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सतना का प्रॉपर्टी डीलर गिरफ्तार महिला की नग्न तस्वीरें खींचकर किया गंदा काम, पुलिस ने लिया ये एक्शन

सतना  मध्य प्रदेश के सतना जिले में महिला से रेप का मामला सामने आया है. महिला ने प्रॉपर्टी डीलर पर रेप के आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज करवाई है.  आरोप हे कि घर खरीदने का सौदा होने के बाद प्रापर्टी डीलर की नीयत महिला पर खराब हो गई. घर आने-जाने के दौरान महिला को नशीला पदार्थ सुंघाकर उसकी अद्धनग्न तस्वीर ले ली और उसी को वारयल करने की धमकी देकर बार-बार दुष्कर्म करने लगा. इससे  तंग महिला ने गुरूवार को थाने में शिकायत दर्ज कराई. जिसके बाद आरोपी प्रापर्टी डीलर पर केस दर्ज कर लिया गया. मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है. ये है पूरा मामला बताया जा रहा है कि पीडि़त महिला शहर के लालता चौक क्षेत्र में रहती है. उसके पति की तबियत खराब थी और बेटे जॉब के सिलसिले में शहर से बाहर रहते थे. यही कारण है कि वह अपना घर बेच कर बेटों के पास जाना चाहती थी. प्रापर्टी बेचने के दौरान आरोपी मजीद खान के साथ 60 लाख रुपए में सौदा हुआ. आरोपी ने डेढ़ साल का समय लेकर 10 लाख रुपए अग्रिम देकर एग्रीमेंट कर लिया. इसके बाद अक्सर घर आने-जाने लगा. घर में बीते साल की आठ मई को धोखे से स्प्रे डालकर बेहोश कर दिया और आपत्तिजक तस्वीर मोबाइल पर ले ली. इसके बाद फोटो वायरल करने की धमकी देकर बार-बार दुष्कर्म करने लगा. अंतिम बार आरोपी ने महिला के साथ 15 जनवरी 2024 को दुष्कर्म किया. महिला की रिपोर्ट पर आरोपी मजीद खान निवासी टिकुरिया टोला पर नामदज एफआईआर दर्ज की गई है..महिला की रिपोर्ट के आधार पर धारा 376, 376 (2)(एन), 328,450 और 506 का प्रकरण कायम किया गया है.  पैसे मांगने पर कोर्ट में केस किया बताया जा रहा है कि जब महिला और प्रापर्टी डीलर के बीच हुए सौदे का समय पूरा हो गया तो महिला ने उससे पैसों की मांग की और रजिस्ट्री कराने को कहा. इस दौरान आरोपी ने उसके साथ संबंध बनाने को कहा और न बनाने पर उसके खिलाफ कोर्ट में केस कर दिया. काफी दिनों बाद महिला ने साहस जुटाया और मामले से अपने परिचितों को अवगत कराया. उसके बाद थाने जाकर आरोपी पर दुष्कर्म का केस दर्ज करा दिया. हिरासत में आरोपी बताया जाता है कि महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है. हालांकि अभी पुलिस इस मामले में कुछ भी कहने से बच रही है. पुलिस सूत्रों की मानें तो आरोपी को पुलिस ने उसके घर से ही हिरासत में लिया है.

बड़ामलहरा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत बमनौरा कलां में गरबा महोत्सव का भव्य आयोजन

बमनौरा  बड़ामलहरा जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बमनौरा कलां के मैन बाजार में इस वर्ष नवरात्रि महोत्सव के अवसर पर गरबा महोत्सव का आयोजन किया गया। यह आयोजन अत्यंत भव्य और शानदार रूप में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और नागरिकों ने भाग लिया। नवरात्रि, देवी दुर्गा की आराधना का प्रमुख पर्व है, जिसे पूरे देश में भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इसी उपलक्ष्य में ग्राम पंचायत बमनौरा कलां में भी इस गरबा महोत्सव का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण समुदाय में भक्ति और संस्कृति को बढ़ावा देना था। गरबा के माध्यम से माता रानी की आराधना की गई और लोगों ने अपनी आस्था को प्रकट किया। गरबा महोत्सव के दौरान मैन बाजार के प्रमुख स्थल को रंग-बिरंगी रोशनी और सजावट से सुसज्जित किया गया था, जो इस धार्मिक उत्सव को और अधिक आकर्षक बना रहा था। कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ आस-पास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। विभिन्न आयु वर्ग के लोग पारंपरिक परिधानों में सजकर गरबा में भाग ले रहे थे, जिससे पूरे कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा।  बड़ी संख्या में रही श्रद्धालुओं की सहभागिता गरबा महोत्सव में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई, जिसमें महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर देवी दुर्गा की आराधना की और गरबा नृत्य के माध्यम से अपनी भक्ति प्रकट की। श्रद्धालु माता के भजन और गरबा गीतों पर झूमते हुए देखे गए, जिससे पूरे वातावरण में धार्मिक ऊर्जा का संचार हो गया। आयोजन समिति ने इस गरबा महोत्सव को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए कड़ी मेहनत की थी। सुरक्षा और व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्थानीय प्रशासन और पंचायत के सहयोग से यह आयोजन पूर्णत: सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से सम्पन्न हुआ। गरबा महोत्सव का समापन माता की आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। आयोजन समिति और ग्राम पंचायत ने इस महोत्सव की सफलता के लिए सभी श्रद्धालुओं और नागरिकों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के प्रति समर्थन की अपील की। इस प्रकार, नवरात्रि के इस पावन अवसर पर बमनौरा कलां के मैन बाजार में आयोजित गरबा महोत्सव ने न केवल धार्मिक आस्था को प्रकट किया, बल्कि समाज के बीच आपसी सौहार्द और संस्कृति को भी बढ़ावा दिया।

हाईकोर्ट ने शासकीय कर्मचारी और अधिकारियों के हित में सुनाया महत्वपूर्ण फैसला

रायपुर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शासकीय कर्मचारी और अधिकारियों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. जस्टिस पीपी साहू की सिंगल बेंच ने स्टाफ नर्स सरस्वती साहू की याचिका पर सुनवाई करते हुए स्थानांतरण आदेश पर रोक लगा दी है. जस्टिस पीपी साहू ने फैसले में कहा कि यदि बहुत जरुरी ना हो तो शैक्षणिक सत्र के बीच में ऐसे कर्मचारी और अधिकारी जिनके बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, उनका स्थानांतरण ना किया जाए. इस फैसले से उन सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है, जिनके बच्चे शैक्षणिक सत्र के दौरान पढ़ाई कर रहे हैं. सरस्वती साहू, जो बालोद जिले के पीपरछेड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ नर्स के रूप में कार्यरत हैं. जिनका डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल, रायपुर में स्थानांतरित कर दिया है. जिसको लेकर नर्स ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. इस मामले की सुनवाई जस्टिस पीपी साहू के सिंगल बेंच में हुई. याचिकाकर्ता के वकील संदीप दुबे ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता स्टाफ नर्स के दो पदों में से वर्तमान पदस्थापना स्थान पर कार्यरत एकमात्र स्टाफ नर्स है. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बालोद ने 7.10.2024 को संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय को पत्र लिखा जिसमें कहा गया कि याचिकाकर्ता के स्थानांतरण के बाद उसके स्थान पर किसी अन्य स्टाफ को नहीं रखा गया है. इससे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उचित और सुचारू संचालन प्रभावित हो रहा है. बच्चों की पढ़ाई पर पड़ेगा असर याचिकाकर्ता के दो बच्चे स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल, बालोद, जिला-बालोद में कक्षा-10 वीं और 6 वीं में पढ़ रहे हैं. याचिकाकर्ता का स्थानांतरण शैक्षणिक सत्र के मध्य में हुआ है, इसलिए उन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. उन्होंने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता का एक बच्चा कक्षा-10वीं में पढ़ रहा है, जो कि बोर्ड परीक्षा है. अधिवक्ता संदीप दुबे ने स्कूल शिक्षा निदेशक बनाम ओ. करुप्पा थेवन मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया, जिसकी रिपोर्ट 1994 एससीसी सप्लीमेंट (2) 666 में दी गई है. राज्य शासन के अधिवक्ता ने दिया ये तर्क राज्य शासन की ओर से पैरवी करते हुए महाधिवक्ता कार्यालय के विधि अधिकारी ने कहा कि याचिकाकर्ता मेडिकल कॉलेज का कर्मचारी है. उसे शिक्षा विभाग में पदस्थ किया गया था. याचिकाकर्ता के अनुरोध पर उन्हें स्वास्थ्य सेवा विभाग में पदस्थ किया गया था. अब उन्हें उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया गया है. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दुबे ने कोर्ट से मांग की कि याचिकाकर्ता ने 4.10.2024 को भी अभ्यावेदन प्रस्तुत किया है. लिहाजा अभ्यावेदन पर निर्णय होने तक याचिकाकर्ता का स्थानांतरण ना किया जाए. कोर्ट ने अपने फैसले में ये कहा मामले की सुनवाई जस्टिस पीपी साहू के सिंगल बेंच में हुई. हाई कोर्ट ने अपने फैसले में लिखा है कि स्थानांतरण करते समय, इस तथ्य को उचित महत्व दिया जाना चाहिए कि कर्मचारी के बच्चे पढ़ रहे हैं, यदि सेवा की अनिवार्यताएं तत्काल नहीं हैं. इस टिप्पणी के साथ स्थानांतरण आदेश पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सचिव स्वास्थ्य सेवाएं के समक्ष 10 दिनों की अवधि के भीतर नया अभ्यावेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. यदि याचिकाकर्ता अभ्यावेदन प्रस्तुत करता है, तब सचिव स्वास्थ्य सेवाएं को सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को ध्यान में रखते हुए, कानून के अनुसार चार सप्ताह के भीतर निर्णय लेना होगा. अभ्यावेदन के निराकरण तक स्थानांतरण आदेश पर कोर्ट ने रोक लगा दी है.

जेल प्रहरी को किया गिरफ्तार, राजस्थान-दौसा की हाई सिक्योरिटी जेल में मिली ड्रग्स

दौसा. हाई सिक्योरिटी जेल में ड्रग्स सप्लाई को लेकर दौसा पुलिस पुलिस ने श्यालावास हाई सिक्योरिटी जेल के प्रहरी रामनाथ गिरफ्तार किया है और ड्रग सप्लाई करने वाले दो आरोपियों तलाश में जुट गई है। दरअसल जेल से 243 ग्राम अफीम और बीड़ी, सिगरेट बरामद होने के बाद यह कार्रवाई की गई। लालसोट अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश अग्रवाल ने बताया कि 9 अक्टूबर को पुलिस को यह सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति श्यालावास हाई सिक्योरिटी जेल ड्रग सप्लाई करने के लिए आ रहे हैं, जिसमें जेल में तैनात एक सिपाही की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही थी। सूचना के बाद राजस्थान पुलिस हाई सिक्योरिटी जेल पहुंच लेकिन जैसे ही पुलिस जेल के अंदर दाखिल हुई जेल के गेट पर तैनात सिपाही को इसका अंदेशा हो गया, जिसके चलते जेल प्रहरी रामनाथ ने उन दोनों ड्रग्स सप्लाई करने वालों को दूसरे रास्ते से भगा दिया लेकिन जेल से भागने से पहले ड्रग सप्लाई करने वाले दोनों बदमाश जाते-जाते जेल में ड्रग्स और उनके पास मौजूद बीड़ी तंबाकू और गुटके जेल परिसर में फेंककर भाग गए। पुलिस ने मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जेल प्रहरी रामनाथ को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ जांच की शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि इसी जेल से पूर्व में दस मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं। इतना ही नहीं 28 जुलाई को सीएम भजनलाल शर्मा को यहीं से जान मारने की धमकी भी दी जा चुकी है। पिछले तीन-चार महीने के दौरान दौसा जिले की हाई सिक्योरिटी जेल पर सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। बहरहाल पुलिस ने जेल प्रहरी को गिरफ्तार किया है और इस संबंध में उससे पूछताछ की जा रही है।

SHO ने दर्ज नहीं की FIR तो दे दिया इस्तीफा, बोले- ‘ऐसी विधायकी मुझे नहीं करनी’, बाद में पलटे

सागर  सागर जिले की देवरी विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक बृजबिहारी पटेरिया गुरुवार की रात में अचानक त्यागपत्र दे दिया था। त्यागपत्र देने के कुछ ही घंटों बाद संगठन की फटकार के बाद त्यागपत्र की बात से पीछे हट गए और धरना भी समाप्त कर दिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार पटेरिया रात में केसली थाने में अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए थे और अपना त्यागपत्र विधानसभा अध्यक्ष को भेजने की बात मीडिया के समक्ष कही थी। इसके बाद देर रात प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा और संगठन सक्रिय हुए और फटकार के बाद पटेरिया धरना समाप्त करने के साथ ही एक वीडियो जारी कर त्यागपत्र की बात से पलट गए। पटेरिया ने कुछ ही घंटों के भीतर वीडियो संदेश में कहा कि स्वाभाविक है कि वो आक्रोश का विषय था। दुर्भाग्यपूर्ण क्षण था, जब मैंने आक्रोश के वशीभूत होकर वो कदम उठा लिया था। पार्टी मेरे साथ में है। माननीय मुख्यमंत्री हमारे साथ में हैं। पूरा संगठन, मंडल अध्यक्ष, वो सभी कार्यकर्ता मेरे साथ में हैं, जिन्होंने मुझे इस पद तक पहुंचाया है। अब उन सबके निर्देशों और आदेशों का पालन मैं करूंगा। माननीय अध्यक्ष जी और मुख्यमंत्री जी के आदेश का पालन करूंगा। अब इस्तीफे की कोई बात ही नहीं है। इसके पहले गुरुवार देर रात अचानक खबर आई कि पटेरिया ने विधायक पद से त्यागपत्र दे दिया है और वे सागर जिले के केसली थाना परिसर में अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए हैं। पटेरिया केसली थाने पहुंचे थे और वहां एक पीड़ित की कथित तौर पर एफआईआर दर्ज नहीं होने के कारण उन्होंने वहीं से त्यागपत्र लिखकर विधानसभा अध्यक्ष और सचिवालय को भेज दिया था। तब उन्होंने कहा था कि जब सत्तारूढ़ दल के विधायक की बात ही नहीं सुनी जाए, तो वे ऐसी विधायिकी नहीं करना चाहते। पटेरिया के त्यागपत्र की खबर के बाद प्रदेश भाजपा संगठन और सरकारी तंत्र भी सक्रिय हुआ। देर रात प्रदेश अध्यक्ष और संगठन ने फोन पर पटेरिया को सख्ती से समझाया, तब उन्होंने तत्काल इस्तीफे की बात से पलटकर बयान जारी किया। बताया गया है कि पटेरिया को फोन पर जमकर फटकार लगाई गई। पटेरिया पहले कांग्रेस में थे और उसके टिकट पर भी दो दशक से अधिक समय पहले देवरी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। नवंबर दिसंबर 2023 का चुनाव उन्होंने देवरी से भाजपा के टिकट पर लड़ा और विजयी हुए। दो सौ तीस सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के कुल सदस्यों की संख्या 163 है, जबकि कांग्रेस के 64 विधायक हैं। एक विधायक भारत आदिवासी पार्टी से है और दो सीट बुधनी और विजयपुर रिक्त हैं।

दशहरा पर रावण दहन को लेकर तैयारियां तेज, सजा रावण बाजार, 50 फीसदी महंगा हुआ रावण का पुतलाक

ग्वालियर दशहरा पर रावण दहन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी बीच मध्य प्रदेश के ग्वालियर में दशहरे के मौके पर लगने वाला रावण बाजार सज चुका है। इस बाजार में एक फीट से लेकर 25 फीट तक रावण बिकने आए हैं, जिनकी कीमत 100 रुपए से लेकर 5 हजार रुपए तक है। ग्वालियर के छप्परवाला पुल इलाके में रावण बाजार सज चुका है। इस बाजार में हर तरफ सिर्फ रावण ही रावण नजर आ रहा है। नवमी से दशहरा तक दो दिन लगने वाले बाजार का लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है। दशहरे के लिए दूर-दूर से लोग रावण खरीदने के लिए ग्वालियर के रावण बाजार आते हैं। हालाकि इस बार भारी बारिश के चलते घास और लकड़ी पर महंगाई से रावण भी 20 से 50 फीसदी महंगा हो गया है। लेकिन फिर भी जो रावण के खरीदार हैं वह बड़ी तादाद में आ रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक ग्वालियर अंचल में 50 हजार से ज्यादा रावण का दहन होता है।

चूनाभट्टी इलाके में एक दिव्यांग का सेवादार मोबाइल चुराकर भाग, यूपीआई से उड़ाए पौने दो लाख रुपये

भोपाल  शहर के चूनाभट्टी इलाके में एक दिव्यांग व्यक्ति का सेवादार उनका मोबाइल चुराकर भाग गया और फिर मोबाइल के यूपीआई ऐप से उनकी पत्नी के बैंक खाते में जमा पौने दो लाख रुपये उड़ा दिए। सेवादार पिछले छह महीने से स्वरूप शालिग्राम की सेवा कर रहा था। उनकी पत्नी सोनल शालिग्राम ने होमकेयर एजेंसी के जरिए उसे नौकरी पर रखा था। मोबाइल चुराकर भागा सात सितंबर की शाम नौकरी से वापस घर जाते समय वह दिव्यांग व्यक्ति का मोबाइल चुराकर ले गया और दो दिन में अलग-अलग ट्रांजेक्शन करते हुए एक लाख 70 हजार रुपये दूसरे बैंक खातों में भेज दिए। सोनल की शिकायत पर चूनाभट्टी थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपित की तलाश शुरू कर दी है। सोनल के पास पहुंचे ट्रांजेक्शन के मैसेज थाना प्रभारी भूपेंद्र कौर संधू ने बताया कि सोनल और उनके पति स्वरूप शालिग्राम सागर गार्डन होम कॉलोनी में रहते हैं। सोनल घर के पास ही बुटिक का संचालन करती हैं। उनके पति स्वरूप लकवाग्रस्त होने की वजह से चलने-फिरने से लाचार हैं। पति की देखभाल के लिए सोनल ने छह महीने पहले मल्टी होमकेयर नामक एजेंसी के माध्यम से 25 वर्षीय सौरभ कोचर को नौकरी पर रखा था। दिन में करता था देखभाल सौरभ मूलत: रीवा जिले का रहने वाला है और वर्तमान में वह करोंद में रहता है। वह सुबह नौ से शाम सात बजे तक उनके घर नौकरी करता था। सात सितंबर को सौरभ ने जाते समय स्वरूप का मोबाइल चुरा लिया। रात करीब नौ बजे सोनल घर पहुंची तो उन्हें स्वरूप का मोबाइल नहीं मिला, फोन करने पर मोबाइल बंद आया। केयरटेकर मुहैया कराने वाली कंपनी से भी पूछताछ उन्होंने तुरंत सौरभ को फोन किया तो उसका फोन भी बंद था, जिसके बाद सोनल ने चूनाभट्टी थाने में मोबाइल चोरी की शिकायत की। वहीं अगले दो दिन में उनके पास अलग-अलग यूपीआई ट्रांजेक्शन के मैसेज पहुंचे, जिसमें कुल एक लाख 70 हजार रुपये की निकासी की गई थी। पुलिस आरोपित की मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसकी तलाश में जुटी है। केयरटेकर उपलब्ध कराने वाली कंपनी के अधिकारियों से भी पूछताछ की जा रही है। केयरटेकर के लिए लोगों को किस आधार पर रखा जाता है, कंपनी से यह जानकारी मांगी गई है।

रतन टाटा के बाद नोएल बने टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन, सर्वसम्मति से लिया गया फैसला

मुंबई नोएल टाटा को टाटा ट्रस्ट्स का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. बुधवार को रतन टाटा के निधन के बाद आज मुंबई में एक बैठक हुई थी, जिसमें रतन टाटा के सौतेले भाई नोएल टाटा (Noel Tata) को Tata Tusts का नया चेयरमैन बना दिया गया है. बैठक में ये फैसला सभी के सहमति से लिया गया. इसके तहत नोएल को टाटा समूह के दो सबसे महत्वपूर्ण धर्मार्थ संस्‍थाओं सर रतन टाटा ट्रस्ट और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट का प्रमुख नियुक्‍त किया गया है. ये पहले इन संस्‍थाओं में ट्रस्‍टी के तौर पर शामिल थे. अब इन्‍हें टाटा ट्रस्‍ट का चेयरमैन नियुक्‍त कर दिया गया है. र‍तन टाटा ने टाटा ट्रस्‍ट को बनाने में अपनी महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई थी. टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी TATA Sons में टाटा ट्रस्‍ट की एक बड़ी हिस्‍सेदारी है. इसमें करीब 66 फीसदी की हिस्‍सेदारी है. टाटा ट्रस्‍ट के तहत ही Tata Group संचालित है. ये ट्रस्‍ट परोपकारी पहल और शासन की देखरेख के लिए काम करता है. टाटा ग्रुप में निभाते हैं ये जिम्‍मेदारियां Ratan Tata के सौतेले भाई नोएल टाटा को टाटा ट्रस्‍ट की नई जिम्‍मेदारी दे दी गई है. नोएल टाटा ट्रस्‍ट में भी ट्रस्‍टी के तौर पर शामिल थे. वहीं पिछले कुछ सालों से वे टाटा इंटरनेशनल लिमिटेड के चेयरमैन भी हैं. इनका टाटा ग्रुप के साथ चार दशकों का लंबा इतिहास रहा है. वे ट्रेंट, वोल्टास और टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन जैसी कंपनियों के चेयरमैंन भी हैं. इतना ही नहीं टाटा स्टील और टाइटन कंपनी लिमिटेड के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करते हैं. इसके अलावा, टाटा इकोसिस्टम के साथ उनके गहरे संबंध भी हैं. 50 करोड़ डॉलर से 3 अरब डॉलर की बना दी कंपनी टाटा इंटरनेशनल लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्‍टर के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने 2010 और 2021 के बीच कंपनी के राजस्व को 500 मिलियन डॉलर से 3 बिलियन डॉलर से ज़्यादा तक बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. ट्रेंट लिमिटेड कंपनी का साल 1998 में सिर्फ एक सिंगल  रिटेल स्टोर था, जो आज इनके लीडरशिप में पूरे भारत में 700 से अधिक स्टोर्स के साथ एक मजबूत नेटवर्क में बदल चुका है. नोएल टाटा पर्दे के पीछे रहकर करते थे काम जहां एक तरफ रतन टाटा ग्रुप का चेहरा थे। तो वहीं नोएल टाटा (Noel Tata) पर्दे के पीछे रहकर काम करना पसंद करते हैं। वो मीडिया से भी बहुत दूर रहते हैं। उनका फोकस ग्रुप के ग्लोबल वेंचर्स और रिटेल सेक्टर विशेष तौर पर रहता था। नोएल टाटा के पास है कई कंपनियों की कमान नोएल टाटा पिछले 40 साल से टाटा ग्रुप का हिस्सा हैं। मौजूदा समय में वो टाटा ग्रुप की कई कंपनियों के बोर्ड के सदस्य हैं। वह टाटा इंटरनेशनल लिमिटेड, वोल्टास और टाटा इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन के चैयरमैन हैं। साथ ही टाटा स्टील और टाइटन कंपनी लिमिटेड में बतौर वाइस चेयरमैन अपनी सर्विसेज दे रहे हैं। नोएल टाटा अगस्त 2010 से नवंबर 2021 तक ट्रेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर रह चुके हैं। उनकी लीडरशिप में ट्रेंट का टर्नओवर 500 मिलियन डॉलर से बढ़कर 3 बिलियन डॉलर पहुंच गया। बता दें कि नोएल टाटा ने ससेक्स यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। माना जा रहा है कि टाटा ट्रस्ट की कमान ऐसे व्यक्ति को मिल सकती है, जिसके नाम के साथ टाटा जुड़ा हुआ है। ऐसे में नोएल टाटा ही विकल्प के तौर पर उभर कर आते हैं। मौजूदा समय में दो अन्य व्यक्ति भी टाटा ट्रस्ट के अहम सदस्य हैं। टीवीएस के वेणु श्रीनिवासन और पूर्व रक्षा सचिव विजय सिंह। साइरस मिस्त्री के चचेरे भाई भी प्रमुख दावेदार टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन के लिए टाटा संस के पूर्व चेयरमैन दिवंगत साइरस मिस्त्री के चचेरे भाई मेहली मिस्त्री भी मजबूत विकल्प के तौर पर देखे जा रहे हैं। मेहली मिस्त्री 2000 से टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन के साथ काम कर रहे थे। वो काफी सक्रिय भी थे। 2016 में साइरस मिस्त्री को टाटा संस के चेयरमैन के पद से हटाया गया था, तब शुरू हुए विवाद में उन्हें रतन टाटा का समर्थक माना जाता था। बता दें कि अक्टूबर 2022 में टाटा के 2 सबसे ट्रस्ट मे शामिल किया गया था। रतन टाटा, टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन और टाटा संस के मानद चेयरमैन पर रहने वाले आखिरी व्यक्ति थे। टाटा संस 2022 में ऑर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में बदलाव कर दिया था। जिसकी वजह से अब कोई व्यक्ति दोनों पदों पर एक साथ नहीं रह सकता है।  

उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि, डबल इंजन की सरकार इसी परंपरा को लगातार आगे बढ़ा रही है- सीएम योगी

लखनऊ  गोरखनाथ मठ की परंपरा को मुख्यमंत्री बनने के बाद से योगी आदित्यनाथ मिशन शक्ति के जरिये लगातार विस्तार दे रहे हैं। एंटी रोमियो स्क्वाड, पिंक टॉयलेट, पिंक बूथ, पिंक बसें, पीएसी में महिला बटालियन, थाने में तैनात महिला पुलिसकर्मियों को पहली बार बीट पर तैनाती, लखपति दीदी, बैंक सखी, कृषि सखी, सुकन्या योजना, स्वयं सहायता समूहों का सशक्तिकरण, निराश्रित महिला पेंशन की पात्रता के लिए उम्र की सीमा खत्म करने के साथ धनराशि में वृद्धि जैसी योजनाएं इसका प्रमाण हैं। मुख्यमंत्री का यह काम अपनी परंपरा, संस्कृति, संस्कार एवं इतिहास का सम्मान है। फिलहाल योगी सरकार में मिशन शक्ति का पांचवा चरण चल रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि, डबल इंजन की सरकार इसी परंपरा को लगातार आगे बढ़ा रही है। इसमें से मिशन शक्ति सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। शारदीय नवरात्रि के दिन ही मुख्यमंत्री ने मिशन शक्ति के प्रथम चरण की शुरुआत देवीपाटन (देश के प्रमुख शक्तिपीठों में एक) से की थी। समय और स्थान का चयन खुद में एक बड़ा संदेश था। गोरखपुर के लोग मानते हैं कि योगी आदित्यनाथ जिस गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर हैं, उसमें नारियों का बेहद सम्मान रहा है। हर साल दोनों नवरात्रि में पीठ में इसका जीवंत स्वरूप भी दिखता है। रोज की खास पूजा के बाद नवरात्रि के अंतिम दिन कन्या पूजन से इसका समापन होता है। खुद पीठाधीश्वर के रूप में मुख्यमंत्री कन्याओं का पांव पखारते हैं। उनको भोजन कराते हैं और दक्षिणा देकर विदा करते हैं। महिलाओं की शिक्षा और स्वावलंबन पर भी गोरखपुर स्थित गोरक्षपीठ का वर्षों से खासा फोकस रहा है। पीठ की ओर से संचालित शैक्षिक प्रकल्प महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद कई दशकों से आधी आबादी के शैक्षिक पुनर्जागरण और आर्थिक स्वावलंबन का अलग-अलग तरीकों से पूरे पूर्वांचल में अलख जगा रहा है। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के शिक्षण संस्थाओं में से कई में बालिकाओं के लिए सह शिक्षा (को-एजुकेशन) की व्यवस्था है। करीब दर्जन भर ऐसे शिक्षण संस्थान हैं जो विशेष तौर पर बालिकाओं की शिक्षा और उनके स्वावलंबन के लिए ही समर्पित हैं। महाराणा प्रताप बालिका इंटर कॉलेज, महाराणा प्रताप महिला पीजी कॉलेज, महाराणा प्रताप टेलरिंग कॉलेज, दिग्विजयनाथ बालिका पूर्व माध्यमिक विद्यालय, महाराणा प्रताप मीराबाई महिला छात्रावास, दिग्विजयनाथ महिला छात्रावास, गुरु गोरक्षनाथ स्कूल ऑफ नर्सिंग, योगीराज बाबा गम्भीरनाथ निशुल्क सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण केंद्र जैसे संस्थानों से प्रतिवर्ष हजारों बालिकाएं अपने जीवन पथ पर ससम्मान आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी पीठ की परंपरा के अनुसार विभिन्न योजनाओं के जरिये अबला कही जाने वाली नारी को वह सबला बनाने में जुटे हैं, वह भी पूरी शिद्दत से।    

15 अक्टूबर को भव्य शपथ ग्रहण समारोह में नायब सिंह सैनी दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे

चंडीगढ़ हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में नायब सिंह सैनी एक बार फिर सीएम पद की शपथ लेंगे। 15 अक्टूबर को आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में नायब सिंह सैनी दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। नायब सिंह सैनी के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहेंगे। शपथ ग्रहण समारोह पंचकूला में आयोजित किया जाएगा, जहां लगभग 50 हजार लोगों के उपस्थित रहने की संभावना है। समारोह में भाजपा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। इसके अलावा कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ-साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहेंगे। जानकारी के अनुसार, हरियाणा सरकार की नई कैबिनेट में अनिल विज, कृष्ण लाल मिड्ढा, श्रुति चौधरी, अरविंद कुमार शर्मा, विपुल गोयल , निखिल मदान को जगह मिल सकती है। गौरतलब है कि, नायब सिंह सैनी ने दिल्ली में बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी। इसके बाद गुरुवार को उन्होंने राजधानी में केंद्रीय मंत्री और हरियाणा भाजपा के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान से भी मुलाकात की थी। विधानसभा चुनाव के दौरान ही भाजपा की ओर से संकेत दिए गए थे कि अगली सरकार के भी मुखिया नायब सिंह सैनी बनेंगे। भाजपा ने मार्च 2024 में नायब सिंह सैनी को हरियाणा भाजपा अध्यक्ष पद से मुख्यमंत्री बनाया था। उस समय भाजपा मनोहर लाल के साढ़े नौ साल के कार्यकाल के बाद सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रही थी। बता दें कि हरियाणा में भाजपा तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है। विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 48 सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं, कांग्रेस 37 सीटों पर ही सिमटकर रह गई। इस चुनाव में जजपा और आम आदमी पार्टी का सफाया हो गया और इनेलो सिर्फ दो सीट जीतने में सफल रही। प्रदेश की तीन सीटें अन्य के खाते में गई हैं।    

मेट गाला 2025 के लिए जोर शोर से तैयारियां शुरू

न्यूयॉर्क दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फैशन इवेंट ‘मेट गाला’ पर सबकी नजरें टिकी रहती हैं। इस फैशन इवेंट में बॉलीवुड की जानी-मानी हस्तियां भी शामिल होती हैं। अब तक प्रियंका चोपड़ा से लेकर दीपिका पादुकोण रेड कार्पेट पर जलवा दिखा चुकी हैं। अब मेट गाला 2025 को लेकर भी जानकारी सामने आ गई है। ये कब और कहां होगा, कौन होस्ट करेगा और थीम क्या होगी, आइये सबकुछ जानते हैं। अगले साल के Met Gala इवेंट की वापसी के लिए तैयार हो जाइए। एक बार फिर से ग्लैमर का तड़का लगेगा और पूरी दुनिया की नजर इस इवेंट पर टिकी होगी। मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट के कॉस्ट्यूम इंस्टीट्यूट ने हाल ही में इवेंट की डेट और थीम का भी खुलासा किया है। मेट गाला 2025 की तारीख मेट गाला 2025 अगले साल 5 मई को न्यूयॉर्क शहर के मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट में शानदार वापसी करने के लिए तैयार है। मेट गाला 2025 की थीम 2025 मेट गाला का थीम ‘सुपरफाइन: टेलरिंग ब्लैक स्टाइल’ है, जो Black dandyism की अवधारणा को दर्शाता है। ये थीम मोनिका एल मिलर की 2009 की किताब ‘स्लेव्स टू फैशन: ब्लैक डैंडीज्म एंड द स्टाइलिंग ऑफ ब्लैक डायस्पोरिक आइडेंटिटी’ से प्रेरित है। 2003 के बाद 2025 में पुरुषों पर केंद्रित है थीम वोग के अनुसार, मेट गाला 2025 ये दर्शाएगा कि कैसे अश्वेत लोग गुलाम बनाए गए। डैंडीज्म एक सांस्कृतिक और स्टाइल आंदोलन है, जिसकी शुरुआत 19वीं सदी के ब्रिटेन में हुई थी। मालूम हो कि साल 2003 के ‘मेन इन स्कर्ट्स’ के बाद ये पहली बार है, जब मेट की कॉस्ट्यूम इंस्टीट्यूट की थीम पूरी तरह से पुरुषों पर केंद्रित है।

मुनाफे का झांसा देकर फंसाने वाला गिरफ्तार, छत्तीसगढ़-बिलासपुर में ऑनलाइन ट्रेडिंग में लाखों रुपये ठगे

बिलासपुर. बिलासपुर जिले में पुलिस ने ठगी करने वाला एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने पुरानी पहचान का फायदा उठाकर ऑनलाइन ट्रेडिंग में पैसा लगाने के लिए कहा। पैसा लगाने के नाम पर करीब एक करोड़ 38 लाख 72 हजार 105 रुपये ठग लिए। एक साल पहले आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने अब आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। जानकारी के अनुसार, सरकंडा राजस्व कॉलोनी के रहने वाले बसंत पांडेय ने 20.09.23 को थाने में पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस को दी तहरीर में उन्होंने बताया था कि उनका कपिल दुबे के परिवार के साथ पहले से परिचय है। कपिल दुबे के पिता हेमंत दुबे उसकी मां मनीषा दुबे सभी मिलकर ऑनलाइन ड्रेडिंग करते हैं। मुनाफे  झांसा देकर नगद और ऑनलाइन माध्यम से कुल एक करोड़ 38 लाख 72 हजार एक सौ पांच रुपये लिए। समय पूरा होने पर 89 लाख सात हजार रुपये वापस कर दिए और 49 लाख 65 हजार 105 रुपये वापस नहीं दिए। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना में लिया था। इसके बाद से सभी लोग फरार थे और पुलिस को तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर के आधार पर जानकारी मिली कि आरोपी हेमंत दुबे नवरात्रि पर्व मनाने वापस बिलासपुर आया हुआ है। सूचना पर थाना प्रभारी सरकण्डा निरी. तोपसिंह नवरंग के नेतृत्व में टीम तैयार कर कतियापारा बिलासपुर में घेराबंदी कर पकड़ा और पूछताछ पर अपराध स्वीकार किया। जिसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

मतदाता सूची का 16 से होगा प्रारंभिक प्रकाशन, छत्तीसगढ़-बेमेतरा में स्थानीय चुनाव की तैयारी शुरू

बेमेतरा. बेमेतरा जिला समेत प्रदेश में इसी साल दिसंबर माह में निकाय व 2025 के जनवरी माह में पंचायत चुनाव होना संभावित है। स्थानीय चुनाव को देखते हुए अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर त्रिस्तरीय पंचायत (ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, जिला पंचायत) व नगरीय निकाय आम निर्वाचन के लिए मतदाता सूची तैयार करने कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार किया जा रहा। निकायों के मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन इसी माह 16 अक्तूबर व पंचायतों के मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन 24 अक्तूबर को किया जाएगा। आयोग द्वारा बेमेतरा जिले के नगर पंचायत बेरला, कुसमी, भिंभौरी, दाढ़ी, नवागढ़, साजा, थानखम्हरिया, देवकर, परपोड़ी व ग्राम पंचायतों की निर्वाचक नामावली तैयार करने का कार्यक्रम जारी किया गया है। विधानसभा की मतदाता सूची में एक जनवरी 2024 की स्थिति में दर्ज 18 वर्ष व अधिक आयु के मतदाता पंचायत-नगरीय निकाय की नामावली में नाम दर्ज कराने के लिए पात्र होंगे। विधानसभा की 8 फरवरी को प्रकाशित मतदाता सूची के आधार पर पंचायत-निकाय की प्रारंभिक मतदाता सूची वार्ड वार विभाजित कर तैयार की गई है। 8 फरवरी 2024 के बाद विधानसभा की नामावली में नाम दर्ज कराने वाले ऐसे मतदाता जिनकी आयु एक जनवरी 2024 की स्थिति में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के है, उन्हें निकाय/पंचायत की मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए मतदाता पहचान पत्र के साथ निर्धारित फार्म भरकर फोटो समेत प्राधिकृत कर्मचारी के पास जमा करना होगा। इस संबंध मतदाता को जानकारी देने जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा। नगरीय क्षेत्रों में लाउडस्पीकर व ग्रामीण क्षेत्रों में कोटवार द्वारा मुनादी कराई जा रही है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने के लिए न छूटे।

दो लाख का इनामी भी शामिल, छत्तीसगढ़-सुकमा में दो स्थाई वारंटी समेत चार नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

सुकमा. सुकमा में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बार फिर से बड़ी कामयाबी मिली है। यहां दो स्थाई वारंटी नक्सलियों सहित चार नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। छत्तीसगढ़ शासन की ”छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ एवं ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना से प्रभावित होकर तथा अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार नवीन सुरक्षा कैंप स्थापित कर पुलिस के बढ़ते प्रभाव से आत्मसमर्पण किया गया। नक्सलियों को आत्मससमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में डीआईजी सुकमा रेंज फिल्ड टीम (आरएफटी), थाना तोंगपाल पुलिस, 02 वाहिनी सीआरपीएफ एवं 227 वाहिनी के आसूचना शाखा के कार्मिकों का विशेष प्रयास रहा। सुकमा में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में छत्तीसगढ़ शासन की ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ एवं सुकमा पुलिस द्वारा चलाये जा रहे ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना से प्रभावित होकर तथा अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों के द्वारा भेदभाव करने तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर नक्सली संगठन में सक्रिय कुल चार नक्सलियों के द्वारा नक्सल संगठन को छोड़कर समाज की मुख्यधारा मे जुड़ने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जिला सुकमा में बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया। इन नक्सलियों ने किया सरेंडर — 1. मिड़ियम भीमा पिता मिड़ियम हुंगा (प्लाटून नंबर 04 का सदस्य ईनामी दो लाख रुपये) उम्र लगभग 24 वर्ष जाति मुरिया निवासी राजपेंटा पटेलपारा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा (छ0ग0)। 2. सोड़ी मुन्ना उर्फ मनोज पिता स्व. कलमू (कामावरम आरपीसी मिलिशिया सदस्य) उम्र लगभग 29 वर्ष जाति मुरिया निवासी राजपेंटा पटेलपारा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा (छ0ग0) ने मनीष रात्रे उप पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स जिला सुकमा एवं ज्ञानेश प्रताप सिंह सहायक कमाण्डेन्ट 02 री वाहिनी सीआरपीएफ के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया। 3. मुचाकी देवा पिता स्व. मुचाकी लखमा (सीएनएम सदस्य) उम्र लगभग 29 वर्ष निवासी इरपा खासपारा थाना कुकानार जिला सुकमा। 4. सुला मुचाकी उर्फ कवासी चुला पिता स्व. दसरू (सीएनएम सदस्य) उम्र लगभग 33 वर्ष निवासी ग्राम इरपा खासपारा थाना कुकानार जिला सुकमा (छ0ग0)। मनीष रात्रे, उप पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स जिला सुकमा एवं विजयेन्द्र पाल, सहायक कमाण्डेन्ट 227 वाहिनी सीआरपीएफ के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया। उक्त नक्सलियों को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में थाना तोंगपाल पुुलिस बल एवं 227 वाहिनी सीआरपीएफ आसूचना षाखा के कार्मिकों की रही है विशेष प्रयास। उपरोक्त सदस्यों प्रतिबंधित नक्सल संगठन में जुड़कर विभिन्न नक्सली गतिविधियों जैसे पुलिस गस्त पार्टी की रेकी कर हमला करना, पुलिस पार्टी के आने-जाने वाले मार्गों पर स्पाईक/बम लगाना, मुख्य मार्गों को खोदकर मार्ग अवरूद्ध करना, शासन-प्रशासन के विरूद्ध बैनर, नक्सली पर्चा-पाम्पलेट लगाने एवं अन्य घटनाओं में शामिल रहे है। इसके अतिरिक्त आत्समसमर्पित नक्सली मुचाकी देवा पिता मुचाकी लखमा एवं सुला मुचाकी उर्फ कवासी चुला पिता स्व. दसरू के विरूद्ध पूर्व से थाना तोंगपाल में अपराध क्रमाक 09/2013 धारा 147, 148, 149, 307 भादवि. 25, 27 आर्म्स एक्ट, 3, 5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध है, उक्त प्रकरण में माननीय न्यायालय द्वारा स्थाई वारंट जारी किया गया है। उक्त सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ के तहत् सहायता राशि व अन्य सुविधायें प्रदाय कराये जायेंगे।

एशिया शिखर सम्मेलन एक मुक्त, खुला, समावेशी, पारदर्शी, नियम आधारित, शांतिपूर्ण, समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने का मंच है- PM मोदी

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाओस की यात्रा पर हैं, जहां उन्होंने पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन(EAS) को संबोधित करते हुए हिंद प्रशांत क्षेत्र और दक्षिण चीन सागर में शांति और स्थिरता पर बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मंच से हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और शांति पर काफी जोर दिया। इससे पहले 4 नवंबर, 2019 की बात है, जब इसी अंतरराष्ट्रीय मंच से पीएम मोदी ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उभर रहे मतभेदों पर बात की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन एक मुक्त, खुला, समावेशी, पारदर्शी, नियम आधारित, शांतिपूर्ण, समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने का तार्किक मंच है, जहां संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता और समुद्री कानूनों के पालन पर जोर दिया जाता है। उस वक्त पीएम ने’इंडो-पैसिफिक ओशन इनिशिएटिव (IPOI)’ का प्रस्ताव दिया था, जिससे हिंद-प्रशांत समुद्री क्षेत्र को सुरक्षित, भयमुक्त और स्थिर बनाया जा सके और इसके लिए इच्छुक राष्ट्रों के बीच सहयोगी ढांचा बनाया जा सके। जानते हैं मोदी के उसी भयमुक्त समुद्री क्षेत्र के विजन के बारे में, यह इतना जरूरी क्यों है। यह भी जानेंगे कि आखिर ये मंच किस तरह का है। समुद्री सुरक्षा को लेकर क्या हैं मोदी के 7 सूत्र राजनीतिक विश्लेषक डॉ. राजीव रंजन गिरि कहते हैं कि 4 नवंबर, 2019 को भारत ने पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में अपने प्रस्ताव में समुद्री सहयोग और सहभागिता के 7 मूल पहलुओं की पहचान की थी, जो रणनीतिक रूप से मोदी के 7 तीर भी हैं। ये हैं-समुद्री सुरक्षा, समुद् इकोसिस्टम, समुद्री रिसोर्स, क्षमता निर्माण और संसाधनों का बंटवारा, आपदा जोखिम में कमी और मेनेजमेंट, विज्ञान, प्रौद्योगिकी सहयोग और कारोबारी कनेक्टिविटी व समुद्री परिवहन। पीएम मोदी के यही सूत्र हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन को दबदबे को कम कर सकते हैं। क्या है पूर्वी एशिया-शिखर सम्मेलन पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन का गठन 2005 में किया गया था। यह हिंद प्रशांत क्षेत्र में प्रमुख राजनीतिक, सुरक्षा और आर्थिक चुनौतियों पर रणनीतिक बातचीत और सहयोग के लिए 18 देशों का एक मंच है। इस मंच का विचार सबसे पहले 1991 में तत्कालीन मलेशियाई प्रधानमंत्री महाथिर बिन मुहम्मद ने दिया था। उन्होंने उस वक्त पूर्वी एशिया समूह बनाने की बात की थी। पहला पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन 14 दिसंबर, 2005 को कुआलालंपुर, मलेशिया में आयोजित किया गया था। भारत इस मंच के फाउंडर मेंबर में शामिल भारत पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के संस्थापक सदस्यों में शामिल है। पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का संगठन (ASEAN) के 10 सदस्य देश शामिल हैं-ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम के साथ ही 8 सदस्य देश ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, भारत, न्यूज़ीलैंड, कोरिया गणराज्य, रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका है। दुनिया की जीडीपी में 58 फीसदी हिस्सेदारी डॉ. राजीव रंजन गिरि के अनुसार, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के सदस्य विश्व की लगभग 54% आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं तथा वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में इनकी 58% भागीदारी है। पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन एक आसियान केंद्रित मंच है। इसकी अध्यक्षता केवल एक आसियान सदस्य द्वारा की जा सकती है। पूर्वी एशिया-शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कौन करता है ASEAN का अध्यक्ष EAS का भी अध्यक्ष होता है तथा प्रतिवर्ष 10 ASEAN सदस्य देशों के मध्य बारी-बारी से इसकी अध्यक्ष की जाती है। सहयोग के प्रमुख क्षेत्र हैं-पर्यावरण और ऊर्जा, शिक्षा, वित्त, वैश्विक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे, प्राकृतिक आपदा प्रबंधन, आसियान देशों के मध्य संपर्क, आर्थिक व्यापार और सहयोग, खाद्य सुरक्षा और समुद्री सहयोग। क्या यह अमेरिका-यूरोप के बाद तीसरा ध्रुव भारतीय वैश्विक परिषद में रिसर्चर रहे डॉ. टेम्जेनमरेन एओ के एक लेख ‘हिंद-प्रशांत और भू-राजनीतिक क्षेत्र में पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन की भूमिका’ में कहा गया है कि 2021 में EAS सदस्यों ने दुनिया की करीब 54% आबादी का प्रतिनिधित्व किया। इसके सदस्य देशों ने अनुमानित रूप से 57.2 ट्रिलियन डॉलर मूल्य का कारोबार किया, जो वैश्विक जीडीपी का 59.5% है। यह मज़बूत और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं वाला क्षेत्र है। इसे अमेरिका और यूरोप के बाद विश्व अर्थव्यवस्था का तीसरा ध्रुव माना जाता है। भारत, जापान, चीन और कोरिया वर्ल्ड इकोनॉमी में पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में 4 प्रमुख आर्थिक भागीदार देश जापान, चीन, भारत और कोरिया 12 उच्च रैंकिंग वाली वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं। EAS देशों के बीच वित्तीय और मौद्रिक सहयोग इतना ज्यादा है कि उनका संयुक्त विदेशी मुद्रा भंडार 3 ट्रिलियन डॉलर के पार जा चुका है। समंदर पर है चीन की टेढ़ी नजर, भारत से दुश्मनी भारत-जापान समेत चीन का हिंद प्रशांत क्षेत्र में तकरीबन हर देश के साथ कुछ न कुछ विवाद बना हुआ है। दरअसल, चीन के मंसूबे नापाक हैं। उसकी दक्षिण चीन सागर से लेकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपना प्रभुत्व बढ़ाने की टेढ़ी नजर है। इसके अलावा, इस क्षेत्र में चीन कारोबार और निवेश के क्षेत्र में भी भारत को अपना प्रतिद्वंद्वी मानता है। समुद्री सुरक्षा समेत मुक्त कारोबार पर भी जोर डॉ. टेम्जेनमरेन एओ कहते हैं कि EAS का मकसद समुद्री सुरक्षा के साथ-साथ समंदर में मुक्त कारोबारी क्षेत्र विकसित करना भी है। यही वजह है कि पीएम मोदी समंदर को भयमुक्त बनाना चाहते हैं। वह चाहते हैं कि समुद्री सुरक्षा होने से हिंद-प्रशांत देशों के बीच समुद्री कारोबार ज्यादा बढ़ेगा। दरअसल, इस इलाके में क्षेत्रीय शक्तियों के बीच सैन्य बजट में बढ़ोतरी शांति, सुरक्षा और समृद्धि के व्यापक मकसद को कमजोर करता है। भारत के लिये EAS की क्या अहमियत है? भारत के लिए EAS इसके तेजी से बढ़ते आर्थिक और राजनीतिक ताकत को मान्यता देने वाला मंच है। ASEAN और अन्य बहुपक्षीय देशों के साथ बहुआयामी संबंध बनाने और द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने के लिये भारत ने अपनी एक्ट ईस्ट पॉलिसी (Act East Policies) पर बल दिया है जिसके लिये EAS महत्त्वपूर्ण साबित होगा। मुद्री क्षेत्र में भारत बन सकता है बड़ा पॉवर दक्षिण चीन सागर में चीन की दबंगई और उसके बढ़ते निवेश की प्रकृति ने आसियन देशों में भारत को एक ऐसी संभावित शक्ति के रूप में देखने के लिये प्रेरित किया है जो चीन को संतुलित कर सकता है। भारत समुद्री क्षेत्र में बड़ा पॉवर बन सकता है। भारत की शक्ति सेवा क्षेत्र और सूचना-प्रौद्योगिकी में है, वहीं जापान के पास एक मजबूत पूंजी आधार भी है।

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