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12 महीनों में भारत में लगभग 60% स्वास्थ्य सेवा (हेल्थकेयर) संगठनों को साइबर अटैक का सामना करना पड़ा.

Cyberattack; Cyber Security; India; Healthcare; Sahara Samachaar;

In the last 12 months, nearly 60% of healthcare organizations in India had to face cyberattacks. Manish Trivedi नई दिल्ली: पिछले 12 महीनों में भारत में लगभग 60% स्वास्थ्य सेवा (हेल्थकेयर) संगठनों को साइबर अटैक का सामना करना पड़ा है. इकोनॉमिक टाइम्स ने यूके स्थित साइबर सुरक्षा फर्म सोफोस के एक नए अध्ययन का हवाला देते हुए बताया है कि इनमें से, साइबर अपराधी लगभग 75% रैंसमवेयर अटैक में डेटा को सफलतापूर्वक एन्क्रिप्ट करने में सक्षम थे, जो पिछले तीन वर्षों में एन्क्रिप्शन की सबसे ऊंची दर है. अख़बार ने साइबर सुरक्षा फर्म के अध्ययन का हवाला देते हुए बताया कि यह पिछले साल किए गए 61% डेटा एन्क्रिप्शन के मुकाबले बड़ी वृद्धि है. बताय गया है कि केवल 24% स्वास्थ्य सेवा संगठन साइबर अपराधियों द्वारा उनके डेटा को एन्क्रिप्ट करने से पहले रैंसमवेयर के अटैक को रोकने में सक्षम थे. रिपोर्ट के अनुसार, यह आंकड़ा 2022 में 34% था. पिछले साल 30 नवंबर को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की वेबसाइट पर 24 घंटे में करीब 6,000 हैकिंग प्रयास हुए थे. यह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पांच सर्वरों को रैंसमवेयर द्वारा हैक किए जाने के हफ्तेभर बाद हुआ था. अनुमान ही कि इसमें 1.3 टेराबाइट डेटा एन्क्रिप्ट किया गया था. हैकर्स ने एम्स के लिए अपने ही डेटा तक पहुंच को असंभव बना दिया था. 31 अक्टूबर, 2023 को बड़े पैमाने पर हुए डेटा ब्रीच (सेंधमारी) में आईसीएमआर के साथ 81.5 करोड़ से अधिक भारतीयों की जानकारी डार्क वेब पर बेची गई. लेकिन हेल्थकेयर क्षेत्र डेटा ब्रीच का नया निशाना क्यों बन रहा है? साइबर जोखिम प्रबंधन फर्म एरेटे के अध्यक्ष एपीएसी राज शिवाराजू ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि पुराने सॉफ्टवेयर, पुराने सिस्टम और साइबर सुरक्षा में अपर्याप्त निवेश ने स्थिति खराब कर दी है. जैसे-जैसे भारत स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को डिजिटल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, ऑनलाइन सिस्टम को सुरक्षित करना तेजी से महत्वपूर्ण हो गया है. ट्रेंड माइक्रो की 2023 रिपोर्ट के अनुसार, 2023 की पहली छमाही में साइबर सुरक्षा जोखिम की घटनाओं के लिए भारत को अमेरिका और ब्राजील के बाद तीसरा सबसे खराब देश बताया गया. साइबर ख़तरे का हाल कोलंबिया स्थित साइबर सुरक्षा कंपनी टेनेबल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे भी अधिक चिंता की बात यह है कि भारतीय कंपनियां लगभग आधे साइबर अटैक को नहीं रोक सकती हैं. यह रिपोर्ट 825 आईटी और साइबर सुरक्षा पेशेवरों के ऑनलाइन अध्ययन पर आधारित है, जिनमें से 69 भारतीय थे. टेनेबल इंडिया के कंट्री मैनेजर कार्तिक शाहनी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, ‘आज के खतरे के माहौल में जब तक संगठन साइबर अटैक पर प्रतिक्रिया देते हैं, तब तक बाजी आधी हारी जा चुकी होती है.’ रिपोर्ट के अनुसार, इसका कारण आईटी और साइबर सुरक्षा टीमों के बीच समन्वय की कमी है, जिसे 43% भारतीय संगठनों ने स्वीकार किया है. शाहानी ने कहा कि संगठनों में आईटी और सुरक्षा टीमों के बीच लक्ष्यों के अलग होने के परिणामस्वरूप तालमेल की स्पष्ट कमी होती है, जिससे साझा लक्ष्य की दिशा में एकजुट होकर काम करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है. अध्ययन में उत्तर देने वाले कम से कम 78% भारतीयों का मानना है कि उनके संगठन प्रिवेंटिव साइबर सुरक्षा के लिए समर्पित ज़्यादा संसाधनों के साथ साइबर अटैक से बेहतर बचाव कर सकते हैं. हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि 10 में से केवल सात (71%) संगठनों का कहना है कि उनकी आईटी टीमें पैचिंग और सुधार की तुलना में अपटाइम के बारे में अधिक चिंतित हैं. बेहतर साइबर सुरक्षा के लिए कौशल की कमी इसके अलावा, भारत के साइबर सुरक्षा उद्योग में मांग और आपूर्ति के बीच गहरी खाई है. चीन के बाद सक्रिय इंटरनेट यूजर्स की दूसरी सबसे बड़ी संख्या होने के बावजूद भारत में वैश्विक साइबर सुरक्षा नौकरियों का केवल 6% है. बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, मई 2023 तक इस उद्योग में केवल 40,000 नौकरियां थीं. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में साइबर सुरक्षा पेशेवरों की मांग बढ़ रही है, लेकिन उद्योग को जरूरी कौशल को लेकर बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है, जहां मांग-आपूर्ति के बीच का अंतर 30% है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत का साइबर सुरक्षा कार्यबल 2023 में लगभग 0.3 मिलियन था, जो 2022 में 0.21 मिलियन और 2021 में 0.1 मिलियन था. इसकी तुलना में, साइबर सुरक्षा पेशेवरों का वैश्विक कार्यबल लगभग 4.7 मिलियन था. इसमें यह भी कहा गया है कि साइबर सुरक्षा राजस्व के मामले में भारत 222 बिलियन डॉलर के वैश्विक राजस्व में से 2.50 बिलियन डॉलर का अनुमानित राजस्व पैदा कर रहा है. यह रिपोर्ट द वायर हिंदी की एक रिपोर्ट पर आधारित है 

केन-बेतवा लिंक परियोजना प्रभावितों को दिलवाएंगे 18 लाख प्रति एकड़: चरन सिंह.

Chain Singh; Chhatarpur; Congress; Sahara Samachaar;

We will provide compensation of 18 lakhs per acre to the affected individuals of the Ken-Betwa Link Project,” said Charan Singh. छतरपुर। कांग्रेस पार्टी द्वारा पैरासूट इंट्री कर बिजावर विधानसभा क्षेत्र में उम्मीदबार बनाए गए चरन सिंह यादव ने अपने खास साक्षात्कार में कहां कि इस क्षेत्र के केन बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित किसानों को 18 लाख प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिलवाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही इस क्षेत्र के प्रभावितों और विस्थापितों को हर हाल में 18 लाख रूपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिलाने का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेरा इस क्षेत्र से चुनाव लड़ना पार्टी का निर्णय है, पार्टी के मुखिया कमलनाथ ने मुझे बिजावर क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी का उम्मीदबार बनाया है तो मैं यहां चुनाव लड़ने आया हूं और मुझे यहां लोगों का भरपूर आर्शीवाद मिल रहा है। भाजपा प्रत्याशी राजेश शुक्ला पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के जनप्रतिनिधि ने तो 35 करोड़ में जनभावनाओं का सौदा कर लिया था। लेकिन मैं ऐसा नहीं करूंगा और 80 हजार से अधिक वोट पाकर ऐतिहासिक जीत दर्ज कराउंगा। स्थानीय और बाहरी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जो लोग मुझे बाहरी प्रत्याशी बता रहे हैं वह झूंठ बोलते हैं वर्षों से खजुराहो एयरपोर्ट के सामने मेरा मकान है और इसी जिले में मेरी कर्म भूमि है। उन्होनंे कहा कि यदि जनता ने मुझे आर्शीवाद दिया तो हर खेत को पानी उपलब्ध कराया जाएगा, 24 घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाएगी, बड़े-बड़े ट्रांस्फार्मर लगवाए जाएंगे और इसी क्षेत्र में योजना बनाकर बड़े उद्योगो की स्थापना कराई जाएगी ताकी लोगों को रोजी-रोटी के लिए पलायन न करना पड़े। एक साथ कई रूठों के साथ आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो लोग मेरे साथ आए हैं उन्होंने मेरा व्यवहार देखा है मेरा काम करने का तरीका देखा है इस लिए वह सभी हमारे साथ हैं इसमें और किसी मंत्र का उपयोग नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि मैं एक किसान का बेटा हूं और सबको साथ लेकर चल रहा हूं। कांग्रेस प्रत्याशी चरन सिंह यादव ने शनिवार को अपने दौरे की शुरूआत बुन्देलखण्ड के कैदारनाथ कहे जाने वाले जटाशंकर धाम में अभिषेक करने के बाद की। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी द्वारा बिजावर को बैंकॉक बताकर महिलाओं के अपमान के सवाल पर कहा कि मैंने किसी महिला का कोई अपमान नहीं किया सारी महिलाएं मेरी मां, बहन और बेटियां हैं अगर भाजपा प्रत्याशी को इसमें महिलाओं का अपमान नजर आ रहा है तो यह उनकी सोच है। मैंने तो जब इस क्षेत्र में गांव-गांव में खुलेआम शराब बिकते हुए देखी तब यह कहा था कि यहां के लोगों ने बिजावर क्षेत्र को बैंकॉक बनाकर रख दिया है।

मेरी टक्कर दारू माफिया और बालू माफिया से है: महेन्द्र गुप्ता.

Mahendra Gupta; Chhatarpur; BSP; Sahara Samachaar;

I am in competition with the liquor mafia and the sand mafia,” said Mahendra Gupta. छतरपुर। बहुजन समाज पार्टी से दूसरी बार बिजावर विधानसभा क्षेत्र के चुनावी समर में किस्मत आजमाने उतरे महेन्द्र गुप्ता ने कहा कि इस क्षेत्र में उनका मुकाबला दारू माफिया और बालू माफिया से है। इन माफियाओं ने चुनाव इतना मंहगा कर दिया है कि साधारण गरीब मजदूर और किसान का बेटा चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाता है। उन्होंने कहा कि इस बार के चुनाव में सरसठ हजार से अधिक वोट प्राप्त करना उनका लक्ष्य है।बहूजन समाज पार्टी प्रत्याशी महेन्द्र गुप्ता ने एक सवाल के जबाव में कहा कि आजादी के बाद से ही हरिजन आदिवासियों और दबे कुचले लोगों के वोट खरीदने का काम किया जा रहा है। कभी उनके वोट दारू के नाम पर खरीदे जाते हैं तो कभी कम्बल, साड़ी और पैसा बांटकर वोट बटोरे जाते हैं। उन्होंने कहा कि बिजावर क्षेत्र के सुदूर गांव पलकौहां में हालात यह हैं कि वहां लोगों के जाती प्रमाण पत्र तक नहीं बनाए जा रहे हैं। जबकि होना यह चाहिए था कि सरकार यहां कैम्प लगवाती और गरीबों के जाति प्रमाण पत्र मौके पर ही जारी करती। उन्होंने मध्यप्रदेश शासन की लाड़ली बहना योजना पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो पैसा लाड़ली बहना योजना के नाम पर बांटा जा रहा है यदि उसी पैसे का सद उपयोग कर अस्पताल बनवाये जाते तो अब तक कई अस्पताल बनकर खड़े हो जाते जिनमें गरीब लोगों का निःशुल्क इलाज हो पाता। जब उनसे पूंछा गया कि मध्यप्रदेश में बीएसपी सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है ऐसे में चुनाव बाद आप कांग्रेस या भाजपा में से किस पार्टी का समर्थन करेंगे तो उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में बहुजन समाज पार्टी के बिना किसी भी दल की सरकार बनना संभव नहीं है और मेरा समर्थन किस पार्टी को होगा इसका निर्णय हमारी नेता बहन मायावती जी ही करेंगी। बसपा नेता महेन्द्र गुप्ता ने अपना यह खास इंटरव्यू देवरा से किसनगढ़ जाते समय रास्ते में दिया।

मुख्यमंत्री की सभा में नहीं दिखी ज्यादा भीड़, नागरिकों में दिखी निराश काफी देर से पहुंचे थे “मामा”

Shivraj Singh Chouhaan; Katni; Elections; Sahara Samachaar;

Chief Minister’s meeting did not witness a large crowd; disappointment was evident among the citizens as they had been waiting for a long time. कटनी। चुनाव प्रचार जोड़ों पर है सभी पार्टियों अपनी-अपनी ताकत झोंक रही हैं इसी कड़ी में मुखिया शिवराज सिंह चौहान की चुनावी सभा का आयोजन एनकेजे स्थित मैदान में होना था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की चुनावी सभा को सफल बनाने के लिए वैसे तो भारतीय जनता पार्टी कटनी के पदाधिकारियों ने खासा जोर लगाया, लेकिन सभा स्थल पर मौजूद लोगों की भीड़ कम ही नजर आई। मामा शिवराज सिंह चौहान के प्रति लोगों की बेरुखी सभा स्थल पर साफ नजर आई। भाजपा ने सभा के पूर्व यह कयास लगाया था कि मुख्यमंत्री की सभा जिले के भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में क्रांति ला देगी, लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं। सभा स्थल पर जहां सामने की कुछ कतारों में पार्टी के पदाधिकारी एवं कॉलेज के छात्र नजर आ रहे थे वहीं पंडाल के पिछले हिस्से में बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली पड़ी हुई थी। इसका एक कारण यह भी कहा जा सकता है कि मुख्यमंत्री अपने निर्धारित समय से चार घंटे लेट कटनी पहुंचे। जिसके कारण कई लोग तो ऐसे भी रहे जो सभा स्थल से वापस घर चले गए। नहीं दिखा लोगों में उत्साहमुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सभा को लेकर लोगों में उत्साह नजर नहीं आ रहा था। लोगों की आखिर ऐसी नाराजगी क्यों है यह बात ना तो भाजपा पदाधिकारियों को समझ में आ रही है और ना ही प्रत्याशी इसे समझ पा रहे हैं। भाजपा सरकार ने वैसे तो जिले के विकास के लिए काफी सारी घोषणाएं कर रखी हैं यहां तक की मेडिकल कॉलेज बनवाने तक की घोषणा आचार संहिता लागू होने के कुछ देर पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कर दी है। इतना सब होने के बावजूद आखिर मतदाता खुश क्यों नहीं है यह बात समझ से परे है। तो क्या परिवर्तन करने का मनमुख्यमंत्री की सभा स्थल पर मौजूद कई भाजपा कार्यकर्ता इस संबंध में आज चर्चा करते हुए नजर आए। इस दौरान पार्टी के कार्यकर्ता यह भी कहते दिखाई दिए कि भारतीय जनता पार्टी ने कटनी जिले में टिकट के बंटवारे में जो गलतियां की हैं वह जनता को पसंद नहीं आ रही। पार्टी कार्यकर्ताओं एवं आमजन के रूखेपन से यह कहना गलत नहीं होगा कि कहीं यह किसी बड़े परिवर्तन की शुरुआत तो नहीं। परिणाम चाहे जो भी आए लेकिन जब तक परिणाम सामने नहीं आ जाते तब तक इस तरह की चर्चाएं चलती ही रहेगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की सभा में भाजपा पदाधिकारी की मौजूदगी रही

अवैध मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ कार्रवाई.

Katni; Rithi; Sahara Samachaar; MP Police;

Action against illegal drug traffickers. कौशल तिवारीरीठी, कटनी, 1 किलो 300 ग्राम गांजा के साथ पुलिस के हत्थे चढ़ा गांजा तस्कर रीठी पुलिस की कार्यवाही कटनी जिले के रीठी पुलिस ने कार्यवाही की है नशे के खिलाफ फिर रीठी पुलिस द्वारा की गई बड़ी कार्यवाही (1 किलो 300 ग्राम मादक पदार्थ गांजा जप्त ) वर्तमान समय मे आदर्श आचार संहिता लागू है, जिस पर क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर पूर्णत अंकुश लगाने हुते पुलिस मुख्यालय भोपाल एवं वरिष्ट पुलिस अधिकारी पुलिस अधीक्षक कटनी अभिजीत कुमार रंजन, अति.पु.अ. मनोज केडिया तथा उ. पु.अ. मुख्यालय कटनी उमराव सिंह के मार्गदर्शन में आज थाना प्रभारी रीठी राजेन्द्र मिश्रा व उनि अनिल पाण्डेय चौकी प्रभारी सलैया थाना रीठी पुलिस स्टाफ के द्वारा आरोपी लटोरा बर्मन पिता सुखनंदी बर्मन उम्र 61 साल निवासी ग्राम अमगवा थाना रीठी के कब्जे से 1 किलो 300 ग्राम मादक पदार्थ गांजा कीमती 15000 रुपये का जप्त किया जिसे ग्राम अमगना के बाहर पंचायत भवन के पास रोड किनारे से जप्त किया गया है आरोपी के विरुद्ध थाना रीठी मे 8/20 बी एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत अपराध पंजीबध्द किया गया इस कार्यवाही में महत्वपूर्ण भूमिका निरी. राजेन्द्र मिश्रा थाना प्रभारी रीठी, उनि अनिल पाण्डेय चौकी प्रभारी सलैया, प्रआर भोला गुप्ता, भोले शंकर, सुनील बागरी की भूमिका सराहनीय रही।

स्मृति ईरानी के भूपेश बघेल पर लगाये गंभीर आरोप.

Chhattisgarh; Bhupesh Baghel; Smriti Irani; Cabinet Minister; Mahadev batting app; Sahara Samachaar;

Serious allegations against Bhupesh Baghel by Smriti Irani. मनीष त्रिवेदीनई दिल्ली। आज छग में पीएम मोदी का दौरा है लेकिन उससे पहले केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने प्रदेश की भूपेश सरकार पर चुनावी खर्चों एवं घोटालों पर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री ने सीएम बघेल पर रिश्वत लिए जाने कर आरोप लगाये। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को दावा किया कि उन्होंने पैसे का लेन-देन करने के एक आरोप में एक शख्स को गिरफ्तार किया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि असीम दास ने कबूल किया है कि वो दुबई से आदेश के अनुसार रायपुर आया और कांग्रेस के चुनावी खर्चो के लिए पैसा दिया। ये पैसा महादेव एप के अवैध बेटिंग का है। असीम दास ने कबूल किया कि शुभम सोनी महादेव एप के टंप मैनेजमेंट में शामिल है। ये तथ्य चौंकाने वाला है कि हवाला और जनता से लूटे हुए धन को कांग्रेस चुनाव में इस्तेमाल कर रही है। शुभम सोनी ने लिखित बयान में कहा कि अब तक महादेव एप के प्रोमोटर ने भूपेश बघेल को पांच सौ आठ करोड़ रुपये रिश्वत दी है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, लेकिन ये एकमात्र ऐसी जानकारी नहीं है, बल्कि एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। महादेव ऑनलाइन बुक एप के प्रमोटर्स प्रशासन और कांग्रेस के नेताओं से जो संरक्षण चाहते थे, वो चंद्रभूषण वर्मा नाम के एक अधिकारी के माध्यम से भी प्रोटेक्शन मनी भेजते थे।

स्कूल भवन का काम अधूरा, सोकपिट नदी शुद्धिकरण मे भी गडबड झाला, ढीमरखेड़ा की पिपरिया शुक्ल सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार को लेकर हो रही लीपापोती.

Katni; panchayat; CEO; Collector Katni; Sahara; Samachaar; sahara samachaar;

School building construction is incomplete, and there have been irregularities in the Sokapita River purification project. There is an ongoing corruption-related issue in government schemes concerning Dhimarkhera and Pipariya Shukl. Mohan Nayakकटनी । उमरियापान सरकारी योजनाओं में किस तरह पलीता लगाया जाता है यह बात किसी से छिपी नहीं है जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की पिपरिया शुक्ल ग्राम पंचायत में सरपंच और ग्राम रोजगार सहायक द्वारा शासकीय योजनाओं के निर्माण कार्य में की गई अनियमितता की जांच करने जिले से जांच टीम पहुँची। जांच टीम में शामिल परियोजना अधिकारी मनरेगा ऋषिराज चढ़ार,आरईएस एसडीओ अजय केशरवानी, एसबीएम जिला समन्वयक कमलेश सैनी ने सोकपिट,नदी सुद्दीकरण, स्कूल भवन,वृक्षारोपण के कार्यों को देखा। 11में तीन स्थानों पर सोकपिट बने मिले।ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि शिकायत के बाद खानापूर्ति की गई है।जांच टीम ने ग्रामीणों के अलावा ग्राम रोजगार सहायक अजय कोरी के कथन लेकर पंचनामा कार्रवाई की। जांच टीम में शामिल अधिकारियों ने बताया कि जांच में ग्रामीणों की शिकायत सही पाई गई है। गांव में कही भी सोकपिट का निर्माण कार्य नहीं पाया गया है।जिन तीन स्थानों पर सोकपिट बनाये गए हैं,वो भी मापदंड के मुताबिक नहीं है। स्कूल भवन का काम अधूरा है। नदी सुद्दीकरण का कार्य भी मौके पर नहीं पाया गया। ग्राम रोजगार सहायक अजय कोरी से संबंधित निर्माण कार्य के दस्तावेज मांगे गए लेकिन रोजगार सहायक द्वारा निर्माण कार्य से संबंधित दस्तावेज नहीं दिखाए गए।उसके द्वारा जांच में भी सहयोग नहीं किया गया।अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई का प्रतिवेदन जिला पंचायत सीईओ शिशिर गेमावत को भेजा जायेगा। आपको बता दें कि पिपरिया शुक्ल ग्राम पंचायत सरपंच सुषमा उरमलिया ,सरपंच पति रमेश उरमलिया और ग्राम रोजगार सहायक अजय कोरी के द्वारा निर्माण कार्य में की गई अनियमितता को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर अवि प्रसाद, जिला पंचायत सीईओ शिशिर गेमावत से शिकायत कर कार्रवाई की मांग किया। जिसके बाद जिला सीईओ शिशिर गेमावत ने जांच टीम बनाकर रिपोर्ट तलब किया है। अधूरी जांच कर वापस लौटे अधिकारी जांच टीम में शामिल अधिकारी अधूरी जांच कर वापस लौट गए। जांच टीम ने तालाब विस्तारीकरण, पीएम आवास और मनरेगा के कार्यों को नहीं देखा।अनियमितता बरतने वाले रोजगार सहायक से ही संबंधित कार्य के फोटो वीडियो मोबाइल पर भेजने की बात कहकर निकल गए। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों द्वारा औपचारिकता निभाई गई, निष्पक्ष जांच होने पर पूरी कलई खुल जायेगी। आपको बता दें कि शुक्ल पिपरिया और घुघरा ग्राम पंचायत में रहते हुए रोजगार सहायक अजय कोरी ने खूब अनियमितता की। एक छुटभैया नेता के संरक्षण के चलते कार्रवाई नहीं हो रही है। अब देखना यह होगा कि आगे क्या कार्यवाही की जाती है

मध्यप्रदेश पंचायत राज्य एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की घारा 61-घ (1),(2) एवं (3) के तहत मामला दर्ज.

Panchyati Raj; MP; Sahara Samchaar; Katni;

Case has been registered under Section 61-Subsections (1), (2), and (3) of the Madhya Pradesh Panchayat Raj and Gram Swaraj Act, 1993. Mohan Nayakकटनी, न्यायालय कलेक्टर कटनी अवि प्रसाद के निर्देश के बाद रीठी बायपास से लगी बेशकीमती जमीन पर किए जा रहे अवैध कॉलोनी निर्माण के मामले में अवैध कालोनाईजर घसीटा यादव निवासी कैलवारा खुद के विरुद्ध रीठी पुलिस थाना में मध्यप्रदेश पंचायत राज्य एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 61-घ (1), (2) एवं (3) के तहत एफ.आई.आर दर्ज की गई है। यह है प्रकरण भूमि स्वामी घसीटा पिता महंगू लाल यादव निवासी ग्राम कैलवारा खुर्द तहसील कटनी के द्वारा अपने स्वामित्व की ग्राम रीठी पटवारी हल्का नंबर 23 राजस्व निरीक्षक मंडल रीठी के अंतर्गत कृषि भूमि खसरा नंबर 734/1/1/1/1/1/1/1 के रकवा0.13 हेक्टेयर एवं खसरा नंबर 734/1/1/3/1/1/2/1/1/1/1/1/1 रकवा 0.41 हेक्टेयर भूमि पर अवैध आवासीय कालोनी निर्माण एवं प्लाटिंग कर पृथक पृथक व्यक्तियों को भूखंडों का विक्रय किया गया था। तथा निरंतर उक्त भूमि में से भूखंडों का विक्रय किया जा रहा था। भूमि स्वामी द्वारा अवैध रूप से प्लाटिंग कर 11 भूखंडों के विक्रय किए जाने को संज्ञान में लेकर न्यायालय कलेक्टर अवि प्रसाद द्वारा भूखंडों के विक्रय विलेखों सहित समस्त संबंधी दस्तावेज तलब किए गए थे। न्यायालय कलेक्टर अवि प्रसाद ने अनावेदक द्वारा प्रस्तुत विक्रय पत्रों और खसरा अभिलेखों का सूक्ष्मता से अवलोकन किये जाने पर पाया कि उक्त भूमि पर अनावेदक द्वारा विशुद्ध व्यवसायिक कारणों से अवैध रूप से प्लाटिंग कर भूखंडों का विक्रय किया गया है। जिसे अनावेदक द्वारा अपने प्रस्तुत बयान में खुद स्वीकार भी किया गया। हालांकि अनावेदक द्वारा अपने बचाव में अवैध कॉलोनी संबंधी कानून की जानकारी न होने का तर्क भी न्यायालय कलेक्टर श्री प्रसाद के समक्ष दिया गया। जिसे न्यायालय कलेक्टर द्वारा यह कहते हुए अस्वीकार्य किया गया कि जब अनावेदक को डायवर्सन की जानकारी थी और उसने बकायदा डायवर्सन की अनुमति ली थी तो फिर कानून की जानकारी न होने का तर्क सहज स्वीकार्य नहीं किया जा सकता। साथ ही न्यायालय तहसीलदार रीठी द्वारा उक्त भूमि से संबंधित 11 भूखंडों के नामांतरण प्रकरणों में आदेश पारित किए जाने से अवैध रूप से 11 भूखंडों का अनावेदक द्वारा विक्रय किए जाने की पुष्टि भी होती है। जो कि मध्य प्रदेश पंचायत राज एवम् ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 61(घ) (2) अवैध कॉलोनी निर्माण के लिए दंड में वर्णित है कि कालोनी निर्माण करने वाला कोई व्यक्ति जो कालोनी स्थापित करने के उद्देश्य से अपनी भूमि को या किसी अन्य की भूमि को इस अधिनियम या इस निमित्त बनाए गए नियमों में अनुध्यात अपेक्षाओं को भंग करके भू खंडों में विभाजित करता है तो वह अवैध कॉलोनी निर्माण का अपराध करने की श्रेणी मे आता है। दिया था अहम फैसला न्यायालय कलेक्टर अवि प्रसाद ने सभी तथ्यों के सूक्ष्म अवलोकन उपरांत भूमि स्वामी घसीटा यादव को अवैध कॉलोनी निर्माण का दोषी पाते हुए उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश अनुविभागीय अधिकारी कटनी को दिया था। साथ ही धारा 61(च) की उपधारा 3 की मंशा अनुसार विहित प्राधिकारी को अनावेदक को कारण दर्शित करने की सूचना देने के पश्चात भूमि का प्रबंध धारण करने का अंतरिम आदेश दिया और खसरा अभिलेख में प्रबंधक कलेक्टर की प्रविष्टि दर्ज करने हेतु भूमि का विधिवत कब्जा प्राप्त करने का आदेश पारित किया था। साथ ही इसी आदेश में तहसीलदार रीठी को उक्त भूमि के सभी बटांको में प्रबंधक कलेक्टर की प्रविष्टि दर्ज करने और विधिवत कब्जा भूमि स्वामी से प्राप्त करने के भी आदेश दिए थे।

नशे के सौदागर के उपर रीठी पुलिस ने की कार्यवाही.

Rithi; katni; Katni Police; MP Police; Sahara Samachaar;

Rithi police took action against the drug dealer. मनमोहन नायककटनी । वर्तमान समय मे आदर्श आचार संहिता लागू है, जिस पर क्षेत्र में अवैध गतिविधियो परपूर्णतज् अंकुश लगाने हुते थाना प्रभारी रीठी राजेन्द्र मिश्रा एवं पुलिसस्टाफ रीठी द्वारा ग्राम हरदुआ स्टेशन मोहल्ला एवं कुचबधिया मोहल्ला में दबिश दी गई जिसमे आरोपीबलराम सिह पिता बुध्दू कुचबधिया निवासी कुचबधिया मोहल्ला से 75 लीटर कीमती 37500 रुपये की एवंआरोपी विकास सिहोते पिता राजेन्द्र सिहोते निवासी स्टेशन मोहल्ला हरदुआ के कब्जे से 65 लीटर कच्चीहाथ महुआ शराब कीमती 32500 रुपये जप्त की गई, कुल 140 लीटर कच्ची महुआ शराब कीमती70,000 रुपये की। उक्त दोनो आरोपियों के विरुध्द थाना रीठी मे 34 (2) आबकारी अधिनियम के तहतअपराध पंजीबध्द किया गया, साथ ही दोनो ईलाको के आसपास के खेतो व झाडियो मे तलाश करने परस्टेशन मोहल्ले से 02 क्विटंल कीमती 20,000 रुपये की एवं कुछबधिया मोहल्ले से 12 क्विटल कीमती1,20,000 रुपये की महुआ लाहन मिली कुल 14 क्विटल कीमती 1,40,000 रुपये का मिला, जिसे मौकेपर ही नष्ट किया गया ।

कलेक्टर के आदेश की गलत व्याख्या कर पट्टे की जमीन का तहसीलदार रंजना यादव ने कर दिया नामांतरण.

Ranjana Yadav; Tehsildar; Chhatarpur; Sahara Samachaar;

Tehsildar Ranjana Yadav misinterpreted the Collector’s orders and completed the land transfer. जीतेन्द्र रिछारिया,छतरपुर। गरीबों को खेती के लिए दी गई पट्टे की जमीन को कलेक्टर के आदेश की गलत व्याख्या कर उसका नामांतरण कर देने का छतरपुर तहसीलदार रंजना यादव का एक कारनामा उजागर हुआ है। दस्तावेजी साक्ष्यों के अनुसार न्यायालय तहसीलदार नगर छतरपुर द्वारा 27 अक्टूबर को एक पट्टे की जमीन का नामांतरण आदेश पारित किया गया है जिसमें कलेक्टर के आदेश का गलत तरीके से हवाला दिया गया है। छतरपुर तहसील के अमानगंज मौजे की भूमि खसरा नंबर 216/2 रकबा 1.104 हेक्टेयर ललौनी निवासी रामाधीन अहिरवार को पट्टे पर शासन से मिली थी। रामाधीन की मृत्यु हो जाने पर यह जमीन उसकी पत्नी तीजा और पुत्र कैलाश अहिरवार वगैरह के नाम दर्ज करने का आदेश दिया गया था। इस पट्टे की जमीन में से 0.653 हेक्टेयर भूमि ललौनी के देवीदीन कुशवाहा पुत्र कम्मोद कुशवाहा ने खरीद ली। उन्होंने इसी साल 9 अगस्त को इसकी बकायदा रजिस्ट्री भी करा ली। मामला नामांतरण के लिए तहसीलदार के पास पहुंचने पर उन्होंने न्यायालय कलेक्टर छतरपुर के प्रकरण क्रमांक/ 30/ बी/121/23-24 आदेश दिनांक 8 जून 2023 का गलत तरीके से हवाला देकर नामांतरण भी कर दिया।न्यायालय कलेक्टर छतरपुर के प्रकरण क्रमांक/ 30/ बी/121/23-24 आदेश दिनांक 8 जून 2023 के मुताबिक एसडीएम छतरपुर के प्रकरण क्रमांक 186/ अपील /2019-20 में पारित आदेश दिनांक 29 जून 2020 में भूमि को शासकीय से निजी मद परिवर्तन का आदेश पारित कर परिवर्तन की रिक्वेस्ट भू अभिलेख पोर्टल के माध्यम से पटवारी और तहसीलदार द्वारा भेजी गई थी। जिसे पोर्टल पर स्वीकृत कर दिया गया। ताज्जुब की बात ये है कि इस आदेश का हवाला देकर तहसीलदार ने नामांतरण ही स्वीकृत कर दिया। हालांकि उसमे सह खातेदार के रूप में नाम जोड़ने की मामूली शर्त लगा दी गई। कलेक्टर के आदेश की गलत व्याख्या कर नामांतरण की यह कार्यवाही तहसीलदार रंजना यादव ने की है। जबकि कलेक्टर या एसडीएम के आदेश में कहीं भी नामांतरण का कोई जिक्र ही नहीं किया गया। आदेश में भूमि को शासकीय से निजी यानि पट्टेदार के नाम दर्ज करने का उल्लेख है। बताते हैं कि छतरपुर शहर से सटे होने के कारण उक्त भूमि की कीमत वर्तमान में करोड़ों रुपए है। संभवतः इसीलिए यह सारी कारगुजारी की गई है।

96 प्रत्याशी चुनावी मैदान में, 25 साल से कांग्रेस का गढ़ बनी उत्तर विधानसभा में चाचा भतीजा का मुकाबला, निर्दलीय भी, आप भी काटेगी कांग्रेस का वोट.

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With 96 candidates in the electoral arena, a face-off between uncle and nephew in the Uttar Legislative Assembly, a stronghold of the Congress for 25 years. Independents are also in the fray. AAP also cut the Congress vote. नाम वापसी के लास्ट दिन तक 21 ने नाम वापस लिए, 7 उत्तर से, अब आज से चुनव प्रचार पकड़ेगा और जोर, जोर आजमाइश का दौर शाकिब कबीरभोपाल, 25 साल से कांग्रेस का गढ़ बनी उत्तर विधानसभा सीट में विधायक आरिफ अकील के चुनाव न लड़ने से यहां घर में ही फूट पड़ गई। आरिफ के भाई आमिर अकील जो अब तक अपने भाई का चुनाव मैनेजमेंट संभालते थे, वे खुद अपने भतीजे आतिफ अकील के खिलाफ खड़े हो गए हैं। वहीं एक और निर्दलीय नासिर इस्लाम और आप पार्टी के मौ. सउद भी यहां चुनाव लड़ रहे हैं। आरिफ अकील के हटने और इन लोगों के खड़े होने से इस सीट के समीकरण गड़बड़ा गए हैं। इसका फायदा भाजपा को मिल सकता है। हुजूर का संकट खत्म: जितेंद्र डागा के नाम वापस लेने से हुजूर विधानसभा का संकट खत्म हो गया है। डागा कहीं न कहीं कांग्रेस का ही वो काटते। इनके बैठने के बाद यहां कांग्रेस प्रत्याशी नरेश ज्ञानचंदानी ने राहत की सांस ली है। नाम वापसी के बाद नरेश की आंखों में आंसू आ गए। मैदान में 96 प्रत्याशी, 41 निर्दलीय, 21 ने नाम वापस, 12 रिजेक्टसात विधानसभा सीट पर 17 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए 96 प्रत्याशी मैदान मेें हैं। नाम वापसी के आखिरी दिन 19 लोगों ने नाम वापस लिए हैं। सबसे ज्यादा 7 नाम उत्तर से वापस हुए हैं। इसके बाद 4 नाम दक्षिण पश्चिम से। दो दिनों में 21 ने नाम वापस लिए हैं और 12 के फॉर्म रिजेक्ट हुए हैं। इसमें भाजपा, कांग्रेस, सपा, बसपा, आप और अन्य दलों व 41 निर्दलीय प्रत्याशी हैं। अब ये फाइनल तस्वीर- बैरसिया- 9 प्रत्याशी, 1 निर्दलीयउत्तर- 15 प्रत्याशी, 8 निर्दलीयनरेला- 23 प्रत्याशी, 14 निर्दलीयदक्षिण पश्चिम- 11 प्रत्याशी, 5 निर्दलीयभोपाल मध्य- 15 प्रत्याशी, 8 निर्दलीयगोविंदपुरा-17 प्रत्याशी , 4 निर्दलीयहुजूर- 6 उम्मीदवार, 1 निर्दलीय इन्होंने लिए नाम वापस- इस विधानसभा में निरस्त हुएहुजूर-3गोविंदपुरा-2उत्तर-1दक्षिण-2मध्य-3नरेला-1ल

दादा ने पोते को गोली मारी, हत्यारा दादा गिरफ्तार।

Grandfather shoots grandson, killer grandfather arrested. दादा और पोते के बीच चल रहा जमीनी विवाद बना हत्या की वजह।बंदूक लेकर धमकी का वीडियो वायरल, बिहार के हाजीपुर की घटना। विशेष संवाददाता  बिहार। हाजीपुर से झकझोर देने वाला सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है। एक सैन्य अनुभवी दादा ने अपने पोते की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यह घटना जमीन विवाद को लेकर हुई है। हत्या से पहले, आरोपी दादा ने अपने पोते को बंदूक लहराते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह ये धमकियां देते दिख रहे हैं। यह घटना बिहार के महनार थाना क्षेत्र के चकमगोला इलाके की है। जमीन के एक टुकड़े को लेकर पारिवारिक विवाद था। शुक्रवार की सुबह इसी बात को लेकर तीखी बहस हुई और बुजुर्ग दादा दिनेश सिंह ने अपने पोते विक्रम कुमार को धमकी देते हुए कहा कि अगर उसने गाली-गलौज की तो वह उसे गोली मार देंगे। विवाद इतना बढ़ गया कि दादा ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से पोते को गोली मार दी। हत्या के एक दिन पहले का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमे हत्यारोपी दादा बंदूक लहराते हुए दिखाई दे रहा है। वायरल वीडियो में दिनेश प्रसाद सिंह को गोलीबारी के बारे में बात करते हुए सुना जा सकता है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की सुबह जब विक्रम कुमार टॉयलेट करने जा रहे थे तभी रास्ते को लेकर हुई बहस ने इस घटना को अंजाम दिया। इसी दौरान दिनेश प्रसाद सिंह ने उनके सीने में गोली मार दी। घायल विक्रम को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां उपचार शुरू होने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। मृतक ओपी क्षेत्र के चांदपुरा के विजय शंकर सिंह का 24 वर्षीय पुत्र विक्रम सिंह था। उनके छोटे भाई के मुताबिक विवाद जमीन के एक टुकड़े को लेकर था। भाई ने खुलासा किया कि इसी जमीन विवाद को लेकर दादा ने उसके भाई की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक विक्रम बैचलर ऑफ आर्ट्स (बी.ए.) का छात्र था और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था। उनके पिता असम में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में काम करते हैं। मृतक के भाई ने बताया कि विक्रम कुमार सिंह सुबह शौच के लिए जा रहे थे। इसी दौरान दादा दिनेश प्रसाद सिंह ने बंदूक से उसके सीने में गोली मार दी। भाई ने बताया कि दादा ने पिछले गुरुवार को उसे जान से मारने की धमकी दी थी। एक वीडियो भी है जिसमें आरोपी भाई को बंदूक से धमकाता दिख रहा है, जिसमें जान से मारने की धमकी भी शामिल है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने बंदूक दिखाकर धमकी देने की शिकायत पुलिस से की थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसके अलावा पुलिस ने मामले में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से एक बंदूक भी बरामद की है। फिलहाल पुलिस संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। आरोपी दादा को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसकी बंदूक और लाइसेंस जब्त कर लिया गया है। एसडीपीओ प्रीतेश कुमार ने बताया कि जमीन और रास्ते के विवाद में विक्रम कुमार की गोली मारकर हत्या की गयी है। आरोपी दिनेश प्रसाद सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है और इस मामले की गहन जांच की जा रही है। 

दिल्ली-NCR में देर रात भूकंप के झटके, कई सेंकड तक हुआ महसूस…सहम गए लोग.

Earthquake; Delhi; NCR; Sahara Samachaar;

Late-night tremors of an earthquake were felt in Delhi-NCR, with many people feeling it for several seconds… People were shaken. जीतेन्द्र रिछारिया, पैनी नज़रदिल्ली-एनसीआर के साथ देश के कई राज्यों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोग बुरी तरह से सहम गए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.4 बताई गई। दिल्ली-एनसीआर में देर रात काफी देर तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का झटका इतना तेज था कि लोग काफी सहम गए। भूकंप के झटके लगातार कुछ सेकंड तक महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.9 बताई गई। भूकंप का केंद्र नेपाल बताया गया। भूकंप का समय 11.32 मिनट रहा। भूकंप के झटके यूपी के साथ ही बिहार में महसूस किए। भूकंप का झटका इतना जबरदस्त था कि लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।

मध्य प्रदेश के 10 जिलों में बनाए गए 103 सहायक मतदान केन्द्र।

103 auxiliary polling stations created in 10 districts of Madhya Pradesh. 1550 से अधिक मतदाता संख्या वाले मतदान केंद्रों पर भारत निर्वाचन आयोग के अनुमोदन पर बने सहायक मतदान केंद्र। संतोष सिंह तोमर भोपाल। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए 10 जिलों के 1550 से अधिक मतदाता संख्या वाले मतदान केंद्रों पर 103 सहायक मतदान केन्द्र बनाने के अनुमोदन प्रदान करने के बाद मध्य प्रदेश निर्वाचन आयोग ने इसे अमली जामा पहना दिया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया कि मध्य प्रदेश के 10 जिलों में 1550 से अधिक मतदाता संख्या वाले मतदान केंद्रों पर 103 सहायक मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इसमें भोपाल, छतरपुर, देवास, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, कटनी, मुरैना, नरसिंहपुर और उज्जैन जिला शामिल है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदेश में विधानसभा निर्वाचन 2023 के लिये 1550 से अधिक मतदाताओं वाले 103 मतदान केन्द्रों के लिए सहायक मतदान केन्द्र बनाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है। इन विधानसभा क्षेत्रों में बनाए गए हैं सहायक मतदान केंद्र। भोपाल जिले के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 151-नरेला के 2, 152-भोपाल दक्षिण-पश्चिम के 2, 153-भोपाल मध्य के 2, 154-गोविंदपुरा के 4, 155-हुजूर के 5 मतदान केंद्र। छतरपुर जिले के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 51-छतरपुर के 1 सहायक मतदान केंद्र। देवास जिले के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक- 171-देवास के 1 सहायक मतदान केंद्र। ग्वालियर जिले के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक-14-ग्वालियर ग्रामीण के 1, 15-ग्वालियर के 1, 19- डबरा (अ.जा.) के 1। इंदौर जिले के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 203-देपालपुर के 1, 204-इंदौर-1 के 2, 205-इंदौर-2 के 5, 207-इंदौर-4 के 1, 208-इंदौर-5 के 23, 209-डॉ. अम्बेडकर नगर – महू के 9, 210 राऊ के 27 और 211-सांवेर (अ.जा.) के 7 मतदान केद्र। जबलपुर जिले के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 97-जबलपुर पूर्व के 1, 99-जबलपुर केन्ट के 1 मतदान केंद्र। कटनी जिले के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 93-मुड़वारा के 1 मतदान केंद्र। मुरैना जिले के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 04-जौरा के 1 मतदान केंद्र। नरसिंहपुर जिले के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक- 121-गाडरवारा के 1 के मतदान केंद्र। उज्जैन जिले के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक-212-नागदा खाचरौद के 1, 216-उज्जैन उत्तर एवं 217- उज्जैन दक्षिण के 1-1 मतदान केन्द्र को सहायक मतदान केन्द्र बनाया गया है

केंद्रीय मंत्री अमित शाह आज ग्वालियर अंचल में करेंगे सभाएं और रोड शो।

Union Minister Amit Shah will hold meetings and road shows in Gwalior region today. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ग्वालियर, शिवपुरी और श्योपुर जिले के प्रवास पर। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की कमान संभाल रहे केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज मध्यप्रदेश के ग्वालियर, शिवपुरी और श्योपुर जिले में चुनाव प्रचार पर रहेंगे। इस दौरान अमित शाह पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में 4 जनसभाओं एवं 2 रोड शो करेंगे।केंद्रीय मंत्री अमित शाह आज दोपहर 12 बजे ग्वालियर पहुंचेंगे। हेलीकॉप्टर द्वारा करैरा पहुंचकर दोपहर 12.40 बजे कृषि उपज मंडी प्रांगण में भाजपा प्रत्याशी रमेश खटीक के समर्थन में विशाल आमसभा को संबोधित करेंगे। श्री शाह दोपहर 1.35 बजे करैरा विधानसभा के सिरसौद में, दोपहर 1.45 बजे मानपुरा, दोपहर 2 बजे भौंती में रथसभाएं, दोपहर 2.15 बजे पगारा में स्वागत, दोपहर 2.30 बजे ढाला में स्वागत, दोपहर 2.40 बजे बदरवाद में रथसभाओं को संबोधित करेंगे।श्री शाह दोपहर 2.55 बजे पिछोर नगर के स्टेडियम में भाजपा प्रत्याशी प्रीतम सिंह लोधी के समर्थन में विशाल आमसभा को संबोधित करेंगे। शाम 4.15 बजे हजारेश्वर मेला ग्राउंड, श्योपुर में पार्टी प्रत्याशी दुर्गालाल विजय के समर्थन में आयोजित विशाल आमसभा को संबोधित करेंगे। श्री शाह शाम 7.30 बजे इंटक ग्राउंड हजीरा, ग्वालियर में भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह तोमर के समर्थन में विशाल आमसभा को संबोधित करेंगे। श्री शाह रात्रि विश्राम ग्वालियर में करेंगे।

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