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शाहपुर पुलिस 15 लाख रुपए कीमत के 1118 गांजे के पौधे (230 किलो) जप्त किए

बुरहानपुर। पुलिस अधीक्षक बुरहानपुर श्री देवेंद्र पाटीदार के निर्देशन में बुरहानपुर पुलिस द्वारा अवैध शराब, हथियार व मादक पदार्थों के क्रय विक्रय पर अंकुश लगाने के लिए सघन चेकिंग की जा रही है थाना शाहपुर पुलिस को बड़ी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ गांजा की खेती पकड़ने में सफलता प्राप्त मिली है। पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पाटीदार के निर्देशन,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अंतर सिंह कनेश एवं एसडीओपी नेपानगर श्री निर्भय सिंह के मार्गदर्शन में शाहपुर पुलिस द्वारा कार्यवाही की गई है। थाना शाहपुर पर उपनिरीक्षक अजय सिंह चौहान को जंगल में पहाड़ी क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थ गांजा की खेती की सूचना मुखबिर से प्राप्त हुई, आरोपी के विरुद्ध थाना शाहपुर में अपराध क्रमांक 1198/23 धारा 8/20(ए) एनडीपीएस एक्ट का पंजीबद्ध किया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है एवं उसके कब्जे के खेत से अवैध रूप से लगाए गए कुल 1118 गांजे के पौधे जो वजन में 230 किलोग्राम कीमती करीबन 15.00 लाख रुपए के मिले जिन्हें विधिवत जप्त किया गया।

स्कूटी में शराब रखकर कर रहा था ग्राहक का इंतजार कोतवाली पुलिस ने दबोचा लगभग 18000 की अवैध शराब जप्त

मनमोहन नायक कटनी । जिले में अवैध शराब का व्यापार फल फूल रहा है कार्यवाही होने के बाद भी निरंतर यह सिलसिला जारी है हालांकि समय-समय पर कार्यवाही की जाती है इसी कड़ी में थाना प्रभारी कोतवाली निरी. आशीष कुमार शर्मा द्वारा लगातार थाना क्षेत्र में भ्रमण व चैकिंग की जाकर आदर्श आचार संहिता में जारी दिशा निर्देशों का पालन कराया जा रहा है। इसी तारतम्य में आज सुबह करीब 05-05.30 बजे मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि खिरहनी फाटक ब्रिज के पास एक व्यक्ति सफेद रंग की स्कूटी में अवैध रूप से शराब रखे हुए है और किसी ग्राहक का इंतजार कर रहा है। सूचना पर तत्काल थाना कोतवाली कटनी से सउनि. प्रमोद गौतम को हमराह स्टाफ के रवाना किया गया। पुलिस के वाहन को देखकर संदिग्ध व्यक्ति द्वारा गाड़ी से भागने का प्रयास किया गया परंतु टीम के द्वारा घेराबंदी करके उसे पकड़ा गया। संदेही व्यक्ति सफेद रंग की एक्टिवा गाड़ी क्र. MP21MP0154 साथ में लिए था। संदेही से उसका नाम पता पूछने पर अपना नाम विजय शंकर उर्फ राजुकमार निषाद पिता दयाषंकर निषाद उम्र 50 वर्ष नि. नई बस्ती जयनारायण निषाद के घर के पास कटनी का होना बताया। संदेही की तलाषी लेने पर एक्टिवा गाड़ी में सामने की तरफ एक बोरी में 150 पाव प्लेन देषी मदिरा एवं 150 पाव लाल मसाला देषी शराब कुल 300 पाव देषी मदिरा कीमती 18000 रू के पाए गए। आरोपी से शराब कब्जे में रखने के संबंधी दस्तावेजों की मांग किए जाने पर कोई भी दस्तावेज होना नही बताया। आरोपी का कृत्य धारा 34(2) आबकारी अधिनियम का घटित करना पाए जाने पर मौके पर ही समक्ष स्वतंत्र गवाहान के अवैध मदिरा को सीलबंद कर, अपराध में प्रयुक्त वाहन एक्टिवा क्रमांक MP21 MP 0154 एवं आरोपी को थाना लाया गया। आरोपी के विरूद्ध अप.क्र. 718/2023 धारा 34(2) आबकारी अधिनियम का पंजीबद्ध किया जाकर आरोपी को माननीय न्यायालय जे.आर. पर पेष किया गया है। गिरफ्तार आरोपी का नाम- विजय शंकर उर्फ राजुकमार निषाद पिता दयाषंकर निषाद उम्र 50 वर्ष नि. नई बस्ती जयनारायण निषाद के घर के पास कटनी बरामद माल व कीमत- 150 पाव देषी प्लेन व 150 पाव देषी मसाला कुल 300 पाव कीमती 18000 रू एवं घटना में प्रयुक्त एक्टिवा क्र. MP21 MP 0154 कीमती 80000 रू अवैध शराब पर की गई कार्यवाही

लापरवाही पड़ी महंगी सचिव को थमाया नोटिस, कोताही बरतने को लेकर शिक्षा विभाग में चार लोगों को स्पष्टीकरण देने को कहा

मनमोहन नायक कटनी। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अवि प्रशाद द्वारा मंगलवार को विजयराघवगढ़ क्षेत्र के भ्रमण के दौरान ग्राम पंचायत देवरी मझगवां में संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत कार्यवाही नहीं किया जाना पाये जाने पर अनुविभागीय अधिकारी और रिटर्निंग ऑफीसर विजयराघवगढ़ महेश मंडलोई ने ग्राम पंचयत देवरी मझगवां के सचिव हरिशंकर अवस्थी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सचिव को जारी कारण बताओ नोटिस में जवाब 24 घंटे के अंदर समक्ष में उपस्थित होकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए है। समयावधि में मातृत्व अवकाश स्वीकृत नहीं किये जाने के कारण विधानसभा निर्वाचन 2023 के सफल क्रियान्वयन हेतु 18 सितंबर से 23 सितंबर तक आयोजित एक दिवसीय जागरूकता प्रशिक्षण में अनावश्यक व्यवधान उत्पन्न होनें के कारण कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा तीन प्राचार्य सहित एक संकुल प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कलेक्टर श्री प्रसाद द्वारा जारी कारण बताओं नोटिस मंे पुष्पलता लोघी प्राथमिक शिक्षक शाला प्राथमिक शाला पटोरीखुर्द द्वारा 19 जून से 16 दिसंबर तक कुल 180 दिवस का मातृत्व अवकाश में होने संबंधी आवेदन बिना सक्षम स्वीकृति आदेश के 22 सितंबर को प्रस्तुत किया गया है। किंतु प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिंहुडी बाकल विकासखण्ड बहोरीबंद द्वारा प्राथमिक शिक्षक श्रीमती पुष्पलता लोघी का समयावधि मे मातृत्व अवकाश स्वीकृति आदेश जारी नहीं किये जाने के कारण आयोजित 1 दिवसीय जागरूकता प्रशिक्षण में व्यवधान उत्पन्न होनें के कारण इसी तरह पूजा डेहरिया प्राथमिक शिक्षक शासकीय प्राथमिक कन्या शाला पहाडी द्वारा 19 सितंबर से 18 मार्च 2024 तक का मातृत्व अवकाश स्वीकृत होने संबंधी आवेदन बिना सक्षम स्वीकृति आदेश के 16 सितंबर को दिया गया। किंतु प्राचार्य शासकीय उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय पिपरौंध विकासखण्ड कटनी द्वारा प्राथमिक शिक्षक श्रीमती पूजा डेहरिया का समयावधि मे मातृत्व अवकाश स्वीकृति आदेश जारी नहीं किये जाने के कारण आयोजित 1 दिवसीय जागरूकता प्रशिक्षण में व्यवधान उत्पन्न हुआ। नीतू वर्मा उच्चतर माध्यमिक शिक्षक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिपरौंध द्वारा 24 जुलाई से 180 दिवस तक मातृत्व अवकाश में होने संबंधी आवेदन 21 सितंबर को दिया गया। किंतु प्राचार्य शासकीय उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय पिपरौंध विकासखण्ड कटनी द्वारा प्राथमिक शिक्षक श्रीमती पूजा डेहरिया का समयावधि मे मातृत्व अवकाश स्वीकृति आदेश जारी नहीं किये जाने के कारण आयोजित 1 दिवसीय जागरूकता प्रशिक्षण में व्यवधान उत्पन्न होनें का लेख किया गया है। जबकि पूनम तिवारी प्राथमिक शिक्षक शासकीय माध्यमिक शाला पडखुरी तहसील विजयराघवगढ़ द्वारा 2 सितंबर से 28 फरवारी 2024 तक का मातृत्व अवकाश में होनें संबंधी आवेदन 20 सितंबर को कार्यालय कलेक्ट्रेट में दिया गया था। विधानसभा निर्वाचन 2023 के सफल क्रियान्वयन हेतु 18 से 23 सितंबर तक एक दिवसीय जागरूकता प्रशिक्षण पूर्व से नियत होनें एवं कार्यालय प्रमुख को सूचना देने के पश्चात भी 18 सितंबर को श्रीमती पूनम तिवारी का मातृत्व अवकाश संकुल प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवराकला द्वारा स्वीकृत कये जाने से 1 दिवसीय जागरूकता प्रशिक्षण में व्यवधान उत्पन्न हुआ।

इंदौर, केयर सीएचएल अस्पताल की पहली मंजिल के ICU में लगी भीषण आग

इंदौर। बुधवार रात करीब रात 9.30 बजे की है। घटना के समय उस वार्ड में पांच और पहली मंजिल पर 35 मरीज भर्ती थे। शार्ट-सर्किट से आग लगना बताया जा रहा है। फायर ब्रिगेड के कर्मचारी घटना स्थल पर पहुंच गए । मरीजों को अन्य वार्ड में शिफ्ट करने के साथ ही आग बुझा ली गई थी। कुछ मरीजों को कैज्युलटी में शिफ्ट किया गया। हालत को नियंत्रण करने में करीब आधे घंटे घंटे से ज्यादा का वक्त लगा। केयर सीएचएल अस्पताल की पहली मंजिल के ICU वार्ड में भीषण आग लग गई। जिसके बाद अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वार्ड में धुआं भरने से लोगों को सांस लेने में मुश्किल होने लगी। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी सूचना मिलते ही मौके पर तत्काल पुलिस बल और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आ पहुंची तब बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

आयकर विभाग की टीम ने शहर के घी कारोबारी के ठिकानों पर की छापेमारी

ग्वालियर, आचार सहिंता लगते ही आयकर विभाग सक्रिय है, आयकर विभाग की टीम ने शहर के घी कारोबारी के ठिकानों पर छापेमारी की, आयकर विभाग की टीम के अधिकारी घी कारोबारी के घर और फैक्ट्री पर अलग अलग दस्तावेज खंगाले है। जानकारी के मुताबिक ग्वालियर में मैना वाली गली ऑफिस, मालनपुर फैक्ट्री पर आयकर विभाग की टीम आज बुधवार सुबह घी कारोबारी एवं मोहन ट्रेडिंग कंपनी के संचालक मोहन लाल के ठिकानों पर छापा मारा , टीम ने मैना वाली गली में मोहन ट्रेडिंग कंपनी के ऑफिस पर कार्रवाई की वहीं दूसरी टीम मालनपुर स्थित फैक्ट्री पर छापा मारने पहुँची है।

ग्वालियर आ रहे भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर रावण, अतुल प्रधान व रविन्द्र भाटी को मुरैना पुलिस ने हिरासत में लिया।

संतोष सिंह तोमर ग्वालियर। ग्वालियर गुर्जर ओबीसी एवं अन्य समुदाय द्वारा कथित रूप से किया जा रहे जेल भरो आंदोलन में शामिल होने के लिए आ रहे भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर रावण को उनके अन्य साथियों के साथ मुरैना में ही हिरासत में ले लिया गया है। ग्वालियर में आंदोलन में शामिल होने के लिए आ रहे थे। चद्रशेखर रावण को मध्य प्रदेश राजस्थान के बॉर्डर यानी चंबल की राजघाट पर हिरासत में ले लिया है। अभी मुरैना और ग्वालियर पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर वार्तालाप कर रहे हैं, लेकिन चंद्रशेखर रावण आंदोल में जाने के लिए अड़े हुए हैं। हम आपको बता दें की कुछ दिन पहले ग्वालियर में आयोजित गुर्जर महापंचायत के दौरान ग्वालियर कलेक्टर को ज्ञापन देने पहुंचे गुर्जर समाज के लोगों ने कलेक्टर कार्यालय में जमकर पथराव व तोड़फोड़ करने के साथ ही शहर में कई स्थानों पर उपद्रवियों ने जमकर हंगामा और मारपीट की थी। जिसमे कई पुलीसकर्मियों को चोटें भी आईं थीं और पुलिस को इन उपद्रवियों को काबू में करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल करने के साथ ही बल प्रयोग भी करना पड़ा था। इस हंगामे और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने गुर्जर समाज के कई नेता व कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामले दर्ज किए थे। इन मामलों में पुलिस ने करीब दो दर्जन से से अधिक उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उपद्रवियों पर हुई कार्यवाही को खिलाफ भीम आर्मी के चंद्रशेखर रावण और यूपी के विधायक अतुल प्रधान व राजेन्द्र सिंह भाटी ने ग्वालियर में आज हजारों लोगों को साथ लेकर जेल भरो आंदोलन की घोषणा की थी। मध्य प्रदेश में लागू चुनाव आचार संहिता के चलते पुलिस प्रशासन ने धारा 144 लगा रखी है। आचार संहिता का उलंघन करते हुए होने वाले इस आंदोलन को प्रशासन ने मंजूरी नहीं दी है। इस आंदोलन के विरोध में पुलिस प्रशासन द्वारा गुरुवार की सुबह से ही कड़ी मुस्तैदी की जा रही थी। ग्वालियर की सीमाओं से लगे हुए अन्य जिलों से भी संपर्क साधा जा रहा था। तभी पुलिस को भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर रावण के मुरैना की तरफ से आने की सूचना मिली। जिस पर पुलिस ने मुरैना पुलिस से सूचना का आदान प्रदान करते हुए चंद्रशेखर रावण, रविंद्र भाटी, अतुल प्रधान को चंबल नदी के पास से ही हिरासत में ले लिया है। मुरैना पुलिस ने इन्हें सराय छोला थाना क्षेत्र के अल्लाबेली चौकी पर बने चेकिंग पॉइंट पर ही हिरासत कर लिया था। उनसे पूछताछ की जा रही है। चंबल के राजघाट पर ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चंदेल और ग्वालियर कलेक्टर अक्षय कुमार भी मौके पर पहुंच गए हैं। इसके बाद चंद्रशेखर रावण और अतुल प्रधान आदि से मुरैना और ग्वालियर का पुलिस प्रशासन बातचीत कर रहा है, लेकिन बताया जा रहा है कि चंद्रशेखर रावण ग्वालियर में आने के लिए अड़ा हुआ है। मौके पर 1000 की संख्या में पुलिस बल मौजूद है। अगर चंद्रशेखर रावण ग्वालियर में आने की जिद करता है, तो प्रशासन उसकी गिरफ्तारी कर सकता है।

रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर ने महादेव ऐप घोटाले में आरोपों का किया ज़ोरदार खण्डन।

दिल्ली – श्री रवि उप्पल और श्री सौरभ चंद्राकर हाल ही में महादेव बुक सट्टेबाजी एप्लिकेशन को लेकर गंभीर आरोपों में घिरे हैं, उन्होंने कथित सट्टेबाजी रैकेट के साथ किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है। वे ग़लत आरोप लगाए जाने और इस ऑपरेशन के मास्टरमाइंड के रूप में चित्रित किए जाने पर गहरा खेद व्यक्त करते हैं। उनका दावा है कि ये दावे पूरी तरह से निराधार हैं और कानून का पालन करने वाले दो नागरिकों की प्रतिष्ठा को धूमिल करने के प्रयास का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका मानना है कि जांच अपर्याप्त है और सच्चाई सामने लाने के बजाय यह बलि का बकरा बनाने पर केंद्रित है। वे इस बात पर ज़ोर देते हैं कि केवल एक आरामदायक जीवनशैली जीने का मतलब यह नहीं है कि वे अवैध गतिविधियों में शामिल हैं। प्रतिष्ठा क्षति और अनुचित उत्पीड़न के मद्देनजर, श्री उप्पल और श्री चंद्राकर ने इस मामले की परिश्रमपूर्वक जानकारी जुटाई है। उनके निष्कर्ष, विश्वसनीय सूत्रों से सावधानीपूर्वक प्राप्त किए गए, स्पष्ट रूप से महादेव बुक सट्टेबाजी एप्लिकेशन के पीछे के संचालक के रूप में श्री सुभम सोनी की ओर इशारा करते हैं। विश्वसनीय दस्तावेजों और सूत्रों के अनुसार, श्री सोनी सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस में पंजीकृत ‘महादेवबुक मार्केट्स लिमिटेड’ नामक कंपनी के माध्यम से काम करते हैं। वह ‘मा-हादेवबुक मार्केट्स लिमिटेड बोर्ड’ में शेयरधारक और निदेशक का पद संभालते हैं, जो निर्णायक रूप से उन्हें इस ऑपरेशन के प्रमुख वास्तुकार के रूप में स्थापित करता है। श्री उप्पल और श्री चंद्राकर के पास अपनी बेगुनाही के दावों का समर्थन करने वाले पर्याप्त सबूत हैं, जिन्हें वे आवश्यकतानुसार प्रस्तुत करने के लिए तैयार हैं।उन्होंने सभी मीडिया आउटलेट्स और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से इन तथ्यों पर विचार करने, प्रचलित नैरेटिव को सुधारने का आग्रह किया है।

रेत की खदान बंद है फिर भी रेत का परिवहन जारी है अधिकारी और माफियाओं कर रहे मिल कर भ्रटाचार.

सिलवानी – रेत की खदान बंद है फिर भी रेत का परिवहन जारी है. यह सारी जानकारी प्रशाशन के अधिकारीयों को है पता, लेकिन फिर भी कोई कारवाही नहीं की जा रही है. रात को तेज़ रफ़्तार रेत से भरे डम्पर ओवर लोड होकर दौड़ते है. जिस कारण कोई भी हादसा हो सकता है. जानकारी के अनुसार जून माह में तय प्रक्रिया के तहत प्रशासन के द्वारा रेत खदानो से रेत निकाले जाने का कार्य बंद कर दिया है। प्रति वर्ष बरसात के चार माह में रेत खदानो को प्रशासन के द्वारा बंद कर दिया जाता है। इस दौरान ना तो रेत का परिवहन किया जाता है और ना ही रेत का उत्खनन ही किया जा सकता है। लेकिन नियमो को धता बताते हुए रेत माफिया प्रति दिन अनेको डंपरो में रेत भर का रेत का परिवहन कर रहे है। परंतु कार्रवाही कि के नाम पर प्रशासन मूक दर्षक बना हुआ है। नर्मदा नदी रेत खदान से निकलने वाली रेत का व्यापार खनिज माफियाओं के द्वारा किया जा रहा है। सिलवानी के स्टेट हाईवे 44 तथा 15 से दिन रात के समय अनेको की संख्या में रेत से भरे डंपर बेरोकटोक निकल रहे है। रेत से भरे बाहन सिलवानी से होते हुए सागर, बीना, विदिशा अशोक नगर , गैरतगंज, राहतगढ़ आदि स्थानों के लिए जाते है। लेकिन कभी भी अधिकारियों के द्वारा कभी भी कार्यवाही नही की जाती है। खनिज विभाग के अघिकारी नही करते कार्यवाही, फ़ोन लगाने पर भी अधिकारी नहीं देते है कोई जवाब.

छात्राओं युवतियों को छेड़ने वाले दखिल-ए-हवालात।

ग्वालियर। शहर में छात्राओं और युवतियों के साथ अभद्रता, फिकरेबाजी और छेड़छाड़ करने वाले मनचलों को पुलिस ने सबक सिखाते हुए दाखिल-ए-हवालात कर दिया। युवतियों और छात्राओं के साथ लगातार बढ़ रही छेड़छाड़ की घटनाओं को देखते हुए ग्वालियर महिला पुलिस अधिकारी द्वारा कोचिंग, गर्ल्स हॉस्टल और स्कूलों में पहुंचकर छात्राओं से उनकी परेशानियों पर बात के साथ ही आपातकालीन स्थिति में पुलिस की मदद लेने की भी सलाह दी है। छात्राओं और युवतियों के साथ बातचीत कर उनके साथ छेड़छाड़ और कमेंट करने वाले स्थान पर महिला पुलिस अधिकारी सीएसपी हिना खान ने एक्शन लिया है। पुलिस ने ऐसे स्थानों से 10 मनचलों को पकड़ा है जिनको सीधे हवालात भेज दिया है। अब मनचलों को सबक इन पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा रही है। ग्वालियर पुलिस ने मनचलों के खिलाफ अभियान चलाया है। एसएसपी राजेश सिंह चंदेल ने स्कूल कोचिंग हॉस्टल और चौराहे पर खड़े होकर छात्र और लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करने वाले मनचलों के खिलाफ इस सफाई अभियान के तहत कार्रवाई करने की जिम्मेदारी महिला पुलिस अधिकारी हिना खान को सौपी है। हिना खान की अगवाई में यह टीम गर्ल्स हॉस्टल और स्कूलों में जाकर लड़कियों से लगातार बात कर रही है । छेड़छाड़ की घटनाओं वाले इलाकों का डाटा तैयार कर रही है। सिटी सेंटर इलाके हॉस्टल में रहने वाली लड़कियों ने बताया कि उनके साथ गोविंदपुरी, थाटीपुर, दर्पण कॉलोनी सहित अन्य इलाकों में छेड़छाड़ की घटनाएं होती है यहां मनचले आए दिन उन पर फब्तियां कसकर छेड़छाड़ करते हैं। मनचलों को पकड़कर पहुंचाया थाने बता दें कि छात्राओं से डाटा कलेक्ट करने के बाद सीएसपी हिना खान ने अपनी टीम के साथ गोविंदपुरी, दर्पण कॉलोनी सहित अन्य इलाकों में अभियान शुरू किया। पुलिस की टीम ने यहां 24 घंटे मनचलो की धरपकड़ की है। शनिवार शाम को करीब 10 मनचलों को पुलिस की टीम ने पकड़ा है जो इन इलाकों में गुजरने वाली छात्राओं पर फब्तियां कस कर छेड़छाड़ करते थे। कई मनचले ऐसे थे जो बाइक लेकर आते थे और छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करते थे उन पर भी पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मनचलों को सबक सिखाने लगातार चलेगा अभियान डीएसपी हिना खान का कहना है कि छात्राओं और युवतियों के साथ छेड़छाड़ करने वाले मनचलों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। मैंने गोविंदपुरी इलाके में हॉस्टल और कोचिंग में पढ़ने वाली छात्राओं से बातचीत की थी। उनके द्वारा बताए गए स्थानों पर कार्रवाई करते हुए 10 से 12 मनचलों को पकड़ा है। अभियान चलाकर मनचलों के खिलाफ लगातार कार्रवाई चलती रहेगी।

अम्बेडकर छात्र संगठन ने कांग्रेसी महिला पार्षद का पुतला फूंका।

उज्जैन। एट्रोसिटी एक्ट और आरक्षण का विरोध करने से गुस्साए दलित समाज के एक संगठन ने उज्जैन नगर निगम की कांग्रेसी महिला पार्षद का पुतला दहन किया। बताया गया है कि यह कांग्रेस पार्टी की महिला पार्षद ब्राह्मण समाज की महिला है और ब्राह्मण्ड समाज की बैठक में महिला पार्षद द्वारा एट्रोसिटी एक्ट को पूरी तरह से समाप्त करने और आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग उठाई गई थी। बैठक में उठी इन मांगों के खिलाफ दलित समाज के एक संगठन ने महिला पार्षद का पुतला जलाकर आक्रोश जताया है। रविवार को टावर चौक पर अंबेडकर छात्र संगठन के पदाधिकारियों ने कांग्रेसी महिला पार्षद माया राजेश त्रिवेदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उनका पुतला जलाया। इस पुतला दहन के दौरान दलित समाज की आक्रोशित महिलाएं भी वहां मौजूद थी। संगठन के अध्यक्ष राम सोलंकी ने बताया कि पार्षद माया त्रिवेदी ने एट्रोसिटी एक्ट हटाने और आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की मांग करते हुए हमारे अधिकार खत्म करने की बात कही है। चुनाव के दौरान माया त्रिवेदी को केवल दलितों के वोट चाहिए और चुनाव के बाद दलितों के साथ भेदभाव करना है। यह कांग्रेस की दोहरी नीति है। इसके खिलाफ दलित समाज के लोगों ने पार्षद त्रिवेदी का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शित किया है। दरअसल शनिवार को महावीर जैन धर्मशाला रंग महल पर ऑल इंडिया ब्राह्मण्ड फेडरेशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कांग्रेस पार्षद माया राजेश त्रिवेदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई थी। उस दौरान मंच से पार्षद त्रिवेदी ने एट्रोसिटी एक्ट को पूरी तरह से समाप्त करने और आर्थिक आधार पर आरक्षण का लाभ देने की मांग उठाई है। इसके बाद से ही दलित समाज के लोगों में आक्रोश बना हुआ है। पार्षद की मांग का विरोध करते हुए दलित संगठन ने पुतला जलाया है।

अवैध रेत डम्परों को सैकड़ों ग्रामीणों ने रोककर प्रशासन को किया सूचित, इंतेज़ार बाद पहुंचा प्रशासन,टुमड़ी टोला घाट पर मचा हड़कंप, जांच उपरांत मिला कार्यवाही का आश्वासन।

लालबर्रा। मुख्यालय अन्तर्ग्रत आने वाली ग्राम पंचायत ददिया में 8 अक्टूबर को सुबह टुमड़ी टोला घाट से रेत भरकर आ रहे रेत डम्परों को रोककर पोटिया पाट किराना दुकान मेंन रोड़ पर खड़ा करवा दिया गया जहां पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जन मौजूद रहकर लगभग चार घंटे तक अड़ें थे वहीं ग्राम सरपंच प्रतिनिधि राजेंद्र भलावी द्वारा थाना प्रभारी को 9 बजे दूरभाष पर सूचना दी गई तथा ग्रामीण जन व मीडिया कर्मी टुमड़ी टोला घाट पर पहुंचे तो फोकलेन मशीन की सहायता से रेत वाहन में भर रहे थे वहीं ग्रामीण जन का कहना था कि रेत लायल्टी अन्य घाट कि है और अवैध रूप से वन विभाग कि जमीन से निकाला जा रहा है जो कि पूर्णतः अवैध है जबकि वन विभाग के कीमती पेड़ पौधे भी खनन के चक्कर में काट दिए गए हैं जिससे विभाग को लाखों रुपए का नुक़सान हुआ वहीं इन सब कि जानकारी बहुत पहले से वन विभाग के आला अधिकारियों को है लेकिन दबाव के चलते वह कार्यवाही नहीं कर पाते हैं या फिर अधिकारी सब सेट हो जाते हैं इस वजह से भी कार्यवाही नहीं हो पाती है वहीं घाट ददिया घाट के नाम से स्वीकृत हुआ है तो ग्रामीण जन को काम मिलना चाहिए लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है, इंतेज़ार बाद थाना प्रभारी शिवपूजन मिश्रा हमराह स्टाप के साथ पहुंचे तथा थोड़ी ही देर में नायब तहसीलदार भी पहुंचे और ग्रामीण जन से चर्चा करें फिर कुछ देर बाद माइनिंग अधिकारी भी पहुंचे तथा सभी डम्परो की लायल्टी कि जांच कि फिर अधिकारी वर्ग व ग्रामीण जन पुनः टुमड़ी टोला घाट पहुंचे तो वहां पर कोई भी आदमी नहीं था सिर्फ मशीन थी वहीं माइनिंग अधिकारी ने बताया कि मुझे जानकारी लगी कि रेत डम्परो को रोका गया है थाने से भी सूचना दी गई थी हमारे द्वारा सभी डम्पर वाहन कि लायल्टी चेक किया गया लायल्टी अन्य घाट कि दिखा रही है फिर दल बल व ग्रामीणों के साथ टुमड़ी टोला घाट पहुंचे घाट वन विभाग की भूमि पर है कई कीमती पेड़ कटे हुए मिले जिससे लाखों रुपए का नुक़सान होने का अनुमान है फिलहाल अभी पुलिस अभिरक्षा में सभी डम्परों को रखा गया है जांच उपरांत ही कार्यवाही की जायेगी, वहीं कार्यवाही की मांग करने वालों में प्रमुख रूप से श्रीमती ऋषि पंछी भलावी सरपंच, मनीराम भोयर प्रतिनिधि जनपद सदस्य, तुलसीराम बोपचे पूर्व जनपद सदस्य, कृष्णा महोबे पूर्व सरपंच, प्रमोद हरिनखेडे, दिनेश बोपचे, राहुल ठाकरे, कृष्णेश देशकर, चंद्रशेखर बोपचे, सहित अन्य सभी ग्रामीण जैन मौजूद रहे।

कांग्रेस विधायक सचिन बिरला ने तीन साल के अंदर दोबारा भाजपा की सदस्यता ली।

खरगौन ज़िले के बड़वाह विधान सभा से कांग्रेस विधायक सचिन बिरला ने तीन साल के अंदर दोबारा भाजपा की सदस्यता ली। आज सीएम शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने उन्हें पार्टी में फ़िर से शामिल किया। 2018 में विधायक बने बिरला अक्टूबर 2021 खंडवा उपचुनाव के दौरान] पार्टी में शामिल हुए थे। पर कांग्रेस की शिक़ायत के बाद भी उनकी सदस्यता रद्द नहीं की गई थीं। वैसे वो भाजपा में शामिल हो चुके थे पर कागज़ों पर वो कांग्रेस के ही विधायक थे।

10 सूत्रीय मांगों को लेकर भोपाल में करणी सेना का जंगी प्रदर्शन।

भोपाल। करणी सेना ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर राजधानी भोपाल में एक बार फिर जंगी प्रदर्शन किया। भोपाल से दूर रातीबड़ क्षेत्र में भारी तादाद में एकत्रित हुए करणी सेना के कार्यकर्ता एक सभा के बाद सीएम हाउस घेराव के लिए निकले थे, लेकिन पुलिस ने इन्हे नीलबड़ चौराहे के पास रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में नोकझोंक और झूमा झटकी तक हो गई। जिसके बाद करणी सेना के कार्यकर्ता बैरिकेड्स हटाकर सीएम हाउस का घेराव करने के लिए आगे बढ़ने लगे। करणी सेना कार्यकर्ताओं के उग्र रूप को देखते हुए पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया। इधर देर रात जेल के बाहर पहुंचे करणी सेना के कार्यकर्ता अपने साथियों को जेल से रिहा करने की भी मांग करते रहे। करणी सेना के अनुराग प्रताप सिंह राघव का कहना था कि ”हम पहले दो आंदोलन कर चुके हैं, तब केवल आश्वासन देकर आंदोलन समाप्त करा दिए गए थे, उसके बाद भी कोई निर्णय नहीं लिया गया। अब हमने फिर 10 सूत्री मांगे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह तक पहुंचाई हैं। हमारी मांगों पर अमल नहीं किया जा रहा बल्कि पुलिस ने हमारे कई साथियों को जबरन पकड़ कर जेल भेज दिया। 10 सूत्रीय मांगों को लेकर करणी सेना ने एक बार फिर भोपाल में प्रदर्शन किया। रविवार को राजधानी के रातीबड़ क्षेत्र में जुटे करणी सेना कार्यकर्ताओं ने पहले एक सभा की। इसके बाद दोपहर करीब 3 बजे सीएम हाउस घेराव के लिए निकले। पुलिस ने इन्हें नीलबड़ चौराहे के पास रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में नोकझोंक देखने को मिली। करणी सेना के कार्यकर्ता यहां बेरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ गए। करणी सेना को थोड़ी ही दूरी पर पुलिस ने बेरिकेडिंग कर फिर से रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारी आगे जाने की बात पर अड़े रहे। जिसके बाद पुलिस ने करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग प्रताप सिंह समेत करीब 100 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले सभा को संबोधित करते हुए करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग प्रताप सिंह राघव ने कहा कि हम पहले 2 आंदोलन कर चुके हैं। तब केवल आश्वासन देकर आंदोलन समाप्त करा दिए गए थे। उसके बाद भी कोई निर्णय नहीं लिया गया। अब हमने फिर 10 सूत्रीय मांगें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक पहुंचाई है। हमने स्पष्ट कर दिया है कि हमारी लड़ाई प्रशासन से नहीं है। अनुशासन पूर्वक सीएम हाउस का घेराव करने जा रहे हैं। प्रशासन ने हम पर लाठी चार्ज किया तो हम वादा करते हैं सरकार को बैसाखी पर लाकर छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कांग्रेस ने भी कभी हमारा साथ नहीं दिया। किसी दल की बातों में आकर हिंदुत्व को खतरे में नहीं डालेंगे। आज से हमारी असल लड़ाई शुरू है। पुलिस ने जगह जगह कराई बैरिकेडिंग। पुलिस ने करणी सेना के प्रदर्शन को देखते हुए नीलबड़ से भदभदा चौराहे की ओर सड़क पर जगह-जगह बैरिकेडिंग कर रखी थी। मौके पर पुलिस व प्रशासन के तमाम आला अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। इससे पहले भोपाल पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट रूप से कह दिया था कि प्रदर्शनकारी जबरन सीएम हाउस की ओर कूच करेंगे, तो उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। अन्य राज्यों से भी पहुंचे करणी सैनिक। बताया गया है कि भोपाल में प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मध्य प्रदेश भर से करणी सेना के कार्यकर्ता पहुंचे थे । इसके साथ ही राजस्थान, गुजरात और पंजाब के कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए हैं। लगभग 5 हजार से अधिक करणी सैनिक शनिवार रात में ही भोपाल पहुंच गए थे। जिसके बाद संगठन के यह सभी कार्यकर्ता भोपाल और शहर के आउटर में पदाधिकारियों के बताए गए स्थान पर पहुंच गए। करणी सेना की दस मांगें। 1. बीजेपी और कांग्रेस प्रदेश में 15 प्रतिशत जनसंख्या वाले राजपूत समाज के 50-50 टिकट देने की घोषणा करें। 2. एट्रोसिटी एक्ट के दुरुपयोग को रोकने कड़े कानून बनाए, ऐसे केस में जांच के पश्चात ही गिरफ्तारी होना चाहिए। 3. क्षत्रिय समाज के इतिहास से हो रही छेड़छाड़ के खिलाफ इतिहास संरक्षण कमेटी बने। ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ करने वाले पर आपराधिक मामला दर्ज हो, ऐसा कानून बने। 4. ईडब्ल्यूएस आरक्षण में राजस्थान की तर्ज पर प्रमाण पत्र बनने में आय स्रोतों में तुरंत सरलीकरण लागू हो। 5. पंचायत राज चुनाव में ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू हो, गरीब सवर्णों की लोकतांत्रिक व्यवस्था में भागीदारी बढ़े। 6. राजस्थान में गुर्जरों के देवनारायण बोर्ड की तर्ज पर राजपूत के लिए 200 करोड़ के बजट के साथ महाराणा प्रताप बोर्ड का गठन हो। 7. क्षत्रिय वीर योद्धाओं को आज की पीढ़ी से रूबरू कराने के लिए पैनोरमा निर्माण के लिए प्राधिकरण का गठन हो। 8. फिल्म-टीवी सीरियल में क्षत्रिय इतिहास को तोड़ने मरोड़ने के खिलाफ सेंसर बोर्ड के अलावा इतिहासकारों की कमेटी का गठन हो। 9. युगपुरुष लोकेन्द्र सिंह कालवी साहब की प्रतिमा भोपाल या इंदौर में स्थापित की जाए। 10. गौवंश के संरक्षण के लिए गौशाला निर्माण एवं गौशाला अनुदान की राशि दोगुनी की जाए।

चुनाव से पहले ही मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा में घमासान।

ग्वालियर। मध्य प्रदेश में बहुत जल्द होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनैतिक दलों की तैयारीयां जोरों पर हैं लेकिन भाजपा चुनाव तैयारियों के मामले में सबसे आगे नजर आ रही है। जिसके चलते प्रतिदिन उद्धघाटन, लोकार्पण और जनसभाओं का दौर जारी है। इन्ही जनसभाओं में दिग्गज नेताओं द्वारा दिये जा रहे बयानों से राजनैतिक गलियारों के साथ ही डबल इंजन सरकार वाली भारतीय जनता पार्टी में भी माहौल गर्मा गया है। विधानसभा चुनाव में बिना मुख्यमंत्री के चेहरे के चुनाव मैदान में उतरी भाजपा के बड़े नेताओं ने पार्टी हाईकमान की इस रणनीति का खुलकर विरोध तो नहीं किया लेकिन दिग्गज नेताओं ने बातों बातों में खुद को मुख्यमंत्री चेहरा साबित करना शुरू कर दिया है। जबकि अभी यह कहना भी मुश्किल है कि प्रदेश में सरकार भाजपा की बनेगी या फिर कांग्रेस की लेकिन इन दिग्गजों के दावों और बयानों ने प्रदेश की राजनीति में हलचल जरूर मचा दी है। आइये आपको बताते हैं भाजपा के दिग्गज नेताओं ने क्या ऐसा क्या कहा, जिससे अपने आप को भावी मुख्यमंत्री सिद्ध करना माना जा रहा है। मामा को मुख्यमंत्री बनना चाहिए कि नहीं:- शिवराज सिंह। सीएम शिवराज सिंह अपनी सभाओं में कुछ ऐसे बयान भी दे रहे हैं। जिनकी सियासी गलियारों में खासी चर्चा है। लोग अलग-अलग कयास लगा रहे हैं। सीएम शिवराज सिंह ने एक सभा में कहा था कि ‘ऐसा भैया नहीं मिलेगा, जब चला ऊंगा तो बहुत याद आऊंगा’। इसके बाद एक सभा में उन्होंने जनता से पूछा ‘चुनाव लडूं या नहीं’ । वहीं, शुक्रवार को डिंडौरी की सभा में तो उन्होंने जनता से ये पूछ ‘लिया कि ‘मामा को मुख्यमंत्री बनना चाहिए कि नहीं’। उन्होंने जनता से दोनों हाथ उठवाकर मामा का साथ देने और भाजपा की सरकार का साथ देने का संकल्प भी दिलवाया। उन्होंने ये भी पूछा कि मुझे दिल से ईमानदारी से बताना। मैं कैसी सरकार चला रहा हूं? अच्छी सरकार चला रहा हूं कि बुरी सरकार चला रहा हूं? तो ये सरकार आगे चलनी चाहिए कि नहीं? मामा को मुख्यमंत्री बनना चाहिए कि नहीं ? मोदी जी को प्रधानमंत्री बनना चाहिए कि नहीं ? मुख्यमंत्री साबित कर रहे हैं की जनता के बीच लोकप्रिय चेहरा में हूँ कोई और नहीं, उनके सख्त तेवर बता रहे हैं कि वह किसी के दवाव में काम कएने बाले नहीं है। मैं सिर्फ विधायक बनने नहीं आया:- कैलाश विजयवर्गीय। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और इंदौर से प्रत्याशी कैलाश विजयवर्गीय लगभग रोजाना नई बात कह जाते हैं और बात भी ऐसी होती है कि दूर तलक जाती हैं। दरअसल कैलाश विजयवर्गीय ने एक सभा में ये कह हलचल मचा दी, कि वे सिर्फ विधायक बनने नहीं आए है, पार्टी की ओर से उन्हें बड़ी जवाबदारी मिलने वाली है। उन्होंने कहा ‘मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, भारतीय जनता पार्टी की सरकार फिर से बनने वाली है। मैं खाली विधायक बनने नहीं आया हूं। मुझे और भी कुछ बड़ी जवाबदारी मिलेगी पार्टी की ओर से। और जब बड़ी जवाबदारी मिलेगी तो बड़ा काम भी करूंगा। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हमने विकास किया है और हम विकास करेंगे।’ अभी इस बात के सियासी मायने निकाले ही जा रहे थे की कैलाश विजयवर्गीय ने गुरुवार को एक बैठक के दौरान यह कहकर फिर सबको चौंका दिया कि “मैं भोपाल में बैठे-बैठे इशारे करुंगा तो इंदौर में काम हो जाएगा.” इस बयान के मायने भी मुख्यमंत्री पद से जुड़े हुए हैं, क्योंकि सीएम भोपाल में रहकर ही सरकार चलाते हैं। हो सकता है ईश्वर की इच्छा हो में कुछ बनु:- गोपाल भार्गव। सागर के रहली में प्रसिद्ध देवी सिद्ध पीठ टिकीटोरिया धाम में गुरुवार को रोप वे के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने आए मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री और भाजपा प्रत्याशी गोपाल भार्गव तो कैलाश विजयवर्गीय से भी दो कदम आगे निकल गए। भूमिपूजन कार्यक्रम में उन्होंने कहा – ‘मैं परेशान होता रहा, तो गुरु जी ने कहा जब इतने परेशान हुए हो तो, एक बार आप फिर चुनाव लड़ जाओ। ये अंतिम चुनाव होगा। ये जो भी गुरु का आदेश है, तो निश्चित रूप से मुझे भी लगा कि इस बार जो चुनाव हो रहे हैं। किसी को मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट नहीं किया जा रहा है। यह नहीं बताया जा रहा कि किसे हम मुख्यमंत्री बनाएंगे। जब गुरु का आदेश आया है तो हो सकता है। और मुझे भी लगा कि गुरु की कुछ इच्छा हो । ईश्वर की तरफ से बात आई हो। गोपाल भार्गव ने कहा- ‘ऐसा भी नहीं है कि मुझे कोई चाहत है। क्योंकि लोग सरपंच बनने के लिए परेशान रहते हैं, पार्षद बनने के लिए परेशान रहते हैं। भगवान ने तो मुझे सब कुछ बनाया है। नगर पालिका अध्यक्ष बनाया। इतने साल विधायक बनाया। इतने साल मंत्री बनाया और तो और सबसे बड़ा पद जो मुख्यमंत्री के बराबर होता है, मुझे नेता प्रतिपक्ष बनाया। बाद में सरकार बदली उस समय में मैं सोचता था कि मुझे नेता प्रतिपक्ष बनाया है। मैं 108 विधायकों का नेता था। कमलनाथ जी 113 विधायकों के नेता थे। लेकिन वह संभव नहीं हो पाया। हर चीज का मुहूर्त होता है। हो सकता है कि मेरी हस्तरेखा में, भाग्य रेखा में ना हो। लेकिन समय पता नहीं कब कैसा आ जाए। तो हो सकता है कि जगदंबा जी की इस परिषद से आपकी आवाज सत्य हो जाए। मैया से यही प्रार्थना करता हूं कि जो कुछ भी बनूं सब आपके लिए बनूं।’ अब क्या बनना वांकी है यह कहने की जरूरत नहीं पड़ती दिख रही है। इस चुनाव में बीजेपी ने कई बड़े चेहरे उतारे। भारतीय जनता पार्टी ने किसी भी नेता को सीएम फेस प्रोजेक्ट नहीं किया है। भाजपा आलाकमान की बात करें तो वह कई बार साफ कर चुका है कि पार्टी प्रदेश में बिना सीएम फेस के चुनाव लड़ेगी। यानी इस विधानसभा चुनाव को पार्टी किसी को भी सीएम घोषित नहीं करेगी। अब तक इसी रणनीति के साथ पार्टी प्रचार-प्रसार कर रही है। वहीं पार्टी ने इस चुनाव में 3 केंद्रीय मंत्री समेत 7 सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव को प्रत्याशी बनाया है। भाजपा अब तक तीन लिस्ट जारी कर 79 प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। खास बात यह है कि … Read more

ना सड़क बनी ना नाली की व्यवस्था सड़कों में बह रहा गंदा पानी स्वच्छता अभियान की उड़ाई जा रही धज्जियां ग्रामीणों में आक्रोश

कटनी ।उमरियापान । सरकार के द्वारा स्वच्छता अभियान के तहत लाखों करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं लेकिन नतीजा सिफर ही रहता है कोई देखने सुनने वाला नहीं है ग्रामीणों ने बताया कि घुघरा ग्राम पंचायत के आश्रित गांव टोपी में ग्रामीणों को परेशानी से जूझना पड़ता है।गांव की अलग अलग सड़कें जर्जर हो चुकी है। इसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस रोड पर लोग कई बार हादसे का शिकार हो चुके हैं। गांव के अरविंद पटेल,अभिषेक पटेल,सुरेन्द्र यादव, सुमित पटेल,नीलेश पटेल,रामकुमार पटेल, सुमित दाहिया सहित अन्य लोगों बताया कि ग्राम पंचायत के द्वारा बनाई गई सड़कें बदहाल हो चुकी है। मार्ग पर जगह-जगह गढ्ढे खुले हुए हैं।गिट्टियां भी निकल आई हैं। इससे कई बार हादसे हो चुके हैं। लोगों ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए ग्राम पंचायत के अलावा प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।ग्रामीणों ने बताया कि गांव सड़क तो बनी लेकिन नाली का निर्माण कार्य नहीं हुआ। सड़क खराब हो चुकी है। अब घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़कों पर बहता है। जिससे कि गंदगी सड़कों पर बहती है। लोग इसी गंदे पानी से होकर निकलते हैं। जिससे कि इस सड़क से निकलने वाले लोगों को परेशानी होती है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत के सरपंच-सचिव गांव में साफ सफाई नहीं कराते हैं। जिससे की गांव में जगह जगह गंदगी फैली हुई है।उन्होंने बताया कि कुछ दिनों बाद नवरात्रि का पर्व शुरू होने वाला है। गांव में मातारानी की प्रतिमा स्थापित होने ही। सड़कों पर गढ्ढे और गंदगी होने से ग्रामीणों को परेशानी होती है।ग्राम पंचायत के द्वारा साफ सफाई नहीं कराई गई तो मातारानी के पंडाल में पहुचने वाले भक्तों को ज्यादा दिक्कत होगी।ग्रामीणों ने बताया कि टोपी गांव से नदी की तरफ जाने वाली सड़क भी पूरी तरह से खराब हो चुकी है। इसे अधूरी छोड़कर कागजों पर सड़क को पूरा बताकर राशि आहरित की जा चुकी है। सड़क आज भी अधूरा पड़ा है। इस सड़क पर भी गढ्ढे होने और गंदा पानी बहने से ग्रामीणों को दिक्कतें आती है।अधूरी सड़क होने से लोग नदी तक नही पहुँच पाते हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर अवि प्रसाद से समस्याओं का निराकरण कराये जाने की मांग किया है। इनका कहना है।टोपी गांव में सड़क और नाली निर्माण कार्य कराए जाने को लेकर प्रयास किये जा रहे हैं। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य कराया जाएगा।नवरात्रि पर्व के पहले गांव में साफ सफाई कराई जाएगी। कमलेश हल्दकार, सचिव ग्राम पंचायत घुघरा अब देखना यह होगा कि ग्रामीणों की समस्या का समाधान कब होता है

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