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राष्ट्रपति पुतिन से भारत और रूस को संबंधों को और भी ज्यादा कैसे मजबूत किया जाए, उस पर चर्चा करेंगे

रूस रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बुलावे पर पीएम मोदी अपने दो दिवसीय रूस दौरे पर जाएंगे। 8 और 9 जुलाई को होने वाले इस दौरे के दौरान पीएम मोदी 22वे वार्षिक भारत- रूस सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और राष्ट्रपति पुतिन से भारत और रूस को संबंधों को और भी ज्यादा कैसे मजबूत किया जाए, उस पर चर्चा करेंगे। दरअसल, पीएम मोदी हाल ही में SCO समिट में हिस्सा लेने के लिए नहीं गए थे, इसलिए यह पीएम का यह रूस दौरा और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। 2019 में आखिरी बार रूस गए थे पीएम मोदी मीडिया से बात करते हुए क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा, “भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मॉस्को की यह यात्रा भारत और रूस के संबंधों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इससे संबंध और मजबूत होंगे।”  अपने एक टीवी इंटरव्यू के दौरान पेसकोव ने कहा की मॉस्को में पीएम मोदी का कार्यक्रम व्यापक होगा, दोनों नेता अनौपचारिक बातचीत भी कर सकेंगे, भारत- रूस संबंध रणनितिक साझेदारी के स्तर पर हैं। उन्होंने कहा कि क्रेमलिन में आमने-सामने प्रतिनिधिमंडलों के साथ चर्चा होगी। मीडिया एजेंसी ने पेसकोव के हवाले से लिखा कि करीब पांच साल में यह पीएम मोदी की पहली रूस यात्रा होगी। रूस की उनकी आखिरी यात्रा 2019 में हुई थी जब उन्होंने व्लादिवोस्तोक में एक इकॉनॉमिक सम्मेलन में भाग लिया था। भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को नई दिल्ली में उच्च स्तरीय यात्रा की घोषणा करते हुए कहा कि दोनों नेता दोनों देशों के बीच बहुमुखी संबंधों की समीक्षा करेंगे, आपसी हित की हालिया घटनाओं और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। दरअसल, यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पीएम मोदी की यह पहली रूस यात्रा है, हाल ही में हुए SCO सम्मेलन में पीएम मोदी का न जाना रूस को खटका होगा, अब पीएम मोदी के रूस दौरे पर पश्चिमी देशों की कड़ी नजर होगी।

दिल्ली में हुई जोरदार बारिश के बाद दिल्लीवाले अच्छी बारिश के लिए तरस रहे, अगले 5 दिन कैसा रहेगा हाल

नई दिल्ली दिल्ली में मॉनसून का आगाज भले ही जोरदार रहा हो और एक ही दिन में बारिश के कई रिकॉर्ड टूट गए हों, लेकिन अब अच्छी बारिश की कमी बनी हुई है। जुलाई के पहले सप्ताह में अब तक सामान्य से 61 फीसदी कम बादल बरसे।राजधानी में 28 जून को मॉनसून का आगमन हुआ था और मानक वेधशाला सफदरजंग में 24 घंटे के भीतर 228 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन इसके बाद से ही दिल्लीवाले अच्छी बारिश के लिए तरस रहे हैं। कुछ हिस्सों में हल्की बारिश तो होती रही है, लेकिन इससे उमस बढ़ गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, जुलाई के पहले छह दिन में सामान्य तौर पर 27 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए, जो अब तक सिर्फ 10.4 मिलीमीटर हुई है। यानी यह आंकड़ा सामान्य से 61 फीसदी कम है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार-पांच दिन भी हल्की बूंदाबांदी ही होने के आसार हैं। कुछ इलाकों में बूंदाबांदी ने उमस बढ़ाई दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों में शनिवार सुबह हल्के बादल छाए रहे। सुबह के समय सफदरजंग, पालम, लोधी रोड आदि इलाकों में बूंदाबांदी हुई। दोपहर बाद आसमान साफ हो गया और धूप निकल आई। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। दिल्ली की मानक वेधशाला सफदरजंग में अधिकतम तापमान 34.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान सामान्य से एक कम 27.1 डिग्री रहा। संतोषजनक श्रेणी में हवा हल्की बारिश और तेज हवा के चलते दिल्ली में साफ हवा का स्तर बना हुआ है। शनिवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 65 के अंक पर रहा। इस स्तर की हवा को संतोषजनक श्रेणी में रखा जाता है। यह लगातार तीसरा दिन है जब वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर 100 से नीचे बना हुआ है। बता दें कि, शून्य और 50 के बीच एक AQI को “अच्छा”, 51 और 100 के बीच “संतोषजनक”, 101 और 200 के बीच “मध्यम”, 201 और 300 के बीच “खराब”, 301 और 400 के बीच “बहुत खराब” और 401 और 500 के बीच “गंभीर” माना जाता है।

7 करोड़ की रिश्वत का आरोप, सत्येंद्र जैन मंत्री थे तो बीईएल के अधिकारियों ने उन्हें रिश्वत दी थी

 नई दिल्ली जेल में बंद आम आदमी पार्टी के नेता सत्येन्द्र जैन के लिए एक और परेशानी खड़ी हो गई है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एक और मामले की जांच की सिफारिश की गई है। पिछले साल जनवरी में एसीबी ने जैन के खिलाफ जांच शुरू की थी। मई 2022 में ईडी ने आय से अधिक संपत्ति के एक अलग मामले में उन्हें गिरफ्तार किया था। अभी वह तिहाड़ जेल में बंद है। मीडिया के मुताबिक, लेफ्टिनेंट गवर्नर के कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि दिल्ली के उप राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने पूर्व मंत्री के खिलाफ 7 करोड़ रिश्वत लेने के आरोप में जांच की अनुमति दे दी। उपराज्यपाल ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा जांच की मंजूरी के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1998 की धारा 17 ए के तहत मामले को केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजने के सतर्कता विभाग के प्रस्ताव पर सहमति दे दी। । उप राज्यपाल की सहमति पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली की मंत्री और आप नेता आतिशी ने दावा किया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी को एक और फर्जी मामले में फंसाने की कोशिश कर रही है। आतिशी ने कहा कि भाजपा दिन-रात दिल्ली सरकार के खिलाफ साजिश में लगी हुई है। 10 साल में आप नेताओं पर 200 से ज्यादा केस दर्ज किए गए, लेकिन आज तक भ्रष्टाचार का एक भी रुपया कहीं से बरामद नहीं हुआ। भाजपा दिल्ली सरकार को पंगु बनाना चाहती है। क्या है 7 करोड़ रिश्वत मामला आरोप है कि जब सत्येंद्र जैन मंत्री थे तो भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के अधिकारियों ने उन्हें रिश्वत दी थी। दरअसल, बीईएल 2018-2019 में राष्ट्रीय राजधानी में सीसीटीवी कैमरे लगा रही थी, जो 571 करोड़ रुपये की परियोजना थी। एसीबी ने बीईएल के पूर्व कर्मचारी मनमोहन पांडे की शिकायत पर जांच शुरू की थी। एसीबी के अधिकारियों के अनुसार पांडे ने उन्हें सितंबर 2019 में बताया कि सीसीटीवी परियोजना के प्रभारी ने कहा था कि जैन ने 7 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। हालांकि बीईएल ने पांडो पर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया, क्योंकि उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में एक पेड़ मां के नाम अभियान का किया शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जिस प्रकार किसानों को गेहूं ,चने आदि अलग-अलग फसलों के लिए बोनस दिया जा रहा है, उसी प्रकार अब दूध खरीदने पर भी बोनस दिया जाएगा ताकि लोग घर-घर गौ-माता को पालने के लिए प्रोत्साहित हो सकें। वहीं दुर्घटनाग्रस्त व दिव्यांग गौ-माताओं को गौ-शाला में रखा जायेगा। दूध का व्यवसाय भी हमारे लोगों का जीवन बदलने में सहायक हो इसका प्रशिक्षण भी शुरू होगा। उन्होंने कहा कि हमारी देशी गौ-माता सर्वश्रेष्ठ हैं। हमारी देशी गौ-माता के संवर्धन के लिए प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज उज्जैन के ग्राम रत्नाखेड़ी स्थित कपिला गौ-शाला के संवर्धन और “एक पेड़ माँ के नाम’’ अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौ-शाला में पौध-रोपण कर संपूर्ण जिले में अभियान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कपिला गौ-शाला का भ्रमण कर अवलोकन किया। उन्होंने गौ-शाला में गौ-माता का पुष्पमाला पहनाकर, तिलक लगाकर पूजन किया और आरती उतारी। उन्होंने नन्हे बछड़ों को पशु चारा खिलाकर दुलार भी किया। उन्होंने गौ-शाला में उपलब्ध आधुनिक पशु चारा मशीन सहित अन्य उपकरणों का अवलोकन किया। कपिला गौ-शाला के श्री अच्युतानंद जी महाराज ने गौ-शाला में किए गए नवाचार के साथ गौ-शाला संवर्धन के मास्टर प्लान की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में पौध-रोपण और उसके संरक्षण की संकल्प लेने वाले विभिन्न संस्थाओं को पौधे भेंट किया। कार्यक्रम में कपिला गौ-शाला की विकास कार्ययोजना पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।  कार्यक्रम का संचालन स्वामी मुस्कुराके ने किया। गायक श्री अमित शर्मा द्वारा देशभक्ति और पर्यावरण केंद्रित सुमधुर गीतों की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर सांसद श्री अनिल फिरोजिया, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेडा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, जनपद अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर, श्री विवेक जोशी, श्री बहादुर सिंह बोरमुंडला सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा संभागायुक्त उज्जैन श्री संजय गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह, एसपी श्री प्रदीप शर्मा, निगम आयुक्त श्री आशीष पाठक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहें। गाय चराचर जगत की माता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि 10 पुत्रों की बजाय अगर एक गौ-माता हो तो उसका महत्व 10 पुत्रों से बढ़कर होता है। हमारे यहां कहा गया है “गावो विश्वस्य मातरः” यानी गाय चराचर जगत की माता हैं। गौ-माता की सेवा से योगीराज श्रीकृष्ण, गौ-पालक गोपाल कृष्ण के रूप में विख्यात हुए। हमारी गौमाता भारतीय सनातन संस्कृति की प्राण हैं। गंगा, गीता, गायत्री, गोवर्धन और गोविंद की तरह ही परम पूज्य हैं हमारी गौमाता। सर्वदेवमयी हि गौः गाय में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास माना जाता है। गौ-माता की सेवा से सभी देवी-देवताओं के पूजन का फल मिल जाता है। गौ-माता भगवान शंकर और विष्णु की प्रतीक हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पद्म पुराण में कहा गया है कि गौ-माता के मुख में चारों वेदों का वास है। गाय की सींग में ही भगवान शंकर और विष्णु का वास है। इस विशेष पहचान से गौ माता हमारी प्रकृति में अद्वितीय छटा बिखेरती हैं। सच्चे अर्थों में गौ माता हमारे जीवन को चरितार्थ करते हुए स्पंदन देने का काम करती है। द्वापर युग में जब भगवान कृष्ण धरती पर आए तो उन्हें जन्म देने वाली माता देवकी थीं, पालने-पोसने वाली यशोदा और उन्हें गोपाल बनाने वाली हमारी गौ-माता हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान कृष्ण के जन्म और लालन-पालन में माता यशोदा और नंद बाबा के पराक्रम और पुरुषार्थ का भी उल्लेख किया।   कान्हा का जीवन गायों के बिना है अधूरा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ-माता की महिमा देखिए कि भगवान भोलेनाथ शिव और हमारे गोपाल कृष्ण ने गौ-वंश को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाया है। भोलेनाथ ने नंदी को अपना वाहन बनाया तो हमारे कान्हा का जीवन ही गायों के बिना अधूरा है। सच्चे अर्थों में भगवान कृष्ण के साथ गौ-माता के जोड़ने से ही वे योगीराज श्री कृष्ण गोपाल कहलाएं। जो भगवान कृष्ण को भी आनंद से भर देता है। हमेशा उन्होंने अपनी पहचान गौ-माता से बनाकर रखी। गोपाल से गाय माता का जोड़ने का अर्थ यह है कि प्रकृति से प्रेम, मूक प्राणियों के प्रति प्रेम और 33 करोड़ देवी देवताओं की छत्र छाया है। कपिल गौ-शाला के संवर्धन के कामों को सराहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि काल के प्रवाह में हमारी गौ-माता पर भी संकट आया है। सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के साथ गौ-माता के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी कृत-संकल्पित है। गौ-शालाओं को संवारने का काम किया जा रहा हैं। उन्होंने कपिला गौ-शाला के संवर्धन में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले श्री अच्युतानंद जी महाराज का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि श्री अच्युतानंद जी महाराज गौ-वंश में संरक्षण के दिशा में महती भूमिका निभा रहे हैं, जो हम सभी के  लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने पहले भी ग्वालियर में 5000 से अधिक गौ-वंश के पालन-पोषण का उल्लेखनीय काम किया हैं। उन्होंने कपिल गौ-शाला में निर्मित भगवान शिव गणेश की सुंदर प्रतिमाओं की भी प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कपिला गौ-शाला में न केवल पशुओं का अच्छे से पालन-पोषण किया जा रहा है, बल्कि यह आधुनिक यंत्रों से भी सुसज्जित है। यहाँ चंद मिनटों में 1000 से अधिक पशुओं का आहार बनाया जा सकता हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन, भोपाल, इंदौर देवास आदि के प्रमुख मार्गो पर निराश्रित पाए जाने वाले गौ-वंश को गौ-शाला में रखने का काम किया जा रहा है। 

भारत के साथ एक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) समेत नई रणनीतिक साझेदारी का संकल्प जताया था: PM स्टार्मर

लंदन मानवाधिकार अधिवक्ता कीर स्टार्मर को शुक्रवार को ब्रिटेन का नया प्रधानमंत्री चुन लिया गया जिन्होंने भारतीय मूल के लोगों के साथ लेबर पार्टी के संबंधों में सकारात्मक बदलाव की वकालत की है। स्टार्मर ने अपनी पार्टी को मजबूत जनादेश मिलने पर भारत के साथ एक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) समेत नई रणनीतिक साझेदारी का संकल्प जताया था। स्टार्मर की अगुवाई में लेबर पार्टी ने ब्रिटेन के आम चुनाव में शानदार जीत हासिल की है। स्टार्मर (61) अगले प्रधानमंत्री होंगे और उन्होंने एक विजय रैली में समर्थकों से कहा कि ‘बदलाव अब शुरू होगा।” दिसंबर 2019 में करारी चुनावी हार के बाद लेबर पार्टी की किस्मत में प्रभावशाली, विजयी उलटफेर का श्रेय अब जाहिर तौर पर स्टार्मर के खाते में जाएगा। वह ब्रिटिश भारतीयों के साथ अपनी पार्टी के रिश्ते को नए सिरे से आकार देने की कोशिश कर रहे हैं, जो पूर्व नेता जेरेमी कॉर्बिन के कार्यकाल में कश्मीर पर कथित भारत विरोधी रुख को लेकर प्रभावित हुए थे। स्टार्मर ने अपने विजय संबोधन में कहा, ‘‘साढ़े चार साल तक पार्टी में बदलाव का यही मकसद है: एक बदली हुई लेबर पार्टी जो हमारे देश की सेवा करने के लिए तैयार है, ब्रिटेन को कामकाजी लोगों की सेवा में फिर से लगाने के लिए तैयार है।” प्रधानमंत्री के तौर पर भारत के प्रति उनका रुख लेबर पार्टी के 2024 के चुनावी घोषणापत्र में प्रदर्शित हुआ था जिसमें ‘‘भारत के साथ एक नई रणनीतिक साझेदारी की बात कही गई है, जिसमें एक मुक्त व्यापार समझौते के साथ-साथ सुरक्षा, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करना शामिल है।” उन्होंने पिछले साल ‘इंडिया ग्लोबल फोरम’ में कहा था, ‘‘मेरा आज आप सबके लिए स्पष्ट संदेश है। यह बदली हुई लेबर पार्टी है।” स्टार्मर ने कहा, ‘‘मेरी लेबर पार्टी की सरकार भारत के साथ लोकतंत्र और आकांक्षा के हमारे साझा मूल्यों पर आधारित संबंध तलाशेगी। वह एक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए प्रयास करेगी। हम उस महत्वाकांक्षा को साझा करते हैं, लेकिन वैश्विक सुरक्षा, जलवायु सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा के लिए एक नई रणनीतिक साझेदारी भी करेंगे।” पिछले सप्ताह प्रचार अभियान के दौरान उत्तरी लंदन के किंग्सबरी में श्री स्वामीनारायण मंदिर की यात्रा के दौरान, उन्होंने ब्रिटिश हिंदुओं के लिए अपने संदेश में कहा था कि ‘‘ब्रिटेन में हिंदुओं के प्रति नफरत के लिए बिल्कुल कोई जगह नहीं है”। यह एक संदेश है जिसे वह पिछले कुछ वर्षों से दिवाली और होली के उत्सवों के दौरान दोहराते रहे हैं, जिसमें लेबर पार्टी को विपक्ष में 14 वर्षों के बाद शासन करने के लिए तैयार बताया जाता रहा है। राजनीति में आने से पहले स्टार्मर एक लंबा अरसा विधिक पेशे में बिता चुके हैं। उन्हें सबसे पहले 2015 में लंदन से लेबर पार्टी का संसद सदस्य चुना गया था। स्टार्मर और उनकी पत्नी ने अपने दो किशोर बच्चों को राजनीतिक चमक-दमक से दूर ही रखा है। उनकी पत्नी राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) में काम करती हैं। स्टार्मर ने अपने भाषण में कहा कि उन्होंने जिस बदलाव का वादा किया था, वह जल्द ही शुरू होगा। लंदन में एक औजार निर्माता पिता और एनएचएस में सेवारत नर्स माता के घर में जन्मे स्टार्मर का अधिकतर जीवन सरे के ऑक्स्टेड कस्बे में बीता। वह भाषण में अपनी मां को लेकर भी भावुक दिखे जो 2015 में उनके पहली बार सांसद बनने से कुछ सप्ताह पहले दुनिया छोड़कर चली गई थीं। स्टार्मर भी निवर्तमान प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की तरह ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से पढ़े हैं।  

ब्रिटेन के युवा सांसदों में से एक नवेन्दु का गोरखपुर में ननिहाल है, माना जा रहा है नई सरकार में मिल सकती है अहम जिम्‍मेदारी

गोरखपुर ब्रिटेन में सर्वोच्च सदन के चुनाव से लगातार दूसरी बार गोरखपुर का कनेक्शन जुड़ा है। ग्रेटर मैनचेस्टर के स्टॉकपोर्ट से लेबर पार्टी से एक बार फिर नवेन्दु मिश्रा सांसद चुने गए हैं। उन्होंने 15 हजार से अधिक मतों से जीत हासिल की है। ब्रिटेन के युवा सांसदों में से एक नवेन्दु का गोरखपुर में ननिहाल है। माना जा रहा है कि नई सरकार में नवेन्दु को पार्टी सरकार में अहम जिम्मेदारी दे सकती है। मूलत: कानपुर के रहने वाले नवेंदु मिश्रा की मां मीनू मिश्रा का मायका गोरखपुर शहर में काली मंदिर के पास है। नवेंदु महानगर के वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. बीबी त्रिपाठी के भांजे हैं। मामा नीलेन्द्र पाण्डेय व ममेरे भाई आकाश ने बताया कि वर्ष 1989 में नवेन्दु का जन्म हुआ। पिता पेट्रोलियम कंपनी में बड़े अधिकारी थे। करीब 25 साल पहले उनके पिता ने ब्रिटेन की पेट्रोलियम कंपनी को ज्वाइन किया। बाद में उनका परिवार ब्रिटेन में जाकर बस गया। नवेन्दु के साथ छोटे भाई दिव्येन्दु और बहन मिताली की शिक्षा-दीक्षा ब्रिटेन में ही हुई है। पढ़ाई पूरी करने के साथ ही नवेन्दु ने लेबर पार्टी ज्वाइन कर ली। भारत से रिश्ते और होंगे मजबूत नवेन्दु ने बताया कि भारत और ब्रिटेन के रिश्ते काफी पुराने हैं। दोनों देशों की प्रगाढ़ता बढ़ रही है। यह रिश्ता और मजबूत होगा। दोनों देशों के बीच साझेदारी में कला, शिक्षा, संस्कृति और पर्यटन में अपार संभावनाएं हैं। इस साझेदारी में यूपी की भी हिस्सेदारी है। यूपी में निवेश की अपार संभावना है। यूपी इन्वेस्टर्स समिट के 10 साझेदार देशों में ब्रिटेन शामिल है। उत्तर प्रदेश में निवेश को ब्रिटिश कंपनियां इच्छुक हैं। उन्हें यहां बड़ी संभावनाएं दिख रही हैं। यह दोनों देशों को सामान्य तौर पर फायदा पहुंचाएगा। 57 फीसदी से अधिक मत मिले नवेन्दु मिश्रा ने 15 हजार से अधिक मतों से जीत हासिल की है। इस सीट पर सात प्रत्याशी मैदान में थे। अकेले नवेन्दु को 57 फीसदी से अधिक 21787 मत मिले। दूसरे स्थान पर रिफार्म पार्टी के लिन्न स्कोफिल्ड रहे। भारत में विवाह करेंगे नवेन्दु मिश्रा वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. बीबी त्रिपाठी ने बताया कि नवेन्दु के दिल में हिन्दुस्तान बसता है। वह अब तक अविवाहित हैं। वह भारत में ही विवाह करने के इच्छुक हैं। वह हर छह से आठ महीने में एक बार अपने घर व ननिहाल जरूर आते हैं। चार महीने पहले ही गोरखपुर आए थे।  

पति चुनाव नजदीक और डेमोक्रेट पार्टी एक अलग समस्या से जूझ रही है

वॉशिंगटन  अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव नजदीक आ रहे हैं और डेमोक्रेट पार्टी एक अलग समस्या से जूझ रही है। दरअसल जो बाइडन की राष्ट्रपति पद की दावेदारी पर सवाल खड़े हो रहे हैं और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डेमोक्रेट पार्टी अब उम्मीदवारी के लिए उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की तरफ देख रही है। डेमोक्रेट पार्टी के कई नेता, दानदाता और पार्टी कार्यकर्ता मानते हैं कि जो बाइडन, ट्रंप के सामने कमजोर रह सकते हैं, यही वजह है कि अब जो बाइडन की जगह कमला हैरिस को उम्मीदवार बनाने पर विचार किया जा रहा है। बहस में पिछड़ने के बाद बाइडन की बढ़ती उम्र को लेकर तेज हुई चर्चा बीते दिनों अटलांटा में हुई राष्ट्रपति पद की पहली बहस में जो बाइडन, डोनाल्ड ट्रंप के सामने कमजोर साबित हुए थे। बहस के दौरान कई बार बाइडन की जुबान लड़खड़ाई और जिस तरह से उन्होंने जवाब दिए, उसके बाद से उनकी बढ़ती उम्र की चर्चा फिर से तेज हो गई थी। हालांकि बाइडन अपनी उम्मीदवारी छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो डेमोक्रेट पार्टी के भीतर एक वर्ग कमला हैरिस को जो बाइडन के संभावित विकल्प के रूप में देख रहा है। कमला हैरिस और उनकी प्रचार टीम अभी सार्वजनिक रूप से बाइडन का ही समर्थन कर रही है, लेकिन हाल के दिनों में उनके प्रचार अभियान में जो सूक्ष्म बदलाव आए हैं, उससे भी अटकलों को बल मिला है। जो बाइडन के चुनाव अभियान ने अटकलों को किया खारिज कमला हैरिस अपने बयानों में डोनाल्ड ट्रंप पर ज्यादा आक्रामक होकर हमला कर रही हैं। पार्टी के भीतर जो बाइडन को मनाने की कोशिशें चल रही हैं कि वह कमला हैरिस का समर्थन करें। डेमोक्रेट पार्टी में एक वर्ग ऐसा भी है जो कमला हैरिस के नेतृत्व में चुनाव लड़ने को लेकर आशंकित है। इन चर्चाओं के बीच बाइडन के चुनाव अभियान के प्रवक्ता केविन मुनोज ने सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि जो बाइडन ही डेमोक्रेट पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होंगे और कमला हैरिस उनकी सहयोगी होंगी।  

पाकिस्तान में मुहर्रम के दौरान हिंसा और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए नफरती संदेश तेजी से फैलने का डर है

इस्लामाबाद  पाकिस्तान में मुहर्रम के दौरान सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लग सकता है। दरअसल पाकिस्तान के पंजाब राज्य समेत कई अन्य राज्यों ने संघीय सरकार से यह मांग की है। राज्यों को डर है कि मुहर्रम के दौरान हिंसा भड़क सकती है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए नफरती संदेश तेजी से फैलने का डर है। पाकिस्तान में मुहर्रम के दौरान हो चुकी हैं कई आतंकी घटनाएं मुहर्रम के दौरान शिया मुसलमान इस्लाम के पैगंबर के पोते की शहादत की याद में बड़ी-बड़ी सभाएं करते हैं और जुलूस निकालते हैं। शिया मुसलमान उनकी शहादत को अत्याचार के प्रतिरोध के प्रतीक के रूप में मनाते हैं। इस दौरान मोहर्रम के पहले दस दिनों तक विशाल रैलियां करते हैं। शिया मुस्लिमों की सुन्नी मुस्लिमों के साथ ऐतिहासिक धार्मिक प्रतिद्वंदिता है। यही वजह है कि कट्टरपंथी सुन्नी समूहों की तरफ से मुहर्रम के दौरान शिया मुस्लिमों की रैलियों को निशाना बनाने की घटनाएं होती हैं। इस दौरान पाकिस्तान में बम विस्फोट या आत्मघाती हमलों का डर बना रहता है। पंजाब सरकार ने संघीय सरकार से की अपील हिंसा के डर से ही पाकिस्तान की सरकार मुहर्रम के दौरान दूरसंचार के साधनों पर रोक, इंटरनेट और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने जैसे कदम उठाती है। पंजाब की सरकार ने संघीय सरकार से अपील की है कि मुहर्रम के दौरान 6-11 जुलाई तक सोशल मीडिया सेवाओं पर रोक लगाई जाए ताकि भ्रामक संदेशों को फैलने से रोका जा सके। पंजाब सरकार ने गृह मंत्रालय को एक पत्र लिखा है, जिसमें मुहर्रम के दौरान फेसबुक, वाट्सएप, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, एक्स, टिक-टॉक आदि सोशल मीडिया मंचों पर पूरे प्रांत में रोक लगाने की मांग की। पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को बयान जारी कर बताया कि सोशल मीडिया मंचों पर रोक लगाने का फैसला प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ही करेंगे। अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं किया है। रविवार या सोमवार को चांद दिखने के साथ ही मुहर्रम की शुरुआत हो सकती है। मुहर्रम की शुरुआत पर फैसला लेने के लिए मौलवियों की निकाय चर्चा कर रही है।    

अयोध्‍या में जल्द ही पुरोहितों को मिलना शुरू होगा मानदेय, बढ़ेगी पुजारियों की सख्यां

अयोध्‍या राम मंदिर परिसर में मंदिरों की संख्‍या बढ़ने से अब पुजारियों की संख्‍या भी बढ़ाई जा रही है। मंदिर की धार्मिक समिति के पुजारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को पूरा कर अब 20 पुजारियों का बैच तैयार है जिनकी रविवार से विधिवत जॉइनिंग हो जाएगी। बताया गया कि इसी के साथ ही नए पुजारियों को 15 हजार रुपये तक का मानदेय भी मिलने लगेगा। मंदिर ट्रस्‍ट के कार्यालय प्रभारी प्रकाश गुप्‍ता ने बताया कि राम मंदिर परिसर मे रामलला मंदिर के अलावा 15 अन्‍य मंदिरों का भी निर्माण हो रहा है जिसमें भी पुजारियों की जरूरत पड़ेगी। वहीं मंदिर के पुजारी संतोष तिवारी ने बताया कि सहायक स्‍थायी पुजारियों को इस समय 3,1960 रुपये मासिक वेतन मिल रहा है। वहीं प्रधान पुजारी का वेतन करीब 35 हजार रुपये के करीब है। जूनियर पुजारी हालां‍कि मंदिर में पूजा में सहयोग कर रहे हैं पर उनकी जाइनिंग रविवार से बताई गई है। प्रशिक्षित पुजारियों को प्रशिखण के दौरान 2 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा था। उनका प्रशिक्षण का कार्यकाल छह माह का रहा है। बताया गया कि पुजारियों के प्रशिक्षण का अगला बैच भी शुरू होगा । अब ड्रेस कोड में आना होगा पुजारियों को संतोष तिवारी ने बताया कि मंदिर ट्रस्‍ट का निर्देश है कि पुजारियों को भगवा पगड़ी कुर्ता धोती व चौबंदी के ड्रेस में आना पड़ेगा। उन्‍होंने बताया कि यह ड्रेस कोड रविवार से लागू होगा। पुजारियों पर मोबाइल को गर्भ गृह में ले जाने पर रोक नहीं है पर वे फोन पर वार्ता गर्भ गृह से बाहर आकर ही कर सकेंगे। मोबाइल से फोटो खींचना भी मना है। अब पुजारी किसी से कोई दानराशि न लेकर उसे दान पात्र में डालने के लिए कहेंगे। प्रकाश गुप्‍ता ने बताया कि रामलला के मंदिर में मोबाइल प्रतिबंधित होने पर ट्रस्ट ने परिसर के पास पीएफसी के सामने दर्शन मार्ग के दोनों तरफ सेल्फी पॉइंट स्‍थापित किया है। सेल्फी पॉइंट को हूबहू गर्भगृह की तरह सजाया और संवारा गया है जहां श्रद्धालुओं की बड़ी संख्‍या रोजाना मोबाइल से सेल्‍फी ले रहे हैं। श्रद्धालुओं की मांग पर ट्रस्ट ने वैकल्पिक रास्ता निकाला है। हुई थी पुरोहित कल्याण बोर्ड बनाने की घोषणा उत्तर प्रदेश के बड़ी संख्या में मंदिर हैं. मंदिर के पुजारियों के पद छोड़ने पर उनके लिए कोई व्यवस्था नहीं रहती है. इसलिए योगी आदित्यनाथ की सरकार ने पहले पुरोहित कल्याण बोर्ड बनाने की घोषणा की थी. अब मुख्यमंत्री ने इसमें तेज़ी लाने के निर्देश दिए हैं. इसके लिए ग्राउंड वर्क कर लिया गया है. इसी के ज़रिए पुरोहित-अर्चकों की मदद की जाएगी. इस योजना में ‘सनातन’ से जुड़े सभी पंथों सिख, जैन आदि को भी शामिल किया जाएगा. एक क्लिक में मिलेगी मंदिरों की जानकारी उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ समय से धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की गयी हैं. राम मंदिर के लोकार्पण के बाद से यूपी में धार्मिक पर्यटन करने वालों की संख्या बहुत ज़्यादा बढ़ी है. इसके लिए अब सभी धर्मस्थलों और मंदिरों की जानकारी एक क्लिक में मिलेगी. इसके लिए सेंट्रलाइज्ड पोर्टल पर तेज़ी से काम चल रहा है. इसमें न सिर्फ़ प्रदेश के बड़े मंदिरों बल्कि हर ज़िले के प्रमुख मंदिरों की पौराणिक मान्यता, इतिहास और अन्य जानकरियां उपलब्ध करायी जाएंगी. मंदिरों के जीर्णोद्धार की योजना योगी सरकार की इस पहल पर विश्व पुरोहित परिषद ने भी खुशी जताई है. साथ ही, यह कहा है कि सनातन की रक्षा करने वाले पुरोहितों के हितों को देखना ज़रूरी है. उत्तर प्रदेश में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं. 100 साल से ज़्यादा पुराने मंदिरों जीर्णोद्धार के लिए अलग से योजना तैयार की गयी है. अब पुरोहितों के लिए मानदेय और आर्थिक मदद की व्यवस्था कर सरकार एक नयी शुरुआत करने वाली है.

ऑस्ट्रेलिया में पढ़ते हैं 1.5 लाख भारतीय छात्र, इंग्लिश टेस्ट पास करना हुआ बेहद मुश्किल

नई दिल्ली  ऑस्ट्रेलिया ने विदेशी छात्रों को वीजा जारी करने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिसकी वजह से ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई करने के लिए विदेशी छात्रों को अब वीजा मिलना पहले से मुश्किल हो गया है। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित भारतीय होंगे। इन नियमों को लेकर ऑस्ट्रेलियाई गृह मंत्री क्लेर ओ नील ने कहा था कि इन बदलावों से हाउसिंग मार्केट पर पड़ रहे दबाव को थोड़ा कम किया जा सकेगा। ऑस्ट्रेलिया में 30 सितंबर 2023 तक माइग्रेशन 60 प्रतिशत बढ़कर 5,48,800 हो गया था। 1 जुलाई से सरकार वो रास्ते बंद कर देगी जिसके तहत विजिटर वीजा और अस्थायी स्नातक वीजा होल्डर अब ऑनशोर स्टूडेंट वीजा के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। दरअसल, ऑस्ट्रेलिया में कुछ भारतीय अक्सर ‘चोर दरवाजे’ से यानी टूरिस्ट वीजा लेकर आते हैं और वहां पर किसी कॉलेज में दाखिला लेकर स्टडी वीजा हासिल कर लेते हैं। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों की संख्या 1.5 लाख पार ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या 2022-23 में 30 हजार से बढ़कर 150,000 से ज्यादा हो गई है। एक जुलाई 2023 से मई 2024 के अंत तक 36,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। 2022 में ऑस्ट्रेलियाई संस्थानों में एक लाख से ज्यादा भारतीय छात्र पढ़ रहे थे। जनवरी से सितंबर 2023 की अवधि में यह संख्या 1.22 लाख थी। अब इन्हें ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई करने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। ऑस्ट्रेलिया की 2021 की जनगणना के अनुसार, देश में 9,76,000 भारतवंशी रह रहे थे। पहला बदलाव: 40 से 90 हजार रुपए हुई वीजा फीस ऑस्ट्रेलियाई वीजा के लिए प्रॉसेसिंग फीस दोगुनी से ज्यादा बढ़ा दी गई है। यह बढ़ोतरी करीब 125 फीसदी है। पहले जहां यह फीस करीब 39,546 रुपए थी, वहीं अब यह बढ़कर 89,118 रुपए हो गई है। दूसरा बदलाव: छात्रों को ज्यादा बचत रखनी होगी नई वीजा पॉलिसी में ऑस्ट्रेलिया में एंट्री के लिए एक छात्र के पास बचत के रूप में जरूरी सेविंग अमाउंट को बढ़ा दिया गया है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अब यह जरूरी कर दिया है कि छात्रों के पास ऑस्ट्रेलिया में रहन-सहन का खर्च उठाने के लिए पहले के मुकाबले ज्यादा बचत होनी चाहिए, जो ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन का 75% होगा। विदेशी छात्रों को ऑस्ट्रेलियन वीजा के लिए क्वॉलीफाई करने के लिए कम से कम 16,29,964 रुपए की बचत दिखानी होगी। सरकार का ये कहना है कि ये बदलाव इसलिए किया जा रहा है ताकि छात्र ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के दौरान ज़रूरी खर्च निकाल सकें। ये बदलाव वैसे तो बीते 10 मई से लागू हो गए थे, मगर अब 1 जुलाई से नए बदलावों के साथ पूरी तरह से लागू कर दिए गए हैं। तीसरा बदलाव: इंग्लिश टेस्ट बना बेहद मुश्किल ऑस्ट्रेलियाई वीजा पाने के लिए अब इंग्लिश लैंग्वेज टेस्ट में भी अच्छे नंबर लाना जरूरी कर दिया गया है। टेंपररी ग्रेजुएट वीजा आवेदकों के लिए IELTS स्कोर को 6.0 से बढ़ाकर 6.5 कर दिया गया है। जो लोग भी यह वीजा अप्लाई करना चाहते हैं, उन्हें इस टेस्ट में मिनिमम 6.0 अंक तो लाना ही होगा। सरकार छात्रों को ऐसे तरीके अपनाने से रोक रही है जिनसे वो अपना वीजा एक्सटेंड करवा सकें। चौथा बदलाव: टेंपररी ग्रेजुएट वीजा की उम्र घटी ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने छात्रों के लिए टेंपररी ग्रेजुएट वीजा (TGV) की उम्र भी घटा दी। पहले यह उम्रसीमा 50 साल हुआ करती थी, जो अब बढ़कर 35 साल रह गई है। यह नियम भी 1 जुलाई से लागू हो चुका है। पांचवा बदलाव: ऑस्ट्रेलिया में रहकर वीजा आवेदन नहीं ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने वीजा पाने की राह में एक और बाधा खड़ी कर दी है। अब ऑस्ट्रेलिया में वीजा के लिए आवेदन करना मान्य नहीं है। इसके लिए विदेश में अप्लाई करना होगा या प्रवासियों को अपने देश से ही करना होगा। इससे पहले विजिटर वीजा और टेंपररी ग्रेजुएट वीजा हासिल करने वाले लोग ऑस्ट्रेलिया में रहते हुए ही स्टूडेंट वीजा के लिए आवेदन कर दिया करते थे। यह नियम भी 1 जुलाई से लागू हो गया है। छठां बदलाव: जेनुइन स्टूडेंट टेस्ट लागू, बेहद सख्त ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने वीजा नियमों में एक नियम और जोड़ा है, वो है जेनुइन स्टूडेंट टेस्ट। यह टेस्ट सही छात्रों की पहचान करेगा। यह पहले के जेनुइन टेंपररी एनट्रैंट की जगह लेगा। इससे ऐसे लोगों पर रोक लगेगी, जो स्टूडेंट वीजा के बहाने ऑस्ट्रेलिया जाना चाहते हैं। 1 जुलाई से पहले के आवेदनों पर नहीं पड़ेगा असर ऑस्ट्रेलिया में अभी आगंतुक, अस्थायी स्नातक वीजा होल्डर और दूसरे तरह के वीजा होल्डर्स अब नए नियमों के तहत छात्र वीजा के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं। हालांकि, 1 जुलाई, 2024 से पहले ऑस्ट्रेलिया में पहले से ही जमा किए गए छात्र वीज़ा आवेदनों पर इन नियमों से कोई असर नहीं पड़ेगा। पर्यटक वीजा पर रहने की अवधि अधिकतम 12 महीने तक भारतीयों के लिए ऑस्ट्रेलियाई पर्यटक वीजा शुल्क 90 दिनों की अवधि के लिए लगभग 14,100 रुपए है, जिसकी वैधता 90 दिनों की है। हालांकि, वीजा फीस में बदलाव हो सकता है, जिसे वापस नहीं किया जा सकता है। पर्यटक वीज़ा पर रहने की अवधि अलग-अलग हो सकती है, लेकिन आम तौर पर यह 3, 6 या 12 महीने तक रहने की अनुमति देता है। अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा से भी महंगा हुआ स्टूडेंट वीजा नए बदलाव के बाद ऑस्ट्रेलिया में स्टूडेंट वीजा लेना अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा से भी महंगा हो गया है। अमेरिका में अभी स्टूडेंट वीजा की फीस करीब 15,433 रुपए है, वहीं, कनाडा में यह करीब 9,178 रुपए, ब्रिटेन में 51,732 रुपए है। ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने कहा कि इन बदलावों से वीजा नियमों में खामियों को दूर करने में मदद मिलेगी। इससे वास्तविक छात्रों को ही वीजा मिल सकेगा। क्यों सख्त हुआ ऑस्ट्रेलिया में वीजा नियम, क्या दिए तर्क प्रवासियों की तेजी से बढ़ती हुई संख्या पर रोक लगाने के लिए ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने यह कदम उठाया है। दरअसल, लोग सैर-सपाटे के लिए ऑस्ट्रेलिया आते हैं और बाद में अपना टूरिस्ट वीजा स्टडी वीजा में तबदील करवा लेते हैं। वहां पर कॉलेजों में दाखिला लेकर वर्क वीजा हासिल कर लेते हैं। बाद में उन्हें टेंपररी यानी अस्थायी वीजा मिल जाता है, जिसे टी-वीजा कहते हैं।

पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आज 43 साल हुए, सलमान खान के साथ मनाया जन्मदिन, पत्नी साक्षी ने छुए पैर

नई दिल्ली पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आज यानी 7 जुलाई को 43 साल के हो गए हैं। माही ने अपना जन्मदिन बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के साथ मनाया। इस दौरान वहां मौजूद उनकी पत्नी साक्षी धोनी ने उनके पैर भी छुए। इस शानदार पल का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और फैंस इसे पसंद कर रहे हैं। बता दें, माही शनिवार को अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की ‘संगीत सेरेमनी’ में पहुंचे थे। इस समारोह के बाद ही उन्होंने होटल में अपना जन्मदिन मनाया। सोशल मीडिया पर थाला को जन्मदिन की बधाईयों की बाढ़ आई हुई है। और उनकी पत्नी साक्षी धोनी ने यह सुनिश्चित किया कि वह अपने पति को जन्मदिन की बधाई देकर उन्हें खास महसूस कराएं। साक्षी ने धोनी के जन्मदिन का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें बर्थडे बॉय केक काटता नजर आ रहा है। इस दौरान वहां बॉलीवुड दबंग सलमान खान भी मौजूद थे। वीडियो में जिस बात ने सभी का ध्यान खींचा वह था साक्षी का अपने पति के पैर छूना, यह इस कपल की प्रेमपूर्ण केमिस्ट्री की झलक दिखलाता है। सलमान खान ने बाद में सोशल मीडिया पर धोनी को जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दी। उन्होंने एक्स पर माही के साथ तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘हैप्पी बर्थडे कप्तान साहब’ उनके जन्मदिन के जश्न के अलावा, यह घोषणा की गई कि हिंदी सिनेमा की सबसे पसंदीदा और सराहनीय बायोपिक में से एक फिल्म ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ जुलाई 2024 में सिनेमाघरों में फिर से रिलीज होगी। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के सफर पर आधारित इस फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत, कियारा आडवाणी और दिशा पटानी मुख्य भूमिका में हैं। यह फिर से रिलीज़ एमएस धोनी के 43वें जन्मदिन के खास मौके पर की गई है।  

केरल में मस्तिष्क खाने वाले अमीबा के संक्रमण का एक और मामला सामने आया

कोझिकोड  केरल में मस्तिष्क खाने वाले अमीबा के संक्रमण का एक और मामला सामने आया है। ‘अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस’ दूषित जल में पाए जाने वाले अमीबा से होता है। एक अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि उत्तरी केरल के कोझिकोड जिले का पय्योली निवासी 14 वर्षीय किशोर इस संक्रमण से पीड़ित है। उसी अस्पताल में किशोर का उपचार किया जा रहा है। मई के बाद से राज्य में, अमीबा से होने वाले संक्रमण का यह चौथा मामला है और अब तक के मामलों में बच्चे ही इससे पीड़ित हुए हैं। पहले के मामलों में तीनों बच्चों की मौत हो चुकी है। किशोर का इलाज कर रहे एक चिकित्सक ने कहा कि उसे एक जुलाई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उसकी हालत में सुधार हो रहा है। चिकित्सक ने शनिवार को बताया कि किशोर में संक्रमण की शीघ्र पहचान कर ली गई और विदेश से दवाइयां मंगाने सहित अन्य उपचार दिए गए। इससे पहले, बुधवार रात 14 वर्षीय एक किशोर की इसी संक्रमण से मौत हो गई थी, मलप्पुरम की पांच वर्षीय लड़की और कन्नूर की 13 वर्षीय किशोरी की क्रमशः 21 मई और 25 जून को मस्तिष्क संक्रमण के कारण मृत्यु हो गई थी। संक्रमण के मामले बढ़ने के बीच केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शुक्रवार को एक बैठक की जिसमें संक्रमण को रोकने के लिए गंदे जलाशयों में न नहाने सहित कई सुझाव दिए गए। बैठक में यह सुझाव भी दिया गया कि स्विमिंग पूल में क्लोरीन डाला जाना चाहिए और बच्चों को इनमें प्रवेश करते समय सावधान रहना चाहिए क्योंकि वे इस बीमारी से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सभी लोगों को जलाशयों को साफ रखने का ध्यान रखना चाहिए। संक्रमण के मामले बढ़ने के बीच केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शुक्रवार को एक बैठक की जिसमें संक्रमण को रोकने के लिए गंदे जलाशयों में न नहाने सहित कई सुझाव दिए गए। बैठक में यह सुझाव भी दिया गया कि स्विमिंग पूल में क्लोरीन डाला जाना चाहिए और बच्चों को इनमें प्रवेश करते समय सावधान रहना चाहिए क्योंकि वे इस बीमारी से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सभी लोगों को जलाशयों को साफ रखने का ध्यान रखना चाहिए। अमीबा क्या है और इसे कैसे रोका जा सकता है? अमीबा एक सूक्ष्मजीव है जो प्रोटोजोआ वर्ग से संबंधित है। यह एक कोशिकीय जीव है, जिसका आकार और रूप बदलता रहता है। अमीबा पानी, मिट्टी, और मानव एवं पशु आंतों में पाया जाता है। यह कई प्रकार का हो सकता है, जिनमें से कुछ मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं। उदाहरण के लिए, “एंटामोएबा हिस्टोलिटिका” नामक अमीबा आमतौर पर अमीबायसिस नामक बीमारी का कारण बनता है, जो आंतों में संक्रमण पैदा करता है। अमीबा संक्रमण के लक्षण: पेट दर्द दस्त (जो खून के साथ भी हो सकता है) बुखार उल्टी कमजोरी अमीबा संक्रमण से बचाव: साफ पानी का सेवन: केवल शुद्ध और साफ पानी पीना चाहिए। अगर आप सुनिश्चित नहीं हैं कि पानी शुद्ध है या नहीं, तो उसे उबालकर या फिल्टर करके पीएं। स्वच्छता का ध्यान: खाने से पहले और बाद में, और बाथरूम इस्तेमाल करने के बाद हाथ धोना चाहिए। सुरक्षित भोजन: सड़क किनारे का खाना और अधपका भोजन खाने से बचना चाहिए। सब्जियों और फलों को अच्छी तरह धोकर ही खाएं। स्वास्थ्यवर्धक आदतें: खाने के बर्तन और पीने के पानी के बर्तन साफ रखें। संक्रमित व्यक्तियों से बचाव: अमीबा संक्रमण वाले व्यक्तियों के संपर्क में आने से बचें और उनके इस्तेमाल की चीजों का भी उपयोग न करें। मेडिकल जांच: यदि अमीबा संक्रमण के लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें और आवश्यक जांच कराएं।    

भारतीय टीम के पास अगली बार भी ट्रॉफी जीतने का सुनहरा मौका, अगली बार भी होगा सुपर-8 वाला फॉर्मेट

मुंबई रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम ने 29 जून को इतिहास रच दिया. उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप 2024 के फाइनल में साउथ अफ्रीका को हराते हुए दूसरी बार खिताब अपने नाम किया. इससे पहले भारतीय टीम ने 2007 में टी20 वर्ल्ड कप खिताब जीता था. मगर फैन्स के लिए एक अच्छी खबर और है. दरअसल, अगला टी20 वर्ल्ड कप 2026 भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा. ऐसे में भारतीय टीम के पास अगली बार भी ट्रॉफी जीतने का सुनहरा मौका रहेगा. इस बार की तरह अगले सीजन में भी 20 टीमें हिस्सा लेंगी और कुल 55 मुकाबले खेले जाएंगे. अगली बार भी होगा सुपर-8 वाला फॉर्मेट अगला वर्ल्ड कप सीजन भी 2024 की तरह ही रहेगा. उसका फॉर्मेट भी इसी तरह रहेगा. अगली बार भी 5-5 टीमों के 4 ग्रुप होंगे. हर ग्रुप से 2-2 टीमें सुपर-8 में एंट्री करेंगी. इसके बाद सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबला होगा. इससे पहले बता दें कि अभी से 2026 टी20 वर्ल्ड कप के लिए 12 टीमें तय हो चुकी हैं. अब सिर्फ 8 टीमों का इंतजार है. इन 8 स्थान के लिए अगले डेढ़ साल में क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट खेले जाएंगे. आइए जानते हैं टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बारे में सबकुछ… इन 12 टीमों ने की डायरेक्ट एंट्री मेजबान होने के नाते भारतीय टीम और श्रीलंका डायरेक्ट एंट्री मिली है. जबकि बाकी 10 टीमों में टी20 वर्ल्ड कप 2024 सुपर-8 राउंड (भारत को छोड़कर) से ली गई हैं. ये टीमें अफगानिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका, अमेरिका और वेस्टइंडीज हैं. इस तरह कुल 9 टीमें हो गई हैं. जबकि बाकी 3 टीमें 30 जून तक की ICC टी20 टीम रैंकिंग के जरिए भरी गई हैं. पाकिस्तान, न्यूजीलैंड और आयरलैंड सुपर-8 में नहीं जा सके. लेकिन टी20 रैंकिंग में बेहतर पॉजीशन में होने से इन तीनों टीमों ने भी 2026 टी20 वर्ल्ड कप में जगह बनाई. पाकिस्तान रैंकिंग में सातवें, न्यूजीलैंड छठे और आयरलैंड 11वें नंबर पर है. बाकी 8 टीमों को इस तरह मिलेगी एंट्री 12 टीमों की डायरेक्ट एंट्री के बाद 8 टीमों की जगह खाली रहेगी. इनके लिए अलग-अलग क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट होंगे. इनमें ऊपर रहने वाली टीमों को टी20 वर्ल्ड कप 2026 सीजन के लिए टिकट मिलेगा. यह क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट अफ्रीका, एशिया, यूरोप, अमेरिका और ईस्टएशिया-पैसेफिक रीजन के लिए होंगे. अफ्रीका, एशिया और यूरोप से दो-दो टीमें चुनी जाएंगी तो बाकी दो रीजन से एक-एक टीम आएगी. किस महाद्वीप से कौन सी टीमें एंट्री कर सकती हैं अफ्रीका महाद्वीप: दो जगहों के लिए जिम्बाब्वे, नामीबिया, युगांडा, केन्या, नाइजीरिया, तंजानिया जैसी टीमें दावेदार होंगी. टी20 वर्ल्ड कप 2024 में युगांडा और नामीबिया ने क्वालिफाई किया था. एशिया: यहां दो स्थान के लिए नेपाल, ओमान, यूएई, बहरीन, कुवैत, हांग कांग, मलेशिया, कतर भी दावेदारी पेश करेंगे. जबकि टी20 वर्ल्ड कप 2024 में नेपाल और ओमान ने क्वालिफाई किया था. यूरोप: 2024 सीजन में यूरोप से नीदरलैंड्स और स्कॉटलैंड ने क्वालिफाई किया था. अगली बार भी दोनों दावेदार हैं, लेकिन इटली, जर्सी, जर्मनी, डेनमार्क, स्पेन से इन्हें तगड़ी टक्कर मिलेगी. उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका महाद्वीप: यहां से सिर्फ एक टीम क्वालिफाई करेगी. 2024 सीजन में कनाडा ने एंट्री की थी. अगली बार भी वो बड़ा दावेदार है, लेकिन उसे बरमूडा, कैमन आईलैंड्स, अर्जेंटीना और पनामा से टक्कर मिलेगी. ईस्ट एशिया-पैसेफिक: इस रीजन से 2024 टी20 वर्ल्ड कप में पापुआ न्यू गिनी की टीम खेली थी. अब उसे दोबारा क्वालिफाई करना होगा. इस बार पापुआ न्यू गिनी टीम को जापान, फिजी, समोआ, वनुआतु और कुक आईलैंड्स जैसी टीमें चुनौती देंगी. ये टीमें  कर चुकी हैं टी20 वर्ल्ड कप क्वालिफाई मेजबान के तौर पर भारत और श्रीलंका ने 2026 के टी20 वर्ल्ड कप के लिए आॉटोमेटिक क्वालिफाई किया है। इसके अलावा टी20 वर्ल्ड कप 2024 के सुपर 8 में पहुंचने वाली आठों टीमें ऑटोमेटिक क्वालिफिक्शन मिला है। इनमें से भारत तो पहले ही मेजबान के तौर पर क्वॉलिफाई कर चुका है। जबकि ऑस्ट्रेलिया अफगानिस्तान, बांग्लादेश, साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, यूएयसे और वेस्टइंडीज की टीम ने अगले वर्ल्डकप के लिए सीधे क्वॉलिफाई किया है। 9वीं टीम श्रीलंका है जो खुद भी होस्ट है, जो कि भारत के साथ मेजबानी करेगी। इसके अलावा आईसीसी ने 30 जून को कट-ऑफ रखा था जो भी टीम इस तारीख तक आईसीसी टी20 रैंकिंग में टॉप 10 में रहेगी, उसे सीधे टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलने का मौका मिलेगा।

NHRC ने महिलाओं से ‘जबरन देह व्यापार’ मामले में राज्यों को नोटिस

नयी दिल्ली  राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने नौकरी दिलाने के बहाने महिलाओं को असामाजिक तत्वों द्वारा कथित तौर पर देह-व्यापार में धकेले जाने के संबंध में मीडिया में आई खबरों को लेकर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों एवं पुलिस प्रमुखों को नोटिस जारी किया है। आयोग ने  एक बयान में कहा कि एक छापेमारी के दौरान गिरफ्तार की गईं महिलाओं के बयानों को उद्धृत करने वाली खबर यदि सही है तो यह महिलाओं के जीवन, स्वतंत्रता, समानता और गरिमा के लिए गंभीर चिंता पैदा करती है। आयोग ने कहा, ”समाचार पत्रों में एक जुलाई को प्रकाशित खबर में संकेत दिया गया कि झारखंड के रांची में एक होटल में छापेमारी के दौरान गिरफ्तार की गईं अधिकांश महिलाएं मजबूरी के कारण देह व्यापार में शामिल हुई थीं। उनमें से कई महिलाओं को उनके रिश्तेदारों ने ही इस दलदल में धकेला था और कुछ को अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए मजबूरन देह व्यापार में शामिल होना पड़ा। असामाजिक तत्वों के चंगुल में फंसने के बाद वे इससे बाहर नहीं निकल सकीं।” आयोग के बयान में कहा गया है कि खबरों से पता चलता है कि पीड़ित महिलाएं अलग-अलग स्थानों की रहने वाली हैं और उन्हें नौकरी दिलाने के बहाने देह-व्यापार में धकेला गया। महिलाओं को इस दलदल में धकेलने वाले लोग कथित तौर पर दूरस्थ स्थानों से यह कृत्य कर रहे हैं। इससे, इस आपराधिक गिरोह का देशभर में नेटवर्क फैले होने का संकेत मिलता है, इसलिए इस तरह के आपराधिक तत्वों के खिलाफ व्यापक स्तर पर कार्रवाई करने की आवश्यकता है। मीडिया में आई खबर का स्वत: संज्ञान लेते हुए आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को नोटिस जारी कर महिलाओं को देह व्यापार में धकेलने वाले असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए उठाए गए और प्रस्तावित कदमों पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण और कल्याण के लिए देश में कई कानून और योजनाएं होने के बावजूद असामाजिक और आपराधिक तत्व समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर महिलाओं को निशाना बनाते हैं। आयोग ने शुक्रवार को जारी किए गए एक अन्य बयान में कहा कि उसने मीडिया में आई उन खबरों का स्वत: संज्ञान लिया है जिसमें बताया गया कि मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में स्थित एक आश्रम में 30 बच्चे कथित तौर पर बीमार पड़ गए और उनमें से पांच की मौत हो गई। बयान के अनुसार, ‘इन बच्चों की उम्र 5 से 15 साल के बीच है। बताया जा रहा है कि रक्त संक्रमण और भोजन की विषाक्तता के कारण ये बच्चे बीमार हुए। आश्रम में रहने वाले ज्यादातर बच्चे अनाथ हैं।’ आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। नोटिस में कहा गया है इलाज के लिए अस्पताल में कथित तौर पर भर्ती बच्चों की मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी भी रिपोर्ट में शामिल रहनी चाहिए।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वेच्छानुदान मद से 40 लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से दो दुर्घटनाओं में 10 व्यक्तियों की मृत्यु पर 40 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। एक जुलाई को श्योपुर जिले के ग्राम टर्राखुर्द, अर्रोदरी बलावली का पटरा भूतकछा के 7 व्यक्तियों की करोली माता दर्शन के लिये राजस्थान जाते समय सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गयी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके परिजन को चार-चार लाख रुपए प्रति मृत व्यक्ति के मान से कुल 28 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 24 जून को दमोह जिले के ग्राम वांसातारखेड़ा में हुई घटना में तीन व्यक्तियों की मृत्यु होने पर उनके परिजन को चार-चार लाख रुपए कुल 12 लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है।

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