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राजभवन से मंत्री पद की शपथ लेने के लिए विधायकों को पहुंचने लगे फोन

माना जा रहा है कि करीब 28 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं, इनमें 20 कैबिनेट, 6 को राज्य मंत्री और 2 को स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है। भोपाल। मध्य प्रदेश में आज दोपहर 3.30 बजे मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है। सुबह सीएम डा मोहन यादव राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मिलने पहुंची और उन्हें शपथ लेने वाले मंत्रियों की सूची सौंप दी। इसके बाद से राजभवन से विधायकों को मंत्री पद की शपथ लेने के लिए फोन आने का सिलसिला शुरू हो गया है। दिसंबर को सीएम मोहन यादव के साथ दो डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी।माना जा रहा है कि करीब 28 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं, इनमें 20 कैबिनेट, 6 को राज्य मंत्री और 2 को स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है। हालांकि इसको लेकर सरकार द्वारा कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। आज दोपहर में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में जिन विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जानी हैं उनमें ये नाम शामिल हैं। 1 एंदल सिंह कंसाना 2 इंदर सिंह परमार 3 नारायण सिंह कुशवाहा 4 विश्वास सारंग 5 प्रद्युम्न सिंह तोमर 6 कृष्णा गौर 7 तुलसी सिलावट 8 नागर सिंह चौहान 9 कैलाश विजयवर्गीय 10 प्रतिमा बागरी 11 प्रहलाद पटेल 12 राकेश शुक्ला 13 राकेश सिंह 14 नरेंद्र शिवाजी पटेल 15 संपतिया उईके 16 राधा सिंह चितरंगी 17 हेमंत खंडेलवाल 18 अजय विश्नोई 19 चेतन कश्यप 20 लखन पटेल 21 गोविंद सिंह राजपूत

मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने किया हुकमचंद मिल के मजदूरों को बकाया राशि का भुगतान.

Chief Minister Dr. Mohan Yadav made the payment of outstanding dues to Hukamchand Mill workers. 428 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी कार्यक्रम में वर्चुअली जुडें ।इंदौर। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने बटन दबाकर सोमवार को 428 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया। वर्चुअल तौर पर जुड़े प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हुकमचंद मिल के मजदूरों को लिक्विडेटर चेक सौंपा। प्रधानमंत्री मोदी ने बटन दबाकर राशि मजदूरों के खातों में ट्रांसफर किया।मोहन यादव ने कहा कि मैं खुद मजदूर का बेटा हूं। उज्जैन में भी हुकमचंद मिल के जैसे ही मिल का मामला देख चुका हूं। मजदूरों और उनके परिवार का हाल देख चुका हूं। इसलिए मैं समझता हूं कि क्या परेशानियां आती है। हम उनके साथ हैं। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मजदूर के बेटे हैं औऱ वह उनका दर्द समझते हैं। इसलिए उन्होंने शपथ लेने के बाद पहला काम उनके हक में किया। मैं उनका धन्यवाद करता हूं। हमने अहिल्या को नहीं देखा, लेकिन अहिल्या की तरह काम करने वाली ताई को देखा हैं। मधु भैया ने बड़ा शिकार किया है, उनके लिए ताली बजनी चाहिए, एक नंबर का विधायक कोन है, मैं ही हूं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि ओलंपिक का एक खेल होना चाहिए, कुश्ती का मैच हो, इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का कुश्ती मैदान बन जाए इंदौर में। वह सोमवार सुबह 11 बजे इंदौर पहुंचे। हैलीपेड पर उनका स्वागत कैलाश विजयवर्गीय ने किया। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इंदौर आगमन पर मुख्यमंत्री मोहन यादव का पुष्पगुच्छ और अंग वस्त्र पहनाकर स्वागत आगमन किया। इस दौरान तुलसी सिलावट, महेंद्र हार्डिया व अन्य भी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन भी कार्यक्रम स्थल पर मौजूद हैं।

मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार के मंत्रिमंडल का आज विस्तार होने जा रहा है।

The expansion of the Madhya Pradesh Mohan Yadav government’s cabinet is set to take place today. भोपाल में दोपहर साढ़े तीन बजे नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। माना जा रहा है कि आज 15 से 18 विधायक मंत्रीपद की शपथ ले सकते हैं। 13 दिसंबर को सीएम पद की शपथ लेने के बाद मोहन यादव को कैबिनेट मंत्रियों के नाम फाइनल करने के लिए तीन बार दिल्ली का दौरा करना पड़ा। सीएम यादव ने प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा से लेकर बीजेपी के तमाम नेताओं से मुलाकात की और जब सभी मंत्रियों के नाम फाइनल हो गए तो कल वो भोपाल लौट गए।15 से 18 मंत्री ले सकते हैं शपथबीजेपी सूत्रों का कहना है कि आलाकमान ने मंत्रियों के सभी पदों पर नामों को हरी झंडी दे दी है। संभावना है कि पहले विस्तार में इनमें से 15 से 18 मंत्री शपथ ले सकते हैं। हालांकि मंत्रिमंडल में कौन-कौन विधायक शामिल होंगे, इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। सीएम मोहन यादव ने आज सुबह 9 बजे राज्यपाल से मिलने का समय लिया है। जहां वो उन्हें वे नाम सौंपेंगे जो मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले हैं। शपथ ग्रहण राजभवन में होगा, जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव मंत्रियों की शपथ से पहले इंदौर जाएंगे। जहां वे कनकेश्वरी धाम परिसर में हुकुमचंद मिल के मजदूरों के बकाया भुगतान कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़ेंगे। इस दौरान वे श्रमिकों को संबोधित भी करेंगे। मध्य प्रदेश के नए मंत्रिमंडल में ये हो सकते हैं संभावित मंत्री-कैलाश विजयवर्गीयप्रहलाद पटेलराकेश सिंहराव उदय प्रतापविश्वास सारंगतुलसी सिलावटरीति पाठकसंजय पाठकरामेश्वर शर्मागोविंद सिंह राजपूतप्रद्युम्न सिंह तोमरबृजेन्द्र सिंह यादवकृष्णा गौररमेश मेंदोलाअर्चना चिटनीसऊषा ठाकुरसीतासरन शर्माचेतन्य कश्यपघनश्याम चंद्रवंशीबता दें कि मध्यप्रदेश में मंत्रिमंडल के सदस्यों की अधिकतम संख्या मुख्यमंत्री समेत 35 हो सकती है। पिछले महीने हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 163 और कांग्रेस ने 66 सीटें जीती थीं।

ग्वालियर सहित कई रेंज के डीआईजी-आईजी बदले जाएंगे,10 से अधिक एसपी के भी होंगे तबादले.

Several DIGs and IGs, including those from Gwalior range, to be transferred; transfers for more than 10 SPs as well. – पुलिस मुख्यालय की कई शाखाओं के मुखिया के भी काम काज में होगा बदलाव  उदित नारायण भोपाल। – इस साल के अंत में आईपीएस अफसरों के बड़े पैमाने पर तबादले की कवायद शुरू हो गई हैं। चार रेंज के डीआईजी-आईजी के साथ ही पुलिस मुख्यालय की कई शाखाओं के मुखिया के भी काम काज में बदलाव होने जा रहा है। जिलों से भी एक दर्जन के लगभग पुलिस अधीक्षकों की बदली होने वाली है। डीआईजी रेंज में भी नए साल की शुरूआत में ही फेरबदल होने वाला है। पुलिस मुख्यालय से लेकर गृह विभाग तबादलों और पदोन्नति को लेकर अपने काम को अंतिम रूप देने में जुट गया है। पुलिस के लगभग दो दर्जन आईपीएस अफसरों के एक नए साल में प्रमोशन होना है। इनमें से तीन अफसर अभी जिलों में पदस्थ हैं। अमित सांघी छतरपुर में पुलिस अधीक्षक हैं, वहीं वीरेंद्र सिंह खंडवा और मनीष अग्रवाल इंदौर में डीसीपी के पद पर पदस्थ हैं। वहीं 2010 बैच के मोहम्मद युसूफ कुरैशी सिंगरौली में पुलिस अधीक्षक हैं और निमिष अग्रवाल, राजेश कुमार सिंह इंदौर में डीसीपी के पद पर पदस्थ हैं। इन 6 अफसरों की एक जनवरी को डीआईजी के पद पदोन्नति होना है, ऐसे में अब अफसरों को पदोन्नति के बाद नई पोस्टिंग दी जाएगी। प्रदेश की सात रेंज में पदस्थ अफसर एक जनवरी को आईजी के पद पर पदोन्नत होने जा रहे हैं। इनमें से कितनों को रेंज में आईजी बनाया जाएगा और कितनों को पुलिस मुख्यालय भेजा जाएगा, यह अभी तय नहीं हैं। चंद्रशेखर सोलंकी खरगौन,अनिल कुशवाह उज्जैन, आरआरएस परिहार जबलपुर,राजेश कुमार हिंगणकर इंदौर ग्रामीण, मनीष कपूरिया एडिश्नल कमिश्नर आॅफ पुलिस इंदौर, मिथलेष शुक्ला डीआईजी रीवा, अनुराग शर्मा एडिश्नल कमिश्नर आफ पुलिस भोपाल, ये सभी अफसर आईजी होने जा रहे हैं।ग्वालियर में नए आईजी की तलाश- ग्वालियर रेंज के एडीजी श्रीनिवास वर्मा प्रतिनियुक्ति पर सीबीआई जा रहे हैं। उनके प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद यहां पर नए एडीजी या आईजी को पदस्थ किया जाएगा। यहां पर राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अफसर की पोस्टिंग होगी। वहीं पुलिस मुख्यालय में पदस्थ स्पेशल डीजी, एडीजी की शाखाओं में बदलाव हो सकता है।

कमीशन के लिए दुकान के नौकर आपस में लड़े, सीने में नुकीला हथियार से हत्या.

Shop employees fought over commission, one killed with a sharp weapon to the chest. कमीशन के लिए दुकान के नौकर आपस में लड़े, सीने में नुकीला हथियार से हत्यानोट खबर की फोटो मेल पर है।  -बैरागढ़ स्थित संत हिरदाराम शॉपिंग कांप्लेक्स में रविवार दोपहर हुए विवाद में युवक की निर्मम हत्या  भोपाल। बैरागढ़ थाना क्षेत्र स्थित संत हिरदाराम शॉपिंग कांप्लेक्स में रविवार दोपहर अलग-अलग दुकान में काम करने वाले युवकों के बीच कहासुनी हो गई। कहासुनी बढ़ने पर दोनों में मारपीट हुई और एक युवक ने दूसरे युवक के सीने पर किसी नुकेले हथियार से हमला कर दिया। सीने में हमला होने से युवक गंभीर रूप से घायल हुआ था। उसे निजी अस्पताल ले जाया गया, वहां डॉक्टर ने युवक को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। उसकी तलाश की जा रही है। थाना प्रभारी कमलजीत रंधावा ने बताया कि अंकित सिंह राजपूत मनोज सिंह राजपूत (22) बूढ़ाखेड़ा बैरागढ़ में रहता था। वह संत हिरदाराम शॉपिंग कांप्लेक्स स्थित श्रीमाया कलेक्शन में काम करता था। उसकी दुकान के बगल वाली दुकान में भरत सिंह काम करता है।  दोनों दुकान के बाहर खड़े होकर ग्राहकों को बुलाते थे। इसके बदले उन्हें कमीशन मिलता था। रविवार को भी दोनों अपनी अपनी दुकान मालिकों की दुकान के सामने खड़े थे और ग्राहकों को बुला रहे थे। इसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया। कहासुनी से शुरू हुआ विवाद लात घूंसो में तब्दील हो गया और देखते ही देखते दोनों ने एक दूसरे पर हमला कर दिया। दुकान के बाहर रखा सामान जो भी हाथ में आता गया वह एक दूसरे पर फेंकते रहे और लातू घूंसे चलते रहे। इसी बीच भरत सिंह के हाथ में कोई नुकीली चीज लग गई और उसने अंकित पर नुकीली चीज से हमला कर दिया। उसके सीने में नुकीली चीज लगने से वह बेसुध होकर गिर गया था। अस्पताल में हुई मौत दोपहर करीब ढाई बजे के आसपास हुए इस विवाद के बाद अंकित को अस्पताल ले जाया गया, वहां सीने में गंभीर चोट होने के कारण उसकी मौत हो गई। थाना प्रभारी रंधावा ने बताया कि घटना के बाद से भरत सिंह फरार है। उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। उसकी तलाश की जा रही है।

ग्वालियर जिला केएजी कराते चैंपियनशिप का शुभारंभ।

Inauguration of the Gwalior District Karate Championship. संतोष सिंह तोमर ग्वालियर। कराते-डो एसोसियेशन ऑफ ग्वालियर के द्वारा दिनांक 24 से 25 दिसंबर तक, मिस हिल स्कूल में आयोजित, ग्वालियर जिला केएजी कराते चैंपियनशिप का शुभारंभ संत कृपाल सिंह जी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ केशव पाण्डेय ने की। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में मिस हिल स्कूल ट्रस्ट के सचिव एडवोकेट सरनाम सिंह एवम अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मंचासीन रहे। कार्यक्रम का संचालन शिहान संतोष पाण्डेय के द्वारा किया गया।आज खेले गए बालिकाओं के मुकाबलों में हरगुन नामदेव, संध्या राजू, कशिश राजावत, शैली गोले, ईभा श्रीमंत, स्वस्ति बाथम, परिधि, तृष्णा शर्मा, डिप्टी मांझी, दिव्या मांझी, सिद्धार्थ, प्रियांशी तिवारी, नंदिनी दीक्षित, रजत सिंह, हार्दिक ने अपने अपने इवेंट में स्वर्ण पदक हासिल किए। वहीं सिल्वर मेडल जीतने वालों में सना खान, हर्षिता, अदिति यादव, रचित धाकड़, हिमाद्रिका, पलक सिधानी आदि शामिल रहे।तथा कांस्य पदक जीतने वालों में जय बंदिता, भक्ति, निशा, इशिका, कार्तिक, आयुष, अभिनव, अथर्व, नैतिक, अरुल, कृष्णा, सर्वांग, भावेश, नमन आदि रहे।

कुछ तो था उनकी बातों में…

अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस पर विशेष   डॉ.केशव पाण्डेय  भारत जमीन का टुकड़ा नहीं, जीता जागता राष्ट्रपुरुष है… हिमालय मस्तक है तो कश्मीर किरीट है। यह चन्दन की भूमि है…अभिनन्दन की भूमि है…यह तर्पण की भूमि है…यह अर्पण की भूमि है।….सरकारें आएंगी, जाएंगी, पार्टियां बनेंगी, बिगडेंगी मगर ये देश रहना चाहिए। चूंकि देश सर्वोपरि है और एक राजनेता को अव्वल अपने देश के के लिए पूरी निष्ठा से काम करना चाहिए। प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जब संसद के सत्र में यह बात कही तो वह उस दौर में राजनीतिक  प्रतिबद्धता की गारंटी बन गई। राष्ट्र के प्रति कुछ ऐसी ही सोच रखते थे अटल जी….। 25 दिसंबर को जन्मदिवस पर जानते पत्रकार से प्रधानमंत्री  बनने तक के राजनीतिक सफर की कभी न मिटने वाली अमिट कहानी… भारतीय राजनीति का जीवंत स्मारक बन चुके पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को आज पूरा देश याद कर रहा है। जन-जन के प्रिय अटलजी अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते थे। पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद वह पहले ऐसे व्यक्ति थे जो लगातार दो बार प्रधानमंत्री बने। अटलजी लगातार 11 वार सदन में पहुंचे। नौ बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा के सदस्य रहकर उन्होंने एक कीर्तिमान रचा। इस तरह उन्होंनें करीब पांच दशक तक सक्रिय राजनीति में अपना जीवन व्यतीत किया।  अटलजी छात्र जीवन के दौरान पहली बार राष्ट्रवादी राजनीति में तब आये जब 1942 में ब्रिटिश उपनिवेशवाद के अंत के लिए शुरू किए गए भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया। उन्होंने पत्रकार के रूप में अपने कॅरियर की शुरुआत की। 1951 में भारतीय जन संघ में शामिल होने के बाद पत्रकारिता छोड़ दी। आजादी के बाद वे एक ऐसे नेता के रूप में उभरे, जिन्होंने विश्व के प्रति उदारवादी सोच और लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता को महत्व दिया। सभ्यता, संस्कृति और वैभवशाली इतिहास से परिपूर्ण इस देश में वे जहां महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक समानता के समर्थन की बात करते थे तो वहीं भारत को दुनिया में एक दूरदर्शी, विकसित, मजबूत और समृद्ध राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ते हुए देखने की चाह रखते थे। उद्धरणानुसारः”अपने नाम के ही समान, अटलजी एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय नेता, प्रखर राजनीतिज्ञ, निःस्वार्थ सामाजिक कार्यकर्ता, सशक्त वक्ता, कवि, साहित्यकार, पत्रकार और बहुआयामी व्यक्तित्व वाले व्यक्ति थे”।  शिक्षा के दौरान अनेक साहित्यिक, कलात्मक और वैज्ञानिक उपलब्धियां उनके नाम रहीं। उन्होंने मासिक पत्रिका-राष्ट्रधर्म, हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र- पाञ्चजन्य के अलावा स्वदेश और वीर अर्जुन जैसे दैनिक समाचार-पत्रों का संपादन किया। उन्होंने,  संसदीय यात्रा, मेरी इक्यावन कविताएं, संकल्प काल, शक्ति से शांति, फोर डीकेड्स इन पार्लियामेंट 1957-95, मृत्यु या हत्या, अमर बलिदान, कैदी कविराज की कुंडलियां और न्यू डाइमेंसंस ऑफ इंडियाज फॉरेन पॉलिसी जैसी पुस्तकें लिखीं। –प्रधानमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल इतना गौरवशाली रहा कि दो दशक के बाद भी उस कार्यकाल को न सिर्फ याद किया जाता है, बल्कि उस पर अमल भी किया जाता है। पोखरण परमाणु परीक्षण, आर्थिक नीतियों में दूरदर्शि्ृता। आधारभूत संरचना के विकास की बड़ी योजनाएं- राष्ट्रीय राजमार्ग और स्वर्णिम चतुर्भुज योजना अनुपम उदाहरण हैं। ऐसे प्रधानमंत्री कम ही हुए जिन्होंने समाज पर इतना सकारात्मक प्रभाव छोड़ा। उनकी प्रशासनिक क्षमता सुशासन का प्रतीक बनी। अटलजी के 1998-99 के प्रधानमंत्री के कार्यकाल को ’’दृढ़निश्चकय के एक साल’’ के रूप में जाना जाता है। क्योंकि मई 1998 में भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया था जिन्होंने परमाणु परीक्षण को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। फरवरी 1999 में पाकिस्तान बस यात्रा ने उपमहाद्वीप की परेशानियों को सुलझाने के लिए एक नए दौर का सूत्रपात किया। दुनिया भर में इसे प्रशंसा मिली। आपसी समझौते के इस मामले में भारत की ईमानदार कोशिश ने वैश्विक समुदाय में अपनी छाप छोड़ी। लेकिन मित्रता को धोखे के रूप में कारगिल का युद्ध मिला। तब अटलजी ने विषम परिस्थितियों का सफलतापूर्वक मुकाबला किया और सेना ने अपने पराक्रम से विजय हासिल की। कारिगल की जंग को प्रति वर्ष विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है।  देश के प्रति उनके निःस्वार्थ समर्पण और 50 वर्ष से अधिक तक देश और समाज की सेवा करने के लिए वर्ष 1992 में भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण दिया गया। 1993 में कानपुर विश्वविद्यालय ने मानद डॉक्ट्रेट की उपाधि से नवाजा। 1994 में उन्हें भारत का ‘सर्वश्रेष्ठ सांसद’ चुना गया। मार्च 2015 में उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान ’भारत रत्न’ की उपाधि से अलंकृत किया गया। अटल बिहारी वाजपेयी एक नेता तो थे ही साथ ही कविताएं भी लिखा करते थे। उन्होंने देश के लिए भी कविताएं लिखीं। पत्रकार से प्रधानमंत्री बने अटलजी ने चार राज्यों से चुनाव जीतकर भारतीय राजनीति में अपनी छाप छोड़ी थी।  अविवाहित प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने अपनी ईमानदार और निर्लिप्त छवि को कायम रखा। कभी अपना हित नहीं देखा। लोकतंत्रवादी मूल्यों में इतनी गहरी आस्था थी कि हिन्दुत्ववादी होते हुए भी उनकी छवि धर्मनिरपेक्षता वाली रही। अटलजी की विलण प्रतिभा और वाकपुटता को देख, जय प्रकाश नारायण ने कहा था कि “इनके कंठ में सरस्वती का वास है“। जवाहर लाल नेहरू ने वाजपेयी जी को अद्भुत वक्ता की विश्वविख्यात छवि से नवाज था। ऐसे में यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि कुछ तो था उनकी बातों में…जो आज भी लोगों के दिलों-दिमाग पर छाया हुआ है। उनकी जयंती पर शत्-शत् नमन्।।

एमपी में मंत्रिमंडल का विस्तार कल, सीएम मोहन यादव.

Cabinet expansion in MP tomorrow, announces CM Mohan Yadav. मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार सोमवार दोपहर में हो सकता है। करीब 20 मंत्री दोपहर में शपथ ले सकते हैं। इसमें नए चेहरे के साथ ही कुछ पूर्व मंत्रियों को मौका देने की बात सामने आ रही है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री की केंद्रीय नेताओं से मुलाकात के बाद मंत्रिमंडल के नाम पर अंतिम मुहर लग गई है। अधिकारिक सूत्रों की मानें सीएम मोहन यादव ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल से सोमवार सुबह मुलाकात का समय मांगा है। बताया जा रहा है कि वे राज्यपाल से भेंट कर संभावित मंत्रियों की सूची सौंप सकते हैं।  बता दें सीएम का एक सप्ताह में यह तीसरा दौरा है। सीएम के दिल्ली दौरे के चलते भोपाल में आयोजित होने वाली बैठकों को रद्द कर दिया गया। देर शाम सीएम भोपाल लौट सकते हैं। बताया जा रहा है कि सीएम केंद्रीय नेतृत्व के साथ मंत्रिमंडल को लेकर फाइनल चर्चा हो गई है। अब सोमवार को मंत्रिमंडल में तकरीबन 20 मंत्री शपथ ले सकते है।

दागी रेंजर को बचाने सीसीएफ और डीएफओ आमने- सामने.

CCF and DFO face off to save the Ranger. उदित नारायणभोपाल । एक दागी रेंजर को लेकर ग्वालियर सर्कल के सीसीएफ तोमर सिंह सूलिया और श्योपुर डीएफओ चंदू सिंह चौहान आमने-सामने आ गए है। डीएफओ दागी रेंजर के खिलाफ उनके नियम विरुद्ध कृत्य पर कार्यवाई चाहते है। जबकि सीसीएफ सूलिया की इच्छा है कि वह दाग़ रहित रिटायर हो जाए। रेंजर की सेवानिवृत इस माह है।वन विभाग में किसी भी अधिकारी हो या फिर कर्मचारी उनके विरुद्ध जांच कछुआ चाल से की जाती है। इसके कारण कई बार बिना किसी कार्यवाई से वह रिटायर भी जाते है। वर्तमान में सबलगढ़ के गेम रेंज में पदस्थ केएम त्रिपाठी से जुड़ा मामला है। त्रिपाठी की जब 2017-18 में विजयपुर में पोस्टिंग थी तब केम्पा फंड से विभिन्न कार्य कराए गए थे। इन कार्यों के सम्पादन में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए बीएल ओझा और बनवारी शर्मा ने विभाग के विजिलेंस को शिकायत की थी। 2019 में की गई शिकायत का आज तक निराकरण नहीं हुआ। हालांकि विजिलेंस के निर्देश पर एसडीओ जोगेन्दर पारदे की अध्यक्षता के कमेटी ने जांच में कई बिन्दुओ पर रेंजर त्रिपाठी को क्लीनचिट दे दी किन्तु पूर्व में जॉच दिलीप आदिवासी एवं पवन आदिवासी द्वारा की गर्य शिकायत पर आनन्द सिंह चौहान उप वनमण्डलाधिकारी विजयपुर द्वारा की गई जांच में पत्र रेंजर केएम त्रिपाठी तत्कालीन वन परिक्षेत्र अधिकारी विजयपुर पश्चिम एवं रामवरन शर्मा उप वनक्षेत्रपाल को अग्नि सुरक्षा के 47,950 रुपये की राशि के फर्जी प्रमाणक तैयार करने के मामले में दोषी ठहराने को कमेटी ने भी दोषी माना है।इनका कहना“मैंने डीएफओ से आरोप पत्र पर अभिमत मांगा है। उनके अभिमत के बाद निर्णय लिया जाएगा।”टीएस सूलिया, सीसीएफ ग्वालियर“मैंने आरोप पत्र के साथ अपना अभिमत भेज दिया है। अगर दोबारा अभिमत मांगा है तो मैं दिखवाता हूं।”सीएस चौहान, डीएफओ श्योपुर

देश के विख्यात संगीत समारोह में शिरकत करेंगे, सीएम. 

Chief Minister will participate in the country’s renowned music festival. ग्वालियर । देश के विख्यात संगीत समारोह में शिरकत करने के लिए सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ग्वालियर आएंगे। इस दौरान वे कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे। सोमवार को ही भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई का जन्मदिन भी है। इसे लेकर महाराज बाड़े पर गौरव दिवस का आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। वह तानसेन संगीत समारोह में इस साल के तानसेन अलंकरण के लिए पंडित गणपति भट्ट हासणगि को सम्मानित करेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री किले पर जाएंगे जहां तबला वादक रिकॉर्ड के लिए एक साथ 1650 कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे ।कलेक्टर ने रविवार को तानसेन समारोह महाराज वाडा़ और मुख्यमंत्री के सभी कार्यक्रम स्थलों का दौरा किया और आवश्यक तैयारियों के निर्देश दिए। कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने कहा कि जिस तरह से इंटक मैदान में रात को रिचा शर्मा के प्रोग्राम में संगीत प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर का हिस्सा लिया। उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भी तानसेन संगीत समारोह को यादगार बनाने के लिए शहर वासी बड़ी संख्या में यहां पहुंचेंगे।

जहाँ जहाँ पड़े श्रीकृष्ण के पाँव, वहीँ बनेगा तीरथ धाम…. मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री का ऐलान.

Wherever the feet of Lord Krishna touch, there will become a pilgrimage site… Announcement by the Chief Minister of Madhya Pradesh. उज्जैन । मध्यप्रदेश के मुख्य्मंत्री मोहन यादव ने एक बड़ा ऐलान किया है कि मध्यप्रदेश मे जहाँ जहाँ भगवान कृष्ण के पाँव पड़े है उनको तीर्थ स्थलों के स्वरुप मे विकसित किया जायेगा, मध्य प्रदेश संस्कृति धरोहरों, अध्यात्म और पौराणिक कहानियो के लिए जाना जाता है धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन मे हमेशा मध्यप्रदेश अग्रणी रहा है, इसी क्रम मध्यप्रदेश के नये मुख्य्मंत्री मोहन यादव ने भगवान श्री कृष्ण की उन विरासत को जहाँ भगवान ने लीलाएं की थी उन्हें तीर्थ स्थल के स्वरुप मे विकसित करने का ऐलान किया है. ज्ञात हो कि महाकाल की नगरी उज्जैन मे भगवान ने गुरु संदीपन जी के आश्रम मे शिक्षा ग्रहण की थी जहाँ पर उन्होंने 18 दिनों मे 18 पुराण, 4 दिनों मे चारों वेद, 6 दिनों मे 6 शास्त्र, 16 दिनों मे 16 कलाएं और 20 दिनों मे गीता का ज्ञान प्राप्त किया था, उज्जैन मे मंगालनाथ मार्ग पर क्षिप्रा नदी के पावन तट पर गंगा घाट पर महर्षि संदीपन की तपोभूमि पर आज से तकरीबन 5235 साल पहले भगवान श्री कृष्ण अपने बड़े भाई बलराम और सखा सुदामा जी के साथ विद्यारम्भ संस्कार धारण किया था, श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल के राष्ट्रीय प्रमुख एवं पक्षकार राजेश मणि त्रिपाठी जी बताते हैँ कि उज्जैन मे भगवान ने 64 दिन मे 64 कलाएं सीखी थी, यही पर गुरु संदीपन जी ने भगवान को 3 मंत्र लिखवाये थे तथा भगवान ने गुरु दक्षिणा के रूप मे उनके मृत पुत्र को वापस कराया था,श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल के मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ के प्रभारी उदित नारायण बता रहे थे कि मध्य प्रदेश के धार ज़िले मे स्थित अमझेरा जहाँ जानापाव वही स्थल है जहाँ प्रवास के दौरान भगवान परसुराम जी ने श्रीकृष्ण जी को उनका पावन अस्त्र सुदर्शन भेंट किया था तथा द्वापर युग मे धर्म कि स्थापना का उपदेश दिया था, श्री कृष्ण जन्मभूमि के राष्ट्रीय सहप्रमुख तथा संगठन मंत्री महेंद्र तिवारी ने चर्चा के दौरान मध्यप्रदेश के मुख्य्मंत्री जी का इस पावन पहल हेतु धन्यवाद प्रेषित करते हुये बताया कि मध्यप्रदेश के साथ भगवान श्रीकृष्ण का बहुत गहरा नाता रहा है भगवान कि शिक्षा के अतिरिक्त उज्जैन कि अवंतिका नगरी को भगवान कि ससुराल भी माना जाता है मान्यता है कि यहाँ के राजा जयसेन की पुत्री मित्रविंद्रा से विवाह किया था जहाँ के मंदिर मे भगवान मित्रविंद्रा जी के साथ विराजमान हैँ कृष्ण विद्रा धाम के पुजारी श्री गिरीश गुरु बालक महराज बताते हैँ कि मित्रविंद्रा जी भगवान की पाँचवी पटरानी थी जिनसे भगवान ने स्वयंबर मे विवाह किया था. मुख्य्मंत्री की यह पहल विश्व मे श्री कृष्ण के अनुनायियों के लिए हर्ष का विषय है और इससे मध्यप्रदेश पर्यटन को भी सनातन के साथ विश्व पटल पर आकर्षित करेगी

भारतीय कुश्ती संघ अध्यक्ष संजय सिंह समेत पूरी टीम निलंबित, फैसलों पर भी रोक.

Indian Wrestling Federation President Sanjay Singh and the entire team suspended, halt on decisions as well. संजय सिंह पूर्व अध्यक्ष ब्रज भूषण शरण सिंह के करीबी हैं। संजय सिंह को अध्यक्ष चुने जाने का भी खिलाड़ियों ने विरोध किया था। नई दिल्ली। खेल मंत्रालय ने दो दिन पहले अध्यक्ष चुने गए संजय सिंह के सभी फैसलों पर भी रोक लगा दी है। भारत सरकार के खेल मंत्रालय ने बड़ा फैसला लेते हुए भारतीय कुश्ती संघ (WFI) को निलंबित कर दिया है। दो दिन पहले ही WFI के नए अध्यक्ष संजय सिंह को अध्यक्ष चुना गया था। अब खेल मंंत्रालय ने संजय सिंह द्वारा चुनी गई पूरी कार्यकारिणी को भी निलंबित कर दिया है। संजय सिंह पूर्व अध्यक्ष ब्रज भूषण शरण सिंह के करीबी हैं। संजय सिंह को अध्यक्ष चुने जाने का भी खिलाड़ियों ने विरोध किया था।

आत्मनिर्भरता के युग की शुरुआत,सशक्त भारत के सशक्त कानून

The beginning of the era of self-reliance, empowered laws for a strong India. विष्णुदत्त शर्मा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद के दोनों सदनों में आपराधिक न्यायिक प्रणाली में सुधार के तीन विधेयक प्रस्तुत किये एवं दोनों सदनों में यह विधेयक ध्वनिमत से पारित होने के पश्चात् एक नए युग की शुरुआत हो गयी है। (1) भारत में अब भारतीय न्याय संहिता विधेयक 2023 जो आईपीसी, 1860 को प्रतिस्थापित करेगा। (2 ) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक 2023 जो सीआरपीसी, 1898 को प्रतिस्थापित करेगा। (3) भारतीय साक्ष्य विधेयक, 2023 जो साक्ष्य अधिनियम, 1872 को प्रतिस्थापित करेगा। इन विधेयकों की शुरूआत ऐसे समय में हुई है जब विश्व तेजी से तकनीकी प्रगति, सामाजिक परिवर्तन और विकसित हो रहे वैश्विक मानकों को देख रहा है। ब्रिटिश काल के दौरान बनाए गए मौजूदा कानूनों कि अक्सर पुराने होने और समकालीन जरूरतों के अनुरूप नहीं होने के कारण आलोचना की जाती रही है। नए कानून 21वीं सदी के साथ कानूनी प्रणाली को संरेखित करने की मोदी सरकार कि मंशा को दर्शाते हैं, जिसमें नागरिक-केंद्रित कानूनी संरचनाओं, लिंग तटस्थता, डिजिटल परिवर्तन और सजा के बजाय न्याय पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया गया है। इन परिवर्तनकारी कानूनी सुधारों का उद्देश्य भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली को नया आकार देना, नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा और न्याय के कुशल प्रशासन को सुनिश्चित करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व एव हमारे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प शक्ति का परिणाम था कि सभी हितधारकों के साथ व्यापक चर्चा के बाद इन कानूनों को लाया गया है। स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश के नाम अपने सम्बोधन में कहा था कि “ये समय गुलामी की मानसिकता से मुक्त होकर, अपनी विरासत पर गर्व करने का है“ और आजादी के अमृतकाल में भारत ने संकल्प लिया है कि उन सभी गुलामी के प्रतीकों से मुक्ति पाना है। वास्तव में भारत की प्राचीन सभ्यता में अपराधियों को दंड देने के बजाय पीड़ित को न्याय देने का प्रचलन था किन्तु औपनिवेशिक काल में अंग्रेजों ने अपनी सत्ता स्थायी रखने के उद्देश्य से भय प्रस्थापित करने हेतु दंड को प्राधान्य दिया था। इन कानूनों के प्रमुख प्रावधानों में राजद्रोह को निरस्त कर देशद्रोह को स्थापित करना, मॉब लिंचिंग के खिलाफ एक नया प्रावधान, नाबालिगों के बलात्कार के लिए मृत्युदंड, आतंकवाद की परिभाषा और छोटे अपराधों के लिए पहली बार सामुदायिक सेवा को दंड के रूप में सम्मिलित किया है। इसमें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध, हत्या और राज्य के खिलाफ अपराधों को प्राथमिकता दी गई है। अलगाववादी गतिविधियों या भारत की संप्रभुता और एकता को खतरे में डालने वाले कृत्यों पर नए अपराध जोड़े गए हैं। मुख्यतः यह विधेयक मानव केंद्रित न्याय प्रणाली सुनिश्चित करने का कार्य करेंगे और अब लोगां को “तारीख पर तारीख“ से मुक्ति मिलेगी। यह नए कानून भारतीय आत्मा से ओत-प्रोत हैं और इनका उद्देश्य संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना और न्याय प्रदान करना है। भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य विधेयकों की शुरूआत भारत की कानूनी प्रणाली के लिए अत्यधिक महत्व रखती है जिससे निम्नलिखित संकल्प पूर्ति का लक्ष्य है – आधुनिकीकरणः यह कानून औपनिवेशिक विरासत से प्रस्थान का प्रतिनिधित्व करते हैं, ऐसे प्रावधान प्रस्तुत करते हैं जो समकालीन सामाजिक मूल्यों और तकनीकी प्रगति को दर्शाते हैं। डिजिटल अपराधों और साक्ष्यों को मान्यता देकर, नए कानून 21 वीं सदी की वास्तविकताओं को दर्शाते हैं, जिससे भारत की कानूनी प्रणाली का आधुनिकीकरण होता है। दक्षताः कानूनी प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और डिजिटल साक्ष्य को मान्यता देकर, इन कानूनों का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया की दक्षता को बढ़ाना, देरी को कम करना और त्वरित न्याय को सुनिश्चित करना है। नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोणः नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और जीवन में सुगमता सुनिश्चित करने पर जोर देने के साथ ही इनका लक्ष्य दंड से न्याय पर लक्ष्य केंद्रित करना है। वैश्विक मानकों के अनुरूपः यह आपराधिक न्यायिक प्रणाली के सुधार भारत की कानूनी प्रणाली को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाते हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि यह कानून अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम क़ानूनी प्रथाओं के अनुरूप हैं। गौरतलब है आपराधिक न्यायिक प्रणाली में सुधार की यह प्रक्रिया वर्ष 2019 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में गृह मंत्रालय द्वारा शरू की गई जिसमें विभिन्न हितधारकों से इस संदर्भ में सुझाव मांगे गए। गृह मंत्री जी ने सितम्बर 2019 में सभी राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों/प्रशासकों को पत्र लिखा था। जनवरी 2020 में भारत के मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों, बार काउंसिलों और विधि विश्वविद्यालयों और दिसम्बर 2021 में संसद सदस्यों से भी सुझाव मांगे गए। बीपीआरडी ने सभी आईपीएस अधिकारियों से सुझाव मांगे। मार्च 2020 को नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली के कुलपति की अध्यक्षता में एक समिति भी गठित की गई जिसे कुल 3200 सुझाव प्राप्त हुए थे। साथ ही 18 राज्यों, 06 संघ राज्य क्षेत्रों, भारत के सर्वोच्च न्यायालय, 16 उच्च न्यायालयों, 27 न्यायिक अकादमियों-विधि विश्वविद्यालयां, पुलिस बलों ने भी अपने सुझाव दिए है। गृह मंत्री अमित शाह ने 158 व्यक्तिगत बैठकें की, तत्पश्चात इन सुझावों पर गृह मंत्रालय में गहन विचार-विमर्श किया गया और इसी के परिणाम स्वरूप यह तीन कानून बने हैं। हम यह कह सकते हैं कि सरकार ने व्यापक चर्चा उपरांत जनआकांक्षाओं का सम्मान कर इन कानूनों को लाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार पिछले साढ़े 9वर्षों में, हमारी संस्थाओं और प्रणालीगत कानूनों को पुनर्जीवित करने के मिशन पर कार्य रही है, जो 19 वीं शताब्दी में ब्रिटिश शासन और उनके प्रतिनिधियों द्वारा हमारे प्राचीन सभ्यतागत सोच विचार को ब्रिटिश शासन के अधीन एवं राज्य चलाने के उद्देश्य से बनाये गए थे। निश्चित रूप से यह नए कानून हमारी कानूनी आत्मनिर्भरता के युग की शुरुआत है एवं इन कानूनों के पारित होने का सुखद अनुभव वास्तव में हमें दासता से मुक्ति का बोध कराता है। नोट – लेखक भाजपा मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष हैं।

विकसित भारत संकल्प यात्रा पहुंच रही गांव-गांव

Developed India Sankalp Yatra reaching every village ग्यारसपुर ! जनपद ग्यारसपुर की ग्राम पंचायत पथरई, इमलावदा मे विकसित भारत संकल्प यात्रा पहुंची जहां पर ग्रामीणों को केंद्र सरकार के द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में ग्रामीणों को जानकारी दी गई जिसमें सरकारी विभागों के कर्मचारियों अधिकारियों के द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की योजनाओं से वंचित परिवारों के आवेदन लिए गए उनके नाम जोड़े गए , यात्रा में सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया जिसमें जीते हुए प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया, पथरई ग्राम पंचायत में छोटी-छोटी छात्राओं के द्वारा मतदाता जागरूकता नुक्कड़ नाटक का भी प्रदर्शन किया गया जिसमें सभी अतिथियों के द्वारा उनकी सराहना की गई । इमलावदा मैं बुजुर्ग दादा के द्वारा नृत्य किया गया । ग्राम पंचायत का 100% ऑनलाइन रिकॉर्ड राजस्व का किया गया जिसके चलते ग्राम पंचायत इमलावदा को अभिनंदन पत्र दिया गया, कार्यक्रम में पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र मीणा प्रताप सिंह रघुवंशी, लक्ष्मण सिंह रघुवंशी, मुन्नालाल रघुवंशी, रामनारायण रघुवंशी, रामशरण सिंह रघुवंशी, बरेलाल लोधी, विजय कुमार जैन, गोविंद सिंह रघुवंशी, संजय सिंह रघुवंशी, नीरेंद्र दांगी स्थानीय सरपंच मनोज रघुवंशी, संजीव रघुवंशी, समग्र सुरक्षा अधिकारी महेश कुशवाहा नोडल अधिकारी शानू जैन सचिव कौशल कुमार जैन नर्मदा प्रसाद श्रीवास्तव, रोजगार सहायक सरिता रघुवंशी, रविंद्र मेटोलिया, मुख्यमंत्री जन सेवा मित्र सहित ग्रामीण जन मौजूद रहे ।

हुकुमचंद मिल मजदूरों को 25 दिसंबर को मिलेगी राहत राशि, मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव

Hukumchand Mill workers will receive relief funds on December 25, says Chief Minister Dr. Mohan Yadav. इंदौर के कनकेश्वरी धाम में आयोजित होगा कार्यक्रम। लंबित देनदारियों के भुगतान से हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिकों से जुड़े परिवारों के लगभग 25 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। भोपाल। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव 25 दिसंबर को इंदौर की हुकुमचंद मिल के मजदूरों को 464 करोड़ रुपये की राशि वितरण करेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर सुशासन दिवस पर इंदौर के कनकेश्वरी धाम में आयोजित हितलाभ वितरण के इस कार्यक्रम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअली जुड़ेंगे। इस सिलसिले में मुख्यमंत्री ने शनिवार सुबह मंत्रालय में अधिकारियों के साथ बैठक की और इस कार्यक्रम के लिए चल रही तैयारियों की समीक्षा करते हुए जरूरी दिशा-निर्देश दिये। मजदूरों को संबोधित करेंगे पीएम मोदीयहां पर यह बता दें कि हुकुमचंद मिल के मजदूरों की 30 साल से देनदारियां बकाया हैं। देनदारियों के इस भुगतान से हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिकों से जुड़े परिवारों के लगभग 25 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी मजदूरों को संबोधित भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इंदौर जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि यह राशि सीधे मजदूरों को ही मिले। इस संदर्भ में उन्होंने मजदूर संघों से बात करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बैठक में अधिकारियों से प्रदेश की अन्य बंद मिलों और उनके मजदूरों को होने वाले भुगतान की लंबित जानकारी भी तलब की।

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