LATEST NEWS

कुएं में धक्का देने से युवती की मौत, छत्तीसगढ़-सूरजपुर में प्रेमिका को बुलाकर पीटा

सूरजपुर. विश्रामपुर थाना क्षेत्र में युवक ने कुएं में धक्का देकर अपनी अपनी गर्लफ्रेंड की हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि युवती प्रेमी पर शादी के लिए दबाव डाल रही थी, जिससे नाराज होकर प्रेमी ने कुएं में धकेल दिया। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार को कलश यात्रा में शामिल होने 19 वर्षीय पूजा सिंह अपने रिश्तेदार उर्मिला के साथ ग्राम पंचायत रामनगर के अडरापारा पहुंची थी। जिसके बाद शाम करीब पांच बजे पूजा सिंह के प्रेमी धौरापारा निवासी महेंद्र सिंह (20) ने उसे फोन कर अपने घर बुलाया। पूजा सिंह जब अपनी रिश्तेदार उर्मिला के साथ प्रेमी के घर पहुंची तो महेंद्र सिंह ने उससे मारपीट की। इसके बाद पूजा और उर्मिला को बाइक पर बैठाकर उसके घर ले जाकर पहुंचा दिया। रात करीब आठ बजे प्रेमी महेंद्र सिंह फिर से पूजा सिंह के घर पहुंचा। उसे घर से बाहर बुलाकर फिर से मारपीट की। इस दौरान वहां आरोपी के पिता सूबे सिंह और भाई सत्येंद्र सिंह भी मौजूद थे। मारपीट के बाद प्रेमी महेंद्र सिंह, उसके पिता और भाई ने मिलकर पूजा को कुएं में धकेल दिया। रात करीब आठ बजे जब पूजा के पिता रामजलिंधर घर लौटे तो उन्हें पूजा की मां मानकुंवर ने रोते हुए घटना की जानकारी दी। मामले की सूचना देर रात पुलिस को दी गई। शुक्रवार को एएसपी सूरजपुर संतोष महतो के साथ पुलिस टीम पहुंची। पुलिस ने पूजा सिंह के शव को कुएं से निकलवाया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया है। एडिशनल एसपी संतोष महतो ने बताया कि युवक और युवती के बीच करीब डेढ़ साल से प्रेम संबंध था। मामले में आरोपी प्रेमी समेत उसके पिता और भाई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मृतका और उसके प्रेमी का मोबाइल जब्त किया है। मामले की जांच की जा रही है।

चिरमिरी के बाद मनेन्द्रगढ़ में कबाड़ियों पर पुलिस ने कसा शिकंजा, लगातार हो रही छापेमार कार्रवाई

“चिरमिरी के बाद मनेन्द्रगढ़ में कबाड़ियों पर पुलिस ने शिकंजा कसा है. यहां लगातार कबाड़ गोदामों पर छापेमार कार्रवाई हो रही है” मनेन्द्रगढ़ कबाड़ गोदामों पर पुलिस ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। चिरमिरी के बाद अब मनेन्द्रगढ़ में भी कबाड़ियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। शहर के रेलवे फाटक क्षेत्र और झगराखांड रोड पर स्थित कबाड़ गोदामों पर पुलिस ने छापेमारी की है। इस छापे के दौरान कबाड़ियों के यहां भारी मात्रा में अवैध सामान बरामद किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। सूरजपुर में हाल ही में हुई घटना में कबाड़ियों के संलिप्त होने की आशंका को लेकर यह कार्रवाई की गई है। इस बारे में कोतवाली प्रभारी सुनील तिवारी ने बताया कि सूरजपुर में हुई वारदात के बाद से ही पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी थी। मनेन्द्रगढ़ में भी लगातार निगरानी की जा रही थी। इसी के तहत पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी कर अवैध कबाड़ सामान की जांच की। कोतवाली थाना प्रभारी सुनील तिवारी ने आगे कहा कि यह छापेमारी किसी एक दिन की कार्रवाई नहीं है। पुलिस का यह अभियान लंबे समय तक जारी रहेगा। ताकि शहर में अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके। पुलिस हर संदिग्ध कबाड़ गोदाम की जांच करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।  वहीं, इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भी डर का माहौल देखा जा रहा है। लोग अब अपने आसपास चल रही संदिग्ध गतिविधियों को लेकर सतर्क हो गए हैं।  

हैवी ब्लास्ट से परेशान महिलाओं ने हल्दीबाड़ी माईस का किया घेराव, खान प्रबंधन ने सप्ताहभर का मांगा समय

दो घंटे कर्मचारियों कीआवाजाही रही बंद, समस्याओं के निराकरण का दिया आश्वासन अनूपपुर हसदेव क्षेत्र अंतर्गत वेस्ट जेकेडी हल्दीबाड़ी भूमिगत खदान में हो रही हैवी ब्लास्टिंग तथा उससे घरों व पानी की टंकियों में पड़ी दरार से उत्पन्न समस्याओं को लेकर आधा सैकड़ा महिलाओं ने खदान मुख्य गेट का घेराव किया। अपनी मांगों को लेकर खान प्रबंधन से चर्चा की। सुबह 8 बजे से लेकर10 बजे तक माइंस के पास महिलाएं अपनी मांगों को लेकर डंटी रहीं। महिलाओं की मांग पर खान प्रबंधन ने सप्ताह समय की मोहल्लत मांगते हुए वरिष्ठ अधिकारियों तक सूचना देकर समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया। साथ ही कहा अगर आपका 1 सप्ताह के भीतर कोई कार्य नहीं होता है तो आप माइंस में आकर कार्य बंद करने की कार्रवाई कर सकते हैं। बताया जाता है कि जिले के अंतिम छोर पर बसा ग्राम पंचायत डोला रामनगर के निवासरत कुछ परिवारों को राजनगर खुली खदान परियोजना द्वारा पुनर्वास किया गया था। जिन्हें रामनगर आरटीओ चेक पोस्ट के पीछे कुडक़ू दफाई श्याम बाई मोहल्ला में बसाया गया था। जहां कुछ दूरी पर बगल में हल्दीबाड़ी माइंस भूमिगत खदान चलाई जा रही है। यह भूमिगत खदान छत्तीसगढ़ में आता है और माइंस के अंदर मध्य प्रदेश से काले हीरे का उत्खनन किया जा रहा है। भूमिगत खदान में जबरदस्त ब्लास्टिंग करने से लोगों के घरों में दरारें पड़ गई हैं एवं उनकी पानी की टंकियां कई जगहों से फट चुकी है। हैवी ब्लास्टिंग से हमेशा डर बना रहता है। वहीं पानी की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि जमीन के नीचे उत्खनन करने से पानी के स्रोत सब सूख गए हैं। हैंडपंप सूखे पड़े हैं। पानी की टंकियों में दरार पड़ जाने के कारण टंकी में पानी नहीं रहता। राजनगर ओसीएम द्वारा टैंकरों के माध्यम से पुनर्वास के लोगों को पानी सप्लाई की जाती है, वह पानी 1 दिन से ज्यादा टंकी में नहीं रुक पाता है। ब्लास्टिंग के कारण पूर्व में भी महिलाओं ने हल्दीबाड़ी माइंस में कई बार जाकर खान प्रबंधन मैंनेजर से शिकायत की। बावजूद प्रबंधन द्वारा कोई समस्या का समाधान नहीं किया गया। जानकारी के अनुसार गुरूवार १८ जुलाई को ब्लास्टिंग नहीं करने महिलाओं व खान प्रबंधन के बीच विवाद भी हुआ। प्रबंधन का कहना था कि उच्च अधिकारी हमारी कोई बात नहीं सुनते। हम मजबूर हैं। बाद में मैनेजर द्वारा यह कहा गया हम आपकी शिकायत उच्च अधिकारी को देंगे। अगर आपका 1 सप्ताह के भीतर कोई कार्य नहीं होता है तो आप लोग माइंस में आकर कार्य बंद करने की कार्य कर सकते हैं। वहीं ग्रामीण महिलाओं ने माइंस का पानी बाहर फेंका जा रहा है उसे नदी नालों में बहाए जाने के बजाय पाइप लाइन के माध्यम से रामनगर श्याम बाई मोहल्ले में बनी तालाब में पानी डलवा देंने की अपील की।  

कट्टर संघी और एक बार रह चुके हैं संसद, छत्तीसगढ़-रायपुर दक्षिण से बीजेपी के सुनील सोनी होंगे प्रत्याशी

रायपुर. बीजेपी ने सुनील सोनी को रायपुर दक्षिण से अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। वे रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट से उप चुनाव लड़ेंगे। सोनी रायपुर के पूर्व सांसद रह चुके हैं। पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2024 में उनका टिकट काटकर वरिष्ठ बीजेपी नेता और मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को रायपुर सांसदी का टिकट दिया था। जिसमें वो विजयी रहे। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उन्हें विधायक का टिकट मिलने पर बधाई और शुभकामनायें दी हैं। सोनी अग्रवाल के बेहद करीबी माने जाते हैं। इसलिये ये पूरी तरह से कहा जा सकता है कि पार्टी ने उनके पसंद के उम्मीदवार का ख्याल रखा है। क्योंकि बृजमोहन अग्रवाल रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट से 8 बार विधायक रह चुके हैं। उसके बाद इस बार के लोकसभा चुनाव में सांसद बने। जानें सुनील सोनी का सियासी सफर – पहली बार रायपुर जिले की रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में सुनील सोनी चुनावी ताल ठोकेंगे। वो ओबीसी वर्ग से आते हैं। सोनी साल 2019 से 2024 (लोकसभा चुनाव होने तक) रायपुर के सांसद रह चुके हैं। सोनी आरएसएस पृष्ठभूमि से आते हैं, इसलिये राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में भी उनकी पकड़ मानी जाती है। उनका जन्म 28 नवंबर 1961 में हुआ था। उनके पिता भी संघ से जुडे़ थे। एबीवीपी नेता के रूप में की राजनीति की शुरूआत। वो दुर्गा कॉलेज रायपुर के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे। इसके बाद पहली बार रायपुर से पार्षद बने। साल 2003 से 2010 तक दो बार रायपुर के मेयर रहे। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में सांसद बने। सांसद बृजमोहन ने दी बधाई सुनील सोनी का नाम घोषित किए जाने पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सोनी को बधाई और शुभकामनाएं दी है। लगे हाथ ही रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर जनता से उन्हें जिताने की अपील भी की है। चुनाव आयोग ने छत्तीसगढ़ के रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट के उप चुनाव के लिए तारीख का ऐलान कर दिया है। रायपुर दक्षिण विधानसभा में उप चुनाव 13 नवंबर 2024 को होगा। वहीं 23 नवंबर 2024 को परिणाम घोषित किए जाएंगे। नामांकन की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर, नामवापसी की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर,  उपचुनाव की तारीख 13 नवंबर और मतगणना 23 नवंबर को है। रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट से विधायक बृजमोहन अग्रवाल के इस्तीफा देने के बाद इस सीट पर उपचुनाव होगा। यहां पर 13 नवंबर को उप चुनाव होगा। 23 नवंबर को मतगणना होगी। बीजेपी ने बुलाई थी बैठक रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी ने हाल ही में अपने नेताओं की बैठक बुलाई थी। इसमें कई संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विचार किया गया। बैठक में सुनील सोनी का नाम सबसे पहले चल रहा था। इसके बाद संजय श्रीवास्तव, केदार गुप्ता, मीनल चौबे, नंदन जैन और सुभाष तिवारी जैसे सीनियर नेताओं के नामों पर चर्चा हुई थी। इनमें सुनील सोनी के नाम पर मुहर लगाई गई है। उम्मीदवारों के चयन में जातिगत समीकरण और जीतने की संभावनाओं पर भी फोकस किया गया है। सांसद बनने पर बृजमोहन ने दिथा था इस्तीफा विधानसभा चुनाव 2023 में रायपुर दक्षिण सीट से भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल विधायक निर्वाचित हुए थे। इसके बाद उन्हें स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा मंत्री बनाया गया। लोकसभा चुनाव 2024 में उन्हें सांसद का टिकट मिलने पर वो रायपुर के सांसद निर्वाचित हुए। इसके बाद उन्होंने रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस ने अभी तक नहीं की प्रत्याशी घोषित दूसरी ओर कांग्रेस ने अभी तक इस सीट पर अपने प्रत्याशी घोषित नहीं किये हैं। वो कभी भी इस सीट पर चुनाव नहीं जीत पाई, लेकिन इस बार पार्टी ने जीत के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है। इस कार्य के लिए कांग्रेस ने नौ सदस्यीय चुनाव प्रबंधन समिति का गठन किया है। इसमें 6 पूर्व मंत्री और कई वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। इस कमेटी में पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, रविन्द्र चौबे, मोहन मरकाम, शिव डहरिया, जयसिंह अग्रवाल, पूर्व पीसीसी चीफ धनेंद्र साहू और पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा शामिल हैं। अब देखने वाली सबसे बड़ी और खास बात ये है कि रायपुर दक्षिण सीट पर भाजपा को सीट बनाए रखने की चुनौती है , तो वहीं कांग्रेस हर हाल में इस सीट को जीत कर अपना कब्जा जमाना चाहती है। रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट उप चुनाव 2024: फैक्ट फाइल – 0- उप चुनाव- 13 नवंबर 0- मतगणना- 23 नवंबर 0- नामांकन की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर 0- नामवापसी की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर

सीएम ने कहा- MP में सरकारी कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा, 28 तक खातों में आ जाएगी सैलरी

भोपाल मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को सरकार दिवाली का तोहफा देने जा रही है। सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडियो प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बड़ा ऐलान किया है। दिवाली के चलते इस बार सरकारी कर्मचारियों को वेतन जल्दी मिल जाएगा। इस बार कर्मचारियो के खाते में 28 अक्टूबर को ही वेतन आ जाएगा। बता दें इस बार 31 अक्टूबर को दीपावली मनाई जा रही है। इसी के चलते सीएम ने ये घोषणा की है। दीपावली पर्व को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश के सभी शासकीय सेवकों के 1 नवम्बर को देय अक्टूबर माह का वेतन 28 अक्टूबर की स्थिति में आहरण करने हेतु संबंधित सभी विभागों को आदेशित किया है। सीएम मोहन यादव ने दीपावली पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए सोशल मीडियो प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि, “दीपावली पर्व को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश के सभी शासकीय सेवकों के 1 नवम्बर को दिया जानें वाला अक्टूबर माह का वेतन 28 अक्टूबर की स्थिति में आहरण करने हेतु संबंधित सभी विभागों को आदेशित किया है। समस्त शासकीय सेवकों को त्यौहार पूर्व वेतन भुगतान होने से निश्चित ही दीपोत्सव अधिक आनंददायक होगा, मेरी ओर से दीपावली पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं।”

ठेकेदार पर अनदेखी का आरोप, छत्तीसगढ़-भिलाई इस्पात संयत्र प्रबंधन और निर्माणाधीन कंपनी के खिलाफ उतरे 500 मजदूर

बालोद. जिले के लौहनगरी के नाम से पहचान बनाने वाले दल्लीराजहरा में भिलाई इस्पात संयत्र अंतर्गत नवनिर्मित पैलेट एंड पावर प्लांट के मजदूरों ने बीएसपी प्रबंधन और निर्माणाधीन कंपनी जगन्नाथ पैलेट एंड पावर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वहीं मजदूर निर्माण कार्य को बंदकर प्लांट के सामने धरने पर बैठ गए हैं। पूरे मामले को लेकर आंदोलन कर रहे मजदूरों कि मानें तो जगन्नाथ पैलेट प्लांट कम्पनी के प्रबंधन द्वारा लगातार मजदूरों का शोषण किया जा रहा है। मजदूरों को श्रम कानून के तहत निर्धारित छह घंटे के बजाय आठ घंटे काम लिया जाता है। यही नहीं कंपनी द्वारा यहां काम कर रहे मजदूरों के सुरक्षा को लेकर किसी तरह का ध्यान नहीं दिया जा रहा है और इसी के चलते बीते दिनों दो मजदूर लोमेश्वर मसीह एवं योगेश बारेझर करीब 60 फ़ीट की ऊंचाई पर काम करते समय नीचे गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गए। जिसके बाद भी प्रबंधन द्वारा घायल मजदूरों को समुचित इलाज सुविधा उपलब्ध नही करने के चलते मजदूरों द्वारा अपने साथियों का इलाज दल्लीराजहरा के एक निजी अस्पताल में कराया जा रहा है। मजदूर सुरेंद्र कुमार बंसोड़े ने बताया कि एक मजदूर का हड्डी टूट गया है, और एक का पैर के घुटने की हड्डी टूट गई है। तहसीलदार, टीआई भी धमकी देकर गए है। न ही प्रशासन और न ही बीएसपी मैनेजमेंट मजदूरो का साथ दे रहा हैं। सेफ्टी रूल्स रेगुलेशन की अनदेखी संबंधित ठेकेदार के द्वारा सेफ्टी रूल्स रेगुलेशन की अनदेखी की जा रही है, सुरक्षा मानकों के नाम पर सिर्फ मजदूरो की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा हैं, जिसमें बीएसपी प्रबंधन भी कोई हस्तक्षेप नहीं कर रहा है और न किसी प्रकार की कार्यवाही। यहां यह कहना गलत नहीं होगा कि बीएसपी प्रबंधन की ठेकेदार से मिलीभगत हैं। बिना सेफ्टी बेल्ट के मजदूर ऊंचाई पर काम कर रहे हैं। जिसके कारण इस तरह के हादसे हो रहे हैं। करोड़ों की लागत से बन रहे प्लांट में काम कर रहे मजूदरों की सुरक्षा का जिम्मा ठेकेदार व बीएसपी प्रबंधन का है। लेकिन उन्हें मजदूरों की सुरक्षा से कोई लेना-देना नहीं है। इतने दिनों से माइंस के अंदर काम कर रहे किसी भी मजदूर का गेट पास नहीं बनाया गया है। कलेक्ट्रेट जनदर्शन में ग्रामीण मजदूर कर चुके हैं शिकायत आपको बता दे एक माह पूर्व ही इस कंपनी में कार्यरत क्षेत्र मजदूर के जिसमे धोबेदंड के आश्रित ग्राम कोडेकसा, झीकाटोला, दर्रेकसा और कुंजामटोला के ग्रामीणों ने बालोद कलेक्ट्रेट में कम्पनी प्रबंधन के खिलाफ शिकायत किया था। जिसमे कम्पनी पर यहां काम कर रहे ग्रामीण मजदूरों को गेट पास ट्रेनिंग उपलब्ध नही करने की शिकायत की गई थी। जिसके चलते इन मजदूरों को समुचित सुविधा नही मिल पा रही हैं। वही हाल ही में हुए हादसे ने मजदूरों के शिकायत पर मुहर लगा दी। वही मामले को लेकर जब मीडिया द्वारा कम्पनी के प्रबंधक से बात करने का प्रयास किया तो प्रबंधक ने मीडिया से मिलने से ही मना कर दिया गया। बहरहाल मजदूरों का यह आंदोलन आगे क्या रुख इख्तियार करती है, यह देखना होगा। बीएसपी के अफसरों को देखने तक की फुर्सत नहीं कार्यरत ग्रामीण मजदूरो को सुरक्षा ट्रेनिंग नहीं दी गई हैं। ए-फार्म रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया है। मजदूरों से 8 की जगह 12 घंटे काम लिया जा रहा है। इस दौरान बीएसपी प्रबंधन का अड़ियल रवैय्या सामने आया है। और यह आज की बात नहीं है, बीएसपी प्रबंधन के द्वारा लगातार मजदूरों का शोषण किया जा रहा है। मजदूरों को दी जाने वाली सुविधाएं से उन्हें वंचित किया जा रहा है। बीएसपी प्रबंधन ठेकेदारों से मिलीभगत कर मजदूरो का अहित में करने में लगा हुआ है। इस दौरान भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष मुश्ताक अहमद ने कहा है कि ठेकेदार मनमानी कर रहा है, 60 फीट ऊंचाई में मजदूर बिना सेफ्टी बेल्ट लगाए काम कर रहे है। इसे देखने बीएसपी के अधिकारियों को फुर्सत नहीं है। मनमानी के विरोध में 500 मजदूर धरने पर बैठ गए ठेकेदार की मनमानी व अधिकारियों की अनदेखी के चलते विरोध में गुरुवार से लगभग 400 मजदूर धरने पर बैठ गए। यह सिलसिला शनिवार तक अनवरत जारी रहा। मजदूर सुरेंद्र कुमार हंसर, नमन बंसोड़े, विकास कुमार साहू का कहना है कि मजदूरों की सुरक्षा को लेकर ठेकेदार ध्यान नहीं दे रहा है। सुरक्षा ट्रेनिंग नहीं कराया गया है। वेतन भुगतान कर मस्टर रोल में हस्ताक्षर नहीं कराया जाता है। मजदूरो की माने तो जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। मजदूरो ने आगे बताया कि उन्हें धोखे में रखकर काम करवाया जा रहा है, प्लांट बता फैक्ट्री का निर्माण किया जा रहा है। न आज तलक रजिस्ट्रेशन हुआ है।

पुलिस-सरकार की नीति पर बढ़ा भरोसा, छत्तीसगढ़-सुकमा में दो नक्सलियों ने किया सरेंडर

सुकमा. सुकमा जिले में सक्रिय दो नक्सलियों के द्वारा आत्मसमर्पण किया गया। छत्तीसगढ़ शासन की ”छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ एवं ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना से प्रभावित होकर तथा अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार नवीन सुरक्षा कैंप स्थापित कर पुलिस के बढ़ते प्रभाव से आत्मसमर्पण किया गया। नक्सलियों को आत्मससमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में रेंज फिल्ड टीम (आरएफटी) कोंटा एवं 50, 219 वाहिनी सीआरपीएफ एवं 208 कोबरा वाहिनी के आसूचना शाखा के कार्मिकों की विशेष भूमिका रही है। जिला सुकमा में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में छत्तीसगढ़ शासन की ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ एवं सुकमा पुलिस द्वारा चलाये जा रहे ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना से प्रभावित होकर तथा अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैंप स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों के द्वारा भेदभाव करने तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर नक्सली संगठन में सक्रिय दो नक्सली सदस्यों क्रमश 1. ओयाम हुंगा पिता ओयाम पाण्डू (कामावरम आरपीसी. सेक्शन डिप्टी कमाण्डर) उम्र लगभग 32 वर्ष जाति मुरिया निवासी राजपेंटा पटेलपारा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा (छ0ग0), 2.पोड़ियम जम्पू उर्फ गंपू पिता बदरा (मेहता आरपीसी मिलिशिया सदस्य) उम्र लगभग 22 वर्ष जाति दोरला निवासी मेहता, पटेलपारा थाना कोंटा जिला सुकमा (छ0ग0)। नक्सल संगठन को छोड़कर समाज की मुख्यधारा मे जुड़ने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जिला सुकमा में रेमताराम, डिप्टी कमाण्डेन्ट 50 वाहिनी सीआरपीएफ, निरीक्षक रोषन सिंह राजपूत, प्रभारी नक्सल सेल सुकमा एवं निरीक्षक अनिल कुमार, 208 कोबरा वाहिनी के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किये है। नक्सली ओयम हुंगा पिता पाण्डू को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में 208 कोबरा वाहिनी के आसूचना शाखा एवं नक्सली पोड़ियम जम्पू उर्फ गंपू पिता बदरा को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में रेंज फिल्ड टीम (आरएफटी) कोन्टा, 50, 219 वाहिनी सीआरपीएफ आसूचना शाखा के कार्मिकों की विशेष भूमिका रही है। उक्त नक्सली सदस्यों द्वारा प्रतिबंधित नक्सल संगठन में जुड़कर विभिन्न नक्सली गतिविधियों जैसे पुलिस गस्त पार्टी की रेकी करना, पुलिस पार्टी पर हमला करना, मुख्य मार्गों को खोदकर मार्ग अवरूद्ध करना, आम जनताओं से लूट-पाट करना, शासन-प्रशासन के विरूद्ध नक्सली बेनर, पोस्टर, पर्चा-पाम्पलेट लगाने एवं अन्य घटनाओं में शामिल रहे हैं। उक्त दोनों आत्मसमर्पित नक्सलियों को ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ के तहत् सहायता राशि व अन्य सुविधायें प्रदाय कराये जायेंगे।

कई लोगों को पकड़कर फोन-सिम कार्ड किए जब्त, छत्तीसगढ़-बीजापुर के नक्सल प्रभावित गांव में पहुंची एनआईए

बीजापुर. नक्सल गतिविधियों पर अपनी कार्रवाई तेज करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए ने शनिवार को बीजापुर जिले के माओवाद प्रभावित क्षेत्र में एक साथ कई स्थानों पर छापा मारा। गंगालूर थाना क्षेत्र के पालनार गांव में  छापेमारी हुई है। जहां टीम ने कई मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड और कुछ आपत्तिजनक दस्तावेजों को जब्त किया है। बीजापुर पुलिस के अफसरों की मदद से एनआईए की टीम पहुंची थी। पालनार गांव से टीम ने कुछ लोगों को पूछताछ के लिए अपने साथ लेकर गई है। नक्सल गतिविधियों पर अपनी कार्रवाई तेज करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए ने शनिवार को बीजापुर जिले के माओवाद प्रभावित क्षेत्र में एक साथ कई स्थानों पर छापा मारा। गंगालूर थाना क्षेत्र के पालनार गांव में  छापेमारी हुई है। जहां टीम ने कई मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड और कुछ आपत्तिजनक दस्तावेजों को जब्त किया है।

विश्व के सबसे लंबे उत्सव की 800 वर्ष पुरानी परंपरा, छत्तीसगढ़ में 77 दिन चला बस्तर का दशहरा

बस्तर. बस्तर दशहरा 77 दिन चलने के बाद समाप्त हो गया है। इसे दुनिया का सबसे बड़ा उत्सव माना जाना है और इस दशहरे की परंपरा 800 साल पुरानी है। कल बस्तर दशहरा के तत्वाधान में बस्तर मड़ई और क्षेत्रीय सरस मेला के अवसर पर लालबाग मैदान में शानदार आयोजन हुआ। यहां दायरा बैंड ने अपने गीत “ऐसा जादू है मेरे बस्तर में” की प्रस्तुति से पूरे दर्शक वर्ग को मंत्रमुग्ध कर दिया। बैंड की मधुर धुनों और स्थानीयता की झलक ने लोगों के दिलों को छू लिया और बस्तर की अद्वितीय संस्कृति और सुंदरता को सराहा।  कार्यक्रम में बस्तर की समृद्ध लोक संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य की महिमा को गीतों के माध्यम से जीवंत किया गया, जिसने दर्शकों को खास तौर पर भावविभोर कर दिया। इस बैंड में मुंबई के कलाकारों के साथ बादल अकादमी और बस्तर के स्थानीय कलाकार भी शामिल हैं। हजारों की संख्या में उपस्थित दर्शकों ने इस कार्यक्रम का भरपूर आनंद उठाया और बैंड की धुन में ख़ुद को थिरकने से रोक नहीं पाए। कार्यक्रम में  कृष्णाभद्रा नंबूथिरी  द्वारा भरतनाट्यम, साथ ही स्थानीय लोकनृत्य दलों की भी शानदार प्रस्तुति दिया गया। जिला प्रशासन ने दायरा बैंड की पूरी टीम, भरतनाट्यम नृत्यांगना सहित सभी स्थानीय कलाकारों को स्मृति स्वरूप बस्तर मड़ई को प्रतीक चिन्ह भेंट किए।इस अवसर पर सांसद महेश कश्यप, आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर  हरिस एस, पुलिस अधीक्षक  शलभ सिन्हा, सीईओ जिला पंचायत प्रकाश सर्वे सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी उपस्थित थे।

खून से लथपथ मिली मासूम, छत्तीसगढ़-जांजगीर चांपा में दो साल की बच्ची से दुष्कर्म कर झाड़ियों में फेंका

जांजगीर चांपा. सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में दो साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई है। पीड़ित बच्ची खून से लथपथ घायल अवस्था में झाड़ियों में मिली है। उसे जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। मिली जानकारी अनुसार, शनिवार शाम करीब 6.40 बजे बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। इस दौरान उसे कोई अज्ञात व्यक्ति ले गया और उसके साथ दुष्कर्म कर झाड़ियों में फेंक दिया। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोगों मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी परिजनों को दी गई। इसके बाद उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां बच्ची का उपचार जारी है। सिटी कोतवाली थाने में परिजनों ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई है। एएसपी राजेंद्र जायसवाल और थाना प्रभारी प्रवीण द्वेदी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है। वहीं, कुछ संदेहियों को पकड़कर पूछताछ की जा रही है।

खुद का भी बाद में काटा गला, छत्तीसगढ़-दुर्ग में पोते ने दादी की हत्या कर खून से की शिवलिंग के चारों तरफ पुताई

दुर्ग. नंदिनी थाना क्षेत्र में शनिवार रात सनकी पोते ने अपनी दादी की धारदार हथियार से वारकर हत्या कर दी। आरोपी पोते ने हत्या के बाद खून उठाकर मंदिर के गभर्गृह के चारों तरफ से पुताई की और खून से लिखा कि शिव यही है। इसके बाद खुद का गला भी काट लिया, जिसे घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। नंदिनी थाना प्रभारी मनीष शर्मा ने बताया कि घटना ननकट्टी गांव की है, जहां आरोपी गुलशन गोस्वामी (35) ने अपनी ही दादी रुखमणि गोस्वामी (70) का हाथ और पैर को कुर्सी में बांध दिया और धारदार हथियार से उसके सिर पर वार कर दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी पोता उसके पास खड़ा रहा। जब उसकी सांसे थम गई और खून को समेटकर शिव मंदिर के गभर्गृह ले गया। शिवलिंग के चारों तरफ दादी के खून से पुताई कर दी। मौका मुआयना करने से प्रतीत होता है कि आरोपी गुलशन ने किसी मान्यता पूजा पाठ को लेकर वारदात को अंजाम दिया है, क्योंकि उसने शिवलिंग के चारों तरफ रुखमणि के खून से पुताई की। इसके बाद खून पर लिखा है कि शिव यही है। आरोपी अपनी दादी के साथ ही घर में रहता था। हत्या की मुख्य वजह पता नहीं चल सका है। पुलिस आरोपी से पूछताछ के बाद ही हत्या की वजह सामने आएगी।

मप्र बोर्ड अब अब पांचवीं व आठवीं बोर्ड परीक्षा की अंकसूची करेगी हाइटेक, डिजिटल प्रिटिंग अंकसूची प्रदान की जाएगी

भोपाल अभी तक मप्र बोर्ड 10वीं व 12वीं परीक्षा की अंकसूची डिजिटल प्रिंटिंग होती थी।साथ ही उसपर हालमार्क भी रहता था। अब पांचवीं व आठवीं वार्षिक परीक्षा के 25 लाख विद्यार्थियों को डिजिटल प्रिटिंग अंकसूची प्रदान की जाएगी। साथ ही डुप्लीकेट अंकसूची से बचने के लिए अंकसूची पर हालमार्क भी लगा होगा। इससे विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम जारी होने के चार से पांच दिन बाद ही सुरक्षा मापदंडों के साथ अंकसूची प्रदान कर दी जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने सत्र 2024-25 से पांचवीं व आठवीं बोर्ड परीक्षा की अंकसूची को डिजिटल प्रिंटिंग की पूरी तैयारी कर ली है। अभी तक राज्य शिक्षा केंद्र की ओर से अंकसूची जिलों के स्कूलों में भेजी जाती थी। इससे विद्यार्थियों को अंकसूची एक या दो साल की देरी से मिल रही थी।   यही कारण है कि स्कूल शिक्षा विभाग इस सत्र से अंकसूची डिजिटल प्रिंटिंग कर देगा, ताकि विद्यार्थियों को अंकसूची जल्द मिल सकेगा। बता दें, कि अभी तक राज्य शिक्षा केंद्र पिछले साल के 25 लाख विद्यार्थियों की अंकसूची तैयार नहीं कर पाया है। डा.संजय गोयल, सचिव, मप्र स्कूल शिक्षा विभाग ने बताया कि इस बार से पांचवीं व आठवीं बोर्ड परीक्षा की डिजिटल प्रिंटिंग और सुरक्षा मापदंडों सहित हालमार्क अंकसूची प्रदान की जाएगी। इससे विद्यार्थियों को अकसूची जल्द मिल जाएगी और इसका डूप्लीकेट अंकसूची की संभावना भी खत्म हो जाएगी। जिलों के स्कूलों में अंकसूची का प्रोफार्मा भेजा जाता था अभी तक राज्य शिक्षा केंद्र जिलों के स्कूलों में अंकसूची का प्रोफार्मा तैयार कर जिलों के स्कूलों में भेजता था।जिससे स्कूल में प्रोफार्मा पर अंक भरकर स्कूल प्राचार्य के हस्ताक्षर के बाद विद्यार्थियों को अंकसूची दी जाती थी।इससे कई जिलों में डुप्लीकेट अंकसूची का मामला भी सामने आया है।साथ ही अंकसूची एक-दो साल की देरी से मिलती थी। अंकसूची पर हालमार्क रहेगा पांचवीं व आठवीं क अंकसूची पर दो जगहों पर हालमार्क रहेगा। एक जहां पर कक्षा का नाम लिखा होगा और दूसरा जहां पर पूरी बाउंड्री बनी होगी। इससे डुप्लीकेट अंकसूची क संभावना पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।

BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे PM मोदी, क्या है BRICS शिखर सम्मेलन ?

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निमंत्रण पर 22-23 अक्टूबर 2024 को रूस की यात्रा करेंगे। इस दौरान वह BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस बात की जानकारी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को दी। यह BRICS शिखर सम्मेलन की 16वीं बैठक होगी, जो रूस के कजान शहर में आयोजित की जाएगी। इस सम्मेलन में विभिन्न विकासशील देशों के नेताओं के बीच आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी, जो वैश्विक स्तर पर सहयोग को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण होगा। क्या है BRICS शिखर सम्मेलन ? BRICS एक अंतरराष्ट्रीय समूह है जिसमें पांच प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं: ब्राजील, रूस, भारत, चीन, और दक्षिण अफ्रीका। इस समूह का उद्देश्य आर्थिक विकास, राजनीतिक सहयोग, और सामाजिक प्रगति को बढ़ावा देना है। वहीं ईरान, मिस्र, इथियोपिया, और संयुक्त अरब अमीरात इसी साल जनवरी से BRICS के नए सदस्य देश बने हैं। ये देश समूह के साथ अपने आर्थिक और राजनीतिक सहयोग को बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। हालांकि, सऊदी अरब अभी तक BRICS का पूर्णकालिक सदस्य नहीं बना है। वह केवल आमंत्रित सदस्य के रूप में इसमें भाग ले रहा है। यह स्थिति BRICS के विस्तार और इसके सदस्यों की विविधता को दर्शाती है, जो वैश्विक स्तर पर प्रभाव बढ़ाने के लिए एकजुट हो रहे हैं।   BRICS शिखर सम्मेलन का महत्व BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन हर साल किया जाता है, जिसमें सदस्य देशों के नेता एकत्रित होकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हैं। यह शिखर सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय नीतियों, व्यापार, निवेश, और सुरक्षा के विषयों पर ध्यान केंद्रित करता है। BRICS शिखर सम्मेलन एक महत्वपूर्ण मंच है, जो विकासशील देशों के लिए वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर प्रदान करता है। यह आर्थिक और राजनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण साधन है, जिससे BRICS देशों की आवाज वैश्विक स्तर पर सुनी जा सके।   शिखर सम्मेलन की प्रमुख विशेषताएं आर्थिक सहयोग: BRICS देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ाने के लिए विभिन्न पहलें की जाती हैं। राजनीतिक संवाद: सदस्य देश वैश्विक मुद्दों, जैसे जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद, और वैश्विक स्वास्थ्य पर चर्चा करते हैं। विकास संबंधी मुद्दे: शिखर सम्मेलन में विकासशील देशों के मुद्दों पर ध्यान दिया जाता है, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, और बुनियादी ढांचे का विकास। संस्थानिक सहयोग: BRICS एक न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की स्थापना कर चुका है, जिसका उद्देश्य विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। शिखर सम्मेलन के परिणाम हर शिखर सम्मेलन के बाद एक संयुक्त घोषणा पत्र जारी किया जाता है, जिसमें सभी सदस्यों द्वारा सहमति से लिए गए निर्णयों और प्रस्तावों का उल्लेख होता है। यह घोषणापत्र वैश्विक समुदाय के सामने BRICS का दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। BRICS संगठन औचारिक तौर पर किसी देश के खिलाफ नहीं है, लेकिन इसे विकासशील देशों की सशक्त आवाज के रूप में देखा जाता है। यह संगठन वैश्विक स्तर पर आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करने और सहयोग बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच है। संगठन की प्रभावशीलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि संयुक्त रूप से, BRICS सदस्य देशों के पास विश्व की भूमि का लगभग 30 फीसदी और वैश्विक जनसंख्या का 45 फीसदी हिस्सा है। यह संख्या इस बात को दर्शाती है कि BRICS केवल एक आर्थिक समूह नहीं है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक बल भी है, जो विकासशील देशों के हितों को प्राथमिकता देने का प्रयास करता है। BRICS शिखर सम्मेलन का इतिहास BRICS का पहला शिखर सम्मेलन 2009 में युजेन, रूस में आयोजित किया गया था। इसके बाद से यह सम्मेलन हर साल आयोजित होता है, और इसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाती है। दक्षिण अफ्रीका का समावेश 2010 में हुआ, जिसके बाद समूह का नाम BRICS हो गया।   2024 का BRICS शिखर सम्मेलन आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 और 23 अक्टूबर को रूस के कजान में आयोजित होने वाली BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। विदेश मंत्रालय ने इस बात की जानकारी दी है। इस बैठक के दौरान, मोदी सदस्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे।

बिहार में सितंबर में खुदरा महंगाई की दर 7.5 फीसदी रही जो 5.5 फीसदी के राष्ट्रीय औसत से कहीं ज्यादा

नई दिल्ली  बिहार में सितंबर में लगातार तीसरे महीने सबसे ज्यादा महंगाई देखने को मिली। राज्य में सितंबर में खुदरा महंगाई की दर 7.5 फीसदी रही जो 5.5 फीसदी के राष्ट्रीय औसत से कहीं ज्यादा है। बिहार के बाद छत्तीसगढ़ (7.4%) दूसरे, उत्तर प्रदेश (6.7%) तीसरे, ओडिशा (6.6%) चौथे और हरियाणा (6.2%) पांचवें नंबर पर रहे। ताजा आंकड़ों के मुताबिक खुदरा महंगाई सितंबर में 5.5 फीसदी रही जो इसका नौ महीने का उच्चतम स्तर है। खानेपीने की चीजों खासकर सब्जियों, खाद्य तेल और दालों की कीमत में तेजी से खुदरा मंहगाई बढ़ी है। आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में सबसे कम महंगाई दिल्ली में रही। यहां खुदरा महंगाई की दर 3.7 फीसदी रही। पश्चिम बंगाल (4.3%) दूसरे, तेलंगाना (4.4%) तीसरे, हिमाचल (4.6%) चौथे और उत्तराखंड (4.7%) पांचवें नंबर पर रहे। ग्रामीण इलाकों में खुदरा महंगाई की बात करें तो इसमें छत्तीसगढ़ (8%) पहले, उत्तर प्रदेश (7.6%) दूसरे और बिहार (7.6%) तीसरे नंबर पर है। शहरी इलाकों में खुदरा महंगाई के मामले में बिहार (7.1%) पहले नंबर पर है। ब्याज दरों में कटौती 2023-24 के इकनॉमिक सर्वे के मुताबिक ग्रामीण इलाकों में कंजम्पशन बास्केट में फूड आइटम्स् का वेटेज 47.3 फीसदी है जबकि शहरी इलाकों में यह 29.6 फीसदी है। इस महंगाई को देखते हुए जानकारों का कहना है कि आरबीआई ब्याज दरों में कटौती को फिलहाल टाल सकता है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने भी संकेत दिया है कि दिसंबर में होने वाली एमपीसी बैठक में ब्याज दरों में कटौती की संभावना नहीं है। अगर नीतिगत दरों में कटौती नहीं होती है तो लोन पर भी ब्याज नीचे नहीं आएगा। दास ने कहा कि वर्तमान स्थिति में ब्याज दरों में कटौती जल्दबाजी और बहुत जोखिम भरी होगी क्योंकि खुदरा महंगाई अभी भी ऊंचे स्तर पर है। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य की मौद्रिक नीतियों का निर्धारण आय और अन्य आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगा। महीने की शुरुआत में, आरबीआई ने महंगाई संबंधी चिंताओं के कारण नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया था और मौद्रिक नीति का रुख न्यूट्रल कर दिया था। अगले द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा 6 दिसंबर को होगी।

खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से ट्रूडो का भारत से पंगा कनाडा की अर्थव्यवस्था पड़ेगा भारी !

नई दिल्ली भारत और कनाडा के बीच  कूटनीतिक विवाद का असर  अब आर्थिक मोर्चे पर भी असर डालने लगा है। खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से शुरू हुए इस विवाद के चलते उन कनाडाई कंपनियों और फंड्स की चिंताएं बढ़ गई हैं, जिन्होंने भारतीय कंपनियों में भारी निवेश किया है। खासकर कनाडाई पेंशन फंड (CPPIB) ने भारत के बैंकिंग से लेकर टेक्नोलॉजी और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में बड़ा इन्वेस्टमेंट किया हुआ है। जानकारी के अनुसार  भारत और कनाडा के बीच करीब 8.4 अरब अमेरिकी डॉलर का वार्षिक व्यापार होता है (वित्त वर्ष 2023-24), जिसमें ज्वेलरी, फार्मास्युटिकल्स, केमिकल्स, पेपर और मिनरल्स जैसी वस्तुओं का लेन-देन शामिल है। इस विवाद से 600 से अधिक कनाडाई कंपनियां जो भारत में व्यापार कर रही हैं, और 30+ भारतीय कंपनियां जो कनाडा में मौजूद हैं, सीधे प्रभावित हो सकती हैं। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच होने वाले द्विपक्षीय व्यापार में शामिल कई कंपनियां भी इस तनाव का शिकार हो सकती हैं। वित्त वर्ष 2022-23 में भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय व्यापार 8.3 अरब डॉलर का था, जो 2023-24 में बढ़कर 8.4 अरब डॉलर हो गया। इसमें भारत का कनाडा से आयात 4.6 अरब डॉलर पर पहुंच गया है, जबकि निर्यात 3.8 अरब डॉलर पर आ गया है। कनाडाई पेंशन फंड का भारत में निवेश कनाडाई पेंशन फंड CPPIB (Canada Pension Plan Investment Board) ने भारत की कई बड़ी कंपनियों में निवेश कर रखा है। इसमें कोटक महिंद्रा बैंक (6141.6 करोड़ रुपये), जोमैटो (2778.1 करोड़ रुपये) जैसे बड़े नाम शामिल हैं। जोमैटो में CPPIB की हिस्सेदारी करीब 1.15% है। इसके अलावा Delhivery, FSN E-Commerce Ventures (Nykaa), और Paytm जैसी कंपनियों में भी भारी निवेश किया गया है। अन्य प्रमुख सेक्टर्स में निवेश कनाडाई पेंशन फंड्स ने भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी, आईटी और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बड़ी पूंजी लगाई है। रियल एस्टेट और फाइनेंशियल सर्विसेज में भी फंड का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। 2013 से 2023 तक, कनाडाई फंड्स ने भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में लगभग 3.8 अरब कैनेडियन डॉलर और फाइनेंशियल सर्विसेज में 3 अरब कैनेडियन डॉलर का निवेश किया। इसी प्रकार, इंडस्ट्रियल ट्रांसपोर्टेशन में 2.6 अरब कैनेडियन डॉलर का निवेश किया गया है। कंपनियों पर क्या होगा असर? कनाडाई फंड्स फिलहाल भारत में करीब 1.98 लाख करोड़ रुपए के मूल्य की घरेलू इक्विटी के मालिक हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों में आई खटास के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि कनाडाई निवेशक अपने पोर्टफोलियो में कोई बड़ा बदलाव करेंगे या नहीं। बीते एक साल में, CPPIB ने भारतीय शेयर बाजार में अपनी हिस्सेदारी कुछ हद तक कम की है, लेकिन अब तक वे भारत से पूरी तरह से बाहर निकलने की जल्दी में नहीं दिख रहे। भारतीय कंपनियों का भी कनाडा में महत्वपूर्ण निवेश लगभग 600 कनाडाई कंपनियां भारत में अपने व्यवसाय चला रही हैं। इनमें मुख्य रूप से रिन्यूएबल एनर्जी, फाइनेंशियल सर्विसेज, रियल एस्टेट और टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं। इसके साथ ही, 30 से अधिक भारतीय कंपनियों का भी कनाडा में महत्वपूर्ण निवेश है, जिसका कुल मूल्य करीब 40,446 करोड़ रुपए है। इन कंपनियों के माध्यम से कनाडा में लगभग 17,000 लोगों को रोजगार मिला है। भारत से कनाडा को मुख्य रूप से रत्न, ज्वेलरी, फार्मास्युटिकल्स, ऑर्गेनिक केमिकल्स, रेडीमेड गार्मेंट्स और मेकैनिकल अप्लायंसेस का निर्यात किया जाता है। वहीं, कनाडा से भारत कागज, लकड़ी का गूदा, पोटाश, आयरन स्क्रैप, कॉपर और इंडस्ट्रियल केमिकल्स का आयात करता है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet