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उपहार मे बांटे पौधे, झूला झूलकर , महिलाओं ने मनाई हरियाली तीज

Women celebrated Hariyali Teej by distributing plants as gifts and swinging.

हरिप्रसाद गोहे आमला ! बुधवार को बोड़खी मे आयोजित हरियाली तीज के इस कार्यक्रम मे आमला एवं बोड़खी क्षेत्र की महिलाएं बड़ी तादाद मे शामिल हुई। लोणारी कुनबी समाज संगठन के बैनरतले आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं ने यहां पर झूला झूला तो एक-दूसरे को उपहार मे पौधे भी सौपें। उपस्थित महिलाओं ने इन पौधो की अपनी सुविधानुसार स्‍थान पर रौपकर इन्‍हें पूरी जिम्‍मेदारी के साथ पालनें का संकल्‍प भी लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगठन की अध्‍यक्ष मधुबाला धोटे ने कहा कि श्रावण मास का यह पवित्र त्‍योहार महिलाओं के वैवाहिक जीवन मे सुख-समृद्धि का त्‍योहार है इसलिए समाज परंपरागत रूप से यह त्‍योहार मनाता आ रहा है। कहा कि इस त्‍योहार से पारिवारिक जीवन सामंजस्‍य पूर्ण जीनें की कामना भी पूरी होती है। इस अवसर पर महिलाओं ने झूला झूलकर भी परंपराओं का निर्वहन करते हुए आनंद लिया। कार्यक्रम मे मीनाक्षी देशमुख संध्‍या साबले कल्‍पना वागद्रे बेबी देशमुख लता कुबड़े शीतल देशमुख लता देशमुख संगीता माथनकर कंचना पांसे कंचना खंडाग्रे संगीता पंडागरे शकुन देशमुख सहित बड़ी संख्‍या मे महिलाएं उपस्थित थी। कार्यक्रम का संचालन मनीषा चढ़ोकार ने किया।

जबलपुर : बोल बम के जय करो से गुजा शहर

Jabalpur: City passes through Bol Bam Ke Jai Karo

Jabalpur: City passes through Bol Bam Ke Jai Karo जीतेन्द्र श्रीवास्तव ( विशेष संवाददाता ) जबलपुर ! समाज सेवक श्री रतन यादव ओर सभी बम बम बोले के भक्त गण विगत 30 सालों से नाग पंचमी के दिन यह पताका आज गोरखपुर से गुप्तेश्वर महादेव के मन्दिर में जाकर चढ़ाया जाता है बोल-बम के उद्घोष से शहर गूंज उठा। शिवभक्त बोल-बम, बम-बम के जयकारे लगाते हुए गंतव्य की ओर रवाना होते गए। भगवान शिव की भक्ति को समर्पित श्रावण मास में पूरा शहर शिवमय होने लगा है। ज्यों-ज्यों शिवरात्रि के आगमन की तिथि निकट आ रही है त्यों-त्यों शहर में भक्ति की लहरें उफान पर पहुंच रही हैं।

खूबसूरत पहाड़ियों और मंदिरों से घिरा हुआ मध्यप्रदेश का अमरकंटक, जानिये यहां के बारे में सबकुछ

Amarkantak of Madhya Pradesh is surrounded by beautiful hills and temples

Amarkantak of Madhya Pradesh is surrounded by beautiful hills and temples, know everything about it अमरकंटक नाम की उत्पत्ति को लेकर कई सारी कहानियां प्रचलित हैं. प्रसिद्ध संस्कृत कवि कालिदास ने इस स्थान का नाम अमरकूट बताया है क्योंकि यहां आम (अमरा) के बहुत सारे पेड़ थे. कहा जाता है किबाद में अमरकूट अमरकंटक बन गया. Amarkantak Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश स्थित अमरकंटक हिंदुओं का प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है जो अनूपपुर और शहडोल के तहसील पुष्पराजगढ़ में मेकल की पहाड़ियों के बीच बसा हुआ शहर है. यहां सुप्रसिद्ध अमरकंटक मंदिर है जो 1065 मीटर की ऊंचाई पर बसा है. पहाड़ों और घने जंगलों मे बीच इस मंदिर की खूबसूरती अलग ही प्रतीत होती है. यह छत्तीसगढ़ की सीमा से सटा है. यह जगह विंध्य, सतपुड़ा और मैदार की पहाड़ियों का मिलन स्थल है, जिसका दृश्य मन मोह लेने वाला होता है. अमरकंटक तीर्थराज के रूप में भी काफी प्रसिद्ध है. यही वजह है कि इस मंदिर को देखने के लिए देशभर से श्रद्धालु आते हैं. अमरकंटक नाम की उत्पत्ति को लेकर कई सारी कहानियां प्रचलित हैं. प्रसिद्ध संस्कृत कवि कालिदास ने इस स्थान का नाम अमरकूट बताया है क्योंकि यहां आम (अमरा) के बहुत सारे पेड़ थे. कहा जाता है किबाद में अमरकूट अमरकंटक बन गया. पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, जब भगवान शिव ने आग से त्रिपुरा को नष्ट कर दिया तो तीन में से एक राख अमरकंटक पर गिर गई, जो हजारों शिवलिंगों में बदल गई. ऐसा ही एक लिंग ज्वलेश्वर में आज भी पूजा जाता है. संस्कृत में अमरकंटक का अर्थ है अनंत स्त्रोत, जो भारत कि सबसे पवित्र नदी नर्मदा नदी से जुड़ा हुआ है. यहां कई सारे मंदिर हैं जो कि विभिन्न शासकों के युग का वर्णन करते हैं. अमरकंटक में प्रमुख आकर्षण नर्मदाकुंड और कलचुरी काल के प्राचीन मंदिर हैं. नर्मदाकुंड के मंदिर परिसर के भीतर 16 छोटे मंदिर हैं, जो शहर के मध्य में स्थित हैं. अमरकंटक के प्रसिद्ध पर्यटक स्थलअमरकंटक में कई प्रसिद्ध पर्यटक स्थल हैं. यहां टूरिस्ट नर्मदा नदी का उद्गम स्थल देख सकते हैं. कलचुरी का प्राचीन कालीन मंदिर देख सकते हैं. इसके अलावा, कर्ण मंदिर, पातालेश्वर मंदिर,सोनमुडा अमरकंटक, दूधधारा प्रपात अमरकंटक, कपिल धारा प्रपात अमरकंटक इत्यादि जगहों पर पर्यटक घूम सकते हैं. नर्मदा नदी का उद्गम स्थलअमरकंटक में नर्मदा नदी और सोनभद्रा नदियों का उद्गम स्थल है. यह आदिकाल से ही ऋषि और मुनियों की तपोभूमि रही है. नर्मदा का उद्गम यहां के एक कुंड से और सोनभद्रा के पर्वत शिखर से हुआ है. नर्मदा नदी यहां पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है. इस नदी को “मध्यप्रदेश और गुजरात की जीवनदायनी नदी” भी कहा जाता है. ऐसे में आप यहां नर्मदा नदी का उद्गम स्थल घूम सकते हैं.

ट्रेन ,ट्रैक और स्टेशन पर रील बनाने वाले हो जाओ सावधान, अब जाना होगा जेल , आरपीएफ की नजर

Those who make reels on trains, tracks and stations, be careful

Those who make reels on trains, tracks and stations, be careful, now they will have to go to jail, RPF is keeping an eye on them. जबलपुर। रेलवे स्टेशन से लेकर ट्रेन और ट्रैक की सुरक्षा से खिलवाड़ करते हुए रील (शाॅर्ट वीडियो) बनाने वालों पर रेलवे अब सख्त कार्रवाई करेगी। आरपीएफ ऐसे लोगों पर कार्रवाई कर उन्हें जेल भी भेजेगी। हाल ही में रेलवे की सुरक्षा से खिलवाड़ करते हुए कई रील इंटरनेट मीडिया में वायरल हुए हैं, जिसने रेलवे की चिंता बढ़ा दी है। रेलवे की सुरक्षा से खिलवाड़ यह वीडियो रेलवे ट्रैक ही नहीं बल्कि ट्रेन और रेल परिसर पर सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले हैं। इसके बाद आरपीएफ के महानिदेशक ने इन शाॅर्ट वीडियो बनाने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद जबलपुर समेत भोपाल और कोटा मंडल में ऐसे लोगों की तलाश शुरू कर दी है। आरपीएफ महानिदेशक के निर्देश के बाद जबलपुर मंडल की सीमा में आने वाले सभी रेलवे स्टेशन, ट्रैक और यहां से गुजरने वाली ट्रेनों में रेल संरक्षा से खिलवाड़ करते हुए वीडियो बनाने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाड़ रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।- मो. मुनव्वर खान, सीनियर डीएससी, जबलपुर रेल मंडल कैमरे से नजर, आरपीएफ रख रही खबर ट्रेनों की बढ़ती दुर्घटनाओं को राेकने के लिए अब रेलवे ट्रैक पर पहले से ही सुरक्षा बढ़ा दी गई है।रेलवे ट्रैक के सुरक्षा से खिलवाड़ करने के वीडियो सामने आने के बाद अधि‍कारियों की चिंता बढ़ गई है।आरपीएफ ने ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए स्टेशन के साथ रेलवे फाटक पर कैमरों से निगरानी बढ़ा दी है।ऐसे लोगों पर कार्रवाई के निर्देश आरपीएफ के महानिदेशक के आदेश के बाद पश्चिम मध्य रेलवे के आरपीएफ आईजी, जबलपुर, भोपाल और कोटा मंडल के सीनियर डीएससी ने सभी स्टेशन में बनी आरपीएफ थाना, चौकी पर ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इधर आरपीएफ के साथ रेलवे अधिकारी और कर्मचारियों को भी रेल संरक्षा से खिलवाड़ करने वालों की पहचान कर उन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। यह न करें

मनीष सिसोदिया को मिली जमानत, 17 महीने बाद जेल से बाहर आएंगे

Manish Sisodia gets bail, will come out of jail after 17 months

Manish Sisodia gets bail, will come out of jail after 17 months सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति कथित घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में शुक्रवार (9 अगस्त 2024) को आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मनीष सिसोदिया की जमानत दे दी. न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने इस मामले में फैसला सुनाया. इससे पहले अदालत ने 6 अगस्त को सिसोदिया की याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. मनीष सिसोदिया को रद्द की जा चुकी दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 के निर्माण व कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं में संलिप्तता के लिए 26 फरवरी, 2023 को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था. जांच एसेंसी को बताया देरी के लिए जिम्मेदार सुनवाई के दौरान मनीष सिदोतिया के वकील ने कहा कि अक्टूबर में हमें बताया गया था कि 6-8 महीने में मुकदमा पूरा हो सकता है. हमने कहा था कि अगर ऐसा न हुआ तो आरोपी दोबारा ज़मानत की मांग कर सकता है. आरोपी लंबे समय से जेल में है. ऐसे में इन्हें PMLA सेक्शन 45 में दी गई ज़मानत की कड़ी शर्तों से रियायत की मांग की गई. वहीं जांच एजेंसी ने आरोपी को मुकदमे में देरी के लिए जिम्मेदार बताया. ED ने कहा कि आरोपी गैरजरूरी दस्तावेज मांग रहे हैं. सैकड़ों आवेदन दाखिल किए, लेकिन कोई भी ऐसा रिकॉर्ड नहीं दिखाते. ED और CBI दोनों मामलों में बहुत अधिक आवेदन दाखिल नहीं हुए, इसलिए मुकदमे में देरी के लिए आरोपी को ज़िम्मेदार मानने के निचली अदालत और हाई कोर्ट के निष्कर्ष से हम सहमत नहीं हैं. ‘आरोपी को दस्तावेज देखने का अधिकार है’ सिसोदिया के वकील ने आग कहा, ED के वकील ने 3 जुलाई तक जांच पूरी करने की बात कही गई थी. यह अक्टूबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट को बताए गई 6-8 महीने की सीमा के परे है. इस देरी के चलते निचली अदालत में मुकदमा शुरू हो पाने का सवाल ही नहीं था. व्यक्तिगत स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है. इसका बिना उचित वजह के हनन नहीं हो सकता है. डेढ़ साल से जेल में बंद हैं मनीष सिसोदिया सीबीआई ने दिल्ली आबकारी नीति के निर्माण एवं कार्यान्वयन में अनियमितताओं में कथित संलिप्तता को लेकर सिसोदिया को 26 फरवरी, 2023 को गिरफ्तार किया था. ईडी ने उन्हें नौ मार्च 2023 को सीबीआई की प्राथमिकी से जुड़े धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया था. सिसोदिया ने 28 फरवरी, 2023 को दिल्ली मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था.

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