्रुप को बेच दी है। डेली मेल ने बताया कि दोनों ने मामले को मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने या मामले को जूरी ट्रायल में ले जाने की इच्छा व्यक्त की है। किसी के पास है पावर और विशेषाधिकार! एक सूत्र ने बताया कि एंजेलिना जोली ‘अंधकारमय समय के बाद रोशनी में आने की पूरी कोशिश कर रही हैं। वह सार्वजनिक रूप से या निजी तौर पर उनके बारे में बुरा नहीं बोलती। बच्चे यह देखकर बड़े हुए हैं कि कुछ लोगों के पास इतनी पावर और विशेषाधिकार हैं कि उनकी आवाज का कोई महत्व नहीं है। उनका दर्द कोई मायने नहीं रखता।’ ब्रैड पिट ने किया था बुरा बर्ताव एंजेलिना ने साल 2016 में तलाक की अर्जी दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि यूरोप से लौटते समय प्राइवेट जेट फ्लाइट में ब्रैड पिट ने उनके और बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया। साल 2019 में जज ने एंजेलिना को तलाकशुदा और सिंगल घोषित कर दिया था, लेकिन संपत्तियों और बच्चों की कस्टडी का मामला अभी भी लंबित था।  

कोर्ट ने कहा- जीजा और साली का रिश्ता अनैतिक है, अगर महिला वयस्क है तो इस रिश्ते को बलात्कार नहीं माना जा सकता

इलाहाबाद पत्नी की बहन यानी साली के साथ बलात्कार के एक मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपी पति को राहत दी है। अदालत का कहना है कि भले ही जीजा और साली के बीच रिश्ता अनैतिक है, लेकिन अगर महिला वयस्क है तो इस रिश्ते को बलात्कार नहीं माना जा सकता है। आरोपी को जुलाई 2024 में गिरफ्तार किया गया था और अब अदालत ने जमानत दे दी है। जस्टिस समीर जैन की बेंच मामले की सुनवाई कर रही थी। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, आवेदक के वकील ने अदालत को बताया कि इस मामले में मुवक्किल के खिलाफ झूठे आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने बेंच को जानकारी दी है कि जीजा और साली के बीच अवैध संबंध बने थे और जब इसकी जानकारी सूचनादाता को लगी, तब उन्होंने FIR दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट को बताया गया था कि कथित पीड़िता बालिग है और उसने CrPC की धारा 161 के तहत दिए बयान में आरोपों से इनकार किया था। बाद में CrPC की धारा 164 के तहत बयान बदला था और अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन किया था। इधर, जमानत का विरोध कर रहे AGA इस तथ्य से इनकार नहीं कर सके कि कथित पीड़िता बालिग है और रिकॉर्ड से यह पता नहीं चलता है कि उसने सहमति नहीं दी थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी के खिलाफ लगे आरोप, दोनों पक्षों की दलीलें और इस तथ्य को भी विचार में लिया कि कथित पीड़िता ने पहले आरोपों से इनकार किया था और बाद में बयान बदला था। साथ ही कहा था कि उसने आवेदक और शादीशुदा शख्स के साथ संबंध बनाए थे। ऐसे में कोर्ट का कहना है कि रिश्ता अनैतिक है, लेकिन कथित पीड़िता के बालिग होने के चलते इसे बलात्कार नहीं माना जा सकता है। कोर्ट ने इस बात पर भी विचार किया कि आवेदक और पीड़िता के बीच अवैध संबंध बने थे। आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं रहा और उसे जुलाई 2024 में गिरफ्तार किया गया था। इन तथ्यों को ध्यान में रखकर कोर्ट ने आरोपी को जमानत दे दी।

Gaza में रिफ्यूजी कैंप पर Israel का हवाई हमला, 27 फिलिस्तीनियों की मौत

गाजा गाजा में इजरायली हमले लगातार जारी हैं. आईडीएफ के ताजा हमले में 27 फिलिस्तिनियों की मौत हो गई, जबकि 150 से अधिक लोग घायल हुए हैं. मरने वालों में महिलाओं और बच्चों की संख्या अधिक है. इससे पहले रविवार को हमास के नाम पर फिर से एक अस्पताल को निशाना बनाया गया, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई. वहीं एक जुड़वा नवजात की भी बिना इलाज के मौत हो गई. पिछले साल 7 अक्टूबर को हमास के हमलों के बाद से इजराली अटैक लगातार जारी हैं. इन हमलों में अबतक 45 हज़ार 500 से ज़्यादा फिलिस्तीन मारे जा चुके हैं. करीब एक लाख लोग घायल हैं. वहीं हमलों की वजह से गाज़ा की करीब 90 फीसदी आबादी को कई बार विस्थापित होना पड़ा है. बताया जा रहा है कि आईडीएफ ने वफा अस्पताल पर हमला किया, जिसमें अस्पताल मलबे में ढ़ेर हो गया. फिलिस्तीनी सिविल डिफेंस सदस्य महमूद बसल ने कहा, “इजरायली सेना ने गाजा शहर में अल-वफ़ा मेडिकल अस्पताल को निशाना बनाया. इसमें कई लोगों की मौत हो गई. अस्पताल के कर्मचारियों ने सात मृतकों के शव बरामद किए हैं. कई घायलों को बचाकर अल-अहली अस्पताल में पहुंचाया गया है. ये सभी लोग अस्पताल के बगल में स्थित एक रिफ्यूजी कैंप में शरण लिए हुए थे.” इन हमले के बाद इजरायल की रटी रटाई प्रतिक्रिया सामने आई है. इसमें कहा गया है कि उसने इमारत के अंदर हमास के लड़ाकों को निशाना बनाकर हमला किया है. वहीं दो मासूम जुड़वा बच्चों की मौत के बाद मातम छाया है. ये जुड़वा बच्चे जन्म के महज़ 20 दिन बाद ही दुनिया से रुख्सत हो गए. उनकी मौत की वजह हाइपोथर्मिया बीमारी बताया जा रहा है. इसका इलाज चल रहा था. बताया जा रहा है कि शरीर का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से कम होने पर ये बीमारी होती है. इन जुड़वा बच्चों का जन्म वक्त से एक महीना पहले हुआ था. लिहाज़ा पर्याप्त इलाज ना मिलने से और ठंड की वजह से दोनों ने दम तोड़ दिया. ऐसे ही कई अन्य बच्चों ने भी टेंट में रहने की वजह से ठंड लगने से मौत का शिकार हो चुके हैं. पूरे गाजा में हाहाकार मचा हुआ है. सीजफायर की मांग हो रही है. उधर, इजरायल की राजधानी तेल अवीव में लोग लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. वहां की सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से इस्तीफा भी मांगा. देश में आम चुनाव कराए जाने की भी मांग की है. उनका दावा है कि पीएम नेतन्याहू बंधकों को छुड़ाने में अबतक असमर्थन रहे हैं. ऐसे में उन्हे पद छोड़ देना चाहिए. इस वक्त 100 से अधिक बंधक हमास के पास हैं. हजारों की संख्या में सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने इजरायल की सरकार से बंधकों की रिहाई के लिए गाजा में बमबारी रोकने और हमास से तुरंत समझौते की मांग की है. बंधक बनाए गए लोगों के परिजनों और दोस्तों को डर है कि अगर हमास के साथ जल्द समझौता नहीं होता तो और ज्यादा बंधक मारे जाएंगे. ये प्रदर्शन ऐसे समय हुआ जब गाजा में युद्धविराम के लिए बातचीत अंतिम दौर में हैं.  

नववर्ष में सिर्फ 45 मिनट में होंगे बाबा महाकाल के दर्शन, प्रशासन ने की पूरी तैयारी

उज्जैन  नया साल आने में अब कुछ ही समय बचा है। ज्यादातर लोग नए साल की शुरुआत उज्जैन स्थित बाबा महाकाल के दर्शन से करते हैं। ऐसे में 31 दिसंबर और 01 जनवरी को बाबा महाकाल के दरबार में भक्तों की भारी भीड़ जुटने की संभावना है। इसे देखते हुए भगवान महाकाल के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 31 दिसंबर और एक जनवरी के दिन मंदिर समिति इस बार विशेष तैयारी कर रही है। भक्तों को आसानी से दर्शन कराने के लिए कई व्यवस्थाएं की गई हैं। वहीं, प्रशासन का दावा है कि सुगम दर्शन व्यवस्था से भक्त करीब 45 मिनट में भगवान के दर्शन कर सकेंगे। भक्तों को कर्कराज पार्किंग से शक्तिपथ होते हुए महाकाल लोक से मंदिर में प्रवेश मिलेगा। 31 और एक को शीघ्र दर्शन टिकट व्यवस्था बंद रहेगी। कार्तिक मंडपम में सामान्य श्रद्धालुओं को बड़ी संख्या में प्रवेश कराकर दर्शन करवाए जाएंगे। इन दोनों दिन भस्मार्ती में श्रद्धालुओं की संख्या को आधा कर दिया जाएगा। कहां होगी वाहन पार्क करने की व्यवस्था?     हरिफाटक ब्रीज के नीचे तथा हाटबाजार परिसर     कर्कराज, कलोता व भील समाज धर्मशाला परिसर     कार्तिक मेला ग्राउंड तथा माधव सेवा न्यास परिसर यहां से मिलेगा भक्तों को मंदिर में प्रवेश सामान्य दर्शनार्थी: चारधाम मंदिर के सामने से दर्शन की कतार में लगने के बाद शक्तिपथ के रास्ते श्री महाकाल महालोक, मानसरोवर फैसिलिटी सेंटर, महाकाल टनल-1 से गणेश मंडप में पहुंचेंगे तथा भगवान महाकाल के दर्शन करेंगे। वीआईपी: प्रोटोकाल के तहत आने वाले वीआईपी दर्शनार्थी हरिफाटक ओवर ब्रीज से होकर बेगमबाग के रास्ते नीलकंठ द्वार से मंदिर में प्रवेश करेंगे। यहां वीआइपी पार्किंग की व्यवस्था भी रहेगी। वृद्ध, दिव्यांग: नए साल पर भगवान महाकाल के दर्शन करने आने वाले वृद्ध व दिव्यांग दर्शनार्थियों का प्रवेश मंदिर कार्यालय के सामने अवंतिका से होगा। यहीं व्हील चेयर की सुविधा उपलब्ध रहेगी। दर्शन के बाद भक्त इस रास्ते से जाएंगे बाहर भगवान महाकाल के दर्शन उपरांत भक्त गेट नंबर 10 अथवा निर्माल्य द्वार से मंदिर के बाहर आएंगे। इसके बाद निर्धारित मार्ग से बड़ा गणेश मंदिर के सामने से होते हुए हरसिद्धि चौराहा से पुन: चारधाम मंदिर पहुंचेंगे। भक्तों के लिए फ्री रहेंगी ये सुविधाएं जूता स्टैंड: भील समाज की धर्मशाला, चारधाम मंदिर के सामने, अवंतिका द्वार के समीप निशुल्क जूता स्टैंड की सुविधा उपलब्ध रहेगी। भोजन प्रसादी: श्री महाकाल महालोक के सामने मंदिर समिति के अन्नक्षेत्र में भक्तों को निशुल्क भोजन प्रसादी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। पेयजल: करीब ढाई किलो मीटर लंबे मार्ग पर कई स्थानों पर पेयजल के इंतजाम रहेंगे। यहां से प्रसाद खरीद सकेंगे भक्त मंदिर समिति द्वारा चारधाम मंदिर के समीप और पार्किंग में लड्डू प्रसाद काउंटर स्थापित किए जाएंगे। भक्त यहां से लड्डू प्रसाद खरीद सकेंगे। डायवर्सन और पार्किंग व्यवस्था चार पहिया वाहन पार्किंग 1. इंदौर/देवास/मक्सी मार्ग सेः वाहन कर्कराज, भील समाज पार्किंग। वैकल्पिक मन्नत गार्डन, इम्पीरियल होटल के पीछे। 2. बड़नगर/नागदा मार्ग सेः मोहनपुरा ब्रिज से कार्तिक मेला मैदान। 3. आगर मार्ग से मकोडिया आम से कार्तिक मेला मैदान वैकल्पिकः कृषि उपार्जन मैदान। दो पहिया वाहन पार्किंग 1. इंदौर/देवास/मक्सी मार्ग से नरसिंह घाट पार्किंग। 2. बड़नगर /आगर/नागदा मार्ग से हरसिद्धी पाल पार्किंग। वैकल्पिक शंकराचार्य चौराहा गुरुद्वारा पार्किंग। भारी वाहन डायवर्सन 1. इंदौर से नागदा /आगर/मक्सी मार्ग, तपोभूमि-देवास बायपास। 2. मक्सी से इंदौर मार्ग, नरवर बायपास। 3. बड़नगर/नागदा/आगर मार्ग, मोहनपुरा ब्रिज से देवास रोड। वाहन प्रतिबंधित मार्ग (31 दिसंबर शाम 4 बजे से) 1. हरिफाटक टी से महाकाल घाटी चौराहा। 2. जंतर-मंतर से चारधाम पार्किंग। 3. शंकराचार्य चौराहा से नरसिंहघाट। पार्किंग से निकास मार्ग 1. कर्कराज/नरसिंहघाट पार्किंग, भूखी माता मार्ग। 2. इंटरपिटिशन पार्किंग, जयसिंहपुरा से लालपुल। 3. हरिफाटक पार्किंग, वाकणकर ब्रिज। रिजर्व पार्किग इंजीनियरिंग कॉलेज और प्रशांति चौराहा। नोटः नगर निगम द्वारा चारधाम टर्निंग तक बस सेवा उपलब्ध।

31 जनवरी 2025 तक टैक्स से जुड़े इस जरूरी काम के लिए बढ़ी अंतिम तारीख , जानें सबकुछ

नई दिल्ली आज साल 2024 का आखिरी दिन है और कल से नए साल (New Year 2025) का आगाज होने जा रहा है, इस बीच टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी खबर आई है. दरअसल, आयकर विभाग ऐन मौके पर विवाद से विश्वास स्कीम (Vivad Se Vishwas Scheme) की डेडलाइन में इजाफा कर दिया है. इस स्कीम की लास्ट डेट 31 दिसंबर तय की गई थी, जिसे बढ़ाकर अब 31 जनवरी तक कर दिया गया है. इसका मतलब है कि एक महीने और टैक्सपेयर्स अपने विवादित टैक्स को कम अमाउंट के साथ निपटा सकते हैं. बता दें कि इस स्कीम का ऐलान मोदी 3.0 के पहले बजट (Budget) में वित्त मंत्री द्वारा किया गया था. आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से… एक महीने के लिए बढ़ी डेडलाइन आयकर विभाग (Income Tax Department) ने टैक्सपेयर्स के विवादित टैक्स मुद्दों के निपटाने के लिए विवाद से विश्वास योजना की शुरुआत की थी, जिसमें आयकर विवादों से परेशान टैक्सपेयर्स (Tax Payers) को कम अमाउंट देकर करा सकते हैं. इस स्कीम की डेडलाइन भी 31 दिसंबर 2024 यानी आज खत्म होने वाली थी. लेकिन इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से सोमवार को ही इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर इसकी डेडलाइन को 1 महीने के लिए बढ़ाने का ऐलान किया गया. अगर आप इस योजना का लाभ उठाकर टैक्स विवाद का निपटारा कराना चाहते हैं, तो फिर आपके पास अब 31 जनवरी 2025 तक का समय है. नहीं तो देना होगा 110% पेमेंट केंद्रीय प्रत्यक्ष कर आयोगा यानी CBDT ने एक नोटिफिकेशन जारी कर कहा है कि अब विवाद से विश्वास योजना का लाभ अगले साल भी मिलेगा और 31 जनवरी तक विवादित टैक्स निपटारे किए जा सकेंगे. इसमें साफ कहा गया है कि नई डेडलाइन तक अगर टैक्सपेयर्स अपने विवादों का निपटारा नहीं करा पाते हैं, तो फिर ऐसे स्थिति में 1 फरवरी 2025 या उसके बाद की जाने वाली घोषणाओं पर विवादित टैक्स डिमांड का 110 फीसदी पेमेंट करना होगा. इन करदाताओं को स्कीम का फायदा Vivad Se Vishwas Yojna का लाभ ऐसे करदाताओं को मिलेगा, जिनके विवादित टैक्स से जुड़े मामले के संबंध में अपनी दायर की गई है. जिन टैक्सपेयर्स ने 22 जुलाई 2024 तक सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ठ या फिर आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण में याचिका दायर की है, या फिर टैक्स ऑफिसर्स की ओर से अपील की गई है, तो फिर उन्हें इस स्कीम के तहत कम अमाउंट देकर टैक्स निपटारा करने का फायदा मिल सकता है. सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से लगभग 2.7 करोड़ प्रत्यक्ष कर मांगों का समाधान हो सकेगा, जिनकी कुल राशि लगभग 35 लाख करोड़ रुपये होगी. तेजी से इन मामलों का निपटान करने के लिए स्टार्ट की गई Income Tax Department की इस स्कीम के तहत चार तरह के फॉर्म जारी किए गए हैं. ये चार फॉर्म किए गए हैं जारी फॉर्म 1 – इसमें आप डिक्लेरेशन फाइल और अंडरटेकिंग देंगे. फॉर्म 2 – यह अथॉरिटी द्वारा जारी किए जाने वाले प्रमाणपत्र के लिए होगा. फॉर्म 3 – इस फॉर्म के तहत घोषणाकर्ता द्वारा पेमेंट की जानकारी दी जाएगी. फॉर्म 4 – अथॉरिटी द्वारा टैक्स एरियर के फुल एंड फाइनल सेटलमेंट की जानकारी दी जाएगी. फॉर्म 1 और 3 हैं सबसे जरूरी विवाद से विश्वास सरकारी स्कीम में फॉर्म-1 को इनकम टैक्स से जुड़े हर विवाद के लिए अलग-अलग से भरना होगा. वहीं फॉर्म-3 में आपको पेमेंट की जानकारी शेयर करनी होगी. इसमें आपको अपील, आपत्ति, आवेदन, रिट याचिका या दावे को वापस लेने के प्रमाण के साथ अथॉरिटी को देना पड़ेगा. फॉर्म 1 और 3 को टैक्सपेयर्स द्वारा इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रस्तुत किया जा सकेगा. ये फॉर्म आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल यानी www.incometax.gov.in पर उपलब्ध कराए जाएंगे. क्या होता है डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स? भारत में डायरेक्ट टैक्स के तहत इनकम टैक्स (Income Tax) आता है. जो लोग इसके लिए तय किए गए दायरे में आते हैं, उन्हें अपने इनकम ब्रैकेट के हिसाब से टैक्स देना पड़ता है और इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करना पड़ता है. इनडायरेक्ट के तहत वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी (GST) के मामले आते हैं. आप जो भी सामान खरीदते हैं या टेलीकॉम जैसी किसी सेवा का इस्तेमाल करते हैं, तो उस पर जीएसटी देना पड़ता है.  

अफगानिस्तानी बॉर्डर पर पाकिस्तानी चौकी पर टीटीपी के कब्जे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

काबुल पाकिस्तान और अफगानिस्तान इस समय एक दूसरे पर धड़ाधड़ हमले कर रहे हैं. डूरंड लाइन क्रॉस कर पाकिस्तान में घुसे अफगान के तालिबानी लड़ाके पाकिस्तानी चौकियों पर बम बरसा रहे हैं. इस बीच खबर आई कि तहरीकए-ए-तालिबान (टीटीपी) ने पाकिस्तानी सेना के एक पोस्ट पर कब्जा कर लिया. लेकिन अब इसे लेकर पाकिस्तानी सेना की सफाई आई है. अफगानिस्तानी बॉर्डर पर पाकिस्तानी चौकी पर टीटीपी के कब्जे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. कहा जा रहा है कि टीटीपी ने इस वीडियो को खुद जारी किया है. लेकिन अब पाकिस्तानी सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस पर सफाई देते हुए कहा है कि सेना की इस चौकी को हमले से कुछ समय पहले ही खाली कर दिया गया था. उन्होंने कहा कि यहां से सैन्यकर्मियों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया था. यह प्रक्रिया सिर्फ बाजौर तक सीमित नहीं थी बल्कि उत्तरी और दक्षिणी वजीरिस्तान में भी इसी तरह सैन्यकर्मियों को चौकियों से हटा दिया गया था. बता दें कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में तालिबानी लड़ाकों को पाकिस्तानी पोस्ट पर हथियारों के साथ जश्न मनाते देखा जा सकता है. उन्होंने आर्मी पोस्ट से पाकिस्तान का झंडा उखाड़कर टीटीपी का झंडा भी लहरा दिया. अफगानी तालिबानी लड़ाकों और पाकिस्तानी सेना के बीच क्यों ठनी? पाकिस्तानी सेना और अफगान लड़ाकों के बीच यह विवाद उस समय गहरा गया, जब तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने हाल ही में वजीरिस्तान के मकीन इलाके में पाकिस्तानी सेना के 30 जवानों को मार गिराया था. इसके जवाब में, पाकिस्तान ने एयरस्ट्राइक करके यह संदेश देने की कोशिश की थी कि वह अपने सैनिकों की हत्या बर्दाश्त नहीं करेगा. अफगान तालिबान के पास भारी मात्रा में हथियार और दुर्गम इलाकों में छिपने की क्षमता है. उनके पास एके-47, मोर्टार, रॉकेट लॉन्चर जैसे आधुनिक हथियारों का विशाल भंडार है. इसके अलावा, तालिबानी लड़ाके उन पहाड़ों और गुफाओं से हमले करते हैं, जिनके बारे में पाकिस्तानी सेना को जानकारी तक नहीं है. शहबाज शरीफ सरकार पहले से ही आर्थिक संकट, सीपैक प्रोजेक्ट में देरी और बलूचिस्तान में अलगाववाद जैसी समस्याओं से जूझ रही है. इन मुद्दों ने सरकार और सेना दोनों को कमजोर किया है. अब तालिबान के साथ टकराव ने इस संकट को और बढ़ा दिया है. तालिबान की ताकत कितनी है? इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान के पास इस समय एक लाख 50 हजार एक्टिव लड़ाके हैं. तालिबान ने अफगानिस्तान के लिए अब तक रक्षा बजट का सार्वजनिक रूप से खुलासा नहीं किया है. अफगानिस्तान की सत्ता संभालने के बाद सेना को औपचारिक रूप देने के लिए स्पेशल फोर्स और आठ इन्फैंट्री कोर के अंतर्गत तीन बटालियन की नींव रखी गई. तालिबान का मैनपावर सोर्स कबाइली इलाकों में बसे कबीले और उनके लड़ाके हैं. इसके अलावा कट्टर धार्मिक संस्थाएं, मदरसे भी उनके विचार को सपोर्ट कर रहे हैं. लेकिन इन सबसे ज्यादा पाकिस्तानी सेना और आईएसआई की सीक्रेट मदद तालिबान के लिए मददगार साबित हो रही है. अमेरिकी खुफिया आकलन भी जमीनी हालात को साफ करते हैं जिसमें कहा गया है कि अमेरिकी सैनिकों की वापसी के 6 महीने के भीतर अफगानिस्तान सरकार का प्रभुत्व खत्म हो जाएगा और तालिबान का शासन आ सकता है.  

रेलवे ने महाकुंभ में 3 हजार स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया, 560 ट्रेने रिंग रेल रूट पर चलाई जाएंगी

प्रयागराज महाकुंभ के आयोजन के लिए ना केवल उत्तर प्रदेश प्रशासन बल्कि भारतीय रेलवे ने भी कमर कस ली है। प्रयागराज में गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदी के पवित्र संगम पर आगामी 13 जनवरी से शुरू होने वाले महाकुंभ की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए जुटा है। दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक महाकुंभ के लिये क्षेत्र को तमाम सुविधाओं से लैस करने के मकसद से श्रमिकों की पूरी फौज नदियों के प्रवाह को व्यवस्थित करने, सड़कों को चौड़ा करने और घाटों को समतल करने में जुटी है। वहीं रेलवे ने महाकुंभ के लिए 3 हजार स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। इसमें से 560 ट्रेने रिंग रेल रूट पर चलाई जाएंगी। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे के जनरल मैनेजर उपेंद्र चंद्र जोशी ने कहा कि आसपास के 9 रेलवे स्टेशनों पर 560 टिकटिंग पॉइंट की व्यवस्था की जा रही है। प्रयागराज जंक्शन, सुबेदारगंज, नैनी, प्रयागराज छेओकी, प्रयाग जंक्शन, फाफामऊ, प्रयागराज रामबाग, प्रयागराज संगम और झूसी स्टेशन पर टिकट काउंटर बनाए गए हैं।  रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि इन पॉइंट्स से रोज करीब 10 लाख टिकट बांटे जा सकते हैं। महाकुंभ मेले को देखते हुए 15 दिन पहले टिकट लेने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि रिंग रेल रूट पर भी ट्रेनें चलाई जाएंगी। प्रयागराज-अयोध्या-वाराणसी-प्रयागराज, प्रयागराज संगम- जौनपुर-प्रयाग-प्रयागराज, गोविंदपुरी-प्रयागराज-चित्रकूट-गोविंदपुरी और झांसी-गोविंदपुरी-प्रयागराज-माणिकपुर-चित्रकूट-झांसी रूट पर ट्रेनें चलाई जाएंगी। रेलवे 10 हजार से ज्यादा नियमित और 3 हजार से ज्यादा स्पेशल ट्रेनों का संचालन करेगा। स्पेशन ट्रेनों में करीब 1800 छोटे रूट पर और 700 ट्रेनें लंबे रूट पर चलेंगी। इसके अलावा रिंग रूट पर 560 ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा की नजरिए से 18 हजार से ज्यादा आरपीएफ और एसआरपी के जवानों को तैनात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज जंक्शन पर 6 बेड वाले ऑब्जरवेशन रूम का सेटअप तैयार किया गया है। यहां ऑक्सीजन सिलेंडर, कंसंट्रेटर, ईसीजी मशीन, ग्लुकोमीटर, नेबुलाइजर और स्ट्रेचर की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा यात्रियों की सुरक्षा के लिए 1186 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। इनमें से 116 कैमरे एआई तकनीक से चलते हैं। कहां से चलेंगी ट्रेनें अब तक जिन स्पेशल ट्रेनें की समय सारिणी सामने आई है उनमें मैसूर से लेकर कामाख्या और वलसाड़ से राजकोट तक की ट्रेनें शामिल हैं। इसमें मैसूर-दानापुर-मैसूर एक्स्परेस, कामाख्या-टूंडला-कामाख्या एक्सप्रेस, कानपुर से्ंट्रल-भागलपुर, नाहरलगुन-टुंडला-नाहरलगुन, टाटानगर-टुंडला- टाटानागर, रांची-टूंडला-रांची. पटना-प्रयागराज-पटना. गया-प्रयागराज-गया, विश्वामित्री-बलिया-विश्वामित्री, वलसाड-दानापुर-वलसाड, वापी-गया-वापी, साबरमती-बनारस-साबरमती, भावनगर टर्मिनल-बनारस-साबरमती. अहमदाबाद-जंघई-अहमदाबाद, राजकोट-बनारस-राजकोट, वेरावल-बनारस-वेरावल ट्रेनें शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में इस मेगा आयोजन को ‘एकता का महाकुंभ’ बताया और लोगों से समाज से नफरत और विभाजन को खत्म करने के संकल्प के साथ इस भव्य धार्मिक समागम से लौटने का आग्रह किया। महाकुंभ आगामी 13 जनवरी को ‘पौष पूर्णिमा’ से शुरू होगा और 45 दिनों के बाद 26 फरवरी को ‘महा शिवरात्रि’ पर सम्पन्न होगा। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, महाकुंभ में श्रद्धालुओं के लिये एक लाख 60 हजार टेंट और डेढ़ लाख शौचालयों की स्थापना की गई है और इनकी साफ-सफाई के लिए 15 हजार सफाई कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। मेला क्षेत्र में पानी की सुविधा देने के लिये 1,250 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है। इसके अलावा 67 हजार एलईडी लाइट, दो हजार सोलर लाइट और तीन लाख पौधे लगाए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, नौ पक्के घाट, सात रिवरफ्रंट सड़कें और 12 किलोमीटर क्षेत्र में अस्थायी घाट निर्माणाधीन हैं। सात बस अड्डे भी बनाए जा रहे हैं। वहीं, क्षेत्र को सजाने के लिए 15 लाख वर्ग फुट से अधिक के भित्ति चित्र और ‘स्ट्रीट पेंटिंग’ बनाई गई हैं। हालांकि, हर बड़ा आयोजन अपने साथ उतनी ही बड़ी चुनौतियां भी लेकर आता है। कटान की वजह से गंगा नदी अपने मूल मार्ग से दूर चली गई है और महाकुंभ के लिए उपलब्ध भूमि कम हो गई है। इसके अलावा, पांच साल के दौरान नदी के प्रवाह की जद में आ जाने से साल 2019 के कुंभ के लिए इस्तेमाल की गई 3200 हेक्टेयर जमीन कम हो गई है।

हादसा : महिदपुर में सुबह तेज रफ्तार पिकअप पलटी, तीन मजदूरों की हुई मौत, सभी रतलाम जा रहे थे

उज्जैन उज्जैन में मंगलवार सुबह तेज रफ्तार पिकअप पलट गई। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। 14 घायल हैं, इनमें पांच लोगों की हालत गंभीर है। गंभीर घायलों को जिला अस्पताल से रेफर किया गया है। बाकी घायलों का इलाज महिदपुर में चल रहा है। हादसा महिदपुर तहसील के डेलची गांव में सुबह करीब 8:30 बजे हुआ। पिकअप मजदूरों को लेकर रतलाम जा रही थी। स्पीड तेज होने के चलते पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे ऊतरकर पलट गई। मजदूर नीचे दब गए।मौके पर मौजूद लोग मदद के लिए पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। पिकअप के नीचे दबने से कंचन बाई (45), जसोदा बाई (35) और बाला राम (15) की मौत हो गई। माया बाई, रेखा बाई, पायल बाई, रम्भा बाई को गंभीर हालत में उज्जैन जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मंजू बाई, हेमा बाई, साजन बाई, लक्ष्मी बाई, डाली बाई, रेखा बाई, ललिता बाई, रम्भा बाई, कमला बाई, उमराव बाई, सुगन बाई और रुक्मा बाई को महिदपुर के अस्पताल हैं। सभी महिलाएं मजदूर थीं और सुबह के समय खेतों में मटर तोड़ने के लिए अन्य गांवों में जा रही थीं।

प्रदेश को मिले दो नए प्रमुख सचिव; साल के अंत में हुआ इतने IAS अधिकारियों का प्रमोशन

भोपाल  मध्य प्रदेश में नए साल के पहले IAS अधिकारियों को बड़ा तोहफा मिला है. बता दें कि मध्यप्रदेश शासन ने 82 IAS अधिकारियों का प्रमोशन किया है, जारी हुए आदेश के मुताबिक IAS पी. नरहरी सचिव से प्रमुख सचिव बनाये गए हैं. इसके अलावा 2001 बैच के आईएएस नवनीत कोठारी को प्रमुख सचिव बनाया गया है. वहीं सुफिया फारुकी सह आयुक्त से आयुक्त बनाई गईं हैं औरइलैया राजा टी अपर सचिव से सचिव बनाये गए हैं,  मुख्य सचिव अनुराग जैन के अध्यक्षता में हुई विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक के बाद प्रमोशन की लिस्ट जारी की गई है. हुआ प्रमोशन जारी हुई आदेश के मुताबिक IAS पी. नरहरी सचिव से प्रमुख सचिव बनाये गए हैं. इसके अलावा 2001 बैच के आईएएस नवनीत कोठारी को प्रमुख सचिव बनाया गया है. साथ साथ ही साथ बता दें कि 2009 बैच के 16  अधिकारी अपर सचिव से सचिव बनाए गए हैं, वहीं 2011 बैच के 29 को प्रवर श्रेणी वेतनमान ये अधिकरी उप सचिव से अपर सचिव बनाए गए हैं, इसके अलावा इन कैटेगरी में मप्र के जिलों में पदस्थ 13 कलेक्टर के नाम शामिल हैं. साथ ही साथ बता दें कि 2016 बैच के 26 अधिकारियों को कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड 2021 बैच के नौ अधिकारियों को वरिष्ठ समय वेतनमान के पदों पर प्रमोट किया गया है. यह हुए सचिव पद पर पदोन्नत अपर सचिव प्रियंका दास (एमएसएमई विभाग) को सचिव एमएसएमई, अविनाश लवानिया अपर सचिव मुख्यमंत्री और एमडी एमपीआरडीसी, सूफिया फारूकी वली ओएसडी सह आयुक्त महिला एवं बाल विकास विभाग को आयुक्त महिला और बाल विकास विभाग, अभिषेक सिंह सचिव राज्य निर्वाचन आयोग को ओएसडी सह सचिव राज्य निर्वाचन आयोग, धनराजू एस ओएसडी सह आयुक्त वाणिज्यिक कर को आयुक्त वाणिज्यिक कर तथा सह वाणिज्यिक कर विभाग, इलैया राजा टी अपर सचिव मुख्यमंत्री तथा एमडी पर्यटन विकास निगम को सचिव मुख्यमंत्री और एमडी पर्यटन विकास निगम, प्रीति मैथिल अपर सचिव उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण को सचिव उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण तथा अजय गुप्ता संचालक किसान कल्याण और कृषि विकास समेत अन्य को सचिव पद पर पदोन्नत किया गया है।   हुआ था तबादला मध्यप्रदेश में बीते दिन 15 IAS अफसरों के तबादले किए गए थे. सामान्य प्रशासन विभाग ने  इसका आदेश जारी किया था. आदेश के तहत कई विभागों के सचिव, उपसचिव और आयुक्त बदले गए थे वहीं कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया था. के सी गुप्ता को राज्यपाल का अपर मुख्य सचिव बनाया गया था. पहली बार किसी अपर मुख्य सचिव स्तर के किसी अधिकारी को राजभवन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. 1 जनवरी 2025 से मिलेगा प्रवर श्रेणी वेतनमान का लाभ 2011 बैच के एक और 2012 बैच के 28 अफसरों को उपसचिव से पदोन्नत कर अपर सचिव बनाया गया है। 2011 बैच के अपर सचिव बनने वाले वीरेंद्र कुमार अकेले अधिकारी हैं। वहीं 2012 बैच में नीरज कुमार सिंह, डॉ. पंकज जैन, निधि निवेदिता, रोहित सिंह, स्वरोचिष सोमवंशी, प्रवीण सिंह अढ़ायच, अनुराग वर्मा, प्रतिभा पाल, डॉ. फटिंग राहुल हरिदास, राजीव रंजन मीना, दीपक आर्य, हर्षिका सिंह, आशीष भार्गव, अवधेश शर्मा, कुमार पुरषोत्तम, सुभाष कुमार द्विवेदी, रत्नाकर झा, धरणेंद्र कुमार जैन, कृष्णदेव त्रिपाठी, अरविंद कुमार दुबे, नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, केदार सिंह, राजेश बाथम, दिनेश कुमार मौर्य, विवेक श्रोत्रिय, राजेश कुमार ओगरे, अरुण कुमार परमार, भारती जाटव ओगरे के नाम शामिल हैं। अब इन्हें 1 जनवरी 2025 से प्रवर श्रेणी वेतनमान मिलेगा। पदोन्नत होने वाले अफसरों में 15 जिलों के कलेक्टर भी शामिल हैं। 9 साल की नौकरी पूरी कर चुके 2016 बैच के 26 आईएएस अधिकारियों को जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड मंजूर किया गया है। 2021 बैच के 9 अधिकारियों को वरिष्ठ समय मान वेतन दिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर एवं चंबल संभाग की बैठक लेकर दिए निर्देश

सरकार की जन हितैषी योजनाओं का मिले सबको लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकास के लिए विधायक अपनी विधानसभा का बनाएं मास्टर प्लान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर एवं चंबल संभाग की बैठक लेकर दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सभी विधायक अपनी-अपनी विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित होकर कार्य करें। जनता के काम समय पर हों, हम सबको इसकी चिंता करनी होगी। इसलिए सभी विधायक अपनी विधानसभा का अगले 5 साल का मास्‍टर प्लान बनाएं, जिससे क्षेत्र का योजनाबद्ध विकास हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में ग्वालियर एवं चंबल संभाग की समीक्षा बैठक में वर्चुअली जुड़े स्थानीय जन-प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। बैठक में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग जन कल्याण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्र-संस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, क्षेत्रीय विधायिका सुसरला रावत, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, ग्वालियर संभाग के प्रभारी अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, चंबल संभाग के प्रभारी अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव सहित अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, प्रमुख सचिव संजय शुक्ल, प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल सहित अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए जनता को बेहतर सेवाएं देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसमें किसी प्रकार की उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने दोनों संभागों में चल रहे एवं लंबित विकास कार्यों की गहनता से समीक्षा कर कहा कि निर्माण कार्य तय वक्त पर ही पूरे करें, जिससे आमजन को समय पर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। जनकल्याण अभियान को जन-जन तक पहुंचाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 11 दिसम्बर से 26 जनवरी, 2025 तक जनकल्याण अभियान चलाया जा रहा है। ‘आपकी सरकार-आपके द्वार’ की भावना को अंगीकृत कर सरकार ने जन-जन तक पहुंचने का अभियान चलाया है। सभी विधायक और अधिकारी सुनिश्चित करें कि सरकार की जन हितैषी योजनाओं का लाभ प्रभावितों पर पहुंचे। इसके लिए सभी विधायक और अधिकारी घर-घर तक जाएं और अभियान की प्रगति का स्वयं अवलोकन करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने विभागीय मैदानी अमले को सतर्क करें और सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकार की सेवाओं, सुविधाओं, योजनाओं एवं विकास कार्यक्रमों का लाभ पाने से वंचित न रहे। ग्वालियर की जेसी मिल्स के मजदूरों का लंबित भुगतान तुरंत कराएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर के जेसी मिल्स के मजदूरों का भुगतान लंबित होने की जानकारी मिली है। कलेक्टर ग्वालियर एवं संबंधित राजस्व अधिकारी जल्द से जल्द जरूरी कार्यवाही पूरी कर इन मजदूरों को उनका लंबित भुगतान प्रदान करें। उन्होंने कहा कि जेसी मिल्स का कोई भी मजदूर उसके वाजिब हक या दावा भुगतान पाने से वंचित न रहे। सभी कलेक्टर सावधानी रखें, लापरवाही बर्दाशत नहीं की जाएगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुना जिले के राघौगढ़ में हुई बोरवेल दुर्घटना पर संज्ञान लेकर कलेक्टर गुना से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बोरवैल में गिरने से बालक की मृत्यु बेहद दु:खद है। सभी कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि इस प्रकार की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने पाए। सरकार किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने सभी कलेक्टर को निजी परिसर में भी खुले पड़े बोरवैलों को बंद करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अपने मैदानी अमले को मुस्तैद करें और बोरवेल खुले न छोड़े जाएं इसके लिए समाज में जन-जागरूकता का प्रसार भी करें। गौ-शालाओं का करें समुचित प्रबंधन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये हैं कि गौ-वंश के लिए चारे की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करें। नगरपालिका एवं नगर निगम अपनी-अपनी सीमा क्षेत्र में छोटी गौ-शालाओं का समुचित प्रबंधन करें। बड़ी गौ-शालाओं के लिए राज्य सरकार प्रबंधन की व्यवस्था करेगी। प्रभारी अपर मुख्य सचिव 8 जनवरी को ग्वालियर में करेंगे समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर संभाग के जन-प्रतिनिधियों द्वारा रखे गये सुझाव पर बताया कि ग्वालियर संभाग के प्रभारी अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल 8 जनवरी 2025 को ग्वालियर में बैठक करेंगे। सभी जन-प्रतिनिधि लिखित में अपना मांग-पत्र सौंप दें। सभी की मांगों पर विचार कर सरकार समुचित निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि अब संभाग स्तरीय बैठकों में वित्त विभाग के संभागीय अधिकारी भी शामिल होंगे। यह अधिकारी वित्तीय मामलों में अपनी पक्ष और सुझाव रख सकेंगे।  

ताल दरबार, कत्थक कुंभ, उज्जैन डमरू वादन, गीता पाठ और शास्त्रीय बैंड के बने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

पांच गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने प्रदेश की संस्कृति और कला को दिलाई वैश्विक पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का रचा जा रहा नया इतिहास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ताल दरबार, कत्थक कुंभ, उज्जैन डमरू वादन, गीता पाठ और शास्त्रीय बैंड के बने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक अभ्युदय के नए युग में प्रवेश कर रहा है। आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के द्वारा स्थानीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का नया इतिहास रचा जा रहा है। सांस्कृतिक संवहन के क्रम में प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय खजुराहो नृत्य समारोह का स्वर्ण जयंती वर्ष और तानसेन समारोह का शताब्दी वर्ष का गौरवशाली आयोजन किया गया। हमारे देश में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परम्परा के गौरव को अक्षुण्ण बनाए रखने की परम्परा निरंतर विद्यमान रही है। सांस्कृतिक आयोजनों और धरोहरों को आज की पीढ़ी से जोड़ते हुए ताल दरबार, कथक कुंभ, उज्जैन डमरू वादन, गीता पाठ और शास्त्रीय बैंड में बने पांच गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने प्रदेश की संस्कृति और कला को वैश्विक पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि संगीत सम्राट तानसेन की नगरी ग्वालियर में तानसेन समारोह के अवसर पर भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम की धुन पर ग्वालियर किले की प्राचीर पर ‘ताल दरबार’ में 1282 तबला साधकों ने मध्यप्रदेश के शास्त्रीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाई है। यूनेस्को द्वारा चयनित संगीत नगरी में राष्ट्रीयता का उद्घोष करते हुए कला साधकों ने प्रदेश के इतिहास, संस्कृति और संगीत की त्रिमूर्ति को 25 दिसंबर 2023 को पहली बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहों के कंदरिया महादेव मंदिर के विशाल प्रांगण में अन्तर्राष्ट्रीय खजुराहो नृत्य समारोह के दौरान ‘राग बसंत’ की लय पर 20 फरवरी 2024 को 1484 कथक नृत्य साधकों के थिरकते कदमों ने दूसरा गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड रच दिया। कथक कुंभ में हाथों में दीपक लेकर जब लय और ताल के साथ घुंघरू साधकों के कदम मिले तब भारतीय संस्कृति और परंपरा एक साथ मुस्कुरा उठीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि पवित्र श्रावण मास में उज्जैन में भगवान श्रीमहाकालेश्वर चंद्रमौलेश्वर के रूप में पालकी में, हाथी पर मनमहेश के रूप में और गरूड़ रथ पर शिव-तांडव स्वरूप में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकले। उनका स्वागत करते हुए 5 अगस्त 2024 को महाकाल लोक के शक्तिपथ पर 1500 से अधिक डमरू वादकों ने एक साथ एक समय-समय में लयबद्ध डमरू वादन कर तीसरा विश्व कीर्तिमान रचा। यह सिर्फ गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड नहीं था बल्कि बाबा महाकाल की नगरी से देश के आध्यात्मिक पुनरुत्थान का शंखनाद था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म से लेकर मृत्यु तक अपनी लीलाओं और आदर्शों के माध्यम से समूचे समाज को प्रेरणा दी है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और पवित्र धर्मग्रंथ “गीता” की कर्म पथ, भक्ति मार्ग और शांति का संदेश से जन जन को आलोकित करते हुए 1721 आचार्य और बटुकों ने इतिहास रच दिया। 11 दिसंबर 2024 को गीता जयंती के अवसर पर श्रीमद्भगवद गीता के तीसरे ध्याय कर्मयोग का सस्वर पाठ कर चौथा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का पावन कार्य किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में विद्यमान संगीत की लंबी प्राचीन विरासत की परंपरा को जीवंत रखते हुए तानसेन संगीत समारोह का गौरवशाली शताब्दी समारोह मनाया गया। स्वर सम्राट तानसेन को स्वराजंलि अर्पित करते हुए एक बार फिर ऐतिहासिक ग्वालियर किले के प्राचीर से शास्त्रीय बैंड के 546 कला साधकों ने 9 शास्त्रीय वाद्यों क्रमश: वायलेन, हारमोनियम, सारंगी, बांसुरी, सरोद, संतूर, शहनाई, पखावज, तबले पर समवेत प्रस्तुति कर पांचवॉ विश्व कीर्तिमान रच दिया। भारतीय शास्त्रीय संगीत की सुर, लय और ताल को विश्व पटल पर अंकित करने का यह अनूठा संगीतमय प्रयास रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि यह विश्व रिकॉर्ड प्रदेश की उपलब्धियों का साधन मात्र नहीं है, अपितु भारत की सांस्कृतिक विरासत की वैश्विक स्थापना का पुण्य प्रवाह है। प्रधानमंत्री मोदी के आध्यात्मिक-सांस्कृतिक अभ्युदय के संकल्प सि‌द्धि की दिशा में हमारी मध्यप्रदेश सरकार भी ठोस कदमों से आगे बढ़ रही है। मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासतों की ओर दुनिया भर से खिंचे चले आते संस्कृति और कला प्रेमी मध्यप्रदेश के सांस्कृतिक अभ्युदय के अंतर्राष्ट्रीय संवाहक बन रहे हैं। निश्चित है आने वाले समय में मध्यप्रदेश न सिर्फ देश का सांस्कृतिक केंद्र बनेगा बल्कि सारथी बन देश को सांस्कृतिक अभ्युदय के नए युग में प्रवेश कराएगा।  

उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में मुस्लिम छात्राएं बुर्का पहनकर पहुंची संस्कृत विश्वविद्यालय

हरिद्वार सनातन नगरी हरिद्वार के उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में बुर्का और हिजाब पहने हुए मुस्लिम छात्राओं के प्रवेश ने एक बार फिर से विवाद खड़ा कर दिया है। इसकी भी चर्चा हो रही है कि क्या उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में भी इस्लामीकरण की बयार बहने लगी है और वह भी सनातन तीर्थ स्थली में ? जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें मुस्लिम छात्राएं, हिजाब और बुर्का पहने हुए परिसर में दिखाई दे रही हैं। संस्कृत विश्वविद्यालय में कई मुस्लिम छात्राएं अध्ययनरत हैं। पहले ये सामान्य छात्राओं की तरह ही परिधान में विद्यालय आती थीं किंतु अचानक कुछ दिनों से ये सभी छात्राएं या तो बुर्के में या फिर हिजाब पहने हुए कॉलेज में आने लगी हैं और क्लासरूम में भी बुर्का और हिजाब पहनकर बैठती हैं। ऐसा क्यों हुआ? छिड़ी बहस “पाञ्चजन्य” ने इस बारे में विश्वविद्यालय प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए कुलपति से वार्ता की और उक्त वीडियो के बारे में जानकारी साझा की। इस पर कुलपति डा. दिनेश चंद्र शास्त्री ने बताया कि ये विषय उनके संज्ञान में आया है। इस बारे में कुलसचिव और संबंधित एचओडी से बैठक कर एक महिला चेंजिंग रूम बनाने का निर्णय लिया गया है ताकि छात्राएं बुर्का आदि बदलकर अपने क्लास रूम में जाएं। बहरहाल ये छात्राएं यहां इतिहास और अन्य विषय तो पढ़ने आ रही हैं, लेकिन क्या वे साथ ही साथ वे इस्लामिक संस्कृति को भी इस संस्कृत विश्वविद्यालय में प्रवेश कराने में सफल हो गई है ? ये बात हरिद्वार में चर्चा का विषय बन गई है। उल्लेखनीय ये भी है कि गंगा नगरी हरिद्वार के आसपास डेमोग्राफी चेंज की घटना भी सामने आई है, जिसको लेकर सोशल मीडिया और अन्य मीडिया में लगातार खबरें चल रही हैं। सुप्रीम कोर्ट का निर्देश बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा हिजाब और बुर्के पर प्रतिबंध के फैसले पर रोक लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ये निर्देश दिया कि क्लास में बुर्का अथवा हिजाब पहन कर बैठने की इजाजत नहीं दी जा सकती। विद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधियों की भी अनुमति नहीं दी जाएगी।

युवाओं में जागरूकता पैदा करने, सुरक्षा को बढ़ावा देने, नए साल के जश्न में कंडोम और ORS बांटेगा ये पब

पुणे  पुणे का एक पब अपने द्वारा आयोजित नए साल की पार्टी में आमंत्रित लोगों को कंडोम और ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) के पैकेट बांटने जा रहा है. पब का दावा है कि इन सामानों के वितरण का उद्देश्य युवाओं में जागरूकता पैदा करना, सुरक्षा को बढ़ावा देना और जिम्मेदारी को प्रोत्साहन करना है. फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर बवाल मच गया है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. साथ ही पुलिस ने पब प्रबंधन से भी पूछताछ शुरू कर दी है. लेकिन आयोजकों ने कहा कि कंडोम बांटना कोई अपराध नहीं है. दूसरी ओर पूरे मामले को लेकर युवा कांग्रेस ने पुणे पुलिस आयुक्त के पास शिकायत दर्ज कराई है. पुणे के मुंधवा में एक रेस्तरां-सह-पब, हाई स्पिरिट्स कैफे है. यह पब अपने नियमित युवा ग्राहकों को नए साल के जश्न के निमंत्रण के रूप में ओआरएस के साथ कंडोम के पैकेट बांट रहा है. पुणे कांग्रेस का कहना है कि ऐसा कृत्य पुणे की शैक्षिक और सांस्कृतिक विरासत के अनुरूप नहीं है. पुणे युवा कांग्रेस का कहना है कि इस तरह की चीजों से युवाओं में गलत संदेश जाने का खतरा है. जिससे गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं और समाज में अनुचित आदतों को बढ़ावा मिल सकता है.  

प्रयागराज महाकुंभ में आने वाले पर्यटक के लिए ऐतिहासिक भवन का दीदार होंगा रोमाँचक

 प्रयागराज महाकुंभ भारत की सनातनी परंपरा का धार्मिक और सांस्कृतिक महापर्व है। जनवरी 2025 में प्रयागराज में आयोजित होने जा रहे इस महापर्व को दिव्य और भव्य स्वरूप देने में जुटी प्रदेश की योगी सरकार इसकी परंपराओं का संरक्षण करते हुए कुंभ नगरी की सांस्कृतिक धरोहरों का भी संरक्षण कर रही है। प्रयागराज शहर की एक धार्मिक पहचान होने के साथ ही कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के साथ भी इसका नाम जुड़ा है। इसी के अंतर्गत आता है नगर निगम परिसर स्थित भवन, जिसके जीर्णोद्धार का कार्य प्रयागराज नगर निगम द्वारा करवाया जा रहा है। ब्रिटिश काल में सन् 1865 के करीब संगम नगरी में बने सबसे पुराने ‘ग्रेट नॉर्दर्न’ होटल और बाद में नगर निगम कार्यालय में तब्दील इस 150 वर्ष से अधिक पुराने भवन का 9 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। कायाकल्प के बाद प्रयागराज वासियों समेत महाकुंभ में आने वाले पर्यटक भी यह ऐतिहासिक भवन देख सकेंगे। नगर आयुक्त चंद्र मोहन गर्ग का कहना हैं कि यह भवन प्रयागराज की धरोहर है, इसे संरक्षित रखने की पहल नगर निगम ने की है। महाकुंभ से पहले इस भवन के जीर्णोद्धार का काम पूरा हो जाएगा। अपने नए रंग रूप में यह भवन पर्यटकों को आकर्षित करेगा। इस ऐतिहासिक इमारत में आजादी के पूर्व देश की आजादी में हिस्सा लेने वाले बुद्धिजीवी समाज की बैठकें होती थीं। 1930 के दशक में ब्रिटिश सरकार ने इस भवन को प्रशासनिक भवन में तब्दील कर दिया था। प्रयागराज नगर निगम के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के सलाहकार सूरज वीएस ने बताया कि दिसंबर 2020 में नगर निगम के भवन में एक कमरे की छत गिर गई थी, इसके बाद इस पूरे भवन को गिराकर नया भवन बनाने पर विचार किया गया था। डेढ़ सौ साल से अधिक पुराने भवन को गिराने से पहले पुरातत्व विभाग से राय ली गई। एएसआई, एमएनआईटी प्रयागराज और आईआईटी मुम्बई से इस भवन के विषय में परामर्श लिया गया। 2020-21 में एएसआई की रिपोर्ट आने के बाद नगर निगम की इस बिल्डिंग को धरोहर बताते हुए इसका संरक्षण करने की सलाह दी गई। 150 वर्ष पहले इस भवन का निर्माण ईको फ्रेंडली चीजों से करवाया गया था, इसलिए अब इसका कायाकल्प इन्हीं चीजों से करवाया जा रहा है। इस भवन में पहले मरम्मत के दौरान जो भी नई चीजें लगाई गई थीं, जैसे सीमेंट का प्लास्टर, फर्श की टाइलें, खिड़कियां-दरवाजे, उन्हें अब हटाया जा रहा है, ताकि भवन को असली स्वरूप में वापस लाया जा सके। इससे भवन का तापमान प्राकृतिक रूप से ठंडा रहेगा और गर्मी में भी एयर कंडीशनर का कम इस्तेमाल किया जाएगा। यह तरीका पर्यावरण के अनुकूल भी है, क्योंकि इसमें प्राकृतिक सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। मुंबई की सवानी हेरिटेज जीर्णोद्धार का काम कर रही है, जो दिसंबर के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद इस भवन में ‘फसॉड लाइटिंग’ भी लगवाई जाएंगी। महाकुंभ में आने वाले पर्यटक इस ऐतिहासिक भवन को एक नए कलेवर में देखेंगे । सवानी हेरिटेज के जितेश पटेल ने बताया कि नगर निगम के इस पुराने भवन का जीर्णोद्धार, पुराने जमाने में निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली सामग्री से किया जा रहा है। निर्माण सामग्री के लिए लाइम मध्य प्रदेश के कटनी से और बाकी चीजें अलग-अलग राज्यों और लोकल मार्केट से मंगवाई जा रही हैं। सीमेंट बालू की जगह चूना, सुरखी, बालू, बेल गिरि, गुड़, उड़द की दाल, गुगुल और मेथी के मिश्रण से निर्माण सामग्री तैयार की जा रही है। इस बिल्डिंग के विषय में रोचक बात यह भी है कि एक समय में इसी बिल्डिंग में प्रयागराज म्यूजियम हुआ करता था। म्यूजियम से जुड़े साक्ष्य अब भी इस बिल्डिंग में मौजूद है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet