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नेपाल पर चीन के बढ़ते कर्ज का बोझ चिंता का विषय बनता जा रहा है, BRI पर जतानी पड़ी सहमति

नेपाल नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने चीन के साथ अपने संबंध मजबूत करने की नीति अपनाते हुए चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) पर अपनी सहमति जताई है। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने भारत से दूरी बनाते हुए चीन के साथ अपने आर्थिक और कूटनीतिक संबंध मजबूत करने की नीति अपनाई है। लेकिन उनके इस कदम से नेपाल पर चीन के बढ़ते कर्ज का बोझ चिंता का विषय बनता जा रहा है। केपी शर्मा ओली इस साल चौथी बार प्रधानमंत्री बने हैं। उन्होंने परंपरा तोड़ते हुए कार्यकाल की शुरुआत के बाद भारत के बजाए चीन का दौरा किया और चीन को खुश करने की कोशिश की। वहीं चीन ने भी नेपाल को स्थल से जुड़ा हुआ देश बताते हुए और वहां के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए समर्थन दे रहा है। बीजिंग में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई बैठक में 9 पुराने समझौतों को दोहराया गया, जिनमें बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) प्रमुख है। इसके तहत नेपाल को चीन के कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स से जोड़ा जा रहा है। हालांकि, आलोचकों का मानना है कि यह सहयोग नेपाल को चीन के कर्ज के जाल में और गहराई तक धकेल सकता है। नेपाल अपने अधिकांश व्यापार और ईंधन आपूर्ति के लिए लंबे समय तक भारत पर निर्भर रहा है, अब चीन पर निर्भरता बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। नेपाल का दो-तिहाई व्यापार भारत के साथ होता है, जबकि चीन के साथ केवल 14% व्यापार है। बावजूद इसके, चीन अब नेपाल का सबसे बड़ा कर्जदाता बन गया है। पोखरा में चीन द्वारा निर्मित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा इस बढ़ती निर्भरता का प्रतीक है। लेकिन भारतीय हवाई क्षेत्र का उपयोग न कर पाने जैसी चुनौतियों ने इस परियोजना की उपयोगिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ओली की चीन-समर्थित परियोजनाओं को लेकर विपक्षी दल और गठबंधन सहयोगी आलोचना कर रहे हैं। उनका मानना है कि चीन से कर्ज लेकर शुरू की जा रही परियोजनाएं नेपाल को दीर्घकालिक आर्थिक संकट में डाल सकती हैं। 2016 में भारत द्वारा छह महीने के लिए तेल आपूर्ति रोकने के बाद ओली ने चीन से पेट्रोलियम आयात का समझौता किया था, जिससे भारत पर निर्भरता कम करने का प्रयास शुरू हुआ। लेकिन अब विशेषज्ञ सवाल उठा रहे हैं कि क्या चीन पर बढ़ती निर्भरता नेपाल के लिए भारत से दूरी बनाने का सही विकल्प है। कर्ज की बढ़ती मात्रा और परियोजनाओं के स्थायित्व को लेकर बढ़ती चिंताओं ने ओली की नीति पर गहरी बहस छेड़ दी है। नेपाल का यह झुकाव कूटनीति का एक नया अध्याय तो जरूर है, लेकिन इसके दीर्घकालिक प्रभाव नेपाल के आर्थिक और रणनीतिक भविष्य के लिए कितने लाभकारी होंगे, यह समय ही बताएगा।

मनोज जारांगे ने राज्य सरकार से 5 जनवरी तक मराठा आरक्षण का मुद्दा सुलझाने को कहा, दिया अल्टिमेटम

मुंबई मुंबई के आजाद मैदान में भव्य तरीके से महायुति सरकार का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न होने के एक दिन बाद ही मराठा आरक्षण का मुद्दा गरमाने लगा है। मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे पाटिल ने नई सरकार को सीधी चेतावनी देते हुए एक महीने का अल्टीमेटम दिया है। मनोज जारांगे ने राज्य सरकार से 5 जनवरी तक मराठा आरक्षण का मुद्दा सुलझाने को कहा है। जारांगे ने कहा कि वह महायुति सरकार के गठन के लिए शुभकामनाएं देते हैं लेकिन अब लोगों की समस्याओं का समाधान करना जरूरी है। मनोज जारांगे ने कहा, “अगर सरकार 5 जनवरी तक मराठा समुदाय की सभी मांगें पूरी नहीं करती है तो मराठा फिर से आंदोलन में खड़े होंगे और सरकार की नाक में दम कर देंगे।” उन्होंने मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम को बधाई देते हुए कहा कि आइए मराठा आरक्षण के मुद्दे पर अब शुरुआत करें, नाटक बंद करें। साथ ही उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद हम समाज का ख्याल रखने के लिए सामूहिक भूख हड़ताल की तारीख की घोषणा करेंगे, ध्यान रहे, जनता ने आपको चुना है, आप लोगों का दिल जीतने के लिए काम करें। जारंग ने कहा कि अगर फडणवीस मराठा आरक्षण का मुद्दा सुलझा लेंगे तो यह अच्छी बात है। एक दिन पहले 5 दिसंबर को देवेन्द्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री, एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। भव्य शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस मंत्रालय पहुंचे। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की अध्यक्षता में बुधवार को महायुति सरकार की पहली कैबिनेट बैठक हुई। इसके बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कई सवालों के विस्तार से जवाब दिए। मराठा आरक्षण के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तथ्य पहले ही राज्य विधानसभा में उठाया जा चुका है। पिछली सरकार ने केंद्र को ऐसी रिपोर्ट भेजी थी कि उसे डेटा नहीं मिल रहा था। इस बीच काफी कार्रवाई हुई, हमने कोर्ट में सपोर्टिंग एफिडेविट दिया। फिलहाल मामला कोर्ट में विचाराधीन है। हमने अपना मामला स्पष्ट कर दिया है। देवेंद्र फड़नवीस ने बताया कि पिछली सरकार में हमने ही मराठा समुदाय को न्याय देने की कोशिश की थी और हम मराठा समुदाय को न्याय दिलाकर रहेंगे।

भारतीय ज्ञान परम्परा को आगे बढ़ाने, संरक्षित रखने और जीवित रखने में भारतीय महिलाओं ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई: श्रीमती गौर

भोपाल भारतीय ज्ञान परम्परा को आगे बढ़ाने, संरक्षित रखने और जीवित रखने में भारतीय महिलाओं ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। भारतीय संस्कृति में महिलाओं के ज्ञान की अनदेखी नहीं की जा सकती। भारतीय समाज में प्राचीन वैदिक काल से लेकर वर्तमान तक महिलाओं का सम्मानीय स्थान रहा है। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने उक्त आशय की बातें कहीं। राज्य मंत्री श्रीमती गौर शुक्रवार को विज्ञान भारतीय की महिला इकाई शक्ति द्वारा मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी में आयोजित 3 दिवसीय “स्त्री’’ सम्मेलन के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रही थीं। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि समाज की उन्नति और अवनति का सीधा संबंध समाज में महिलाओं की प्रस्थिति और उनके सम्मान से रहा है। समाज में जब और जिस समय महिलाओं का सम्मान रहा है, उस समय के समाज ने उन्नति और प्रगति का सफर तय किया है। जब-जब समाज में महिलाओं के सम्मान में कमी आयी है, तब के समाज में पतन की स्थिति देखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि वैदिक काल में महिलाओं की सम्मानीय स्थिति और वैदिक काल के युग में भारत विश्व गुरु के रूप में जाना जाता था। भारतीय समाज के निर्माण में नारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भारतीय वेदों, शास्त्रों और ऋचाओं को लिखने वाली महिलाएँ थीं। महिलाएँ अनेक अवसरों पर शास्त्रार्थ करती थीं। प्राचीन भारत में महिलाओं को स्वतंत्रता और अनेक अधिकार प्राप्त थे। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि भारतीय इतिहास के मध्य काल में महिलाओं के सम्मान में कमी आयी। महिलाओं को अनेक अधिकारों से वंचित भी किया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में महिलाएँ हर क्षेत्र में आगे आ रही हैं। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि आज 21वीं सदी में महिलाएँ आत्म-निर्भर हैं। उन्होंने आज के युग की विभिन्न क्षेत्रों की सफल महिलाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि महिलाओं ने हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की तीसरी बड़ी अर्थ-व्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि हम टेक्नालॉजी पर आधारित 21वीं सदी में आगे बढ़ रहे हैं। हमें टेक्नालॉजी और नवाचारों के साथ आगे बढ़ना है और साथ में अपनी परम्पराओं से भी जुड़े रहना है। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने शक्ति के तत्वावधान में स्त्री-2024 के आयोजनकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने इस अवसर पर लगायी गयी प्रदर्शनी का अवलोकन किया और प्रदर्शनी में भाग ले रहे विभिन्न कलाकारों और उद्यमियों से उनके उत्पादों के संबंध में चर्चा की। स्त्री सम्मेलन को प्रो. चांसलर आरएनटीयू डॉ. अदिति चक्रवर्ती ने भी संबोधित किया। मेनिट के निदेशक प्रो. के.के. शुक्ला, महानिदेशक एमपीसीएसटी डॉ. अनिल कोठारी, निदेशक एनआईटीटीआर डॉ. सी.सी. त्रिपाठी, संयोजक स्त्री-2024 प्रो. अनुपमा शर्मा, शक्ति की राष्ट्रीय अध्यक्ष और अन्य अतिथि उपस्थित थे।  

बीना विधायक निर्मला सप्रे की मुश्किल बढ़ी, कोर्ट में याचिका पर सुनवाई के लिए 9 दिसंबर तारीख की निर्धारित

 सागर  सागर जिले के बीना की कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे की विधायकी पर खतरा मंडराने लगा है. निर्मला सप्रे की सदस्यता समाप्त करने को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाई गई याचिका हाई कोर्ट ने स्वीकार कर ली है. इंदौर हाई कोर्ट में याचिका पर सुनवाई के लिए 9 दिसंबर तारीख निर्धारित की गई है. उल्लेखनीय है कि सागर जिले के बीना की एकमात्र कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे को विधानसभा की सदस्यता से बर्खास्त करने के लिए कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र सौंपा था. इस पत्र में उल्लेख किया गया था कि लोकसभा चुनाव के पहले निर्मला सप्रे में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है, इसलिए उन्हें विधानसभा की सदस्यता से निष्कासित किया जाए. इसी मुद्दे को लेकर अभी तक फैसला नहीं हुआ है. मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का कहना है कि विधानसभा अध्यक्ष की ओर से फैसला नहीं लिए जाने पर उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.  हाई कोर्ट की ओर से उनकी याचिका स्वीकार कर ली गई है. अब 9 दिसंबर को सुनवाई होना है. जानिए क्या है पूरा मामला कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे विधानसभा चुनाव के बाद अचानक बीजेपी के मंच पर दिखाई दीं. उन्हें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बीजेपी की पट्टिका भी पहनाया. यह पूरा घटनाक्रम लोकसभा चुनाव के पहले घटित हुआ. हालांकि निर्मला सप्रे की ओर से दूसरी पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के बावजूद अभी तक विधानसभा से इस्तीफा नहीं दिया गया है. उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को लिखित में यह पत्र दिया है कि उन्होंने बीजेपी ज्वाइन नहीं किया, जबकि उनका कांग्रेस से मोह भंग हो चुका है. अब कांग्रेस उनकी सदस्यता समाप्त करना चाहती है. बीजेपी ने भी किनारा किया और कांग्रेस भी विरोध में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा के मुताबिक निर्मला सप्रे लिखित में दिया है कि उन्होंने बीजेपी की औपचारिक सदस्यता ग्रहण नहीं की है. यदि वे बीजेपी में आना चाहे तो उनका स्वागत है. दूसरी तरफ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि निर्मला सप्रे को बीजेपी की ओर से आने वाले समय में बीना से चुनाव लड़ना चाहिए. उन्होंने भाजपा ज्वाइन की है लेकिन अब निर्मल सप्रे अपनी बात से मुकर रही है. हाई कोर्ट में जो याचिका दायर की गई है उसमें सबूत के तौर पर कांग्रेस ने वीडियो फोटो और समाचार पत्रों में प्रकाशित की गई ख़बरों को आधार बनाकर निर्मला सप्रे की विधानसभा की सदस्यता समाप्त करने की गुहार लगाई है. याचिका पर 9 दिसंबर को पहली सुनवाई होना है. यदि दल बदल कानून के तहत सदस्यता समाप्त होने का फैसला सामने आता है तो बीना में उपचुनाव होना तय है.

गुरु तेग बहादुर के बलिदान और स्मृतियों को किया नमन, दिया बड़ा बयान, कहा- उन्होंने कश्मीरी पंडितों को धर्म परिवर्तन से बचाया

लखनऊ सूबे के मुखिया सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरु श्री तेग बहादुर जी महाराज के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। यहियागंज स्थित गुरुद्वारा में उन्होंने गुरु तेग बहादुर के बलिदान और स्मृतियों को नमन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सिख पंथ के अनुयायियों ने अपनी साधना और सामर्थ्य से अपने कौम के साथ-साथ पूरे देश को और पूरे सनातन धर्म को न केवल सुरक्षा प्रदान की बल्कि एक लंबे समय के लिए उन्हें अभय भी प्रदान किया। कश्मीरी पंडितों को धर्म परिवर्तन से बचाया – योगी कश्मीरी पंडितों पर कश्मीर में हुए अत्याचार को याद करते हुए सीएम योगी ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी महाराज ने उस समय कश्मीर को बचाया था जब वहां के सनातन धर्मावलंबियों को विदेशी आक्रांताओं द्वारा धर्म परिवर्तन करने का आदेश मिला था। गुरु तेग बहादुर ने धर्म परिवर्तन के आदेश के बाद सुरक्षा के लिए भटक रहे कश्मीरी पंडितों को न सिर्फ नया जीवन दिया था बल्कि उनसे कहा था कि अत्याचारियों से कह दो कि पहले हमारे गुरु को इस्लाम स्वीकार कराओ। सीएम योगी ने कहा कि गुरु तेग बहादुर ने हमेशा देश और धर्म को प्राथमिकता दी और किसी विदेशी आक्रांता के सामने सिर नहीं झुकाया। ‘मुख्यमंत्री आवास पर वीर बाल दिवस मनाया जाना मेरा सौभाग्य है’ मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ ने कहा कि गुरु तेग बहादुर अपनी शहादत के पहले सनातन धर्म की रक्षा के लिए, देश और धर्म की रक्षा करने के लिए गुरु गोविंद सिंह जी महाराज जैसा सशक्त शक्तिपुंज भी देश को दिया। उनके चार-चार साहिबजादे बलिदान हो गए। सीएम योगी ने कहा कि हम प्रधानमंत्री मोदी जी के आभारी हैं, जिन्होंने 26 दिसंबर की तिथि को वीर बाल दिवस के रूप में आयोजित करने की घोषणा की। यह मेरा सौभाग्य है कि वीर बाल दिवस साल 2020 से लगातार मुख्यमंत्री आवास में पूरी भव्यता के साथ आयोजित हो रहा है। पूरा संत समाज इसमें शामिल होता है।

एसीसी अंडर-19 एशिया कप में भारत ने श्रीलंका को आसानी से हराकर फाइनल का टिकट कटाया

नई दिल्ली एसीसी अंडर-19 एशिया कप 2024 का दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला शारजाह क्रिकेट स्टेडियम पर खेला गया, जहां भारत ने सात विकेट से जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बना ली। भारत ने श्रीलंका को आसानी से हराकर फाइनल का टिकट कटाया। मोहम्मद अमान ने छक्के के साथ जीत दिलाई। भारतीय टीम की जीत के हीरो वैभव सूर्यवंशी के साथ, चेतन शर्मा और आयुष म्हात्रे रहे। वैभव ने 36 गेंदों पर 67 रन बनाए। चेतन शर्मा ने 8 ओवर में 34 रन देकर तीन विकेट चटकाए। वहीं आयुष म्हात्रे ने 10 ओवर में 37 रन देकर दो विकेट चटकाए और 28 गेंदों पर 34 रन भी बनाए। 21.4 ओवर में मोहम्मद अमान ने छक्का लगाया और इसके साथ ही टीम इंडिया को सात विकेट से शानदार जीत दिलाई। भारत ने 21.4 ओवर में तीन विकेट पर 175 रन बनाकर मैच अपने नाम किया। इससे पहले भारत ने श्रीलंका को 173 रनों पर समेट दिया था। कप्तान अमान 25 रन बनाकर नॉटआउट लौटे।  20 ओवर में भारत का स्कोर तीन विकेट पर 160 रन बना लिए हैं। भारत जीत से अब ज्यादा दूर नहीं है। जीत के लिए भारत को महज 14 रन और चाहिए। 16.2 ओवर में सिद्धार्थ के रूप में भारत को तीसरा झटका लगा। सिद्धार्थ 22 रन बनाकर आउट हुए। भारत जीत से महज 26 रन दूर है। जीत दर्ज करते ही भारत फाइनल में पहुंच जाएगा। 13.4 ओवर में भारत ने 132 रनों पर वैभव सूर्यवंशी के रूप में दूसरा विकेट गंवाया। सूर्यवंशी ने 36 गेंदों पर 67 रन ठोके। भारत अब जीत से ज्यादा दूर नहीं है। भारत ने 12 ओवर में एक विकेट पर 121 रन बना लिए हैं। भारत जीत से अब महज 53 रन दूर है। वैभव सूर्यवंशी 59 रन बनाकर जबकि आंद्रे सिद्धार्थ 14 रन बनाकर खेल रहे हैं। भारत ने 10 ओवर में एक विकेट खोकर 108 रन बना लिए हैं। आयुष 28 गेंद में 34 रन बनाकर आउट हुए। 174 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को वैभव और आयुष ने दमदार शुरुआत दिलाई है। दोनों के बीच 70 से ज्यादा रन की साझेदारी हो चुकी है।

काल भैरव को 6 लाख का चढ़ावा, उज्जैन में मंदिर समिति ने खोली 7 भेंट पेटी

उज्जैन  काल भैरव मंदिर की सात दान पेटियां गुरुवार को खोली गई। काल भैरव मंदिर समिति के अनुसार पिछले दो माह में बाबा काल भैरव के खजाने में 16 लाख 48 हजार 970 रुपए की आय हुई है। मंदिर के गर्भगृह में रखी दो छोटी भेंट पेटी में प्राप्त राशि की गणना शुक्रवार को की जाएगी। महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन को आने वाले देशभर के श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन के बाद सीधे बाबा काल भैरव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। काल भैरव मंदिर में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। मंदिर समिति की प्रशासक संध्या मार्कंडेय ने बताया कि काल भैरव मंदिर में गुरुवार को बड़ी भेंट पेटियां खोल कर भेंट राशि की गिनती की गई है। देर शाम तक गिनती होने के बाद इस बार भेंट पेटी से दो माह के दौरान 16 लाख 48 हजार 970 रुपए की राशि मंदिर समिति को प्राप्त हुई है। भेंट राशि की गिनती पूर्ण होने के बाद राशि मंदिर समिति के खाते में जमा करवाई गई है। इसके अलावा शुक्रवार को मंदिर के गर्भगृह में रखी छोटी भेंट पेटी की गणना की जाएगी। बाबा महाकाल के दर्शन को आने वाले भक्त काल भैरव मंदिर जरूर जाते हैं। महाकाल लोक बनने के बाद पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है। इसके चलते शनिवार से सोमवार और अवकाश या त्योहार पर काल भैरव मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। मंदिर समिति को आय का साधन भेंट पेटी काल भैरव मंदिर समिति की आय का मुख्य साधन यह दान राशि ही है। काल भैरव मंदिर में किसी भी तरह के पूजन के लिए कोई शासकीय रसीद या शीघ्र दर्शन टिकट या अन्य किसी तरह की रसीद काटने की कोई व्यवस्था नही है। इसके अलावा मंदिर परिसर में लगी दीप मालिका को प्रज्ज्वलित कराने वाले भक्तों के माध्यम से जो कुछ रसीदें वर्ष भर में कटवाई जाती है, उसमें मंदिर समिति के पास केवल 700 रुपए पहुंचते हैं।

पेयजल कूप के बाहरी हिस्सा के चारो तरफ फट गई कांक्रीट

डिंडौरी  एक तरफ सरकार के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में लोंगो की प्यास बुझाने व दैनिक निस्तार के लिए पेयजल कूप का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे लोंगो को किसी भी प्रकार के पेयजल की समस्या न हो,वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदारों के द्वारा पेयजल कूप निर्माण के नाम पर भारी भृष्टाचार करते हुए गुणवत्ताविहीन कराकर स्वयं का जेब भरने में लगे हुए है। जिम्मेदारों के द्वारा कराए गए कूप निर्माण चंद महीनों में ही भृष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। चंद महीने में खुल गई गुणवत्ता की पोल मामला जनपद पंचायत अमरपुर के ग्राम पंचायत देवरी माल का सामने आया है। जहां सरपंच – सचिव के द्वारा वित्तीय वर्ष 2023 – 24 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत लगभग 5 लाख रु की लागत से कोमल के घर पास पेयजल कूप का निर्माण कराया गया है। जो चंद महीने में पेयजल कूप निर्माण में कराए गए गुणवत्ता की पोल खुल गई है। दरअसल पेयजल कूप के बाहरी हिस्सा के चारो तरफ मोटी दरार पड़ गई है। जिससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि निर्माण एजेंसी के द्वारा कूप निर्माण के दौरान गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा गया है। बताया गया कि सरपंच सचिव के द्वारा मापदंड को दरकिनार करते हुए कुआं का निर्माण घटिया तरीके से कराया गया है। मुरुम दबने के कारण फट रही कांक्रीट जानकारी के अनुसार कुआं निर्माण कराने के बाद कुआं के बाहरी हिस्सा में चारो तरफ फैलाये गए मुरुम ठीक से दबने के बाद ही कांक्रीट किया जाता है,लेकिन यहां सरपंच सचिव के द्वारा मनमानी पूर्वक मुरुम ठीक से दबे बिना ही कांक्रीट कर दिया गया है,जिसके चलते कुआं के बाहरी तरफ के चारो ओर मोटी दरार हो गई है। वहीं दरार वाली जगह में मुरुम धस रही हैं। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले समय मे कुआं के बाहरी तरफ की मुरुम नीचे दब जाएगी।

परीक्षा में शामिल 25 लाख से अधिक विद्यार्थियों को अंकसूची का किया गया वितरण

भोपाल राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा प्रदेश में परीक्षा सत्र 2023-24 के कक्षा 5वीं एवं 8वीं की बोर्ड पैटर्न की परीक्षा अंकसूची का वितरण शालाओं के माध्यम से किया गया है। इस वर्ष 25 लाख 54 हजार से अधिक विद्यार्थियों को अंकसूची का वितरण किया गया है। राज्य शिक्षा केन्द्र ने कक्षा 5 एवं 8 के परीक्षा परिणाम देखने के लिये 23 अप्रैल 2024 को परीक्षा पोर्टल पर छात्रवार सुविधा प्रदान की थी। इस वर्ष छात्रवार अंकसूचियों का मुद्रण मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के माध्यम से कराया गया था। कक्षा 5 में 13 लाख 11 हजार 21 और कक्षा 8 में 12 लाख 42 हजार 992 अंकसूचियों का मुद्रण कराया गया। जिले में अंकसूची का वितरण बीआरसीसी के माध्यम से शालावार कराया गया। मान्यता प्राप्त अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त शालाओं एवं मदरसों के पंजीकृत छात्रों के मान से छात्रवार परीक्षा शुल्क का भुगतान कक्षा 5 के लिये 50 रूपये प्रति छात्र और कक्षा 8 के लिये 100 रूपये प्रति छात्र निर्धारित किया गया था। छात्रवार अंकसूचियों के वितरण से पूर्व परीक्षा शुल्क जमा कराने की सुविधा परीक्षा पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। ऐसी अंकसूची जिनमें त्रुटि है, उनमें सुधार के लिये शाला के प्राचार्य से संपर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही बीआरसीसी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी से भी इस संबंध में संपर्क किया जा सकता है। स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा 5 एवं कक्षा 8 बोर्ड पैटर्न परीक्षा की अंकसूची के वितरण व्यवस्था के संबंध में जिला परियोजना समन्वय को निर्देश दिये हैं।  

खरगे पीएम मोदी से हाथ मिलाते हैं और उनसे कुछ बातचीत करने लगते हैं, दिखा आज अलग ही अंदाज

नई दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे आमतौर पर पीएम मोदी की आलोचना करते नजर आते हैं। चुनावी रैलियों से लेकर संसद तक उनके निशाने पर प्रधानमंत्री रहते हैं। लेकिन शुक्रवार को पीएम मोदी के साथ खरगे एक अलग ही अंदाज में नजर आए। उन्होंने प्रधानमंत्री का हाथ अपने हाथों में पकड़ रखा था। उनकी बातें सुनकर पीएम मोदी हंस रहे थे। इस दौरान वहां पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद समेत कई अन्य हस्तियां मौजूद थीं। मौका था डॉ. भीमराव अंबेडकर के 69वें परिनिर्वाण दिवस पर संसद भवन के लॉन में आयोजित श्रद्वांजलि कार्यक्रम का। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि कार्यक्रम स्थल पर पीएम मोदी और मल्लिकार्जुन खरगे मिलते हैं। खरगे पीएम मोदी से हाथ मिलाते हैं और उनसे कुछ बातचीत करने लगते हैं। इस दौरान पीएम मोदी उनका हाथ पकड़े हुए नजर नजर आते हैं। इसके बाद खरगे की किसी बात पर प्रधानमंत्री जोर से हंसते हैं और खरगे के पीछे खड़े नेता की तरफ इशारा करते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष इसके बाद फिर से पीएम मोदी का हाथ पकड़ लेते हैं। वह हाथों के इशारे से कुछ कहते हैं, जिसे देखकर लगता है कि उनके बीच कुछ हंसी-मजाक चल रहा है। खरगे प्रधानमंत्री के साथ बातचीत में काफी मशगूल नजर आते हैं। इसके बाद पीछे खड़े लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, खरगे को टोकते हैं, जिसके वह अपनी बात खत्म करके अन्य माननीयों के साथ फोटो खिंचाने के लिए लाइन में खड़े हो जाते हैं। इस दौरान सत्ता और विपक्ष के तमाम नेताओं ने भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। इनमें, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले और अन्य नेता 69वें महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर डॉ. बीआर अंबेडकर को श्रद्धांजलि देने के लिए संसद भवन लॉन पहुंचे।

निशानेबाजी, भारोत्तोलन और हॉकी को 2026 युवा ओलंपिक खेलों की सूची से किया अलग

नई दिल्ली भारत की पदक संभावनाओं को बड़ा झटका देते हुए, अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के कार्यकारी बोर्ड ने सेनेगल के डकार में होने वाले 2026 युवा ओलंपिक खेलों की सूची से निशानेबाजी, भारोत्तोलन और हॉकी को हटा दिया है। निशानेबाजी, भारोत्तोलन और हॉकी को 10 गैर-पदक खेलों में शामिल किया गया है, जो युवा ओलंपिक में संलग्नता कार्यक्रम का हिस्सा होंगे। अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में 2018 के युवा खेलों में, भारत ने 13 पदक (तीन स्वर्ण, नौ रजत और एक कांस्य) जीते थे, जिनमें से निशानेबाजी ने चार पदक (दो स्वर्ण और दो रजत) दिलाए थे, जबकि हॉकी के हिस्से में दो रजत और भारोत्तोलन का योगदान एक स्वर्ण था। पेरिस ओलंपिक की दोहरी पदक विजेता स्टार निशानेबाज मनु भाकर ने लड़कियों की 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण और मिश्रित 10 मीटर एयर पिस्टल में रजत पदक जीता था। 3 दिसंबर को लुसाने में अपनी बैठक में, आईओसी कार्यकारी बोर्ड ने 31 अक्टूबर से 13 नवंबर, 2026 तक आयोजित होने वाले 2026 युवा ओलंपिक खेलों (वाईओजी) के लिए प्रतियोगिताओं और एथलीट कोटा की पुष्टि की है। युवा ओलंपिक में 15 से 18 वर्ष की आयु के एथलीट भाग लेंगे। Also Read – सोनीपत: विदेश भेजने के नाम पर लाखों की ठगी, आरोपी गिरफ्तार आईओसी ने अपनी वेबसाइट पर कहा, … यह निर्णय लिया गया कि डकार 2026 में सभी 35 अंतरराष्ट्रीय महासंघों (आईएफ) की आधिकारिक भागीदारी को बनाए रखा जाएगा, जिसमें 25 खेल प्रतियोगिता कार्यक्रम में शामिल होंगे और 10 खेल सहभागिता कार्यक्रम का हिस्सा होंगे। डकार 2026 प्रतियोगिता कार्यक्रम में शामिल 25 खेलों में से प्रत्येक से एक अनुशासन का प्रदर्शन करेगा। इसके अतिरिक्त, डकार 2026 में एक सहभागिता कार्यक्रम होगा जिसमें 10 खेल दिखाए जाएंगे। जिन 25 खेलों में पदक दिए जाएंगे वे एथलेटिक्स (ट्रैक और फील्ड), एक्वेटिक्स (तैराकी), तीरंदाजी, बैडमिंटन, बेसबॉल (बेसबॉल 5), बास्केटबॉल (3×3), मुक्केबाजी, ब्रेकिंग, साइकिलिंग (रोड साइकिलिंग), घुड़सवारी (जंपिंग), तलवारबाजी, फुटबॉल (फुटसल), जिमनास्टिक (कलात्मक), हैंडबॉल (बीच हैंडबॉल), जूडो, रोइंग (कोस्टल रोइंग), रग्बी (रग्बी सेवेंस), नौकायन, स्केटबोर्डिंग (स्ट्रीट), टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, ट्रायथलॉन, वॉलीबॉल (बीच वॉलीबॉल), कुश्ती (बीच कुश्ती) और वुशु हैं। 2018 के वाईओजी में सिमरन कौर ने लड़कियों की फ़्रीस्टाइल 43 किग्रा में रजत पदक जीता था, लेकिन 2026 के संस्करण में केवल बीच रेसलिंग ही होगी। इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले 10 गैर-पदक खेल कैनो-कयाक, गोल्फ़, हॉकी, कराटे, आधुनिक पेंटाथलॉन, शूटिंग, स्पोर्ट क्लाइम्बिंग, सर्फिंग, टेनिस और भारोत्तोलन हैं। आईओसी ने कहा, ये खेल प्रतियोगिता कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे, लेकिन साइट पर और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से इंटरैक्टिव गतिविधियों के माध्यम से इनका प्रचार किया जाएगा, जिससे वाईओजी के अभिन्न अंग और आधिकारिक हिस्से के रूप में उनकी भूमिका पर जोर दिया जाएगा। कुल मिलाकर, डकार वाईओजी में 151 इवेंट होंगे, जो 2018 ब्यूनस आयर्स संस्करण से 241 कम हैं, पुरुषों और महिलाओं के लिए 72 इवेंट के साथ बराबर-बराबर विभाजित, साथ ही सात मिश्रित-लिंग इवेंट भी होंगे। आईओसी ने कहा, ग्रीष्मकालीन वाईओजी के इतिहास में पहली बार, पूर्ण लैंगिक समानता हासिल की जाएगी – न केवल समग्र एथलीट कोटा में बल्कि हर खेल, अनुशासन और इवेंट में भी। खेलों के लिए कुल एथलीट कोटा 2,700 निर्धारित किया गया है। आईओसी ने कहा, यह प्रतियोगिता की विशिष्ट प्रकृति को बनाए रखते हुए एक अनुकूलित और कुशल कार्यक्रम प्रदान करने की आईओसी की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। यह खेलों को डकार के स्थानीय संदर्भ के अनुकूल बनाने की अनुमति देगा, फिर भी दुनिया भर के युवा एथलीटों के लिए एक प्रतिस्पर्धी मंच सुनिश्चित करेगा।  मूल रूप से 2022 में 22 अक्टूबर से 9 नवंबर तक आयोजित होने वाला 2026 वाईओजी – ग्रीष्मकालीन युवा खेलों का चौथा संस्करण – कोविड-19 महामारी के कारण 2020 टोक्यो ग्रीष्मकालीन ओलंपिक को 2021 तक स्थगित करने के परिचालन और आर्थिक परिणामों को देखते हुए चार साल की देरी हुई। 2026 वाईओजी सेनेगल की राजधानी में तीन मेजबान स्थलों – डकार, डायमनियाडियो और सैली में आयोजित किया जाएगा।  

केजरीवाल ने शाहदरा सीट पर एक महीने में 11 हजार 18 वोट कटवाने के आवेदन का दावा किया, दे रही चुनाव आयोग में आवेदन

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी दिल्ली में बड़े स्तर पर वोट कटवाने के लिए चुनाव आयोग में आवेदन दे रही है। उन्होंने शाहदरा सीट पर एक महीने में 11 हजार 18 वोट कटवाने के आवेदन का दावा करते हुए चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग चोरी-छिपे ऐसे वोटर्स का नाम हटा रहा है, जोकि जीवित हैं और अपने पते पर ही रह रहे हैं। केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐसे कुछ लोगों को पेश भी किया। पूर्व सीएम ने चुनाव आयोग से मांग की कि अब चुनाव होने तक किसी वोटर का नाम ना काटा जाए। केजरीवाल ने कहा कि भाजपा बड़े स्तर पर दिल्ली में वोट कटवाने के लिए चुनाव आयोग में आवेदन कर रही है और चुनाव आयोग में चोरी छिपे इन आवेदनों पर कार्रवाई चल रही है। आज हम एक विधानसभा का डेटा रख रहे हैं। आने वाले समय में और विधानसभा क्षेत्रों का डेटा रखा जाएगा। शाहदरा विधानसभा क्षेत्र में पिछले एक महीने में भाजपा ने 11 हजार 18 वोट कटवाने के लिए आवेदन दिया है। इसमें हर पेज पर भाजपा के पदाधिकारी विशाल भारद्वाज के हस्ताक्षर हैं। भाजपा ने लेटर हेड पर आवेदन दिए हैं। चुनाव तक पता नहीं कितने वोट कटवाएंगे। इन आवेदनों में कहा गया है कि ये लोग या तो शिफ्ट हो गए हैं या मर गए हैं। हमारे लिए कम समय में सबकी जांच करना संभव नहीं था हमने 500 लोग छांटे। कई पते तो नहीं मिले, लेकिन 500 से 372 लोग ऐसे मिल जो वहीं रह रहे हैं। केजरीवाल ने कहा कि इनमें से अधिकतर आम आदमी पार्टी के वोटर्स हैं। शाहदरा विधानसभा क्षेत्र में 1 लाख 86 हजार वोटर्स हैं। भाजपा 11 हजार वोट कटवाना चाहती है, यानी 6 फीसदी। पिछली बार आम आदमी पार्टी 5294 वोट से जीती थी, अब ये 11 हजार वोट कटवा रहे हैं तो चुनाव का मतलब क्या रह गया। इसमें चुनाव आयोग की भूमिका बहुत संदिग्ध है। चुनाव आयोग का नियम है कि हर दिन जितने लोगों के वोट कटने के आवेदन आते हैं, उसे हर दिन फॉर्म नंबर 10 में डालना होता है। कल तक चुनाव आयोग की वेबसाइट पर शाहदरा में केवल 487 आवेदन दिखाए जा रहे हैं। यानी भाजपा ने जो 11 हजार आवेदन दिए हैं उन पर चोरी-छिपे काम हो रहा है, इसका सबूत है कि 22 नवंबर को चुनाव आयोग ने इन पर कार्रवाई का आदेश दिया है। चुनाव आयोग की क्या मंशा है?

ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी शुरू, टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया 180 रनों पर सिमटी

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया 5 मैच की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी का दूसरा मुकाबला आज यानी, शुक्रवार 6 दिसंबर से एडिलेड में खेला जा रहा है। टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया 180 रनों पर सिमट गई है। स्टार्क ने पहली बार टेस्ट क्रिकेट में भारत के खिलाफ पंजा खोला। टीम इंडिया के लिए नीतिश रेड्डी ने 42 रनों की सर्वाधिक पारी खेली, वहीं केएल राहुल ने 37 और शुभमन गिल ने 31 रन बनाए। मिचेल स्टार्क ने मैच की पहली गेंद पर यशस्वी जायसवाल को LBW आउट कर भारत को बैकफुट पर धकेल दिया था। हालांकि इसके बाद केएल राहुल और शुभमन गिल ने अर्धशतकीय साझेदारी कर टीम को संभालने की कोशिश की, मगर स्टार्क की कहर बरपाती गेंदबाजी के आगे ये दोनों भी नहीं टिक पाए। भारत ने 16 गेंदों के अंदर राहुल, कोहली और गिल के विकेट खोए। वहीं पंत और कप्तान रोहित शर्मा भी कुछ कमाल नहीं दिखा पाए। नीतिश रेड्डी ने अंत में थोड़ा तेजी से रन बनाकर भारत को 180 के स्कोर तक पहुंचाया। ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज नाथन को 5 के निजी स्कोर पर जीवनदान मिला है। रोहित और विकेटकीपर ऋषभ पंत के बीच से गेंद छिटक गई। ऑस्ट्रेलिया की पारी शुरू ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी शुरू हो चुकी है। ख्वाजा और नाथन मैकस्वीनी संभलकर खेल रहे हैं। 180 पर सिमटा भारत, रेड्डी अर्धशतक से चूके बुमराह के आउट होने के बाद रेड्डी के पास बल्ला चलाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। 45वें ओवर की पहली गेंद पर उन्होंने मिचेल स्टार्क को बड़ा शॉट लगाने की कोशिश की मगर वह गेंद को हवा में खड़ा कर बैठे। लॉन्ग ने में ट्रेविस हेड ने शानदार कैच पकड़ उनकी 42 रनों की तूफानी पारी का अंत किया। स्टार्क ने 6 विकेट लिए।

मतपत्रों से माँक मतदान- मार्करबाड़ी गांव के नागरिकों की पहल के संदेश

डा. गिरीश महाराष्ट्र के जनपद शोलापुर का छोटा सा गांव मार्करबाड़ी अचानक सुर्खियों में आगया है। मीडिया से लेकर राजनैतिक हल्कों में उसकी चर्चा सुनायी पड़ रही है। वह इसलिए नहीं कि गांव में कोई संगीन वारदात अथवा घटना घट गयी थी। अपितु इसलिये कि गांव के लोगों ने बड़ी ही खामोशी से, अपने एक गांधीवादी कदम से लोकतन्त्र के आधारों को नयी मजबूती प्रदान की है। वह भी उस दौर में जब सत्ता प्रतिष्ठान और उस पर काबिज भाजपा और आरएसएस द्वारा लोकतन्त्र पर चहुंतरफा हमले बोले जा रहे हैं। भाजपा और उसके अधीन शासकीय मशीनरी द्वारा निर्वाचन आयोग की पक्षधरता का लाभ उठाते हुये निर्वाचन प्रक्रिया को अकल्पनीय क्षति पहुंचाई जा रही है। ईवीएम मशीन में गड़बड़ी और चुनाव परिणामों को प्रभावित करने को भांति- भांति की हेराफेरी की अनगिनत खबरें मिलती रहती हैं। ऐसी ही एक खबर महाराष्ट्र की मालशिरस विधान सभा सीट से आयी। महाराष्ट्र विधान सभा की अन्य सीटों के साथ इस सीट पर भी इसी  20 नवंबर को मतदान हुआ था और 23 नवंबर को चुनाव परिणाम आया था। एनसीपी (शरद पवार) के प्रत्याशी उत्तम राव जानकर ने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी  राम सतपुते को 13147 वोटों से हराया है। लेकिन जानकर  जिनकी कि लोकप्रियता असंदिग्ध है, को अपने ही गांव मार्करबाड़ी में भाजपा प्रत्याशी से कम वोट मिले। एनसीपी प्रत्याशी जानकर को अपने ही गांव में 843 वोट मिले हैं जबकि भाजपा प्रत्याशी को वहाँ 1003 वोट मिले। गांव के तीन मतदान केन्द्रों पर लगभग दो हजार वोट हैं जिनमें से लगभग 1900 वोट पड़े थे। बताया जाता है कि इस गांव में भाजपा के दो सौ से भी कम वोट हैं। विजयी प्रत्याशी जानकर को पराजित भाजपा प्रत्याशी से यहाँ  कम मत मिलने से गांववासियों का माथा ठनक गया। उन्हें ईवीएम पर शक था, जो और गहरा गया। अपने इस शक को मिटाने को उन्होने जो उपाय सोचा वह आज तक न तो किसी राजनेता के मस्तिष्क में आया न ही किसी ख्यातिलब्ध तकनीशियन के। अपने शक को मिटाने को गांववासियों ने बैलट पत्र से माँक वोटिंग कराने का निश्चय किया। इसके लिये उन्होने समूचे गांव को मतदान के लिये तैयार किया। मतदान का खर्च जुटाने को आपस में चन्दा किया। मतदान के जगह जगह पोस्टर लगाये गये। 3 दिसंबर को सुबह 8: 00 बजे से वोटिंग होना तय था। प्रशासन से इसकी अनुमति भी मांगी गयी। लेकिन प्रशासन ने इसे गैर कानूनी करार देकर अनुमति हेतु आवेदन को रद्द कर दिया। यद्यपि यह अनौपचारिक मतदान था, वास्तविक नहीं। गांव में भाजपा के पक्ष में मतदान करने वाले मुट्ठी भर लोग मतदान रूपी इस कदम का मुखर विरोध कर रहे थे।   बैलट से रीपोलिंग कराके गांव वाले ईवीएम से हुये मतदान में घोषित मतों से इनकी तुलना करना चाहते थे। दोनों के मत टैली कर यह तय होना था कि ईवीएम से वोट मैनेज हुये थे। लेकिन बौखलाए प्रशासन द्वारा 3 दिसंबर,  मंगलवार को सुबह ही गांव की सड़कें बन्द कर दी गयीं। चेतावनी दी गयी कि वोटिंग करने वालों पर मामले दर्ज किए जायेंगे और मतदान सामग्री जब्त कर ली जायेगी। कुछ लोग तैयार किए गए मतदान पंडाल में वोटिंग करने गये तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। शेष को बलपूर्वक खदेड़ दिया गया। इतना ही नहीं प्रशासन ने गांव में 5 दिसंबर तक के लिये धारा 163 (पूर्व की धारा 144) लगा दी जिसके तहत 5 से अधिक लोग एक जगह इकट्ठे नहीं हो सकते। सवाल यह है कि भारतीय जनता पार्टी के नेत्रत्व वाली महाराष्ट्र की कार्यवाहक महायुति सरकार मतपत्रों द्वारा होने वाली इस गैर सरकारी रीपोलिंग से इतनी भयभीत क्यों हो गयी? क्या उसे यह भय सता रहा था कि इससे उनके द्वारा चुनावों में की जाने वाली हेरा फेरी और उसका मुख्य औज़ार बनी ईवीएम की कलई खुल जायेगी। वरना इतना भय क्यों? इतनी सख्ती क्यों? क्या उन्हें भय था कि मतपत्रों से पोलिंग के परिणाम यदि वैसे ही आये जैसा कि गांववाले दावा कर रहे हैं तो इससे महाराष्ट्र विधान सभा के 23 नवंबर को आये नतीजों पर प्रश्नचिन्ह लग जायेगा और उनकी सारी खुशियाँ काफ़ूर हो जायेंगी। हाल के महाराष्ट्र विधान सभा चुनावों में महायुति ने राज्य की 288 सीटों में से 230 सीटें जीती हैं। इसमें भाजपा 132 सीटें, शिवसेना 57 और अजित पवार की एनसीपी 41 सीटों पर विजयी हुयी है। महा विकास अघाड़ी को सिर्फ 46 सीटें मिली हैं। तो क्या मार्करबाड़ी गांव के मतपत्रों से निकलने वाले परिणाम महाराष्ट्र विधानसभा के समूचे चुनाव परिणामों पर सवालिया निशान नहीं लगा देते? इन परिणामों से डरी कार्यवाहक महायुति सरकार ने अनौपचारिक मतदान को बलपूर्वक रुकवा दिया। पर इस पाबंदी से बात रुकने वाली नहीं। अकोला  और वर्धा में कुछ जगहों पर जनता द्वारा मतपत्रों के द्वारा  ऐसे माँक मतदान कराये जाने की खबरें आ रही हैं। लेकिन अब बात शायद महाराष्ट्र तक सीमित रहने वाली नहीं। लोकसभा चुनावों के दौरान भाजपा पर चुनावों में धांधली के कई आरोप लगे थे, पर निर्वाचन आयोग की पक्षधरता के चलते वे दब गये। हरियाणा विधान सभा चुनाव जिन्हें वे एक प्रतिशत से भी कम वोटों से जीते हैं, मैं भी उन पर ईवीएम में हेराफेरी और मतदान से मतगणना तक में धांधली के आरोप लगे थे। उत्तर प्रदेश जहां कि लोकसभा चुनावों में भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा, विधानसभा उपचुनावों में भाजपा की 9 में से 7 सीटों पर जीत अनेक सवाल खड़े करती है। खास कर कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र की जीत जहां अल्पसंख्यक मतदाता बहुत बड़ी संख्या में हैं और भाजपा लगातार हारती रही है। मार्करबाड़ी गांव की मतपेटियों से बाहर आने वाले परिणामों की धमक दूर दूर तक फैल चुकी है और देश ही नहीं दुनियां भर में भाजपा द्वारा लोकशाही से की जा रही खिलवाड़ की कलई खुल चुकी है। इसी डर से भाजपा महाराष्ट्र की जीत का जश्न तक नहीं मना पा रही। सामंती काल में जब शासकों पर असीम अधिकार थे, तब भी शासकों के खिलाफ नाटक एवं प्रहसन  आदि का मंचन कर जनता को जाग्रत किया जाता था। संस्कृत भाषा में महाकवि शूद्रक द्वारा रचित नाटक- मृच्छकटिकम ( मिट्टी की गाड़ी ) में तो उस समय के राज दरबार में व्याप्त भ्रष्टाचार और भाई भतीजावाद पर गहरी चोट है। पर शासकों ने न तो इसे प्रतिबंधित किया नहीं इसका मंचन रोका। यह आज तक जारी है। पर हेराफेरी से वोट हासिल कर सत्ता शिखर तक पहुंची भाजपा को नाटकीय मतदान तक  कबूल नहीं। भाजपा का डर तो समझ में आता है, पर पूरे प्रकरण पर भारी भरकम विपक्षी दलों की चुप्पी रहस्यमय है। संसद में कोई सवाल तक … Read more

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर अमेरिकी सरकार इस मामले में बांग्लादेश सरकार से बातचीत करेगी : मार्गेट मक्लाउड

 इंदौर  अमेरिकी विदेश मंत्रालय की हिंदी-उर्दू विभाग प्रवक्ता और लंदन इंटरनेशनल इंडिया हब की डिप्टी डायरेक्टर मार्गेट मक्लाउड का कहना है कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार की घटनाओं को लेकर विश्वभर में प्रत्येक मंच पर बांग्लादेश सरकार को घेरा जाने लगा है। अमेरिका की सरकार भी चिंतित है और इस मामले में बांग्लादेश सरकार के रवैये से नाखुश भी है। जल्द ही अमेरिकी सरकार इस मामले में बांग्लादेश सरकार से बातचीत करेगी। यह बात गुरुवार को मार्गेट ने इंदौर प्रेस क्लब में पत्रकारों से संवाद में कही। मार्गेट यूएस काउंसिल जनरल मुंबई के प्रवक्ता ग्रेग पारडो और मीडिया टीम के सदस्य अब्दुल बहाव शेख के साथ इंदौर के दौरे पर पहुंची थीं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार को लेकर जो खबरें सामने आ रही हैं, वे काफी चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भी अमेरिका का नजरिया साफ है। अमेरिका की सरकार यूक्रेन के लोगों की हर संभव सहायता करेगी, क्योंकि यूक्रेन के खिलाफ रूस की जंग पूरी तरह संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांत के विरुद्ध है। इजरायल और फलस्तीन विवाद पर भी मार्गेट ने कहा कि अमेरिका ने शुरू से फलस्तीन के प्रति मानवीयता की भावना रखी है। अमेरिका और इजरायल के बीच लगातार बातचीत हो रही है। अमेरिका बार्डर खोलने पर जोर देने लगा है, क्योंकि सर्दी का मौसम शुरू होने वाला है। इन दिनों फलस्तीन के लोगों को जरूरत की वस्तुएं पहुंचानी जरूरी है।  

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