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डेब्यू टेस्ट मैच की पहली गेंद पर बनाया रिकॉर्ड, क्रिकेट इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ ऐसा

नईदिल्ली  दक्षिण अफ्रीका की ओर से डेब्यू करने वाले कॉर्बिन बॉश ने अपनी पहली ही गेंद पर पाकिस्तानी कप्तान शान मसूद को आउट कर इतिहास रच दिया है. उन्होंने उप-कप्तान सऊद शकील को भी पवेलियन का रास्ता दिखा दिया.  दक्षिण अफ्रीका के लिए डेब्यू करने वाले कॉर्बिन बॉश गुरुवार को अपने टेस्ट करियर की पहली गेंद पर विकेट लेने वाले केवल पांचवें दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज बन गए हैं. दाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने सेंचुरियन में पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज के पहले मैच में अपना टेस्ट डेब्यू किया. उन्हें सैम अयूब और कप्तान शान मसूद की पाकिस्तान की ओपनिंग साझेदारी को तोड़ने के लिए 15वें ओवर में उतारा गया था. मसूद अपने दृष्टिकोण में दृढ़ दिख रहे थे, बॉश की पहली टेस्ट डिलीवरी ने उनकी और दक्षिण अफ्रीका दोनों की इच्छा को हकीकत में बदल दिया. उन्होंने ड्रिंक्स ब्रेक के ठीक बाद गेंद को ऊपर की ओर पिच किया और मसूद को चौंका दिया. कप्तान और उप-कप्तान दोनों को किया आउट शान मसूद उस गेंद को समझ नहीं पाए और उन्होंने एक ढीला शॉट खेला जो गली में मार्को जेनसन के हाथों में चला गया. अपने टेस्ट करियर की पहली गेंद पर विकेट लेने के साथ ही कॉर्बिन बॉश एक विशिष्ट क्लब में शामिल हो गए, जिसमें बर्ट वोग्लर (इंग्लैंड के खिलाफ, जोहान्सबर्ग, 1906), डेन पीट (जिम्बाब्वे के खिलाफ, हरारे, 2014), हार्डस विल्जोएन (इंग्लैंड के खिलाफ, जोहान्सबर्ग, 2016) और त्शेपो मोरेकी (न्यूजीलैंड के खिलाफ, माउंट माउंगानुई, 2024) शामिल हैं. 2024 में 3 गेंदबाजों ने किया यह कमाल गेंदबाजों द्वारा करियर की पहली गेंद पर विकेट लेने के 25 उदाहरणों में से तीन 2024 में हुए हैं, जो एक कैलेंडर वर्ष में सबसे अधिक है. बॉश से पहले, जनवरी में एडिलेड ओवल में वेस्टइंडीज के युवा गेंदबाज शमर जोसेफ ने अपनी पहली ही गेंद पर स्टीवन स्मिथ का विकेट लिया था. फरवरी में माउंट माउंगानुई में दक्षिण अफ्रीका के शेपो मोरेकी ने न्यूजीलैंड के डेवॉन कॉनवे को आउट किया था. पाकिस्तान के बल्लेबाज ढेर बॉश ने दिन का अपना दूसरा विकेट पाकिस्तान के उप-कप्तान सऊद शकील को आउट कर किया. मसूद के डिप्टी ने क्रीज पर आते ही रन बनाने के लिए उतावले दिखे. तेजी से रन बनाने की चाहत में उन्होंने अपना विकेट गंवा दिया. उन्होंने अपने शॉट के लिए सही एंगल खोजने के लिए अपने स्टंप पर हाथ फेरा, लेकिन जगह खत्म हो गई. सतह से उछलने के बाद गेंद ने ऊंचाई हासिल कर ली, जिससे शकील के पास जगह नहीं बची. गेंद उनके दस्ताने से टकराकर विकेटकीपर काइल वेरिन के पास चली गई. कार्बिन बॉश ने हासिल की बड़ी उपलब्धि कॉर्बिन बॉश साउथ अफ्रीका की ओर से डेब्यू टेस्ट में पहली गेंद पर विकेट लेने वाले ओवरऑल पांचवें गेंदबाज बने. इससे पहले बर्ट वोलगर ने साल 1906 में जबकि डेन पीट ने 2014 में यह कारनामा किया था. हार्डूस विलहॉन ने 2016 में वहीं शेपो मोरेकी ने 2024 में अपने टेस्ट डेब्यू में पहली ही गेंद पर विकेट लेकर इतिहास कायम किया था. साउथ अफ्रीका की टीम 1889 से टेस्ट क्रिकेट खेल रही है. 135 साल के टेस्ट इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब साउथ अफ्रीका के किसी गेंदबाज ने बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच में डेब्यू पर पहली गेंद पर विकेट लिया हो. पाकिस्तान की पहली पारी 211 रन पर ढेर पाकिस्तान ने पहली पारी में 211 रन बनाए. उसकी ओर से कामराम गुलाम ने सबसे ज्यादा 54 रन की पारी खेली जबकि आमिर जमाल 28 रन बनाकर दूसरे बड़े स्कोरर रहे. साउथ अफ्रीका की ओर से डेन पीटरसन ने सबसे ज्यादा 5 विकेट चटकाए जबकि बॉश के खाते में 4 विकेट आया. पाकिस्तान के पहली पारी 211 रन के जवाब में साउथ अफ्रीका ने पहले दिन का खेल खत्म होने पर 3 विकेट पर 82 रन बनाए. एडेन मार्करम 47 रन पर नाबाद हैं. दूसरे छोर से कप्तान बावुमा साथ निभा रहे हैं.  

इजरायल ने यमन पर की एयरस्ट्राइक, बाल-बाल बचे WHO चीफ “ट्रेडोस एडनॉम”

तेल अवीव विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के डायरेक्टर-जनरल टेड्रोस एडनॉम,  यमन के सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इजरायल की एयरस्ट्राइक में बाल-बाल बच गए. इस हमले में करीब दो लोगों की मौत की खबर सामने आई है. डॉ. टेड्रोस अपने संयुक्त राष्ट्र (US) और WHO सहयोगियों के साथ एक फ्लाइट में सवार होने वाले थे और इसी वक्त हमला हो गया. इस दौरान फ्लाइट क्रू मेंबर्स चालक का एक सदस्य घायल हो गया. WHO चीफ टेड्रोस एडनॉम ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “UN स्टाफ बंदियों की रिहाई के लिए बातचीत करने, यमन में स्वास्थ्य और मानवीय स्थिति का आकलन करने का हमारा मिशन आज खत्म हो गया. हम बंदियों की तत्काल रिहाई के लिए कोशिश जारी रखेंगे. करीब दो घंटे पहले जब हम सना से अपनी फ्लाइट लेने वाले थे, तो एयरपोर्ट पर हवाई बमबारी हुई. हमारे प्लेन के क्रूब मेंबर्स के सदस्यों में से एक घायल हो गया.” उन्होंने आगे कहा, “एयरपोर्ट पर करीब दो लोगों के मारे जाने की खबर मिली है. हमें रवाना होने से पहले एयरपोर्ट को हुए नुकसान की मरम्मत होने तक इंतजार करना होगा. मैं, मेरे UN और WHO के सहकर्मी सुरक्षित है. उन परिवारों के प्रति हमारी संवेदनाएं, जिनके प्रियजनों ने हमले में अपनी जान गंवाई.” ‘वर्कर्स को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए…’ संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने हमले की निंदा करते हुए अंतर्राष्ट्रीय कानून का सम्मान करने का आह्वान किया. इसके अलावा उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों और मानवतावादी वर्कर्स को कभी भी निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए. ‘हमले खतरनाक…’ संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने यमन और इजरायल के बीच हाल ही में बढ़े तनाव पर दुख जताया. इसके साथ ही उन्होंने और यमन में सना एयरपोर्ट, लाल सागर बंदरगाहों और बिजलीघरों पर हवाई हमलों को ‘खतरनाक’ बताया. UN चीफ प्रमुख के मुताबिक, हवाई हमलों में कथित तौर पर कई लोग हताहत हुए हैं, जिनमें करीब तीन लोग मारे गए और दर्जनों अन्य घायल हुए. उन्होंने सभी पक्षों से सैन्य कार्रवाई बंद करने और संयम बरतने की बात कही है. इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) के मुताबिक, इजराइली वायु सेना ने पश्चिमी तट और यमन में हूती विद्रोहियों के सैन्य ठिकानों पर हमले किए. ये हमले हूती सैन्य ढांचे पर किए गए, जिसका इस्तेमाल उसकी सैन्य गतिविधियों के लिए किया जाता है. टार्गेट की गई जगहों में सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट, हिज़्याज़, रास कनातिब पॉवर स्टेशन्स के अलावा पश्चिमी तट पर अल-हुदैदाह, सालिफ और रास कनातिब बंदरगाह शामिल थे. यमन में हूतियों के खिलाफ इजरायल ने उतार दी पूरी फौज, 100 से ज्यादा फाइटर जेट ने बोला हमला इजरायल की सेना ने अब लाल सागर में अपने सबसे बड़े दुश्मन हूती के खिलाफ हमला शुरू कर दिया है। इजरायली सेना ने गुरुवार को कहा कि उसने यमन में हूती विद्रोहियों से जुड़े कई ठिकानों पर हमला किया, जिसमें सना अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा और पश्चिमी तट पर तीन बंदरगाह शामिल हैं। इजरायली अधिकारियों ने पुष्टि की है कि वायुसेना ने यमन में अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है। यमन की मीडिया के मुताबिक एयरपोर्ट का कंट्रोल टावर इस कारण निष्क्रिय हो गया और हूती प्रशासन की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले नागरिक विमान भी क्षतिग्रस्त हो गए। हमले में दो लोगों के मारे जाने की खबर है। यह एयर स्ट्राइक युद्ध स्तर का हमला था, जिसमें इजरायल ने बड़ी संख्या में विमानों का इस्तेमाल किया। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान में 100 से ज्यादा विमानों ने भाग लिया। यह ऑपरेशन अमेरिका के साथ समन्वय में किया गया था। वाईटी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक एक इजरायली सूत्र ने कहा, ‘हमने कहा था कि हूती भारी कीमत चुकाएंगे और वे हमारी ताकत देखेंगे।’ उन्होंने यह भी कहा कि यह हमला आखिरी नहीं होगा। नेतन्याहू ने दी हूतियों को धमकी कतर के अल-अरबी नेटवर्क ने दावा किया कि हमलों के कारण देश भर में आंशिक बिजली कटौती हुई। हमलों के दौरान, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वायुसेना कमान केंद्र से कहा, ‘हम ईरान के आतंक के हाथ को काटने के लिए दृढ़ हैं।’ इससे पहले बुधवार को एक भाषण में उन्होंने कहा था कि हूती भी वही सबक सीखेंगे, जो हमास, हिजबुल्ला, असद सरकार और अन्य लोगों ने सीखा है। रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा, ‘जो इजरायल को नुकसान पहुंचाएगा, उसका पीछा किया जाएगा। कोई भी हूती नेता इजरायल की पहुंच से नहीं बच पाएगा।’ इजरायल ने अपनी सुरक्षा बढ़ाई हिजबुल्लाह से जुड़े लेबनानी आउटलेट अल मयादीन ने आरोप लगाया कि इजरायली हमलों के दौरान अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत भी शामिल थे। इजरायल ने इस हमले के बाद संभावित हूती प्रतिक्रिया को देखते हुए अपने एयर डिफेंस का स्तर बढ़ा दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक हमले के दौरान WHO के महानिदेशक और सना में संयुक्त राष्ट्र के समन्वयक यमन में हवाई अड्डे पर मौजूद थे।  

नए साल से पहले उत्तर प्रदेश के पुलिस महकमे के लिए एक खुशखबरी सामने आई, 70 से अधिक IPS अफसरों के प्रमोशन पर लगी मुहर, DPC की बैठक में हुआ तय

लखनऊ उत्तर प्रदेश के पुलिस महकमे से एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. उत्तर प्रदेश पुलिस के 70 से अधिक IPS अधिकारियों के प्रमोशन करने पर शासन ने अपनी मोहर लगा दी है. मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है. इसके अलावा 2000 बैच के तीन आईपीएस अधिकारियों को भी ADG के पद पर प्रमोशन मिला हैं. 31 दिसंबर को रिटायर्ड होने पर एडीजी अभियोजन दीपेश जुनेजा के प्रमोशन करने की मंजूरी प्रदान की गई. मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई डीपीसी की बैठक में उत्तर प्रदेश पुलिस के 70 से अधिक आईपीएस अधिकारियों का प्रमोशन करने की सहमति विभागीय पदोन्नति समिति में बनी. मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई डीपीसी की बैठक में डीजी सीबीसीआईडी एसएन साबत 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने पर एडीजी अभियोजन दीपेश जुनेजा को पदोन्नति करने की मंजूरी प्रदान की गई. इसी के साथ 2000 बैच के 3 IPS अधिकारियों को एडीजी के पद पर प्रमोशन मिला है. 3 IPS अधिकारियों का ADG पद पर हुआ प्रमोशन आईजी रेंज लखनऊ प्रशांत कुमार द्वितीय, आईजी एटीएस नीलाब्जा चौधरी शामिल और नोएडा की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह का नाम शामिल हैं. इन सभी को एडीजी के पद पर प्रमोशन मिला है. इसी के साथ 2007 बैच के 10 IPS अधिकारियों को DIG से IG के पद पर प्रमोट करने पर बैठक में सहमति बनी हैं, जिसमें गीता सिंह, विपिन कुमार मिश्रा, योगेश, जोगिंदर कुमार, विनोद कुमार सिंह, रवि शंकर छवि, राकेश प्रताप सिंह, अमित पाठक, भारती सिंह और बाबूराम का नाम शामिल हैं. SSP से DIG के पद पर किया प्रमोट कई IPS अधिकारियों को SSP से DIG के पद पर प्रमोट किया गया है, जिसमें 2010 और 11 बैच के शैलेश पांडे, अरुण कुमार श्रीवास्तव, अजय पाल शर्मा, डॉ अरविंद चतुर्वेदी, अरविंद कुमार मौर्य, स्वप्निल ममगैन, डी प्रदीप कुमार, राजेश कुमार सक्सेना, राजेश यश, कमला प्रसाद यादव, आलोक प्रियदर्शी, शालिनी, हेमंत कुटियाल, सुभाष सकेत, अजय कुमार, विकास वैध, अभिषेक सिंह, सुनीता सिंह, सुधा सिंह और दिनेश सिंह समेत कई अन्य अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं. इसके अलावा 2012 बैच के 15 आईपीएस अधिकारियों को SP से SSP के पद पर और 20 अफसर को SP से SSP रैंक प्रमोशन पर सहमति बनी हैं. अलग-अलग बैच के अधिकारियों को मिलेंगे अलग-अलग प्रमोशन  इसके साथ ही 2010 और 2011 बैच के आईपीएस अफसर डीआईजी पद पर भी प्रमोट होंगे. डीआईजी बनने वालों में शैलेश पांडे, अजय कुमार, अभिषेक सिंह, अजय पाल शर्मा, राजेश एस, आलोक प्रियदर्शी, सुधा सिंह, हेमंत कुटियाल, शालिनी, स्वप्निल ममगाईं, डॉ. प्रदीप कुमार, अरुण कुमार श्रीवास्तव, विकास कुमार वैद्य, राजेश कुमार सक्सेना, डॉक्टर अरविंद चतुर्वेदी, सुनीता सिंह, दिनेश सिंह, कमला प्रसाद यादव, अरविंद कुमार मौर्य शामिल हैं. इसके अलावा 2012 बैच के 15 आईपीएस अफसर एसपी से एसएसपी बनाए जाएंगे. वहीं 20 आईपीएस अफसर को ASP से SP पद पर भी प्रमोट किया जाएगा.

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने हृदय रोग के एचओडी डॉ. राजीव गुप्ता को ‘नेशनल वेटरन एकेडमिक एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित होने पर बधाई दी

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने भोपाल के हमीदिया अस्पताल में हृदय रोग विभाग के एचओडी डॉ. राजीव गुप्ता को ‘नेशनल वेटरन एकेडमिक एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित होने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान न केवल डॉ. गुप्ता के व्यक्तिगत समर्पण और उत्कृष्टता का प्रमाण है, बल्कि यह मध्यप्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि डॉ. गुप्ता का योगदान भविष्य में अन्य लोगों को भी प्रेरित करेगा तथा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा। भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) ने मध्यप्रदेश के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. गुप्ता को ‘नेशनल वेटरन एकेडमिक एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित किया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान चिकित्सा क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान और आधुनिक चिकित्सा के प्रति उनकी निष्ठा का प्रमाण है। यह सम्मान समारोह हिटेक्स एग्जीबिशन सेंटर, हैदराबाद, तेलंगाना में आयोजित हुआ, जहां देशभर से चिकित्सा जगत की प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं।  

पहले दिन सड़क एवं भवन निर्माण के विभिन्न पहलुओं सहित बेस्ट प्रैक्टिसेज़ और नवाचारों पर विस्तृत चर्चा हुई

लोक निर्माण मंत्री सिंह ने गुजरात के मुख्यमंत्री पटेल से की मुलाकात लोक निर्माण मंत्री के नेतृत्व में मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गुजरात अध्ययन यात्रा पर पहले दिन सड़क एवं भवन निर्माण के विभिन्न पहलुओं सहित बेस्ट प्रैक्टिसेज़ और नवाचारों पर विस्तृत चर्चा हुई भोपाल मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने गुरुवार को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से गांधीनगर में मुलाकात की। मंत्री सिंह के नेतृत्व में विभाग का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 26 और 27 दिसम्बर को गुजरात की दो दिवसीय अध्ययन यात्रा पर है। मंत्री सिंह ने गुजरात के मुख्यमंत्री पटेल का मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से अपने व्यस्त कार्यक्रम से प्रतिनिधिमंडल को समय देने के लिए आभार व्यक्त किया। गुजरात के मुख्यमंत्री पटेल के पास सड़क एवं भवन विभाग का प्रभार है, बैठक में सड़क एवं भवन निर्माण के विभिन्न पहलुओं सहित बेस्ट प्रैक्टिसेज और नवाचारों पर विस्तृत चर्चा हुई। मंत्री सिंह ने गुजरात में अपनाई गई बेस्ट प्रैक्टिसेज और नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में गुजरात के इन सफल प्रयासों को मध्यप्रदेश में लागू करने के लिए विभागीय स्तर पर ठोस योजना तैयार की जाएगी। मंत्री सिंह ने बताया कि अध्ययन यात्रा में गुजरात की निविदा शर्तों पर भी विस्तार से चर्चा हुई, क्योंकि गुजरात इस क्षेत्र में आदर्श कार्य करने में अग्रणी राज्य है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निविदा शर्तों में सकारात्मक बदलाव किए जाएंगे। मंत्री सिंह ने कहा कि गुजरात की यह अध्ययन यात्रा मध्यप्रदेश में सड़क और भवन निर्माण को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने इस यात्रा को राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। गुजरात सड़क एवं भवन विभाग ने मध्यप्रदेश प्रतिनिधिमंडल के समक्ष अपनी योजनाओं, नीतियों, नवाचारों, नवीन निर्माण तकनीकों और बेस्ट प्रैक्टिसेज की जानकारी साझा की। इनमें प्रमुख रूप से रोड असेट मैनेजमेंट सिस्टम, कोर रोड नेटवर्क, ग्रीन हाईवे पहल, मास्टर प्लान 2031, पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP), गुणवत्ता नियंत्रण, सड़क निर्माण में ग्लास ग्रिड, जियो ग्रिड और कॉपर स्लैग जैसी तकनीकों का उपयोग शामिल था। प्रतिनिधिमंडल को आईटी आधारित प्रबंधन प्रणाली के तहत रोड असेट मैनेजमेंट सिस्टम, वर्क मॉनिटरिंग सिस्टम और पॉट होल रिपोर्टिंग सिस्टम जैसी तकनीकों के माध्यम से निर्माण परियोजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जानकारी दी गई। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर निर्माण कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग प्रक्रिया का अवलोकन भी किया, जो निर्माण कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में गुजरात में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अध्ययन दल में मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। भवन विकास निगम के प्रबंध संचालक पंकज जैन, प्रमुख अभियंता (सड़क एवं पुल) केपीएस राणा, प्रमुख अभियंता (भवन) एसआर बघेल, प्रमुख अभियंता (भवन विकास निगम) अनिल श्रीवास्तव, और अन्य इंजीनियर शामिल थे। मंत्री सिंह के कार्यालय से राहुल सिंह राजपूत, रितेश जैन और सुशिवानी राजपूत ने भी भाग लिया।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सौजन्य भेंट के लिए पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती के श्यामला हिल्स स्थित निवास पहुंचे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को सौजन्य भेंट के लिए पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती के श्यामला हिल्स स्थित निवास पहुंचे। इस अवसर पर सुश्री भारती ने कहा कि बुंदेलखंड अंचल की तस्वीर बदलने वाली विश्व की पहली नदी जोड़ो परियोजना केन-बेतवा का शिलान्यास प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया जाना अभिनन्दनीय है। इस परियोजना की मंजूरी कई वर्ष से लंबित थी। प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से ही यह संभव हुआ है। यह अपने आप में एक महत्वपूर्ण परियोजना है। सुश्री भारती ने कहा कि बाढ़ और सूखा दोनों अपनी तरह की समस्याएं हैं। विभिन्न क्षेत्रों में यह समस्याएं उत्पन्न होती हैं और इन दोनों समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण उपाय नदी जोड़ो परियोजना है। केन-बेतवा नदी जोड़ो सामान्य परियोजना न होकर अर्थव्यवस्था को बदलने वाली परियोजना है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का सपना प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से साकार होगा। पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अंगवस्त्रम् ओढ़ाकर स्वागत और सम्मान किया। पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री भारती ने कहा कि वे मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निवास जाकर ही उन्हें केन- बेतवा परियोजना से भूमि-पूजन पर धन्यवाद देना चाहती थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आग्रहपूर्वक कहा कि वे स्वयं ही भेंट करने आ रहे है। उनके आगमन एवं बुंदेलखंड अंचल के साथ संपूर्ण प्रदेश की समृद्धि की दृष्टि से केन-बेतवा परियोजना की शुरुआत में डॉ. यादव की महत्वपूर्ण भूमिका से उन्हें हार्दिक प्रसन्नता हुई है। वर्षों से लंबित परियोजना को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक वर्ष के कार्यकाल में ही संभव बना दिया।  

11वां भोपाल विज्ञान मेला आज से 30 दिसंबर 2024 तक जंबूरी मैदान में होगा आयोजित

भोपाल मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मध्यप्रदेश शासन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग) और विज्ञान भारती द्वारा संयुक्त रूप से 11वां भोपाल विज्ञान मेला आज से 30 दिसंबर 2024 तक जंबूरी मैदान में आयोजित होगा। यह मेला विज्ञान, तकनीकी शिक्षा और नवाचार को प्रोत्साहन देने का एक महत्वपूर्ण मंच है। चार दिवसीय मेले में विभिन्न कार्यक्रमों, संवाद सत्रों, वर्कशॉप और विशेषज्ञ व्याख्यानों से विज्ञान के प्रति जागरूकता और रुचि को बढ़ावा दिया जाएगा। मेले के शुभारंभ दिवस आज ‘विज्ञान प्रतिभा सम्मान’ और प्रतिभागियों ‘सीधा संवाद’ किया जाएगा। ‘सीखो-कमाओ योजना वर्कशॉप’ और ‘विज्ञान भारती परिचय एवं नवाचार मार्गदर्शन’ सहित अन्य कार्यक्रम आयोजित होंगे। 28 दिसंबर को विज्ञान शिक्षक कार्यशाला में शिक्षकों के लिए विशेष सत्र आयोजित होंगे, जिसमें उन्हें आधुनिक विज्ञान शिक्षण तकनीकों से अवगत कराया जाएगा। 29 दिसम्बर को विद्यार्थी संवाद’ और ‘आईकेएस (भारतीय ज्ञान प्रणाली) पर विशेषज्ञ व्याख्यान’ प्रमुख आकर्षण होंगे। मेले का समापन 30 दिसम्बर को होगा, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। बीवीएम-2024 का केंद्रीय विषय “विकसित भारत 2047, का आधार: विज्ञान प्रौद्योगिकी और नवाचार” है। बीवीएम एक ऐसा अद्वितीय मंच प्रदान करता है, जो संवाद के अवसर तो प्रदान करता ही है, साथ ही अत्याधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी गतिविधियों का दुर्लभ अनुभव भी देता है। बीवीएम के प्रमुख आकर्षणों में वर्तमान विज्ञान और प्रौद्योगिकी में हो रही प्रगति, ग्रामीण प्रौद्योगिकी, विद्यार्थियों-वैज्ञानिकों का संवाद, उद्घाटन सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि शामिल हैं। इसमें विभिन्न विषयों पर आधारित पेवेलियन्स जैसे क्रिएटिव लर्निंग सेंटर, प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी पेवेलियन, हस्तशिल्प पेवेलियन, औषधीय पौधों का पेवेलियन, कृषि-प्रौद्योगिकी पेवेलियन, प्रमुख वैज्ञानिकों की जीवनी पर पेवेलियन, विभिन्न सरकारी योजनाओं पर पवेलियन आदि भी होंगे। विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य स्तर के संगठन/संस्थाएँ जैसे डीएई, इसरो, डीआरडीओ, एनटीपीसी, एनएचडीसी, सीआईएल, सीएसआईआर प्रयोगशालाएँ और कृषि परिषदें अपने सफलतापूर्वक किए गए कार्यों और नवाचारों को प्रदर्शित करने के लिए आमंत्रित की गई हैं।    

महाकुंभ को सफल बनाने उप्र सरकार और भारत सरकार मिलकर व्यापक स्तर पर काम कर रही : गजेंद्र सिंह शेखावत

जोधपुर  केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने  कहा कि इस बार का महाकुंभ दिव्य और भव्य होगा। इस दौरान भारत की सांस्कृतिक धरोहर की झलक देखने को मिलेगी। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वैदिक सभ्यता से लेकर के महाभारत काल में गुप्त शासन काल में चालुक्य वंश के समय में और उसके बाद पूरे मध्यकालीन भारत इतिहास में कुंभ का उल्लेख मिलता है। पिछले कुंभ में लगभग 20 करोड़ लोगों ने स्नान किया था। इस बार लगभग 45 करोड़ लोग महाकुंभ का गवाह बनेंगे। इस बड़े आयोजन को सफल बनाने के मद्देनजर उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार मिलकर व्यापक स्तर पर काम कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि वहां डेढ़ लाख से ज्यादा शौचालय बनाए गए हैं। कुंभ में आने वाले कल्पवासी जो पूरे समय में रहकर के वहां पर कल्प साधना करते हैं, उनकी संख्या 10 लाख की बजाय 20 लाख के आसपास रहने वाली है। जो पूरे समय में एक स्थान पर रहेंगे। उन सबके लिए कुंभ एक अच्छा अनुभव देने वाला ऐसा कुंभ बने, इसको लेकर के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय कम कर रहा है। वहीं 20 लाख विदेशी सैलानी महाकुंभ में आने वाले है। इस बार का कुंभ दुनिया के लिए ऐसा अवसर होगा, जहां भारत की सांस्कृतिक धरोहर की झलक देखने को मिलेगी। हर 12 साल में एक बार आयोजित होने वाला महाकुंभ 13 जनवरी से शुरू होकर 26 फरवरी 2025 को प्रयागराज में समाप्त होने वाला है। महाकुंभ मेला न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, सामाजिक एकता और श्रद्धा का भी प्रतीक है। इस बार महाकुंभ मेला 2025 में प्रयागराज में आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले 2013 में प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन हुआ था। महाकुंभ में विभिन्न अखाड़ों के साधु-संत भी जुटते हैं। इस दौरान वह हवन, पूजा और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं। महाकुंभ में कुछ विशिष्ट दिनों को शाही स्नान के रूप में मनाया जाता है। इसमें श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ता है।    

लोकसभा चुनाव में महिला मतदाताओं का मतदान % 65.78 रहा जबकि पुरुष मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 65.55 था : निर्वाचन आयोग

नई दिल्ली  निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष की शुरुआत में हुए लोकसभा चुनाव में 64.64 करोड़ मतदाताओं ने मताधिकार का इस्तेमाल किया और इन मतदाताओं में महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक रही। निर्वाचन आयोग ने कहा कि महिला मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 65.78 रहा जबकि पुरुष मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 65.55 था। आयोग ने कहा कि इस बार चुनाव लड़ने वाली महिला उम्मीदवारों की संख्या 800 रही जबकि 2019 के चुनावों में यह संख्या 726 थी। निर्वाचन आयोग ने कहा, ‘‘स्वतः संज्ञान लेकर की गई इस पहल का मकसद जनता का विश्वास बढ़ाना है, जो भारत की चुनावी प्रणाली का आधार है।’’ ये आंकड़े इन आरोपों की पृष्ठभूमि में जारी किए गए हैं कि लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान के आंकड़ों में हेराफेरी की गई थी। ये आंकड़े चार विधानसभा चुनावों – अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम से भी संबंधित हैं। निर्वाचन आयोग ने बताया कि 2019 में 540 की तुलना में कुल 10.52 लाख मतदान केंद्रों में से 40 मतदान केंद्रों या 0.0038 प्रतिशत केंद्रों पर पुनर्मतदान किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक इस चुनाव में महिला मतदाताओं ने अपनी उपस्थिति और भागीदारी से लोकतंत्र को नई ऊंचाई दी, जो महिलाओं के मताधिकार के नए मानक का संकेत है। महिला मतदाताओं का मतदान औसत 65.78 प्रतिशत रहा जबकि पुरुष मतदाताओं का यह औसत 65.55 प्रतिशत था। महिला उम्मीदवारों की संख्या 800 थी जबकि 2019 में यह संख्या 726 थी। 2019 की तुलना में थर्ड-जेंडर मतदाताओं में 46.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 2024 में जहां 90,28,696 पंजीकृत दिव्यांग मतदाता रहे वहीं 2019 में यह संख्या 61,67,482 थी। वर्ष 2019 में 540 मतदान केंद्रों की तुलना में वर्ष 2024 में केवल 40 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान हुआ। दरअसल, भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव 2024 पर 42 सांख्यिकीय रिपोर्ट और एक साथ कराए गए चार राज्य विधानसभा चुनावों पर 14-14 रिपोर्टें जारी की हैं। आयोग का कहना है कि ये लगभग 100 सांख्यिकीय रिपोर्ट गहन विश्लेषण और नीतिगत अंतर्दृष्टि के लिए दुनिया भर के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और चुनाव पर्यवेक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण खजाने की तरह होंगी। आयोग के अनुसार इस रिपोर्ट में उपलब्ध डेटा सेट संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों और राज्यवार मतदाताओं, मतदान केंद्रों की संख्या, राज्य तथा संसदीय निर्वाचन क्षेत्रवार मतदाता मतदान, पार्टी के आधार पर वोट शेयर, लिंग आधारित मतदान व्यवहार, महिला मतदाताओं की राज्यवार भागीदारी, क्षेत्रीय विविधताएं, निर्वाचन क्षेत्र डेटा सारांश रिपोर्ट, राष्ट्रीय पार्टियों, राज्य स्तरीय पार्टियों, पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल (आरयूपीपी) का प्रदर्शन, जीतने वाले उम्मीदवारों का विश्लेषण, निर्वाचन क्षेत्रवार विस्तृत परिणाम और बहुत कुछ का विवरण प्रदान करते हैं। यह विस्तृत डेटा सेट हितधारकों को भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर पहले से उपलब्ध पिछले चुनावों के डेटा सेट से तुलना के साथ बारीक स्तर के विश्लेषण के लिए डेटा को काटने-छांटने का अधिकार देता है। आयोग का कहना है कि ये रिपोर्ट चुनावी और राजनीतिक परिदृश्य में दीर्घकालिक दृष्टिकोण और बदलावों को ट्रैक करने के लिए समय-शृंखला विश्लेषण की सुविधा प्रदान करेगी।    

खंडवा मेंअब रविवार के दिन भी शहर के मुख्य मार्गों की सफाई होगी, साथ ही अब घर घर वाहन डोर टू डोर कचरा लेने जाएंगे

खंडवा शहर में बेहतर सफाई के लिए निगम ने नया प्रयास शुरू किया. अब रविवार छुट्टी के दिन भी शहर के मुख्य मार्गों की सफाई होगी. साथ ही रविवार को भी अब घर घर वाहन डोर टू डोर कचरा लेने जाएंगे. इसका यह फायदा होगा कि रविवार के दिन लोग ज्यादा कचरा इकट्ठा कर बाहर फेंक देते हैं, लेकिन अब वह गाड़ी में ही डालेंगे, जिससे शहर स्वच्छ सुंदर बनेगा. पूर्व पार्षद सुनील जैन ने कहा कि शहर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए निगम आयुक्त एवं प्रशासन नित नए प्रयोग कर रहे हैं, जिससे शहर को साफ सुथरा रखा जा सके. इन सभी प्रयासों का एक ही उद्देश्य है कि खंडवा शहर भी स्वच्छता के मामले में नंबर वन बने. अलग-अलग प्रयोग करके आम जनता के साथ मिलकर स्वच्छता की इस मुहिम को आगे बढ़ाया जा रहा है. पहले रविवार के दिन छुट्टी होने की वजह से कचरा इकट्ठा हो जाता था. कई लोग कचरा बाहर फेंक देते थे जिसकी वजह से परेशानियां होती थीं, लेकिन अब नगर निगम प्रशासन एवं महापौर के आदेश अनुसार रविवार के दिन भी डोर टू डोर कचरा वाहन जाएंगे और कचरा इकट्ठा करेंगे. प्रशासन की मुहिम यही है कि खंडवा शहर को फिर से नंबर वन बनाया जाए और साफ सफाई  हर जगह रखी जाए. हालांकि यह समस्या कई दिनों से थी, रविवार अवकाश होने की वजह से लोगों को मजबूरन कचरा बाहर इकट्ठा करना पड़ता था, लेकिन प्रशासन की इस मुहिम की वजह से अब लोगों को कचरा इकट्ठा नहीं करना पड़ेगा और वाहन डोर टू डोर जाकर कचरा इकट्ठा करके इसका निष्पादन करेगा. इससे यह कह सकते हैं कि सप्ताह भर कचरा वाहन चलने की वजह से कहीं ना कहीं शहर में साफ सफाई जरूर बढ़ेगी.

बगैर ठोस सबूत EVM पर सवाल उठाना गलत, युगेंद्र पवार से भी अपील वापसी को कहा, MVA से अलग सुप्रिया सुले के सुर

मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महाविकास अघाडी (MVA) की करारी हार के बाद कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) लगभग हर दिन ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाकर बीजेपी को घेरती है। हालाँकि, एमवीए में शामिल शरद पवार की एनसीपी (एसपी) ने ईवीएम के मुद्दे पर अपने सहयोगियों से अलग रुख अपनाया है।  वरिष्ठ नेता शरद पवार की बेटी व बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि बिना किसी पुख्ता सबूत के हार के लिए ईवीएम को दोष देना सही नहीं है. एनसीपी (एसपी) नेता सुले ने बुधवार को पुणे में मीडिया से बात करते हुए कहा, जब तक ईवीएम में छेड़छाड़ के ठोस सबूत नहीं मिलते, तब तक ईवीएम को दोष देना गलत है। ईवीएम के खिलाफ कोई भी आरोप तभी उचित हो सकते हैं जब उसके बारे में ठोस और विश्वसनीय प्रमाण उपलब्ध हों। मैं खुद ईवीएम से चार बार चुनाव जीत चुकी हूं। ईवीएम पर सवाल उठाने वालों से असहमती जताते हुए सुप्रिया सुले कहा कि ओडिशा के बीजू जनता दल (बीजेडी) और आम आदमी पार्टी (आप) जैसे कुछ राजनीतिक दलों ने ईवीएम में छेड़छाड़ के आरोपों को साबित करने के लिए डेटा होने का दावा किया है। पुणे के दौरे पर आईं सुप्रिया सुले ने पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने, ‘मुझे लगता है कि जब तक मेरे पास कुछ ठोस सबूत नहीं हैं, तब तक आरोप लगाना मेरे लिए सही नहीं है। मैंने एक ही ईवीएम से चार चुनाव जीती हूं।’ बीजेडी नेता के डेटा पर सवाल हालांकि, बारामती की सांसद ने कहा कि कई लोगों और ओडिशा के बीजू जनता दल (बीजेडी) और आप जैसे राजनीतिक दलों ने ईवीएम में छेड़छाड़ के अपने दावों को साबित करने के लिए डेटा होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि बीजेडी के अमर पटनायक ने मंगलवार को उन्हें लिखे एक पत्र में ईवीएम के इस्तेमाल के विरोध का समर्थन करने के लिए कुछ डेटा शेयर किए, लेकिन इस बारे में विस्तार से नहीं बताया। अरविंद केजरीवाल का जिक्र इसी तरह, खड़कवासला से विधानसभा चुनाव हारने वाले एनसीपी (शरद पवार) उम्मीदवार सचिन दोडके के पास भी ईवीएम के खिलाफ अपने दावे का समर्थन करने के लिए कुछ डेटा है। सुप्रिया सुले ने कहा, आम आदमी पार्टी चीफ अरविंद केजरीवाल ने भी लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाने और जोड़ने पर आपत्ति जताई है। ‘माहौल परेशान करने वाला’ लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, ‘कुल मिलाकर माहौल परेशान करने वाला है। चाहे कोई तकनीकी समस्या हो या मतदाता सूची से जुड़ी कोई बात हो, इन बातों का जवाब बिना चर्चा के नहीं दिया जा सकता।’ उन्होंने कहा, ‘इन सभी आपत्तियों का अध्ययन किया जा रहा है।’ युगेंद्र पवार से कहा, आयोग से वापस लें आवेदन सुप्रिया सुले ने कहा कि उन्होंने बारामती में अपने चाचा अजित पवार के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले युगेंद्र पवार से वोटों की पुनर्गणना के लिए अपना आवेदन वापस लेने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा, ‘हम पहले से ही कई अन्य जगहों पर इस मामले को उठा रहे हैं। अगर कुछ (हेरफेर से संबंधित) है, तो वह सामने आ जाएगा।’

UGC ने स्टूडेंट्स के लिए साइबर हाइजीन को लेकर गाइडलाइंस जारी की , पब्लिक USB चार्जर घोटाले से सावधान रहें

नई दिल्ली अगर आप भी सार्वजनिक वाई-फाई इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं तो सावधान हो जाएं, क्योंकि इससे आप साइबर फ्रॉड का शिकार हो सकते हैं और आपका बैंक अकाउंट खाली भी हो सकता है. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने स्टूडेंट्स के लिए साइबर हाइजीन को लेकर गाइडलाइंस जारी की है. ‘Stay Cyber-Safe!’ के माध्यम से यूजीसी ने हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट्स (HEIs) और स्टूडेंट्स लिए एक हैंडबुक भी जारी की है. हैंडबुक में साइबर फ्रॉड से बचने के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए की जानकारी दी गई है. पब्लिक USB चार्जर घोटाले से सावधान रहें सार्वजनिक स्थानों पर अपना फ़ोन चार्ज करने से बचें. साइबर अपराधी सार्वजनिक स्थानों जैसे कि हवाई अड्डों, कैफ़े, होटल और बस स्टैंड आदि पर लगे USB चार्जिंग पोर्ट का इस्तेमाल दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों के लिए कर सकते हैं. ऐसे USB चार्जिंग स्टेशनों पर अपने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को चार्ज करने से आप जूस-जैकिंग साइबर हमले का शिकार हो सकते हैं. जूस जैकिंग की वजह से दुर्भावनापूर्ण ऐप इंस्टॉल हो सकता है, आपके डिवाइस का एन्क्रिप्शन और अपराधी इसे रिस्टोर करने के लिए फिरौती मांग सकते हैं या आपके डिवाइस से डेटा चुरा कर आपसे पैसे ऐंठ सकते हैं. कैसे बचें?     सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों या पोर्टेबल वॉल चार्जर पर प्लग करने से पहले दो बार सोचें.     अपने मोबाइल डिवाइस को चार्ज करने के लिए इलेक्ट्रिकल वॉल आउटलेट का इस्तेमाल करें.     अपने साथ अपना खुद का केबल या पावर बैंक ले जाने की कोशिश करें.     सॉफ़्टवेयर सुरक्षा सुविधा का उपयोग करके अपने मोबाइल डिवाइस को लॉक करें, यह सुनिश्चित करते हुए कि यह किसी कनेक्टेड डिवाइस के साथ पेयर न हो सके.     अपने फोन को तब चार्ज करने की कोशिश करें जब वह स्विच ऑफ हो. क्या न करें?     पब्लिक Wi-Fi: पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल करते समय अपनी पर्सनल या प्रोफेशनल ईमेल आईडी, ऑनलाइन बैंक अकाउंट न खोलें.     पायरेटेड सॉफ़्टवेयर: पायरेटेड सॉफ़्टवेयर का उपयोग करने से बचें, क्योंकि इसमें अक्सर मैलवेयर होता है. वेलिड सोर्स से ही कॉन्टेक्ट करें.     संदिग्ध ईमेल: अनजान सेंडर्स या संदिग्ध ईमेल से अटैचमेंट न खोलें.     सिक्योरिटी सॉफ़्टवेयर: अपने सुरक्षा सॉफ़्टवेयर को डिसेबल न करें.     जोखिम भरी वेबसाइटें: ऐसी वेबसाइट से बचें जो मैलवेयर वितरित करने के लिए जानी जाती हैं जैसे कि अनवेलिड डाउनलोडिंग साइट. क्या करें?     ईमेल सावधानी: ईमेल अटैचमेंट या इमेज खोलते समय बहुत सावधान रहें, खासतौर पर अनजान सेंडर्स से.     रेगुलर बैकअप: साइबर अटैक की स्थिति में रिकवरी के लिए महत्वपूर्ण फ़ाइलों का रेगुलर बैकअप लेते रहें.     विश्वसनीय सॉफ़्टवेयर: एंटी-मैलवेयर/एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर केवल ऑथराइज्ड प्रोवाइडर जैसे, प्ले स्टोर, ऐप स्टोर, आधिकारिक वेबसाइट से इंस्टॉल करें.     अपडेट और फ़ायरवॉल: अपने OS और सॉफ़्टवेयर को सुरक्षा पैच के साथ अपडेट रखें. अपने सिस्टम के फायरवॉल को अनेबल करें.     डाउनलोड सिक्योरिटी: केवल विश्वसनीय सोर्स से फाइलें डाउनलोड करें. अनजान सेंडर्स और संदिग्ध लिंक से अटैचमेंट से बचें. दरअसल, हाल के समय में उच्च शिक्षण संस्थान (HEIs) विभिन्न प्रकार के साइबर हमलों के प्रति संवेदनशील रहे हैं. COVID-19 महामारी के दौरान HEI समुदाय को ‘ऑनलाइन’ पर शिफ्ट होना पड़ा, जिसमें कुलपति, शिक्षक, छात्र और सहयोगी स्टाफ शामिल थे. साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता की कमी और साइबरस्पेस में भरोसे की कमी के कारण HEIs को ‘ऑनलाइन’ शिक्षा की ओर सुचारू रूप से शिफ्ट होने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा. इसलिए, साइबर खतरों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और स्वस्थ साइबर आदतों का पालन करना HEIs के साइबर सुरक्षा तंत्र (cyber security ecosystem) को मजबूत करने के लिए अनिवार्य है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020, जो शिक्षा में डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देती है, शिक्षण में तकनीक के उपयोग की आवश्यकता को पहचानती है और इसके संभावित जोखिमों और खतरों को भी स्वीकार करती है. यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि ऑनलाइन/डिजिटल शिक्षा के लाभों का पूरा लाभ उठाते हुए डिजिटल विभाजन की चिंताओं का समाधान किया जा सके. हमारे हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट्स को भी अच्छे साइबर स्वच्छता आदतों को विकसित करने और साइबर सुरक्षा के नए सामान्य मानकों को अपनाने की आवश्यकता है. यह शिक्षार्थियों और संगठनों को एक सुरक्षा-केंद्रित दृष्टिकोण और व्यवहार के माध्यम से संभावित साइबर खतरों को कम करने में मदद करेगा.

राजस्थान के 90 हजार छात्रों को सर्जरी की जरूरत, शिक्षा और चिकित्सा विभाग मिलकर कराएगा उपचार

जयपुर  सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले करीब 90 हजार छात्रों को किसी न किसी तरह की सर्जरी की जरूरत है. इनमें से अधिकतर के हृदय की स्थिति, कटे होंठ, क्लब्स पैर जैसी समस्याएं पाई गई हैं. जिनका उपचार अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग मिलकर करवाएगा. प्रदेश के छात्रों के सर्वांगिण विकास को ध्यान में रखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने अगस्त-सितंबर महीने में पैपरलैस डिजीटल स्वास्थ्य सर्वे कराया था. जिसमें सरकारी स्कूलों के सभी विद्यार्थियों का हैल्थ सर्वे कर ऐसे छात्रों की पहचान की गई जिन्हें मेडिकल नीड्स है. इस डिजीटल सर्वे से मिले आंकड़ों के अनुसार करीब 90 हजार छात्रों में हृदय की स्थिति, कटे होंठ, क्लब्स पैर जैसी समस्याएं सामने आई है. सर्जिकल रिक्वायरमेंट वाले इन छात्रों का डेटा स्थानीय स्तर पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को उपलब्ध करवा दिया गया है. इस संबंध में शिक्षा शासन सचिव कृष्ण कुणाल ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत अब चिकित्सीय सहायता के लिए पहले चरण में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ शिक्षा विभाग के समन्वय से सर्जरी की आवश्यकता वाले छात्रों की कार्ययोजना बनाकर त्वरित रूप से क्रियान्वयन किया जाना है. इसके लिए ब्लॉक स्तर पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी चिह्नित छात्रों की सर्जरी राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की टीम के जरिए करवाया जाना सुनिश्चित करेंगे. वहीं मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी ब्लॉक स्तर से जिले पर भेजे गए चिह्नित विद्यार्थियों की सर्जरी जिला अस्पतालों में कराएंगे और जो सर्जरी जिला अस्पताल स्तर पर उपलब्ध न हो उसे राज्य स्तर पर करवाया जाएगा. उन्होंने बताया कि यदि किसी छात्र का परिवार RBSK के अन्तर्गत पात्र नहीं है, तो उन्हें आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत जोड़कर योजनाबद्ध तरीके से लाभ पहुंचाया जाएगा. इस कार्ययोजना के क्रियान्वयन की मॉनिटरिंग हर 15 दिन में जिला कलेक्टर करेंगे. आपको बता दें कि शाला स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम के तहत लगभग 75 लाख छात्रों का स्वास्थ्य और स्वच्छता स्थितियों से संबंधित 70 प्रश्नों के जरिए सर्वेक्षण किया गया. जिसमें विद्यार्थियों के प्रमुख लक्षणों, पोषण संबंधी कमियों, शारीरिक मापदंडों और भावनात्मक मुद्दों सहित महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी ली गई थी. 15 दिन में कलेक्टर करेंगे मॉनिटरिंग शिक्षा विभाग के शासन सचिव कृष्ण कुणाल ने बताया- इसके साथ ही मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी ब्लॉक स्तर से जिले पर भेजे गए स्टूडेंट्स की सर्जरी जिला हॉस्पिटल में कराएंगे। इसके साथ ही जो सर्जरी जिला हॉस्पिटल स्तर पर उपलब्ध नहीं है, उसे राज्य स्तर पर करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगर किसी स्टूडेंट का परिवार राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के पात्र नहीं है। उन्हें आयुष्मान भारत योजना से जोड़कर इलाज कराया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग हर 15 दिन में जिला कलेक्टर करेंगे। बता दें कि शाला स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम के तहत लगभग 70 लाख छात्रों का स्वास्थ्य और स्वच्छता स्थितियों से संबंधित 70 सवालों के जरिए सर्वे किया गया था। इनमें स्टूडेंट्स को अलग-अलग तरह की समस्या आई थी। इसके बाद 90 हजार स्टूडेंट्स की अलग-अलग तरह से सर्जरी कराने का फैसला किया था।

डेढ़ लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को मिलेंगे जमीन के पट्टे, पीएम मोदी करेंगे शिरकत

नई दिल्ली  केन्द्रीय पंचायती राज मंत्रालय की ओर से दस राज्यों और दो केन्द्र शासित प्रदेशों के 50 हजार गांवों में 58 लाख स्वामित्व संपत्ति कार्ड वितरणआज  शुक्रवार को होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कार्ड का ई-तिरण करेंगे। वहीं राजस्थान, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ समेत 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों समेत कई केन्द्रीय मंत्री अलग-अलग शहरों में कार्ड वितरण समारोह में शामिल होंगे।  पंचायती राज मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से गांवों की संपत्तियों का ड्रोन सर्वे व उनके स्वामित्व संपत्ति कार्ड बनाने का कार्यक्रम पिछले चार साल से चला रखा है। इसके तहत अब तक 31 राज्यों के 3 लाख 17 हजार से अधिक गांवों में करीब 2.19 करोड़ स्वामित्व संपत्ति कार्ड बन चुके हैं। इसके तहत शुक्रवार को देश भर में लगभग 20 हजार स्थानों पर अभिविन्यास कार्यक्रम आयोजित कर कार्ड वितरित किए जाएंगे। मोदी के साथ केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, केंद्रीय पंचायतीराज राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल और पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज मौजूद रहेंगे। समारोह में प्रदेशो के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और हितधारक भी वर्चुअल रूप से शामिल होंगे। 6 केन्द्रीय मंत्री कल राजस्थान में रहेंगे केन्द्र सरकार की ओर से 13 केन्द्रीय मंत्रियों को राज्यों में जाकर इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भेजा जा रहा है। इनमें से 6 मंत्री राजस्थान के शहरों में रहेंगे। इनमें केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.नड्डा जयपुर, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जोधपुर, वन व पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव अलवर, महिला बाल विकास मंत्री अनपूर्णा देवी कोटा, कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल बीकानेर, कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी अजमेर में रहकर इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। जबकि संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर में इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जयपुर, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव सियोनी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री धामतारी में होने वाले इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। कहां कितने कार्ड तैयार प्रदेश     गांवों की संख्या     कार्ड संख्या (लाखों में) मध्यप्रदेश     43014                 32.53 राजस्थान          36312                7.18 छत्तीसगढ़     15791              1.84   राजस्थान के 1.50 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को स्वामित्व योजना के तहत जमीन के पट्टे दिए जाएंगे। 27 दिसंबर को राज्य के सभी 33 जिला मुख्यालयों पर संपत्ति कार्ड का वितरण किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली शामिल होकर लाभार्थियों को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय आयोजन किया जाएगा, जहां लाभार्थियों को बुलाकर उनके नाम संपत्ति कार्ड सौंपे जाएंगे। जानकारी के अनुसार, राजस्थान की 3526 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले 7522 गांवों के निवासियों को ये पट्टे वितरित किए जाएंगे। 27 दिसंबर को केंद्र सरकार की पहल पर देशभर की 29,127 ग्राम पंचायतों के 46,251 गांवों में कुल 58 लाख संपत्ति कार्ड वितरित किए जाएंगे। इनमें से राजस्थान के 1,50,778 लाभार्थियों को भी संपत्ति कार्ड मिलेंगे। राजस्थान में यह कार्यक्रम मुख्य रूप से 33 जिला मुख्यालयों पर आयोजित होगा। हालांकि, अशोक गहलोत सरकार के कार्यकाल में बने नए जिलों की समीक्षा प्रक्रिया अभी जारी है। स्वामित्व योजना की शुरुआत केंद्र सरकार ने 24 अप्रैल 2020 को की थी। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन का सीमांकन ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक से करना है। इसके तहत ग्रामीण परिवारों को उनके अधिकारों का रिकॉर्ड (संपत्ति कार्ड) प्रदान किया जाता है। इन कार्ड्स का उपयोग ग्रामीण परिवार बैंक से ऋण लेने और अन्य वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए कर सकते हैं। इससे उनकी संपत्ति को वित्तीय संपत्ति के रूप में मान्यता मिलेगी। अब तक इस योजना के तहत देशभर में 1.37 करोड़ संपत्ति कार्ड जारी किए जा चुके हैं।

27 दिसंबर राशिफल जानिए क्या कहती है आपकी राशि

मेष राशि- आज आपको प्रेम जीवन में खुश रहने की सलह दी जाती है। अपने काम में सर्वोत्तम परिणाम देने का प्रयास करें। सुनिश्चित करें कि आप पैसों से जुड़े मुद्दों को अच्छी तरह संभाल लें। वृषभ राशि- आज सेल्फ लव और केयर पर फोकस करें। आसपास के लोगों की हेल्प करें। दिन के पहले भाग में छोटे-मोटे वित्तीय मुद्दे आज स्मार्ट मौद्रिक मैनेजमेंट की मांग करते हैं। ज्यादा स्ट्रेस न लें। मिथुन राशि- आज किसी प्रोजेक्ट में सफलता मिल सकती है, जो दिन का मुख्य आकर्षण रहेगी। आपका दिन अवसरों, चुनौतियों और महत्वपूर्ण डीसीजन लेने का वादा करता है। खर्च को कंट्रोल करें। कर्क राशि- आज लव के मामले में आपको कम्यूनिकेशन बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। पेट से जुड़ी समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं। लव लाइफ में रोमांस बढ़ाने की कोशिश करें। सिंह राशि- जीवन में बदलाव प्रेम, करियर और पैसों के मामले को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकते हैं। व्यक्तिगत विकास और करियर में अवसर पाने के लिए कुछ दिन और इंतजार करें। कन्या राशि- आज का दिन शुभ रहने वाला है। बदलाव आपको आगे ले जाएंगे। धन आगमन के योग बन रहे हैं। किसी दोस्त से मुलाकात हो सकती है। किसी भी प्रॉब्लम का आज ही सॉल्यूशन निकालें। तुला राशि- आज का दिन बदलावों भरा रहने वाला है। कुछ जातकों को चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, जिससे व्यक्तिगत विकास, प्रेम, करियर और वित्तीय मामलों में अप्रत्याशित जीत मिल सकती है। वृश्चिक राशि- आज का दिन सफलताओं से भरा है, जो आपको प्यार, करियर और व्यक्तिगत विकास में वृद्धि की ओर ले जाएगा। ऐसी गतिविधियों के लिए तैयार रहें, जो आनंद और चुनौतियां दोनों लेकर आएंगी। धनु राशि- आज आपको अपने खर्चों पर कंट्रोल रखना चाहिए। आप सिद्धांतों पर चलने वाले व्यक्ति हैं। रिश्ते में मतभेदों को सुलझाएं। पैसों के मामले में भाग्य आपके साथ है। फिटनेस पर अपना फोकस बनाए रखें। मकर राशि- आज अपनी योग्यता साबित करने के लिए कई पेशेवर अवसर सामने आएंगे। धन और स्वास्थ्य दोनों सकारात्मक रहने वाले हैं। अपनी भावनाओं को एक्सप्रेस करें। साथी को सरप्राइज करें। कुंभ राशि- प्यार में ईमानदार रहें और शक्की न बनें। अपनी पेशेवर क्षमता साबित करने के लिए बेहतर मौके तलाशें। आर्थिक परेशानियां रहेंगी। आज आपका स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। जंक फूड्स से दूर रहें। मीन राशि- आज कई रोमांचक अवसर मिल सकते हैं। अपनी मेंटल हेल्थ को इम्प्रूव करने पर अपना फोकस रखें। अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलने के लिए तैयार रहें। मौकों पर अपनी नजर रखें।

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