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आने वाले दिनों में ग्वालियर में 50 हजार दर्शक क्षमता का स्टेडियम भी बनाया जायेगा – केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्वालियर में मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा 210 करोड़ रूपए की लागत से 20 हजार दर्शक क्षमता वाला अत्याधुनिक स्टेडियम का निर्माण पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्रीमंत स्व्. माधवराव सिंधिया के नाम किया है। यह स्टेडियम न केवल ग्वालियर, प्रदेश व देश में भी अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को ग्वालियर में नवनिर्मित स्टेडियम के लोकार्पण एवं एमपीएल-2024 मध्यप्रदेश लीग – सिंधिया कप के शुभारंभ अवसर पर यह बात कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्रीय दूरसंचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की। जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, उद्यानिकी मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, क्षेत्रीय सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह, देश के पूर्व क्रिकेट कप्तान श्री कपिल देव, बीसीसीआई के अध्यक्ष श्री जय शाह, मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अभिलाष खाण्डेकर, उपाध्यक्ष श्री महाआर्यमान सिंधिया सहित जीडीसीए के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि क्रिकेट आज हर युवा के दिल में बसता है। मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा ग्वालियर सहित मध्यप्रदेश में क्रिकेट के उत्थान एवं स्टेडियमों के निर्माण के लिए जो भी सहयोग चाहेगा, मध्यप्रदेश सरकार उसे पूरा करेगी। केन्द्रीय दूरसंचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दिल में खेलों के लिये असीम प्यार है। वे खेलों को बढ़ावा देने के लिये हर संभव सहयोग कर रहे हैं। ग्वालियर के लिये ऐतिहासिक दिन है। आज मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा 210 करोड़ रूपए की लागत से 20 हजार दर्शक क्षमता वाला स्टेडियम लोकार्पित किया जा रहा है। यह स्टेडियम मेरे पूज्य पिताजी स्व. माधवराव सिंधिया के नाम से किया गया है। उनका सपना था कि ग्वालियर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बने। केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने कहा कि मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन देश का पहला ऐसा एसोसिएशन है जिसके ग्वालियर शहर में दो स्टेडियम हैं। ग्वालियर में आने वाले दिनों में हम सभी के सहयोग से 50 हजार क्षमता वाला एक अत्याधुनिक स्टेडियम का निर्माण भी करेंगे। इसमें मध्यप्रदेश शासन का सहयोग अपेक्षित है। ग्वालियर में पहली बार मध्यप्रदेश लीग – सिंधिया कप का आयोजन किया जा रहा है। इसमें प्रदेश की पाँच टीमें अपनी खेल क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगीं। इस प्रतियोगिता के माध्यम से प्रदेश के खिलाड़ी आने वाले दिनों में देश की टीम में शामिल होकर सम्पूर्ण देश का नाम भी गौरवान्वित करेंगे। कार्यक्रम के प्रारंभ में जीडीसीए के अध्यक्ष श्री अभिलाष खाण्डेकर एवं उपाध्यक्ष श्री महाआर्यमान सिंधिया ने भी अपने विचार रखे। प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर आतिशबाजी का भी प्रदर्शन किया गया।  

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का दावा है कि एनडीए सरकार ज्यादा दिन नहीं चलेगी और ये कभी भी गिर सकती है

बंगलूरू कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का दावा है कि एनडीए सरकार ज्यादा दिन नहीं चलेगी और ये कभी भी गिर सकती है। खरगे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को अपने सहयोगियों को एकजुट रखने में काफी परेशानी हो रही है। खरगे बोले-कभी भी गिर सकती है ये सरकार बंगलूरू में मीडिया से बात करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि ‘एनडीए सरकार गलती से बनी। मोदी जी के पास जनादेश नहीं है, यह अल्पमत की सरकार है। यह सरकार कभी भी गिर सकती है। उन्होंने कहा, ‘हम चाहते हैं कि यह जारी रहे, यह देश के लिए अच्छा हो, हमें देश को मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।’ उल्लेखनीय है कि 543 सदस्यों वाली लोकसभा में बहुमत का आंकड़ा 272 है, लेकिन भाजपा बहुमत के आंकड़े से काफी पीछे रही और 240 सीटों पर ही जीत दर्ज कर सकी। ऐसे में सरकार बनाने के लिए भाजपा एनडीए गठबंधन के सहयोगियों पर निर्भर है। जिनमें 16 सीटें जीतने वाली तेदेपा, 12 सीटें जीतने वाली जदयू और एकनाथ शिंदे की शिवसेना (7) और लोजपा (5) प्रमुख हैं। खरगे के बयान पर एनडीए का पलटवार खरगे के बयान पर जदयू ने पलटवार किया है और उनसे पूछा कि जब कांग्रेस ने गठबंधन की सरकार बनाई थी, तब उनके प्रधानमंत्री का स्कोर कार्ड क्या थे? बता दें कि साल 1991 के लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने भी इतनी ही सीटें जीतीं थी, जितनी भाजपा ने 2024 में जीती हैं। बिना किसी स्पष्ट बहुमत के कांग्रेस ने पीवी नरसिम्हा राव के नेतृत्व में अल्पमत की सरकार बनाई थी। हालांकि पीवी नरसिम्हा राव ने छोटी पार्टियों को तोड़कर अपनी अल्पमत की सरकार को दो साल में ही बहुमत की सरकार बना लिया था।  

तीन नए कानूनों को लेकर जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से कानून मंत्रालय देश भर में सम्मेलन का आयोजित कर रहा

नई दिल्ली तीन नए कानूनों को लेकर जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से कानून मंत्रालय देश भर में सम्मेलन का आयोजित कर रहा है। ‘आपराधिक न्याय प्रणाली के प्रशासन में भारत के प्रगतिशील पथ’ की श्रृंखला में कानून एवं न्याय मंत्रालय का तीसरा सम्मेलन रविवार को कोलकाता में आयोजित किया जाएगा। कानून एवं न्याय मंत्रालय के मुताबिक 25 दिसंबर, 2023 को राष्ट्रपति द्वारा भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय सुरक्षा अधिनियम, 2023 को मंजूरी दी गई थी। इसकी अधिसूचना भी जारी हो गई है। ये नए आपराधिक कानून 1 जुलाई, 2024 से प्रभावी होंगे। ऐसे में इन तीनों कानूनों के बारे में स्पष्टता और जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से नई दिल्ली और गुवाहाटी में दो प्रमुख सम्मेलन आयोजित किए जा चुके हैं। इसी क्रम में तीसरा सम्मेलन कोलकाता के आईटीसी रॉयल बंगाल, हाल्डेन एवेन्यू में आयोजित किया जा रहा है। कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति टी.एस. शिवगणनम उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि होंगे। सम्मेलन को भारत सरकार के कानून एवं न्याय मंत्रालय के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल भी संबोधित करेंगे। सम्मेलन में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार राज्यों के न्यायाधीशों और विभिन्न उच्च न्यायालयों, जिला और निचली अदालतों के पूर्व न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, शिक्षाविदों, पुलिस अधिकारियों जैसी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। सम्मेलन में लोक अभियोजक, जिला प्रशासन, राष्ट्रीय कानून विश्वविद्यालयों और अन्य कानून कॉलेजों के कानून के छात्र भी भाग लेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य सार्थक बातचीत, विचार-विमर्श और प्रश्नोत्तर सत्रों के माध्यम से तीन नए आपराधिक कानूनों की मुख्य विशेषताओं को सामने लाना है। दो सत्रों में आयोजित इस सम्मेलन के पहले सत्र में भारतीय न्याय संहिता, 2023 (बीएनएस) के कार्यान्वयन का आंकलन करने के लिए तुलनात्मक दृष्टिकोण अपनाने पर केंद्रित चर्चा होगी। दूसरे तकनीकी सत्र में भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 (बीएसए) के मुख्य पहलुओं पर चर्चा की जाएगी यानी साक्ष्य, अपराध पर निर्णय लेने में आधारशिला। चर्चाएं दस्तावेज़ों और सबूत के विस्तृत दायरे पर केंद्रित होंगी, जो व्यापक परिभाषाओं की शुरूआत से सुगम होंगे।  

बंगाल में चुनाव बाद हिंसा पर समिति जल्द ही घटनाओं की पूरी रिपोर्ट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपेगी

कोलकाता लोकसभा चुनाव के बाद हो रही हिंसा का जायजा लेने के लिए भाजपा की केंद्रीय टीम बंगाल आ रही है। यह समिति जल्द ही बंगाल का दौरा कर हिंसा की घटनाओं की पूरी रिपोर्ट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपेगी। सांसद व त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब के नेतृत्व में शनिवार को पार्टी के चार सांसदों की समिति गठित की गई है। बिप्लब कुमार देब को समिति का संयोजक बनाया गया है। इस चार सदस्यीय समिति में सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, राज्यसभा सदस्य एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी बृजलाल और सांसद कविता पाटीदार को शामिल किया गया है। समिति के गठन के साथ ही भाजपा ने बंगाल में चुनाव बाद हो रही हिंसा के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा। यहां सत्ता का हस्तांतरण शांतिपूर्ण ढंग से हुआ- बीजेपी भाजपा ने कहा कि भारत के 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों में हाल ही में लोकसभा चुनाव संपन्न हुए हैं। लोकसभा के साथ-साथ तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव भी हुए और सत्ता का हस्तांतरण शांतिपूर्ण ढंग से हुआ, लेकिन बंगाल को छोड़कर कहीं भी राजनीतिक हिंसा की कोई घटना नहीं हुई है। बंगाल ही एकमात्र ऐसा राज्य जहां चुनाव के बाद हुई हिंसा बंगाल ही एकमात्र ऐसा राज्य है जो चुनाव के बाद हिंसा की चपेट में है, जैसा कि वहां 2021 के विधानसभा चुनाव के भी बाद देखा था। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने भी इसे गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय बलों की तैनाती 21 जून तक बढ़ा दी है और मामले को आगे की समीक्षा के लिए 18 जून को सूचीबद्ध किया है।

चीन यात्रा से पहले PM मोदी से मिलेंगी शेख हसीना, 21 और 22 जून को भारत की यात्रा पर नई दिल्ली आने की संभावना

Forest gives clean chit in case of IFS officers trapped in Rs 7 crore scam

नई दिल्ली बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के 21 और 22 जून, 2024 को भारत की आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली आने की संभावना है। यह इस महीने उनकी दूसरी भारत यात्रा है। 09 जून, 2024 को पीएम नरेन्द्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए वह भारत यात्रा पर आई थी और इस दौरान उनकी पीएम मोदी से संक्षिप्त बातचीत भी हुई थी। लेकिन अब अगले हफ्ते जब वह भारत में होंगी जो दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों के सारे आयामों पर विस्तार से बातचीत होगी। शेख हसीना की यात्रा क्यों महत्वपूर्ण? हसीना की इस यात्रा का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है कि वह अगले महीने (जुलाई) में बीजिंग की यात्रा पर जा रही हैं। चीन की तरफ से यह कहा गया है कि बांग्लादेश पीएम की आगामी यात्रा के दौरान बड़ी घोषणाएं की जाएंगी। ऐसे में जानकार मान रहे हैं कि पीएम हसीना भारत और चीन के रिश्तों की संवेदनशीलता को देखते हुए नई दिल्ली आ रही हैं ताकि उनकी बीजिंग यात्रा को लेकर कोई गलतफहमी नहीं बने। पीएम मोदी के शपथ ग्रहण में हुई थी शामिल जनवरी, 2024 आम चुनाव में विजयी होने के बाद पीएम हसीना ने अभी तक किसी देश की आधिकारिक यात्रा नहीं की है। चीन यात्रा को लेकर उनका फैसला पहले ही चुका था। सूत्रों का कहना है कि बांग्लादेश की तरफ से ही यह प्रस्ताव आया था की हसीना बीजिंग यात्रा से पहले नई दिल्ली की आधिकारिक यात्रा करना चाहती हैं। यह भारत सरकार के साथ हसीना के बेहद घनिष्ठ संबंधों को देखते हुए लिया गया फैसला है। भारत और बांग्लादेश के रिश्ते कैसे? मोदी और हसीना के नेतृत्व में भारत और बांग्लादेश के रिश्ते पिछले दस वर्षों में काफी मजबूत हुए हैं। बांग्लादेश आम चुनाव से पहले जब अमेरिका की तरफ से हसीना सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश हो रही थी तब भारत ने परोक्ष तौर पर उनकी मदद की। इस दौरान भारत की मदद से बांग्लादेश में कई कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर काम हुआ है। दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों को प्रगाढ़ बनाया गया है। पुूर्वोत्तर भारत के राज्यों को बांग्लादेश से जोड़ने की रणनीति लगातार काम कर रही है। भारत यात्रा की खास अहमियत हसीना सरकार ने ढांचागत परियोजनाओं में चीन की मदद जरूर ली है लेकिन चीन के प्रभाव को हावी नहीं होने दिया है। इन हालात में हसीना की भावी भारत यात्रा की खास अहमियत है। सूत्रों का कहना है कि चीन ने यह संकेत दिया है कि वह बांग्लादेश की तीस्ता नदी की सफाई के लिए भारी-भरकम राशि की मदद देने को तैयार है। यह मुद्दा भारत के लिए संवेदनशील है क्योंकि चीन की कंपनियों को ठेका मिलने का यह मतलब होगा कि उसे तीस्ता नदी से संबंधित सारा डाटा भी हासिल हो जाएगा। बांग्लादेश को भारत देगा ये प्रस्ताव माना जा रहा है कि भारत की तरफ से भी चीन जैसा ही प्रस्ताव बांग्लादेश को दिया जा सकता है। दूसरी तरफ, भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता जल बंटवारे को लेकर समझौता होने के बावजूद, इसे भारत सरकार की तरफ से अंतिम मंजूरी नहीं दी जा सकी है। पीएम मोदी और पीएम हसीना के बीच पिछले चार आधिकारिक वार्ताओं में इसका जिक्र किया गया है। बताया जाता है कि पश्चिम बंगाल सरकार की आपत्ति की वजह से भारत सरकार इस पर फैसला नहीं कर पा रही है। ऐसे में बांग्लादेश की पीएम एक बार फिर तीस्ता जल बंटवारे संधि को लागू करने का आग्रह पीएम मोदी से कर सकती हैं।

यूपी के इस जिले में सख्ती शुरू, बाइक पर पीछे बैठने वाले को भी पहनना होगा हेलमेट, 1062 वाहनों के किए चालान

कानपुर बाइक चलाते समय हेलमेट नहीं लगाने पर पुलिस अभी तक चालान काटती थी, लेकिन अब पीछे बैठा व्यक्ति भी अगर हेलमेट नहीं लगाता है तो उसका भी चालान काटा जा रहा है। पुलिस आयुक्त अखिल कुमार के निर्देश पर यातायात पुलिस ने चार दिवसीय विशेष अभियान चलाया। इस दौरान जिले के सभी थाना क्षेत्रों में 11,754 वाहन चालकों के चालान काटे गए। डीसीपी यातायात आरती सिंह ने बताया कि बीते चार दिनों में विशेष रूप से पीछे बैठकर हेलमेट नहीं लगाने पर वाहन चालकों के चालान काटे गए हैं। बाइक और स्कूटी चालक के साथ ही पीछे बैठा व्यक्ति अगर हेलमेट नहीं लगाए है तो एक हजार रुपये का चालान कटेगा। दोनों लोगों को हेलमेट पहनना अनिवार्य डीसीपी ने कहा कि आगे भी इस तरह के विशेष अभियान चलाए जाएगा। बाइक में बैठे दोनों लोगों को हेलमेट पहनना अनिवार्य है। यातायात पुलिस के साथ ही चौराहे पर लगे कैमरों के माध्यम से भी चालान काटे जा रहे हैं। यातायात विभाग ने बीते चार दिनों में माल वाहनों में सवारी बिठाना, रांग साइड, नो पार्किंग, गलत नंबर प्लेट के अलावा बाइक के पीछे बैठकर हेलमेट नहीं लगाने पर 1062 वाहन चालकों के चालान किए। इस अभियान के पहले दिन 1810, दूसरे दिन 3066, तीसरे दिन 3284 और चौथे दिन 3594 वाहनों के चालान काटे गए।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी दोनों जगह से जीत कर लोकसभा पहुंचे, अब उन्हें फैसला करना है वायनाड या रायबरेली?

Will Rahul Gandhi become the new face of farmer strategy? Such is the preparation to bring private bill on MSP

नई दिल्ली कांग्रेस नेता राहुल गांधी सोमवार को फैसला कर लेंगे कि वो वायनाड रखेंगे या रायबरेली। वो दोनों जगह से जीत कर लोकसभा पहुंचे हैं। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी सोमवार को अपने फैसले की जानकारी देंगे। राहुल गांधी ने दोनों सीटों पर भारी मतों से जीत दर्ज की है। राहुल गांधी फिलहाल वायनाड से लोकसभा सदस्य थे। लोकसभा चुनाव 2024 में इसी सीट से चुनाव लड़ कर वो फिर जीत गए। राहुल गांधी रायबरेली सीट से भी चुनावी मैदान में उतरे और जीत हासिल की। इस सीट को गांधी परिवार की पारंपरिक सीट माना जाता है। आखिरी बार इस सीट का प्रतिनिधित्व उनकी मां सोनिया गांधी ने किया था। सोनिया गांधी ने इस सीट से चुनाव नहीं लड़ा, वह राज्यसभा सदस्य बन गई हैं। राहुल गांधी बुधवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं का आभार जताने के लिए पहुंचे थे। यहां पर उन्होंने कहा था कि वह दुविधा में हैं कि कौन सी सीट रखें और कौन सी सीट छोड़ दें। उन्होंने कहा कि वह जो भी फैसला लेंगे, उससे सभी खुश होंगे। इस बयान के बाद अटकलें तेज हो गईं कि उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा को यहां से चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है। कलपेट्टा में एक जनसभा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और कन्नूर से लोकसभा सदस्य के. सुधाकरन ने बुधवार को कहा था, “राहुल गांधी पार्टी के हित में वायनाड सीट खाली करेंगे।” हालांकि, कांग्रेस विधायक और पूर्व राज्य मंत्री एपी अनिल कुमार ने कहा कि सभी लोग चाहते हैं कि राहुल गांधी वायनाड सीट बरकरार रखें।

उच्चतम शिखर पर पहुंचा देश का विदेशी मुद्रा भंडार

नईदिल्ली देश का विदेशी मुद्रा भंडार सात जून को समाप्त सप्ताह में 4.307 अरब डॉलर बढ़कर 655.817 अरब डॉलर की नयी सर्वकालिक ऊंचाई को छू गया। भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इससे पूर्व के सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 4.837 अरब डॉलर के उछाल के साथ 651.51 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया था। इससे पहले, विदेशी मुद्रा भंडार का उच्चतम स्तर 10 मई को 648.87 अरब डॉलर था। पिछले कुछ सप्ताहों में विदेशी मुद्रा भंडार में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। बढ़ गया स्वर्ण भंडार रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, सात जून को समाप्त सप्ताह में मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा मानी जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियां 3.773 अरब डॉलर बढ़कर 576.337 अरब डॉलर हो गयीं। डॉलर के संदर्भ में उल्लेखित विदेशी मुद्रा आस्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की घट-बढ़ का प्रभाव शामिल होता है। रिजर्व बैंक ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान गोल्ड रिजर्व का मूल्य 48.1 करोड़ डॉलर बढ़कर 56.982 अरब डॉलर हो गया। विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 4.3 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.161 अरब डॉलर हो गया। रिजर्व बैंक ने कहा कि आलोच्य सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) के पास भारत की आरक्षित जमा भी एक करोड़ डॉलर बढ़कर 4.336 अरब डॉलर हो गई। पाकिस्तान के फॉरेक्स रिजर्व में गिरावट पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार गिरावट के साथ 9 अरब डॉलर के करीब बना हुआ है। वहीं, पाकिस्तानी रुपया यूएस डॉलर के मुकाबले 278 पर है। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान की लेटेस्ट वीकली अपडेट के अनुसार, 7 जून 2024 को समाप्त हुए सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 6 मिलियन डॉलर की गिरावट के साथ 9.10 अरब डॉलर रहा। यह मुद्रा भंडार 2 महीने से कम के आयात के जितना ही है। अगर पाकिस्तान ने कुछ मजबूत कदम नहीं उठाए, तो वह विदेशों से कुछ भी आयात नहीं कर पाएगा।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मद्देनजर योग सप्ताह की शुरुआत वित्त मंत्री ने सुरेश कुमार खन्ना द्वारा की गई

शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मद्देनजर 15 से 21 जून तक राज्य के हर जिले में ‘योग सप्ताह’ का आयोजन किया जाएगा। इसकी शुरुआत आज शाहजहांपुर से हो गई है। योग सप्ताह की शुरुआत वित्त मंत्री ने सुरेश कुमार खन्ना द्वारा की गई है। टाउनहाल स्थित हॉकी क्लब मैदान में उन्होंने अधिकारियों के साथ मिलकर योगाभ्यास किया। 21 जून को मनाया जाएगा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बता दें कि 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। मुख्य सचिव ने एक बैठक में निर्देश दिए थे कि उत्तर प्रदेश के हर जिले में आगामी 15 से 21 जून तक योग सप्ताह का आयोजन किया जाए। यह आयोजन जिला मुख्यालय के साथ-साथ तहसीलों, विकास खंडों और ग्राम पंचायतों के स्तर पर भी कराया जाए। सम्बन्धित जिलों के प्रभारी मंत्रियों की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया जाये। योगाभ्यास कार्यक्रम के लिए सभी प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों की समुचित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये। कार्यक्रम से पूर्व सभी ग्राम पंचायत व नगर निकायों में स्वच्छता अभियान चलाया जाए। योग सत्र के समापन पर अधिकारियों ने किया पौधरोपण इस योग सप्ताह की शुरुआत आज शाहजहांपुर से हुई। यहां पर योग विज्ञान संस्थान के जिला प्रधान डॉ. अवधेशमणि त्रिपाठी ने आयुष मंत्रालय के निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार उपस्थित लोगों को योगाभ्यास कराया। मंच पर आसनों का प्रदर्शन जिला महिला योग प्रमुख ज्योति गुप्ता व मृदुल गुप्ता द्वारा किया गया। जिला प्रशासन, नगर निगम व आयुष विभाग के तत्वावधान में हुए आयोजन का शुभारंभ मुख्य अतिथि वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मां सरस्वती व महर्षि पतंजलि के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया। वित्त मंत्री ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए योग सबके लिए आवश्यक है। उन्होंने सभी से योग में सम्मिलित होने की अपील की। प्रथम दिवस के योग सत्र के समापन पर मुख्य अतिथि व अन्य अधिकारियों ने पौधारोपण भी किया। 

टी20 वर्ल्ड कप 2024 में किंग कोहली का बल्ला अभी तक खामोश, चिंता में टीम इंडिया?

नई दिल्ली टी20 वर्ल्ड कप 2024 में विराट कोहली की फॉर्म चिंता का विषय बनी हुई है। बतौर ओपनर इस टूर्नामेंट में किंग कोहली का बल्ला अभी तक खामोश रहा है। अभी तक खेले तीन मुकाबलों में उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ 1 तो पाकिस्तान के खिलाफ 4 रन बनाए, वहीं यूएसए के खिलाफ तो वह खाता भी नहीं खोल पाए। उम्मीद जताई जा रही थी कि सुपर-8 के मुकाबलों से पहले विराट कनाडा के खिलाफ कुछ रन बनाकर आत्मविश्वास हासिल करना चाहेंगे, मगर यह मैच बारिश की वजह से रद्द हो गया। हालांकि भारतीय टीम मैनेजमेंट को विराट कोहली की फॉर्म को लेकर कोई चिंता नहीं है। बैटिंग कोच विक्रम राठोर ने इंडिया वर्सेस कनाडा मैच के रद्द होने के बाद उनकी फॉर्म को लेकर बात की है। इंडिया वर्सेस कनाडा मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में विक्रम राठौर ने कहा, “मुझे बहुत अच्छा लगता है जब मुझसे विराट कोहली के बारे में सवाल पूछे जाते हैं कि वह अच्छा कर रहे हैं या नहीं। चिंता की कोई बात नहीं है। वह (कोहली) आईपीएल से खेलकर आया है और शानदार बल्लेबाजी कर रहा है। यहां दो तीन बार इस तरह आउट होने से कुछ नहीं बदलता। वह अच्छी बल्लेबाजी कर रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “वह बेहतर बल्लेबाजी के लिए भूखा है और इसके लिए तैयार है। मुझे लगता है कि एक बल्लेबाज के तौर पर यह अच्छी चीज है। हम कुछ अच्छे मैच के लिए तैयार हैं। हमने उसकी कुछ अच्छी पारियां देखी हैं।” बता दें, भारत ने लीग स्टेज का अंत बिना कोई मैच हारे किया है। ग्रुप स्टेज में उनका कोई सानी नहीं था। ग्रुप स्टेज में भारत का एकमात्र कड़ा मुकाबला पाकिस्तान के खिलाफ हुआ जिसमें टीम इंडिया ने 6 रनों से जीत दर्ज की। इसके अलावा उन्होंने आयरलैंड और यूएसए को आसानी से हराया।  

पोस्ट ऑफिस की धांसू स्‍कीम, किसान विकास पत्र योजना के चलते बिना रिस्क के मिलेगा डबल मुनाफा

Arvind Kejriwal gets interim bail from Supreme Court, but will have to remain in jail

नई दिल्ली अगर आप भी अपने निवेश पर बिना किसी जोखिम के अच्छा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस की किसान विकास पत्र (KVP) योजना आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। इस योजना के तहत आपका निवेश कुछ ही महीनों में डबल हो सकता है। किसान विकास पत्र (KVP) की विशेषताएं किसान विकास पत्र योजना को खासतौर पर उच्च मुनाफा देने के लिए शुरू किया गया था। इसमें आप न्यूनतम 1000 रुपये से निवेश कर सकते हैं और इसमें अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है, यानि आप जितना चाहे उतना पैसा निवेश कर सकते हैं। कितने अकाउंट खोले जा सकते हैं? इस योजना के तहत आप सिंगल और डबल दोनों तरह के अकाउंट खोल सकते हैं। 10 साल से अधिक उम्र के बच्चों के नाम पर भी अकाउंट खोला जा सकता है। इसके अलावा, एक व्यक्ति कितने भी अकाउंट खोल सकता है, इसकी कोई सीमा नहीं है। आप 2, 4, 6 या जितने चाहें उतने अकाउंट खोल सकते हैं। ब्याज दर और मुनाफा किसान विकास पत्र योजना के तहत वर्तमान में 7.5 फीसदी का ब्याज मिलता है, जो तिमाही आधार पर तय किया जाता है। इसका मतलब है कि सालाना 7.5 फीसदी की दर से आपको ब्याज मिलेगा। उदाहरण के साथ समझें मान लीजिए, आप इस योजना में 5 लाख रुपये का निवेश करते हैं। 115 महीनों (9 साल 7 महीने) के बाद, आपको 7.5 फीसदी ब्याज के आधार पर 5 लाख रुपये का अतिरिक्त मुनाफा मिलेगा। यानि कुल मिलाकर आपको मैच्योरिटी पर 10 लाख रुपये मिलेंगे। ध्यान दें कि इस मुनाफे पर टैक्स भी लागू होगा। पोस्ट ऑफिस की किसान विकास पत्र (KVP) योजना उन लोगों के लिए एक सुरक्षित और लाभदायक विकल्प है जो बिना किसी जोखिम के अच्छा रिटर्न चाहते हैं। यह योजना न केवल आपके निवेश को सुरक्षित बनाती है, बल्कि आपको अच्छा मुनाफा भी दिलाती है। अधिक जानकारी के लिए नजदीकी पोस्ट ऑफिस से संपर्क करें और इस योजना का लाभ उठाएं।  

सर्वे रिपोर्ट मुताबिक, बीते तीन सालों में 47% भारतीयों ने वित्तीय धोखाधड़ी के हुए शिकार

नईदिल्ली  बीते कुछ सालों में साइबर क्राइम और फाइनेंशियल फ्रॉड के मामले काफी तेज से बढ़ रहे हैं। सर्वे एजेंसी लोकलसर्किल्स ने 302 जिलों के 23 हजार लोगों में सर्वे किया हैं। सर्वे रिपोर्ट मुताबिक, बीते तीन सालों में 47% भारतीयों ने वित्तीय धोखाधड़ी के मामले सामने आए है। इसमें ज्यादातर लोगों को घरेलू, अंतरराष्ट्रीय और वेबसाइट के माध्यम से क्रेडिट कार्ड पर गलत तरीके से वसूली के मामले सामने आए है। 43% के साथ क्रेडिट कार्ड से फ्रॉड सर्वे एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, 43% लोगों ने क्रेडिट कार्ड पर धोखाधड़ी वाले लेनदेन से हुआ है। वहीं, 36% लोगों ने यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी UPI ट्रांजैक्शन के माध्यम से धोखाधड़ी का सामना करना पड़ा हैं। इसके अलावा 53% लोगों ने घरेलू व्यापारियों और वेबसाइट के माध्यम से उन्हें फ्रॉड के लिए निशाना बनाया गया हैं। इस साल बढ़ें 166% फ्रॉड के मामले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 में धोखाधड़ी के मामले में 166% बढ़ोतरी हुई है। इस साल 36 हजार से ज्यादा मामले आए हैं। इसमें लोगों के 13 हजार 930 करोड़ रुपए है। वहीं, सर्वे एजेंसी लोकलसर्किल्स ने कहा कि 10 में से 6 लोग फाइनेंशियल फ्रॉड की शिकायत दर्ज नहीं करवाते हैं। धोखाधड़ी होने पर करें ये काम अगर आपके साथ साइबर क्राइम या फाइनेंशियल फ्रॉड होता है, तो आपको ये जल्द ही इसकी शिकायत करनी चाहिए। इसके लिए आप ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते है।     ऐसे में सरकार की आधिकारिक वेबसाइट https://www.cybercrime.gov.in/ पर जाकर शिकायत दर्ज कर सकते है।     इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कर सकते है।     अगर आप ऑनलाइन शिकायत दर्ज नहीं करना चाहते, तो आप नजदीकी पुलिस की साइबर सेल ब्रांच में इसकी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

चंबल नदी में नन्हें घड़ियालों ने जन्म दिया, 200 अंडों मे से 181 बच्चे निकले, बाकी 19 अंडों से भी बच्चों के निकलने का इंतजार

 धौलपुर  धौलपुर और मध्य प्रदेश के मुरैना जिले की सीमा में बहने वाली चंबल नदी में नन्हें घड़ियालों ने जन्म दिया. देवरी घड़ियाल पालन केंद्र में 200 अंडों मे से 181 बच्चे निकले हैं. बाकी 19 अंडों से भी बच्चों के निकलने का इंतजार है. इन बच्चों को अभी  देवरी घड़ियाल पालन केंद्र में ही रखा जाएगा. जब इनकी लंबाई 1.2 मीटर तक हो जाएगी तब इन्हें सर्दी के मौसम में चंबल नदी में छोड़ दिया जाएगा. गणना के दौरान चंबल नदी में 2 हजार 4 सौ 56 घड़ियाल पाए गए हैं. साल 1975 से 1977 तक दुनियाभर की नदियों का सर्वे किया गया था. इस दौरान पूरी दुनिया में महज 200 घड़ियाल पाए गये थे, जिनमें 46 घडियाल राजस्थान और मध्य प्रदेश में बहने वाली चंबल नदी में मिले थे. देश में सबसे अधिक घड़ियाल चंबल नदी में ही पाए जाते हैं. इसके बाद बिहार की गंडक नदी और तीसरे नंबर पर यूपी की गिरवा नदी चौथे नंबर पर उत्तराखंड में राम गंगा नदी और पांचवे नंबर पर नेपाल में नारायणी और राप्ती नदी में घड़ियाल हैं. 200 अंडों मे से 181 बच्चे घड़ियाल के बच्चे घड़ियाल तेजी से दुनियाभर में विलुप्त हो रहे थे. ऐसे में भारत सरकार ने वर्ष 1978 में चंबल नदी के 960 किलोमीटर एरिया को राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभ्यारण्य घोषित करने के साथ ही देवरी घड़ियाल पालन केंद्र की स्थापना की गई. यहां हर साल अंडों को रखकर एक निश्चित तापमान 30-35 डिग्री में रखा जाता है. इनसे बच्चे होने के बाद इन्हें पालकर 1.2 मीटर लंबा होने तक इंतजार किया जाता है. फिर इन्हें चंबल नदी में छोड़ दिया जाता है. जब ये देखा गया कि इनकी संख्या काफी कम है. इसके साथ ही मादा घड़ियाल के अंडों को शिकारी पक्षी, पशु और जीवों से बचा पाना भी मुश्किल था. इनके नन्हे बच्चे चंबल नदी की तेज धारा में भी जान गवां बैठते हैं. इनका भी शिकार तेजी से हो जाता है. ऐसे में घड़ियाल पालन केंद्र में हर साल 200 अंडों को रखकर इनसे बच्चों का जन्म कराया जाने लगा. देखा गया कि नेचुरल बर्थ के बाद नेचर में इनके अंडों का सर्वावाइल महज 20 फीसदी ही है. यानी 100 अंडों से केवल 20 बच्चे ही बचकर बड़े घड़ियाल बन पा रहे थे. वहीं रिसर्च सेंटर में इनका सर्वाइवल 90 फीसदी तक हो गया है. चूंकि ये विलुत्पप्राय जीवों की कटेगरी में आते हैं इसलिए इनका संरक्षण करना बेहद जरूरी हो गया था. हर साल अंडों को कलेक्ट कर कैप्टिविटी हैचरी में रखा जाता है देवरी घड़ियाल पालन केंद्र की प्रभारी ज्योति डंडोतिया के मुताबिक हर साल 15-19 मई के बीच चंबल अभयारण्य की नेस्टिंग साइट से करीब 200 अंडे देवरी के कैप्टिविटी हैचरी में रखे जाते हैं. बच्चों के अंडे से निकलने के बाद करीब 3 साल लग जाते हैं इनकी लंबाई 1.2 मीटर तक होने में. इसके बाद इनको चंबल नदी में सर्दी के मौसम में छोड़ा जाता है. मादा घड़ियाल नर घड़ियाल के साथ फरवरी माह में मेटिंग करती है. मादा अप्रैल में अंडे देती है. एक मादा घड़ियाल पहली बार में 18-50 और दूसरी बार में इससे भी ज्यादा अंडे देती है. अंडों को बचाने के लिए ये रेत में 30-40 सेमी का गड्‌ढा खोदकर गाड़ देती है. मई-जून में जब बच्चे मदर कॉल करते हैं तो मादा रेत हटाकर बच्चों को बाहर निकालती है. बाहर निकलने के बाद भी इन्हें बचाना बहुत चुनौतीपूर्ण होता है. नदी में मगरमच्छ और दूसरे जीव, शिकारी पक्षी से बच्चे बच गए तो बारिश में चंबल के भरने पर तेज धारा के शिकार हो जाते हैं. ऐसे में 98 फीसदी बच्चों की मौत हो जाती है. वहीं पालन केंद्र से आने वाले बच्चों में सर्वाइवल 70 फीसदी होता है. सर्दियों में घड़ियाल के बच्चों को नदी  में छोड़ा जाता है चूंकि घड़ियाल ठंडे खून का प्राणी है. इसे सर्दियों में भूख कम लगती है. ऐसे में सर्दियों में इन्हें चंबल में छोड़ने पर भोजन के लिए काफी परेशान नहीं होना पड़ता है. इन्हें यहां नया वातावरण मिलता है और ये धीरे-धीरे एडजस्ट कर जाते हैं.  

हरियाणा में 50 लाख के नोटों से सजाया गया श्याम बाबा का दरबार, 20 दिन में तैयार हुईं मालाएं…

हिसार श्री श्याम मंदिर हांसी के 52 वे महोत्सव के दौरान आज शनिवार को श्याम बाबा का 50 लाख के नोटों से दरबार सजाया गया है। सजावट में 10 के नोट से लेकर 500 तक के नोटों का प्रयोग किया गया है। बाबा के दरबार में नोटों की गड्डियां भी रखी गई है। श्री श्याम मंदिर कमेटी का दावा है कि आज से पहले हरियाणा में श्याम बाबा का इतना भव्य लक्ष्मी सिंगार कहीं नहीं हुआ है। दिल्ली से आए कारीगरों द्वारा 20 दिन में नोटों की मालाओं को तैयार करवाया गया है। श्री श्याम मंदिर हांसी के 51 वे महोत्सव में 20 लाख रुपये का लक्ष्मी सिंगार हुआ था। विदेशों तक होती है चर्चा पिछले साल हुए लक्ष्मी सिंगार की पूरे देश ही नहीं विदेशों में भी चर्चा हुई थी। आपको बता दें कि छोटी खाटू नगरी के नाम से प्रसिद्ध हांसी में श्याम बाबा का महोत्सव चल रहा है। हर साल होने वाला सालाना वार्षिक महोत्सव में पूरे देश में प्रसिद्ध है। श्याम बाबा के इस महोत्सव में पूरे भारत से अलग-अलग स्थानों से लोग यहां पहुंचते हैं और अपनी हाजरियां लगाते हैं। 50 लाख रुपए के नोटों का प्रयोग किया गया श्री श्याम मित्र मंडल एवं श्री श्याम भवन ट्रस्ट के प्रधान जगदीश राय मित्तल ने बताया कि अबकी बार श्याम बाबा का 52वां महोत्सव आठ दिवसीय मनाया जा रहा है। आज सातवें दिन श्याम बाबा का लक्ष्मी श्रृंगार किया गया है, जिसमें करीब 50 लाख रुपए के नोटों का प्रयोग किया गया है। उन्होंने बताया कि हरियाणा में आज से पहले बाबा का इतना भव्य लक्ष्मी श्रृंगार कहीं नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम को श्याम बाबा की पूरे शहर में भव्य यात्रा निकाली गई थी। शनिवार शाम को श्याम बाबा का भव्य विशाल जागरण होगा। विवार शाम को एक शाम सांवरे के नाम कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

भारत और चीन के बीच कुछ साल से तनाव, इस बीच एक लाख नौकरियां हो गई फुर्र

National Fish Farmers Day organized in VU - Fisheries Science College

नई दिल्ली  चीन के साथ जारी तनाव भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री के लिए काफी महंगा साबित हो रहा है। इस कारण पिछले चार साल में भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को 15 अरब डॉलर का प्रॉडक्शन लॉस हुआ है। साथ ही इस दौरान करीब 100,000 नौकरियों का मौका भी हाथ से निकल गया। चीन के नागरिकों को वीजा जारी करने में देरी और भारत में काम कर रही चीनी कंपनियों की जांच के बीच ऐसा हुआ है। विभिन्न मंत्रालयों को भेजे गए ज्ञापन में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग इंडस्ट्री ने कहा कि भारत ने 2 अरब डॉलर के वैल्यू एडिशन नुकसान के अलावा 10 अरब डॉलर का निर्यात अवसर भी खो दिया है। इंडस्ट्री के लोगों के मुताबिक चीनी अधिकारियों के 4,000-5,000 वीजा आवेदन सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। इससे देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री की विस्तार योजनाओं में बाधा आ रही है। यह स्थिति तब है जब सरकार ने 10 दिन के भीतर बिजनस वीजा आवेदनों को मंजूरी देने के लिए एक व्यवस्था बना रखी है। इंडिया सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) और मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (MAIT) लॉबी ग्रुप ने केंद्र सरकार से चीनी अधिकारियों के लिए वीजा मंजूरी में तेजी लाने का अनुरोध किया है। अभी इसमें एक महीने से अधिक समय लग रहा है। इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि चीनी अधिकारियों की जरूरत टेक और स्किल ट्रांसफर, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स की स्थापना और कमीशनिंग, एफिशियंसी प्रोसेसेज की स्थापना और मेंटनेंस के लिए है। साथ ही चीनी की उन कंपनियों के अधिकारियों के वीजा आवेदन भी लंबित हैं, जिन्हें स्थानीय कंपनियों के साथ पार्टनरशिप में यहां मैन्युफैक्चरिंग बेस बनाने के लिए बुलाया गया है। कैसे निकलेगा समाधान आईसीईए ने कहा कि हमारी घरेलू मूल्य संवर्धन (DVA) योजना पर गंभीर असर पड़ा है। जब मोबाइल के लिए पीएलआई योजना (2020-21 में) शुरू की गई थी, तो उम्मीद थी कि आपूर्ति श्रृंखला चीन से हट जाएगी। लेकिन इस गतिरोध और प्रेस नोट 3 (भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देशों से निवेश की अधिक जांच अनिवार्य करना) के कारण सप्लाई चेन के ट्रांसफर में भारी गिरावट आई है। यह एसोसिएशन ऐपल, ओप्पो, वीवो, डिक्सन टेक्नोलॉजीज और लावा जैसे टॉप मोबाइल ब्रांड्स और मैन्युफैक्चरर्स का प्रतिनिधित्व करता है। आईसीईए का अनुमान है कि अगर भारत और चीन के बीच बिजनस एक्टिवीज सामान्य होती तो भारतीय कंपनियों का वैल्यू एडिशन वर्तमान 18% से बढ़कर 22-23% होता। इससे घरेलू मोबाइल फोन ईकोसिस्टम में सालाना 15,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त डीवीए कंट्रीब्यूशन होता। आईसीईए के चेयरमैन पंकज मोहिंद्रू ने ईटी से कहा, ‘हमें उम्मीद है कि एक संतुलित समाधान निकलेगा। इससे उद्योग की चिंताएं दूर होंगी और साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा हितों में संतुलन बना रहेगा। इंडस्ट्री किसी भी देश के आगे झुकने को नहीं कह रहा है लेकिन हमें यह स्वीकार करना चाहिए कि आत्मनिर्भरता का रास्ता चीन के दबदबे वाली वैल्यू चेन पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि भारत ने काफी हद तक अपने नुकसान की भरपाई कर ली है और वह अधिक प्रतिस्पर्धी बन गया है। फिर भी भारत को वियतनाम, मलेशिया और मैक्सिको जैसे देशों के मुकाबले नए प्रकार का नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिनकी चीन से पूंजी, प्रौद्योगिकी और कौशल तक फ्री एक्सेस का फायदा मिल रहा है। भारत का नुकसान किसका फायदा उद्योग के लोगों का कहना है कि चीनी नागरिक भी गिरफ्तारी और पूछताछ के डर से भारत आने से डरते हैं। एक अधिकारी ने कहा, ‘अगर किसी फैक्ट्री को स्थापित करने में मदद के लिए 50 इंजीनियरों की जरूरत है, तो केवल 10 या उससे कम ही लोग आने को तैयार हैं।’ उन्होंने कहा कि 2020 से भारत-चीन रिश्तों में आई तल्खी के कारण चीनी कंपनियों की गहरी जांच हो रही है। इस कारण इन कंपनियों ने भारत में आगे निवेश करना बंद कर दिया है। इससे सप्लाई चेन के विकास में अड़चन आ रही है। अगर ये कंपनियां भारत छोड़ने का फैसला करती हैं, तो इससे प्रॉडक्ट्स और सर्विसेज की उपलब्धता पर बड़ा असर पड़ेगा, रोजगार खत्म होगा और बड़ी संख्या में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स बंद हो जाएंगी। उदाहरण के लिए एक बड़ी चीनी कंपनी ने ऐपल आईपैड बनाने के लिए भारत में एक प्लांट स्थापित करने की प्रतिबद्धता जताई थी। लेकिन वह वियतनाम चली गई और वहां सालाना 8-10 अरब डॉलर मूल्य के आईपैड का उत्पादन कर रही है। इसी तरह चीन के स्मार्टफोन ब्रांड्स भी भारत की प्रमुख मोबाइल पीएलआई योजना में भाग लेने से कतरा रहे हैं। एक सूत्र ने कहा कि यदि चीनी कंपनियों को मोबाइल पीएलआई में भाग लेने से नहीं रोका जाता, तो भारत 2020 से कम से कम 5-7 अरब डॉलर का अतिरिक्त एक्सपोर्ट रेवेन्यू कमा सकते थे। GTRI की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024 में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलीकॉम और इलेक्ट्रिकल उत्पादों का आयात बढ़कर 89.8 अरब डॉलर हो गया। इसमें 44% चीन से और 56% हांगकांग से आया।

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