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नायब सिंह सैनी ने राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया, सौंपी विधायकों की सूची

चंडीगढ़ विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद नायब सिंह सैनी ने राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया। उन्होंने राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया है। नायब सिंह सैनी ने राज्यपाल को अपने समर्थन में आए विधायकों की सूची भी सौंपी है। बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई विधायक दल की बैठक में नायब सिंह सैनी को विधायक दल का नेता चुना गया। विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद उन्होंने सभी विधायकों का धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री पद के लिए विधायकों ने उनके नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई है। विधायक दल की बैठक में अनिल विज और मनोहर लाल खट्टर ने मुख्यमंत्री पद के लिए उनका नाम प्रस्तावित किया था। विधायक दल की बैठक में अमित शाह ने कहा, “मुझे यह जानकर अत्याधिक प्रसन्नता हो रही है कि नायब सिंह सैनी को फिर से विधायक दल का नेता चुना गया है और वह मुख्यमंत्री का पद ग्रहण करने जा रहे हैं।” इस बीच, वह विपक्ष पर भी हमलावर दिखे। उन्होंने कहा, “विपक्षी दलों द्वारा यह दुष्प्रचार किया गया कि किसानों के अन्याय हो रहा है। भाजपा के शासनकाल में किसानों के हितों पर कुठाराघात किया जा रहा है। लेकिन, ऐसा नहीं है। हमारी सरकार में समाज के हर वर्ग के हितों का विशेष ख्याल रखा जा रहा है। मैं आपको बताना चाहता हूं कि अगर हिंदुस्तान में कोई ऐसा राज्य है, जो सभी 24 फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदता है, तो हरियाणा है। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी किसानों की फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा है। हमारी सरकार ने हमेशा से ही किसानों के हितों का विशेष ख्याल रखा है और आगे भी रखती रहेगी।” नायब सिंह सैनी 17 अक्टूबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण से संबंधित सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में वह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। वहीं, उनके साथ कौन-कौन अन्य विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे। इस बारे में अभी तक कोई जानकारी प्रकाश में नहीं आ सकी है।

अक्षय ऊर्जा में निवेश का आमंत्रण, कई प्रमुख जर्मन कंपनियों के संग हुए एमओयू, जर्मनी के साथ सहयोग को उत्सुक: दिया कुमारी

जयपुर/म्यूनिख मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने अपनी जर्मनी यात्रा के दूसरे दिन म्यूनिख में ‘राइजिंग राजस्थान’ इन्वेस्टर रोड शो में भाग लिया और जर्मनी के निवेशकों और इन्नोवेटर्स को राजस्थान में इकाइयां लगाने के लिए आमंत्रित किया। इन्वेस्टर रोड शो को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने जर्मनी के व्यावसायिक जगत और कारोबारी समूह से राजस्थान के ऑटोमोबाइल, ईएसडीएम, सप्लाई चेन एवं लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, पेट्रोलियम, खान एवं खनिज, अक्षय ऊर्जा, रक्षा, पैकेजिंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में निवेश का आह्वान किया और कहा कि राजस्थान में निवेश के लिए बनाए गए सकारात्मक वातावरण के सुपरिणाम मिलने लगे हैं और ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 की घोषणा के दो महीने के भीतर ही, अब तक 15 लाख करोड़ रुपए से अधिक के एमओयू पर हस्ताक्षर किये जा चुके हैं। ‘राइजिंग राजस्थान’ इन्वेस्टर रोड शो के दौरान जर्मनी के निवेशकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा, “मैं आप सभी से राजस्थान में निवेश करने और समृद्ध भविष्य के निर्माण के हमारे प्रयासों में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हूं। राज्य में निवेश करने वाले प्रत्येक उद्यमी को मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारी सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। जर्मनी, जो वैज्ञानिक नवाचारों, तकनीकी कौशल, समृद्धि और विकास का एक शक्तिशाली प्रतीक है, के साथ हम अपनी मजबूत साझेदारी स्थापित करना चाहते हैं। राजस्थान रणनीतिक रूप से एक आदर्श गंतव्य है और हमारे पास मजबूत बुनियादी ढांचा और प्रचुर मात्रा में संसाधन हैं। इसके अलावा, व्यापारिक जगत के अनुकूल हमारी नीतियां हमें जर्मन कंपनियों के लिए एक आदर्श व्यापार स्थल बनाती हैं।” राजस्थान एक आदर्श सप्लाई चेन डेस्टिनेशन इस अवसर पर बोलते हुए उन्होंने यह भी कहा कि भारत को वैश्विक कंपनियों के लिए एक सप्लाई चेन डेस्टिनेशन के रूप में देखा जा रहा है और अपनी सक्रिय और विकासोन्मुखी नीतियों के कारण राजस्थान भारत में इन कंपनियों का विश्वसनीय भागीदार बनने के लिए तैयार है। आपके निवेश को समृद्ध और सुरक्षित बनाने के लिए राजस्थान सरकार हर कदम पर आपके साथ है। अक्षय ऊर्जा में निवेश का आमंत्रण जर्मनी के निवेशकों को राज्य के अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश हेतु आमंत्रित करते हुए मुख्यमंत्री शर्मा ने यह भी कहा कि 2031-32 तक राजस्थान अपनी अक्षय ऊर्जा उत्पादन क्षमता, जो फिलहाल 28 गीगावाट है, से बढ़ाकर 115 गीगावाट करेगा और इसके लिए 5.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की आवश्यकता है। “जर्मनी जो अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में वर्ल्ड लीडर है, राजस्थान में सौर और पवन ऊर्जा क्षेत्र में परियोजनाएं शुरू कर सकता है । कई प्रमुख जर्मन कंपनियों के संग हुए एमओयू म्यूनिख में आयोजित इस इन्वेस्टर रोड शो में राजस्थान सरकार ने अल्बाट्रॉस प्रोजेक्ट्स, फ्लिक्सबस, पार्टेक्स एनवी, वेउली टेक्निक्स जीएमबीएच, और इंगो श्मिट्ज जैसी कई बड़ी जर्मन कंपनियों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए। ये कंपनियां रक्षा, मोबिलिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ऑटोमोबाइल और कौशल विकास क्षेत्रों जैसे क्षेत्रों में काम करती हैं। इसके अलावा, इस दौरान मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी के निवेशकों, व्यापारिक समूहों और इन्नोवेटर्स के साथ भी बातचीत की और उन्हें राजस्थान में निवेश हेतु आमंत्रित किया। जर्मनी के साथ सहयोग को उत्सुक: दिया कुमारी मुख्यमंत्री के साथ जर्मनी में मौजूद उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने इस अवसर पर कहा, “राजस्थान नवाचार को अपनाकर, तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देकर और अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे में निवेश करके अपनी विशाल क्षमता को अनलॉक करने के लिए तैयार है। राजस्थान जर्मनी के साथ तकनीक और अन्य प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में सहयोग करने के लिए उत्सुक है।”

सीईओ श्री सुखवीर सिंह ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी जानकारी

भोपाल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुखवीर सिंह ने बुधवार को निर्वाचन सदन में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने दल पदाधिकारियों को श्योपुर जिले की विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्र. 02-विजयपुर और सीहोर जिले की विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्र. 156-बुधनी में उप निर्वाचन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। सीईओ श्री सिंह ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने दोनों विधानसभा क्षेत्रों में उप निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। घोषणा के साथ ही श्योपुर और सीहोर जिले की सम्पूर्ण सीमाक्षेत्र में आदर्श आचार संहिता पूरी तरह से प्रभावशील हो गई है। उन्होने दल पदाधिकारियों से आदर्श आचार संहिता का शब्दशः पालन करने की अपील की। उन्होंने दल पदाधिकारियों को बताया कि उप निर्वाचन के लिए 18 से 25 अक्टूबर तक नाम-निर्देशन पत्र भरे जाएंगे। नाम-निर्देशन पत्रों की संवीक्षा 28 अक्टूबर को होगी और 30 अक्टूबर तक नाम-निर्देशन पत्र वापस लिये जा सकेंगे। मतदान 13 नवम्बर को एवं मतगणना 23 नवम्बर को होगी। विजयपुर में 327 एवं बुधनी में हैं 363 मतदान केंद्र सीईओ श्री सिंह ने बताया कि विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में 327 एवं बुदनी विधानसभा क्षेत्र में 363 मतदान केन्द्र बनाये गये हैं। विजयपुर एवं बुधनी में मतदाता सीईओ श्री सिंह ने बताया कि श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में 2 लाख 54 हजार 750 मतदाता हैं, जिसमें 1 लाख 21 हजार 01 महिला मतदाता और 1 लाख 33 हजार 554 पुरुष मतदाता हैं। थर्ड जेण्डर मतदाता 02 और सर्विस वोटर्स 103 हैं। इसी प्रकार सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में 2 लाख 76 हजार 591 मतदाता हैं, जिसमें 1 लाख 33 हजार 280 महिला मतदाता और 1 लाख 43 हजार 111 पुरूष मतदाता हैं। थर्ड जेण्डर 06 और सर्विस वोटर्स 194 हैं। बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजेश कुमार कौल, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री बसंत कुर्रे, श्री विवेक श्रोतिय, मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी से श्री एस.एस. उप्पल, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से श्री जे.पी. धनोपिया, आम आदमी पार्टी से श्री सुमित चौहान एवं बहुजन समाज पार्टी से श्री पूर्णेंद्र अहिरवार उपस्थित रहे। उप निर्वाचन कार्यक्रम 18 अक्टूबर को उप निर्वाचन के गजट नोटिफिकेशन के साथ नाम-निर्देशन पत्र भरने की प्रक्रिया होगी शुरू 25 अक्टूबर – नाम-निर्देशन पत्र भरने की अंतिम तारीख 28 अक्टूबर – नाम-निर्देशन पत्रों की संवीक्षा 30 अक्टूबर – नाम वापसी की अंतिम तारीख 13 नवम्बर – मतदान दिवस 23 नवम्बर – मतगणना दिवस

बहराइच: रामगोपाल को गोली मारने वाला शख्श दीवार की आड़ में हाथ में बंदूक लेकर खड़ा दिखा, तस्वीर आई सामने

बहराइच यूपी के बहराइच में हुई हिंसा के बाद से तनाव का माहौल है. महसी का महराजगंज इलाका छावनी में तब्दील है. इस बीच हिंसा में मारे गए रामगोपाल मिश्रा पर गोली चलाने वाले की एक तस्वीर सामने आई है. गोली चलाने वाले शख्स के हाथ में गन दिख रही है. बताया जा रहा है कि गन ताने खड़ा शख्स अब्दुल हमीद के घर पर मौजूद था, जहां रामगोपाल की हत्या हुई थी. ये तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. जिसको लेकर आधिकारिक तौर पर कोई बयान सामने नहीं आया है. लेकिन इसकी चर्चा जोरों पर है. तस्वीर तब की बताई जा रही है कि जब घायल रामगोपाल को उसके साथी छत से नीचे लेकर आ रहे थे. फिलहाल, पुलिस तहकीकात में जुटी है. गौरतलब है कि बहराइच हिंसा में जान गंवाने वाले रामगोपाल के साथ बर्बरता की सारी हदें पार कर दी गई थी. हत्यारोपियों ने रामगोपाल को गोली मारने से पहले उसकी पिटाई की थी. धारदार हथियार से भी हमला किया था. रामगोपाल के चेहरे, गले, माथे और सीने में करीब 35 छर्रे लगने के निशान मिले. रामगोपाल मिश्रा (22) की करंट और हैमरेज से मौत होने का पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जिक्र है. इतना ही नहीं रामगोपाल के पैर के नाखूनों को खींच कर बाहर निकाला गया था. उसे करंट के झटके भी दिए गए थे. आंखों के पास किसी नुकीली चीज से गहरा घाव किया गया था. बहराइच में ऐसे भड़की हिंसा दरअसल, बहराइच के थाना हरदी क्षेत्र के रेहुआ मंसूर गांव निवासी रामगोपाल मिश्रा बीते रविवार की शाम करीब 6 बजे दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए निकले जुलूस में शामिल था. ये जुलूस जब महराजगंज बाजार में समुदाय विशेष के मोहल्ले से गुजर रहा था तो दो पक्षों में कहासुनी हो गई. आरोप है कि इस दौरान छतों से पत्थर फेंके जाने लगे, जिससे विसर्जन में भगदड़ मच गई. जुलूस में शामिल रामगोपाल का शव इस बीच हुई रामगोपाल को एक घर में ले जाकर मौत के घाट उतार दिया गया. ये घर अब्दुल हमीद का बताया जा रहा है, जहां की एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें एक शख्स हाथ में गन लेकर खड़ा है. रामगोपाल की मौत की खबर के बाद महराजगंज में बवाल शुरू हो गया. आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के घर समेत कई वाहनों में तोड़फोड़ की और उसमें आग लगा दी. इस बीच सोमवार को जब मृतक का शव गांव पहुंचा तो भीड़ फिर गुस्साकर बेकाबू हो गई. इस दौरान महराजगंज क्षेत्र में कई घरों, नर्सिंग होम, बाइक शोरूम और दुकानों में आगजनी और तोड़फोड़ की गई. वहीं, पुलिस ने बेकाबू भीड़ को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. हालात बिगड़ते देख इंटरनेट सेवा पूरे जिले में बंद कर दी गई. पीएसी, आरएएफ को सड़क पर उतार दिया गया. खुद एसटीएफ चीफ पिस्टल लेकर सड़क पर निकल पड़े. घटना के तीन दिन होने के बाद भी महसी के महाराजगंज इलाके में अभी भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं.

इंजीनियर रशीद का दावा- पीएम मोदी ने फारूक और उमर से सलाह लेने के बाद हटाया था आर्टिकल 370

श्रीनगर नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। उनके साथ पांच अन्य मंत्रियों ने भी मंत्रीपद की शपथ ली है। इस बीच, अवामी इत्तेहाद पार्टी के अध्यक्ष और सांसद शेख अब्दुल रशीद उर्फ ​​इंजीनियर रशीद ने बुधवार को आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को हटाने के मामले में फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ मिलीभगत की है। रशीद ने दावा किया कि पीएम मोदी ने यह कदम उठाने से पहले अब्दुल्ला परिवार से सलाह ली थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने घाटी में नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) को फिर से सत्ता में लाने में मदद की। मीडिया से बात करते हुए रशीद ने कहा, “उमर अब्दुल्ला राज्य के दर्जे, अनुच्छेद 370 और 35ए की बात करते हैं… उमर अब्दुल्ला 370 से भाग रहे हैं। जब पीएम मोदी ने अनुच्छेद 370 को हटाया, तो उससे 3 दिन पहले उन्होंने फारूक अब्दुल्ला से मुलाकात की थी… मुलाकात के बाद फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि कुछ भी नहीं हटने वाला था, लेकिन इसे हटा दिया गया और फारूक और उमर अब्दुल्ला को गेस्ट हाउस में रखा गया। ऐसा लगता है कि फारूक और उमर अब्दुल्ला इसमें शामिल थे।” रशीद ने कहा, “पीएम मोदी ने उनसे सलाह-मशविरा करने के बाद अनुच्छेद 370 हटाया। यह सब मैच फिक्सिंग थी। इसमें कोई संदेह नहीं है कि भाजपा ने एनसी को सत्ता में आने में मदद की।” अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया। 2005 में, इंजीनियर राशिद को आतंकवादियों का समर्थन करने के आरोप में श्रीनगर में विशेष अभियान समूह (एसओजी) द्वारा गिरफ्तार किया गया था और तीन महीने और 17 दिनों तक हिरासत में रखा गया था। उन पर राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के आरोप लगे और उन्हें कार्गो, हुमहामा और राज बाग जेलों में रखा गया। हालांकि, बाद में श्रीनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मानवीय आधार पर उनके खिलाफ सभी आरोप हटा दिए। अगस्त 2019 में, राशिद को फिर से गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार किया गया। अपनी कैद के दौरान, उन्होंने जेल से 2024 के संसदीय चुनावों के लिए अपना नामांकन दाखिल किया और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को हराकर 204,000 मतों के अंतर से जीत हासिल की। सुरिंदर चौधरी को बनाया गया डिप्टी सीएम जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को पार्टी नेता सुरिंदर चौधरी को उप-मुख्यमंत्री चुना है। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने नौशेरा से चौधरी को इस पद के लिए इसलिए चुना क्योंकि वह क्षेत्र को लोगों को प्रतिनिधित्व देने के साथ ही अपनी सरकार को समावेशी बनाना चाहते हैं। नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर ने शपथ ग्रहण समारोह के बाद पत्रकारों से कहा, ”हमारा प्रयास सभी को साथ लेकर चलना होगा।” अब्दुल्ला के साथ पांच मंत्रियों – सकीना मसूद (इटू), जावेद डार, जावेद राणा, सुरिंदर चौधरी और सतीश शर्मा ने भी पद की शपथ ली। अब्दुल्ला ने कहा कि तीन पद खाली हैं और ”उन्हें भी धीरे धीरे भर दिया जाएगा।” ‘जम्मू के लोग खुद को अलग-थलग महसूस न करें’ उन्होंने कहा कि चौधरी को उपमुख्यमंत्री के रूप में इसलिए चुना गया ताकि जम्मू के लोग खुद को सरकार से अलग थलग महसूस न करें। जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में कड़ी टक्कर देते हुए बड़ी प्रतिद्वंद्वी बनकर उभरी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जम्मू कश्मीर इकाई के अध्यक्ष रवींद्र रैना को नौशेरा में चौधरी ने 7,819 मतों से हराया था। चौधरी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के पूर्व नेता हैं। उन्होंने कहा, ”मैंने कहा था कि हम जम्मू को यह महसूस नहीं होने देंगे कि इस सरकार में उनकी आवाज नहीं है, उनका कोई प्रतिनिधि नहीं है। मैंने जम्मू से उपमुख्यमंत्री इसलिए चुना है ताकि जम्मू के लोगों को लगे कि यह सरकार जितनी बाकियों की है, उतनी ही उनकी भी है।”

पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्य मंत्री लखन पटेल ने कहा- गौ- सेवा हमारे जीवन में सर्वोच्च स्थान दिला सकती है

भोपाल पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने कहा है कि गौ- सेवा हमारे जीवन में सर्वोच्च स्थान दिला सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में गौ-संरक्षण एवं गौ-संवर्धन के कार्य निरंतर जारी है। इस वर्ष हमारी सरकार गौ- संरक्षण एवं संवर्धन वर्ष भी मना रही है। हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह इस क्षेत्र में अपना पूरा-पूरा योगदान दे। मंत्री श्री पटेल ने महू में आज पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय के नवीन कन्या छात्रावास का लोकार्पण किया। मंत्री श्री पटेल ने पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय की विभिन्न इकाईयों हॉस्पिटल, डेयरी फार्म, मुर्गी फार्म, बालक एवं बालिका छात्रावास का भ्रमण किया तथा महाविद्यालय की गतिविधियों का जायजा लिया। नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर के कुलगुरु प्रोफेसर (डॉ.) मनदीप शर्मा भी उपस्थित थे। मंत्री श्री पटेल ने महाविद्यालय के छात्र छात्राओं से बात कर उनकी समस्याओं के बारे में जाना और हल किया। उन्होंने इंटर्नशिप छात्रों का मानदेय बढ़ाने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने महाविद्यालय की समस्याओं को जल्द दूर करने का आश्वासन दिया। मंत्री श्री पटेल ने महाविद्यालय द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कुलगुरु डॉ. शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय के छात्र राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में विश्वविद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं। भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड के सदस्य श्री सुनील मानसिंका ने भी उद्बोधन दिया। सभागार में आयोजित कार्यक्रम में महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. बी.पी. शुक्ला ने सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा महाविद्यालय की उपलब्धियां एवं गतिविधियों की जानकारी दी। इस दौरान विश्वविद्यालय के संपदा अधिकारी डॉ. एस के कारमोरे, अस्सिटेंट रजिस्टार श्री रामकिंकर, जिला पंचायत सदस्य श्री दिनेश सिंह चौहान आदि उपस्थित थे। संचालन डॉ. संदीप नानावटी ने किया तथा आभार डॉ. हेमंत मेहता ने माना।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- प्रदेश सौर ऊर्जा में लंग्स ऑफ इन्क्रेडिबल इण्डिया के विज़न पर अग्रसर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अपनी विशेष पहचान बना रहा है। सोलर प्रोजेक्ट की स्थापना के लिये मध्यप्रदेश उद्योगपतियों की पहली पसंद बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि गाँधी नगर में आयोजित चौथे ग्लोबल मीट रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर मीट में उद्योगपतियों ने मध्यप्रदेश में अपने प्रोजेक्ट लगाने में रुचि दिखाई। मध्यप्रदेश में संचालित होने वाले सोलर प्रोजेक्ट्स की बदौलत “हॉर्ट ऑफ इन्क्रेडिबल इण्डिया’’ नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में काम करते हुए “लंग्स ऑफ इन्क्रेडिबल इण्डिया’’ बनने के विज़न की ओर अग्रसर है। मध्यप्रदेश में रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में निरंतर उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। ओंकारेश्वर में विश्व का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट तैयार हो रहा है। रीवा का 1590 हेक्टेयर में स्थापित सोलर प्रोजेक्ट विश्व के सबसे बड़े सिंगल साइड सोलर प्लांट में से एक है। अब प्रदेश ने एक और नई पहल की है। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में पीपीपी मोड में 8 हजार मेगावॉट सोलर एनर्जी जनरेशन के ज्वाइंट एडवेंचर संबंधी परियोजना पर सहमति बन गई है। इसमें मुरैना, शिवपुरी, सागर और धार में सोलर प्रोजेक्ट लगेंगे, जिनसे जनरेट होने वाली बिजली का उपयोग दोनों राज्यों में सिंचाई के लिये किया जा सकेगा। मध्यप्रदेश में आज 7 हजार मेगावॉट सोलर एनर्जी जनरेट की जा रही है। कुल ऊर्जा क्षमता में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत हो गई है। वर्ष 2012 में मात्र 500 मेगावॉट सोलर एनर्जी की क्षमता थी। प्रदेश ने मात्र 12 वर्ष की अवधि में सोलर एनर्जी के क्षेत्र में 14 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। राज्य सरकार वर्ष 2030 तक इसे बढ़ाकर 20 हजार मेगावॉट के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। गाँधी नगर में हुई चौथी ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर समिट में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ उद्योगपतियों ने वन-टू-वन चर्चा की। अवाडा ग्रुप ने प्रदेश में 5 हजार करोड़ रुपये के निवेश संबंधी प्रस्ताव दिये। रिन्यू पॉवर ने भी प्रदेश में 6 हजार करोड़ रुपये निवेश करने की रुचि दिखाई। वन-टू-वन चर्चा में विण्ड पॉवर एसोसिएशन, हीरो फ्यूचर एनर्जी, टोरेंट पॉवर, शक्ति पम्प्स, सिंगापुर की सेम्बकॉर्प, वारी एनर्जी, सेरेंटिका, शेल ग्रुप सुजलान, वेलस्पन, वेना एनर्जी, ब्ल्यू लीफ बोरोसिल ग्रुप, स्टेट क्रॉफ्ट के मुखियाओं ने मध्यप्रदेश में रुचि दर्शाई है।  

पश्चिमी देश भारत से रिश्ते मजबूत करने पर अड़े, वही जस्टिन ट्रूडो को अपनों ने दिखा दी औकात, जमकर हो रही खूब किरकिरी

नई दिल्ली भारत के साथ रिश्ते बिगाड़ चुके जस्टिन ट्रूडो के करीबी देशों ने भी अब उन्हें औकात दिखा दी है। पश्चिमी देशों के समर्थन पर खूब उछल रहे कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बावजूद अमेरिका और ब्रिटेन ने मोदी सरकार के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने का इरादा जाहिर किया है। पहले ट्रूडो ने दावा किया था कि भारतीय राजनयिकों ने कनाडा में रहने वाले सिख अलगाववादियों पर निगरानी रखी और उन्हें धमकाया, ब्लैकमेल किया या मार डाला। हालांकि, ट्रूडो के इन दावों की खिल्ली उड़ गई है, भारत बार-बार इस बेतुके बयानों के बारे में सबूत मांगता रहा है मगर कनाडा सरकार इस बारे में पुख्ता जानकारी मुहैया नहीं करा पाई है। और बढ़ी भारत-कनाडा के बीच रिश्तों की खाई यह विवाद पिछले साल उस समय शुरू हुआ जब ट्रूडो ने भारत पर ब्रिटिश कोलंबिया में एक सिख आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था। अब कनाडा ने आरोप लगाया है कि भारतीय अधिकारियों ने कनाडा की जमीन पर और भी कई अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया। सोमवार को कनाडा ने छह भारतीय राजनयिकों को निष्कासित कर दिया, क्योंकि भारत ने उनकी राजनयिक छूट हटाने से इनकार कर दिया। इसके जवाब में भारत ने भी छह कनाडाई राजनयिकों को वापस भेज दिया। ट्रूडो को अपनों ने ही दिखाई औकात ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रूडो के इन आरोपों से पश्चिमी देशों के भारत के साथ संबंधों को लेकर प्रश्न उठ रहे थे लेकिन अमेरिका और ब्रिटेन ने मंगलवार को जो बयान जारी किए कि उनके दृष्टिकोण में कोई बड़ा बदलाव नहीं है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा, “हमने साफ किया है कि ये आरोप बेहद गंभीर हैं और इन्हें गंभीरता से लिया जाना चाहिए।” हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भारत अमेरिका का अत्यंत मजबूत साझेदार है और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक प्रमुख भूमिका निभाता है। इस बीच ट्रूडो ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से फोन पर बातचीत की लेकिन उनके बयान में भारत का नाम नहीं लिया गया। दोनों की बातचीत के बारे में कहा गया कि दोनों नेताओं ने कानून के शासन के महत्व पर सहमति जताई और जांच पूरी होने तक संपर्क में रहने की बात कही। पश्चिमी देशों के लिए भारत क्यों अहम पश्चिमी देश हाल के वर्षों में भारत को एक महत्त्वपूर्ण सामरिक साझेदार के रूप में देख रहे हैं, खासकर चीन के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ पश्चिमी देशों ने भारत को खास अहमियत दी। जबकि ब्रिटेन भारत के साथ एक मुक्त व्यापार समझौते पर काम कर रहा है, वहीं अमेरिका रक्षा, स्वच्छ प्रौद्योगिकी और ऊर्जा के क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग कर रहा है।

हरियाणा में तीसरी बार सरकार बनने पर बोले अमित शाह, भाजपा के खिलाफ भ्रांति फैलाई गई थी कि किसानों से अन्याय हो रहा है

हरियाणा हरियाणा में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है। पार्टी की विधायक दल की मीटिंग में बुधवार को नायब सिंह सैनी को नेता चुन लिया गया। अब वह सरकार गठन का दावा करेंगे और गुरुग्राम को पंचकूला में शपथ लेंगे। नायब सैनी को नेता चुने जाने की जानकारी अमित शाह ने दी और कहा कि भाजपा के खिलाफ भ्रांति फैलाई गई थी कि किसानों से अन्याय हो रहा है। अमित शाह ने कहा, ‘यह भ्रांति फैलाई गई कि किसानों से अन्याय हुआ। मैं आज विपक्ष से कहना चाहता हूं कि पूरे देश में यदि कोई राज्य 24 फसलों को एमएसपी पर खरीदता है तो वह भाजपा के शासन वाला हरियाणा है।’ गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बनी केंद्र की यह ऐसी पहली सरकार है, जिसने एमएसपी पर सबसे ज्यादा फसलों की खरीद की है। एक बात और स्पष्ट कर दूं कि यह सरकार अग्निवीरों के जरिए युवाओं पर अन्याय करने वाली नहीं है बल्कि अग्निवीर के माध्यम से सेना को युवा बनाने वाली है। उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि बीते 10 साल जैसे भाजपा की सरकार ने काम किए हैं। उसी तरह से नायब सिंह सैनी की सरकार भी काम करती रहेगी। विपक्ष ने लोगों को भड़काने में कोई कमी नहीं छोड़ी। हमारा वादा है कि अग्निवीर से लौटा हुआ एक-एक जवान भारत और हरियाणा की सरकार में पेंशन वाली नौकरी पाएगा। उन्होंने कहा कि हमने अपनी प्राथमिकता में रखा है कि जवानों और किसानों के हितों की रक्षा की जाए। अमित शाह ने कहा कि यह पीएम नरेंद्र मोदी के विकास की नैरेटिव की जीत है। वह पूरे देश में विकास के मुद्दे को लेकर ही आगे बढ़ रहे हैं। अमित शाह ने कहा कि यह भाजपा की नीतियों की भी जीत है। 1980 के बाद से अब तक ऐसा कहीं नहीं हुआ कि लगातार तीन बार किसी पार्टी को जीत मिली हो, ऐसा भाजपा के साथ ही हरियाणा में हुआ है। सीएम नायब सिंह सैनी गुरुवार को पंचकूला के दशहरा ग्राउंड में सुबह 10 बजे सीएम पद की शपथ लेंगे। उनके साथ कुछ और मंत्री भी शपथ ले सकते हैं, जिनमें वरिष्ठ नेता अनिल विज, राव नरबीर, आरती सिंह राव, मुकेश शर्मा, शक्ति रानी शर्मा आदि शामिल हो सकते हैं। इस शपथ ग्रहण समारोह को भाजपा शक्ति प्रदर्शन के तौर पर पेश करना चाहती है। इसमें पीएम मोदी, अमित शाह, डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह मौजूद रहेंगे। इसके अलावा एनडीए शासित देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम भी मौजूद रहेंगे।

नायब सिंह सैनी को नेता चुन लिया, अब अनिल विज ने कहा, पार्टी चौकीदार भी बना दे तो निष्ठा से काम करूंगा

चंडीगढ़ हरियाणा में भाजपा विधायक दल का नेता नायब सिंह सैनी को चुन लिया गया है। इसके साथ ही उनका फिर से सीएम बनने का रास्ता साफ हो गया है। वह गुरुवार को सुबह 10 बजे पंचकूला के दशहरा ग्राउंड में सीएम पद की शपथ लेंगे। उनके नाम का प्रस्ताव पार्टी के सीनियर नेता अनिल विज ने ही किया, जो चुनाव के बीच खुद को सीएम पद का दावेदार बता रहे थे। अब उनसे फिर यह सवाल पूछा गया तो अनिल विज ने कहा कि मेरी तो ऐसी कोई इच्छा ही नहीं थी। अनिल विज ने कहा, ‘कभी मैंने मन में रखा भी नहीं। पार्टी की ओर से कोई जिम्मेदारी मिलने पर अनिल विज ने कहा कि पार्टी मुझे चौकीदार बना देगी तो उस काम को भी मैं पूरी निष्ठा के साथ करूंगा।’ अनिल विज ने ही बुधवार को भाजपा विधायक दल की मीटिंग में नायब सिंह सैनी के नाम का प्रस्ताव रखा। अनिल विज के अलावा कृष्ण बेदी ने भी नायब सैनी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिस पर विधायकों ने ध्वनिमत से मुहर लगा दी। यह दृश्य दिलचस्प था क्योंकि अनिल विज ने चुनाव के बीच कहा था कि यदि भाजपा जीती तो इलेक्शन के बाद मुख्यमंत्री के तौर पर ही मुलाकात होगी। इसके बाद अब भाजपा नेतृत्व ने जब उनसे ही सैनी के नाम का प्रस्ताव रखवाया तो यह रोचक था। अनिल विज लगातार 7वीं बार अंबाला कैंट विधानसभा से चुने गए हैं। वह लंबे समय से खुद को सीएम पद का दावेदार बताते रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साढ़े 9 साल के कार्यकाल में वह होम मिनिस्टर थे और ताकतवर थे। इसके बाद भी उनके खट्टर से रिश्ते सहज नहीं थे। वहीं जब सैनी को सीएम बनाया गया तो वह मंत्री पद की शपथ लेने ही नहीं पहुंचे। इसे उनकी नाराजगी के तौर पर देखा गया था, लेकिन बाद में उनके सुर थोड़े नरम पड़े थे। यही वजह थी कि वह पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े। हालांकि इलेक्शन कैंपेन के बीच ही उन्होंने खुद को सीएम का दावेदार बताकर हलचल पैदा कर दी थी।

बेटे को मिली सीएम पद की कुर्सी को कांटों भरा ताज बताया : फारूक अब्दुल्ला

श्रीनगर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ 6 अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली है। कुछ निर्दलियों को साथ लेकर लगभग अपने दम पर ही नेशनल कॉन्फ्रेंस ने यह सरकार बनाई है। फिर भी उमर अब्दुल्ला की शपथ के बाद उनके पिता फारूक अब्दुल्ला का बयान आया है। उन्होंने बेटे को मिली सीएम पद की कुर्सी को कांटों भरा ताज बताया है। उन्होंने कहा कि यह ‘कांटों का ताज’ है और अल्लाह लोगों की उम्मीदों को पूरा करने में उनकी मदद करे। अपने दादा से प्रेरणा लेते हुए उमर अब्दुल्ला के बेटे जहीर अब्दुल्ला ने कहा कि नई सरकार की पहली प्राथमिकता राज्य का दर्जा बहाल करना है। फारूक अब्दुल्ला ने शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में शपथ ग्रहण समारोह के बाद कहा, ‘राज्य चुनौतियों से भरा है और मुझे उम्मीद है कि यह सरकार वही करेगी जो उसने चुनाव घोषणापत्र में वादा किया था। यह कांटों का ताज है और अल्लाह उन्हें (उमर को) सफलता दिलाए और वह लोगों की उम्मीदों को पूरा करें। यह मेरा संदेश है।’ जहीर अब्दुल्ला ने कहा, ‘राज्य का दर्जा मिलने के बाद, अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए हमारा असली संघर्ष शुरू होगा। अनुच्छेद 370 हमेशा हमारी प्राथमिकता रहेगी।’ उमर अब्दुल्ला 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद से जम्मू-कश्मीर में पहली निर्वाचित सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। 2019 में तत्कालीन राज्य को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया था। बता दें कि इस शपथ समारोह में जहीर अब्दुल्ला भी नजर आए और मीडिया से भी बात की। यह पहला मौका था, जब अब्दुल्ला परिवार की चौथी पीढ़ी ने मीडिया से इस तरह खुलकर बात की। बता दें कि अब्दुल्ला परिवार से अब तक तीन लोग सीएम बन चुके हैं। फारूक अब्दुल्ला, शेख अब्दुल्ला भी मुख्यमंत्री रहे हैं।

मैंने डीजी को निर्देश दिया कि लोगों को होने वाली असुविधा को कम-से-कम किया जाए: उमर अब्दुल्ला

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर का मुख्यमंत्री बनने के बाद उमर अब्दुल्ला ने तुरंत बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस को निर्देश दिया है कि उनकी वजह से आम लोगों को होने वाली असुविधा को कम से कम किया जाए। साथ ही, जब भी वह किसी सड़क मार्ग से जाएं तो वहां कोई भी ग्रीन कॉरिडोर न बनाया जाए। अगस्त, 2019 को रद्द किए गए आर्टिकल-370 के बाद उमर अब्दुल्ला जम्मू कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंने बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। साथ ही, पांच अन्य मंत्रियों को भी उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने शपथ दिलाई। सीएम बनने के बाद उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”मैं जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजी से बात की है कि जब मैं सड़क मार्ग से कहीं जाऊं तो कोई ग्रीन कॉरिडोर या यातायात अवरोध न हो। मैंने उन्हें निर्देश दिया है कि लोगों को होने वाली असुविधा को कम-से-कम किया जाए और सायरन का इस्तेमाल कम-से-कम किया जाए। किसी भी तरह की लाठी लहराने या आक्रामक हरकतों से पूरी तरह बचना चाहिए। मैं अपने कैबिनेट सहयोगियों से भी यही उदाहरण अपनाने को कह रहा हूं। हर चीज में हमारा व्यवहार लोगों के अनुकूल होना चाहिए। हम लोगों की सेवा करने के लिए हैं, उन्हें असुविधा पहुंचाने के लिए नहीं।” ‘जल्द ही पूर्ण राज्य का दर्जा मिलेगा’ मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी सरकार का पहला काम लोगों की आवाज बनना होगा और उम्मीद जताई कि जम्मू-कश्मीर लंबे समय तक केंद्र शासित प्रदेश नहीं रहेगा और जल्द ही पूर्ण राज्य का दर्जा हासिल कर लेगा। शपथ लेने से कुछ घंटे पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने पीटीआई वीडियोज से कहा कि गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के साथ उनका सब कुछ ठीक है और उनकी पार्टी मंत्री पदों को भरने के लिए कांग्रेस और अपनी टीम के साथ बातचीत कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार की लोगों के प्रति जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “हमें लोगों से जनादेश मिला है कि हम उनकी समस्याओं को हल करने के लिए काम करें और यही हमारा लक्ष्य पहले दिन से है।” नेशनल कॉन्फ्रेंस और उसके गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के बीच दरार की अटकलों पर उमर ने चुटकी लेते हुए कहा, “नहीं, सब कुछ ठीक क्यों नहीं है। अगर सब कुछ ठीक नहीं है, तो (मल्लिकार्जुन) खरगे (कांग्रेस अध्यक्ष), राहुल (गांधी) और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता यहां क्यों आ रहे हैं। यहां उनकी मौजूदगी इस बात का संकेत है कि गठबंधन मजबूत है और हम (जम्मू-कश्मीर के) लोगों के लिए काम करेंगे।”

एक बार फिर से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ के राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय होने के आसार जताये जा रहे

भोपाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ बीते कुछ समय से राजनीतिक तौर पर कम सक्रिय हैं मगर अब उनके फिर से राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय होने के आसार बन रहे हैं। यह अनुमान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से उनकी दिल्ली में हुई मुलाकात के आधार पर लगाए जा रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने वर्ष 2018 में राष्ट्रीय राजनीति से मध्य प्रदेश की ओर रुख किया था। उन्हें पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था और उसके बाद हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सत्ता हासिल की थी। कांग्रेस सत्ता में महज 15 माह रही, आपसी खींचतान के चलते सत्ता हाथ से खिसक गई और भाजपा की फिर सत्ता में वापसी हो गई। उसके बाद से कमलनाथ का दायरा लगातार सिमटता गया और वर्तमान में उनकी ज्यादा सक्रियता छिंदवाड़ा तक सीमित है। कमलनाथ के पुत्र नकुलनाथ छिंदवाड़ा से लोकसभा का चुनाव हार चुके हैं, वहीं उनके करीबी अमरवाड़ा से विधायक रहे कमलेश शाह ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। अभी हाल ही में हुए हरियाणा और जम्मू कश्मीर विधानसभा के चुनाव में पार्टी ने कमलनाथ का राजनीतिक तौर पर कोई उपयोग नहीं किया। आगामी समय में महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा के अलावा उप चुनाव भी होने वाले हैं। मध्य प्रदेश के दो विधानसभा क्षेत्र बुधनी और विजयपुर में उपचुनाव होना है। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कमलनाथ के दिल्ली स्थित आवास पर पहुंचकर उनसे न केवल मुलाकात की बल्कि दो घंटे तक दोनों साथ भी रहे। इस मुलाकात को राजनीतिक तौर पर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीति के जानकारों का मानना है कि कमलनाथ का छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र महाराष्ट्र की सीमा से लगा हुआ है और वहां के कई इलाकों में कमलनाथ का प्रभाव है और सियासी तौर पर दखलअंदाजी भी है। इतना ही नहीं महाराष्ट्र के औद्योगिक घरानों से भी कमलनाथ की नजदीकियां है। कांग्रेस महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में कमलनाथ के प्रभाव का उपयोग करना चाहती है और इसलिए राहुल गांधी ने उनसे लंबी चर्चा की है। राहुल गांधी और कमलनाथ की इस मुलाकात ने सियासी हलकों में हलचल पैदा कर दी है। साथ ही यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि कमलनाथ की राष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर सक्रियता बढ़ेगी और आगामी चुनाव में वह बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश से ही नाता रखने वाले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को पार्टी ने पूरी तरह किनारे कर दिया है और उनका न तो जम्मू कश्मीर व हरियाणा के चुनाव में कोई उपयोग किया गया और अब संभावना यही है कि झारखंड और महाराष्ट्र के चुनाव में भी पार्टी उन्हें दूर ही रखने वाली है।  

मशहूर गुरु नानक बेकरी में ऊपरी मंजिल पर आग लगी, बेकरी जलकर राख, मचा हड़कंप

पंजाब लुधियाना के थाना टिब्बा में मशहूर गुरु नानक बेकरी में आग लगने की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार आज सुबह गुरु नानक बेकरी की ऊपरी मंजिल पर आग लगी है। आग इतनी भीषण थी कि पूरी बेकरी जलकर राख हो गई। इस उक्त घटना की सूचना दमकल विभाग को दी गई। मौके पर पहुंची दमकल विभाग की गाड़ियों ने बड़ी मुश्किल से आग पर काबू पाया। वहीं संदेह है कि आग दुकान के बाहर लगे मीटर के कारण लगी है। बेकरी मालिक ने बताया कि परिवार सहित दुकान की ऊपरी मंजिल पर सो रहा था। जब आग लगने का अहसास हुआ तो हड़कंप मच गया। उन्होंने जोर-जोर से शोर मचाया तो उनकी मदद के लिए लोग आगे आए। लोगों की मदद से उनका परिवार सुरक्षित बाहर निकला। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। थाना टिब्बा की पुलिस ने बताया कि बेकरी में लगी आग से सामान जलकर राख हो गया लेकिन गनीमत रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। 

पंजाब और हरियाणा सरकारों को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई, पराली जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई न करने पर नाराजगी

नई दिल्ली दिल्ली एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण की समस्या का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। बुधवार को कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा सरकारों को फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि पराली जलाने की घटनाओं के लिए दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं करने के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों को तलब किया है और उन्हें 23 अक्टूबर को अदालत में पेश होकर अपनी सफाई पेश करने के लिए कहा है। कोर्ट ने कहा कि दोनों राज्य प्रदूषण की समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पराली जलाने वाले लोगों पर मामूली जुर्माना लगाकर उन्हें छोड़ दिया जा रहा है। यही वजह है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने में कोई मदद नहीं मिल रही है। कोर्ट ने आगे कहा कि यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है, इसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। कोर्ट ने एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन को निर्देश दिया है कि वह उन अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करें जो अदालत के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) खतरे के निशान के पार पहुंच गया है। नोएडा ग्रेटर, नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली के कई ऐसे इलाके हैं जहां पर एक्यूआई 300 के आंकड़े को पार कर चुका है। स्थिति को देखते हुए दिल्ली सरकार ने एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस सिस्टम यानी ग्रैप का पहला चरण लागू कर दिया है। ग्रैप के पहले चरण के तहत पूरे दिल्ली एनसीआर में आतिशबाजी, होटल रेस्टोरेंट में कोयला और लकड़ी जलाने के उपयोग पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। इसके साथ ही खुले में कूड़ा फेंकना और कचरा जलाना भी पूरी तरीके से प्रतिबंधित कर दिया गया है।  

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