मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल पर एक नजर ,नवनिर्वाचित सरकार का मंत्रिमंडल
A look at the Madhya Pradesh cabinet, the cabinet of the newly elected government
A look at the Madhya Pradesh cabinet, the cabinet of the newly elected government
Embezzlement of amount of government funds in the Education Department, cases filed against 15 individuals, investigation underway. बालाघाट, में शिक्षा विभाग में लाखों रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है। जिला शिक्षा अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बालाघाट। जिला शिक्षा में विभाग में शासकीय राशि का भारी मात्रा में गबन करने का मामला प्रकाश में आया है। जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी अश्विनी कुमार उपाध्याय ने कोतवाली थाना पहुंचकर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उक्त मामले में पुलिस ने करीब 15 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किया है।2018 से 2019 तक हुआ गोलमालकोतवाली थाना से मिली जानकारी के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी अश्विनी कुमार उपाध्याय ने कोतवाली थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि, 29 सितंबर 2018 से 19 दिसंबर 2023 के बीच उत्कृष्ट विद्यालय बालाघाट कार्यालय के प्राचार्य सहायक ग्रेड 3 दुर्गेश कुमार द्वारा योजनाबद्ध तरीके से शासकीय दस्तावेजों में कूटरचित कर धोखाधड़ी पूर्वक राशि निकाली गई और इस राशि को करीब 15 शासकीय और अशासकीय व्यक्तियों के खातों में बालाघाट के कोषालय के माध्यम से भुगतान कराया गया है। इनके विरुद्ध किया अपराध दर्जशिकायत मिलने के बाद लिखित शिकायत के आधार पर बालाघाट उत्कृष्ट विद्यालय के बीओ कार्यालय के प्राचार्य दुर्गेश कुमार, अंबेश, लक्ष्मी, देवी चरण पटले, परेश कुंभारे, मुकेश डिब्बे, शैलेंद्र खरखटे, अभिषेक शुक्ला, अबीर खटोले, सुरेश, तीरेश कुमार अग्रवाल, भक्ति दोहरे, कल्याणी, नरेश फुंदे, और रूपाली वामनकर के विरुद्ध कोतवाली थाने में भारतीय दंड विधान की धारा 420,467,468,471 और 120 बी के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है। इनका कहना कूटरचित दस्तावेज तैयार कर शासकीय राशि का दुरुपयोग करने से संबंधित कार्रवाई के लिए कलेक्टर महोदय से आदेश प्राप्त होने पर उक्त मामले में कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज करवाई गई है। जिसकी विवेचना की जा रही है। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -अश्विनी कुमार उपाध्याय, जिला शिक्षा अधिकारी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा की गई शिकायत के आधार पर 15 लोगों के विरुद्ध शासकीय राशि 86 लाख 44 हजार 323 रुपये गबन किए जाने के संबंध में धोखाधड़ी की संबंधित धारा के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया गया है, मामले की विवेचना की जा रही है। -प्रकाश वास्कले, निरीक्षक, कोतवाली.
Efforts to accommodate everyone in cabinet expansion मंत्रिमंडल विस्तार में सभी को साधने की कोशिश, 50 फीसदी नए विधायकों को मिला मौका— प्रथम पेज मंत्रिमंडल विस्तार में सात सामान्य, 12 ओबीसी व बाकी एससी-एसटी विधायक बने मंत्री भोपाल। माेहन कैबिनेट में आज से 28 मंत्री और जुड़ गए। मंत्रिमंडल विस्तार में 18 कैबिनेट, 6 स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री व 4 राज्य मंत्री बनाए गए हैं। इन मंत्रियों में 11 ऐसे हैं, जो मंत्री रह चुके हैं। इसमें से 6 मंत्री ऐसे हैं, जो पिछली भाजपा सरकार में भी मंत्री थे। मंत्रियों की कुल संख्या के हिसाब से 50 फीसदी नए विधायकों को मंत्री बनाया गया है। करीब 20 फीसदी यानी कुल 5 महिलाएं कैबिनेट व राज्य मंत्री बनी है। तीन ऐसे मंत्री भी हैं, जो लोकसभा सांसद या केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। ग्वालियर, भोपाल, इंदौर व दमोह से दो-दो मंत्री व बाकी जिलों से एक-एक मंत्री बने हैं।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रिमंडल विस्तार में क्षेत्रीय, जातीय व जिलेवार संतुलन को साधने की पुरजोर कोशिश की है। मंत्रिमंडल विस्तार में 7 सामान्य, 12 ओबीसी व बाकी एससी-एसटी विधायकों को मंत्री बनाया गया है। इसके लिए हालांकि स्थानीय संगठन व संघ पदाधिकारियों से लेकर नई दिल्ल्ाी में राष्ट्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्रियों से चर्चा की गई। इस विस्तार में मप्र से मुख्यमंत्री यादव के अलावा किसी की नहीं चली। पुराने मंत्रियों को दरकिनार करने की मुख्य वजह क्षेत्रीय संतुलन व उनके पुराने परफारमेंस व अंदरूनी रिपोर्ट को देखा गया। इसमें भी क्षेत्रीय संतुलन भारी रहा। सूची फायनल करने में तीन बार दिल्ली के चक्कर लगाने पड़े-मंत्रियों के नाम फायनल करने में मुख्यमंत्री को पिछले 12 दिनों में तीन बार दिल्ल्ाी के चक्कर लगाने पड़े। कैबिनेट, स्वतंत्र प्रभार व राज्यमंत्रियों के चयन में दोनों उप मुख्यमंत्रियों के साथ ही संघ नेताओं व प्रदेश अध्यक्ष को तवज्ज्ाों दी गई। सूत्रों के मुताबिक पिछले 48 घंटे में ही कई तरह के बदलाव करने पड़े। कुछ मामलों में तो वरिष्ठ नेताओं के दबाव को भी दरकिनार कर दिया गया। संगठन का स्पष्ट कहना था कि चूंकि सभी को मंत्री नहीं बनाया जा सकता। ऐसे में नए विधायकों पर ज्यादा भरोसा जताया गया। कई मामलों में चौकानें वाले निर्णय लिए गए-भोपाल जिले से चार दावेदार थे। किंतु दो को ही मंत्री बनाया जा सकता था। मुख्यमंत्री ने वही निर्णय लिया। रायसेन जिले से पिछली बार डॉ. प्रभुराम चौधरी मंत्री थे, इस बार उन्हें मौका नहीं दिया गया। जबकि पुराने भाजपाई, पहली बार के विधायक नरेंद्र शिवाजी पटेल को मंत्री बनाया गया। नरेंद्र के पिता शिवा जी पटेल करीब 20 वर्ष पहले भाजपा के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। वे अब हालांकि नहीं हैं, किंतु उन्ाके बेटे को मौका दिया गया। सागर जिले में दो कद्दावर मंत्रियों गोपाल भार्गव व भूपेंद्र सिंह को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला, जबकि इनमें से भूपेंद्र सिंह को मंत्री बनाने की पूरी संभावना थी। हो सकता है लोकसभा चुनाव में इस पर ध्यान दिया जाए। इसीतरह बैतूल जिला पूरी तरह से अछूता रहा। यहां से एक भी विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया। नए विधायकों पर बड़ी जवाबदारी -मंत्रिमंडल में 50 फीसदी नए विधायकों को मंत्री पद दिया गया है। इस हिसाब से मुख्यमंत्री यादव ने पुरानाें के साथ ही नए विधायकों पर भरोसा जताया है। हालांकि इनमें से कई ऐसे हैं, जो दो-दो बार के विधायक हैं। कैबिनेट मंत्रियों में चार विधायक ऐसे हैं, जो पहली बार मप्र विधानसभा का टिकट लेकर चुनाव लड़े और विधायक बने। हालांकि यह सभी केंद्र में जरूर सांसद और मंत्री थे। अब उन्हें प्रदेश में भी बड़ी जिम्म्ोदारी दी गई है। अभी भी हालांकि विधानसभा की कुल संख्या के हिसाब से 15 फीसदी यानी कुल 34 मंत्री बनाए जा रहे हैं। इस तरह से तीन मंत्री और बनाए जा सकते हैं। मंत्रिमंडल में यह बने कैबिनेट, स्वतंत्र प्रभार व राज्य मंत्री बने-राजभवन में आज सोमवार को गरिमामय माहौल में दोपहर बाद 3.30 बजे राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने मंत्रियों को शपथ दिलाई। मंत्रिमंडल शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन राजभवन के सांदीपनि सभागार में किया गया था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव व वरिष्ठ भाजपा व संघ के नेता मौजूद थे। शपथ विधि का संचालन मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा ने किया। शपथ ग्रहण समारोह को काफी सीमित रखा गया था। इसीलिए काफी लोगों को आमंत्रण नहीं दिया गया। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, सांसद एवं प्रदेश अध्यक्ष भाजपा वीडी शर्मा एवं अन्य जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।कैबिनेट मंत्री -1-प्रदुम्न सिंह तोमर, ग्वालियर2-तुलसी सिलावट, इंदौर3- एंदल सिंह कसाना, मुरैना4-नारायण सिंह कुशवाह, ग्वालियर5-विजय शाह, खंडवा6-राकेश सिंह, जबलपुर7-प्रह्लाद पटेल, नरसिंहपुर8-कैलाश विजयवर्गीय, इंदौर-19-करण सिंह वर्मा, इछावर, सीहोर10-संपतिया उईके, मंडला11-राव उदय प्रताप सिंह, गाडरवारा, नर्मदापुरम12-निर्मला भूरिया, पेटलावद झाबुआ13-विश्वास सारंग, नरेला भोपाल14-गोविंद सिंह राजपूत, सुरखी सागर15-इंदर सिंह परमार, शाजापुर16-नागर सिंह चौहान, अलीराजपुर17-चैतन्य कश्यप, रतलाम18-राकेश शुक्ला, मेहगांव भिंड। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार )19-कृष्णा गौर, गोविंदपुरा भोपाल20-धर्मेंद्र लोधी, जबेरा दमोह21-दिलीप जायसवाल22-गौतम टेटवाल23- लखन पटेल, दमोह24- नारायण पवार, राजगढ़। राज्यमंत्री -25–राधा सिंह, चितरंगी सीधी26-प्रतिमा बागरी, रैगांव सतना27-दिलीप अहिरवार, चंदला छतरपुर28-नरेन्द्र शिवाजी पटेल, उदयपुरा, रायसेन।
Patwari gave target to NSUI भोपाल। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में सेवादल और एनएसयूआई की बैठक ली। पटवारी ने सबसे पहले मप्र भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के जिला अध्यक्षों से संवाद किया। सुबह 11 बजे शुरू हुई यह चर्चा 2 बजे तक चली। इसमें पीसीसी चीफ ने एनएसयूआई की आगामी गतिविधियों और लोकसभा चुनाव पर रणनीति बनाई। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि कालेज और विश्वविद्यालय में कांग्रेस की विचारधारा के साफ फर्स्ट टाइम वोटर्स को जोड़ा जाए। वहीं एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि सड़कों पर प्रदर्शन में शामिल होंगे। भले ही सड़क लाठियां खानी पड़े, इसके लिए भी वो तैयार हैं। पटवारी ने सेवादल के प्रदेश पदाधिकारियों, जिला मुख्य संगठकों के साथ बैठक की। इसमें सेवादल की गतिविधियों और लोकसभा चुनाव पर बातचीत हुई। पटवारी ने कांग्रेस के दोनों विभागों से उनके पिछले कामों का भी हिसाब लिया। बता दें, पटवारी संगठन में कसावट के लिए लगातार चार दिनों तक बैठक करेंगे। 24 दिसंबर से शुरू ये बैठकें 27 तक चलेंगी। पटवारी मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में ही प्रदेश कांग्रेस के सभी जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी और प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक की है। इस दौरान वे सभी से विधानसभा चुनाव में हुई गड़बड़ियां और काम काज का हिसाब लिया। इसके साथ आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर भी बातचीत की। सभी जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी और पदाधिकारियों के साथ अध्यक्ष बनने के बाद पटवारी की यह दूसरी बैठक है। इस लिहाज से इस बैठक को अति महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा की 24वीं पुण्यतिथि
Due to officials’ negligence, a chaotic system: only one month saved the examination. नहीं खुल सका दृष्टि एवं श्रवण बाधित बच्चों का हॉस्टल भोपाल। सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग शैक्षणिक सत्र शुरू होने के 6 माह बाद भी राजधानी के शाहजहांनाबाद के परी बाजार के सामने स्थित शा. दृष्टि एवं श्रवण बाधित उमा विद्यालय का हॉस्टल शुरू नहीं करा सका है। विभाग के अधिकारियों लापरवाही का खामियाजा यहां के करीब 60 दृष्टि एवं श्रवण बाधित विद्यार्थी कई माह से भुगत रहे हैं। जो पढ़ाई इन विद्यार्थियों की सभी सुविधाओं के साथ इस हॉस्टल में रहकर हो सकती थी, वह नहीं हो सकी। इन विद्यार्थियों कक्षा दसवीं-बारहवीं के विद्यार्थी भी शामिल हैं। जो फरवरी में होने वाली माशिमं की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होंगे। हालांकि अब विभागीय अधिकारी जनवरी के पहले सप्ताह तक इस छात्रावास को शुरू करने की बात कह रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग द्वारा शाहजहांनाबाद के परी बाजार के सामने तैयार स्पर्श भवन में दो स्कूल एवं इनके छात्रावास संचालित किए जाते हैं। इनमें भोपाल संभाग के जिलों के विद्यार्थियों को प्रवेश दिए जाते हैं।
The first cabinet meeting is underway; the distribution of departments among ministers may happen soon. 2024 मार्च में लोकसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है, ऐसे में नई सरकार के पास काम करने के लिए अब केवल दो महीने का समय है। भोपाल। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मोहन कैबिनेट की पहली बैठक मंत्रालय में हो रही है। इसमें मंत्रियों का अधिकारियों से परिचय कराया जा रहा है। 18 विधायक पहली बार मंत्री बने हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित हैं। बैठक से पहले सुबह सीएम मोहन यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। माना जा रहा है कि जल्द ही मंत्रियों को विभागों का बंटवारा भी किया जा सकता है। मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री, मंत्रियों के साथ बैठक में संकल्प पत्र को प्राथमिकता में रखकर लक्ष्य की पूर्ति के संबंध में चर्चा करेंगे। वह पहले ही सभी विभाग प्रमुखों को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दे चुके हैं। लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए मंत्रियों को समन्वय के साथ लक्ष्य बनाकर काम करना है।अगले साल 2024 मार्च में लोकसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है, ऐसे में नई सरकार के पास काम करने के लिए अब केवल दो महीने का समय है। भाजपा के संकल्प पत्र की घोषणाओं को पूरा किया जाएगा।
The noise reduced… Some removed loudspeakers on their own, while in other cases, with the assistance of the police. The helpline number 0755-2730395 has been issued for help. जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है , 0755-2730395, 462 धार्मिक स्थलों के पदाधिकारियों से चर्चा के बाद 619 स्थलों से हटे. भोपाल। ध्वनि के मानक तय करने के बाद कलेक्टर की तरफ से जारी किए गए धारा-144 के आदेश का असर जिले में दिखने लगा है। पिछले कुछ दिनों में ही पुलिस और प्रशासन की टीम ने 462 धार्मिक स्थलों के पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। कुछ लोगों ने खुद तो कहीं पुलिस की मदद से लाउडस्पीकर हटवाए गए हैं। करीब 619 धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर अब तक हट चुके हैं। वहीं 356 धार्मिक स्थल ऐसे थे जहां तय मानक से ज्यादा आवाज में लाउडस्पीकर और डीजे बजाया जाता था, वहां की आवाज कम कराई गई है। 126 धार्मिक स्थल ऐसे हैं जहां पूरी तरह से लाउडस्पीकर उतरवाए गए हैं। ये कार्रवाई शहर के 34 थाना क्षेत्रों में की गई है। कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि डीजे और लाउडस्पीकर को लेकर प्रशासन सख्ती बरत रहा है। पुलिस और प्रशासन की टीमें धारा-144 के आदेश पर अमल करा रही हैं। तेज आवाज डीजे, लाउडस्पीकर बजे तो हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत, 0755-2730395 शादियों सहित अन्य कार्यक्रमों में तेज आवाज में बजने वाले डीजे, लाउड स्पीकर और धार्मिक स्थलों पर बज रहे लाउडस्पीकर को लेकर जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। जिस पर कॉल कर कार्रवाई करा सकेंगे। नंबर- 0755-2730395 जारी किया है।आम लोग साउंड संबंधी सभी तरह की शिकायत इस नंबर पर कर सकेंगे। यहां आने वाली शिकायत को संबंधित एसडीएम और थाने में ट्रांसफर की जाएगी। जिसके आधार पर धारा-144 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी।
Incidents of robbery escalated at the end of the year, with five robberies in nine days; only one robbery disclosed in the old city. चेन स्नेचिंग की जगह, मोबाइल लूटकर ले जा रहे बाइक सवार लुटेरे, नए शहर में तीन लूटपाट तो पुराने में एक वारदात दर्ज. भोपाल। राजधानी में बाइक सवार लुटेरों का आतंक बढ़ते जा रहा है। 9 दिन के अंदर नए और पुराने शहर में मोबाइल लूट की पांच वारदात हुई है। केवल पुराने शहर में हुई एक लूट का खुलासा गौतम नगर पुलिस कर सकी है, बाकि नए शहर में चार वारदातों का खुलासा नहीं हो सका है। हालांकि कमला नगर पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में राजधानी में हुई अन्य लूटपाट का खुलासा होने की उम्मीद है। कमला नगर पुलिस ने बताया कि अभिमन्यु पांडे पिता अश्विनी पांडे (18) प्रेमपुरा में रहता है और कॉलेज में पढ़ता है।उसने पुलिस को शिकायत करते हुए बताया कि रविवार रात वह अपने मोहल्ले में रहने वाले दोस्त के साथ नया मोबाइल खरीदकर घर लौट रहा था। रात करीब साढ़े 9 बजे के आसपास दोनों सयाजी होटल तिराहा के पास पहुंचे ही थे कि बाइक सवार तीन लुटेरों ने उन्हें रोक लिया। तीनों चाकू अड़ाकर मारपीट की और अभिमन्यु के हाथ से नया मोबाइल और उसके दोस्त से पुराना मोबाइल छीन लिया। लूट की वारदात के बाद आरोपी धमकाते हुए फरार हो गए। अभिमन्यु अपने साथी के साथ थाने पहुंचा और पुलिस को शिकायत की। पुलिस ने बाइक का नंबर देख लिया था। पुलिस ने बाइक के नंबर के आधार पर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। हालांकि उनसे लूटे गए मोबाइल बरामद नहीं किए गए है। लूटे गए नए मोबाइल की कीमत पंद्रह हजार रुपए है, जबकि पुराने मोबाइल की कीमत पुलिस ने दर्ज नहीं की है। मोबाइल पर बात कर रहे युवक से लूटा मोबाइल लूट की एक अन्य वारदात शाहपुरा थाना क्षेत्र स्थित पल्लवी नगर में रहते हैं और प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने पुलिस को शिकायत करते हुए बताया कि रविवार रात वह खाना खाने के बाद घर के बाहर टहल रहे थे। मोबाइल पर कॉल आया और बातचीत करने लगे। इस दौरान घर से कुछ दूरी पर ही बाइक सवार दो लुटेरों में पीछे बैठे लुटेरे ने उनके हाथ से मोबाइल झपट लिया। लूटे गए मोबाइल की कीमत बीस हजार रुपए बताई जा रही है। दो दिन पहले चूनाभट्टी में की थी लूटउल्लेखनीय है कि चूनाभट्टी स्थित पत्रकार कॉलोनी में एनएचएम आफिस के सामने दो दिन पहले ही शुक्रवार रात बाइक सवार लुटेरों ने महिला से मोबाइल लजूट लिया था। जानकारी के अनुसार रेखा बाग पति कपिल बाग (32) पंचशील नगर में रहती हैं और प्राइवेट काम करती है, जबकि उनके पति कपिल एंबुलेंस चलाते हैं। गत शुक्रवार रात वह आटो से घर जाने के लिए निकली थी। आटो पत्रकार कॉलोनी के पास रुका और वह पैदल पंचशील नगर की तरफ जाने लगे। इसी दौरान उनके पति का कॉल आया। वह पूछने लगे कि घर पहुंची की नहीं, तभी पीछे से आ रही बाइक पर सवार दो लुटेरो में पीछे बैठे लुटेरे ने उनके हाथ से मोबाइल झपट लिया। लूटा गया मोबाइल 12 हजार रुपए का था। एक सप्ताह पहले पत्रकार से लूटा था मोबाइल बाइक सवार लुटेरों ने चुनाभट्टी थाना क्षेत्र स्थित चाणक्यपुरी में रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार लेम्युअल लाल के साथ एक सप्ताह पहले ही शुक्रवार रात पंद्रह दिसंबर को लूटपाट की वारदात की थी। वे खाना खाने के बाद पान खाने के लिए मनोरिया अस्पताल के पास पहुंचे थे। पान खाने के बाद में मोबाइल चलाते हुए घर की तरफ लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से एक बाइक पर सवार दो लुटेरे उनके हाथ से मोबाइल छीन लिया। उन्होंने लुटेरों का पीछा किया लेकिन बाइक पर होने के कारण लुटेरे तेजी से भाग निकले थे। केवल एक लूट का खुलासा राजधानी में हुई पांच लूट में केवल एक लूट का खुलासा गौतम नगर पुलिस ने किया। पुलिस ने ग्वालियर के बदमाश राजा कुचबदिया से लूट का खुलासा किया था। उसने गुनगा निवासी मनीषा चौहान के साथ 20 दिसंबर को मोबाइल लूट की घटना की थी।
Illegal parking, including in New Market and other public places, will be removed with fines. दो पहिया वाहनों को भी न्यू मार्केट के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा, पूरी मार्केट में अंदर एंबूलेंस को हर रास्ते पर ले जाकर की जाएगी जांच भोपाल। नगर निगम द्वारा न्यू मार्केट में अवैध पार्किंग और मार्केट के अंदर रास्ते जाम होने को लेकर अब सख्ती की जाएगी। मार्केट के अंदर के रास्तों पर काफी समय से दो पहिया वाहनों की लगातार बड़ रही अवैध पार्किंग और रास्ते जाम होने की शिकायत आ रही हैंए जिससे गत दिवस एक महिला के बेहोश होने के बाद एंबूलेंस प्रवेश नहीं कर पाई। इस महिला को बाद में आटो में बैठाकर बाहर एंबूलेंस तक लाया गया। आटो को बाहर तक लाने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। नगर निगम कमिश्नर फ्रेंक नोब ए के अनुसार न्यू मार्केट के अंदर न तो किसी प्रकार के वाहन पार्क हो सकेंगे और न किसी वाहन को प्रवेश दिया जाएगा। इस संबंध में नए सिरे से प्लानिंग तैयार की जा रही है। जो अधिकारी इस संबंध में लापरवाही दिखा रहे थे, उन्हें भी हटा दिया गया। मार्केट के अंदर सभी रास्ते पूरी तरह से इस तरह से साफ किए जाएंगे कि अंदर किसी भी स्थान पर इमरजेंसी वाहन आ जा सकें। इस संबंध में नए अमले को तैनात किया जा रहा है। बाहर प्रीमियम पार्किग को भी अनुमति नहींनगर निगम परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी के अनुसार न्यू मार्केट के बाहर प्रीमियम पार्किंग को लेकर भी काफी शिकायत आ रही हैं। यह पार्किंग काफी पहले ही फ्री कर दी गई हैं। यहां अभी कुछ लोग अभी भी अवैध वसूली कर रहे हैं। जबकि न्यू मार्केट की पार्किंग सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए निगम का पूरा अमला तैनात है। इस अमले को भी बदला जा रहा है। दुकानों के बाहर पार्क नहीं हो सकेंगे वाहननगर निगम अधिकारियों के अनुसार न्यू मार्केट के अंदर दुकानदारों के वाहन पार्क नहीं हो सकेंगे। इसको लेकर सभी दुकानदारों को चेतावनी दी जा चुकी है और इसके लिए मल्टीपार्किंग में व्यवस्था भी है। इसके बाद भी मार्केट में बाहर से आ रहे व्यापारी और स्टाफ मार्केट के अंदर वाहनों को पार्क कर रहे हैं। सोमवार को मार्केट का साप्ताहित बंद थाए इसके बाद भी नगर निगम का अतिक्रमण विरोधी अमले ने कार्रवाई की।
For postings, officers conducted a ‘bungalow inspection’ tour of ministers with speed. गुलदस्ते के साथ पहुंचे, भरोसा जीतने के लिए कई ने पुराने के कामों का ब्यौरा, वरिष्ठ आईएएस और पुलिस मुख्यालय में पदस्थ वरिष्ठ आईपीएस अफसरों की धड़कने तेज, पोर्टफोलियों के बाद नेता पोस्टिंग के लिए करेंगे सिफारिश . उदित नारायण भोपाल। प्रदेश नई सरकार के गठन के साथ ही ब्यूरोक्रेट्स की धड़कनें तेज हो गई है। जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों से लेकर मंत्रालय में पदस्थ वरिष्ठ आईएएस और पुलिस मुख्यालय में पदस्थ वरिष्ठ आईपीएस अफसरों की भी धड़कने तेज हो गई कि उन्हें मलाईदार पोस्टिंग मिलेगी या नहीं मिलेगी। हालांकि कुछ अफसरों ने बंगला परिक्रमा शुरू कर दी है। अफसर गुलदस्ते के साथ मंत्रियों के बंगलों पर पहुंचने लगे हैं। कई अफसरों ने अपनी उपब्धियों की भी ब्यौरा भी पेश किया है। मंत्रियों ने भी अफसरों का मान रखा है और भरोसा दिलाया है। मध्य प्रदेश में ऐसे कई ब्यूरोक्रेट्स हैं, जो पिछल कई समय से सत्ता के बहुत करीबी थे, इसके चलते उन्होंने लगातार अच्छी पोस्टिंग मिल रही थी। अब जब मुख्यमंत्री बदल गए हैं तो ऐसे सभी अफसरों की बैचेनी बढ़ गई है। ऐसे अफसर अब नए मुख्यमंत्री की टीम में अपनी अच्छी पोस्टिंग को लेकर सक्रिय होने के रास्ते खोज रहे हैं। इसमें इन्हें कितनी सफलता मिलेगी यह तो उनकी प्राशसनिक सर्जरी में स्पष्ट हो जाएगा। हालांकि पिछले दिनों आधा दर्जन अफसरों के तबादले से जाहिर है कि बड़े स्तर पर फेरबदल किया जाएगा। जानकारी है कि अब पोर्टफोलियो मंत्रियों के बाद भी पोस्टिंग के लिए सिफारिश शुरू हो जाएगा। लूप लाइन के अफसरों को दिन फिरने की उम्मीद – लंबे अरसे से लूप लाइन में पदस्थ आईपीएस-आईएएस को अब अपने दिन फिरने की उम्मीद जागी है। प्रदेश में ऐसे कई अफसर हैं, जो पिछली सरकार में अपनी पैठ नहीं बना सके थे, नतीजे में वे अच्छी पोस्टिंग से दूर थे। अब वे भी अच्छी पोस्टिंग पाने के प्रयास में लग गए हैं। पिछले साल में पूर्व सीएस की गुड लिस्ट शामिल नहीं थे। इसलिए बड़े जिलों से हटाकर निगम और मंडलों में बैठा दिया था। एसीएस, पीएस से लेकर कलेक्टर्स में पोस्टिंग को लेकर बैचेनी- एक दर्जन कलेक्टर ऐसे हैं जो पिछली सरकार के करीबी थे, अब इस सरकार में उनकी ट्यूनिंग कैसी होगी, इसे लेकर ब्यूरोक्रेसी में जमकर चर्चा है। इन्हें जिलों से हटाया जाएगा या इन्हें फिलहाल पदस्थ रखा जाएगा इसे लेकर अफसरों की धड़कने तेज हो चली है। ये सभी आईएएस अधिकारी नई सरकार में अपने कनेक्शन को तलाश रहे हैं। साथ ही अफसर नए हुकुमरानो को यह भी समझा रहे हैं कि वे पार्टी की विचारधारा से कितने प्रभावित है और किस हद तक जुड़े हुए हैं।
Doctors at Hamidia Hospital will need to write the names of medicines in capital letters on prescriptions. हमीदिया अस्पताल में फरमान, पर्ची की जांच भी होगी भोपाल। अब डॉक्टरों की घसीटा राइटिंग से किसी मरीज को परेशान नहीं होना पड़ेगा। अब हमीदिया अस्पताल के डॉक्टर परिचय में दावों के नाम कैपिटल लेटर्स में ही लिखेंगे। यही नहीं, जिन परचों में जो में घसीटा राइटिंग होगी उन्हें मान्य नहीं किया जाएगा। हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक ने इस संबंध में अस्पताल के सभी एचओडी को आदेश जारी कर इसे सख्ती से लागू कराने के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि दवाओं के नाम स्पष्ट व बड़े अक्षरों में लिखें, जिससे मेडिकल स्टोर में कार्यरत फार्मासिस्ट व दूसरे कर्मचारियों को आसानी से दवा का नाम समझ सकें। मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया ने पहले भी दवाओं के नाम कैपिटल लेटर में लिखने का फरमान जारी किया था। हालांकि यह फरमान पूरी तरह लागू नहीं हुआ है। हमीदिया अस्पताल भोपाल के अधीक्षक डा. आशीष गोहिया ने बताया कि हम मॉनिटरिंग भी करेंगे हमीदिया के सभी विभागों में एचओडी को जेनेरिक दवाएं और बड़े अक्षरों में लिखने के लिए निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद हम इसे लेकर मानिटरिंग भी करेंगे। एमसीआई ने पूर्व में इसे लेकर निर्देश दे चुकी है। लेकिन पालन नहीं किया जाता था। घसीटा राइटिंग से होता है कन्फ्यूजनडॉक्टरों की रेटिंग के कारण कई बार मेडिकल स्टोर में दवाओं के नाम पर कंफ्यूजन होता है। कई बार मरीजों को गलत दवा मिल जाती है। मरीजों को परेशानी से बचने के लिए कैपिटल लेटर में दवा का नाम लिखने को कहा है। यही नहीं चिकित्सक ऐसा कर रहे हैं या नहीं, इसकी मानीटरिंग भी की जाएगी। सभी विभागों की ओपीडी पर्ची की जांच की जाएगी, ताकि कैपिटल लेटर में लिखने को बढ़ावा दिया जा सके। केवल 40 फीसदी जेनेरिक दवा लिखते हैं चिकित्सक :चिकित्सकों को मरीजों के लिए केवल जेनेरिक दवा लिखने का फरमान जारी किया गया है। मानीटरिंग में यह बात सामने आई कि डाक्टर मरीजों की परची में केवल 40 फीसदी जेनेरिक दवा लिख रहे हैं। बाकी ब्रांडेड दवाओं के नाम सामने आ रहे है । अस्पताल प्रबंधन ने सभी विभाग के चिकित्सकों को जेनेरिक दवा लिखने के निर्देश दिए हैं।ऐसे जारी होते रहे आदेश