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महाकुंभ में फिर लगी आग, कई पंडाल चपेट में आए; कोई हताहत नहीं

Fire broke out again in Mahakumbh, many pandals got affected; no casualties महाकुंभ के सेक्टर 22 छतनाग झूंसी में बने टेंट सिटी में बृहस्पतिवार को आग लग गई। आग लगने नके कारणों का पता नहीं चल सका है। जब तक लोग कुछ समझ पाते आगे ने विकराल रूप धारण कर लिया। टेंट सिटी के दर्जन भर से अधिक टेंट जलकर राख हो गए। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई। सूचना पाकर दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुूंच गईं। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

अखिलेश ने महाकुंभ में बैठक को बताया राजनीतिक, बोले- वक्फ की जमीन कब्जाना चाहती भाजपा

Akhilesh called the meeting in Mahakumbh political, said – BJP wants to capture Waqf land राजधानी लखनऊ में बुधवार को सपा ने जनेश्वर मिश्र की पुण्यतिथि मनाई। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने जनेश्वर मिश्र को श्रद्धांजलि अर्पित कर नमन किया। इस मौके पर सपा मुखिया ने सूबे की भाजपा सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने महाकुंभ में हो रही योगी कैबिनेट की बैठक को राजनीतिक बताया। सपा मुखिया ने कहा कि महाकुंभ राजनीति की जगह नहीं है। भाजपा वहां पर राजनीति कर रही है। उन्होंने पुलिस-प्रशासन पर भी सवाल खड़े किए। मिल्कीपुर चुनाव को लेकर भी सरकार को घेरा। कहा कि मिल्कीपुर चुनाव को लेकर भाजपा ने पुलिस को आगे कर दिया है। एक दिन पहले लखनऊ में वक्फ संशोधन अधिनियम पर हुई जेपीसी की बैठक पर भी सपा मुखिया ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा को लोग वक्फ की जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। ये लोग समाज में नफरत फैलाना चाहते हैं।

कन्नौज स्टेशन पर निर्माणाधीन लिंटर गिरा: तीन की हालत नाजुक, 35 मजदूरों के दबने की खबर; बढ़ सकता है आंकड़ा

kannauj accident the lintel of railway station कन्नौज जिले में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन का लिंटर भरभरा कर गिर गया। इसमें 35 मजदूर मलबे के नीचे दब गए। हादसे में घायल तीन की हालत नाजुक बनी हुई है, जबकि कई लोगों के मरने की आशंका है। मौके पर पहुंचा पुलिस और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है। घटना की सूचना पर मंत्री असीम अरुण भी मौके पर पहुंचे हैं। उन्होंने अधिकारियों को घायलों क उपचार व बचाव कार्य के लिए निर्देशित किया है। इसके अलावा,12 एम्बुलेंस भी पहुंच गई हैं। घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। नगर पालिका के 50 कर्मचारी बचाव कार्य में जुटे हैं।

बांदा जेल में मुख्तार अंसारी की मौत: मजिस्ट्रियल जांच में हत्या के आरोप खारिज, हार्ट अटैक से हुई मौत

Death of Mukhtar Ansari in Banda Jail

Death of Mukhtar Ansari in Banda Jail: Magisterial investigation dismissed murder charges, death due to heart attack. राजीव रंजन झाउत्तर प्रदेश के बांदा जेल में बंद रहे माफिया मुख्तार अंसारी की मौत को लेकर की गई मजिस्ट्रियल जांच की रिपोर्ट सामने आ गई है। जांच में यह स्पष्ट किया गया है कि मुख्तार की मौत जहर से नहीं, बल्कि हार्ट अटैक के कारण हुई थी। इस रिपोर्ट को जिला प्रशासन ने शासन को भेज दिया है। हत्या के आरोप खारिजमुख्तार अंसारी की मौत बीते 28 मार्च को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में हुई थी। मौत के बाद मुख्तार के परिजनों ने आरोप लगाया था कि उसे धीमा जहर (स्लो पॉइजन) दिया गया था, जिसके कारण उसकी मौत हुई। लेकिन मजिस्ट्रियल जांच में इन आरोपों को खारिज कर दिया गया है। जांच के दौरान बैरक में मिले गुड़, चना और नमक की जांच की गई, लेकिन इनमें किसी भी तरह का जहर नहीं पाया गया। एडीएम ने की थी जांचमुख्तार अंसारी की मौत की जांच एडीएम (वित्त राजस्व) राजेश कुमार को सौंपी गई थी। एडीएम राजेश कुमार ने बताया कि मजिस्ट्रियल जांच के तहत लगभग पांच महीनों तक गहन अध्ययन किया गया। इस दौरान जेल अधिकारियों, डॉक्टरों सहित 100 से अधिक लोगों के बयान लिए गए। सीसीटीवी फुटेज की जांच के साथ-साथ मुख्तार को दिए गए खाने की भी जांच की गई। रिपोर्ट के अनुसार, किसी भी साक्ष्य में जहर देने की बात सामने नहीं आई। परिजनों ने नहीं दिया बयानरिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि मुख्तार के किसी भी परिजन ने जांच के दौरान बयान नहीं दिया। एडीएम राजेश कुमार द्वारा प्रस्तुत इस रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि मुख्तार अंसारी की मौत हार्ट अटैक से हुई थी और इसमें कोई साजिश नहीं पाई गई। शासन को भेजी गई रिपोर्टमजिस्ट्रियल जांच पूरी होने के बाद एडीएम राजेश कुमार ने रिपोर्ट शासन को भेज दी है। अब यह स्पष्ट हो गया है कि मुख्तार अंसारी की मौत में किसी तरह का जहर देने का आरोप निराधार था और यह एक प्राकृतिक मृत्यु थी। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद अब इस मामले पर लगाए गए सभी सवालों का अंत हो गया है, और मुख्तार की मौत को लेकर उठी सभी शंकाएं दूर हो गई हैं।

अयोध्या राम मंदिर को उड़ाने की धमकी देने वाला ,भागलपुर से गिरफ्तार हुआ मकसूद अंसारी

Maqsood Ansari arrested from Bhagalpur for threatening to blow up Ayodhya Ram temple

Maqsood Ansari arrested from Bhagalpur for threatening to blow up Ayodhya Ram temple पटना ! अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी का कनेक्शन भागलपुर से भी जुड़ गया है. इंस्पेक्टर रजनीश कुमार पांडेय के नेतृत्व में अयोध्या से पहुंची पुलिस टीम ने बरारी थानाक्षेत्र के बड़ी खंजरपुर स्थित मस्जिद गली से आमिर के सहयोगी मोहम्मद मकसूद अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है उसके पास से पुलिस टीम चार मोबाइल भी बरामद किया है जिसमें उसकी तरफ से फेसबुक और वाट्सएप ग्रुप पर अयोध्या धाम मंदिर उड़ाने की धमकी दी गई थी. यूपी के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को भी मारने की धमकी दी थी. बरामद मोबाइल से आमिर से जुड़ी जानकारी और अयोध्या धाम मंदिर को उड़ाने से जुड़ी कई जानकारियां मिली हैं. वहीं, शुक्रवार की देर रात यूपी पुलिस आरोपी को उत्तर प्रदेश लेकर चली गई. भागलपुर की पुलिस के सहयोग से हुई गिरफ्तारी स्थानीय पुलिस सूत्रों के अनुसार अयोध्या से आई पुलिस टीम तकनीकी निगरानी में मकसूद को बांका जिले के अमरपुर सुल्तानपुर के पास से गिरफ्तार किया है, लेकिन अयोध्या से पहुंची पुलिस टीम के अधिकारियों का दावा है कि मकसूद को बड़ी खंजरपुर के मस्जिद गली वाले उसके घर से गिरफ्तार किया गया है. एसएसपी आनंद कुमार के निर्देश पर इंस्पेक्टर अभय शंकर के नेतृत्व में पुलिस टीम को सहयोग के लिए लगाया गया तब उसकी गिरफ्तारी में सफलता मिली. पुलिस टीम बरारी थाने की पुलिस के सहयोग से उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेने का प्रयास करती रही, लेकिन फिलहाल स्वास्थ्य जांच कराते हुए उसे वहां के न्यायालय में प्रस्तुत करने को कहा गया है. कई चौंकाने वाली मिली जानकारी अयोध्या से आई पुलिस टीम मकसूद अंसारी लेकर देर रात अयोध्या के लिए रवाना हो गई है. मकसूद आमिर से कई बार बात कर चुका है. तकनीकी जांच में इसके साक्ष्य मिले हैं. बरारी थाना क्षेत्र के बड़ी खंजरपुर निवासी मरहूम हाजी जौहर अंसारी के पुत्र मकसूद जैश-ए-मोहम्मद नामक आतंकी संगठन से जुड़े आमिर के संपर्क में था उससे जुड़े देश विरोधी पोस्ट भी शेयर किया करता था. साइबर ठगी में भी उसकी संलिप्तता सामने आई है. संगठन के नाम पर भी लाखों रुपये इकट्ठा करने और नए लड़कों की संगठन में भर्ती को लेकर कई चौंकाने वाली जानकारी मिली है. यूपी एसटीएफ भी पहुंची थी साथ यूपी से एसटीएफ की टीम भी सादे लिबास में इनोवा गाड़ी से पहुंची थी जो वहां से आई स्पेशल टीम के साथ ही थी फिर मकसूद को लेकर रवाना हो गई.

हार के उपहार के बाद भी तारीफ…सीएम योगी को लेकर बदले केशव मौर्य के सुर तो अखिलेश ने कसा तंज

Praise even after the gift of defeat… When Keshav Maurya's tone changed regarding CM Yogi

Praise even after the gift of defeat… When Keshav Maurya’s tone changed regarding CM Yogi, Akhilesh took a jibe. उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य के बीच लोकसभा चुनाव में कम सीटें जीतने के बाद से ही तनाव देखा गया था, जिसके बाद केशव प्रसाद मौर्य के सुर अब बदले हुए नजर आ रहे हैं, उन्होंने हाल ही में कहा, योगी आदित्यनाथ देश के सबसे अच्छे सीएम हैं. मौर्य के इस बयान पर अब अखिलेश यादव ने तीखा तंज किया है. उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने बयान में कहा था, देश में भी बीजेपी की सरकार है और राज्य में भी. आप भी यह जानते और मानते हैं कि हमारी डबल इंजन की सरकार स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे अच्छा काम कर रही है, जिस पर अब अखिलेश यादव ने केशव प्रसाद मौर्य पर तंज करते हुए कहा, कोई उप डबल हार के उपहार के बाद भी डबल इंजन का प्रशंसा-प्रमाणपत्र बांट रहे हैं. अखिलेश यादव ने किया तीखा तंजयूपी में दो डिप्टी सीएम हैं, एक केशव प्रसाद मौर्य और दूसरे ब्रजेश पाठक, जिस पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने आगे कहा, अगर माननीय सही काम कर रहे होते तो दो उप मुख्यमंत्री की क्या जरूरत पड़ती, इसका मतलब या तो वो सही काम नहीं कर रहे हैं या फिर बाकी दो बेकाम हैं, नाकाम हैं, और उनका काम दरबारी चारण की तरह करना बस स्तुतिगान है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने केशव प्रसाध मौर्य पर हमला करते हुए आगे कहा, अगर उप सच में उपयोगी होते हैं, तो दिल्ली के मंडल में भी होने चाहिए थे, परंतु हैं नहीं! इसका जवाब देंगे उप या रहेंगे चुप? केशव प्रसाद मौर्य ने की सीएम योगी की तारीफउत्तर प्रदेश में बहुत जल्द उप चुनाव होने हैं, इसी के चलते रविवार को बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के लिए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य मिर्जापुर के मझवां पहुंचे थे. जहां उन्होंने अपने संबोधन में सीएम योगी की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा, देश में भी बीजेपी की सरकार है और राज्य में भी. आप भी यह जानते और मानते हैं कि हमारी डबल इंजन की सरकार स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे अच्छा काम कर रही है. उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा, दुनिया में पीएम मोदी जैसा कोई दूसरा नेता है क्या, साथ ही मौर्य ने सीएम योगी की तारीफ करते हुए कहा, देश में योगी आदित्यनाथ जैसा कोई दूसरा मुख्यमंत्री है क्या? डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और सीएम योगी के बीच लोकसभा चुनाव के बाद से रिश्ते अच्छे नहीं चल रहे थे, जिसके बाद अब मौर्य के सुर बदले हुए नजर आ रहे हैं और उन्होंने कहा, दुनिया के सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली नेता हमारे पीएम मोदी हैं और देश में जब सभी मुख्यमंत्रियों की तुलना होती है तो सबसे अच्छा काम सीएम योगी की अगुवाई में किया जा रहा.

‘तुम नागिन हो’… स्कूल के वॉ़ट्सऐप ग्रुप में महिला टीचर को भेजा GIF,बीएसए ने टीचर को कर दिया सस्पेंड

'You are a serpent'… GIF sent to female teacher in school's WhatsApp group

‘You are a serpent’… GIF sent to female teacher in school’s WhatsApp group, BSA suspended the teacher बरेली ! रामगंगा के किनारे बिरिया नारायनपुर प्राइमरी स्कूल में एक टीचर ने अपनी महिला साथी टीचर को स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप में नागिन कह दिया. इसके साथ ही टीचर पर और भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं. बीएसए ने टीचर को सस्पेंड कर दिया हैं और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. उत्तर प्रदेश के बरेली से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर आपको हैरानी होगी. यहां एक स्कूल के टीचर ने अपनी महिला साथी महिला टीचर को नागिन कह दिया वो भी व्हाट्सएप ग्रुप में. सुनने में थोड़ा अजीब जरूर है लेकिन सच है. टीचर ने स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप में जीआईएफ पोस्ट में महिला टीचर को नागिन कह दिया. इसके साथ ही टीचर पर और भी कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. दरअसल ये पूरा मामला बरेली के रामगंगा के किनारे बिरिया नारायनपुर प्राइमरी स्कूल का हैं. बताया जा रहा है कि यहां तैनात टीचर अवनीत कुमार पर आरोप लगा है कि वह स्कूल में बच्चों को पढ़ाई लिखाई नहीं कराते हैं. इसके साथ ही वह स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप में तंज भरे मैसेज, जीआईएफ और इमोजी डालते रहते हैं. साख ही अपने वरिष्ठ शिक्षकों को नीचा दिखाने की कोशिश करते रहते हैं. उन्होंने अपनी साथी शिक्षिका को नागिन कहते हुए एक जीआईएफ पोस्ट की की. दूसरे शिक्षकों को धमकाने का आरोपइसके अलावा टीचर अवनीत कुमार पर यह भी आरोप है कि उन्होंने स्कूल में टीचर को बंद कर दिया था, साथ ही वह अक्सर स्कूल में देरी से भी पहुंचते आते हैं. टीचर पर एक आरोप यह भी है कि वह राजनीति में सक्रिय है और एक पार्टी से जुड़ा हुआ है. इसी वजह से समय पर स्कूल में नहीं आता है और राजनीति में होने की वजह से वह अन्य टीचरों को धमकाता रहता है. टीचर को किया गया सस्पेंडफिलहाल शिकायत के बाद बीएसए ने टीचर को सस्पेंड कर दिया हैं और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. घटना के बाद से स्कूल में खलबली है. वहीं अपने ऊपर कार्रवाई होने के बाद टीचर अवनीत कुमार शिक्षिका से माफी मांग रहा है. वहीं इस पूरे मामले में बरेली के बीएसए संजय कुमार का कहना है कि शिकायत के आधार पर टीचर को सस्पेंड कर दिया है और विभागीय जांच के आदेश दिए हैं साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं.

श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में आज आएगा हाईकोर्ट का फैसला

High Court's decision to come today in Shri Krishna Janmabhoomi and Shahi Idgah Mosque dispute

High Court’s decision to come today in Shri Krishna Janmabhoomi and Shahi Idgah Mosque dispute Shri Krishna Janmabhoomi Case: मथुरा की श्री कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में 1 अगस्त यानी गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आएगा. हिंदू पक्ष की तरफ से दाखिल की गई 15 याचिकाओं की पोषणीयता पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आएगा. जस्टिस मयंक कुमार जैन की सिंगल बेंच का फैसला दोपहर 2:00 बजे आने की उम्मीद है. इन याचिकाओं पर सुनवाई पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने 31 मई को अपना जजमेंट रिजर्व कर लिया था. हिंदू पक्ष की तरफ से दाखिल की गई 18 याचिकाओं में मथुरा की शाही ईदगाह मस्जिद को श्री कृष्ण जन्म स्थान बताकर उसे हिंदुओं को सौंपे जाने की मांग की गई है. विवादित परिसर में हिंदुओं को पूजा अर्चना की अनुमति दिए जाने की मांग की गई है. काशी विश्वनाथ मंदिर की तर्ज पर सर्वे की मांगविवादित परिसर का अयोध्या के राम मंदिर और वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर की तर्ज पर सर्वेक्षण कराए जाने की मांग की गई है. अयोध्या विवाद की तर्ज पर इलाहाबाद हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई सीधे तौर पर कर रहा है. मथुरा की जिला अदालत में दाखिल की गई याचिकाओं को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए अपने पास मंगा लिया था. दाखिल की गई 18 में से 15 याचिकाओं पर इलाहाबाद हाईकोर्ट एक साथ सुनवाई कर रहा है. तीन याचिकाओं को अलग कर दिया गया था. शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी और यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने हिंदू पक्ष की याचिकाओं पर ऑर्डर 7 रूल 11 के तहत आपत्ति दाखिल की थी. मुस्लिम पक्ष ने याचिकाओं की पोषणीयता को चुनौती दी थी. मुस्लिम पक्ष की तरफ से कई दलीलें पेश की गई थी. मुस्लिम पक्ष ने हिंदू पक्ष की याचिकाओं को खारिज किए जाने की मांग की है. मुस्लिम पक्ष की आपत्तियों के बिंदु पर ही दोपहर 2:00 बजे इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आएगा. हाईकोर्ट से आने वाले फैसले से ही यह तय होगा कि मथुरा के मंदिर मस्जिद विवाद में हिंदू पक्ष की याचिकाएं सुनवाई के लायक है या नहीं. अगर हाईकोर्ट से मुस्लिम पक्ष की आपत्ति खारिज हो जाती है तो ही हिंदू पक्ष की याचिकाओं पर आगे सुनवाई हो सकेगी.

अखिलेश यादव की सपा नेताओं को चेतावनी : बीजेपी नेताओं की नो एंट्री, न करें उनकी पैरवी

Akhilesh Yadav's warning to SP leaders: No entry of BJP leaders, do not advocate for them

Akhilesh Yadav’s warning to SP leaders: No entry of BJP leaders, do not advocate for them अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के नेताओं को बीजेपी नेताओं से दूर रहने की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि जो भी बीजेपी नेताओं को समाजवादी पार्टी में लेने की पैरवी करेगा, उसे वो बाहर कर देंगे. ऐसा कहकर अखिलेश अपना माहौल बनाए रखना चाहते हैं. वो ये बताना चाहते हैं कि बीजेपी में भगदड़ मची है. बीजेपी में सब अपने लिए बेहतर रास्ते तलाश रहे हैं. इस बीच उनके लिए चुनौती लोकसभा चुनाव वाले नतीजों को विधानसभा चुनाव में दोहराने की है. यूपी विधानसभा चुनाव साल 2027 की शुरुआत में होने हैं. तब तक समाजवादी पार्टी का माहौल टाइट कैसे रहे, इसीलिए अखिलेश ने चेतावनी वाला ये दांव चल दिया है. अखिलेश यादव दो साल के ब्रेक के बाद फिर से दिल्ली की राजनीति में हैं. सुबह जब वो संसद के लिए निकल रहे थे, पश्चिमी यूपी के एक नेता उनसे मिलने पहुंच गए. वो अखिलेश की सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. अखिलेश से मिलाने के लिए वो अपने साथ बीजेपी के एक नेता को लेकर गए थे. न टिकट की गारंटी दी और न मिलने को तैयार हुए अखिलेश वो चाहते थे कि बीजेपी के नेता को अखिलेश टिकट देने की गारंटी दें. मगर, अखिलेश दूसरे मूड में थे. न उन्होंने टिकट की गारंटी दी और न ही बीजेपी के नेता से मिलने को तैयार हुए. बीजेपी नेता दिल्ली में अखिलेश के घर के बाहर अपनी गाड़ी में बैठे रहे. अखिलेश ने तो समाजवादी पार्टी के उस नेता को दोबारा ऐसा काम न करने की नसीहत भी दे डाली. ये सच है कि लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद से ही समाजवादी पार्टी कैंप का जोश हाई है. पार्टी ने अब तक का सबसे बढ़िया प्रदर्शन करते हुए 37 सीटें जीती हैं. जबकि यूपी बीजेपी में घमासान मचा है. आपसी गुटबाज़ी चरम पर है. बीजेपी में एक नेता दूसरे का काम लगाने में जुटा है. ऐसे में बीजेपी के कुछ नेता अभी से समाजवादी साइकिल की सवारी के जुगाड़ में हैं. अचानक अखिलेश से मिलने पहुंचे थे फैजाबाद सांसद फैजाबाद से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद इन दिनों हमेशा अखिलेश यादव के आसपास ही नजर आते हैं. अचानक से पार्टी के अंदर और बाहर उनकी अहमियत बढ़ गई है. एक दिन अचानक वो लखनऊ में अखिलेश से मिलने पहुंचे. वो बीजेपी के एक नेता को समाजवादी पार्टी में लेने की जिद करने लगे. अखिलेश ने बहुत समझाया लेकिन अवधेश मानने को तैयार नहीं हुए. अखिलेश यादव दोनों तरह के मजे लेने के मूड में हैं. वो चाहते हैं कि यूपी के गांव-गलियों तक ये बात फैल जाए कि बीजेपी अब डूबती नैया है. वहां नेताओं में पार्टी छोड़ने की होड़ मची है लेकिन लोगों को लेकर वो अपनी पार्टी की सेहत खराब नहीं करना चाहते हैं. दलबदलू नेताओं के कारण उनकी पार्टी में बवाल न हो जाए, इसका वो विशेष ध्यान रख रहे हैं. यूपी के पिछले विधानसभा चुनाव में इस तरह के आरोप अखिलेश पर लगे थे. इसका नुकसान भी उन्हें चुनाव में हुआ. इसीलिए इस बार वो कोई गलती दोहराने के मूड में नहीं हैं.

सरकार बचाने के लिए, बिहार एवं आन्ध प्रदेश सरकार को दिया भारी-भरकम बजट: फैजाबाद सांसद अवधेश प्रसाद

To save the government, huge budget was given to Bihar and Andhra Pradesh government

To save the government, huge budget was given to Bihar and Andhra Pradesh government: Faizabad MP Awadhesh Prasad Budget 2024: केंद्रीय बजट 2024 पेश होने के बाद पक्ष और विपक्ष की प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है. उत्तर प्रदेश में विपक्ष यह आरोप लगातार लगा रहा है कि राज्य के हिस्से कुछ नहीं आया. इस बीच फैजाबाद लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाया है. समाजवादी पार्टी सांसद अवधेश प्रसाद ने केंद्रीय बजट पर कहा, ‘यह जो अल्पमत की सरकार है उसे बचाने का बजट है. इसमें लगभग पूरे देश की अनदेखी की गई है. इसमें अयोध्या, उत्तर प्रदेश की अनदेखी की गई है. यह कुर्सी बचाने का बजट है इसलिए दो राज्यों को प्राथमिकता दी गई है और बाकी राज्यों की अनदेखी की गई है, यह भाजपा को महंगा पड़ेगा.”

कांवड़ यात्रा रूट पर नेम प्लेट के आदेश पर SC ने लगाई रोक… सरकार को नोटिस जारी

SC bans order for name plates on Kanwar Yatra route… notice issued to government

SC bans order for name plates on Kanwar Yatra route… notice issued to government 1 उत्तर प्रदेश सरकार ने जारी किया था आदेश2 एमपी-उत्तराखंड में भी लागू हुई थी व्यवस्था3 फैसले के खिलाफ दायर हुई थी 3 याचिकाएं नई दिल्ली (Kanwar Yatra nameplate controversy)। कांवड़ यात्रा मार्ग पर पड़ने वाली खाने-पीने की दुकानों पर नेम प्लेट लगाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। सर्वोच्च अदालत ने इस आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी किया है। यह रोक शुक्रवार, 26 जुलाई तक लगाई गई है। उसी दिन अगली सुनवाई होगी। जस्टिस हृषिकेश राय और जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ मामले की सुनवाई के दौरान कुछ अहम टिप्पणी भी की। जजों ने कहा कि दुकानदारों को मालिक की पहचान बताने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। हां, दुकानदारों को यह जरूर बताना होगा कि उनके यहां शाकाहारी या मांसाहारी, कौन-सा खाना मिलता है। यूपी में योगी सरकार के इस फैसले को एक गैर सरकार संगठन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। कुल मिलाकर तीन याचिकाएं कोर्ट के समक्ष थीं। बता दें, योगी सरकार की यह पहल पिछले दिनों से पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। यूपी में पहले कहा गया था कि चुनिंदा जिलों के लिए यह व्यवस्था लागू होगी, लेकिन बाद में सीएम कार्यालय से आधिकारिक रूप से जारी आदेश में बताया गया कि यह पूरे प्रदेश के लिए है। क्या था योगी सरकार का आदेशकावड़ यात्रा मार्ग में आने वाली दुकानों के बाहर संचालक का नाम लिखा हो।भोजनालयों, ढाबों, ठेलों समेत खाने-पीने की अन्य दुकानों के लिए आदेश जारी।सावन में कांवड़ यात्रियों की शुचिता को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया गया है।आदेश जारी होते ही बहस छिड़ गई। कुछ ने समर्थन किया, तो कुछ ने विरोध।विपक्षी नेताओं का आरोप है कि सरकार हिंदू-मुस्लिम में भेद करना चाहती है। पूरे देश की नजर थी फैसले परसुप्रीम कोर्ट के फैसले पर यूपी ही नहीं, पूरे देश की नजर थी। कारण यह है कि दुकानों के बाहर दुकानदार का नाम लिखने का मुद्दा अन्य राज्यों तक भी पहुंच गया था। उत्तराखंड में ऐसा ही आदेश जारी हो चुका है। मध्य प्रदेश में भी विधायकों ने इसके समर्थन में मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी है। यह सुनवाई सोमवार को हुई, जिस दिन पवित्र सावन माह आरंभ हुआ है।

अखिलेश यादव का बड़ा ऑफर… ‘सौ विधायक लाओ, सरकार बनाओ

Akhilesh Yadav's big offer…'Bring 100 MLAs, form government'

Akhilesh Yadav’s big offer…’Bring 100 MLAs, form government’ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा में राजनीतिक चर्चाओं के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक पर कहा है कि मानसून ऑफर है-100 लाओ और सरकार बनाओ। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, अगर भाजपा में कोई भी नेता 100 विधायकों का समर्थन जुटा लेता है तो सपा मुख्यमंत्री पद के लिए उसे समर्थन दे सकती है। इसे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके साथ ही तरह-तरह की राजनीतिक चर्चाओं के बीच दिल्ली से केशव के लखनऊ लौटने पर अखिलेश ने कटाक्ष भी किया है- लौट के बुद्धू घर को आए। यहां बता दें कि केशव प्रसाद मौर्य ने भी बुधवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर एक्स के जरिये हमला बोलते हुए उन्हें सपा बहादुर की संज्ञा देते हुए कहा था कि यूपी और केंद्र दोनों ही जगह मजबूत सरकार है। 2017 की तरह 2027 में भी हम यूपी में सरकार बनाएंगे। उन्होंने सपा के पीडीए को धोखा करार दिया था।

उत्तर प्रदेश में चौधराहट की जंग : योगी या मौर्य

Battle of Leadership in Uttar Pradesh: Yogi or Maurya

Battle of Leadership in Uttar Pradesh: Yogi or Maurya राजीव रंजन झा लखनऊ ! केशव प्रसाद मौर्य दिल्ली में जो पका रहे हैं , वह आश्चर्यजनक है । यूं तो पिछले एक साल से मौर्य और बृजेश पाठक दोनों ही दिल्ली में अमित शाह के दरबार में पड़े रहे हैं , लेकिन कार्यसमिति की लखनऊ बैठक में प्रकारांतर से योगी पर बरस कर उनके भाव पार्टी में और चढ़ गए हैं । मौर्य अब अमित शाह की मदद से योगी को हटाकर खुद मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं । मौर्य ओबीसी कोटे से आते हैं और याद कीजिए कि यूपी में ओबीसी का वोट इस बार मोदी के बजाय सपा को गया । तो क्या यह केशव प्रसाद मौर्य के इशारे पर हुआ ?मौर्य यूपी भाजपा के अध्यक्ष रहे हैं , संगठन पर उनका प्रभाव है , हालांकि 2022 में वे खुद अपनी विधानसभा सीट हार गए थे । एक सवाल यह भी कि क्या यूपी में बीजेपी को हरवाने के लिए केशव प्रसाद ने अखिलेश से सांठगांठ की और ओबीसी वोट इंडी गठबंधन को डलवा दिया ? क्या योगी को हटाकर खुद सीएम बनने के लिए भूपेंद्र चौधरी के साथ मिलकर यह खेल मौर्य ने खेला ? क्या योगी को मुख्यधारा से हटाने के लिए अमित शाह ने खुद ही मौर्य को मोहरा बनाया ? याद आता है केजरीवाल का एक बयानप्रचार के लिए जमानत पर बाहर आकर उन्होंने भाषण देते हुए कहा था कि चुनाव के बाद यूपी से योगी को हटा दिया जाएगा । तब सभी ने उनका उपहास उड़ाया था । अब लगता है कि बीजेपी में यदि भीतर कुछ पक रहा था तो केजरीवाल को कैसे पता था ? कल शाम मौर्य के साथ नड्डा और अमित शाह ने दो घंटों तक क्या बातचीत की ? क्या अमित शाह में चुनाव के बाद इतनी शक्ति बची है कि वे योगी को हटा सकें ? क्या केशव प्रसाद मौर्य में योगी की नाराजगी के साथ यूपी को संभालने की ताकत है ? लगता तो नहीं था , पर दिखाई कुछ और दे रहा है । यूपी के लिए योगी जरूरी हैंसच कहें तो भाजपा के पास योगी के स्तर का दूसरा नेता नहीं है । उन्हें मोदी के बाद केंद्र में पीएम पद पर लाने की अटकलों में केवल इतना दम है कि योगी युवा संत नेता हैं । अन्यथा राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी अरसे से पीएम मैटीरियल के रूप में भाजपा के पास मौजूद हैं । खैर ! ये बातें अभी दूर की कौड़ी हैं चूंकि मोदी के पास अभी पांच साल सरकार चलाने का जनादेश मौजूद है । केशव प्रसाद को दिल्ली क्यों बुलाया गयापीछे पीछे प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी दिल्ली क्यों आए , इसका खुलासा होने में अभी देर लगेगी । लेकिन एक बात समझ लीजिए । बीजेपी और देश की बहुसंख्यक जनता के लिए जैसे मोदी जरूरी हैं , वैसे ही यूपी के लिए योगी जरूरी हैं । चुनाव में बीजेपी बहुत जल चुकी है । ऐसे में योगी को छेड़ना आग से खेलने के समान है । बीजेपी आलाकमान लोकसभा चुनाव में काफी गंवा चुकी है । केशव प्रसाद मौर्य को ज्यादा हवा देना भाजपा के लिए एक और आत्मघाती कदम साबित हो सकता है ।

भाजपा में कुर्सी की लड़ाई में शासन-प्रशासन ठंडे बस्ते में चला गया ; अखिलेश यादव

In the fight for chair in BJP, the governance and administration were put on the back burner; Akhilesh Yadav

In the fight for chair in BJP, the governance and administration were put on the back burner; Akhilesh Yadav सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा में कुर्सी की लड़ाई चल रही है जिससे कि शासन-प्रशासन ठंडे बस्ते में चला गया है। जनता के लिए सोचने वाला भाजपा में कोई नहीं है। अखिलेश यादव ने सोशल साइट एक्स पर लिखा कि भाजपा की कुर्सी की लड़ाई की गर्मी में, उत्तर प्रदेश में शासन-प्रशासन ठंडे बस्ते में चला गया है। तोड़फोड़ की राजनीति का जो काम भाजपा दूसरे दलों में करती थी, अब वही काम वो अपने दल के अंदर कर रही है, इसीलिए भाजपा अंदरूनी झगड़ों के दलदल में धंसती जा रही है। जनता के बारे में सोचनेवाला भाजपा में कोई नहीं है। बता दें कि भाजपा कार्यसमिति की बैठक में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बयान दिया था कि सरकार से बड़ा संगठन होता है। इसे लेकर पार्टी में सियासी आग भड़क उठी। केशव मौर्य एक महीने में प्रदेश में कैबिनेट व अन्य बैठकों में भी नहीं पहुंचे। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मंगलवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को दिल्ली बुलाकर भी बात की। इससे सरकार और संगठन में मनमुटाव होने की बात सामने आई।

मौसम: पूरा यूपी लू की चपेट में, 49 डिग्री के करीब पहुंचा प्रयागराज में पारा, जानिए कब से मिलेगी गर्मी से राहत

Weather: Entire UP is in the grip of heat wave, mercury reached near 49 degrees in Prayagraj, know when will you get relief from heat. पूरा यूपी भीषण गर्मी से तप रहा है। बुधवार को प्रयागराज सबसे गर्म रहा। यहां का तापमान 48.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। आने वाले दिनों के लिए मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताए हैं। उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्से बुधवार को भीषण लू की चपेट में रहे। जिन इलाकों में लू नहीं रही, वहां चल रही गर्म हवा लू का एहसास करा रही थी। बुधवार को प्रयागराज का अधिकतम तापमान 48.8 डिग्री पहुंच गया, जबकि कानपुर 48.4 डिग्री के साथ दूसरा सबसे गर्म शहर रहा। आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, बुधवार को भीषण गर्मी के बीच अधिकतम तापमान सामान्य से 7 डिग्री तक अधिक रहा। जबिक रात का पारा भी 6 डिग्री से अधिक दर्ज हुआ। इन तीनों शहरों में भी मई कभी इतनी गर्म नहीं रहीमौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, कानपुर, सुल्तानपुर और फुरसतगंज मई में कभी भी नहीं हुआ है। फुरसतगंज में पारा कभी 47 डिग्री रहा ही नहीं। इन तीनों शहरों में बुधवार को दिन का तापमान 48.4, 46 डिग्री और 47.2 डिग्री दर्ज हुआ है। भीषण लू के प्रभाव में रहे ये शहरआगरा 48 डिग्रीहमीरपुर 47.6झांसी 47.5वाराणसी 47.4उरई 47.4चुर्क 47.0फतेहपुर 46.2इटावा 45.4बहराइच 45 आगे कैसा रहेगा मौसम, ये भी जानें आगामी 4-5 दिनों के दौरान प्रदेश में बंगाल की खाड़ी से आने वाली आर्द्र पुरवा हवाओं की सक्रियता बढ़ेगी। बादलों की आवाजाही के बीच कहीं-कहीं संभावित बारिश के कारण तापमान में संभावित क्रमिक गिरावट आ सकती है। परिणामस्वरूप, पिछले कई दिनों से जारी भीषण लू की परिस्थितयों में 30 मई से क्रमिक सुधार होने से फ़िलहाल 1 जून से प्रदेश को लू से निजात मिलने की सम्भावना है।

स्मृति ईरानी के खिलाफ अमेठी की जनता में क्यों फूट रहा गुस्सा

Why is the anger among the people of Amethi against Smriti Irani? क्षत्रिय समुदाय के लोगों स्मृति ईरानी के खिलाफ गुस्सा फूट रहा है. बीजेपी से क्षत्रियों का कद कम होने को लेकर ये लोग बीजेपी को वोट न देने की कसमें खा रहे हैं. अमेठी में क्षत्रिय समुदाय के लोग स्मृति ईरानी के खिलाफ जगह जगह प्रदर्शन कर रहे हैं. कसम खा रहे हैं और लोगों को कसमें खिला रहें हैं कि इस बार बीजेपी को वोट नहीं देना है. आखिरकार ऐसा क्या हो गया कि इस समाज के लोगों ने भाजपा को वोट न देने की कसम खाई है. क्यों भाजपा के खिलाफ इनका गुस्सा फूट रहा है? करणी सेना के लोग अमेठी में घूम-घूम कर लोगों को इस बात की कसमें खिला रहे हैं कि इस बार भाजपा को वोट नहीं देना है. ये लोग बीते कुछ समय पहले कांग्रेस नेता दीपक सिंह के खिलाफ दर्ज मुकदमे से नाराज चल रहे हैं. साथ ही साथ उनका यह भी कहना है कि बीजेपी में उनके समाज के कद को घटाया जा रहा है. महिला सम्मान पर नहीं बोलती बीजेपी करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह का कहना है कि जो भी पार्टी महिला का सम्मान नहीं करती है हम उसका विरोध करते हैं. इनका कहना है कि भारतीय जनता पार्टी के संसदीय चुनाव का उम्मीदवार अगर महिला का अपमान करता है तो बीजेपी के मुखिया और शीर्ष नेतृत्व अपना मुंह नहीं खोलते हैं. इसी को देखते हुए इन्होंने कसम खाई है कि यह भाजपा के हर नेता का विरोध करेंगे और उनको वोट नहीं देंगे. बीजेपी ने हमें मजदूर बना कर छोड़ा है महाभारत काल में द्रौपदी के हुए चीर हरण के बारे में बताते हुए महिपाल सिंह ने कहा कि जब द्रोपदी का चीर हरण हो रहा था तो कुछ लोग चुप बैठे थे और जो लोग चुप बैठे थे उनको भुगतना पड़ा था. इन्होंने कहा कि यदि देश का प्रधान मुखिया महिला सम्मान पर एक शब्द नहीं बोलता है तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए. हमने जिस पार्टी को वोट दिया उसने हमें मजदूर बनाकर रखा है. महिपाल सिंह ने तो यह तक का डाला कि हम इस बार ऐलान करते हैं कि पूरे देश के राजपूत समाज के लोग भाजपा को वोट नहीं देंगे. स्मृति ईरानी पर साधा निशाना स्मृति ईरानी पर निशाना साधते हुए महिपाल सिंह ने कहा कि एक सांसद महिला होकर महिला सम्मान के ऊपर बात नहीं करती है, संसद में महिलाओं को लेकर कोई मुद्दा नहीं उठाती है तो उन्हें यह बोलने का कोई हक नहीं कि हम दिल्ली में महिला सम्मान की लड़ाई लड़ हैं. योगी आदित्यनाथ को लेकर सॉफ्ट कॉर्नर है महिपाल सिंह का कहना है कि हम अमेठी में इस कारण नहीं आ रहे थे क्योंकि हमारे अंदर योगी आदित्यनाथ को लेकर सॉफ्ट कॉर्नर है. बीजेपी योगी आदित्यनाथ को काटने की कोशिश की जा रही है, वसुंधरा राजे का सफाया कर दिया गया, शिवराज सिंह को भी मध्य प्रदेश के सीएम पद से हटा दिया गया, हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर को भी हटा दिया गया, रमन सिंह की क्या हालत की है आप सभी को मालूम है. थल सेना अध्यक्ष का सबसे बड़ा पद होता है जो साढ़े आठ लाख वोट लेकर जीता था. उनको भी उनके पद से हटा दिया जाता है. राजनाथ सिंह को साइड लाइन किया गया महिपाल सिंह बोले, पीएम मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री के पद पर बैठने के लिए तैयार हैं, इससे यह साफ दिखता है कि भाजपा से क्षत्रिय समाज का कद कम हो रहा है. जिन राजनाथ सिंह ने भाजपा को पूरे देश में प्रमोट किया उन्हीं को भाजपा ने साइड लाइन कर दिया. नरेंद्र सिंह तोमर को सीएम बनाने के नाम पर एमएलए बनाकर छोड़ दिया. महिपाल सिंह ने कहा कि उनके पास ऐसे हजारों उदाहरण है, जिससे यह पता चलता है कि भाजपा में क्षत्रिय समाज का कद कम होता जा रहा है. इसी को लेकर करणी सेना के लोग अमेठी में बीजेपी के खिलाफ लोगों से कसमें खिलवा रही है कि इन्हें वोट नहीं देना है.

खरगे बोले- चार चरणों के बाद इंडिया गठबंधन मजबूत स्थिति में, मोदी की विदाई तय

Kharge said – India alliance is in a strong position after four phases, Modi’s departure is certain कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में संयुक्त प्रेसवार्ता को संबोधित किया और दावा किया कि अभी तक हुए चार चरणों के चुनाव में इंडिया गठबंधन काफी आगे है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन के बारे में जानकारी देते हुए की। उन्होंने कहा कि अब तक चार चरणों के चुनाव हो चुके हैं। इंडिया गठबंधन काफी आगे है। जनता ने नरेंद्र मोदी की विदाई तय कर दी है। कहा कि ये चुनाव विचारधारा की लड़ाई है। एक तरफ वो लोग हैं जो कुछ अमीरों के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं और दूसरी तरह गरीबों और युवाओं के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये लड़ाई आरक्षण और संविधान बचाने की लड़ाई है। ये चुनाव को देश के भविष्य को संविधान को बचाने के लिए है। संविधान बचेगा तो आरक्षण भी बचेगा। उन्होंने कहा कि तानाशाही में लोगों के वोट का अधिकार भी सुरक्षित नहीं रहेगा। भाजपा के लोग लोगों को डराकर नामांकन दाखिल नहीं कर दे रहे हैं। हैदराबाद में भाजपा प्रत्याशी मुस्लिम महिलाओं का बुर्का हटाकर देख रही है। यहां तक की बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को भी डराया जा रहा है। इन सबके बावजूद इंडिया गठबंधन आगे है। भाजपा काफी पीछे है। खरगे ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर भी निशाना साधा और कहा कि उन्होंने संविधान को बदलने की बात की थी। भाजपा के कई नेता संविधान बदलने की बात करते रहते हैं लेकिन इन सब लोगों को मोदी कभी नहीं मना करते हैं। जातीय जनगणना हमारा एजेंडाकांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हम सत्ता में आने पर जातीय जनगणना करेंगे। इससे लोगों की सामाजिक, आर्थिक स्थिति का अंदाजा लग सके। ये हम देश को कमजोर करने के लिए नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी हमारे घोषणा पत्र के बारे में झूठ फैला रहे हैं। वो बताते हैं कि कांग्रेस लोगों की संपत्ति का सर्वे करवाएगी। उन्होंने पीएम मोदी पर तंज करते हुए कहा कि वो जितना कांग्रेस को गाली देते हैं उतना तो राम का नाम नहीं लेते हैं। हम सत्ता में आएंगे तो पांच की जगह 10 किलो अनाज देंगेउन्होंने कहा कि पीएम मोदी कहते हैं कि देश के 80 करोड़ गरीबों को हम मुफ्त अनाज दे रहे हैं। उन्होंने ये नहीं बताया कि खाद्य सुरक्षा कानून तो हम लेकर आए। इंडिया गठबंधन की सरकार आएगी तो हम 10 किलो अनाज देंगे। हमने कर्नाटक में किया है तेलंगाना में किया है। प्रेसवार्ता के बाद खरगे अमेठी व रायबरेली में जनसभाओं को भी संबोधित करेंगे। जबकि 17 मई को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की अमेठी व रायबरेली में संयुक्त सभा भी प्रस्तावित है। भाजपा का झूठ जितना परवान चढ़ना था चढ़ चुका हैसपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा का झूठ जितना परवान चढ़ना था चढ़ चुका है। इंडिया गठबंधन की सरकार बनने वाली है। 4 जून को प्रेस की स्वतंत्रता का दिन भी होगा। भाजपा 140 सीटें भी नहीं पा पाएगी। उनका रथ फंसा ही नहीं धंस गया है। वो अपने ही नकारात्मक नैरेटिव में फंस गए हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि इंडिया गठबंधन यूपी में 79 सीटें जीत रहा है और क्योटो (काशी) में लड़ाई में है। 4 जून को किसानों की सरकार बनेगी। बेरोजगार युवाओं की सरकार बनेगी। अखिलेश बोले- अपना वोट बर्बाद न करें बसपा के लोगबसपा द्वारा इंडिया गठबंधन के खिलाफ प्रत्याशी चुनाव में उतारने पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि मैं यही अपील करूंगा कि बहुजन समाज के लोग जो बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर में आस्था रखते हैं, जो उनके बनाए हुए संविधान को बचाना चाहते हैं वे अपना वोट खराब न करें। इंडिया गठबंधन की मदद करें जिससे लोकतंत्र को मजबूत किया जा सके। कांग्रेस अध्यक्ष बोले- भाजपा 200 पार नहीं कर पाएगीकांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल पूछने पर कहा कि भाजपा को सत्ता में आने से रोकने के लिए जितनी सीटें चाहिए वो हम लेकर आ रहे हैं। भाजपा 200 सीटें पार नहीं कर पाएगी। आरक्षण खत्म करने के लिए 400 का नारा दे रही भाजपाकांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा कि भाजपा 400 सीटें जीतने का नारा इसलिए दे रही है जिससे कि आरक्षण को खत्म किया जा सके। इंडिया गठबंधन की सरकार आएगी तो हम आरक्षण की सीमा बढ़ाएंगे और जो वर्तमान में है उसे जारी रखेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा कि बेरोजगारी एक मुद्दा है। भाजपा इस पर जवाब नहीं दे रही है इसलिए युवाओं में निराशा है। अखिलेश यादव ने कहा कि इंडिया गठबंधन की इस पर सहमति है कि जो सरकारी पद खाली हैं उन्हें भरा जाएगा।

हापुड़ में दर्दनाक हादसा, हाईवे पर बेकाबू कार दूसरी दिशा में ट्रक से भिड़ी, छह लोगों की मौत

Tragic accident in Hapur, uncontrolled car collides with truck in other direction on the highway, six people died हापुड़ जिले में नेशनल हाईवे 09 पर अल्लाहबख्शपुर टोल प्लाजा के पास एक कार बेकाबू होकर डिवाइडर पार दूसरी तरफ पहुंच गई। और सामने आ रही रहे ट्रक से टकरा गई। कार सवार छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में दर्दनाक हादसा हुआ है। सोमवार देर रात एक कार बेकाबू होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में छह लोगों की मौत हो गई। जबकि एक गंभीर घायल है। कार के परखच्चे उड़ गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त कार से शवों को निकाला। जानकारी के अनुसार, हापुड़ जिले में नेशनल हाईवे 09 पर अल्लाहबख्शपुर टोल प्लाजा के पास एक कार बेकाबू होकर डिवाइडर पार दूसरी तरफ पहुंच गई। जिसे तेज रफ्तार ट्रक ने चपेट में ले लिया। हादसे में कार सवार सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें तुरंत ही अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने छह लोगों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, हादसे के बाद हाईवे पर जाम लग गया। इससे वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ी। सोमवार की रात करीब 12 बजे एक तेज रफ्तार कार हापुड़ से मुरादाबाद की तरफ जा रही थी। कोतवाली इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर गांव अल्लाबख्शपुर के पास पहुंचने पर चालक नियंत्रण खो बैठा और कार हाईवे पर बने डिवाइडर से टकरा गई। रफ्तार अधिक होने के चलते डिवाइडर से टकरा कर कार मुरादाबाद से दिल्ली जाने वाले मार्ग पर जाकर पलट गई।इस दौरान दूसरी दिशा से आ रहे ट्रक कार से टकरा गया। हादसा इतना भयंकर था कि टक्कर होने के बाद कार के परखच्चे उड़ गए। वाहनों के टकराने की तेज आवाज सुनकर ग्रामीण जाग गए, जो तुरंत ही मौके पर पहुंचे। पुलिस को सूचना देते हुए ग्रामीणों ने कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन कार में फंसे लोग काफी देर तक नहीं निकल सके। पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से कार को काटकर सभी घायलों को बाहर निकाला। जिन्हें तुरंत ही एंबुलेंस के माध्यम से स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने छह लोगों को मृत घोषित कर दिया। हीं सचिन पुत्र राम किशन निवासी डालू हेड़ा जिला मेरठ की हालत गंभीर देखते हुए उसे मेरठ रेफर कर दिया गया। घायल ने बताया कि कार में उसके साथ अनुपम, अंकित, जीतू, शंकर, संदीप और एक अज्ञात मौजूद थे। सभी लोग गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र के रहने वाले थे। जाम ने राहगीरों की बढ़ाई परेशानीहादसे के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहे वाहनों के पहिए थम गए, इसके अलावा ग्रामीणों और पुलिस ने घायलों को निकालने का प्रयास शुरू कर दिया। जिससे हाईवे पर दोनों तरफ जाम लग गया। जाम में फंसकर राहगीरों को दिक्कत हुई। करीब एक घंटे बाद पुलिस ने वाहनों को हाईवे से हटवाकर यातायात सुचारू कराया।सीओ आशुतोष शिवम का कहना है कि मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घायल को मेरठ के अस्पताल भेजा गया है। दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर मामले की जांच की जा रही है।मृतकों की हुई पहचान

दुनिया में धाक जमाती हिंदी

विश्व हिंदी दिवस पर विशेष हिंदी महज एक भाषा नहीं बल्कि यह करोड़ों भारतीयों की संस्कृति, सभ्यता, साहित्य और इतिहास को बयां करती है और उन्हें एकता के सूत्र में बांधती है। हिंदी भारतीयों के मान, सम्मान और स्वाभिमान की भाषा है। हिंदी भाषा ही नहीं यह भावों की अभिव्यक्ति है। हिंदी मातृभूमि पर मर मिटने की भक्ति है। हिंदी हमारा ईमान है और हिंदी हमारी पहचान है। हिंदी सोच बदलने वाली भाषा है। यह हमारे जीवन मूल्यों, संस्कृति एवं संस्कारों की सच्ची परिचायक भी है। आइए जानते हैं विश्व हिंदी दिवस पर विश्व में हिंदी के बढ़ते प्रभाव और उसका महत्व। डॉ. केशव पाण्डेय (अतिथि संपादक) 10 जनवरी को पूरी दुनिया में विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है। प्रत्येक भारतीय के लिए यह बेहद गर्व की बात है। बहुल सरल, सहज और सुगम भाषा होने के साथ हिंदी विश्व की संभवतः सबसे वैज्ञानिक भाषा है। जिसे दुनिया भर में समझने, बोलने और चाहने वाले लोग बड़ी संख्या में मौजूद हैं। हिंदी भाषा वक्ताओं की ताकत है, लेखकों का अभिमान है। करोड़ों भारतीयों को एक सूत्र में बांधने के साथ ही हमारी आन-बान, शान और अभिमान है। हिंदी को राष्ट्र की अस्मिता और प्रणम्य का प्रतीक माना जाता है। इसके हर शब्द में गंगा जैसी पावनता और गगन सी व्यापकता है। समुद्र सी गहराई और हिमालय सी ऊंचाई है, जो इसे महान बनाती है। यही वजह है कि पूरी दुनिया विश्व हिंदी दिवस मना रही है।यदि हम हिंदी भाषा के विकास की बात करें तो यह कहना मुनासिब होगा कि पिछली शताब्दी मेंं हिंदी का तेजी से विकास हुआ है और दिनों-दिन इसका प्रभाव बढ़ रहा है। हिंदी का करीब एक हजार वर्ष पुराना इतिहास है। संस्कृत भारत की सबसे प्राचीन भाषा है, जिसे देवभाषा भी कहा जाता है। माना जाता है कि हिंदी का जन्म भी संस्कृत से हुआ है। ज्यादातर शब्द संस्कृत, अरबी और फारसी भाषा से लिए गए हैं। यह मुख्य रूप से आर्यों और पारसियों की देन है। इस कारण हिन्दी अपने आप में एक समर्थ भाषा है।भारत में अनेक भाषाएं बोली जाती हैं, बावजूद इसके हिंदी सबसे ज्यादा बोली, लिखी व पढ़ी जाती है। इसीलिए हिंदी भारत की सबसे प्रमुख भाषा है। 26 जनवरी 1950 को संसद के अनुच्छेद 343 के तहत हिंदी को प्राथमिक भाषा माना गया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 1977 में संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण देकर विदेशी धरती पर मातृभाषा का मान बढ़ाया। हिन्दी के जहां अंग्रेजी में मात्र 10 हजार मूल शब्द हैं। वहीं हिन्दी के मूल शब्दों की संख्या 2 लाख 50 हजार से भी अधिक है। हिन्दी विश्व की एक प्राचीन, समृद्ध तथा महान भाषा होने के साथ हमारी राजभाषा भी है। हिन्दी ने भाषा, व्याकरण, साहित्य, कला, संगीत के सभी माध्यमों में अपनी उपयोगिता, प्रासंगिकता एवं वर्चस्व कायम किया है। हिन्दी की यह स्थिति हिन्दी भाषियों और हिन्दी समाज की देन है, हमें अहसास होना चाहिये कि हिन्दी दुनिया की किसी भी भाषा से कमजोर नहीं है। हिंदी भाषा के इतिहास पर पुस्तक लिखने वाला कोई हिंदुस्तानी नहीं बल्कि फ्रांसीसी लेखक ग्रेसिम द टैसी था। हिंदी के बढ़ते प्रभाव के कारण ही ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में अच्छा और सूर्य नमस्कार जैसे कई हिंदी शब्दों को शामिल किया गया है।हिंदी का वर्चस्व बढ़ाने के लिए 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने प्रतिवर्ष 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाने की घोषणा की थी। तब से इसकी वर्षगांठ के उपलक्ष में हर साल मनाया जाता है। आज दुनियाभर में अंग्रेजी और मंदारिन के बाद हिंदी तीसरे नंबर की सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। सर्वे एजेंसी स्टैटिस्टा की रिपोर्ट के मुताबिक देश भर में 43. 63 प्रतिशत लोग हिंदी भाषा बोलते और समझते हैं।भारत के अलावा फिजी, मॉरीशस, सूरीनाम, त्रिनिनाद, टोबैगो, गुयाना, नेपाल, तिब्बत और पाकिस्तान में हिंदी बोली जाती है। इसके चलते इंटरनेट की दुनिया में अब हिंदी का वर्चस्व बढ़ रहा है।यही कारण है कि हिंदी आज दुनिया भर में इंटरनेट की पसंदीदा भाषा बन रही है। प्रति वर्ष 94 फीसदी हिंदी भाषी जुड़ रहे हैं, जबकि अंग्रेजी के महज 17 प्रतिशत हैं। गूगल-केपीएमजी रिसर्च, सेंसस इंडिया और आईआरएस की सर्वे रिपोर्ट को मानें तो आने वाले साल में हिन्दी में इंटरनेट उपयोग करने वाले अंग्रेजी वालों से ज्यादा हो जाएंगे। एक अनुमान के मुताबिक 34 करोड़ लोग हिन्दी का उपयोग करने लगेंगे। हिंदी के बढ़ते प्रभाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया की मशहूर ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन इंडिया ने अपना एप हिन्दी में लॉन्च किया। ओएलएक्स, फ्लिपकार्ट सहित विभिन्न कंपनियों के प्लेटफॉर्म पहले ही हिन्दी में उपलब्ध हैं। स्नैपडील भी हिन्दी में आ चुका है। 2023 तक 16.1 करोड़ लोगों ने डिजिटल पेमेंट के लिए हिन्दी का उपयोग किया। जबकि 2016 में यह संख्या 2.2 करोड़ थी। 2016 में डिजिटल माध्यम में हिन्दी समाचार पढ़ने वालों की संख्या 5.5 करोड़ थी। जो 2023 में बढ़कर 24.4 करोड़ तक हो गई।इसी को दृष्टिगत रखते हुए इस बार हिंदी दिवस मनाने की थीम “ हिंदी पारंपरिक ज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता“ रखी गई है।विदेशों में हिंदी जनमानस के दिलो दिमाग पर अपनी छाप छोड़ रही है। लंदन में हिंदी पढ़ाई जा रही है। जर्मन में ऐसे स्कूल और गुरुकुल हैं जहां बच्चों को हिंदी के साथ ही संस्कृत भी पढ़ाई जाती है। क्योंकि हिंदी सोच बदलने वाली भाषा है। यह दुनिया की प्राचीन समृद्ध और सबसे सरल भाषा है। वर्तमान में दुनियाभर के करोड़ों लोग हिंदी बोलते हैं और लिखते भी हैं। कह सकते हैं कि दुनिया के भाल पर चंदन की भांति चमकने वाली हिंदी अपनी धाक जमा रही है।

जहाँ जहाँ पड़े श्रीकृष्ण के पाँव, वहीँ बनेगा तीरथ धाम…. मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री का ऐलान.

Wherever the feet of Lord Krishna touch, there will become a pilgrimage site… Announcement by the Chief Minister of Madhya Pradesh. उज्जैन । मध्यप्रदेश के मुख्य्मंत्री मोहन यादव ने एक बड़ा ऐलान किया है कि मध्यप्रदेश मे जहाँ जहाँ भगवान कृष्ण के पाँव पड़े है उनको तीर्थ स्थलों के स्वरुप मे विकसित किया जायेगा, मध्य प्रदेश संस्कृति धरोहरों, अध्यात्म और पौराणिक कहानियो के लिए जाना जाता है धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन मे हमेशा मध्यप्रदेश अग्रणी रहा है, इसी क्रम मध्यप्रदेश के नये मुख्य्मंत्री मोहन यादव ने भगवान श्री कृष्ण की उन विरासत को जहाँ भगवान ने लीलाएं की थी उन्हें तीर्थ स्थल के स्वरुप मे विकसित करने का ऐलान किया है. ज्ञात हो कि महाकाल की नगरी उज्जैन मे भगवान ने गुरु संदीपन जी के आश्रम मे शिक्षा ग्रहण की थी जहाँ पर उन्होंने 18 दिनों मे 18 पुराण, 4 दिनों मे चारों वेद, 6 दिनों मे 6 शास्त्र, 16 दिनों मे 16 कलाएं और 20 दिनों मे गीता का ज्ञान प्राप्त किया था, उज्जैन मे मंगालनाथ मार्ग पर क्षिप्रा नदी के पावन तट पर गंगा घाट पर महर्षि संदीपन की तपोभूमि पर आज से तकरीबन 5235 साल पहले भगवान श्री कृष्ण अपने बड़े भाई बलराम और सखा सुदामा जी के साथ विद्यारम्भ संस्कार धारण किया था, श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल के राष्ट्रीय प्रमुख एवं पक्षकार राजेश मणि त्रिपाठी जी बताते हैँ कि उज्जैन मे भगवान ने 64 दिन मे 64 कलाएं सीखी थी, यही पर गुरु संदीपन जी ने भगवान को 3 मंत्र लिखवाये थे तथा भगवान ने गुरु दक्षिणा के रूप मे उनके मृत पुत्र को वापस कराया था,श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल के मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ के प्रभारी उदित नारायण बता रहे थे कि मध्य प्रदेश के धार ज़िले मे स्थित अमझेरा जहाँ जानापाव वही स्थल है जहाँ प्रवास के दौरान भगवान परसुराम जी ने श्रीकृष्ण जी को उनका पावन अस्त्र सुदर्शन भेंट किया था तथा द्वापर युग मे धर्म कि स्थापना का उपदेश दिया था, श्री कृष्ण जन्मभूमि के राष्ट्रीय सहप्रमुख तथा संगठन मंत्री महेंद्र तिवारी ने चर्चा के दौरान मध्यप्रदेश के मुख्य्मंत्री जी का इस पावन पहल हेतु धन्यवाद प्रेषित करते हुये बताया कि मध्यप्रदेश के साथ भगवान श्रीकृष्ण का बहुत गहरा नाता रहा है भगवान कि शिक्षा के अतिरिक्त उज्जैन कि अवंतिका नगरी को भगवान कि ससुराल भी माना जाता है मान्यता है कि यहाँ के राजा जयसेन की पुत्री मित्रविंद्रा से विवाह किया था जहाँ के मंदिर मे भगवान मित्रविंद्रा जी के साथ विराजमान हैँ कृष्ण विद्रा धाम के पुजारी श्री गिरीश गुरु बालक महराज बताते हैँ कि मित्रविंद्रा जी भगवान की पाँचवी पटरानी थी जिनसे भगवान ने स्वयंबर मे विवाह किया था. मुख्य्मंत्री की यह पहल विश्व मे श्री कृष्ण के अनुनायियों के लिए हर्ष का विषय है और इससे मध्यप्रदेश पर्यटन को भी सनातन के साथ विश्व पटल पर आकर्षित करेगी

बुंदेलखंड में आईएएस व आईपीएस विलेज रैपुरा (चित्रकूट) उत्तर प्रदेश: कभी डकैतों के लिए मशहूर था, अब आईएएस आईपीएस की है फैक्ट्री, हर घर में अफसर.!

Bundelkhand, the village of Raipura (Chitrakoot), Uttar Pradesh, was once infamous for dacoits but now boasts of IAS and IPS officers. It has transformed into a hub of factories, with every household having officers. Udit Narayanभोपाल। देश के हर गांव की अपनी एक विशेषता होती है और उसी वजह से वह अपनी पहचान बना लेता है, उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड अंचल के चित्रकूट का पाठा क्षेत्र कभी डकैतों का गढ़ माना जाता था । दरअसल इस इलाके में एक डकैत के खात्मे के बाद दूसरा डकैत बन जाता था, लेकिन अब इस पाठा क्षेत्र में डकैत नहीं बल्कि आईएएस और पीसीएस का जलवा है। इस छोटे से गांव के हर घर में एक सरकारी नौकर है। हम चित्रकूट जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर रैपुरा गांव कर रहे हैं।यह गांव कभी डकैतों के लिए मशहूर था, लेकिन अब इसकी पहचान आईएएस और आईपीएस हैं। दरअसल गांव के लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक लोग इस समय आईएएस, आईपीएस, पीसीएस जैसी विभिन्न सेवाओं में उच्चाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं । खास आज यह है कि रैपुरा गांव में हर घर में कोई न कोई सरकारी कर्मचारी-अधिकारी है।हर घर में एक सरकारी कर्मचारी रैपुरा गांव के इंटर कॉलेज रिटायर प्रधानाचार्य महेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि इस गांव में लगभग डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोग आईएएस, पीसीएस हैं। इन सभी की स्‍कूली पढ़ाई गांव में ही हुई है । हालांकि बाहर से उच्‍च शिक्षा हासिल कर अधिकारी बने हैं। साथ ही कहा कि इस गांव में हर एक घर में कोई न कोई सरकारी नौकरी में है। सिंह ने बताया कि वह जब स्कूल के प्रिंसिपल थे, तब स्कूल में बच्चों को दूसरों के बारे में बात कर प्रोत्साहित करते थे। इसका असर बच्‍चों पर सकारात्‍मक हुआ और गांव के युवाओं में सरकारी नौकरी हासिल करने की होड़ सी लग गई। कभी डकैतों के लिए मशहूर यह गांव सरकारी अफसरों के लिए पहचान रखता है। आईएएस और पीसीएस की भरमार महेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि गांव के अभिजीत सिंह, रोहित सिंह, कुलदीप कुमार और सीपी सिंह (आईएएस), यदुवेंद्र शुक्ल (आईपीएस), तेज स्वरुप, सुरेन्द्र, राजेन्द्र ,प्रकाश कुमार, सुरेश चन्द्र पाण्डेय, प्रह्लाद सिंह और सुरेश गर्ग बतौर पीसीएस कार्यरत हैं। इसके अलावा भी कई युवा अधिकारी बनकर रैपुरा गांव का नाम रौशन कर रहे हैं। साथ ही बताया कि आज भी तमाम युवा सिविल सेवा की परीक्षा की तैयारी के लिए बाहर रहकर पढ़ाई में जुटे हैं । हर साल कोई न कोई छात्र आईएएस या पीसीएस की परीक्षा में सफल जरूर रहता है. पिछली बार भी यह रिकॉर्ड कायम रहा है ।

हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य का आमरण अनशन 11वें दिन अनवरत जारी।

The fast unto death of the ascetic Chhawni Peethadhishwar Jagatguru Paramhans Acharya continues for the 11th day continuously for the demand of Hindu Rashtra. अन्न जल का परित्याग कर खुद को आश्रम के एक कमरे में कर रखा है कैद। समर्थन में उतरे श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल ने गदा भेंट कर किया सम्मान। संतोष सिंह तोमर अयोध्या। भारत देश को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे विश्व हिंदू सिक्ख महापरिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष व तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य को उनके सहयोगियों ने आज अनशन के 11 दिन बीतने पर करीब आधा घंटे के लिए अनशन कक्ष से बाहर बुलाया। इस दौरान तपस्वी छावनी में मौजूद श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल के राष्ट्रीय प्रमुख ने संघठन के सदस्यों के साथ आमरण अनशन पर बैठे तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर को हनुमान जी का गदा भेंट कर उनका सम्मान किया। हम आपको याद दिला दें की विश्व हिंदू सिक्ख महापरिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष व तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य ने विगत 7 नवंबर मंगलवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया था। उन्होंने सुबह 4 बजे से ही अन्न जल का त्याग कर खुद को आश्रम के एक कमरे में बंद कर लिया था वह तब से लेकर आज तक अपने आश्रम पर अन्न जल के बिना खुद को कमरे में बंद किए हुए हैं। साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन पर जबरन आमरण अनशन तुड़वाने की साजिश करने का आरोप लगाया है। हम आपको बता दें कि परमहंसाचार्य ने हिंदू राष्ट्र घोषित ना होने पर आमरण अनशन करने की चेतावनी बहुत पहले ही दे दी थी। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भी लिख चुके हैं कई पत्र आमरण अनशन से जगतगुरु परमहंसाचार्य एक बार फिर से सुर्खियों में छा गए हैं। उन्होंने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए वह एक लंबे समय से संवैधानिक लड़ाई लड़ रहे हैं। इसके लिए उन्होंने पूरे देश में घूम- घूमकर हिंदू राष्ट्र की अलख जगाई। हिंदू राष्ट्र की मुहिम से भारत के कई हिंदूवादी संगठनों को भी जोड़ा। उनकी मांग थी कि 6 नवंबर 2023 तक भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए। नही तो 7 नवंबर से अन्न जल का त्याग कर वह आमरण अनशन पर बैठ जायेंगे इसके लिए वह कई बार देश की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिख चुके हैं, लेकिन उनकी मांग नहीं मानी गई, जिसके कारण उन्हें भारत को संवैधानिक रूप से हिंदू राष्ट्र घोषित करने हेतु अन्न जल का त्याग कर आमरण अनशन पर बैठना पड़ा है। इससे पूर्व राममंदिर के लिए उन्होंने 16 दिनों तक आमरण- अनशन किया था जो श्रीरामजन्मभूमि के फैसले में निर्णायक भी साबित हुआ था। पाकिस्तान मुस्लिम राष्ट्र बना, भारत हिंदू राष्ट्र क्यों नहीं हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर उन्होंने सबसे पहले देश में आवाज उठाई और आमरण अनशन किया। आज हिंदू राष्ट्र की मांग पूरे देश की आवाज बन चुका है। विश्व हिंदू सिक्ख महापरिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष व तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि हिंदू राष्ट्र सौ करोड़ हिंदुओं की मांग है। जब देश का बंटवारा धर्म के आधार पर हुआ। मुसलमानों को पाकिस्तान और बांग्लादेश दिया गया। जो मुस्लिम राष्ट्र बन चुका है, तो भारत हिंदुराष्ट्र क्यों नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि 1947 के बंटवारे से भारत का जो भाग बचा हुआ है। उसको जल्द से जल्द हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए। भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म व मानवता को बचाने के लिए भारत संवैधानिक रूप से हिंदू राष्ट्र बना बहुत जरूरी है। उनका कहना है कि देश में लगातार लव जेहाद की घटनाएं बढ़ रही हैं। बड़े-बड़े संवैधानिक पदों पर बैठे लोग सनातन धर्म को मिटाने की चुनौती दे रहे हैं। भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और मानवता को बचाने के लिए भारत हिंदू राष्ट्र घोषित हो इसके लिए हमारी मांग मान ली जाए। नही तो मेरा शरीर छूट जाए कोई बात नहीं एक परमहंस जायेंगे, तो न जानें कितने हजारों-लाखों परमहंस आयेंगे। परमहंसाचार्य के समर्थन में ओजस्वी फाउंडेशन महाराष्ट्र के एकनाथ महाराज, श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल के राष्ट्रीय प्रमुख राजेशमणि त्रिपाठी समेत उनके तमाम समर्थक आमरण अनशन स्थल पर मौजूद रहते हैं। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल ने दिया है संपूर्ण समर्थन जगतगुरु परमहंस आचार्य के आमरण अनशन को समर्थन देने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल के राष्ट्रीय प्रमुख राजेशमणि त्रिपाठी अनशन शुरू होने के साथ ही तपस्वी छावनी पहुंच गए थे। जहां उन्होंने स्पष्ट कर दिया था श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल जगतगुरु परमहंस आचार्य के हिंदू राष्ट्र की मांग के समर्थन में पूरी तरह खड़ा है। यह कोई नाजायज नहीं बल्कि जायज मांग है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल के राष्ट्रीय प्रमुख राजेशमणि त्रिपाठी ने शासन-प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब मैं तपस्वी छावनी पहुंचा तो महाराज श्री एक कमरे में अपने आपको बंद करके आमरण अनशन कर रहे थे। पता चला कि पुलिस प्रशासन उनको उठाने के लिए तपस्वी छावनी पहुंच गया था। आज ग्यारह दिन बाद अनशन पर बैठे आचार्य श्री से निवेदन कर उन्हें अनशन कक्ष से बाहर बुलाया। इस दौरान हिंदू राष्ट्र के लिए प्रयत्नशील तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगतगुरु श्री परमहंस आचार्य को हिन्दू राष्ट्र के लिए शुरू की गई इस लड़ाई में विजय हेतु महाबली श्री हनुमान जी का गदा प्रतीक चिन्ह के रूप में भेंट कर उनका सम्मान किया गया। इस बीच करीब तीस मिनट तक आचार्य श्री अनशन कक्ष से बाहर ही रहे लेकिन तीस मिनट के बाद उन्होंने फिर से अपने आपको तालों के बीच कैद कर लिया। भारत का शायद पहला ऐसा आमरण अनशन होगा। जहां पर किसी अनशनकारी ने खुद की सुरक्षा के लिए अपने आपको तालों में बंद कर रखा हो, ऐसा शायद इतिहास में कहीं नहीं मिलेगा। संत के आमरण अनशन से बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राजेश मणि त्रिपाठी ने महाराज जी के इस आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि बहुत ही दुर्भाग्य की बात है कि अभी तक जनमानस जिस लिए भाजपा को चुनाव जीताकर यहां पहुंचाया इसका मुख्य आधार इस देश को हिंदू राष्ट्र बनाया जाना ही था, लेकिन हिंदू राष्ट्र का सपना आम जनमानस का साकार नहीं हुआ। आज एक संत हिंदू राष्ट्र के लिए आमरण आसान कर … Read more

पातालकोट एक्सप्रेस में लगी आग, 3 जनरल कोच पूरी तरह जले.

Pataalkot Express; Fire Broke; Indian Railways; Sahara Samachaar;

Fire broke out in the Patalkot Express, completely burning three general coaches. मनीष त्रिवेदीभांडई, पातालकोट एक्सप्रेस में लगी आग, घटना उत्तरप्रदेश के भांडई स्टेशन की घटना, पातालकोट एक्सप्रेस आगरा की ओर जा रही थी, चलते चलते सामान्य श्रेणी के कोच में आग भड़क गयी. आग की चपेट में पातालकोट एक्सप्रेस के तीन कोच आ गए. 3 जनरल कोच पूरी तरह जल गए। घटना को देखते हुए झांसी से दिल्ली जाने वाला ट्रैफिक दोनों ट्रेक पर किया बंद. मौके पर रेलवे के अधिकारी और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंच गए. इस घटना में 13 लोग घायल हुए, 7 लोगों को एस ऐन मेडिकल कॉलेज में, जबकि 6 यात्री सोलंकी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. आग लगने के बाद कई यात्रियों ने ट्रेन से कूदकर जान बचाई।

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