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संघ के एमडी एक्शन मूड में, सीईओ और उत्पादन प्रभारी की ली क्लास, तीन साल का ब्यौरा मांगा

Sangh’s MD in action mood, asks for details of CEO and production in-charge, details of three years भोपाल। लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक बिभाष ठाकुर ने अब एक्शन मूड में नजर आ रहें हैं। मंगलवार को प्रसंस्करण एवं अनुसंधान केंद्र (एमएफपी पार्क) बरखेड़ा पठानी के सीईओ और  प्रभारी प्रबंधक उत्पादन की जमकर क्लास ली। ठाकुर ने गत 3 साल में केंद्र में खरीदी गई जड़ी- बूटी समेत अन्य सामग्रियों का पूरा ब्यौरा मांगा है। प्रबंध संचालक द्वारा प्रसंस्करण केंद्र में उत्पादन से संबंधित समीक्षा बैठकों में कई बिंदुओं पर उत्पादन प्रभारी प्रबंधक सुनीता अहिरवार को सुधार करने की कड़ी चेतावनी दी है।  संघ के प्रबंध संचालक ठाकुर ने प्रशंसकरण एवं अनुसंधान केंद्र में लंबे समय से हो रही गड़बड़ियों को गंभीरता से लिया है। मंगलवार को बातचीत में ठाकुर ने अनौपचारिक चर्चा में बताया कि मैंने सीईओ पीजी फुलजले और उत्पादन प्रभारी प्रबंधक सुनीता अहिरवार से 3 साल में क्रय की गई सामग्रियों को बिंदुवार जानकारी मांगी है। मसलन, कितनी सामग्री, किस संस्था से और किस दर पर खरीदी की गई है ? खरीदी गई सामग्री टेंडर से परचेस किए गए हैं या फिर बिना निविदा बुलाए खरीद ली गई हैं। सभी डिटेल तीन दिन के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अप्रैल से नई पॉलिसी लागू करने जा रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि इससे गड़बड़ झाले और दलाली पर ब्रेक लगेगा। नई नीति के तहत सभी खरीदी जिला वनोपज यूनियन के अंतर्गत काम करने वाले संग्रहण कर्ताओं से की जाएगी।   4 सालों का उत्पादन रिकॉर्ड भी गायब जानकारी में आया है कि पिछले 4 सालों गंभीर अनियमितताएं की गई। सूत्रों का कहना है कि विगत 4 सालों में लगभग 90 करोड़ रुपये कि दवाईओं का उत्पादन किया गया है। लेकिन उत्पादन का रिकॉर्ड संधारित ही नहीं किया गया है। विगत वर्षों की ख़रीदी का मिलान उत्पादन रिकॉर्ड से ही किया जा सकता है, परंतु उत्पादन रिकॉर्ड के नाम पर बिल वाउचर ही मिल रहे है। जिनका सही प्रमाणीकरण सही तरीक़े से जांच द्वारा ही किया जा सकता है। इस संबंध में न तो पूर्व एसडीओ पर कार्यवाही की गई न ही प्रभारी एसडीओ सुनीता अहिरवार पर कार्यवाही की जा रही है। सीईओ फ़ुलझेले द्वारा केवल एक आदेश निकाल कर इतिश्री कर ली गई है। सुनीता अहिरवार द्वारा भी बिल्डिंग मेंटेन्स, नर्सरी रखरखाव, और फर्जी लेवर दिखा कर करोड़ों रुपए का गड़बड़ झाला किया जा चुका है। दिलचस्प पहलू है कि  अपर प्रबंध संचालक मनोज अग्रवाल के पत्र में दर्शित बिंदुओं पर जांच करने के लिये कोई कमेटी अभी तक नहीं बनी है। तीन आईएफएस आएंगे जांच की जद में  पूर्व एसडीओ पिल्लई के कार्यकाल में हुई अनियमितताएँ उस अवधि में मुख्यकार्यपालन अधिकारी रहे अफ़सरों की मिली भगत से ही संभव हुआ है। यदि एसडीओ पिल्लई पर कार्यवाही हुई तो बड़े अफ़सर भी जद में आयेंगे। इसमें पूर्व सीईओ एवं सेवानिवृत आईएफएस एलएस रावत, एपीसीसीएफ विवेक जैन वर्तमान में वन विकास निगम में प्रभारी एमडी और  प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ दिलीप कुमार पर भी चार्जशीट बन सकती है। इन तीन आईएफएस अफसर को बचाने के लिए जांच कमेटी का गठन नहीं किया जा रहा है।

समृद्धि के नये द्वार खोलेगा अष्ट महालक्ष्मी मंदिर

Ashta Mahalaxmi Temple will open new doors of prosperity  समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी महालक्ष्मी सुख, संपत्ति और वैभव प्रदान करती हैं। माँ लक्ष्मी को धन, वैभव, संपत्ति, यश और कीर्ति की देवी कहा जाता है। धर्म ग्रंथों एवं पुराणों में माँ लक्ष्मी के आठ स्वरूपों का वर्णन है, जिन्हें अष्ट महालक्ष्मी कहा जाता है। माँ के ये अष्ट स्वरूप अपने नाम और रूप के अनुसार समस्त दुःखों का नाश कर  सुख-समृद्धि प्रदान करते हैं। मान्यता है कि माँ लक्ष्मी की कृपा के बिना जीवन में समृद्धि और संपन्नता संभव नहीं है।  डॉ. केशव पाण्डेय सात मार्च गुरुवार का दिन आध्यात्मिक, धार्मिक एवं ग्रह-नक्षत्र की दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होगा और भविष्य के लिए सुखद संकेत देने वाला रहेगा। कारण इस दिन प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के बाद श्री अष्ट महालक्ष्मी मंदिर के पट आमजन के लिए खुल जाएंगे। आम हो या खास सभी वैभव की देवी महालक्ष्मी के द्वार धन और समृद्धि की मनौती मांग सकेंगे। ग्वालियर जिले की डबरा तहसील के जौरासी में करीब 15 करोड़ की लागत से भव्य एवं विशाल श्री अष्ट महालक्ष्मी मंदिर का निर्माण किया गया है। ट्रस्ट हनुमान मंदिर जौरासी द्वारा इस मंदिर का निर्माण कराया गया है। जिसका उद्देश्य शनि और सूर्य की युति के चलते शहर में उत्पन्न हो रहे वास्तुदोष को दूर करना है।  श्री अष्ट महालक्ष्मी के अष्ट रूप यानी यह  आठ प्रकार के धन सभी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। प्रत्येक व्यक्ति में यह आठ धन अधिक या कम मात्रा में होते हैं। हम उन्हें कितना सम्मान करते हैं, उनका कैसे उपयोग करते हैं, हमारे ऊपर निर्भर है। इन आठ लक्ष्मी की अनुपस्थिति को-अष्ट दरीद्रता कहा जाता है। चाहे लक्ष्मी है या नहीं, नारायण को अभी भी अनुकूलित किया जा सकता है। नारायण दोनों के हैं – लक्ष्मी नारायण और दरिद्र नारायण! दरिद्र नारायण परोसा जाता है और लक्ष्मी नारायण की पूजा की जाती है। पूरे जीवन का प्रवाह दरिद्र नारायण से लक्ष्मी नारायण तक, दुख से समृद्धि तक, जीवन में सूखेपन से दैवीय अमृत तक जा रहा है।  आदि, धन, धान्य, गज, संतान, वीर, जय और विद्या ये महालक्ष्मी के अष्ट रूप हैं। पहले इनके प्रत्येक रूप की महिमा को वर्णन करते हैं।    आदि लक्ष्मी = श्रीमद्भागवत पुराण में माँ लक्ष्मी का पहला स्वरूप कहा गया है। इन्हें मूल लक्ष्मी या महालक्ष्मी भी कहा गया है। मान्यता है कि आदि लक्ष्मी माँ ने ही सृष्टि की उत्पत्ति की है। भगवान विष्णु के साथ जगत का संचालन करती हैं। आदि लक्ष्मी की साधना से भक्त को जीवन के सर्वोच्च लक्ष्य मोक्ष की प्राप्ति होती है।  धन लक्ष्मी = माँ लक्ष्मी का दूसरा स्वरूप है। इनके एक हाथ में धन से भरा कलश है तो दूसरे में कमल का फूल है। धन लक्ष्मी की पूजा करने से आर्थिक संकट दूर होता है। कर्ज से मुक्ति मिलती है। पुराणों के अनुसार माँ लक्ष्मी ने ये रूप भगवान विष्णु को कुबेर के कर्ज से मुक्ति दिलाने के लिया था।  धान्य लक्ष्मी = यह माँ का तीसरा रूप है। संसार में धान्य या अनाज के रूप में वास करती हैं। धान्य लक्ष्मी को माँ अन्नपूर्णा का ही एक रूप माना जाता है।   गज लक्ष्मी = चतुर्थ रूप में गज लक्ष्मी हाथी के ऊपर कमल के आसन पर विराजमान हैं। माँ गज लक्ष्मी को कृषि और उर्वरता की देवी के रूप में पूजा जाता है। इनकी आराधना से संतान की प्राप्ति होती है। राजा को समृद्धि प्रदान करने के कारण इन्हें “राज लक्ष्मी“ भी कहा जाता है।  संतान लक्ष्मी = माँ के पंचम रूप को स्कंदमाता के रूप में भी जाना जाता है। इनके चार हाथ हैं तथा अपनी गोद में कुमार स्कंद को बालक रूप में लेकर बैठी हुई हैं। माना जाता है कि संतान लक्ष्मी भक्तों की रक्षा अपनी संतान के रूप में करती हैं।  वीर लक्ष्मी = माँं लक्ष्मी का यह छठवां रूप भक्तों को वीरता, ओज और साहस प्रदान करता है। वीर लक्ष्मी माँ युद्ध में विजय दिलाती है। अपने हाथों में तलवार और ढाल जैसे अस्त्र-शस्त्र धारण करती हैं।  जय लक्ष्मी =  माँ के इस रूप को विजय लक्ष्मी के नाम से भी जाना जाता है। इनकी साधना से भक्तों के जीवन के हर क्षेत्र में जय-विजय की प्राप्ति होती है। जय लक्ष्मी माँ यश, कीर्ति तथा सम्मान प्रदान करती हैं।  विद्या लक्ष्मी माँ लक्ष्मी का यह आठवां रूप विद्या लक्ष्मी है। इनका रूप ब्रह्मचारिणी देवी के जैसा है। इनकी साधना से शिक्षा के क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है। विश्व विख्यात श्री विद्या साधक एवं जन्म कुंडली विशेषज्ञ श्रीजी रमण योगी महाराज “साइंटिस्ट बाबा” के मुताबिक नारायण लक्ष्य है और लक्ष्मी जी उन तक पहुँचने का एक साधन। उन्होंने आठ प्रकार के धन या अष्ट लक्ष्मी के बारे में विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि माता महालक्ष्मी की नजर जिस तरफ पड़ेगी उस क्षेत्र का विकास होगा। महालक्ष्मी देवी का आभा मंडल आस-पास के इलाकों में अपना प्रभाव छोड़ेगा। अष्टभुजाओं का प्रकाश टेकनपुर और डबरा में तीव्र गति से विकास कराकर समृद्धि के द्वार खोलेगा। कारोबार के  साथ ही पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। जिससे लोगों को रोजगार मिलेगा। आय बढ़ने से जीवन स्तर में बदलाव आएगा और सुखद होगा।  पंडितों एवं त्योतिषाचार्यां की मानें तो ग्वालियर से 15 किलोमीटर दूर ऐंती पर्वत पर त्रेता युगीय शनि देव मंदिर है। कहा जाता है कि भगवान शनि देव उल्का पिंड के रूप में ऐंती पर्वत पर आए। जबकि गोला का मंदिर इलाके में सूर्य मंदिर स्थित है।  शनि-सूर्य की युति एक साथ होने से लोगों के जीवन पर खासा प्रभाव होता है। दोनों ही जीवन को पूर्णतः संघर्षमय बनाते हैं। जब यह युति लग्न, पंचम, नवम या दशम भाव की स्थिति में हो या फिर  दोनों में से कोई भी एक ग्रह इन भावों का कारक भी हो तो यह योग जीवन में विलंब लाता है। बेहद मेहनत के बाद समय बीत जाने पर सफलता मिलती है। क्योंकि सूर्य और शनि दोनों पिता-पुत्र होने पर भी परस्पर शत्रुता रखते हैं। वेसे भी प्रकृति की मान्यता है कि ज्ञान और अंधकार साथ मिलने पर शुभ प्रभाव अनुभूत नहीं होते हैं। ऐसे में ग्वालियर शहर में तो यह युति एक लंबे समय से बनती चली आ रही है। इस वजह से … Read more

महाशिवरात्रि के लिए फूलों से सजा महाकाल का दरबार, 750 कैमरों से रखेंगे हर आने जाने वाले पर नजर

Mahakal’s court decorated with flowers for Mahashivratri, will keep an eye on every visitor with 750 cameras महाशिवरात्रि महापर्व के पहले ही भगवान महाकाल के दरबार में फूलों से सजावट की गई है। मंदिर के मुख्य शिखर से लेकर गर्भगृह तक को फूलों से सजाया गया है। उज्जैन ! श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिवनवरात्रि पर्व पर एक भक्त ने मंदिर के नंदी हॉल, गर्भ गृह के साथ बाहर ओंकारेश्वर महादेव, नागचंद्रेश्वर महादेव मंदिर और शिखर पर भी आकर्षक फूलों से सजावट करवाई है। शिवरात्रि के पहले नौ दिवसीय पर्व के दौरान बाबा महाकाल के दरबार में साज-सज्जा कराने वाले भक्त अपनी बारी आने का इंतजार करते हैं। रात से ही मंदिर में फूलों से सजावट का काम शुरू हो गया था। वहीं, मुख्य पर्व महाशिवरात्रि पर भी देशी-विदेशी फूलों के साथ विद्युत रोशनी कर सजावट करने का काम 7 मार्च से शुरू होगा। शिवरात्रि पर 15 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना श्री महाकालेवर मंदिर में इस बार महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं के आगमन का रिकॉर्ड टूटेगा। संभावना है कि करीब 15 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचेंगे। मंदिर समिति और जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं के लिए की जा रही व्यवस्थाओं को अब अंतिम रूप दिया जा रहा है। श्रद्धालु कहां से आएंगे और कहां से जाएंगे, इसके लिए रूट प्लान जारी कर दिया गया है। कुछ दिनों पहले ही प्रशासनिक अधिकारियों ने पार्किंग स्थल से महाकाल मंदिर तक व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। बाबा के दर्शन के लिए जगह-जगह लगेगी मेगा स्क्रीन श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था के लिए लगाए गए बैरिकेड के साथ ही कुछ स्थानों पर मंच बनाए जाएंगे। यहां भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। सामान्य दर्शनार्थियों के प्रवेश द्वार पर मेगा स्क्रीन लगाई जाएगी, जिससे श्रद्धालु स्क्रीन पर भी बाबा महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। इस बार सामान्य दर्शनार्थियों को महाकाल महालोक के मानसरोवर भवन से फैसेलिटी सेंटर से कार्तिकेय मंडपम से दर्शन कराएंगे। कैमरों के साथ ड्रोन से भी रखी जाएगी नजर दर्शनार्थियों की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था के लिए मंदिर समिति और प्रशासन की ओर से करीब 750 सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से नजर रखी जाएगी। मंदिर समिति के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया कि मंदिर समिति और प्रशासन की ओर से लगने वाले करीब 750 सीसीटीवी कैमरों से पार्किंग स्थल से मंदिर तक नजर रखी जाएगी। भीड़ वाले क्षेत्र में ड्रोन कैमरे लगेंगे। सभी कैमरे मंदिर के श्री महाकाल लोक और फैसेलिटी सेंटर स्थित कंट्रोल रूम से अटैच रहेंगे। यहां पर मंदिर समिति व पुलिस और प्रशासन के अधिकारी नजर रख सकेंगे।

हमारी सरकार बनने पर पास करेंगे भूमि अधिग्रहण बिल ,राहुल गांधी

Rahul Gandhi will pass land acquisition bill if our government is formed कांग्रेस नेता राहुल गांधी से बुधनी-इंदौर रेलवे लाइन के लिए अपनी जमीन अधिग्रहित करवा रहे किसान भी मिले। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि हमारी सरकार बनी तो भूमि अधिग्रहण बिल पास करेंगे। उज्जैन। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को इंगोरिया से अपना रोड शो प्रारंभ करने के पहले कार्यकर्ताओं और कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक की। इस दौरान उनसे बुधनी-इंदौर रेलवे लाइन के लिए अपनी जमीन अधिग्रहित करवा रहे किसान भी मिले। मुआवजे संबंधी समस्या बताई। इस पर राहुल ने मौजूद कार्यकर्ताओं से कहा कि किसानों पर होने वाले अत्याचार के खिलाफ न्याय योद्धा बनें। हमारी सरकार बनी तो भूमि अधिग्रहण बिल पास करेंगे। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार जबरदस्ती फसलों पर बुलडोजर चलवा रही है। 3 घंटे देरी से प्रारंभ हुआ रोड शोराहुल गांधी का रोड शो तय कार्यक्रम से करीब तीन घंटे देरी से प्रारंभ हुआ। 11 बजकर 50 मिनट पर राहुल गांधी के काफिले से पहले डोम से बाहर उनके साथ चल रहे चार बड़े कंटेनर निकले। इसके बाद बड़नगर की ओर रवाना हुए।

धार के बदनावर में बोले राहुल गांधी- आप वनवासी नहीं हिंदुस्तान के असली मालिक हैं

Rahul Gandhi said in Badnawar of Dhar – You are not a forest dweller but the real owner of India. धार जिले के बदनावर में हुई जनसभा में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी शामिल हुए। धार। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ो में यात्रा बुधवार को धार जिले के बदनावर तहसील में पहुंची। यहां पर राहुल गांधी ने उद्योगपति, युवा बेरोजगारी और जाति जनगणना के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और मोदी पर निशाना साधा। राहुल के स्वागत को लेकर कांग्रेस में खासा उत्साह देखा गया। सुरक्षा के मद्देनजर बदनावर नगर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। गांधी ने सभा में 16 मिनट का भाषण दिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा की विचारधारा गरीब और दलितों को अपमान करने की हैं। भाजपा ने आदिवासियों को वनवासी कहना शुरू कर दिया। जो व्यक्ति जमीन का सबसे पहला मालिक था। वे आपको आदिवासी नहीं कहना चाहते हैं। यदि वे आपको आदिवासी कहेंगे तो आपको जल, जंगल और जमीन का हक देना पड़ेगा। वनवासी का मतलब वो लोग जो जंगल में रहते हैं। आदिवासी, वनवासी नहीं है जबकि हिंदुस्तान के ओरिजनल मालिक हो। हमने ट्राइबल बिल, जमीन हक, पैसा कानून और जंगल में हक दिया। क्योंकि हम आपको आदिवासी मानते हैं। भाजपा का कहना है कि आप वनवासी है। हम आपको ना जल, जंगल और जमीन देंगे। मध्य प्रदेश में 24 प्रतिशत हैं और देश में आठ प्रतिशत हैं, लेकिन हिंदुस्तान की सबसे बड़ी कंपनियों के मालिकों की लिस्ट निकालें। 200 मालिकों में से आपको एक भी आदिवासी मालिक नहीं मिलेंगे। यदि हमारी सरकार बनती है तो जाति जनगणना और किसानों की फसल पर एमएसपी लागू करेंगे। इसके लिए कानून भी बनाएगे। नोटबंदी और जीएसटी से बंद हुए छोटे व्यापार उन्होंने कहा कि आप अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल कालेज को फीस टाइम पर जमा करते हैं, लेकिन रोजगार मिलने का टाइम आता है तो कहते हैं कि रोजगार नहीं हैं। नोटबंदी के कारण छोटे बिजनेस बंद हो गए। देष में पूरा काम दो-तीन अरबपतियों के लिए हो रहा है। यदि सब कुछ बदलना हैं तो देष में जाति जनगणना की जाना चाहिए। जनगणना, हरित क्रांति और सफेद क्रांति जितना बड़ा कदम हैं। हम चाहते हैं कि इस देश में सामाजिक, आर्थिक और किसानों के साथ न्याय हो।कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी शामिल हुए। उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विकास नहीं चाहते हैं। वो ईडी और सीबीआई से कांग्रेस को कुचलते हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे ने कहा कि भाजपा के नेता जब भी भाषण देते हैं, कांग्रेस के बारे में उल्टा-सीधा बोलते हैं। कुछ दिन पहले शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राहुल गांधी जी और खरगे मिलकर कांग्रेस को खत्म करने के लिए काम कर रहे हैं। लेकिन सवाल ये उठता है कि भाजपा ने शिवराज सिंह चौहान को सत्ता से क्यों निकाल दिया? देश में 45 साल में आज सबसे ज्यादा बेरोजगारी है। महंगाई बढ़ गई है- ये सब मोदी जी के जमाने में हुआ। पीएम मोदी नहीं चाहते कि देश में अमीर और गरीब के बीच की खाई खत्म हो जाए। मोदी जी की मंशा है कि अमीर और अमीर हो जाए, गरीब और गरीब हो जाए।

हमीदिया अस्पताल को रोबोटिक सर्जरी के लिए किया जा रहा तैयार

Hamidia Hospital is being prepared for robotic surgery भोपाल ! इस साल के अंत तक हमीदिया अस्पताल में रोबोटिक्स तकनीक से घुटने और कूल्हे के आपरेशन शुरू करने की तैयारी। राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल में जल्द ही घुटने और कूल्हे (नी एंड हिप रिप्लेसमेंट) की रोबोटिक सर्जरी को शुरु करने की तैयारियों में जुट गया है। अब तक सिर्फ प्रदेश के निजी अस्पतालों में नी और हिप की सर्जरी होती है। प्रदेश के एम्स को छोड़ किसी सरकारी अस्पताल में यह सुविधा पहली बार शुरू होने जा रही है। रिप्लेसमेंट के लिए इसकी शुरुआत दिसंबर 2024 तक की जाएगी, जिसकी कार्ययोजना काम किया जा रहा है। विभाग के अधिकारियों की मानें तो साल के अंत तक इसकी सुविधा सर्जरी वाले मरीजों को मिलना भी शुरू हो जाएगी। गांधी मेडिकल कालेज से मिली जानकारी के अनुसार इसके लिए बेंगलुरु की एक निजी कंपनी से अस्पताल के विशेषज्ञ संपर्क में भी हैं। क्या है रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट रोबोटिक सर्जरी कंप्यूटराइज्ड डिवाइस से की जाएगी, जो चिकित्सक के सहयोगी के रूप में काम करेगी। इसमें सर्जरी के दौरान चिकित्सक रोबोटिक सेटअप का रिमोट हाथ में पहनते हैं। इसमें लगे कैमरे और सेंसर रोबोट घुटने के सारे मूवमेंट और स्थिति को नोट कर उसकी थ्रीडी इमेज तैयार करते हैं। थ्रीडी इमेज के हिसाब से रोबोट सर्जरी का सटीक प्लान तैयार करता है। वह चिकित्सक को बताता है कि हड्डी कितनी खराब है, कितनी और किस जगह से काटने पर क्या परिणाम आ सकते हैं। आपरेशन एक विशेष कंसोल में बैठा सर्जन आपरेशन का काम संभालता है। सर्जन को आपरेशन करने वाली जगह का एक बड़ा 360 डिग्री दृश्य दिखता है। इसके अलावा साथ खड़ा चिकित्सक इस बात की जानकारी देता है कि उपकरण सही जगह पर जाकर अपना काम कर रहा है। रिप्लेसमेंट के तीन दिन बाद अस्पताल से मिलेगी छुट्टी अब तक यह सारे आकलन चिकित्सक अपने विवेक और अनुभव के आधार पर करते थे। अब चिकित्सक के पास सटीक आकलन और प्लान होगा। इससे सर्जरी काफी आसान हो जाएगी। यही नहीं, रोबोटिक सर्जरी में इंप्लांट की उम्र 10 साल तक बढ़ जाती है और सर्जरी फेल होने का खतरा न के बराबर होता है। यह सर्जरी इतनी सटीक होती है कि रिप्लेसमेंट के तीन दिन बाद ही मरीज को डिस्चार्ज कर दिया जाता है। इनका कहना हैरोबोटिक सर्जरी को लेकर काम काफी समय से चल रहा है। इसके पूर्व में भी इस सर्जरी के लिए डेमों विशेषज्ञों के सामने हो चुका है। वर्ष 2024 के अंत तक में इसकी शुरुआत करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार हो सकेगा। इतना ही नहीं तकनीकी को बढ़ाने के लिए हम लगातार प्रयासरत हैं, बाहर के विशेषज्ञों से इसे लेकर लगातार संपर्क में हैं, जिससे इसकी सफलता की जानकारी दी जा सके।

भाजपा ने रवाना किए प्रचार रथ ,संकल्प पत्र में शामिल किए जाएंगे जनता के सुझाव

BJP launches campaign chariot, public suggestions will be included in the resolution letter भाजपा ने लोकसभा चुनाव के प्रचार-प्रसार के लिए प्रचार रथों को रवाना किया है। ये रथ मध्य प्रदेश की सभी 29 लोकसभा क्षेत्रों में पहुंचेंगे। भोपाल। भारतीय जनता पार्टी जनता के सुझावों को संकल्प पत्र में शामिल करेगी। इसके लिए पार्टी के प्रदेश कार्यालय से मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद सभी 29 लोकसभा क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार के लिए एलईडी रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर डा.यादव ने कहा कि भाजपा सबका साथ, सबका विकास की अवधारणा पर काम करती है। एलईडी रथों के माध्यम से सभी लोकसभा क्षेत्रों में जनता के साथ जुड़कर सुझाव लिए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में तीसरी बार फिर सरकार बनने जा रही है। चारों एक ही नारा सुनाई दे रहा है अबकी बार 400 पार। दो-दो एलईडी रथ जाएंगेसीएम यादव ने कहा कि प्रत्येक लोकसभा क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार के लिए दो-दो एलईडी रथ जाएंगे। सुझाव पेटियों के साथ-साथ हम जागृति रथ भी निकालेंगे। निश्चित विजय हमारे सामने है, लेकिन हम जनता के साथ खड़े होना चाहते हैं। इन रथों के माध्यम से लोकसभा क्षेत्रों में केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को बताया जाएगा। एमपी के मन में मोदी और मोदी के मन में एमपी’ ने पिछले विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता ने प्रचंड बहुमत से हमारी सरकार बनाई। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में देश की दशा और दिशा पूरी तरह से बदल गई है। विपक्ष ने कई हथकंडे और षड्यंत्र किए, लेकिन आर्थिक व्यवस्था हो, विकास के पैमाने, मानवीय संवेदना की बात हो या फिर कोविड का कठिन काल, हर चुनौतियों में प्रधानमंत्री ने अपने नेतृत्व को सफल सिद्ध किया है। जाति आधारित गणना पर बोले रामेश्वर शर्माउधर, कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा में भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने राहुल गांधी के देश में जाति आधारित गणना की मांग को लेकर कहा कि राहुल गांधी को भी अपनी जाति बतानी होगी। हम लोग सनातन प्रवृत्ति के हैं और हिंदू समाज में वर्ग-जाति का कोई उल्लेख नहीं होता है। राहुल गांधी अगर आपने जाति पूछना शूरू कर दी तो पहले आपको बताना पड़ेगा कि फिरोज खान का नाम किस जाति का है। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के लोकसभा चुनाव में 10 से 12 सीटें कांग्रेस के जीतने के दावे पर कहा कि दस में से आगे का एक गायब हो जाएगा और कांग्रेस शून्य पर आ जाएगी। मैं तो यही प्रार्थना करूंगा कि कमल नाथ जी इस आयु में चुनाव हारने का झटका न खाएं।

उत्तर भोपाल की हार ने तय किया आलोक शर्मा का भोपाल लोकसभा सीट से टिकट

The defeat of North Bhopal decided Alok Sharma’s ticket from Bhopal Lok Sabha seat! प्रधानमंत्री मोदी की नाराजगी प्रज्ञा ठाकुर पर पड़ी महात्मा गांधी और नाथूराम गोडसे के बयान ले डूबे प्रज्ञा का टिकट सांसद रहते हुए भोपाल को नहीं दे सकीं कोई खास उपलब्धियां अक्सर विवादों में रहीं भेापाल। कांग्रेस अगर कोई खास चमत्कार नहीं कर पाई तो संभवत: भोपाल लोकसभा सीट से आलोक शर्मा का संसद में पहुंचना तय माना जा रहा है। वजह है भोपाल सीट का भाजपा के गढ़ के रूप में तब्दील हो जाना। सूत्र बताते हैं कि आलोक शर्मा उत्तर भोपाल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए तैयार नहीं थे। उत्तर भोपाल मुस्लिम बाहुल्य होने के कारण कांग्रेस खासकर अकील परिवार का गढ़ बन चुकी है। भाजपा का कोई दांव यहां नही चलता। पहले भी आलोक यहां से चुनाव हार चुके थे। बाद में वे इसी शर्त पर भोपाल उत्तर से विधानसभा का चुनाव लड़े कि यदि वे पराजित हुए तो इस बार भोपाल लोकसभा सीट से उनके नाम की सिफारिश की जाएगी। बताते हैं कि आलोक को यह भरोसा तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने दिलाया था। इस तरह विधानसभा चुनाव के दौरान ही भोपाल सीट से आलोक का चुनाव लड़ना लगभग तय हो गया था। आलोक के सामने अब आलोक का ही रिकार्ड तोड़ने की चुनौती है। जी हां, हम बात कर रहे हैं पूर्व सांसद आलोक संजर की। भोपाल सीट से उनके नाम ही सर्वाधिक मतों से जीतने का रिकार्ड दर्ज है। गांधी और गोडसे के बयान ले डूबे टिकटसाध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने पिछले चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को बड़े अंतर से हराया था। बावजूद इसके इस बार उनका टिकट कटने की संभावना थी। वजह थे उनके बयान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उनसे नाराजगी। साध्वी प्रज्ञा द्वारा महात्मा गांधी और नाथूराम गोडसे को लेकर दिए गए एक बयान पर प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक तौर पर नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि इस बयान के लिए वे प्रज्ञा ठाकुर को कभी माफ नहीं कर पाएंगे। उनके कुछ अन्य बयान भी विवादों में रहे थे। इसकी वजह से प्रज्ञा ठाकुर का टिकट कटना लगभग तय था। इसी संभावना के आधार पर ही आलोक शर्मा को भोपाल लोकसभा सीट से टिकट की सिफािरश का आश्वासन दिया गया था। शिवराज, वीडी, उमा जैसे दिग्गज दावेदारों का नहीं चला जोरभेापाल लोकसभा सीट से भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के नाम चल रहे थे। कहा जा रहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती भी यहां से दावेदार हैं। भोपाल जिलाध्यक्ष सुमित पचौरी सहित कई अन्य स्थानीय नेता तो कतार में थे ही। आलोक, विधानसभा का चुनाव हार चुके थे, इसलिए दावेदारों में उनका नाम चलाया ही नहीं जा रहा था। पर बाजी उनके हाथ ही लगी। पार्टी नेताओं ने उन्हें दिया आश्वासन पूरा किया। आलोक को टिकट दिलाने में सबसे बड़ी भूमिका शिवराज सिंह चौहान की ही बताई जा रही है। आलोक प्रारंभ से उनके निकटस्थ हैं। आलोक संजर के नाम 3 लाख 71 हजार मतों से जीत का रिकार्डभोपाल लोकसभा सीट से लगातार भाजपा जीत दर्ज कर रही है, लेकिन सबसे ज्यादा लगभग 3 लाख 71 हजार मतों से जीत का रिकार्ड आलोक संजर के नाम दर्ज है। संजर ने भोपाल में कांग्रेस के लोकप्रिय नेता पीसी शर्मा को हराया था। इसलिए आलोक के सामने आलोक का ही रिकार्ड तोड़ने की चुनौती है। आलोक शर्मा भोपाल के महापौर रहे हैं और शहर के ही रहने वाले हैं। इस नाते वे यहां की नब्ज से परिचित हैं। इसके अलावा वे भाजपा के दो बार जिलाध्यक्ष रहे हैं, इसकी वजह से भोपाल का हर कार्यकर्ता उन्हें जानता है और संगठन में भी उनकी पकड़ अच्छी है। लिहाजा, आलोक से जीत का नया रिकार्ड बनाने की उम्मीद की जा रही है। टिकट घोषित होने से पहले शुरू कर चुके थे प्रचारआलोक को टिकट मिलने का पहले से अहसास था, संभवत: इसीलिए उन्होंने विधानसभा चुनाव के बाद से ही लोकसभा क्षेत्र में प्रचार शुरू कर दिया था। वे खुद को प्रत्याशी तो नहीं बात रहे थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों को लेकर लोगों के पास घर-घर जा रहे थे। भगवान राम को लेकर वे मोदी का संदेश में भी लोगों तक पहुंचा रहे थे। कांग्रेस ने अब तक अपना प्रत्याशी घाेषित नहीं किया है। इसलिए भी आलोक के सामने बढ़त लेने का मौका है।

भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन के दूसरे फेज की प्रक्रिया शुरू

Process for second phase of Bhopal Metro’s Orange Line begins मुख्यमंत्री के भूमि पूजन के बाद भोपाल मेट्रो कंपनी शुरू करेगी प्रक्रिया सुभाष नगर से करोंद तक 8.77 किलोमीटर लंबा ट्रैक बिछेगा, जिसमें अंडर ग्राउंड ट्रैक और दो स्टेशन भी रहेंगे भोपाल। भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन के दूसरे फेज सुभाष नगर से करोंद तक 8.77 किलोमीटर लाइन बिछाने के काम की प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो रही है। इस पर कुल 1540 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस फेज की में भी पहले फेज की तरह 8 स्टेशन बनेंगे। 3.39 किलोमीटर रूट अंडर ग्राउंड होगा और इसी में 2 मेट्रो स्टेशन भी रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इसफेस का वर्चुअली भूमिपूजन मंगलवार को किया। मेट्रो की ऑरेंज लाइन एम्स से करोंद तक बिद रही है। यह रूट कुल 14.99 किलोमीटर लंबा है। इसमें सुभाष नगर से एम्स के बीच 6.22 किलोमीटर का प्रायोरिटी कॉरिडोर है। 8 में से 5 स्टेशनों के बीच अक्टूबर 2023 में ट्रायल रन होने के बाद अब कमर्शियल रन की तैयारी है। जबकि मई जून में कमर्शियल रन का लक्ष्य लेकर मेट्रो कंपनी लेकर चल रही है। इसलिए 3 स्टेशन डीआरएम ऑफिस के साथ एम्स और अलकापुरी तक काम तेजी से चल रहा है। वहीं डीआरएम ऑफिस तिराहे पर स्टील ब्रिज बनाने का काम काफी तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही अब सुभाष नगर से करोंद तक के रूट को लेकर भी काम शुरू हो रहा है। कुल 8.77 किलोमीटर के लिए टेंडर प्रोसेस होने के बाद भूमिपूजन किया गया। दो फेज में काम होगा। साढ़े 3 साल में काम पूरा करने का टारगेट रहेगा। इसी अवधि में स्टेशन और ट्रैक बिछाया जाएगा। इन 6 जगहों पर बनेंगे मेट्रो स्टेशनपुल बोगदा, ऐशबाग, सिंधी कॉलोनी, डीआईजी बंगला, कृषि उपज मंडी करोंद। वहीं 3.39 किलोमीटर रूट अंडरग्राउंड होगा। इसमें 2 मेट्रो स्टेशन भोपाल रेलवे स्टेशन व नादरा बस स्टैंड भी रहेंगे। यह काम अलग कंपनी करेगी। अंडरग्राउंड रूट के लिए टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड पहले ही खुल चुकी है। यह पूरा काम 890 करोड़ रुपए में होगा। इसकी प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। काम शुरू होने के बाद साढ़े 3 साल में पूरा करने का टारगेट रहेगा। मेट्रो की दोनों लाइन का यह अकेला अंडरग्राउंड हिस्सा रहेगा।यहां से अंडरग्राउंड गुजरेगी मेट्रोसुरंगें सिंधी कॉलोनी व ऐशबाग क्रॉसिंग से होती हुई भोपाल स्टेशन और नादरा बस स्टैंड को स्टेशनों के माध्यम से जोड़ेगी।

विधायक रामेश्वर शर्मा का घर हुआ “मोदी का परिवार”MLA Rameshwar

Sharma’s house became “Modi’s family” कार्यालय और आवास की दीवारों “मैं हूँ मोदी का परिवार” के पोस्टर लगवाए अपने खानदान को देश मानने वाले परिवारवादियों को मोदी से पीढ़ा होना स्वाभाविक है। – रामेश्वर शर्मा भोपाल। अपने नवाचार, रचनात्मकता और कलपज्ञ बुद्धि के लिए प्रसिद्ध भोपाल की हुजूर विधानसभा के विधायक रामेश्वर शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। एक ओर जहां लालू प्रसाद यादव के मोदी के परिवार पर टिप्पणी के बाद मोदी समर्थकों ने अपनी सोशल मीडिया पर नाम के साथ मोदी का परिवार लिखा तो वहीं दूसरी ओर विधायक रामेश्वर शर्मा ने अपनी सोशल मीडिया पर नाम परिवर्तन के साथ ही रचनात्मक बुद्धि का परिचय देते हुए एक और नवाचार किया है। श्री शर्मा ने मालवीय नगर स्थित अपने कार्यालय ‘युवा सदन’ एवं अपने पत्रकार कॉलोनी स्थित निवास के बाहर “मैं हूँ मोदी का परिवार” का पोस्टर लगवाया है। जो कि तिराहे से आवागमन करने वाले के आकर्षण का केन्द्र बन रहा है। विधायक रामेश्वर शर्मा का यह नवाचार लोगों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है। राहगीर यहां रुककर पोस्टर के साथ अपनी सेल्फी ले रहे हैं।पोस्टर कैंपेन से सुर्खियों में आए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – जिन्होंने अपने परिवार को ही देश मानकर परिवार पोषण के लिए देश को ताक पर रख दिया था, आज उन्हें संपूर्ण देश को अपना परिवार मानने वाले मोदी जी से दिक्कत होना तय है। मोदी जी के कारण उनकी परिवारवादी राजनीति का खात्मा हो रहा है, भ्रष्टाचार में डूबे परिवारों की दुकान बंद हो गई है, इसलिए वह बौखला गए हैं। और मोदी जी के परिवार पर सवाल उठा रहे हैं। लेकिन कल से आज तक पूरा देश देख रहा है कि मोदी का परिवार कितना बड़ा है। देश का हर जवान, किसान, महिलाओं और बुजुर्गों ने सामूहिकता के साथ दिखा दिया कि मोदी जी अकेले नहीं है। यह देश उनका परिवार है। जिस तरह मोदी जी अपने परिवार की सेवा के लिए दिनरात परिश्रम पर उन्हें सुविधा दिलाते हैं, उसी तरह देशवासी भी मोदी जी के हाथ मजबूत करने के लिए तन-मन-प्राण से खड़े हैं। इसी का परिणाम है कि आज मोदी का परिवार बढ़ता जा रहा है और परिवारवादियों का सफाया होता जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि – मोदी जी के परिवार ने ठान लिया है कि इस बार मोदी जी को 400 पार का आशीर्वाद देना है।

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