आर पी एफ ने रेल्वे स्टेशन पर चलाया जन जागरूकता अभियान
RPF launched public awareness campaign at railway station
RPF launched public awareness campaign at railway station
PM Modi has become arrogant, declared himself God, Arvind Kejriwal attacked the Prime Minister आम आदमी पार्टी (आप) चीफ अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पीएम मोदी मुद्दों की बात नहीं कर रहे हैं. वह पिछले दो महीने से इधर-उधर की बातें कर रहे हैं. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अहंकार हो गया है. इन दिनों उन्होंने खुद को भगवान घोषित कर दिया है. जब केजरीवाल से सवाल किया गया कि उन्होंने इंडिया गठबंधन के लिए चुनाव प्रचार किया है. क्या इसका कोई फायदा होगा. इस पर उन्होंने कहा कि गीता में लिखा है कि कर्म करना चाहिए, फल की चिंता नहीं करनी चाहिए. मैंने चुनाव प्रचार किया है. उसका रिस्पांस बहुत अच्छा रहा है. दिल्ली सीएम ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी महंगाई पर बात नहीं कर रहे हैं. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी को लेकर जनता में रोष है. लोग महंगाई और बेरोजगारी को लेकर बहुत त्रस्त हैं. बीजेपी से लोगों का मोहभंग हो गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन मुद्दों पर बात नहीं की है, बल्कि दो महीने से वह इधर-उधर की बात कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में शरद पवार को भटकती आत्मा कहते हैं तो उद्धव ठाकरे को बाला साहेब ठाकरे की नकली संतान बताते हैं. क्या जनता उनको इन मुद्दों पर वोट देगी. पीएम मोदी को हो गया है अहंकार: केजरीवाल केजरीवाल ने पीएम को निशाने पर लेते हुए कहा कि उनमें अहंकार देखने को मिल रहा है. आम आदमी पार्टी (आप) मुखिया केजरीवाल ने कहा कि पीएम मोदी को इन दिनों अहंकार हो गया है. वह कह रहे हैं कि वह अपनी मां के कोख से पैदा नहीं हुए हैं, बल्कि भगवान के अवतार हैं. वह अपने आप को भगवान को घोषित कर चुके हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में खुद को प्रधान सेवक बताया, फिर 2019 में खुद को चौकीदार कहा और अब 2024 में खुद को भगवान घोषित कर दिया है. अमित शाह की धमकी का जवाब देगी जनता: अरविंद केजरीवाल आप चीफ से पूछा गया कि पंजाब में इस बात को लेकर चर्चा चल रही है कि भगवंत मान की जगह राघव चड्ढा को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा? इस सवाल के जवाब में केजरीवाल ने कहा कि इस तरह की बातें गृह मंत्री अमित शाह कह रहे हैं. उन्होंने पंजाब में जाकर कहा कि 4 जून को सरकार गिरा दूंगा और भगवंत मान को मुख्यमंत्री पद से हटा दूंगा. क्या आप सोच सकते हैं कि 75 साल में किसी गृह मंत्री ने इस तरह का गुंडागर्दी वाला बयान दिया हो. अमित शाह की धमकी जवाब जनता 1 जून को देगी.
More than 7 thousand posts are lying vacant in the forest department including 112 IFS. भोपाल। राज्य के वन विभाग में 112 आईएफएस सहित लम्बे समय से 7 हजार 417 पद रिक्त पड़े हुये हैं। यहीं नहीं आईएफएस का तो प्रशासनिक ढांचा ही ध्वस्त हो चुका है। पदोन्नति के लिए सेवा शर्ते पूरी नहीं होने की वजह से पीसीसीएफ, एपीपीसीसीएफ और सीसीएफ के पद पर आईएफएस पद रिक्त होने के बाद भी प्रमोट नहीं हो पा रहें है।वन मुख्यालय द्वारा राज्य शासन को भेजी गई जानकारी के अनुसार, इन कुल रिक्त पदों में से आईएफएस के 112 और सहायक वन संरक्षक के 191 पद रिक्त है। मुख्यालय में हालात यह है कि सीनियर आईएफएस अधिकारियों को तीन से लेकर 4 शाखाओं का प्रभार संभालना पड़ रहा है। इसके कारण कुछ अफसरों के बीच अहं के टकराव की खबरें भी सुनने को मिलती है। कमोवेश यही हालत फील्ड के पदों की भी है। सीसीएफ के पद पर सीएफ काम रहें हैं और उन्हें भी एक से अधिक जिम्मेदारियां संभालनी पड़ रही है। सहायक वन संरक्षकों और रेंजर के पद खाली होने की वजह से उन्हें भी अतिरिक्त जिम्मेदारियां संभालनी पड़ रही है। ऐसी आपदा में स्थिति में सीनियर अफसरों ने अपने लिए अवसर में तब्दील कर लिया हैं। यानि कार्य बंटवारे के नाम पर चहेतों को उपकृत कर रहे हैं। सीएफ और डीएफओ ऑफिस में भी पद रिक्तसीएफ और डीएफओ ऑफिस में भी लंबे समय से पद रिक्त है। इसमें राजपत्रित अधिकारियों के 9, वन क्षेत्रपाल के 496, उप वन क्षेत्रपाल के 855, वन पाल के 2081, वन रक्षक के 2124, लिपिकीय अमले के 1010, अन्य श्रेणी जिसमें वाहन चालक, स्टेनो, ड्राफ्ट्समेन, महावत शामिल हैं-के 398 तथा चतुर्थ श्रेणी के 453 पद शामिल हैं जोकि रिक्त पड़े हुये हैं। इससे वन एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा एवं संरक्षण पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।उल्लेखनीय है कि वन विभाग में स्वीकृत पदों की कुल संख्या 25 हजार 363 है जिसमें से 17 हजार 946 पदों पर व्यक्ति पदस्थ हैं। आईएफएस कैडर का प्रशासनिक ढांचा ध्वस्तआईएफएस अफसर का प्रशासनिक ध्वस्त हो चुका है। इसे दुरुस्त करने के लिए विभाग के मुखिया से लेकर आईएफएस एसोसिएशन के पदाधिकारी को एक्सरसाइज करने की फुर्सत ही नहीं है। ढांचे को सुधारने के लिए जिम्मेदार वरिष्ठ अफसर बस पद पर बैठकर अपने रिटायरमेंट की गिनती गिन रहें है। जबकि कैडर रिव्यू का मामला अभी लंबित है। मुख्यालय से लेकर फील्ड में कई पद ऐसे हैं जिसमें समाप्त किया जा सकता है। वन मंडलों को भी समाप्त कर एक किया जा सकता है पर यह एक्सरसाइज कौन करे?
Maharajpur police station took action against the manufacture of liquor. थाना महाराजपुर को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम मानादेही के नर्मदा नदी के किनारे कुछ लोग अवैध रूप से शराब बिक्री करने के लिये बनाने एवं प्लास्टिक के डिब्बो मे महुआ का लाहन बडी़ मात्रा मे रखे हुये है। उक्त सूचना पर अनुविभागीय अधिकारी पुलिस मंडला के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक ममता परस्ते द्वारा थाना महाराजपुर से टीम को सूचना को वेरिफाई करने हेतु भजे गये टीम द्वारा प्राप्त सूचना के आधार पर बताये स्थान पर घेराबंदी कर रेड कार्यवाही की रेड के दौरान नर्मदा नदी के किनारे आरोपी अमर लाल उर्फ मिनकू उईके पिता रामा उईके उम्र 48 वर्ष निवासी ग्राम मानादेही थाना महाराजपुर से 03 नग प्लास्टिक की सफेद केन 15-15 लीटर की एवं एक सफेद कलर की बोरी में 05-05 लीटर की 03 जरिकेन तथा एक सफेद नीले पीले रंग के थैला में हरे कलर की 5-5 लीटर की जरिकेन 02 नग की रखे मिला जिसमें सभी में हाथ भट्टी कच्ची महुआ की शराब करीबन 70 लीटर कीमती 10500/- रुपये की भरी हुई मिली जो बिक्री करने मे फिराक में था जिसे घेराबंदी कर पकडा समक्ष गवाहन के जप्त कर कब्जा पुलिस में लिया गया। तथा नर्मदा किनारे दुरुगघाट में आरोपी अंकित पिता देवी सिंह मलगाम उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम मानादेही के कब्जे से 15 लीटर के सफेद रंग के 190 नग डिब्बे जिनमे 2850 लीटर महुआ लाहन से भरे मिले जिसकी अनुमानित कीमत 1,42,000 रूपये का तथा हरे रंग की 05-05 लीटर की 04 जरिकेन में 20 लीटर कच्ची शराब भरी मिली जिसे गवाहों के समक्ष जप्त कर कब्जा पुलिस में लिया गया। आरोपियो के विरुध्द धारा 34(2) आबकारी एक्ट व धारा 34ए, एफ आबकारी एक्ट का पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया। विशेष भूमिका – उक्त कार्यवाही थाना प्रभारी निरीक्षक ममता परस्ते के नेतृत्व में की गयी जिसमें उपनिरी. कुँवर बिसेन, उनि. भूपेन्द्र अहिरवार, उनि. जीतेन्द्र यादव, उनि. योगेन्द्र चौहान, सुनील अनिल बिसेन, प्र.आर. रोशन नेगी, विक्रम गौठरिया, संजय बाजपेयी, आर, प्रियांश, शिवा सेमिनर, तोप सिंह सल्लम, मनोहर धुर्वे अन्य स्टाफ भी शामिल रहें।
Memorandum submitted to SDM demanding making law on MRP अम्बाह ! अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत जिला मुरैना द्वारा एमआरपी पर कानून बनाने की मांग को लेकर एसडीएम को ज्ञापन दिया जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र सोनी ने बताया कि देश में पैकिंग की गई खाद्य वस्तुओं पर अधिकतम खुदरा मूल्य यानी एमआरपी बहुत अधिक प्रिंट रहती है जिससे निर्माता की मनमानी साफ दिखाई देती है, कई बार मोलभाव करने पर दुकानदार प्रिंट रेट से अधिक कीमत में भी सामान दे देते हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि सामग्री पर छपा मूल्य कई गुना ज्यादा होता है। उन्होंने कहा की सरकार को एमआरपी के सीमा तय करना चाहिए जिससे ग्राहकों का आर्थिक शोषण रुके अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत संगठन 1974 से देश भर में गैर लाभकारी संगठन के रूप में काम कर रहा है ज्ञापन में जिला उपाध्यक्ष जितेन्द्र सोनी एवं जिला मीडिया प्रभारी ओमकार सिंह तोमर जिला सहमीडिया प्रभारी अपनेश तोमर, मनोहर सिंह, शैलेंद्र कुमार, महावीर सिंह, लोकेंद्र सिंह एवं अन्य साथी उपस्थित रहे।
Karim Prem of Kent MLA Ashok Rohani आज रांझी थाना में विधायक अशोक रोहाणी ने धरना दिया , जनता को जानकारी दी गई की एक अनुसूचित जनजाति के युवक जो कि विधायक जी के करीबी हैं और रांझी भाजपा मंडल के पद अधिकारी हैं , को पुलिस कर्मियों ने वेरिफिकेशन के लिए जाने पर बहस होने के कारण मारा पीटा ।प्रथम दृष्टया मामला गड़बड़ दिखता है । जिस पर विधायक जी ने चंद एक भाजपा नेताओं के साथ मिलकर धरना प्रदर्शन किया और पुलिस कप्तान जबलपुर को दबाव डालकर लाइन हाजिर करवा दिया। मुझे जानकारी प्राप्त होने पर जब पीड़ित की कुशल क्षेम जानने के लिए शाम को युवा क्रांति की टीम थाने पहुंची तोमामला बिलकुल फर्जी बना हुआ स्पष्ट प्रतीत होता है ।भाजपा पद अधिकारी एक यूसुफ नामक व्यक्ति को लेकर वेरिफिकेशन के लिए जाते हैं और जांच अधिकारी जांच में पाता है की वेरिफाई करके दोबारा जारी करने लाया गया दस्तावेज (जो की में यह पोस्ट कर रहा हूं ) फर्जी है तो अधिकारी दस्तावेज जब्त कर के आवेदक को रुकने बोलता है , फर्जी आवेदक भागकर भाजपा नेता को लेकर अंदर आता है ।जो की स्टाफ से हाथा पाई कर के यह दस्तावेज छीनने के लिए झपटता है , परंतु सफल नहीं होता है ।तब गुस्से में बाहर जाकर थाना परिसर में हाथापाई होने से चोटिल होता है ।जिसके साथ फर्जी दस्तावेज आवेदक यूसुफ के समर्थन में केंट विधायक जी ने थाना परिसर में धरना प्रदर्शन करके उल्टा पुलिस कर्मियों को लाइन अटैच करवा दिया । इस सम्पूर्ण वारदात का प्रमाणित वीडियो जो की सूचना के अधिकार मे रॉंझी थाना से मिल रहा है , कल मैं स्वयं पोस्ट करूंगा । मेरा प्रश्न रांझी थाना प्रभारी और पुलिस कप्तान जबलपुर से है की क्या पुलिस इतनी कमज़ोर हो गई की जाली दस्तावेज बनाने वाले यूसुफ के दबाव में पुलिस कर्मचारी सस्पेंड किए जावेंगे । रांझी थाना का स्टाफ विधायक कि अन्यायपूर्ण कार्यवाही से घोर निराशा में है , यदी कोई निराश होकर आत्मघाती कदम उठाता है , तो केंट विधायक अशोक रोहाणी जिम्मेदार होंगे ।युवा क्रांति रांझी की जनता को लेकर निर्दोष पुलिस कर्मियों के समर्थन में शीघ्र जन आंदोलन करेगी । इस मामले की एक लाख कॉपीज बनाकर जबलपुर से लेकर भोपाल और दिल्ली भेजा जाएगा, जिससे केंट विधायक का रोहिंग्या प्रेम केंद्रीय नेतृत्व कीजानकारी में आए , साथ ही केंट विधानसभा की जनता के सामने भी आए ।