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उज्जैन में अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 50 लाख की अवैध शराब को रौंदा, 7 थानों की पुलिस रही खड़ी

उज्जैन  महाकाल की नगरी उज्जैन में शराबबंदी है। उज्जैन नगर निगम क्षेत्र में शराब की बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित है। शराबबंदी के बाद पहली बार उज्जैन में 50 लाख रुपए की शराब को नष्ट किया गया है। इस पर बुलडोजर दौड़ाया गया है। उज्जैन जिले के सात थाना क्षेत्रों में यह शराब जब्त की गई थी। कोर्ट के आदेश के बाद इसे नष्ट किया गया है। नष्टीकरण के दौरान सात थानों की पुलिस मौके पर मौजूद रही है। ट्रेंचिंग ग्राउंड में हुई कार्रवाई अवैध शराब नष्ट करने को लेकर धर्म नगरी उज्जैन में एक बड़ी कार्रवाई की गई है। यहां एम आर 5 रोड स्थित नगर पालिक निगम के ट्रेंचिंग ग्राउंड में यह कार्रवाई हुई। इस कार्रवाई के दौरान खुद एसपी प्रदीप शर्मा, एएसपी गुरु प्रसाद पारासर सहित सीएसपी और 7 थानों के थाना प्रभारी मौजूद रहे। यहां सबसे पहले शराब बोतलों को फर्श पर जमाया गया। उसके बाद पोकलेन मशीन को शराब बोतलों के ऊपर चलाया गया । शराब नष्टीकरण की यह कार्रवाई करीब एक घंटा चली। यहां फर्श पर पानी की तरह शराब बहती हुई दिखाई दे रही थी। अलग-अलग थानों में हुई कार्रवाई मामले की जानकारी देते हुए एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि यहां कई वर्षों से अलग-अलग थानों में जब्त शराब रखी हुई थी। न्यायालय से 107 प्रकरणों में आदेश करवाने के बाद यह कार्रवाई की गई है। यहां 7 थानों द्वारा जब्त 24000 लीटर शराब को नष्ट किया गया है। नष्ट की गई शराब की कीमत करीब 50 लाख रुपए है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य पुराने जब्त माल को नष्ट करना। इसके साथ ही शराबबंदी के बाद अवैध शराब बेचने और परिवहन करने वालो को सख्त संदेश देना है। एसपी ने कहा कि यह कार्रवाई आगे भी चरणबद्ध तरीकों से प्रत्येक 15 दिन में की जाएगी। यहां नष्ट की गई शराब में देसी के अलावा अंग्रेजी और हाई क्वालिटी की शराब भी शामिल है।

कालभैरव को मदिरा का भोग लगाने वाले श्रद्धालुओं को यह करना होगा, बदले नियम

उज्जैन धार्मिक नगरी उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालु उनके सेनापति भगवान कालभैरव के दर्शन करने जरूर जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि जब तक कालभैरव के दर्शन नहीं किए जाते है, तब तक बाबा महाकाल के दर्शन करने का पुण्य लाभ नहीं मिलता है। ऐसे में महाकालेश्वर मंदिर के साथ ही प्रतिदिन कालभैरव मंदिर पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। भगवान कालभैरव को मदिरा का भोग भी लगता है। लेकिन, मध्यप्रदेश के 19 क्षेत्रों में 1 अप्रैल से लागू की गई शराबबंदी के बाद अब उज्जैन में नए नियम लागू हो चुके हैं, जिसके तहत नगर निगम की परिसीमा में शराब के विक्रय पर रोक लगा दी गई है। स्थिति यह बन चुकी है कि भगवान कालभैरव के दर्शन करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भी मंदिर के बाहर भगवान को भोग लगाने के लिए शराब नहीं मिल पा रही है। भक्तों को साथ लानी होगी शराब नए नियमों के तहत नगर निगम की परिसीमा में शराबबंदी किए जाने से कालभैरव को मदिरा का भोग लगाने के लिए श्रद्धालुओं को अब अपने साथ ही शराब खरीदकर मंदिर पहुंचना होगा। क्योंकि, यह मंदिर नगर निगम की सीमा के अंतर्गत आता है। इसीलिए मंदिर के बाहर उन्हें कालभैरव को मदिरा का भोग लगाने के लिए शराब नहीं मिल पाएगी। शराबबंदी के नियमों का पालन करने के लिए पुलिस विभाग पूरी तरह सख्त है। यही कारण है कि शहर में आने वाले मुख्य मार्गों पर चेकिंग की जा रही है और निर्धारित मात्रा से अधिक शराब ले जाने वाले लोगों को पकड़कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। नहीं बेच सकते मंदिर के बाहर शराब धार्मिक नगरी उज्जैन में शराबबंदी लागू होने के बाद इसका पालन भी शुरू हो चुका है। नगर निगम सीमा में शराब का विक्रय न हो, इसके लिए पुलिस पूरी मुस्तैदी से धरपकड़ कर रही है। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने भी कालभैरव मंदिर क्षेत्र के दुकानदारों को एफिडेविट देना अनिवार्य किया है कि वे इस क्षेत्र में शराब नहीं बेचेंगे। यहां दें गड़बड़ी की सूचना प्रतिबंधित क्षेत्र में शराब के विक्रय को रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। यही कारण है कि उज्जैन पुलिस ने अवैध शराब बिक्री की सूचना देने के लिए दो नंबर 9479999037 और 7587624914 जारी किए हैं। इन नंबरों पर सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत कार्रवाई कर रही है। शहर के प्रवेश मार्गों पर चेकिंग अभियान पुलिस प्रमुख रूप से इंदौर-उज्जैन, देवास-उज्जैन, बड़नगर-उज्जैन, मक्सी-उज्जैन और आगर-उज्जैन मार्ग पर वाहनों की तलाशी ले रही है। ग्रामीण क्षेत्रों की पुलिस को भी अलर्ट किया गया है, ताकि शहर में शराब के साथ लोगों के प्रवेश को रोका जा सके।

अन्नक्षेत्र में दानदाता को ठहरने के लिए महाकालेश्वर अतिथि निवास में नि:शुल्क कमरों की सुविधा भी मिलेगी

उज्जैन  महाकाल मंदिर के अन्नक्षेत्र में भक्तों को भोजन कराने वाले दानदाताओं को मंदिर समिति नि:शुल्क भस्म आरती दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने जा रही है। ऐसे में दानदाता को पुण्य अर्जन के साथ भगवान महाकाल की भस्म आरती के दर्शन का लाभ भी मिलेगा। अगर दानदाता उज्जैन से बाहर के हैं, तो उन्हें ठहरने के लिए महाकालेश्वर अतिथि निवास में नि:शुल्क कमरों की सुविधा भी मिलेगी। दानदाता को इस प्रकार की सुविधा पहली बार मिलने जा रही है। क्या सीएम डॉ. मोहन यादव का सपना     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा है कि देश के अन्य प्रमुख मंदिरों की तरह महाकाल मंदिर का अन्नक्षेत्र भी अत्याधुनिक व सर्वसुविधा युक्त हो, ताकि अधिक से अधिक भक्त यहां भोजन प्रसादी का लाभ ले सकें।     व्यवस्था में सुधार की जिम्मेदारी वरिष्ठ समाजसेवी सुरेंद्रसिंह अरोरा को दी गई है। उन्होंने अधिकारियों के साथ मिलकर व्यवस्था में सुधार का व्यापक प्लान तैयार किया है।     बुधवार को कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने अरोरा की मौजूदगी में मंदिर प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान में प्रतिदिन तीन से चार हजार भक्त अन्नक्षेत्र में भोजन कर रहे हैं।     एक माह में यह संख्या बढ़ाकर दस हजार करना है। अन्नक्षेत्र का संचालन दानदाताओं के सहयोग से होता है। दानदाता अन्नक्षेत्र में दान करें, इसके एवज में उन्हें भस्म आरती दर्शन व रहने ठहरने की सुविधा भी मिलना चाहिए। यहां भी क्लिक करें – श्री महाकाल महालोक में मिलेंगे अन्नक्षेत्र के निशुल्क भोजन प्रसादी के कूपन, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए काउंटर शुरू अभी यह हो रहा फिलहाल अन्नक्षेत्र में एक समय भोजन कराने के लिए दानदाता को 25 हजार रुपये का दान देना होता है। दानदाता भोग की थाली लेकर मंदिर में जाते हैं तथा उनकी मौजूदगी में पुजारी भगवान को भोग लगाते हैं। नई योजना में यह खास     अन्नक्षेत्र में भोजन बनाने का ठेका प्राइवेट फर्म को दिया जाएगा।     भोजन प्रसादी की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा, जिसकी आवश्यकता है।     भक्तों को प्रथम व द्वितीय तल पर बैठ कर भोजन करने के साथ बुफे की सुविधा भी मिलेगी।     अन्नक्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए जनरेटर लगाए जाएंगे।     महाप्रसादी के लिए कूपन वितरण की नई व्यवस्था होगी। अभी यह व्यवस्था ठीक नहीं चल रही। यह भी होगा देश के किसानों से अन्नक्षेत्र में गेहूं, चावल, दाल, सब्जी आदि दान करने के लिए अनुरोध किया जाएगा। एक दानदाता ने अन्नक्षेत्र में भोजन बनाने तथा भोजन पराेसने के लिए नि:शुल्क बर्तन दान किए हैं। अन्नक्षेत्र में लगी मशीनों के सुधार दानदाता के सहयोग से किया जा रहा है। आगे भी सहयोग लिया जाएगा। कलेक्टर ने ये निर्देश भी दिए कलेक्टर ने मंदिर के अधिकारियों को अन्नक्षेत्र का बैंक खाता अलग करने के निर्देश दिए। अन्नक्षेत्र का आय, व्यय पत्रक भी अलग से बनेगा। इस व्यवस्था से व्यवस्था के संचालन में पारदर्शिता रहेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार विकास के कार्य सांस्कृतिक समन्वय से कर रही है

उज्जैन सहित प्रदेश के अन्य धार्मिक नगरों में 1 अप्रैल से की जा रही है शराबबंदी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव पथ सही होने पर शपथ होती है सफल: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार विकास के कार्य सांस्कृतिक समन्वय से कर रही है मुख्यमंत्री डॉ. यादव जैन समाज के शपथ अनुष्ठान पर्व में शामिल हुए उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विक्रम संवत चैत्र प्रतिपदा नववर्ष पर पावन पुनीत अवंतिका में देश भर से शपथ अनुष्ठान पर्व में पधारे सभी अतिथियों का स्वागत है। उज्जैन में भगवान महावीर स्वामी ने तपस्या की है। तपस्या का पथ सही होने पर शपथ सफल होती है। मानव जीवन संक्षिप्त समय का है, इसलिए जितना भी समय है, उसे हम परमार्थ के कार्य और सभी जीवों की सेवा में लगाना चाहिए। परमार्थ के कार्य कर मानव महापुरुष हो जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन में जैन समाज के शपथ अनुष्ठान पर्व में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार विकास के कार्य सांस्कृतिक समन्वय से कर रही है। इसी क्रम में उज्जयिनी और प्रदेश के अन्य धार्मिक नगरों में 1 अप्रैल से शराबबंदी की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर की। कार्यक्रम में आयोजनकर्ताओं ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उज्जैन का नाम संपूर्ण देश-प्रदेश में गौरवान्वित करने पर नागरिक अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, देवेंद्र काशल, अश्विन कोशलीवाल, सचिन कासलीवाल सहित जैन समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

उज्जैन : महिला इंजीनियर को अश्लील मैसेज भेजने वाले कार्यपालन यंत्री के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली

उज्जैन उज्जैन नगर निगम की महिला सभी इंजीनियर को अश्लील मैसेज भेजने और रात में घर बुलाने के लिए दबाव बनाने वाले कार्यपालन यंत्री के खिलाफ कोतवाली थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. अभी कार्यपालन यंत्री फरार बताया जा रहा है. दरअसल, उज्जैन नगर निगम में सब इंजीनियर के पद पर पदस्थ 35 वर्षीय महिला अधिकारी ने अपने ही विभाग के कार्यपालन यंत्री पीयूष भार्गव के खिलाफ कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई है. महिला सब इंजीनियर का आरोप है कि कार्यपालन यंत्री भार्गव ने लंबे समय से प्रताड़ित कर रहे थे. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि वे रात के समय उन्हें घर बुलाते थे. इसके अलावा फोन पर अश्लील बातें भी करते थे. महिला अधिकारी ने व्हाट्सएप चैटिंग के अलावा पीयूष भार्गव की ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग भी सबूत के तौर पर पुलिस के समक्ष पेश की थी, जिसके बाद पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. एसपी प्रदीप कुमार शर्मा के मुताबिक आरोपी पीयूष भार्गव को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा. अभी आरोपी फरार है. ‘नौकरी छोड़ने का बना लिया था मन’ महिला अधिकारी ने अपने शिकायत में यह भी लिखा है कि पीयूष भार्गव की वजह से उन्होंने नौकरी छोड़ने का मन बना लिया था, लेकिन फिर उन्हें एहसास हुआ कि भार्गव दूसरी महिला अधिकारियों के साथ भी इस तरीके से बर्ताव कर सकता है. इसके बाद उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत की नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक की सलाह पर उन्होंने पुलिस में भी शिकायत की है. 7 दिनों में होगी जांच पूरी नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक ने बताया कि पीयूष भार्गव के खिलाफ उनके पास महिला अधिकारी ने शिकायत की है. महिला अधिकारी की शिकायत पर जांच कमेटी बनाई गई है जो कि सात दिनों मे अपनी रिपोर्ट पेश करेगी. इसके बाद निगम की ओर से अलग से कार्रवाई की जाएगी. पहले भी हो चुका है विवाद कार्यपालन यंत्री पीयूष भार्गव पूर्व में रिटायर हो चुका है. उसे संविदा के आधार पर रखा गया है. पूर्व में भी वे कई बार विवादों में रह चुके हैं. उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण करने वाली जांच एजेंसी भी जांच कर चुकी है.

Mahakal Temple Ujjain: गर्मी में बदलेगी बाबा महाकाल की दिनचर्या, ठंडे जल से करेंगे स्नान

उज्जैन(Mahakal Temple Ujjain)। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से भगवान महाकाल की दिनचर्या बदलेगी। मंदिर की पूजन परंपरा में इस दिन से गर्मी की शुरुआत मानी जाती है। गर्मी के दिनों में राजाधिराज महाकाल ठंडे जल से स्नान करेंगे। इस दौरान प्रतिदिन होने वाली पांच में से तीन आरती का समय भी बदल जाएगा। पं. महेश पुजारी ने बताया महाकाल मंदिर की पूजन परंपरा में ठंड व गर्मी का प्रभाव रहता है। इन दिनों सर्दी के अनुसार भगवान की सेवा पूजा की जा रही है। तड़के 4 बजे भस्म आरती में भगवान को गुनगुने गर्म जल से स्नान कराया जा रहा है। फाल्गुन पूर्णिमा पर होलिका दहन के बाद गर्मी की शुरुआत मानी जाती है और चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से भगवान की सेवा पूजा गर्मी के अनुसार की जाने लगती है। इसमें तीन आरती का समय भी बदलेगा। आरती का वर्तमान समय चैत्र कृष्ण प्रतिपदा 15 मार्च से यह रहेगा आरती का समय महाकाल मंदिर में फाल्गुन पूर्णिमा से शरद पूर्णिमा तक छह माह गर्मी के अनुसार भगवान की सेवा पूजा की जाती है। वहीं, शरद पूर्णिमा से फाल्गुन पूर्णिमा तक सर्दी के अनुसार पूजन की परंपरा है। चैत्र कृष्ण प्रतिपदा पर 15 मार्च से गर्मी के अनुसार शुरू होने वाली पूजा अर्चना 7 अक्टूबर शरद पूर्णिमा तक चलेगी।

गौशाला से गायों के लापता होने पर संतों में आक्रोश, सिर मुंडवाकर प्रशासन से की कार्रवाई की मांग

Saints are angry over the disappearance of cows from the cowshed, they shave their heads and demand action from the administration खाचरोद स्थित श्री नंदराज गौशाला लेकोड़िया में 498 गौमाताओं के लापता होने का मामला सामने आया है। बगलामुखी शक्तिपीठाधीश्वर संत कृष्णानंद महाराज ने दस दिन पूर्व प्रशासन को इस घटना की जानकारी देते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने शिकायत में बताया कि गौशाला में एक हजार गौमाताओं के लिए मध्यप्रदेश सरकार 20 रुपये प्रति गौमाता के मान से अनुदान दे रही है। वहीं, सरकारी पशु चिकित्सक की रिपोर्ट में गौशाला में केवल 500 के आसपास गौमाताओं का उल्लेख किया गया है। संत कृष्णानंद महाराज का कहना है कि सरकारी दस्तावेजों के अनुसार गौशाला में एक हजार गौमाताओं के लिए अनुदान मिल रहा है, जबकि पशु चिकित्सक की रिपोर्ट में सैकड़ों गायों के गायब होने का जिक्र है। उनका सवाल है कि ये गायें आखिर कहां हैं? संत के आरोपों के बाद आनन फानन में गौशाला समिति सदस्यों ने अन्य गौशालाओं में गाय भेजने का जिक्र किया था, लेकिन उक्त गौशाला के संचालकों ने स्वामी के सामने आकर दूसरी गौशाला की गाय के यहां पहुंचने से मना कर दिया। स्वामी कृष्णा नंद महाराज ने अपने जन्मदिन के मौके पर स्वागत मंच को गौमाताओं की हत्या के प्रतीक रूप में श्रद्धांजलि में बदल दिया। गया और बाहर से आए कई और साधु संतों, यहां तक कि भक्तों ने गौ माता को श्रद्धांजलि देते हुए अपने सिर के बाल सर मुंडवा दिए। स्वामी यही नहीं रुके और मंच से क्षेत्रीय विधायक तेज बहादुर सिंह चौहान पर बरसते हुए कहा कि अब तो विधायक बन गए हो अगली बार भूल जाना कि तुम विधायक बनोगे और आज के बाद इस आश्रम के दरवाजे तुम्हारे लिए बिल्कुल बंद हैं। वहीं लिंकोडिया गौशाला के संत गंगा गिरी महाराज भी सामने आए उन्होंने भी मीडिया के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मैं तो पिछले कई वर्षों से गौशाला का संचालन करता था। कुछ दिनों के लिए बाहर क्या चला गया इन दुष्टों ने 498 गौ माता को कहा पहुंचा दिया। आप तो मीडिया वाले हैं आप ही सच्चाई बाहर ला सकते हैं और सच्चाई बाहर आनी चाहिए। मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से आग्रह करता हूं इस विषय पर तुरंत संज्ञान लें और दोषियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजें।

प्रदेश में खूब बिक रहा गेहूं का बिजवारा, अब तक हो चुकी 50 फीसदी बोवनी, लोकवन पूर्णा, 513 जैसी किस्म का जोर

उज्जैन  इस वर्ष मालवा की माटी में गेहूं की बंपर पैदावार होने की संभावना है। करीब 4.5 लाख हेक्टेयर में बोवनी की जा रही है। चने की बोवनी का रकबा कम बताया जा रहा है। किसान तेजस, पोषक, 322 किस्म के गेहूं का बीज ज्यादा पसंद कर रहे हैं। बीते तीन वर्षों से किसानों को सोयाबीन भाव ठीक नहीं मिल रहे हैं, जबकि गेहूं के भाव काफी अच्छे मिल रहे हैं। यही कारण है कि किसानों का रुझान चने की बनिस्बत गेहूं की बोवनी पर अधिक है। अब तक हो चुकी 50 फीसदी बोवनी     कृषि विभाग के अनुसार, इस वर्ष 4.50 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बोवनी की जा रही है। अब तक 50 फीसद बोवनी हो चुकी है। किसान अधिक उत्पादन के किस्म का गेहूं अधिक बो रहे हैं।     व्यापारी अखिलेश जैन के अनुसार, किसानों ने पोषक, तेजस, 322 किस्म का बिजवारा अधिक खरीदा। इस किस्म के गेहूं का उत्पादन काफी अच्छा बताया जा रहा है।     बीज कंपनी से लेकर व्यापारिक क्षेत्र में यह गेहूं 3300 से 4500 रुपया क्विंटल तक बिक गया। इसके बाद किसानों ने पर्याप्त पानी के चलते लोकवन पूर्णा, 513 जैसी किस्म को बोया है। इनके भाव भी ऊंचे में 4000 रुपया क्विंटल तक रहे। देशावर में खूब बिक रहा गेहूं का बिजवारा इस वर्ष देशावर में गेहूं के बीज की आपूर्ति मालवा क्षेत्र से हो रही है। 322, लोकवन, पूर्णा, पोषक गेहूं के बीजवारे की मांग महाराष्ट्र, पंजाब, बिहार में काफी चल रही है। इस कारण गेहूं के भाव भी ऊंचे हैं। शरबती की बोवनी नगण्य किसी समय में मालवा की माटी का शरबती की मिठास देश के महानगरों में काफी पसंद की जाती थी। मुंबई में इस गेहूं की कीमत 5 से 8 हजार रुपये क्विंटल तक होती थी, लेकिन जिले के सभी क्षेत्र में पानी पर्याप्त मात्रा में होने से किसानों ने शरबती गेहूं की बोवनी से किनारा कर लिया। बता दें इस किस्म का गेहूं काफी कम पानी की पैदावार है। उत्पादन भी अन्य गेहूं की बनिस्बत कम है। अब अधिक उत्पादन पर किसान ध्यान देता है।

उज्जैन में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का रेड कार्पेट स्वागत, राज्यपाल और सीएम ने किया अभिनंदन

Red carpet welcome of Vice President Jagdeep Dhankhar in Ujjain, Governor and CM congratulated उज्जैन। भारत के उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ आज मध्य प्रदेश की धर्म नगरी उज्जैन पहुंचे। यहां उनके स्वागत के लिए हैलीपेड पर रेड कार्पेट बिछाया गया। उज्जैन आगमन पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, सीएम डॉ. मोहन यादव ने उनका पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान कौशल विकास व रोजगार एवं प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल और पर्यटन एवं धार्मिक न्यास राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भी मौजूद रहे। उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ इसके बाद कालिदास संस्कृत अकादमी में आयोजित ’66वें अखिल भारतीय कालिदास समारोह की अध्यक्षता करने पहुंचे। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव भी मौजूद थे। बता दें कि समारोह का शुभारंभ शाम 4 बजे से हो गया है। सांस्कृतिक कार्यक्रम शाम 7 बजे से प्रस्तुत किए जायेंगे। बुधवार 13 नवम्बर को सुबह 10 बजे महाकवि कालिदास के साहित्य में पंच महाभूत विमर्श पर आधारित राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का प्रथम सत्र, दोपहर 2 बजे विक्रम विश्वविद्यालय के अंतर्गत राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी और शाम 5 बजे पंडित सूर्यनारायण व्यास व्याख्यान माला का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद शाम 7 बजे शास्त्रधर्मी शैली पर आधारित तथा पारम्परिक शैली सेअनुप्रेरित नृत्य नाटिका का प्रस्तुतिकरण होगा। इसके पहले सोमवार को मंगल कलश यात्रा निकाली गई और कालिदास अकादमी में नान्दी-भक्ति संगीत का कार्यक्रम हुआ।

उज्जैन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का पानी की किल्लत के खिलाफ प्रदर्शन, महापौर बंगले का घेराव

Congress workers protest against water shortage in Ujjain, siege of Mayor’s bungalow उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में भरपूर बारिश और डैम के फूल होने के बाद भी शहर में पानी की किल्लत को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को खाली बाल्टी लेकर प्रदर्शन किया। साथ ही महापौर के बंगले का घेराव किया। इस दौरान कांग्रेसियों ने शहर की जनता को परेशान करने का आरोप लगाया। साथ ही जल्द से जल्द पानी की समस्या को दूर करने की मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए महापौर बंगले के सामने भारी पुलिस बल तैनात रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मेयर बंगले के सामने जमकर नारेबाजी की। इसके बाद जब महापौर मुकेश टटवाल पहुंचे, तो उनके हाथ में खाली बाल्टी थमा कर पानी मांगा। कांग्रेस नेता राजेंद्र वशिष्ठ ने बताया कि, महाकाल की नगरी उज्जैन में डैम में भरपूर पानी उपलब्ध होने के बावजूद भी शहर की जनता पीने के पानी के त्राहिमाम कर रही है। प्रथम नागरिक महापौर को जनता की परेशानी से कोई लेना देना नहीं है। महापौर और नगर निगम के भाजपा बोर्ड को गहरी नींद से जगाने के लिए और जनता की पीड़ा बताने के लिए कांग्रेस के सभी वरिष्ठजन, सेवादल, पार्षदगण, महिला कांग्रेस, यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई, आईटी सेल, ब्लॉक अध्यक्ष, ब्लॉक प्रभारी, समस्त प्रकोष्ठ, मंडलम अध्यक्ष सेक्टर अध्यक्ष, सहित सभी कार्यकर्ता महापौर ने बंगले पर धरना प्रदर्शन किया।

उज्जैन में बिजली खंभा लगाने के नाम पर रिश्वत: लाइनमैन रंगे हाथ पकड़ा गया

Bribe in the name of installing electric pole in Ujjain: Lineman caught red handed उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन में बिजली विभाग के एक कर्मचारी द्वारा खंभा लगाने के लिए आठ हजार रुपये रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। पवन सागित्रा नामक किसान ने खाचरोद तहसील के घिनौदा चौपाटी में खंभा लगाने के लिए लाइनमैन रामचंद्र धाकड़ को चार हजार रुपये रिश्वत देने के बाद लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की, जिसके आधार पर लोकायुक्त पुलिस ने उसे रंगे हाथों पकड़ा। लोकायुक्त डीएसपी बसंत श्रीवास्तव के अनुसार, रामचंद्र धाकड़, जो विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड में लाइनमैन के पद पर कार्यरत हैं, को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। किसान ने आरोप लगाया कि उनके खेत में ट्रैक्टर चलाते समय गलती से खंभे से टकराकर खंभा गिर गया था। इसे दोबारा खड़ा करने के लिए लाइनमैन ने पुलिस में शिकायत न करने और खंभा लगाने के नाम पर आठ हजार रुपये की रिश्वत मांगी। पहला मामला, सफाई में बताया बिजली बिल लाइनमैन ने अपनी सफाई में कहा कि उसने पैसे बिजली का बिल भरने के नाम पर लिए थे। हालांकि, लोकायुक्त पुलिस ने इसे रिश्वतखोरी का मामला मानते हुए तुरंत कार्रवाई की। विद्युत पोल लगाने के नाम पर रिश्वत लेने का यह पहला मामला बताया जा रहा है, जिसमें शिकायत के बाद पुलिस ने जांच कर कार्रवाई की।

उज्जैन जिले में सड़क हादसों का सिलसिला जारी, चार की मौत और कई घायल

Series of road accidents continue in Ujjain district, four dead and many injured उज्जैन। उज्जैन जिले के खाचरोद के पास बेडावन्या गांव में शुक्रवार को एक भीषण सड़क दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दुर्घटना में इनोवा कार में सवार लोग अजमेर से जियारत करके लौट रहे थे, जब उनकी कार एक टैंकर से जा टकराई। टैंकर इंदौर के मांगलिया से आ रहा था। हादसे के तुरंत बाद रास्ते से गुजर रहे लोगों ने कार में फंसे घायलों को बाहर निकालने में मदद की और पुलिस एवं एंबुलेंस को सूचना दी। घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। इस घटना में बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार के कारण कार अनियंत्रित होकर सीधे टैंकर से जा टकराई, जिससे कार का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। एसडीओपी के वाहन को भी मारी टक्करइसी प्रकार का एक और हादसा बुधवार रात को इंदौर रोड पर पंथपिपलई के पास हुआ, जब एक तेज रफ्तार कार ने एसडीओपी ब्रजेश श्रीवास्तव के वाहन को टक्कर मार दी। उस समय एसडीओपी कर्नाटक के राज्यपाल के स्वागत के लिए अपनी टीम के साथ तैनात थे। इस दुर्घटना में 32वीं बटालियन के जवान हरपालसिंह जाट गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस ने कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है और जांच जारी है। शराब कंपनी के कर्मचारी की मौतइसी बीच, घट्टिया थाना क्षेत्र में आगर रोड पर भी एक गंभीर दुर्घटना हुई, जिसमें शराब कंपनी के एक एरिया मैनेजर रवि जायसवाल की मौत हो गई। बुधवार देर रात, अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, परंतु उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उज्जैन जिले में बढ़ते सड़क हादसे लोगों के लिए चिंता का विषय बनते जा रहे हैं।

सिंहस्थ के लिए 5900 करोड़ मंजूर, 568 प्रस्तावों पर सीएम ने दी मंजूरी

Rs 5900 crore approved for Simhastha, CM approves 568 proposals Ujjain Simhastha: सिंहस्थ 2028 के लिए 5,882 करोड़ रुपए का बजट मंजूर हुआ है। परियोजनाओं में घाटों का निर्माण, नदी डायवर्जन, बांध, बैराज, सबस्टेशन, सड़कें और पुल शामिल हैं। 18 विभागों से 560 से अधिक परियोजनाओं के प्रस्ताव मिले हैं। इंदौर-उज्जैन मेट्रो लाइन का सर्वेक्षण दिल्ली मेट्रो को सौंपा गया है। सरकार 15 करोड़ भक्तों के आने की उम्मीद कर रही है। उज्जैन: सिंहस्थ 2028 से जुड़ी 19 पहलों के लिए 5,882 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया गया है। यह मंजूरी इस महीने की शुरुआत में सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट कमेटी की बैठक में मिली। बैठक में जल संसाधन, नगरीय प्रशासन एवं विकास, ऊर्जा, लोक निर्माण, संस्कृति और पुरातत्व विभागों की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। सीएम ने कहा कि हर 12 साल में सिंहस्थ सभी को एक साथ लाता है। दुनिया भर से करीब 15 करोड़ आगंतुकों के आने की उम्मीद करते हुए उन्होंने कहा कि उज्जैन में कुशल यातायात व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी। इन योजनाओं को मिली मंजूरीकैबिनेट समिति ने सिंहस्थ 2028 के लिए कई परियोजनाओं को मंजूरी दी। जिसमें 778.91 करोड़ रुपये की लागत से 29.21 किलोमीटर लंबे घाटों का निर्माण होगा। 1,024.95 करोड़ रुपये की लागत से कान्ह नदी का 30.15 किलोमीटर का डायवर्जन शामिल है। क्षिप्रा पर होगा बांध का निर्माणक्षिप्रा नदी पर सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी बांध के निर्माण के लिए 614.53 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। जल विनियमन के लिए क्षिप्रा नदी पर 14 और कान्ह नदी पर 11 प्रस्तावित बैराजों को मंजूरी दी गई, जिनकी लागत क्रमशः 74.67 करोड़ रुपये और 43.51 करोड़ रुपये है। नए ईएचवी सबस्टेशन की सौगातअन्य स्वीकृत परियोजनाओं में 198 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ उज्जैन शहर सीवरेज परियोजना और 250 करोड़ रुपये की लागत से अल्ट्रा-हाई-प्रेशर कार्य के लिए एक नया ईएचवी सबस्टेशन शामिल है। स्वीकृत अतिरिक्त परियोजनाओं में शंकराचार्य चौराहे से दत्त अखाड़ा, भूखीमाता और उजड़खेड़ा हनुमान से उज्जैन-बड़नगर मार्ग का निर्माण शामिल है। इसके लिए 18 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यहां भी होंगे विकास कार्यसाथ ही खाक-चौक, वीर सावरकर चौराहा, गढ़कालिका और भरथरी गुफा से रणजीत हनुमान मार्ग का उन्नयन और क्षिप्रा नदी पर एक पुल भी शामिल है, जिसकी लागत भी 18 करोड़ रुपये है। सिद्धवरकूट से कैलाश खोह तक एक सस्पेंशन ब्रिज के साथ-साथ ओंकारेश्वर घाट से सिद्धवरकूट तक पहुंच मार्ग और कावेरी नदी पर एक फुटब्रिज जैसे सुरक्षात्मक कार्यों को भी मंजूरी दी गई। 18 विभागों से 568 परियोजनाओं के प्रस्तावनगरीय प्रशासन और आवास के अतिरिक्त मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने कहा कि 18 विभागों में 568 परियोजनाओं के लिए प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनकी अनुमानित लागत 15,567 करोड़ रुपये है। एमपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने आगे घोषणा की कि इंदौर के लवकुश चौराहे को उज्जैन से जोड़ने वाली एक नई मेट्रो लाइन के सर्वेक्षण का काम दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को सौंपा गया है।

एमपी गजब : महाकाल मंदिर नियमों की धज्जियां उड़ाते नेता, गाज गिरी कर्मचारियों पर ,एक कर्मचारी को हटाया, तीन को नोटिस

MP Amazing: Leader flouting Mahakal Temple rules, got angry on employees, removed one employee, notice to three ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर के गर्भगृह में राजनीतिक हस्तियों के प्रवेश पर एक बार फिर मंदिर प्रबंध समिति सवालों के घेरे में है। गुरुवार शाम महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे व सांसद श्रीकांत शिंदे पत्नी और दो अन्य लोगों के साथ मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर गए और पांच मिनट से भी अधिक समय तक पूजन करते रहे। इस दौरान उन्हें नियमानुसार रोका जाना चाहिए था। उज्जैन(Mahakal Mandir Ujjain)। महाकाल मंदिर के गर्भगृह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के बेटे और परिजनों सहित 4 लोगों के प्रवेश करने के मामले में एक कर्मचारी को हटाया गया। साथ ही सुरक्षा एजेंसी सहित तीन कर्मचारियों को नोटिस थमाया गया। नोटिस का जवाब 24 घंटे में मांगा गया है। महाकाल मंदिर प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ ने मंदिर समिति के कर्मचारी विनोद चौकसे को हटाया। विनोद की ड्यूटी मंदिर के सभामंडप व जलद्वार पर प्रभारी के रूप में थी। साथ ही मंदिर के गर्भगृह और नंदीहॉल निरीक्षक, प्रोटोकॉल कर्मचारी और क्रिस्टल कंपनी को नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब मांगा है। आम भक्तों में आक्रोशआम भक्त लंबे समय से महाकाल के गर्भगृह में प्रवेश देने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में जब प्रवेश की अनुमति ना होने के बाद भी वीआईपी अंदर जाते हैं, तो आम भक्त खुद को ढगा सा महसूस करते हैं। कई बार श्रद्धालु इसको लेकर आक्रोश भी जता चुके हैं। सुरक्षा की दृष्टि से उठाया गया कदमसहायक प्रशासनिक अधिकारी आरके तिवारी ने बताया महाकाल मंदिर में सुरक्षा व सुविधा की दृष्टि से मंदिर के आंतरिक क्षेत्र अर्थात गर्भगृह, नंदी मंडपम्, गणेश मंडपम, कार्तिकेय मंडपम, सभा मंडप, गर्भगृह का गलियारा तथा संपूर्ण परिसर में व्यावसायिक दृष्टिकोण से वीडियोग्राफी करने पर रोक लगा दी गई है। पूर्व में मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में इस पर निर्णय लिया गया था। पहले कम था शुल्कमहाकाल महालोक को प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है, यहां कोई भी व्यक्ति निर्धारित शुल्क चुकाकर वीडियोग्राफी कर सकता है। प्रबंध समिति की बैठक में वीडियोग्राफी के शुल्क में वृद्धि की गई है। पहले मंदिर में वीडियोग्राफी करने पर 5100 रुपये शुल्क चुकाना होता था। लेकिन अब महाकाल महालोक में वीडियोग्राफी के लिए 51000 रुपये शुल्क चुकाना होगा।

महाकाल : प्रसाद पैकेट से हटेगी शिखर और ओम की तस्वीरें, मंदिर समिति ने लिया निर्णय

Mahakal: Pictures of Shikhar and Om will be removed from Prasad packets, temple committee took the decision. उज्जैन ! : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर समिति ने लड्डू प्रसाद पैकेट से महाकाल मंदिर के शिखर और ओम की तस्वीर हटाने का निर्णय लिया है। अब बहुत जल्द ही लड्डू प्रसाद के पैकेट तैयार करने का फैसला किया गया है। इस कदम का कारण मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेश है, जिसमें प्रबंध समिति को था। दरअसल, हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने 24 अप्रैल 2024 को तीन महीने के भीतर लड्डू प्रसाद के पैकेट से ये तस्वीरें हटाने का निर्देश दिया गया था। मंदिर समिति ने कोर्ट से और समय मांगा था, जिसके तहत उन्होंने पुराने पैकेट के स्टॉक खत्म होने का अनुरोध किया। अब तीन महीने की अवधि पूरी हो चुकी है इसलिए नए पैकेट बनाने की तैयारी की जा रही है। दरअसल, महंत सुखदेवानंद ब्रह्मचारी और अन्य धार्मिक नेताओं ने कोर्ट में याचिका दायर की थी कि प्रसाद के पैकेट पर ओम और शिखर की तस्वीरें लगाना गलत है, क्योंकि यह धार्मिक संवेदनाओं के खिलाफ है।लोग इन खाली पैकेट्स को डस्टबीन में फेंक देते हैं, जो धार्मिक दृष्टि से अनुचित है। उनका तर्क था कि वैष्णो देवी मंदिर और अमृतसर के गोल्डन टेम्पल में प्रसाद के पैकेट पर कोई चित्र नहीं होता, इसलिए महाकाल मंदिर को भी ऐसा ही करना चाहिए। प्रबंध समिति की हालिया मीटिंग में लिए गए इस निर्णय से यह स्पष्ट हो गया है कि अब महाकाल मंदिर का प्रसाद पैकेट धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करेगा। नई की जा रही पैकिंग में महाकाल के शिखर और ओम की तस्वीरें नहीं होंगी।

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