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सवारी वाहनों पर की गई कार्यवाही, एक्शन में परिवहन विभाग।

Action taken on passenger vehicles, Transport Department in action. उमरिया, प्रदेश के गुना जिले में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद उमरिया जिले में जिला परिवहन अधिकारी के द्वारा सभी मार्गो में बिना वैध दस्तावेजों के दौड़ रहे सवारी बसों का चेकिंग अभियान चलाया एवं कार्यवाही की गई है उमरिया से चंदिया एवं मानपुर मार्ग में आरटीओ संतोष पाल और उनकी टीम के द्वारा दो दर्जन बसों की चेकिंग की गई जिसमे दो बसों के पास आवश्यक फिटनेस और परमिट न होने से जब्ती की कार्यवाही की गई साथ ही वाहन संचालकों को पूरे दस्तावेजों के साथ वाहन चलाने को समझाइश दी गई है।19000 वसूला गया जुर्माना।गुरुवार से शुरू हुई परिवहन विभाग की कार्यवाही में जांच के दौरान बिना वैध दस्तावेजों के मार्गो में चल रहे वाहनों विभाग द्वारा कुल ₹19000 का जुर्माना वसूला गया है, आरटीओ संतोष पाल ने बताया है विभाग की चेकिंग की कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी।

मंत्रियों के विभाग तय, जाने किस को मिली किस विभाग जिम्मेदारी.

Departments of ministers decided, who got the responsibility of which department? छत्तीसगढ़ में मंत्रियों के विभाग तय, ओपी चौधरी वित्त और विजय संभालेंगे गृह मंत्रालय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नई दिल्ली में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित उप मुख्यमंत्री अरुण साव व विजय शर्मा ने मुलाकात की थी। इसी बैठक में मंत्रियों के नामों पर मुहर लगी है। नवागढ़ विधायक दयालदास बघेल को खाद्य विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पहली बार के विधायक टंकराम वर्मा खेल एवं युवा कल्याण मंत्रालय संभालेंगे। डिप्टी सीएम अरूण साव पीडब्ल्यूडी, आरईएस और नगरीय प्रशासन की जिम्मेदारी दी गई. रायपुर। विष्णुदेव सरकार में मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद अब मंत्रियों के विभाग तय कर लिया गया है। कुछ दिनों पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नईदिल्ली में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित उप मुख्यमंत्री अरुण साव व विजय शर्मा ने मुलाकात की थी। इसी बैठक में मंत्रियों के नामों पर मुहर लगी है। इंटरनेट मीडिया में प्रसारित सूची में मुख्यमंत्री के पास सामान्य प्रशासन, ऊर्जा, जनसंपर्क मंत्रालय रहेगा। वहीं डिप्टी सीएम विजय शर्मा गृह, जेल एवं पंचायत मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालेंगे। डिप्टी सीएम अरूण साव पीडब्ल्यूडी, आरईएस और नगरीय प्रशासन की जिम्मेदारी दी गई है।

वन विहार उपचार हेतु लाये गये तेंदुआ शावक की मृत्यु.

Death of leopard cub brought for treatment in forest parkभोपाल। सामान्य वनमंडल अलीराजपुर की परिक्षेत्र जोबट के ग्राम छोटा उण्डवा से रेस्क्यू कर उपचार के लिए लाए गए तेंदुआ शावक की 28 एवं 29 दिसम्बर 2023 की दरम्यानी रात में उक्त तेंदुआ शावक की मृत्यु हो गई। प्रथम दृष्टया मृत्यु का कारण निमोनिया परिलक्षित हुआ है। मृत तेंदुआ शावक का सेम्पल एकत्रित कर परीक्षण हेतु स्कूल आफ वाईल्डलाईफ फॉरेंसिक हैल्थ जबलपुर भेजे गये है। पोस्टमार्टम उपरांत मृत नर तेंदुआ शावक का नियमानुसार वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में वन विहार के अधिकारियों तथा उपस्थित कर्मचारियों के समक्ष दाह संस्कार किया गया।वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. अतुल गुप्ता वन विहार एवं वन्यप्राणी चिकित्सक, वाईल्ड लाईफ एस.ओ.एस. डॉ. रजत कुलकर्णी, द्वारा संयुक्त रूप से पोस्टमार्टम किया गया। उल्लेखनीय है कि तेंदुआ शावक मां से बिछड़ गया था। मां से अलग होने के बाद रेस्क्यू कर अलीराजपुर डिपो परिसर में रखा गया। शावक की अत्यंत कमजोर स्थिति को देखते हुये वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार इसे को दिनांक 23.08.2023 को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में उपचार एवं रखरखाव हेतु लाया गया था। तत्समय उक्त तेंदुआ शावक को क्वेरेंटाईन बाड़े में रखा जाकर उसका उपचार एवं रखरखाव किया गया। क्वेंरेटाईन अवधि पूर्ण होने के पश्चात उक्त शावक को स्वस्थ्य हालत में तेंदुआ हाउसिंग में स्थानांतरित किया गया था।

मोहन सरकार की रडार पर 50 IAS-IPS अफसर, भोपाल से दिल्ली तक स्कैनिंग.

50 IAS-IPS officers on Mohan government’s radar, scanning from Bhopal to Delhi उदित नारायण भोपाल। मप्र में नयी सरकार आने के बाद से नौकरशाह खुद को नये सेटअप में ढालने की कोशिश में जुटे हैं। इन नौकरशाहों के सामने दुविधा यह है कि वे पुरानी सरकार के बहुत करीब होने का खतरा भी झेल रहे हैं ! और चुनाव के दौरान तटस्थ होने की कोशिशों के सामने आने से घबरा भी रहे हैं। माना जा रहा है कि कई नए-पुराने अफसरों का ट्रेक रिकार्ड चैक किया जा रहा है। करीब पैंतीस ऐसे आईएएस अफसर और पंद्रह आईपीएस अफसरों के बीते छह महीने के काम और रूझान को रडार पर लिया गया है। यह स्कैनिंग भोपाल से दिल्ली तक चल रही है। इसे नये प्रशासनिक सेटअप की तैयारी और नये प्रशासनिक मुखिया के आगमन से भी जोड़ा जा रहा है।बताया जाता है कि मप्र में कई वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने चुनाव के पहले हवाओं का रूख भांपने की कोशिश की थी और कांग्रेस के प्रति भी अचानक नरम रुख अख्तियार कर लिया था। अब इन अफसरों के बारे में अब यह बातें ‘ऊपर’ तक पहुंची हैं। इनमें अपर मुख्यसचिव से लेकर सचिव व कलेक्टर स्तर तक और एडीजी से लेकर एसपी स्तर तक के कुछ अफसरों के बारे में ब्योरा इकट्ठा किया गया है। गौरतलब है कि चुनाव के दौरान कभी भाजपा की हवा को कमजोर तो कभी कांग्रेस को मजबूत माना जाने लगा था। कुछ अफसरों ने कांग्रेस नेताओं से भी संबंध सहज बनाने की कोशिश की थी और कामकाज के दौरान ‘तटस्थ’ नजर आने लगे थे। भाजपा नेताओं ने भी इसे लेकर अपने ‘अनुभव’ संगठन को बताए थे। मार्च से पहले करना है प्रशासनिक बंदोबस्तदरअसल मप्र की मोहन यादव सरकार को मार्च के पहले पखवाड़े तक तमाम प्रशासनिक बंदोबस्त पूरे करने हैं। क्योंकि दूसरे पखवाड़े तक लोकसभा चुनाव का ऐलान व इसकी आचार संहिता लग जाने के आसार हैं। इसलिये वरिष्ठ स्तर पर मंत्रालय व पीएचक्यू से लेकर मैदानों जिलों तक अफसरों को नये सिरे से तैनात किया जाना है। कई अफसरों की मैदानों से मुख्यालयों में वापसी और कुछ की मुख्यालयों से मैदानों में रवानगी का प्राथमिक ड्राफ्ट भी बन रहा है। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री, उनका सचिवालय के अलावा पार्टी संगठन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण राय रखने वाले चेहरे इस काम में अलग अलग जुटे हैं। अभी मप्र की प्रशासनिक बुनावट विधानसभा चुनाव के मुताबिक पूर्ववर्ती शिवराज सरकार के समय की गई थी, इसमें पूर्व मुख्यसचिव की ‘कसीदारकारी’ भी शामिल थी, अब बदले हुए माहौल में बदला हुआ सेटअप बन रहा है।

डीपफेक्स तकनीक क्या है, कैसे बचा जा सकता है.

What is Deepfake technology, how can it be avoided. डीपफेक्स क्या है? डीपफेक्स एक तकनीक है जिसमें कंप्यूटर द्वारा व्यक्ति की छवि या वीडियो को मिथ्या रूप में तैयार किया जाता है, ताकि यह असली देखने वाले को धोखा देने में सक्षम हो। इस तकनीक का उपयोग सामाजिक मीडिया या अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर खुद को दूसरे व्यक्ति बताने वाले वीडियोज़ में किया जा सकता है। डीपफेक्स से कैसे बचा जा सकता है? सतर्क रहें: अगर आप किसी सोशल मीडिया पोस्ट या वीडियो को देखते हैं और आपको उसमें कुछ अजीब लगता है, तो सतर्क रहें। डीपफेक्स को पहचानने के लिए सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सतर्कता बढ़ाएं। वीडियो की प्रमाणित करें: जब भी आप किसी आदमी के वीडियो को देखते हैं, खासकर अगर वह कुछ महत्वपूर्ण कह रहा है, तो उसकी प्रमाणितता को सत्यापित करें। अधिकतम समय व्यक्ति की ऑडियो और वीडियो की साइट्स पर चेक करने में लगा सकता है। सुरक्षित साइट्स से वीडियो डाउनलोड करें: अगर आप किसी ऑनलाइन साइट से वीडियो डाउनलोड कर रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि वह सुरक्षित और विश्वसनीय है। अनाधिकृत स्रोतों से वीडियो डाउनलोड करना डीपफेक्स का खतरा बढ़ा सकता है। टेक्नोलॉजी के साथ समर्थ रहें: तकनीकी सुरक्षा उपायों का अनुसरण करें, जैसे कि एंटी-डीपफेक्स टूल्स और सॉफ़्टवेयर। कुछ ऐप्लिकेशन और साइट्स वीडियो की विश्वसनीयता को जांचने में मदद कर सकते हैं। सरकार और प्लेटफ़ॉर्मों से मांग करें: सरकार और सामाजिक मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स से डीपफेक्स और उससे बचाव के लिए उचित कदम उठाने की मांग करें। अगर आप किसी आदमी या संस्था को जानते हैं जो इस समस्या के खिलाफ लड़ाई कर रहा है, तो उनका समर्थन करें। यदि लोग इन सुरक्षा उपायों का पालन करें, तो वे खुद को डीपफेक्स और इसके हानिकारक प्रभावों से बच सकते हैं।

2006 बैच के 13 आईपीएस बने आईजी.

13 IPS of 2006 batch became IG, Home Department issued promotion orders. गृह विभाग ने जारी किए पदोन्नति आदेश गृह विभाग ने 2006 बैच के 13 आईपीएस अधिकारियों को पदोन्नत कर आईजी बनाए जाने के आदेश जारी किए हैं। इस आदेश के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ अंशुमान सिंह, रुचिवर्धन मिश्रा समेत कई अधिकारी पदोन्नत हुए हैं। इन अधिकारियों को पदोन्नति के बाद अभी यथावत पदस्थ रखा गया है। इनकी नवीन पदस्थापना के आदेश अलग से जारी किए जाएंगे।

हितग्राहियों के कार्यों का संतुष्टीपूर्ण निराकरण करे, अपर मुख्य सचिव एस.एन मिश्रा.

The works of the beneficiaries should be resolved satisfactorily, Additional Chief Secretary SN Mishra चंद्रपाल सिंह दमोह ! हितग्राहियों के कार्यो को संतुष्टीपूर्ण निराकरण कर जिले में सुशासन स्थापित करें, अधिकारी जनप्रतिनिधियों से समन्वय के साथ कार्य कर शहरों के समेकित विकास की योजना तैयार कर विकास कार्य करायें एवं कमजोर वर्ग, एससी, एसटी वर्ग के लिए कलेक्टर कार्यालय में हेल्प डेस्क तैयार कर उनकी मदद करें। साथ में राजस्व बढानें के लिए सभी राजस्व अधिकारी योजनाबंध तरीके से कार्य करें। उक्त निर्देश मध्यप्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव एवं सागर संभाग के प्रभारी एसएन मिश्रा ने संभागीय समीक्षा बैठक में दिए।इस अवसर पर दमोह जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रंजीता गौरव पटेल, कमिश्नर डा. वीरेन्द्र सिंह रावत, जिला पंचायत सीईओ अर्पित वर्मा सहित समस्त जिलों के कलेक्टर, समस्त जिलों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहित समस्त संभागीय अधिकारी मौजूद थे।संभागीय समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव एवं संभाग के प्रभारी एसएन मिश्रा ने कहा कि सभी कलेक्टर आकस्मिक दौरे कर जिलों की विकास कार्यो एवं कार्यालयों, विद्यालयों में अधिकारियों कर्मचारियों की उपस्थिति की मॉनिटरिंग करें। प्रत्येक पंचायत स्तर पर सक्षम अधिकारी कर्मचारी को तैनात कर ग्रामवासियों के समस्याओं का निकराकरण करायें। उन्होंने कहा कि जनता के लाभ जनता तक पहुंचे इसके विशेष प्रयास किये जावें एवं शहरों की समेकित विकास योजना तैयार कर विकास कार्य करायें। जल जीवन मिशन के कार्यो को प्राथमिकता के साथ करें और समाज के आखिरी घर के आखिरी व्यक्ति तक शुध्द पेय जल पहुंचे। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी प्राथमिकता के कार्यो की सूची बनाकर निराकरण करायें एवं समय-सीमा बैठक में आये पत्रों की प्रतिदिन सायं काल समीक्षा कर निराकरण करें।अपर मुख्य सचिव श्री मिश्रा ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा में सभी अधिकारी शिविरों में उपस्थित होकर शासन की योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि सभी नगरीय निकाय समेकित विकास की योजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए जन जागरूकता अभियान चलायें और शत-प्रतिशत प्रसव संस्थाओं में ही करायें। उन्होंने नामातंरण, बंटवारा सीमाकंन, प्रधान मंत्री किसान सम्माननिधि, आयुष्मान कार्ड के कार्य प्राथमिकता के साथ करें।श्री मिश्रा ने निर्देश दिये कि हितग्राहियों को योजनाओ का सौ फीसदी लाभ सुनिश्चित करने के साथ ही विकास कार्यों को समय – सीमा में पूर्ण करना ही अधिकारियों की प्राथमिकता होनी चाहिए। आमजन से जुड़े इन निर्माण और विकास कार्यों को समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए। राज्य योजना मद, भवन विकास निगम,लोक निर्माण विभाग और मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के कार्यों की समीक्षा की गई। नल से हर घर जल और समूह जल प्रदाय योजनाओ की समीक्षा की गई तथा अब तक 70 फीसदी से अधिक कार्य होने पर संतोष व्यक्त करते हुए बाकी के कार्यों को गांव को इकाई मानकर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। सीएम राइज स्कूलों के निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए गए है कि विद्यालयों का निर्माण शीघ्र गति से एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण करें जिससे कि बच्चों के लिए अच्छी एवं गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्राप्त हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के दौरान अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि भवन के खिड़की, दरवाजे की गुणवत्ता मानक के अनुसार है कि नहीं, इसी प्रकार भवन में बिजली फिटिंग के कार्य की गुणवत्ता की भी जाचं करें।प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों की भी समीक्षा की गई। स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों की समीक्षा में श्री मिश्रा ने ओडी आई प्लस के अलावा अन्य जल संरचनाओं आदि के निर्माण कार्य में विशेष रुचि लेने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और शहरी की भी इस दौरान समीक्षा की गई। उज्ज्वला और आयुष्मान योजना का लाभ हर पात्र परिवार तक अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के कार्यों की भी समीक्षा की गई। विद्युत मंडल के अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि वे कृषि फीडर और घरेलू फीडर से तय समय अवधि में विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित करे।बैठक में स्वामित्व योजना के अलावा राजस्व, महिला बाल विकास, स्वास्थ्य, पीएचई, जल संसाधन आदि विभागो के कार्यों की भी समीक्षा हुई। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी जिलों में जहां पर भी नवीन निर्माण कार्यो का लोकार्पण, भूमिपूजन होना है उनकी सूची तैयार करें एवं उनका लोकार्पण एवं भूमिपूजन करायें।

स्टेशन को सुरक्षित और पौष्टिक भोजन सेवा के लिए “ईट राइट स्टेशन” के रूप में प्रतिष्ठित प्रमाणन प्राप्त हुआ.

The station has been accredited as an ‘Eat Right Station’ for providing safe and nutritious food services. हरिप्रसाद गोहे आमला । बैतूल स्टेशन, जिला बैतूल के खाद्य सुरक्षा प्रशासन की सतर्क निगरानी में, गर्व से “ईट राइट स्टेशन (सही भोजन बेहतर जीवन)” के रूप में अपने प्रमाणीकरण की घोषणा करता है ! यह उल्लेखनीय उपलब्धि बैतूल स्टेशन और ऑडिटिंग पार्टनर, वाईक्यू बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड के बीच सहयोगात्मक प्रयास का परिणाम है तथा प्रशिक्षण भागीदार, यारी क्वालिटेक के अमूल्य समर्थन रहा है ! “ईट राइट स्टेशन” प्रमाणन अपने संरक्षकों के लिए खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने के प्रति बैतूल स्टेशन के समर्पण का एक प्रमाण है। इस पहल के कार्यान्वयन की निगरानी जिला बैतूल के खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा सावधानीपूर्वक की गई है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। इस प्रतिष्ठित स्थिति को प्राप्त करने के लिए, बैतूल स्टेशन ने आवश्यकताओं के कड़े सेट का पालन किया, जिसमें शामिल थे: खाद्य लाइसेंस अनुपालन: बैतूल स्टेशन के सभी स्टालों ने अपेक्षित खाद्य लाइसेंस प्राप्त कर लिया है, यह गारंटी देते हुए कि विक्रेता खाद्य सुरक्षा के उच्चतम मानकों को पूरा करते हैं। विक्रेता स्वास्थ्य आश्वासन: प्रत्येक विक्रेता को भोजन संभालने के लिए अपनी फिटनेस को सत्यापित करने के लिए एक व्यापक चिकित्सा परीक्षण से गुजरना पड़ा। एफएसएसएआई फोस्टैक प्रशिक्षण: सभी विक्रेताओं को भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता में व्यापक प्रशिक्षण प्राप्त हुआ। जल शुद्धता सत्यापन: भोजन तैयार करने में उपयोग किए जाने वाले पानी की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए कठोर जल विश्लेषण रिपोर्टें आयोजित की गईं। स्वच्छता अनुपालन: स्वच्छता के उच्चतम स्तर को बनाए रखने के लिए विक्रेताओं को सिर की टोपी और दस्ताने सहित उचित वर्दी पहनना आवश्यक है। कुशल अपशिष्ट प्रबंधन: बैतूल स्टेशन ने जिम्मेदार अपशिष्ट निपटान को बढ़ावा देने के लिए सूखे और गीले कचरे के लिए अलग-अलग कूड़ेदान पेश किए हैं। बेदाग परिसर: यात्रियों के लिए स्वच्छता और सुखद वातावरण सुनिश्चित करने के लिए स्टेशन और स्टॉल परिसर का सावधानीपूर्वक रखरखाव किया जाता है। कीट नियंत्रण उपाय: कीट-मुक्त वातावरण की गारंटी के लिए कड़े कीट नियंत्रण उपाय किए गए हैं। मजबूत बिलिंग प्रणाली: लेनदेन में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए एक उचित बिलिंग प्रणाली लागू की गई है। “ईट राइट स्टेशन” पहल न केवल खाद्य सुरक्षा के प्रति बैतूल स्टेशन की अटूट प्रतिबद्धता का उदाहरण है, बल्कि यात्रियों को उनकी यात्रा के दौरान सुरक्षित, पौष्टिक और पौष्टिक भोजन प्रदान करने के प्रति इसके समर्पण को भी रेखांकित करती है। यात्री अब इस आश्वासन के साथ अपनी यात्रा शुरू कर सकते हैं कि बैतूल स्टेशन उच्चतम गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की भोजन सेवाएं प्रदान करके उनकी भलाई को प्राथमिकता देता है।

महापौर, नगर निगम जलप्रदाय विभाग की बैठक में अधिकारियों को दिये व्यापक व्यवथाए करने के निर्देश

The Mayor issued directives to officials during the municipal corporation water supply department meeting to implement comprehensive practices. विशेष संवाददाता कटनी। नगर पालिक निगम महापौर श्रीमति प्रीति संजीव सूरी शहर विकास एवं जनहित के लिये बेहद सक्रिय है। वे नगर की आमजनता के लिये गर्मी में होने वाले पेयजल संकट से निपटने को लेकर अभी से तैयारी में जुट गयी है। इसके लिए महापौर ने प्लानिंग बनाकर अधिकारियों को अवगत कराया तथा निर्देश दिये कि अभी से अलर्ट हो जाये और जलसंकट से निपटने के लिये रूपरेखा बनाये।महापौर ने आज जल प्रदाय विभाग के अधिकारियों की एक आवश्यक बैठक ली। बैठक में महापौर ने ग्रीष्म ऋतु में पेयजल संकट से निपटने के लिए अभी से व्यवस्था से संबंधित सामग्री क्रय करने के निर्देश दिये।महापौर ने ओ एण्ड एम के संबंध में ठेकेदार को पाइप लाइनों के लीकेज सुधार कर साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। महापौर ने कहा कि सार्वजनिक नलों में टोटियॉ लगाई जाये। खराब टोंटियों को बदला जाए वा अनावश्यक बहते जल को रोकने के प्रबंध किए जाएं।बैठक में महापौर ने उपस्थित अधिकारियों से कहा कि बैराज व खदानों में पानी की स्थिति का आंकलन किया जाये। प्रत्येक वार्ड में पेयजल आपूर्ति के स्त्रोतों क्या है इस बात की जानकारी भी एकत्र करें। पेयजलापूर्ति के लिये पानी के टैंकरों के लिए टेंडर काल कर तैयारी रखे। गत वर्ष नगर निगम सीमा क्षेत्र में बोरिंग से संबंधित जानकारी वस्तुगत स्थिति का मौके पर मुआयना किया जाये। जहाँ बोरिंग शेष रह गई है वहां बोरिंग में मोटर पंप मशीने फिट करके चालू की जाये। कितने हाई डेंट इस वर्ष बनें और अब तक कितने हाई डेंट हो गये इसकी जानकारी भी समय रहते तैयार कर अवगत कराएं।बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए महापौर श्रीमती सूरी ने कहा कि बोरिंग प्वाइंट से अभी तक कितने कनेक्शन किये गये और कहॉ तक हुये इसकी रिपोर्ट जल्द से जल्द तैयार कर प्रस्तुत करें। महापौर ने कहा कि बैराज गेट में को दुरूस्त कर व्यवस्थित किया जाये।टंकियों में (ओव्हर हैड टेंक) की स्थिति का शीघ्र आंकलन किया जाये, तथा सामग्री की स्थिति का पता किया जाये। उन्होंने यह भी जानकारी अधिकारियों से मांगी की कोई टेंडर लंबित तो नहीं है।महापौर ने जलप्रदाय की बैठक में कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से निपटने के लिए अभी से प्लानिंग कर तैयारी करना जरूरी है। महापौर ने कहा कि जो भी समस्याऐं हो अभी से तैयारी रखे, गर्मी के मौसम में नगर की आमजनता को पेयजलापूर्ति में परेशानी नहीं होनी चाहिए। इस अवसर पर नगर निगम अधिकारी सुधीर मिश्रा, मिर्दुल श्रीवास्तव, अश्वनी पांडेय सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

उपार्जन संबंधी अनियमितताओं पर, देर रात निगरानी पर निकला अमला, धान चोरी पकड़ी.

Late-night surveillance was initiated on irregularities related to procurement, leading to the apprehension of rice thieves उपार्जन संबंधी अनियमितताओं पर, देर रात निगरानी पर निकला अमला बालाघाट। कलेक्टर ड़ॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देशन में जिले में धान उपार्जन सम्बन्धी सूचना के आधार पर जांच कर धान चोरी का खुलासा किया गया है। खाद्य निरीक्षक श्री सुनील किरार ने बताया कि बुधवार देर शाम को धान परिवहन में चोरी की सूचना सामने आयी थी। सूचना के आधार पर एसडीएम वारासिवनी सुश्री कामिनी ठाकुर के नेतृत्व में राजस्व, खाद्य और मंडी अमले ने मौका स्थल पर पहुँच कर जाँच की। जांच में पाया गया कि विपणन संघ बालाघाट से अनुबंधित परिवहनकर्ता कामाख्या इंटरप्राइजेज द्वारा वारासिवनी सेक्टर एवं मेसर्स राजेश अग्रवाल द्वारा सेक्टर किरनापुर, लांजी का शासकीय धान परिवहन का कार्य किया जाता है। परिवहनकर्ताओं द्वारा शासकीय धान के परिवहन में अनियमितता पायी गई। मौके पर प्रकरण तैयार किया गया। इस जांच के बाद 14 बोरी धान को उपार्जन केंद्र प्रभारी खापा की अभिरक्षा में दिया गया। परिवहन के दौरान सड़क के किनारे फेंक जाते थे जांच के दौरान सूचना के आधार पर दल ने मौके पर सड़क के किनारे झाड़ियो एवं खेतो में खरीफ उपार्जन वर्ष 2023- 24 के स्टेंसिल लगे धान से भरे बारदाने पाये। बारदानो में नीले रंग के धागे से सिलाई एवं उपार्जन केन्द्रों की पर्चिया लगी पायी गयी, जिसमे 2 बोरिया उपार्जन केंद्र बोरगांव किन्ही (किरनापुर), 6 बोरिया उपार्जन केंद्र गर्रा (वारासिवनी), 6 बोरिया उपार्जन केंद्र मिरिया (लांजी) की पायी गयी। मौके पर उपार्जन केन्द्रों से संपर्क करने पर पाया गया कि उपार्जन केन्द्र बोरगांव ( किन्ही ), मिरिया, गर्रा की धान परिवहन की मैपिंग खापा कैप से की गयी थी। उपार्जन केन्द्रों से धान लोड कर ट्रक खापा कैप गये थे। इसी तरह यहां भी ऐसे ही काम पाया गया बोरगांव, किन्ही व गर्रा की तरह ही ठीक ऐसा ही मामला मेहंदीवाडा स्थित लक्ष्मी राइस उद्योग की जांच पर पाया गया जिसमें राइस मिल के परिसर में खाली धान के लगभग 175 बारदाने रखे पाये गये। मौके पर बारदानो की जांच करने पर खाली बारदानो में खरीफ उपार्जन वर्ष 2023-24 के स्टेंसिल लगे, नीले रंग के धागे की सिलाई के अवशेष एवं उपार्जन केन्द्र बहेगाँव (लालबर्रा) की पर्चिया लगी पायी गयी। जांच में पाया गया कि लक्ष्मी राइस उद्योग के द्वारा कस्टम राइस मिलिंग हेतु खरीफ उपार्जन वर्ष 2023-24 में उपार्जन केंद्र पिंडकेपार एवं झालीवाडा की धान का उठाव कर मिलिंग करने के लिए विपणन संघ बालाघाट से अनुबंध किया गया था। जिसके अनुसार मिलिंग कर चावल जमा कर दिया गया है, मौके पर लक्ष्मी राइस उद्योग संचालक से उपार्जन केन्द्र बहेगाँव (लालबर्रा) की पर्चियॉ व खाली बारदानो के संबंध में पूछताछ करने पर उनके द्वारा कोई भी संतोषजनक जवाब नही दिया गया। मौके पर बारदानो को अभिरक्षा में लेकर प्रकरण तैयार किया गया। वहीं उपार्जन केंद्र बिनोरा, किरनापुर, बडगांव एवं वारा का निरिक्षण करने पर पाया गया कि किसानो द्वारा स्वयं बारदानो में धान भरी जा रही थी। किसानो द्वारा मौके पर बताया गया कि उपार्जन केन्द्रों में पर्याप्त संख्या में हम्मालो की व्यवस्था उपार्जन केन्द्रों द्वारा नही की गयी है मौके पर बारदानो में लगी पर्चियों में किसान कोड अंकित नही पाया गया। इस अनियमितताओ के कारण मौके पर पंचनामा बनकर केंद्र प्रभारियो के विरूद्ध प्रकरण तैयार किया गया, और तुरंत ही सर्वेयर को निर्देशित किया गया कि वे किसानो से एफएक्यू धान की खरीदी करे एवं गुणवत्ता युक्त धान के संबंध में किसानो को अवगत कराये। उपार्जन केंद्र प्रभारी एवं वेअरहाउस को निर्देशित किया गया कि किसानो से खरीदी के पश्चात हैंडलिंग चालान, स्वीकृति पत्रक समय सीमा में बनाये जाये जिससे किसानो को भुगतान किया जा सके। जांच दल में ये थे शामिल एसडीएम ठाकुर द्वारा गठित संयुक्त जांच दल में नायब तहसीलदार वारासिवनी श्रीमती मंजुलता महोबिया, थाना प्रभारी वारासिवनी श्री शंकरलाल चौहान, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी वारासिवनी श्री सुनील किरार, मंडी उपनिरीक्षक एवं श्री मनोज पटले द्वारा मेहंदीवाडा से खापा मार्ग में जांच की गयी।

दुकानों पर बिक रही पैक्ड खाद्य सामग्री पर न पैकिंग की तारीख न एक्सपायरी डेट, अफसर भी नहीं करते कार्रवाई.

The officers also do not take action on packed food items being sold in shops without packaging and without a manufacturing or expiration date. मलखान सिंह परमार मुरैना ! अम्बाह शहर सहित ग्रामीण अंचल में अमानक और मिस ब्रांडेड खाद्य सामाग्री बेची जा रही है। पैक बंद कई ऐसे उत्पाद हैं जिस पर न तो कंपनी का नाम है और न ही एक्सपायरी डेट लिखी हुई है। बिना नियम कानून के गली गूंचों से लेकर हाइवे तक पर बेची जा रही खाद्य सामाग्री जानलेवा साबित हो सकती है। जबकि खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के मैदानी अमले द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से यह सामग्री धड़ल्ले से बिक रही है। शहर से लेकर नगर में कई छोटे-बड़े दुकानदार विभिन्न प्रकार के खाद्य सामाग्री बेच रहे हैं। इन पैकिंग खाद्य सामग्रियों पर न तो पैकिंग डेट है और न ही इन पर एक्सपायरी अंकित है। खास बात यह है कि स्नैक्स व टोस्ट पपड़ी बनाने वाले व्यापारी जो पैक बंद सामान बच्चों के लिए तैयार करते हैं। जगह-जगह होटलों एवं किराना दुकानों पर साधारण पॉलीथिन में नमकीन के पैकेट बिक रहे है। पैकेट पर न मेन्यूफेक्चरिंग ओर न ही एक्सपायरी डेट अंकित है। जब विक्रेताओं से उक्त सामग्री बनाने वाली कंपनी और उसकी निर्माण की डेट पूछी जाती है तो दुकानदार का कहना था कि फेरी वालों से लेते है। लंबे समय से ग्रामीण अंचल में पपड़ी लड्डू डिब्बे में बंद ऐसे कई उत्पाद बेचे जा रहे हैं जो कि जानलेवा साबित हो सकते हैं। शहर की एक दुकान पर रखी खाद्य सामाग्री, जिनमें अधिकांश पर पैकिंग और एक्सपायरी डेट अंकित नहीं

खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा हटा नगर की मीट मार्केट स्थित मांस, मछली विक्रय दुकानों का किया गया निरीक्षण.

Inspections were conducted by the Food Security Administration to remove meat and fish retail shops located in the Nagar Meat Market. दमोह ! कलेक्टर मयंक अग्रवाल द्वारा दिये गये निर्देशों के तहत डी.ओ. खाद्य सुरक्षा प्रशासन राकेश अहिरवाल के मार्गदर्शन में सी.एम.ओ. नगर पालिका हटा राजेंद्र कुमार खरे के साथ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा अधिकारी माधवी बुधौलिया ने निरीक्षण कार्यवाही करते हुए हटा नगर के शास्त्री वार्ड स्थित मीट मार्केट में मांस, मछली विक्रय दुकानों का औचक निरीक्षण किया। शास्त्री मार्केट स्थित उक्त कवर्ड परिसर में 22 चिकिन विक्रेता, 5 बकरे के मांस के विक्रेता एवं 13 मछली विक्रेता की दुकानें पाई गई। मौके पर फोस्कोरिस एप्प के माध्यम से मांस, मछली विक्रेताओं का ऑनलाइन निरीक्षण किया गया। कार्यवाही में निरीक्षण में मौके पर मांस, मछली विक्रेताओं के खाद्य पंजीयन की जांच की गई एवं परिसर में फ़ुड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए गए।

बगैर परमिट चल रहे वाहनों के लिए परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव.

For vehicles operating without a permit, the responsibility will be assigned to the senior officials of the Transport Department: Chief Minister Dr. Yadav. सभी जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक रहें सतर्क, सुनिश्चित करें कि गुना जैसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, मुख्यमंत्री डॉ यादव ने गुना से लौटकर मुख्य सचिव को दिए निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गुना हादसे में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही के लिए मुख्य सचिव को निर्देश दिए गए हैं। राज्य स्तर से सभी कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि यदि उनके क्षेत्र में बगैर परमिट के वाहन चलते हैं तो सतर्कता बरती जाए और दोषियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाएं। परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री डॉ यादव गुना दुर्घटना के प्रभावितों से भेंट के बाद गुना से लौटकर मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि गुना हादसे के लिए दोषी आरटीओ गुना और सीएमओ गुना को निलंबित किया गया है। गुना हादसे के बाद समय पर फायर ब्रिगेड उपलब्ध न कराए जाने के कारण नगर पालिका अधिकारी के निलंबन का कदम उठाया गया है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियो का दायित्व निर्धारित करते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। ऐसी घटनाओं की पुनरावृति ना हो यह भी ध्यान रखा जाएगा। यह संवेदनशील विषय है। इस संबंध में राज्य सरकार ने सजगता से ऐसी दुर्घटनाओं पर अंकुश के लिए भी निर्देश दिए हैं। सभी जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध राज्य सरकार आवश्यक रूप से सख्त कार्रवाई करेगी।

जिसका सीएम ने मंच से तबादला किया उसके हाथ जबलपुर का उपार्जन.

The one whose transfer was announced by the Chief Minister, has been assigned to Jabalpur. विशेष संवाददाता, सहारा समाचार, जबलपुर.  जबलपुर धान उपार्जन में मुख्यमंत्री के निर्देश पर फूड कंट्रोलर कमलेश टांडेकर की बर्खास्त्गी के बाद निलंबन का क्रम जारी है।इस सनसनीखेज मामले में लगातार भोपाल स्तर पर कठोर कार्यवाही से हड़कंप मचा हुआ है।इस बीच यह चर्चा भी गर्म है कि उपार्जन समिति के सदस्य होते है उपायुक्त सहकारिता। जब नियमानुसार सहकारी समितियों को केंद्र बनाया जाना था या एक समिति को दो केंद्र दिए जाने थे तो देरी सहकारिता विभाग से हुई है।उपार्जन और कमीशन से सहकारी समितियों के आर्थिक हित जुड़े होते है।अब फूड कंट्रोलर के सस्पेंड होने के बाद दो केंद्र बनाने की कार्यवाही हो रही जबकि सहकारिता विभाग को शुरू से ही सहकारी संस्थाओं को आगे बढ़ाना था।सहकारी संस्थाओं को केंद्र बनाने के प्रस्ताव तो सहकारिता विभाग की होती है। सूत्रों के अनुसार वर्तमान उपायुक्त सहकारिता निगम उपार्जन में गड़बड़ी के चलते केवलारी विधायक के तत्कालीन मुखमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा मंच से सिवनी से भोपाल ट्रांसफर किए गए थे।जबलपुर का घोटाला सहकारिता विभाग की शिथिलता का मामला है।ऐसी नव निर्मित संस्थाओं को उपार्जन दिया गया है जिनके कार्यालय और निर्वाचन की जानकारी भी नही मिलती।अखिलेश निगम की भूमिका की जांच होनी चाहिए।इस संबंध में कांग्रेस सहकारिता प्रकोष्ठ के शिव चौबे ने जिला कलेक्टर को संबोधित एक ज्ञापन बुधवार को संयुक्त आयुक्त सहकारिता को सौंपा।उन्होंने आयुक्त सहकारिता और प्रमुख सचिव से उचित कार्यवाही की मांग की है।

पन्ना तिराहे पर कुठला पुलिस एवं आरटीओ की संयुक्त कार्रवाई, गुना की घटना के बाद जागे जिम्मेदार.

After the incident in Guna, Panna Tiraha witnessed a joint operation by the police and the RTO, कटनी ! कुठला पुलिस द्वारा आरटीओ के साथ में पन्ना तिराहे पर संयुक्त रूप से वाहन चेकिंग की गई ज्ञातव्य हो कि विगत दिवस को जिला गुना में हुई बस दुर्घटना की वजह से प्रशासन हरकत में आया है ! और इसी के चलते आज पन्ना तिराहे पर आरटीओ अधिकारी विमलेश गुप्ता एवं थाना प्रभारी अभिषेक चौबे के द्वारा अपने अपने स्टाफ के साथ पन्ना तिराहे पर सघन वाहन चेकिंग की गई जिसमें कुल 30 बसों को चेक किया गया। चेकिंग के दौरान बसों में अलग-अलग कमियां पाई गई। जैसे ड्राइवर का वर्दी में ना होना, दस्तावेज की कमी, नंबर प्लेट सही ना होना, ओवरलोडिंग आदि। इन्हीं कमियों के कारण चालान किए गए तथा ₹10000 सामान शुल्क वसूल किया गया वाहन चेकिंग के द्वारा ई रिक्शा चालकों को भी पर भी कार्रवाई करते हुए चार ई रिक्शा जप्त किए गए।

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