सी एम हेल्पलाइन में उदासीनता बरतने के आरोप में 37 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस हुए जारी
Show cause notices issued to 37 officers for showing indifference in CM Helpline इनको हुए कारण बताओ नोटिस जारी
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Center wise 10-10 CHOs will be deployed for making Ayushman cards. विशेष पिछड़ी जाति के सभी पात्र किसानों के केसीसी बनाने में मिली सफलता स्वीकृत वनाधिकार पट्टों के किसानों के भी केसीसी बनाये जायेंगे बालाघाट । विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों के समग्र विकास के लिये भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत जिले की बैगा जनजाति के समग्र विकास के लिये जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास करते हुये कुल 260 बसाहटों में जन कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ आधारभूत व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही है। गुरुवार को कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने पीएम जन-मन योजनांतर्गत किये जा रहे कार्यो की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान आयुष्मान कार्ड बनाने मे आ रही समस्या को देखते हुये निर्देश दिये कि जनपद सीईओ अब केंद्रवार 10-10 सीएचओ की ड्यूटी आयुष्मान कार्ड बनाने लगायेंगे। सहकारी केंद्रीय बैंक के सीईओ श्री आरसी पटले ने बैठक में बताया कि बैगा जनजाति के 97 पात्र किसानों के केसीसी बनाने का लक्ष्य था वो पूर्ण कर लिया गया है। इस संबंध में कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने सीईओ श्री पटले सहित सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि पीएम जन-मन योजना में जितने भी बैगा जनजाति के पात्र नागरिकों को वनाधिकार पट्टे प्रदान किये जायेंगे उन्हें विशेष रूप से केसीसी भी प्रदाय किया जाना है। एसडीएम इस संबंध में उपखंड स्तरीय समिति में वनाधिकार पट्टों का निर्धारण कर जिला स्तरीय समिति के पास शीघ्रता से भेजे। बैठक में जिपं सीईओ श्री डीएस रणदा, एडीएम श्री ओपी सनोडिया, एसी ट्राइबल श्री पीएन चतुर्वेदी, डीएसओ ज्योति बघेल सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। पलायन कर गये नागरिकों के मोबाईल नम्बरों पर सम्पर्क करे राशन कार्ड सहित आधार कार्ड बनाने की समीक्षा के दौरान विभिन्न विभागों व जनपद सीईओ द्वारा जानकारी दी गई कि कई नागरिक पलायन कर जाने से उनके आधार जाति और संबंधित व्यक्ति का राशन कार्ड या पात्रता पर्ची बनाने में समस्या आ रही है। कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने निर्देश दिये कि ऐसे व्यक्तियों के मोबाईल न. तलाश करे और उनसे सम्पर्क कर आधार, जाति प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड तथा राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया पूर्ण कराये। जिले में बैगा जनजाति की 260 बसाहटों में 31033 नागरिकों में से 1747 के आधार कार्ड बनने है जिसमें से अब तक 959 आधार कार्ड बनाये जा चुके है। इसी तरह 1478 के जाति प्रमाण पत्र में से पीएम जन-मन अभियान के दौरान 878 के जातिप्रमाण पत्र बनाये गये है। आयुष्मान कार्ड की बात की जाये तो कुल 3683 के आयुष्मान कार्ड बनाये जाने थे जिसमें गुरुवार तक अभियान के दौरान 1348 के कार्ड बनाये गये है। इसके अलावा 381 नागरिकों के राशन कार्ड बनाने के मामले में गुरुवार तक 179 के कार्ड बनाये जा चुके है।
Young railway workers on hunger strike for last 4 days in extreme cold in protest against NPS कटनी ! एनपीएस न्यू.पेंशन.स्कीम के खात्मे की आग अब धीरे धीरे तेज होने लगी है युवा रेल कर्मियों के सामने कड़के की ठंड भी कोई मायने नहीं रख रही दरासल अब पुरे भारत में एनपीएस के विरोध की आवाज उठने लगी है। आपको बतादे की जीवनभर पूरी नौकरी करने के बाद सरकारी कर्मचारी अपने बुढ़ापा का सहारा तलाशने को मजबूर है।जिसके लिए युवा कर्मी एक जुट होने कोई कसर नहीं छोड़ रहे और ओ.पी.एस ओल्ड.पेंशन की मांग निरंतर करते आ रहे है। जिससे उनका आगे आने वाला बुढ़ापा आराम से निकले लगातार घने कोहरे के बीच कड़के की ठंड में अपने हक के लिए भूख हड़ताल पर बैठे युवा कर्मियो का केंद्र सरकार के खिलाफ एक ही नारा है। एनपीएस भगाव ओपीएस लाओकटनी के पांच नबर रेलवे स्टेसन के पीछे बैठे रेल कर्मीयो द्वारा लगातार न्यू पेंशन स्कीम का विरोध किया जा रहा है। विगत तीन दिवस से भूख हड़ताल पर बैठे इन कर्मियो का कहना है पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा भोपाल जबलपुर के सभी मंडल शाखाओं में और मुख्यालय में चार दिन से भूख हड़ताल की जा रही है एन के जे हम्प गेट के बाद डीजल सेड सीएनडब्ल्यू, एन.के.जे टीआरएस मैं अलग-अलग दिन हड़ताल जारी रखी गई। बहरहाल एन.पी.एस के विरोध में भारत सरकार के खिलाफ रेलवे के अधिकांश मंडलों में युवा रेल कर्मी भूख हड़ताल का सहारा लेने पर अतुर है भूख हड़ताल का गुरुवार को चौथा दिन है वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्प्लाइज यूनियन के तत्वाधान में NFIR/JFR OPS के आवाहन पर एन.पी एस को समाप्त कर ओल्ड पेंसन बहाली के लिए युवा कर्मीयो ने भूख हड़ताल का आगाज किया एनपीएस को लेकर कहा अभी नहीं तो कभी नहीं, युवा कर्मियो की यह आग पूरे भारत में देखने मिल रही है जिससे केंद्र सरकार OPS देने पर विवस हो जाए।
Children took a trip to the jungle with the inspirations, watched the documentary (Main Bhi Bagh) हरिप्रसाद गोहे आमला ! स्कूली क्षात्रो को वन, वन्यप्राणी एवं पर्यावरण के संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकाशित करने के उद्देश्य को लेकर मध्य प्रदेश वन विभाग एवं मध्य प्रदेश ईकोपर्यटन विकास बोर्ड द्वारा दिनांक 11 जनवरी 2024 को भूमका देव (सारणी-बेलोण्ड रोड), आमला में वनसंरक्षक वनवृत्त बैतूल एवं वनमंडल अधिकारी दक्षिण बैतूल, उ.व.म.अ. आमला (सा.) के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में वन परिक्षेत्र आमला अंतर्गत अनुभूति वर्ष 2024 कार्यक्रम का आयोजन आयोजित किया गया।कार्यक्रम में अशासकीय मदरलैंड पब्लिक अकादमी स्कूल आमला के 126 छात्र/छात्रों ने भाग लिया । आयोजित शिविर में छात्रों ने प्रदेश के अनुभूति प्रेरक श्री के.एल. चंदेलकर सहित वन विभाग के 3 अन्य प्रेरकों के साथ एक प्राकृतिक सैर में हिस्सा लिया, जहाँ उन्हें पेड़ों और पक्षियों की विविध प्रजातियों के बारे में जानकारी दी गई । इस दौरान बच्चों को अनसिले कपड़े से बैग बनाने के साथ साथ “मैं भी बाघ” थीम पर डाक्युमेंट्री दिखाई गई । वहीं छात्र/छात्राओं के लिए चित्रकला, रंगोली, और क्विज प्रतियोगिता का आयोजन भी वन विभाग द्वारा आयोजित किया गया । शिविर के दौरान मुख्य अतिथि बतौर गणेश यादव जनपद पंचायत अध्यक्ष आमला, भाजपा किसान नेता हरी यादव , सुखराम कुमरे सभापति जैवविविधता वन समिति के साथ सुखदेव यादव सरपंच, रामाधार यादव सरपंच,भगवंतसिंह रघुवंशी जिला मंत्री भाजपा अतिथि के रूप में शामिल हुये । प्रतियोगिता के विजेताओं को मुख्य अतिथियों द्वारा प्रथम/द्वितीय/तृतीय पुरस्कार वितरण किया गया। कार्यक्रम में “मैं भी बाघ” थीम गान का गायन किया गया एवं प्रकृति और वन्य जीव संरक्षण की प्रतिज्ञा के साथ अनुभूति कार्यक्रम सफलतापूर्वक समापन हुआ ।
ग्वालियर ! ग्वालियर से एक मामला सामने आया है थाटीपुर स्थित लोक स्वास्थ्य यांत्रिक विभाग में प्रशासन द्वारा सुमित मेहरा सहायक ग्रेड 3 सुनील कुमार अग्रवाल सहायक ग्रेड 2 का ट्रांसफर 4 अक्टूबर 2023 को कर दिया गया ! लेकिन आज दिनांक तक अधिकारियों ने विभाग से इन्हें रिलीव नहीं किया वही जब हमारे संवाददाता ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिक विभाग के EE अनमोल कोचर से चर्चा की तो उन्होंने कर्मचारियों के बचाव में बताया ऐसा लग रहा है की अधिकारी की मिली जुली भगत से पूरा मामला चल रहा है जबकि विभाग में कई सीनियर बाबू बैठे हुए लेकिन उन्हें चार्ज न देते हुए शासन प्रशासन के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं
Guest teacher suicide case: Principal suspended 24 days after arrest 8 दिसंबर को भेजा था पत्र भोपाल। भोपाल जिले के ग्राम हर्राखेड़ा स्थित शासकीय अरविंद भार्गव हायर सेकंडरी स्कूल के अतिथि शिक्षक सुसाइड मामले में लोक शिक्षण संचालनालय ने करीब 24 दिन बाद अब प्राचार्य श्रीप्रकाश विजयवर्गीय को निलंबित किया है। बताया जा रहा है कि डीईओ अंजनी कुमार त्रिपाठी ने आयुक्त लोक शिक्षण अनुभा श्रीवास्तव को निलंबित करने के लिए 8 दिसंबर को पत्र भेजा था। जिस पर 24 दिन बाद कार्रवाई की गई है। आदेश में कहा गया है कि निलंबन अवधि में विजवर्गीय का मुख्यालय कार्यालय कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक भोपाल संभाग, भोपाल मप्र रहेगा एवं निलंबन काल में उन्हे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। गलतियों भरे आदेश पर हस्ताक्षर भी हो गएमामले में 24 दिन की देरी के बाद जारी किए गए आदेश में कुछ गलतियां भी की गई हैं। जारी आदेश में बताया गया है कि प्रकरण में अभियुक्त श्रीप्रकाश विजयवर्गीय को पुलिस ने 19 दिसंबर को अरेस्ट कर न्यायालय में पेश किया था और जेल भेज दिया था। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा 8 दिसंबर 2024 को इसकी सूची दे दी गई थी। इस आदेश पर बकायदा लोक शिक्षण आयुक्त द्वारा हस्ताक्षर भी किए गए हैं, लेकिन इस गलती पर ध्यान नहीं दिया गया। यह है पूरा मामला: जानकारी के मुताबिक मूलतःअशोक नगर निवासी आकाश यादव पिता गोपाल यादव (23) यहां ग्राम हर्राखेड़ा स्थित शासकीय अरविंद भार्गव हायर सेकेंडरी स्कूल में बतौर अतिथि शिक्षक नौकरी कर रहे थे। पिछले साल 13-14 अक्टूबर को आकाश ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था। आकाश के पास मिले सुसाइड नोट में लिखा था कि प्रिंसिपल श्रीप्रकाश विजयवर्गीय उसके स्थान पर अपने साले को रखना चाहते हैं। अतिथि शिक्षक छगनलाल शाह और नरेंद्र दुबे, प्रिंसिपल के साथ मिलकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। सुसाइड नोट में आगे लिखा है कि आज मैं जो कदम उठाने को मजबूर हूं। मामले में गुनना थाना पुलिस ने प्राचार्य समेत तीन लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। घटना वाले दिन से ही प्राचार्य बिना बताए स्कूल से गायब:घटना वाले दिन से ही प्राचार्य बिना बताए स्कूल से गायब हो गए थे। उसके गायब होने के बाद भी विभाग की तरफ से कोई कार्यवाही नहीं की गई थी। जिला शिक्षा अधिकारी अंजनी कुमार त्रिपाठी ने आयुक्त लोक शिक्षण अनुभा श्रीवास्तव को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया था, लेकिन लोक शिक्षण के अफसर मामले में अनजान बने हुए थे। वहीं, प्राचार्य विजयवर्गीय की हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद गुनगा थाने में सरेंडर कर दिया।
130 people cheated of Rs 5 crore in the name of investment in private hospital जालसाज दुकान, मकान में ताले लगाकर फरार भोपाल। कोलार थाना क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में निवेश के नाम पर जालसाज ने 130 लोगों से रुपए ऐंठ लिए। सभी से अलग अलग धनराशि लेने वाले जालसाज ने करीब पांच करोड़ का चूना लगाया है। ठगी का पता उस समय लगा जब निवेश की समयावधि खत्म हो गई और लाभ लेने पहुंचे। इस दौरान पता चला कि जालसाज अपनी दुकान और मकान में ताला लगाकर फरार हो चुका है। पीड़ित ने क्राइम ब्रांच में शिकायत की है। पुलिस ने शिकायती आवेदन लेकर जांच शुरू कर दी है। आरोपी का नाम श्यामदास बताया जा रहा है। श्यामदास औरंगाबाद का है। पूर्व में वह भोपाल में रह रहा था। उसने लोगों को बताया था कि यदि अस्पताल में निवेश करते हैं तो अस्पताल के लाभ के साथ उनकी राशि बढ़ाकर दी जाएगी। शुरुआत में आरोपी ने कम पैसा निवेश कराया था और बदले में लाभ भी दिया। बाद में जब लोगों को उस पर विश्वास हो गया तो उसने बड़ी रकम निवेश कराई और फरार हो गया।
डिलेवरी में देरी से एक लाख उपभोक्ता गोदाम से ले रहे सिलेंडर, नहीं मिल रही 29.26 रुपए की रिबेट गैस एजेंसी संचालकों की मनमानी नहीं हो रही दूर भोपाल। घरेलू गैस सिलेंडर की होम डिलेवरी में देरी करने की वजह से प्रत्येक माह एक लाख से अधिक उपभोक्ता गैस एजेंसियों के गोदामों से सिलेंडर ले रहे हैं। जबकि गैस एजेंसी संचालक उन्हें 29.26 पैसे की रिबेट नहीं दे रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को गोदाम से सिलेंडर लेना महंगा पड़ रहा है। बताया जाता है कि गैस सिलेंडर की बुकिंग करने के तीन दिन तक सिलेंडर की डिलेवरी नहीं की जाती है, जिसकी वजह से उपभोक्ताओं को गोदाम पर जाकर सिलेंडर लेना पड़ता है। राजधानी में करीब आठ लाख घरेलू गैस कनेक्शन हैं। गैस सिलेंडर की होम डिलेवरी पर एक सिलेंडर पर 29.26 रुपए और पांच किलो सीएनजी पर 14.63 रुपए रीबेट मिलती है। गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार राजधानी में रोजाना 10 हजार घरेलू और एक हजार कामर्शियल सिलेंडर की सप्लाई होती है। रोजाना साठ से सत्तर फीसदी सिलेंडर की ही होम डिलेवरी हो पाती है। बाकी सिलेंडर खुले में गाड़ी से दिए जाते हैं या डायरेक्ट गोदाम से सिलेंडर लिए जा रहे है। जिला आपूर्ति नियंत्रक मीना मालाकार का कहना है कि गैस सिलेंडर की होम डिलेवरी नहीं हो रही और उपभोक्ता को गैस गोदाम से सिलेंडर लेने जाना पड़ रहा है तो वह रीबेट के 29.26 रुपए देना उनका अधिकार है।
New Deputy Collector, DSP will meet after 5 years भोपाल। प्रदेश में पांच साल के इंतजार के बाद डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, नायब तहसीलदार अधिकारी मिलने जा रहे हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी विभागीय अधिकारियों की गुरुवार को बैठक की है। हालांकि अभी ज्वाइनिंग की तारीख तय होगी। साल 2019 व 2020 के राज्य सेवा परीक्षा में अंतिम रूप से चयनित उम्मीदवारों को दी जाएगी। इनकी संख्या 650 से ज्यादा है। माना जा रहा है कि अगले सप्ताह ही यह ज्वाइनिंग दे दी जाएगी, क्योंकि 10 से 15 जनवरी तक सीएम की मंशा के अनुसार महिला सशक्तीकरण और युवा उर्जा केंद्रित कार्यक्रमों के आयोजन हो रहे हैं। इसी के तहत यह आयोजन कर युवाओं को ज्वाइनिंग लैटर दिए जाएंगे। दरअसल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के हाथों इन नए चयनितों को ज्वाइनिंग पत्र दिए जाने हैं। इसके लिए ही सभी विभागों की बैठक हुई है। ताकि इसमें उनकी तैयारियों को देखा जा सके और यह तैयारी और औपचारिकता कब तक पूरी हो जाएगी, इसके बाद तारीख तय कर भोपाल स्तर पर आयोजन कर एक साथ सभी चयनितों को ज्वाइनिंग पत्र दिया जा सके। मंत्रालय अधिकारियों का कहना है कि सीएम के प्लान के अनुसार ही कार्यक्रम तय किया जाएगा। बहरहाल, अभी तारीख तय नहीं हुई है। 2019,2020 के चयनितों की भी नियुक्ति रूकी थीसाल 2020 के चयनितों का रिजल्ट तो साल 2023 में ही आ चुका था, लेकिन साल 2019 की परीक्षा में आए कानूनी विवाद के चलते उनका रिजल्ट रूका हुआ था। बाद में वरिष्ठता को लेकर विवाद नहीं हो, इसके चलते सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने 2020 में चयनितों की भी नियुक्ति रोकी हुई थी। लेकिन अब दोनों बैच के चयनितों को एक साथ ज्वाइनिंग दी जा रही है। इन सभी विभागों के साथ हुई बैठकमप्र शासन सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, मप्र शासन के तहत सामान्य प्रशासन विभाग (कार्मिक), गृह, वित्त, वाणिज्यिक कर, श्रम, नगरीय प्रशासन व आवास, जनसपंर्क, जनजातीय कार्य, खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण, स्कूल शिक्षा, औद्योगिक नीति और निवेश विभाग, राजस्व, पंचायत और ग्रामीण वाकस, जेल विभाग, सहकारिता विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक हुई है।650 से ज्यादा नए युवा अधिकारी मिलेंगे- मप्र शासन को इन दोनों भर्तियों से 650 से ज्यादा नए युवा अधिकारी मिलेंगे। साल 2019 में 571 पद और 2020 में 260 पद थे। हालांकि 87-13 फीसदी के फामूर्ले के चलते केवल 87 फीसदी पदों पर ही अंतिम रिजल्ट जारी हुआ है। इन 87 फीसदी पदों पर ही नियुक्ति की जा रही है।
Will contest all 29 seats, but Congress will focus on 10 Lok Sabha seats भोपाल। विधानसभा चुनाव में हार से उबर कर कांग्रेस लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। नतीजा जो भी आए, लेकिन तैयारी के लिहाज से भाजपा की तुलना में कांग्रेस आगे दिखने लगी है। कांग्रेस लड़ेगी तो सभी 29 लोकसभा सीटें, लेकिन 10 सीटों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करेगी। इनमेंे से 9 सीटों में विधानसभा चुनाव में मिले वोटों के कारण पार्टी को उम्मीद है। 10 वीं सीट राजगढ़ है। विधानसभा चुनाव में भाजपा ने यहां अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि यदि यहां से दिग्विजय सिंह अथवा उनके परिवार का सदस्य चुनाव लड़े तो यहां भी जीत दर्ज की जा सकती है। छिंदवाड़ा से आगे बढ़ना चाहती है कांग्रेसकांग्रेस की बैठकों में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी कह चुके हैं कि लगभग 100 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां कांग्रेस प्रत्याशी 1 या 2 फीसदी के अंतर से चुनाव हारे हैं। 5 लोकसभा क्षेत्र तो ऐसे हैं, जहां कांग्रेस को भाजपा से ज्यादा वोट मिले हैं। इसके अलावा 4 लोकसभा क्षेत्रों में कांग्रेस ने भाजपा को अच्छी टक्कर दी है। जीतू पटवारी का मानना है कि यदि व्यवस्थित चुनाव लड़ा जाए और प्रत्याशी अच्छे हों तो पांसा पलटते देर नहीं लगेगी। कांग्रेस का टारगेट छिंदवाड़ा के साथ ये 9 सीटें हैं, जहां के लिए कांग्रेस पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है। पांच क्षेत्रों में ज्यादा विधानसभा सीटें जीती कांग्रेसविधानसभा चुनाव में बंपर जीत के बावजूद 5 लोकसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां, कांग्रेस ने भाजपा से ज्यादा विधानसभा सीटें जीतीं। छिंदवाड़ा में 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने तीन विधानसभा सीटों में बढ़त बनाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह सभी सीटें हार गई। मुरैना में नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा के चुनाव में सभी सीटों में बढ़त बनाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में भाजपा 5 सीटें हार गई जबकि तोमर यहां से विधानसभा का चुनाव लड़ रहे थे। धार में 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 6 सीटों में बढ़त ली थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह कांग्रेस से 5 विधानसभा सीटों में पिछड़ गई। खरगोन के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त ली थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह सिर्फ 3 सीटें जीत सकी। पांचवी सीट है रतलाम-झाबुआ। यहां भी 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 5 सीटों पर बढ़त बनाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह सिर्फ एक सीट जीत सकी। चार लोकसभा क्षेत्रों में रही बराबरी की टक्करप्रदेश के चार लोकसभा क्षेत्र ऐसे हैं, विधानसभा चुनाव में जहां भाजपा-कांग्रेस के बीच लगभग बराबरी की टक्कर हुई। कांग्रेस इन सीटों में भी ध्यान केंद्रित करने की तैयारी में है। इनमें भिंड, ग्वालियर और बालाघाट लोकसभा क्षेत्रों में दोनों दलों भाजपा- कांग्रेस को 4-4 विधानसभा क्षेत्रों में जीत मिली है। जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने भिंड की सभी 8, ग्वालियर की 6 और बालाघाट की 7 विधानसभा सीटों में बढ़त बना कर जीत दर्ज की थी। टीकमगढ़ में भी लोकसभा चुनाव में भाजपा ने क्षेत्र की सभी विधानसभा सीटों में बढ़त बनाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 3 सीटें गंवा दीं। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि यदि यहां जोर लगाया जाए तो सफलता मिल सकती है। तैयारी ठीक, लेकिन पिछली बार जैसा हाे सकता हश्रलोकसभा चुनाव की दृष्टि से कांग्रेस की तैयारी अच्छी है लेकिन उसे यह भी याद रखना होगा कि 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद तो कांग्रेस ने प्रदेश में सरकार तक बना ली थी। उसकी सरकार रहते 2019 का लोकसभा चुनाव हुआ था, इसमें कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया था। किसी तरह छिंदवाड़ा में कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ चुनाव जीत सके थे। जब सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में एक सीट तक के लाले पड़ गए थे तो अब जब प्रदेश में भाजपा बंपर जीत के साथ सत्ता में है तो कांग्रेस का हश्र पिछले लोकसभा चुनाव जैसा हो सकता है। तैयारी में भाजपा से आगे दिख रही कांग्रेसइसमें कोई संदेह नहीं कि लोकसभा चुनाव की तैयारी में इस बार भाजपा की तुलना में कांग्रेस आगे दिख रही है। प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन में देरी किए बगैर कांग्रेस आलाकमान चुनाव घोषणा पत्र समिति पहले ही गठित कर चुका था, अब प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटों के लिए प्रभारी और संयोजक नियुक्त किए जा चुके हैं। तैयारी के सिलसिले में कांग्रेस पार्टी विधायकों, विधानसभा चुनाव हारे प्रत्याशियों, प्रभारियों, जिलाध्यक्षों की बैठकें कर चुकी है। इनमें लोकसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा हुई है। तय किया जा चुका है कि पार्टी के सभी बड़े नेताओं को लोकसभा का चुनाव लड़ाया जाएगा और प्रत्याशियों की घोषणा भी जल्दी कर दी जाएगी ताकि प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
Congress leaders’ allegation on Ram Mandir Pran Pratistha – Champat Rai did land scam, made him the chief भोपाल। कांग्रेस के सीनियर लीडर व पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने बीजेपी और आरएसएस पर बड़ा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राम मंदिर का पैसा खा गए। शुरूआती राम मंदिर आंदोलन में अरबों रुपए इकट्ठा हुए। ऐसे में भूरिया ने सरकार से चंदे का पूरा हिसाब मांगा है।मुरैना दौरे पर आए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी बुधवार रात राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बहाने बीजेपी और आरएसएस को जमकर घेरा है। साथ ही उन्होंने कहा, कि जब शंकराचार्य को नहीं बुलाया जा रहा है तो फिर कांग्रेस निमंत्रण कैसे स्वीकार कर ले। दिग्विजय का कहना है कि हमारी ये घोर आपत्ति है कि हमारे शंकराचार्य को अपमानित किया जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद ने कौन-सा धर्म का ठेका ले लिया है, क्या अधिकार है राम मंदिर पर चंपत राय कौन हैं। ये संघ के प्रचारक हैं और जमीन का घोटाला किया है और इन्हीं को प्रमुख बना दिया गया है।राम मंदिर आंदोलन में आए पैसे का हिसाब रखे बीजेपीरतलाम में मीडिया से बातचीत के दौरान भूरिया ने कहा कि जनता हिसाब मांग रही है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर देश के सभी लोगों का पैसा लगा है। हर वर्ग के व्यक्ति ने राम मंदिर के लिए पैसा दिया है। बीजेपी ऐसे प्रचार कर रही है कि राम सिर्फ बीजेपी के ही हैं। भगवान राम सभी के हैं। उनका भव्य मंदिर बनना चाहिए। अयोध्या में श्री राम का मंदिर बनाने के लिए सालों से आंदोलन चल रहा था। सरकार से हमारी मांग है कि मंदिर बनाने के लिए सालों से जो आंदोलन हुआ और जो अरबों का पैसा आया है, उसका एक- हिसाब रखे। इस पैसे से मंदिर को भव्य बनाएंदेश में अब जातियों को लड़ा रही बीजेपीदिग्विजय सिंह का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के समय से वहां की पूजा निर्मोंह अखाड़ा करता था। उसे क्यों छीना गया। बीजेपी ने सिर्फ राम मंदिर को एक इवेंट बना लिया है, इसलिए वह अपने, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद के लोगों को धर्म के नाम पर आगे करती है। उनका कहना है कि बीजेपी ने हमेशा पहले हिंदू – मुसलमानों को लड़ाया है। अब देश के अंदर रहने वाली सभी जातियों को लड़ाने का काम कर रही है। इन्होंने पहले धर्म के नाम पर हिंदू – मुसलमान को बांटा, अब भगवान राम को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। फूट डालो शासन करो, जो ब्रिटिश हुकूमत की पॉलिसी थी, उस पर बीजेपी संघ और हिंदू परिषद चल रही है। अयोध्या में श्री रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बयान भी सामने आ चुके हैं।
E-Rickshaw Aape Belgaum is causing daily traffic jam in various areas of the capital. बस स्टैंड व स्टेशन पर प्रीपेड बूध बंद होने से आटो व ई-रिक्शा चालक यात्रियों से कर रहे मनमानी भोपाल। राजधानी की सड़कों पर चलने वाले ई- रिक्शा, आटो, आपे आटो, कैब भी मोटर व्हीकल एक्ट का पालन नहीं कर रहे हैं। नियमों का ठेंगा दिखाकर बेलगाम सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों से लोगों की जान संकट में बनी रहती है। इन वाहनों पर कार्यवाई करने के लिए चौराहों पर तैनात ट्रैफिक पुलिस को जांच करने की फुर्सत तक नहीं हैं। वहीं आरटीओ उड़नदस्ता भी कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रहा है।मंगलवार को हरिभूमि ने राजधानी के रंगमहल न्यू मार्केट, कोलार, भेल पिपलानी सहित अन्य मार्गों पर ई- रिक्शा, आटो, आपे आटो, कैब की पड़ताल की। जो सूरत-ए-हाल दिखे वे बेहद चिंताजनक हैं। ओवर स्पीड, ओवर लोडिंग वाहन बेधड़क नियम रौंदकर भागते दिखे, इतना नहीं यात्रियों से मनमाना किराया लेना, अभद्रता की शिकायतें सुनने वाला कोई नहीं दिखा। आलम ये है कि रात नौ बजे के बाद तो किराया दोगुना से अधिक हो जाता है। यात्रियों को गंतव्य स्थान तक नहीं पहुंचाने की रोजना शिकायतें सामने आ रही हैं। सबसे अधिक परेशानी भोपाल व रानीकमलापति स्टेशन के बाहर से आने वाले यात्रियों को सामना करना पड़ रहा है। यात्री परेशान हो रहे हैं और जिम्मेदार अधिकारी बेफिक्र है। तेजी से बढ़ रहे हैं ई-रिक्शा राजधानी में तेजी से ई-रिक्शा बढ़ रहे हैं। कोलार, करोद, भेल, अवधपुरी, अयोध्या बायपास, मिसरोद, बुधवारा, सोमवारा, मंगलवारा, गांधी नगर सहित शहर का एक भी ऐस क्षेत्र नहीं है, जहां पर मनमर्जी से ई-रिक्शा चलते हुए नहीं मिले। क्षमता से अधिक यात्री बैठाना, ओवर टैकिंग करना, अचानाक बीच सड़क पर कहीं भी चालक ई-रिक्शा को मोड़ देते हैं। अभी तक तय नहीं किए मार्गइससे आए दिन वाहनों के भिड़ने की घटनाएं हो रही हैं। अब तक आरटीओ की ओर से भीतरी कालोनियों में आने-जाने के लिए मार्ग तय नहीं किए हैं। मुख्यमार्गों पर ही ई-रिक्शा नियमों का ठेंगा दिखाकर दौड़ रहे हैं।बस स्टैंड व स्टेशन पर प्रीपेड बूध बंद, मनमानी जारी जिला प्रशासन स्तर पर शहर में आटो के संचालन पर नजर रखने के लिए बस स्टैंडों व रेलवे स्टेशनों पर प्रीपेड बूथ शुरू किए गए थे। इसमें जाकर लोग तय गंतव्य के पहले से निर्धारित किराए की सूची देते थे। उसकी प्रीपेड में बैठे कर्मचारी रसीद देता था। वह रसीद संबंधित यात्री गंतव्य पर पहुंचने के बाद आटो चालक को देता था। फिर आटो चालक वापस प्रीपेड बूथ पर आकर रसीद देकर पैसे लेते थे। इससे आटो चालक यात्रियों से अधिक किराया नहीं ले पाते थे। अब प्रीपेड बूध बंद हैं और आटो चालकों को मनमानी जारी है। कैब पालिसी का असर नहींमोबाइल एप के जरिए संचालित कैय व रैपिडो की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग की कैब पालिसी है। इसके तहत इन वाहनों को सिटी का परमिट लेना होता है, कैब में पैनिक बटन लगना जरूरी है, यात्रियों पर अधिक किराया न लेना संहित अन्य नियम बने है। इसके बाद भी जमीन पर इन नियमों का पालन नहीं हो रहा है। आलम ये है कि जिम्मेदार भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। शहर में वाहन 13000 आटो 5000 आपे आटो, 4000 कैब, 6000 ई-रिक्शा हैं। 50 हजार से अधिक यात्री हर दिन करते हैं सफरअपर परिवहन आयुक्त अरविंद सक्सेना ने बताया कि मोटर व्हीकल एक्ट का पालन नहीं करने वाले सभी वाहने को जब्त किया जाता है। समन शुल्क भी लिया जाता है। बसों का चेकिंग अभियान भोपाल सहित प्रदेश भर में निरंतर चल रहा है। जल्द ही कैब, आटो पर की भी जांच कराई जाएगी।
Youth changing the fate and image of the countryNational Youth Day today युवा शक्ति की प्रतिभा का दुनिया लोहा मान रही है। डॉ. केशव पाण्डेय (अतिथि संपादक) भारत की पावन धरा से निकले युवाओं ने विश्व में अपना परचम लहराया है। भारतवर्ष की धरती के कण-कण में देश प्रेम भरा है। देश की गौरवशाली परंपरा, प्रेम, सद्भाव, एकता और सहयोग का विश्व में डंका बज रहा है। युवा शक्ति की प्रतिभा का दुनिया लोहा मान रही है। भविष्य में भारत ही विश्व को दिशा प्रदान करने वाला देश होगा और यह सब संभव होगा युवा शक्ति की सोच और उसके दृढ़ इच्छा शक्ति के बल पर। क्योंकि सदियों से ही देश के युवाओं ने भारतीय संस्कृति और सभ्यता को विश्व में स्थापित करने का काम किया है। राष्ट्रीय युवा दिवस पर मौजूदा परिवेश में समझिये स्वामी विवेकानंद का जीवन मूल्य। 12 जनवरी को युग प्रवर्तक, ओजस्वी विचारक और युवाओं के प्रेरणास्त्रोत “स्वामी विवेकानंद” की पावन जयंती को प्रति वर्ष “राष्ट्रीय युवा दिवस” के रूप में मनाया जाता है। भारतीय संस्कृति को विश्व में स्थापित करने वाले महान आध्यात्मिक गुरु, समाज सुधारक और युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत स्वामी विवेकानंदजी की जयंती देश में अपना महत्व रखती है। विवेकानंद जी ने कहा था कि देश का भविष्य पूर्णतः उस देश के युवाओं के सुविचारों और सुदृढ़ कंधो पर निर्भर करता है। उन्हीं से होकर ही किसी देश का विकास क्रम आगे बढ़ता है। देश के युवा जिस आचरण के होंगे, देश भी उसी का अनुगमन करेगा। अतः समयानुसार देश के युवाओं का सही मार्गदर्शन जरूरी है। उन्हीं के आचरण को युवाओं के जीवन में उतारने के लिए 1984 में भारत सरकार द्वारा स्वामी विवेकानंद जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। 1985 से हर साल इसे मनाया जा रहा है। इस बार 40वां उत्सव है। इस युवा दिवस का उद्देश्य स्वामी विवेकानंद के विचार और आदर्शों के महत्व को बढ़ावा देना है। हर वर्ष यह दिवस एक विशेष थीम पर मनाया जाता है। युवा दिवस राष्ट्र के ऐसे युवाओं को समर्पित है, जो भारत को बेहतर भविष्य देने की क्षमता रखते हैं और इसके लिए कार्य करते हैं। वर्ष 2024 में राष्ट्रीय युवा दिवस की थीम “इट्स ऑल इन द माइंड“ यानी सब कुछ आपके दिमाग में है रखी गई है। सरल भाषा में कहा जाए तो यदि किसी युवा ने कुछ करने की ठान ली है तो फिर पूरा करने से उसे कोई रोक नहीं सकता।12 जनवरी 1863 में कलकत्ता में जन्में नरेंद्र दत्त 25 साल की उम्र में ही सांसारिक मोह माया को त्याग कर सन्यास धारण कर स्वामी विवेकानंद बने। वे वेदांत के विख्यात और प्रभावी आध्यात्मिक गुरु थे।स्वामी विवेकानंद के विचार, दर्शन और अध्यापन भारत की महान सांस्कृतिक और पारंपरिक संपत्ति हैं। उनका दर्शन, जीवन, कार्य एवं उनके आदर्श भारतीय युवकों के लिए प्रेरणास्त्रोत रहे हैं। स्वामीजी एक महान इंसान ही नहीं, वरन एक युग पुरूष थे, जिन्होंने हमेशा देश की ऐतिहासिक परंपरा को सुदृढ़ बनाने और सही नेतृत्व करने के लिए युवा शक्ति पर विश्वास किया।उनका मानना था कि भारत को विकासित राष्ट्र बनाने के लिए युवाओं की अनन्त ऊर्जा को जागृत कर उन्हे विभिन्न कार्य क्षेत्रों में प्रयोग कर सफलता प्राप्त करने के लिए एक निश्चित चुनौती का पीछा करना अनिवार्य है। जो उन्हें निरंतर सफलता के मार्ग की ओर अग्रसर करती रहेगी। क्योंकि युवाओं का देश कहे जाने वाले भारत में युवा शब्द से ही उत्साह, स्फूर्ति और सक्रियता जैसे गुणों का बोध होता है। उन्हांने शारीरिक बल नहीं बल्कि मानसिक बल को युवा शक्ति का केन्द्र माना। उनका मानना था कि युवा होने की परिपूर्णता उसमें है, जिसमें बिना रुके और बिना थके संघर्ष करने का जज्बा हो। उन्होंने युवाओं के दिल में अपने कार्य करने के लिए जो आग फूंकी वो आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणा स्त्रोत है।हिंदू धर्म की विचारधाराओं को पुनर्जीवित करने के साथ ही औपनिवेशिक ब्रिटिश शासन के दौरान देश में राष्ट्रवादी उत्साह पैदा किया। इससे वे दुनिया भर में लोकप्रिय हुए।स्वामी विवेकानंद को धर्म, दर्शन, इतिहास, कला, सामाजिक विज्ञान और साहित्य का ज्ञाता कहा जाता है। शिक्षा के साथ ही वे भारतीय शास्त्रीय संगीत का भी ज्ञान रखते थे। उनके विचार और कार्य आज के समय में भी युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने युवाओं को खुद पर विश्वास करना सिखाया। क्योंकि जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करते तब तक आप भगवान पर विश्वास नहीं कर सकते।11 सितंबर 1893 में अमेरिका में आयेजित धर्म संसद में विवेकानंद ने भाषण देते हुए हिंदी में कहा अमेरिका के भाइयों और बहनों… उनके यह कहते ही आर्ट इंस्टीट्यूट ऑफ शिकागो में पूरे दो मिनट तक तालियां बजती रहीं। इसे भारत के इतिहास में गर्व और सम्मान की घटना के तौर पर जाना जाता है। देश का हर युवा स्वामी विवेकानंद के दार्शनिक विचारों व भाषणों को सुनने के बाद प्रभावित हुए बगैर नहीं रह सकता है। उन्होंने भारत को विश्व मंच से अपने भाषणों के द्वारा गौरान्वित किया था। आध्यात्म चिंतन, देशप्रेम को सही अर्थों में समझाया। उन्होंने कहा था कि भारत युवाओं का देश है और इस देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत स्वामी जी के अलावा और कोई नहीं हो सकता है।युवा वह है, जो देश का भविष्य बदलने की क्षमता रखता है। जिसके अंदर नेतृत्व करने की क्षमता हो, लोगों को सही मार्ग पर लाने का काम करने वाला ही युवा कहलाता है। स्वामी जी कहते थे युवा वो होता है, जो बिना अतीत की चिंता किए अपने भविष्य के लक्ष्यों की दिशा में काम करता है। हर इंसान को कभी न कभी अकेले ही शुरूआत करनी होती है, इसलिए किसी भी काम को करने से घबराना नहीं चाहिए। अगर आपकी नीयत साफ, इरादे स्पष्ट और हांसले बुलंद हैं, तो आपके साथ अपने आप ही लोग जुड़ने लगते हैं। युवा जब ठान लेता है, तो कुछ भी कर सकता है। ऊर्जा से भरा युवा देश के हर कोने में मौजूद है। कोई पहाड़ों से निकलने वाले छोटे झरनों से बिजली बना रहा है, कोई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल दुनिया का सबसे ऊॅचा रेलवे पुल बनाकर इतिहास रच रहा है। अपनी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करके लोगों का भला … Read more
Prime Minister’s ambitious “Tap Water Scheme” has been eclipsed by the corrupt, commission is distributed from officers, MLAs to ministers. विशेष संवादाता देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना ,” नल जल योजना ” जिसके माध्यम से प्रत्येक गरीब परिवार के घर में नल से जल पहुंचने का कार्य किया जा रहा है । मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री की इस , नल जल योजना को , पब्लिक इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के सब इंजीनियर एसडीओ से लेकर विभाग के प्रमुख सचिव इसमे कमिशन के रूप मे भारी कमाई कर रहे हैं । सरकार के नेता तक इस योजना में भ्रष्टाचार कर के पलीता लगाने में लगे हुए हैं। मध्य प्रदेश के 52 अब 55 जिलों में इस योजना को पूरा किया जाना है । प्रत्येक जिले में 200 करोड़ से 350 करोड रुपए तक का बजट है ।इस बजट को बंदर बांट की तरह बांटने में अधिकारी और कर्मचारी अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं ।वर्तमान समय में विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला है, जो पिछले लगभग डेढ़ 2 सालों से पदस्थ हैं । इससे पहले भी संजय शुक्ला इस पद पर रह चुके हैं । जिसके कारण उन्हें इस विभाग के एसडीओ से लेकर चीफ इंजीनियर व ईएनसी की समस्त जानकारी है । “नल जल योजना ” में बड़ी मात्रा में सामान की सप्लाई का काम किया जाता है । बड़ी-बड़ी कंपनियां यहां सप्लाई का काम विभाग में करती हैं, सूत्रों की माने तो पी एस ऐसे बड़े ठेकेदारों को डायरेक्ट बुलाकर उनसे बात करते हैं । जाति विशेष अधिकारी पर प्रमुख सचिव संजय शुक्ला का संरक्षण,12 वर्षो से जमे है राजधानी में शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में संजय शुक्ला ने अपने सजातीय अधिकारियों को खुला संरक्षण दे रखा था। मध्य प्रदेश के इस विभाग के एक अधिकारी, जो भोपाल राजधानी में पिछले 12 सालों से एक ही विभाग में पदस्थ हैं उन्हें हटाने के लिए विभागीय मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक को पत्र लिखे लेकिन संजय शुक्ला ने अपने सजातिय अधिकारी को वहां से नहीं हटाया और मुख्यमंत्री और मंत्री की नोट सीटों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया ।मध्य प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन हो गया है ,शिवराज सिंह चौहान की जगह डॉक्टर मोहन यादव मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं ।जाहिर संजय शुक्ला डॉक्टर मोहन यादव को भी अपने जाल में फंसने का पूरा प्रयास करेंगे और इस मलाईदार पद पर बने रहने की कोशिश करेंगे अपने हथकंडे अपना कर पी एस शुक्ला विभागीय मंत्री को भी दरकिनार कर देते हैं और मन माने तरीके से खुद तो काम करते ही हैं और अपने अधीनस्थ अधिकारियों से भी करवाते हैं मध्य प्रदेश में , “जल जीवन योजना “को पूरी तरह से पलीता लगाने का काम विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा निरंतर जारी है। यदि इसी तरह इस विभाग में “नल जल योजना ” को ठिकाने लगाने में यह अधिकारी और कर्मचारी लग रहे हैं ,तो निश्चित ही इस नल जल योजना का लाभ मध्यप्रदेश के गरीब जनता को नहीं मिल पाएगा और इसका ठीकरा मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के सिर पर फोड़ दिया जाएगा । मलाई अधिकारी~कर्मचारी खा जाएंगे ।यदि अधिकारियों और कर्मचारी द्वारा इस तरह से योजना के पैसे का बंदरबाट किया जाएगा तो, इस योजना का कार्य गुणवत्ता के आधार पर नहीं किया जा सकता जहां तक इस योजना का सवाल है ,देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव चाहेंगे कि इस योजना का लाभ अधिक से अधिक आम गरीब जनता तक पहुंचे । जिस उद्देश्य से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना को लागू किया है उसे योजना का क्रियान्वयन गुणवत्ता के साथ उसका लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे यदि यह लाभ आम नागरिक तक नहीं पहुंचता है तो इसके लिए दोषी अधिकारी और कर्मचारियों को निष्पक्ष जांच कर कर उन्हें दंडित भी किया जाना चाहिए उनके खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज किए जाने चाहिए । विधायक व सांसदो तक जाता था कमिशन एक तरफ अधिकारी कर्मचारी इस काम में सप्लाई से लेकर काम करने वाले हर मामले में मोटी रकम कमीशन के रूप में ले रहे हैं,तो वहीं दूसरी तरफ सूत्रों पर भरोसा करें तो बड़े-बड़े ठेकेदार जो इस योजना में कार्य कर रहे हैं , उनसे स्थानीय विधायक से लेकर संसद तक चंदे के रूप में मोटी रकम वसूल रहे हैं । विभाग का कमीशन सांसदों और विधायकों को दिए जाने वाला पैसा अगर इसी तरह बटता रहेगा तो इस योजना में संबंधित ठेकेदार योजना को पूरा गुणवत्ता के साथ कैसे कर पाएगा यह सोचने वाली बात है। मामले की जाचं हो मध्य प्रदेश सरकार के नए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को इस पूरे मामले को संज्ञान में लेना चाहिए और नल जल योजना की निष्पक्ष अधिकारियों से जांच करानी चाहिए। इसकी मॉनिटरिंग करनी चाहिए और जो लोग भी इसमें दोषी पाए जाते हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए । अन्यथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस नल जल योजना को यह अधिकारी और कर्मचारी पलीता लगाए बिना नहीं रहेंगे और ठीक रहा मध्य प्रदेश के योग्य शिक्षित योग्य मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के सर पर फोड़ दिया जाएगा। मंत्री और मुख्यमंत्री के आदेशों को नहीं मानते प्रमुख सचिव शुक्ला विभाग में पदस्थ पी.एस . संजय शुक्ला की अपने विभाग में कितनी पकड़ है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है, कि वह अपने विभाग में सजातिय अधीनस्थ अधिकारियों की कितनी मदद करते हैं उनकी मदद करने के लिए यह अधिकारी अपने विभाग के मंत्री और मुख्यमंत्री तक की नोटशीट को रद्दी की टोकरी में डालकर उनके आदेशों की सरेआम अवेलना करते हैं । मुख्यमंत्री व मंत्री से जनता की आस अब मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री बदल गए हैं शिवराज सिंह चौहान की जगह डॉक्टर मोहन यादव मुख्यमंत्री बन गए हैं और मंत्री बृजेंद्र सिंह यादव की जगह अब सम्पतिया उईके बन गई हैं ।अब देखना यह होगा कि यह अधिकारी मुख्यमंत्री और अपने विभागीय मंत्री को ,अपनी गिरफ्त में लेने में सफल हो जाते हैं या मुख्यमंत्री और मंत्री ऐसे मनमाने तरीके से और जातिवाद के आधार पर भ्रष्टाचार के आधार पर कार्य करने वाले अधिकारी की विभाग से विदाई करते हैं ।
Jai Bhole Vegetable Store Betul became Amla APL Winner विजेता को मिले 1 लाख 11 हजार 101 एवं चमचमाती ट्राफी, उप विजेता को मिले 50 हजार 555, ट्राफी ।आमला के रेल्वे मैदान पर 32 टीमों का आयोजित हुआ था महा मुकाबला ।बड़ी संख्या में दर्शकों ने फाइनल मुकाबले का लिया आनंद । हरिप्रसाद गोहे आमला । नगर के रेल्वे खेल मैदान पर आयोजित आमला प्रीमियम लीग सीजन टू टैनिस बॉल क्रिकेट खेल प्रतियोगिता का गुरुवार देर शाम विजेता एवं उप विजेता टीम को आमंत्रित मुख्य अतिथियों के हस्ते नगद राशि एवं चमचमाती ट्राफी प्रदाय कर समापन किया गया । मिली जानकारी अनुसार आयोजित प्रतियोगिता में बत्तीस टीमों के बीच महा मुकाबला खेला गया था। अयोजित विभिन्न मुकाबलों में दूर दराज से नामी गिरामी क्रिकेट खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता का उत्साह बढ़ाया। वहीं खिलाड़ियों के बेहतर खेल का उपस्थित खेल प्रेमी जनता ने भी जमकर लुत्फ उठा आयोजन को सफल बनाया । समिति संरक्षक चंदन सिंह मानू, राकेश धमोड़े ने बताया कि आयोजित आमला एपीएल प्रतियोगिता का गुरूवार फाइनल मुकाबला जय भोले सब्जी भंडार बैतूल एवं जय हो क्लब आमला के बीच खेला गया । टास जीत कर सब्जी मंडी बैतूल ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित बारह ओवर में जय हो क्लब आमला को 129 रनो का लक्ष्य दिया था। निर्धारित लक्ष्य का पीछा करने उतरी जय हो क्लब आमला की टीम अंतिम ओवर तक संघर्ष करते हुए 22 रनो से पराजित हो गई एवं खिताबी मुकाबला जय भोले सब्जी मंडी ने अपने नाम किया। विजेता एवं उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को मुख्य अतिथि बंटी गौरव राठौर बैतूल, नगर पालिका अध्यक्ष आमला नितिन गाडरे, बी एम ओ डाक्टर अशोक नरवरे, शरद जयसवाल, आराधना मालवीय शेरू यादव, सतीश मीना, समिति संरक्षक चंदन सिंह मानू के हस्ते पुरुस्कारों का वितरण कर उन्हे सम्मानित किया गया । कार्यक्रम का सफल मंच संचालन राकेश धामोडे एवं आभार चंदन मानू ने जताया ।