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अहोई अष्टमी 24 अक्टूबर को, जानें शुभ मुहूर्त और पूजाविधि

इस साल 24 अक्टूबर को अहोई अष्टमी व्रत रखा जाएगा। कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को संतान की दीर्घायु और तरक्की के लिए माताएं अहोई अष्टमी व्रत का निर्जला व्रत रखती है। हिंदू धर्म में हर साल कार्तिक माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अहोई अष्टमी व्रत रखा जाता है। माताएं अपने संतान की दीर्घायु, तरक्की और खुशहाली के लिए निर्जला व्रत रखती है। देश के कई राज्यों में अहोई अष्टमी को आठें अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन अहोई माता और स्याही माता की पूजा की जाती है और अहोई अष्टमी की व्रत कथा सुना या पढ़ा जाता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल 24 अक्टूबर 2024 को अहोई अष्टमी का व्रत रखा जाएगा। संतान सुख की प्राप्ति के लिए अहोई अष्टमी व्रत का विशेष महत्व है। इस दिन शाम को तारों को अर्घ्य देकर ही व्रत का पारण किया जाता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, 24 अक्टूबर 2024 को सुबह 01 बजकर 18 मिनट पर कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का आरंभ होगा और अगले दिन 25 अक्टूबर 2024 सुबह 01 बजकर 58 मिनट पर समाप्त होगा। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, 24 अक्टूबर 2024 को अहोई अष्टमी व्रत रखा जाएगा। पूजा मुहूर्त 24 अक्टूबर 2024 को शाम 05 बजकर 42 मिनट से लेकर 06 बजकर 59 मिनट तक अहोई अष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा। इस दिन तारों को शाम 06 बजकर 06 पीएम तक दर्शन किया जा सकता है। अहोई अष्टमी की पूजाविधि अहोई अष्टमी व्रत के दिन सुबह सूर्योदय से पूर्व उठें। स्नानादि के बाद स्वच्छ कपड़े धारण करें। अहोई माता की पूजा आरंभ करें। अहोई मां को फल,फूल, धूप,दीप समेत सभी पूजा सामग्री एकत्रित कर लें। अहोई अष्टमी की व्रत कथा सुनें या पढ़ें। मां के समक्ष घी का दीपक प्रज्ज्वलित करें और उनकी आरती उतारें। शाम को तारों को अर्घ्य देकर व्रत का पारण कर सकते हैं।

युवा शक्ति को सशक्त बनाने में स्वामी विवेकानंद सशक्तीकरण योजना बेहद प्रभावी साबित हो रही है

लखनऊ उत्तर प्रदेश देश में सबसे बड़ी युवा शक्ति वाला राज्य है। ऐसे में, प्रदेश की युवा शक्ति को सशक्त बनाने और उसे वर्तमान व भविष्य की जरूरतों के अनुसार कौशल प्रदान करने की दिशा में योगी सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। इस कड़ी में स्वामी विवेकानंद सशक्तीकरण योजना बेहद प्रभावी साबित हो रही है। सीएम योगी के विजन अनुसार, इस योजना के अंतर्गत प्रदेश में वर्ष 2021 से 2023 के बीच 19.84 लाख टैब व 26.91 लाख स्मार्टफोन समेत कुल 46.75 लाख गैजेट वितरित किए जा चुके हैं। इतना ही नहीं, 13.14 लाख गैजेट (जिनमें 12.94 लाख स्मार्टफोन व 20 हजार से ज्यादा टैबलेट शामिल हैं) को पात्र विद्यार्थियों को आवंटित करने पर योगी सरकार का विशेष फोकस है। ऐसे में, प्रदेश में पात्र विद्यार्थियों को गैजेट्स के वितरण की प्रक्रिया पूर्ण करने वाले जिलों को चिन्हित किया गया है, जिसमें से 8 जिलों का परिणाम 100 प्रतिशत रहा है। वहीं, विद्यार्थियों को टैबलेट वितरण की दिशा में 6 जिलों में 70 प्रतिशत से ज्यादा आवंटन की दर रही है और 10 टॉप जिलों में 69 प्रतिशत से ज्यादा सफलतापूर्वक आवंटन हो चुका है। प्रदेश में युवा शक्ति को सशक्त बनाने के लिए न केवल स्मार्टफोन व टैबलेट वितरण हो रहा है, बल्कि डिजी शक्ति पोर्टल के जरिए सरकार की योजनाओं और कौशल विकास के विभिन्न कोर्सेस का एक्सेस व एंड टू एंड मॉनिटरिंग उपलब्ध कराया जा रहा है। परियोजना को प्रदेश के युवाओं के तकनीकी सशक्तीकरण के लिए 2021-22 में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया था। वर्ष 2022-23 में स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना को प्रदेश में 5 वर्षों के लिए लागू किया गया। ऐसे में, परियोजना के जरिए उच्च व उच्चतर शिक्षण संस्थाओं में स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा कोर्स, कौशल विकास के प्रशिक्षणार्थी तथा पैरामेडिकल व नर्सिंग जैसे कोर्सेस के विद्यार्थियों को टैब व स्मार्टफोन वितरण के जरिए लाभान्वित किया जाता है। सीएम योगी के युवा सशक्तीकरण के विजन को बढ़ावा देने की दिशा में प्रदेश में स्वामी विवेकानंद सशक्तीकरण योजना बेहद सार्थक कदम बनकर उभरा है। प्रक्रिया के अंतर्गत, पात्र विद्यार्थियों को स्मार्टफोन व टैब वितरण की प्रक्रिया सुनिश्चित करते हुए प्रदेश के 8 जिलों में स्मार्टफोन वितरण का 100 प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त किया जा चुका है। वहीं, दो जिलों में यह 99.99 प्रतिशत रहा है। इनमें हरदोई, जालौन, कन्नौज, कासगंज, मुरादाबाद, प्रतापगढ़, रामपुर, उन्नाव, ऐटा व मीरजापुर प्रमुख हैं। इसी प्रकार, टैब वितरण के लक्ष्यों की प्राप्ति में 79.31 प्रतिशत के साथ संभल प्रथम है। वहीं, 74.88 प्रतिशत के साथ मुरादाबाद दूसरे, 74.05 प्रतिशत के साथ बरेली तीसरे, 72.47 प्रतिशत के साथ शामली चौथे तथा 71.25 प्रतिशत के साथ सहारनपुर पांचवें पायदान पर है। लक्ष्य प्राप्ति के आधार पर 70.34 प्रतिशत के साथ गाजियाबाद छठे, 69.85 प्रतिशत के साथ प्रतापगढ़ सातवें, 69.67 प्रतिशत के साथ गोरखपुर आठवें, 69.58 प्रतिशत के साथ हाथरस नौवें व 69.18 प्रतिशत के साथ बिजनौर दसवें पायदान पर स्थित है। इसी प्रकार, कम टैब व स्मार्टफोन वितरण वाले जनपदों को भी चिन्हित करके उनमें वितरण की प्रक्रिया को गति देने पर योगी सरकार द्वारा फोकस किया जा रहा है।    

यूक्रेनी युद्ध के मैदान में रूसी और उत्तर कोरियाई झंडे एक साथ दिखे : दावा

सोल  रूस समर्थक टेलीग्राम अकाउंट ने एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें यूक्रेनी युद्ध के मैदान में रूसी और उत्तर कोरियाई झंडे एक साथ दिखाए गए हैं। इससे उन अटकलों को बल मिलता है कि उत्तर कोरिया ने संभवतः युद्ध में यूक्रेन के खिलाफ रूस की मदद के लिए सैनिक भेजे हैं। योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, आरवीवीओईएनकेओआर_बोओटी, नामक ब्लॉगर द्वारा शेयर की गई तस्वीर में पोक्रोव्स्क में एक खदान के ऊपर दो झंडे एक साथ लहराते हुए दिखाई दे रहे हैं। पोक्रोव्स्क यूक्रेन के पूर्वी मोर्चे पर स्थित गढ़ों में से एक है। ब्लॉगर ने कहा कि हाल ही में शहर के पास खदान में एक पहाड़ी पर उत्तर कोरियाई झंडा फहराया गया, जो उन संदिग्ध जगहों में से एक है जहां उत्तर कोरियाई सैनिकों के तैनात होने की आशंका है।  दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय खुफिया सर्विस ने घोषणा की कि उत्तर कोरिया ने यूक्रेन के साथ अपने लंबे युद्ध में रूस का समर्थन करने के लिए लगभग 12,000 सैनिक भेजने का फैसला किया, जिनमें से लगभग 1,500 पहले से ही रूस के सुदूर पूर्व में तैनात हैं। अगर यह दावा सच है कि तो यह पहली बार होगा जब उत्तर कोरिया ने इतने बड़े पैमाने पर जमीनी सैनिकों को भेजा है। हालांकि इससे पहले उसने विदेशी मुद्रा कमाने के लिए सैनिकों के छोटे समूहों को विदेशों में भेजा था। अभी तक उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने रूस में अपनी सेना की तैनाती के बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। संयुक्त राष्ट्र में उत्तर कोरिया के एक दूत ने  दक्षिण कोरिया और यूक्रेन के उन आरोपों को खारिज कर दिया कि वह यूक्रेन में युद्ध में रूस के साथ लड़ने के लिए अपने सैनिकों को भेज रहा है। उसने इन आरोपों को ‘निराधार अफवाह’ बताया। उन्होंने तर्क दिया कि मॉस्को के साथ उसके संबंध ‘वैध और सहयोगात्मक’ हैं।    

व्हाट्सएप पर कॉन्टैक्ट सेव करने का पूरा तरीका: आसान स्टेप्स में जानें

मंगलवार को व्हाट्सएप ने एक नई सुविधा घोषित की है, जिससे उपभोक्ता अब ऐप के अंदर ही कंटेंट को सेव कर सकेंगे। इसका मतलब यह है कि अगर आपका फोन खो गया है या आप अपने प्राइमरी नंबर से किसी नए नंबर को लिंक कर रहे हैं, तो भी आप व्हाट्सएप के स्टोरेज में सेव किए गए सभी कॉन्टैक्ट्स को आसानी से देख सकते हैं। अब तक, व्हाट्सएप आपके फोन की कॉन्टैक्ट बुक पर प्रतिबंध लगाता था ताकि वह कॉन्टैक्ट्स को सिंक कर सके। यदि कोई नया व्यक्ति आपको ऐप पर मैसेज करता था और आप अपनी जानकारी सेव करना चाहते थे, तो वह स्थानीय रूप से आपके स्टोर में जानकारी उपलब्ध कराता था। जल्द ही आने वाला है यह नया फीचर आपको किसी भी इंटरनेट साइट पर मिलेगा, जिसमें व्हाट्सएप वेब और सर्फर भी शामिल हैं, कॉन्टैक्ट्स स्टोर करने की सुविधा मिलेगी। आप व्हाट्सएप के अंदर दिए गए कॉन्टैक्ट्स को अपने फोन पर भी सिंक कर सकते हैं। पिछले साल कंपनी ने यूजर को एक खतरनाक पर दो व्हाट्सएप अकाउंट में लॉग इन करने की सुविधा दी थी। जब आप व्यक्तिगत और व्यावसायिक कॉन्टैक्ट्स को अलग-अलग रखना चाहते हैं तो एक व्हाट्सएप अकाउंटिंग से जुड़े कॉन्टैक्ट्स को सेव करना टैब काम करता है। इसके अलावा, यदि आप और के साथ साझेदारी साझा करते हैं, तो आप अपने नंबर से जुड़े संपर्कों की अपनी सूची बनाए रख सकते हैं। व्हाट्सएप ने कहा कि इस सुरक्षित कॉन्टैक्ट सेवा को अक्षम करने के लिए उसने एक नया डीलरशिप सिस्टम विकसित किया है, जिसे आइडेंटिटी प्रूफ लिंक्ड स्टोरेज (आईपीएलएस) कहा जाता है। जब उपयोगकर्ता कोई कॉन्टैक्ट सेवा नहीं करते हैं, तो यह सिस्टम जर्नल पर एक मूर्ति की को जनरेट करता है। यह प्रक्रियात्मक अध्ययन सामग्री की पहचान करके पुनः प्राप्त किया जाता है। इसके अलावा, ऐप क्लाउडफ्लेयर के साथ-साथ साइन विज़ पर किसी भी बदलाव के साथ, व्हाट्सएप में सेव किए गए कॉन्टैक्ट्स को किसी भी तरह से संपादित नहीं किया जा सकता है। कंपनी ने यह भी कहा है कि कंटैक्ट स्टोरिंग फीचर की तकनीक के आधार पर ग्राहकों को प्रॉपर्टी नाम से कॉन्टैक्ट सेव करने की सुविधा मिलेगी। कंपनी ने एक ब्लॉग पोस्ट में बताया, “व्हाट्सएप पर व्हाट्सएप प्राइवेट का एक अतिरिक्त स्तर जुड़ जाएगा ताकि आपको किसी को भी संदेश भेजने के लिए अपना फोन नंबर साझा करने की आवश्यकता न हो।”

पंचायत राज अधिनियम में संशोधन कर नया प्रविधान करने जा रही सरकार

भोपाल प्रदेश में नगरीय निकायों के अध्यक्षों के विरुद्ध जिस तरह से अविश्वास प्रस्ताव आता है, वैसा ही अब सरपंचों के विरुद्ध भी लाया जा सकेगा। इसके लिए सरकार पंचायत राज अधिनियम में संशोधन कर नया प्रविधान करने जा रही है। इसके लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा अध्यादेश लाया जाएगा। इसमें यह प्रविधान किया जाएगा कि तीन चौथाई पंच के हस्ताक्षर से ही आवेदन पत्र स्वीकार होगा और यह तीन वर्ष की कार्यावधि पूर्ण होने पर ही लाया जा सकेगा। नगरीय निकायों के बाद अब पंचायत में भी नए नियम होंगे लागू प्रदेश में अभी तक नगरीय निकायों के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने का ही प्रविधान था। इसमें भी दो वर्ष की कार्यावधि पूरी होने पर दो तिहाई पार्षदों के समर्थन से प्रस्ताव लाया जा सकता था। इस अवधि को बढ़ाकर सरकार ने तीन वर्ष की कार्यावधि और तीन चौथाई पार्षदों का समर्थन अनिवार्य कर दिया है। यही व्यवस्था सरपंच के लिए भी लागू करने की मांग विभिन्न संगठनों ने उठाई थी। पिछले दिनों पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति जताई। इसके बाद विभाग ने अधिनियम में संशोधन की तैयारी प्रारंभ दी है। अध्यादेश के माध्यम के संशोधन विभागीय अधिकारियों कहा है कि चूंकि अभी विधानसभा का कोई सत्र प्रस्तावित नहीं है, इसलिए अध्यादेश के माध्यम के संशोधन किया जाएगा। प्रारूप तैयार करके वरिष्ठ सचिव समिति को भेजा जाएगा और फिर विधि एवं विधायी विभाग से परिमार्जित कराकर अंतिम निर्णय के लिए अगले माह तक कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है।

इजरायल के साथ अमेरिका, 5.2 बिलियन यूएस डॉलर के एयर डिफेंस पैकेज को लागू करने पर काम शुरू

लेबनान का दावा, इजरायली एयर स्ट्राइक में 4 की मौत, 24 घायल इजरायल बहुत जल्द ईरान के खिलाफ जवाबी हमला करेगा : इजरायली सरकारी मीडिया इजरायल के साथ अमेरिका, 5.2 बिलियन यूएस डॉलर के एयर डिफेंस पैकेज को लागू करने पर काम शुरू बेरूत/यरुशलम  इजरायल डिफेंस फोर्सेज ने रात को बेरूत के दक्षिणी शहरों पर बमबारी की। इस हमले में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 27 अन्य घायल हो गए। घायलों में एक बच्ची भी शामिल है। ये हमला देश के सबसे बड़े अस्पताल के नजदीक किया गया। यह जानकारी  लेबनान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, इजरायली हमले का लक्ष्य दक्षिण बेरूत के बाहरी इलाके मंल स्थित ज्नाह क्षेत्र में स्थित रफीक हरीरी विश्वविद्यालय का अस्पताल था। इस मामले में लेबनान के एक स्थानीय टीवी चैनल अल-जदीद के मुताबिक, लेबनान के रेड क्रॉस और सिविल डिफेंस टीमों के बचाव अभियान के लिए 25 से ज्यादा एंबुलेंस इलाके में पहुंच गई। अस्पताल के पास मलबे में फंसे पीड़ितों की तलाश अभी भी जारी है। इजरायल के एक के बाद एक कई हवाई हमलों की वजह से स्थानीय लोगों को अपना घर छोड़ने को मजबूर होना पड़ा है। स्थानीय लोग अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। बता दें कि इजरायली लड़ाकू विमानों ने बेरूत हवाई अड्डे के पास, दक्षिणी इलाकों के बाहरी क्षेत्र की घनी आबादी वाले औजाई इलाके पर भी हवाई हमला किया था। सोमवार की रात को, इजरायली लड़ाकू विमानों ने बेरूत के दक्षिणी इलाके के कई स्थानों पर 12 से अधिक हवाई हमले किए, जिनमें हरेत हरेक, बुर्ज बरजनेह, अल हदथ, जामौस और सेंट थेरेसा जैसे इलाके शामिल थे। इजरायली सेना सितंबर के अंत से ही हिजबुल्लाह को नेस्तनाबूद करने के इरादे संग लेबनान पर भीषण हमले कर रही है।   इजरायल बहुत जल्द ईरान के खिलाफ जवाबी हमला करेगा : इजरायली सरकारी मीडिया  इजरायली सरकार के मंत्रियों ने बताया कि ईरान के खिलाफ काउंटर अटैक “बहुत जल्द” किया जाएगा। यह जानकारी इजरायल की राष्ट्रीय मीडिया की तरफ से दी गई। ईरान ने तेहरान में हमास के राजनीतिक प्रमुख इस्माइल हानियेह और बेरुत में हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह की हत्या का बदला लेने के लिए 1 अक्टूबर को इजरायल पर 180 बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया था। इसके बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान पर जवाबी हमला करने की कसम खाई थी। हालांकि हमलों की तारीख को गुप्त रखा गया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने इजरायल के सरकारी कान टीवी का हवाला देते हुए बताया कि रविवार को इजरायल के कैबिनेट मंत्रियों ने एक कैबिनेट की मीटिंग में बताया कि इजरायल का पलटवार वाला हमला जल्दी ही किया जाएगा। यह हमला बहुत ही महत्वपूर्ण जगहों पर किया जाएगा। यह जानकारी सोमवार को इस मीटिंग के कई घंटों बाद तब सामने आई जब अमेरिकी लॉयड ऑस्टिन ने अमेरिकी अग्रिम पंक्ति के एयर डिफेंस सिस्टम थाड को इजरायल में डिप्लॉय करने की घोषणा की। इस ‘टर्मिनल हाई एयर डिफेंस’ (थाड) सिस्टम के साथ अतिरिक्त 100 सैनिकों की तैनाती भी की गई है, जो इसका संचालन करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने ईरान के परमाणु ठिकानों और ऊर्जा के बुनियादी ढांचों पर हमलों पर चिंता व्यक्त करते हुए, मध्य पूर्व क्षेत्र में संघर्ष को बढ़ाने से बचने के लिए इजरायल से संयम बरतने का आग्रह भी किया था। इजरायल के साथ अमेरिका, 5.2 बिलियन यूएस डॉलर के एयर डिफेंस पैकेज को लागू करने पर काम शुरू यरूशलम, 22 अक्टूबर (वेब वार्ता)। इजरायल और अमेरिका के अधिकारियों ने इजरायल की वायु रक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए 5.2 अरब डॉलर के आपातकालीन सहायता पैकेज को लागू करना शुरू कर दिया है। इजरायल और अमेरिकी पक्षों ने पैकेज लागू करने के लिए पत्रों का आदान-प्रदान पूरा कर लिया है। यह पैकेज इजरायल की आयरन डोम एंटी-रॉकेट सिस्टम, डेविड स्लिंग मिसाइल रक्षा प्रणाली और आयरन बीम लेजर रक्षा प्रणाली को और प्रभावी बनाएगा। यह पैकेज 8.7 बिलियन डॉलर की अमेरिकी सहायता का हिस्सा है। इस बारे में इजरायल ने सितंबर के अंत में कहा कि उसे संयुक्त राज्य अमेरिका से मदद मिली है, जिसमें से 3.5 बिलियन डॉलर पहले ही ‘तत्काल युद्धकालीन खरीद’ के लिए इजरायल को ट्रांसफर किए जा चुके हैं। सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, आधिकारिक इजरायली सूत्रों के अनुसार, अमेरिका पिछले साल 7 अक्टूबर को हमास के साथ संघर्ष की शुरुआत से ही इजरायल का समर्थन कर रहा है। उसने हथियारों, बमों और गोला-बारूद के साथ कुछ सौ कार्गो विमान और जहाज भेजे हैं। यहूदी राष्ट्र को अमेरिकी सैन्य सहायता की व्यापक आलोचना हुई है क्योंकि गाजा पट्टी में जारी इजरायली हमलों ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 7 अक्टूबर 2023 से अब तक गाजा में इजरायली हमलों में कम से कम 42,603 लोग मारे गए हैं और 99,795 घायल हुए हैं। गौरतलब है कि हमास ने पिछले साल 7 अक्टूबर को इजरायल में हमला किया था। हमले में करीब 1200 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 250 से अधिक लोगों कों बंधक बना लिया था। इसके बाद से इजरायल हमास के कंट्रोल वाली गाजा पट्टी पर हमले कर रहा है।  

भारत पिछले चार बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में खिताब बरकरार रखने में सफल रहा

मुंबई  बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (बीजीटी)सीरीज से पहले, ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने कहा है कि उनकी टीम सीरीज के पिछले चार लगातार संस्करणों में हार के बाद इस बार अपने प्रदर्शन में “सुधार” करेगी। भारत पिछले चार बीजीटी में खिताब बरकरार रखने में सफल रहा, जिसमें 2018-19 और 2020-21 में उनकी प्रसिद्ध सीरीज जीत शामिल है, जहां ऋषभ पंत ने गाबा में नाबाद 89 रनों की शानदार पारी खेली और ऑस्ट्रेलिया के अपने गढ़ में 32 साल के अपराजित क्रम को समाप्त करते हुए शानदार जीत हासिल की। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज को मध्य क्रम में एक एक्स-फैक्टर बताया और स्टंप के पीछे उनके नियंत्रित व्यवहार पर भी प्रकाश डाला। कमिंस ने स्टार स्पोर्ट्स के प्रेस रूम में कहा, “पिछली बार ऑस्ट्रेलिया में ऋषभ ने शानदार सीरीज़ खेली थी। वह हमेशा मध्यक्रम में एक्स-फैक्टर की तरह रहता है। आप कभी नहीं जानते कि आपको क्या मिलने वाला है, जो कि रोमांचक है, भले ही आप विपक्षी हों। और स्टंप के पीछे हमेशा उसके पास कहने के लिए कुछ होता है – वह बहुत मज़ेदार है, मुझे हंसाता है।” कमिंस ने यह भी बताया कि ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी लाइन-अप शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल जैसे भारतीय युवाओं को कैसे आंकता है। “मैंने शुभमन के खिलाफ़ थोड़ा बहुत खेला है। मैंने जायसवाल को ज़्यादा नहीं देखा है, सिर्फ़ आईपीएल में देखा है। लेकिन वे दोनों युवा खिलाड़ी लगते हैं जिन्होंने अलग-अलग फ़ॉर्मेट में काफ़ी रन बनाए हैं। हम यहां उन पर नजदीकी नज़र रखेंगे। लेकिन हाँ, हम अभी भी सीरीज़ से कुछ सप्ताह दूर हैं, इसलिए मैं यह नहीं कह सकता कि मैंने अभी तक उनके लिए बहुत बारीकी से योजना बनाई है।” भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आगामी पांच मैचों की टेस्ट सीरीज 22 नवंबर से शुरू होगी। इस सीरीज में भारत और ऑस्ट्रेलिया 22 नवंबर से 7 जनवरी, 2025 तक पर्थ, एडिलेड (गुलाबी गेंद वाला मैच), ब्रिसबेन, मेलबर्न और सिडनी में खेलेंगे। भारत ने ऑस्ट्रेलिया में पिछली दो बार 2018/19 और 2020/21 में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीती थी। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया ने 2014-15 के बाद से कोई बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज नहीं जीती है, जब उन्होंने घरेलू धरती पर 2-0 से जीत हासिल की थी। कमिंस ने कहा, “हमें थोड़ा ब्रेक मिला है, इसलिए मैं पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए उत्साहित हूं। इसमें शामिल होने के लिए उत्साहित हूं। पिछली कुछ टेस्ट सीरीज में भारत के खिलाफ हमें बहुत किस्मत नहीं मिली है, लेकिन हम हमेशा ऑस्ट्रेलिया में अच्छा खेलने पर गर्व करते हैं। पिछली दो सीरीज बहुत पहले हुई थीं, इसलिए मुझे लगता है कि हम इससे उबर चुके हैं। लेकिन जब हम ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट क्रिकेट खेलते हैं तो हमारी उम्मीदें बहुत ज्यादा होती हैं। मुझे लगता है कि प्रशंसकों और मीडिया की भी यही राय है। इसलिए जब भी हम यहां नहीं जीतते हैं, तो निश्चित रूप से आप उन सीरीज को थोड़ा और करीब से देखते हैं।” उन्होंने कहा, “पिछली सीरीज, विशेष रूप से, वास्तव में कठिन थी। यह गाबा में आखिरी सत्र तक चली, और दुर्भाग्य से, हम इसे पूरा नहीं कर सके। टीम के बहुत से खिलाड़ी उसी सीरीज में खेलने वाले खिलाड़ियों जैसे ही हैं, और हम यहां सुधार करने के लिए आए हैं।” कमिंस ने कैमरून ग्रीन को बीजीटी के लिए खोने पर भी विचार किया, क्योंकि ऑलराउंडर ने अपनी पीठ के निचले हिस्से में स्ट्रेस फ्रैक्चर का ऑपरेशन करवाने का विकल्प चुना था। “जहां तक कैम ग्रीन की बात है, तो वह हमारे लिए बहुत बड़ी क्षति है। न केवल उनकी बल्लेबाजी के लिए, बल्कि वह शायद अब तक के सबसे बेहतरीन गली फील्डर हैं, और एक बेहतरीन गेंदबाज भी हैं, जिसकी हमें जरूरत है, इसलिए हम वास्तव में उनकी कमी महसूस करेंगे।” क्लार्क ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज के रूप में बैनक्रॉफ्ट का समर्थन किया पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क ने 31 वर्षीय कैमरून बैनक्रॉफ्ट को टेस्ट टीम में वापस बुलाने का समर्थन किया है। उन्होंने भारत के खिलाफ आगामी पांच मैचों की श्रृंखला में ऑस्ट्रेलिया के लिए सलामी बल्लेबाज के रूप में इस 31 वर्षीय खिलाड़ी को शामिल करने का सुझाव दिया है। ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन की पीठ के निचले हिस्से में तनाव फ्रैक्चर की चोट के कारण बैनक्रॉफ्ट को भारत के खिलाफ 22 नवंबर से पर्थ में शुरू होने वाली महत्वपूर्ण बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए टेस्ट टीम में वापस बुलाने का मौका मिल सकता है। क्लार्क ने स्काई के बिग स्पोर्ट्स ब्रेकफास्ट पर कहा, “मुझे नहीं लगता कि दो मैचों के लिए किसी को चुनना उचित है। यही बात मैंने सैम कोंस्टास के बारे में भी कही है। मुझे लगता है कि वह बहुत प्रतिभाशाली खिलाड़ी है और मुझे अच्छा लगा कि उसने इस सत्र की शुरुआत बहुत अच्छी की है, लेकिन सिर्फ़ इसलिए कि आपने दो शतक बनाए हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि आप किसी ऐसे खिलाड़ी को बाहर कर दें जिसने पिछले चार सालों में 12 शतक बनाए हैं, जैसे कि बैनक्रॉफ्ट या हैरिस।“ “वे लंबे समय से प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेल रहे हैं, उन्होंने अगली पंक्ति में आने का अधिकार अर्जित किया है। उन्होंने कहा, “अगर मैं ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम का कप्तान होता और मुझे नहीं पता होता कि पहले टेस्ट मैच में कौन ओपनिंग कर रहा है, तो मुझे बहुत निराशा होती।” शेफील्ड शील्ड के पिछले कुछ सत्रों में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बैनक्रॉफ्ट आगामी सीरीज़ में ऑस्ट्रेलिया की तरफ से ओपनिंग करने के लिए मैथ्यू रेनशॉ और मार्कस हैरिस के साथ शामिल हैं।        

बहराइच हिंसा में आरोपियों के खिलाफ डेमोलेशन ऐक्शन पर रोक, सुप्रीम कोर्ट आज करेगा केस की सुनवाई

नई दिल्ली  उच्चतम न्यायालय ने  कहा कि उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में हिंसा और दंगों में कथित रूप से शामिल आरोपियों के खिलाफ ‘बुलडोजर’ चलाने की प्रस्तावित कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका पर बुधवार को सुनवाई की जायेगी। न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सी यू सिंह और अन्य वकीलों की शीघ्र सुनवाई करने की गुहार स्वीकार करते हुए इस मामले को 23 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए अधिवक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार कथित रूप से दंगों में शामिल लोगों के खिलाफ तोड़-फोड़ की कार्रवाई इस आधार पर करना चाहती है कि उनका निर्माण अवैध है।इस पर पीठ ने कहा, “आप इस अदालत द्वारा पारित आदेशों से अवगत हैं। यदि वे (राज्य सरकार) इन आदेशों का उल्लंघन करने का जोखिम उठाना चाहते हैं, तो यह उनकी पसंद है।” पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के एम नटराज से कहा कि उसे बुधवार तक कोई कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।इस पर अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने सहमति जताते हुए कहा, “हम कुछ नहीं करेंगे।” उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने बहराइच जिले के एक गांव में धार्मिक जुलूस के दौरान संगीत बजाने को लेकर कथित रूप से सांप्रदायिक हिंसा में शामिल तीन लोगों की अचल संपत्ति के ध्वस्तीकरण के लिए नोटिस जारी किया है। सर्वोच्च न्यायालय ने एक अक्टूबर को अपने 17 सितंबर के आदेश को बढ़ा दिया था कि इस न्यायालय की अनुमति के बिना किसी आपराधिक मामले में शामिल अभियुक्त की संपत्ति को ध्वस्त करने के लिए राज्यों द्वारा बुलडोजर का उपयोग नहीं किया जाएगा शीर्ष अदालत ने हालांकि,तब सार्वजनिक सड़कों, फुटपाथों, रेलवे लाइनों या जल निकायों पर अतिक्रमण से जुड़ी कार्रवाई को छूट दी थी।शीर्ष अदालत ने तब बुलडोजर कार्रवाई के लिए दिशानिर्देश निर्धारित करने पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था। सर्वोच्च न्यायालय ने एक अक्टूबर को कहा था कि वह “बुलडोजर न्याय” के विवादास्पद मुद्दे से निपटने के लिए अखिल भारतीय स्तर पर दिशा-निर्देश तैयार करेगा, जिसका उपयोग कुछ राज्य सरकारें किसी व्यक्ति पर अपराध का आरोप लगने के तुरंत बाद उसके घर या दुकान को ध्वस्त करने के लिए करती हैं।    

क्या आपका बच्चा भी रोज पढ़ाई नहीं करता? अपनाएं ये जापानी तकनीकें

क्या आप भी अपने बच्चे के रोजाना पढ़ने की आदत को लेकर परेशान रहते हैं। बच्चों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित या प्रेरित करना कोई आसान कार्य नहीं है। कई अभिभावक इसी उधेड़बुन में रहते हैं कि आखिर बच्चों में पढ़ने की आदत को कैसे ठीक किया जाये और उन्हें नियमित रूप में पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाये। विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार बच्चों को आसान तरीकों से नहीं बल्कि स्मार्ट तरीकों से हैंडिल किया जाना चाहिये। यदि पैरेंट्स सच मुच अपने बच्चों की पढ़ाई की आदतों को बेहतर बनाना चाहते हैं तो उन्हें स्मार्ट तरीकों को अपनाना होगा। इस मामले में जापानी शिक्षा प्रणाली अपनी प्रभावशीलता के लिए प्रसिद्ध है। जापानी शिक्षा प्रणाली में अनुशासन, निरंतरता और समग्र विकास पर जोर दिया जाता है। बच्चों की पढ़ाई की आदतों में जापानी तकनीकों को शामिल करने से उनकी सीखने की क्षमता और शैक्षणिक प्रदर्शन में पहले की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। और तो और इससे आपके बच्चों की रुचि नियमित रूप से पढ़ने में भी बढ़ सकती है। बच्चों में पढ़ने की आदतों में सुधार के लिए जापानी तकनीकों को अपनाने से बच्चों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव हो सकते हैं। इन तकनीकों मे कई पैरामीटर्स शामिल है। इनमें निरंतर सुधार, समय प्रबंधन, अनुशासन, सक्रिय शिक्षण प्रणाली, शिक्षा के प्रति सम्मान, आत्म-अनुशासन और माइंडफुलनेस शामिल हैं। इन्हें अपनाकर माता-पिता अपने बच्चों के लिए एक सहायक और प्रभावी अध्ययन वातावरण बना सकते हैं। ये विधियां न केवल सीखने की इच्छा को बढ़ाती हैं बल्कि जीवन कौशल का भी विकास करती है। आइए इस लेख के माध्यम से जानते हैं उन जापानी तकनीकों के बारे में जिससे आपके बच्चों की पढ़ाई की आदतों में सुधार आयेगा और जो उन्हें नियमित पढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर करेंगे। बच्चों की पढ़ाई की आदतों को बेहतर बनाने के लिए जापानी तकनीकें 1. Kaizen Approach या निरंतर सुधार काइज़ेन का अर्थ है “निरंतर सुधार”। यह जापानी संस्कृति की आधारशिला है। यह टेक्निक समय के साथ बच्चों के कार्यकुशलता और प्रभावशीलता में सुधार करने के लिए छोटे-छोटे परिवर्तन करने को प्रोत्साहित करती है। अर्थात अभिभावक के रूप में आप अपने बच्चों के लिए छोटे-छोटे लेकिन प्रभावशाली लक्ष्य का निर्धारण करें। हर चरण में बच्चों की सफलता के बाद धीरे-धीरे लक्ष्य को थोड़ा कठिन बनाएं। यह दृष्टिकोण आपके बच्चों में आत्मविश्वास का निर्माण करता है और बड़े, कठिन कार्यों से जुड़े तनाव को कम करता है। 2. Pomodoro Technique या समय प्रबंधन फ्रांसेस्को सिरिलो द्वारा विकसित पोमोडोरो तकनीक का जापान में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। इसमें अध्ययन के समय को 25 मिनट के अंतराल में विभाजित करना शामिल है। इसे “पोमोडोरोस” कहा जाता है। उसके बाद 5 मिनट का ब्रेक होता है। चार पोमोडोरोस के बाद, 15-30 मिनट का लंबा ब्रेक लिया जाता है। यह विधि बच्चों में ध्यान केंद्रित रखने, थकान को कम करने और अध्ययन सत्रों को अधिक प्रबंधनीय बनाने में मदद करती है। 3. Shitsuke अनुशासन और दिनचर्या शित्सुके या अनुशासन, कम उम्र से ही जापानी शिक्षा में बड़ा महत्वपूर्ण रहा है। पढ़ने की आदत को बेहतर बनाने के लिए एक विशिष्ट दैनिक दिनचर्या स्थापित करें। इससे बच्चों को पढ़ने की आदत विकसित करने में मदद मिलती है। एक निर्धारित कार्यक्रम यह सुनिश्चित करता है कि पढ़ने का समय दिन का एक हिस्सा है। 4. Active Learning एक्टिव लर्निंग, जुड़ाव और सहभागिता एक्टिव लर्निंग, ये शब्द शायद आपने कहीं ना कहीं सुना हो। व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से समस्या का समाधान निकालने के लिए बच्चों को प्रेरित करना एक्टिव लर्निंग या सक्रिय शिक्षण विधि का हिस्सा है। अक्सर ड्रामैटिक चीजों पर बच्चों का ध्यान आसानी से आकर्षित होता है। इसलिए ऐसी गतिविधियों को पढ़ने के लिए भी उपयोग किया जाना चाहिये। जापानी कक्षाएं अक्सर समूह कार्य और इंटरैक्टिव पाठों पर जोर देती हैं। घर पर, माता-पिता अध्ययन सामग्री पर चर्चा करके, प्रश्न पूछकर और बच्चों को शैक्षिक खेलों या प्रयोगों में शामिल करके सक्रिय सीखने को प्रोत्साहित कर सकते हैं। 5. Minimalism, अनुकूल अध्ययन वातावरण बनाना मिनीमलिज्म या न्यूनतावाद की जापानी अवधारणा, या “कम ही अधिक है, ” अध्ययन वातावरण बनाने पर लागू होती है। विकर्षणों से मुक्त एक साफ, अव्यवस्थित स्थान ध्यान और एकाग्रता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा सकता है। बतौर अभिभावक आप ये सुनिश्चित करें कि अध्ययन क्षेत्र में केवल आवश्यक चीजें हों। जैसे की साधारण कुर्सी, एक डेस्क, आवश्यक किताबें और अच्छी रोशनी आदि। ये वस्तुएं आपने बच्चें के मन को भटकने से बचाएगी। और वो और अच्छे से पढ़ सकेंगे। 6. शिक्षकों और शिक्षा के प्रति सम्मान सीखने को महत्व देना बहुत महत्वपूर्ण होता है। जापान में, शिक्षकों का बहुत सम्मान किया जाता है और शिक्षा को बहुत महत्व दिया जाता है। बच्चों को अपने शिक्षकों और सीखने की प्रक्रिया की सराहना करने के लिए प्रोत्साहित करना अध्ययन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा दे सकता है। माता-पिता अपने बच्चे की शिक्षा में रुचि दिखाकर और ग्रेड से अधिक ज्ञान और कौशल के महत्व पर जोर देकर इसका समर्थन कर सकते हैं। 7. आत्म-अनुशासन की आवश्यकता बच्चों में समय के साथ साथ व्यक्तिगत जिम्मेदारी विकसित करना बेहद आवश्यक होता है। अपने बच्चों को आत्म-अनुशासन सिखाएं। इससे उन्हें अपनी पढ़ाई के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेने में मदद मिलती है। उन्हें अपने स्वयं के अध्ययन कार्यक्रम निर्धारित करने, अपनी प्रगति की निगरानी करने और अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए खुद को पुरस्कृत करने के लिए प्रोत्साहित करें। यह स्वायत्तता आत्मविश्वास और प्रेरणा का निर्माण करती है। 8. माइंडफुलनेस और मेडिटेशन के लिए बच्चों को करें प्रोत्साहित आपके बच्चे जीवन में क्या करना या क्या बनना चाहते हैं इस विषय पर अपने बच्चों से निरंतर बात करते हैं। बच्चों पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के लिए माइंडफुलनेस और मेडिटेशन अभ्यासों को शामिल करने से एकाग्रता में सुधार हो सकता है और तनाव कम हो सकता है। अध्ययन के समय से पहले सरल श्वास अभ्यास या छोटे ध्यान सत्र बच्चों को अपने दिमाग को साफ करने और सीखने के लिए तैयार होने में मदद कर सकते हैं।  

Vivo जल्द ही अपना नया स्मार्टफोन Vivo S20 करने वाला है लॉन्च

नई दिल्ली Vivo जल्द ही अपना नया स्मार्टफोन Vivo S20 लॉन्च करने वाला है, जो Vivo S19 को रिप्लेस करेगा. हालांकि, इस अपकमिंग स्मार्टफोन की लॉन्च डेट को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन कई लीक और सर्टिफिकेशन साइट्स पर इसकी डिटेल्स सामने आई हैं. आइए जानते हैं इस स्मार्टफोन की संभावित खूबियों डिस्प्ले: 6.67-इंच OLED डिस्प्ले 1.5K रेजोल्यूशन (1260 x 2800 पिक्सल) रिच और वाइब्रेंट विजुअल्स के लिए बेहतरीन स्क्रीन क्वालिटी प्रोसेसर: Qualcomm Snapdragon 7 Gen 3 चिपसेट बेहतर परफॉर्मेंस और गेमिंग एक्सपीरियंस के लिए अपग्रेडेड प्रोसेसर बैटरी: 6,500mAh (टाइपिकल) बैटरी 6,365mAh (रेटेड) बैटरी लंबे समय तक बैटरी बैकअप के साथ फास्ट चार्जिंग सपोर्ट की संभावना डिजाइन और बिल्ड: थिकनेस: 7.19mm वजन: 185.5 ग्राम हल्का और स्लिम डिजाइन कैमरा स्पेसिफिकेशंस रियर कैमरा (डुअल सेटअप): 50MP प्राइमरी कैमरा 8MP अल्ट्रा-वाइड लेंस फ्रंट कैमरा: 50MP सेंसर, शानदार सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए अन्य फीचर्स ऑप्टिकल फिंगरप्रिंट सेंसर स्क्रीन में ही फिंगरप्रिंट स्कैनर के साथ एडवांस सिक्योरिटी सॉफ़्टवेयर: फोन Android 14 आधारित Funtouch OS के साथ आ सकता है Vivo S20 Pro की संभावना जैसा कि Vivo S19 के साथ Pro वर्जन भी लॉन्च किया गया था, उम्मीद है कि Vivo S20 के साथ भी Vivo S20 Pro पेश किया जाएगा. यह Pro वेरिएंट अतिरिक्त फीचर्स और हाई-एंड स्पेक्स के साथ आ सकता है. Vivo S20 प्रीमियम डिजाइन, दमदार कैमरा और पावरफुल बैटरी के साथ मिड-रेंज सेगमेंट में एक शानदार स्मार्टफोन साबित हो सकता है. Snapdragon 7 Gen 3 प्रोसेसर और 50MP सेल्फी कैमरा इसे परफॉर्मेंस और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनाते हैं. इसकी लॉन्च डेट और कीमत की जानकारी जल्द ही सामने आ सकती है.

आनंद संस्थान ने ‘हर घर दिवाली अभियान’ के माध्यम से गरीबों के जीवन में खुशियां बांटने की पहल की जा रही

भोपाल आनंद विभाग लोगों के जीवन में खुशियां पहुंचाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। राज्य आनंद संस्थान द्वारा ‘हर घर दिवाली अभियान’ के माध्यम से गरीबों के जीवन में खुशियां बांटने की पहल की जा रही है। दीपावली का पर्व भारतीय समाज में आनंद व समृद्धि का त्यौहार माना जाता है। लोग अपने सामर्थ्य अनुसार इस पर्व को हर्षोल्लास से मनाते हैं। अनेक परिवार ऐसे हैं जिनके पास इस समृद्धि के पर्व पर कुछ भी नया करने या उत्साह से मनाने के लिये आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं हो पाते हैं। राज्य आनंद संस्थान अपने कार्यक्रमों में “मदद” को प्रोत्साहित करता है, जिसमें हम अपनी आवश्यकता से अधिक वस्तुओं को दूसरों के उपयोग करने के लिये दे देते हैं। दीपावली का पर्व मदद की अवधारणा को अपनाने का एक बेहतर अवसर प्रदान करता है। इस उद्देश्य से हर घर दिवाली अभियान का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत आनन्दकों के सहयोग से नगर में लोगों से संपर्क कर उनसे आग्रह किया जाएगा कि वे शहरों के संसाधन विहीन बस्तियों में रहने वाले घरों में भी दीपावली का पर्व अच्छे से मने, इसके लिए उन्हें अपने घरों या अन्य स्त्रोत से अतिरिक्त सामग्री प्रदान करें। दीपावली के पर्व के दौरान आपको घर में ऐसी अनेक वस्तुएं मिलती है, जो आपके लिए वर्तमान में उपयोगी नहीं है, किंतु अन्य के लिए उपयोगी हो सकती है। ऐसी वस्तुओं को अपने निकट के आनंदम केन्द्र (नेकी की दीवार) में छोड़ने का अनुरोध है, जिससे वह वस्तु किसी जरूरतमंद के उपयोग में आ सके। अपने निकटतम आनंदम केंद्र के बारे में जानने के लिए https://www.anandsansthanmp.in/hi/anandam पर क्लिक कर जानकारी ले सकते हैं।  

वायनाड लोकसभा उपचुनाव: प्रियंका गांधी ने भरा नामांकन, सोनिया, राहुल और खरगे ने दिखाई एकजुटता

Wayanad Lok Sabha by-election: Priyanka Gandhi filed nomination, Sonia, Rahul and Kharge showed solidarity. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज वायनाड लोकसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ उनकी मां सोनिया गांधी, भाई राहुल गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई अन्य नेता मौजूद रहे। इससे पहले उन्होंने स्थानीय नेताओं की मौजूदगी में नामांकन पर्चा भरा था। नामांकन पर्चा भरने के बाद उन्होंने अपने भाई राहुल गांधी के साथ एक रोड-शो किया। बता दें कि वायनाड उपचुनाव में प्रियंका गांधी का सामना भाजपा उम्मीदवार नव्या हरिदास से होने वाला है। रोड शो में शामिल हुए ये नेताराहुल गांधी के अलावा प्रियंका के इस रोड शो में उनकी मां सोनिया गांधी और पति रॉबर्ट वाड्रा भी मौजूद रहे। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत पार्टी के अन्य नेता भी इस रोड शो में शामिल हुए। प्रियंका गांधी ने किया लोगों को संबोधितरोड-शो में प्रियंका गांधी ने लोगों को संबोधित भी किया। उन्होंने कहा, “पिछले 35 सालों से मैं अलग-अलग चुनावों के लिए प्रचार कर रही हूं। यह पहली बार है जब मैं आपके समर्थन की मांग अपने लिए कर रही हूं। यह एक बहुत ही अलग एहसास है। मैं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने मुझे वायनाड से उम्मीदवार बनने का सौभाग्य दिया।” उन्होंने आगे कहा, “सत्य और अहिंसा ने मेरे भाई (राहुल गांधी) को एकता और प्रेम के लिए देशभर में 8000 किमी पैदल चलने के लिए प्रेरित किया। जब पूरी दुनिया उनके खिलाफ थी, तब आप उनके साथ खड़े थे। मेरे भाई को लड़ने के लिए आपलोगों ने साहस दिया। मेरा पूरा परिवार आपका कर्जदार है। मुझे मालूम है कि उसे (राहुल गांधी) आपलोगों को छोड़ना पड़ा और मैं आपसे वादा करती हूं कि मैं आपके और उसके बीच के संबंधों को मजबूत करूंगी। उन्होंने मुझे बताया कि आप किन बड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। मेरे भाई ने मुझे बताया कि आपलोगों की क्या तकलीफ है। मैं आपके घर आना चाहती हूं और आपसे सीधे समझना चाहती हूं कि आपकी समस्याएं क्या हैं और हम उनसे कैसे निपट सकते हैं।” कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी रोड-शो को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “वायनाड देश का ऐसा निर्वाचन क्षेत्र है जहां से दो सांसद हैं, एक आधिकारिक सांसद और दूसरा अनौपचारिक सांसद।” प्रियंका गांधी के नामांकन पर कांग्रेस सांसद ने दी प्रतिक्रियाप्रियंका गांधी के नामांकन पर कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा, “आप जो ऊर्जा यहां देख रहे हैं, यह कुछ ऐसा है, जिसका हम सभी इंतजार कर रहे थे। हम चाहते थे कि प्रियंका गांधी किसी भी सीट से चुनाव लड़े, लेकिन हमने कभी ऐसा नहीं सोचा था कि किस्मत हमारे पास चलकर आएगी। हम सभी उत्साहित हैं। हर तरफ उत्साह है। यह वायनाड और केरल के लिए दोहरा सौभाग्य है, क्योंकि इसे अब स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा- प्रियंका गांधी वाड्रा, लोकसभा की सदस्य, वायनाड, केरल।” नव्या हरिदास ने प्रियंका गांधी को दी चुनौतीभाजपा उम्मीदवार नव्या हरिदास ने कांग्रेस को पहले ही कड़े मुकाबले की चुनौती दे चुकी हैं। उन्होंने कहा था कि आगामी उपचुनाव में प्रियंका गांधी को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।। उन्होंने कहा,”मेरी प्रतिद्वंद्वी प्रियंका गांधी हैं। मैं केवल इतना कहना चाहूंगी कि वायनाड में कांग्रेस को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। राहुल गांधी ने रायबरेली की सीट बरकरार रखने के लिए वायनाड की सीट छोड़ दी थी। जब वायनाड के लोगों को भूस्खलन का सामना करना पड़ा, तो उनके पास इन मुद्दों को उठाने के लिए संसद में कोई प्रतिनिधि नहीं था।” प्रियंका गांधी का पहला चुनावनव्या ने आगे कहा, “पिछले पांच वर्षों में राहुल गांधी ने शायद ही इस निर्वाचन क्षेत्र का दौरा किया हो। वे यहां के लोगों के मुद्दों को उठाने में भी नाकाम रहें। यह मेरा पहला लोकसभा चुनाव होगा।” उन्होंने यह भी कहा था कि वायनाड गांधी परिवार के लिए सिर्फ एक दूसरी सीट है। बता दें कि प्रियंका गांधी के साथ नव्या हरिदास का भी यह पहला चुनाव होगा। 13 नवंबर को होने वाले इस उपचुनाव में एलडीएफ ने भी उम्मीदवार खड़ा किया। उन्होंने सत्यन मोकेरी को अपना उम्मीदवार बनाया है।

मध्यप्रदेश राज्य ओपन स्कूल शिक्षा बोर्ड संचालित कर रहा है ईएफए स्कूल

ईएफए स्कूल मीडिया प्रोजेक्ट देश का पहला एकीकृत मीडिया प्लेटफार्म EFA स्कूलों के लिये ब्रांड पहचान स्थापित करने के उद्देश्य से एकीकृत मीडिया प्रोजेक्ट शुरू किया मध्यप्रदेश राज्य ओपन स्कूल शिक्षा बोर्ड संचालित कर रहा है ईएफए स्कूल भोपाल मध्यप्रदेश राज्य ओपन स्कूल शिक्षा बोर्ड ने ईएफए (एजुकेशन फॉर ऑल) स्कूलों के लिये ब्रांड पहचान स्थापित करने के उद्देश्य से एकीकृत मीडिया प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस प्लेटफॉर्म के जरिये विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, संचार कौशल के साथ अपनी प्रतिभा को दिखाने का अवसर मिल रहा है। स्कूल मीडिया प्रोजेक्ट भारत का प्रथम एकीकृत मीडिया प्लेटफार्म है। जिसे एक्सट्रा चाईल्डहुड के सहयोग से विकसित किया गया है। यह मीडिया प्लेटफार्म 53 ईएफए शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को निखारने, अनुभव करने और प्रदर्शित करने के साथ दुनिया से जुड़ने और संवाद करने का अवसर प्रदान कर रहा है। ईएफए स्कूल मीडिया प्लेटफार्म में विभिन्न मीडिया चैनल और मीडिया सेवाएँ शामिल है। यह केन्द्र भोपाल के शासकीय ईएफए सरोजनी नायडू कन्या उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय भोपाल में एक केन्द्रीयकृत स्कूल मीडिया सेंटर के रूप में संचालित हो रहा है। विभिन्न मीडिया प्लेटफार्म ईएफए रेडियो बच्चों के लिये एक पॉडकास्ट स्टेशन है जो उन्हें अपना रेडियो शो बनाने में मदद करता है। ईएफए टीवी यह एक यूट्यूब चैनल जहां विद्यार्थी अपने वीडियों और कहानियां साझा करते है। ईएफए का समाचार पत्र अपने सभी विद्यालयों में सभी समाचार और अद्यतन जानकारी को साझा करता है। ईएफए सोशल मीडिया एक सोशल मीडिया प्लेटफार्म है जो इंस्टाग्राम, ट्वीटर और फेसबुक पर स्कूल की गतिविधियां उपलब्धियां और विशेष आयोजनों के बारे में दैनिक अद्यतन जानकारी साझा करता है। अब तक ईएफए पत्रिका ने 500 से अधिक अंकों में 15 हजार से अधिक हस्तलिखित पृष्ठ तैयार किये है। ईएफए रेडियो स्टेशन के माध्यम से 100 से अधिक रेडियो शो तैयार किये गये है। ईएफए टीवी ने एक हजार से अधिक वीडियो बनाये है, जिन्हें 5 लाख से अधिक बार देखा गया है। ईएफए विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा 40 से अधिक विशिष्ट व्यक्तियों, शासकीय अधिकारियों और जन-प्रतिनिधियों से साक्षात्कार लिये है। इस प्रोजेक्ट में 2 हजार से अधिक विद्यार्थी अलग-अलग जिलों में मीडिया समन्वय की भूमिका निभा रहे है। इससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और संचार कौशल का विकास हुआ है। मध्यप्रदेश राज्य ओपन स्कूल शिक्षा बोर्ड स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित हो रहा है।  

छोटा हाथी बना जीवन का साथी, समता सखी के नाम से मशहूर हैं सुशीला

भोपाल हिम्मत-ए-मर्दां, मदद् दे खुदा। जिंदगी कितनी भी बेरहम क्यूं न हो, जीना तो पड़ता है। बात सिर्फ़ इतनी सी ही नहीं है कि श्रीमती सुशीला देवी वर्मा, अबला से सबला बन गईं। तारीफ उस संघर्ष की है, जिनसे जूझकर, लड़कर और जीतकर सुशीला ने ये मुकाम पाया है। सुशीला कहती है कि बात सिर्फ़ कहने-सुनने की हो, तो दो पल रुक भी जाऊं… बात कुछ कर गुजरने की है और मुझे मीलों दूर जाना है… छिंदवाड़ा जिले के चौरई ब्लॉक के छोटे से गांव मोहगांव खुर्द में रहने वाली सुशीला कहने को तो एक साधारण ग्रामीण महिला हैं, पर काम उन्होंने असाधारण किया है। महज 8वीं कक्षा तक पढ़ीं सुशीला ने अपने जीवन के संघर्षों से जूझकर ऐसा काम कर दिखाया है कि अब वह प्रदेश की अन्य महिलाओं के लिये प्रेरणा का जीवंत उदाहरण बन गयी हैं। सुशीला अब “समता सखी” के नाम से मशहूर हो गयी हैं। घरेलू जिम्मेदारियों और आर्थिक तंगी से जूझ रहीं सुशीला की जिंदगी में फरवरी 2022 में एक ऐसा मोड़ आया, जिसने सब-कुछ बदल दिया। गांव की महिलाओं ने उन्हें “सुहानी स्व-सहायता समूह” के बारे में बताया। महिलाओं को आत्म-निर्भर बनाने के लिये यह समूह ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बनाया गया था। सुशीला इस समूह से जुड़ गयीं, क्योंकि उसे लगा कि वह अपने जीवन में कुछ नया कर सकती है। सुशीला सोचती थीं कि समूह से मिले ज्ञान का कैसे उपयोग करे। फिर भी अन्य महिलाओं से मिलकर उसकी समझ बढ़ने लगी। समूह से सुशीला को 12 हजार रुपये आर्थिक सहायता मिली। सुशीला की छोटी सी किराना दुकान थी, जो बेहद कम मुनाफे में चल रही थी। इस राशि से सुशीला ने दुकान का विस्तार किया और दुकान में अधिक सामान लाना शुरू किया। समूह से मिली इस छोटी मदद ने सुशीला को बड़ी हिम्मत दी। उन्होंने दुकान को बेहतर तरीके से चलाने के साथ-साथ खेती और सब्जी व्यापार की ओर भी ध्यान देना शुरू किया। समूह से और अधिक सहायता लेकर उन्होंने गांव-गांव जाकर सब्जी बेचने के लिए “छोटा-हाथी” मालवाहक वाहन खरीदने का निर्णय लिया। यही उनके जीवन का सबसे बड़ा फैसला साबित हुआ। अब सुशीला हर सुबह छोटा हाथी पर सब्जियां लादकर गांव-गांव जातीं और शाम को मंडी में अनाज बेचतीं। इससे धीरे-धीरे उनकी मासिक आय बढ़ने लगी। जहां पहले उनके घर में धन की कमी रहती थी, वहीं अब वे अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए भी पैसे बचाने लगीं। उनकी मासिक आय करीब 10 हजार रुपये तक पहुंच गई, जो उनके परिवार के लिए एक बहुत बड़ा बदलाव था। सुशीला की मेहनत और आत्मविश्वास ने गांव की अन्य महिलाओं को नई प्रेरणा दी है। आज सुशीला “जयकरण ग्राम संगठन” की सचिव हैं और ‘समता सखी’ के रूप में भी कार्यरत हैं। उन्होंने अपने परिश्रम से न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को संवारा, वरन् अपने सामर्थ्य से समाज में भी एक मजबूत पहचान बनाई है।  

रिलायंस रिटेल के स्टोर्स पर भारत ब्रांड का सस्ता आटा-चावल बेचेगी सरकार

नई दिल्ली  सरकार महंगाई पर लगाम लगाने के लिए भारत ब्रांड का आटा, चावल और दाल रिटेल चेन के जरिए बेचने पर विचार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक इसके लिए सरकार मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस रिटेल से बातचीत कर रही है। हालांकि आम चुनावों के दौरान कीमतों में स्थिरता लाने के लिए भारत ब्रांड के उत्पादों को रिलायंस के जियोमार्ट, ऐमजॉन और बिगबास्केट सहित ई-कॉमर्स फर्मों के साथ पहले भी अल्पकालिक व्यवस्थाएं की गई हैं। लेकिन यह पहली बार है कि सरकार अपने बफर स्टॉक से खाद्य उत्पादों को रियायती कीमतों पर बेचने के लिए एक निजी खुदरा विक्रेता के साथ दीर्घकालिक व्यवस्था पर विचार कर रही है। सूत्र ने बताया कि सरकार इसी तरह की व्यवस्था के लिए खुदरा श्रृंखला डीमार्ट और अन्य किराना खुदरा विक्रेताओं के साथ भी बातचीत शुरू करने पर विचार कर रही है। रिलायंस ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की, जबकि डीमार्ट की मूल कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स ने टिप्पणी के लिए भेजे ईमेल का तुरंत जवाब नहीं दिया। भारत ब्रांड के तहत सरकार रियायती कीमत पर खाद्यान्न और अन्य आवश्यक वस्तुएं लोगों को उपलब्ध कराती है। रिलायंस के स्टोर सरकार ने 2023 में लोगों को महंगाई से राहत देने के लिए भारत आटा, भारत दाल और भारत चावल लॉन्च किया था। यह योजना खासकर उन लोगों के लिए है जो गरीबी रेखा से नीचे नहीं हैं। इसलिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त अनाज के पात्र नहीं हैं। भारत-ब्रांडेड उत्पाद वर्तमान में भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ और नेफेड द्वारा अपने आउटलेट और मोबाइल स्टोर सहित केंद्रीय भंडार के माध्यम से बेचे जाते हैं। सूत्र ने बताया कि एक बड़े खुदरा विक्रेता के साथ गठजोड़ करने से भारत ब्रांड के उत्पादों की पहुंच बढ़ेगी, जिससे वे अधिक लोगों तक पहुंच सकेंगे। रिलायंस इंडस्ट्रीज की खुदरा कंपनी रिलायंस रिटेल देश में 2,700 से अधिक किराना स्टोर संचालित करती है। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार इन स्टोर्स में ताजे फल और सब्जियां, डेयरी और अनाज से लेकर मसाले, प्रसंस्कृत खाद्य और पेय पदार्थ और घरेलू और व्यक्तिगत देखभाल उत्पाद बेचे जाते हैं। बढ़ गई कीमत इस बीच सरकार ने भारत ब्रांड आटा, चावल और दाल की कीमतों में इजाफा किया है। सूत्रों के मुताबिक 10 किलो का भारत आटा अब 300 रुपये में मिलेगा जबकि 10 किलो भारत चावल की कीमत 340 रुपये होगी। इसी तरह चना दाल की कीमत भी बढ़ा दी गई है। पहले 10 किलो आटे की कीमत 275 रुपये थी जबकि 10 किलो चावल 290 रुपये में मिलता था। इसी तरह भारत ब्रांड की एक किलो चना दाल 60 रुपये में मिलती थी। इसी कीमत अब 70 रुपये कर दी गई है।

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