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मोहन सरकार ने खरगोन जिले में मिर्च से जुड़े और उद्योग लगाने का निर्णय लिया

 खरगोन निमाड़ का खरगोन जिला सिर्फ कपास के लिए ही मशहूर नहीं है, बल्कि यहां की मिर्च भी देशभर में खासी पहचानी जाती है। मिर्च से जुड़े लगभग सौ से ज्यादा उद्योग फिलहाल जिले में रोजगार के साधन मुहैया करवा रहे हैं। अब इस कारोबार को विदेश तक पहुंचाने की योजना औद्योगिक विकास निगम और प्रदेश सरकार बना रही है। एक जिला एक उत्पाद के तहत जिले में आगामी समय में मिर्च से जुड़े 200 उद्योग लगाए जाएंगे। यह है मध्‍य प्रदेश सरकार की योजना मध्‍य प्रदेश सरकार की योजना है कि जिले में मिर्च की फसल से लेकर उसकी उपज का विदेशों तक कारोबार किया जाए। फिलहाल कई किसान समूह के माध्यम से विदेशों में खड़ी मिर्च व पाउडर भेजते हैं। अब नए उद्योगों के बाद विदेश निर्यात का नई राह खुलेंगी और क्षेत्रवासियों को स्वरोजगार के साथ ही आर्थिकी भी बेहतर होगी। निमाड़ में खरगोन में ही 45 हजार हेक्टेयर से ज्यादा में मिर्च की खेती होती है। कुछ प्रमुख बातें     मप्र के खरगोन जिले की बेड़िया मिर्च मंडी पीएम नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत मिशन में शामिल है।     बेहतर स्वाद के कारण बेड़िया मिर्च की मांग ज्यादा है।     खेती में कम लागत, कम समय में मिर्च की फसल (मिर्च तीन से चार बार आना) तैयार होती है।     नकद राशि के कारण मिर्च की खेती ज्यादा होने लगी है।     सरकार ने भी मिर्च खेती और उसके कारोबार को बढ़ाने का फैसला किया है।     सरकारी योजनाओं के माध्यम से किसानों को दिया जा रहा प्रोत्‍साहन।     प्रधानमंत्री रोजगार योजना से जिले के युवा खुद का कारोबार स्थापित कर रहे हैं। औसतन एक से डेढ़ लाख रुपये प्रति एकड़ शुद्ध लाभ किसान मिर्च की खेती से औसतन एक से डेढ़ लाख रुपये प्रति एकड़ शुद्ध लाभ प्राप्त करता है। जिले में साढ़े तीन लाख किसानों में से 70 हजार किसान मिर्च की खेती करते हैं। जिले के डालकी के किसान बालकृष्ण पाटीदार ने टेराग्लेब समूह बनाया है। इसमें 300 किसानों के साथ 600 एकड़ जमीन में मिर्च की खेती की जाती है। विदेशों में रसायनमुक्त मिर्ची भेजी जाती है। किसान यूरोप सहित चाइना को मिर्च सप्लाय मिट्टी के सेंपल्स केरला की एविटी लेब में जांच कराई। इसमें रसायन प्रोपिनोफास, ट्रेजोफास, क्लोरोपारीफास, और मोनोक्रोटफास नहीं मिला। यह रसायन अमेरिका सहित यूरोपीय देशों में प्रतिबंधित है। किसान यूरोप सहित चाइना को मिर्च सप्लाय करते हैं। वह मुंबई से पोर्ट के माध्यम से विदेशों तक मिर्च भेजते हैं। बालकृष्ण बताते हैं कि एक एकड़ पर 40 हजार रुपये का मुनाफा होता है। पिछले साल 55 मीट्रिक टन मिर्च विदेश भेजी थी। कंपनी का टर्नओवर पांच करोड़ रुपए हैं। पांच साल ऐसा रहा रकबा और उत्पादन उद्यानिकी विभाग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक जिले में पिछले पांच साल में मिर्च का रकबा व उत्पादन बढ़ा है। वर्ष              रकबा        उत्‍पादन 2018-19     25369     63423 मीट्रिक टन 2019-20     23280     81480 मीट्रिक टन 2020-21     49052     171682 मीट्रिक टन 2021-22     51350     179725 मीट्रिक टन 2022-23     46556     139668 मीट्रिक टन 2023-24 में 45000 से ज्यादा रकबा है।     मिर्च की विदेशों तक मांग, 200 उद्योग लगेंगे     जिले की मिर्च की मांग विदेशों तक है। एक जिला एक उत्पाद में मिर्च उत्पाद पर आधारित प्रधानमंत्री सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योग स्थापना के जल्द ही 200 उद्योग लगेंगे। इससे प्रोत्साहन के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। मिर्च से जुड़े कई किसान व उद्योग लगाने वाले लाखों रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं। यह उत्पाद जिले को एक नई पहचान देंगे।     -कर्मवीर शर्मा, कलेक्टर  

गाजियाबाद में अप्रैल, मई और जून में बीयर की रिकॉर्डतोड़ बिक्री, 400 करोड़ की बीयर गटकी !

 गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में अप्रैल, मई और जून में बीयर की रिकॉर्डतोड़ बिक्री हुई है. आबकारी विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, गाजियाबाद वासी मात्र तीन महीने में करीब 400 करोड़ रुपये की बीयर गटक गए. साल 2024 के अप्रैल से जून तक रिकॉर्ड 397.54 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया, जो कि पिछली बार की अपेक्षा 106% से भी ज्यादा है. दरअसल, दिल्ली-एनसीआर समेत गाजियाबाद में बीते कुछ महीनों में प्रचंड गर्मी का प्रकोप देखने को मिला. इस गर्मी के बीच बीयर प्रेमियों ने जमकर बीयर की खरीददारी की और पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया. ऐसे में जिले के आबकारी विभाग को मोटा राजस्व भी प्राप्त हुआ. गाजियाबाद में भीषण गर्मी के बीच अप्रैल, मई और जून (तीन महीने) में बीयर प्रेमी लगभग 400 करोड़ की बीयर पी गए. आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बीते तीन महीने में रिकॉर्ड 397.54 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है. ये राजस्व पिछली बार की तुलना में 106% से भी ज्यादा है. वहीं, गर्मी के इन 3 महीनों में अगर बीयर के कैन की बिक्री की बात करें तो उसमें भी 116% का इजाफा देखा गया. जहां पहले 11501960.26 बीयर की कैन बिकी थी, वहीं इस बार यह संख्या बढ़कर 13369674.50 हो गई. इस तरह बीयर की कैन की बिक्री में 116% का इजाफा देखा गया. गर्मी के इन तीन महीनों में आबकारी विभाग की चांदी दिखाई दी. आबकारी विभाग के अधिकारियों ने भी माना इस बार यह आंकड़े इसलिए बढ़े क्योंकि गर्मी बहुत थी और बीयर के रेट भी नहीं बढ़े थे. ज्यादा बिक्री के करण 397 करोड़ से ज्यादा का राजस्व अर्जित किया गया. साथ ही बीयर के कैन की बिक्री में 116% का इजाफा भी हुआ.  

क्रेडा विभाग के कर्मचारियों का अनोखा प्रदर्शन, सिर मुंडवा कर जताया विरोध

रायपुर छत्तीसगढ़ के क्रेडा विभाग के टेक्नीशियन कर्मचारी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर हैं. हड़ताल के बीच कर्मचारियों ने शुक्रवार को मुंडन करा कर अनोखा प्रदर्शन किया. बता दें, क्रेडा के कुल 540 कर्मचारियों को संविदा अनुबंध के बजाय ठेकेदारी में बदल दिया गया है, जिसके विरोध में वे तूता नया रायपुर में प्रदर्शन कर रहे हैं. कर्मचारियों के संविदा अनुबंध को ठेकेदारी में बदलने से उन्हें कई सुविधाएं नहीं मिलेंगी. स्वयं अपने व्यय से दुर्घटना बीमा का कराना होगा, जिससे किसी भी दुर्घटना के मामले में विभाग की जिम्मेदारी खत्म हो जाएगी. अनुबंध के तहत, कर्मचारियों को किसी भी प्रकार के अन्य भत्तों जैसे नक्सल भत्ता, EPF, ESIC, और मेडिकल सुविधाओं की सुविधा नहीं मिलेगी. इसके अलावा, उन्हें यात्रा भत्ता और मानदेय भुगतान के संबंध में भी चिंता है. क्रेडा विभाग के इन कर्मचारियों ने अपने मुद्दों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर चर्चा करने की मांग की है. वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए हड़ताल जारी रखेंगे जब तक कि उनकी मांगों पर समाधान नहीं हो जाता. बता दें, विभाग के अधिकारियों की मनमानी और बार-बार नियम कानून बदलने के चक्कर में 120 संविदा कर्मचारियों को 2014 से 2016 तक संविदा में कार्य पर रखा गया. इसके बाद फिर नियम में संशोधन करते हुए इनको फिर कलेक्टर दर पर वेतन भुगतान करने के लिए मजबूर किया गया. बार-बार अधिकारी नियम कानून मनमाने ढंग से बदल रहे हैं, जिसकी वजह से विभाग में जो कार्यरत 560 कर्मचारी हैं वह बहुत मानसिक रूप से परेशान हैं. जबरदस्ती दबाव बनाया जा रहा है कि अगर आप अनुबंध नहीं करेंगे, तो आपको नौकरी से निकाल दिया जायेगा. हड़तालियों की प्रमुख मांगें     तकनीशियनों से अनुबंध कराने प्रथा तत्काल बंद किया जाए.     पूर्व में जिनकी नियुक्ति संविदा में हुआ था उसी को आधार मानते हुए सभी तकनीशियनों को संविदा दर पर वेतन भुगतान करें.     विभाग में 2012 में अनियमित कर्मचारियों को नियमित किया गया उसी अनुरूप में तकनीशियनों को भी नियमित किया जाए.     अन्य संविदा प्लेसमेंट कर्मचारियों के अनुरूप शासकीय अवकाश का लाभ दिया जाए.     क्रेड़ा विभाग इंश्योरेंस स्वयं कराएं जो वर्तमान में कर्मचारियों से कराया जा रहा है.     वर्तमान स्थिति में प्रतिमाह 3000 यात्रा भत्ता दिया जाय।इसमें प्रतिवर्ष 20% वृद्धि किया जाए.  

कप्तान गिल पारी का आगाज करेंगे और देखना होगा कि अभिषेक शर्मा को पदार्पण का मौका मिलता

हरारे रोहित शर्मा और विराट कोहली के बिना की युवा ब्रिगेड जिम्बाब्वे के खिलाफ शनिवार से शुरू हो रही पांच मैचों की टी20 श्रृंखला में उतरेगी तो इस प्रारूप में यह भारतीय क्रिकेट के नये दौर का सूत्रपात भी होगा। भारत में टी20 विश्व कप की जीत के सतत जारी जश्न के बीच शुभमन गिल की कप्तानी वाली आईपीएल सितारों से सजी यह युवा टीम जीत का अपना सिलसिला शुरू करना चाहेगी। आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद के लिये शानदार प्रदर्शन करने वाले पंजाब के अभिषेक शर्मा और राजस्थान रॉयल्स के लिये खेलने वाले असम के रियान पराग इस श्रृंखला के जरिये पदार्पण करेंगे। पिछले कुछ साल में रोहित और कोहली टी20 क्रिकेट में कई द्विपक्षीय श्रृंखलाओं से बाहर रहे हैं। अब टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दोनों के संन्यास के बाद उनकी कमी जरूर खलेगी। इसकी भरपाई करना तो मुश्किल है लेकिन फिर परिवर्तन संसार का नियम है। जिम्बाब्वे मजबूत टीम नहीं है लेकिन टी20 प्रारूप में दोनों टीमों के बीच बहुत गहरा अंतर नहीं है। आईपीएल में पंजाब किंग्स के लिये खेलने वाले सिकंदर रजा भारत के लिये चुनौती साबित हो सकते हैं। शिवम दुबे, संजू सैमसन और यशस्वी जायसवाल तीसरे मैच से ही उपलब्ध होंगे। भारत के भावी टी20 कप्तान हार्दिक पंड्या, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह और कुलदीप यादव भी भविष्य में इस प्रारूप में लौटेंगे लिहाजा अंतिम एकादश में ज्यादा जगह खाली नहीं है। अब से 2026 टी20 विश्व कप तक भारतीय टीम इस प्रारूप में 34 मैच खेलेगी। कप्तान गिल पारी का आगाज करेंगे और देखना होगा कि उनके अजीज दोस्त अभिषेक शर्मा को पदार्पण का मौका मिलता है या चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान रूतुराज गायकवाड़ खेलते हैं। अभिषेक पारी की शुरूआत करते हैं तो गायकवाड़ तीसरे नंबर पर उतर सकते हैं। पराग चौथे नंबर पर बल्लेबाजी कर सकते हैं लिहाजा उनके चयन की संभावना अधिक है। टी20 क्रिकेट के आक्रामक फिनिशर रिंकू सिंह पांचवें नंबर पर उतर सकते हैं जबकि छठे नंबर पर जितेश शर्मा या ध्रुव जुरेल को उतारा जा सकता है। गेंदबाजी में आवेश खान और खलील अहमद का खेलना तय है जबकि डैथ ओवरों के खतरनाक गेंदबाज मुकेश कुमार तीसरे तेज गेंदबाज होंगे। दुबे के आने तक वॉशिंगटन सुंदर को मौका मिल सकता है। टीमें : भारत (पहले दो मैचों के लिये) : शुभमन गिल (कप्तान), रूतुराज गायकवाड़, अभिषेक शर्मा, रिंकू सिंह, ध्रुव जुरेल, रियान पराग, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, आवेश खान, खलील अहमद, मुकेश कुमार, तुषार देशपांडे, साइ सुदर्शन, जितेश शर्मा, हर्षित राणा। जिम्बाब्वे : सिकंदर रजा (कप्तान), फराज अकरम, ब्रायन बेनेट, जोनाथन कैंपबेल, टेंडाइ चतारा, ल्यूक जोंगवे, इनोसेंट केइया, क्लाइव एम, वेसली मेदेवेरे, टी मारूमानी, वेलिंगटन मसाकाजा, ब्रेंडन मावुता, ब्लेसिंग मुजाराबानी, डियोन मायर्स, एंटम नकवी, रिचर्ड एंगारावा, मिल्टन शुम्बा। मैच का समय : शाम 4 . 30 से।    

HC ने आइसक्रीम डिब्बे में कनखजूरा पाए जाने वाले सोशल मीडिया पोस्ट को हटाने का दिया निर्देश, जानें पूरा मामला

नई दिल्ली दिल्ली उच्च न्यायालय ने नोएडा की एक महिला को अमूल की आइसक्रीम के डिब्बे में कनखजूरा मिलने के आरोप वाला अपना पोस्ट हटाने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति मनमीत पी एस अरोड़ा ने अमूल ब्रांड के तहत उत्पादों का विपणन करने वाले गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ की ओर से दायर वाद पर सुनवाई करते हुए ग्राहक पर अगले आदेश तक सोशल मीडिया मंच पर इस तरह की सामग्री पोस्ट करने और अपलोड करने पर रोक लगाई है। दरअसल सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर 15 जून को दीपा देवी ने एक तस्वीर साझा की थी जिसमें कथित तौर पर अमूल की आइसक्रीम के डिब्बे के अंदर एक कनखजूरा दिखाई दे रहा है। महिला ने यह आइसक्रीम एक ऐप के माध्यम से मंगवाई थी। वाद दाखिल करने वाली कंपनी ने उच्च न्यायालय में तर्क दिया कि यह दावा झूठा और गलत है क्योंकि उसके कारखाने में पैक किए गए आइसक्रीम के डिब्बे में कोई भी बाहरी सामान चाहे वह कीड़ा ही क्यों न हो, मौजूद होना बिल्कुल असंभव है। अदालत ने यह आदेश चार जुलाई को पारित किया। इसमें कहा गया कि ग्राहक वर्तमान कार्यवाही में आज भी मौजूद नहीं है और उसके असहयोग वाले रवैए ने कंपनी के मामले को बल दिया है। आदेश में कहा गया कि ग्राहक को अदालती कार्यवाही में भाग लेने और अपने सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावे को सही साबित करने का अवसर दिया गया था लेकिन उन्होंने ‘उपस्थित नहीं होने को तरजीह दी’ और जांच के लिए आइसक्रीम का डिब्बा भी कंपनी को नहीं दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि प्रतिवादी तीन दिन में सोशल मीडिया पोस्ट नहीं हटाता तो कंपनी ‘एक्स’ को अपने मंच से इसे हटाने के लिए कह सकती है। वाद दाखिल करने वाली कंपनी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील दलाल और वकील अभिषेक सिंह ने अपनी दलील में कहा कि कंपनी मामले की जांच के लिए तैयार थी और उसने 15 जून को ग्राहक से संपर्क भी किया था लेकिन उन्होंने अधिकारियों को आइसक्रीम का डिब्बा उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया था।    

06 जुलाई शनिवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- मार्केटिंग, सेल्स पर्सन आज काम के सिलसिले में यात्रा कर सकते हैं और कुछ हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को विदेश जाना पड़ सकता है। ऑफिस पॉलिटिक्स का प्रभाव आप पर भी पड़ सकता है, सुनिश्चित करें कि आप इससे खुद को दूर रखेंगे। आप गोल्ड और डायमंड में निवेश कर सकते हैं।  कुछ जातक ऑनलाइन लॉटरी में अपनी रुचि दिखा सकते हैं। आपको अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ में संतुलन बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए। आप किसी ऐसे व्यक्ति को चाहते हैं जो आपको सही मायने में समझे और जो आपके साथ डील कर सके। किसी ऐसे व्यक्ति को खोजें जो आपको वैसे ही स्वीकार करे जैसे आप हैं। वृषभ राशि- यह अपने टैलेंट, नई खोज करने और अपनी क्षमता का प्रदर्शन करने का समय है। अपने आप पर भरोसा रखें। यह समय आपको अप्रत्याशित अवसरों की ओर ले जाएंगी। यह दिन आपको आर्थिक उन्नति के रास्तों पर मार्गदर्शन करेगा। अपने स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान दें। ऐसी एक्टिविटीज में शामिल हों, जो मेंटल हेल्थ को बढ़ावा दें। आप मेडिटेनशन कर सकते हैं या डायरी लिख सकते हैं। यह भी सुनिश्चित करें कि आप फिजिकल एक्टीविटीज में भी शामिल होतें है, जो आपके शरीर और आत्मा दोनों को ऊर्जा प्रदान करती हो। अपने साथी की इच्छाओं का सम्मान करें और उन्हें बताएं कि आप उनकी कितनी परवाह करते हैं। अपनों के लिए आपको अपने साथी से प्रशंसा मिलेगी। कुछ स्थितियों में विचारशील होना अधिक महत्वपूर्ण है। बोलने वाले चतुर दिमाग के बजाय आपको धैर्यवान बनने की आवश्यकता है। मिथुन राशि- लव लाइफ में आ रही समस्याओं को सुलझाने की कोशिश करें। इससे आप दोनों रिश्ते में एक बेहतर सुधार देखेंगे। स्वास्थ्य और धन से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जिससे सावधानी से निपटने की जरूरत होगी। आपको प्रोफेशनल लाइफ में काफी तरक्की मिलेगी। इमरजेंसी में मिले कामों को सावधानी से हैंडल करें। सावधानी से धन खर्च करें। इस सप्ताह पैसों की थोड़ी तंगी हो सकती है। कुछ लोगों को भाई-बहन की दवाओं के लिए धन खर्च करने की आवश्यकता पड़ेगी। प्रतिबद्धता पर चर्चा करने का सबसे अच्छा समय अभी है क्योंकि वे इसकी पेशकश करेंगे। अगर आप प्रपोज करने के बारे में सोच रहे हैं तो आज का दिन महत्वपूर्ण है। उस व्यक्ति को खोजने का प्रयास करें जिसके साथ आप गांठ बांध सकते हैं। कर्क राशि- लव लाइफ में अधिक धैर्य रखने की जरूरत है। कर्क राशि के कुछ जातक बातचीत के दौरान अपना आपा खो सकते हैं, जिससे मुश्किलें अधिक बढ़ सकती हैं। कार्यस्थल पर समझदारी से काम करें और ऑफिस पॉलिटिक्स से बचें। साथी ही किसी से ऑफिस गॉशिप डिस्कस ना करें। कुछ लोगों को फंड प्राप्त करने में संघर्ष करना पड़ेगा। हालांकि बिजनेसमैन को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा क्योंकि उन्हें बिजनेस पार्टनर्स का सहयोग मिलेगा। यह दिन निवेश के लिए अच्छा रहेगा। कुछ जातकों को सीने में दर्द या पेट से जुड़ी समस्या हो सकती है। अगर आपका प्यार कम हो रहा है, तो आपको अपने रिश्ते पर करीब से नजर डालनी चाहिए। पता लगाएं कि समस्या का कारण क्या है और यह अपने साथी को बताएं कि यह क्या है। फिर पार्टनर को बताएं कि आपके मन में क्या है।  सिंह राशि- आपकी लव लाइफ प्यार और खुशियों से भरपूर रहेगी। साथी संग आपका बंधन मजबूत होगा। कार्यक्षेत्र में परिवर्तनों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन यह बदलाव तरक्की के मार्ग सुनिश्चित करेंगे। आर्थिक स्थिति भी अच्छी रहेगी। ऐसी एक्टिविटीज में शामिल हों, जो आपको मानसिक रूप से स्वस्थ रखने में मदद करें। धन-संपन्नता के अप्रत्याशित अवसर मिलेंगे। नए अवसरों की तलाश करें, जिससे आय में वृद्धि की संभावना हो। संभव है कि आप अपने रोमांटिक जीवन में किसी उलझन का अनुभव कर रहे हों। आप दोनों कुछ अलग खोजते नजर आते हैं। यह आपके मौजूदा संबंध या प्रतिबद्धता के एक नए स्तर की शुरुआत का संकेत दे सकता है। अपने डर से छुटकारा पाएं। कन्या राशि- आज आप आर्थिक रूप से संपन्न रहेंगे। इस धन का उपयोग आप म्यूचुअल फंड या स्टॉक मार्केट में निवेश कर सकते हैं। मिथुन राशि की कुछ महिलाएं आज गाड़ी खरीद सकती हैं। अपने लाइफ में नए लोगों का स्वागत करने के लिए तैयार रहें। आज आपको किसी के प्रति प्यार का एहसास होगा। आज आप उन्हें प्रपोज भी कर सकते हैं और आपको पॉजिटिव फीडबैक भी मिलेगा। नवविवाहित जातक आज जीवनसाथी संग अच्छे पल बिता सकते हैं। अपनी कल्पना का प्रयोग करते हुए अपनी भावनाओं को उस व्यक्ति तक पहुंचाएं जिसकी आप सबसे ज्यादा परवाह करते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि आप एक संभावित रोमांटिक साथी को जीतने की कोशिश करते समय रचनात्मक शब्दों और सुखदायक स्वर का प्रयोग करें। प्रभावी ढंग से संचार करना आपके सफलता की कुंजी है। तुला राशि- आज आप की नए लोगों से मुलाकात हो सकती हैं, जिसके साथ आपकी रिलेशनशिप की शुरुआत हो सकती है। कार्यक्षेत्र में चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन आपको इससे बाहर निकलने की कोशिश करना पड़ेगा। आज निवेश के अच्छा दिन है। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। हालांकि स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। आय के कई स्त्रोतों से धन लाभ हो सकता है। कुछ जातकों को पेमेंट से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। आपकी रोमांटिक संभावनाओं के बारे में दूसरे लोगों का क्या कहना है, इसे न सुनें। लोगों की टिप्पणियां और राय आपके विचारों और भावनाओं के रास्ते में आती हैं।  फिलहाल लोगों की बात न सुनें और अपने रिश्ते को मजबूत बनाने की कोशिश करें। वृश्चिक राशि- अपने जीवन में नए व्यक्ति का स्वागत करने के लिए तैयार रहें। मिथुन राशि के सिंगल जातक की किसी खास व्यक्ति से मुलाकात संभव है। सप्ताह के मध्य तक आप प्रपोज कर सकते हैं। आपको अच्छा रिस्पॉन्स मिलेगा। प्रोफेशनल लाइफ में आप ऊर्जा और उत्साह से भरपूर रहेंगे। खुद को साबित करने के लिए आपको कुछ नई जिम्मेदारियां मिलेंगी और आप सभी काम को डेड लाइन से पहले पूरा करने में सक्षम होंगे। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। आय के कई स्त्रोंतो से धन लाभ होगा और यह सप्ताह सुख-समृद्धि से भरपूर होगा। अपने आप को उन प्रतिबंधों को जाने दें जो आपने अपने लिए स्थापित किए हैं। अपने प्यार को आकर्षित करने के लिए प्रयास करें। जब सामाजिककरण की बात … Read more

सुनीता विलियम्स को अंतर‍िक्ष में लेकर गए बोइंग के स्टारलाइनर कैप्सूल में सकता है विस्फोट?

वॉशिंगटन  भारतीय मूल की अमेरिकी एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर स्पेस में फंसे हुए हैं। सुनीता और विल्मोर को अपने मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पर एक सप्ताह बिताने के बाद 13 जून को धरती पर लौटना था लेकिन बोइंग स्टारलाइनर में खराबी के चलते उनकी वापसी नहीं हो पा रही है। अब ये भी सवाल उठने लगा है कि क्या अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को ले जा रहे बोइंग के स्टारलाइनर कैप्सूल में विस्फोट हो सकता है। यह सवाल तब सामने आया जब नासा ने विस्फोट न कराने के लिए एयरोस्पेस कंपनी की सराहना की। नासा ने बोइंग की प्रशंसा की है क्योंकि कैप्सूल पर आईएसएस की यात्रा करने वाले अंतरिक्ष यात्री तब तक वहां रह सकेंगे, जब तक बोइंग को समस्याओं को ठीक करने में समय लगेगा। इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह चेतावनी दी गई थी कि बोइंग कैप्सूल में समस्याएं हो सकती हैं और लिफ्टऑफ से पहले यह पता चला कि हीलियम लीक हो गया था। इन सभी नकारात्मक परिस्थितियों के बावजूद नासा जून की शुरुआत में पहले क्रू स्टारलाइनर लॉन्च के साथ आगे बढ़ा। आईएसएस की अपनी यात्रा में लीक बढ़ी और वहां पहुंचने के बाद डॉकिंग में परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे पहले 2019 में अपनी पहली परीक्षण उड़ान के दौरान यह अपनी अपेक्षित कक्षा तक पहुंचने में विफल रहा था। इसके बारे में बाद में पता चला कि ऑनबोर्ड घड़ी गलत तरीके से सेट की गई थी और इसके कारण स्टारलाइनर के थ्रस्टर्स गलत समय पर चालू हो गए। नासा ने कहा- बैटरियां चार्ज हो रही हैं नासा के वाणिज्यिक क्रू कार्यक्रम के प्रबंधक स्टीव स्टिच ने स्पेस डॉट कॉम को बताया कि बैटरियां चार्ज हो रही हैं। हम उन बैटरियों और कक्षा में उनके प्रदर्शन को देख रहे हैं। उन्हें स्टेशन द्वारा रिचार्ज किया जा रहा है। इंजीनियरों ने बोइंग अंतरिक्ष यान में कई समस्याएं पाई हैं और नासा अभी भी ये बताने की स्थिति में नहीं है कि दोनों एस्ट्रोनॉट की वापसी कब होगी। हालांकि राहत की बात ये है कि अभी तक दोनों एस्ट्रोनॉट स्वस्थ हैं। बोइंग का स्टारलाइनर कैप्सूल 5 जून को अमेरिका के समयानुसार सुबह 10 बजकर 52 मिनट पर फ्लोरिडा के केप कैनवेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से चालक दल के साथ अपनी पहली उड़ाने के लिए रवाना हुआ था। ये नौ दिवसीय मिशन तब पटरी से उतर गया जब हीलियम लीक ने उनकी वापसी की तारीख को अनिश्चित बना दिया है। अंतरिक्ष रहस्यों से भरी दुनिया है. नासा की भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स अपने साथी बैरी विल्मोर के साथ अंतरिक्ष में फंस गई हैं. लेकिन सवाल ये है कि आखिर सुनीता विलियम्स स्पेस में कैसे फंसी हैं और उनकी धरती पर वापसी कैसे होगी. आज हम आपको बताएंगे कि अंतरिक्ष में फंसने पर किसी भी एस्ट्रोनॉट्स की धरती पर वापसी कैसे होती है.   स्पेस अंतरिक्ष के रहस्यों को सुलझाने के लिए अधिकांश देशों के वैज्ञानिक लग हुए हैं. जिसके लिए वो अलग-अलग प्रोजेक्ट करते हैं. अभी बीते जून में भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स अपने साथी बैरी विल्मोर के साथ स्पेस में गई थी. लेकिन बोइंग स्टारलाइनर में खराबी आने की वजह से दोनों अंतरिक्ष यात्री वापस लौट नहीं पाए हैं. अंतरिक्ष यान दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर पांच जून को लेकर गया था. स्पेस में खतरा अंतरिक्ष में जाने वाले अंतरिक्षयात्रियों के ऊपर कई तरह के खतरे होते हैं. स्पेस का कोई भी प्रोजेक्ट 100 फीसदी सुरक्षित नहीं होता है. अंतरिक्ष यात्रा के दौरान, उल्कापिंड, स्पेस मलबा भी एक खतरा है. हालांकि अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स स्पेस स्टेशन में दो बार लंबा समय बिता चुकी हैं. लेकिन इस बार वो स्पेस में फंस गई हैं. उनके स्पेसक्राफ्ट में खराबी के कारण धरती पर वह नहीं आ पाई हैं. इस कारण वह अभी भी स्पेस स्टेशन में मौजूद हैं. नासा के मुताबिक मिशन को 45 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है. अब सवाल है कि आखिर इस दौरान एस्ट्रोनॉट्स के शरीर पर क्या असर पड़ेगा? और सुनीता विलियम्स और उनके साथ धरती पर कैसे लौटेंगे.  शरीर पर क्या असर? स्पेस में ज्यादा दिनों तक रहने पर शरीर के तरल पदार्थ माइक्रोग्रैविटी में ऊपर की ओर बढ़ते हैं. इस कारण हमारे शरीर के फिल्टर सिस्टम यानी किडनी को समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इस दौरान शरीर में मौजूद तर ऊपर की ओर जाते हैं, जिससे चेहरे पर सूजन आ जाती है. गुर्दे उचित द्रव संतुलन बनाए रखने के लिए संघर्ष करते हैं, जिससे संभावित रूप से डिहाइड्रेशन या फ्लूइड ओवरलोड होता है. माइक्रोग्रेविटी के कारण हड्डियों में कैल्शियम का उत्सर्जन बढ़ने से गुर्दे में पथरी का खतरा बढ़ जाता है. धरती पर कब लौंटेगी सुनीता स्पेस से वापस धरती पर सुनीता विलियम्स और उनके साथी कब लौटेंगे, इसको लेकर नासा की तरफ से कोई बयान जारी नहीं किया गया है. नासा के मुताबिक इस मिशन को 45 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है. अनुमान के मुताबिक सुनीता और उनके साथी की वापसी जुलाई महीने के अंत तक हो सकती है. नासा की टीम लगातार सभी तकनीकी खामियों को दूर करने और उनको समझने का प्रयास कर रही हैं. 

भारतीय न्याय संहिता के Section 69 पुरुषों को दे रही टेंशन, यह धारा पुरुषों के लिए बन रही सांसत, एक्सपर्ट से जानिए

नई दिल्ली  एक लड़की ने लड़के पर नशीला पदार्थ खिलाने और दिल्ली ले जाकर रेप करने का आरोप लगाया। नतीजतन लड़के को 4 साल की जेल काटनी पड़ी। इसी साल मई की शुरुआत में बरेली की एक सत्र अदालत के सामने यह मामला आया तो कोर्ट में वह लड़की गवाही के दौरान अपने आरोपों से मुकर गई, जिस पर कोर्ट ने लड़के को बरी कर दिया। हालांकि, फिर भी वो जेल में 4 साल की जेल काट चुका था। उसे उस गुनाह की सजा मिली, जो उसने की ही नहीं थी। मामला 2019 का था,जब लड़के पर अपहरण और रेप का मुकदमा दर्ज किया गया था। कोर्ट ने लड़के को दोषमुक्त किया और लड़की को भी उतनी ही यानी 4 साल जेल की सजा सुनाई। आज बात करते हैं भारतीय न्याय संहिता (BNS) की जिसने 1 जुलाई 2024 से इंडियन पीनल कोड की जगह ली है। नए कानूनों में से एक सेक्शन 69 के बारे में लीगल एक्सपर्ट से जानते हैं। दरअसल, माना जा रहा है कि धारा 69 को लागू करके एक तरह से रिलेशनशिप में धोखा देने या ब्रेकअप को गैरकानूनी बना दिया गया है। पुरुषों से वसूली के लिए झूठे मुकदमे लिखवाना ठीक नहीं कोर्ट ने कहा, महिलाओं के ऐसे कृत्य से जो असली पीड़िता हैं, उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। यह समाज के लिए बेहद गंभीर है। अपने मकसद की पूर्ति के लिए पुलिस व कोर्ट को माध्यम बनाना आपत्तिजनक है। महिलाओं को पुरुषों के हितों पर आघात करने की छूट नहीं दी जा सकती। अदालत ने ये भी कहा कि यह मुकदमा उन महिलाओं के लिए नजीर बनेगा जो पुरुषों से वसूली के लिए झूठे मुकदमे लिखाती हैं। श्री 420 नहीं , अब श्री 318 कहिए, आज से लागू हो जाएंगे तीन नए आपराधिक कानून, जानिए क्या-क्या बदलेगा क्या है धारा 69, यह रेप से कितना अलग सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट अनिल सिंह श्रीनेत कहते हैं कि भारतीय न्याय संहिता का सेक्शन 69 कहता है कि जो भी छल या धोखा देकर या शादी का वादा करके पार्टनर से संबंध बनाता तो ऐसा यौन संबंध रेप की कैटेगरी में नहीं आएगा। ऐसे मामलों में सजा होगी, जो कम से कम 1 साल और अधिकतम 10 साल तक हो सकती है और साथ में जुर्माना भी लगाया जा सकता है। यह धारा उन मामलों में लागू होगी जो रेप की कैटेगरी में नहीं आते हैं। ये आंकड़े एनसीआरबी के 2019 तक के हैं कानून की नजर में क्या है धोखा देना एडवोकेट अनिल सिंह श्रीनेत बताते हैं कि धोखा देने का मतलब यह है कि पार्टनर को संबंध बनाने के लिए प्रेरित करना या नौकरी, प्रमोशन या शादी का झांसा देकर यौन संबंध बनाना। कानूनी रूप से लोचा यहीं पर है। अनिल सिंह कहते हैं कि सेक्शन 69 बेहद व्यापक है। इसका दुरुपयोग किया जा सकता है। जिस तरह से रेप के झूठे मामले बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए अलग से इस पर कानून बनाया जाना जरूरी था। मगर, इसके बावजूद यह पुरुषों के लिए ज्यादा टेंशन देने वाला है। क्योंकि ज्यादातर रिलेशनशिप में ब्रेकअप होते रहते हैं। ऐसे में महिला पार्टनर के एफआईआर दर्ज कराने की आशंका बनी रहती है। 69 में ऐसा क्या है, जो पुरुषों के लिए टेंशन की बात एडवोकेट अनिल सिंह श्रीनेत के अनुसार, आप किसी भी रिलेशनशिप को यह साबित नहीं कर सकते कि वह ठीक से चल रहा है या नही। आप सभी मैसेज या फोन कॉल्स रिकॉर्ड नहीं कर सकते। सबसे बड़ी बात यह है कि आप यह कैसे साबित करोगे कि किसी ने धोखा या छल किया है या नहीं। ईगो की लड़ाई में पुरुष पार्टनर को हो रही जेल दिल्ली के साकेत कोर्ट में एडवोकेट शिवाजी शुक्ला बताते हैं कि सेक्शन 69 के तहत यह पहले ही मान लिया जाता है कि पुरुष ही आरोपी है। यह उस आरोपी का दायित्व हो जाता है कि वह खुद साबित करे कि वह निर्दोष है। बहुत सी महिलाएं ऐसी आती हैं, जब उनकी रिलेशनशिप खराब हो जाती है तो वह पुरुष पार्टनर को परेशान करने के लिए या अपने ईगो को शांत करने के लिए उस पर रेप का आरोप लगा देती हैं। नौकरी या प्रमोशन के झूठे वादे को शामिल करना ठीक नहीं एडवोकेट शिवाजी शुक्ला कहते हैं कि धारा 69 में नौकरी या प्रमोशन के झूठे वादे को शामिल करना ठीक नहीं है, क्योंकि शादी के वादे को प्रमोशन के वादे के साथ नहीं जोड़ा जा सकता। शादी का वादा प्यार और भरोसे पर टिका होता है। वहीं नौकरी या प्रमोशन एक तरह का फायदा लेना है। पहले क्या था नियम, अब क्यों हटाया गया अनिल सिंह श्रीनेत के अनुसार, भारतीय दंड संहिता (IPC), 1860 के तहत ‘धोखे से यौन संबंध’ के अपराध को परिभाषित नहीं किया गया था। हालांकि, उसकी धारा 90 कहती है कि यौन संबंध की वो सहमति अवैध मानी जाएगी जो तथ्य की गलतफहमी में दी गई है। यदि सहमति किसी व्यक्ति ने डर या दबाव में आकर दी है, तो वो भी मान्य नहीं होगी। ऐसे मामलों में आरोपियों पर धारा 375 (रेप) के तहत मुकदमा दर्ज होता था। उस वक्त शादी का झांसा देकर बनाए गए संबंधों को रेप की कैटेगरी में डाल दिया जाता था, जिसमें कठोर सजा होती है। आज लिवइन रिलेशनशिप या लड़के-लड़की के साथ रहने का चलन तेजी से बढ़ा है। ऐसे में आपसी सहमति से जब यौन संबंध बनाए जाते हैं तो उसे रेप की कैटेगरी में रखना ठीक नहीं था। कई मौकों पर अदालत कह चुकी है कि शादी का वादा करने का मतलब यह नहीं है कि कोई लड़की अपने पार्टनर के साथ संबंध बना ही ले। उसे तब भी इससे बचना चाहिए। बदले के लिए पुरुष पार्टनर पर लगा देती हैं आरोप एडवोकेट अनिल सिंह श्रीनेत कहते हैं कि कई बार निजी भड़ास निकालने के लिए, किसी बात का बदला लेने के लिए, मुआवजा हासिल करने के लिए भी रेप के झूठे आरोप लगाए जाते हैं। यह भी देखा गया है कि रिलेशनशिप खत्म होने पर भी पुरुष पार्टनर पर रेप का आरोप लगा दिया जाता है। परिवार के दबाव में भी लड़कियां रेप का आरोप लगा देती हैं। 2017 … Read more

सरकारी तेल कंपनियां ब्राजील से तेल की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए एक लॉन्ग टर्म समझौता चाहती है

नई दिल्ली  देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत में मार्च से कोई बदलाव नहीं हुआ है। आम चुनावों से पहले सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर आम लोगों को राहत दी है। तब पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत में प्रति लीटर दो रुपये की कटौती की गई थी। इस कटौती के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.72 रुपये और डीजल की कीमत 87.62 रुपये रह गई थी। लेकिन जल्दी ही पेट्रोल-डीजल की कीमत में गिरावट आ सकती है। मिंट की एक खबर के मुताबिक सरकारी तेल कंपनियां ब्राजील से कच्चे तेल की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए एक लॉन्ग टर्म समझौता करने के वास्ते बातचीत कर रही हैं। भारत दुनिया में कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा आयातक है और पिछले कुछ समय से अपनी सप्लाई को डाइवर्सिफाई करने में लगा है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि सरकारी तेल कंपनियां इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ब्राजील की दिग्गज तेल कंपनी पेट्रोब्रास के साथ बातचीत कर रही हैं। ब्राजील दुनिया में कच्चे तेल का सातवां बड़ा उत्पादक और एक्सपोर्टर है। भारतीय कंपनियों के अधिकारियों ने अप्रैल में ब्राजील का दौरा किया था। बीपीसीएल अभी अपनी रिफाइनरीज में ब्राजील के कच्चे तेल की टेस्टिंग कर रही है। जल्दी ही कॉन्ट्रैक्ट पर साइन होने की उम्मीद है। हालांकि अभी यह फाइनल नहीं हुआ है कि ब्राजील से कितना कच्चा तेल मंगाया जाएगा। क्यों बढ़ रही है कीमत सूत्रों का कहना है कि भारतीय कंपनियां ब्राजील की कंपनी के साथ अलग-अलग बातचीत कर रही हैं लेकिन इसकी शर्तें एक ही तरह की हो सकती हैं। भारत परंपरागत रूप से पश्चिम एशिया से कच्चा तेल मंगाता रहा है क्योंकि यह सस्ता पड़ता है। लेकिन जानकारों का कहना है कि जब कंपनियां कंसोर्टियम के रूप में मोलभाव करती हैं तो उन्हें सस्ता पड़ता है। भारतीय कंपनियां ऐसे वक्त ब्राजील से कच्चे तेल की सप्लाई के लिए बातचीत कर रही हैं जब पश्चिम एशिया और यूक्रेन में संघर्ष और होरमुज की खाड़ी से सप्लाई में बाधा के कारण कच्चे तेल की कीमत बढ़ रही है। भारत के तेल आयात में ब्राजील की हिस्सेदारी बहुत कम है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में भारत ने ब्राजील से 1.46 अरब डॉलर का कच्चा तेल आयात किया था जबकि भारत का कुल ऑयल बिल 139.85 अरब डॉलर रहा था। पिछले फाइनेंशियल ईयर में भारत का सबसे बड़ा सप्लायर रूस रहा। ब्राजील का तेल उत्पादन पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2023 में देश में कच्चे तेल का उत्पादन करीब 13 फीसदी बढ़कर 34 लाख बैरल प्रतिदिन रहा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आज कच्चा तेल मामूली गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है। ब्रेंट क्रूड 30 सेंट की गिरावट के साथ 87.17 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है।

दिग्गज अर्थशास्त्री और नीति निर्माता ने कहा- 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की ओर भारत अग्रसर

नई दिल्ली  भारत के बड़े अर्थशास्त्री और नीति निर्माताओं में एक एनके सिंह ने कहा है कि विश्व भारत के युग में प्रवेश की दहलीज पर खड़ा है और तेज वृद्धि दर होने के कारण देश 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की ओर बढ़ रहा है।भारत के बड़े अर्थशास्त्री (Economist) और नीति निर्माताओं (Policy Maker) में एक एनके सिंह (NK Singh) ने कहा है कि विश्व भारत के युग में प्रवेश की दहलीज पर खड़ा है और तेज वृद्धि दर होने के कारण देश 2047 तक विकसित राष्ट्र (Developed Country) बनने की ओर बढ़ रहा है. सिंह ने ये बातें लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (London School of Economics and Political Science) यानी एलएसई (LSI) में प्रतिष्ठित मानद फेलोशिप (Fellowship) प्रदान किए जाने के दौरान अपने संबोधन में कहीं. सम्मान मिलने बाद क्या कहा? एनके सिंह भारत के प्रमुख अर्थशास्त्रियों में से एक हैं. वे 15वें वित्त आयोग के चेयरमैन रह चुके हैं. एनके सिंह ने आगे कहा कि उन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर अमर्त्य सेन और पूर्व राष्ट्रपति केआर नारायणन जैसे भारतीयों की श्रेणी में आकर गर्व महसूस हो रहा है. सिंह ने ये बातें लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (एलएसई) में प्रतिष्ठित मानद फेलोशिप प्रदान किए जाने के दौरान अपने संबोधन में कहीं। सिंह ने आगे कहा कि उन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर अमर्त्य सेन और पूर्व राष्ट्रपति केआर नारायणन जैसे भारतीयों की श्रेणी में आकर गर्व महसूस हो रहा है। यूनिवर्सिटी की ओर से कहा गया कि सिंह को दिया गया सम्मान एलएसई के साथ लंबे समय तक और प्रतिबद्ध संबंधों और एलएसई के भारत सलाहकार बोर्ड के सह-अध्यक्ष के रूप में भारत के साथ संबंधों को सुविधाजनक बनाने में उसके प्रयासों को मान्यता देता है। अपने संबोधन में सिंह ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में वह और सभी केंद्रीय मंत्री 2047 के विकसित भारत के विजन को लेकर प्रतिबद्ध हैं। अगले दशकों तक भारत को विकास दर की इस रफ्तार को बनाए रखने की जरूरत है। भारत दुनिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था है। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत की विकास दर 8.2 प्रतिशत थी, जो कि चालू वित्त वर्ष में 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। एनके सिंह भारत के प्रमुख अर्थशास्त्रियों में से एक हैं। वे 15वें वित्त आयोग के चेयरमैन रह चुके हैं। इससे पहले, वे राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन समीक्षा समिति (एफआरबीएम) के अध्यक्ष रह चुके हैं। वे 2008 से 2014 तक संसद के उच्च सदन, राज्य सभा के सदस्य भी रहे। इस दौरान उन्होंने लोक लेखा समिति, विदेश मामलों की समिति और मानव संसाधन विकास समिति सहित कई प्रमुख संसदीय स्थायी समितियों में योगदान दिया।

अनिल अंबानी की आर-इन्फ्रा पर छह बैंकों का 1700 करोड़ रुपये बकाया, कर्ज चुकाएगी महाराष्ट्र सरकार!

मुंबई महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार ने मुंबई मेट्रो की सबसे पुरानी लाइन मेट्रो 1 को खरीदने की योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। लेकिन राज्य मंत्रिमंडल ने एमएमआरडीए (MMRDA) की कार्यकारी समिति को एकमुश्त निपटान के माध्यम से मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट लिमिटेड (MMOPL) के 1,700 करोड़ रुपये के कर्ज का मूल्यांकन करने का निर्देश दिया है। 11.4 किमी लंबा मेट्रो-1 कॉरिडोर वर्सोवा-अंधेरी-घाटकोपर के बीच है। यह मुंबई मेट्रो का एकमात्र कॉरिडोर है जिसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए बनाया गया था। इसके लिए एक स्पेशल पर्पज वीकल MMOPL बनाई गई थी। इसमें एमएमआरडीए की 26% और अनिल अंबानी (Anil Ambani) की कंपनी रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर (Reliance Infrastructure) की 74% हिस्सेदारी है। इस कॉरिडोर में रोजाना 4.6 लाख यात्री सफर करते हैं। इस न्यूज से रिलायंस इन्फ्रा का शेयर करीब 10 फीसदी उछल गया। शेयर मार्केट में गिरावट के बावजूद कंपनी का शेयर बीएसई पर कारोबार के दौरान 206.65 रुपये तक पहुंचा। MMOPL पर कुछ छह बैंकों का बकाया है। इनमें भारतीय स्टेट बैंक, आईडीबीआई बैंक, केनरा बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और आईआईएफसीएल (यूके) शामिल हैं। मार्च 2024 में कंपनी ने अपने ऋणदाताओं के साथ एक समझौता किया था जिसके तहत अपने पूरे ऋण का निपटान करने के लिए 1,700 करोड़ रुपये का भुगतान करने पर सहमति व्यक्त की गई। इस व्यवस्था के तहत, एमएमआरडीए और एमएमओपीएल ने ऋणदाताओं को 171 करोड़ रुपये का प्रारंभिक भुगतान किया। सूत्रों ने बताया कि अब 26 जून को कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि एमएमआरडीए की कार्यकारी समिति से एकमुश्त निपटान के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए कहा जाए। कैबिनेट ने पलटा फैसला उल्लेखनीय है कि 11 मार्च को राज्य मंत्रिमंडल ने मेट्रो-1 में रिलायंस इन्फ्रा की 74% हिस्सेदारी को एमएमआरडीए द्वारा 4,000 करोड़ रुपये में खरीदने को मंजूरी दे दी थी। लेकिन एमएमआरडीए ने कहा कि उसके पास इसके लिए पैसे नहीं हैं। उसने राज्य सरकार से फंड देने का अनुरोध किया लेकिन सरकार ने इसे खारिज कर दिया। राज्य मंत्रिमंडल ने हाल ही में अपने खरीद निर्णय को उलट दिया था। अब एमएमआरडीए कमिश्नर इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए एमएमओपीएल के सभी छह ऋणदाताओं के साथ एक बैठक आयोजित करने की योजना बना रहे हैं। अप्रैल 2023 से जून 2024 तक एमएमओपीएल ने 225 करोड़ रुपये से अधिक का ब्याज चुकाया है। एमएमओपीएल को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में दिवालियापन की कार्यवाही का सामना करना पड़ रहा था। आईडीबीआई बैंक ने 133.37 करोड़ रुपये के बकाये पर अक्टूबर 2023 में दिवालियापन की कार्यवाही शुरू की, जबकि एसबीआई ने 416 करोड़ रुपये की चूक के कारण अगस्त 2023 में कार्यवाही शुरू की। एमएमआरडीए ने 170 करोड़ रुपये यानी वन-टाइम सेटलमेंट की 10 फीसदी राशि का भुगतान किया था। उसके बाद एनसीएलटी ने दिवालियापन के मामलों का निपटारा कर दिया था। इस बारे में संपर्क करने पर एमएमओपीएल के प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। एमएमआरडीए के अधिकारी भी टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 2,356 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मेट्रो लाइन 1 घाटे में नहीं है, लेकिन वित्तीय संकट में फंसा अनिल अंबानी ग्रुप इस प्रोजेक्ट से बाहर निकलना चाहता है। एमएमआरडीए और एमएमओपीएल के बीच 2007 में कनसेशन एग्रीमेंट पर साइन हुए थे। यह कॉरिडोर 2014 में ऑपरेशनल हुआ था। इसकी लागत को लेकर भी एमएमओपीएल और एमएमआरडीए के बीच कानूनी लड़ाई चल रही है। एमएमओपीएल का दावा है कि इस कॉरिडोर को बनाने में 4,026 करोड़ रुपये का खर्च आया था जबकि एमएमआरडीए का कहना है कि इसकी मूल लागत 2,356 करोड़ रुपये थी।

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