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कनाडा के रडार पर ISI एजेंट कियानी, भारत ने नहीं, पाकिस्तान ने कराई निज्जर की हत्या?

नई दिल्ली खालिस्तानी आतंकवादी हदीप सिंह निज्जर की हत्या की गुत्थी अभी सुलझी नहीं है। इस बीच एक बड़ी बात सामने निकलकर आई है। कनाडा भले ही इस हत्या का आरोप भारत की सरकार पर लगा रहा है, लेकिन इस केस में अब पाकिस्तान का एंगल भी सामने आ चुका है। तारीक कियानी और उनके साथी राहत राव, जो कि ISI एजेंट हैं, दोनों को रॉयल कनाडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने हदीप सिंह निज्जर की हत्या के संबंध में जांच के घेरे में लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों ने बताया, “कनाडा में निज्जर के नजदीक जाना हर किसी के लिए संभव नहीं था। राव और कियानी कनाडा में ISI के दो प्रमुख एजेंट हैं। दोनों ही खुफिया एजेंसी के लिए सबसे अधिक सक्रिय हैं। दोनों ही उन आतंकवादियों को भी हैंडल कर रहे हैं जो भारत से कनाडा आए हैं।” पाकिस्तान ने कराई थी हत्या? सूत्रों के अनुसार, कियानी और राव को निज्जर की हत्या का आदेश दिया गया था ताकि ड्रग व्यापार को सीधे उनके द्वारा नियंत्रित किया जा सके। सूत्र ने कहा, “निज्जर समय के साथ शक्तिशाली हो रहा था और कनाडाई समुदाय में उसकी लोकप्रियता बढ़ रही थी। राव, कियानी और पन्नू को शायद इस व्यापार को नियंत्रित करने का काम दिया गया था। यह उनका मुख्य आय स्रोत था। निज्जर का पाकिस्तान के नेताओं से संबंध ISI के लिए एक समस्या बन गया था। इसलिए, शायद व्यापार को फिर से कंट्रोल करने के लिए उन्होंने निज्जर को पहला निशाना बनाया।” कियानी और राव की गतिविधियां अब कनाडा के खुफिया अधिकारियों के लिए गंभीर चिंता का कारण बन चुकी हैं। ये दोनों कथित रूप से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम कर रहे हैं और कनाडा में खालिस्तानी समर्थकों और आतंकवादियों को संरक्षण प्रदान कर रहे हैं। कनाडा में हुई हिंसा के लिए हिंदुओं को ठहराया दोषी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के एजेंट और रिपब्लिक प्लस टीवी के मालिक तारीक कियानी ने कनाडा में दीवाली से पहले हुई हिंसा का बचाव किया है। कियानी ने 3 नवंबर को हुई हिंसा के लिए हिंदुओं को जिम्मेदार ठहराया और दावा किया कि सिख शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन हिंदुओं ने ही हालात को बिगाड़ा। इस घटना से जुड़ी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं। कियानी ने एक 30 मिनट लंबी वीडियो में यह दावा किया कि हिंसा में सिखों का कोई हाथ नहीं था और यह सब हिंदुओं के कारण हुआ। उन्होंने कहा, “सिखों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन हिंदुओं ने झड़प शुरू की।” एक वीडियो में कियानी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भी बयान दिए। सूत्रों ने कहा, “उनका टीवी शो भारत की घरेलू राजनीति में दखल दे रहा है। वह कश्मीर से कन्याकुमारी तक के मुद्दों पर बोलते हैं। यह अनुचित है कि वह एक सत्तारूढ़ सरकार को अपराधी कह रहे हैं। वह गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का बचाव भी कर रहे हैं और साफ तौर पर कनाडा में उनकी मौजूदगी को नकार रहे हैं।”

कनाडा में मंदिर पर हमले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, हमले का मास्टरमाइंड है आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू का करीबी है

कनाडा कनाडा में मंदिर पर हमला करने के मामले में चौथे आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान ब्राम्पटन के 35 वर्षीय इंदरजीत गोसाल के रूप में हुई है। वह मंदिर पर हमले का मास्टरमाइंड है और खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू का करीबी है। ग्रेटर टोरंटो में हिंदू मंदिर पर हमले का प्लान इंदरजीत ने ही तैयार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश देकर छोड़ भी दिया गया। इससे पहले पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इंदरजीत गोसाल सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू का दाहिना हाथ है। हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद वही रेफरेंडम से जुड़े काम को देख रहा है। पुलिस ने बताया, गोसाल को 8 नवंबर को गिरफ्तार किया गया है। उसे जमानत पर छोड़ दिया गया है और कहा गया कि तय तारीख पर कोर्ट में हाजिर होना है। बता दें कि 4 नवंबर को खालिस्तानियों ने कनाडा में कई मंदिरों को निशाना बनाया था। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इन हमलों की निंदा करते हुए कनाडा को कड़ा संदेश दिया था। कनाडा में हिंदुओं पर इस तरह के हमले को लेकर दुनिया के कई देशों ने निंदा की थी। पुलिस ने कहा, घटना की जांच के लिए एक विशेष दल बनाया गया है और इसकी जांच की जा रही है। हमलों के आरोपियों के पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। कनाडा के सांसद चंद्र आर्य ने देश के कुछ नेताओं पर हिंदुओं और सिखों को “जानबूझकर एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने” की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि कनाडाई मूल के हिंदू और सिख एक तरफ हैं और खालिस्तानी दूसरी तरफ। आर्य की यह टिप्पणी ब्रैम्पटन के एक मंदिर में हिंदुओं पर हमले की घटना के कुछ दिन बाद आई है। आर्य ने कहा कि कनाडा के कई नेता ब्रैम्पटन की घटना को कनाडाई मूल के हिंदुओं और सिखों के बीच संघर्ष के रूप में चित्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं के जानबूझकर किए गए कृत्यों और खालिस्तानियों के प्रभाव के कारण कनाडा के लोग अब खालिस्तानियों और सिखों को एक जैसा समझने लगे हैं। खालिस्तानी झंडे लिए प्रदर्शनकारियों की गत तीन नवंबर को ओंटारियो के ग्रेटर टोरंटो क्षेत्र के ब्रैम्पटन शहर में स्थित हिंदू सभा मंदिर में लोगों के साथ झड़प हुई थी। प्रदर्शनकारियों ने मंदिर अधिकारियों और भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बाधा डाली थी। ओंटारियो के नेपियन क्षेत्र से सांसद आर्य ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “कुछ नेता जानबूझकर इस हमले के लिए खालिस्तानियों को जिम्मेदार ठहराने और उनका जिक्र करने से बच रहे हैं। वे अन्य तत्वों पर दोष मढ़ रहे हैं। वे इसे हिंदुओं और सिखों के बीच एक मुद्दे के रूप में पेश करके कनाडा के लोगों को गुमराह कर रहे हैं।” आर्य ने कहा, “खालिस्तानी चरमपंथियों द्वारा मंदिर पर किए गए हमले को लेकर नेता हिंदुओं और सिखों को इस तरह से चित्रित कर रहे हैं कि वे एक-दूसरे के खिलाफ हैं। जबकि, यह सच्ची तस्वीर नहीं है। हकीकत में हिंदू-कनाडाई और सिख-कनाडाई एक तरफ हैं और खालिस्तानी दूसरी तरफ।” 

आयुष्मान धारक मरीज नहीं जायेगे निजी अस्पताल, सरकारी अस्पतालों में निजी डॉक्टर्स करेंगे इलाज

भोपाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर जिला अस्पताल तक में आयुष्मान योजना के अंतर्गत आने वाले अधिकतर रोगियों का उपचार अब वहीं पर हो जाएगा। उन्हें मेडिकल कालेज या दूसरे बड़े अस्पताल में रेफर करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसके लिए राज्य सरकार नीति बना रही है, जिसमें किसी विशेषज्ञता के डाक्टर नहीं होने पर निजी डाक्टर को बुलाया जा सकेगा। अभी यह सुविधा मात्र भर्ती होने वाले मरीजों को मिल पाएगी। बाद में ओपीडी मरीजों के लिए भी इसका विस्तार किया जा सकता है। निजी डाक्टरों को उपचार के बदले प्रति विजिट के हिसाब से राशि दी जाएगी। यह राशि आयुष्मान भारत योजना के पैकेज से उपलब्ध कराई जाएगी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सिविल अस्पताल और जिला अस्पतालों के रोगियों को इसका लाभ मिल सकेगा। प्रदेश की लगभग 75 प्रतिशत जनसंख्या आयुष्मान योजना की परिधि में है, जिन्हें इसका लाभ मिल सकेगा। अस्पतालों में विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी बता दें कि प्रदेश में आधे से अधिक सिविल अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सभी विषय के विशेषज्ञ नहीं है। ऐसे में मरीज को भर्ती ही नहीं किया जाता। उदाहरण के तौर पर हड्डी का डॉक्टर है, लेकिन एनेस्थीसिया का नहीं है तो सर्जरी नहीं हो सकती। अब एनेस्थीसिया का निजी विशेषज्ञ बुलाया जा सकेगा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पांच तरह के विशेषज्ञ होने चाहिए। कई पद हैं रिक्त मेडिसिन, सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, शिशु रोग और एनेस्थीसिया के विशेषज्ञ मिलाकर कुल 826 पद हैं। इनमें 400 से अधिक रिक्त हैं। सर्जरी के साथ ही कई बीमारियों में एक साथ दो से तीन विषय के विशेषज्ञों की आवश्यकता होती है, पर एक के भी नहीं होने से मरीज को रेफर करना पड़ जाता है। एक सर्जरी के लिए कई तरह के विशेषज्ञ डाक्टरों की आवश्यकता सभी सीएचसी में सीजर डिलीवरी की सुविधा होनी चाहिए। इसके लिए स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ होना जरूरी है। किसी एक के भी नहीं होने से सीजर डिलीवरी नहीं हो पाती। स्थिति यह है कि 52 जिला अस्पताल, 161 सिविल अस्पताल और 348 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मिलाकर 140 अस्पतालों में ही सीजर डिलीवरी की सुविधा है। देशभर में मप्र की शिशु मृत्युदर सबसे अधिक होने के बाद यह स्थिति है। संसाधन होने के बाद भी विशेषज्ञ नहीं होने से सीजर डिलीवरी नहीं हो पा रही है।

जिला शिक्षा अधिकारियों ने नेटवर्क मार्केटिंग से जुड़े शिक्षकों की जानकारी जुटाने के लिए नोटिस जारी किए

रायपुर छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में हर्बल प्रोडक्ट्स की नेटवर्क मार्केटिंग (Network Marketing) और चिटफंड व्यवसाय (Chit Fund Business) से जुड़े फ्रॉड (Fraud) को लेकर सरकार सख्ती दिखा रही है. इसी मामले में छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग (Education Department) ने एक नोटिस जारी किया है. इसमें साफ तौर पर उन शिक्षकों (CG Teachers) के खिलाफ एक्शन लेने की बात कही गई है जो इस तरह के मामलों में लिप्त पाए जाएंगे. शिक्षा विभाग की ओर से महासमुंद, बिलाईगढ़ और कोरबा समेत अन्य जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा हर्बल लाइफ और नेटवर्क मार्केटिंग से जुड़े शिक्षकों की जानकारी जुटाने के लिए नोटिस जारी किए हैं. वहीं अब दुर्ग के जिला शिक्षा अधिकारी ने नेटवर्क मार्केटिंग और चिटफंड से जुड़े शिक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है. गरियाबंद में भी ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. स्कूल टाइम पर कई टीचर मार्केटिंग से जुड़े रहते हैं सूत्रों के मुताबिक गरियाबंद के विभिन्न स्कूलों जैसे बेहराबुड़ा, सढ़ौली, पारागांव, बेन्दकुरा, भिलाई, और आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल आदि में शिक्षकों की संख्या काफी है, जो विद्यालयीन समय में मार्केटिंग कार्यों में जुटे रहते हैं. कई मामलों में पति-पत्नी दोनों एक साथ इस व्यवसाय में जुड़े हुए हैं. व्हाट्सएप पर शिक्षकों से संपर्क करने पर हर्बल प्रोडक्ट्स के प्रचार के संदेश भी देखे गए हैं.   विशेषज्ञों का मानना है कि ये गतिविधियां न केवल शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि सरकारी सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का भी उल्लंघन कर रही हैं, जो सरकारी कर्मचारियों को अन्य व्यवसायों में संलिप्त होने से रोकता है. अधिकारियों का क्या कहना है? जिला शिक्षा अधिकारी एके सारस्वत ने बताया कि शिक्षकों की सूची मंगवाई जा रही है और जानकारी आने के बाद कार्रवाई शुरू की जाएगी.

यूक्रेन युद्ध के चलते रूस में जनसंख्या संकट और बढ़ा, ‘सेक्स मंत्रालय’ बना जन्म दर बढ़ाने के लिए रणनीति तैयार करना होगा

मॉस्को रूस में जनसंख्या घटने की गंभीर समस्या से निपटने के लिए एक बेहद अनोखे कदम पर विचार किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सहयोगी और रूसी संसद की फैमिली प्रोटेक्शन और बाल संरक्षण समिति की अध्यक्ष नीना ओस्तानीना एक ‘सेक्स मंत्रालय’ स्थापित करने के प्रस्ताव की समीक्षा कर रही हैं। इस मंत्रालय का उद्देश्य देश की जन्म दर बढ़ाने के लिए रणनीति तैयार करना होगा। यह कदम ऐसे समय पर उठाया जा रहा है जब यूक्रेन युद्ध के चलते देश में जनसंख्या संकट और बढ़ गया है। रूसी मैगजीन मोस्कविच के अनुसार, ग्लैवपीआर एजेंसी द्वारा पेश एक याचिका में ‘सेक्स मंत्रालय’ स्थापित करने का सुझाव दिया गया, जो जन्म दर से जुड़ी योजनाओं का नेतृत्व करेगा। मॉस्को की डिप्टी मेयर अनास्तासिया राकोवा ने जोर देकर कहा कि देश में जनसंख्या वृद्धि बेहद जरूरी है। राकोवा ने बताया कि मॉस्को में महिलाओं की प्रजनन क्षमता का परीक्षण करने के लिए एक विशेष तरीका अपनाया जा रहा है, जिससे महिलाओं को बच्चा पैदा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। अजीबोगरीब प्रस्तावों की हो रही चर्चा जन्म दर बढ़ाने के लिए कई अजीबोगरीब प्रस्तावों पर चर्चा की जा रही है। इनमें से एक योजना के अनुसार, रात 10 बजे से सुबह 2 बजे तक इंटरनेट और बिजली बंद करने की बात हो रही है, ताकि लोग इन घंटों में अपने रिश्तों पर ध्यान दें और बच्चे पैदा करने की दिशा में आगे बढ़ें। इसके अलावा, प्रस्ताव में गृहिणियों को उनके घरेलू कामों के लिए वेतन देने की बात है, जो उनकी पेंशन में गिना जाएगा। इसके अलावा, पहली डेट के लिए सरकार 5,000 रूबल (लगभग 40 पाउंड) की आर्थिक सहायता भी प्रदान कर सकती है, ताकि जोड़े अपने रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित हो सकें। यही नहीं, सरकारी खर्च पर जोड़ों के लिए शादी की रात के होटल में ठहरने की सुविधा भी देने का प्रस्ताव है, जिसकी लागत लगभग 26,300 रूबल (लगभग 208 पाउंड) होगी। विभिन्न क्षेत्रों में भी लोगों को बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करने के अलग-अलग उपाय लागू किए जा रहे हैं। खबारोवस्क में, 18 से 23 साल की उम्र की महिला छात्रों को बच्चे पैदा करने पर 900 पाउंड तक की राशि दी जा रही है, जबकि चेल्याबिंस्क में पहली संतान के लिए यह राशि 8,500 पाउंड तक है। जनसंख्या बढ़ाने के लिए निजी जीवन की निगरानी मॉस्को में सरकारी अधिकारी महिलाओं के निजी जीवन की गहराई से जांच कर रहे हैं। महिला पब्लिक सेक्टर कर्मचारियों को उनकी यौन और प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े सवालों से भरे विस्तृत प्रश्नावली दिए गए हैं। इस प्रश्नावली में गहरे व्यक्तिगत सवाल पूछे गए हैं, जैसे कि: – आपने यौन सक्रियता कब शुरू की? – क्या आप कंडोम या हार्मोनल गर्भनिरोधक का उपयोग करती हैं? – क्या आपको संभोग के दौरान दर्द या रक्तस्राव का अनुभव होता है? – क्या आप बांझपन का सामना कर चुकी हैं या गर्भधारण हुआ है? अगर हां, तो कितनी बार? – आपके कितने बच्चे हैं, और क्या आप अगले साल में और बच्चे पैदा करने की योजना बना रही हैं? यहां तक कि जिन कर्मचारियों ने इन प्रश्नावली को खाली छोड़ दिया, उन्हें डॉक्टर से मिलने के लिए बुलाया गया, जहां उनसे ये सवाल प्रत्यक्ष रूप में पूछे गए। इन सभी योजनाओं और पहल के बावजूद, जनसंख्या वृद्धि के लिए इस प्रकार के कदम उठाए जाने से देश में एक अलग प्रकार का सामाजिक और सांस्कृतिक विमर्श शुरू हो गया है। क्या रूस में सेक्स मंत्रालय बनाकर जनसंख्या संकट का समाधान ढूंढा जा सकेगा? यह देखना अभी बाकी है, परंतु इतना तय है कि यह पहल पूरे विश्व में चर्चा का विषय बन चुकी है।

लखनऊ ऑक्शन में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को चुनने की कोशिश करेगी: कोच लैंगर

आरसीबी को बेहतर बनाने चहल, अश्विन सहित इन खिलाड़ियों को शामिल करें : डिविलियर्स पर्थ में ख्वाजा के जोड़ीदार के तौर पर उतरेंगे मैकस्वीनी : बेली लखनऊ ऑक्शन में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को चुनने की कोशिश करेगी: कोच लैंगर मुंबई दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) में रहे स्टार बल्लेबाज एबी डिविलियर्स ने 2025 आईपीएल नीलामी को लेकर अपने सुझाव दिये हैं। डिविलियर्स ने कहा कि टीम को बेहतर बनाने के लिए गेंदबाजी में बदलाव की जरुरत है। उन्होंने कहा कि गेंदबाजी में युजवेंद्र चहल और आर अश्विन जैसे खिलाड़ियों को खिलाड़ियों को शामिल करना होगा। इसके अलावा तेज गेंदबाज के तौर पर कैगिसा रबाडा और भुवनेश्वर कुमार को भी शामिल किया जाये। डिविलियर्स ने कहा कि आरसीबी को चहल को अपनी टीम में वापस लाना चाहिए।इसके अलावा अश्विन को अपनी टीम से जोड़ना चाहिए। साथ ही कहा कि एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में ये दोनों टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं। चहल और अश्विन दोनों ही पिछले सत्र में साथ थे। ये दोनों ही राजस्थान रॉयल्स की टीम का हिस्सा थे, जिन्हें इस बार बरकरार नहीं रखा गया है। उन्होंने कहा कि रबाडा और भुवनेश्वर को टीम में लाइए। रबाडा, चहल, भुवी और अश्विन मिलकर कमाल कर सकते हैं। अब देखना होगा कि आरसीबी प्रबंधन उनकी सलाह को कितनी गंभीरता से लेता है। इसमें विराट कोहली की भी अहम भूमिका रह सकती है, जो आरसीबी के लिए पहले सत्र से खेल रहे हैं। गौरतलब है किआरसीबी ने आईपीएल के लिए 3 खिलाड़ियों को रीटेन किया है। उसने विराट कोहली को 21 करोड़, रजत पाटीदार को 11 करोड़ और यश दयाल को 5 करोड़ रुपए देकर अपनी टीम के साथ जोड़े रखा है। पर्थ में ख्वाजा के जोड़ीदार के तौर पर उतरेंगे मैकस्वीनी : बेली ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम भारत के खिलाफ 22 नवंबर से शुरु हो रही बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की तैयारियों में लगी है। इस सीरीज में ऑस्ट्रेलियाई टीम के सामने सबसे बड़ा सवाल ये था कि डेविड वार्नर के संन्यास के कारण पारी की शुरुआत के लिए किये उस्मान ख्वाजा के साथ किसे भेजा जाये क्योंकि स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ पारी की शुरुआत करते हुए असफल रहे हैं। ऐसे में अब एक युवा बल्लेबाज का नाम सामने आया है। माना जा रहा है कि भारतीय टीम के खिलाफ पर्थ में नैथन मैकस्वीनी पारी शुरु करेंगे। मैकस्वीनी अभी ऑस्ट्रेलिया ए टीम के कप्तान हैं। उनके नाम की घोषणा स्वयं मुख्य चयनकर्ता जॉर्ज बेली ने की थी। दाएं हाथ के बल्लेबाज मैकस्वीनी पहली बार अपने करियर में पारी शुरु करेंगे। मैकस्वीनी ने इंडिया ए के खिलाफ पहले मैच की दोनों पारियों में अच्छी बल्लेबाजी कर अपने चयन को सही साबित किया है। मैकस्वीनी के साथ मार्कस हैरिस शीर्ष क्रम में होंगे। वहीं 19 वर्षीय सैम कोंस्टास चौथे नंबर पर खिसक गए हैं, इससे अंदाजा होता है कि उनके अंतिम ग्यारह मेंचयन की संभवना कम है जबकि मैकस्वीनी ने पहले मैच में रन बनाकर अपनी दावेदारी मजबूत की है। वहीं, कैमरोन बैनक्रॉफ्ट तीसरे नंबर पर बने हुए हैं। मैकस्वीनी को अभी तक ओपनिंग का कोई अधिक अनुभव नहीं है, क्वींसलैंड से दक्षिण ऑस्ट्रेलिया आने के बाद से ही वह तीसरे नंबर प बल्लेबाजी करते रहे हैं। लखनऊ ऑक्शन में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को चुनने की कोशिश करेगी: कोच लैंगर आईपीएल 2025 के लिए ऑक्शन को लेकर सभी 10 फ्रेंचाइजी अपनी तैयारियों और होमवर्क में जुटी हुई है। इस बीच लखनऊ सुपर जायंट्स के मुख्य कोच जस्टिन लैंगर ने कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को टीम के साथ जोड़ने का इरादा जताया है। लखनऊ ने आईपीएल 2025 मेगा ऑक्शन से पहले निकोलस पूरन, रवि बिश्नोई, मयंक यादव, मोहसिन खान और आयुष बदौनी को रिटेन किया है। ऑक्शन के लिए इस टीम के पास 69 करोड़ रुपये का पर्स होगा। लैंगर ने फ्रेंचाइजी के सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, “यह सब रणनीति पर निर्भर करता है। लेकिन मैं बस इतना जानता हूं, ‘प्रतिभा तो प्रतिभा ही होती है, और दुनिया में बहुत कम ऑलराउंडर हैं क्योंकि ऐसा करना वाकई बहुत मुश्किल काम है। चाहे वह बल्लेबाजी ऑलराउंडर हो या गेंदबाजी ऑलराउंडर, इसलिए वे हमेशा महत्वपूर्ण होते हैं।” “यह इस मायने में एक अच्छा सवाल है कि मेरा हमेशा से मानना रहा है कि विशेषज्ञों का सबसे बड़ा प्रभाव होता है। लेकिन अगर हम मार्कस स्टोइनिस जैसे किसी खिलाड़ी को लेते हैं, तो वह अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी के साथ-साथ बोनस के तौर पर भी टीम में आ जाता है। हम नीलामी में जितने प्रतिभाशाली खिलाड़ी चुन सकते हैं, उतने चुनने की कोशिश करेंगे क्योंकि प्रतिभा और क्लास ही जीत दिलाती है।” आईपीएल 2025 में लखनऊ के शीर्ष पांच रिटेंशन तय करने के पीछे के कारण के बारे में पूछे जाने पर लैंगर ने बताया, “यह किसी के लिए भी आश्चर्य की बात नहीं होगी कि हमने रवि बिश्नोई को रिटेन किया। न केवल गेंद से बल्कि वह इस टीम गेम में एक नई जान डालते हैं। हम इस साल उनसे बड़ी उम्मीदें कर रहे हैं। मोहसिन खान भी अच्छा ऑप्शन है और वह बहुत प्रतिभाशाली हैं। अगर वह स्वस्थ और फिट रहते हैं, तो वह एक बेहतरीन गेंदबाज हैं। “एक और नाम है आयुष बदौनी का। मुझे लगता है कि उनमें बहुत प्रतिभा है और वे अच्छा परफॉर्म कर रहे हैं। अगर वह यह प्रदर्शन जारी रखेंगे, तो उन्हें मौके मिलेंगे। मयंक यादव बस फिट रहे क्योंकि अगर ऐसा रहा तो वो अपनी छाप जरूर छोड़ेंगे।अगर वह फिट और स्वस्थ रहा तो भारतीय टीम में उससे बड़ी उपलब्धियां देखने को मिलेंगी।” लखनऊ ने 2022 और 2023 सीजन में आईपीएल प्लेऑफ में प्रवेश किया है, लेकिन 2024 संस्करण में इससे बाहर हो गया। लैंगर ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम कई लोगों के लिए सिरदर्द है।    

पीसीबी चैंपियंस ट्रॉफ़ी 2025 के लिए हाइब्रिड मॉडल अपनाने को तैयार नहीं

लाहौर  पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के प्रमुख मोहसिन नक़वी ने कहा है कि वह चैंपियंस ट्रॉफ़ी 2025 के लिए हाइब्रिड मॉडल अपनाने को तैयार नहीं हैं। लाहौर के गद्दाफ़ी स्टेडियम में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “उनकी इस बारे में बीसीसीआई से कोई आधिकारिक बात नहीं हुई है और ना ही बीसीसीआई ने आधिकारिक रूप से कोई आपत्ति जताई है।” नक़वी ने आगे कहा, “मैंने इस बारे में अपनी टीम से बात की है और हमारा रूख़ साफ़ है कि अगर उन्हें कोई आपत्ति है तो हमें इसको लिखित रूप में दें। तब तक हाइब्रिड मॉडल के बारे में कोई भी बात नहीं होगी और हम इसे स्वीकार करने को तैयार भी नहीं हैं। भारतीय मीडिया भले ही ऐसा कुछ रिपोर्ट कर रही हो, लेकिन अभी तक पीसीबी से इस बारे में कोई औपचारिक बात नहीं हुई है।” नक़वी ने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने पिछले साल वनडे विश्व कप के लिए भारत का दौरा किया था, इसलिए भारत को भी पाकिस्तान आना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर हमें भारत से कोई पत्र मिलता है तो हम अपनी सरकार के पास जाएंगे और उनके निर्णय को मानेंगे। इससे पहले पाकिस्तान ने भारत के लिए बड़ा दिल दिखाते हुए एशिया कप का आयोजन हाइब्रिड मॉडल पर किया था और पाकिस्तान की टीम वनडे विश्व कप के लिए वहां गई थी। लेकिन हर बार ऐसा नहीं हो सकता। अगर ऐसा होता है तो अगली बार से हम भी भारत में किसी टूर्नामेंट में जाने के लिए सरकार से अनुमति लेंगे, ना कि पीसीबी कोई निर्णय लेगी।” राजनीतिक तनाव के कारण 2012-13 के बाद से दोनों देशों के बीच कोई भी द्विपक्षीय सीरीज़ नहीं हुई है, वहीं दोनों देशों के बीच आख़िरी टेस्ट 2007 में हुआ था। नक़वी ने कहा कि क्रिकेट, राजनीति से मुक्त होना चाहिए। चैंपियंस ट्रॉफ़ी के लिए लाहौर, रावलपिंडी और कराची तीन मैदान निर्धारित किए गए हैं, लेकिन भारत को प्रस्ताव दिया गया है कि वे अपने सभी मैच लाहौर में खेल सकते हैं, जो कि भारतीय बॉर्डर से काफ़ी पास है। इससे भारतीय दर्शकों को भी सुविधा होगी। पीसीबी ने बताया है कि उसने भारतीय दर्शकों के लिए लगभग 17,000 वीज़ा की व्यवस्था की है। नक़वी ने कहा, “लगभग सभी देश चाहते हैं कि टूर्नामेंट पाकिस्तान में हो और पीसीबी उन्हें हर सुविधा देने को तैयार है। मैं कुछ बोर्ड के भी संपर्क में हूं और सभी यहां खेलने के लिए उत्साहित हैं। मुझे नहीं लगता कि इसे कोई राजनीतिक मुद्दा बनाना चाहिए। हम हर टीम को हर तरह की सुविधा देंगे। हम चाहते हैं कि इस टूर्नामेंट के लिए विदेशों से भी फ़ैंस आएं।” ईएसपीएन क्रिकइंफो को मिली जानकारी के मुताबिक़ बीसीसीआई ने भले ही इस मामले को औपचारिक रूप से साझा नहीं किया है, लेकिन उनका रूख़ बदलने वाला नहीं है। वे पाकिस्तान जाने के लिए भारत सरकार की अनुमति का इंतज़ार करते रहे हैं और अभी भी वही करेंगे। हालांकि अभी साफ़ नहीं हो पाया है कि बीसीसीआई ने अभी तक इस टूर्नामेंट के लिए अनुमोदन मांगा है या नहीं। ग़ौरतलब है कि यह टूर्नामेंट पाकिस्तान में 19 फ़रवरी से 9 मार्च के बीच होने वाला है, जिसके शेड्यूल की औपचारिक घोषणा आईसीसी द्वारा अभी होनी बाक़ी है।    

प्रयागराज महाकुंभ :स्वच्छ कुंभ कोष के माध्यम से सफाईकर्मीयों के रहने, खाने-पीने और बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था की जा रही

प्रयागराज  प्रयागराज महाकुंभ 2025 को स्वच्छ और सुंदर बनाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्प को साकार करने में मेला प्रशासन पूरी तत्परता से जुट गया है। लगभग 10 हजार सफाईकर्मी दिन रात पूरे महाकुंभ क्षेत्र को चमकाने के लिए लगाए गए हैं। ये सभी सफाईकर्मी सीएम योगी की मंशा के अनुरूप स्वच्छ महाकुंभ की दिशा में कार्य कर रहे हैं। महाकुंभ जैसे जैसे नजदीक आ रहा है, इनकी गतिविधियों में भी तेजी आ रही है। योगी सरकार भी इन कर्मियों की सुविधा और सम्मान का विशेष ध्यान रख रही है। स्वच्छ कुंभ कोष के माध्यम से इनके रहने, खाने-पीने और बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था की जा रही है। योगी सरकार की इस पहल से न केवल महाकुंभ की स्वच्छता सुनिश्चित हो रही है, बल्कि सफाईकर्मियों और उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा भी मिल रही है। सेनिटेशन कॉलोनी का निर्माण महाकुंभ मेला की विशेष कार्याधिकारी आकांक्षा राणा ने बताया कि महाकुंभ को स्वच्छ महाकुंभ बनाने में सफाईकर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान है। ये सफाईकर्मी दिन रात अपने काम में लगे हैं। ऐसे में सीएम योगी के निर्देशों के अनुरूप इनकी सुरक्षा और सुविधा की जिम्मेदारी का निर्वहन किया जा रहा है। मेला क्षेत्र में सफाईकर्मियों के लिए एक सैनिटेशन कॉलोनी बनाई गई है, जहां उनके खाने-पीने और रहने की पूरी व्यवस्था निःशुल्क की गई है। इस पहल से सफाईकर्मियों को आराम और सुरक्षा दोनों मिल रही है। बच्चों के लिए प्राइमरी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र महाकुंभ में सफाईकर्मियों के बच्चों की शिक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। हर सेक्टर में एक प्राइमरी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र खोले जा रहे हैं। शुक्रवार को ही मेला क्षेत्र में एक प्राइमरी विद्यालय की स्थापना की गई है, जहां बच्चों को शिक्षा के साथ ही खेलकूद गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इन विद्यालयों में बच्चों को मिड डे मील जैसी सुविधाएं भी प्राप्त हों सकेंगी। जरूरत पड़ने पर कुछ सेक्टर्स में एक से ज्यादा प्राइमरी स्कूल भी स्थापित किए जा सकते हैं। ये सुविधाएं महाकुंभ के दौरान अस्थाई रूप से संचालित की जाएंगी। मानदेय का डीबीटी के माध्यम से भुगतान सफाईकर्मियों के मानदेय का भुगतान भी त्वरित गति से किया जा रहा है, ताकि उनकी दैनिक जरूरतें आसानी से पूरी हो सकें। तय व्यवस्था के अनुसार उनका निर्धारित मानदेय हर 15 दिन में डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खाते में हस्तांतरित किया जा रहा है। महाकुंभ को सफल और स्वच्छ बनाने के लिए सफाईकर्मियों के लिए एक विशेष स्वच्छ कुंभ कोष की स्थापना की गई है। इसके माध्यम से सफाईकर्मियों को हर संभव सहायता दी जा रही है। साथ ही, केंद्र और राज्य सरकार की अन्य योजनाओं से भी इन्हें जोड़ने का प्रयास हो रहा है, ताकि वे सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें।

उच्च और मध्यम आय वाले देशों के युवाओं में बढ़ रहे कैंसर के मामलों की मुख्य वजहें मोटापा: शोध

वॉशिंगट  कैंसर आजकल केवल वृद्ध लोगों की समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह तेजी से युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रहा है। हाल ही में 44 देशों के कैंसर रजिस्ट्री डेटा की समीक्षा में यह तथ्य सामने आया है कि आंत और पाचन तंत्र से जुड़े 13 प्रकार के कैंसर के शुरुआती मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, खासकर 50 साल से कम उम्र के लोगों में। यह वृद्धि विशेष रूप से उच्च और मध्यम आय वाले देशों में देखी जा रही है, जहां जीवनशैली और खानपान में बदलाव इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं में बढ़ रहे कैंसर के मामलों की मुख्य वजहें मोटापा, निष्क्रियता, डायबिटीज, स्मोकिंग, एल्कोहल का सेवन, प्रदूषण और पश्चिमी देशों में रेड मीट का अत्यधिक सेवन हो सकती हैं। उनका यह भी माना कि कुछ अज्ञात कारक जैसे खाद्य पदार्थों में मिलाए जाने वाले रासायनिक तत्व भी इस समस्या को बढ़ा रहे हैं, जिनका अभी तक सही ढंग से पता नहीं चला है। विशेषज्ञों के अनुसार, कैंसर के अधिकतर मामले पेट और पाचन तंत्र से जुड़े होते हैं। उनका कहना है कि हर साल अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और जापान में कोलोरेक्टल कैंसर के मामलों में औसतन दो फीसदी की वृद्धि हो रही है। ब्रिटेन में यह दर तीन फीसदी  है, जबकि कोरिया और इक्वाडोर में यह बढ़ोतरी 5% तक पहुंच गई है। ओगिनो इसे मुद्रास्फीति के जैसे बढ़ते आंकड़ों से तुलना करते हुए बताते हैं कि अगर यह वृद्धि जारी रही तो अगले 10-20 सालों में इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। मोटापा अब एक सामान्य समस्या बन चुका है, जो कैंसर के जोखिम को और बढ़ा रहा है। डॉ. एलिजाबेथ प्लैट्ज़, जो जॉन्स हॉपकिन्स ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की महामारी विज्ञानी हैं, मानती हैं कि यह रिव्यू इस बात को उजागर करता है कि युवा पीढ़ी भी अब कैंसर के शिकार हो रही है। वे कहती हैं कि मोटापा अब एक आम समस्या बन चुका है, जो पहले दुर्लभ था, और यह अब युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान समय में, कैंसर एक ऐसी बीमारी बन गई है जो न केवल बुढ़ापे बल्कि युवाओं में भी फैल रही है। युवा वर्ग में इसकी बढ़ती घटनाओं को देखते हुए, विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ जीवनशैली, नियमित शारीरिक गतिविधि, और संतुलित आहार को प्राथमिकता देना आवश्यक है, ताकि इस जानलेवा बीमारी से बचा जा सके।    

सपा को तय करना है कि वह मुझे कहां देखना चाहते हैं: राकेश प्रताप

अमेठी  समाजवादी पार्टी से विधायक राकेश प्रताप सिंह अयोध्या दर्शन पदयात्रा निकालेंगे। यह यात्रा 11 नवंबर से शुरू होगी और 14 नवंबर को समाप्त होगी। 14 नवंबर को यात्रा में शामिल लोग प्रभु श्रीराम लला का दर्शन करेंगे। सपा विधायक ने कहा है कि यह यात्रा उन विरोधियों को करारा जवाब देने का काम करेगी जो राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते हैं। जो अयोध्या में राम के जन्म पर सवाल उठाते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने पोस्ट किया। पोस्ट में लिखा, “श्रीराम जी के प्रति अपनी सामूहिक आस्था एवं विश्वास के बल पर अयोध्या दर्शन पदयात्रा का आयोजन किया गया है। आप सभी को स्नेह और आदरपूर्वक अयोध्या चलने के लिए आमंत्रित करते हुए विनम्र आग्रह है कि मेरे साथ अयोध्या धाम चलकर प्रभु राम जी के दर्शन कर परम पुण्य के भागीदार बनें।” बता दें कि यह यात्रा 11 नवंबर को गौरीगंज से शुरू होगी। 14 नवंबर को यात्रा में शामिल लोग अयोध्या के सरयू घाट पहुंचेंगे। इसके बाद हनुमान गढ़ी और प्रभु श्रीराम लला का दर्शन करेंगे। इस यात्रा को लेकर हाल ही में विधायक राकेश प्रताप सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मिले थे। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “गोरक्ष पीठ के पीठाधीश्वर और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आगामी 11 नवंबर 2024 से अपने गौरीगंज से अयोध्या धाम तक शुरू हो रहे श्रीराम दर्शन यात्रा को लेकर उनका मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री ने यात्रा सकुशल संपन्न हो और प्रभु मर्यादा पुरुषोत्तम राम जी की कृपा आप पर सदैव बनी रही ऐसी शुभकामनाएं दीं।” राकेश प्रताप सिंह की भाजपा से करीबी का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि लोकसभा चुनाव के दौरान उनके भाई समेत 11 लोगों ने भाजपा का दामन थाम लिया था। एक सवाल के जवाब में राकेश प्रताप सिंह ने कहा था कि सपा को तय करना है कि वह मुझे कहां देखना चाहते हैं।  

स्पेन में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 223 से ज्यादा हुई, 50 साल का रिकॉर्ड तोड़ा

वैलेंसिया स्पेन के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्से वैलेंसिया, कैस्टिला-ला मांचा और अंडालूसिया में 29 अक्टूबर को अचानक से मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ आ गई। इस बाढ़ ने प्रभावित क्षेत्रों में तबाही मचा दी। बाढ़ की वजह से प्रभावित इलाकों में हर जगह पानी के साथ ही कीचड़ भी हो गया है। जब बाढ़ आई, तो उसमें कई गाड़ियाँ बह गई, पुल टूट गए, रेलवे की सुरंगें ध्वस्त हो गई जिससे कई जगह की ट्रेनें ठप हो गई , फसलें तबाह हो गई। कई घरों को भी बाढ़ की वजह से काफी नुकसान पहुंचा। बड़ी संख्या में घरों की बिजली गुल हो गई। कच्चे घर तो बाढ़ की चपेट में आ गए और बह गए। बाढ़ की वजह से मरने वालों की संख्या अभी भी बढ़ रही है। मरने वालों की संख्या पहुंची 223 स्पेन के वैलेंसिया, कैस्टिला-ला मांचा और अंडालूसिया में अचानक आई इस बाढ़ की वजह से मरने वालों की संख्या अब तक 223 पहुंच चुकी है। स्पेन के परिवहन मंत्री की तरफ से यह जानकारी दी गई है। 78 लोग अभी भी लापता बाढ़ की वजह से स्पेन के वैलेंसिया, कैस्टिला-ला मांचा और अंडालूसिया में अभी भी करीब 78 लोग लापता हैं। लापता लोगों की तलाश जारी है। बचाव टीम ने अब तक हज़ार से ज़्यादा लापता लोगों को ढूंढ निकाला है। मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है बाढ़ के इतने दिन बाद भी कई लोगों के लापता होने से मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। बचाव टीम ने हज़ारों लोगों को बाढ़ से बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

इंदौर नगर निगम के एक करोड़ से अधिक दस्तावेजों को स्कैन कर इन्हें डिजिटल फार्मेट में सहेजा जाएगा

इंदौर  इंदौर नगर निगम के एक करोड़ से ज्यादा दस्तावेजों के डिजिटलाइजेशन का काम शनिवार से शुरू हो जाएगा। यह काम दिल्ली की एक कंपनी करेगी। नगर निगम इस काम के लिए करीब दो करोड़ 30 लाख रुपये खर्च करेगा। काम पूरा करने के लिए 12 माह का समय निर्धारित किया गया है। काम पूरा होने के बाद दस्तावेजों के लिए आमजन को नगर निगम के चक्कर लगाने से मुक्ति मिल जाएगी। एक क्लिक पर दस्तावेज सामने आ जाएंगे। गौरतलब है कि नगर निगम पिछले लंबे समय से दस्तावेजों को स्कैन कर इन्हें डिजिटल फार्मेट में सहेजने की तैयारी चल रही है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बजट में इसकी घोषणा भी थी। पिछले दिनों नगर निगम ने इस संबंध में टेंडर जारी किए थे। इसके बाद दिल्ली की न्यूजन सॉफ्टवेयर टेक्नोलाजी लिमिटेड नामक कंपनी को दस्तावेजों के डिजिटलाइजेशन का काम सौंपा गया है। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक कंपनी को निगम के दस्तावेजों को डिजिटल फार्मेट में तैयार करने के लिए 12 माह का समय दिया गया है। कंपनी आज से यह काम शुरू कर देगी। आमजन को सुविधा मिलेगी, चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे दस्तावेजों के डिजिटलाइजेशन से आमजन को सुविधा होगी। उन्हें दस्तावेज प्राप्त करने के लिए नगर निगम के चक्कर नहीं लगाना पडेंगे। बगैर आवेदन ही वे एक क्लिक पर दस्तावेज प्राप्त कर सकेंगे। बजट में की थी घोषणा शनिवार से निगम के दस्तावेजों के डिजिटलाइजेशन का काम शुरू हो जाएगा। दिल्ली की कंपनी को काम पूरा करने के लिए 12 माह का समय दिया गया है। महापौर ने दस्तावेजों के डिजिटलाइजेशन की घोषणा निगम बजट में की थी। – राजेश उदावत, प्रौद्योगिकी एवं आईटी समिति, प्रभारी नगर निगम इंदौर डेढ़ करोड़ की लागत से होगा रेडिसन चौराहे का सुंदरीकरण इंदौर नगर निगम करीब डेढ करोड़ रुपये की लागत से रेडिसन चौराहा का सुंदरीकरण करेगा। जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि इस काम के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। शुक्रवार को विधायक रमेश मेंदोला और राठौर ने नगर निगम के अधिकारियों के साथ रेडिसन चौराहा के सुंदरीकरण कार्य व विकास कार्यो के संबंध में निरीक्षण भी किया। राठौर ने बताया कि सुंदरीकरण के तहत रेडिसन चौराहा पर हीरोस के म्यूनरल के साथ ही स्वच्छता माडल भी लगाया जाएगा। इसके साथ शहीद हरिसिंह नलवा की प्रतिमा भी चौराहे के पास लगाई जाएगी। मेंदोला और राठौर ने सुंदरीकरण को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

नियंत्रण रेखा की स्थापना के बाद UNMOGIP की उपयोगिता समाप्त हो गई है और यह अप्रासंगिक है: सुधांशु त्रिवेदी

नई दिल्ली संयुक्त राष्ट्र में शांति रक्षा अभियानों पर बहस के दौरान पाकिस्तान द्वारा जम्मू कश्मीर का जिक्र किए जाने पर भारत ने पड़ोसी देश पर झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए उसकी आलोचना की। राज्यसभा सदस्य और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, ‘‘भारत ने पाकिस्तान द्वारा की गईं टिप्पणियों पर जवाब देने के अपने अधिकार को चुना है, जिसने एक बार फिर इस प्रतिष्ठित निकाय को अपने एजेंडे से भटकाने का प्रयास किया है।’’ उन्होंने शुक्रवार को यहां संयुक्त राष्ट्र महासभा की विशेष राजनीतिक एवं वि-उपनिवेशीकरण (चौथी समिति) में शांति रक्षा अभियानों पर चर्चा के दौरान ये टिप्पणियां कीं। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर ‘‘भारत का अभिन्न अंग था, है, और हमेशा रहेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर के लोगों ने हाल में अपने लोकतांत्रिक और चुनाव अधिकारों का इस्तेमाल किया तथा एक नई सरकार चुनी। पाकिस्तान को ऐसी बयानबाजी और झूठ से बाज आना चाहिए क्योंकि इससे तथ्य नहीं बदलेंगे।’’ उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के इस मंच के प्रतिष्ठित सदस्यों के सम्मान में भारत संयुक्त राष्ट्र की प्रक्रियाओं का दुरुपयोग करने के पाकिस्तान के किसी भी प्रयास का जवाब देने से परहेज करेगा। उन्होंने भारत की ओर से यह कड़ी प्रतिक्रिया तब दी है जब पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम पर नजर रखने वाले भारत और पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह (यूएनएमओजीआईपी) के बारे में बात की। भारत का कहना है कि शिमला समझौते और उसके परिणामस्वरूप नियंत्रण रेखा की स्थापना के बाद यूएनएमओजीआईपी की उपयोगिता समाप्त हो गई है और यह अप्रासंगिक है। सुंधांशु त्रिवेदी ने बाद में सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि शांति रक्षा अभियानों पर संयुक्त राष्ट्र में चर्चा के दौरान पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा विषय पर बोलते हुए ‘‘विषय को भटकाने की कोशिश की और अनावश्यक रूप से उल्लेख किया कि संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों के साथ पाकिस्तान की भागीदारी तब शुरू हुई जब संयुक्त राष्ट्र ने 1948 में जम्मू और कश्मीर क्षेत्र में शांति सैनिकों को तैनात किया था।’’ उन्होंने कहा कि ‘‘इस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए’’ उन्होंने जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल किया और ‘‘मंच पर दृढ़तापूर्वक कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है, और हमेशा रहेगा।’’ भाजपा नेता ने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर में हाल में उचित तरीके से लोकतांत्रिक चुनाव हुआ। इसलिए संयुक्त राष्ट्र के इस प्रतिष्ठित मंच का इस्तेमाल इन प्रकार के भ्रामक शब्दों का उल्लेख करने में नहीं किया जा सकता।’’ उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार की ‘‘ठोस विदेश नीतियों के कारण संभव’’ हो सका है। सुंधांशु त्रिवेदी भारत के 12 संसद सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं जो संयुक्त राष्ट्र में विभिन्न बैठकों के लिए इस विश्व निकाय की यात्रा कर रहा है। इससे पहले, शांति रक्षा अभियानों की व्यापक समीक्षा पर एक बयान देते हुए त्रिवेदी ने कहा कि हालिया संघर्ष अधिक चुनौतीपूर्ण हैं और अब इसमें आतंकवाद तथा सशस्त्र समूह भी शामिल हैं जो अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए स्थिति का फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘भारत संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा अभियानों में सबसे बड़े सैन्य दल के के रूप में शांतिरक्षा प्रयासों में योगदान देने के प्रयास में सबसे आगे है।’’

सामूहिक दुष्कर्म की एक पीड़िता ने बच्ची को जन्म दिया, अब पिता का पता लगाने को किए गए 6 आरोपियों के DNA टेस्ट

लखनऊ उत्तर प्रदेश के लखनऊ में सामूहिक बलात्कार पीड़िता ने एक बच्ची को जन्म दिया है. अब पुलिस बच्चे के पिता का पता लगाने के लिए गिरफ्तार किए गए आरोपियों की डीएनए जांच कर रही है. इसके बाद बच्ची के जैविक पिता का पता चल सकेगा. जानकारी के मुताबिक गैंगरेप की पीड़िता ने 18 अक्टूबर को एक बच्ची को जन्म दिया. प्रकाश ,कमल कुमार ,श्रवण और अवधेश यादव महिला के रेप के आरोपी हैं. ऐसे में उनके ब्लड सैंपल लिए गए हैं और विधि विज्ञान प्रयोगशाला में बच्ची के जैविक पिता का पता लगाने के लिए भेजा गया है. लखनऊ के थाना ठाकुरगंज में युवती के मोहल्ले में रहने वाला प्रकाश 20 अक्टूबर 2023 को अपने साथ बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया था और बंधक बनाकर दो दिन तक रेप किया था. कुछ दिन बाद उसने युवती को सीतापुर के रहने वाले कमल कपूर को बेच दिया था. आरोप है कि कमल कपूर ने कई दिनों तक पीड़िता से रेप किया इस दौरान पीड़िता प्रेग्नेंट हो गई. इसके बाद आरोपी ने इसे सीतापुर के रहने वाले सरवन यादव को बेच दिया. आरोप हैं की श्रवण और उसके साथ ही अवधेश ने पीड़िता के साथ गैंगरेप किया. इस पूरे मामले में छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी जिसमें चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया . पीड़िता 10 सितंबर को रात में किसी तरह भाग कर घर पहुंची थी और ठाकुरगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था जिसमें प्रकाश कमल कुमार सरवन यादव और अवधेश और सरवन के बड़े भाई के ऊपर सामूहिक दुष्कर्म सहित अन्य मामलों में एफआईआर दर्ज की गई थी. इसके बाद पुलिस ने प्रकाश, कमल कुमार, श्रवण और अवधेश को गिरफ्तार कर लिया था. डीसीपी पश्चिमी जोन विश्वजीत श्रीवास्तव के मुताबिक पीड़िता की बच्ची के पिता का पता लगाने के लिए सभी आरोपियों का डीएनए टेस्ट कराया गया है. सैंपल भेजे गए हैं और नतीजों का इंतजार किया जा रहा है.  

करकेली में तीसरी लाइन कनेक्टविटी के कारण ट्रेनों को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रद्द करेगी

शाहडोल  दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने एक बार फिर यात्री ट्रेनों को रद्द करने जा रही है। इसके लिए  रेलवे ने पत्र जारी कर दिया है। जारी पत्र के अनुसार करकेली में तीसरी लाइन की कनेक्टविटी करने के कारण लोकल व लंबी दूरी की ट्रेनों को कुछ दिनों के लिए रद्द करेगी। ट्रेनों के रद्द होने के बाद यात्रियों की परेशानी बढ़ जाएगी। इसके पहले भी रेलवे ने बिरसिंहपुर रेलवे स्टेशन को तीसरी लाइन से जोडऩे के लिए 3 से 11 अक्टूबर तक कई ट्रेनों को रद्द किया था। वहीं एक महीने बाद अब करकेली में तीसरी लाइन की कनेक्टविटी की जाएगी। बार-बार ट्रेन रद्द होने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ये ट्रेनें रहेंगी प्रभावित रेलवे ने जारी पत्र में उल्लेख किया है कि एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 11265 जबलपुर-अंबिकापुर 16 से 19 नवम्बर तक एवं 11266 अंबिकापुर-जबलपुर 17 से 20 नवम्बर तक रद्द रहेगी। इसी तरह बिलासपुर- रीवा 15 से 19 नवम्बर तक, रीवा- बिलासपुर को 16 से 20 नवम्बर तक रद्द करेगी। वीकली ट्रेन रीवा- चिरमिरी अप एंड डाउन 18 एवं 19 नवम्बर, दुर्ग- कानपुर को अप एंड डाउन ट्रेन को 17 व 18 नवम्बर, दुर्ग- नवतनवा अप एंड डाउन को 14 एवं 16 नवम्बर तक केंसिल रहेगी। पैंसेजर ट्रेन वीकली चिरमिरी-अनुपपुर अप एंड डाउन को 19 नवम्बर, चिरमिरी- चंदिया अप एडं डाउन को 17 से 19 नवम्बर, कटनी- चिरमिरी अप एंड डाउन को 16 से 20 नवम्बर तक रद्द किया गया है।

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