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भोपाल से रानी कमलापति से बनारस स्पेशल ट्रेन का संचालन16 जनवरी से शुरू होगा

 भोपाल  उत्तर प्रदेश प्रयागराज में 13 जनवरी 2025 से शुरू होने वाले महाकुंभ मेले को लेकर जहां एक तरफ प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। तो वही दूसरी तरफ पश्चिम मध्य रेलवे ने भोपाल से प्रयागराज के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। जिसके लिए बुकिंग भी शुरू कर दी गई हैं।  स्पेशल ट्रेनों का संचालन इंदौर से 21 जनवरी 2025 से होगा। तो वही रानी कमलापति से बनारस स्पेशल ट्रेन (01661) 16 जनवरी से शुरू होगा। जिसको लेकर रेलवे ने तैयारी शुरू कर दी है। महाकुंभ  26 फरवरी तक चलेगा। 45 दिन तक चलने वाले इस  महाकुंभ मेला में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेगे। जिसको देखते हुए रेलवे ने महाकुंभ स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। ऐसे होगा स्पेशल ट्रेनों का संचालन 1- रानी कमलापति-बनारस स्पेशल ट्रेन (01661) 16 जनवरी से 20 फरवरी तक प्रत्येक सोमवार एवं गुरुवार को संचालित होगी। ट्रेन रानी कमलापति से सुबह 11:10 बजे प्रस्थान करेगी। शाम को जबलपुर और अगले दिन सुबह 10:15 बजे बनारस पहुंचेगी। 2- बनारस-रानीकमलापति स्पेशल ट्रेन (01662) से 17 जनवरी से 21 फरवरी तक प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को संचालित होगी। ट्रेन बनारस से दोपहर 14:45 बजे प्रस्थान करेगी। अगले दिन भोर में जबलपुर और फिर आरकेएमबी सुबह 11:30 बजे पहुंचेगी। 3- सोगरिया-बनारस स्पेशल ट्रेन (09801) 17 जनवरी से 21 फरवरी तक प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को संचालित होगी। ट्रेन सोगरिया स्टेशन से सुबह 8:15 बजे प्रस्थान करेगी। अगले दिन सुबह 10.15 बजे बनारस पहुंचेगी। 4- बनारस-सोगरिया स्पेशल ट्रेन (09802) 18 जनवरी से 19 फरवरी तक प्रत्येक बुधवार एवं शनिवार को संचालित होगी। ट्रेन बनारस स्टेशन से दोपहर 14:45 बजे प्रस्थान करेगी। अगले दिन दोपहर 15:45 बजे सोगरिया पहुंचेगी। इन स्टेशनों से गुजेरेगी गाड़ी रानी कमलापति-बनारस-रानी कमलापति कुम्भ मेला एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन जो कि भोपाल मंडल के रानीकमलापति, मण्डीदीप, औबेदुल्लागंज, बुदनी, नर्मदापुरम, इटारसी स्टेशन से होकर गुजरेगी एवं सोगरिया-बनारस-सोगरिया कुम्भ मेला एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन जो कि भोपाल मंडल के रूठियाई जंक्शन, गुना, अशोक नगर, मूंगावली स्टेशन से होकर गुजरेगी। महाकुंभ मेला में जाने के लिए अंचल के यात्रियों को दपूमरे की स्पेशल ट्रेन का भी लाभ मिलेगा। दक्षिण पूर्व मध्य रेल (दपूमरे) तीन महाकुंभ स्पेशल ट्रेन चलाएगा। यह ट्रेन अंचल के अन्य जिलों के श्रृद्धालुओं के लिए उपयोगी होगी। दपूमरे की बिलासपुर-प्रयारागज छिवकी-वाराणसी स्पेशल ट्रेन (08253/54) रायपुर, गोंदिया, बालाघाट, नैनपुर, जबलपुर, कटनी होकर चलेगी। इसके अतिरिक्त रायगढ़-वाराणसी (08251/52) और दुर्ग-वाराणसी (08791/92) स्पेशल ट्रेन बिलासपुर-अनूपपुर-शहडोल, उमरिया, कटनी होकर संचालित होगी  

नशामुक्त भारत अभियान के तहत छात्रावासों में नशामुक्ति समिति का गठन किया जाएगा

भोपाल नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत प्रदेश में आयुष विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों में छात्रावास नशामुक्ति समिति का गठन किया जाएगा। प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण श्रीमती सोनाली पोंक्षे वायंगणकर ने बताया कि छात्रावासों में नशामुक्ति समितियों के गठन का निर्णय राज्य स्तरीय समिति की बैठक में किया गया था। इसी क्रम में आयुष विभाग द्वारा अपने सभी छात्रावासों में संकायवार विद्यार्थियों की “छात्रावास नशामुक्ति समिति” का गठन किया जा रहा है। यह समितियां छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगी।  

मोहन यादव के नेतृत्व में बनी सरकार को एक साल हो गया है मगर राजनीतिक नियुक्तियां नहीं हो पा रही

भोपाल मध्य प्रदेश में निगम-मंडलों में नियुक्ति पाने के दावेदारों को अभी और इंतजार करना होगा। इसकी वजह भी है क्योंकि यह नियुक्तियां संगठन चुनाव के बाद होगी। इस बात के संकेत सत्ता और संगठन की ओर से दिए जा रहे हैं। राज्य में मोहन यादव के नेतृत्व में बनी सरकार को एक साल हो गया है मगर राजनीतिक नियुक्तियां नहीं हो पा रही हैं। तमाम दिग्गज नेता निगम और मंडलों में पद पाने की कतार में लगे हुए हैं। जो विधायक मंत्रिमंडल में जगह नहीं हासिल कर पाए थे वह भी इन पदों पर नियुक्ति पाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए हैं। वर्तमान में राज्य में 50 से ज्यादा निगम मंडल ऐसे हैं जहां नियुक्तियां होनी है। इन पदों पर नियुक्तियों के लिए कई बार कवायदें चली, मगर वह अंजाम तक नहीं पहुंच पाई हैं। इसकी बड़ी वजह नेताओं द्वारा अपने समर्थकों की नियुक्तियां कराने का दबाव बनाना रही है। राज्य के प्रमुख नेता केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान हों, ज्योतिरादित्य सिंधिया हों, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर हों या भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा सभी अपने-अपने करीबियों को बड़ी जिम्मेदारियां दिलाना चाहते हैं। सत्ता और संगठन के गलियारे से यह बात सामने आने लगी है कि राजनीतिक नियुक्तियां फिलहाल नहीं होने वाली। यह नियुक्तियां संगठन चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। यहां हम आपको बता दें कि संगठन चुनाव की प्रक्रिया पूरा होने में लगभग दो माह का वक्त लग सकता है। इस तरह इन दावेदारों को अभी और इंतजार करना होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजनीतिक नियुक्तियों के लिए बहुत लंबी कतार है। एक तरफ भाजपा के पुराने कार्यकर्ता हैं तो दूसरी तरफ दल बदल कर पार्टी में आने वालों की संख्या भी कम नहीं है। ऐसे में स्थित एक अनार सौ बीमार जैसी बनी हुई है। पार्टी को सभी को संतुष्ट करने की बड़ी चुनौती है और यही कारण है कि राजनीतिक नियुक्तियां आसानी से नहीं हो पा रही हैं। बात संगठन चुनाव के बाद की कही जा रही है मगर ऐसा हो पाएगा यह भी बड़ा सवाल है।  

रेलवे ने मध्य प्रदेश के स्टेशनों से चलने व गुजरने वाली 28 ट्रेनों में जनरल कोच की संख्या में इजाफा किया

भोपाल कड़ाके की ठंड के मौसम में आर्थिक रूप से कमजोर रेलवे यात्रियों के लिए रेलवे ने स्पेशल इंतजाम किया है। रेलवे ने लोगों को बैठकर यात्रा करने के लिए जनरल कोच बढ़ाने का फैसला लिया है। सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि रेलवे ने मध्य प्रदेश के स्टेशनों से चलने व गुजरने वाली 28 ट्रेनों में जनरल कोच की संख्या में इजाफा किया है। इन 28 ट्रेनों में अब 2 की बजाय 4 जनरल कोच(Railways increased genral coaches) होंगे। भोपाल रेल मंडल ने बताया कि सामान्य कोच में सफर करने वाले रेल यात्रियों की संया को देखते हुए रेलवे ने यह निर्णय लिया है। 28 ट्रेनों में बढ़ी जनरल कोच की संख्या -11466/11465 जबलपुर-सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस -22181/22182 जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर गोंडवाना एक्सप्रेस -12192/12191 जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर श्रीधाम एक्सप्रेस -12121/12122 जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस -11449/11450 जबलपुर-श्री माता वैष्णव देवी कटरा-जबलपुर एक्सप्रेस -12194/12193 जबलपुर-यशवंतपुर-जबलपुर एक्सप्रेस -12189/12190 जबलपुर-हजरत निज़ामुद्दीन-जबलपुर महाकौशल एक्सप्रेस -12160/12159 जबलपुर-अमरावती-जबलपुर एक्सप्रेस -19822/19821 कोटा-असारवा-कोटा एक्सप्रेस -19813/19814 कोटा-सिरसा-कोटा एक्सप्रेस -19807/19808 कोटा-सिरसा-कोटा एक्सप्रेस -12181/12182 जबलपुर-अजमेर-जबलपुर दयोदय एक्सप्रेस -22192/22191 जबलपुर-इंदौर-जबलपुर ओवर नाइट एक्सप्रेस -11464/11463 जबलपुर-सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस

बैलेट पेपर से चुनाव कराओ, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा: प्रियंका गांधी वाड्रा

नई दिल्ली कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने शुक्रवार को लोकसभा में अपने पहले संबोधन में बैलेट पेपर को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “बैलेट पेपर से चुनाव कराओ, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। आप राजनीति में न्याय की बात कर रहे हैं। आप लोग सरकार को पैसों के बल पर गिरा दे रहे हैं।” प्रियंका गांधी ने आगे कहा, “मेरे सत्तापक्ष के साथी आज खड़े हुए और तमाम गिनती करने लगे कि ऐसा हुआ, तो वैसे हुआ। 1975 में यह हुआ, तो आप सीख लीजिए ना। आप लोग भी अपनी गलती के लिए माफी मांग लीजिए। आप भी बैलेट पर चुनाव कर लीजिए।” उन्होंने कहा, “विपक्षी नेताओं पर फर्जी मुकदमे लगाए जा रहे हैं। विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है।” उन्होंने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “लोगों के बीच में भय फैलाने वाले लोग आज खुद भय में जी रहे हैं। ऐसा डर का माहौल तो पहले अंग्रेजों के राज में भी नहीं था। लेकिन, यह देश डर से नहीं, बल्कि साहस से चलेगा।” प्रियंका गांधी ने कहा, “पहले राजा भेष बदलकर जनता के बीच में जाते थे। अब राजा भेष बदलते हैं, लेकिन वह जनता के बीच में नहीं जाते हैं और ना ही वह लोगों द्वारा अपनी आलोचना सुनना पसंद करते हैं। आज का राजा जनता के बीच में जाने से डरता है। मौजूदा समय में यह सरकार आलोचना से डर रही है। ऐसी स्थिति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। इस सरकार में सदन में चर्चा कराने की बिल्कुल भी हिम्मत नहीं है।” उन्होंने संभल हिंसा का भी जिक्र अपने संबोधन में करते हुए कहा, “संभल के कुछ लोग हमसे मिलने आए थे, जो मृतक के परिवार के सदस्य हैं। उनमें दो बच्चे अदनान और उजैर थे। उनमें से एक मेरे बेटे की उम्र का था और दूसरा उससे छोटा, 17 साल का। उनके पिता एक दर्जी थे। उनका एक ही सपना था कि वह अपने बेटे को डॉक्टर बनाएंगे और उसका दूसरा बेटा भी सफल होगा। 17 वर्षीय अदनान ने मुझे बताया कि वह बड़ा होकर डॉक्टर बनेगा और अपने पिता के सपने को साकार करेगा। यह सपना और आशा उसके दिल में हमारे भारत के संविधान ने डाली है।”

मौसम विभाग ने बताया- राजस्थान में कड़ाके की ठंड, फतेहपुर में पारा शून्य से नीचे

जयपुर राजस्थान में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है और फतेहपुर में पारा शून्य से नीचे पहुंच गया। मौसम विभाग ने यह जानकारी दी। मौसम केंद्र, जयपुर के अनुसार पिछले 24 घंटे में राज्य में एक दो स्थानों पर अत्यंत शीतलहर तथा कहीं कहीं शीतलहर दर्ज की गई। बृहस्पतिवार रात को न्यूनतम तापमान फतेहपुर में शून्य से 0.1 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। इसके अलावा, यह चुरू में 3.1 डिग्री, करौली में 3.6 डिग्री, पिलानी में 4.0 डिग्री, संगरिया में 4.3 डिग्री, सीकर व सिरोही में 5.0 डिग्री, अलवर में 5.8 डिग्री, गंगानगर में 6.4 डिग्री व बीकानेर में 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगभग पूरे राजस्थान में न्यूनतम तापमान में 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट देखी गई। मौसम केंद्र के अनुसार, राज्य में आगामी दिनों में मौसम मुख्यत: शुष्क बने रहने की संभावना है। आगामी दो तीन दिन में राज्य के उत्तरी भागों व शेखावटी इलाके में कुछ स्थानों पर शीतलहर चलने व न्यूनतम तामपान दो से छह डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।  

विगत डेढ़ साल से इंदौर में पदस्थ थे DFO महेन्द्र सोलंकी, कमिश्नर के साथ की थी मीटिंग, फि कर ली आत्महत्या

इंदौर इंदौर के संभागीय वनमंडल अधिकारी महेन्द्र सिंह सोलंकी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दोपहर 2:30 तक उन्होंने इंदौर कमिश्नर के साथ मीटिंग में शामिल हुए थे। विगत डेढ़ साल से इंदौर में पदस्थ थे। मौत के कारणों की जांच की जा रही है। मौके से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। मीटिंग के बाद डीएफओ महेन्द्र सोलंकी ने नवरत्नबाग स्थित अपने घर पर फांसी लगाई। जानकारी के अनुसार घर में उनके माता-पिता मौजूद थे, पत्नी खरगोन गई हुईं थी। दो बेटे हैं जो घर पर नहीं थे। ऐसा बताया जा कि सोलंकी ने पारिवारिक समस्याओं के चलते ये आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं, फॉरेंसिक टीम भी मौके पर मौजूद है। घटना की जानकारी जुटाई जा रही है। आत्महत्या की खबर के बाद मौके पर पहुंची दो थानों की पुलिस थाने की सीमा को लेकर उलझी रही।

BJP ने लोक सभा सांसदों के लिए व्हिप जारी किया

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को अपने सभी राज्यसभा सांसदों के लिए ‘तीन लाइन का व्हिप’ जारी किया, जिसमें उनसे 16 और 17 दिसंबर को भारत के संविधान पर निर्धारित बहस के दौरान उच्च सदन में उपस्थित रहने का आग्रह किया गया।  भाजपा के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, “राज्यसभा में सभी भाजपा सदस्यों को सूचित किया जाता है कि भारत के संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ पर विशेष चर्चा सोमवार, 16 दिसंबर और मंगलवार, 17 दिसंबर 2024 को राज्यसभा में की जाएगी।” भाजपा के बयान में कहा गया है, “इसलिए, राज्यसभा में भाजपा के सभी सदस्यों से अनुरोध है कि वे दोनों दिन यानी सोमवार, 16 दिसंबर और मंगलवार, 17 दिसंबर 2024 को सदन में उपस्थित रहें और सरकार के रुख का समर्थन करें।” 75वीं वर्षगांठ पर लोकसभा में विशेष चर्चा बहस के बारे में बोलते हुए, भाजपा आरएस सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, “भारतीय संविधान बहुत मजबूत और सुदृढ़ है। अगर इसका अक्षरशः पालन किया गया होता, तो आज मौजूद सांप्रदायिकता, अलगाववाद, जातिवाद की भावनाएँ पनपती नहीं… कांग्रेस ने संविधान में इतने बदलाव किए… संविधान सभी को प्रेरित करता है…” शुक्रवार और शनिवार को संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ पर लोकसभा में विशेष चर्चा हो रही है, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बहस की शुरुआत करेंगे। रक्षा मंत्री ने निचले सदन में बहस की शुरुआत करते हुए कहा, “हम भारत के लोगों ने 26 नवंबर 1949 को संविधान को अपनाया था…मैं इस सदन और देश के सभी नागरिकों को संविधान को अपनाने के 75 साल पूरे होने के अवसर पर हार्दिक बधाई देता हूं…मैं कह सकता हूं कि हमारा संविधान सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक जीवन के सभी पहलुओं को छूकर राष्ट्र निर्माण का मार्ग प्रशस्त करता है।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 दिसंबर को देंगे चर्चा का जवाब शुक्रवार को दोपहर 12 बजे दो दिवसीय बहस शुरू हुई। भाजपा के 12 से अधिक नेताओं के बहस में भाग लेने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 दिसंबर की शाम को चर्चा का जवाब देंगे। सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह 16 दिसंबर को राज्यसभा में बहस की शुरुआत करेंगे। शीतकालीन संसद का पहला सत्र 25 नवंबर को शुरू हुआ था, जिसमें व्यवधानों के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही काफी पहले स्थगित कर दी गई थी। शीतकालीन सत्र 20 दिसंबर तक चलेगा।

वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों के पहले बैच को उच्च सदन में विचार किए जाने के लिए रखा

नई दिल्ली राज्यसभा में सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 44,143 करोड़ रुपये के अतिरिक्त शुद्ध नकदी व्यय संबंधी अनुदान की अनुपूरक मांगों को विचार करने के लिए रखा। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों के पहले बैच को उच्च सदन में विचार किए जाने के लिए रखा जिसमें 87,762.56 करोड़ रुपये के सकल अतिरिक्त व्यय को अधिकृत करने के लिए संसद की अनुमति मांगी गई है। इसमें से, शुद्ध नकद व्यय से संबंधित प्रस्ताव कुल मिलाकर 44,142.87 करोड़ रुपये के हैं तथा मंत्रालयों/विभागों की बचत या बढ़ी हुई प्राप्तियों/वसूलियों के साथ सकल अतिरिक्त व्यय कुल मिलाकर 43,618.43 करोड़ रुपये है। अतिरिक्त व्यय में उर्वरक सब्सिडी योजना के लिए 6,593.73 करोड़ रुपये, कृषि और कृषक कल्याण के लिए 9,000 करोड़ रुपये तथा रक्षा के लिए 8,000 करोड़ रुपये का व्यय शामिल है। इसमें विदेश मंत्रालय के व्यय के लिए 3,000 करोड़ रुपये तथा गृह मंत्रालय के खर्चों के लिए 4,800 करोड़ रुपये की मांग शामिल है। सरकार की ओर से इन अनुपूरक मांगों को कल लोकसभा में विचार और मंजूरी दिए जाने के लिए रखा गया था सरकार ने 2024-25 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों को राज्यसभा में विचार के लिए रखा गया था।  

उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग ने परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को नए साल का तोहफा, 31 दिसंबर से शुरू होंगे म्यूचुअल ट्रांसफर

  लखनऊ उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग ने परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को नए साल का तोहफा दिया है! छह महीने में दूसरी बार म्यूचुअल ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है. बेसिक शिक्षा परिषद ने सर्दी की छुट्टियों में एक से दूसरे जिले में पारस्परिक स्थानान्तरण की तैयारियां शुरू कर दी हैं. यह छह महीने में दूसरी बार होगा जब शिक्षकों को अंतरजनपदीय म्यूचुअल ट्रांसफर का अवसर मिलेगा. 31 दिसंबर से शुरू होगा म्यूचुअल ट्रांसफर शिक्षक सेवा नियमावली के अनुसार, गर्मी और सर्दी की छुट्टियों में तबादले का प्रावधान है. इस बार भी जिले से जिले की बजाय स्कूल से स्कूल में स्थानान्तरण की योजना है. यह प्रक्रिया 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश में पूरी की जाएगी. जून में हुआ था 2700 से ज्यादा शिक्षकों का ट्रांसफर इससे पहले इसी साल गर्मी की छुट्टियों में 19 जून को 2796 परिषदीय शिक्षकों (1398 जोड़े) का तबादला हुआ था. हालांकि, तबादले का शासनादेश दो जून 2023 को जारी हुआ था, लेकिन कानूनी अड़चन के कारण शिक्षकों को सालभर इंतजार करना पड़ा था. परिषद ने शासन को भेजा प्रस्ताव स्थानान्तरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद से बड़ी संख्या में शिक्षक फिर से तबादला करने का अनुरोध कर रहे हैं. बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा जा रहा है. सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी का कहना है कि शासन से अनुमति मिलने पर सर्दी की छुट्टियों में अंतरजनपदीय पारस्परिक तबादले की प्रक्रिया की जाएगी.  

उमरिया बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक पर्यटक की हार्ट अटैक से मौत

उमरिया  कोलकाता से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व घूमने आए एक पर्यटक की मौत हो गई है। इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक पर्यटक का नाम अरुण कुमार दास पिता आनंद मोहन दास उम्र 79 साल निवासी साल्ट लेक कोलकाता बताया गया है। पर्यटक के साथ उनके परिवार के सदस्य भी मौजूद हैं। उनके बेटे ने सुबह तकलीफ होने के बाद अरुण कुमार दास को होटल के कर्मचारियों की मदद से जिला स्वास्थ्य अस्पताल पहुंचाया। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। सुबह आया हार्ट अटैक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला में स्थित अरण्यक रिजॉर्ट के कर्मचारियों ने बताया कि सुबह लगभग 4 बजे के बीच अरुण कुमार दास को तकलीफ होना शुरू हो गई थी। उन्हें सीने में दर्द हो रहा था। क्योंकि एके दास हार्ट पेशेंट थे और पहले भी बीमार हो चुके थे इसकी जानकारी उनके परिवार को थी। इसलिए उन्होंने तुरंत ही उन्हें अस्पताल ले जाने की इच्छा जताई। इसके बाद रिसोर्ट के कर्मचारियों ने वहां की व्यवस्था करवाई जिस एके दास को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान अरुण कुमार दास ने दम तोड़ दिया। अस्पताल में हुई मौत इस बारे में जानकारी देते हुए जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ केसी सोनी ने बताया कि बांधवगढ़ से एक पर्यटक को अटैक आने के बाद उमरिया अस्पताल लाया गया था। जिला अस्पताल में पहुंचने तक उनकी स्थिति काफी खराब हो चुकी थी। फिर भी उनके यहां उपचार शुरू किया गया और उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल जिला अस्पताल प्रबंधन ने घटना की सूचना पुलिस को दे दी इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ कर दी।

अवध ओझा ने विवाद को खारिज करते हुए कहा कि राजा को महल में ही रहना पड़ता है, यह बात हुई वायरल

नई दिल्ली प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले शिक्षक और मोटिवेशनल स्पीकर अवध ओझा राजनीति में एंट्री के बाद से ही काफी चर्चा में हैं। पटपड़गंज सीट से आम आदमी पार्टी (आप) के प्रत्याशी बनाए गए अवध ओझा ने अब अरविंद केजरीवाल से जुड़े बंगला विवाद पर जो कहा वह वायरल हो गया है। अवध ओझा ने विवाद को खारिज करते हुए कहा कि राजा को महल में ही रहना पड़ता है। उन्होंने अपनी बात समझाने के लिए भगवान राम का भी उदाहरण दिया। एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में अवध ओझा से पूछा गया था भाजपा ने सीएम आवास का वीडियो शेयर किया है और याद दिलाया है कि केजरीवाल कहते थे कि ना गाड़ी लूंगा ना बंगला लूंगा, ना गाड़ी लूंगा, अब देखिए आवास कितना आलीशान बना लिया गया है। ओझा ने कहा, ‘मैंने तो वह आवास देखा नहीं है। लेकिन प्रभु राम जंगल में रहे और जब जंगल से तपस्या करके लौटे तो राजा को महल में ही रहना पड़ता है। राजा का एक आवास होता है। प्रभु राम अगर जंगल में महल बनाते तो लोग कहते कि यह कौन सी तपस्या है जी। एक आधिकारिक प्रोटोकॉल होता है कि राजा को ऐसा रहना है। एक मुख्यमंत्री है उसको एक जगह से दूसरी जगह जाएगा तो उसका प्रोटोकॉल होगा। शब्द है एक तो उसमें कोई बात ही नहीं है।’ ओझा ने कहा, ‘मैं जहां तक अरविंद केजरीवाल को जानता हूं, अगर वो व्यक्तिगत जीवन में जाएंगे तो फिर झोपड़ी में ही रहेंगे। बहुत साधारण, सिंपल और सरल किस्म के इंसान है। लेकिन राजा के साथ कुछ चीजें जुड़ी हुई हैं तो मुख्यमंत्री आवास में रहते हैं। आप उसे महल कहो, पैलेस कहो वह एक अलग चीज है।’ गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल बतौर सीएम जिस बंगले में रहते थे उसे भाजपा ‘शीशमहल’ कहते हुए आरोप लगाती है कि सुख-सुविधा के लिए ‘आप’ मुखिया ने गलत तरीके से करोड़ों रुपए खर्च किए। भाजपा केजरीवाल के पुरानी बातें याद दिला रही है, जब उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री को बड़े बंगले की आवश्यकता नहीं होती है। हाल ही में भाजपा ने कथित शीशमहल का वीडियो जारी करके केजरीवाल की घेराबंदी तेज कर दी है। इस बीच अवध ओझा की ओर आई यह दलील खूब चर्चा में है। अवध ओझा का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। कुछ लोग अवध ओझा का एक और वीडियो साझा करके सवाल दाग रहे हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि लोकतंत्र में नता नहीं जनता राजा है।

राजनाथ सिंह ने अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद किया और उनके बहाने ही राहुल गांधी पर भी इशारों में गहरा तंज कसा

नई दिल्ली शीत सत्र में कई दिनों तक लगातार हंगामे के बाद आज संविधान पर चर्चा शुरू हुई तो पहला भाषण रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का हुआ। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर संविधान की अवहेलना करने और हमेशा उसके मुकाबले सत्ता को ही चुनने का आरोप लगाया। उन्होंने इस दौरान पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद किया और उनके बहाने ही राहुल गांधी पर भी इशारों में गहरा तंज कसा। राजनाथ सिंह ने कहा कि 1995 में अटल बिहारी वाजपेयी जेनेवा गए थे। उन्होंने तत्कालीन सरकार के कदमों की तारीफ की थी और भारत का पक्ष रखा। यही नहीं भारत लौटे तो यहां भी वही बात की। आज तो ऐसी स्थिति है कि विपक्ष के नेता विदेश जाकर भारत के ही खिलाफ बोलते हैं। राजनाथ सिंह ने इस दौरान शाहबानो केस का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अदालत ने एक मुस्लिम महिला के पक्ष में फैसला सुनाया तो कांग्रेस की बहुमत वाली सरकार ने उसे ही पलट दिया। अब जाकर मोदी सरकार ने तीन तलाक पर कानून बनाकर मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिया है। रक्षा मंत्री ने कहा, ‘कांग्रेस को जब भी सत्ता और संविधान को चुनना था तो उन्होंने सत्ता को ही चुना। मैंने आपातकाल में जेल काटी। 40 दिन तो मुझे तनहाई बैरक में रहना पड़ा। यही नहीं इस दौरान मेरी मां का निधन हो गया, लेकिन अंतिम विदाई के लिए भी छोड़ा नहीं किया गया। राजनाथ सिंह ने कहा कि संविधान अंधेरे में प्रकाश स्तंभ है।’ उन्होंने कहा कि यूपी में कई बार ऐसा हुआ कि हमारे पास बहुमत रहा, फिर भी सरकार बनाने से रोकने की कोशिश हुई। 6 दिसंबर, 1992 को कल्याण सिंह की सरकार ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद भी जानबूझकर बर्खास्तगी का आदेश जारी किया गया था। रक्षा मंत्री ने आपातकाल का भी जिक्र किया और कहा कि मैं खुद 6 महीने तक जेल में बंद रहा। हालात यह थे कि 40 दिन तो तनहाई बैरक में रखा गया। इस दौरान मेरी मां का निधन हुआ और वह लंबे समय तक अस्पताल में भी रहीं। मैं उन्हें अस्पताल में देखने नहीं गया और उनकी मौत के बाद अंतिम विदाई में शामिल होने का भी मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा कि आर्टिकल 356 का इस्तेमाल करके राज्य सरकारों को बर्खास्त करने कांग्रेस का इतिहास रहा है। 100 बातों की एक बात है कि कांग्रेस ने हमेशा संविधान और सत्ता में से सत्ता को ही चुना। उन्होंने इस दौरान बीते 75 सालों में समानता की ओर बढ़ने वाले कदमों का भी जिक्र किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी लैंगिक समानता के लिए कदम उठाए हैं। 7 दशकों से अधिक समय से संविधान भारत को दिशा दिखा रहा है और वह मजबूत होता जा रहा है। इस दौरान राजनाथ सिंह ने भीमराव आंबेडकर की एक टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान यदि अच्छा भी है तो बुरे लोगों के हाथ में जाकर वह खराब हो जाता है। यदि खराब है, लेकिन अच्छे लोग चलाएं तो वह अच्छा हो जाता है।

राज्यसभा में जगदीप धनखड़ ने खुद को बताया किसान का बेटा, खरगे बोले- मेरा संघर्ष आपसे भी ज्यादा, जमकर हंगामा

नई दिल्ली राज्यसभा में अविश्वास प्रस्ताव और हंगामे को लेकर सभापति जगदीप धनखड़ विपक्ष पर बुरी तरह भड़क गए। सदन में शोरशराबे के बीच जगदीप धनखड़ ने कांग्रेस नेता प्रमोत तिवारी से कहा कि आप लोग तो 24 घंटे यही काम करते हैं। लेकिन मैं किसान का बेटा हूं और कमजोर नहीं हूं। मैं देश के लिए मर जाऊंगा लेकिन मैंने झुकना नहीं सीखा है। यहां एक किसान का बेटा क्यों बैठा है। मैंने बहुत कुछ बर्दाश्त किया। आपको किसी के खिलाफ प्रस्ताव लाने का अधिकार है लेकिन आप तो संविधान का ही अपमान कर रहे हैं। सभापति धनखड़ की इस बात पर राज्यसभा में विपक्षी नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि वह दूसरे दलों के नेताओं के खिलाफ बोलने के लिए बीजेपी के नेताओं का उत्साहवर्धन करते हैं। उन्होंने कहा, मैं भी किसान का बेटा हूं। मैंने आपसे ज्यादा संघर्ष किया है। आप हमारी पार्टी के नेताओं का अपमान कर रहे हैं। आप कांग्रेस का अपमान कर रहे हैं। हम यहां आपकी प्रशंसा सुनने नहीं बल्कि चर्चा करने आए हैं। धनखड़ ने कहा, मैं पीड़ा महसूस कर रहा हूं। मेहरबानी करके आप भी कुछ सोचिए। मैंने आपको इज्जत देने में कई कमी नहीं की है। मैंने बहुत दुख बर्दाश्त किया है। उन्होंने कहा, आज किसान खेत तक सीमित नहीं बल्कि हर जगह काम कर रहे हैं। वे उद्दोगों में हैं और नौकरियों में भी हैं। आप लोगों ने संविधान की धज्जियां उड़ा दीं। आपका प्रस्ताव आ गया है और अब 14 दिन बाद इसपर फैसला हो जाएगा। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने विपक्ष पर नाराजगी जताते हुए और कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी को संबोधित करते हुए कहा कि आप अनुभवी नेता हैं फिर भी आपने हमें क्या-क्या नहीं कहा। आपने एक मुहिम चला रखी है। प्रमोद तिवारी जी, आपने तुम-तुम कर क्या बात की है। खरगे जी की इज्जत करता हूं। मैं अनुरोध करता हूं कि मान्यवर मुझपर कृपा करिए। जो समय ठीक लगे मुझसे मिलने का समय निकालिए। आप नहीं आ सकते तो मैं खुद आऊंगा। इसके बाद खरगे और धनखड़ के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। धनखड़ ने कहा, सबकी सुनूंगा। किसी भी हालत में कमजोर नहीं पड़ूंगा। आपको कल समय दिया आप बोल नहीं पाए। खरगे ने कहा कि आपको अगर सदन को चलाना है तो आपको भेदभाव नहीं करना चाहिए। इसके बाद धनखड़ ने होथ जोड़कर कहा, आपने समय का कैसे उपयोग किया। कुछ तो दिल पसीजा होगा। उन्होंने कहा, आप खुद सोचिए और सोने से पहले चिंतन कीजिए कि आपके लोग क्या करते हैं। खऱगे ने कहा, मैं तो किसान मजदूर का बेटा हूं। आप सबको बोलने दे रहे हैं और आप हमारी पार्टी के लोगों का अपमान कर रहे हैं। अगर आप ऐसे ही सदन चलाना चाहते हैं तो इसकी जिम्मेदारी आपकी है। खरगे ने कहा, यहां हम आपकी तारीफ करने नहीं आए हैं। इसपर धनखड़ ने तंज कसते हुए कहा, पूरा देश जानता है कि आपको किनकी तारीफ पसंद है।

अतुल सुभाष मामले में अब घर पहुंची पुलिस, लेकिन देर रात भागे थे ससुरालवाले, नोटिस भी चस्पा किया

नई दिल्ली इंजीनियर अतुल सुभाष की हत्या के मामले में पुलिस ऐक्शन तेज हो गया है। खबर है कि बेंगलुरु पुलिस ने जौनपुर स्थित अतुल की पत्नी निकिता सिंघानिया के आवास पर दस्तक दी है। हालांकि, परिवार बीती रात से ही फरार है। कर्नाटक पुलिस ने निकिता, उसकी मां निशा सिंघानिया, भाई अनुराग सिंघानिया और अंकल सुशील सिंघानिया के खिलाफ अतुल के भाई की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर ली थी। पुलिस कार्रवाई का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी नजर आ रहे हैं। कर्नाटक पुलिस ने जांच के लिए नोटिस चस्पा कर दिया है। हाल ही में एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें कथित तौर पर निकिता के भाई अनुराग और मां निशा घर के बाहर मौजूद पत्रकारों को धमकी देते हुए नजर आ रहे थे। अतुल ने सुसाइड नोट में चारों सदस्यों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। घर से भागे अतुल सुभाष के ससुरालवाले पुलिस के एक अधिकारी ने गुरुवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से पुष्टि की कि रात करीब एक बजे निकिता की मां निशा सिंघानिया और उनका बेटा अनुराग उर्फ पीयूष सिंघानिया यहां खोवा मंडी इलाके में अपने घर से मोटरसाइकिल से निकले और तब से वापस नहीं लौटे। सोशल मीडिया पर कथित वीडियो क्लिप में भी उन्हें आधी रात के आसपास घर से निकलते हुए दिखा जा सकता है। घर के बाहर बढ़ाई सुरक्षा जौनपुर के पुलिस अधीक्षक अजयपाल शर्मा ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए खोवा मंडी क्षेत्र में नियमित स्तर पर पुलिस की तैनाती की गई है। इस बीच, कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक मिथिलेश मिश्रा ने कहा कि पुलिस को निशा सिंघानिया और अन्य को गिरफ्तार करने, उन्हें घर से बाहर निकलने से रोकने या उन्हें नजरबंद करने का कोई आदेश नहीं मिला है। परिवार चाहे सख्त ऐक्शन बुधवार को सुभाष के भाई विकास ने कहा, ‘मैं चाहता हूं कि मेरे भाई को न्याय मिले। मैं चाहता हूं कि इस देश में एक ऐसी कानूनी प्रक्रिया हो जिसके जरिए पुरुषों को भी न्याय मिल सके। मैं उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहता हूं जो विधिक पद पर बैठे हैं और भ्रष्टाचार कर रहे हैं, क्योंकि अगर यह जारी रहा तो लोग न्याय की उम्मीद कैसे कर पाएंगे।’ सुभाष का शव सोमवार को मराठाहल्ली पुलिस थाना क्षेत्र के मंजूनाथ लेआउट इलाके में स्थित उनके घर में फंदे से लटका मिला था।

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