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हनी ट्रैप की मास्टर माइंड सपना साहू ने लोहा व्यापारी से 2 करोड़ रुपये की मांग, मामला दर्ज

Teachers save our lives by giving their time (Jan Bhagidari President Mukta Dholekar)

इंदौर  हनी ट्रैप की मास्टर माइंड लेडी डॉन सपना साहू को इंदौर पुलिस ढूंढने में जुटी हुई है और इसके लिए पुलिस ने ईनाम का भी ऐलान कर दिया है. सपना साहू ने लोहा व्यापारी से 2 करोड़ रुपये की मांग की थी. इसके बाद पुलिस उसके खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश में जुट गई है. अपने गैंग के साथ मिलकर सपना साहू ने लोहा व्यापारी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था और समझौते के नाम पर 2 करोड़ रुपये की मांग की थी. बता दें कि एक वक्त था जब इंदौर में लेडी डॉन सपना साहू की तूती बोलती थी लेकिन अब उसने अपना सार काम समय के साथ बदल लिया है. वह अब गोली और बंदूक से बात नहीं करती है. बल्कि उसने खूबसूरत हसीनाओं की गैंग तैयार की, जो कि उसके एक इशारे पर दुल्हन बन जाती हैं. सपना साहू के गैंग के निशाने पर केवल अमीर लोग होते हैं. उसके एक इशारे पर गैंग की सारी हसीनाएं अपने टारगेट के ईर्द गिर्द मंडराने लगती हैं और जैसे ही वो इनपर फिदा होते हैं, सपना साहू अपना असली खेल शुरू करती है. इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब लोहा व्यापारी के खिलाफ रेप का केस दर्ज हुआ. पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू की तो पता चला कि यह पूरा मामला तो हनी ट्रैप का है. इसके बाद जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, उसमें सपना साहू का नाम सामने आने लगा. व्यापारी के खिलाफ रेप का केस दर्ज करने वाली महिला लेडी डॉन के इशारे पर काम कर रही थी और उसी के ऑर्डर पर कारोबारी को अपनी खूबसूरती के जाल में फंसाया था. सपना साहू ने लोहा कारोबारी को फंसाने के लिए मध्य प्रदेश के धार जिले की रहने वाली एक महिला का इस्तेमाल किया था. पुलिस ने जब उस महिला को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की तो पता चला कि वह पैसों के लिए शादी करती है और पांच बार दुल्हन बन चुकी है. सपना साहू के कहने पर ही वह लोहा कारोबारी से अपनी नजदीकियां बढ़ाई थीं. इंदौर में कारोबारी पर कराया रेप केस दरअसल, इस मामले का खुलासा दो दिन पहले ही हुआ है। इंदौर शहर के एक बड़े कारोबारी पर पलासिया थाने में रेप का केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तो यह मामला हनी ट्रैप में तब्दील हो गया। इससे आगे जब जांच बढ़ी तो लेडी डॉन सपना साहू का नाम सामने आया है। व्यापारी पर रेप केस करने वाली महिला लेडी डॉन के इशारे पर काम रही थी। साथ ही उसके ऑर्डर पर ही कारोबारी को ट्रैप किया था। व्यापारी को रेप केस में फंसाने का डर दिखाकर दो करोड़ वसूलने की तैयारी थी। दुल्हन से करवाई दोस्ती लेडी डॉन ने करोड़पति बिजनेसमैन को फंसाने के लिए धार की एक महिला का यूज किया है। महिला रुपयों के लिए शादी करती है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद यह खुलासा हुआ है कि वह लेडी डॉन सपना साहू के लिए काम करती है। अब तक वह पांच शादी कर चुकी है। सपना के कहने पर ही वह दो महीने पहले करोबारी के करीब गई थी। पुलिस ने इस मामले में खुलासे के बाद नीरज, शुभम, लेडी डॉन सपना साहू, राधे पहलवान समेत अन्य लोगों पर केस दर्ज किया है। ऐसे हुआ खुलासा दुल्हन बनकर कारोबारी को फंसाने वाली महिला ने रेप केस दर्ज करवाया था। इसके बाद गैंग के एक सदस्य ने आरोपी कारोबारी के पिता को फोन किया कि आप 50 लाख रुपए दे दो तो हम कोर्ट में बयान देने नहीं जाएंगे। इसकी शिकायत आरोपी कारोबारी के पिता ने पुलिस में की। पुलिस ने जांच शुरू की तो इस पर से पर्दा उठा कि यह एक पूरा गिरोह है। रेप केस करने वाली महिला पांच शादियां कर चुकी वहीं, पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि रेप केस करने वाली महिला लुटेरी दुल्हन है। वह अब तक पांच शादियां कर चुकी है। साथ ही शादी के बाद पति और ससुराल को लूटकर फरार हो जाती है। ऐसी अन्य महिलाएं भी लेडी डॉन सपना साहू के लिए काम करती हैं। करोड़पति लोग हैं निशाने पर लेडी डॉन सपना साहू के निशाने पर करोड़पति लोग हैं। वह शहर के बड़े लोगों को राटगेट करती हैं। उन्हें फंसाने के लिए अपनी गैंग की महिलाओं को छोड़ देती हैं। हसीनाओं के लटके झटके में कारोबारी फंस जाते थे। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि लेडी डॉन सपना साहू अभी फरार चल रही है। पहले भी कर चुकी है ऐसा सपना साहू पूर्व में भी ऐसा कर चुकी है। 2016 में उसने छत्तीसगढ़ के अधिकारी के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लिए थे और उनका इस्तेमाल रसूख के लिए करती थी। उसने वहां के जिला सूचना अधिकारी को ट्रैप कर लिया था। फिर इंदौर में लाकर अपने फॉर्म हाउस में कैद कर लिया था। साथ ही विलायती नस्ल के खतरनाक कुत्तों से अधिकारी को कटवाती थी। उस समय भी पुलिस ने सपना साहू को गिरफ्तार किया था।

वेस्टइंडीज का विजयरथ इंग्लैंड ने रोका, साल्ट-बेयरस्टो के दम पर हासिल की तूफानी जीत

 नईदिल्ली इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज को टी20 वर्ल्ड कप 2024 के 42वें मुकाबले में 8 विकेट से रौंदकर सुपर-8 का आगाज जीत के साथ किया। इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए विंडीज ने इंग्लिश टीम के सामने 181 रनों का टारगेट रखा था, जिसे फिलिप सॉल्ट और जॉनी बेयरस्टो की तूफानी पारियों के दम पर इंग्लैंड ने 17.3 ओवर में ही चेज कर लिया। सॉल्ट 47 गेंदों पर 87 तो बेयरस्टो 26 गेंदों पर 48 रन बनाकर नाबाद रहे। वेस्टइंडीज की यह टूर्नामेंट की पहली हार है। टीम लीग स्टेज के सभी चार मुकाबले जीतकर सुपर-8 में पहुंची थी। विंडीज की पारी की बात करें तो, मेजबान टीम का कोई बल्लेबाज अर्धशतक तो नहीं जड़ पाया, मगर सभी के योगदान से टीम इस स्कोर तक पहुंचने में कामयाब रही। विंडीज के हाइएस्ट स्कोरर जॉनसन चार्ल्स रहे जिन्होंने 38 रनों की पारी खेली, वहीं निकोलस पूरन और रोवमैन पॉवेल ने 36-36 रन बनाए। 181 रनों के टारगेट का पीछा करने उतरी इंग्लिश टीम को जोस बटलर और फिलिप सॉल्ट ने मिलकर अच्छी शुरुआत दी थी। पहले विकेट के लिए उन्होंने 67 रन जोड़े थे, बटलर 25 पर तो इसके तुरंत बाद मोइन अली 13 रन बनाकर आउट हुए। उस समय ऐसा लग रहा था कि वेस्टइंडीज वापसी कर सकता है, मगर तब बेयरस्टो और सॉल्ट ने अपना विकराल रूप दिखाया और देखते ही देखते मैच को इंग्लैंड की झोली में डाल दिया।

किसानों को कृषि मंत्री शिवराज की बड़ी सौगात, 14 फसलों की MSP बढ़ाई, किसानों को होगा इतना फायदा

Hemant Cabinet meeting on September 6: Important decisions expected

नई दिल्ली मोदी सरकार ने  किसानों को बड़ा तोहफा दिया है. मोदी कैबिनेट ने खरीफ की फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) यानी MSP बढ़ाने की मंजूरी दे दी है. खरीफ की 14 फसलों की MSP को बढ़ा दिया गया है. धान का MSP बढ़ाकर 2300 रुपये किया गया है.  सरकार ने कहा कि 2024-25 के लिए खरीफ फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी की है, ताकि उत्पादकों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित किया जा सके. केंद्रीय कैबिनेट की दूसरी बैठक आयोजि की गई. इसमें 5 बड़े फैसले लिए गए है. आपको बता दे खरीफ की फसलों की MSP बढ़ाने का ऐलान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया. उन्होंने कहा कि “खरीफ सीजन शुरू हो रहा है, किसानों को प्राथमिकता देते हुए 14 फसलों पर MSP कैबिनेट ने अप्रूव किया है. सरकार का मानना है कि MSP कम से कम 1.5 गुना होनी चाहिए. धान की नई MSP को 2300 रुपये किया गया है. इसमें 117 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. 2013-14 में धान की MSP 1310 रुपये थी. किन फसलों पर है कितनी MSP? रागी की MSP 4290 रुपये, मक्के की MSP 2225 रुपये, मूंग की 8682 रुपये की गई है. तूर दाल की MSP 7550 रुपये की गई है. उरद दाल की नई MSP 7400 और मूंगफली के तेल की MSP 6783 रुपये की गई है. इसके साथ ही दो लाख गोदाम बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है. कपास की MSP 7121 रुपए की गई है. इसमें 501 रुपये बढ़ाया गया है. पहले इसकी एमएसपी 7121 थी. ज्वार, धान, बाजरा, रागी, मक्का, तूर, मूंग, उड़द, मूंगफली, सूरजमुखी, सोयाबीन और तिल के एमएसपी में वृद्धि की गई है. मोदी जी जो कहते हैं वह करके दिखाते हैं मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव ने मोदी कैबिनेट की सराहना करते हुए कहा  “14 प्रकार की फसलों पर एमएसपी में जो वृद्धि की है, वह इस बात का उदाहरण है कि मोदी जी जो कहते हैं. वह करके दिखाते हैं. इस एमएसपी वृद्धि से अन्नदाताओं को दी गई मोदी जी की पहली गारंटी पूर्ण होती है. मैं अपनी व मध्य प्रदेश सरकार की ओर से देश व प्रदेश के सभी किसान भाइयों को बधाई देता हूं”. उन्होंने यह भी कहा की “किसानों की आए बढ़नी चाहिए, उनके जीवन में बदलाव आना चाहिए. हम हर साल अपनी योजना के टहत 6 हजार रुपए किसानों के एकाउंट में डालते है. इस कदम के बाद किसान के जीवन में आर्थिक मदद होगी.  

धीरन शाह को कांग्रेस ने उम्मीदवार तय किया, आखिर कौन है इनवाती जिसके ऊपर पार्टी ने भरोसा जताया है

अमरवाड़ा मध्य प्रदेश की राजनीति की बात करें तो इस समय सबकी निगाहें अमरवाड़ा में होने वाले उपचुनाव पर टिकी हुई हैं. जहां से बीजेपी ने कमलेश शाह को अपना उम्मीदवार बनाया है. गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने भी अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी और अब आखिरकार कांग्रेस ने भी अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी है. धीरन शाह इनवाती को कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार तय किया है. लेकिन आखिर कौन है धीरन शाह इनवाती जिसके ऊपर कांग्रेस ने भरोसा जताया है.आइये जानते हैं. लोकसभा चुनाव में छिंदवाड़ा लोकसभा सीट बीजेपी के हाथ चली गई. जिसके बाद आई बारी अमरवाड़ा में होने वाले उपचुनाव की आपको बता दें कि अमरवाड़ा में होने वाले उपचुनाव जहां कांग्रेस वहीं कमलनाथ के लिए भी साख का विषय बन गए हैं. यहां से आपको बता दें कि युवा चेहरे धीरेंद्र शाह इबनाती को कांग्रेस ने चुनावी मैदान में उतारा है. आपको बता दें धीरेंद्र शाह इबनाती आंचल कुंड दरबार के सेवादार सुखराम दादा की बेटे हैं. सेल्समैन की नौकरी छोड़ लड़ रहे विधायकी का चुनाव धीरन शाह इनवाती एक फ्रेश युवा चेहरा हैं. जो बटका खापा सोसाइटी में सेल्समैन के पद पर कार्य कर रहे थे. बताया जा रहा है कि उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए अपनी नौकरी से भी इस्तीफा दे दिया है. वहीं कांग्रेस ने धीरन शाह इनवाती के नाम पर मोहर लगा दी है. माना यह भी जा रहा है कि धीरन शाह इनवाती और किसी की नहीं बल्कि कमलनाथ की ही पसंद है. इसको लेकर कमलनाथ और नकुलनाथ दोनों ने ही अपने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट साझा की है. और साथ ही साथ इस घोषणा के बारे में बताया कि कांग्रेस ने धीरन शाह इनवाती को अपना प्रत्याशी बनाया है. कमलनाथ की पसंद पर लगी मुहर आपको बता दें कि कमलनाथ लगातार अमरवाड़ा से गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के साथ गठबंधन के प्रयास कर रहे थे. लेकिन वह बात नहीं बनी लेकिन फिलहाल यह माना जा रहा है. कि, एक बार फिर मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने कमलनाथ की पसंद पर ही मोहर लगाई है. धीरन शाह इनवाती कमलनाथ खेमे से आते हैं. कमलनाथ के करीबी बताए जा रहे हैं. ऐसे में कहीं ना कहीं विधानसभा और लोकसभा की हार के बावजूद भी कांग्रेस का पूरा भरोसा कमलनाथ के ऊपर कायम दिखाई पड़ता है. फिलहाल देखने वाली बात होगी कि धीरन शाह इनवाती जो कि युवा चेहरा हैं. यह जो एक्सपेरिमेंट कांग्रेस ने अमरवाड़ा में किया है. वह कांग्रेस के लिए कितना कामगार साबित होता है. कितनी कड़ी टक्कर कांग्रेस जो है वह बीजेपी और साथ ही साथ गुणवान गणतंत्र पार्टी को यहां से देते हुए दिखाई देती है.

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, दिल्ली आदि राज्यों में हार की पड़ताल की शुरू

 भोपाल लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन वाले राज्यों को लेकर कांग्रेस आलाकमान एक्शन मोड में आ चुका है.  यह एक्शन अब नजर भी आने लग गया है. यही कारण है कि कांग्रेस द्वारा कमेटी बना दी गई है. मध्य प्रदेश को लेकर भी कमेटी बनाई गई है. इस कमेटी में तीन लोगों को रखा गया है. जिनमें दो प्रमुख नाम हैं. आपको बता रहा हूं महाराष्ट्र से आने वाले पृथ्वीराज चौहान साथ ही सात गुजरात से आने वाले जिग्नेश मेवानी इसके अलावा सपतागिरी उल्का को इस कमेटी में रखा गया है. ये कमेटी मध्य प्रदेश में कांग्रेस करारी हार की वजहों का पता लगाएगी. आपको बता दें की मध्य प्रदेश में कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए माना जा रहा था कि आला कमान मध्य प्रदेश की हार को लेकर कुछ एक्शन ले सकता है. अब ठीक वैसा नजर आ रहा है. कई और राज्यों के लिए भी कमेटी बनाई गई है. लेकिन, मध्य प्रदेश के लिए आला कमान का यह संकेत है. जीतू पटवारी पद पर रहेंगे या जाएंगे? यह सोचने वाली बात होगी. वो इसलिए क्योंकि मध्य प्रदेश में 29 में से एक सीट भी कांग्रेस हासिल नहीं कर पाई है. जीतू पटवारी बचा पाएंगे अपना पद? आपको बता दें मध्य प्रदेश में कांग्रेस को इस बार पिछले चुनाव के मुकाबले ज्यादा उम्मीद नजर आ रही थी. लेकिन, यहां चुनाव के पहले कई कांग्रेसियों ने बीजेपी का दामन थाम लिया था. जिसका असर चुनाव में भी देखने को मिला है. यहां कांग्रेस कोई खाता तक नहीं खोल पाई है. अब यही वजह है कि आला कमान कमेटी बनाकर यह संदेश दे रहा है कि अगर कमेटी की रिपोर्ट में प्रदेश अध्यक्ष का काम ठीक नहीं निकला तो क्या आलाकमान प्रदेश अध्यक्ष यानि की जीतू पटवारी को हटाया? क्योंकि उसके संकेत भी मिल रहे हैं. कि जिन राज्यों में कांग्रेस का प्रदर्शन बहुत खराब रहा है. लोकसभा चुनाव में वहां पर आला कमान बदलाव के मूड में है. माना जा रहा है कि और सूत्र बताते हैं कि रिपोर्ट के आधार पर ही आगे फैसला लिया जाएगा. क्या बदलाव के मूड में है आलाकमान? मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को राहुल गांधी का बेहद नजदीकी माना जाता है. लेकिन, अब आला कमान ने कमेटी बना दी और कमेटी का जो उद्देश्य है. हार की समीक्षा में जाहिर सी बात है. जीतू पटवारी पहले ही कह चुके थे. हार के बाद के नैतिक तौर पर उनकी जिम्मेदारी है. लेकिन, सवाल यही उठेगा कि अंतर्विरोध से जूझ रहे जीतू पटवारी के सामने अब यह कमेटी भी जब अपनी रिपोर्ट देगी तो क्या उसके बाद आला कमान जीतू पटवारी को आगे तक जारी रखेगा का अध्यक्ष के तौर पर या बदलाव भी कर सकता है? लोकसभा चुनाव में देश के कई राज्यों में कांग्रेस को जबरदस्त हार का सामना करना पड़ा है। दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश आदि राज्य तो ऐसे हैं, जहां कांग्रेस का खाता तक नहीं खुल सका। यही कारण है कि कांग्रेस ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक व तेलंगाना जैसे राज्यों में मिली हार का कारण ढूंढना शुरू कर दिया है। इन राज्यों में मिली हार के कारण ढूंढने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अलग-अलग फैक्ट फाइंडिंग कमेटियों का गठन किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को कुल 6 फैक्ट फाइंडिंग कमेटियों के गठन को मंजूरी दी है। ये सभी कमेटियां इन राज्यों में हार के कारणों का पता लगाएंगी। इस प्रक्रिया में स्थानीय कांग्रेस नेताओं से भी उनकी राय ली जाएगी। सभी से बात करने के उपरांत हार के कारणों की रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष को सौंपी जाएगी। मध्य प्रदेश में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा था। पार्टी यहां लोकसभा की सभी 29 सीटों पर चुनाव हार गई। यहां हार के कारण जानने के लिए तीन सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चौहान, सप्तगिरि उलका और जगदीश मेवानी शामिल हैं। छत्तीसगढ़ में मिली हार के कारणों का पता लगाने के लिए वीरप्पा मोइली और हरीश चौधरी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ओडिशा में भी कांग्रेस चुनाव बुरी तरह हार गई। यहां हार के कारणों का पता लगाने की जिम्मेदारी अजय माकन और तारिक अनवर को सौंपी गई है। तीन और राज्य ऐसे हैं, जहां कांग्रेस पार्टी का खाता भी नहीं खुल पाया। इनमें दिल्ली, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं। इन तीनों राज्यों के लिए भी एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया और रजनी पाटिल शामिल हैं। कांग्रेस के नेता इन राज्यों में हार के कारणों का पता लगाकर आलाकमान को रिपोर्ट सौंपेंगे। कर्नाटक में भी कांग्रेस पार्टी को उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिल पाए, यही कारण है कि यहां हुई हार के लिए भी तीन सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी में मधुसूदन मिस्त्री, गौरव गोगोई और हीबी ईडन शामिल हैं। वहीं, तेलंगाना में पीजे कुरियन, रकिबुल हुसैन और प्रगट सिंह की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी उम्मीद के मुताबिक नतीजे न मिलने के कारणों का पता लगाएगी। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को केवल 99 सीटें ही मिल सकी थी। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के इंडिया गठबंधन को कुल 234 सीटें मिली हैं। चुनाव नतीजों से पहले कांग्रेस ने इंडिया गठबंधन को 295 सीटें मिलने का अनुमान लगाया था। कांग्रेस पार्टी ने हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए रोडमैप बनाने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी है। कांग्रेस अभी से विधानसभा चुनाव की तैयारी में भी जुट जाना चाहती है। यही कारण है कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रत्येक विधानसभावार प्रभारी नियुक्त करने का सुझाव दिया है।

हॉकी इंडिया ने 21 जून से 8 जुलाई तक ओलंपिक पूर्व शिविर के लिए 27 खिलाड़ियों का चयन किया

बेंगलुरु हॉकी इंडिया ने 21 जून से 8 जुलाई तक यहां भारतीय खेल प्राधिकारण (साइ) परिसर में लगाए जाने वाले ओलंपिक पूर्व राष्ट्रीय शिविर के लिए गुरुवार को 27 सदस्यीय पुरुष टीम की घोषणा की। भारत को ओलंपिक में पूल बी में रखा गया है जहां उसका सामना बेल्जियम, अर्जेंटीना, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और आयरलैंड से होगा। तोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता भारतीय टीम ओलंपिक में अपने अभियान की शुरुआत 27 जुलाई को न्यूजीलैंड के खिलाफ करेगी। भारतीय टीम एफआईएच हॉकी प्रो लीग में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद शिविर में वापसी करेगी। प्रो लीग में भारत 16 मैच में 24 अंक के साथ अभी चौथे स्थान पर है। स्ट्राइकर दिलप्रीत सिंह को शिविर के लिए चुनी गई टीम में जगह नहीं मिली है। भारतीय पुरुष हॉकी टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन का मानना है कि दुनिया की शीर्ष टीमों के खिलाफ प्रो लीग मैच खेलना उनकी टीम के लिए शानदार अनुभव रहा है। उन्होंने कहा,‘‘यह शिविर हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है और हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि हम पेरिस ओलंपिक से पहले अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में रहे। खिलाड़ियों को हॉकी प्रो लीग में खेलने से काफी कुछ सीखने को मिला।’’ फुल्टन ने कहा,‘‘इससे हमें यह पता करने का मौका मिला कि हमें किन क्षेत्रों में सुधार करने की जरूरत है। इन क्षेत्रों में सुधार करने के लिए हमारे पास अभी काफी समय है। हमारे पास बहुत अच्छे खिलाड़ी हैं जो किसी भी प्रतियोगिता को जीतने की योग्यता रखते हैं।’’ ओलंपिक पूर्व शिविर के लिए चुनी गई भारतीय पुरुष हॉकी टीम इस प्रकार है: गोलकीपर: कृष्ण बहादुर पाठक, पीआर श्रीजेश, सूरज करकेरा डिफेंडर: हरमनप्रीत सिंह, जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, आमिर अली मिडफील्डर: मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद, सुमित, शमशेर सिंह, नीलकांत शर्मा, राजकुमार पाल, विष्णुकांत सिंह, आकाशदीप सिंह, मोहम्मद राहील मौसीन फॉरवर्ड: मनदीप सिंह, ललित कुमार उपाध्याय, अभिषेक, दिलप्रीत सिंह, सुखजीत सिंह, गुरजंत सिंह, बॉबी सिंह धामी, अराइजीत सिंह हुंदल।  

मोहन सरकार की सोम डिसलरी पर बड़ी कार्रवाई, बाल मजदूरी मामले में लाइसेंस निलंबित

Big success for security forces, 9 Naxalites killed in encounter, huge quantity of weapons recovered

भोपाल नाबालिगों से शराब बनवाने के मामले में शराब कंपनी सोम डिस्टलरी पर मोहन सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। सरकार ने कंपनी का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। बता दें कि पंजाब केसरी ने इस खबर को प्रमुखता से उठाया था। जिसके बाद रायसेन में शराब कंपनी में छापेमारी के दौरान 59 बच्चे शराब बनाते मिले थे। सीएम डॉक्टर मोहन यादव की नाराजगी के बाद जिला आबकारी अधिकारी, तीन आबकारी SI, एक श्रम निरीक्षक नप चुके हैं। यह कार्रवाई अबतक की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक है। शराब बनाने वाली कंपनी सोम डिस्टलरी का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। हाल ही में सोम डिस्टलरीज की शराब फैक्ट्री में छापा मारने वाले राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने पंजाब केसरी से बात करते हुए कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे। प्रियंक कानूनगो ने बताया कि जब टीम ने सोम फैक्ट्री पर छापा मारा उस वक्त फैक्ट्री में मौजूद जिला आबकारी अधिकारी कन्हैया लाल अतुलकर खुद शराब के नशे में चूर थे और लगातार बाल संरक्षण आयोग की टीम को ही धमकाने का प्रयास कर रहे थे। कानूनगों ने बताया कि बाल आयोग के छापे में जब नाबालिगों को शराब फैक्ट्री में काम करते हुए पकड़ा गया उसके बावजूद जिला आबकारी अधिकारी ने कलेक्टर को जो पत्र लिखकर जानकारी दी उसमें साफ तौर पर सभी आरोप को झुठलाते हुए जिला आबकारी अधिकारी ने बताया की जो बच्चे पकड़े गए वह अपने माता-पिता के लिए खाना लेकर फैक्टरी पहुंचे थे।

इजरायली PM नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन को दिखाए तेवर, जाने क्या था कारण

तेलअवीव गाजा में चल रही भीषण जंग के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से नाराज़ हैं. उन्होंने बाइडेन प्रशासन पर गोलाबारूद और हथियार नहीं देने का आरोप लगाया है. प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अमेरिका को अपना सबसे करीबी दोस्त बताते हुए युद्ध में साथ देने के लिए उसकी तारीफ की तो वहीं ये शिकायत भी की है कि पिछले कुछ महीनों से बाइडेन प्रशासन हथियार देने में देरी कर रहा है, जो हैरान करने वाला है. गाजा में 7 अक्टूबर के बाद से इजरायली हमले लगातार जारी है. हमास के खात्में के नाम पर इजरायली सेना ने अब तक करीब 37 हज़ार से ज़्यादा फिलिस्तीनियों को मार डाला है. ये सिलसिला अब भी जारी है. मरने वालों में ज़्यादातर महिलाओं और बच्चे शामिल हैं. लिहाज़ा इसको देखते हुए बाइडेन प्रशासन ने चिंता ज़ाहिर की थी और फिर मई के बाद से उन्होंने हथियारों की आपूर्ति में देरी करनी शुरू कर दी, जो नेतन्याहू नागवार गुजरी है. इस बीच युद्धविराम की तमाम कोशिशें भी की गई हैं, लेकिन कामयाबी हासिल नहीं हुई. इसके बावजूद अमेरिका, मिस्र और कतर के राष्ट्राध्यक्ष लगातार कोशिश कर रहे हैं. दूसरी तरफ इजरायली प्रधानमंत्री बेजामिन नेतेन्याहू अपनी ज़िद पर अड़े हुए हैं. खुद अपने ही देश में तमाम विरोधों के बाजूद वो युद्धविराम के लिए तैयार नहीं हैं. हमास के खात्में तक युद्ध जारी रखने का बात कह रहे हैं. उधर हमास पर अपनी शर्तों पर सीजफायर चाहता है. गाजा पर इजरायली हवाई हमले में मारे गए 6 लोग गाजा में ताजा इजरायली हमले में नुसीरत शरणार्थी कैंप में रह रहे 6 लोगों की मौत हो गई. अचानक हुए इन हमलों के बाद कैंप में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. लोग मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुट गए. लेकिन सभी 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी. गाजा में फैले दहशत के इस माहौल में हमले के समय मौके पर मौजूद लोगों की माने तो एक तेज विस्फोट हुआ और कई इमारतें जमींदोज हो गई. बडे पैमाने पर नुकसान हुआ है. इजरायल ने इससे पहले गाजा के रफाह पर भी हवाई हमले कर हमास के कई अड्डों को निशाना बनाया. इन हमलों में कई आतंकियों के मारे जाने का दावा किया. इसके साथ ही एक वीडियो जारी कर इजरायली सैनिकों के गाजा में अंदर तक सक्रिय होने का भी दावा किया. गाजा में मानवीय संकट की वजह से सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक हमलों पर रोक लगाई गई है. लेकिन इसके बावजूद इजरायली हवाई हमले में 17 फिलिस्तीनी मारे गए. इजरायल की राजधानी यरुशलम में प्रदर्शन जारी इस जंग ने गाजा में भूखमरी का सामना कर रहे फिलिस्तीनियों को भोजन, दवा और दूसरी कई आपूर्ति के प्रवाह को भी रोक दिया है. इससे हमलों में मारे जाने वाले लोगों के साथ कई लोग बीमारी और भूखमरी का भी शिकार हो रहे हैं. इस वजह से गाजा के बाहर भी इजरायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. यहां तक कि इजरायल की राजधानी यरुशलम में हजारों प्रदर्शनकारियों ने पीएम नेतन्याहू की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की है.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना ने 100 सीटों की डिमांड रख दी

मुंबई महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव के नतीजे भाजपा की उम्मीदों के विपरीत रहे हैं। इसे लेकर मंथन का दौर जारी है और अजित पवार की एनसीपी के साथ तनाव की स्थिति बन गई है। इस बीच विधानसभा चुनाव भी 4 महीने के अंदर ही होने हैं और उसके लिए भी दबाव की राजनीति शुरू हो गई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना ने विधानसभा चुनवा में अपनी पार्टी के लिए 100 सीटों की मांग रख दी है। पार्टी के सीनियर लीडर रामदास कदम ने कहा कि उनकी पार्टी को राज्य विधानसभा की 288 सीट में से कम से कम 100 पर चुनाव लड़ने का मौका मिलना चाहिए। शिवसेना एऩडीए गठबंधन का हिस्सा है, जिसमें भाजपा और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) भी शामिल है। राज्य में अक्टूबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। पूर्व मंत्री रामदास कदम ने बुधवार को शिंदे गुट द्वारा आयोजित अविभाजित शिवसेना के 58वें स्थापना दिवस के मौके पर कहा, ‘हमें लड़ने के लिए 100 सीट मिलनी चाहिए और हम उनमें से 90 पर जीत सुनिश्चित करेंगे।’ वहीं महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और एनसीपी नेता छगन भुजबल ने भी हाल ही में कहा था कि उनकी पार्टी को राज्य विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए 80 से 90 सीट मिलनी चाहिए। एनसीपी ने भी रखी थी डिमांड, जिस पर बोले थे देवेंद्र फडणवीस एनसीपी के दावे पर तो देवेंद्र फडणवीस ने जवाब भी दिया था और कहा था कि राज्य में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है और राज्य में होने वाले चुनाव में ज्यादा सीट पर चुनाव लड़ेगी। फडणवीस ने हालांकि यह भी कहा कि तीनों दलों के नेताओं की बैठक और चर्चा के बाद ही सीट बंटवारे पर कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा। माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के नतीजों में भाजपा को महज 9 सीटें मिलने के बाद उसकी स्थिति गठबंधन में कमजोर होगी। उसे साथी दलों का दबाव झेलना पड़ सकता है। क्यों अजित पवार को छोड़कर भाजपा के चुनाव में उतरने की चर्चा हालांकि एक चर्चा यह भी जोर पकड़ रही है कि भाजपा अजित पवार की एनसीपी का साथ छोड़कर चुनाव में उतर सकती है। एकनाथ शिंदे गुट का प्रदर्शन अच्छा था। ऐसे में वह उसे साथ लेकर चलना चाहेगी। एक वजह यह भी है कि शिंदे सेना के साथ उसकी वैचारिक समानता है, जबकि अजित पवार के साथ स्थिति थोड़ा उलट है। बता दें कि संघ के नेताओं ने भी अजित पवार के साथ गठजोड़ पर सवाल उठाया था और लोकसभा चुनाव के खराब नतीजों के लिए जिम्मेदार बताया था।  

भारतीय टीम को जुलाई से दिसंबर के दौरान कुल 9 टेस्ट, 11 टी20 और तीन वनडे मुकाबले खेलने होंगे

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मुंबई आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2024 में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया है और वह सुपर 8 में पहुंच चुकी है. सुपर 8 स्टेज में भारत को अफगानिस्तान, बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया से मुकाबले खेलने हैं. भारतीय टीम का लक्ष्य इस बार टी20 वर्ल्ड कप जीतकर 11 साल के खिताबी सूखे को खत्म करना है. दरअसल भारतीय टीम ने साल 2013 के बाद से कोई आईसीसी खिताब नहीं जीता है. तब एमएस धोनी की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड को हराकर चैम्पियंस ट्रॉफी जीता था. टी20 वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला 29 जून को बारबाडोस में खेला जाना है. वर्ल्ड कप के बाद जिम्बाब्वे और श्रीलंका का दौरा देखा जाए तो टी20 वर्ल्ड कप की समाप्ति के बाद भी टीम इंडिया का शेड्यूल बिजी रहने वाला है. भारतीय टीम को टी20 वर्ल्ड कप के बाद जुलाई से दिसंबर के दौरान कुल 9 टेस्ट, 11 टी20 और तीन वनडे मुकाबले खेलने हैं. भारतीय टीम सबसे पहले जुलाई के महीने में जिम्बाब्वे दौरे पर जाएगी, जहां उसे 6 जुलाई से लेकर 14 जुलाई के दौरान पांच मैचों की टी20 सीरीज खेलनी होगी. टी20 सीरीज के सभी पांचों मैच हरारे में खेले जाएंगे. भारत के जिम्बाब्वे दौरे का शेड्यूल 6 जुलाई- पहला टी20, हरारे 7 जुलाई- दूसरा टी20, हरारे 10 जुलाई- तीसरा टी20, हरारे 13 जुलाई- चौथा टी20, हरारे 14 जुलाई- पांचवां टी20, हरारे जिम्बाब्वे के बाद भारतीय टीम श्रीलंका दौरे पर जाएगी, जहां उसे तीन वनडे और तीन टी20 मैच खेलने हैं. श्रीलंका दौरे की शुरुआत 27 जुलाई से होनी है और अगस्त के पहले हफ्ते तक इस दौरे के होने की संभावना है. हालांकि श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड ने दौरे का आधिकारिक शेड्यूल अब तक जारी नहीं किया है. ….फिर बांग्लादेश, न्यूजीलैंड और AUS से मैच फिर भारतीय टीम सितंबर के महीने में अपने घर में बांग्लादेश के खिलाफ दो टेस्ट और तीन टी20 मैच खेलेगी. वहीं अक्टूबर के माह में उसे न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की घरेलू सीरीज खेलनी है. फिर भारतीय टीम को नवंबर में ऑस्ट्रेलिया जाना होगा, जहां उसे मेजबान टीम के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलना है. इसका एक मैच अगले साल 3 जनवरी 2025 से खेला जाएगा. ऑस्ट्रेलिया-भारत का टेस्ट कार्यक्रम: पहला टेस्ट: 22-26 नवंबर, पर्थ दूसरा टेस्ट: 6-10 दिसंबर, एडिलेड (डे-नाइट) तीसरा टेस्ट: 14-18 दिसंबर, ब्रिस्बेन चौथा टेस्ट: 26-30 दिसंबर, मेलबर्न पांचवां टेस्ट: 3-7 जनवरी, सिडनी 2024 में टीम इंडिया का बाकी शेड्यूल जुलाई: vs जिम्बाब्वे, पांच टी20 मैच जुलाई-अगस्त: vs श्रीलंका में 3 वनडे और 3 टी20 सितंबर: vs बांग्लादेश, 2 टेस्ट और 3 टी20, (घरेलू) अक्टूबर: vs न्यूजीलैंड, 3 टेस्ट, (घरेलू) नवंबर-जनवरी: vs ऑस्ट्रेलिया, 5 टेस्ट मैचों की सीरीज

ग्वालियर में तीन मंजिला घर में लगी भीषण आग, पिता के साथ जिंदा जलीं दो बेटियां

ग्वालियर  ग्वालियर के बहोड़ापुर क्षेत्र में तीन मंजिला घर में भयंकर आग लग गई। आग लगने से पिता और दो बच्चों की मौत हो गई। बताया जा रहा है शॉर्ट सर्किट की वजह से ये आग लगी है। फायरब्रिगेड ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया । बता दें कि आग लगने से अफरा-तफरी मच गई और घर में भगदड़ का माहौल बन गया । इस हादसे में मौजूद सभी लोग बाहर निकल गए हैं। लेकिन पिता और बच्चे घर से बाहर नहीं निकल पाए और उनकी मौके पर मौत हो गई । मौके पर पहुंची फायरब्रिगेड की टीम लोगों ने तुरंत पुलिस और फायरब्रिगेड को इस घटना की सूचना दी। इसके बाद फायरब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू किया। सुबह तक आग पर काबू पाया जा सका। मौके पर पुलिस भी पहुंच गई थी। घर के नीचे था गोदाम पुलिस के अनुसार मृतकों में एक व्यापारी और उनकी दो बेटियां शामिल हैं। बता दें कि ये घटना देर रात लगभग दो बजे के आसपास की है। घटना बहोड़ापुर इलाके में संत कृपाल सिंह के आश्रम के सामने वाली गली की है। यहां विजय गुप्ता का परिवार ड्राई फ्रूट का कारोबार करता है। घर में नीचे मेवे का गोदाम है, जबकि उसी भवन की ऊपरी मंजिल पर गुप्ता परिवार रहता था। घर से बाहर आने का एक रास्ता बंद था और दूसरे रास्ते में लगातार आग की लपटें उठ रही थी। इसलिए पिता और बेटी घर से बाहर नहीं निकल पाए और जिंदा जलने से उनकी मौत हो गई। साथ ही आशंका जताई जा रही है कि दुकान या गोदाम में शार्ट सर्किट हुआ और उसमें रखा सामान जलने लगा और धीरे धीरे आग पूरे मकान में फैल गई।

IIT Bombay में नाटक में राम-सीता के अपमान का आरोप, छात्रों पर लगाया 1.2 लाख का फाइन

 मुंबई आईआईटी बॉम्बे ने रामायण पर कथित तौर पर आपत्तिजनक नाटक का मंचन करने के लिए छात्रों पर भारी-भरकम जुर्माना लगाया है. इस नाटक का मंचन आईआईटी बॉम्बे के सालाना आर्ट फेस्टिवल में 31 मार्च को किया गया था. आईआईटी बॉम्बे के छात्रों ने ‘राहोवन’ नाम के नाटक में हिस्सा लिया था. इस नाटक को लेकर कुछ शिकायतें मिली थीं. आरोप है कि नाटक में छात्रों ने राम और सीता के किरदारों को आपत्तिजनक तरीके से दर्शाया था. हालांकि, छात्रों का समर्थन करने वाले छात्रों का कहना है कि यह नाटक प्रगतिशील था, जिसे सभी ने काफी सराहा. इस नाटक को लेकर की गई शिकायतों में कहा गया है कि इससे हमारी संस्कृति और धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं. इन शिकायतों के बाद अनुशासनात्मक समिति की बैठक बुलाई गई. जिन छात्रों के खिलाफ शिकायतें की गई हैं, उन छात्रों को भी इस बैठक में बुलाया गया था. इस दौरान काफी विचार-विमर्श के बाद समिति ने कड़ा एक्शन लेने का फैसला लिया. इसके तहत सीनियर छात्रों पर 1.2-1.2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. जूनियर छात्रों पर 40,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया. साथ ही उन्हें होस्टल सुविधाओं से भी महरूम कर दिया गया. कहा जा रहा है कि इस मामले में सात छात्रों को दंडित किया गया है. छात्रों के खिलाफ इस एक्शन पर आईआईटी बॉम्बे ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.  

YouTuber बांट रहा था हरिद्वार में बीयर, वीडियो वायरल होते ही पुलिस ने लिया एक्शन तो हाथ जोड़कर मांगी माफी

 हरिद्वार  धर्मनगरी और तीर्थ नगरी हरिद्वार में मांस और मदिरा की बिक्री पर प्रतिबंध है. यहां इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक यूट्यूबर (YouTuber) घूम-घूमकर बीयर बांट रहा है और चैलेंज दे रहा है. युवक के इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर हुआ है, जिसमें वह कनखल क्षेत्र में गंगा के किनारे बीयर चैलेंज देता दिख रहा है, साथ ही बीयर गंगा किनारे छिपाता दिखाई दे रहा है. यह वीडियो सामने आने के बाद तीर्थ पुरोहित समाज में नाराजगी और पुलिस से कार्रवाई की मांग की है. मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए यूट्यूबर का चालान किया है और उसे भविष्य में ऐसा कृत्य दोबारा न करने की हिदायत देते हुए चेतावनी दी है. पुलिस ने कहा कि अगर भविष्य में ऐसा दोबारा किया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. वहीं यूट्यूबर ने माफी मांगी है. तीर्थ पुरोहित ने वीडियो को लेकर जताई नाराजगी श्री गंगा सेवक दल के सचिव और तीर्थ पुरोहित उज्ज्वल पंडित ने वायरल वीडियो को लेकर बयान जारी करते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर अपने यूजर्स और लाइक कमेंट बढ़ाने के चक्कर में अंकुर चौधरी नाम का युवक धर्म नगरी हरिद्वार की मर्यादा के साथ खिलवाड़ कर रहा है. युवक कनखल जैसे पवित्र क्षेत्र में लोगों को बीयर के लिए आमंत्रित कर रहा है, जो धर्मनगरी हरिद्वार की धार्मिक मर्यादा के खिलाफ है. इससे हरिद्वारवासियों और हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था पर कुठाराघात हो रहा है. हरिद्वार पुलिस को ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की करनी चाहिए, अन्यथा हरिद्वारवासी स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई के लिए विवश होंगे. रील बनाने वाले युवक ने कहा- भविष्य में ऐसी गलती नहीं करूंगा वहीं रील बनाने वाले अंकुर चौधरी का कहना है कि एक रील बनाने के लिए मैं कल कनखल क्षेत्र में गया था. उस रील में मैंने अपने फॉलोअर और सब्सक्राइबर बढ़ाने के लिए बीयर का सहारा लिया था. वह ड्राई क्षेत्र में आता है. मुझे इस बात की जानकारी नहीं थी. भविष्य में ऐसी गलती नहीं करूंगा. इस कार्य से जिस क्षेत्रवासी को भी ठेस पहुंची है, उससे हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं. इस संबंध में मुझ पर कार्रवाई भी हुई है, मेरा चालान किया गया है. पूरे मामले को लेकर हरिद्वार के एसएसपी ने क्या कहा? एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने कहा कि यूट्यूबर अंकुर चौधरी के द्वारा 2 दिन पूर्व हरिद्वार के कनखल क्षेत्र में इंस्टाग्राम आईडी से एक वीडियो अपलोड किया गया था, जिसमें उसके द्वारा एक बीयर की केन को एक स्थान पर रखकर और उसे अपने फॉलोअर और सब्सक्राइबर बढ़ाने के लिए चैलेंज दिया जा रहा था. जब यह मामला संज्ञान में आया तो पुलिस ने तत्काल एक्शन लिया. लोगों ने भी इस पर विरोध किया था. वह ड्राई क्षेत्र है. इस तरह के कृत्य से लोगों की भावनाएं आहत हो रही थीं. पुलिस ने इस पर संज्ञान लेते हुए यूट्यूबर को बुलाया और उसका चालान किया है, साथ में उसको यह हिदायत दी है कि भविष्य में इस तरीके की घटना अगर दोबारा की तो जो भी सख्त कार्रवाई होगी, वह की जाएगी.

सुपर-8 राउंड के पहले मुकाबले में अफ्रीकी टीम ने 18 रनों से धांसू अंदाज में जीत की दर्ज

एंटीगुआ अमेरिका और वेस्टइंडीज की मेजबानी में खेले जा रहे टी20 वर्ल्ड कप 2024 में सुपर-8 राउंड का आगाज हो गया है. पहला मुकाबला बुधवार (19 जून) को अमेरिका और साउथ अफ्रीका के बीच खेला गया. मैच में अफ्रीकी टीम ने 18 रनों से जीत दर्ज की. आखिर में जब एंड्रीस गौस और हरमीत सिंह बैटिंग कर रहे थे, तब मैच अमेरिका की ओर जाता भी दिख रहा था. ऐसे में कह सकते हैं कि अमेरिका के खिलाफ जीतने में अफ्रीकी टीम को पसीना आ गया. यह अमेरिकी टीम वही है, जिसने पहले राउंड यानी ग्रुप स्टेज में पाकिस्तान को सुपर ओवर में करारी शिकस्त दी. जबकि कनाडा को 7 विकेट से हराया था. अमेरिकी टीम का एक मैच बारिश से धुल गया था, जिस कारण उसने सुपर-8 में एंट्री की थी. 19वें ओवर में रबाडा ने पलटा मैच, अमेरिका से छीनी जीत अमेरिका को आखिरी 12 गेंदों पर जीते के लिए 28 रन चाहिए थे और उनके 5 विकेट बाकी थे. गौस और हरमीत क्रीज पर थे. मगर 19वें ओवर में कगिसो रबाडा ने 2 रन देकर 1 विकेट लिया और पूरी बाजी ही पलट दी. यदि यह ओवर ठीक नहीं आता, तो अफ्रीका मैच भी गंवा सकती थी. एंड्रीस गौस का अर्धशतक गया बेकार अमेरिका लिए ओपनिंग करने उतरे एंड्रीस गौस और स्टीव टेलर ने बेहतरीन बल्लेबाजी की। एंड्रीस गौस ने अर्धशतक लगाया। वह 80 रन बनाकर नॉटआउट रहे, लेकिन अपनी टीम को जीत नहीं दिला पाए। टेलर ने 24 रन बनाए। लेकिन बाकी के बल्लेबाज कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए। कप्तान आरोन जोन्स बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। हरमीत सिंह ने 38 रन बनाए। अमेरिका की टीम 20 ओवर्स में 6 विकेट के नुकसान पर 176 रन ही बना पाई। अफ्रीका के लिए कैगिसो रबाडा ने सबसे ज्यादा 3 विकेट हासिल किए।  क्विंटन डि कॉक ने लगाया अर्धशतक दक्षिण अफ्रीका ने सलामी बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक (74 रन) के धमाकेदार अर्धशतक लगाया। उन्होंने कप्तान एडेन मार्कराम के साथ 60 गेंद में 110 रन की साझेदारी की। डिकॉक ने धीमी और स्पिनरों के लिए मुफीद मानी जा रही पिच पर अमेरिका के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए 40 गेंद की पारी में सात चौके और पांच छक्के लगाकर टूर्नामेंट में अपना पहला अर्धशतक जड़ा। टॉप ऑर्डर में डिकॉक की आतिशी पारी के अलावा एडन माक्ररम ने 32 गेंद में चार चौके और एक छक्के से 46 रन का योगदान दिया। अंत में हेनरिक क्लासेन ने नाबाद 36 रन और ट्रिस्टन स्टब्स ने नाबाद 20 रन बनाकर पांचवें विकेट के लिए 53 रन की नाबाद साझेदारी निभाई। इन प्लेयर्स की वजह से ही साउथ अफ्रीका की टीम 194 रनों के स्कोर तक पहुंचने में सफल रही।  सौरभ नेत्रवलकर ने हासिल किए दो विकेट अमेरिका के लिए सौरभ नेत्रवलकर ने 21 रन देकर और हरमीत सिंह ने दो-दो विकेट चटकाए। डिकॉक ने दक्षिण अफ्रीका की धीमी शुरुआत के बाद आक्रामक होना शुरू किया। टीम ने रीजा हेंड्रिक्स (11) का विकेट पावरप्ले में गंवा दिया जो नेत्रवलकर का शिकार हुए। डिकॉक ने मार्कराम के साथ मिलकर तेजी से रन जुटाते हुए अपना अर्धशतक पूरा किया। डिकॉक ने जसदीप सिंह के पहले ओवर में ही 28 रन जोड़ दिए जिसमें तीन छक्के और दो चौके जड़े थे।  गौस ने जड़ी फिफ्टी पर टीम को नहीं जिता सके इस मैच में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए साउथ अफ्रीका ने 195 रनों का टारगेट दिया था. इसके जवाब में अमेरिकी टीम 6 विकेट गंवाकर 176 रन बना दिए. अमेरिका की ओर से विकेटकीपर बल्लेबाज एंड्रीस गौस ने फिफ्टी जमाई और 47 गेंदों पर नाबाद 80 रनों की पारी खेली. जबकि स्टीवन टेलर ने 24 और हरमीत सिंह ने 38 रन बनाए. इनके अलावा कोई भी बल्लेबाज अपनी छाप नहीं छोड़ सका. जबकि अफ्रीका के लिए कगिसो रबाडा ने 2 विकेट लिए. जबकि केशव महाराज, एनरिक नॉर्किया और तबरेज शम्सी को 1-1 सफलता मिली. डिकॉक की आतिशी पारी, मार्करम-क्लासेन भी चमके दूसरी ओर अफ्रीकी टीम ने 4 विकेट पर 194 रनों का स्कोर बनाया था. टीम के लिए विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक ने 40 गेंदों पर 74 रनों की आतिशी पारी खेली. जबकि कप्तान एडेन मार्करम ने 32 गेंदों पर 46 रन जड़े. आखिर में हेनरिक क्लासेन 36 और ट्रिस्टन स्टब्स 20 रन बनाकर नाबाद रहे. अमेरिका के लिए सौरभ नेत्रवलकर और हरमीत सिंह ने 2-2 विकेट लिए.

देश में बड़ी संख्या में शीर्ष प्रबंधन अधिकारी माल एवं सेवा कर के बारे में सकारात्मक धारणा रखते हैं : सर्वे

नई दिल्ली  देश में बड़ी संख्या में शीर्ष प्रबंधन स्तर के अधिकारी (सी-सूट) माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के बारे में सकारात्मक धारणा रखते हैं। डेलॉयट के एक सर्वे में यह तथ्य सामने आया है। इनमें से कई अधिकारियों ने जीएसटी 2.0 के तहत कर दरों को तर्कसंगत बनाने और विवाद निपटान के लिए एक प्रभावी प्रणाली की वकालत की है।  डेलॉयट जीएसटी@7 सर्वेक्षण में ऑनलाइन माध्यम से सी-सूट और सी-1 स्तर के अधिकारियों को शामिल किया गया। ये अधिकारी विभिन्न उद्योग क्षेत्रों से जुड़े हैं। इसमें उन चीजों का उल्लेख किया गया है जो जीएसटी के प्रति बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। सर्वेक्षण में शामिल 84 प्रतिशत अधिकारियों ने 2024 में जीएसटी को लेकर सकारात्मक राय जताई। 2023 में यह संख्या 72 प्रतिशत और 2022 में 59 प्रतिशत थी। ई-चालान सहित कर अनुपालन के स्वचालन को शीर्ष प्रदर्शन वाला क्षेत्र करार दिया गया है। सर्वेक्षण में हितधारकों के बीच लगातार परामर्श, स्पष्टीकरण परिपत्र/निर्देशों को नीति निर्माण के लिए सकारात्मक कदम माना गया। सर्वेक्षण में उन क्षेत्रों पर जिक्र है जहां अधिक सुधारों की जरूरत है। इनमें कर दरों को तर्कसंगत बनाना, एक प्रभावी विवाद समाधान प्रक्रिया लाना, क्रेडिट अंकुशों को हटाना, आमने-सामने हुए बिना (फेसलेस) कर आकलन की प्रक्रिया को अपनाना, निर्यात नियमों को उदार करना और अनुपालन रेटिंग प्रणाली लागू करना शामिल है। जीएसटी को एक जुलाई, 2017 को लागू किया गया था। इसमें 17 स्थानीय कर और शुल्क समाहित हुए थे। जीएसटी के सात साल पूरे होने के मौके पर डेलॉयट इंडिया ने यह सर्वेक्षण भारतीय कंपनियों की इसपर राय जानने के लिए किया है। सर्वेक्षण में शामिल 88 प्रतिशत सी-सूट अधिकारियों (शीर्ष प्रबंधन के अधिकारी) ने उन क्षेत्रों का जिक्र किया जो चुनौती बने हुए हैं। इनमें ऑडिट और आकलन शामिल है। इन अधिकारियों ने सरलीकरण, प्रौद्योगिकी एकीकरण और क्षमता निर्माण को जारी रखने की वकालत की है।      

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