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हरियाणा के नूंह में फिर तनाव! कुआं पूजने जा रहीं महिलाओं पर किया गया पथराव।

Tension again in Nuh of Haryana! Stones were pelted at women going to worship the well. सांप्रदायि विवाद से फिर सुर्खियों में आया हरियाणा का नूंह। पहले भी धार्मिक यात्रा पर किया था उपद्रवियों ने पथराव। संतोष सिंह तोमर नई दिल्ली। हरियाणा के नूंह में गुरुवार को एक बार फिर से एक समुदाय विशेष द्वारा पूजा करने जा रही महिलाओं पर पथराव की खबर सामने आई। बताया जा रहा है कि कुआं पूजन के कार्यक्रम में जा रही महिलाओं पर कुछ लोगों ने अचानक से पथराव कर दिया। गौशाला रोड स्थित कैलाश मंदिर के पास महिलाओं पर पथराव हुआ है। जिसके बाद दो समुदाय आमने-सामने हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। खुद नूंह एसपी नरेंद्र सिंह बिजरानिया मौके पर मौजूद हैं और आक्रोशित लोगों को समझाने-बुझाने की कोशिश कर रहे हैं। इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है घटना गुरुवार करीब साढ़े 8 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक गुरुवार को हेमंत पुत्र दयाराम के बेटे का कुआं पूजन था। गुरुवार शाम करी साढ़े आठ बजे नूंह शहर के वार्ड नंबर 5, कबीर मोहल्ले की महिलाएं कुआं पूजन के लिए बड़ी मस्जिद के पीछे से जा रही थीं, तभी उनके ऊपर मस्जिद की छत से पत्थर फेंके जाने लगे। महिलाओं ने फेंके गए पत्थरों को नजरअंदाज कर दिया और वह कुआं पूजने के लिए कैलाश मंदिर के लिए चल दीं। जब कुआं पूजने के बाद महिलाएं वापस आ रही थीं, तभी फिर से उनके ऊपर पथराव किया जाने लगा। बड़ी मस्जिद के पास भारी पुलिस बल तैनात महिलाओं ने परिजनों को फोन कर बताया कि बड़ी मस्जिद के ऊपर से उनके ऊपर पथराव किया जा रहा है। इस बात को सुनकर कबीर मोहल्ले के लोग बड़ी मस्जिद के पास पहुंच गए और वहां से पत्थर फेंकने वालों की फोटो खींचने लगे। फोटो खींच रहे लोगों पर भी मस्जिद से उपद्रवियों द्वारा पत्थर फेंके गए, जिसके बाद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी नरेंद्र सिंह बिजरानिया दल-बल के साथ बड़ी मस्जिद पहुंच गए और मस्जिद के चारों तरफ भारी पुलिस बाल लगा दिया। एसपी ने मस्जिद के मुफ्ती को लगाई फटकार वहीं बड़ी मस्जिद के इंचार्ज मुफ्ती जाहिद हुसैन को एसपी नरेंद्र सिंह बिजरानिया ने मस्जिद से बाहर बुलाया और जमकर फटकार लगाई। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जिन लोगों ने महिलाओं के ऊपर पथराव किया है, उन लोगों को या तो अपने आप लेकर आओ नहीं तो मैं अपने तरीके से लेकर जाऊंगा। एसपी ने मुफ्ती जाहिद हुसैन से सख्त लहजे में कहा कि सड़क की तरफ से जो मस्जिद के दरवाजे निकाल रखे हैं, इनको बंद किया जाए। यह जो हो रहा है, वह बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पथराव करने वालों पर मुकदमा होगा दर्ज:- एसपी एसपी नरेंद्र सिंह बिजरानिया ने बताया कि कबीर मोहल्ले में रामावतार के घर कुआं पूजन का कार्यक्रम था, जिसको लेकर महिलाएं कुआं पूजने गईं थी, तभी उनके ऊपर बड़ी मस्जिद के पास पथराप कर दिया गया। वहीं मौके पर अभी स्थिति सामान्य है। तनाव को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। जिन लोगों ने पथराव किया है, उनके खिलाफ अपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। ब्रजंमडल यात्रा के दौरान भी फैली थी हिंसा  इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया है। कुछ महीने पहले ही यहां भारी हिंसा हुई थी, जिसमें एक मौलवी समेत छह लोगों की जान चली गई थी। हम आपको बता दें की इसी वर्ष विहिप ने नूंह में ब्रजमंडल यात्रा का आयोजन किया था, जिस पर बड़े पैमाने पर हमला किया गया था। उपद्रवियो ने इस यात्रा में शामिल लोगों की दर्जनों गाड़ियां जला दी थीं। साथ ही उन पर गोलियों और धारदार हथियारों से भी हमला किया था। इसकी प्रतिक्रिया में गुरुग्राम और फरीदाबाद में दंगे भड़क उठे थे, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। उसके बाद पुलिस ने जब दंगाइयों पर नकेल कसी तो इलाके में धीरे-धीरे शांति आने लगी थी, लेकिन अब फिर हालात खराब करने की कोशिश की गई है।

वोटर कार्ड नहीं है तब भी कर सकेंगे मतदान।

You can vote even if you don’t have a voter card. 12 डॉक्यूमेंट होंगे मतदान के लिए मान्य। चुनाव आयोग ने जारी किए दिशा निर्देश। उदित नारायण भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए 17 नवंबर के दिन वोटिंग होना है। चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशियों के भविष्य का फैसला सुबह 7 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक वोटर अपना वोट डाल कर करेंगे। वोट करने के लिए मतदाता का नाम वोटिंग लिस्ट में होना जरूरी है। इसके अलावा कहा जाता है कि मतदाता के पास वोटर कार्ड होना भी जरूरी है लेकिन ऐसा नहीं है। मतदाता वोटर कार्ड के बिना भी इन दस्तावेजों की सहायता से वोट कर सकता है। दरअसल, चुनाव आयोग ने एमपी विधानसभा चुनाव के लिए वोटर कार्ड के बिना भी करीब 12 आईडी की परमिशन दी है। वोटर पहचान जाहिर करने वाले इन डॉक्यूमेंट्स को दिखाकर अपने मताधिकार का उपयोग कर सकते है और विधानसभा चुनाव के लिए वोट कर सकते है। वो 12 डॉक्यूमेंट जिनके द्वारा कर सकते हैं मतदान यदि किसी वजह से आपके पास वोटर आईडी कार्ड नहीं है तो भी वह अपने मताधिकार का उपयोग कर सकता है। वोटर 12 ऑप्शनल फोटो वाले डॉक्यूमेंट की मदद से वोटिंग कर सकता है। इनमें है आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, इंडियन पासपोर्ट, फोटो पेस्टेड पेंशन कार्ड, गर्वनमेंट सर्विस कार्ड, फोटोयुक्त पासबुक, स्मार्ट कार्ड, हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड, ऑफिशियल आईडेंटिटी कार्ड और यूनिक डिसेबिलिटी कार्ड दिखाकर वोटर 17 नवंबर के दिन वोट कर सकता है। वोटर लिस्ट में मतदाता का नाम होना जरूरी चुनाव आयोग ने वोटर के मताधिकार का उपयोग करने के लिए वोटर कार्ड के अलावा इन 12 फोटोयुक्त पहचान पत्र दिखाकर वोटिंग कर सकते है। लेकिन इन दस्तावेज के साथ ही मतदाता को इस बात का ध्यान रखना होगा कि उसका नाम वोटर लिस्ट में होना जरूरी है। चुनाव आयोग ने कहा है कि वैलिड डाक्यूमेंट के अलावा मतदाता का नाम वोटर लिस्ट में होना जरूरी है। यदि उसका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो वह वोटिंग नहीं कर पाएगा।

गुजरात के अमरेली में  भाजपा नेत्री की हत्या।

BJP leader murdered in Amreli, Gujarat. पड़ोसियों से हुआ था झगड़ा। झगड़े में पुत्र भी हुआ घायल। विशेष संवाददाता गुजरात। अमरेली जिले में महिला भाजपा की पूर्व जिलाध्यक्ष मधुबेन जोशी की एक मामूली विवाद में उनके पड़ोसियों ने हत्या कर दी। हमले में उनका बेटा घायल हुआ है।घटना जिले के धारी इलाके में हुई। मधुबेन जोशी घर में अपने पति और बेटे के साथ रहती थीं। बुधवार को उनके पड़ोसियों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया, जिसने हिंसात्मक रूप ले लिया। हमले में भाजपा की नेता बुरी तरह घायल थीं, जिन्होंने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया हत्या के बाद से आरोपी फरार  पुलिस का कहना है कि हत्या में एक से अधिक आरोपियों के शामिल होने की जानकारी मिली है। सभी आरोपी फरार हैं, उनकी तलाश की जा रही है। हालांकि पुलिस ने कुछ संदेहियों को हिरासत में लिया है और उनसे हत्याकांड को लेकर पूंछ तांछ की जा रही है। हमले में भाजपा नेता के पति अपने आप को बचाने में कामयाब हुए, जबकि उनके बेटे को भी चोट पहुंची है। वह अस्पताल में भर्ती है।पुलिस का कहना है कि हत्या के कारणों की जानकारी अभी नहीं मिली है। मामले में संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। पूर्व में पंचायत सदस्य रह चुकी थीं मधुबेन मधुबेन जोशी धारी तालुका पंचायत की पूर्व सदस्य रह चुकी हैं। उनकी हत्या के बाद कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं। पुलिस अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।कांग्रेस के नेता वीरजी थुम्मल ने बुधवार को ही अमरेली में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाया था, जिसके बाद हत्या की यह घटना सामने आई है।जोशी के घर पर पार्टी नेताओं का जमावड़ा लगा है। इलाके में वारदात के बाद हड़कंप मचा है।

मध्य प्रदेश में चुनाव आचार संहिता के दौरान प्रशासन व पुलिस ने अरबों रुपए की नकदी व शराब पकड़ी।

During the election code of conduct in Madhya Pradesh, the administration and police seized cash and liquor worth billions of rupees. मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव आचार संहिता में जब्ती के आंकड़े हुए उजागर। 335 करोड़ 76 लाख रुपये से अधिक की नकदी, शराब व सोना चांदी हुआ जब्त। उदित नारायण भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में शांतिपूर्ण तरीके से मतदान प्रक्रिया को सम्पन्न कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का पालन करते हुए आचार संहिता लागू होने से लेकर अब तक मध्य प्रदेश शासन और पुलिस व अन्य विभागों द्वारा अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए लगातार चलाए गए अभियानों में अरबों रुपए का मसरूका जब्त होने का खुलासा हुआ है। इस जब्त मसरुका में नकदी, सोना चांदी, अवैध शराब व अन्य मादक पदार्थ शामिल हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक इन सभी जब्त सामग्रियों एवं नकदी का इस्तेमाल निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने और मतदाताओं की खरीद फरोख्त के लिए किया जा सकता था। यहां गौरतलब बात यह भी है कि इस बार जब्त नकदी और मादक पदार्थ आदि की मात्रा एवं कीमत पिछले चुनाव की अपेक्षा बहुत अधिक है। पिछले विधानसभा चुनाव में तकरीबन 75 से 100 करोड़ के बीच नकदी और शराब आदि जब्त हुई थी। अरबों रुपए की नकदी और शराब पकड़ी इस बार के विधानसभा चुनाव में न केवल शराब की खेप दर खेप खपाने की चहुंओर कोशिशें चल रही हैं, बल्कि पैसे से वोट खरीदने का मिजाज भी मस्ती पर है। अब तक हुई कार्रवाइयों के आंकड़े बताते हैं कि पिछले चुनाव की तुलना में यह चार गुनी ज्यादा रफ्तार पर है। उधर, आलम यह भी है कि इन तमाम कार्रवाइयों में किसी राजनीतिक दल या प्रत्याशी की संलिप्तता सामने नहीं आई है। आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक 39 करोड़ 15 लाख 88 हजार 874 रुपये नकद, 63 करोड़ 84 लाख 6 हजार से अधिक राशि की अवैध शराब ही जब्त की जा चुकी है। जबकि 92 करोड़ 76 लाख 36 हजार रूपए से अधिक का सोना चांदी और 17 करोड़ 8 लाख 36 हजार रुपए से ज्यादा के अन्य मादक पदार्थों की जब्ती की गई है। इसके साथ ही 1 अरब 22 करोड़ 91 लाख 94 हजार रूपए से अधिक के वाहन एवं अवैध हथियार भी जब्त किए गए हैं।इन आंकड़ों के हिसाब से कुल 3 अरब 35 करोड़ 76 लाख 36 हजार रुपए से अधिक की नकदी, अवैध शराब, सोना चांदी, अवैध हथियार, मादक पदार्थ एवं इन सबके परिवहन के लिए इस्तेमाल किए गए वाहन जब्त किए गए हैं। जबकि पिछले चुनाव में आचार संहिता के दौरान 75 से 100 करोड़ रुपये के बीच शराब, नकदी सहित अन्य सामग्रियों की जब्ती हुई थी, जबकि इस बार यह आंकड़ा पिछली बार की तुलना में चार गुना से अधिक पहुंच गया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन का कहना कि नौ अक्टूबर से अब तक 335 करोड़ 76 लाख 36 हजार 94 रुपये की जब्ती की कार्रवाई की गई है। इसमें 33 लाख लीटर से अधिक अवैध शराब सहित अन्य सामग्रियां शामिल हैं। सी विजल एप पर लगभग 10 हजार से अधिक शिकायतें आ चुकी हैं। इन पर त्वरित कार्रवाई भी हो रही है। बहुत कुछ कह रही है जब्त नकदी और शराब प्रदेश में पुलिस और आबकारी विभाग सक्रिय है। आचार संहिता लगने के बाद टीमें लगातार ढाबों, होटलों रेस्टोरेंट पर छापे मार रही हैं। हालांकि, सख्ती से शराब तस्करों में हड़कंप जरूर मचा हुआ है, मगर नशे की धार पर अंकुश लग गया हो, यह कतई नहीं कहा जा सकता। मध्य प्रदेश कई राज्यों की सीमाओं से जुड़ा हुआ है तो सीमा पर बनाई चौकियों पर नकदी, शराब, सोना-चांदी को पकड़ने की कार्रवाइयां भी अधिक हो रही हैं। देखने में आ रहा है कि एफएसटी और एसएसटी की टीमों ने अब तक राजनेता या उनके समर्थकों के खिलाफ एक भी कार्रवाई नहीं की है। व्यापारी, कारोबारी और उनके नुमाइंदे ही पकड़े जा रहे हैं। यदि जब्त सामग्रियों एवं नकदी को कारोबारियों से पकड़ा गया है तो निश्चित रूप से उनके पास इस सबका हिसाब किताब भी होना चाहिए और नहीं है तो यह भी पता चलना चाहिए कि यह नकदी, शराब आदि किन राजनेतिक पार्टियों के नेताओं के कहने पर और किसके द्वारा पहुंचाई जा रही थी।

पंचतत्व में विलीन हुए सहाराश्री।

Saharashree merged into Panchatattva. लखनऊ में हुआ अंतिम संस्कार, पोते ने दी मुखाग्नि। कई दिग्गज नेता, अभिनेता पहुंचे अंतिम दर्शन करने। संतोष सिंह तोमर लखनऊ। सहारा प्रमुख सहाराश्री सुब्रत रॉय का अंत‍िम संस्‍कार आज शाम बैकुंठधाम में हुआ और वह पंचतत्व में विलीन हो गए। उनके दो पौत्रों ने उनको मुखाग्नि दी। इस मौके पर शमशान घाट पर मौजूद रहे सभी लोग नाम आंखों से सहाराश्री को अंतिम प्रणाम करते नजर आए। सहारा इंडिया परिवार के कर्मचारी उनको ‘सहारा प्रणाम’ कर रहे थे और ‘सहाराश्री अमर रहे’ के नारे लगा रहे थे और भारी मन से खुद से दूर होते अपने अभिभावक को देख रहे थे। सुब्रत रॉय को प्लेटफार्म नंबर 8 पर मुखाग्‍न‍ि दी गई। सहारा परिवार के लिए प्लेटफॉर्म 7 से लेकर 9 तक को रिजर्व रखा गया था और पूरे बैकुंठ धाम को फूलों से सजाया गया था। घाट पर सहाराश्री परिवार के लोगों के लिए पार्किंग आरक्षित कर दी गई थी।        सहारा इंडिया परिवार की ओर से इस सम्बंध में बताया गया कि सहाराश्री सुब्रत रॉय की अंतिम यात्रा गोमती नगर में सहारा शहर से होकर अंबेडकर चौराहा, गांधी सेतु होते हुए 1090 चौराहे से बैकुंठधाम पहुंची। मालूम हो कि 14 नवम्बर को मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में सहाराश्री का निधन हो गया था। उन्होंने 75 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। सहारा श्री के निधन के बाद से ही उनके करीब रहे फिल्म अभिनेता, सिंगर, डायरेक्टर, नेता, मंत्री आदि वीआईपी लगातार श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे। घाट पर भी यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित नेता अभिनेताओं के साथ ही सहारा इंडिया परिवार के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। दाह संस्कार में नहीं पहुंचे बेटे, पोते ने दी मुखाग्नि मुंबई से चार्टर प्लेन से सुब्रत राय का पार्थिव शरीर शाम 4.20 बजे अमौसी एयरपोर्ट पर लाया गया था। सुब्रत राय का पार्थिव शरीर सहारा शहर पहुंचते ही मित्र व कर्मियों ने सहारा श्री अमर रहे के नारे भी लगाए गए थे। पार्थिव शरीर को लेने के लिऐ पत्नी सपना राय, भाई जयब्रत राय, बहन कुमकुम राय चौधरी, बहु रिचा और चांदनी राय के साथ ही परिवार के अन्य सदस्य व दोस्त पहुंचे थे। जबकि सुब्रतो राय सहारा के दाह संस्कार के दौरान उनके दोनों बेटे सुशांतो और सीमांतो मौजूद नहीं थे। ऐसे में राय की चिता को उनके 16 वर्षीय पोते हिमांक ने मुखाग्नि दी। कई दिग्गजों ने सहाराश्री को दी अंतिम श्रद्धांजलि बुधवार की शाम को 5 बजे जैसे ही सहारा शहर में सहाराश्री का पार्थिव शरीर लाया गया था, उसी के बाद से श्रद्धांजलि देने के लिए दिग्गज पहुंचने लगे। गुरुवार को सुबह से ही खेल जगत से लेकर फिल्मी जगत और राजनीति क्षेत्र से जुड़े दिग्गज सहाराश्री के अंतिम दर्शन को पहुंचे। सुबह ही हॉकी खिलाड़ी और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान धनराज पिल्ले श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे तो वहीं राज्य सभा सदस्य दिनेश शर्मा, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मंत्री नितिन अग्रवाल, पूर्व मुख्यमंत्री व सपा प्रमुख अखिलेश यादव, सांसद नरेश अग्रवाल, सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम, पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव, प्रमोद तिवारी, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर, कांग्रेस विधान मंडल की नेता आराधना मिश्र, पूर्व मंत्री अम्मार रिजवी, मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, गायक सोनू निगम और लखनऊ मेयर सुषमा खरकवाल, लखनऊ में सिटी मांटेसरी स्कूल के फाउंडर जगदीश गांधी, फिल्म अभिनेता राज बब्बर की बेटी जूही बब्बर, बीबीडी के विराज दास, फिल्म निर्माता बोनी कपूर, अभिनेत्री गुल पनाग, गायिका सपना मुखर्जी, परसेप्ट लिमिटेड के संस्थापक हरिंद्र सिंह आदि ने सहारा शहर पहुंचकर सहाराश्री को श्रद्धांजलि दी। सीएम योगी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय के निधन पर दुख जताया था। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय का निधन अत्यंत दुःखद है। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहने की शक्ति दें. ॐ शांति।’ समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी ‘एक्स’ पर लिखा, ‘सहारा श्री सुब्रत राय जी का निधन उत्तर प्रदेश और देश के लिए भावनात्मक क्षति है। वह एक अत्यंत सफल व्यवसायी होने के साथ-साथ संवेदनशील एवं विशाल हृदय वाले व्यक्ति थे जिन्होंने अनगिनत लोगों की सहायता की और उनका सहारा बने। भावभीनी श्रद्धांजलि।’

जम्मू कश्मीर में बस खाई में गिरी, हादसे में 38 की मौत।

42 सीटर बस में भरे थे 55 यात्री, अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी बस। ओवरटेक करने के लिए दो बसों से लगी होड़ बनी भीषण हादसे की वजह। संतोष सिंह तोमर नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में बुधवार दोपहर को बड़ी दर्दनाक खबर निकल कर सामने आई है। यात्रियों से खचाखच भरी एक बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण हादसे में अब तक 38 यात्रियों की जान चली गई, जबकि हादसे में 17 यात्री घायल हैं। इनमें से कई यात्रियों की हालत गंभीर बनी हुई है। चार घायलों को  जीएमसी जम्मू के लिए एयरलिफ्ट किया गया। घटनास्थल पर कोहराम मच गया। मृतकों की संख्या में इजाफा हो सकता है।  जानकारी के अनुसार, डोडा जिले के बग्गर इलाके के त्रांगल में बुधवार दोपहर यह दर्दनाक हादसा हुआ। यहां एक बस अनियंत्रित होकर करीब 300 फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे का शिकार हुई बस किश्तवाड़ से जम्मू की तरफ जा रही थी। दर्दनाक हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। साथ ही पुलिस को भी सूचना दी। घायलों को इलाज के लिए जीएमसी डोडा ले जाया गया है। इनमें से भी कुछ की हालत गंभीर है। ऐसे में मरने वालों का आंकड़ा और भी बढ़ सकता हैपता चला है कि बस क्रमांक JK-02 CN-6555 बस में 55 लोग सवार थे। बस किश्तवाड़ से जम्मू जा रही थी। बटोत-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर त्रुंगल-अस्सार के पास बस अनियंत्रित होकर 300 फीट खाई में गिर गई।  चालक की लापरवाही बनी हादसे की वजह शुरुआती जानकारी में पता चला है कि यह बस 42 सीटर थी, लेकिन इसमें 55 यात्रियों को बिठाया गया था। बस रास्ते पर दौड़ते हुए दो अन्य बसों को ओवरटेक कर रही थी। तीनों बसों में आगे निकलने की होड़ मची थी। इसी बीच यह बस बेकाबू होकर खाई में गिर गई और बड़ा हादसा हो गया। ऊंचाई से गिरने की वजह से बस के परखच्चे उड़ गए। जिस जगह पर यह भीषण हादसा हुआ, वहां से एक सड़क गुजरी है, जिसके मोड़ पर गहरी खाई है। ऐसे में अनुमान है कि मोड़ पर ड्राइवर से बस अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। पीएम मोदी-उपराज्यपाल ने हादसे पर जताया दुख जम्मू कश्मीर के डोंडा में हुए भीषण बस हादसे में जान गवाने वाले सभी लोगों की दर्दनाक मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दुख जताया है। जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी हादसे दुख प्रकट किया है। मृतकों को दो लाख, घायलों को 50 हजार की मदद पीएम मोदी ने एक्स पर कहा कि “जम्मू-कश्मीर के डोडा में हुई बस दुर्घटना दुखद है। उन परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल जल्द से जल्द ठीक हो जाएं। उन्होंने घोषणा करते हुए लिखा कि प्रत्येक मृतक के परिजन को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी और प्रत्येक घायल को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से 50,000 रुपये दिए जाएंगे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जताया दुख वहीं, गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “जम्मू-कश्मीर के डोडा में एक दुखद बस दुर्घटना के कारण बहुमूल्य जिंदगियों के नुकसान के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ। स्थानीय प्रशासन बचाव अभियान चला रहा है। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं।” मृतक और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना करता हूं।”  लोगों की मौत से बहुत दुखी हूं:- मनोज सिन्हा जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा,”डोडा में एक दुखद बस दुर्घटना में लोगों की मौत से बेहद दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं और दुर्घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रभावितों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए डिव कॉम और जिला प्रशासन को निर्देशित किया गया है।” 21 मृतकों की अभी तक हुई पहचान डोडा बस हादसे में मारे गए 36 लोगों में से अभी तक 21 लोगों की पहचान हो पाई है। डोडा जिला प्रशासन ने भी हादसे पर गहरा दुख जताया है। अफवाहों से बचने और सटीक जानकारी और सहायता के लिए नंबर जारी किए हैं। प्रशासन ने कहा कि लोग इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। 01996233337 (डीसी कार्यालय डोडा) 01996233465 (एएच जीएमसी डोडा) 18001807122 (टोल फ्री नंबर) 9906320997, 9596776203 (नियंत्रण कक्ष)

थम गया चुनाव प्रचार अभियान, 17 को मतदाता करेंगे प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला।

कोई भी दल अब नहीं कर सकेगा चुनाव प्रचार।प्रचार बंद होने के बाद के 48 घंटे बहुत अहम।मतदान खत्म होने तक शराब बिक्री पर रोक। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दलों द्वारा चलाया जा रहा प्रचार अभियान थम गया। अब कोई भी राजनीतिक दल खुलेआम प्रचार प्रसार नहीं कर सकेगा। प्रचार अभियान बंद होने के बाद के 48 घंटे सभी राजनीतिक पार्टियों के लिए बहुत ही अहम माने जा रहे हैं। इन 48 घंटों के दौरान गुप चुप तरीके से सभी दल मतदाताओं को अपने पक्ष में मतदान करने के लिए लुभाने का प्रयास करते हैं लेकिन इन पर चुनाव आयोग की कड़ी नजर रहेगी। अब कोई भी राजनीतिक पार्टियों का नेता या कार्यकर्ता चुनाव प्रचार करते हुए पाया गया तो पुलिस उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकती है। इसके साथ ही चुनाव आयोग के निर्देश पर प्रचार अभियान बंद होने के साथ ही प्रदेश भर में शराब बिक्री पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। शाम 6 बजे थम गया चुनाव प्रचार का पहिया मध्यप्रदेश में 17 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान का पहिया शाम 6 बजे थम गया। जबकि बालाघाट, मंडला और डिंडोरी के नक्सल प्रभावित जिलों में चुनावी अभियान दोपहर तीन बजे बंद हो गया था। मध्यप्रदेश की 230 विधानसभा सीटों के लिए कुल 2533 उम्मीदवार मैदान में हैं, जहां सत्ता के लिए बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधी लड़ाई है।मध्य प्रदेश में 5,60,60,925 वोटर्स कैंडिडेट की किस्मत का फैसला तय करेंगे। इसमें 2,88,25,607 पुरुष, 2,72,33,945 महिलाएं और 1,373 थर्ड जेंडर हैं। मध्य प्रदेश में शुक्रवार यानी 17 नवंबर को वोटिंग होनी है। यहां एक चरण में ही मतदान होगा। राज्य के 2,049 मतदान केंद्रों पर वोटिंग सुबह 7 बजे शुरू हो जाएगी, जो कि शाम 6 बजे तक चलेगी। स्टार प्रचारकों ने किए रोड शो और जनसभाएं चुनाव प्रचार के आखिरी दिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने अंतिम समय में अपने-अपने उम्मीदवारों के लिए वोटर्स को लुभाने की कोशिश की। आखिरी दिन समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी रैलियों को संबोधित किया।चुनाव प्रचार में पीएम मोदी, अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित अन्य लोगों ने राज्य का दौरा किया और सभी 230 सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवारों के लिए समर्थन जुटाने के लिए चुनावी सभाओं को संबोधित किया। उधर, कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कमल नाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपने 230 उम्मीदवारों के लिए समर्थन जुटाने के लिए सार्वजनिक रैलियां कीं। चुनाव प्रचार के दौरान विपक्षी गठबंधन में दरार भी स्पष्ट रूप से देखी गई। राजनीतिक दलों के लिए अगले 48 घंटे बहुत अहम अगले 48 घंटे अब किसी तरह का प्रचार, रोड शो, जनसभा, रैली, नुक्कड़ सभाएं कुछ भी नहीं किए जा सकेंगे। लेकिन राजनीतिक पंडित बताते हैं कि इन 48 घंटों में ही बीजेपी और कांग्रेस सहित सभी पार्टियों के कार्यकर्ता घर-घर दस्तक देंगे। देर रात तक हर गली-मोहल्ले में और बंद कमरों में राजनीतिक बिसात सेट की जाएंगी। इन अंतिम क्षणों में राजनीतिक पार्टियां हर सीट पर गोलबंदी करने और मौखिक रूप से जीत-हार को प्रचारित करने की कोशिश करेंगी, जिससे वोटिंग के दिन 17 नवंबर तक हर पार्टी और हर प्रत्याशी अपने फेवर में माहौल बना सके। लेकिन ये सब बिना किसी शोर-शराबे के होगा और चुपचाप किया जाएगा। शराब बिक्री पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से मतदान कराने के लिए प्रचार अभियान थमने के साथ ही चुनाव आयोग के निर्देश पर प्रदेश भर में शराब बिक्री पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रचार अभियान बंद होने के समय से ही सभी शराब दुकानों को बंद करा दिया गया है। शराब बिक्री पर लगा प्रतिबंध मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के समय तक लागू रहेगा। मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही शराब की दुकानें खोली जा सकेंगी। इस प्रतिबंध के दौरान यदि कोई शराब दुकान खुली पाई गई या चोरी छुपे शराब बिक्री पकड़ी गई तो संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही अवैध रूप से शराब बिक्री करने वालों पर भी पुलिस नजर रखे हुए है।

शराब दुकान बंद होने के पहले उमड़ी भीड़, 48 घंटे के लिए सील.

Crowds surged before the closure of liquor shops, sealed for 48 hours. मतदान के दिन छह बजे खुलेंगी दुकान, आबकारी की टीम तीन शिफ्टों में रखेगी अवैध शराब की बिक्री पर नजर Manish Trivedi भोपाल। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आबकारी अमले ने जिले की सभी 87 शराब दुकानों को बुधवार शाम 5 बजे सील कर दी गई। गुुरुवार को ये दुकानें पूरी तरह बंद रहेगी और शुक्रवार शाम पांच बजे या मतदान समाप्ति के बाद ही खुलेंगी। बुधवार को इन दुकानों पर भीड़ उमड़ी। इधर, आबकारी अमले ने इन शराब दुकानों के अलावा जिलेभर में अवैध रूप से बिकने वाली शराब की निगरानी भी बढ़ा दी है। यह टीम अगले तीन दिनों तक पूरे 24 घंटे तीन शिफ्टों में तैनात रहेगी। इन तीन दिनों में शराब का 9 करोड़ से ज्यादा का कारोबार प्रभावित होगा। इनमें सरकार का रेवेन्यू (लाइसेंसी फीस) 6.54 लाख रुपए शामिल है। कलेक्टर आशीष सिंह ने बुधवार शाम 6 बजे से 17 नवंबर को मतदान समाप्ति तक (48 घंटे के लिए)जिले में ड्राई डे घोषित किया है। इसी तरह 3 दिसंबर को मतगणना वाले पूरे दिन यह प्रतिबंध लागू रहेगा। जिले में शराब की 87 शराब दुकानें है। इन दुकानों का साल भर का शराब ठेका 798 करोड़ रुपए में गया है। इस हिसाब से सरकार को रोजाना की लाइसेंसी फीस (रेवेन्यू) 2.18 करोड़ रुपए मिलती है। दुकानदारों को इसकी लागत डेढ़ गुना पड़ती है। इस तरह हर दिन तीन करोड़ रुपए की शराब का कारोबार होता है। तीन दिन के हिसाब से यह राशि करीब 9 करोड़ रुपए होती है। अलग-अलग टीम तीन शिफ्टों में तैनात :सहायक आबकारी आयुक्त दीपम रायचुरा ने बताया कि अवैध शराब की बिक्री की निगरानी जिले की सभी शराब दुकानें बुधवार शाम सील कर दी गई। अब यह शुक्रवार को मतदान समाप्ति के बाद खुलेंगी। इन दुकानों के अलावा जिले में अवैध शराब की बिक्री पर नजर रखने के लिए आबकारी की अलग-अलग टीम तीन शिफ्टों में तैनात रहेगी।

वोटर कार्ड के साथ ही 12 अन्य तरह के परिचय पत्र को भी किया है मान्य चुनाव आयोग ने मतदान के लिए इन कागजातों को दी मान्यता.

Election Commission has approved not only the voter card but also 12 other types of identification documents for voting. Manish Trivedi भोपाल। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सीईओ अनुपम राजन ने कहा कि आमतौर पर वोटरों में यह भ्रांति होती है कि उनके पास वोटर कार्ड नहीं है, इसलिए वे वोट नहीं डाल सकते, किंतु ऐसा नहीं है। चुनाव आयोग ने किसी कारण से वोटर कार्ड नहीं प्राप्त करने वाले मतदाताओं के लिए 12 अन्य तरह के पहचान पत्रों को मतदान के लिए अधीकृत किया है। कोई भी मतदाता इन 12 तरह के परिचय पत्रों में से किसी एक परिचय पत्र को दिखाकर अपना मत डाल सकेगा। मप्र में इस बार एक ही चरण में मतदान कराने की तैयारी चुनाव आयोग ने की है। इसी तैयारियों आदि को लेकर हरिभूमि ने सीईओ राजन से विस्तृत बातचीत की। उन्होंने चुनाव की तैयारियों आदि को लेकर कई तरह की जानकारी दी। राजन ने कहा कि किसी भी मतदाता को मतदान के संबंध में भ्रांति नहीं रहे, इसके लिए हर स्तर पर प्रचार-प्रसार करवाया गया है। बूथ स्तर पर तैनात बीएलओ को कई तरह के निर्देश दिए गए हैं। मतदाताओं की सुविधा के लिए सभी तरह के बंदोबस्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर मतदाताओं को मतदाता पर्ची उपलब्ध करा दी गई है या फिर कराई जा रही है,किंतु किसी कारण वश यदि मतदान समय तक में मतदान पर्ची नहीं मिल पाई है तो इस स्थिति में मतदाता को निराश होने या भ्रमित होने की जरूरत नहीं है। मतदाता को बस यह करना है कि सरल ऐप पर अपना नाम अािद देखकर मतदान केंद्र में परिचय पत्र दिखाकर मतदान कर सकता है। मतदान केंद्र के बाहर मौजूद बीएलओ भी इसमें आपकी मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि आचार संहिता लागू होने के बाद कई तरह की शिकायतें आती हैं। इन शिकायतों को संबंधित विभागों के पास भेजकर उसकी रिपोर्ट मांगी जाती है। इसके बाद कार्रवाई के लिए आयोग के पास भेजा जाता है। यदि श्िाकायत गंभीर है तो संबंधित जैसे पुलिस आदि के पास भेजकर कार्रवाई करने को कहा जाता है। इसके अलावा सी विजिल में भी शिकायतें आती है। इसके लिए आयोग की तरफ से नियम बन चुका है कि 100 मिनट में उसका निराकरण होगा। सी- विजिल में आने वालीे शिकायतों को उसी समयावधि में तत्काल निबटारा किया जाता है। उन्होंने कहा कि कुल मतदान केंद्रों में से 25 फीसदी मतदान केंद्र संवेदनशील चिन्हित किए गए हैं। ऐसे मतदातन केंद्रों पर संेंट्रल फोर्स के साथ पुलिस की सख्त सुरक्षा व्यवस्था की जाती है। मतदान केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे, माइक्रो आब्जर्वर, पेट्रोलिंग आदि कराई जाती है। भिंड व मुरैना जिलों में ज्यादा पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। पुलिस को सुरक्षा के सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मप्र में कुल करीब 65 हजार मतदान केंद्र हैं। मतदान केंद्रों की सुरक्षा तथा शांतिपूर्ण मतदान के लिए कुल चार लाख कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।

कांग्रेस ने आदिवासी समाज को वोट बैंक समझा और शोषण किया: ज्योतिरादित्य सिंधिया.

Congress considered the tribal community as a vote bank and exploited them: Jyotiraditya Scindia केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने किया भितरवार, डबरा व ग्वालियर पूर्व में रोड शो. Udit Narayan भोपाल। भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन के सरकार ने मध्यप्रदेश को बीमारू से विकसित राज्य बनाया है। भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने विकास के ऐतिहासिक विकास कार्य किए हैं। कांग्रेस पार्टी ने आजादी के बाद आदिवासी समाज को वोट बैंक समझा और उनका शोषण किया। यह बात केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर जिले के भितरवार, डबरा और ग्वालियर पूर्व में रोड शो और जनसभाओं को संबोधित करते हुए कही। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने गरीब को गरीब रखकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने का काम किया है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी और 18 माह तक कमलनाथ मुख्यमंत्री रहे, लेकिन डबरा का भला नहीं किया। कभी डबरा का हाल जानने भी नहीं आए। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मैं कई बार डबरा आए और डबरा के विकास के लिए सौगात लेकर आए हैं।

भोपाल में कांग्रेस दफ्तर में पार्टी नेता अनस पठान पर हमला.

Attack on Congress office in Bhopal targeting party leader Anas Pathan. दक्षिण पश्चिम प्रत्याशी पीसी शर्मा के समर्थक अनस पठान पर बदमाशों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीसीसी के अंदर घुसकर हमला कर दिया। Udit Narayanभोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस नेता अनस पठान पर जानलेवा हमला हो गया है। हथियारों से लैस होकर बदमाशों ने पठान पर हमला बोल दिया। कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया अध्यक्ष की प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बदमाशों ने कांग्रेस नेता पर अटैक किया। वहीं इस हमले को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर आरोप लगाए हैं। राजधानी भोपाल के कांग्रेस कार्यालय में दक्षिण पश्चिम विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा के समर्थक अनस पठान पर जानलेवा हमला कर दिया जिससे कांग्रेस कार्यालय में अफरा तफरी का माहौल हो गया। बुधवार शाम करीब 4:00 बजे अज्ञात बदमाशों ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में घुसकर हमला कर दिया। यहां बदमाशों ने किसी से कुछ नहीं कहा और लाठी-डंडों से कांग्रेस नेता और भोपाल दक्षिण से कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा के कट्टर समर्थक अनस पठान पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में अनस के सिर पर चोट आई है। वहीं इस हमले के बाद घायल अनस को गंभीर हालत में कार्यालय के पास ही स्थित रेड क्रॉस अस्पताल ले जाया गया। हालत ज्यादा बिगड़ने पर घायल को बसंल अस्पताल में रेफर कर दिया गया। इससे पहले प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में अचानक घुसे बदमाशों को देख अफरा-तफरी मच गई। इस हमले को लेकर कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाते हुए बयान दिया और कहा कि यह सुनियोजित हमला था, जिसे भाजपा द्वारा करवाया गया है। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेता पवन खेड़ा ने इसे भारतीय जनता पार्टी के द्वारा हमला किया जाना बताया है। फिलहाल तो पता नहीं चल रहा है कि बदमाश कौन थे। सूत्रों द्वारा यह भी बताया जा रहा है कि पांच लोग थे जो हथियारों से लैस थे। हमलावर जिन्होंने अनस पठान पर हमला किया। कांग्रेस पार्षद गुड्डू चौहान को इस हमले की जानकारी पहले से थी। यह हमलावर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्िकार्जुन खड़गे की सभा में ही हमला करने वाले थे, लेकिन वहां फरियादी पठान नहीं पहुंचा था। सूत्रों के अनुसार, यह हमलावर पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोनू सक्सेना के समर्थक बताए जा रहे हैं। फरियादी पठान मोनू सक्सेना के वार्ड में पीसी शर्मा का प्रचार प्रयार कर रहा था। इसी बात से मोनू समर्थक नाराज थे।

बसपा प्रत्याशी ने कांग्रेस को दिया समर्थन, अहिरवार ने लिया जिताने का संकल्प.

BSP candidate extended support to the Congress, while Ahirwar pledged to win in the election. Special Correspondent भोपाल। बड़ामलहरा विधानसभा सीट पर कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतरी रामसिया भारती को बसपा प्रत्याशी ने समर्थन दे दिया है। दरअसल, बड़ामलहरा विधानसभा से बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर मैदान में उतरे लखन अहिरवार रामटौरिया ने रामसिया भारती को अपना समर्थन दे दिया है। वहीं, इस दौरान लखन अहिरवार ने कहा कि चूंकि इस बार कांग्रेस जनता के हित में काम करने के लिए संकल्पित होकर मैदान में उतरी है। रामसिया भारती का लक्ष्य भी जनता के हित में कार्य करना है। इसलिए हम अपना समर्थन कांग्रेस प्रत्याशी रामसिया भारती को दे रहे हैं। बसपा प्रत्याशी सहित उनके सैकड़ों कार्यकतार्ओं ने भी कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देते हुए कांग्रेस को जिताने का संकल्प लिया। इस मौके पर बड़ी संख्या में कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी मौजूद रहे।

बालाघाट में गौरीशंकर को कड़ी टक्कर दे रही अनुभा.

Anubha is giving tough competition to Gaurishankar in Balaghat. कांग्रेस के बागी के कारण समीकरण उलझे, बेटी मौसम की जगह बिसेन को लड़ना पड़ा चुनाव Due to the rebellion within the Congress, the coalition got entangled, and instead of facing the monsoon, Bisen had to contend with the daughter in the election. Udit Narayan भोपाल। प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता गौरीशंकर बिसेन इस बार बालाघाट में उलझ गए हैं। उन्हें टक्कर दे रही हैं कांग्रेस की अनुभा मुंजारे। अनुभा अब तक निर्दलीय अथवा किसी तीसरे दल की ओर से चुनाव लड़ती रही हैं। हर बार उन्हें अच्छे वोट मिलते रहे हैं। 2018 में वे निर्दलीय मैदान में थी और लगभग 46 हजार वोट लेकर दूसरे स्थान पर थीं। कांग्रेस के विश्वेश्वर भगत तीसरे स्थान पर थे। बालाघाट में कांग्रेस दो चुनाव तभी जीती जब गौरीशंकर बिसेन मैदान में नहीं थे, लेकिन इस बार सीट फंसी दिख रही है। कांग्रेस के बागी विशाल बिसेन के कारण समीकरण उलझे दिख रहे हैं। ऐसे में किसी भी विश्लेषक के लिए यह कह पाना कठिन है कि जीत का ऊंट किस करवट बैठेगा। प्रचार के अंतिम दिन पहुंचे कमलनाथ-स्मृति भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंकी हैं। प्रचार समाप्ति से पहले अंतिम दिन भाजपा की ओर से केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और कांग्रेस की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ बालाघाट पहुंचे। स्मृति ने भाजपा के गौरीशंकर बिसेन को जिताने की अपील की तो कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बन रही है इसलिए अनुभा को वोट देकर आप भी इसमें सहभागी बने। इससे पहले भाजपा प्रत्याशी के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा जबकि कांग्रेस की ओर से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे क्षेत्र में आकर पार्टी प्रत्याशियों के लिए वोट मांग चुके हैं। बेटी मौसम को पीछे कर आगे आए बिसेन लगभग 71 की उम्र पूरी कर चुके गौरीशंकर बिसेन इस बार चुनाव लड़ने के मूड में नहीं थे। वे अपनी बेटी मौसम के लिए टिकट मांग रहे थे और उन्हें टिकट मिल भी गया था। कांग्रेस ने अनुभा मुंजारे को प्रत्याशी घोषित किया तो मौसम स्थिति बदल गई। भाजपा द्वारा कराए गए एक सर्वे में वे अनुभा के मुकाबले कमजोर दिखीं। इसलिए अंतिम समय में बेटी मौसम की बीमारी का बहाना बना कर गौरीशंकर बिसेन खुद मैदान में उतर गए। मौसम ने चुनाव के लिए नामांकन तक दाखिल नहीं किया। भाजपा ने बाद में गौरीशंकर को ही अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया। यह चुनाव उनके लिए भी पहले जैसा आसान नहीं दिख रहा है। अनुभा मुंजारे का क्षेत्र में दबदबा कम नहीं अनुभा मुंजारे का क्षेत्र में कम दबदबा नहीं है। वे 2003 से लगातार विधानसभा का चुनाव लड़ रही हैं। 2003 में वे जनता पार्टी के टिकट पर पहला चुनाव लड़ीं और 15 हजार से ज्यादा वोट हासिल किए। वे 2008 में 28 हजार से ज्यादा, 2013 में लगभग 70 हजार और 2018 में लगभग 46 हजार वोट लेने में सफल रही हैं। बालाघाट में अनुभा दो बार नगर पालिका अध्यक्ष रही हैं। इस बार कांग्रेस में आकर वे भाजपा के बिसेन को कड़ी टक्कर दे रही हैं। कांग्रेस के बागी विशाल बिसेन भाजपा प्रत्याशी गौरीशंकर बिसेन के भतीजे हैं। वे जीत-हार के समीकरण प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन उन्हें ज्यादा समर्थन नहीं मिल रहा है। जातीय समीकरणों में बराबरी पर भाजपा-कांग्रेस बालाघाट में जातीय समीकरणों के लिहाज से भी भाजपा के गौरीशंकर बिसेन और कांग्रेस की अनुभा मुंजारे लगभग बराबरी पर हैं। क्षेत्र में पवार और लोधी मतदाताओं की बहुतायत है। पवार समाज के लगभग 45 हजार मतदाता भाजपा के बिसेन के साथ दिखाई पड़ते हैं तो लीधी समाज के लगभग 40 हजार मतदाताओं का रुझान अनुभा की तरफ दिखता है। बता दें, बिसेन पवार जबकि अनुभा लोधी समाज से ही हैं। इसके अलावा मुस्लिम और दलित- आदिवासी मतदाता का झुकाव अनुभा की ओर देखता है तो अन्य जातियों पर बिसेन का असर है। दोनों दलों के अपने परंपरागत वोटर तो हैं ही। भाजपा के मिजाज वाली है बालाघाट सीट बालाघाट सीट के चुनावी इतिहास पर नजर डालें तो यह भाजपा के मिजाज वाली सीट है। खासकर यह सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता गौरीशंकर बिसेन का पर्याय है। वे यहां से सात चुनाव जीत चुके हैं। बिसेन दो बार लोकसभा का चुनाव भी जीते हैं। 1998 के आम चुनाव और 2004 के उप चुनाव में यहां से कांग्रेस के अशोक सिंह सारस्वत जीते लेकिन तब उनके सामने गौरीशंकर बिसेन मैदान में नहीं थे। 1998 में अशोक सिंह के सामने भाजपा से गौरीशंकर बिसेन की पत्नी रेखा बिसने मैदान में थीं और कांग्रेस के अशोक सिंह से लगभग 20 हजार वोटों के अंतर से चुनाव हार गई थीं। 2004 में अशोक सिंह के सामने भाजपा के कैलाश अग्रवाल थे। इस तरह पत्नी को अपवाद के तौर पर छोड़ दें तो गौरीशंकर बिसेन बालाघाट से अब तक विधानसभा का एक भी चुनाव नहीं हारे।

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