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MP की 24 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान, सिंधिया गुना से लड़ेंगे चुनाव

Candidates announced for 24 seats of MP, Scindia will contest elections from Guna मुरैना – शिव मंगल सिंह तोमरभिंड– संध्या रायग्वालियर – भारत सिंह कुशवाहगुना – ज्योतिरादित्य सिंधियासागर – लता वानखेड़ेटीकमगढ़ – SC वीरेंद्र खटीकदमोह– राहुल लोधीखजुराहो -वीडी शर्मासतना– गणेश सिंहरीवा – जनार्दन मिश्रासीधी – राजेश मिश्रशहडोल– हिमादारी सिंहजबलपुर– आशीष दुबेमंडला– St फग्गन सिंह कुलस्तेहोशंगाबाद– दर्शन सिंह चौधरीविदिशा – शिवराज सिंह चौहानभोपाल – आलोक शर्माराजगढ़ – रोडमल नगरदेवास– महेंद्र सिंह सोलंकीमंदसौर -सुरेश गुप्तारतलाम – अनीता नगर चौहानखरगोन – गजेंद्र पटेलखंडवा – ज्ञानेश्वर पाटिलबैतूल – दुर्गादास उईके

राहुल गांधी का एमपी में ‘ग्रैंड वेलकम’, सड़कों पर बिछाई गुलाब की पंखुडियां

Rahul Gandhi’s ‘Grand Welcome’ in MP, rose petals spread on the roads राजघाट पुल पर कांग्रेसी दिग्गजों का जमावड़ा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व वाली ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ मुरैना जिले के माध्यम से मध्य प्रदेश में प्रवेश करने वाली है। कांग्रेस महासचिव संचार प्रभारी जयराम रमेश ने बताया कि पांच दिनों के आराम मुरैना: कांग्रेस नेता राहुल गांधी राजस्थान के धौलपुर पहुंचे, जहां उनका हेलीकॉप्टर पुलिस लाइन में उतरा। कुछ ही देर बाद भारत जोड़ो न्याय यात्रा शुरू होने वाली है, जो मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से शुरू होगी। कांग्रेस नेताओं ने चंबल नदी पर बने राजघाट पुल पर राहुल गांधी के स्वागत के लिए सड़क पर गुलाब की पंखुड़ियां बिछा दी हैं। राजस्थान के धौलपुर जिले में राहुल गांधी का रोड शो शुरू हो गया है। चंबल राजघाट पर राहुल गांधी का स्वागत करने के लिए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और राज्यसभा सांसद अशोक सिंह समेत कई नेता पहुंचे। शुक्रवार को मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के राज्य में प्रवेश से पहले उसकी तैयारियों का जायजा लेने मुरैना पहुंचे थे। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बताया कि राहुल गांधी की यह यात्रा नीमच के रास्ते राजस्थान में एंट्री करेगी। वह 7 मार्च को बांसवाड़ा (दक्षिणी राजस्थान में स्थित शहर) में एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित करेंगे और उसके बाद यह यात्रा गुजरात में प्रवेश करेगी और 9 मार्च तक रहेगी। इससे पहले शुक्रवार को मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के राज्य में प्रवेश से पहले तैयारियों का जायजा लेने मुरैना पहुंचे थे। पार्टी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के बाद कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ का लक्ष्य 15 राज्यों से होकर 6,700 किलोमीटर की दूरी तय करना है, क्योंकि लोकसभा चुनाव नजदीक हैं। इस साल अप्रैल-मई में लोकसभा चुनाव होने हैं।

12 साल से एचआरडी शाखा में जमीं प्रभारी पर लगने लगी गंभीर वित्तीय अनियमितता के आरोप

Allegations of serious financial irregularities started being leveled against the ground in-charge of HRD branch for the last 12 years. भोपाल। शासकीय अधिवक्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट कौशल पांडेय ने वन मंत्री से लेकर पीसीसीएफ एवं एपीसीसीएफ विजिलेंस को पत्र लिखकर वन विभाग के मानव संसाधन विकास शाखा में 12 साल से पदस्थ सहायक ग्रेड-2 एवं कार्यालय प्रभारी अधीक्षक विनीता फांसिस विल्सन और उनके मददगार सेवा निवृत्त कर्मचारी कृष्णन पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाते हुए बर्खास्त करने की मांग की है। इसके अलावा शासकीय अधिवक्ता ने सीनियर अधिकारी से निष्पक्ष जांच का भी आग्रह किया है। वन मंत्री और सीनियर अधिकारियों को संबोधित पत्र में शासकीय अधिवक्ता पांडे ने लिखा है कि विनीता फांसिस विल्सन सहायक ग्रेड-2 कार्यालय प्रभारी अधीक्षक के पास बजट आवंटन, भंडार कक्ष, भारतीय वन सेवा प्रशिक्षण, राज्य वन सेवा प्रशिक्षण, रेजर प्रशिक्षण, उपवन क्षेत्रपाल और वनरक्षक प्रशिक्षण का प्रभार है। अपने पद का दुरूपयोग करते हुए विनीता फॉसिस विल्सन ने 65 वर्षीय सेवा निवृत्त कर्मचारी कृष्णन एवं एक अन्य महिला रिश्तेदार को जॉबदार पर कार्य पर रखा है। यही नहीं, प्रभारी अधीक्षक ने अपने घर का काम कराने के लिए एक काम वाली एक सर्वेंट को रखा है, जिसका वेतन भुगतान वनरक्षक प्रशिक्षण स्कूल के माध्यम से किया जाता है। पत्र में कथित रूप से आरोप लगाया गया है कि प्रतिमाह स्टेशनरी कय/कम्प्यूटर-प्रिंटर मरम्मत के फर्जी बिल तैयार कर भण्डार कय नियमों का उल्लघंन कर नियम विरूद्ध भुगतान किया जा रहा है। विल्सन प्रभारी अधीक्षक द्वारा एसी/ कुलर/वलफेन/हिटर/फोटो कापी मशीन / कम्प्यूटर/पिंटर/आलमरी अन्य कीमती समान सतपुड़ा भवन से वन भवन शिफ्टिंग के दौरान हेराफेरी की गई है। प्रशिक्षु रेंजर और एसीएफ से भी स्टाइफंड की राशि रिलीज़ करने सहित अन्य मसलों की आड़ में धन वसूले जाते हैं।हटाए जाने के बाद कृष्णन क्यों बैठते अधीक्षक कक्ष में..?एचआरडी शाखा में 35 साल तक सेवा देने के बाद सेवानिवृत हुए कृष्णन आज भी शाखा में बैठकर काम करते नजर आएंगे। हटाए जाने के बाद कृष्णन क्यों बैठते अधीक्षक कक्ष में..? यह सवाल वन भवन में अधिकारी एवं कर्मचारियों के बीच यक्ष प्रश्न बना हुआ है। जबकि शाखा के पीसीसीएफ बिभाष ठाकुर ने साफ तौर पर कहा है कि कृष्णन एचआरडी शाखा में ना तो संविधान नियुक्ति है और न ही उनको दैनिक वेतन भत्ते पर रखा गया है। ठाकुर ने तो यहां तक कह दिया है कि हमने उसे मना कर दिया है। इसके बाद भी कृष्णन आज भी एचआरडी शाखा के अधीक्षक कक्ष पर बैठा नजर आता है। कृष्णन पर नए रेंजर/ डिप्टी रेंजर और ट्रेनिंग स्कूलों को फंड रिलीज करने एवज में कमीशन बाजी के काम में लिप्त होने का आरोप है। इसके अलावा वह विभागीय रेंजरों की परीक्षा के पेपर की सेटिंग और परीक्षा कॉपी की डि-कोडिंग का काम करते हैं।

बीजेपी विधायक ने दी आत्मदाह की चेतावनी, 5 मार्च से देंगे धरना

BJP MLA warns of self-immolation, will protest from March 5 बीजेपी विधायक मोहन शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि विद्युत मंडल के अधिकारी-कर्मचारी बिजली बिल जमा नहीं करने पर हमारे क्षेत्र के गांवों में किसानों और गरीबों को परेशान करते हैं. मध्य प्रदेश में राजगढ़ जिले की नरसिंहगढ़ विधानसभा (Narsinghgarh Assembly) से विधायक मोहन शर्मा (Mohan Sharma) अपनी ही सरकार में सिस्टम से नाराज दिख रहे हैं. बीजेपी विधायक ने आत्मदाह की चेतावनी दे दी है. उन्होंने बढ़े हुए बिजली बिलों के विरोध में पांच मार्च से धरने पर बैठने की भी बात कही है. मोहन शर्मा ने विद्युत विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों पर गरीबों को परेशान करने का भी आरोप लगाया. मोहन शर्मा राजगढ़ जिले के औद्योगिक क्षेत्र पीलूखेड़ी में नवीन औद्योगिक इकाई मेसेस ज्योलो पैक प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए. आयोजन में राजगढ़ कलेक्टर हर्ष शर्मा, एसपी धर्मराज मीणा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक मोहन शर्मा ने कहा कि विद्युत मंडल के अधिकारी-कर्मचारी बिजली बिल जमा नहीं करने पर हमारे क्षेत्र के गांव में जाते हैं, किसानों के घरों के गेट खोलते हैं और उनकी मोटर साइकिल निकाल कर ले जाते है. बीजेपी विधायक ने दी आत्मदाह की धमकी मोहन शर्मा ने आगे कहा कि बिजली विभाग के कर्मचारी बारवा खुलम गांव से तो एक गरीब मजदूर, लोहा पीटने वाले की बाइक उठा ले गए. कानून हाथ में लूंगा तो 353 लग जाएगी. विधायक शर्मा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आक्रोशित हो गए. उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेना नहीं चाहता हूं, अगर अधिकारियों से झगड़ा किया तो 353 लग जाएगी. अब मेरे पास एक ही हथियार है, आमरण अनशन पर आत्मदाह करने को मजबूर हो जाऊंगा. मैं 5 तारीख को बिजली विभाग के डीई ऑफिस के बाहर धरने पर बैठने वाला हूं. बिजली विभाग का अत्याचार स्वीकार नहीं- मोहन शर्मा विधायक मोहन शर्मा ने कहा- ”मैं आपसे पहले भी निवेदन कर चुका हूं, अब मेरा अंतिम निर्णय हो चुका है क्योंकि मैं बहुत दुखी हूं. मेरी जिंदगी से मुझे मोह भी नहीं है. मेरी उम्र पूरी हो चुकी है, मुझे मौत स्वीकार है पर जनता के ऊपर विद्युत मंडल का अत्याचार स्वीकार नहीं है”. कार्यक्रम के दौरान विधायक शर्मा ने एक किसान को खड़ा होने को कहा और अधिकारियों से कहा कि इसके पिता को मरे 30 साल हो गए, तभी से गांव में डीपी नहीं है और इसके 30 हजार रुपए का बिल दे दिया. जब गांव में डीपी नहीं है तो बिल कैसे दे दिया. विधायक ने कहा कि ऐसा एक उदाहरण नहीं है, कई उदाहरण हैं.

सुनने की क्षमता छीन सकता है OME, एक्सपर्ट से जानें इस समस्या के बारे में सबकुछ

OME can take away the ability to hear, know everything about this problem from experts कान हमारे शरीर का सबसे जरूरी अंग है जिसके बिना जीवन की कल्पना करता मुश्किल हो जाता है। हालांकि बावजूद इसके लोग अपने कानों का ख्याल नहीं रखते हैं। ऐसे में इसे लेकर जागरूकता फैलाने के मकसद से हर साल World Hearing Day मनाया जाता है। इस मौके पर आज एक्सपर्ट से जानेंगे कानों में होने वाले ओटिटिस मीडिया विथ इफ्यूजन के बारे में कान हमारे शरीर का एक बेहद अहम अंग है, जो हमें सुनने में मदद करता है।ऐसे में इसकी देखभाल के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल वर्ल्ड हियरिंग डे मनाया जाता है।ओटिटिस मीडिया विथ इफ्यूजन कान में होने वाली एक समस्या है, जिसकी अनदेखी हानिकारक हो सकती है। हमारे शरीर में मौजूद सभी अंग हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण होते हैं। यह सभी अंग हमें सेहतमंद रहने में मदद करते हैं। हमारे सेंस ऑर्गन इन्हीं में से एक है, जो हमें आसानी से जीवन जीने में मदद करते हैं। कान इन्हीं जरूरी अंगों में से एक है, जो हमें सुनने में मदद करते हैं। यह हमारे लिए काफी जरूरी होते हैं, जिसके बिना अपना जीवन तक सोच पाना मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि अपने कान का भी ख्याल रखना बेहद जरूरी है। अपनी बिजी लाइफ में लोग अक्सर अपने कानों की सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसे में कानों की सेहत के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए मकसद से हर साल 3 मार्च को वर्ल्ड हियरिंग डे मनाया जाता है। यह दिन हियरिंग लॉस और बहरेपन को रोकने के बारे में जागरूकता बढ़ाना और विश्व स्तर पर कान और उनकी देखभाल को बढ़ावा देना है। इस मौके पर आज हम जानेंगे कानों में होने वाले संक्रमण ओटिटिस मीडिया (ओएमई) के बारे में, जिसकी अनदेखी आपके लिए हानिकारक हो सकती है। इस बारे में हमने सीके बिरला हॉस्पिटल गुरुग्राम में लीड ईएनटी कंसल्टेंट डॉक्टर अनिष गुप्ता से विस्तार में जानने की कोशिश की क्या है ओटिटिस मीडिया विथ इफ्यूजन?डॉक्टर बताते हैं कि पिछले कुछ समय में मिडल ईयर में ओटिटिस मीडिया विथ इफ्यूजन (Otitis Media with Effusion) या ओएमई (OME) के मामले काफी तेजी से बढ़े हैं। इस परेशानी को अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है, लेकिन अगर इसका इलाज न कराया जाए तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इससे मिडल ईयर का इन्फेक्शन हो सकता है या मिडिल ईयर में धीरे-धीरे वेंटिलेशन की समस्या हो सकती है। ओएमई के कारणओटिटिस मीडिया विथ इफ्यूजन (ओएमई) होने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें लगातार कोल्ड होना, एलर्जी, वायरल इंफेक्शन, एडेनोओडाइटिस और एडेनोइड हाइपरट्रॉफी शामिल हैं। क्यों बढ़ रहे ओएमई के मामलेओएमई के बढ़ते मामलों पर डॉक्टर कहते हैं कि ओएमई के मामले खासकर कोरोनाकाल के बाद ज्यादा बढ़ी हैं। इसकी वजह एडेनोइड संक्रमण और हाइपरट्रॉफी को माना जाता है। हालांकि, कोरोना वायरस से इसका सीधा संबंध अभी स्थापित होना बाकी है, लेकिन हाल के वक्त में ओएमई के मामलों में 25 से 30 फीसदी का इजाफा हुआ है। खासकर 3 से 6 साल के बच्चों को इसका खतरा ज्यादा होता है। ऐसे में जिन बच्चों को एडोनोइड हाइपरट्रॉफी, बार-बार सर्दी, खांसी और एलर्जी होती है, उन्हें लगातार स्क्रीनिंग और चेकअप की जरूरत है। ओएमईम के जोखिम कारकओएमई की समस्या गंभीर रूप ले सकती है, अगर समय रहते इसकी पहचान न की जाए और इसके इलाज में देर हो जाए। इसकी वजह से ईयरड्रम को डैमेज हो सकता है, और फिर कान की बीमारी हो सकती है। इस सबके कारण सुनने की क्षमता कम हो सकती है, कान तरल पदार्थ बहने लगता है और दूसरी अन्य समस्याएं भी हो जाती हैं। ऐसे में ओएमई के नकारात्मक प्रभाव से बचाव के लिए सही समय पर इसकी पहचान और फिर सही इलाज बहुत जरूरी है।

मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग इंदौर व कर्मचारी चयन मंडल को लेकर, जीतू पटवारी ने पूछें सवाल

Jitu Patwari asked questions regarding Madhya Pradesh Public Service Commission, Indore and Staff Selection Board. मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग इंदौर व कर्मचारी चयन मंडल भोपाल द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षा में 87% रिजल्ट घोषित किया जा रहा है और ओबीसी आरक्षण के नाम पर 13% रिजल्ट HOLD किया जा रहा है! मीडिया रिपोर्ट्स बता रही है कि इस मामले में मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने कहा है कि “यह जो कुछ भी हो रहा है वह हमारे आदेश पर नहीं हो रहा है! यदि सामान्य प्रशासन विभाग ने कोई आदेश दिया है और किसी उम्मीदवार द्वारा उसे चैलेंज किया जाता है, तो हम उसका भी परीक्षण करेंगे!” याचिकाकर्ताओं में पटवारी भर्ती परीक्षा, शिक्षक भर्ती परीक्षा, इंजीनियर भर्ती परीक्षा सहित एमपीपीएससी और एमपीईबी द्वारा आयोजित लगभग सभी भर्ती परीक्षाओं के उम्मीदवार शामिल हैं! माननीय उच्च न्यायालय ने आज कहा है कि “कोर्ट की तरफ से इस प्रकार का कोई आदेश नहीं दिया है! संस्थाओं ने परीक्षाएं आयोजित की है, तो उन्हें 100% रिजल्ट घोषित करना चाहिए!” यह निर्णय सरकार की मंशा पर उठा एक ऐसा सवाल है, जिसका जवाब अब न केवल न्यायालय, बल्कि प्रदेश के हजारों-लाखों बेरोजगार युवाओं को भी देना ही होगा! अव्वल तो सरकार भर्ती परीक्षा करने की नीयत ही नहीं रखती! यदि परीक्षाएं होती भी हैं, तो फर्जीवाड़ा शुरू हो जाता है! फिर जांच की औपचारिकता होती है! अंततः परिणाम सामने नहीं आ पाता है! सरकार को तत्काल न्यायालय के निर्देश का पालन करना चाहिए और प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं के साथ न्याय करना चाहिए! यदि भाजपा सरकार ने फिर से गुमराह करने का प्रयास किया, तब @INCMP युवाओं के अधिकारों के लिए सड़क पर उतरेगी और निर्णायक संघर्ष करेगी!

अमीरों के चक्कर में बेचारा गरीब पिसता ,हल्दी रस्म या फिजूल खर्ची

Haldi ritual or wasteful expenditure, the poor suffer for the sake of the rich. कमलेश अहिरवार ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे घरों में फिजूल खर्ची में पैसा पानी की तरह बहाया जाता है जिनके मां-बाप ने हाड़-तोड़ मेहनत और पसीने की कमाई से पाई-पाई जोड़ कर मकान का ढांचा खड़ा किया लेकिन ये नवयौवन लड़के-लड़कियां बिना समझे अपने मां- बाप की हैसियत से विपरीत जाकर अनावश्यक खर्चा करते हैं। हल्दी रस्म के दौरान हजारों रूपये खर्च कर के विशेष डेकोरेशन किया जाता है, उस दिन दूल्हा या दुल्हन विशेष पीत (पीले) वस्त्र धारण करते हैं। साल 2020 से पूर्व इस हल्दी रस्म का प्रचलन ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं पर भी देखने को नहीं मिलता था, लेकिन पिछले साल दो-तीन साल से इसका प्रचलन बहुत तेजी से ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ा है। पहले हल्दी की रस्म के पीछे कोई दिखावा नहीं होता था, बल्कि तार्किकता होती थी। पहले ग्रामीण क्षेत्रों में आज की तरह साबुन व शैम्पू नहीं थे और ना ही ब्यूटी पार्लर था। इसलिए हल्दी के उबटन से घिसघिस कर दूल्हे-दुल्हन के चेहरे व शरीर से मृत चमड़ी और मेल को हटाने, चेहरे को मुलायम और चमकदार बनाने के लिए हल्दी, चंदन, आटा, दूध से तैयार उबटन का प्रयोग करते थे। ताकि दूल्हा-दुल्हन सुंदर लगे। इस काम की जिम्मेदारी घर-परिवार की महिलाओं की थी। लेकिन आजकल की हल्दी रस्म मोडिफाइड, दिखावटी और मंहगी हो गई है। जिसमें हजारों रूपये खर्च कर डेकोरेशन किया जाता है। महंगे पीले वस्त्र पहने जाते है। दूल्हा दुल्हन के घर जाता है और पूरे वातावरण, कार्यक्रम को पीताम्बरी बनाने के भरसक प्रयास किये जाते हैं। यह पीला ड्रामा घर के मुखिया के माथे पर तनाव की लकीरें खींचता है जिससे चिंतामय पसीना टपकता है। पुराने समय में जहां कच्ची छतों के नीचे पक्के इरादों के साथ दूल्हा-दुल्हन बिना किसी दिखावे के फेरे लेकर अपना जीवन आनंद के साथ शुरू करते थे, लेकिन आज पक्के इरादे कम और दिखावा और बनावटीपन ज्यादा होने लगा है। आजकल देखने में आ रहा है कि ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक रूप से असक्षम परिवार के लड़के भी इस शहरी बनावटीपन में शामिल होकर परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ा रहे है। क्योंकि उन्हें अपने छुट भईए नेताओं, वन साइड हेयर कटिंग वाले या लम्बे बालों वाले सिगरेट का धुंआ उड़ाते दोस्तों को अपना ठरका दिखाना होता है। इंस्टाग्राम, फेसबुक आदि के लिए रील बनानी है। बेटे के रील बनाने के चक्कर में बाप की कर्ज़ उतरने में ही रेल बन जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे घरों में फिजूल खर्ची में पैसा पानी की तरह बहाया जाता है जिनके मां-बाप ने हाड़-तोड़ मेहनत और पसीने की कमाई से पाई-पाई जोड़ कर मकान का ढांचा खड़ा किया लेकिन ये नवयौवन लड़के-लड़कियां बिना समझे अपने मां-बाप की हैसियत से विपरीत जाकर अनावश्यक खर्चा करते हैं। जिन परिवारों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं हो उन परिवारों के बच्चों को मां-बाप से जिद्द करके इस तरह की फिजूल खर्ची नहीं करवानी चाहिए। आजकल काफी जगह यह भी देखने को मिलता है कि बच्चे (जिनकी शादी है) मां-बाप से कहते है आप कुछ नहीं जानते, आपको समझ नहीं है, आपकी सोच वही पुरानी अनपढ़ों वाली रहेगी, यह कहते हुए अपने माता-पिता को गंवारू, पिछड़ा, थे तो बौझ्अ बरगा हो कहते हैं। मैं जब भी यह सुनता हूं सोचने को विवश हो जाता हूं, पांव अस्थिर हो जाते हैं। बड़ी चिंता होती हैं कि मेरा युवा व छोटा भाई-बहिन किस दिशा में जा रहे हैं। आज किसी को चींटी के पैरो के सूपरू की आवाज सुनने की फुर्सत नहीं है क्योंकि सब-के-सब फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर पर खुद को बढ़ा-चढ़कर कर परोसते हैं, दिखावटीपन को चासनी में आकंठ इसे हुए हैं। इसलिए व्यक्ति बाजारवाद की गिरफ्त में जल्दी आता जा रहा है और यह पूर्णतः बाजारवाद द्वारा आजाद की हुई नई-नवेली रस्म है. इसका गला यहीं पर घोट दो अन्यथा पीसना तय इस तरह की फिजूलखनों वाली रस्म को रोकने के समाचार पढ़ कर खुशी होती है लेकिन अपने घर, परिवार, समाज, गांव में ऐसे कार्यक्रम में शरीक होकर लुत्फ उम्र रहे हैं, फोटो खिचवाकर स्टेटस लगा रहे हैं। फिर तो वही बात हो गई कि तुझे रोकना तो चाहता हूं, मगर तू रूकना नहीं, मुझे तेरी महफिल में रोकना तो बाह रहे है मगर तू रुकना नहीं हमें महफिल में शरीक होना है, यानि कथनी और करनी में अंतर स्याह है।

ओवर लोड वाहनों की धमाचौकड़ी मचा रहे हाइवा के कटे चालान

Highway challans issued due to overloaded vehicles कटनी ! जिले में इन दिनों ओवर लोड वाहनों की धमाचौकड़ी से पूरा कटनी जिला परेशान है जिस पर शिकंजा कसने के लिए एसडीओपी कृष्णपाल सिंह खुद सड़को में उतरे और बड़े वाहनों को रोककर जांच करवाई। जिसमे उन्होंने गिट्टी और पत्थरों से ओवर लोड 3 वाहनों चलानी कार्यवाही करते हुए 41 हजार रुपए का चालान काटने की कार्यवाही को अंजाम दिया है। आपको बता दे पूरी कार्यवाही एसपी अभिजीत कुमार रंजन के नेतृत्व में हुई जिसे अंजाम देने के लिए विजयराघवगढ़ एसडीओपी कृष्णपाल सिंह खुद कैमोर टीआई सुरेश सुमन सहित अन्य पुलिस बल के साथ कैमोर क्षेत्र के अमेहटा ग्राम के पास से गुजरने वाले एक दर्जन से अधिक छोटे-बड़े वाहनों की जांच करते नजर आए।इस दौरान 3 हाइवा वाहन क्रमांक सीजी 04 एनवी 5599, आरजे 19 जीएच 8561 और आरजे 19 जीएच 4076 को अलग अलग खनिजों से ओवर लोड पाया गया जिनका 41 हजार रुपए का चालान कटाते हुए शासन के खाते में राजस्व जमा करवाया है। विजयराघवगढ़ एसडीओपी कृष्णपाल सिंह ने बताया की क्षेत्र में ओवर लोड वाहनों के परिवहन की शिकायते मिलते ही एसपी अभिजीत कुमार रंजन से अवगत करवाते हुए अलग-अलग स्थानों पर जांच नाके लगाकर वाहनों की जांचा गया जिसमे कुछ गाडियां क्षमता से अधिक भरी पाई गई और उसका चालान कटाते हुए नियमो के अनुसार परिवहन करने की समझाइश दी गई है।

आज मुरैना से मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगी यात्रा, 8 लोकसभा क्षेत्रों से गुजरेंगे राहुल गांधी

Today the Yatra will enter Madhya Pradesh from Morena, Rahul Gandhi will pass through 8 Lok Sabha constituencies. कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा आज मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगी। यात्रा आठ लोकसभा क्षेत्रों से गुजरेगी। भोपाल। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा आज मुरैना के रास्‍ते मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगी। इसको लेकर कांग्रेस की तैयारियां पूरी हो गई है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, पूर्व सीएम कमल नाथ और दिग्विजय सहित कई कांग्रेस नेता मुरैना पहुंचेंगे। यात्रा आठ लोकसभा क्षेत्रों (मुरैना, ग्वालियर, गुना, राजगढ़, देवास, उज्जैन, धार और रतलाम) से गुजरेगी। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ, दिग्विजय सिंह, कांतिलाल भूरिया, अरुण यादव, जीतू पटवारी, उमंग सिंघार सहित सभी वरिष्ठ नेता पूरे समय साथ रहेंगे। उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन करेंगेराहुल गांधी पांच मार्च को उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन करेंगे। मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, राघोगढ़, शाजापुर और उज्जैन में रोड शो होगा। यात्रा शनिवार को राजस्थान के धौलपुर से मुरैना में लगभग दो बजे प्रवेश करेगी। यहां अंडर ब्रिज के पास रोड शो होगा। शाम पांच बजे ग्वालियर शहर में चार शहर नाका से जीरा चौक तक रोड शो और फिर राहुल गांधी का संबोधन होगा। स्वागत…वंदन…अभिनंदन, हृदय प्रदेश करता स्वागत वंदन। भारत जोड़ो न्याय यात्रा आज मध्यप्रदेश में प्रवेश कर रही है। चुनाव अभियान भी होगा शुरूभारत जोड़ाे न्‍याय यात्रा के मध्य प्रदेश में प्रवेश होते ही प्रदेश में पार्टी का चुनाव अभियान भी प्रारंभ हो जाएगा। यात्रा के माध्यम से आदिवासी, किसान, महिला और युवाओं को साधने का प्रयास है। इसके लिए अलग-अलग लोकसभा क्षेत्रों में संवाद के कार्यक्रम रखे गए हैं। साथ ही रोड शो, रथ सभा और धार जिले के बदनावर में बड़ी आदिवासी न्याय सभा होगी। भारत जोड़ो यात्रा का नहीं मिला था फायदाराहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा विधानसभा चुनाव से करीब एक वर्ष पूर्व मध्य प्रदेश में हुई थी। उस समय माहौल तो खूब बना था पर वह परिणाम में परिवर्तित नहीं हो पाया था। इस बार लोकसभा चुनाव से ठीक पहले यात्रा हो रही है। इसमें ग्वालियर-चंबल के साथ मालवांचल क्षेत्र में छह दिन रहेगी। जिन आठ लोकसभा क्षेत्रों से यह गुजरेगी, वहां विधानसभा चुनाव परिणाम के हिसाब से देखें तो अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए सुरक्षित धार और रतलाम सीट को छोड़कर बाकी जगह कांग्रेस की स्थिति ठीक नहीं है। सैलना होते हुए राजस्‍थान जाएगी यात्राभारत जोड़ो न्याय यात्रा तीन मार्च को घाटीगांव से होती हुई बदरवास पहुंचेगी। चार मार्च को गुना से शुरू होकर ब्यावरा भाटखेड़ी पहुंचेगी। पांच मार्च को पचौर से होती हुई उज्जैन पहुंचेगी। छह मार्च को बड़नगर से रतलाम के सैलाना से होते हुए राजस्थान पहुंचेगी।

लोकसभा क्षेत्र में तीन साल से पदस्थ अफसर हटेंगे, भले ही वे जिले में एक साल पहले ही पदस्थ किए गए हों

Officers posted in the Lok Sabha constituency for three years will be removed, even if they were posted in the district only a year ago. भोपाल। लोकसभा चुनाव की उल्टी गिनती आज से शुरू हो गई है। 12 मार्च के बाद किसी भी वक्त चुनाव कार्यक्रम जारी हो जाएगा। इसके साथ ही आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो जाएगा। मप्र में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने अपनी तैयारी लगभग पूरी कर ली है। अभी कुछ दिन पहले चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से लोकसभा क्षेत्र में तीन वर्ष से जमे अफसरों को हटाने का निर्देश दिया था। सरकार ने इस पर काम शुरू कर दिया है। जल्दी ही आयोग की नई गाइडलाइन के अनुसार कलेक्टर, एसपी समेत अन्य अधिकारियों को हटाकर नई पदस्थापना कर दी जाएगी। मप्र में 55 जिलों में कुल 29 लोकसभा क्षेत्र आते हैं। इन जिलों में कई ऐसे अफसर पदस्थ हैं, जो जिले से तो हटाए गए थे, लेकिन आसपास के जिले में उनकी पदस्थापना हो गई। वह जिले उसी लोकसभा क्षेत्र में आते हैं। ऐसे में इन जिलों में पदस्थ कलेक्टर, एसपी समेत अन्य अधिकारियों को जल्दी ही हटाने का आदेश जारी कर दिया जाएगा। इस दायरे में कलेक्टर, एसपी के अलावा अन्य ऐसे अधिकारियों व कर्मचारी भी आ रहे हैं, जो चुनाव कार्य में लगे हुए हैं। लोकसभा चुनाव में भी विधानसभा चुनाव की ही तरह प्रदेश के सभी 29 लोकसभा क्षेत्रों के लिए करीब 4 लाख चुनाव कर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसमें ऐसे सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं, जो मप्र के वोटर हैं। एक ही लोकसभा में 3 वर्ष की अवधि पूरी करने वाले अफसर हटेंगे मप्र में एक ही लोकसभा क्षेत्र में तीन वर्ष की अवधि पूरी करने वाले जिलों के कलेक्टरों में सीधी, विदिशा, ग्वालियर कलेक्टर तथा शिवपुरी, श्योपुर के पुलिस अधीक्षक शामिल हैं। जल्दी ही इन अफसरों को हटाकर किसी अन्य जिले में भेजा जाएगा। दूसरी तरफ कई ऐसे अफसर भी हैं, जिनकी 30 जून 2024 तक एक ही जिले में तीन साल की पदस्थापना हो चुकी है। अब उनके सामने असमंजस की स्थिति है। इसमें कई अधिकारी कर्मचारी ऐसे भी हैं, जो जिले में तो एक दो साल ही रहे हैं, पर लोकसभा क्षेत्र में वे तीन साल या उससे भी ज्यादा समय तक पदस्थ रहे हैं। ऐसे में विभिन्न्ा पदों पर पदस्थ आईएएस, आईपीएस अफसरों की दिक्कतें चुनाव आयोग के नए निर्देश ने बढ़ा दी है। जीएडी ने ऐसे अफसरों की सूची तैयार करना शुरू किया सूत्रों ने बताया कि आयोग की 3 साल की क्राइटेरिया वाले निर्देश के बाद से सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने ऐस लोगों को हटाने की तैयारी शुरू कर दी। इसके बाद उन कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों के साथ ही विभिन्न्ा पदों पर पदस्थ शासकीय सेवकों का हटना तय हो गया है। जीएडी ने ऐसे अफसरों की जानकारी खुद उन्ही अफसरों से मंगाई है, तो किस जिले में खासकर लोकसभा क्षेत्र में तीन साल या उससे ज्यादा अवधि तक पदस्थ हैं। एक तथ्य यह भी है कि कई ऐसे लोकसभा क्षेत्र भी हैं, जो आसपास के तीन से चार जिलों में फैला हुआ है। इस स्थिति में यदि दो सौ किमी दूर किसी शासकीय सेवक की पदस्थापना की गई है, और वे उस क्षेत्र में आते हैं, तो उन्हें भी हर हाल में हटाया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों से इस तरह की सूची तैयार करने को कहा है। चुनाव कार्य में लगे इन अफसरों को भी हटाया जाएगा अब जीएडी और गृह विभाग ने पुलिस निरीक्षकों, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की पदस्थापना को लेकर पीएचक्यू और राजस्व विभाग को भी ऐसे अधिकारियों की पदस्थापना संबंधी जानकारी जुटानी पड़ रही है, ताकि जल्द से जल्द आदेश जारी किए जा सकें। इसी तरह चुनाव से सीधा संबंध रखने वाले आबकारी विभाग के अफसरों के मामले में भी नए सिरे से तबादले की कवायद करनी पड़ सकती है। जिला कार्यालयाें में पदस्थ कर्मचारियों को भी जो सीधे तौर पर चुनाव कार्य से जुड़े हैं, उनकी भी डिटेल खंगाली जा रही है।

अब पुलिस वेरीफिकेशन के बाद ही बनेगा कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस

Now commercial driving license will be issued only after police verification भोपाल। अब प्रदेश में कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना आसान नहीं होगा। लाइसेंस देने से पहले क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय संबंधित व्यक्ति का पुलिस वेरीफिकेशन कराएगा। उसके बाद ही लाइसेंस इश्यू होगा। परिवहन विभाग ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह गाइड लाइन बनाई है। पहले क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय से कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस आसानी से बन जाता था। चालक का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं देखा जाता था। परिवहन मुख्यालय ने कमर्शियल लाइसेंस के नए नियम बना दिए हैं। मुख्यालय से क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय को पत्र मिलने के बाद इस नियम को लागू कर दिया, जो भी व्यक्ति कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस लेने का आवेदन कर रहा है, उसका सबसे पहले पुलिस वेरीफिकेशन कराया जाएगा।

50 बार निरीक्षण, फिर भी ठीक नहीं हुआ भोपाल स्टेशन का ड्रेनेज सिस्टम

Inspection done 50 times, still drainage system of Bhopal station not fixed भोपाल। मेंटेनेंस के लिए करोड़ों रुपए का बजट और दो साल में 50 से ज्यादा निरीक्षण के बाद भी अधिकारी भोपाल रेलवे स्टेशन का चोक अंडर ग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम ठीक नहीं करा सके। यह सिस्टम बीते छह महीने से चोक है। नालियों से गंदे पानी की निकासी नहीं होती, मच्छर पनपते हैं। गंदगी के कारण चूहे, कॉकरोच पनप रहे हैं। आम यात्रियों को इनका शिकार होना पड़ रहा है। जबकि पूर्व में तत्कालीन जीएम सुधीर गुप्ता, तत्कालीन डीआरएम सौरभ बंदोपाध्याय व अन्य अधिकारियों ने निरीक्षण कर समस्या का समाधान करने के दिशा-निर्देश दे चुके है। लेकिन समस्यां जस के तस बनी हुई है। बता दें कि भोपाल रेलवे स्टेशन का अंडर ग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम चोक है। इसके कारण प्लेटफार्म-2 व 6 के बीना छोर और प्लेटफार्म-1 के इटारसी छोर के चैंबर पिछले माह से बंद पड़े हैं। ब्रांच प्रमुखों में समन्वय की कमी भोपाल स्टेशन के कायाकल्प के लिए कुछ ब्रांच प्रमुख गंभीर नहीं हैं। इसका नालियों का स्लोप ठीक नहीं होना। तो वहीं वेटिंग रूम के शौचालयों के पाइप टूटे है। जिससे कई बार यूज करने पर यात्रियों को गंदगी का सामना करना पड़ रहा है।

बिल भुगतान न होने पर शवों को बंधक नहीं बना पाएंगे निजी अस्पताल

Private hospitals will not be able to hold dead bodies hostage if bills are not paid. भोपाल। निजी अस्पतालों में किसी मरीज की मौत होती है तो अस्पताल बिल भुगतान के नाम पर मरीज के शव को बंधक नहीं बना सकता। यही नहीं परिजनों द्वारा शव को प्राप्त न करने तक या लावारिस होने पर शव को गरिमा के साथ रखना होगा। इस दौरान शव के लिए फ्रीजर या कोल्ड स्टोरेज जैसी व्यवस्था भी करनी होगी। ऐसा करने पर अस्पताल पर कठोर अनुशासात्मक कार्रवाई की जा सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को निजी अस्पतालों में शवों के रखरखाव को लेकर दिशा निर्देश जारी किए। कोविड काल में शवों के संरक्षण को लेकर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लेकर यह नियम जारी किए। आयोग द्वारा नियम जारी करने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने भी सभी निजी अस्पताल और नर्सिंग होम्स को इस संबंध में पत्र जारी किया। मालूम हो कि कई बार निजी अस्पतालों में बिल भगुतान ना होने के बाद शव को परिजनों को न सौंपने और विवाद के मामले सामने आते हैं। कई बार परिजन इसके विरोध में अस्पताल में तोड़फोड़ तक कर देते हैं। इन सब विवादों को खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियम जारी किए गए। निजी अस्पतालों में नहीं होते फ्रीजरजारी नियमों में परिजनों को शव प्राप्त न होने तक शव को उचित तरीके से फ्रीजर में रखना होगा। हालांकि निजी अस्पतालों में कोल्ड स्टोरेज और फ्रीजर की व्यवस्था नहीं होती। यही नहीं नर्सिंग होम एक्ट में भी छोटे निजी अस्पतालों में कोल्ड स्टोरेज बनाने का प्रावधान नहीं है। ऐसे में निजी अस्पतालों को शव को कोल्ड स्टोरेज तक पहुंचाने की व्यवस्था करनी होगी। शीतगृहों तक परिवहन की नि: शुल्क व्यवस्था भी निजी अस्पतालों को ही करना होगी। भोपाल नर्सिग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. रणधीर सिंह ने कहा कि निजी अस्पतालों में फ्रीजर नहीं होते लेकिन अस्पताल इसकी व्यवस्था कर देते हैं। कोई अस्पताल पैसों के लिए शवों को बंधक नहीं बनाता। शवों को परिजनों को सौंपे जाने तक अस्पताल में पूरी गरिमा से रखा जाता है।

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