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विश्व हिन्दू परिषद ने बताया की मकान के अंदर धर्म परिवर्तन चल रहा था, 20 लोग पुलिस हिरासत में

भरतपुर शहर में एक बार फिर से धर्म परिवर्तन का सेंटर पकड़ा गया। एक मकान से करीब 20 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। जिसमें एक व्यक्ति और एक महिलाएं घायल हैं। महिला के कपड़े भी फट गए हैं। विश्व हिन्दू परिषद का कहना है कि मकान के अंदर धर्म परिवर्तन चल रहा था। वहीं पुलिस द्बारा हिरासत में लिए गए लोगों का कहना है कि यहां पर भगवान की प्रार्थना की जा रही थी। विश्व हिन्दू परिषद के जिला अध्यक्ष लाखन सिंह ने बताया कि इससे पहले सोनार हवेली से एक धर्म परिवर्तन का मामला पकड़ा था। प्रशासन ने उस मामले की जांच को लेकर SIT की टीम का गठन किया था लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई। आज हमें सूचना मिली कि मथुरा गेट थाना इलाके में फाटक नंबर 39 के पास एक मकान में धर्मान्तरण हो रहा है। इसमें करीब 100 शामिल थे। जब हमने विश्व हिन्दू परिषद के सदस्य को इस घर में भेजा तो घर से निकली महिला ने कहा कि यहां लाइब्रेरी चल रही है। लेकिन, जब हम घर के अंदर घुसे तो ईसाईकरण चल रहा था। 500-500 रुपए का लालच देकर बुलाए लोगः घर के अंदर मौजूद लोगों ने बताया कि हमें यहां आने के लिए 500-500 रुपए दिए गए हैं। घर का मालिक रवि कुमार निवासी अजान का रहने वाला है। इसे गांव से इसलिए भगाया गया था क्योंकि, इसने हिन्दू देवी देवताओं को घर से निकालकर नाली में फेंक दिया था। गांव से आकर यह एकता विहार कॉलोनी में रहा। वहां भी इसने धर्म परिवर्तन करवाया। जिसके बाद आसपास के रहने वाले लोगों ने इसे वहां से भगाया। अब पिछले 4 साल से रवि यहां रहता है। यह यहां पर ईसाईकरण का काम करता है। इसे विश्व हिन्दू परिषद द्वारा समझाया गया था कि आप हिन्दू हो तो हिन्दुओं को बरगलाओ मत। एक व्यक्ति ने खुद को अलवर CMHO का भाई बतायाः जब रवि कुमार नहीं माना तो विश्व हिन्दू परिषद द्वारा इस सेंटर को पकड़ा गया। यहां से कुछ लोग चले गए और कुछ लोगों को पुलिस ने अपनी हिरासत में लिया है। घर के अंदर ईसा मसीह के पोस्टर लगे हुए हैं। पकड़े गए लोगों में एक व्यक्ति अपने आप को अलवर CMHO का भाई बता रहा था। घर के अंदर ईसा मसीह के छपे हुए कैलेंडर मिले हैं। विश्व हिन्दू परिषद के लोगों ने मारपीट कीः पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति ने बताया की, हमारे साथ विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा मारपीट की गई है। हम अपने भाई के यहां आये हुए थे। विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं ने चर्च में घुसकर मारपीट की है। हम लोग चर्च में प्रार्थना कर रहे थे। चर्च के अंदर 10 से 15 लोग मौजूद थे। मेरी भतीजी के कपड़े फाड़ दिए। मेरी भतीजी को पीटा गया।

कीर स्टार्मर के प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएम मोदी को उन्हीं की सोच जैसा एक और दोस्त मिल जाएगा

नई दिल्ली ब्रिटेन में हुए आम चुनाव के नतीजे आ गए हैं। लेबर पार्टी का 14 सालों का वनवास खत्म हो गया। लेबर पार्टी की आंधी में कंजर्वेटिव पार्टी उड़ गई। लेबर पार्टी ने सत्ता में वापसी की है और कीम स्टार्मर प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। लेबर पार्टी की इस आंधी की वजह भी कीर स्टार्मर ही हैं। कीर स्टार्मर के शासन काल में भी ब्रिटेन संग भारत की खूब बनने की संभावना दिख रही है। भारत संग ब्रिटेन के रिश्ते और गहरे होंगे! कीर स्टार्मर के प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएम मोदी को उन्हीं की सोच जैसा एक और दोस्त मिल जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि कीर स्टार्मर के राज में भारत संग ब्रिटेन के रिश्ते और गहरे होंगे। इसकी वजह है कि पीएम मोदी की तरह ही कीर स्टार्मर भी सोच रखते हैं। ब्रिटेन आम चुनाव में लेबर पार्टी के उम्मीदवार कीर स्टार्मर का नारा रहा है- कंट्री फर्स्ट, पार्टी सेकेंड। पूरे चुनावी अभियान में लेबर पार्टी और कीर स्टार्मर का इस पर फोकस रहा। वोटरों के बीच उनका यह नारा ‘कंट्री फर्स्ट, पार्टी सेकेंड’ काम कर गया। यही वजह है कि वोटरों ने कीम स्टार्मर की झोली भर दी और आज वह प्रधानमंत्री बनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। कीर स्टार्मर की यह सोच- कंट्री फर्स्ट, पार्टी सेकेंड, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से मिलती-जुलती है।  पीएम मोदी का कहना है कि देश का विकास सिर्फ और सिर्फ नेशन फर्स्ट सिद्धांत से ही होगा। नेशन फर्स्ट सिद्धांत को लेकर वह कांग्रेस को कई बार कोस भी चुके हैं कि उसके लिए केवल परिवार फर्स्ट है, जबकि भाजपा के लिए नेशन फर्स्ट। कीम स्टार्मर फलस्तीन मामले पर भी मोदी की तरह ही सोच रखते हैं इतना ही नहीं, कीम स्टार्मर फलस्तीन मामले पर भी मोदी की तरह ही सोच रखते हैं। लेबर पार्टी फलिस्तीनी देश को मान्यता देने की वकालत करते आई है। भारत का भी इस मामले में ऐसा ही स्टैंड रहा है और मोदी इस बात को दोहरा भी चुके हैं। स्टार्मर ने यह भी कहा था कि अगर वह ब्रिटेन की सत्ता में आते हैं तो उनके लिए देश पहले होगा। वह ब्रिटेन की बेपटरी हो रही अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का वादा कर चुके हैं। जानकारों का कहना है कि ब्रिटेन में लेबर पार्टी के आने से भारत के रिश्ते में किसी तरह की खटास नहीं आने की संभावना है। अव्वल तो यह कहा जा रहा है कि रिश्ते और मजबूत होंगे। खुद लेबर पार्टी कीर स्टार्मर ने कह रखा है कि लेबर सरकार भारत के साथ लोकतंत्र के हमारे साझा मूल्यों पर आधारित संबंध स्थापित करेगी। लेबर सरकार भारत के साथ एक नई रणनीतिक साझेदारी की तलाश करेगी। इसमें एक मुक्त व्यापार समझौता यानी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भी शामिल है। उन्होंने कहा था कि हम दोनों देशों के बीच वैश्विक सुरक्षा, जलवायु सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा के लिए एक नई रणनीतिक साझेदारी भी चाहते हैं।  

राहुल गांधी ने लोको पायलट से मुलाकात की, विश्वास दिलाया कि वह ‘रेलवे के निजीकरण’ और भर्तियों की कमी का मुद्दा उठाएंगे

नई दिल्ली लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को रेलगाड़ियां चलाने वाले लोको पायलटों से मुलाकात की और उन्हें विश्वास दिलाया कि वह ‘रेलवे के निजीकरण’ और भर्तियों की कमी का मुद्दा उठाएंगे। कांग्रेस के अनुसार, उसके पूर्व अध्यक्ष दोपहर के समय नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पूरे भारत के लगभग 50 लोको पायलट से मिले। इस मुलाकात के दौरान लोको पायलटों ने बताया कि उन्हें आराम करने का पूरा समय नहीं मिलता। कांग्रेस ने इस मुलाकात का वीडियो एवं तस्वीर भी जारी की। पार्टी के अनुसार, लोको पायलटों की शिकायत है कि वे लंबी दूरी की रेलगाड़ियां चलाते हैं और अक्सर पर्याप्त विराम के बिना उन्हें फिर ड्यूटी पर भेज दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इससे अत्यधिक तनाव होता है और एकाग्रता में कमी आती है जो दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण है। कांग्रेस ने कहा कि विशाखापत्तनम में दुर्घटना की हालिया जांच सहित कई रिपोर्ट में इस बात को रेलवे द्वारा स्वीकार किया गया है। पार्टी ने कहा, ‘‘लोको पायलटों की मांग है कि उन्हें साप्ताह में 46 घंटे का आराम मिले। इसका मतलब यह है कि शुक्रवार दोपहर को घर लौटने वाला ट्रेन चालक रविवार की सुबह से पहले ड्यूटी पर लौट आएगा। रेलवे अधिनियम 1989 और अन्य नियमों में पहले से ही प्रति सप्ताह 30 जमा 16 घंटे आराम का प्रावधान है, जिसे लागू नहीं किया जा रहा है। हवाई जहाज के पायलटों को भी आम तौर पर इतनी ही छूट मिलती है।” कांग्रेस का कहना है कि लोको पायलट की यह भी मांग है कि लगातार दो रात की ड्यूटी के बाद एक रात का आराम होना चाहिए और ट्रेनों में चालकों के लिए बुनियादी सुविधाएं होनी चाहिए। राहुल गांधी और लोको पायलट की इस मुलाकात के दौरान यह मुद्दा भी उठा कि ‘‘सरकार द्वारा लोको पायलटों की सभी भर्ती रोक देने के और कर्मचारियों की कमी के कारण (उन्हें) कम आराम मिल पात है।” कांग्रेस ने कहा, ‘‘पिछले चार वर्ष में, रेलवे भर्ती बोर्ड ने हजारों रिक्तियों के बावजूद एक भी लोको पायलट की भर्ती नहीं की। पायलटों ने आशंका जताई कि यह जानबूझकर उठाया गया कदम मोदी सरकार की रेलवे का निजीकरण करने की योजना है।” राहुल गांधी ने लोको पायलटों को बताया कि वह रेलवे के निजीकरण और भर्ती की कमी का मुद्दा लगातार उठाते रहे हैं। कांग्रेस ने कहा, ‘‘राहुल गांधी ने उनकी चिंताओं को सुना और पर्याप्त आराम की उनकी मांग का पूरा समर्थन किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे दुर्घटनाओं में काफी कमी आएगी। उनकी मांगों को सरकार के समक्ष उठाने का विपक्ष के नेता के रूप में उन्होंने वादा किया।”

भारत राष्ट्र समिति नेता के कविता की न्यायिक हिरासत 18 जुलाई तक बढ़ा दी, लगा राउज एवेन्यू कोर्ट से झटका

नई दिल्ली राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली आबकारी नीति से संबंधित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) मामले में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) नेता के कविता की न्यायिक हिरासत 18 जुलाई तक बढ़ा दी। के कविता को तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। उनके वकील ने न्यायिक हिरासत रिमांड का पुरजोर विरोध किया। राउज़ एवेन्यू अदालत कल उनके खिलाफ दायर आरोपपत्र पर विचार कर सकती है। 14 दिनों के लिए बढ़ाई गई न्यायिक हिरासत विशेष सीबीआई न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने के. कविता की न्यायिक हिरासत अगले 14 दिनों के लिए बढ़ा दी। सुनवाई के दौरान उनके वकील पी मोहित राव ने न्यायिक हिरासत बढ़ाने की प्रार्थना का विरोध किया। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उनके खिलाफ पहले ही आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। इस पर 6 जुलाई को विचार किया जाएगा। दिल्ली आबकारी नीति मामले में 7 जून को सीबीआई द्वारा दायर यह तीसरा पूरक आरोपपत्र है। 15 मार्च को हुई थी गिरफ्तार कविता सीबीआई और मनी लॉन्ड्रिंग मामले दोनों में न्यायिक हिरासत में हैं। उन्हें सबसे पहले 15 मार्च को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया था। उसके बाद 11 अप्रैल को सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया। ईडी ने दिल्ली आबकारी नीति धन शोधन मामले में भी उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। अधिकारियों ने बताया कि जुलाई में दाखिल दिल्ली के मुख्य सचिव की रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई जांच की सिफारिश की गई थी, जिसमें प्रथम दृष्टया जीएनसीटीडी अधिनियम 1991, कार्य संचालन नियम (टीओबीआर)-1993, दिल्ली आबकारी अधिनियम-2009 और दिल्ली आबकारी नियम-2010 का उल्लंघन दर्शाया गया था। ईडी और सीबीआई ने लगाए गंभीर आरोप ईडी और सीबीआई ने आरोप लगाया था कि आबकारी नीति को संशोधित करते समय अनियमितताएं की गईं, लाइसेंस धारकों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया, लाइसेंस शुल्क माफ कर दिया गया या कम कर दिया गया तथा सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बिना एल-1 लाइसेंस बढ़ा दिया गया।  जांच एजेंसियों ने कहा कि लाभार्थियों ने “अवैध” लाभ को आरोपी अधिकारियों तक पहुंचाया तथा पकड़े जाने से बचने के लिए अपने खातों में गलत प्रविष्टियां कीं। आरोपों के अनुसार, आबकारी विभाग ने निर्धारित नियमों के विरुद्ध एक सफल निविदाकर्ता को लगभग 30 करोड़ रुपये की बयाना राशि वापस करने का निर्णय लिया था। जांच एजेंसी ने कहा कि भले ही कोई सक्षम प्रावधान नहीं था, लेकिन कोविड-19 के कारण 28 दिसंबर, 2021 से 27 जनवरी, 2022 तक निविदा लाइसेंस शुल्क पर छूट की अनुमति दी गई और सरकारी खजाने को 144.36 करोड़ रुपए का कथित नुकसान हुआ।  

नेत्रउत्सव के बाद सात जुलाई को निकलेगी भव्य रथयात्रा, छेरापहरा की रस्म पूरी करेंगे डिप्टी सीएम

बिलासपुर गुरुवार को अणसार कक्ष में सेवा में जुटे विशेष पुरोहितों के चेहरे में खुशी झलक रही। औषधीय जड़ी बुटी असरकारक रही। महाप्रभु अब स्वस्थ हो रहे हैं। प्रतिदिन फलों का रस भी अर्पित किया जा रहा है। बता दें कि अणसार कक्ष में अभी 56 भोग नहीं लग रहा। स्वास्थ्य ठीक होने के बाद ही अर्पित किया जाएगा। इधर मंदिर परिसर को सजाने संवारने के साथ रंग-रोगन का कार्य अंतिम चरण में है। रथ प्रतिष्ठा छह जुलाई को की जाएगी। इसी दिन भक्तों के दर्शन के लिए मंदिर पुनः खोला जाएगा। सुबह 9.30 से 10.30 बजे तक पूजा-अर्चना होगी। इस दिन को नेत्रउत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस साल रथयात्रा का आयोजन सात जुलाई को होगा। भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र के साथ रथयात्रा पर निकलेंगे और भक्तों को दर्शन देंगे। रथयात्रा का होगा भव्य स्वागत रथयात्रा रेलवे क्षेत्र के जगन्नाथ मंदिर से शुरू होकर तितली चौक, रेलवे स्टेशन, तारबाहर, गांधी चौक, तोरवा थाना काली मंदिर होते हुए गुडिचा मंदिर पहुंचेगी। नौ दिनों तक भगवान गुडिचा मंदिर में रहेंगे, जहां विभित्र धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। 15 जुलाई को बहुड़ा यात्रा के साथ भगवान वापस मंदिर लौटेंगे। जहां सभी चौक-चौराहों में महाप्रभु का भव्य स्वागत होगा। क्यों पड़ गए थे भगवान बीमार मान्यता के अनुसार देव पूर्णिमा के अवसर पर भगवान श्री श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को पुरोहितों द्वारा 108 कलश जल और 64 प्रकार की जड़ी-बूटियों से महास्नान कराया गया। इसके बाद महाप्रभु बीमार हो गए और अणासार कक्ष में विश्राम के लिए चले गए। इस अवधि के लिए मंदिर के पट भक्तों के लिए बंद कर दिए गए हैं। यहां यहां गुप्त अनुष्ठान के साथ 64 औषधीय जड़ी बुटियों से सेवकों द्वारा इलाज जारी है। मंदिर में लहराएगा नया ध्वज मंदिर के सचिव एस बेहरा ने बताया कि मंदिर की स्थापना के बाद रथयात्रा की परंपरा शुरू हुई, जो अब अपने 28वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। पिछले 20 सालों तक पुरी के कारीगर दास इस रथ का निर्माण करते थे, लेकिन पिछले डेढ़ दशक से उनके सहयोगी राजकुमार इस कार्य को संभाल रहे हैं। आज के समय में रथ निर्माण में एक लाख से अधिक का खर्च आता है और हर साल रथ के कपड़े और झंडे बदलते हैं। मौसी मां के घर जाएंगे भगवान भगवान स्वस्थ होने के बाद सात जुलाई को गुडिचा यात्रा (रथयात्रा) निकाली जाएगी। वे बहन सुभद्रा व भाई बलभद्र के साथ भक्तों को दर्शन देते हुए मौसी मां के घर जाएंगे। वहां वे नौ दिन रहेंगे। मौसी मां के घर में विभित्र धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। समिति की ओर से इसके लिए विशेष इंतजाम भी किए गए हैं। मौसी के घर में महाप्रभु के आगमन को लेकर जोरशोर से तैयारी चल रही है।

चेन्नई और नागरकोइल के बीच हफ्ते में 4 दिन वंदे भारत चलाई जाएगी, तारीख हुई लॉन्च

नई दिल्ली रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। दक्षिणी रेलवे ने वंदे भारत स्पेशल ट्रेनों की लॉन्च तारीख घोषित कर दी है। इसी कड़ी में, चेन्नई और नागरकोइल के बीच हफ्ते में 4 दिन वंदे भारत चलाई जाएगी। इसे ऑपरेट करने को लेकर चुनिंदा तारीखें तय की गई हैं। इस वंदे भारत स्पेशल ट्रेन का नंबर 06067 है जो महीने में 8 दिन फर्राटा भरने वाली है। 11, 12, 13, 14, 18, 19, 20 और 21 जुलाई को यह ट्रेन चेन्नई एग्मोर से रवाना होगी। बताया जा रहा है कि यात्रियों की भारी तादाद को देखते हुए यह स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया गया है। यह वंदे भारत गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को चलेगी। अगर टाइमिंग की बात करें तो सुबह 5:00 बजे रवाना होगी और दोपहर 1:50 बजे नागरकोइल पहुंच जाएगी। वापसी के दौरान नागरकोइल-चेन्नई वंदे भारत स्पेशल ट्रेन (06068) उसी दिन दोपहर 2:20 बजे नागरकोइल से चलेगी और रात 11:00 बजे चेन्नई एग्मोर पहुंचेगी। अब हम आपको इस स्पेशल ट्रेन के स्टॉपेज की जानकारी देते हैं। यह रेलगाड़ी अपनी यात्रा के दौरान 6 स्टेशनों (तांबरम, विल्लुपुरम, त्रिची, डिंडीगुल, मदुरै, कोविलपट्टी और नेल्लई) पर रुकेगी। स्पेशल वंदे भारत का कितना टिकट अगर टिकट की कीमत की बात करें तो AC चेयर कार के लिए 1605 रुपये है। एक्जीक्यूटिव चेयर कार के लिए 3245 रुपये देने होंगे। माना जा रहा है कि चेन्नई और नागरकोइल के बीच स्पेशल वंदे भारत ट्रेन चलने से कनेक्टिविटी में सुधार होगा। यात्रियों के लिए सुविधाजनक और कुशल यात्रा का विकल्प रहेगा। दूसरी ओर, पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए उधना-मालदा टाउन और उधना-जयनगर के बीच विशेष किराए पर 2 स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई। इसके अनुसार, ट्रेन संख्या 09015/09016 उधना-मालदा टाउन स्पेशल (02 ट्रिप): ट्रेन संख्या 09015 उधना-मालदा टाउन स्पेशल शुक्रवार, 5 जुलाई को 2140 बजे उधना से प्रस्थान करेगी और सोमवार, 8 जुलाई को 0745 बजे मालदा टाउन पहुंचेगी।  

नर्मदा लिंक परियोजना से जिले के 155 गाँव के किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी

भोपाल   प्रदेश के बजट में नर्मदा लिंक परियोजना का 1800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वन मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि नर्मदा लिंक परियोजना से अलीराजपुर जिले की तकदीर और तस्वीर बदलेगी। उन्होंने कहा कि सिंचाई सुविधा बढ़ने से जिले के आर्थिक विकास के साथ-साथ जिले के किसानों की आय में वृद्धि होगी। वन मंत्री श्री चौहान ने बताया कि नर्मदा लिंक परियोजना से सोंडवा और जोबट विधानसभा क्षेत्र के अनेक ग्राम लाभान्वित होंगे। मंत्री श्री चौहान ने कहा कि जिले के 5 विकासखण्ड अलीराजपुर, सोंडवा, आजाद नगर, कट्ठीवाड़ा और उदयगढ़ विकासखण्ड के 155 गाँव के किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे अलीराजपुर जिले के सिंचाई के रकबे में बढ़ोत्तरी होगी। वन मंत्री श्री चौहान ने यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से अलीराजपुर जिले को नर्मदा लिंक परियोजना से सिंचाई सुविधा मिलने पर उनको धन्यवाद ज्ञापित किया है।  

इलाज के दौरान अस्पताल के अधिकारियों ने परिवार को सूचना दी कि बच्चा मर चुका है और उन्हें एक मृत बच्ची सौंप दी

इस्लामाबाद पाकिस्तान में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहां एक अस्पताल ने बीमार बच्चे को मृत बच्ची से बदल दिया। इस घटना से पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं। घटना के अनुसार, एक पिता अपने बीमार बेटे को इलाज के लिए लाहौर के चिल्ड्रन हॉस्पिटल लेकर आया था, जहां उन्हें बताया गया कि बच्चे की स्थिति गंभीर है। कुछ समय बाद अस्पताल के अधिकारियों ने परिवार को सूचना दी कि बच्चा मर चुका है और उन्हें एक मृत बच्ची सौंप दी। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, माता-पिता अपने चार दिन के बीमार बच्चे को इलाज के लिए लाहौर चिल्ड्रेंस हॉस्पिटल में लेकर आए थे। दुखद बात यह है कि इलाज के दौरान डॉक्टरों ने जटिलताओं के कारण बच्चे को मृत घोषित कर दिया और उसका शव उसके पिता इरफान को सौंप दिया। इसके बाद पिता शव को दफनाने के लिए अपने गृहनगर गुजरांवाला ले गए। स्थिति तब चौंकाने वाली हो गई जब इरफान एक बच्ची का शव लेकर अस्पताल लौटा। इरफान ने दावा किया कि वह अस्पताल में अपने बेटे का इलाज कराने के लिए लाया था लेकिन डॉक्टरों ने उसे मरी हुई बच्ची पकड़ा दी। अस्पताल के अधिकारी इस आरोप से हैरान रह गए और उन्होंने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी। रिपोर्ट के अनुसार बाद में पता चला कि बच्चा कथित तौर पर गायब हो गया था। नसीराबाद पुलिस थाने में दर्ज कराई गई औपचारिक शिकायत में इरफान ने घटनाक्रम का ब्यौरा देते हुए अस्पताल पर मृतक लड़की के शव को उसके बेटे से बदलने का आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस से अस्पताल प्रबंधन और जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है और अपने बेटे की बरामदगी की मांग की है। पंजाब स्वास्थ्य विभाग ने इस घटना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए चिल्ड्रन हॉस्पिटल के तीन वरिष्ठ डॉक्टरों की एक जांच समिति बनाई। समिति को पूरी जांच करने और सच्चाई को उजागर करने के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का काम सौंपा गया। इस घटना ने पूरे देश में सनसनी फैला दी है और लोग परिवार के समर्थन में उतर आए हैं। परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय चाहिए और वे इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यह घटना पाकिस्तान में स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों को उजागर करती है और लोगों में सुरक्षा और विश्वास की कमी को दर्शाती है।  

महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण एवं आर्थिक स्वावलम्बन की ओर बढ़ते मजबूत कदम

भोपाल प्रदेश में महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण तथा उनके आर्थिक स्वावलम्बन के लिए बालिकाओं के जन्म से लेकर उनके सम्पूर्ण जीवन के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं और कार्यक्रम लागू किए जा रहे है। चाहे वह नौनिहालों के सुनहरे भविष्य बनाने के लिए “सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना हो”, बेटियों के जन्म से उन्हें लखपति बनाने की लाड़ली लक्ष्मी योजना या फिर बहन-बेटियों को अपनी छोटी-छोटी आवश्यकताओं को पूरा करने में न सिर्फ समर्थ हुई बल्कि बैंकिंग प्रणाली से जुड़ने और वित्तीय जागरूकता का संयम करती “लाड़ली बहना योजना हो”, सभी योजनाओं ने महिलाओं को सशक्त कर अपने परिवार और समाज में एक अलग पहचान बनाने में सफलता प्राप्त की। इसकी निंतरता को बरकरार रखने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2024-25 के लिए 26 हजार 560 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 81 प्रतिशत अधिक है। इस वर्ष बाल बजट में 70 हजार 447 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। जो पिछले वर्ष की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है। महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता में रखते हुए प्रदेश में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना को निरंतर जारी रखा गया है। योजना में इस वर्ष 18 हजार 984 करोड़ का प्रावधान किया गया है। योजना में 21 से 60 वर्ष की पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1250 रूपये की राशि उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। इस वित्तीय वर्ष 2024-25 में (सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0) के तहत आंगनवाड़ी सेवाएं के लिए 3469 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। इसमें मुख्य: 6 सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। पूरक पोषण आहार जिसमें 6 माह से 6 वर्ष आयु के बच्चों, गर्भवती व धात्री माताओं तथा किशारी बालिकाओं को वर्ष में कम से कम 30 दिन पूरक पोषण आहार प्रदाय किया जाता है। ग्रोथ मॉनिटरिंग एवं टीकाकरण के अन्तर्गत माह में निर्धारित 10 दिवसों में 6 वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों का ग्रोथ मॉनिटरिंग एवं स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से माह में एक दिन बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जाता है। आंगनवाड़ी सेवाओं में शाला पूर्व शिक्षा के तहत 3 वर्ष से 6 वर्ष तक के प्रतिदिन आंगनवाड़ी आने वाले बच्चों को शारीरिक, संज्ञानात्मक, सामाजिक, भाषाई और सौंदर्य बोध की शिक्षा दी जाती है। पोषण स्वास्थ्य शिक्षा के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता स्वंय एवं आशा तथा स्वास्थ्य कार्यकर्ता के सहयोग से केन्द्र स्तर पर सामूहिक एवं गृह भेंट कर हितग्राहियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं संतुलित भोजन आदि के बारे में परामर्श दिया जाता है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक माह टीकाकरण दिवस पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर ए.एन.एम., सी.एच.ओ. तथा आर.बी.एस. के दल द्वारा महिलाओं तथा बच्चों की स्वास्थ्य जाँच एवं आवश्यक सलाह दिया जाता है। स्वास्थ्य जाँच के आधार पर जरूरी होने पर महिलाओं एवं बच्चों को स्वास्थ्य केन्द्र अथवा पोषण पुर्नवास केन्द्र उपचार के लिए भेजा जाता है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष में 350 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को मजदूरी की हानि की आंशिक क्षतिपूर्ति के रूप में नकद प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए प्रथम प्रसव पर 5 हजार रूपये दो किश्तों में तथा द्वितीय प्रसव पर बालिका के जन्म होने पर 6 हजार रूपये का लाभ एक किश्त में किया जाता है। योजना के प्रारंभ से अब तक 40 लाख से अधिक लाभार्थियों को पंजीकृत कर 1663 करोड़ रूपये का भुगतान किया जा चुका है। मार्च 2024 तक 6,31,071 लक्ष्य के विरूद्ध 6,24,588 लाभार्थियों को पंजीकृत किया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना के प्रारंभ से वर्ष 2022-23 तक निरंतर 5 वर्षों से मध्यप्रदेश इस योजना के क्रियान्वयन में देश में प्रथम स्थान पर है। समेकित बाल संरक्षण योजना के तहत मिशन वात्सल्य के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 130 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत विशेष रूप से कठिन परिस्थितयों में रहने वाले 18 वर्ष तक के बच्चों के समग्र कल्याण एवं पुर्नवास के लिये संरक्षण, भरण-पोषण, प्रशिक्षण तथा व्यवसायिक एवं पारिवरिक पुनर्वास मुख्य उद्देश्य है। इसके तहत प्रदेश में विभिन्न प्रकार के 142 गृह संचालित है। कुल मिलाकर राज्य सरकार द्वारा बच्चों और महिलाओं के प्रति संवेदनशील सोच के साथ आगे बढ़ रही है। इनके वर्तमान और भविष्य को संवारने के लिये समग्र रूप से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन जारी है।  

मौसम विभाग ने बताया- देशभर में इन दिनों भारी बारिश का दौर जारी, यूपी में अगले पांच दिनों तक होने जा रही मूसलाधार बारिश

लखनऊ देशभर में इन दिनों भारी बारिश का दौर जारी है। उत्तर से लेकर दक्षिण भारत और पूर्व से लेकर पश्चिम भारत के राज्यों में भारी बारिश की वजह से मुश्किलें होने लगी हैं। मौसम विभाग ने बताया है कि अगले दो दिनों के दौरान उत्तर पश्चिम और पूर्वी भारत में भारी से बहुत भारी बारिश होने जा रही है, जबकि पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में पांच दिनों तक ऐसा मौसम जारी रहने वाला है। यूपी में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश होगी। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पश्चिमी राजस्थान में पांच जुलाई, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ में पांच और छह जुलाई, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश में पांच से नौ जुलाई, पंजाब, पश्चिमी मध्य प्रदेश में पांच से सात जुलाई, विदर्भ में आठ और नौ जुलाई, छत्तीसगढ़ में सात से नौ जुलाई के बीच तेज बारिश होगी। इसके अलावा, बिजली कड़कने की भी चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा, अंडमान और निकोबार द्वीप में पांच जुलाई, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार में सात से नौ जुलाई, झारखंड में सात, ओडिशा में छह और आठ जुलाई, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5-9 जुलाई के बीच भारी बरसात होने वाली है। अन्य राज्यों की बात करें तो केरल, माहे, लक्षद्वीप, तटीय कर्नाटक, कोंकण, गोवा, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, इंटीरियर कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तेलंगाना में भी अगले पांच दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश आंधी तूफान के साथ हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश वहीं, हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में शुक्रवार को मूसलाधार वर्षा हुई जिसके कारण 77 मार्गों को यातायात के लिए बंद कर दिया गया। शिमला मौसम कार्यालय ने शनिवार को छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा होने, गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की चेतावनी के साथ ‘येलो’ अलर्ट जारी किया। राज्य में पिछले 24 घंटे में काफी वर्षा हुई है। मौसम कार्यालय के मुताबिक पालमपुर में सबसे अधिक 128 मिलीमीटर (मिमी)वर्षा हुई जबकि कतौला में 110 मिमी, बैजनाथ में 95 मिमी, जोगिंदरनगर में 64 मिमी, मंडी में 40 मिमी, कोठी में 36 मिमी, कुफरी में 33.2 मिमी, शिलारू में 32.5 मिमी, धर्मशाला में 26 मिमी, मनाली में 22 मिमी और खदराला में 21.6 मिमी बारिश दर्ज की गयी। आपात अभियान केंद्र के अनुसार, भारी बारिश के कारण मंडी में 67, चंबा में सात तथा कांगड़ा, लाहौल-स्पीति और शिमला जिलों में एक-एक सड़क सहित 77 सड़कें यातायात के लिए बंद कर दी गयीं तथा 236 ट्रांसफार्मर बाधित हो गए।  

कौशल विकास और रोजगार मंत्री श्री टेटवाल ने संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क के निर्माण कार्यों की समीक्षा की

भोपाल कौशल विकास और रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने मंत्रालय में संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। मंत्री श्री टेटवाल ने श्रमिकों की संख्या बढ़ा कर गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि 15 जुलाई से पार्क में 4 कोर्सेज प्रारंभ होने जा रहे हैं। ट्रेनिंग के लिए आ रहे युवाओं को हॉस्टल और प्रयोगशाला एवं कक्षाओं में सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और सभी की सुरक्षा को भी प्राथमिकता पर रखा जाये। मंत्री श्री टेटवाल ने निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। बैठक में सचिव श्री रघुराज एम एवं संचालक श्री गौतम सिंह ने बताया कि 15 जुलाई 2024 से एडवांस ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी,एडवांस मैकेनिकल टेक्नोलॉजी, एडवांस मैकाट्रोनिक्स एवं एडवांस मैकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल सर्विसेज़ जैसे 4 पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जा रहे हैं। विश्व स्तरीय ग्लोबल स्किल्स पार्क में विश्व के सर्वोत्तम इंस्टीट्यूट्स में से एक आई टी ई ई एस सिंगापुर से ट्रेनिंग लेकर आए 26 कोर्स हेड,प्रिंसिपल ट्रेनर एवं ट्रेनर टेक्निकल ट्रेनिंग देंगे।

ब्रिटेन के चुनावों में कई भारतीय एक बार फिर से बंपर जीत हासिल कर संसद पहुंचे

लंदन आम चुनाव में लेबर पार्टी की धमाकेदार जीत के बाद कीर स्टारमर यूनाइटेड किंगडम के अगले प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। इसी के साथ 14 साल का कंजर्वेटिव शासन खत्म हो गया है। स्टारमर ने ब्रिटिश लोगों को धन्यवाद दिया। ब्रिटिश के पहले भारतीय मूल के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने अपनी कंजर्वेटिव पार्टी की हार को स्वीकार कर लिया है। साथ ही उन्होंने माफी मांगी और कीर स्टारमर को बधाई दी। ब्रिटेन के इ चुनावों में कई भारतीय एक बार फिर से बंपर जीत हासिल कर संसद पहुंचे हैं। पार्टी की करारी हार के बावजूद ऋषि सुनक अपनी रिचमंड और नॉर्थलेर्टन सीटें बचाने में कामयाब रहे। इस साल ब्रिटेन के आम चुनाव में देश के इतिहास में सबसे विविधतापूर्ण संसद बनी है, जिसमें भारतीय मूल के सांसदों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। ब्रिटिश फ्यूचर थिंक टैंक द्वारा किए गए पहले के विश्लेषण से पता चलता है कि सत्ता पर आसीन होने जा रही लेबर पार्टी के पास जातीय अल्पसंख्यक सांसदों का सबसे बड़ा दल होगा। वर्ष 2019 में हुए पिछले आम चुनाव में भारतीय मूल के 15 सांसद चुने गए थे, जिनमें से कई दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं। उनके अलावा भारतीय मूल के कई लोग पहली बार आम चुनाव लड़ रहे हैं। इस बार भारतीय मूल के 18 उम्मीदवार जीते ब्रिटिश मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस बार भारतीय मूल के 18 सांसद जीते हैं। इनमें ऋषि सुनक के अलावा, शिवानी राजा, प्रीति पटेल और नवेंदु मिश्रा जैसे नाम शामिल हैं। बता दें कि प्रतिष्ठित ब्रिटिश भारतीयों में से एक कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद आलोक शर्मा और लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र शर्मा ने इस बार चुनाव नहीं लड़ा था। जस अथवाल ने लेबर पार्टी के गढ़ इफोर्ड साउथ से चुनाव लड़ा था, जबकि बैगी शंकर डर्बी साउथ, सतवीर कौर साउथम्पटन टेस्ट और हरप्रीत उप्पल ने हडर्सफील्ड से चुनाव लड़ा। इंदौर में जन्मे राजेश अग्रवाल ने पहली बार लीसेस्टर ईस्ट से चुनाव लड़ा था लेकिन वह अन्य ब्रिटिश भारतीय एवं कंजर्वेटिव पार्टी की उम्मीदवार शिवानी राजा से हार गए। भारतीय मूल के मतदाताओं की अच्छी-खासी तादाद वाले इस निर्वाचन क्षेत्र में मुकाबला दिलचस्प था। गोवा मूल की पूर्व सांसद कीथ वाज भी यहां से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रही थीं। इस बीच, ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के उत्तरी इंग्लैंड में रिचमंड और नॉर्थअलर्टन की अपनी सीट बरकरार में कामयाब रहे। साथ ही उनके मंत्रिमंडल की पूर्व सहयोगी प्रीति पटेल ने एसेक्स में विथम और सुएला ब्रेवरमैन ने फारेहैम तथा वाटरलूविले में जीत हासिल की है। ये सभी भारतीय मूल के हैं।  

1981 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट को हाईजैक करने वाले वांटेड आतंकवादी गजिंदर सिंह की पाकिस्तान में मौत

लाहौर पाकिस्तान में एक और आतंकवादी मौत के घाट उतर चुका है। 1981 में इंडियन एयरलाइंस (आईए) की फ्लाइट को हाईजैक करने वाले वांटेड आतंकवादी गजिंदर सिंह की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उसकी मौत पाकिस्तान के एक अस्पताल में कथित तौर पर दिल का दौरा पड़ने से हुई। वह 74 वर्ष का था। गजिंदर सिंह एक कुख्यात आतंकवादी था, जो खालिस्तान समर्थक संगठन “दल खालसा” का सह-संस्थापक था। वह 1981 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-423 के हाईजैकिंग के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल था। यह फ्लाइट श्रीनगर से दिल्ली जा रही थी जब इसे हाईजैक किया गया था और बाद में इसे पाकिस्तान के लाहौर ले जाया गया। दल खालसा के प्रवक्ता परमजीत सिंह मंड ने बताया कि गजिंदर की बेटी बिक्रमजीत कौर ने इस खबर की पुष्टि की है। उसकी बेटी अपने पति और दो बच्चों के साथ यूके में रहती है। गजिंदर की पत्नी मंजीत कौर का जनवरी 2019 में जर्मनी में निधन हो गया था। कट्टरपंथी संगठन दल खालसा के सह-संस्थापक गजिंदर को 2002 में 20 मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की सूची में शामिल किया गया था। वह उन पांच लोगों में शामिल था, जिन्होंने 29 सितंबर 1981 को 111 यात्रियों और छह चालक दल के सदस्यों को ले जा रहे इंडियन एयरलाइंस के विमान का अपहरण कर लिया था और उसे लाहौर में उतरने के लिए मजबूर किया था। उन्होंने जरनैल सिंह भिंडरावाले और कई अन्य खालिस्तानी चरमपंथियों की रिहाई की मांग की थी। गजिंदर सिंह और उसके साथी आतंकवादियों ने इस हाईजैकिंग के दौरान यात्रियों को बंधक बना लिया और भारतीय सरकार से अपने साथियों की रिहाई की मांग की। इस घटना के बाद, गजिंदर सिंह और उसके साथियों को पाकिस्तान में गिरफ्तार किया गया और उन्हें जेल की सजा सुनाई गई। गजिंदर सिंह का नाम भारतीय इतिहास में एक खतरनाक आतंकवादी के रूप में दर्ज है, जिसने निर्दोष लोगों की जान को खतरे में डाला और देश की सुरक्षा को चुनौती दी। इस हाईजैक की घटना में तेजिंदर पाल सिंह, सतनाम सिंह पांवटा साहिब, दलबीर सिंह और करण सिंह नाम के अन्य आतंकी भी शामिल थे। उन्हें 30 सितंबर, 1981 को पाकिस्तानी एजेंसियों ने गिरफ्तार किया, उन पर मुकदमा चलाया गया और लाहौर की एक विशेष अदालत ने सभी को 14 साल की कैद की सजा सुनाई। उन्होंने 31 अक्टूबर, 1994 को अपनी सजा पूरी की। तेजिंदर और सतनाम 1997 और 1999 में भारत लौट आए थे, जबकि दलबीर और करण स्विट्जरलैंड में राजनीतिक शरण पाने में कामयाब रहे। पता चला है कि गजिंदर 1996 में जर्मनी गया था, लेकिन भारत द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद उसे देश में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। वह किसी तरह पाकिस्तान वापस जाने में कामयाब रहा। तब से उसका कोई अता-पता नहीं है। भारत गजिंदर को वापस भेजने की मांग कर रहा था, लेकिन इस्लामाबाद अपनी जमीन पर उसकी मौजूदगी से इनकार करता रहा। सितंबर 2022 में उसने खुद ही अपने फेसबुक पेज पर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के हसन अब्दल में गुरुद्वारा पंजा साहिब के सामने खड़े होकर अपनी तस्वीर पोस्ट करके अपनी लोकेशन का खुलासा किया था। भारत में उसका सोशल मीडिया पेज काफी समय तक ब्लॉक रहा था। सितंबर 2020 में अकाल तख्त के तत्कालीन कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह की अध्यक्षता में पांच महायाजकों ने गजिंदर को “जिलावतन सिख योद्धा” (निर्वासन में सिख योद्धा) की उपाधि से सम्मानित करने का फैसला किया था, लेकिन समारोह आयोजित नहीं किया जा सका।  

औषधालयों में सुबह 9 से अपरान्ह 4 बजे तक ओपीडी खुली रहेगी

भोपाल जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह के आदेश पर गैस राहत एवं पुनर्वास संचालनालय के अधीन गैस राहत अस्पतालों एवं औषधालयों में बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) खुली रहने का समय तय कर दिया गया है। सभी गैस राहत अस्पतालों में सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक एवं शाम 5 बजे से 6 बजे तक ओपीडी खुली रहेगी। इसी तरह गैस राहत के सभी औषधालयों में सुबह 9 बजे से अपरान्ह 4 बजे तक ओपीडी खुली रहेगी। गैस राहत संचालनालय द्वारा सभी गैस राहत अस्पतालों एवं औषधालयों को इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं। सहायक संचालक, गैस राहत एवं पुनर्वास संचालनालय, भोपाल ने बताया कि संचालक, कमला नेहरू चिकित्सालय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, गैस राहत, भोपाल, अधीक्षक जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय, इंदिरा गांधी महिला एवं बाल चिकित्सालय, अधीक्षक कमला नेहरू चिकित्सालय, अधीक्षक, पल्मोनरी मेडिसिन सेंटर, अधीक्षक, मास्टर लाल सिंह चिकित्सालय, अधीक्षक, शाकिर अली खान चिकित्सालय, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, बाग उमराव दूल्हा औषधालय, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, रूकमा बाई औषधालय बरखेड़ी, भोपाल, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, सिविल डिस्पेंसरी, अशोका गार्डन, भोपाल, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, के.एन.प्रधान औषधालय, जहांगीराबाद, भोपाल, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, माँ कर्मा देवी औषधालय, करोंद, भोपाल, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, मौ.अ.क.आ. औषधालय, पुतली घर, भोपाल, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, कुशाभाऊ ठाकरे औषधालय, नरेला शंकरी, भोपाल, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, लाल बहादुर शास्त्री औषधालय, मालीखेड़ी, भोपाल, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, पॉली क्लीनिक, इब्राहिमगंज, भोपाल को इस संबंध में निर्देशित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सभी अस्पताल अधीक्षकों एवं औषधालय प्रभारियों से कहा गया है कि गैस राहत अधीन सभी डॉक्टर्स तय समय के अनुसार अस्पताल एवं औषधालयों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर मरीजों का इलाज करें। अस्पताल अधीक्षकों एवं औषधालय प्रभारियों से यह भी कहा गया है कि यदि डॉक्टर्स तय किये गये समय पर ओपीडी में उपस्थित नहीं होकर मरीजों का इलाज नहीं करते हैं, तो उनके विरूद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाये।  

खंडवा में दहशतगर्दी का सफर: 32 वर्षीय अब्दुल रकीब के बाद 36 वर्षीय फैजल शेख की फितरत एटीएस की नजरों से बच नहीं सकी

खंडवा सिमी का गढ़ रहे खंडवा का आतंक से पुराना नाता है। 16 साल पहले एटीएस जवान सीताराम यादव सहित तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर आतंक का बीजारोपण अबु फैजल ने किया गया था। अब एक बार फिर खंडवा की जमीन से इस प्रकार के मॉड्यूल को अपना कर आतंक का परचम लहराने की कोशिश हो रही है। 32 वर्षीय अब्दुल रकीब के बाद 36 वर्षीय फैजल शेख की फितरत एटीएस की नजरों से बच नहीं सकी। अपने आतंकी मंसूबों को अंजाम देने से पहले ही एसटीएफ और मध्य प्रदेश एटीएस ने उन्हें धरदबोचा। एक साल पहले खंडवा से अब्दुल रकबी पुत्र अब्दुल वकील कुरैशी भी इंटरनेट के माध्यम से बम बनाने की ट्र्रेनिंग देने और पश्चिम बंगाल की आंतकी घटना को अंजाम देने वालों के संपर्क में होने से पकड़ा गया था। उसे पश्चिम बंगाल की एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। फैजल भी उसका साथी होने से एनआईए, एसएफटी और एटीएस के राडार पर था। जांच ऐजेंसी को पुख्ता सबूत हाथ लगते ही उसे खंडवा से गिरफ्तार कर लिया गया। इंटरनेट के जरिए आतंक को जिंदा रखने का प्रयास खंडवा में 28 नवंबर 2009 को तिहरे हत्याकांड को प्रतिबंधित स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के गुर्गों ने अंजाम दिया था। इनका सरगना मुंबई का डॉ. अबू फैजल था। उत्तर प्रदेश का रहने वाला था अबू फैजल मूलत: उत्तर प्रदेश का रहने वाला अबू फैजल खंडवा में अपना आतंकी साम्राज्य खड़ा करना चाहता था, इसके लिए निमाड़ और मालवा में इस्लामिक आंतकवाद का जहर फैलाने के लिए युवा को जोड़ने की कोशिश की। इसमें कुछ हद तक वह सफल भी हुआ, लेकिन जांच एजेंसियों और पुलिस की कोशिशों से सिमी सहित अन्य आंतकी संगठन खंडवा में अपनी जड़ें नहीं जमा सके। सिमी गुर्गों की गिरफ्तारी के बाद जमीनी गतिविधियों पर लगाम लग गई, लेकिन इंटरनेट के जरिए युवाओं में इस्लामिक कट्टरवाद और नफरत का जहर भर कर आतंक को कायम रखने के प्रयास जारी है। इसके परिणाम स्वरूप यहां रकीब और फैजल जैसे युवा भटक कर आतंक की राह अख्तियार कर रहे है। आतंकी अबू फैजल और यासीन भटकल से प्रभावित होकर खंडवा का युवा फैजल हनीफ शेख विध्वंस और दहशत के जरिए स्वयं को अन्य युवाओं का रोल मॉडल व हीरो बनने की कोशिश में लगा था। वह अपने मंसूबों में सफल हो पाता इससे पहले एटीएस भाेपाल की टीम ने उसे धरदबोचा। एक अक्टूबर 2013 को जेल से भागे थे सिमी आंतकी स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया संगठन को 2001 में आतंकी गतिविधियों के कारण प्रतिबंधित कर दिया गया था। खंडवा में तिहरे हत्याकांड के बाद सातों सिमी आतंकी जिला जेल से 1 अक्टूबर 2013 को भाग निकले थे। इनमें मुंबई निवासी आबू फैजल, खंडवा के गणेश तलाई का अमजद खान,असलम, जाकिर हुसैन, मेहबूब उर्फ गुड्डू और करेली निवासी एजाजउद्दीन पर हत्या और हत्या के प्रयास के आरोप में एक सहयोगी आबिद अंसारी जेल में विचाराधीन कैदी के रूप में बंद थे। खंडवा जेल से भागने के 3 साल बाद इन्हें एटीएस ने गिरफ्तार कर सेंट्रल जेल भोपाल में रखा था। 31 अक्टूबर 2016 को शेख मुजीब, असलम, हबीब उर्फ शेट्टी, साजिद उर्फ शेरू, अबु फैजल, महबूब, एजाजुद्दीन और इकरार शेख भोपाल जेल से भागने में कामयाब हो गए थे।इस दौरान एनकाउंटर में सिमी के 7 आतंकी मारे गए थे। इनमें अबु फैजल बच गया था। भोपाल सेंट्रल जेल में पहले से सजा काट रहे आतंकी अबू फैजल को दिसंबर 2023 में एनआइए कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा वर्ष 2013 में खंडवा जेल तोड़ने के मामले में सुनाई गई थी। मशहूर होने के लिए चुनी आतंक की राह जिहादी मानसिकता ने एक बार फिर खंडवा को शर्मसार कर दिया। मशहूर होने के चक्कर मे आतंकी संगठनों के संपर्क में आकर फैजान देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होकर बड़ी वारदात को अंजाम देना चाहता था, लेकिन एटीएस की कार्रवाई ने आतंकी के मंसूबों को नाकाम करते हुए उसे दबोच लिया।

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