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संस्कृति, सभ्यता और शिल्प का प्रतिमान “ममेत्रि“ 

Model of culture, civilization and craft “Mametri” मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा का स्थापना दिवस आज भारत के संघीय इतिहास में 21 जनवरी की तारीख का खास महत्व है। 1972 में इसी दिन मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा के रूप में तीन नये राज्यों का उदय हुआ। पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा  यानी “ममेत्रि“ को अस्तित्व में आए पांच दशक हो गए हैं। इन तीनों प्रदेशों की संस्कृति, सभ्यता, रहन, सहन, तीज-त्योहार और  शिल्प लोगों को खासा आकर्षित करता है। गीत-नृत्य और संगीत की तो बात ही निराली है। तीनों राज्यों के स्थापना दिवस पर करते हैं वहां की संस्कृति,सभ्यता और प्रकृति के दर्शन।  डॉ. केशव पाण्डेय अतिथि संपादक ममेत्रि में सबसे पहले बात करते हैं मणिपुर की, छोटा सा अनोखा और अलौलिक राज्य मणिपुर रंगों से जीवंत है और प्राचीन परंपराओं और समृद्ध संस्कृतिक प्रतिमानों का मिश्रण है। राज्य का इतिहास और रीति-रिवाज दुनिया के  लोगों को आकर्षित करती है। आस्था और अंधविश्वास हमेशा विदेशियों को मंत्रमुग्ध करते रहे हैं। कला और संस्कृति के क्षेत्र में, राज्य का सबसे अच्छा प्रतिनिधित्व इसके शास्त्रीय और लोक नृत्य रूपों द्वारा किया जाता है। रासलीला- मणिपुरी शास्त्रीय नृत्य का प्रतीक, राधा-कृष्ण के दिव्य और शाश्वत प्रेम के माध्यम से बुना गया है। यह सुंदर नृत्य कृष्ण और राधा के उदात्त और पारलौकिक प्रेम और भगवान कृष्ण के प्रति गोपी की भक्ति को प्रकट करता है।  त्योहारों की बात करें तो मन में मिठास घुल जाती है। लाई हराओबा एक वासंतिक त्योहार है, जो शांति और समृद्धि के तौर पर पारंपरिक और प्रतीकात्मक नृत्य का प्रतीक है। विविध और रंगीन आदिवासी लोक नृत्य आदिवासी जीवन शैली की प्रकृति, सृजन और सौंदर्यवाद की अभिव्यक्ति हैं। लुई-नगाई-नी जैसे आदिवासी त्योहारों में रंगीन वेशभूषा, नृत्य चाल और अद्वितीय अनुष्ठान बेहद राजसी और आकर्षक होते हैं जो आने वाले पर्यटकों का मन मोह लेते हैं।  मणिपुर के डोल जात्रा, रथ जात्रा, लाई-हरोबा, रामजन आईडी, कुट, गैंग-नगाई, चुम्फा, चेइराओबा, हेइक्रू हिडोंगबा, लुई-नगाई-नी और क्वाक जात्रा प्रमुख त्यौहार हैं। इन्नाफी और फानेक महिलाओं के लिए सबसे आम मणिपुरी पारंपरिक पोशाक हैं। मीताई महिलाएं एक कपड़ा सिलती हैं जिसे कनाप फानेक कहा जाता है। जिस पर अनेक सुंदर डिज़ाइन होते हैं। ’लाई-फी’ और ’चिन-फी’ अन्य मणिपुरी पारंपरिक पोशाक हैं। सफेद पगड़ी पुरुषों की पसंद है। खमेन चत्पा उच्च वर्ग के पुरुषों द्वारा पहना जाता है। मणिपुर में नृत्य संस्कृति का एक अभिन्न अंग है, और दर्शकों के लिए, यह अपनी गीतात्मक सुंदरता और लय के कारण एक आनंद की अनुभूति है। कहा जाता है कि राजा खुयोई तोमपोक कला और संस्कृति के बहुत बड़े प्रेमी थे और उन्होंने दूसरी शताब्दी ईस्वी में मणिपुरी नृत्य का विकास किया था। 15वीं शताब्दी में वैष्णववाद की शुरुआत के बाद, नृत्य शैली परिचित और बहुत आम होने लगी। रास लीला और राधा-कृष्ण की प्रेम की कहानी सबसे प्रसिद्ध नृत्य शैली है। नुपा पाला यानी कार्तल चोलोम या झांझ नृत्य के नाम से भी जाना जाता है। पंगु चोलोम देवताओं को बुलाने के आव्हान के लिए किया जाता है। यह मणिपुरी सांकृतना संस्कृति की आत्मा है। इशेई गीत का दूसरा रूप है जो पेना नामक संगीत वाद्ययंत्र की मदद से बजाया जाता है। मेघालय : प्राकृतिक सुंदरता का खजाना   प्राकृतिक रूप से मनोरम मेघालय में अनेक गुफ़ाएँ, पर्वत शिखर, बाग़, झील-रिज़ॉर्ट स्थल, ख़ूबसूरत दृश्यावलियाँ, गर्म पानी के सोते और जलप्रपात हैं। प्रमुख पर्यटक स्थल हैं-शिलांग, उमियाम, चेरापूँजी, मॉसिनराम, जाक्रीयम, माईरांग, जोवाई, नार्तियांग, थदलाशीन, तुरा, सीजू और बलपाक्रम राष्ट्रीय उद्यान। मेघालय में ‘का पांबलांग-नोंगक्रेम’ खासियों का एक प्रमुख धार्मिक त्योहार है। पांच दिवसीय यह त्योहार शिलांग से लगभग 11 किमी की दूरी पर स्थित ’स्मित’ नामक गांव में मनाया जाता है। ’शाद सुक मिनसीम’ खासियों का महत्वपूर्ण त्योहार है। जबकि ’बेहदीनखलम जयंतिया’ आदिवासियों का महत्वपूर्ण त्योहार है। गारो आदिवासी सलजोंग (सूर्य देवता) नामक देवता के सम्मान में अक्टूबर-नवंबर में ’वांगला’ नामक त्योहार मनाते हैं। मेघालय के लोग मेहमान नवाज़, खुशमिजाज़ और मिलनसार माने जाते हैं। परंपरागत रूप से, खासी मानते हैं कि उनका धर्म ईश्वर प्रदत्त है और एक सर्वोच्च ईश्वर, निर्माता ’यू ब्लेईनोंगथॉ’ के विश्वास पर आधारित है। खासी धार्मिक प्रवृति के लोग हैं जिन्हें अपने जीवन से असीम प्रेम है। मौजूदा परिवेश में तीनों राज्य वक्त के साथ कदमताल कर रहे हैं और प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं। त्रिपुरा : लोक संस्कृति की समृद्ध विरासत   भारत का तीसरा सबसे छोटा राज्य है त्रिपुरा। अगरतला इसकी राजधानी है। त्रिपुरा में बंगाली और मणिपुरी समुदायों के साथ-साथ 19 आदिवासी समुदाय हैं। जो त्रिपुरा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत में योगदान करते हैं। यहां की संस्कृति उस संस्कृति और परंपरा का मिश्रण है जिसका ये समुदाय पालन करते हैं। अपनी संस्कृति और परंपरा में समृद्ध है यह राज्य। प्रत्येक जनजाति की अपनी सांस्कृतिक गतिविधियाँ हैं। उनके पास अपना विशिष्ट नृत्य और संगीत है, जो मुख्य रूप से लोक प्रकृति का है। लोक गीत और नृत्य शादियों, धार्मिक और अन्य त्योहारों जैसे अवसरों पर किए जाते हैं। बिज़ू नृत्य, लेबांग बूमनी नृत्य, गरिया नृत्य, हाई हक नृत्य, झूम नृत्य आदि त्रिपुरा के कुछ महत्वपूर्ण नृत्य और गीत रूप हैं। यह अनेक मेलों और त्योहारों की भूमि भी है। आदिवासी समुदाय साल भर अलग-अलग त्योहार मनाता है। बुइसू या बिसु, गरिया और गजन महोत्सव, होजागिरी, खारची त्यौहार, केर त्यौहार जैसे त्यौहार त्रिपुरा के आदिवासियों द्वारा मनाए जाते हैं। उसी के अनुरूप अन्य गैर आदिवासी समुदाय दुर्गा पूजा, दिवाली, होली और कई अन्य त्योहारों को बहुत हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। त्रिपुरा का खान-पान आदिवासी भोजन का प्रतिनिधित्व करता है। व्यंजनों का सबसे महत्वपूर्ण घटक बेरमा है। यह मूल रूप से किण्वित सूखी पुथी मछली है। त्रिपुरा का खाना मुख्यतः बिना तेल के बनाया जाता है। त्रिपुरा अपने बांस और बेंत उत्पादों, हथकरघा और आभूषण उत्पादों के लिए जाना जाता है। त्रिपुरा के लोगों में शिल्पकला का विशेष कौशल है। यहां कई लघु कुटीर उद्योग हैं और अधिकांश लोग विभिन्न प्रकार के हथकरघा और हस्तशिल्प निर्माण में लगे हुए हैं। बांस और बेंत के उत्पाद, पारंपरिक वस्त्र और आभूषण, और अन्य प्रकार के शिल्प निर्माण कला और शिल्प उद्योग की कुछ गतिविधियाँ हैं जिनमें त्रिपुरा के लोग शामिल हैं। 19वीं सदी के मध्य में ईसाईयत के आगमन और उसके साथ जुड़ी नैतिकता ने अनेक जनजातीय और सामुदायिक संस्थाओं … Read more

राममय हुआ संतनगर 11 हजार रामभक्तों के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया हनुमान चालीसा पाठ, राम धुन पर झूमे रामेश्वर शर्मा

Santnagar became Ram-filled; Chief Minister Mohan Yadav recited Hanuman Chalisa with 11 thousand Ram devotees. भोपाल। अयोध्यानाथ भगवान श्री राम जी के भव्य मंदिर में विराजमान होने के उपलक्ष्य में पूरा मध्यप्रदेश राममय हो रहा है। अपने नवाचारों और हिन्दुत्व वादी छवि के लिए लगातार चर्चित रहने वाले विधायक रामेश्वर शर्मा भी राजा राम के आगमन पर लगातार विभिन्न आयोजन करा रहे हैं। शनिवार को उन्होंने संत हिरदाराम नगर स्थित हेमू कालानी स्टेडियम में मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन कराया। इस आयोजन में 11 हजार रामभक्तों ने एक साथ उपस्थित होकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। विधायक रामेश्वर शर्मा के कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव व उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी सम्मलित हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया व रामभक्तों के साथ भक्तिभाव के साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया। आयोजन से पूर्व मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री व विधायक शर्मा ने शहीद हेमू कालानी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की, जिसके बाद कार्यक्रम विधिवत प्रारंभ हुआ। बच्चों के साथ राम धुन पर झूमे रामेश्वर शर्मा हेमू कालानी स्टेडियम में आयोजित सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ कार्यक्रम में इतनी भीड़ जुटी कि पूरा स्टेडियम रामभक्तों से खचाखच भरा था। कार्यक्रम के दौरान नागरिकों के उत्साह में पूरा स्टेडियम झूम उठा। 11 हजार रामभक्तों का स्वर जब हनुमान चालीसा के रूप में गूँजा तो कण-कण राममय हो गया। विधायक रामेश्वर शर्मा भी राम भजनों पर बच्चों के साथ जमकर नाचते दिखे। विधायक शर्मा ने इस दौरान भजन भी गाए और राम-गाड़ी पर बैठकर आनंद लिया।  रामेश्वर शर्मा हिन्दुओं की प्रखर आवाज हैं – राजेन्द्र शुक्ल, उप-मुख्यमंत्री मप्र कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि – वर्षों के संघर्ष के बाद यह शुभ घड़ी आई है जब हम अपने रामलला को भव्य मंदिर में विराजमान होते देख रहे हैं। इस घड़ी में ऐसा भव्य आयोजन कराकर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रामभक्तों की आस्था को और प्रबल किया है। जिस तरह उत्तर प्रदेश में योगी जी और असम में हेमंत विस्वा सरमा हिन्दुओं की प्रखर आवाज हैं, उसी तरह मध्यप्रदेश में भाई रामेश्वर शर्मा हिन्दुओं की प्रखर आवाज है। उनका हर आयोजन भव्य और अनोखा होता है। इस सफल आयोजन के लिए उन्हें बधाई।  11 हजार रामभक्तों के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ प्रशंसनीय – मुख्यमंत्री मोहन यादव। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या में श्री राम मंदिर के लिए कई जन्मों के बाद प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। हम सभी सौभाग्यशाली हैं, ये शुभ घड़ी सामने आई है। इसके लिए गत पांच सौ वर्ष से कई पीढ़ियां खप गईं। आने वाली 22 जनवरी को सुशासन और रामराज का नया इतिहास बनेगा। नये दौर का नया भारत बनेगा। उन्होंने आगे कहा कि हनुमान चालीसा से भक्ति और शक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। अयोध्या में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर भगवान राम के अनन्य भक्त हनुमान जी को आधार बनाकर 11 हजार रामभक्तों के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ प्रशंसनीय है। हम सभी के लिए भगवान श्रीराम आराध्य हैं। अयोध्या में मंदिर का बनना अखंड भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। भारतवासी आज समृद्धशाली अतीत को याद कर रहे हैं। सात जन्मों के पुण्योदय से राम काज कर पाए रहा हूँ। – रामेश्वर शर्मा कार्यक्रम में संबोधित करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – धन्य हैं वो लोग जिन्होंने रामलला के लिए तन, मन, धन और प्राण समर्पित कर दिए। जिनके बलिदानों की कीमत पर आज हमने रामलला का भव्य मंदिर पाया है। मैं स्वयं कारसेवा के लिए गया। उस समय पर भी मेरा यही विचार था कि “यदि रामलला के काम न आए तो बेकार जिंदगानी है” मेरा आज भी यही विचार है। मैं तन-मन-प्राण लगाकर भी राम काज करने को आतुर रहता हूँ। उन्होंने आगे कहा कि अब कुछ घंटों के अंतराल के बाद हमारी आस्था के केन्द्र मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अपनी जन्मभूमि पर वापस लौट रहे हैं। उनके आगमन के हर्ष में पूरा देश सराबोर है। इसी हर्ष के वशीभूत होकर हमने 11 हजार रामभक्तों के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया है।  कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – जब 11 हजार रामभक्तों का स्वर श्री हनुमान चालीसा के रूप में गुंजायमान हुआ तो ऐसा लगा जैसे अयोध्यानाथ स्वयं प्रकट होकर पवनसुत स्तुतियों को आशीष प्रदान कर रहे हों। रामभक्ति में सब ऐसे रमे कि लग रहा था मानो स्टेडियम का कण-कण जीवंत होकर राम धुन गा रहा था। उन्होंने आगे कहा कि राम जी के अभिनंदन में यह काज करके मेरा जीवन धन्य हो गया। मेरे सात जन्मों के पुण्यों के उदय से  राम जी, हनुमान जी की कृपा से और रामभक्तों की आस्था से यह आयोजन सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। संत नगर वालों ने संपत्ति छोड़ दी लेकिन धर्म नहीं छोड़ा – रामेश्वर शर्मा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि संत नगर वो भूमि है जिसने धर्म के लिए सर्वस्व त्याग का पाठ सिखाया है। जब 1947 में देश विभाजन हुआ और सिंधी भाईयों से धर्मपरिवर्तन की शर्त रखी तो उन्होंने संपत्ति, घर, द्वार सब छोड़ दिया लेकिन अपना धर्म नहीं छोड़ा। उनकी धर्मनिष्ठा हम सबके लिए प्रेरणा है। इसलिए आज इस आयोजन के लिए संत हिरदाराम नगर की पुण्यभूमि को चुना। धर्मभूमि पर राम काज कर के स्वयं को धन्य पाता हूँ।

विज्ञान मेले में बच्चों ने दिखाई अपनी प्रतिभा, एक से बढ़कर एक माडल किए तैयार

Children showed their talent in the science fair, prepared many models हरिप्रसाद गोहे आमला । प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी जन शिक्षा केंद्र कन्या शाला अमला द्वारा संकुल स्तर पर विज्ञान मेंले का आयोजन नगर के नगर पालिका स्कूल में आयोजित किया गया। जन शिक्षक मानवेंद्र सिंह सिसोदिया ने बताया आयोजित मेले से चयनित माडल विकासखंड स्तरीय मेले में शामिल होंगे ! वहां से चयनित माडल को जिला स्तरीय मेले में स्थान मिलेगा । गौरतलब हो की आयोजित विज्ञान मेले में संकुल स्तर पर आने वाले विभिन्न ग्रामों के स्कूलों के बच्चे अपने-अपने प्रदर्शन लेकर मेले में पहुंचे थे । उपस्थित प्रदर्शों का संयुक्त चयन दल द्वारा चयन कर उन्हें प्रोत्साहित किया गया । मिली जानकारी अनुसार प्रदर्शनी में विज्ञान गणित पर्यावरण एवं सामाजिक विज्ञान थीम पर प्रदर्शनी जन शिक्षा केंद्र हायर सेकेंडरी कन्या स्कूल आमला द्वारा कक्षा 6 से 8 एवं 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगिता नपा स्कूल आमला में आयोजित की गई । जिसमें इकाई परिवर्तन, पर्यावरण , स्वस्थ जीवन के मानक एवं विज्ञान, डीजे साउंड मॉडल के अलावा अन्य मॉडल बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए । जिसमें से तीन तीन मॉडलों का चयन किया गया। उक्त प्रदर्शनी में शासकीय माध्यमिक शाला ठानी से कक्षा आठवीं की छात्रा उर्वशी इवने, ग्यारसू परते, शासकीय माध्यमिक शाला तिरमहु से गरिमा ठाकरे , अंकिता मालवीय, चेतना बारस्कर,द्वारा त्रिकोणमिति चार्ट बनाया गया । प्रदर्शनी में निर्णायक भूमिका बतौर सर दिलीप हाथिया, ममता चौहान, ओम प्रकाश साहू एकेडमिक समन्वयक प्रभारी द्वारा प्रदर्शों का चयन किया गया । इस अवसर पर प्रमुख रूप से जन शिक्षक मानवेंद्र सिंह सिसोदिया, जितेंद्र पवार, जन शिक्षक राजेश घोरसे,मोहन कापसे देवेंद्र शरणागत, कैलाश सलामे, प्रतिभा सोनी, रितु चौहान, रीता गौरसे, उषा गावंडे, आदि शिक्षक मौजूद रहे ।

ओरछा पहुंचे जीतू पटवारी, प्रभु श्रीराम राजा सरकार के दर्शन-पूजन एवं हनुमान चालीसा का पाठ किया

Jitu Patwari reached Orchha, did darshan of Lord Shri Ram Raja Sarkar and recited Hanuman Chalisa. ओरछा ! मध्यप्रदेश के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने श्रीराम राजा सरकार के दर्शन किए। इस दौरान पटवारी के साथ नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, उपनेता हेमंत कटारे, पूर्व विधायक कुणाल चौधरी, पृथ्वीपुर विधायक नितेन्द्र सिंह राठौड़ उपस्थित रहे।मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी शनिवार को ओरछा दौरे पर हैं। ओरछा पहुंचकर प्रभु श्रीराम राजा सरकार के दर्शन-पूजन कर हनुमान चालीसा का पाठ किए। इस दौरान जीतू के साथ नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, उपनेता हेमंत कटारे, पूर्व विधायक कुणाल चौधरी, पृथ्वीपुर विधायक नितेन्द्र सिंह राठौड़ सहित कई युवा नेता उपस्थित रहे। किया हनुमान चालीसा का पाठपीसीसी चीफ जीतू पटवारी सबसे पहले ओरछा पहुंचकर श्रीराम राजा सरकार के दर्शन किए। श्रीराम राजा सरकार में जीतू पटवारी अपने सैकड़ों साथियों के साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया। काफी देर तक ओरछा के श्रीराम राजा सरकार मंदिर प्रांगड़ में उपस्थित रहे। इसके बाद ओरछा से पृथ्वीपुर के लिए रवाना हो गए। वॉलीबाल प्रतियोगिता में हुए शामिलपृथ्वीपुर विधानसभा से विधायक नितेन्द्र सिंह राठौर भी साथ रहे। जीतू पटवारी पृथ्वीपुर विधानसभा पहुंचकर कांग्रेस से पृथ्वीपुर नितेन्द्र सिंह राठौर के पिता स्वर्गीय बृजेन्द्र सिंह राठौर जी की स्मृति में आयोजित अखिल भारतीय वॉलीबाल प्रतियोगिता के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान पृथ्वीपुर विधानसभा में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकात भी किए।

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सीएम मोहन यादव की सरकार पर कई गंभीर सवाल खड़े किए

भोपाल ! मध्यप्रदेश में बीते दो दिन में पुलिसकर्मियों की हत्या की तीन बड़ी वारदात हुईं. इसमें दो मामलों में अपराधियों को पकड़ने और उनको रोकने के दौरान हुई मुठभेड़ में पुलिसकर्मी मारे गए. सिवनी और छिंदवाड़ा में ये घटनाएं हुईं. अब इन घटनाओं को लेकर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सीएम मोहन यादव की सरकार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि सीएम मोहन यादव ने दोनों मृतक पुलिसकर्मियों को शहीद का दर्जा देकर परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए की राशि देने का ऐलान किया है. जीतू पटवारी ने एक्स पर पोस्ट करके लिखा है कि “मुख्यमंत्री जी, पिछले दो दिन का ही अनुपात निकाला जाए, तो प्रतिदिन ड्यूटी कर रहे एक पुलिसकर्मी की हत्या हो रही है! अपराधियों के हौसले बुलंद हैं! लेकिन, आप ‘मौन’ हैं! मध्य प्रदेश में रोजगार के लिए सरेआम बेटी की आबरू मांगी जा रही है! लेकिन, आप ‘मौन’ हैं! “मोदी की गारंटी” वाले वादे के बाद लाड़ली बहनें ₹3000 प्रतिमाह की मांग कर रही हैं! लेकिन, आप ‘मौन’ हैं! पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज जी के प्रतिमाह 1 लाख नौकरियां के वादे पर युवा जवाब मांग रहे हैं! लेकिन, आप ‘मौन’ हैं! महिलाओं को महंगाई से निजात दिलाने के लिए ₹450 रुपए में सिलेंडर देने का वादा भाजपा ने ही किया था! महिलाएं उम्मीद लगाए बैठी हैं! लेकिन, आप ‘मौन’ हैं! डॉ. मोहन यादव जी “मोहन” ही बने रहें, “मौन” में न रहें! क्योंकि, आपका “मौन-व्रत” अब मध्यप्रदेश की मुसीबत बढ़ा रहा है”! जीतू पटवारी जब से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने हैं, तभी से वे लगातार बीजेपी और मोहन यादव सरकार पर हमलावर हैं. पहले उन्होंने शिवराज सिंह चौहान को चुनाव जीतने के बाद साइडलाइन करने को लेकर भी बीजेपी पर सवाल उठाए थे. लेकिन अब पहली बार वे खुलकर सीएम मोहन यादव के खिलाफ बोलना शुरू किए हैं.

रामलला प्राण प्रतिष्ठा का दिन दिवाली की तरह मनाएं , उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला

Celebrate the day of Ramlala Pran Pratistha like Diwali, Deputy Chief Minister Rajendra Shukla भोपाल ! आज हमारे देश के करोड़ों लोगों का मस्तक गर्व से ऊंचा करने वाला काम हो रहा है, 22 जनवरी का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा ! उप मुख्यमत्री राजेंद्र शुक्ला ने आह्वान किया है कि 22 जनवरी को हर व्यक्ति अपने घर 11 दीपक जलाए। उन्होंने कहा कि उस पावन दिन एक भी ऐसा घर न हो, जहां ग्यारह दीपक न जले। रामनवमी को जिस उत्साह से मनाया जाता है, उसी उत्साह से उन्होने राम मंदिर उद्घाटन के दिन भी उत्सव मनाने का आग्रह किया है। उप मुख्यमंत्री ने किया दीपक जलाने का आह्वानराजेंद्र शुक्ला ने कहा कि दो दिन बाद भव्य मंदिर का उद्घाटन हो रहा है और सारा देश मोदी जी की इस कुशलता का लोहा मान रहा है। उन्होने कहा कि ‘सारे देश में उमंग और उत्साह है। हर घर में भगवान राम की पूजा आराधना हो रही है। सुंंदरकांड के पाठ हो रहे हैं। हनुमान चालीसा के पाठ हो रहे हैं। हमारी सबसे बड़ी ताकत धर्म और अध्यात्म ही है। दुनिया में बहुत से देश हो सकता है हमसे आगे हों लेकिन धर्म और अध्यात्म के मामले में वो हमारे सामने बौने हैं अभी भी। हमारे सामने सारी दुनिया परंपरा और अध्यात्म की ताकत के आगे नतमस्तक होती है। इसीलिए इसका संरक्षण और संवर्धन भी जरुरी है और उस दिशा में रामजन्मभूमि पर भव्य राममंदिर का निर्माण बहुत बड़ा कदम है जो आज हमारे देश के करोड़ों लोगों का मस्तक गर्व से ऊंचा करने वाला काम हो रहा है। 22 जनवरी का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। इस क्षण को हम सबको आगे बढ़ कर उत्साह के साथ मनाने की जरूरत है। 22 जनवरी को कोई भी घर ऐसा न हो जहां पर हम 11 दीपक जलाकर उत्साह न मनाएं।”अयोध्या राम मंदिर उद्घाटन और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में सिर्फ दो दिन बाकी है और इसे लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। इसे लेकर अयोध्या में तो तैयारियां जारी ही हैं लेकिन देश भर के अलग अलग स्थानों पर भी ज़ोर शोर से व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मंदिरों में सफाई अभियान चल रहा है और कई तरह के धार्मिक अनुष्ठान हो रहे हैं। अब उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने भी आह्वान किया है कि इस दिन को दीपावली की तरह मनाएं और श्रीराम के नाम पर सभी लोग अपने घरों में ग्यारह दीपक जलाएं।

आज रात 10 बजे से तोड़ा जाएगा लालघाटी से बैरागढ़ तक बीआरटीएस कारिडोर

BRTS corridor from Lalghati to Bairagarh will be demolished from 10 pm tonight नगर निगम और प्रशासन ने मिलकर तैयार की है तोड़ने की योजना। सुरक्षा के लिए बंद किया जाएगा डेढ़ मीटर तक का क्षेत्र। लगेंगी सोलर लाइट।भोपाल ! बीआरटीएस कारिडोर (बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) को आज यानी शनिवार रात 10 बजे से तोड़ना शुरू किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम और जिला प्रशासन ने मिलकर पूरी योजना तैयार कर ली है। प्रथम चरण में लालघाटी से बैरागढ़ तक के कारिडोर को तोड़ा जाएगा। यह काम पीडब्ल्यूडी और निगम प्रशासन के अमले द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। यहां सुरक्षा के लिए एक से डेढ़ मीटर तक का क्षेत्र बंद किया जाएगा और सोलर लाइट लगाई जाएंगी। पीडब्ल्यूडी के ब्रिज ईई जावेद शकील ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बीआरटीएस कारिडोर को तोड़ने का काम रात में 10 बजे से शुरू किया जाएगा। इस दौरान ट्रैफिक कम रहता है। हलालपुर से इसकी शुरुआत की जाएगी।मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने विगत बुधवार को प्रजेंटेशन देखने के बाद बीआरटीएस को हटाने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए थे। इसके बाद बैरागढ़ (संत हिरदाराम नगर) से शुरुआत करने की बात कही गई थी। 24 किलोमीटर लंबे बीआरटीएस के दोनों ओर दिन में ट्रैफिक का ज्यादा रहता है, इसलिए जब रात में ट्रैफिक कम होगा तब हटाने के निर्देश है। यही कारण है कि आज शनिवार रात से बीआरटीएस को तोड़ने का काम शुरू किया जाएगा। मिसरोद से एम्प्री तक, रोशनपुरा से कमला पार्क और कलेक्टोरेट से लालघाटी के बीच बीआरटीएस को तोड़ने में कुल 18.51 करोड़ रुपए खर्च होंगे। कारिडोर की वजह से ये परेशानियां इस तरह तैयार की गई है बीआरटीएस तोड़ने की योजना1 – होशंगाबाद पर बने बीआरटीएस कारिडोर की लंबाई 6.7 किलोमीटर है। जिस पर पर्याप्त राइट आफ वे एवं जमीन उपलब्ध होने के बाद भी वाहनों के लिए सिर्फ दो लेन ही है। बीआरटीएस हटाकर 3-3 लेन का सिक्सलेन मार्ग का निर्माण हो सकता है। इसमें 11.67 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके साथ साइकिल ट्रैक का उपयोग भी उचित रूप से नहीं होने से यह टू व्हीलर के लिए उपयोगी बनाया जा सकता है।2 – इसकी लंबाई 1.42 किलोमीटर है, जो शहर के व्यस्त क्षेत्र में स्थित होकर ट्रैफिक के लिए बाधित बन रहा है। इस लंबाई में डेडिकेटेड कारिडोर हटाया जाकर मिक्स्ड वाहनों के लिए तीन लेन सड़क मय सेंट्रल वर्ज के बनाए जाने में करीब 3.21 करोड़ रुपए खर्च आ सकता है।3 – कलेक्टोरेट से लालघाटी तक यह 1.73 किलोमीटर लंबा है। इसे हटाकर दोनों ओर तीन -तीन लेन की सड़क हो जाएगी। इसमें कुल 3.63 करोड़ रुपए खर्च आ सकता है।4 – हलालपुर से सीहोर नाके तक कुल 3.81 लंबाई के इस कारिडोर को भी हटाया जाएगा। इससे बैरागढ़ में ट्रैफिक काफी हद तक सुधर सकता है। बैरागढ़ में 306 करोड़ रुपए की लागत से एलीवेटेड कारिडोर प्रस्तावित है। इसके टेंडर भी हो चुके हैं। इसी प्रोजेक्ट में बीआरटीएस को हटाया जाना भी शामिल हैं। इसके चलते जिला प्रशासन या नगर निगम को अतिरिक्त कोई खर्च नहीं करना पड़ेगा।यह बात मीटिंग में मुख्य सचिव के सामने रखी गई। कारिडोर को पीडब्ल्यूडी ही हटवाएगा। जिस जगह कारिडोर है, वही पर एलीवेटेड कारिडोर के पिलर खड़े होंगे। इनका कहना हैभोपाल में बीआरटीएस कारिडोर तोड़ने की शुरुआत आज शनिवार रात 10 बजे संत हिरदाराम नगर से की जाएगी। यहां पर नगर निगम, प्रशासन और पीडब्ल्यूडी का अमला संयुक्त रूप से कार्रवाई करेगा।

आबकारी सब इंपेक्टर्स ने प्रमोशन के लिए भगवान राम को सौंपी पाती

Excise sub-inspectors handed over cards to Lord Ram for promotion. भोपाल। आबकारी विभाग के उपनिरीक्षकों ने भगवान श्रीराम के नाम एक पाती लिखकर 18 साल से प्रमोशन और पदनाम न मिलने को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त की है। इस संबंध में इन्होंने शुक्रवार को डिप्टी सीएम व आबकारी मंत्री जगदीश देवडा, प्रमुख सचिव दीपाली रस्तौगी और आबकारी आयुक्त ओपी श्रीवास्तव को ज्ञापन भी सौंपा। इन अधिकारियों का कहना है कि उनकी मांग से सरकारी खजाने पर वित्तीय भार भी नहीं आएगा।आबकारी उपनिरीक्षकों का कहना है कि उनकी मांग जिला सहायक अधिकारी का पदनाम की है। पिछले 18 साल से वे एक ही पद पर कार्य कर रहे हैं। उनके साथ अन्य विभागों में भर्ती अधिकारी डिप्टी कलेक्टर तक बन चुके हैं, लेकिन अब तक हमारी मांग पूरी नहीं हो पा रही है। ऐसे उपनिरीक्षकों की संख्या 134 है। इनके पदनाम बदलने के साथ ही करीब 300 से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारियों को फायदा होगा। पाती में क्या लिखाहे मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, आज हम सभी आपके द्वार एक आशा लेकर आए हैं। ऐसा सुनिश्चित है कि तेरे स्मरण मात्र से समस्त प्राणियों के सभी दुखों का नाश हो जाता है। प्रभु, वर्तमान युग में हर्ष का विषय, दैहिक प्रसन्नता और आनंद से परिपूर्ण उत्सवीय माहौल में जब कि आप टेंट से दिव्य राम मंदिर में प्रतिष्ठित हो रहे हैं। आपके मानवीय चरित्र में आपका वनवास 14 वर्षों का रहा किंतु हम अभागे इस दैहिक अवस्था में विगत 18 वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत हैं। हमारे कई साथी 20 तो कोई 25, 28 वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत है और कई सेवानिवृत्त होकर, कई आपके चरणों में विलीन हो गए। प्रभु श्री राम हम सभी आबकारी विभाग के कर्मचारी, आरक्षक, मुख्य आरक्षक, आबकारी उप निरीक्षक एवं अन्य साथी आपके करबद्ध प्रार्थना करते हैं कि इस दैहिक अवस्था के शासकीय कर्तव्यों में शीघ्र पदोन्नति मिलें, ऐसा आशीर्वाद प्रदान करें।

कोलार सिक्सलेन से बढ़ा प्रदूषण एक्यूआई 300 के पार

Pollution increases due to Kolar Sixlane, AQI crosses 300 भोपाल। कोलार सिक्सलेन के निर्माण की वजह से आसपास क्षेत्र में वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। सड़क के आसपास का एक्यूआई 300 के पार पहुंच गया है। उड़ती धूल ने स्थानीय रहवासियों की सेहत खराब कर दी है। जिसको लेकर एनजीटी ने भी सख्ती दिखाई है। एनजीटी ने पीडब्ल्यूडी को निर्माणाधीन सड़क पर निरंतर पानी का छिड़काव करने के आदेश दिए हैं। नितिन सक्सेना ने तीन नवंबर 2023 को कोलार में सिक्सलेन के कारण बढ़ते प्रदूषण को लेकर एनजीटी में याचिका लगाई थी। जिसके बाद एनजीटी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की एक समिति बनाकर सड़क का निरीक्षण करने और छह सप्ताह में इसकी रिपोर्ट एनजीटी को पेश करने के निर्देश दिए थे। पीसीबी ने प्रदूषण का स्तर बताया खतरनाककोलार गेस्ट हाउस से कजलीखेड़ा के कालापानी तक पीसीबी के अधिकारियों ने 10 व 11 जनवरी 2024 को इसका निरीक्षण किया। जिसमें पाया कि गेंहूखेड़ा से कालापानी तक आठ किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। जबकि डीमार्ट से सर्वधर्म व चूनाभट्टी से कोलार गेस्ट हाउस तक करीब सात किलोमीटर का निर्माण अधूरा है। इसी क्षेत्र में सबसे अधिक प्रदूषण हो रहा है। हालांकि पीडब्ल्यूडी का तर्क है कि सुबह और शाम दो बार सड़क पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। लेकिन एनजीटी ने कहा है कि पानी का छिड़काव इतनी मात्रा में होना चाहिए कि धूल सूखने न पाए।

उमरिया संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र में विस्फोट 500 मेगावाट युनिट के ट्रांसफार्मर में लगी आग

Explosion in Umaria Sanjay Gandhi Thermal Power StationFire in transformer of heading 500 MW unit उमरिया। जिले के बिरसिंहपुर पाली के मंगठार में स्थित संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र की 500 मेगावाट की यूनिट में उत्पादन ठप हो गया है। 500 मेगावाट की इकाई बंद होने से बिजली संकट भी गहरा सकता है। वहीं दूसरी ओर तकनीकी खराबी के कारण 210 मेगावाट की यूनिट में भी उत्पादन बंद हो गया है। गुरुवार की रात को 500 मेगावाट की इकाई के ट्रांसफार्मर में अचानक विस्फोट के साथ आग लग गई। आग की सूचना मिलते ही प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। आग को बुझाने में जुट गए। लगभग 2 घंटे से ज्यादा समय की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन यूनिट में उत्पादन के लिए ट्रांसफार्मर की जरूरत होती है। ट्रांसफार्मर में आग लग जाने के बाद 500 मेगावाट की यूनिट में उत्पादन पूरी तरह से ठप हो गया है। संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के अधिकारी शशिकांत मालवीय ने बताया कि ट्रांसफार्मर में आग लग गई थी। जिसको 2 घंटे मे बुझा लिया गया था। लेकिन यूनिट में उत्पादन शुरू होने में लगभग 10 दिन लग सकते हैं। उत्पादन शुरू करने के लिए हम लोग लगे हुए हैं। हालांकि अधिकारी शशिकांत मालवीय का कहना है कि इस यूनिट में जल्द उत्पादन शुरू हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों और वंचितों की सहायता के लिए सरकार प्रतिबद्ध

The Chief Minister said that the government is committed to helping the poor and the deprived. भोपाल। मुख्यमंत्री पद का शपथ लेने के करीब सवा महीने बाद डॉ. मोहन यादव आज शुक्रवार को शुभ मुहूर्त में विधि- विधान से पूजन अर्चन के बाद मुख्यमंत्री निवास में प्रवेश किए। उन्होंने मुख्यमंत्री निवास में बने समत्व भवन में गरीबाें और वंचिताें की सहायता के मुद्दे पर पहली बैठक ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि प्रधानमंत्री मोदी सरकार की ओर से लागू जनकल्याण और विकास कार्यों का हर जरूरतमंद व्यक्ति लाभ लें। गरीबों और वंचितों को सहायता व सम्बल दिलाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत बड़वानी जिले के सेंधवा और सिंगरौली जिले की ग्राम पंचायत ओड़गड़ी के हितग्राहियों से वर्चुअली चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के जीवन में प्रगति और उन्नति लाने के लिए इन्हें सभी जरूरी सहायता और सहयोग दिलाने की बात कही है। महिलाओं को सहयोग की सर्वाधिक आवश्यकता है। इस यात्रा के दौरान जीवन ज्योति कैम्प के तहत एक लाख 37 हजार लोग, हेल्थ कैम्प के अंतर्गत 27 लाख 68 हजार लोग लाभान्वित हुए हैं। 2 लाख 37 हजार व्यक्तियों का सुरक्षा बीमा कराया गया है। विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान अब तक 41 लाख 35 हजार 788 हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा चुका है। 19 हजार 500 ग्राम पंचायतों में हुआ शिविरों का आयोजन-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत प्रदेश में अब तक 19 हजार 500 से अधिक ग्राम पंचायतों में शिविरों का आयोजन हुआ है। इस यात्रा में एक करोड़ 69 लाख 22 हजार से अधिक लोग शामिल हुए हैं। एक करोड़ 24 लाख 23 हजार से अधिक लोगों ने विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। यात्रा के तहत 6 लाख 99 हजार 672 लोगों को आयुष्मान योजना तथा एक लाख 81 हजार 762 लोगों को उज्जवला योजना का लाभ दिलाया गया है। इसीप्रकार किसान क्रेडिट कार्ड एक लाख 11 हजार से अधिक लोगों को उपलब्ध कराए गए हैं। किसान क्रेडिट कार्ड के अतहत प्रत्येक किसान को केन्द्र व राज्य सरकार की ओर से हर साल 12 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। योजनाओं के लाभ से जीवन में आया सकारात्मक बदलाव- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेंधवा के भालेराव तथा राहुल वाडिले से आत्मीय चर्चा की। भालेराव की चाय की दुकान है, जो उन्होंने मुद्रा लोन से मिली राशि से आरंभ की है। राहुल वाडिले ने बताया कि वे मोबाइल रिपेयरिंग करते हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वनिधि योजना, आयुष्मान कार्ड सहित उज्जवला योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। उनके परिवार की महिलाओं को लाड़ली बहना योजना का भी लाभ मिला है। राहुल ने बताया कि सरकार की योजनाओं से ही पक्के मकान में रहना, घरेलू गैस से खाना बनाना और आयुष्मान कार्ड की सहायता से परिजनों का प्रायवेट अस्पताल में इलाज कराना संभव हो पाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सिंगरौली की ग्राम पंचायत ओड़गड़ी के रामसूरत साकेत, श्रीमती अनीता सिंह तथा गंगाराम वैश्य ने योजनाओं के लाभ से स्वयं और परिवार के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों के संबंध में बात की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितग्राहियों को दी गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को आगे चलकर इनका लाभ लेने के लिए बधाई दी। साथ ही अपील की कि 22 जनवरी को रामलला की मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में उत्साह और उमंग के साथ वर्चुअली सम्मिलित हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी हितग्राहियों को गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) की शुभकामनाएं भी दीं।

भोपाल स्टेशन पर हेल्प काउंटर खाली, सुबह से शाम तक कुर्सी के हवाले जिम्मेदारी

Help counter empty at Bhopal station, responsibility handed over to chair from morning till evening भोपाल। उत्तर भारत सहित देश के अलग अलग राज्यो में इन दिनो कोहरा जम कर पड़ रहा है जिसके कारण ट्रेनो की रफ्तार में ब्रेक सा लग गया है और भोपाल पहुचने वाली कई ट्रेने एक से 20 घंटे की देरी से आ रही है । यात्रियों की सुविधा के लिए भोपाल रेल मंडल ने भोपाल स्टेशन पर एक सहायता केंद्र बनाया था जिसमें कोहरे से प्रभावित ट्रेनो के बारे में यात्रियों को जानकारी देनी थी लेकिन आलम यह है कि जिम्मेवारो द्वारा सुबह भोपाल स्टेशन पर हेल्प कांउटर के पास एक खाली कुर्सी रख दी जाती है और उस कुर्सी के हवाले ही यात्रियों को जानकारी देने का जिम्मा होता है। यात्री निराश होकर लौटते है हेल्प काउंटरकोहरे के कारण जिन यात्रियों की ट्रेन लेट होती है वह अक्सर जानकारी लेने के लिए हेल्प काउंटर पर जाते है। लेकिन कई घंटो के इंतजार के बाद भी वहां कोई नहीं आता । और बिना जानकारी के ही वापस लौटना पड़ता है।139 और इंटरनेट के भरोसे यात्रीहेल्प काउंटर से जानकारी न मिलने के बाद जिन यात्रियों के पास एन्ड्रायड मोबाइल होते है वह इंटरनेट पर जानकारी लेते है वहीं रेलवे के इंक्वारी डायल139 पर भी जानकारी मिल जाती है। भोपाल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया का कहना है कि कोहरे से प्रभावित ट्रेनो के यात्रियों को जानकारी देने के लिए भोपाल स्टेशन पर हेल्प काउंटर चल रहा है हो सकता है है कर्मचारी किसी काम से इधर उधर चला गया है। मैं एक बार इसे देखवा लेता हूं। और रेलवे यात्रियों को पूरी सुविधा देने के लिए कटिबद्ध है।

शहीद के परिजन को डेढ़ साल बाद भी नहीं मिली नौकरी, दिग्विजय ने सीएम को याद दिलाई शिवराज की घोषणा

Martyr’s family did not get job even after one and a half years, Digvijay reminded CM of Shivraj’s announcement भोपाल। पूर्व सीएम और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा क्रमांक सी 1697 दिनांक 18.09.2022 का अवलोकन करने को कहा है। दरअसल, मण्डला जिले के चरगांव निवासी बीएसएफ जवान गिरजेश कुमार त्रिपुरा में सेवा देते हुए शहीद हो गए थे। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री ने गिरजेश के परिवार के एक सदस्य को शासकीय सेवा देने की घोषणा की थी। दिग्विजय सिंह ने पत्र में लिखा कि गिरिजेश कुमार की पत्नी राधा उद्दे ने बताया कि डेढ़ वर्ष बाद भी उनके परिवार के किसी भी सदस्य को शासकीय सेवा में नहीं लिया गया है। दिग्विजय सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने पुत्र को शासकीय सेवा में लिए जाने का निवेदन किया है। शहीद के परिवार को सरकारी कार्यालय के चक्कर लगाना पड़ रहा है। यह खेदजनक है। दिग्विजय सिंह ने पूर्व सीएम की घोषणा पर अमल कर शहीद गिरिजेश कुमार उद्दे के परिवार के एक सदस्य को शासकीय सेवा में लिए जाने के लिए आवश्यक निर्देश प्रदान करने की मांग की है।

बागी और भितरघाती के खिलाफ कांग्रेस का एक्शन

Congress action against rebels and traitors भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस ने बड़ा एक्शन लेते हुए 79 बागियों और भितरघातियों को पार्टी से बाहर निकाल दिया। वहीं 150 से ज्यादा नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन सभी पर पार्टी के खिलाफ काम करने का आरोप हैं। अब लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टी में दागियों को बाहर का रास्ता दिखाना शुरू किया गया है। खास बात है कि कांग्रेस को दागियों के चयन में 45 दिन लग गए। क्योंकि कुछ बड़े नेताओं के खास भी हैं। यह सवाल कांग्रेस की समीक्षा और लोकसभा चुनाव समिति की बैठकों में प्रत्याशियों ने भी उठाया था। विधानसभा चुनाव हारने वाले प्रत्याशी और कांग्रेस कार्यकर्ता लगातार पार्टी लीडर्स के सामने भितरघात करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पार्टी कार्यकतार्ओं के खिलाफ मिली शिकायतों पर निर्णय लेने के लिए शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में अनुशासन समिति की बैठक हुई। बैठक के बाद पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने बताया कि विधानसभा चुनाव बागी होकर लड़ने वाले और पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ काम करने वाले 79 लोगों को कांग्रेस से निष्कासित किया जा चुका है। अनुशासन समिति ने आधिकारिक तौर पर उनके निष्कासन का फैसला लिया है। इसके साथ ही डेढ़ सौ अन्य कार्यकतार्ओं, पदाधिकारी और नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। प्रदेश भर से 250 कार्यकतार्ओं के खिलाफ शिकायतें पहुंची हैं। इनमें कांग्रेस के घोषित उम्मीदवार के खिलाफ बागी हुए नेताओं के समर्थन में काम करने, दूसरे दलों के प्रत्याशियों का सपोर्ट करने जैसी शिकायतें पहुंची हैं। दूसरे दलों से शामिल हुए कार्यकर्ताओं की संख्या ज्यादा– खास बात है कि कांग्रेस ने अभी सिर्फउन कार्यकर्ताओं को बाहर किया है। जो विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल हुए थे। समिति ने सबसे पहले उन सभी के खिलाफ एक्शन लिया है। सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि अभी अधिकांश नेताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। आगामी 10 दिनों के बाद फिर से बैठक होगी। इसमें जवाब के आधार निष्कासित करने की कार्रवाई होगी।

पटवारी भर्ती पर जीतू ने उठाए सवाल, ट्वीट भी किया

Jitu raised questions on Patwari recruitment, also tweeted भोपाल। मध्य प्रदेश एम्प्लाई सिलेक्शन बोर्ड की पटवारी भर्ती परीक्षा में घोटाले की जांच रिपोर्ट इसी माह सबमिट होने जा रही है। कमेटी को सभी जरूर दस्तावेज बोर्ड से मिल चुके हैं और कमेटी इसका अंतिम तौर पर अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करने में जुट गई है। इस रिपोर्ट पर दस लाख उम्मीदवारों की नजरें टिकी हुई है। इस पर अब जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को टैग करते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने 22 नवंबर 2022, ईएसबी की ओर से ग्रुप-2, सब ग्रुप-4 और पटवारी की संयुक्त भर्ती परीक्षा के लिए नोटिफिकेशन का जिक्र भी ट्वीट में किया है।पटवारी ने कहा कि छात्रों ने 5 जनवरी 2023 से 19 जनवरी 2023 तक फॉर्म भरा। लगभग 13 लाख अभ्यर्थियों ने इसमें भाग लिया। 15 मार्च से 25 अप्रैल 2023 तक प्रदेश के 78 केंद्रों पर अलग-अलग शिफ्ट में परीक्षा हुई। 9,78, 266 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। 30 जून को रिजल्ट जारी हुआ। 8,600 अभ्यर्थियों का चयन भी हुआ।

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