LATEST NEWS

लश्कर-ए-तैयबा का डिप्टी चीफ सैफुल्लाह खालिद को अज्ञात हमलावरों ने उसे गोली मार दी, पाकिस्तान में हुई हत्या

नई दिल्ली आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का डिप्टी चीफ आतंकी सैफुल्लाह खालिद  की पाकिस्तान में हत्या कर दी गई। मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अज्ञात हमलावरों ने उसे गोली मार दी। वो लश्कर के संस्थापक आतंकी हाफिज सईद का बेहद करीबी था। जानकारी के मुताबिक, मटली शहर में जैसी ही वो अपने घर के बाहर निकला, हमलावरों ने उसके सिर और सीने पर गोली मार दी। भारत में तीन बड़े हमलों में था शामिल यह आतंकी भारत में हुए तीन हमलों में शामिल था। उसने महाराष्ट्र के नागपुर में आरएसएस मुख्यालय में साल 2006 में हमले की साजिश रची थी। साल 2001 में रामपुर में सीआरपीएफ कैंप में हुए हमले और बंगलौर में 2005 में हुए हमले में वो शामिल था। नेपाल में कई सालों तक छिपा रहा खालिद खालिद विनोद कुमार के फर्जी नाम से कई सालों तक नेपाल में छिपा रहा था। खालिद ने अपना ठिकाना पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बदीन जिले के मतली में बना लिया था। वहां वह लश्कर-ए-तैयबा और उसके मुखौटा संगठन जमात-उद-दावा के लिए काम करता रहा, जिसका मुख्य काम आतंकी अभियानों के लिए भर्ती और धन उगाही करना था।

BMC ने मिथुन चक्रवर्ती को गैर कानूनी निर्माण के चलते कारण बताओ नोटिस भेजा

मुंबई मुंबई के मड इलाके में अवैध इमारतों को हटाने के लिए बीएमसी (बृहन्मुंबई म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन) गंभीर हो गई है। अब इस लिस्ट में मिथुन चक्रवर्ती का नाम भी शामिल हो गया है। दिग्गज अभिनेता और भाजपा नेता को मलाड के एरंगल गांव में कथित रूप से गैर कानूनी निर्माण के चलते कारण बताओ नोटिस भेजा गया है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार मिथुन को अब यह बताना होगा कि निर्माण को क्यों नहीं गिराया जाना चाहिए। अगर वे इसका जवाब नहीं देते हैं तो बीएमसी इसे गिरा सकती है और कानूनी कार्रवाई करेगी। बीएमसी ने मड इलाके में 100 से ज्यादा अवैध निर्माणों को चिन्हित किया है, जिनमें कुछ बंगले भी शामिल हैं, जिन्हें कथित तौर पर फर्जी लेआउट प्लान का इस्तेमाल करके बनाया गया था। अधिकारियों का कहना है कि वे मई के अंत तक ऐसी सभी अवैध इमारतों को हटाने की योजना बना रहे हैं। बीएमसी ने मिथुन चक्रवर्ती को नोटिस जारी करने के लिए मुंबई नगर निगम अधिनियम की धारा 351 (1 ए) का इस्तेमाल किया है, जिसमें उन्हें 10 मई से एक हफ्ते का समय दिया गया है। उनसे यह स्पष्ट करने के लिए कहा गया है कि कथित निर्माण को क्यों नहीं हटाया जाना चाहिए। यदि वह समय पर जवाब देने में विफल रहते हैं, तो नागरिक निकाय संरचना के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। एक अधिकारी ने कहा कि इस तरह के उल्लंघन मुंबई नगर निगम अधिनियम की धारा 475 ए के तहत आते हैं। जिसके कारण जुर्माना और यहां तक कि जेल भी हो सकती है। नोटिस का जवाब देते हुए मिथुन चक्रवर्ती ने अपना रुख बरकरार रखते हुए फ्री प्रेस जर्नल को बताया, ‘मेरी कोई अवैध इमारत नहीं है, कई लोगों को नोटिस भेजे गए हैं, और हम अपने जवाब भेज रहे हैं’।

सीजफायर को किसी निर्धारित समयसीमा में नहीं बांधा गया, गोली चली तो PAK के लिए बहुत मुश्किल होगी: भारतीय सेना

नई दिल्ली ऑपेरशन सिंदूर के बाद सैन्य टकराव को टालने के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच 10 मई को सीजफायर पर बनी सहमति अभी कायम रहेगी। भारतीय सेना ने कहा कि दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच रविवार को कोई बातचीत प्रस्तावित नहीं थी मगर इस सीजफायर को किसी निर्धारित समयसीमा में नहीं बांधा गया है। सीजफायर जारी रहने की घोषणा से साफ है कि भारत सैन्य टकराव को स्थाई विराम देने की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए नियंत्रण रेखा और अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर विश्वास बहाली के विकल्पों पर ठोक-बजाकर कदम उठाना चाहता है। एक भी गोली नहीं चलाए जाने की बात कही गई थी एलओसी और अंतर्राष्ट्रीय सीमा एक भी गोली नहीं चलाने यानि शून्य फायरिंग को सीजफायर कायम रहने की अनिवार्य शर्त बनाया गया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान के डीजीएमओ के बीच 12 मई को हुई दूसरी बातचीत में सीमा के अग्रिम मोर्चों से सैनिकों की संख्या घटाने के साथ-साथ सीजफायर कायम रखने के लिए दोनों तरफ से एक भी गोली नहीं चलाए जाने की बात कही गई थी। भारतीय सेना के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष को बेलाग बता दिया था कि उस पार से एक भी गोली चली तो सीजफायर को कायम रखना मुश्किल होगा। इस सख्त चेतावनी का ही असर है कि 10 मई के बाद एलओसी तथा अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर दोनों ओर से कोई भी गोलीबारी की खबर अब तक नहीं आयी है। सीजफायर बनाए रखने पर की जाएगी समीक्षा सेना के सूत्रों की ओर से भी पुष्टि की गई है कि सीजफायर प्रभावी होने के बाद से सीमा पर किसी तरह की फायरिंग नहीं हुई है। सीजफायर को बनाए रखने पर दूसरी बैठक में बनी सहमति के बाद ही संकेत दिए गए थे कि 18 मई को भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ के बीच संभवत: बातचीत में इसकी समीक्षा की जाएगी। इस वार्ता को लेकर मीडिया में बढ़ी सुर्खियों को देखते हुए रविवार को सेना की ओर से कहा गया कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के आज समाप्त होने की बात सही नहीं है। दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच आज कोई वार्ता निर्धारित नहीं हैं। जहां तक 12 मई को डीजीएमओ की बातचीत में तय किए गए युद्ध विराम के जारी रहने का सवाल है, इसकी कोई समाप्ति तिथि नहीं है। वैसे भारत तथा पाकिस्तान के डीजीएमओ के बीच प्रत्येक मंगलवार को हाटलाइन पर बातचीत की स्थापित व्यवस्था है और ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि इसके अनुरूप ही 20 मई को सीजफायर के स्वरूप को आगे बढ़ाने के लिए अगले दौर की बातचीत होगी।

जल्द ही 20 रुपये के नए नोट जारी करेगा आरबीआई, इन नोटों पर नए आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा के हस्ताक्षर होंगे

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक अहम घोषणा की है। आरबीआई जल्द ही 20 रुपये के नए नोट जारी करेगा। खास बात यह है कि इन नोटों पर नए आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा के हस्ताक्षर होंगे। हालांकि आम जनता को चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि पहले से प्रचलन में मौजूद 20 रुपये के सभी नोट पहले की तरह चलन में बने रहेंगे। कैसा होगा नया नोट? आरबीआई ने साफ किया है कि नए 20 रुपये के नोट महात्मा गांधी (नई) सीरीज के ही होंगे। इनका डिजाइन भी मौजूदा 20 रुपये के नोट जैसा ही रहेगा। केवल एक बदलाव होगा — नोटों पर अब गवर्नर संजय मल्होत्रा के हस्ताक्षर होंगे। पुराने नोटों का क्या होगा? कई लोगों को यह चिंता हो सकती है कि क्या पुराने 20 रुपये के नोट चलन से बाहर हो जाएंगे? इस पर आरबीआई ने स्थिति साफ कर दी है। आरबीआई ने कहा है कि पहले जारी किए गए 20 रुपये के सभी नोट पूरी तरह वैध रहेंगे। इसका मतलब है कि आप पुराने नोटों से पहले की तरह खरीदारी कर सकते हैं और उन्हें कहीं भी इस्तेमाल किया जा सकता है। गवर्नर के बदलाव पर होती है यह प्रक्रिया नए गवर्नर के कार्यभार संभालने के बाद नए हस्ताक्षरों के साथ नोट जारी करना एक सामान्य प्रक्रिया है। इससे बाजार में मौजूद पुराने नोटों पर कोई असर नहीं पड़ता और न ही यह किसी नोट को अमान्य बनाता है।

नवाचार से गति पकड़ता जा रहा है मध्यप्रदेश सहकारी आंदोलन गतिमान हुआ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग के कुशल मार्गदर्शन में सहकारिता विभाग में नित नये नवाचार किये जा रहे हैं और नवाचार से गति पकड़ता जा रहा है मध्यप्रदेश सहकारी आंदोलन गतिमान हुआ है। केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने भोपाल के राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन में बताया कि राज्यों में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के कम्प्यूटराइजेशन के कार्य में मध्यप्रदेश देश में प्रथम रहा। उन्होंने शत-प्रतिशत उपलब्धि के लिये प्रदेश की सराहना की। अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के लिये लगभग हर माह सहकारिता संबंधी आयोजन करने का संकल्प लेकर काम किया जा रहा है। इसमें अधिकारियों-कर्मचारियों के आचरण और व्यवहार की ऑनलाइन ट्रेनिंग करवायी जा रही है। नवाचार और अच्छा कार्य करने वालों को साल के अंत में उत्कृष्ट कर्मी के रूप में सम्मानित भी किया जायेगा। सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिये मध्यप्रदेश की हर पंचायत पर पैक्स स्थापित किये जायेंगे। सहकारिता के महत्व के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिये विभाग के तहत सभी स्तर के विभागीय कार्यालय, सहकारी संस्थाओं में “स्वभाव स्वच्छता-संस्कार स्वच्छता’’ अभियान के तहत स्वच्छता दिवस कार्यक्रम मनाया गया। नई दिल्ली के इण्डिया हेबिटेड सेंटर में आयोजित 100वें राष्ट्रीय स्कॉच समिट में मध्यप्रदेश के सहकारिता विभाग के राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) को उनके फर्टिलाइजर सप्लाई चैन ऑटोमेशन प्रोजेक्ट आईएफएसएस को प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में को-ऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (सीपीपीपी) के तहत सहकारिता क्षेत्र में कुल 2305 करोड़ राशि में 19 एमओयू हुए। यह एक क्रांतिकारी पहल है, जब नये सीपीपीपी मॉडल के तहत इतने एमओयू सहकारिता क्षेत्र में हुए। विभाग की गतिविधियों पर निरन्तर ध्यान दिया जा रहा है। सहकारिता विभाग में 25 कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति दी गयी। अब विभाग में अनुकम्पा नियुक्ति का एक भी प्रकरण लंबित नहीं है। इसी प्रकार अपेक्स बैंक एवं जिला सहकारी बैंकों में आईबीपीएस से भर्ती प्रक्रिया की जा रही है। अपेक्स बैंक में 47 अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण हुई है और 197 की भर्ती प्रक्रियाधीन है। जिला सहकारी बैंकों में 1099 समिति प्रबंधक और 1568 बैंकिंग सहायक की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की गयी है और 2675 पदों पर भर्ती की अनुमति प्राप्त कर ली गयी है। मध्यप्रदेश में भारत सरकार से प्राप्त मॉडल बायलॉज सभी पैक्स में लागू कर पैक्स को बहुउद्देश्यीय बनाया गया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में एम-पैक्स की स्थापना की जा रही है। प्रथम चरण में 637 नये एम-पैक्स के गठन की कार्यवाही शुरू है। प्रदेश में ग्रामीण स्तर पर बैंकिंग सुविधा आमजन को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों की 773 शाखाओं और उनसे संबद्ध 4000 पैक्स संस्थाओं द्वारा लगभग 4800 माइक्रो एटीएम का संचालन किया जा रहा है। माइक्रो एटीएम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में सरल एवं शीघ्र लेन-देन की बैंकिंग सुविधाएँ प्राप्त हो रही हैं। मध्यप्रदेश सरकार किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम कर रही है। बीज संघ को उन्नत स्तर पर पहुँचाने का प्रयास जारी है। बीज संघ से चीता बीज के नाम से नया ब्रॉण्ड लांच किया जा रहा है। पैक्स के माध्यम से चीता बीज का वितरण किया जायेगा। अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष में मध्यप्रदेश ने भी कैलेण्डर बनाकर सहकारी आंदोलन के माध्यम से लोगों को जोड़ने और पारदर्शिता लाने का काम किया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के माध्यम से सेवाओं की पूर्ति पर भी काम किया जा रहा है। गाँव की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये राष्ट्रीय स्तर पर 3 शीर्ष स्तर की संस्थाएँ बनायी गयी हैं। इससे सहकारी आंदोलन सशक्त हुआ है। भारत सरकार द्वारा देश की सभी सहकारी संस्थाओें की जानकारी राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस (एनसीडी) पोर्टल पर अपलोड करायी जा रही है। मध्यप्रदेश की सभी सहकारी संस्थाओं की एन्ट्री पोर्टल पर कर दी गयी है। मध्यप्रदेश, भारत सरकार की सहकारिता की गतिविधियों में लगातार कदम से कदम मिलाकर सहकारिता आंदोलन को गति देने का काम कर रहा है। आने वाले समय में मध्यप्रदेश सहकारिता के कई आयामों में अग्रणी होगा।  

केंद्र ने पंजीकृत प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को वित्तीय रूप से ‘बीमार’ होने से बचाने के लिए कदम उठाए: अमित शाह

नई दिल्ली केंद्र ने पंजीकृत प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को वित्तीय रूप से ‘बीमार’ होने से बचाने के लिए कदम उठाए हैं। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को यह बात कही। उन्होंने कहा कि पैक्स के परिसमापन की स्थिति में उनके तेजी से समाधान और उनके स्थान पर नए पैक्स के पंजीकरण के लिए जल्द ही एक नीति बनेगी। केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार का लक्ष्य 2029 तक दो लाख नये पैक्स की स्थापना करना है। इन्हें 22 विभिन्न प्रकार के व्यवसायों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने की व्यवस्था की जा रही है कि पंजीकृत पैक्स वित्तीय रूप से बीमार न हों। शाह ने अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के अवसर पर यहां आयोजित सहकारी महासम्मेलन में कहा, ”केंद्र सरकार ने 22 विभिन्न प्रकार के व्यवसायों को पैक्स से जोड़ने का काम किया गया है और मुझे यकीन है कि आने वाले समय में एक भी पंजीकृत पैक्स वित्तीय रूप से बीमार नहीं होगा।” उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जल्द ही परिसमापन में गए पैक्स के तेजी से समाधान और उनकी जगह नए पैक्स के पंजीकरण के लिए नीति लाने जा रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डेयरी क्षेत्र में आइसक्रीम, चीज, पनीर बनाने, दूध को ठंडा रखने और वसा मापने जैसे उपकरणों के निर्माण के लिए सहकारी स्वामित्व वाली कंपनियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार डेयरी क्षेत्र में चक्रिय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की योजना बना रही है, जिसमें मरने वाले पशुओं की खाल, हड्डियों और सींगों के उपयोग के लिए सहकारी समिति का गठन किया जाएगा।  

एयरपोर्ट स्टाफ की करतूत, कस्टम को चकमा देने की थी कोशिश, एयरपोर्ट पर तैनात दो कर्मचारी निकले तस्कर

मुंबई मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (CSMIA) पर कस्टम अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में कुल 5.75 किलोग्राम सोना जब्त किया है। इस जब्त सोने की अनुमानित कीमत करीब ₹5.10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई 17 मई 2025 को की गई और दोनों मामलों में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। एयरपोर्ट स्टाफ की करतूत, कस्टम को चकमा देने की थी कोशिश सबसे हैरानी की बात यह है कि पकड़े गए दोनों आरोपी मुंबई एयरपोर्ट पर ही कार्यरत थे। उन्होंने इस तस्करी को अंजाम देने के लिए अपने कपड़ों के अंदर और जैकेट की जेब में सोने को छिपा रखा था। दोनों की हरकतें संदिग्ध लगने पर कस्टम अधिकारियों ने उन्हें रोका और पूछताछ शुरू की। जब जांच की गई तो उनके पास से भारी मात्रा में सोना बरामद हुआ। कड़ी निगरानी से फंसे आरोपी कस्टम विभाग ने बताया कि वे लगातार एयरपोर्ट पर गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। इन मामलों में तस्करी के तरीके बेहद चौंकाने वाले थे क्योंकि आरोपी खुद एयरपोर्ट स्टाफ थे और उन्हें सिस्टम की अच्छी जानकारी थी। इसी का फायदा उठाकर वे तस्करी को अंजाम देने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कस्टम अधिकारियों की सजगता से उनका मंसूबा नाकाम हो गया। आरोपियों से पूछताछ जारी, नेटवर्क का हो सकता है बड़ा खुलासा दोनों आरोपियों को कस्टम एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों को शक है कि इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क भी सक्रिय हो सकता है। इस दिशा में जांच तेज कर दी गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस सोने की सप्लाई कहां से हुई और आगे किसे पहुंचाई जानी थी।

सीएम भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम स्थल पर किया भूमि पूजन, बीकानेर यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की, दिए निर्देश

बीकानेर/जयपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 22 मई की प्रस्तावित बीकानेर यात्रा के क्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पलाना में कार्यक्रम स्थल पर प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लेते हुए दिशा-निर्देश प्रदान किए।   सीएम भजनलाल शर्मा ने  कार्यक्रम स्थल पर किया भूमि पूजन उन्होंने कार्यक्रम से जुड़ी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की और गर्मी के मौसम के मद्देनजर सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर आमजन के प्रवेश, निकास, बैठक, पेयजल सहित सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। साथ ही, मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर भूमि पूजन भी किया। प्रधानमंत्री करेंगे 103 रेलवे स्टेशनों के सुदृढ़ीकरण कार्यों का लोकार्पण उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने यात्री सुविधाओं के दृष्टिगत रेलवे स्टेशनों के सुदृढ़ीकरण को सर्वाच्च प्राथमिकता दी है। बीकानेर में प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान श्री मोदी देश के 103 स्थान पर रेलवे स्टेशनों का सुदृढ़ीकरण कार्यों का लोकार्पण करेंगे। इस दौरान केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, विधायक बाबूसिंह राठौड़, कुलदीप धनखड़ और डॉ. विश्वनाथ मेघवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।  

बसपा के वरिष्ठ नेताओं की मीटिंग में बसपा प्रमुख माावती ने आकाश आनंद को बनाया BSP का मुख्य नेशनल कोआर्डिनेटर

लखनऊ बसपा प्रमुख मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को एक बार फिर से बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। मायावती ने आकाश आनंद को बसपा का मुख्य नेशनल कोआर्डिनेटर बनाया है। रविवार को दिल्ली में हुई बसपा के वरिष्ठ नेताओं की मीटिंग में बसपा प्रमुख माावती ने इसकी घोषणा कर दी। आकाश आनंद को तीन नेशनल कोआर्डिनेटर रिपोर्ट भी करेंगे। आकाश आनंद आगामी चुनाव में प्रचार-प्रसार की कमान भी संभालेंगे। बैठक में मायावती आकाश को प्रोत्साहित करने और पार्टी के मिशन के लिए समर्पित रहने की बात कही। उन्होंने कहा, आकाश की वापसी के बाद बसपा में नई ऊर्जा का संचार होगा। साथ ही मायावती ने यह भी स्पष्ट किया कि वह फिलहाल किसी को उत्तराधिकारी नहीं बनाएगी। बतादें कि बसपा में तीन नेशनल कोआर्डिनेटर बनाए गए हैं। इनमें राज्यसभा सांसद रामजी गौतम, रणधीर बेनीवाल और राजाराम शामिल है। रामजी गौतम बिहार प्रदेश के प्रभारी भी हैं। सूत्रों के अनुसार रविवार को हुई इस बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई। मार्च में बसपा से निकाले गए थे आकाश आनंद मार्च में बसपा प्रमुख मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से ही बाहर का रास्ता दिखा दिया था। साथ ही उन्हें नेशनल कॉर्डिनेटर समेत सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया था। इसी के साथ मायावती ने कहा था कि अब उनके जीते-जी कोई भी उत्तराधिकारी नहीं होगा। मायावती ने आकाश आनंद को बसपा से निकाले जाने की जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इसकी जानकारी दी थी। इस पोस्ट में मायावती ने लगातार तीन पोस्ट लिखकर आकाश आनंद को खूब सुनाया था। माफी मांगने के बाद मायावती ने भतीजे की बसपा में कराई थी वापसी भतीजे आकाश आनंद द्वारा बसपा सुप्रीमो मायावती से माफी मांगे जाने के करीब सात घंटे बाद रविवार की शाम 8.21 बजे मायावती ने उनकी माफी को मंजूर कर लिया और उन्हें पार्टी में एक और मौका दे दिया था। इसी के साथ आकाश आनंद का बसपा में वापसी हो गई। 13 अप्रैल की दोपहर करीब 1.15 बजे सोशल मीडिया एक्स पर आकाश आनंद ने अपनी बुआ व बसपा सुप्रीमो मायावती ने माफी मांगते हुए कहा था कि उन्हें पार्टी में काम करने के लिए एक मौका दिया जाए। आज मैं यह प्रण लेता हूं कि बहुजन समाज पार्टी के हित के लिए मैं अपने रिश्ते-नातों और खासकर अपने ससुराल वालों को कतई बाधा नहीं बनने दूंगा। आकाश आनंद का डा. भीमराव अंबेडकर जयंती से ठीक एक दिन पहले सोशल मीडिया एक्स पर सार्वजनिक रूप से माफी मांग कर यह साफ कर दिया था कि वह किसी बहकावे में आने वाले नहीं हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान भी आकाश आनंद से छिनी थी जिम्मेदारियां मायावती का भतीजे आकाश आनंद को लेकर रुख चौंकाने वाला रहा है। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी आकाश आनंद पर कार्रवाई हो चुकी है। जनसभाओं में विवादित बयानबाजी को लेकर मायावती ने भतीजे को बसपा में उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया था। कुछ दिन बाद ही उनकी फिर से वापसी कराई गई थी। लेकिन 2025 में एक बार फिर ऐक्शन ले लिया गया है। इस बार मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से ही बाहर कर दिया और उनके पिता यानी अपने भाई आनंद कुमार को नेशनल कॉर्डिनेटर बना दिया।

बारातियों की स्वागत की तैयारी चल रही थी, इस बीच वधू की तबीयत बिगड़ी, दवा खाने के कुछ ही देर वधू की मौत

कन्नौज यूपी के कन्नौज से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां शनिवार देर शाम एक युवती की शादी थी। बारातियों की स्वागत की तैयारी चल रही थी। इस बीच वधू की तबीयत बिगड़ गई। आनन-फानन में परिजन उसे गांव के ही छोलाछाप डॉक्टर के यहां ले गए। दवा खाने के कुछ ही देर वधू की मौत हो गई। इससे शादी के घर पर मातम पसर गया। परिजनों नें चीख पुकार मच गई। परिजनों ने डॉक्टर पर गलत दवा देने का आरोप लगाया है। ये घटना गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के किसवापुर गांव का है। यहां के रहने वाले महेश बाथम की बेटी रिंकी की शादी उमर्दा के सुखी गांव के नरेश के बेटे राहुल से तय हुई थी। शनिवार को राहुल बारात लेकर किसवापुर पहुंचने ही वाले थे। इससे पहले रिंकी की तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे जसोदा के डॉक्टर के यहां लेकर पहुंचे जहां डॉक्टर ने उसका इलाज करना शुरू किया। कुछ देर चले इलाज के दौरान रिंकी की मौत हो गई। मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने डॉक्टर पर गलत इलाज का आरोप लगाया है। परिजनों की माने तो डॉक्टर ने गलत इंजेक्शन लगा दिया जिससे रिंकी की मौत हो गई। रिंकी के घर बारात के स्वागत की तैयारियां चल रही थीं। उधर, बारात कुछ ही देर में पहुंचने वाली थी। घर पर रिश्तेदारों और परिवार के साथ ही गांव के लोगों की भीड़ जमा थी। इसी बीच अचानक रिंकी की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। शादी की खुशियां मातम में बदल गई। जिस घर में मंगल गीत गाए जा रहे थे। वहां करुण क्रंदन और चीख पुकार मच गई । वहीं, ये मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया।

सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के साथ ही विजय शाह का राजनीतिक भविष्य तय होगा कि वह मंत्री रहेंगे या नहीं

भोपाल मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर अमर्यादित टिप्पणी के मामले में भाजपा संगठन कोई जल्दबाजी करने की जगह फूंक-फूंककर कदम रख रहा है। पार्टी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर टिकी हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के साथ ही विजय शाह का राजनीतिक भविष्य तय होगा कि वह मंत्री रहेंगे या नहीं। दरअसल, भाजपा भी कोर्ट के निर्णय का इंतजार कर रही है। उल्लेखनीय है कि भाजपा, विजय शाह को उनके बयान को लेकर नसीहत दे चुकी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी पूरे मामले में प्रदेश संगठन से रिपोर्ट मांगी थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद शाह चुपचाप हैं। सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी नहीं जा रहे हैं। मामले में कांग्रेस हमलावर हो गई है। जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह की मुश्किलें बढ़ती चली जा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ओर से अधिवक्ता जया ठाकुर ने कैविएट दायर कर बिना उनका पक्ष सुने निर्णय नहीं देने का अनुरोध किया है। बता दें कि मंत्री विजय शाह के विरुद्ध हाई कोर्ट के आदेश पर जिन धाराओं में प्रकरण दर्ज हुआ है, उनमें उम्रकैद तक का प्रविधान है। सुप्रीम कोर्ट ने मंत्री शाह की ओर से हाई कोर्ट के आदेश पर दर्ज एफआइआर रद करने की मांग वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई को सुनवाई नहीं करते हुए सोमवार को यह मामला सुने जाने की व्यवस्था दी थी।   सुप्रीम कोर्ट में अर्जी फाइल की वहीं मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन की अध्यक्षता वाली युगलपीठ के अभाव में सुनवाई टल गई थी। दूसरी ओर, डेमोक्रेटिक लायर्स फोरम, जबलपुर के सचिव अधिवक्ता रवींद्र गुप्ता व अध्यक्ष ओपी यादव की ओर से सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप अर्जी फाइल कर दी गई है। दोनों की ओर से पहले पक्ष सुने जाने पर बल दिया गया है। इसके साथ ही इस बात पर बल दिया गया है कि इतने गंभीर प्रकरण में मंत्री शाह को सुप्रीम कोर्ट किसी तरह की राहत प्रदान न करे। अधिवक्ता रवींद्र गुप्ता व ओपी यादव की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, विवेक कृष्ण तन्खा, केटीएस तुलसी व इंदिरा साहनी के साथ समीर सोढ़ी, वरुण तन्खा, इंद्रदेव मंत्री विजय शाह की विशेष अनुमति याचिका का सोमवार को विरोध करेंगे।

भोपाल के एक होटल में उपभोक्ता से पानी की बोतल पर एक रुपये जीएसटी वसूला गया, जिस पर उपभोक्ता ने जताया विरोध

भोपाल मध्य प्रदेश राजधानी भोपाल के एक होटल में उपभोक्ता से पानी की बोतल पर एक रुपये जीएसटी वसूला गया। जिस पर उपभोक्ता ने विरोध भी जताया, लेकिन होटल संचालक नहीं माने। इससे परेशान होकर ग्राहक ने जिला उपभोक्ता आयोग में याचिका लगाई। आयोग ने उपभोक्ता के पक्ष में निर्णय सुनाया। आयोग के अध्यक्ष योगेश दत्त शुक्ल व सदस्य प्रतिभा पांडेय ने निर्णय सुनाया कि एमआरपी में जीएसटी शामिल होता है, ऐसे में अलग से जीएसटी वसूलना गलत है। मामले में आयोग ने निर्णय सुनाया कि होटल प्रबंधन दो महीने के अंदर वसूली गई जीएसटी की राशि एक रुपये ग्राहक को वापस करे। दोस्त के साथ गए थे होटल साथ ही आठ हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में देना होगा। दरअसल, राजधानी के ऐश्वर्य निगम मिसरोद रोड स्थित मोती महल डीलक्स होटल में अपने दोस्त के साथ खाना खाने गए थे, जहां खाने का बिल 796 रुपये दिया गया। इसमें पानी की एक बॉटल 29 रुपये की दी गई, जबकि बॉटल पर एमआरपी 20 रुपये छपी थी। इसके साथ ही होटल प्रबंधन ने पानी की बॉटल पर एक रुपये की जीएसटी भी वसूली। होटल प्रबंधन के तर्क को किया खारिज उपभोक्ता ने शिकायत की थी कि जब पानी की बॉटल बाजार भाव से अधिक दाम पर होटल प्रबंधन से की तो विवाद बढ़ गया। होटल प्रबंधन ने तर्क रखा कि उपभोक्ता को जो मेन्यू कार्ड दिया गया था, उसमें कीमत और जीएसटी दोनों का जिक्र था। साथ ही होटल में बैठने, एयर कंडीशनर और म्यूजिक समेत अन्य सुविधाएं भी दी जाती हैं। ऐसे में पानी पर जीएसटी लगाना कानूनी अधिकार है, हालांकि आयोग ने इस तर्क को खारिज कर दिया।

मुरैना में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर दो पक्षों में फायरिंग, गोली लगने से एक की मौत

मुरैना मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के तोर गांव में सरकारी जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच दो दिन से फायरिंग होने की घटना सामने आई है। फायरिंग में एक युवक की मौत हो गई। निरार थाना पुलिस के पास पहली बार दोनों पक्षों के बीच हुई फायरिंग की शिकायत पहुंची थी, लेकिन इसे नजरअंदाज कर दिया गया। शुक्रवार-शनिवार की रात एक पक्ष ने जमीन पर बनी झोंपड़ी में आग लगाई और फिर ताबड़तोड़ फायर किए। मामला थाने तक आया, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद रात में दोनों पक्ष फिर आमने-सामने आ गए। गोली लगने से जिसकी मौत हुई है वह देवगढ़ क्षेत्र का रहने वाला है और तोर गांव में अपने रिश्तेदार के घर आया था। इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है। हम अपने सभी पाठकों को पल-पल की खबरों से अपडेट करते हैं। हम लेटेस्ट और ब्रेकिंग न्यूज को तुरंत ही आप तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रारंभिक रूप से प्राप्त जानकारी के माध्यम से हम इस समाचार को निरंतर अपडेट कर रहे हैं। ताजा ब्रेकिंग न्यूज़ और अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए नईदुनिया के साथ।

कर्नल सोफिया पर विवादित टिप्पणी के मामले में अशोका यूनवर्सिटी के प्रोफेसर गिरफ्तार

नई दिल्ली कर्नल सोफिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में अशोका यूनवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को गिरफ्तार कर लिया गया है। यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्य कर रहे अली खान महमूदाबाद ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद महिला अधिकारियों को प्रेस ब्रीफिंग के लिए भेजने को दिखावा और ढोंग बताया था। इसके बाद हरियाणा राज्य के महिला आयोग ने उन्हें नोटिस भेजकर तलब किया था। कर्नल सोफिया और विंग कमांडर व्योमिका सिंह को आगे करने को लेकर महमूदाबाद ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट की थीं। माना जा रहा था कि ऑपरेशन सिंदूर का संबंध महिलाओं से है क्योंकि पहलगाम में आतंकियों ने उन लोगों की भी हत्या कर दी जिनकी हाल ही में शादी हुई थी। कई नवविवाहित महिलाओं की मांग उड़ गई। इसीलिए भारतीय सेना की आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में जानकारी देने के लिए महिला अधिकारियों को आगे किया गया। वहीं अली खान महमूदाबाद महिला अधिकारियों को आगे करने के फैसले को ही गलत बताने लगे। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सरकार ऐसा करके केवल दिखावा और ढोंग कर रही है। सोशल मीडिया पर लोगों ने उनकी पोस्ट पर आपत्ति जताई। पहलगाम हमले के बाद जब एक शख्स के ‘अल्लाहू अकबर’ चिल्लाने और गोलियां चलने को लेकर गिरफ्तारी हुई थी तब भी उन्होंने सोशल मीडिया पर आपत्ति जाहिर की थी। उनका कहना था कि अगर किसी के इस तरह अल्लाहू अकबर चिल्लाने से कुछ साबित करने की कोशिश हो रही है तो आप कश्मीर को समझ ही नहीं पाए हैं। इस बात को लेकर सोशल मीडिया पर उन्होंने काफी बहस भी की। कौन हैं अली खान महमूदाबाद अली खान महमूदाबाद अशोका यूनिवर्सिटी में प्राध्यापक होने के साथ ही राजनीतिक टिप्पणीकार और स्तंभकार हैं। उन्होंने कैंब्रिज से पीएचडी की है। वह राजनीति शास्त्र और इतिहास से डिग्री हासि कर चुके हैं। इसके अलावा दमिश्क यूनिवर्सिटी से उन्होंने अरबी भाषा की पढ़ाई की है। वह सोशल मीडिया पर काफी ऐक्टिव रहते हैं। फेसबुक पर की गई टिप्पणी को लेकर वह मुसीबत में घिरे हैं।

आज भारत न केवल एक जिम्मेदार परमाणु राष्ट्र बनकर उभरा है, बल्कि सैन्य शक्ति, से दुनिया को अपना लोहा भी मनवाया

नई दिल्ली 51 साल पहले आज ही के दिन भारत ने ‘स्माइलिंग बुद्धा’ मिशन को अंजाम दिया था और दुनिया को अपनी ताकत का परिचय दिया। 18 मई 1974 में पोखरण-I के उस धमाके ने न सिर्फ भारत को दुनिया की छठी परमाणु शक्ति बनाया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि विज्ञान और सुरक्षा के मामले में भारत किसी से पीछे नहीं रहने वाला। आज भारत न केवल एक जिम्मेदार परमाणु राष्ट्र बनकर उभरा है, बल्कि उसने सैन्य शक्ति, तकनीकी कौशल और रणनीतिक दूरदर्शिता से दुनिया को अपना लोहा भी मनवाया है। ‘स्माइलिंग बुद्धा’ पोखरण परीक्षण के लिए एक कोड नेम था। यह मिशन भारत के इतिहास का वह मोड़ था जब देश ने दुनिया को दिखा दिया कि हम न केवल सभ्यता और शांति के प्रतीक हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर सैन्य और तकनीकी ताकत भी रखते हैं। अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन के बाद भारत छठा ऐसा देश बना जिसके पास परमाणु हथियार विकसित करने की क्षमता थी। प्रतिबंधों के बावजूद परमाणु शक्ति के विकास की दास्तान पोखरण-1 के बाद भारत पर अमेरिका समेत कई देशों ने प्रतिबंध लगाए, लेकिन DRDO, BARC और ISRO जैसे संस्थानों ने मिलकर देश को तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर किया। 11 और 13 मई 1998 को तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने पांच और परमाणु परीक्षण किए, जिनके साथ भारत ने खुद को एक “परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र” घोषित कर दिया। इसके साथ ही भारत ने दो प्रमुख सिद्धांत अपनाए। पहला- भारत पहले परमाणु हमला नहीं करेगा। दूसरा- भारत केवल न्यूनतम लेकिन विश्वसनीय शक्ति रखेगा। अब कहां खड़ा है भारत? स्वीडिश संस्थान SIPRI के अनुसार भारत के पास 2024 तक लगभग 160–170 परमाणु हथियार मौजूद हैं। इतना ही नहीं भारत अब थल, जल और नभ – तीनों माध्यमों से परमाणु हमले करने की पूर्ण क्षमता रखता है। थल में अग्नि-1 से लेकर अग्नि-5 तक लंबी दूरी की मिसाइलें हैं। जल में INS Arihant जैसी परमाणु-सक्षम सबमरीन और नभ में Mirage-2000 और Su-30MKI जैसे लड़ाकू विमान हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रभाव भारत की परमाणु नीति अब भी ‘नो फर्स्ट यूज’ पर आधारित है, हालांकि पिछले कुछ वर्षों में इसके पुनर्मूल्यांकन की आवाजें उठी हैं। भारत की रणनीतिक ताकत ने उसे चीन और पाकिस्तान के विरुद्ध संतुलन देने वाली शक्ति बना दिया है। 51 वर्षों के पांच निर्णायक मोड़ 1974 में पोखरण-1 ने भारत की परमाणु शक्ति में पहली एंट्री दी। 1998 में पोखरण-2 टेस्टिंग से आधिकारिक रूप से परमाणु राष्ट्र की मान्यता मिली। 2003 में न्यूक्लियर डॉक्ट्रिन की नीति तय की गई। 2016 में परमाणु-सक्षम सबमरीन INS Arihant भारतीय सेना में शामिल हुआ। 2020 के बाद MIRV टेक्नोलॉजी और अग्नि-5 जैसी अत्याधुनिक मिसाइल तकनीक सेना के बेड़े में शामिल हुए।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet