भारतीय जनता पार्टी के पूर्व गृह मंत्री के समर्थकों ने प्रदेश अध्यक्ष को घेरा.
Supporters of the former Home Minister of the Bharatiya Janata Party surrounded the state president.
Supporters of the former Home Minister of the Bharatiya Janata Party surrounded the state president.
संतोष सिंह तोमर / प्रवेश सिंह , ग्वालियर में केंद्रीय मंत्री सिंधिया अपने स्कूल के एक कार्यक्रम में डांस करते हुए नजर आए और इसी बीच उनके दो समर्थकों का टिकट गया. शिवराज सरकार में मंत्री ओ पी एस भदोरिया और मुन्नालाल गोयल का टिकट काटा गया है. दोनों सिंधिया के कट्टर समर्थक माने जाते हैं. मध्य प्रदेश में चुनाव को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है. इस बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वो सिंधिया स्कूल के एक कार्यक्रम में डांस करते हुए नजर आ रहे हैं और दूसरी ओर उनके समर्थक नेताओं का टिकट कट गया.बीजेपी ने प्रत्याशियों की अपनी पांचवीं सूची जारी करते हुए सिंधिया समर्थकों के टिकट काट दिए. जिनके टिकट काटे गए हैं उनमें एक मंत्री भी शामिल हैं. दरअसल शनिवार को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के ग्वालियर किले पर स्थित सिंधिया स्कूल का 125वां स्थापना दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इस कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी पहुंचे थे. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी कार्यक्रम में मौजूद थे और कार्यक्रम का लुत्फ उठा रहे थे इसी बीच बीजेपी ने अपनी पांचवीं सूची भी जारी कर दी लेकिन खास बात यह रही कि पांचवीं सूची में बीजेपी ने सिंधिया के दो कट्टर समर्थकों के टिकट काट दिए. पहला टिकट मेहगांव विधानसभा सीट से ओ पी एस भदोरिया का काटा गया. सिंधिया के दो करीबियों का कटा टिकट ओ पी एस भदोरिया शिवराज सरकार में मंत्री हैं, जबकि दूसरा टिकट सिंधिया के कट्टर समर्थक मुन्नालाल गोयल का काटा गया. मुन्नालाल गोयल बीज विकास निगम के अध्यक्ष हैं. टिकट नहीं मिलने से सिंधिया के समर्थक परेशान नजर आए.
जबलपुर उत्तर-मध्य की सीट को लेकर कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा। ग्वालियर, रेगांव, नागौद में भी प्रत्याशी बदलने की उठ रही है मांग। केंद्रीय मंत्रियों और प्रदेश पदाधिकारियों के सामने जमकर हुआ बबाल। अनुशासन हीनता से भारतीय जनता पार्टी की छवि हो रही है धूमिल। उदित नारायण भोपाल। भाजपा द्वारा चुनाव उम्मीदवारों की पांचवी लिस्ट जारी होने के बाद से ही टिकट वितरण से असंतुष्ट नेताओं और उनके समर्थकों ने घमासान मचा दिया है। भाजपा के आक्रोशित कार्यकर्ता लगातार चुनाव प्रत्याशी बदलने की मांग करते हुए केंद्रीय मंत्री और प्रदेश पदाधिकारियों के सामने हंगामा, प्रदर्शन कर रहे हैं। यहां गौर करने वाली बात यह है कि अपने आपको देश की सबसे अनुशासित पार्टी बताने वाली भारतीय जनता पार्टी में लगातार नेता और कार्यकर्ताओं द्वारा की जा रही अनुशासन हीनता से पार्टी की छवि धूमिल हो रही है। भाजपा संगठन को यह भी गौर करने की जरूरत है की करीब 70 सालों तक देश पर राज करने वाली कांग्रेस पार्टी की नैया डूबने का सबसे बड़ा कारण पार्टी की अंतरकलह, गुटबाजी और अनुशासन हीनता ही रही।जिसके चलते कांग्रेस पार्टी लगातार सिमटती चली गई। कहीं यही हाल भाजपा का ना हो जाए इस पर भी संघठन को काम करने की जरूरत है। जबलपुर में केंद्रीय मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के सामने बबालयहां उत्तर मध्य विधानसभा क्षेत्र से पार्टी ने अभिलाष पांडे को टिकट देकर मैदान में उतारा है। जबकि दो. अभिलाष पांडे उत्तर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के सक्रिय नेता हैं और वहीं से अपनी दावेदारी पेश कर रहे थे। वहां से टिकट नहीं मिल सका तो शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें उत्तर मध्य सीट से टिकट दे दिया। इस बात से स्थानीय नेताओं में असंतोष फैल गया। टिकट वितरण से नाराज कार्यकर्ताओं ने हंगामा खड़ा कर दिया। नाराज कार्यकर्ताओं ने रानीताल पार्टी कार्यालय में उत्तर मध्य विधानसभा प्रत्याशी अभिलाष पांडे का विरोध कर प्रदर्शन किया। पांचवीं सूची आने के बाद ही पार्टी का संभागीय कार्यालय कार्यकर्ताओं की भीड़ से पट गया। प्रत्याशी को लेकर नाराज कार्यकर्ता कार्यालय पहुंचे और जमकर हंगामा किया। दरअसल, इस सूची में जबलपुर की उत्तर मध्य सीट से पार्टी ने अभिलाष पांडे को उम्मीदवार बनाया है। सूची जारी होते ही जबलपुर बीजेपी कार्यालय में जमकर हंगामा हो गया। बीजेपी दफ्तर में हंगामें का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस सीट से पूर्व विधायक व पूर्व मंत्री शरद जैन और पं.धीरज पटेरिया को प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन जब उत्तर पश्चिम से दावेदारी पेश करने वाले डॉ. अभिलाष पांडे का नाम प्रत्याशी के रूप में सामने आया तो कार्यकर्ता जमकर भड़क गए और उन्होंने बीजेपी कार्यालय में तोड़फोड़ कर दी। इस दौरान भाजपा नेता पं.धीरज पटेरिया शरद जैन, प्रीति बाजपेयी के समर्थक बड़ी संख्या में कार्यालय में मौजूद रहे। हंगामे के समय केन्द्रीय मंत्री और मध्यप्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र सिंह वहां मौजूद थे। टिकट बदलने की मांग कर रहे कार्यकर्ताओं ने उनके साथ ही धक्का-मुक्की कर दी। प्रभारी भूपेंद्र यादव के साथ भी धक्कामुक्की की गई। साथ ही उनके गनमैन के साथ मारपीट भी की। इस दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु शर्मा के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी और आपत्तिजनक टिप्पणीकी गई। हंगामा बढ़ा तो भारी संख्या में पुलिस ने कार्यालय को सुरक्षा घेरे में ले लिया। देर रात तक कार्यकर्ता कार्यालय में डटे रहे। हंगामे के बाद पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि कार्यकर्ताओं को समझा लेंगे। सिंधिया के महल पर मुन्नालाल गोयल के समर्थकों का हंगामाइधर ग्वालियर में भी विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा पांचवी लिस्ट जारी किए जाने के बाद राजनीतिक बवाल लगातार बढ़ता जा रहा है और आज यह बवाल केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और ग्वालियर के महाराज के महल तक पहुंच गया। नाराज भाजपाइयों ने सिंधिया के महल के बाहर जमकर नारेबाजी की। आपको बता दें कि भारतीय जनता पार्टी ने पांचवीं लिस्ट में ग्वालियर पूर्व विधानसभा से पूर्व मंत्री माया सिंह को इस बार टिकट दिया है भाजपा नेता मुन्नालाल गोयल इस सीट से दावेदारी ठोक रहे थे और जैसे ही पांचवी लिस्ट आने पर माया सिंह के नाम का ऐलान हुआ मुन्नालाल गोयल समर्थक इकट्ठा होना शुरू हो गए देर रात उन्होंने जहां मुरार के बारादरी चौराहे पर जमकर चक्का जाम करते हुए हंगामा मचाया था तो वही सुबह होते ही गोयल के समर्थक केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के महल तक पहुंच गए। इस दौरान महल पर तैनात गार्ड ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उनसे झूमा झट की भी हुई और गार्ड बैरिकेड लांघते हुए सिंधिया समर्थन महल के मुख्य द्वार तक पहुंच गए और यहां डेढ़ से 2 घंटे तक जमकर हंगामा किया और मुन्नालाल गोयल के समर्थन में नारेबाजी करते नजर आए इस दौरान केंद्रीय मंत्री जब महल से बाहर निकले तो कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोकने का प्रयास किया और उनकी गाड़ी के आगे भी लेट गए विरोध प्रदर्शन करने वालों में महिलाएं भी थी और उन्होंने भी सिंधिया के सामने मुन्नालाल गोयल के समर्थन में जमकर प्रदर्शन किया। गगनेंद्र समर्थकों ने भाजपा कार्यालय दिया धरनानागौद सीट पर नागेंद्र सिंह को भाजपा प्रत्याशी बनाए जाने के बाद सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध करते हुए भाजपा कार्यालय परिसर पर धरना शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि सर्वे में गगनेंद्र सिंह का नाम था और पार्टी ने ऐसे नेता को टिकट दिया जो खुद चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर चुके हैं। ज्ञात हो कि गगनेंद्र सिंह के समर्थकों ने 2018 के चुनाव में भी उन पर निर्दलीय चुनाव लड़ने का दबाव बनाया था। हालांकि तब संगठन उन्हें मनाने में कामयाब हो गया था। अब एक बार फिर धरना प्रदर्शन शुरू हो गया है। गगनेंद्र सिंह के कार्यालय पन्ना नाका में समर्थकों ने डेरा डाल रखा है, जबकि कई कार्यकर्ता नाराज होकर नारेबाजी करते हुए बीजेपी कार्यालय पहुंच गए। गगनेंद्र सिंह के निर्दलीय चुनाव लड़ने को लेकर आज बड़ी बैठक बुलाई गई है। वहीं इस क्षेत्र से ही दावेदारी पेश करने वाले भाजपा के एक और युवा नेता ऋषभ सिंह के समर्थकों में भी टिकट वितरण को लेकर असंतुष्ट नजर आ रही है। ऋषभ सिंह के समर्थक सूची जारी होने के बाद पार्टी से खफा नजर आ रहे हैं। खबर है की सूची सामने … Read more
निमाड़ की बड़वाह सीट पर गुर्जर और ठाकुर समाज निर्णायक भूमिका में रहते हैै। भाजपा ने इस सीट पर कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए विधायक सचिन बिरला को फिर टिकट दिया है। सचिन गुर्जर समाज से आते है और सनावद क्षेत्र के रहवासी है। इंदौर की तीन नंबर विधानसभा सीट में जिले की 9 सीटों मेें सबसे कम वोटर है। पौने दो लाख वोटरों की इस विधानसभा में 15 हजार ब्राम्हण मतदाता भी है। जूनी इंदौर क्षेत्र में सबसे ज्यादा ब्राम्हण मतदाता है। भाजपा ने इस वोटबैंक को ध्यान में रखकर गोलू शुक्ला का नाम पर मुहर लगाई,क्योकि कांग्रेस के उम्मीदवार पिंटू जोशी भी ब्राम्हण समाज से है। इस विधानसभा में सबसे तगड़ा मुस्लिम वोटबैैंक है। जिसका फायदा ज्यादातर चुनाव में कांग्रेस को होता हैै। इंदौर की देपालपुर सीट के उम्मीवार का चयन में जातिगत समीकरण को ध्यान में रखकर किया गया। भाजपा उम्मीदवार मनोज पटेल धाकड़ समाज से आते हैै। कांग्रेस प्रत्याशी भी उसी समाज से है। गुर्जर वोटबैैंक के कारण बिरला को टिकट निमाड़ की बड़वाह सीट पर गुर्जर और ठाकुर समाज निर्णायक भूमिका में रहते हैै। भाजपा ने इस सीट पर कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए विधायक सचिन बिरला को फिर टिकट दिया है। सचिन गुर्जर समाज से आते है और सनावद क्षेत्र के रहवासी है। इस सीट पर जातिगत के अलावा क्षेत्रीय समीकरण का भी संतुलन बैठाने की कोशिश की गई। मालवा की कालापीपल विधानसभा सीट पर दोनो उम्मीदवार खाती समाज से है। इस सीट पर खाती समाज का वोटबैंक निर्णायक स्थिति में रहता है। कांग्रेस उम्मीदवार कुणाल चौधरी और भाजपा उम्मीदवार घनश्याम चंद्रवंसी दोनो एक समाज से हैै। खरगोन सीट पर भी जातिगत समीकरण के कारण पूर्व विधायक बालकृष्ण पाटीदार भारी रहे। इस सीट पर पाटीदार समाज के वोट ज्यादा है। दोनो टिकट कोरकू समाज से देवास जिले की बागली सीट पर दोनो उम्मीदवारों कोरकू समाज के उम्मीदवार को टिकट दिया है। कोरकू वोटबैंक इस सीट में हर चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाता है। खातेगांव सीट पर भाजपा ने आशीष शर्मा को टिकट दिया है। वे ब्राम्हण समाज से आते है, जबकि कांग्रेस ने भाजपा छोड़कर आए दीपक जोशी को उम्मीदवार बनाया। वे भी ब्राम्हण समाज से है। झाबुआ में भाजपा और कांग्रेस ने भूरिया उपनाम के उम्मीदवार उतारे है।
आकाश विजयवर्गीय ने कहा, आगामी राज्य चुनावों के लिए राकेश गोलू शुक्ला को इंदौर-3 से टिकट दिया गया है. हमें खुशी है, हमने इस फैसले को स्वीकार किया क्योंकि यह पार्टी के हित में है. आदित्य शर्मा, इन्दौर | मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी (BJP) ने अपने प्रत्याशियों की 5वीं लिस्ट जारी कर दी है. बीजेपी ने इंदौर 3 विधानसभा क्षेत्र से कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय की जगह इस बार गोलू शुक्ला (Golu Shukla) को चुनावी मैदान में उतारा है. अब इस पर आकाश विजयवर्गीय ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. आकाश ने पार्टी के फैसले का स्वागत किया है. आकाश विजयवर्गीय (Akash Vijayvargiya) ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब उनके पिता कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) को पार्टी ने टिकट दिया था उसी समय ये बात लगभग स्पष्ट हो गई थी इस बार उन्हें टिकट नहीं मिलेगा. उन्होंने कहा कि पार्टी का फैसला उन्हें मंजूर है. पार्टी के हिट में जो भी होता है वो हम सभी के लिए मान्य होता है. आकाश ने कहा कि उन्हें खुशी है कि उनके भाई जैसे गोलू शुक्ला को पार्टी ने इंदौर 3 (INdore) से उम्मीदवार बनाया है, और उन्हें क्षेत्र के लोगों की सेवा करने का मौका मिल रहा है. गोलू शुक्ला जैसे नेता को टिकट मिलना खुशी की बात आकाश विजयवर्गीय ने कहा कि पिछले पांच सालों में पार्टी ने क्षेत्र में काफी विकास किया है. सरकार की सभी योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाया. बीजेपी का जो नारा है सबका साथ सबका विकास, हमने उसी के तहत अपने निर्वाचन क्षेत्र में काम किया है. इसके आगे आकाश ने कहा कि उन्हें खुशी है कि गोलू शुक्ला जैसा ऊर्जावान और युवा नेता क्षेत्र को मिलने वाला है. उन्होंने कहा कि गोलू शुक्ला उनसे भी ज्यादा अनुभवी हैं, ऐसे में उन्हें यकीन है कि गोलू शुक्ला के नेतृत्व में भी क्षेत्र का और भी तेज गति से विकास किया जाएगा. इसके अलावा आकाश ने कहा कि वो पार्टी के एक कार्यकर्ता हैं. आगे पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी उन्हें वो निभाएंगे । संजय शुक्ला के चचेरे भाई हैं गोलू शुक्ला गौरतलब है कि शनिवार को पार्टी ने अपने 92 उम्मीदवारों की पांचवीं लिस्ट जारी की है, जिसमें आकाश की जगह गोलू शुक्ला को इदौंर 3 से उम्मीदवार बनाया गया है. गोलू शुक्ला संजय शुक्ला के चचेरे भाई हैं जो इंदौर 1 से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं. जिनका मुकाबला कैलाश विजयवर्गीय से है. आकाश के टिकट पर थी सभी की निगाहें बता दें कि कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश के टिकट को लेकर कई दिनों से चर्चाएं थी. सभी की निगाहें इस क्षेत्र पर थी. पहले ही अटकलें लगाई जा रही कि इस बार आकाश का पत्ता साफ हो सकता है. जिसके पीछे एक बड़ी वजह 2019 का बल्ला कांड भी हो सकता है. दरअसल 2019 में आकाश का बल्ला कांड काफी सुर्खियों में रहा था. जर्जर मकान पर कार्रवाई के दौरान आकाश ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर क्रिकेट के बैट से वहां मौजूद एक अधिकारी की जमकर पिटाई कर दी थी.
Supporters of Munna Lal Goyal staged a protest at the residence of Union Minister Jyotiraditya Scindia.
विधानसभा चुनाव के लिए जारी हुई कांग्रेस की दूसरी सूची में देवास जिले की अजजा आरक्षित सीट बागली से परंपरागत नामों से हट कर पार्टी ने पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के गनमैन रहे गोपाल भोंसले को अपना प्रत्याशी बनाया है।गोपाल भोसले पुलिस विभाग के एस एस एफ में पदस्थ थे,और दिग्विजय सिंह के साथ नर्मदा परिक्रमा में पूरे समय साथ थे।भोसले ने जिले के चर्चित नेमावर कांड के बाद शासकीय सेवा से त्याग पत्र दे दिया था ,और पिछले कई दिनों से कांग्रेस से टिकट के लिए प्रयासरत थे। भोंसले का मजबूत पक्ष भोंसले कोरकू समाज से आते हैं। कोरकू समाज के क्षेत्र में सर्वाधिक मतदाता हैं इसलिए जातिगत फेक्टर पूरी तरह पक्ष से कांग्रेस के में है। वह कांग्रेस में अब तक के सबसे युवा प्रत्याशी हैं पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और दीपक जोशी के करीबी होने का भी लाभ भी भोंसले को मिलेगा। बागली को जिला बनाना सबसे पहली प्राथमिकता पूर्व में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के द्वारा बागली को जिला बनाने की घोषणा हुई पर इसका विरोध न झेलना पड़े इसलिए भाजपा ये कदम नही उठा पाई भोसले ने कहा यदि वो विधायक बनते है तो सर्वप्रथम वो बागली को जिला बनाएंगे । भोंसले ने कहा सुशासन लायेंगे । भोंसले ने कहा की वो दिग्विजय सिंह और कमलनाथ की सुशासन वाली नीति से सहमत है वर्तमान विधायक के कार्यकाल में जो भ्रष्टाचार हुआ है उस पर हुई जांच से असंतुष्ट है आगे वो हर जांच में निष्पक्षता लायेंगे और सुशासन को पूरे विधानसभा में स्थापित करेंगे
In the Bijawar assembly seat, the BJP expressed confidence in Rajesh Shukla ‘Bablu’
Indore 5, the Bharatiya Janata Party expressed confidence in Mahendra Hardia.
“Dandiya Night program organized in Jaipuria Vidyalaya Gauriganj.”