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HMD 110 और HMD 105 लॉन्च हुए: 1000 रुपये से कम में शानदार फीचर्स

भारत स्मार्टफोन का एक बड़ा मार्केट है। लेकिन अगर आपका बजट और स्मार्टफोन इस्तेमाल सीमित है, तो फीचर फोन अच्छा ऑप्शन हो सकता है, क्योंकि MHD ने दो फीचर फोन HMD 110 और HMD 105 लॉन्च किए हैं। इसकी शुरुआती कीमत 999 रुपये है। हालांकि फीचर फोन होने के बावजूद इन फोन्स में स्मार्टफोन की तरह UPI पेमेंट की सुविधा मिलती है। साथ ही यह दोनों फोन लंबी बैटरी लाइफ के साथ आते हैं। कंपनी का दावा है कि फोन में 18 दिनों की बैटरी लाइफ मिलती है।  कीमत और ऑफर HMD 110 की कीमत 1,119 रुपये है, जबकि HMD 105 की कीमत 999 रुपये है। फोन की बिक्री 11 जून से शुरू हो गई है। फोन को HMD वेबसाइट से खरीदा जा सकेगा। HMD 110 फोन ब्लैक और ग्रीन कलर ऑप्शन में आता है, जबकि HMD 105 ब्लैक, ब्लू और काले, नीले और पर्पल कलर में आएगा। HMD 110 और HMD 105 दोनों में मल्टीमीडिया दिया गया है।  स्पेसिफिकेशन  HMD 105 में ड्यूल एलईडी फ्लैश लाइट दी गई है, जबकि HMD 110 में रियर कैमरा सेंसर मिलता है। दोनों फोन में 1,000mAh की बैटरी दी गई है। दोनों फोन कुल 23 भाषाओं में काम कर सकते हैं। फोन में ऑटो कॉल रिकॉर्डिंग, MP3 प्लेयर, वायरलेस एफएम जैसे टूल्स दिए गए हैं। फोन में वॉइस असिस्टेंट सपोर्ट दिया गया है। यह फीचर उन लोगों के लिए मददगार होगा, जो टाइप करके कमांड नहीं दे सकते हैं। इसके अलावा स्मार्टफोन की तरह UPI पेमेंट की सुविधा दी जाएगी।

छत्तीसगढ़ से मंत्री और विधायकी को टाटा कर रायपुर सांसद बृजमोहन चले दिल्ली

रायपुर. प्रदेश भाजपा के कद्दावर नेता, रायपुर दक्षिण विधायक एवं मंत्री बृजमोहन अग्रवाल अब सांसद बन गए हैं। उनके इस्तीफा देने के बाद ये सीट खाली हो जाएगी। चर्चा है कि बृजमोहन अग्रवाल दो-तीन दिन में मंत्री और विधायकी पद से इस्तीफा दे देंगे, क्योंकि भारत निर्वाचन आयोग के नियमानुसार, सांसद बनने के बाद विधायक पद से 14 दिन के अंदर इस्तीफा देना है। इस तरह से इस्तीफा देने की अंतिम तारीख 18 जून हैं। वहीं, रायपुर दक्षिण में उपचुनाव के लिए अब भाजपा-कांग्रेस में थोक में दावदेार भी सामने आने लगे हैं। इसमें संगठन के पदाधिकारियों से लेकर रायपुर दक्षिण के विभिन्न वार्डों के सीनियर पार्षद भी दावेदारी ठोंकने लगे हैं। निकाय चुनाव के दौरान हो सकते हैं उपचुनाव — चर्चा है कि प्रदेश में साल के अंत में नगरीय निकायों के चुनाव होने हैं। इस दौरान ही रायपुर दक्षिण में भी उपचुनाव हो सकते हैं। विधायक के इस्तीफा देने के बाद निर्वाचन आयोग के छह माह के अंदर उपचुनाव कराना होता है। इसलिए निकाय चुनाव के दौरान ही उपचुनाव होने की ज्यादा संभावना है। रायपुर दक्षिण में एकछत्र राज रहा – बता दें कि छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद से ही रायपुर दक्षिण में बृजमोहन अग्रवाल का एकछत्र राज रहा है। उनके रहते यहां से किसी और को कभी भाजपा से टिकट मिला ही नहीं। इस सीट से वे लगातार आठ बार से विधायक चुने गए। पहली बार उनके सांसद बनने के कारण अब इस सीट से थोक में दावेदारों के नाम सामने आ रहे हैं। बृजमोहन से पूछ सकते है उनकी पसंद — बृजमोहन अग्रवाल के दबदबे वाली इस सीट पर संभवत: पार्टी उनको नजर-अंदाज नहीं कर सकेगी। माना जा रहा है कि इस सीट से किसी को टिकट देने से पहले भाजपा बृजमोहन अग्रवाल से भी उनकी मंशा पूछ सकती है। इसके बाद उनकी पसंद के प्रत्याशी को मैदान में उतारा जा सकता है। संघ पदाधिकारियों से मिल रहे दावेदार — रायपुर दक्षिण से उप चुनाव के लिए टिकट के दावेदार भाजपा के कुछ नेताओं के संघ पदाधिकारियों से भी मिलने की खबर है। नगर निगम स्तर के नेता लगातार संपर्क साध रहे हैं। कोशिश ये भी की जा रही है कि बृजमोहन ही किसी का नाम आगे बढ़ा दें। भाजपा से इनकी दावेदारी — सुनील सोनी, नंदन जैन, सच्चिदानंद उपासने, रमेश सिंह ठाकुर, मनोज वर्मा, मीनल चौबे, केदारनाथ गुप्ता, अनुराग अग्रवाल, विजय अग्रवाल शामिल हैं। कांग्रेस से इनकी दावेदारी — प्रमोद दुबे, एजाज ढेबर, सन्नी अग्रवाल, सुमित दास, सतनाम पनाग, देवेंद्र यादव, कन्हैया अग्रवाल शामिल हैं। कांग्रेस में भी कई दावेदार — भाजपा की तरह कांग्रेस में भी दावेदारों की लिस्ट लंबी है। ये सीट कांग्रेस के लिए भी खास है, क्योंकि पहली बार बृजमोहन बतौर प्रत्याशी चुनावी मैदान में नहीं होंगे। बृजमोहन जन नेता माने जाते हैं। सियासी जानकर बताते हैं कि इस सीट पर बड़ी संख्या में लोग बृजमोहन के चेहरे पर वोट करते हैं। बृजमोहन के दिल्ली जाने से कांग्रेस के लिए ये सीट थोड़ी आसान हो जाएगी। इस बार कांग्रेस से हर नेता मैदान पर उतरने की तैयारी करेगा।

राजस्थान की वसुंधरा के केंद्रीय मंत्री शिवराज सहित संघ के नेताओं से मुलाकात के बाद अटकलें बढ़ीं

PM Modi's visit to Bihar: Is Nitish going to play some big game or something else?

जयपुर. राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बुधवार देर शाम दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की है। इस मुलाकात की तस्वीरें राजे ने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राजे ने संघ के कुछ पदाधिकारियों से भी मुलाकात की है। ऐसे में अब उनकी अचानक इस सक्रियता को लेकर राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में अटकलें लगना शुरू हो गई हैं। राजे के पुत्र दुष्यंत सिंह राजस्थान के मौजूदा बीजेपी सांसदों में सबसे सीनियर हैं। लेकिन लगातार 5 वीं बार चुनाव जीतने के बाद भी केंद्र में उन्हें कोई पद नहीं मिला। ऐसे में क्या अब राजस्थान के संगठन में उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी दिलवाने के लिए राजे इन बैठकों के जरिए संभावनाएं तलाश रही हैं? अटकलें बहुत सी हैं लेकिन ऐसी चर्चाएं पहले भी बहुत बार उठ चुकी हैं। हालांकि इस बार राजस्थान में लोकसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन के बाद संगठन या सरकार में कुछ बदलाव की चर्चाएं जरूरी उठी हैं। लेकिन जाते वक्त के साथ-साथ यह भी ठंडी पड़ती नजर आ रही हैं।

आनंद महिंद्रा ने ‘कल्कि 2898 एडी’ के पांचवे हीरो ‘बुज्जी’ की सवारी की

मुंबई,  महिंद्रा समूह के अध्यक्ष आनंद महिंद्रा ने ‘कल्कि 2898 एडी’ के पांचवे हीरो ‘बुज्जी’ की सवारी की है। आगामी विज्ञान कथा महाकाव्य ‘कल्कि 2898 एडी’ के निर्माताओं ने हाल ही में हैदराबाद में एक भव्य कार्यक्रम में भविष्य के वाहन ‘बुज्जी’ का अनावरण किया, जो फिल्म के पांचवें और अंतिम नायक हैं। बुज्जी इस फिल्म में प्रभास के किरदार भैरवा का सबसे अच्छा दोस्त है। आनंद महिंद्रा ने सोशल मीडिया पर ‘कल्कि 2898 एडी’ के निर्देशक नाग अश्विन और ‘बुज्जी’ के लिए उनके दृष्टिकोण की काफी प्रशंसा की थी। आनंद महिंद्रा अब आखिरकार ‘बुज्जी’ से मिल चुके हैं। ‘बुज्जी’ से मिलने के तुरंत बाद, आनंद महिंद्रा ने इसमें घूमने का अनुभव करने का फैसला किया। इस ऐतिहासिक मुलाकात का एक वीडियो साझा करते हुए, निर्माताओं ने सोशल मीडिया पर लिखा, “#बुज्जी की मुलाकात @आनंदमहिंद्रा से हुई… नाग अश्विन द्वारा निर्देशित सायंस फिक्शन महाकाव्य फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ में अमिताभ बच्चन, कमल हासन, प्रभास, दीपिका पादुकोण और दिशा पटानी प्रमुख भूमिकाओं में हैं। वैजयंती मूवीज द्वारा निर्मित ‘कल्कि 2898 एडी’ हिंदी के साथ-साथ तमिल, तेलुगु, मलयाली, कन्नड़ और अंग्रेजी भाषा में 27 जून को रिलीज होगी।

2022-23 सत्र में शासकीय नर्सिंग कॉलेज में प्रवेश के लिए 66 हज़ार स्टूडेंट्स ने दी थी प्रवेश परीक्षा, अब सड़कों पर उतरी

That dark day in the history of India

भोपाल मध्यप्रदेश के नर्सिंग कॉलेज घोटाले का मामला अभी थमा ही नहीं था कि एक और मामला निकल के सामने आ गया है मध्यप्रदेश के कई जिलों से एनएसयूआई मेडिकल विंग के नेतृत्व राजधानी भोपाल के जेपी हास्पिटल पहुंच कर छात्राओं ने प्रदर्शन किया वहीं प्रदर्शन करने वाली छात्राओं ने बताया कि वह शासकीय नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए 2023 में पीएनएसटी का एग्जाम दे चुके हैं मगर उसका परिणाम अभी तक जारी नहीं किया गया । एनएसयूआई नेता रवि परमार ने बताया कि 2022-23 सत्र में प्रवेश के लिए पीईबी ( व्यापम ) के द्वारा प्री नर्सिंग सिलेक्शन टेस्ट ( PNST ) की परीक्षा जुलाई 2023 में आयोजित करवाई गई थी परीक्षा देने के बाद 1 से 2 महीने के अंतराल में रिजल्ट घोषित कर दिया जाता है मगर रिजल्ट अभी तक नहीं घोषित किया गया है । रवि परमार ने कहा कि 66 हज़ार स्टूडेंट्स ने पीईबी के माध्यम से परीक्षा दी थी करोड़ों रुपए परीक्षा शुल्क के रूप में पीईबी द्वारा लिए गए लेकिन 1 साल से रिजल्ट जारी नहीं किया वहीं प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों में धड़ल्ले से प्रवेश हो रहें ‌इससे सरकार कि मंशा स्पष्ट हो चुकी हैं कि प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों को मुनाफा पहुंचाने के लिए ही शासकीय नर्सिंग कॉलेजों के लिए प्रवेश परीक्षा के परिणाम अभी तक घोषित नहीं किए गए जिसकी वजह से 2022 से मध्यप्रदेश के शासकीय नर्सिंग कालेजों में एक भी छात्राओं के प्रवेश नहीं हुई । परमार ने चेतावनी दी कि अगर प्री नर्सिंग सिलेक्शन टेस्ट ( पीएनएसटी ) परीक्षा का रिजल्ट तत्काल जारी कर प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे ।  

लोकसभा में एकसाथ आएंगे नजर, अखिलेश-डिंपल की जोड़ी के नाम रिकॉर्ड

लखनऊ यूपी में लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) ने बढ़िया प्रदर्शन किया है. सपा की इस जीत में खास बात यह कि इस बार पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव दोनों ही चुनाव जीत गए हैं. अब दोनों एक साथ ससंद में नजर आएंगे. इस तरह अखिलेश और डिंपल उत्तर प्रदेश के पहले ऐसे जोड़े होंगे जो एक साथ लोकसभा में पहुंचे हैं. अखिलेश और डिंपल इससे पहले 17वीं लोकसभा के सदस्य थे, लेकिन अलग-अलग समय पर. 2019 में अखिलेश ने आजमगढ़ से जीत दर्ज की थी, जबकि डिंपल को कन्नौज में बीजेपी के सुब्रत पाठक से हार का सामना करना पड़ा था. इससे पहले पप्पू यादव और उनकी पत्नी रंजीत रंजन बिहार से दो बार 2004 और 2014 में एक साथ लोकसभा पहुंचे थे, लेकिन अलग-अलग पार्टियों के सिंबल पर. इसके अलावा धर्मेंद्र और हेमा मालिनी भी एक साथ ससंद पहुंच चुके हैं, लेकिन दोनों अलग-अलग सदनों में थे. धर्मेंद्र लोकसभा में और हेमा मालिनी राज्यसभा में थीं. बता दें कि यूपी की 80 सीटों में सपा ने 37 पर जीत दर्ज की है. जबकि, बीजेपी को 33 सीटें मिली हैं. वहीं, कांग्रेस को 6 सीट, रालोद को 2 सीट, आजाद समाज पार्टी और अपना दल (एस) को एक-एक सीट हासिल हुई है. मायावती की पार्टी बसपा का खाता नहीं खुला है. कन्नौज से जीते अखिलेश कन्नौज लोकसभा सीट से सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बीजेपी के सुब्रत पाठक को 170922 वोटों से हराया है. अखिलेश को 642292 वोट मिले, वहीं सुब्रत को 471370 मत प्राप्त हुए. इससे पहले (2019) इस सीट पर सुब्रत पाठक ने अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल को चुनाव हरा दिया था. डिंपल ने मैनपुरी से हासिल की जीत मैनपुरी लोकसभा सीट से सपा की डिंपल यादव ने 221639 वोटों से जीत दर्ज की है. उन्हें 598526 वोट मिले. जबकि, उनके निकटतम प्रतिद्वंदी बीजेपी के जयवीर सिंह को 376887 मत प्राप्त हुए हैं. 2019 के चुनाव में मैनपुरी सीट से सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने जीत हासिल की थी. इस चुनाव में सपा-बसपा-आरएलडी ने मिलकर चुनाव लड़ा था. मुलायम सिंह ने इस चुनाव में 94 हजार वोटों से जीत हासिल की थी और उन्हें 53.75 फीसदी वोट मिले थे. इस सीट को समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता है.  

जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों पर बोले मोदी, आतंकवाद-विरोधी क्षमताओं की पूरी तरह से तैनाती का आग्रह किया, न छोड़ें कोई कसर

नई दिल्ली   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा बैठक की। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और अन्य अधिकारी भी शामिल रहे। जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों में कई आतंकी हमले हुए हैं। आतंकवादियों ने पिछले चार दिनों में रियासी, कठुआ और डोडा जिलों में चार स्थानों पर हमले किए हैं, जिसमें नौ तीर्थयात्रियों की मौत और एक सीआरपीएफ जवान शहीद हो गया। वहीं सात सुरक्षाकर्मी और कई अन्य घायल हो गए। गुरुवार की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा संबंधी स्थिति की पूरी जानकारी दी गई। उन्हें आतंकवाद विरोधी प्रयासों से भी अवगत कराया गया। आतंक के खिलाफ नहीं रहे कोई कसर: पीएम मोदी बैठक के दौरान, मोदी ने वरिष्ठ अधिकारियों से भारत की आतंकवाद-विरोधी क्षमताओं की पूरी तरह से तैनाती का आग्रह किया। उन्होंने सुरक्षा बलों की तैनाती और आतंकवाद विरोधी अभियानों के बारे में गृह मंत्री अमित शाह से भी बात की। उल्लेखनीय है कि कठुआ में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादी भी मारे गए और उनके पास से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। अधिकारियों के अनुसार, सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने सुबह डोडा जिले में गंडोह के कोटा टॉप, चट्टागल्ला और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान फिर से शुरू किया, जहां मंगलवार और बुधवार को आतंकवादियों के साथ अलग-अलग मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मियों सहित सात सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे। पुलिस ने जारी किया स्केच पुलिस ने बुधवार को दो हमलों में शामिल चार आतंकवादियों के स्केच जारी किए थे और उनकी गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को 20 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी। इससे पहले पुलिस ने रविवार को रियासी जिले में तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पर हुए हमले में शामिल एक आतंकवादी पर 20 लाख रुपये का नकद इनाम घोषित किया था और उसका स्केच भी जारी किया था। इस हमले में नौ लोग मारे गए थे और 41 घायल हो गए थे। अधिकारियों ने बताया कि रियासी और राजौरी जिले में तलाशी अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि आतंकवादी के स्केच से मिलते-जुलते चेहरे वाले एक शख्स को दोपहर में रियासी में एक बस से हिरासत में लिया गया और उसे पूछताछ के लिए ले जाया गया। उन्होंने बताया कि राजौरी के नौशेरा और पास के पुंछ में भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। आतंकी खतरे के बारे में खुफिया जानकारी मिलने के बाद कठुआ, सांबा और जम्मू जिलों में भी सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है। कठुआ में मंगलवार रात से शुरू हुई और 15 घंटे से अधिक समय तक चली भीषण मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया था। इस अभियान में सीआरपीएफ के एक जवान की भी मौत हो गई थी, जबकि एक नागरिक घायल हो गया। पुलिस ने बुधवार को एक परामर्श जारी कर जम्मू क्षेत्र के निवासियों से संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं की आवाजाही के बारे में सतर्क रहने का आग्रह किया था। राजौरी और जम्मू जिलों के कुछ हिस्सों में आतंकी खतरे की आशंका जताने वाली खुफिया सूचनाओं के बाद यह परामर्श जारी किया गया।  

महेंद्र मिसिर की नगिनिया को नए कलेवर में आम्रपाली दुबे के साथ लेकर आ रही हैं प्रिया मल्लिक

मुंबई, जानीमानी गायिका प्रिया मल्लिक पूरबी सम्राट महेन्द्र मिसिर रचित नगिनिया गाना को अभिनेत्री आम्रपाली दुबे के साथ नये क्लेवर में लेकर आ रही हैं। पूरबी सम्राट महेंद्र मिसिर, रचित मशहूर पूरबी सॉन्ग नगिनिया को प्रिया मल्लिक ने रिक्रिएट किया है। प्रिया मल्लिक की आवाज़ में रिकॉर्ड हुआ नगिनिया गीत आगामी 14 जून को टीसीरिज चैनल से रिलीज किया जाएगा। वैसे तो इसके बोल महेंद्र मिसिर के हैं लेकिन इसमें कुछ एडिशनल लिरिक्स पंकज नारायण ने भी लिखे हैं। इस वीडियो एलबम के क्रियेटर पंकज नारायण ही हैं । इस वीडियो सॉन्ग में प्रिया मल्लिक के साथ मशहूर भोजपुरी अभिनेत्री आम्रपाली दुबे भी नज़र आने वाली हैं । टीसीरिज म्यूजिक के प्रोजेक्ट मैनेजर सोनू श्रीवास्तव ने नगिनिया सॉन्ग के बारे में बात करते हुए बताया कि टीसीरिज कम्पनी ने इस गाने की भव्यता को बढ़ाने और वीडियो में डेप्थ देने के लिए अपूर्वा बजाज को इस गाने के लिए अनुबंधित किया है। अपूर्वा बजाज ने इस गाने को फिल्माने में शानदार काम किया है और उसका आउटपुट भी जबरदस्त निकलकर आया है । इस गाने की शूटिंग उत्तरप्रदेश के आजमगढ़ में की गई है । प्रिया मल्लिक के द्वारा गाये गए नगिनिया सॉन्ग के म्यूजिक डायरेक्टर एल के लक्ष्मीकांत हैं, प्रोडक्शन सोनू पाण्डेय ने किया है। यह गाना टीसीरिज के हम भोजपुरी चैनल पर आगामी 14 जून को रिलीज होगा ।

यूपी सरकार के मंत्री राजभर ने प्रियंका को काशी से लड़ाने के बयान पर अजय राय को कहा अब तेरा क्या होगा…

उत्तर प्रदेश यूपी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर अपने बयानों के कारण अक्सर चर्चा में रहते हैं। अब उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की है। एक सवाल के जवाब में राजभर ने अजय राय पर शोले फिल्म का डॉयलाग दोहरा दिया और कहा कि अब तेरा क्या होगा कालिया…। राजभर से सवाल पूछा गया था कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रायबरेली में कहा कि अगर प्रियंका गांधी को वाराणसी से लड़ा दिया जाता तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब दो-तीन लाख वोटों से हार जाते। इस पर राजभर ने कहा कि उन्हें रोका किसने था…। अब तो चुनाव हो चुके हैं अब आगे की तैयारी करें। जब उनसे यही कहा गया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भी यही बात कही थी तो उन्होंने कहा कि अब तेरा क्या होगा कालिया…। बता दें कि अजय राय वाराणसी सीट पर पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़े थे। हालांकि, पीएम मोदी ने इस सीट पर डेढ़ लाख से अधिक वोटों से जीत दर्ज की पर ये जीत उनकी बड़ी नहीं थी जितना कि चुनाव से पहले दावा किया जा रहा था। राहुल गांधी ने ये दिया था बयान लोकसभा चुनाव जीतने के बाद पहली बार सांसद राहुल गांधी अपनी बहन प्रियंका गांधी के साथ बुधवार को रायबरेली पहुंचे। यहां राहुल ने एक के बाद एक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि वाराणसी में प्रधानमंत्री जान बचाकर निकले हैं। अगर प्रियंका वाराणसी से चुनाव लड़ जाती तो प्रधानमंत्री दो से तीन लाख वोटों से चुनाव हार जाते। यह सब अहंकार से नहीं कह रहा हूं। हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री के विजन को जनता ने नकार दिया है।  

क्यूबा में पहुंचा रूसी युद्धक जहाजों का बेड़ा, परमाणु पनडुब्बी कजान भी शामिल

हवाना  छह दशक से भी ज्याद समय बीत चुका है जब अमेरिका और तत्कालीन सोवियत यूनियन इतिहास में परमाणु युद्ध के मुहाने पर खड़े थे। दुनिया उस घटना को क्यूबा संकट के नाम से जानती है। आज जब रूस की परमाणु पनडुब्बी कजान अमेरिका के दरवाजे पर मौजूद क्यूबा में पहुंची तो दुनिया को एक बार फिर से उस संकट की याद दिला दी है। रूस के युद्धक जहाज फ्रिगेट एडमिरल गोर्शकोव के नेतृत्व में रूसी युद्धक जहाजों का बेड़ा युद्धाभ्यास के लिए क्यूबा के बंदरगाह पर पहुंचा है, जो यहां 5 दिनों तक रहेगा। इसमें रूस की परमाणु पनडुब्बी कजान भी शामिल है। रूसी टेलीग्राम चैनलों ने दावा किया है कि रूसी परमाणु पनडुब्बी कजान गाइडेड मिसाइल से लैस है। बेड़े की अगुवाई कर रहे एडमिरल गोर्शकोव को रूस के सबसे आधनिक युद्धपोत में गिना जाता है। रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, गोर्शकोव कैलिबर मिसाइल के साथ ही नवीनतन हाइपरसोनिक मिसाइल जिरकान से भी लैस है। कजान और गोर्शकोव के अलावा रूसी बेड़े में फ्लीट ऑयल टैंकर पाशिन और टग निकोले चिकर भी शामिल है। परमाणु हथियारों की मौजूदगी से इनकार हालांकि, क्यूबा के अधिकारियों ने ये साफ किय है परमाणु पनडुब्बी कजान समेत बेड़े के जहाज पर परमाणु हथियार नहीं हैं। क्यूबा के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ‘किसी भी जहाज पर परमाणु हथियार नहीं है, इसलिए इनके देश में रुकने से क्षेत्र को कोई खतरा नहीं है।’ इन दावों के बावजूद रूसी जहाजों का अमेरिकी जलक्षेत्र से महज कुछ किमी की दूरी से गुजरना महत्वपूर्ण है। खासतौर पर जब पुतिन ने धमकी दी है कि वे अपने शक्तिशाली हथियारों को उन देशों और क्षेत्रों में तैनात करेंगे जहां से पश्चिमी देशों को निशाना बनाया जा सके। क्या है क्यूबा मिसाइल संकट? क्यूबा मिसाइल संकट शीत यु्द्ध के दौरान अमेरिका और तत्कालीन सोवियत यूनियन के बीच एक बड़ा टकराव था, जिसने दुनिया को परमाणु युद्ध के कगार पर खड़ा कर दिया था। यह संकट 1962 में शुरू हुआ था, जो एक महीने से ज्यादा समय तक चला था। तब सोवियत संघ ने इटली और तुर्की में अमेरिकी मिसाइल की तैनाती के जवाब में परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल क्यूबा में तैनात कर दी थी। इसने अमेरिका के ऊपर बड़ा खतरा ला दिया था। अगर इन मिसाइलों को क्यूबा से लॉन्च किया जाता तो कुछ ही मिनटों में अमेरिका के अधिकांश हिस्से को निशाना बना सकती थीं। दिलचस्प बात ये है कि आज जिस यूक्रेन पर हमले को लेकर रूस और अमेरिका टकराव के रास्ते पर हैं, वह उस समय सोवियत संघ का हिस्सा हुआ करता था।

इंदौर में 64 करोड़ रुपये के ड्रेनेज घोटाले के सात आरोपियों के बैंक खातों पर रोक

इंदौर  देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में कम से कम 64 करोड़ रुपये के ड्रेनेज घोटाले की जांच कर रही पुलिस ने सात आरोपियों के बैंक खातों से लेन-देन पर रोक लगा दी है। पुलिस के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) पंकज कुमार पांडे ने बताया कि जिन सात आरोपियों के बैंक खातों से लेन-देन पर रोक लगाई गई है, उनमें पांच ठेकेदार और इंदौर नगर निगम के दो कारिंदे शामिल हैं। पांडे ने बताया कि इन बैंक खातों में कुल 1.13 करोड़ रुपये जमा मिले हैं। उन्होंने बताया, ‘‘अब तक की जांच में पता चला है कि गुजरे बरसों के दौरान शहर में ड्रेनेज लाइन बिछाने के नाम पर ठेकेदारों की 10 फर्मों ने इंदौर नगर निगम में लगभग 64 करोड़ रुपये के फर्जी बिल पेश किए। इनमें से 47.53 करोड़ रुपये के बिलों का भुगतान भी कर दिया गया।’’ डीसीपी के मुताबिक, पुलिस को छानबीन में मालूम हुआ कि जिन ड्रेनेज लाइन के नाम पर सरकारी खजाने से ठेकेदारों का भुगतान किया गया, वे हकीकत में कभी बिछाई ही नहीं गई थीं। उन्होंने बताया कि ड्रेनेज घोटाले में अब तक आठ ठेकेदारों और इंदौर नगर निगम के आठ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। पांडे ने बताया कि पुलिस इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।    

शादी के 18 साल बाद Husband बन गया Wife, अनोखी लव स्टोरी वायरल

ऊटा प्यार में लोग एक दूसरे की छोटी से छोटी बातों का खयाल रखते हैं, ताकि उनका पार्टनर खुश रह सके. साथी की खुशी के लिए लोग कई बार बड़े फैसले भी बड़ी आसानी से ले लेते हैं. इन दिनों एक ऐसी ही लवस्टोरी का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है.  यूं इन दोनों की शादी एक सामान्य जोड़ों की तरह ही हुई थी, जिसमें दूल्हा और दुल्हन थे और शादी के बाद उनके 3 बच्चे भी हुए. लेकिन शादी की 18वीं सालगिराह के बाद सब कुछ बदल गया.   ये कहानी अमेरिका के ऊटा के रहने वाले Shaye Scott और Amanda की है. यूं तो शाय 3 साल की उम्र से ही अपनी पहचान से खुश नहीं था लेकिन वह बड़े होने तक कुछ नहीं समझ सका. आखिरकार 39 की उम्र में उसने अमांडा से शादी रचा ली. वीडियो के मुताबिक, शाय और अमांडा की शादी साल 2006 में हुई थी. साल 2012 में कपल को एक बेटी हुई. इसके 2 साल बाद बेटा हुआ और फिर साल 2018 में तीसरे बच्चे का जन्म हुआ. लेकिन इसके बाद भी शाय को जिंदगी में कुछ कमी महसूस होती थी. आखिरकार उसने अपनी पत्नी के सामने जाकर अपने मन सारी सच्चाई बयां कर दी और बताया कि वह एक औरत होना पसंद करता है. कमाल है कि पत्नी ने थोड़ा सा समय लेकर उसकी बात को समझा. वह उससे इतना प्यार करती थी कि उसने उसे खो देने की जगह उसी तरह स्वीकार किया.  पत्नी की रजामंदी के बाद शाय ने अपना जेंडर चेंज करवा लिया और पति से पत्नी बन गया. शाय ने People को बताया -‘मैं अमांडा से बात करने में घबरा रही थी, लेकिन लिंग डिस्फ़ोरिया के बारे में जानने से मुझे कुछ ऐसा आत्मविश्वास मिला जिसे मैं पहले कभी नहीं बता पाई थी.’ वह आगे कहती हैं, ‘अमांडा ने मेरी खुशी के लिए मेरी ट्रांसजेंडर पहचान को स्वीकार किया और मुझे भी इसे अपनाने में मदद की.’ उसी के साथ शाय ने लिंग डिस्फोरिया को कम करने में मदद करने के लिए हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी ली. (मेयो क्लिनिक के अनुसार, लिंग डिस्फोरिया एक असुविधा की भावना है जो एक व्यक्ति तब अनुभव करता है जब उसकी लिंग पहचान जन्म के समय उसे दिए गए लिंग के साथ संरेखित नहीं होती है.)   फिर, अप्रैल 2023 में, उसने चेहरे और शरीर की पूरी तरह सर्जरी कराकर औरत का रूप ले लिया. परिवार अब भी साथ है. इसमें दो पत्नियां और तीन बच्चें हैं. शाय और अमांडा के इस्टाग्राम पर बताई गई इस स्टोरी पर लोगों के ढेरों कमेंट आ रहे हैं. कई लोग कह रहे हैं कि बच्चों के साथ गलत हुआ है, उन्होंने अपने पिता को खो दिया है. वहीं कई लोगों ने कपल और परिवार के एक दूसरे के लिए सपोर्ट की तारीफ की.  

न्यूयॉर्क के आइजनहावर पार्क के नसाउ में स्टेडियम का नहीं बचेगा नामोनिशान, अब नहीं खेला जायेगा कोई मैच

नई दिल्ली न्यूयॉर्क के आइजनहावर पार्क के नसाउ में आईसीसी ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट तैयार कराया था। ये एक अस्थायी स्टेडियम था। टी20 वर्ल्ड कप 2024 के कुल 8 मैच यहां खेले जाने थे और इन सभी मैचों का आयोजन हो चुका है। एक भी मैच हाई स्कोरिंग नहीं था, फिर भी कांटे के मुकाबले हुए। हालांकि, फैंस इस तरह के मैच टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में देखना पसंद नहीं करते। इसके लिए आईसीसी की आलोचना भी हुई, क्योंकि इस स्टेडियम में 4 ड्रॉप इन पिचों का इस्तेमाल किया गया था, जो कुछ ही महीने पहले एडिलेड से मंगवाई गई थीं। ड्रॉप-इन पिचों को सेट होने में 8 से 10 महीने लगते हैं, लेकिन न्यूयॉर्क में 8 से 10 सप्ताह भी नहीं हुए कि टी20 वर्ल्ड कप के मैचों का आयोजन करना पड़ा। यही वजह रही कि इस मैदान का औसत स्कोर पहली पारी का 108 रन था। आईसीसी ने इस स्टेडियम को बनाने के लिए करीब 250 करोड़ रुपये खर्च किए। ये स्टेडियम 106 दिनों में बनकर तैयार हुआ था, लेकिन अब इस स्टेडियम को डिस्मेंटल किया जाएगा, क्योंकि ये अस्थायी स्टेडियम था। इंडिया वर्सेस यूएसए मैच के ठीक बाद इस स्टेडियम को डिस्मेंटल करने का काम शुरू हो गया है, जो करीब 6 सप्ताह में खत्म हो जाएगा। मैच के बाद ही स्टेडियम को डिस्मेंटल करने के लिए बुल्डोजर आ गए थे।   एक तरह से कहा जाए तो अगले महीने के आखिर तक इस स्टेडियम का नामोनिशान नहीं बचेगा। फिर से वही पार्क नजर आएगा, जो इसी साल जनवरी की शुरुआत में था। हालांकि, यहां क्या ड्रॉप-इन पिच लगी रहेंगी? इसका भविष्य अभी तय नहीं हुआ है। आईसीसी के अधिकारियों ने क्रिकबज को बताया है कि अगर नसाउ काउंटी के अधिकारी चाहते हैं कि ये पिच लगी रहें और इनकी मैंटेनेंस होता रहे तो यह लगी रह सकती हैं। अन्यथा इन पिचों को री-लोकेट किया जाएगा। हालांकि, आउटफील्ड यहां रहेगा। इसे भी बाहर एक नर्सरी की तरह तैयार किया गया था।    

छत्तीसगढ़-जगदलपुर में पूर्व विधायक के गार्ड ने नदी किनारे पेड़ में लगाई फांसी

जगदलपुर. कोंडागांव में पूर्व विधायक के बंगले में सुरक्षा गार्ड की ड्यूटी कर रहे आरक्षक ने बुधवार की दोपहर को नदी किनारे पेड़ में जाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही कोंडागांव पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही मामले की जांच में जुट गई है। मामले की जानकारी देते हुए कोंडागाँव थाना प्रभारी सौरभ उपाध्यक्ष ने बताया कि कोंडागांव के पूर्व विधायक मोहन मरकाम के बंगले में तैनात आरक्षक सम्पत मंडावी निवासी भानपुरी बुधवार को घर ना जाकर ग्राम लंजोड़ा बुकापारा नदी किनारे पेड़ में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस बात की जानकारी लोगों को तब मिली जब नदी किनारे कुछ लोग गए हुए थे। ग्रामीण ने फांसी के फंदे पर लटके युवक के शव को देखकर तत्काल सरपंच को सूचना दी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।

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