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चिड़िया को सोने का पिंजरा नहीं, उसे उड़ने के लिए खुला आसमान चाहिए ##प्रलेस की युवा काव्य गोष्ठी सम्पन्न

बिलासपुर  प्रगतिशील लेखक संघ की स्थानीय इकाई ने युवा रचनाशीलता पर केंद्रित एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया। उक्त गोष्ठी में शम्मी कुजूर, श्रुति सोनी और उपासना ने अपनी कविताओं का पाठ किया।इन कविताओं में अपने समय तथा परिवेश की स्थितियां, घटनाओं को बहुत ही प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। युवा रचनाकारों की कविताओं में जीवन के विभिन्न पहलुओं को रेखांकित करने का रचनात्मक प्रयास दिखाई दिया। शम्मी कुजूर ने अपनी कविता में प्रकृति, मानवीय संबंध एवं भावनाओं का बहुत ही भावनात्मक चित्रण किया है। पेड़ कविता में कहा गया ‘चिड़िया को सोने का पिंजरा नहीं चाहिए उसे उड़ने के लिए खुला आसमान चाहिए’।  वहीं ‘मां कविता में मां के अपनत्व व पीड़ा को व्यक्त करते कहा कि ” सिल रही है मां घावों को, जैसे सिलती है फटे कपड़ों को’।  युवा कवि श्रुति सोनी ने प्रकृति पर केंद्रित मेरे गीत, परदा, पेड़, विरह  रचनाओं का पाठ किया।   नवोदित कवि उपासना ने ‘घर का आंगन’ व ‘बेटियों का संसार’  शीर्षक कविता का पाठ किया। इस अवसर पर युवा कवि निहाल सोनी ने सम सामयिक विषय पर अपनी धारदार कविता का पाठ किया।        पठित रचनाओं पर  रफ़ीक खान,मुश्ताक मकवाना,डॉ. अशोक शिरोडे तथा अन्य लोगों ने अपने विचार रखे। तथा नवोदित रचनाकारों का उत्साह वर्धन किया। इस कार्यक्रम में लखन सिंह, गौरव मंगरुलकर, श्रीमती मीना सोनी, पंकज सोनी, ओमप्रकाश भट्ट, जितेंद्र पांडेय, शिवानी सोनी, अभिषेक सोनी, ज़ीशान खोकर, आलम खान, लड्डू आदि की उपस्थिति महत्वपूर्ण रही। गोष्ठी का संचालन स्थानीय इकाई के सचिव डॉ. अशोक शिरोडे ने किया।

UP में भाजपा की टास्क फोर्स तलाश रही हार के कारण, अब तक मिलीं ये 3 वजहें

लखनऊ लोकसभा चुनाव में भाजपा को उत्तर प्रदेश में करारा झटका लगा है। 2019 में उसे जहां 62 सीटें मिली थीं, वहीं 2024 के आम चुनाव में 33 पर संतोष करना पड़ा है। भाजपा उत्तर प्रदेश जैसे राज्य से 29 सीटें कम मिलने की पूरे देश में चर्चा है। अब पार्टी भी इस पर मंथन में जुटी है और पूरा फीडबैक लेने के बाद कुछ ऐक्शन हो सकता है। अब तक पार्टी नेतृत्व को प्रत्याशियों और स्थानीय नेताओं से जो फीडबैक मिला है, उसके मुताबिक सांसदों को राज्य के कर्मचारियों से सहयोग न मिलना। पार्टी कार्यकर्ताओं का ही खिलाफ हो जाना और संविधान बदलने का गलत नैरेटिव जनता के बीच चल जाना नुकसान पहुंचा गया। यही नहीं भाजपा का राज्य नेतृत्व एक विस्तृत रिपोर्ट भी तैयार कर रहा है। इस रिपोर्ट को इस सप्ताह के अंत तक हाईकमान को सौंपा जाएगा। अब तक मिली जानकारी के अनुसार भाजपा ने यूपी में हार के कारणों की विस्तृत पड़ताल के लिए एक टास्क फोर्स का भी गठन किया है। इस टास्क फोर्स को सूबे की 78 सीटों की समीक्षा का काम सौंपा गया है। सिर्फ पीएम नरेंद्र मोदी की सीट वाराणसी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की सीट लखनऊ की यह टास्क फोर्स समीक्षा नहीं करेगी। इसके अलावा सूबे की बाकी सभी 78 सीटों की समीक्षा की जाएगी। भाजपा को सबसे ज्यादा हैरानी अमेठी, फैजाबाद (अयोध्या वाली सीट), बलिया और सुल्तानपुर जैसी सीटों पर हार से है। इन सीटों को भाजपा के लिए मजबूत माना जाता था। अमेठी में स्मृति इरानी की कांग्रेस के एक आम कार्यकर्ता से हार ने पूरे नैरेटिव को चोट पहुंचाई है। इसके अलावा अयोध्या की हार भी कान खड़े करने वाली है। सुल्तनापुर में मेनका गांधी ही चुनाव हार गईं, जो लगातार जीतती रही हैं। फिर अयोध्या की जीत ने तो पूरे नैरेटिव को ही चोट पहुंचाई है। भाजपा को उस सीट पर हारना पड़ गया, जहां ऐतिहासिक राम मंदिर बना है। 500 सालों के इतिहास का चक्र जिस अयोध्या में घूमा, वहां ऐसी हार ने भाजपा को हैरान कर दिया है। आरएसएस से भी मांग रहे फीडबैक, नैरेटिव को ही पहुंची चोट अब पार्टी पूरे नैरेटिव को कैसे सेट करे और अपनी हार को कैसे पचाया जाए। इसकी तैयारी में जुटी है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा को आरएसएस और उसके आनुषांगिक संगठनों से भी फीडबैक मिलेगा। संघ के लोगों से भी कहा गया है कि वे समीक्षा करके बताएं कि हार के क्या कारण रहे। अब तक कई उम्मीदवारों ने भाजपा की स्टेट लीडरशिप को रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें बताया है कि हमारी हार के क्या कारण रहे हैं। इनमें एक बड़ा कारण यह है कि सरकारी कर्मचारियों ने सांसदों का सहयोग नहीं किया है। वहीं पार्टी के ही कार्यकर्ताओं का बड़ा वर्ग खिलाफ चला गया। वहीं जाति के आधार पर ठाकुरों की रैलियों ने भी पश्चिम से पूर्व तक भाजपा को नुकसान पहुंचाया।  

रक्षा मंत्रालय 2025 के बाद 371 रक्षा सामग्री की स्वदेशी खरीद को अनिवार्य बना सकता

Varnwal changed the order of Consotiya in the forest land issue of Jhinna mine of Katni.

नई दिल्ली रक्षा मंत्रालय दिसंबर 2025 के बाद तकरीबन 371 रक्षा सामग्री की स्वदेशी खरीद को अनिवार्य बना सकता है। इन सामग्रियों का निर्माण देश में किया जा रहा है तथा कोशिश यह हो रही है कि उपरोक्त तिथि के बाद इनके आयात को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया जाए। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, देश में रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता लाने के लिए दिसंबर 2025 से पहले इन 371 रक्षा सामानों को देश में ही बनाने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय डीआरडीओ, रक्षा उत्पादन विभाग और उद्योग जगत से परामर्श के बाद लिया गया। दरअसल, ये सभी सामान अभी विदेशों से आयात होकर आ रहे थे। जबकि उद्योग जगत और सार्वजनिक रक्षा उपक्रम इनका देश में निर्माण करने में सक्षम थे। इनमें गोला, बारूद, विभिन्न प्रकार की बंदूकें, राइफलें, राडार, मानव रहित विमान, रक्षा प्लेटफार्म, वायुसान, जंगी पोत, पनडुब्बियां आदि शामिल हैं। दूसरे चरण में दिसंबर 2026 के बाद 66 और रक्षा सामग्री के आयात को प्रतिबंधित किया जाएगा। इसी प्रकार दिसंबर 2027 तक 29, 2028 तक 25, 2030 तक 14 और 2032 तक चार और रक्षा सामग्री का देश में ही निर्माण होगा तथा उनका विदेश से आयात बंद हो जाएगा। देश में बनीं इन रक्षा सामग्रियों के परीक्षण में सफल रहने के बाद सेनाओं पर इनकी खरीद की बाध्यता होगी। मौजूदा समय में सेनाएं वैश्विक निविदा के जरिये रक्षा साजो सामान की खरीद करती हैं तथा उसमें देश की कंपनियां भी आवेदन कर सकती हैं। भविष्य में ग्लोबल टेंडर की जरूरत नहीं होगी। बल्कि टेंडर सिर्फ देशी कंपनियों के लिए ही निकाले जाएंगे। सूत्रों ने कहा कि सूची में शामिल कई रक्षा सामान देश में बनने भी शुरू हो चुके हैं। लेकिन उनका इस्तेमाल सेनाओं में नहीं हो रहा है। इससे एक नुकसान यह हो रहा है कि उनका निर्यात नहीं हो पा रहा है। कई देश रक्षा सामान की खरीद में यह देखते हैं कि जिस देश से वह खरीद रहे हैं, उस देश की सेना में उनका इस्तेमाल हो रहा है या नहीं। इसलिए जहां स्वदेशी खरीद से विदेशी मुद्रा की बचत होगी, वहीं विदेशों को निर्यात में भी बढ़ोत्तरी होगी। विदेशों से रक्षा सामग्री की खरीद (2022-22) : 40839 करोड़ विदेशों को रक्षा सामग्री का निर्यात (2023-24) : 21083 करोड़ निर्यात लक्ष्य (2028-29 : 50000 करोड़ रुपये स्वदेशी खरीद के लिए बजट: 70 फीसदी (कुल खरीद का)  

शिकागो यूनिवर्सिटी के मुस्लिम छात्र ने अमेरिका को कैंसर कहा,मचा बबाल

Massive fire in textile shop in Tikamgarh of the state, two people trapped inside

शिकागो शिकागो के इलिनोइस विश्वविद्यालय के एक मुस्लिम छात्र ने अमेरिका, अमेरिकी सरकार और लोकतंत्र को कैंसर कह दिया। इसके बाद छात्र को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। कथित तौर पर छात्र ने यह बातें 3 मई, 2024 को दिए गए भाषण के दौरान कही थी। हालांकि वीडियो अब सामने आया है और खूब वायरल हो रहा है। न्यूज आउटलेट MEMRI के मुताबिक छात्र का नाम मोहम्मद नुसैरत है। नुसैरत की लिंक्डइन प्रोफ़ाइल के मुताबिक वह इलियोनिस विश्वविद्यालय में बैचलर ऑफ़ साइंस – बीएस, डेटा साइंस के साथ कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रहा है। उसने विश्वविद्यालय के मुस्लिम स्टूडेंट एसोसिएशन के एक कार्यक्रम में दिए गए भाषण में कहा कि, “अमेरिका कैंसर है। अमेरिका, अमेरिकी सरकार, धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र, पूंजीवाद, ये ऐसे कैंसर हैं जिन्होंने अपनी बीमारी पूरी दुनिया में फैलाई है। उसने आगे कहा” अब मुसलमान इस कैंसर से थक चुके हैं। वे अमेरिकी सरकार से थक चुके हैं। वे लोकतंत्र से थक चुके हैं। वे जीवन का एक नया तरीका देखना चाहते हैं। और मुसलमानों के रूप में, हमें यह समझना होगा कि हमारे पास जीवन का वह नया तरीका है।” उसने आगे कहा, “इस्लाम एक न्यायपूर्ण धर्म है जिसे समाज पर लागू किया जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर वायरल हुए नुसैरत के भाषण की काफी आलोचना हुई। वीडियो पर एक यूजर ने कमेंट किया, “तो चले जाओ। हम अमेरिका में किसी ऐसे व्यक्ति को नहीं चाहते जो हमारे देश से नफरत करता हो। चले जाओ और कभी वापस मत आना।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “उनकी स्क्लोरशिप और वीजा को तुरंत रद्द कर दिया जाना चाहिए।” जबकि दूसरे यूजर ने टिप्पणी की कि अमेरिका से थके हुए लोगों को अमेरिका में नहीं रहना चाहिए।  

नोनी के पत्तों का रस कई बीमारियों के ल‍िए फायदेमंद

    हाल के वर्षों में नोनी के सेहत से जुड़े फायदों और एंटीऑक्सीडेंट गुणों की तरफ सभी का ध्यान खींचा है। हालांक‍ि, ज्यादातर नोनी के पेड़ को इसकी आकर्षक पत्तियों के लिए उगाया जाता है। नोनी के पत्तों का साग झारखंड, बिहार, बंगाल और उड़ीसा में खूब खाया जाता है। नोनी के पत्तों में फ्लेवोनॉइड, प्रोटीन, सैपोनिन और टैनिन होते हैं। ये विटामिन-ए, विटामिन-बी, विटामिन-सी, विटामिन-डी और विटामिन-ई से भरपूर होते हैं। ज‍िसके चलते नोनी के पत्तों का रस एंटी-बैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटी-ऑक्सीडेंट और सूजन को कम करने में फायदेमंद होते हैं और डायजेशन बेहतर करने में भी मददगार है। तो आइए जानते हैं क‍ि नोनी के पत्तों का रस क‍िन बीमार‍ियों या सेहत से जुड़ी समस्याओं में उपयोगी है। नोनी के पत्तियों का रस याददाश्त में कमी की समस्याओं को ठीक करने में कारगर है। कमजोर याददाश्त के मरीजों पर किए गए र‍िसर्च स्टडी के मुताब‍िक, नोनी की पत्तियों के रस के सेवन से द‍िमाग में ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है और मेमोरी फंक्शंस को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।नोनी की पत्तियों का रस शरीर में शुगर लेवल को कम करने में मदद करता है जिससे घाव जल्द भरने में मदद म‍िलती है। नोनी के पत्तों का रस रोजाना पीने से लीवर को कई समस्याओं से बचाया जा सकता है। नोनी के पत्तों का रस लीवर पर हेपाटो-प्रोटेक्टिव इफेक्ट्स डालता है जो कि क्रोनिक एक्सोजेनस केमिकल्स से सुरक्षित रखते हुए लिवर डैमेज जैसी बड़ी बीमारियों से बचाता है। नोनी की पत्त‍ियों का रस धूप के चलते होने वाली लालिमा और सूजन को कम करता है। स्टडी से पता चलता है क‍ि इसके पत्ते त्वचा पर सीधे इस्तेमाल के ल‍िए सुरक्षित हैं और त्वचा के लिए अल्ट्रावॉयलेट क‍िरणों से होने वाले नुकसान को कम करने में फायदेमंद हो सकते हैं। स्टडीज के मुताब‍िक, नोनी के पत्तों का रस एंथ्राक्विनोन से भरपूर होता है, जो स्क‍िन में झुर्रियां बनने से रोकता है। इसके एंटी-बैक्टीरियल, सूजन कम करने वाले गुण सेलुलर स्तर पर काम करते हैं और मुंहासे, जलन, स्क‍िन में होने वाली एलर्जी र‍िएक्शन को ठीक करने में उपयोगी होते हैं। र‍िसर्च में सामने आया है क‍ि नोनी के पत्तियों में एंटीऑक्सीडेंट तत्वों की मौजूदगी इसे इम्यून‍िटी बूस्टर बनाती है। इसके पत्तियों को कच्चा चबाकर खाने से, साग बनाकर खाने से या रस पीने से बॉडी की टी और बी सेल्स की एक्टिव‍िटीज बढ़ती है, जिससे शरीर में संक्रमण से लड़ने वाली श्वेत रक्त कोशिकाएं 50% ज्यादा बेहतर काम करती है। वैज्ञान‍िक जांच में नोनी के पत्तियों के रस में एनाल्जेसिक लक्षणों के बारे में बताया गया है जो दर्द और संवेदनशीलता को कम करने में मदद करता है, जिससे गठिया की समस्या में राहत म‍िलती है। स्टडीज से यह भी बात पता चलती है क‍ि नोनी रस के औषधीय गुण बाजार में म‍िलने वाली कुछ मशहूर एनाल्जेसिक दवाओं के बराबर है। हाई ब्लड प्रैशर द‍िल की बीमार‍ियों का सबसे बड़ा कारण है। नोनी के पत्तों में रुटिन की उच्च मात्रा होती हैं जो क‍ि आमतौर पर चाय और सेब में पाया जाने वाला एक फ्लेवोनोइड है। इसके अलावा इसमें स्कोपोलेटिन होता है। ये दोनों ब्लड प्रैशर कम करने में हेल्पफुल है। डायब‍िटिक लोगों को नोनी के पत्तियों का साग बनाकर खाने से बहुत फायदा हो सकता है। टाइप-2 डायब‍िटीज के खतरे को कम करने में नोनी की पत्तियां बहुत असरदार है। इसके पत्तियों का साग या रस का सेवन शरीर में ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन, सीरम ट्राइग्लिसराइड्स और लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा, यह इंसुलिन सेंसेव‍िटी को बढ़ाने में मदद करता है।

केरल कांग्रेस ने जी7 में पोप – मोदी की मुलाकात का मजाक उड़ाया

नई दिल्ली केरल कांग्रेस ने पोप फ्रांसिस और पीएम नरेंद्र मोदी की मुलाकात पर तंज कसा था। जब कांग्रेस को यह मजाक भारी पड़ गया तो उसने पोप से माफी मांगी है। इस मामले में भाजपा ने कांग्रेस के कमेंट पर आपत्ति जताई थी और फटकार लगाई थी। मामला यूं है कि जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए इटली पहुंचे पीएम मोदी ने पोप फ्रांसिस से मुलाकात की थी। मुलाकात की तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए कांग्रेस ने तंज कसा था- आखिरकार पोप को भगवान से मिलने का मौका मिल ही गया। हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार करते हुए पीएम मोदी ने एक इंटरव्यू में कहा था- मुझे विश्वास है कि मुझे भगवान ने भेजा है। इसे लेकर कांग्रेस ने यह टिप्पणी की थी। कांग्रेस ने फिर एक पोस्ट में माफी मांगी है और कहा है कि किसी धर्म का तिरस्कार करना उसकी परंपरा नहीं है। लगातार तीसरी बार देश की बागडोर संभालने के बाद पीएम मोदी ने पहली विदेश यात्रा के लिए इटली का दौरा किया था। यहां जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए पीएम मोदी इटली पीएम मेलोनी के आमंत्रण पर पहुंचे थे। यहां उन्होंने दुनियाभर के राष्ट्रप्रमुखों से मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी की पोप फ्रांसिस संग भी मुलाकात की तस्वीर सामने आई। इस तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए केरल कांग्रेस ने तंज कसा था। केरल कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पोप फ्रांसिस का वीडियो शेयर करते हुए लिखा था, “आखिरकार पोप की भगवान से मुलाकात हो गई।” कांग्रेस की इस पोस्ट पर भाजपा नेताओं ने आपत्ति जताई और कांग्रेस पार्टी को फटकार लगाई। भाजपा नेता अमित मालवीय ने कांग्रेस की पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि हिंदुओं का मज़ाक उड़ाने और उनकी आस्था का उपहास करने के बाद कांग्रेस में इस्लामवादी-मार्क्सवादी गठजोड़ अब ईसाइयों का अपमान करने पर उतर आया है। यह तब है, जब सबसे लंबे समय तक कांग्रेस अध्यक्ष रहीं सोनिया गांधी खुद कैथोलिक हैं। उसे माफ़ी मांगनी चाहिए। कांग्रेस को फटकार लगाने वालों में सिर्फ मालवीय ही नहीं, के सुंदरन, हाल ही में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए अनिल एंटनी और केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन जैसे नेता भी थे। कुरियन ने कहा कि ययह शर्मनाक है कि कांग्रेस इस स्तर तक गिर गई है। चौतरफा घिरने और आलोचना झेलने के बाद केरल कांग्रेस की तरफ से माफीनामा भी आया। कांग्रेस ने मांगी माफी कांग्रेस पार्टी की केरल इकाई ने अगले पोस्ट में लिखा, “इस देश की पूरी जनता जानती है कि किसी भी धर्म, धार्मिक पुजारियों और मूर्तियों का अपमान और तिरस्कार करना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की परंपरा नहीं है। कांग्रेस एक ऐसा आंदोलन है जो सभी धर्मों और आस्थाओं को एकजुट करता है और मैत्रीपूर्ण माहौल में लोगों को आगे बढ़ाता है। कोई भी कांग्रेस कार्यकर्ता पोप का अपमान करने के बारे में दूर-दूर तक नहीं सोचेगा, जिन्हें दुनिया भर के ईसाइयों के भगवान के समान मानते हैं। हालांकि, कांग्रेस को नरेंद्र मोदी का मज़ाक उड़ाने में कोई गुरेज नहीं है, जो यह कहते हैं कि वह भगवान हैं। देशवासी नरेंद्र मोदी के बेशर्म राजनीतिक खेल को पोप के अपमान के रूप में चित्रित करने की कोशिश करने वालों को समझेंगे। यदि मोदी और उनके साथियों को ईसाई समुदाय के प्रति सच्चा प्रेम है तो मणिपुर में जलाए गए चर्च पर वे चुप क्यों रहे? पहले उन्हें ईसाई समुदाय से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। यदि इस पोस्ट से ईसाइयों को कोई दुख हुआ हो तो हम क्षमा मांगते हैं।”  

ब्यूटी पार्लर जा रही हैं? सुरक्षित रहें, इस खतरनाक सिंड्रोम से बचने के लिए जानिए उपाय

बीते साल नवंबर में हैदराबाद में एक महिला हेयर वॉश करते हुए ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम का शिकार हो गई। उसको चक्कर, सर दर्द और धुंधला दिखाई देने लगा। स्थिति बिगड़ने पर उसको तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाया गया। ऐसे की एक दूसरे मामले में दिल्ली के ग्रीन पार्क में फेशियल मसाज करवाते हुए उंगलियों के गलत प्रेशर से महिला की गर्दन की नस दब गई। असहनीय दर्द होने पर उसे तुरंत अस्पताल पहुंचकर फिजियोथेरेपी दी गई। कर्नाटक में तो शादी ऐन वक्त पर इसलिए रोक दी गई क्योंकि पार्लर की वजह से दुल्हन का चेहरा खराब हो गया, नौबत ऐसी हो गई कि दुल्हन को आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। ऐसा ही एक मामला आया था मुंबई के अंधेरी इलाके से, जहां फेशियल मसाज के लिए बहुत बड़ी रकम चुकाने के बाद महिला की स्किन बुरी तरह जल गई। परमानेंट डैमेज के बाद महिला ने सैलून के खिलाफ FIR दर्ज करवाई। इसी तरह नीदरलैंड में एक 43 वर्षीय महिला की डेथ केवल इसलिए हो गई क्योंकि उनका पेडीक्योर करवाते हुए प्यूमिक स्टोन से कट लग गया था, जिससे इन्फेक्शन फैल गया। अक्सर इस तरह के मामले सुनने में आते हैं, जब पार्लर में ट्रीटमेंट करवाने के दौरान महिला सिंड्रोम का शिकार हो गई या किसी वजह से एलर्जी हो गई या ट्रीटमेंट गलत होने से स्किन डैमेज हो गई वगैरह। ब्यूटी पार्लर सिंड्रोम किसे कहते हैं? ब्यूटी पार्लर सिंड्रोम शब्द का जिक्र पहली बार 1993 में अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन के जर्नल में किया गया था। इस शब्द का उपयोग उन पांच महिलाओं का अध्ययन करने के बाद किया, जिनमें हेयर सैलून में शैम्पू सेशन के बाद स्ट्रोक जैसे न्यूरोलॉजिकल सिम्टम्स देखने को मिले थे। उन महिलाओं ने चक्कर आना, बैलेंस का खोना और चेहरा सुन्न होने की शिकायत की थी। उनकी आई रिपोर्ट में पांच में से चार महिलाओं को स्ट्रोक हुआ था। नस दबने से हुई हैदराबाद के पार्लर में महिला की मौत बीते साल के नवंबर महीने में हैदराबाद का ब्यूटी पार्लर वाला मामला भी पार्लर सिंड्रोम से जुड़ा हुआ था जब सिंक में गलत पॉजिशन लेने से हेयर वॉश करवाते हुए महिला इसकी चपेट में आ गई। नस दबने से रुक जाती है ब्‍लड सप्‍लाई फिजिशियन डॉक्टर अनूप भटनागर बताते हैं कि ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम आने की खास वजह होती है किसी नस का दबना। हैदराबाद वाले मामले में महिला के बीमार होने की वजह बाल वॉश करने के दौरान गर्दन पर खिंचाव और सिंक पर सही तरह से गर्दन को सपोर्ट न मिलना है। दरअसल, नस कहीं की भी हो, जब दबती है तो तब ब्रेन तक ब्लड की सप्लाई सही तरह से नहीं हो पाती है और यही स्ट्रोक की वजह बनता है। चक्कर आना, तेज सिर दर्द होना, धुंधला दिखाई देना, शरीर का कोई हिस्सा सुन्न होना जैसे लक्षण अगर दिखाई दें, तो तुरंत हॉस्पिटल ले जाना जरूरी है। डॉक्टर अनूप कहते हैं कि पार्लर में अक्सर लोग मसाज कराते हैं। अगर तरीका गलत होगा, तो आपकी हड्डी के लिए पीड़ादायक हो सकती है। पार्लर के जरिए घर तक पहुंच सकता है इंफेक्‍शन कई रिसर्च में भी सामने आ चुका है कि ब्यूटी सैलून के टूल्स और प्रोडक्ट्स से होने वाले इंफेक्शन सेहत के लिए गंभीर समस्याओं की वजह बनते हैं। एक सर्वे के मुताबिक, वार्ट्स, एक्ने, रैशेज, ड्राईनेस, मोलस्कम इंफेक्शन वगैरह कुछ कॉमन इन्फेक्शन है, जो पार्लर के जरिए घर तक आते हैं। फेशियल, वैक्सिंग, थ्रेडिंग और मसाज के बाद मुंहासे निकलना आम बात है। यह एक बैक्टीरियल इंफेक्शन है। स्टीम, फेशियल पैक या ब्लीच का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल स्किन से नमी कम करता है, जो फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन की वजह बनता है। फिजिशियन डॉ. अनूप भटनागर बताते हैं कि सैलून में सिर धोने या मालिश के दौरान गर्दन में अचानक और अत्यधिक छेड़छाड़ से बचें। सिर धोते समय हमेशा गुनगुना पानी डालें। अगर पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो आपको अधिक सावधान रहने की जरूरत है। डेफोनिल ब्यूटी पार्लर की ओनर पारुल अग्रवाल कहती हैं कि ब्यूटी सर्विस देते हुए बहुत छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना पड़ता है। कुछ लोगों की स्किन हो या हेयर, काफी ड्राई होते हैं तो कुछ के ऑयली। ऐसे में जरूरी होता है सबसे पहले तो स्किन के बारे में समझना। वैक्सीन को ही लें, तो कई पार्लर बिना स्किन टाइप देखे वैक्सीन देते हैं, जिसके चलते स्किन जल जाती है या फिर एलर्जी हो जाती है। हमारे पास ऐसी दिक्कतों के साथ दूसरे जगहों से बहुत सारी महिलाएं आती हैं। कोई भी ब्यूटी ट्रीटमेंट लेने से पहले पार्लर की जानकारी लेना जरूरी है। साथ ही, पार्लर चुनते हुए सुविधाएं, हाइजीन, स्टाफ और ब्यूटी प्रॉडक्ट्स के बारे में जानकारी लेना जरूरी है।

गौतम अडाणी को भूटान में मिली एंट्री, ग्रीन हाइड्रो प्लांट के लिए हुई डील

 नई दिल्‍ली अडानी ग्रुप के मुख‍िया गौतम अडानी ने रविवार को थिम्‍पू में भूटान के राजा जिग्‍मे खेसर नामग्‍याल वांगचुक (Jigme Khesar Namgyel Wangchuck) और वहां के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे (Dasho Tshering Tobgay) से मुलाकात की. इस दौरान उन्‍होंने भूटान में 570 मेगावाट के ग्रीन हाइड्रो प्लांट लगाने के लिए समझौते पर हस्‍ताक्षर करने की घोषणा की. इसके अलावा, गौतम अडानी ने भूटान में इंफ्राट्रक्‍चर के विकास में सहयोग करने की भी बात कही. गौतम अडानी ने इसकी जानकारी देते हुए ट्विटर यानी एक्‍स पर पोस्‍ट लिखा कि भूटान के माननीय प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे के साथ मुलाकात बहुत ही रोमांचक रही. चुखा प्रांत में 570 मेगावाट के हरित हाइड्रो प्लांट के लिए ड्रक ग्रीन पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (DGPC) के साथ समझौता किया गया है. हाइड्रो और इंफ्रा प्रोजेक्ट लेकर आएगा अडानी ग्रुप गौतम अडानी ने बताया कि भूटान के लिए उनके विजव और बड़े कंप्यूटिंग सेंटर व डेटा फैसिलिटी समेत गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी के इको फेंडली मास्‍टरप्‍लान से प्रेरित हुए हैं. उन्‍होंने कहा कि अडानी ग्रुप भूटान में हाइड्रो प्‍लांट लगाने से लेकर यहां पर अन्‍य इंफ्रा प्रोजेक्‍ट पर मिलकर काम करने के लिए उत्‍सुक है. जल्‍द ही इसे लेकर ऐलान हो सकता है. गौतम अडानी ने कहा कि इको फ्रेंडली देश के लिए ग्रीन एनर्जी मैनेंजमेंट के साथ-साथ इन प्रोजेक्‍ट्स में सहयोग के लिए उत्‍साहित हैं. बता दें पिछले साल नवंबर में गौतम अडानी ने भूटान नरेश से मुलाकात की थी और कहा था कि वे “अपने खुशहाल और गर्मजोशी से भरे पड़ोसी” के लिए ग्रीन इंफ्रास्टक्चर डेवलपमेंट में योगदान देने के लिए अडानी ग्रुप के लिए अवसर की तलाश में हैं. पीएम मोदी से भी मिले भूटान के राजा अडानी से मुलाकात से पहले, राजा ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. अधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में दोनों पक्षों ने भारत-भूटान साझेदारी के विस्तार पर चर्चा की, जिसमें बड़े स्‍तर पर कनेक्टिविटी के नए क्षेत्र, सीमा पार व्यापार के अवसर, व्‍यापर करने और आपसी निवेश, ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा, अंतरिक्ष टेक्‍नोलॉजी और अन्‍य मुद्दे रहे.  

UP के Shahjahanpur में एक सिनेमा हॉल में लगी भीषण आग, मिनटों में सब कुछ जलकर हो गया खाक

शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक सिनेमा हॉल में भीषण आग लग गई. आग लगने से सिनेमाघर में अफरातफरी मच गई और मनटों में सबकुछ जलकर खाक हो गया. आग लगने की वजह बिजली में शॉर्ट सर्किट बताई  जा रही है. इस सिनेमा हॉल का नाम अंबा सिनेप्लेक्स है. आग इतनी भीषण थी कि उसकी लपटें कई मीटर तक उठती हुई दिखाई दे रही थी. फिलहाल दमकल की आधा दर्जन गाड़ियां आग बुझाने में जुटी रही. यह भीषण आग कोतवाली क्षेत्र के अंबा सिनेमा घर की है जहां रात 11:00 बजे सिनेमा घर के अंदर बिजली के तारों में जबरदस्त शॉर्ट सर्किट हुआ. शॉर्ट  सर्किट से आग लग गई. बताया जा रहा है कि फिल्म का शो खत्म हो चुका था जिसके बाद करीब आधे घंटे बाद जब सिनेमा हॉल के कर्मचारी बाहर बैठे हुए थे तभी शॉर्ट सर्किट से आग लग गई. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, आग ने सिनेमा घर की कुर्सियों और पूरे हॉल को अपनी चपेट में ले लिया. पुलिस ने आने-जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया है. आग लगने की सूचना के बाद मौके पर पहुंची आधा दर्जन दमकल की गाड़ियों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन आग इतनी भीषण थी कि उस पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. देर रात तक सिनेमा घर में आज की लपटें उठती रही लेकिन बाद में उसे बुझा दिया गया.  

इक्वाडोर में भारी बारिश से भूस्खलन में 6 लोगों की मौत, 30 लापता

MP Weather: Rain alert in 21 districts of the state today

बानोस डी  इक्वाडोर के अधिकारियों से प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इक्वाडोर के बानोस डी अगुआ सांता में भूस्खलन के कारण कम से कम छह लोगों की मौत हो गई तथा 30 अन्य लापता हो गए. 2023 में भी भूस्खलन से गई थी कई लोगों की जान साल 2023 में भी इक्वाडोर में भूस्खलन से 43 लोगों की मौत हुई थी. भूस्खलन ने 163 घरों को नष्ट कर दिया था, जबकि 1000 से अधिक लोग बेघर हो गए थे. भूस्खलन से 40 से अधिक लोग घायल भी हुए थे और 40 से अधिक लोगों को बचाया भी गया था. बताया जा रहा है कि कम दबाव के कारण हुई भीषण बारिश के कारण भूस्खलन हुआ, जिसके चलते मध्य और दक्षिण अमेरिका के विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित किया. इसमें 6 लोगों की मौत हो गई है. जबकि प्रभावित 30 लोग लापता बताए जा रहे है. ऐसे में कई देशों ने खराब मौसम की स्थिति के कारण भूस्खलन और बाढ़ के बढ़ते खतरे को लेकर चेतावनी जारी की है. भारी बारिश को देखते हुए अल साल्वाडोर की नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने पूरे छोटे देश में रेड अलर्ट घोषित कर दिया. वहीं कई एयरलाइनों को एहतियात के तौर पर उड़ानें डायवर्ट की गई है. ताकि किसी भी घटना से बचा जा सके. गौरतलब है कि इससे पहले भी इस प्रकार की प्राकृतिक आपदा का सामना लोंगो को करना पड़ा है.  साल 2023 में भी इक्वाडोर में भूस्खलन से 43 लोगों की मौत हुई थी. भूस्खलन ने 163 घरों को नष्ट कर दिया था. इसके बाद अब 6 लोगों की जान भूस्खलन ने ले ली है.

PG की पढ़ाई बदल गई, पोस्ट ग्रेजुएशन करने का सोच रहे हैं तो जान लें UGC के नये नियम

Budget 2024: 'We do not want anyone's alms, PM Modi is jealous of Bengal', Mamata Banerjee

नईदिल्ली ग्रेजुएशन की चार साल की पढ़ाई करने के बाद अब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने पोस्ट ग्रेजुएशन छात्रों को लिए फैसला लिया है. यूजीसी ने पीजी कोर्सेस के लिए नया फ्रेमवर्क तैयार किया है, जिसमें स्टूडेंट्स के पास बीच में कभी भी पढ़ाई छोड़ने और शुरू करने का विकल्प होगा. यह फ्रेमवर्क नई शिक्षा नीति को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. अगर आप पोस्ट ग्रेजुएशन करने का सोच रहे हैं तो यूजीसी के नये फ्रेमवर्क को अच्छे से समझ लें. क्या हैं यूजीसी के नये नियम? अगर आपने तीन साल का ग्रेजुएशन कोर्स किया है तो आप दो साल का पीजी प्रोग्राम चुन सकते हैं, जिसमें दूसरे साल आप रिसर्च पर पूरा ध्यान दे सकते हैं. अगर आपने चार साल का ऑनर्स या रिसर्च के साथ ऑनर्स प्रोग्राम किया है तो आपके लिए एक साल का पीजी प्रोग्राम भी होगा. नए करिकुलम में आपको अपनी पसंद के कोर्स चुनने की आजादी होगी. अगर आप एंट्रेंस क्रैक कर लें, तो ग्रेजुएशन के सब्जेक्ट से हटकर, कोई और विषय भी चुन सकते हैं. इसमें ऑफलाइन, ऑनलाइन, या दोनों तरीकों से पढ़ाई करने का विकल्प भी होगा. बीई-बेटक वाले छात्रों को करना होगा 2 साल का पीजी कोर्स नए फ्रेमवर्क के तहत चार साल का बीई-बीटेक वालें छात्रों को पोस्ट ग्रेजुएशन दो साल के लिए ही करनी होगी. वहीं, अन्य कोर्सेस के छात्र अब अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई एक साल में पूरी कर सकते हैं. दो साल के पीजी कोर्स में छात्रों को 260 क्रेडिट अंक जुटाने होंगे. वहीं, एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा पर छात्रों को 240 क्रेडिट अंक जुटाने होंगे. यूजीसी ने पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्सों को लेकर जारी किए गए इन फ्रेमवर्क को सभी विश्वविद्यालयों व उच्च शिक्षण संस्थानों को अमल में लाने के भी निर्देश दिए है. पीजी फ्रेमवर्क को नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (NCF) के साथ जोड़ा जाएगा. छात्रों की पढ़ाई, असाइनमेंट, क्रेडिट जमा करने, ट्रांसफर करने और उनका इस्तेमाल करने का पूरा हिसाब-किताब होगा. यूजीसी अध्यक्ष ने नये फ्रेमवर्क को लेकर कही ये बात उच्च शिक्षा संस्थानों (HEI) को 1-वर्षीय, 2-वर्षीय और इंटीग्रेटेड 5 वर्षीय पाठ्यक्रमों सहित अलग-अलग पीजी कोर्सेस करने की सुविधा दी गई है, जो छात्रों की आवश्यकताओं और एआई और मशीन लर्निंग जैसे उभरते क्षेत्रों में पढ़ाई करने का मौका देता है. यूजीसी के अध्यक्ष प्रो. एम. जगदीश कुमार ने सभी उच्च शिक्षा संस्थानों से इस फ्रेमवर्क को अपनाने का आग्रह किया है, जो राष्ट्रीय उच्च शिक्षा योग्यता फ्रेमवर्क (NHEQF) और नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (NCrf) के साथ छात्रों को अपने पाठ्यक्रम चुनने और विषयों को बदलने की अनुमति देगा.

पाकिस्तान टीम का टी20 वर्ल्ड कप 2024 में अपना सफर खत्म

 फ्लोरिडा बाबर आजम की कप्तानी में पाकिस्तान टीम ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 में अपना सफर खराब प्रदर्शन के साथ खत्म कर लिया है. उसे सुपर-8 में जगह नहीं मिली है, लेकिन पहले राउंड के आखिरी मैच में पाकिस्तान ने आयरलैंड को 3 विकेट से हरा दिया है. यह मैच रविवार (16 जून) को फ्लोरिडा में खेला गया. इस मैच में आयरलैंड ने 107 रनों का टारगेट दिया, जिसको हासिल करने में पाकिस्तान टीम को पसीना आ गया. वो तो अच्छी बात यह रही कि कप्तान बाबर आखिरी मौके तक डटे रहे और टीम को जीत दिलाई. यह इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान की दूसरी जीत रही. बता दें कि पाकिस्तान ने शुरुआती दोनों मैच गंवा दिए थे. उसे सबसे पहले अमेरिका ने शिकस्त दी थी. इसके बाद भारतीय टीम ने रौंदा था. इस कारण पाकिस्तान टीम सुपर-8 में क्वालिफाई नहीं कर सकी. हालांकि उसने अपने आखिरी दोनों मुकाबले जीत लिए. पाकिस्तानी गेंदबाजों के आगे आयरलैंड पस्त आखिरी मैच में बाबर आजम ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया था. इसके बाद तेज गेंदबाज शाहीन आफरीदी, मोहम्मद आमिर और स्पिनर इमाद वसीम ने जमकर कहर बरपाया. तीनों ने मिलकर 8 विकेट झटके और आयरलैंड को 9 विकेट पर 106 रनों पर रोक दिया. आयरिश प्लेयर गेराथ डेलनी ने 19 गेंदों पर सबसे ज्यादा 31 रन बनाए. जबकि पाकिस्तान टीम के लिए शाहीन और इमाद ने 3-3 विकेट झटके. जबकि आमिर को 2 सफलता मिली. एक विकेट हारिस रउफ को मिला. फिर आयरिश गेंदबाजों ने दिखाया पूरा दम 107 रनों का छोटा टारगेट मिलने के बाद पाकिस्तान टीम को जीत का दावेदार माना जा रहा था, लेकिन उसे यह जीत उतनी आसानी से नहीं मिली. आयरिश गेंदबाजों ने अपना पूरा जोर दिखाया और पाकिस्तान को पसीना ला दिया. पाकिस्तान टीम ने एक समय 95 रनों पर 7 विकेट गंवा दिए थे. आखिर में पाकिस्तान को 12 गेंदों पर 12 रनों की जरूरत थी. उस समय शाहीन आफरीदी ने 2 छक्के लगाकर पाकिस्तान को जीत दिलाई. कप्तान बाबर 34 गेंदों पर 32 रन बनाकर नाबाद रहे. शाहीन ने 5 गेंदों पर नाबाद 13 रन जड़े. आयरलैंड के लिए बैरी मैकार्थी ने सबसे ज्यादा 3 विकेट झटके. जबकि कर्टिस कैम्फर ने 2 विकेट लिए.  

अबूझमाड़ मुठभेड़ में 5 दिनों के ऑपरेशन में 50 लाख के इनामी 8 नक्सली ढेर

नारायणपुर. छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में पुलिस फोर्स के नक्सल विरोधी  ऑपरेशन ‘नक्सलवाद से माड़ को बचाओ’ में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। पांच दिनों तक तक चले अभियान में पुलिस फोर्स ने नक्सलियों के कोर इलाके में घुसकर आठ नक्सलियों को मार गिराया है। इनमें 4 महिला नक्सली भी शामिल हैं। मुठभेड़ में कई नक्सलियों के घायल होने की भी खबर है। मारे गये सभी नक्सलियों के शव लेकर जवान नारायणपुर पहुंच गये हैं। इन 6 नक्सलियों पर 8-8 लाख यानी कुल 48 लाख का इनाम था। इस अभियान में महिला कमांडो की विशेष भूमिका रही। मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ का एक जवान बलिदान हो गया और दो जवान घायल हुए हैं। जिनका रायपुर के एक निजी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। घायल जवानों की स्थिति खतरे से बाहर है। सीएम और डिप्टी सीएम ने रविवार को उनसे मुलाकात भी की। वीरगति प्राप्त जवान को आज रायपुर और उसके गृह जिले जशपुर में नमन कर श्रद्धांजलि दी गई। फिर अंतिम संस्कार किया गया। फोर्स को ज्वॉइंट ऑपरेशन में नारायणपुर, कोंडागांव, दंतेवाडा, कांकेर जिलों के एलिट फोर्सेस डीआरजी और एसटीएफ के साथ 53वी वाहिनी आईटीबीपी और बीएसएफ 135वीं वाहिनी के कुल 1400 जवान शमिल रहे। एक महीने के भीतर तीसरी बड़ी सफलता और 45 दिनों के भीतर चौथी बड़ी सफलता है। 30 अप्रैल काकुर में, 24 मई को रखवाया में, 8 जून को ईरपनार-भट्बेड़ा में इसी अभियान के तहत बड़ी कामयाबी मिली थी। मौके से ये हथियार बरामद ———- 0- 1 नग इंसास रायफल 0- 2 नग 303 रायफल, 3 नग 315 बोर रायफल,   0- 1 नग बीजीएल लांचर सहित भारी मात्रा में विस्फोटक सामान 0- अन्य नक्सली दैनिक उपयोगी सामग्री मारे गये नक्सलियों के नाम और पद ——– 0- सुदरू, सीवायपीसी- पीएलजीए कंपनी नं. 01/डीव्हीसीएम, 8 लाख इनामी 0- वर्गेश, सीवायपीसी- पीएलजीए कंपनी नं. 01/डीव्हीसीएम, 8 लाख इनामी 0- ममता, सीवायपीसी- पीएलजीए कंपनी नं. 01/डीव्हीसीएम,  8 लाख इनामी 0- समीरा, पीपीसीएम- पीएलजीए कंपनी नं. 01,  8 लाख इनामी 0- कोसी, पीपीसीएम- पीएलजीए कंपनी नं. 01,  8 लाख इनामी 0- मोती, पीपीसीएम- पीएलजीए कंपनी नं. 01,  8 लाख इनामी 0- अन्य 2 नक्सलियों की पहचान की कार्यवाही जारी है। वीरगति को प्राप्त जवान 0- एसटीएफ आरक्षक 606 नितेश एक्का उम्र 27 वर्ष निवासी जिला जशपुर घायल दो जवान 0- एसटीएफ आरक्षक 1075 लेखराम नेताम उम्र 28 वर्ष निवासी जिला धमतरी। 0- एसटीएफ आरक्षक 831 कैलाश नेताम उम्र 33 वर्ष निवासी जिला कोण्डागांव। अब तक 131 माओवादियों के शव बरामद बस्तर आईजी सुन्दरराज पी ने बताया कि वर्ष 2024 में अब तक बस्तर संभाग के अंतर्गत हुए एनकाउंटर्स में अब तक कुल 131 माओवादियों के शव बरामद की गई, जिसमें सर्वाधिक जिला बीजापुर- 51, कांकेर-34 एवं नारायणपुर- 26 माओवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया गया है।

बंगाल: न्यू जलपाईगुड़ी में मालगाड़ी ने कंचनजंगा एक्सप्रेस को पीछे से मारी टक्कर, उड़े परखच्चे, 5 लोगों की मौत

Investiture ceremony of Kendriya Vidyalaya Student Council concluded

दार्जिलिंग पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में बड़ा ट्रेन हादसा हुआ है और यहां खड़ी कंचनजंगा एक्सप्रेस हादसे की शिकार हुई है जिसे पीछे से मालगाड़ी ने टक्कर मारी है. ट्रेन अगरतला से सियालदाह जा रही थी. हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई है जबकि 20-25 लोग घायल बताए जा रहे हैं. यह हादसा सुबह करीब 9 बजे हुआ. इसके बाद की जो तस्वीरें सामने आई हैं उसमें साफ दिख रहा है कि टक्कर के बाद मालगाड़ी का कोच दूसरे कोच के ऊपर चढ़ गया. दो बोगियां एक दूसरे के ऊपर चढ़ गईं जबकि तीन बोगियां डिरेल हो गईं. जो कोच आपस में बुरी तरह टकराकर बुरी तरह फंस गए हैं उन्हें गैस कटर की मदद से काटा जा रहा है. घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और मौके पर बचाव और राहत का अभियान जारी है. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने इस घटना पर बयान जारी करते हुए कहा कि उन्हें न्यू जलपाईगुड़ी के रंगापानी में हुई दुर्घटना की सूचना मिली है. बयान के मुताबिक, ‘एक मालगाड़ी सियालदह जाने वाली डीएन कंचनजंगा एक्सप्रेस से पीछे से टकरा गई.’ रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हादसे पर ट्वीट करते हुए लिखा, ‘एनएफआर जोन में दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना हुई है. बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है. रेलवे, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ मिलकर काम कर रहे हैं. घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है. वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं.’ आपातकालीन चिकित्सा दल को मौके पर भेजा गया है. 5-6 लोगों के घायल होने की सूचना है. अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. स्थानीय लोगों की मदद से  भारी बारिश के बीच बचाव अभियान जारी है. यह टक्कर कंचनजंगा एक्सप्रेस के न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन से सियालदह के लिए रवाना होने के तुरंत बाद हो गई. कंचनजंघा एक्सप्रेस अगरतला से कोलकाता के सियालदह जा रही थी. सियालदाह स्टेशन पर आपातकालीन सहायता डेस्क खोली गई है. कंचनजंगा ट्रेन टक्कर के संबंध में सियालदह में हेल्प डेस्क नंबर:- 033-23508794 033-23833326 हेल्पलाइन नंबर गुवाहाटी रेलवे स्टेशन (GHY) स्टेशन 03612731621 03612731622 03612731623 लुमडिंग जंक्शन रेलवे स्टेशन (एलएमजी) हेल्पलाइन नं. 03674263958 03674263831 03674263120 03674263126 03674263858 KIR स्टेशन हेल्प डेस्क नंबर- 6287801805 कटिहार हेल्पलाइन नंबर 09002041952 9771441956 पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि डॉक्टरों और आपदा प्रतिक्रिया टीमों को घटनास्थल पर भेज दिया गया है.उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, “अभी-अभी दार्जिलिंग जिले के फांसीदेवा इलाके में एक दुखद रेल दुर्घटना के बारे में जानकर स्तब्ध हूं. विस्तृत जानकारी का इंतजार है, बताया जा रहा है कि कंचनजंगा एक्सप्रेस एक मालगाड़ी से टकरा गई है. डीएम, एसपी, डॉक्टर, एंबुलेंस और आपदा दल को बचाव, बचाव और चिकित्सा सहायता के लिए घटनास्थल पर भेजा गया है। युद्धस्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है.”  

डायबिटीज के लिए रामबाण मसाले: ब्लड शुगर को स्थिर रखने में सहायक

डायबिटीज एक क्रोनिक डिजीज है, जो कभी ठीक नहीं होती है इसे केवल कंट्रोल रखा जा सकता है. यह बीमारी तब होती है जब बॉडी सही तरह ब्लड में मौजूद ग्लूकोज को एब्जॉर्ब करने के लिए इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर पाता है. यह बीमारी आमतौर पर खराब लाइफस्टाइल का परिणाम होती है. हालांकि इसके लिए जेनेटिक कारक भी जिम्मेदार होते हैं. आईसीएमआर के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 101 लाख भारतीय डायबिटीज से पीड़ित हैं, जो कि एक गंभीर चिंता का विषय है. वैसे तो इस बीमारी को दवाओं, एक्सरसाइज और लाइफस्टाइल की हेल्दी आदतों से कंट्रोल किया जा सकता है. लेकिन कुछ भारतीय मसाले भी इसके लिए प्रभावी ढंग से फायदेमंद साबित होते हैं.   अदरक अदरक टाइप 2 डायबिटीज मरीजों के लिए बहुत मददगार होता है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ में छपे शोध से पता चलता है कि अदरक में एंटी डायबिटिक गुण होते हैं. ऐसे में अदरक T2DM वाले रोगियों में हाइपरइन्सुलिनमिया को कंट्रोल करने में बहुत कारगर साबित होता है। इसके अलावा, अदरक ने T2DM वाले रोगियों में लीवर, किडनी और नर्वस सिस्टम से जुड़ी परेशानियों से भी बचाता है.   लहसुन लहसुन ब्लड शुगर, टोटल कोलेस्ट्रॉल और लिपोप्रोटीन को मैनेज रखने में बहुत प्रभावी ढंग से मदद  करता है. ऐसा लहसुन में पाया जाने वाले एलिसिन (एक बायोएक्टिव कंपाउंड) होता है जो अग्न्याशय बीटा सेल को प्रभावित करता है और इंसुलिन को रिलीज करने में मदद करता है। दालचीनी दालचीनी भी डायबिटीज में शुगर को कंट्रोल रखने में बहुत कारगर होता है. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, 12 हफ्तों तक 1 ग्राम तक दालचीनी का सेवन करने वाले लोगों में फास्टिंग ब्लड शुगर लेवल में कमी और डायबिटीज टाइप 2 के मरीजों में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस में सुधार रिकॉर्ड किया गया है. मेथी मेथी के बीज से घुलनशील फाइबर होता है जो ब्लड शुगर को कम करता है और इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाता है। इसके अलावा, मेथी डायबिटीज मरीजों के लिए एक अच्छा आहार है क्योंकि इसमें गैलेक्टोमेन्नन और ट्राइगोनेला जैसे रसायन होते हैं जो इंसुलिन प्रतिरोध को कम करने करते हैं. लौंग लौंग मधुमेह रोगियों के लिए एंटीसेप्टिक, एंटी इंफ्लेमेटरी, एनाल्जेसिक और डाइजेशन हेल्थ से संबंधित लाभों से भरा हुआ मसाला है. ये ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल में भी मदद करता है और इंसुलिन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते हैं.

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