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धुरंधर 2 में बड़ा सरप्राइज! बड़े साहब की एंट्री से मचा तहलका, दाऊद की जिंदगी से जुड़े नए राज

मुंबई धुरंधर 2 देखने वालों के मन में बड़े साहब को लेकर जो सवाल था उसका जवाब तो मिल गया। अब दाऊद को लेकर लोगों के मन में कई सवाल रह गए हैं। दाऊद अब कहां है, जिंदा है या नहीं, कैसा दिखता है, उम्र क्या है। ये तो सब जानते हैं कि दाऊद इंडिया का मोस्ट वॉन्टेड अपराधी है। उस पर 1993 में हुए मुंबई सीरियल ब्लास्ट्स सहित कई संगीन आरोप हैं। धुरंधर के पहले पार्ट में उसे बड़े साहब के नाम से बुलाया जाता है लेकिन चेहरा रिवील नहीं किया गया। धुरंधर द रिवेंज में दाऊद दिखाया गया है। हालांकि लुक ऐसा जो ज्यादातर लोगों के लिए शॉकिंग था। भारत में था दाऊद का परिवार दाऊद इब्राहिम का जन्म भारत में हुआ लेकिन वह इंडिया का ही दुश्मन बन गया। दाऊद 80 के दशक में भारत से भागा। ऐसा भी नहीं था कि वह रातोंरात बिना कुछ लिए भागा हो। उसे पाकिस्तान का सपोर्ट था और प्लानिंग के साथ तगड़ा पैसा लेकर भारत से भागा। मुंबई के पूर्व कमिश्नर डी शिवनंदन उन लोगों में से हैं जिन्हें मुंबई से अंडरवर्ल्ड का सफाया करने का क्रेडिट दिया जाता है। वह एएनआई के पॉडकास्ट में बता चुके हैं कि 1984 में दाऊद इब्राहिम अरेस्ट हुआ था। उसने बेल ली और तभी वो दुबई भाग गया था। जब डी शिवनंदन से पूछा गया कि क्या दाऊद का परिवार भी दुबई में है? इस पर डी शिवनंदन ने जवाब दिया कि दाऊद का परिवार भारत में ही था। उसके भाई अनीस, नूरा, इकबाल। अनीस दुबई में था, नूरा मर चुका है। दाऊद के पिता थे हलवदार शिवनंदन ने बताया कि दाऊद के 12 भाई-बहन थे। उसके पिता इब्राहिम कासकर क्राइम ब्रांच में हलवदार थे। उन्होंने बताया कि दाऊद दुबई भाग गया। उसे किसी ने सलाह दी थी जिस वजह से कभी टीवी पर नहीं दिखा। उन्होंने यह भी बताया कि किसी ज्ञानी ने उसको स्ट्रैटजी दी थी कि किसी एफआई आर में नाम नहीं आना चाहिए। शिवनंदन का यह पॉडकास्ट नवंबर 2025 का है। कैसा दिखता है दाऊद दाऊद इब्राहिम की उम्र अब 70 साल के आसपास है। उसका जन्म 26 जनवरी 1955 में हुआ था। दाऊद अब कैसा दिखता है, ये किसी को नहीं पता। शारजाह के एक मैच में दाऊद की फोटो कैप्चर की गई थी। यह 1986 की बात है। साल 2015-16 के आसपास दाऊद की एक धुंधली सी तस्वीर मीडिया में आ चुकी है। कहां है दाऊद? आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, दाऊद का ठिकाना पाकिस्तान का कराची शहर है। पाकिस्तानी दस्तावेज में दाऊद इब्राहिम का पता कराची में वाइट हाउस, सऊदी मस्जिद के पास बताया गया है। इसके अलावा कराची के डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी इलाके और नूराबाद में भी उसकी संपत्तियों का जिक्र किया गया है। दाऊद इब्राहिम के खिलाफ जारी इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस में कराची में उसके दो पते दर्ज हैं, डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी इलाके में मकान नंबर 37 और शहर के पॉश क्लिफ्टन रोड इलाके में सऊदी मस्जिद के पास वाइट हाउस। बताया जाता है कि ये दोनों जगहें एक-दूसरे से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर हैं।

उत्तम नगर मामला: हाईकोर्ट बोला—ईद ही नहीं, रामनवमी तक रखें पुख्ता इंतजाम

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने ईद के मौके पर शहर के उत्तम नगर इलाके में हिंसा की आशंका को देखते हुए पुलिस को वहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अदालत ने पुलिस को वहां रामनवमी के त्योहार तक इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी कहा है। हाई कोर्ट ने इस मामले में पुलिस को एक नोटिस जारी करते हुए उससे जवाब तलब भी किया है।। हाई कोर्ट ने यह निर्देश उत्तम नगर में रहने वाले मुस्लिमों को ईद के त्योहार पर दी जा रही ‘खून की होली’ खेलने की धमकियों के बीच दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। इस मामले की अगली सुनवाई अब 6 अप्रैल को होगी। ‘बार एंड बेंच’ की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने अधिकारियों से कहा, ‘पुलिस की व्यवस्था से सभी में सुरक्षा की भावना पैदा होनी चाहिए। इस बात को सुनिश्चित करें कि कोई भी किसी तरह की गलत हरकत ना कर सके।’ साथ ही उत्तम नगर इलाके में किसी भी अप्रिय या अवांछित स्थिति को रोकने के लिए अदालत ने अधिकारियों से सभी आवश्यक कदम उठाने को भी कहा। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की एक डिवीजन बेंच ने दिल्ली पुलिस द्वारा इलाके में की गई सुरक्षा व्यवस्थाओं का संज्ञान लिया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ईद बिना किसी अप्रिय घटना के शांतिपूर्वक संपन्न हो जाए। इस दौरान कोर्ट ने इलाके की पुलिस और स्थानीय प्रशासन को निर्देश देते हुए उन सभी जरूरी कदमों को उठाने के लिए कहा, जिनसे इलाके में ईद के दिन सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित हो सके, साथ ही इलाके में कोई अप्रिय स्थिति ना बने। बता दें कि दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दिन हुए विवाद में हिंदू युवक तरुण की मौत हो गई थी, जिसके बाद से ही इलाके का सांप्रदायिक माहौल ठीक नहीं चल रहा है। वहीं अब ईद का त्योहार करीब आने पर कुछ लोगों ने माहौल खराब करने की कोशिश करते हुए मुस्लिम समुदाय के लोगों को ‘खून की होली खेलने’ जैसी धमकियां दी हैं। जिसके बाद उत्तम नगर में रहने वाले मुस्लिम परिवारों में खौफ का माहौल है और वो अपने घर छोड़-छोड़कर भाग रहे हैं। दरअसल उत्तम नगर के हस्तसाल गांव में रहने वाले कई मुस्लिम परिवार ईद से पहले इस खून की होली वाली धमकी मिलने के बाद और स्थिति समान्य होने तक यहां से चले जाने की सोच रहे हैं। बातचीत में ऐसे कई परिवारों ने अपनी मंशा जाहिर की है। इनका कहना है कि होली पर 26 साल के युवक की हत्या के बाद अलग-अलग समुदायों से जुड़े धार्मिक समूहों ने जिस तरह धमकियां दीं उससे माहौल बहुत डरावना हो गया है। इस बीच दिल्ली पुलिस ने कहा है कि वे स्थानीय लोगों के साथ बैठकें कर रहे हैं और किसी ने उन्हें इस तरह की योजना के बारे में नहीं बताया है।

मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर, ईरानी हमलों से डरे खाड़ी देश पहुंचे UN, बोले- अभी हो बहस

वाशिंगटन अमेरिका और ईरान युद्ध अब भीषण जंग में तब्दील हो गया है। ईरान अमेरिका से बदला लेने के लिए खाड़ी देशों में मौजूद उसके ठिकानो पर हमले कर रहा है। इसके साथ ही, वह कच्चे तेल की प्लांट को भी निशाना बना रहा है, जिससे दुनिया में ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है। इन सबसे घबराए खाड़ी देश आनन-फानन में यूनाइटेड नेशन (UN) पहुंचे हैं और तुरंत ही बहस करने की मांग की है। डॉक्युमेंट्स से पता चलता है कि खाड़ी देशों ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में, मिडिल ईस्ट में नागरिकों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर ईरान के हमलों को लेकर एक तत्काल बहस का अनुरोध किया है। खाड़ी देशों द्वारा भेजा गया एक राजनयिक नोट में बहरीन, जॉर्डन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बताता है, जिसके मानवाधिकारों पर गंभीर प्रभाव पड़ते हैं। ईरान पर अमेरिकी-इजरायल युद्ध का विस्तार, जो अब अपने तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है, ने खाड़ी देशों में ऊर्जा और नागरिक बुनियादी ढांचे पर ड्रोन और मिसाइल हमलों के रूप में बड़े पैमाने पर ईरानी जवाबी कार्रवाई को जन्म दिया है। ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद करने और पूरे क्षेत्र में ऊर्जा सुविधाओं पर हमलों ने ऊर्जा की कीमतों में भारी उछाल ला दिया है और विश्व स्तर पर मुद्रास्फीति में वृद्धि के डर को हवा दी है। राजनयिक नोट में कहा गया है कि खाड़ी देशों पर किए गए ये बिना किसी उकसावे के हमले – ईरान को दिए गए उनके इस आश्वासन के बावजूद कि उनके क्षेत्र ईरान-विरोधी हमलों के लिए इस्तेमाल नहीं किए जाएंगे – तत्काल ध्यान दिए जाने की मांग करते हैं। खाड़ी देशों द्वारा प्रस्तावित मसौदा प्रस्ताव इन हमलों की कड़ी निंदा करता है और ईरान से तत्काल नागरिक बुनियादी ढांचे और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों पर हमले रोकने का आह्वान करता है। साथ ही यह नागरिकों, बुनियादी ढांचे और पर्यावरण को हुए नुकसान के लिए मुआवजे की भी मांग करता है। परिषद को यह अनुरोध प्राप्त हो गया है और वह इस बहस को आयोजित करने के लिए एक तारीख पर विचार कर रही है। ईरान के हमले के बाद तेल, प्राकृतिक गैस की कीमतों में उछाल वहीं, ईरान के कतर में एक प्रमुख प्राकृतिक गैस सुविधा और कुवैत की दो तेल रिफाइनरी पर हमले के बाद वैश्विक तेल एवं प्राकृतिक गैस की कीमतों में बृहस्पतिवार को तेज उछाल आया। कतर की यह गैस सुविधा दुनिया की करीब पांचवें हिस्से की गैस आपूर्ति करती है। इन हमलों से यह आशंका बढ़ गई है कि टैंकर यातायात के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से उत्पन्न ऊर्जा संकट अपेक्षा से अधिक लंबा एवं व्यापक हो सकता है जिससे तेल एवं गैस उत्पादन को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत बढ़कर करीब 114 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जो युद्ध से पहले 73 डॉलर प्रति बैरल से कम थी।

महंगाई के बीच आम लोगों को राहत: Italy सरकार ने घटाया पेट्रोल-डीजल पर टैक्स

मुंबई ग्लोबल लेवल पर बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच इटली सरकार ने आम नागरिकों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। ब्लूमबर्ग की खबर के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतों से बढ़ते दबाव को कम करने के लिए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले एक्साइज ड्यूटी में कटौती की घोषणा की है। यह फैसला मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण बढ़ी ऊर्जा लागत के प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। फ्यूल महंगा होने पर सरकार का एक्शन इटली के उप प्रधानमंत्री माटेओ साल्विनी ने बताया कि हाल के हफ्तों में ग्लोबल ऑयल प्राइस में आई तेजी का सीधा असर देश के नागरिकों पर पड़ा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कर में राहत देने का फैसला किया है, ताकि आम लोगों के खर्च का बोझ कम किया जा सके। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है , जब ऊर्जा कीमतों में उछाल ने पूरे यूरोप में महंगाई को बढ़ा दिया है। कैबिनेट बैठक में राहत पैकेज पर चर्चा प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सैकड़ों करोड़ यूरो के राहत पैकेज पर विचार किया गया। यह पैकेज सीमित समय के लिए लागू किया जाएगा और इसका मकसद परिवारों और उपभोक्ताओं को ऊर्जा लागत के झटके से बचाना है। सरकार का मानना है कि यह कदम घरेलू खर्च को नियंत्रित करने और आर्थिक दबाव को कम करने में मदद करेगा। तेल कंपनियों से कीमतें नियंत्रित रखने की अपील सरकार ने कर कटौती के साथ-साथ तेल कंपनियों से भी सहयोग मांगा है। उप प्रधानमंत्री साल्विनी ने बताया कि सरकार ने डीजल के लिए अधिकतम कीमत करीब 1.90 यूरो (करीब ₹203.28) प्रति लीटर तय करने का सुझाव दिया है, ताकि बाजार में अनियंत्रित बढ़ोतरी को रोका जा सके। इसके जरिए सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कर राहत का फायदा सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचे। ईंधन कीमतों में क्यों आया उछाल? मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के बाद वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में तेजी आई है। इटली के उद्योग मंत्रालय के अनुसार यहां डीजल की औसत कीमत 2.10 यूरो प्रति लीटर और पेट्रोल 1.87 यूरो प्रति लीटर पर पहुंच गया है। यह स्तर आम लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। निगरानी और सट्टेबाजी पर नजर सरकार ने फ्यूल सप्लाई चेन पर निगरानी भी तेज कर दी है। एनी एसपीए और तमोइल इटालिया जैसी प्रमुख तेल कंपनियों के साथ बैठक में यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि कीमतों में बढ़ोतरी का कारण वास्तविक लागत हो, न कि सट्टेबाजी। इसके साथ ही सरकार कीमतों की नियमित समीक्षा कर रही है, ताकि किसी तरह की अनियमितता को रोका जा सके। अतिरिक्त मुनाफे पर टैक्स की तैयारी सरकार ऊर्जा कंपनियों के अतिरिक्त मुनाफे पर टैक्स लगाने के विकल्प पर भी विचार कर रही है। हालांकि, फिलहाल उम्मीद जताई जा रही है कि स्थिति नियंत्रण में रहेगी और इस कदम की जरूरत नहीं पड़ेगी। क्यों ज्यादा प्रभावित है इटली? इटली यूरोप के उन देशों में शामिल है जहां फ्यूल पर टैक्स पहले से ही ज्यादा है। ऐसे में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होता है, तो इसका असर यहां ज्यादा तेजी से दिखता है। यही वजह है कि सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा। कुल मिलाकर, इटली सरकार का यह फैसला बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच आम लोगों को राहत देने की दिशा में अहम कदम है। वैश्विक तनाव और महंगे तेल के दौर में ऐसे उपाय अन्य देशों के लिए भी उदाहरण बन सकते हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यह कदम महंगाई को काबू में रखने में सफल होता है या नहीं।

मौसम का यू-टर्न: यूपी समेत कई राज्यों में बारिश-ओले का अलर्ट, जानिए कहां कैसा रहेगा हाल

नई दिल्ली देशभर में गर्मी का सीजन शुरू हो गया है और अभी से ही तापमान काफी बढ़ गया है। इस बीच, मौसम विभाग ने कई राज्यों में मौसम के बदलने और बारिश व ओलावृष्टि होने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने बताया है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाकों में कल यानी कि 20 मार्च को ओले गिरने का अलर्ट है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 और 20 मार्च को ओले गिरेंगे। इसके अलावा, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, उत्तर पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों में 20 मार्च तक गरज, बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है। जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश में 19 मार्च को, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 व 20 मार्च को, राजस्थान में 19 मार्च को ओले और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, मध्य और पूर्वी भारत में 22 मार्च तक छिटपुट गरज के साथ तेज हवाएं चलेंगी। मध्य प्रदेश, झारखंड में 19 और 20 मार्च को, छत्तीसगढ़ में 19 मार्च को, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, गंगा के मैदानी इलाकों और ओडिशा में 19 से 21 मार्च, बिहार में 20 मार्च को ओले गिरेंगे। मौसम विभाग के अनुसार, देश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तूफान आने और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के लगातार आने की वजह से अगले हफ्तेभर तक दिन का तापमान सामान्य से कम रहने वाला है। एक राहत की बात यह है कि अगले एक सप्ताह तक किसी भी प्रकार की हीटवेव चलने की संभावना नहीं है। कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा हिमपात, मैदानी इलाकों में भारी बारिश जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग और सोनमर्ग के पर्यटक स्थलों के साथ-साथ ऊंचाई वाले इलाकों में कई स्थानों पर ताजा बर्फबारी हुई, जबकि मैदानी इलाके भारी बारिश से प्रभावित हुए। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में स्थित गुलमर्ग और मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में स्थित सोनमर्ग, दोनों जगहों पर ताजा बर्फबारी हुई, जो आखिरी रिपोर्ट मिलने तक रुक-रुक कर जारी रही। अधिकारियों ने बताया कि पिछले दिन से गुलमर्ग रिजॉर्ट में लगभग पांच से छह इंच ताजा बर्फ जमा हो चुकी है। शोपियां, बांदीपुरा, कुपवाड़ा में बर्फबारी शोपियां जिले में मुगल रोड तथा पीर की गली, बांदीपुरा में राजदान टॉप और गुरेज तथा कुपवाड़ा में साधना टॉप सहित अन्य अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी ताजा हिमपात हुआ। घाटी के अधिकांश ऊपरी क्षेत्रों में रविवार से रुक-रुक कर हिमपात हो रहा है। इसके विपरीत, श्रीनगर सहित घाटी के मैदानी इलाकों में भारी बारिश हुई। अधिकारियों ने बताया कि बारिश के कारण पूरे क्षेत्र में तापमान में गिरावट आई है। मौसम विभाग ने 20 मार्च तक मौसम में उतार-चढ़ाव की संभावना जताई है। विभाग ने संकेत दिया है कि शुक्रवार तक अधिकांश क्षेत्रों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी हो सकती है।

Gold-Silver Price Crash: चांदी ₹13,000 सस्ती, सोने के रेट में भी जबरदस्त गिरावट

नई दिल्ली सोने और चांदी के भाव में आज गुरुवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, आज 24 कैरेट के सोने का भाव 151,637 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर मिल रहा है। इससे पहले बीते बुधवार को यह 1,54,879 रुपये प्रति 10 ग्राम पर मिल रहा था। यानी आज यह 3242 रुपये सस्ता हुआ है। 22 कैरेट के गोल्ड के भाव की बात करें तो आज यह 1,51,030 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है और इसमें 3,229 रुपये की गिरावट देखी गई है। बता दें कि बुधवार को इसकी कीमत 1,54,259 रुपये थी। वहीं, 18 कैरेट वाला गोल्ड आज गुरुवार को 138,899 रुपये प्रति 10 गाम के भाव पर बिक रहा है। इसका पिछला बंद प्राइस 1,41,869 रुपये प्रति 10 ग्राम था। यानी आज यह 2,970 रुपये सस्ता हुआ है। वहीं, bullions.co.in के मुताबिक, आज 24 कैरेट के सोने के दाम में 4350 रुपये की गिरावट देखी गई है और यह 149,450 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है। आज का चांदी का भाव आईबीजेए के मुताबिक, अगर चांदी की कीमत की बात करें तो आज एक किलो चांदी की कीमत 2,36,809 रुपये है। इससे पहले बीते बुधवार को यह 2,49,907 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रही थी। यानी आज चांदी के दाम में 13,098 रुपये प्रति किलो की गिरावट देखी गई है। वहीं, बुलियंस.को पर चांदी 235,050 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रही है। इसमें 13120 रुपये की गिरावट आई है। बता दें कि आईबीजेए दिन में दो बार सोने- चांदी के रेट जारी करता है। MCX पर सोने-चांदी के रेट गुरुवार के कारोबारी सत्र में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति का ऐलान और वैश्विक निवेशकों की सतर्कता रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड की कीमत करीब 1.22% गिरकर 4,836 डॉलर प्रति औंस पर आ गई, जबकि चांदी की कीमत 2.25% से ज्यादा टूटकर 75.75 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। मार्च महीने में अब तक सोना करीब 4% कमजोर हुआ है, वहीं चांदी में लगभग 16% की बड़ी गिरावट देखी गई है। फेड के फैसले का असर अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने लगातार दूसरी बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। 18 मार्च को हुई फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक में यह फैसला लिया गया। फिलहाल फेडरल फंड्स रेट 3.5% से 3.75% के दायरे में बना हुआ है। यह फैसला बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रहा, क्योंकि मध्य-पूर्व में जारी तनाव के चलते महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है। इससे पहले सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर 2025 में फेड लगातार तीन बार 0.25% की दर से कटौती कर चुका था। निवेशकों की नजर फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल की टिप्पणियों पर भी टिकी रही, जिसने बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई। मध्य-पूर्व तनाव और कच्चे तेल की कीमतें मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष भी बुलियन बाजार को प्रभावित कर रहा है। United States और Israel द्वारा Iran पर हमले और तेहरान की जवाबी कार्रवाई के चलते तनाव तीसरे हफ्ते में पहुंच गया है। इस कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जिससे महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी है और निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। घरेलू बाजार का हाल भारतीय वायदा बाजार MCX पर सोना लगभग ₹1,55,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी ₹2,50,000 प्रति किलोग्राम के करीब बनी हुई थी। विशेषज्ञ की राय लेमोन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च एनालिस्ट Gaurav Garg के अनुसार, “कीमती धातुओं में हालिया उतार-चढ़ाव का मुख्य कारण फेड की नीति से पहले निवेशकों की सतर्कता और मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के चलते ऊंची तेल कीमतों से जुड़ी महंगाई की चिंता है।” फिलहाल बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और निवेशक आगे फेड की नीति संकेतों और वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं।  

छत्तीसगढ़ संवाद द्वारा प्रकाशित ‘रोजगार और नियोजन’ पर झारखंड सूचना विभाग की टीम ने ली जानकारी

झारखंड के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की टीम ने छत्तीसगढ़ संवाद द्वारा प्रकाशित ‘रोजगार और नियोजन’ की ली जानकारी रायपुर युवाओं को रोजगार संबंधी जानकारी सुलभ कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। आज झारखंड के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की टीम ने छत्तीसगढ जनसंपर्क की सहयोगी संस्था छत्तीसगढ़ संवाद द्वारा प्रकाशित लोकप्रिय पत्रिका ‘रोजगार और नियोजन’ का अवलोकन कर जानकारी ली। टीम को साप्ताहिक पत्रिकारोजगार और नियोजन पत्रिका के संबंध में सहायक संपादक श्रीमती गीतांजली  नेताम ने रोजगार और नियोजन पत्रिका  की पाठ्य सामग्री, स्वरूप और युवाओं के लिए उपयोगी जानकारी दी।           झारखंड की टीम ने रोजगार और नियोजन पत्रिका की सराहना की l टीम में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग झारखंड के डिप्टी डायरेक्टर आनंद कुमार, विभाग की प्रतिनिधि श्रीमती सुनीता धान  तथा विधि सलाहकार अमन कुमार शामिल रहे।         झारखण्ड की टीम के अधिकारियों ने बताया कि झारखंड के युवाओं को भी इसी प्रकार की विश्वसनीय और संगठित रोजगार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य में ‘रोजगार और नियोजन’ जैसी पत्रिका प्रकाशित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए वे इस प्रकाशन की प्रति लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी प्रस्तुत करेंगे। टीम के सदस्यों ने कहा कि इस प्रकार की पत्रिका प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है, क्योंकि इसमें सरकारी नौकरियों, योजनाओं और कैरियर मार्गदर्शन से जुड़ी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होती है।           इस पहल को लेकर टीम ने उम्मीद जताई जा रही है कि यदि यह योजना साकार होती है, तो झारखंड के हजारों युवाओं को रोजगार संबंधी सटीक और समय पर जानकारी मिल सकेगी, जिससे उनके भविष्य निर्माण में सकारात्मक योगदान मिलेगा। झारखण्ड की टीम के छत्तीसगढ संवाद भ्रमण के अवसर पर रोजगार और नियोजन से  संबद्ध अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे l

AI डीपफेक से परेशान गंभीर ने दिल्ली हाई कोर्ट में लिया एक्शन, इन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई

 नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच और पूर्व वर्ल्ड कप विजेता गौतम गंभीर ने अपनी पहचान के कथित दुरुपयोग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है. उन्होंने कोर्ट की कमर्शियल डिवीजन में सिविल सूट दायर कर AI डीपफेक, फर्जी वीडियो और बिना अनुमति मर्चेंडाइज बेचने के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। गंभीर की लीगल टीम के मुताबिक, 2025 के अंत से सोशल मीडिया पर फर्जी कंटेंट तेजी से बढ़ा. इंस्टाग्राम, एक्स (Twitter), यूट्यूब और फेसबुक पर कई अकाउंट्स ने AI तकनीक, फेस-स्वैप और वॉइस क्लोनिंग के जरिए ऐसे वीडियो बनाए, जिनमें गंभीर को ऐसे बयान देते दिखाया गया जो उन्होंने कभी दिए ही नहीं। एक फर्जी रेज‍िग्नेशन को 29 लाख से ज्यादा व्यूज मिले, जबकि एक और क्लिप, जिसमें उन्हें सीनियर खिलाड़ियों पर टिप्पणी करते दिखाया गया, 17 लाख व्यूज तक पहुंची। सिर्फ सोशल मीडिया ही नहीं, बल्कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर भी गंभीर के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर बिना अनुमति पोस्टर और प्रोडक्ट बेचे जा रहे थे। गौतम गंभीर ने किन पर किया केस इस मामले में कुल 16 प्रतिवादियों को शामिल किया गया है, जिनमें- सोशल मीडिया अकाउंट्स (जैनकी फ्रेम्स, भूपेंद्र पेंटोला, लीजेंड्स रेवोल्यूशन, आदि शाम‍िल हैं। इसके अलावा  ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म् में ऐमोजॉन और फ्ल‍िपकार्ट का नाम है. वहीं टेक कंपनियों में मेटा प्लेटफॉर्म, एक्स, गूगल, यूट्यब आद‍ि शाम‍िल हैं. साथ ही IT मंत्रालय और दूरसंचार विभाग को भी शामिल किया गया है। गंभीर ने किन कानूनों लिया सहारा? गंभीर ने इस केस में कॉपीराइट एक्ट 1957, ट्रेडमार्क एक्ट 1999, कमर्श‍ियल कोर्ट एक्ट 20215 का हवाला दिया है. साथ ही दिल्ली हाई कोर्ट के पुराने फैसलों (जैसे अमिताभ बच्चन और अनिल कपूर के केस) का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें पर्सनैलिटी राइट्स को कानूनी सुरक्षा दी गई है। गंभीर ने कितना हर्जाना मांगा? गंभीर ने कोर्ट से ₹2.5 करोड़ का हर्जाना, सभी फर्जी कंटेंट हटाने, और भविष्य में उनके नाम, चेहरा, आवाज के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की है. उन्होंने इस मामले में जल्द से जल्द कोर्ट ऑर्डर की मांग की है, ताकि तुरंत सभी फर्जी कंटेंट हटाया जाए और आगे इसका प्रसार रोका जा सके. उन्होंने कोर्ट से लीगल एक्शन लेने की मांग की है। मेरी पहचान को हथियार बनाया गया: गंभीर  गंभीर ने साफ कहा- मेरी पहचान, मेरा नाम, चेहरा और आवाज का इस्तेमाल गलत तरीके से किया गया है. यह सिर्फ व्यक्तिगत मामला नहीं, बल्कि कानून और गरिमा की बात है।

दलाल स्ट्रीट पर हाहाकार: सेंसेक्स 2496 अंक गिरा, निफ्टी भी 775 अंक फिसला

मुंबई ईरान की ओर से कतर के बड़े एलएनजी प्लांट पर हमले और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी ने ग्लोबल टेंशन को बढ़ा दिया है। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा है। हालात इतने बिगड़े कि गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 2,496.89 अंक का गोता लगाकर 74,207.24, एनएसई निफ्टी 775.65 अंक की गिरावट के साथ 23,002.15 अंक पर बंद हुआ। दिग्गज स्टॉक्स भी धराशायी भारतीय शेयर में आए भूचाल के बीच गुरुवार को कई प्रमुख और मिडकैप शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली। बड़े-बड़े दिग्गज स्टॉक्स भी धराशायी हो गए। सेंसेक्स पर इटरनल 5.46, बजाज फाइनेंस 5.34, महिंद्रा एंड महिंद्रा 4.86, एलएंडटी 4.57, एचडीएफसी बैंक 4.35, इंडिगो 4.21, बजाज फिनसर्व 4.08 प्रतिशत लुढ़क गए। केमिकल सेक्टर की कंपनी Camlin Fine Sciences में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज हुई, जिसका शेयर करीब 6.87% टूटकर ₹120.60 पर आ गया। वहीं राम-कृष्ण Forgings में 3.92% और सोलर इंडस्ट्री में 3.65% की गिरावट देखी गई। इस गिरावट का असर बड़े और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर भी पड़ा है। हनीवेल करीब 2.05% टूटा, जबकि फार्मा सेक्टर की दिग्गज कंपनी सिप्ला में भी 2% से अधिक गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट की आंधी में शुगर सेक्टर के कुछ शेयर डटे रहे। अवध शुगर एंड एनर्जी (2.52% ऊपर) और बलरामपुर चीनी मिल्स (1.90% ऊपर) हैं। शेयर मार्केट में चौतरफा गिरावट है। बीएसई का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स 2164 अंको का गोता लगाकर 74,539 पर आ गया है। निफ्टी 672 अंकों के नुकसान के साथ 23,105 पर पहुंच गया है। निफ्टी मिड कैप, स्मॉल कैप इंडेक्स में 2 फीसद से अधिक की गिरावट है। निफ्टी के 50 शेयरों में से केवल एक ओएनजीसी ही हरे निशान पर है। सेंसेक्स के सभी 30 शेयर लाल निशान पर हैं।  शेयर मार्केट में आए भूचाल से सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश हो गए हैं। बाजार में चौतरफा गिरावट है। निफ्टी मिड कैप, स्मॉल कैप इंडेक्स में 2 फीसद से अधिक की गिरावट है। निफ्टी के 50 शेयरों में से केवल एक ओएनजीसी ही हरे निशान पर है। इसमें 1.15 प्रतिशत की तेजी है। सेंसेक्स के सभी 30 शेयर लाल निशान पर हैं। निफ्टी में श्रीराम फाइनेंस 6.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ टॉप लूजर है। इटरनल में 5.22, बजाज फिनसर्व में 4.71, एलएंडटी में 4.27 और टाटा मोटर्स में 4.20 प्रतिशत की गिरावट है। शेयर मार्केट की गाड़ी गिरावट की पटरी से उतरने का नाम ही नहीं ले रही। सेंसेक्स अभी 1808 अंकों की गिरावट के साथ 74895 पर है। जबकि, निफ्टी 587 अंकों का गोता लगाकर 23190 पर ट्रेड कर रहा है। सेंसेक्स में अभी भी सभी स्टॉक्स लाल निशान पर हैं और अब इटरनल 5.15 पर्सेंट की गिरावट के साथ टॉप लूजर। बजाज फाइनेंस में 4.55 पर्सेंट और एलएंडटी में 4.16 प्रतिशत का नुकसान है। एचडीएफसी बैंक में गिरावट अब 3.71 प्रतिशत की रह गई है। जबकि, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज फिनसर्व भी करीब 4 फीसद लुढ़क गए हैं। शेयर मार्केट में अभी भी गिरावट बड़ी है। सेंसेक्स अभी 1664 अंकों की गिरावट के साथ 75039 पर है। जबकि, निफ्टी 530 अंकों का गोता लगाकर 23247 पर ट्रेड कर रहा है। सेंसेक्स में अभी भी सभी स्टॉक्स लाल निशान पर हैं और अब इटरनल 5.26 पर्सेंट की गिरावट के साथ टॉप लूजर। शेयर मार्केट में हाहाकार के बीच बैंक निफ्टी में 2.70 प्रतिशत की गिरावट है। फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में भी 2.86% का नुकसान है। निफ्टी ऑटो इंडेक्स 2.65 प्रतिशत नीचे है। आईटी में 2.38 और एफएमसीजी में 1.80% की गिरावट है। मीडिया में 0.94, मेटल में 1.61 प्रतिशत का नुकसान है। पीएसयू बैंक 2.09, प्राइवेट बैंक 2.77, फार्मा 1.48, हेल्थ केयर 1.61, कंज्यूमर ड्यूराबेल्स 2.86 प्रतिशत लुढ़का है। सेंसेक्स अभी 1741 अंकों की गिरावट के साथ 74963 पर है। जबकि, निफ्टी 534 अंकों का गोता लगाकर 23241 पर ट्रेड कर रहा है। शेयर मार्केट में हाहाकार के बीच सेंसेक्स अभी 1716 अंकों की गिरावट के साथ 74988 पर है। जबकि, निफ्टी 516 अंकों का गोता लगाकर 23261 पर ट्रेड कर रहा है। एनएसई पर केवल 400 स्टॉक्स ही ग्रीन जोन में हैं। 2303 शेयरों में गिरावट है। जबकि, सेंसेक्स ब्लड बाथ कर रहा है। सभी शेयर लाल हैं और एचडीएफसी बैंक टॉप लूजर। शेयर मार्केट में आज भूचाल है। सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश हो गए हैं। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1953 अंकों की गिरावट के साथ 74751 पर खुला। जबकि, निफ्टी 589 अंकों का गोता लगाकर 23198 पर खुला।

चैत्र नवरात्रि और गुड़ी पड़वा परCM साय ने दी नववर्ष और नव ऊर्जा का संदेश

नववर्ष, नव ऊर्जा और नव संकल्प का संदेश: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने दी चैत्र नवरात्रि, नव संवत्सर और गुड़ी पड़वा की शुभकामनाएं रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्रि, हिंदू नववर्ष (नव संवत्सर) एवं गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी है। उन्होंने इस मंगल अवसर पर प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और शांति की कामना की है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि चैत्र मास के प्रथम दिन से प्रारंभ होने वाला हिंदू नववर्ष नव ऊर्जा, नव संकल्प और नव चेतना का प्रतीक है। इसी पावन अवसर से शक्ति उपासना के महापर्व चैत्र नवरात्रि का भी शुभारंभ होता है, जो श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक आस्था के साथ पूरे देश में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि गुड़ी पड़वा विशेष रूप से महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों में नववर्ष के स्वागत का उत्सव है, जो आशा, उत्साह और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है। यह पर्व समाज में सकारात्मक ऊर्जा, नव शुरुआत और उत्सवधर्मिता का संदेश देता है। मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध देवी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि मां शीतला, मां दंतेश्वरी, महामाया, बम्लेश्वरी, कंकाली, बिलईमाता और चंद्रहासिनी देवी जैसे विविध स्वरूपों में प्रदेश की आस्था और संस्कृति गहराई से रची-बसी है। यह आध्यात्मिक विरासत प्रदेश की पहचान को सशक्त बनाती है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के इन पावन दिनों में छत्तीसगढ़ की धरती भक्ति, साधना और शक्ति आराधना से आलोकित हो उठती है। देवी उपासना केवल आध्यात्मिक ऊर्जा ही नहीं देती, बल्कि सामाजिक समरसता, सकारात्मक सोच और आंतरिक चेतना का भी संचार करती है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुशासन सरकार प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए विकास और विश्वास के नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मां भगवती से प्रार्थना करते हुए कहा कि उनकी कृपा से छत्तीसगढ़ निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर रहे और प्रदेश के प्रत्येक परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास बना रहे।

ग्रीन एनर्जी, एआई, डिफेंस व शिक्षा में सहयोग की संभावनाएं, कनाडाई पक्ष ने दिखाई गहरी रुचि

मुख्यमंत्री योगी से कनाडा के उच्चायुक्त की मुलाकात, यूपी में निवेश व टेक्नोलॉजी सहयोग पर जोर भारत-कनाडा साझेदारी को नई गति, उच्चायुक्त ने यूपी को बताया निवेश व इनोवेशन का उभरता केंद्र ग्रीन एनर्जी, एआई, डिफेंस व शिक्षा में सहयोग की संभावनाएं, कनाडाई पक्ष ने दिखाई गहरी रुचि लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने बुधवार को भेंट कर उत्तर प्रदेश में निवेश, प्रौद्योगिकी सहयोग और कौशल विकास के क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की। उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने भारत-कनाडा के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की व्यापक संभावनाओं पर जोर देते हुए उत्तर प्रदेश को एक उभरते निवेश और नवाचार केंद्र के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में हुए व्यापक परिवर्तन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राज्य ने बीते वर्षों में आधारभूत संरचना, नीतिगत सुधार और सुशासन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिससे यह वैश्विक निवेशकों के लिए एक विश्वसनीय और आकर्षक गंतव्य बनकर उभरा है।  भेंट के दौरान उच्चायुक्त ने ग्रीन एनर्जी, एलएनजी/एलपीजी, क्रिटिकल मिनरल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने में गहरी रुचि व्यक्त की। उन्होंने शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में साझेदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि कनाडा के अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों और उत्तर प्रदेश के बीच सहयोग से कौशल विकास, नवाचार और वैश्विक प्रतिभा विनिमय को नई गति मिल सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश की मजबूत आधारभूत संरचना, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश-अनुकूल नीतियां इसे वैश्विक कंपनियों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाती हैं। उच्चायुक्त ने यह भी कहा कि कनाडाई कंपनियां उत्तर प्रदेश में दीर्घकालिक निवेश और तकनीकी साझेदारी के लिए सक्रिय रूप से अवसरों का आकलन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सतत ऊर्जा, स्वच्छ प्रौद्योगिकी और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्रों में कनाडा की विशेषज्ञता, उत्तर प्रदेश की विकास आकांक्षाओं के साथ स्वाभाविक रूप से मेल खाती है, जिससे दोनों पक्षों के बीच एक मजबूत साझेदारी विकसित की जा सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में उपलब्ध निवेश-अनुकूल वातावरण, औद्योगिक विकास और नीतिगत सुधारों का संक्षिप्त उल्लेख करते हुए कनाडा की कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और ब्रह्मोस परियोजना का उल्लेख करते हुए राज्य की बढ़ती औद्योगिक क्षमता को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों के लिए पारदर्शी, स्थिर और उद्योग-अनुकूल नीति वातावरण सुनिश्चित कर रही है तथा कनाडा के साथ तकनीक, कौशल और नवाचार आधारित सहयोग को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए हर संभव संस्थागत समर्थन उपलब्ध कराया जाएगा। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने निवेश, तकनीकी सहयोग और कौशल विकास के क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।

116 कंपनियों ने दिए रोजगार के अवसर, टाटा, हीरो, स्विगी, फ्लिपकार्ट सहित बड़ी कंपनियों ने किया प्रतिभाग

योगी सरकार के ‘वृहद रोजगार मेला-2026’ में युवाओं को मिला अवसर 2527 युवाओं को मिला जॉब ऑफर, महिलाओं की सशक्त भागीदारी, 473 युवतियों ने विभिन्न सेक्टरों में पाई नौकरी ‘जीरो पावर्टी’ श्रेणी के 56 युवाओं को मिला रोजगार, आईटीआई और कौशल प्रशिक्षण का विस्तार, नई संस्थाओं से बढ़ेंगे अवसर कौशल विकास को डिजिटल बढ़ावा देते हुए ‘कौशल दृष्टि’, ‘कौशल दर्पण’ और ‘कौशल दोस्त’ प्लेटफॉर्म हुए लॉन्च 116 कंपनियों ने दिए रोजगार के अवसर, टाटा, हीरो, स्विगी, फ्लिपकार्ट सहित बड़ी कंपनियों ने किया प्रतिभाग लखनऊ  योगी सरकार द्वारा  इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में ‘वृहद रोजगार मेला-2026’ का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को कौशल आधारित रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया, जिसमें चार मंडलों के हजारों अभ्यर्थियों ने भाग लिया तथा 100 से अधिक राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। इस वृहद रोजगार मेले में दिव्यांगजनों, महिलाओं और ‘जीरो पावर्टी’ (अत्यधिक गरीब) श्रेणी के युवाओं की उल्लेखनीय भागीदारी रही। मेले में 116 कम्पनियों के द्वारा रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया संचालित की गई, जिसमें 2527 युवाओं को जॉब ऑफर मिला। इसमें 473 महिलाओं ने भी मैन्युफैक्चरिंग, आईटी और सर्विस सेक्टर जैसे क्षेत्रों में अपनी योग्यता से नौकरी पाई। ‘जीरो पावर्टी’ श्रेणी के अंतर्गत आने वाले परिवारों के 56 युवाओं के लिए यह दिन उनके जीवन का ‘टर्निंग पॉइंट’ साबित हुआ, उन्हें यहां से एक सम्मानित करियर शुरू करने का मौका मिला। दिग्गज कंपनियों का जमावड़ा और आकर्षक अवसर मेले में टाटा, हीरो,स्विगी, फ्लिपकार्ट समेत लॉजिस्टिक्स व हेल्थकेयर सेक्टर की 116 प्रतिष्ठित कंपनियों ने हिस्सा लिया। इन कंपनियों ने आईटीआई (ITI), पॉलिटेक्निक और कौशल विकास मिशन से ट्रेनिंग ले चुके युवाओं का इंटरव्यू लिया। चयनित अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता के आधार पर 35-40 हजार तक के आकर्षक सैलरी पैकेज ऑफर किए गए। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने आईटीआई एवं कौशल विकास मिशन से प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार एवं स्वरोजगार हासिल कर चुके युवाओं से संवाद किया और उनके अनुभव सुने। उन्होंने कहा कि ऐसे युवा प्रदेश के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। मंत्री ने विभिन्न कंपनियों के स्टॉलों का अवलोकन करते हुए युवाओं का उत्साहवर्धन किया तथा कंपनियों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि चयनित अभ्यर्थियों को उसी दिन जॉब लेटर प्रदान किए जाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि वेतन, कार्यस्थल, रहने की व्यवस्था एवं अन्य शर्तों की पूरी जानकारी पहले ही पारदर्शी रूप में दी जाए, ताकि युवाओं को किसी प्रकार के भ्रम की स्थिति न रहे। इस अवसर पर मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कौशल विकास तंत्र को आधुनिक और डिजिटल बनाने की दिशा में तीन महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म ‘कौशल दृष्टि’, ‘कौशल दर्पण’ और ‘कौशल दोस्त’ का शुभारंभ किया। ‘कौशल दृष्टि’ एक निरीक्षण आधारित मोबाइल एप्लीकेशन है, जिसके माध्यम से प्रदेश के कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की निगरानी रियल-टाइम में की जा सकेगी। इस ऐप के जरिए प्रशिक्षुओं की उपस्थिति, प्रशिक्षण केंद्रों की आधारभूत संरचना तथा प्रशिक्षण की गुणवत्ता से संबंधित जानकारी तुरंत प्राप्त होगी। वहीं, ‘कौशल दर्पण’ एक उन्नत एआई आधारित डैशबोर्ड है, जो कौशल विकास से संबंधित विभिन्न सूचनाओं को एकीकृत रूप में प्रस्तुत करता है। इसमें उत्तर प्रदेश का डिजिटल मानचित्र, कुल जनसंख्या, सक्रिय प्रशिक्षण प्रदाताओं की संख्या तथा प्रमुख रोजगारपरक सेक्टरों की झलक उपलब्ध होती है। इसी तरह ‘कौशल दोस्त’ एक चैटबॉट आधारित डिजिटल सुविधा है, जो यूपीएसडीएम पोर्टल पर 24×7 उपलब्ध रहकर उपयोगकर्ताओं को त्वरित सहायता प्रदान करती है। इसके माध्यम से अभ्यर्थी प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सरकारी योजनाओं, पंजीकरण प्रक्रिया एवं रोजगार के अवसरों से संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।  कार्यक्रम में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता केवल डिग्री से नहीं, बल्कि कौशल, आत्मविश्वास और प्रभावी संवाद क्षमता से मिलती है। युवा झिझक और आत्मसंकोच को त्यागकर अपनी क्षमता पर विश्वास करें और पूरी ऊर्जा के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ें। कड़ी मेहनत, अनुशासन और कार्य के प्रति समर्पण ही सफलता की कुंजी है। मंत्री ने युवाओं को सलाह दी कि वे अपने करियर को लेकर धैर्य रखें और बिना बेहतर अवसर के नौकरी छोड़ने से बचें। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल नौकरी प्राप्त करने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजन करने वाला उद्यमी बनाना है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कौशल विकास के क्षेत्र में देश में अग्रणी बन रहा है। राज्य सरकार द्वारा रोबोटिक्स, ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 3डी प्रिंटिंग, सोलर एनर्जी एवं इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे युवाओं को उद्योगों की बदलती मांग के अनुरूप तैयार किया जा सके। प्रमुख सचिव डॉ हरिओम ने अपने संबोधन में बताया कि प्रदेश में वर्तमान में लगभग 350 आईटीआई संचालित हैं, जिनमें से अधिकांश सरकारी हैं, जबकि कुछ निजी सहभागिता के माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं। इस वर्ष 22 नई आईटीआई तैयार हो चुके हैं, जिनमें लगभग 10,000 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि आगामी सत्र में 30 और आईटीआई प्रारंभ करने की योजना है। आईटीआई में प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने, आधुनिक तकनीकी कार्यशालाओं की स्थापना और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि रोजगार मेले में डिजिटल पंजीकरण के लिए क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था लागू की गई है, जिससे अभ्यर्थियों को लंबी कतारों से राहत मिली है। मेले में लगभग 80 बड़ी कंपनियां और 30-40 स्थानीय कंपनियां विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार प्रदान कर रही हैं। चयन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद योग्य अभ्यर्थियों को उसी दिन ऑफर लेटर प्रदान करने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कौशल विकास मिशन के अंतर्गत प्रदेश भर में लगभग 2000 प्रशिक्षण भागीदारों के माध्यम से लाखों युवाओं को अल्पकालिक व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे उन्हें शीघ्र रोजगार प्राप्त करने में सहायता मिल रही है।

तेल और आटा की कमी, अब अफगानिस्तान से पाकिस्तान पर क्या होगा युद्ध और तबाही का ट्रिपल अटैक?

  नई दिल्ली अमेरिका और ईरान में युद्ध (US-Iran War) जारी है, जिससे दुनिया में तेल संकट गहराया हुआ है और पाकिस्तान इससे पहले ही बेहाल नजर आ रहा है, दूसरी ओर पड़ोसी देश पर कर्ज (Pakistan Debt) भी लगातार बढ़ता जा रहा है. इस बीच अफगानिस्तान के साथ जंग (Pakistan-Afghanistan War) से उसे तगड़ी मार पड़ी है. एक साथ ट्रिपल अटैक ने पाकिस्तान का तेल निकाल दिया है. पहले से ही आर्थिक संकट के चलते भारी भरकम कर्ज के बोझ तले देश का ईरान युद्ध से तेल बंद हुआ, तो अफगानिस्तान से साथ जंग ने देश की महंगाई बढ़ाकर इकोनॉमी पर संकट बढ़ा दिया है। लगातार बढ़ रहा कर्ज का बोझ  पाकिस्तान लंबे समय से आर्थिक संकट झेल रहा है और इससे उबरने के लिए वो तमाम मित्र देशों के साथ ही आए दिन आईएमएफ और विश्व बैंक के सामने कटोरा लेकर मदद मांगता नजर आता रहा है. हालांकि, भारी भरकम आर्थिक मदद मिलने के बाद भी देश के हालात बदतर ने हुए हैं. पाकिस्तानी मीडिया की एक रिपोर्ट को देखें, तो Pakistan पर जनवरी 2026 तक कुल कर्ज 79,322 अरब पाकिस्तानी रुपये तक पहुंच गया। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान द्वारा जारी डॉक्युमेंट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के कर्ज में घरेलू उधार में तेज उछाल आया है. केंद्रीय बैंक (SBP)  के आंकड़ों को देखें, देश की संघीय सरकार का घरेलू कर्ज जनवरी 2026 तक 55,978 पाकिस्तानी अरब रुपये तक पहुंच गया था. इसके अलावा  बाहरी कर्ज 23,344 अरब पाकिस्तानी रुपये हो गया. जो जीडीपी का करीब 70% है और पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली का बड़ा उदाहरण है। यहां बता दें कि पाकिस्तान आईएमएफ का सबसे बड़ा कर्जदार है और 1958 से अब तक 26 आईएमएफ बेलआउट कार्यक्रमों के जरिए 34 अरब डॉलर के आसपास की मदद ले चुका है. तमाम रिपोर्ट्स में पाकिस्तानी इकोनॉमिस्ट बताते नजर आए हैं, कि IMF के कर्ज के सहारे चल रहा पाकिस्तान पहले से ही दिवालिया स्थिति में है और वर्तमान के बिगड़े ग्लोबल हालात इकोनॉमी को गहरी चोट पहुंचा सकते हैं। मिडिल ईस्ट में युद्ध, PAK में कोहराम पाकिस्तान पर दूसरा अटैक मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध से हुआ है. दरअसल, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग से तेल संकट गहरा गया है और पूरी तरह तेल के आयात पर निर्भर पाकिस्तान में कोहराम मचा है. हालात ये है कि पाकिस्तान में तेल की कमी के चलते पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए गए, सरकारी गाड़ियों में 60% कटौती, सांसदों और मंत्रियों की सैलरी कट, सरकारी विभागों के गैर-जरूरी खर्च में 20% की कटौती, मीटिंगों को वर्चुअल और पढ़ाई को ऑनलाइन में शिफ्ट करना समेत अन्य उपाय लागू किए गए हैं, जो कोरोना काल जैसे ही हैं। Middle East War से पाकिस्तान की बदहाल इकोनॉमी को और झटका लग सकता है. डॉन की बीते दिनों आई रिपोर्ट के मुताबिक, खुद पाकिस्तान के पूर्व वित्त मंत्री पूर्व वित्त मंत्री हाफिज पाशा ने चेतावनी दी है कि अगर ये युद्ध जारी रहा और क्रूड प्राइस 100 डॉलर के पार बने रहे, तो Pakistan GDP पर 1-1.5% का निगेटिव इम्पैक्ट पड़ सकता है. पेट्रोलियम आयात में बढ़ोतरी के चलते अगले साल पाकिस्तान को 12-14 अरब डॉलर का नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने एक और संकट की ओर इशारा करते हुए कहा कि अगर कच्चे तेल की कीमतें रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) के बराबर 120 डॉलर के हाई पर पहुंचती हैं, तो पाकिस्तान में महंगाई कोहराम मचा सकती है और फिर उसी दौर के करीब 30% पर पहुंच सकती है. उस समय लोग आटा, दाल के लिए अपनी जान पर खेलते नजर आए थे, तो वहीं अब फिर से फ्यूल की कमी पाकिस्तान का तेल निकालती नजर आ रही है। पाकिस्तान में मिडिल ईस्ट की जंग के ताजा असर की बात करें, तो पाकिस्तान के ब्‍यूरो ऑफ स्‍टैटिस्टिक्‍स के साप्ताहिक महंगाई के आंकड़े के मुताबिक, बीते 11 मार्च को समाप्त सप्ताह में महंगाई सूचकांक SPI सालाना आधार पर 6.44% बढ़ गया. पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल के दाम बढ़ने के साथ ही खाद्य पदार्थों की महंगाई दर में तेज इजाफा हुआ है. ब्रेड, दूध से लेकर आटा-दाल-चावल तक खाने-पीने की तमाम चीजों के दाम बेतहाशा बढ़े हैं। अफगानिस्तान से युद्ध ने बढ़ाई मुसीबत पहले से ही बदहाल पाकिस्तान के लिए मुसीबत अफगानिस्तान के साथ चल रहे उसके युद्ध ने और भी बढ़ा दी है. हालांकि, ये संघर्ष 2025 के अंत में ही सीमा पर तनाव बढ़ने के बाद शुरू हो गया था और अब ये भीषण रूप ले चुका है. युद्ध की टेंशन में आयात और निर्यात सुस्त पड़ गया है. सीमा पर तनाव ने जरूरी सामानों की आवाजाही बाधित कर दी है, जिससे पाकिस्तान में तमाम जरूरी चीजों के दाम में तेज इजाफा हुआ है और देश के लोगों पर महंगाई की तगड़ी मार पड़ रही है। खासतौर पर तोरखम और चमन जैसे बॉर्डर रूट्स बंद होने से ताजे सामान बंद हो गए हैं, तो वहीं पाकिस्तान में कारोबारियों की मुसीबत को अफगान कोयले की कमी ने बढ़ा दिया है. सीमेंट निर्माता कंपनियों की टेंशन भी कोयले की आपूर्ति बंद होने से चरम पर पहुंच गई है।

भोपाल में 96 अवैध निर्माणों पर कार्रवाई, केरवा-कलियासोत में स्कूल और रेस्टोरेंट बने थे ‘नो कंस्ट्रक्शन जोन’ में

भोपाल  शहर की खूबसूरती और पर्यावरण की जान माने जाने वाले केरवा और कलियासोत जलाशय अब अपने पुराने स्वरूप में लौटेंगे। राज्य सरकार ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के सामने स्वीकार किया है कि इन जलाशयों के आसपास के ग्रीन बेल्ट में बड़े पैमाने पर नियमों की धज्जियां उड़ाई गई हैं। भोपाल विकास योजना 2005 के प्रावधानों को ताक पर रखकर यहां जो निर्माण हुए थे, अब उन्हें हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। 13 फरवरी 2026 को मंत्रालय में हुई हाई-लेवल मीटिंग के बाद अब जमीन का सीमांकन शुरू हो गया है। क्या-क्या बना है ‘नो-कंस्ट्रक्शन जोन’ में? सरकार द्वारा पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार, कुल 96 निर्माणों को अवैध पाया गया है। इनमें से 84 सरकारी जमीन पर हैं और 12 निजी जमीन पर, जो ‘नो-कंस्ट्रक्शन जोन’ के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। FTL के 33 मीटर में बड़ा खतरा जलाशयों के फुल टैंक लेवल (FTL) से 33 मीटर के दायरे को सबसे संवेदनशील माना जाता है। केरवा जलाशय के इस दायरे में 16 पक्के निर्माण पाए गए हैं। इनमें से 2 सरकारी जमीन पर हैं, जिन्हें हटाने के आदेश राजस्व कोर्ट ने दे दिए हैं। बाकी 14 निजी जमीन पर हैं, जिन पर अब राजस्व विभाग नियमों के तहत कार्रवाई करने की तैयारी में है। मंत्रालय में हुई बैठक में साफ कर दिया गया है कि भोपाल विकास योजना 2005 के क्लॉज 2.57 का कड़ाई से पालन होगा। 150 हेक्टेयर की यह जमीन केवल प्रकृति के लिए सुरक्षित रहेगी, यहां किसी भी निजी स्वार्थ के लिए कोई जगह नहीं है। अब बनेगा बॉटनिकल गार्डन सरकार की योजना यहां 150 हेक्टेयर क्षेत्र में एक विशाल बॉटनिकल गार्डन और रीजनल पार्क बनाने की है। इसके लिए टीएंडसीपी विभाग ने मैप तैयार कर लिया है। खसरा रिकॉर्ड को मास्टर प्लान के मैप पर सुपरइम्पोज कर दिया गया है, जिससे अब एक-एक इंच जमीन का हिसाब साफ हो गया है। कलेक्टर भोपाल को निर्देश दिए गए हैं कि वे राजस्व विभाग के जरिए इस पूरी जमीन को जल्द से जल्द बाउंड्री बनाकर सुरक्षित करें। अब तक क्या हुआ? 13 फरवरी 2026 को मंत्रालय में निर्णायक बैठक हुई। इसके बाद 28 फरवरी 2026 को 69 में से 28 अवैध निर्माणों को प्रशासन ने जमींदोज कर दिया। जबकि बाकी अतिक्रमणकारियों के खिलाफ बेदखली वारंट जारी हो चुके हैं। क्यों जरूरी है यह कार्रवाई? केरवा और कलियासोत न केवल भोपाल के जल स्तर को बनाए रखते हैं, बल्कि यह क्षेत्र बाघों और अन्य वन्यजीवों का कॉरिडोर भी है। पिछले कुछ वर्षों में यहां होटल, रेस्टोरेंट और फार्म हाउस की बाढ़ आ गई थी, जिससे पर्यावरण संतुलन बिगड़ने लगा था। एनजीटी में दायर एक याचिका के बाद अब यह पूरा मामला कोर्ट की सीधी निगरानी में है।

ड्रोन सखी बनीं आगर की रीना, आधुनिक खेती में महिलाओं की बदलती भूमिका

आधुनिक खेती में महिलाओं का बढ़ता कदम, आगर की रीना बनीं ड्रोन सखी ड्रोन तकनीक से बदली तस्वीर भोपाल आधुनिक तकनीक अब ग्रामीण भारत की महिलाओं को भी आत्मनिर्भरता की नई उड़ान दे रही है। आगर जिले के ग्राम थडोदा की रीना चंदेल इसका प्रेरक उदाहरण हैं। आजीविका मिशन और नाफेड के सहयोग से प्राप्त ड्रोन संचालन प्रशिक्षण ने रीना को न केवल नई पहचान दी, बल्कि उन्हें गांव-गांव में आधुनिक खेती की अग्रदूत बना दिया है। अब रीना ड्रोन तकनीक के माध्यम से किसानों के खेतों में स्प्रे कर रही हैं और पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खेती-किसानी के क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद रीना ने जिले में किसानों के खेतों तक ड्रोन तकनीक पहुंचाने का काम शुरू किया। वह स्वयं ड्रोन का संचालन करती हैं और खेतों में कीटनाशक व पोषक तत्वों का स्प्रे करती हैं। खरीफ सीजन में रीना ने 42 किसानों की लगभग 121 एकड़ जमीन पर ड्रोन के माध्यम से स्प्रे किया और प्रति एकड़ 500 रुपये की दर से सेवा प्रदान की। वहीं रबी सीजन में उन्होंने 56 किसानों की लगभग 156 एकड़ जमीन पर ड्रोन स्प्रे कर आधुनिक कृषि पद्धति को बढ़ावा दिया। रीना की सक्रियता और मेहनत को देखते हुए कृषि विभाग ने उन्हें “कृषि सखी” की जिम्मेदारी भी सौंपी है। जिला स्तरीय प्रशिक्षण के बाद वह समूह की महिलाओं और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दे रही हैं। इस कार्य के लिए उन्हें विभाग की ओर से प्रतिमाह 5 हजार रुपये का मानदेय भी दिया जा रहा है। रीना चंदेल की कहानी यह दर्शाती है कि यदि अवसर और प्रशिक्षण मिले तो ग्रामीण महिलाएं भी तकनीक के क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर सकती हैं। ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीक के उपयोग से उन्होंने न केवल अपनी आय का स्रोत बढ़ाया है, बल्कि किसानों को भी समय और श्रम की बचत के साथ बेहतर खेती की दिशा दिखाई है। आज रीना अपने गांव की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। उनकी यह सफलता बताती है कि बदलते समय में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और आधुनिक तकनीक को अपनाकर गांव और खेती दोनों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।  

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