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रेलवे ने दी यात्रियों को सौगात दिवाली और छठ पर्व पर यूपी, बिहार के यात्रियों नहीं होगी परेशानी

भोपाल दशहरा, दीपावली व छठ में घर जाने वालों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनें चलाई जा रही है। इसी कड़ी में पटना, जयनगर और बरौनी के लिए साप्ताहिक विशेष ट्रेनें चलाने की घोषणा की गई है। आगामी त्योहारी सीजन के लिए यात्रा करने वाले यात्रियों की भारी मांग को देखते हुए रेलवे ने दीपावली और छठ त्योहार के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को कम करने के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। इसमें एक दर्जन स्पेशल ट्रेनें भोपाल मंडल के विभिन्न स्टेशनों से गुजरेंगी। इसके चलते बिहार, उप्र व मुंबई जाने व वहां से आने वाले यात्रियों को लाभ मिल सकेगा। एलटीटी-दानापुर दैनिक विशेष 01143 दैनिक विशेष ट्रेन 22 अक्टूबर से 11 नवंबर तक प्रतिदिन 10.30 बजे एलटीटी मुंबई से प्रस्थान करेगी, अगले दिन 18.45 बजे दानापुर पहुंचेगी। 01144 दैनिक विशेष 23 अक्टूबर से 12 नवंबर तक प्रतिदिन 21.30 बजे दानापुर से प्रस्थान करेगी, तीसरे दिन 04.50 बजे एलटीटी मुंबई पहुंचेगी। सीएसएमटी-आसनसोल साप्ताहिक स्पेशल 01145 साप्ताहिक विशेष 21 अक्टूबर से 11 नवंबर तक प्रत्येक सोमवार को 11.05 बजे सीएसएमटी मुंबई से प्रस्थान करेगी, तीसरे दिन 02.30 बजे आसनसोल पहुंचेगी। 01146 साप्ताहिक विशेष 23 अक्टूबर से 13 नवंबर तक प्रत्येक बुधवार को 21.00 बजे आसनसोल से प्रस्थान करेगी, तीसरे दिन 08.15 बजे सीएसएमटी मुंबई पहुंचेगी। पुणे-दानापुर दैनिक विशेष 01205 दैनिक विशेष 25 अक्टूबर से 7 नवंबर तक प्रतिदिन 15.30 बजे पुणे से रवाना होगी और अगले दिन 2 बजे दानापुर पहुंचेगी। 01206 दैनिक विशेष 27 अक्टूबर से 09 नवंबर तक प्रतिदिन 05.30 बजे दानापुर से प्रस्थान करेगी और अगले दिन 18.15 बजे पुणे पहुंचेगी। सीएसएमटी-अगरतला साप्ताहिक विशेष 01065 साप्ताहिक विशेष 31 अक्टूबर से 07 नवंबर तक प्रत्येक गुरुवार को 11.05 बजे सीएसएमटी, मुंबई से रवाना होगी और रविवार को 01.10 बजे अगरतला पहुंचेगी । 01066 साप्ताहिक विशेष 03 नवंबर से 10 नवंबर तक प्रत्येक रविवार को 15.10 बजे अगरतला से रवाना होगी और बुधवार को 03.50 बजे सीएसएमटी, मुंबई पहुंचेगी। एलटीटी मुंबई-बनारस साप्ताहिक विशेष 01053 साप्ताहिक विशेष 30 अक्टूबर और 06 नवंबर को एलटीटी मुंबई से 12.15 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 16.05 बजे बनारस पहुंचेगी। 01054 साप्ताहिक विशेष गुरुवार 31 अक्टूबर और 07 नवंबर को 20.30 बजे बनारस से प्रस्थान करेगी और अगले दिन 23.55 बजे एलटीटी मुंबई पहुंचेगी। एलटीटी-दानापुर द्वि-साप्ताहिक विशेष 01009 द्वि-साप्ताहिक विशेष 26, 28, 02 और 04 नवंबर को सोमवार और शनिवार को 12.15 बजे एलटीटी मुंबई से प्रस्थान करेगी और अगले दिन 17.00 बजे दानापुर पहुंचेगी। 01010 द्वि-साप्ताहिक विशेष 27, 29 अक्टूबर, 03 नवंबर और 05 नवंबर को प्रत्येक मंगलवार और रविवार को 18.15 बजे दानापुर से प्रस्थान करेगी और अगले दिन 23.55 बजे एलटीटी मुंबई पहुंचेगी। एलटीटी-समस्तीपुर साप्ताहिक विशेष 01043 साप्ताहिक विशेष गुरुवार 31 अक्टूबर और 7 नवंबर को एलटीटी मुंबई से 12.15 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 21.15 बजे समस्तीपुर पहुंचेगी। 01044 साप्ताहिक विशेष 1 नवंबर और 8 नवंबर तक शुक्रवार को 23.20 बजे समस्तीपुर से प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन 07.40 बजे एलटीटी मुंबई पहुंचेगी।  LTT-बनारस साप्ताहिक ट्रेन का टाइम टेबल ट्रेन संख्या 01053 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-बनरास साप्ताहिक ट्रेन बुधवार (30 अक्टूबर, 06 नवंबर) दोपहर 12.15 बजे रवाना होगी. ट्रेन अगले दिन शाम 04.05 बजे बनारस पहुंचेगी. वापसी में ट्रेन संख्या 01054 बनारस-लोकमान्य तिलक टर्मिनस स्पेशल ट्रेन बनारस से गुरुवार (31 अक्टूर, 07 नवंबर) को रात 08.30 बजे रवाना होगी और अगले दिन रात 11.55 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी. रास्ते में दोनों तरफ ट्रेन का ठहराव- कल्याण, इगतपुरी, नासिक रोड, भुसावल, खंडवा, इटारसी, पिपरिया, जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी और वाराणसी में होगा.  LTT मुंबई-गोरखपुर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन का टाइम टेबल ट्रेन संख्या 01123 LTT मुंबई – गोरखपुर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन शुक्रवार और रविवार (25.10.2024, 27.10.2024, 01.11.2024 और 03.11.2024) LTT से दोपहर 12:15 बजे रवाना होगी. ये अगले दिन शाम 18:55 बजे गोरखपुर पहुंचेगी. वापसी में ट्रेन संख्या 01124 शनिवार और सोमवार (26.10.2024, 28.10.2024, 02.11.2024 और 04.11.2024) गोरखपुर से रात 21:15 बजे प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन सुबह 07:25 बजे LTT स्टेशन पहुंचेगी. रास्ते में ट्रेन का ठहराव- थाणे, कल्याण, इगतपुरी, नासिक रोड, भुसावल, खंडवा, इटारसी, भोपाल, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी, उरई, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, गोंडा और बस्ती में होगा. LTT मुंबई-प्रयागराज साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन का टाइम टेबल   ट्रेन संख्या LTT मुंबई – प्रयागराज साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन (01045) मंगलवार (29.10.2024 और 05.11.2024) को LTT से दोपहर 12:15 छूटेगी. ट्रेन अगले दिन सुबह 11:20 बजे प्रयागराज पहुंचेगी. वापसी में ट्रेन संख्या 01046 बुधवार (30.10.2024 और 06.11.2024) को प्रयागराज से शाम 18:50 बजे चलेगी और अगले दिन शाम 16:05 बजे LTT पहुंचेगी. ट्रेन का ठहराव: कल्याण, नासिक रोड, भुसावल, खंडवा, इटारसी, पिपरिया, जबलपुर, कटनी, सतना, मानिकपुर और शंकरगढ़ में होगा.  LTT मुंबई- दानापुर द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन का टाइम टेबल LTT मुंबई – दानापुर द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन (01009) सोमवार और शनिवार (26.10.2024, 28.10.2024, 02.11.2024 और 04.11.2024) को LTT से दोपहर 12:15 बजे रवाना होगी और दानापुर अगले दिन शाम 17:00 बजे पहुंचेगी. वापसी में ट्रेन संख्या 01010  मंगलवार और रविवार (27.10.2024, 29.10.2024, 03.11.2024 और 05.11.2024) को दानापुर से शाम 18:15 बजे छूटेगी और LTT अगले दिन रात 23:55 बजे पहुंचेगी. ठहराव: कल्याण, इगतपुरी, नासिक रोड, भुसावल, खंडवा, इटारसी, पिपरिया, जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर और आरा.  LTT मुंबई-समस्तीपुर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन टाइम टेबल LTT मुंबई – समस्तीपुर साप्ताहिक स्पेशल (01043) गुरुवार (31.10.2024 और 07.11.2024) को LTT से दोपहर 12:15 बजे छूटेगी. ट्रेन अगले दिन रात 21:15 बजे समस्तीपुर पहुंचेगी. वापसी में ट्रेन संख्या 01044 शुक्रवार (01.11.2024 और 08.11.2024) समस्तीपुर से रात 23:20 बजे पहुंचेगी और LTT तीसरे दिन सुबह 07:40 बजे पहुंचेगी. ठहराव: कल्याण, इगतपुरी, नासिक रोड, भुसावल, खंडवा, इटारसी, पिपरिया, जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर, आरा, दानापुर, पाटलिपुत्र, हाजीपुर और मुज़फ़्फ़रपुर.

सपनों को साकार करने वालों में से एक थे ”मिसाइल मैन” डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी डॉ. अवुल पकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम जिन्हें समस्त भारतवासी प्यार से ’’मिसाइल मैन’’ के नाम से जानते हैं, जिनका जीवन एक साधारण परिवार से उठकर विश्व पटल पर अपनी अमिट छाप छोड़ने की अद्भुत कहानी है। वे न केवल एक वैज्ञानिक के रूप में प्रसिद्ध हुए बल्कि अपने सरल और प्रेरक व्यक्तित्व के कारण वे देश के करोड़ों युवाओं के आदर्श बने। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के एक छोटे से गांव रामेश्वरम में हुआ। उनका परिवार आर्थिक रूप से बहुत साधारण था, लेकिन उनके माता-पिता ने उन्हें उच्च नैतिक मूल्यों और शिक्षा के प्रति समर्पण की सीख दी। उनके पिता एक नाविक थे और उनकी माँ एक धार्मिक महिला थीं। डॉ. कलाम का बचपन संघर्षों से भरा हुआ था, लेकिन उन्होंने कभी अपने सपनों को मरने नहीं दिया। बाल्यावस्था में ही उन्होंने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए अखबार बेचने का काम किया। इस दौरान उन्होंने अपनी पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी और अपनी शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी। कलाम की शिक्षा का प्रारंभ रामेश्वरम के एक प्राथमिक विद्यालय से हुआ। वे एक प्रतिभाशाली छात्र थे और विज्ञान और गणित में विशेष रुचि रखते थे। उनके शिक्षक उनके उज्ज्वल भविष्य को लेकर हमेशा उत्साहित रहते थे और उन्हें प्रेरित करते थे। आगे की शिक्षा के लिए उन्होंने श्वार्ट्ज हायर सेकेंडरी स्कूल में दाखिला लिया, जहाँ उनकी वैज्ञानिक दृष्टि और रुचि को और अधिक विकसित होने का अवसर मिला। विज्ञान के प्रति उनके लगाव ने उन्हें मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी तक पहुँचाया, जहाँ उन्होंने एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया। यहाँ पर भी उन्होंने अपने कठिन परिश्रम और लगन से सभी को प्रभावित किया। उनकी प्रतिभा और कार्य के प्रति समर्पण ने उन्हें इस क्षेत्र में गहरी समझ और अद्वितीय ज्ञान दिया, जिसने भविष्य में भारत के अंतरिक्ष और रक्षा अनुसंधान में उनका मार्ग प्रशस्त किया। वैज्ञानिक करियर की शुरुआत अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद डॉ. कलाम ने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) में एक वैज्ञानिक के रूप में अपना करियर शुरू किया। उनके प्रारंभिक कार्य ने उन्हें भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) से जोड़ दिया, जहाँ उन्होंने देश के पहले स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण वाहन (SLV) के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस सफलता ने उन्हें वैज्ञानिक समुदाय में एक प्रमुख स्थान दिलाया। उनकी मेहनत और समर्पण ने उन्हें भारत के मिसाइल विकास कार्यक्रम का नेतृत्व करने का अवसर दिया, जहाँ उन्होंने कई प्रमुख मिसाइलों के विकास में अहम योगदान दिया। इसके कारण ही उन्हें ’’मिसाइल मैन’’ के नाम से प्रसिद्धि मिली। उनकी देखरेख में भारत ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया और कई मिसाइल प्रौद्योगिकियों का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। अग्नि और पृथ्वी मिसाइल का किया विकास डॉ. कलाम का सबसे महत्वपूर्ण योगदान अग्नि और पृथ्वी मिसाइलों के विकास में था। यह मिसाइलें भारत की रक्षा क्षमता को एक नई ऊँचाई पर ले गईं। उनके नेतृत्व में भारत ने सामरिक महत्व की मिसाइलों का सफलतापूर्वक परीक्षण किया, जिसने न केवल भारत की सैन्य शक्ति को मजबूत किया, बल्कि विश्व स्तर पर भारत को एक मजबूत राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। डॉ. कलाम के इस योगदान ने उन्हें भारत के रक्षा विज्ञान के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित स्थान दिलाया। उनका दृष्टिकोण यह था कि देश को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने के लिए तकनीकी और वैज्ञानिक प्रगति अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनका विश्वास था कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से देश के युवा अपनी सच्ची क्षमता को पहचान सकते हैं और राष्ट्र की प्रगति में योगदान दे सकते हैं । भारत के राष्ट्रपति के रूप में दिया महत्वपूर्ण योगदान विज्ञान और तकनीकी उपलब्धियों के बावजूद डॉ. कलाम का सबसे बड़ा सम्मान तब हुआ जब उन्होंने भारत के 11वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। उनका राष्ट्रपति काल सादगी, ईमानदारी और देश के विकास के प्रति समर्पण का प्रतीक था। उन्होंने राष्ट्रपति पद को न केवल एक संवैधानिक पद माना, बल्कि इसे जनसेवा का एक माध्यम समझा। राष्ट्रपति बनने के बाद भी उनका सारा ध्यान युवाओं को प्रेरित करने पर था। वे नियमित रूप से छात्रों से मिलते रहे और उन्हें अपने सपनों का पीछा करने और जीवन में कुछ बड़ा करने के लिए प्रेरित करते रहे। डॉ. कलाम का छत्तीसगढ़ से लगा रहा लगाव डॉ. कलाम ने छत्तीसगढ़ के विकास में भी कई महत्त्वपूर्ण योगदान दिए। वे विभिन्न अवसरों पर छत्तीसगढ़ आए और अपने विचारों तथा योजनाओं से क्षेत्र के विकास को गति प्रदान की। 2006 में उन्होंने रायपुर जिले के आरंग तहसील के बकतारा में PURA (Providing Urban Amenities to Rural Areas) परियोजना का उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में शहरी सुविधाएं प्रदान कर लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना था। इस परियोजना के तहत 22 गांवों को शामिल किया गया, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कृषि के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सुधार किए जाने की योजना बनाई गई थी। इसके साथ ही शिक्षक दिवस के मौके पर वह बेमेतरा आने वाले थे, लेकिन वह नहीं आ पाए थे. इसके बाद वह बेमेतरा आए और रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी में लेक्चर दिया था, उन्होंने छत्तीसगढ़ के लोगों पर श्ग्लोरी टू द ग्रेट पीपल ऑफ़ छत्तीसगढ़’ नाम की कविता लिखी थी । डॉ. कलाम ने रायपुर स्थित ही पुरखौती मुक्तांगन में एक अद्वितीय सांस्कृतिक संग्रहालय और विज्ञान पार्क का उद्घाटन किया। उन्होंने इस संग्रहालय को एक सीखने की प्रयोगशाला बताया, जहां लोग छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और जैव विविधता को समझ सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने छत्तीसगढ़ में जैव ईंधन के उत्पादन को भी बढ़ावा दिया और राज्य को जैव ईंधन उत्पादन में अग्रणी बनने का सुझाव दिया। उनका यह सुझाव राज्य के किसानों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत बना और जैव ईंधन के क्षेत्र में नई संभावनाओं का द्वार खोला। उनका मानना था कि युवा भारत के भविष्य के निर्माता हैं, और यदि उन्हें सही दिशा में प्रेरित किया जाए, तो वे देश को नई ऊँचाइयों पर ले जा सकते हैं। डॉ. कलाम का दृष्टिकोण और नेतृत्व डॉ. कलाम के नेतृत्व में भारत ने कई क्षेत्रों में प्रगति की। वे हमेशा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से देश के समग्र विकास में विश्वास … Read more

देश में चीतों की धरती कूनो नेशनल पार्क में अब चीते खुलकर जिएंगे, दो-दो की संख्या में नेशनल पार्क में छोड़ा जाएगा

शिवपुरी देश में चीतों की धरती कूनो नेशनल पार्क में अब चीते खुलकर जिएंगे। उन्हें बड़े बाड़े से खुले जंगल में छोड़े जाने की स्वीकृति चीता स्टीयरिंग (संचालन) कमेटी से मिल गई है। दो-दो की संख्या में चीतों को छोड़ा जाएगा। इसके बाद स्थिति को देखते हुए अन्य चीतों और शावकों को भी खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। चीतों को छोड़ने की तैयारी शुरू कर दी गई है। खास बात यह है कि चीते समीपस्थ राज्यों में भी स्वच्छंद विचरण कर सकेंगे। इनके भोजन, सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित राज्य के वन मंडल की होगी। इस आशय का निर्णय पिछले दिनों कूनो नेशनल पार्क में मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के 22 वन मंडलाधिकारियों की कार्यशाला में लिया गया। 12 वयस्क और 12 चीता शावक बता दें, कूनो नेशनल पार्क में वर्तमान में 12 वयस्क और 12 चीता शावक हैं। सभी को बड़े बाड़े में रखा गया है। भारत में पहली बार चीते 17 सितंबर, 2022 को लाए गए थे। 11 मार्च, 2023 को पहली बार चीता पवन व आशा को खुले जंगल में छोड़ा गया था। इसके कुछ ही दिन बाद चीता गौरव (एल्टन) और शौर्य (फ्रेडी) को छोड़ा गया था। राजस्थान और यूपी की सीमा तक पहुंच गए थे चीते कूनो से राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सीमा नजदीक है। जब चीतों को खुले जंगल में छोड़ा गया था तब कुछ कूनो से बाहर निकलकर नजदीकी जिले मुरैना, शिवपुरी के अलावा उत्तर प्रदेश के झांसी-ललितपुर, राजस्थान के करौली व बारां तक पहुंच गए थे। बारिश के दौरान रेडियो कालर की बेल्ट की वजह से गर्दन में संक्रमण के बाद एक चीते की मौत हो गई तो सभी चीतों को कूनो लाकर बड़े बाड़े में रखा गया। यहां शावकों का जन्म भी हुआ। चीतों को वापस नहीं लाया जाएगा अब खुले जंगल में चीतों को दोबारा छोड़ने के निर्णय के साथ यह भी तय किया गया है कि उन्हें वापस नहीं लाया जाएगा। संबंधित वन मंडल उनकी निगरानी करेगा। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार चीता प्राकृतिक रहवास वाला प्राणी है इसलिए इनके स्वच्छंद विचरण में बाधा नहीं होनी चाहिए। इस बीच, कूनो में चीता सफारी की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। वाहनों को तैयार किया जा रहा है। टूरिस्ट गाइडों की भर्ती प्रक्रिया भी चल रही है। एक चीते को चाहिए होता है 100 वर्ग किमी का क्षेत्र वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार एक चीते के लिए करीब 100 वर्ग किमी क्षेत्र की जरूरत होती है। कूनो के जंगल का क्षेत्र करीब 1200 वर्ग किमी है। इसमें 748 वर्ग किमी मुख्य जोन में और 487 किमी बफर जोन में है। कूनो में शावकों सहित 24 चीते हैं इस लिहाज से कूनो के जंगल का क्षेत्र चीतों के लिए कम ही होगा।

विद्युत से जुड़ी समस्याओं का संवेदनशीलता से समाधान करें-कलेक्टर

विद्युत से जुड़ी समस्याओं का संवेदनशीलता से समाधान करें-कलेक्टर कलेक्टर ने विद्युत विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर दिए निर्देश   अनूपपुर कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के नर्मदा सभागार में सोमवार को विद्युत विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर निर्देशित किया कि विद्युत व्यवस्था में सुधार लाएं तथा आमजनो की समस्याओं का तत्परता से निदान करें। इस दौरान उन्होंने इस वित्तीय वर्ष की लक्ष्यात्मक जानकारी ली। उन्होंने जिले में ट्रांसफार्मर के उपलब्धता की जानकारी लेते हुए खराब ट्रांसफार्मर के सुधार के संबंध में चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली आमजनों से जुड़ी महत्वपूर्ण आवश्यकता है, इसलिए संबंधित अधिकारी विद्युत से जुड़ी समस्याओं का संवेदनशीलता से समाधान करें। उन्होंने जिले में बेहतर विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा उपभोक्ताओं की शिकायतों का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए।      बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तन्मय वशिष्ठ शर्मा, म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी लिमिटेड के अधीक्षण यंत्री श्री गिरिजा गोस्वामी, कार्यपालन यंत्री श्री अरुणेन्द्र मौर्य तथा सहायक यंत्री व उपयंत्री उपस्थित थे।    बैठक में कलेक्टर ने 33 के.व्ही. विद्युत लाइन विस्तार कार्य एवं ग्राम करपा फीडर में प्रगतिरत कार्य की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। बैठक में कलेक्टर ने देवहरा सब स्टेशन के प्रगतिरत कार्य की स्थिति की जानकारी प्राप्त की, जिसमें अधिकारियों ने बताया कि सब स्टेशन का कार्य 75 प्रतिशत पूर्ण हो गया है, शेष 25 प्रतिशत कार्य वन विभाग की मंजूरी के कारण नहीं हो पा रहा है, जिस पर कलेक्टर ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने 11 के.व्ही. फीडर सेपरेशन की समीक्षा कर अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अकुंआ, औढ़ेरा, कुम्हनी एवं बिछिया फीडर में वन विभाग के कारण कार्य प्रारंभ ना होने पर वन विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए नियमानुसार अनुमति लेकर कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन एवं जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों को गंभीरतापूर्वक निराकरण करने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई में आवेदकों ने कलेक्टर को बताई अपनी समस्याएं

जनसुनवाई में आवेदकों ने कलेक्टर को बताई अपनी समस्याएं कलेक्टर ने जनसुनवाई में आए  आवेदनों का त्वरित निराकरण करने के अधिकारियों को दिये निर्देश   अनूपपुर  कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने कलेक्ट्रेट स्थित नर्मदा सभागार में मंगलवार को जनसुनवाई की। जनसुनवाई में आवेदकों ने अपने आवेदन कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किए। आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निराकरण करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान 67 आवेदकों ने अपनी समस्याएं बताई। जनसुनवाई में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तन्मय वशिष्ठ शर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्री दिलीप कुमार पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारीगणों ने भी आवेदकों की समस्याएं सुनी। जनसुनवाई में कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने जिले के विभिन्न अंचलों से आए आवेदकों से उनके आवेदन प्राप्त करते हुए उनकी समस्याओं को सुनकर संबंधित अधिकारियों को आवेदन के निराकरण के संबंध में दिशानिर्देश दिए। जनसुनवाई में तहसील पुष्पराजगढ़ के ग्राम अचलपुर की गीता बाई ने पति की मृत्यु होने पर अंत्येष्ठि सहायता राशि दिलाए जाने, तहसील जैतहरी के ग्राम चोलना निवासी सुदामा गुप्ता ने उनके पट्टे की भूमि को मोजर बेयर पॉवर प्लांट द्वारा अधिग्रहीत किए जाने पर मुआवजा राशि दिलाए जाने, वार्ड नं. 11 अनूपपुर के अंकित शर्मा ने जिला चिकित्सालय अनूपपुर द्वारा डायलिसिस की दवाईयां उपलब्ध नही करवाने, तहसील कोतमा के ग्राम पंचायत चुकान निवासी सुन्दरलाल महरा ने ग्राम पंचायत चुकान के निर्माण कार्य में की गई मजदूरी का भुगतान कराने, तहसील जैतहरी के ग्राम सोनमौहरी निवासी सुलतान सिंह ने पिता की शासकीय सेवा के दौरान मृत्यु होने पर अनुकम्पा नियुक्ति दिलाए जाने, जनपद पंचायत जैतहरी के ग्राम पंचायत भेलमा निवासी रामरतन सिंह गोंड़ ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाए जाने के संबंध में आवेदन दिए तथा लैम्पस समिति अनूपपुर में विधिवत् आमसभा के आयोजन के संबंध में पैक्स अनूपपुर के लक्ष्मण प्रसाद पटेल एवं कृषकगणों ने मांग की। जनसुनवाई में राजेन्द्रग्राम स्थित कॉपरेटिव सोसायटी में किसानों के खाते में राशि जमा नही करने की शिकायत पर कलेक्टर ने संबंधितों के विरुद्ध पुलिस में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसी तरह के अन्य मामले की जनसुनवाई करते हुए कलेक्टर ने ग्राम पंचायत बकेली के राशन दुकान से खाद्यान्न की चोरी के मामले में परिवहनकर्ता एवं विक्रेता पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। जनसुनवाई में जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के ग्राम पंचायत जरही की श्रीमती भिनसरिया महरा के आवेदन पर जिला पंचायत सीईओ ने मौके पर ही व्यक्तिगत शौचालय का लाभ प्रदान करने संबंधी निर्देश जिला पंचायत के स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक को दिए।

कप्तान रोहित शर्मा ने तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी खोली पोल, हम अनफिट शमी को ऑस्ट्रेलिया नहीं ले जाना चाहते

नई दिल्ली भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की पोल खोल दी। हाल ही में जब मोहम्मद शमी को लेकर एक रिपोर्ट सामने आई थी कि रिहैब के दौरान उनके घुटने में सूजन आ गई है तो वे मीडिया पर भड़क गए थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर मीडिया को लताड़ लगाई थी और उन सभी खबरों को निराधार बताया था, जिनमें शमी के चोटिल होने की बात कही गई थी। हालांकि, अब कप्तान रोहित शर्मा ने खुद बताया है कि शमी के घुटने में चोट लगी थी। ऐसे में साफ है कि भले ही शमी कुछ भी छिपाने की कोशिश में हों, लेकिन सच्चाई को ज्यादा दिन तक छिपाया नहीं जा सकता। रोहित शर्मा ने बेंगलुरु टेस्ट मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “ईमानदारी से कहूं तो ऑस्ट्रेलिया सीरीज के लिए उन्हें चुनना मुश्किल है। उन्हें एक और चोट लगी थी और उनके घुटनों में सूजन आ गई थी। इससे उनकी स्थिति थोड़ी खराब हो गई और उन्हें फिर से शुरुआत करनी पड़ी। वह डॉक्टरों और फिजियो के साथ एनसीए (नेशनल क्रिकेट एकेडमी, बेंगलुरु) में हैं। हम अनफिट शमी को ऑस्ट्रेलिया नहीं ले जाना चाहते। हम उम्मीद कर रहे हैं कि शमी को ऑस्ट्रेलिया ले जाया जाए।” कप्तान के इस बयान से साफ है कि मोहम्मद शमी के घुटने में सूजन आ गई थी, लेकिन शमी इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने कहा, “एक तेज गेंदबाज के लिए यह काफी मुश्किल है, क्योंकि वह काफी क्रिकेट मिस कर चुका है और फिर अचानक से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना, यह आदर्श नहीं है। हम उनको ठीक होने और 100 प्रतिशत फिट होने के लिए पर्याप्त समय देना चाहते हैं। फिजियो, ट्रेनर, डॉक्टरों ने उसके लिए एक रोडमैप तैयार किया है। इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने से पहले उन्हें कुछ (अभ्यास) मैच खेलने चाहिए।” शमी ने भारत के लिए 64 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 27.71 की शानदार औसत से 229 विकेट लिए हैं। भारत 22 नवंबर से ऑस्ट्रेलिया में पांच टेस्ट मैच खेलेगा। मोहम्मद शमी ने आखिरी प्रोफेशनल मैच नवंबर 2023 में खेला था। वह वनडे विश्व कप 2023 का फाइनल था। इस टूर्नामेंट में वे चोट के साथ खेले, लेकिन बाद में उनको अपने पैर की सर्जरी करानी पड़ी। वे अभी तक मैदान पर नहीं उतरे हैं। हालांकि, नेट्स में कुछ मौकों पर गेंदबाजी करते नजर आए, लेकिन वे पूरी तरह फिट नहीं हुए थे। वे फिट होने के लिए रिहैब की प्रक्रिया से गुजर रहे थे और कुछ दिनों में फुल फिटनेस हासिल करने वाले थे, लेकिन इसी दौरान उनके घुटने में सूजन आ गई। इस चोट से उबरने में उनको करीब दो महीने लग सकते हैं। यही कारण है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के सभी मैचों के लिए उनका उपलब्ध संभव नहीं है।

गुलाब की खेती से आत्मनिर्भरता की ओर क्षेत्र में फैल रहा गुलाब की खुशबू, व्यापारियों को मिल रहा ताजा फूल

गुलाब की खेती से आत्मनिर्भरता की ओर क्षेत्र में फैल रहा गुलाब की खुशबू, व्यापारियों को मिल रहा ताजा फूल युवाओं एवं ग्रामीणों को मिला रोजगार और आत्मनिर्भरता के बेहतर अवसर स्थानीय प्रशासन उद्यानिकी फसलों को दे रहा बढ़ावा सफलता की कहानी मनेन्द्रगढ़/एमसीबी  जिले के विकासखंड ग्राम कमलाडांड़ में फूलों की खेती ने एक नई क्रांति का सूत्रपात किया है। यहां के किसान एबी अब्राहम ने पारंपरिक खेती छोड़कर गुलाब की खेती में हाथ आजमाया और अब वह इस क्षेत्र में न केवल अपनी पहचान बना रहे हैं, बल्कि अन्य ग्रामीणों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन गए हैं। गुलाब की खेती से जहां उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, वहीं स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न हो रहे हैं। मनेन्द्रगढ़ विकासखंड के इस छोटे से गांव के किसान, जो पहले गेहूं, धान, और मक्का जैसी पारंपरिक फसलों की खेती करते थे, अब उद्यानिकी फसलों की ओर तेजी से रुझान दिखा रहे हैं। एबी अब्राहम इस बदलाव के मुख्य उदाहरण हैं, जिन्होंने एक एकड़ भूमि में डचरोज गुलाब की खेती शुरू की। फूलों की खेती न केवल उनकी उम्मीदों पर खरी उतरी, बल्कि इसके माध्यम से उन्हें उम्मीद से कहीं अधिक मुनाफा भी हुआ। अब उनके खेत में गुलाब की खुशबू फैली हुई है, जिसे वह आसपास के शहरों और कस्बों में बेच रहे हैं। एबी अब्राहम द्वारा उगाए गए गुलाब की मांग पूरे सरगुजा संभाग और मध्यप्रदेश के सीमावर्ती शहरों में बढ़ रही है। मनेन्द्रगढ़ और आस-पास के बाजारों में भी उनकी आपूर्ति की जा रही है। फूलों की खेती से उन्हें मिलने वाला मुनाफा पारंपरिक फसलों की तुलना में कई गुना अधिक है। खास बात यह है कि फूलों की खेती में अधिक लागत की आवश्यकता नहीं होती, जिससे किसान अपनी आर्थिक स्थिति को तेजी से सुदृढ़ कर पा रहे हैं। गुलाब की खेती न केवल एबी अब्राहम के लिए लाभकारी साबित हो रही है, बल्कि इसने ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए हैं। फूलों की देखभाल, तुड़ाई, पैकिंग, और परिवहन से जुड़े कार्यों में कई स्थानीय लोगों को काम मिला है। जिससे आने वाले समय में इस क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं और अधिक बढ़ सकती हैं। फूलों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह से सक्रिय है। उद्यानिकी विभाग द्वारा समय-समय पर किसानों को तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे फूलों की खेती में आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर अधिक से अधिक लाभ कमा सके। एबी अब्राहम की मेहनत और प्रशासन के सहयोग से फूलों की खेती ने कमलाडांड़ में एक नई दिशा और गति प्राप्त की है। फूलों की खेती ने न केवल एबी अब्राहम को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है, बल्कि उन्हें समाज में एक नई पहचान भी दी है। अब वह स्थानीय स्तर पर एक सफल किसान के रूप में पहचाने जाते हैं, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और सही दिशा में कदम बढ़ाकर अन्य किसानों को भी प्रेरित किया है। पारंपरिक फसलों से हटकर फूलों की खेती करना उनके लिए न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक रूप से भी एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हुआ है। एबी अब्राहम के खेतों में खिले गुलाबों की विभिन्न प्रजातियों से पूरा कमलाडांड़ क्षेत्र सुगंधित हो रहा है। गुलाब की खेती के कारण गांव का माहौल भी बदल रहा है। अब हर तरफ फूलों की खुशबू फैली हुई है, जिससे न केवल किसानों का जीवन बेहतर हो रहा है, बल्कि पर्यावरण में भी सकारात्मक बदलाव देखा जा रहा है। कमलाडाड़ के किसान एबी अब्राहम की फूलों की खेती की सफलता ने न केवल उनके जीवन को संवारा है, बल्कि इसने पूरे गांव में रोजगार और आत्मनिर्भरता का संदेश भी फैलाया है। स्थानीय प्रशासन के सहयोग से यह पहल आने वाले समय में और भी विस्तार ले सकती है, जिससे क्षेत्र के अन्य किसानों को भी इससे प्रेरणा मिलेगी और वे भी उद्यानिकी फसलों की ओर कदम बढ़ाएंगे।

3 महीने अलग-अलग दिन रद्द रहेगी छपरा- दुर्ग ट्रेन, छत्तीसगढ़-रायपुर में बढ़ेगी यात्रियों की समस्या

रायपुर. रेलवे अब मौसम वैज्ञानिक भी बन गया है. आने वाले दिनों में मौसम कैसा रहेगा, यह रेलवे को महीनों पहले से पता रहता है. यह हम नहीं कह रहे हैं, रेलवे द्वारा पूर्वानुमान लगाकर ट्रेनों को रद्द करना बता रहा है. रेलवे के अनुसार दिसंबर से फरवरी तक घना कोहरा रहेगा. छत्तीसगढ़ की सबसे महत्वपूर्ण ट्रेनों में एक सारनाथ एक्सप्रेस को 3 माह के लिए अलग-अलग दिनों में रद्द कर दिया गया है. 2 दिसंबर से 27 फरवरी तक अलग अलग दिनों में 15159/15160 छपरा- दुर्ग-छपरा नहीं चलेगी. हजारों यात्रियों ने महीनों पूर्व इस ट्रेन में कंफर्म टिकट ली थी लेकिन अब सभी टिकट रद्द हो गई है. इसकी वजह से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. सबसे ज्यादा पिंडदान करने प्रयागराज जाने वाले यात्री हलाकान होंगे. रेलवे ने 15159 छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस दिसंबर माह में 02, 04, 07, 09, 11, 14, 16, 18, 21, 23, 25, 28 एवं 30 दिसम्बर, जनवरी माह में 01, 04, 06, 08, 11, 13, 15, 18, 20, 22, 25, 27 एवं 29 जनवरी और फरवरी माह में 01, 03, 05, 08, 10, 12, 15, 17, 19, 22, 24 एवं 26 फरवरी को नहीं चलेगी. इसी तरह 15160 दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस को दिसम्बर माह में 03, 05, 08, 10, 12, 15, 17, 19, 22, 24, 26, 29 एवं 31 दिसंबर, जनवरी माह में 02, 05, 07, 09, 12, 14, 16, 19, 21, 23, 26, 28 एवं 30 जनवरी और फरवरी माह में 02, 04, 06, 09, 11, 13, 16, 18, 20, 23, 25 एवं 27 फरवरी, 2025 को यह गाड़ी नहीं चलेगी.

‘बिग बॉस 18’ के घर से बाहर हुए गुणरत्ना सदावर्ते

मुंबई, मशहूर टीवी शो ‘बिग बॉस’ का 18वां सीजन शुरू हो चुका है। इस सीजन में 18 सदस्यों ने पहले दिन से ही घर में हंगामा मचा रखा है। कोई खाने के बंटवारे को लेकर लड़ रहा है तो कोई बिस्तर को लेकर लड़ता नजर आ रहा है। ‘बिग बॉस’ के 18वें सीजन का पहला वीकेंड हाल ही में हुआ। इस पहले वीकेंड के वार में सलमान खान ने अनदेखे सदस्यों की आंखें खोल दीं। इसके अलावा रविवार को ‘लाफ्टर शेफ्स’ और ‘बिग बॉस’ का महासम्मेलन हुआ। इस बार ‘लाफ्टर शेफ्स’ की कास्ट ने सलमान खान समेत घर के सदस्यों के साथ गेम खेला। इस दौरान सलमान ने कुछ सदस्यों की तारीफ भी की। उनमें से एक गुणरत्न सदावर्ते भी शामिल हैं। पहले दिन किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करने वाले गुणरत्न सदावर्ते कभी लाखों का सूट पहनकर डांस करते दिखे तो कभी जोर-जोर से हंसते दिखे। उन्होंने अपनी अनोखी भविष्यवाणियों से कई लोगों का दिल जीत लिया। इतना ही नहीं बॉलीवुड एक्टर्स भी उनके स्टाइल के दीवाने हैं। वीकेंड की शुरुआत में सलमान खान ने सदावर्ते की तारीफ की, लेकिन यह बात सामने आई है कि इस समय चर्चा में चल रहे सदावर्ते ने अचानक ‘बिग बॉस 18’ का घर छोड़ दिया है। बताया जा रहा है कि गुणरत्न सदावर्ते को दूसरे हफ्ते ही बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। इसकी वजह कोई विवादित बयान नहीं बल्कि बॉम्बे हाई कोर्ट में लंबित मामला है। रिपोर्ट के मुताबिक, बॉम्बे हाई कोर्ट में एक मामला लंबित होने के कारण गुणरत्न सदावर्ते को ‘बिग बॉस’ के घर से बाहर कर दिया गया है लेकिन वे एक बार फिर ‘बिग बॉस’ के कॉम्पिटीशन में हिस्सा लेने जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, गुणरत्न सदावर्ते ने बॉम्बे हाई कोर्ट में मराठा आरक्षण को लेकर याचिका दायर की थी। उस मामले में सुनवाई लंबित है। इसीलिए कहा जा रहा है कि गुणरत्न को ‘बिग बॉस’ के घर से बाहर कर दिया गया है। हाल ही में बॉम्बे हाई कोर्ट के एक जज ने गुणरत्ना सदावर्ते के ‘बिग बॉस 18’ में होने पर नाराजगी जताई थी। साथ ही मामले की सुनवाई 19 नवंबर तक के लिए टाल दी गई है। वहीं पहले हफ्ते में 18 सदस्यों को एलिमिनेशन से राहत मिल गई है। क्योंकि ‘बिग बॉस’ में 19वें सदस्य के तौर पर हिस्सा लेने वाला बेघर हो गया है।  

क्रोध को वश में करने से जीवन सहज और सरल हो जाता है

आमतौर पर, हम क्रोध या घृणा की ज्यादा परवाह नहीं करते। इसलिए यह सहजता से आ जाते हैं।यदि हम इन भावनाओं के विषय में सजग हो जाएं, तो हमारा क्रोध व घृणा के प्रति इस अनिच्छापूर्ण रुख से ही जीवन सहज और सरल हो जाए। घृणा के विनाशकारी प्रभाव स्पष्ट और तुरंत दिखाई दे जाते हैं। उदाहरण के लिए, जब आपके अंदर घृणा का अत्यंत तीव्र भाव उत्पन्न होता है, तो उसी क्षण, वह आपके ऊपर पूरी तरह से हावी हो जाता है और आपकी मानसिक शांति को भंग कर देता है; आपकी बुद्धि काम करना बंद कर देती है। क्रोध और घृणा के तीव्र भाव आपके दिमाग के सबसे बेहतरीन हिस्से, यानी सही व गलत तथा आपके कार्यों के अल्पकालिक व दीर्घकालिक प्रभावों में अंतर करने की क्षमता को बिलकुल मिटा देते हैं। निर्णय लेने की योग्यता पूरी तरह निष्क्रिय हो जाती है। आप लगभग पागल जैसे हो जाते हैं। यह क्रोध और घृणा आपको दुविधा की स्थिति में डाल देते हैं, जिससे आपकी समस्याएं और परेशानियां और बढ़ जाती हैं। शारीरिक स्तर पर भी, घृणा से व्यक्ति में बहुत गंदा, अनाकर्षक शारीरिक बदलाव आ जाता है। क्रोध व घृणा के तीव्र भाव जाग्रत होने पर, व्यक्ति कितना भी अच्छा दिखने की कोशिश करे, उसका चेहरा भद्दा और विरूपित दिखाई देता है। घृणा की तुलना शत्रु से की जाती है। यह भीतरी दुश्मन नुकसान पहुंचाने के अलावा कुछ नहीं करता। यह हमारा पक्का दुश्मन, हमारा सबसे बड़ा शत्रु है। यह हमें तात्कालिक और दूरगामी दोनों तरह से नष्ट करता है। यह सामान्य शत्रु से बहुत अलग है। हालांकि कोई आम शत्रु, जिसे हम अपना शत्रु मानते हैं, हमें हानि पहुंचानेवाले काम करता है, उसके पास कम-से-कम कुछ और भी काम होते हैं; वह व्यक्ति खाता है, सोता है। इसलिए उसके पास अन्य कार्य होते हैं और वह चौबीसों घंटे हमें नुकसान पहुंचाने का काम नहीं कर सकता। परंतु घृणा के पास हमें नष्ट करने के अतिरिक्त कोई और काम, कोई अन्य उद्देश्य नहीं होता। इस बात को समझकर, हमें यह दृढ़ निश्चय करना चाहिए कि हम अपने इस शत्रु को, घृणा को अपने अंदर उत्पन्न होने का अवसर नहीं देंगे। कुछ लोग अतीत में उनके साथ किए गए गलत कार्य के कारण क्रोध एवं घृणा के भाव अपने अंदर पालते हैं और यह भाव उनके अंदर बंद रहते हैं। लेकिन हमें इन्हें अपने अंदर बंद रखने की जगह उन्हें बाहर निकलने देना चाहिए। हालांकि, आमतौर पर क्रोध और घृणा ऐसे भाव हैं, जिन्हें यदि आप यों ही अनियंत्रित रहने दें, तो वे बढ़ते जाते हैं। यदि आप इन भावों को जाग्रत होने पर इन्हें अभिव्यक्त करने की आदत डाल लें तो भी ये कम होने की बजाय बढ़ जाते हैं। आप जितना सावधान रहकर और सक्रिय रूप से इनकी तीव्रता को कम करने की कोशिश करेंगे, उतना ही बेहतर होगा। हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम क्रोध को अपने वश में करें, न कि क्रोध के वश में हों। क्रोध को वश में करते ही जीवन सहज और सरल हो जाता है।

39 साल के इरफान पठान ने हारी हुई बाजी को जीत में बदला

नई दिल्ली भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर्स इन दिनों लीजेंड्स लीग क्रिकेट में खेलते हुए नजर आ रहे हैं। इस टूर्नामेंट में कई पूर्व क्रिकेटर्स ने अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा है। सोमवार को लीजेंड्स क्रिकेट में कोणार्क सूर्या उड़ीसा और तोएम हैदराबाद के बीच हुए मैच के दौरान तेज गेंदबाज इरफान पठान ने कप्तानी पारी खेलने के बाद आखिरी ओवर में कमाल की गेंदबाजी करके टीम को जीत दिलाई। इरफान ने 6 गेंद में 12 रन डिफेंड करते हुए एक रन से मैच टीम की झोली में डाला। लीजेंड्स क्रिकेट में कोणार्क सूर्या उड़ीसा और तोएम हैदराबाद के बीच खेले गए मैच में इरफान पठान के नेतृत्व वाली कोणार्क सूर्या टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 156 रन बनाए। इरफान ने कप्तानी पारी खेलते हुए 35 गेंदों में 49 रनों की पारी खेली। इसके जवाब में तोएम हैदराबाद की टीम 6 विकेट खोकर 155 रन ही बना सकी। लीजेंड्स लीग क्रिकेट में दूसरे क्वालीफायर के दौरान कोणार्क सूर्या द्वारा मिले 157 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी तोएम हैदराबाद की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम ने 13 के स्कोर पर पहला विकेट गंवाया। जॉर्ज वर्कर 8 रन बनाकर आउट हुए। चैडविक वाल्टन 13 गेंद में 10 रन ही बना सके। पीटर ने 15 और शिवकांत ने 8 रन का योगदान दिया। रिकी क्लार्क 44 गेंद में 67 रन बनाकर पवेलियन लौटे। रिकी 18वें ओवर में आउट हुए, जिससे कोणार्क की टीम को वापसी का मौका मिला। तोएम हैदराबाद की टीम को आखिरी ओवर में जीत के लिए 12 रन चाहिए थे। कोणार्क सूर्या के कप्तान इरफान पठान ने खुद गेंदबाजी करने का फैसला किया और सफल भी रहे। उनके ओवर की पहली गेंद पर विपक्षी टीम के कप्तान गुरकीरत सिंह ने एक रन बनाया। दूसरी गेंद पर समीउल्लाह शिनवारी ने दो रन लिए। तीसरी गेंद पर शिनवारी ने छक्का जड़ दिया, जिससे टीम को जीत के लिए सिर्फ तीन रन चाहिए। लेकिन इरफान ने चौथी गेंद पर शिनवारी को आउट करके मैच में वापसी की। पांचवीं गेंद पर स्टुअर्ट बिन्नी एक रन ही बना सके। आखिरी गेंद पर कप्तान गुरकीरत सिंह रन नहीं बना सके और टीम एक रन से मैच हार गई।

सूरजपुर में हुई थी प्रधान आरक्षक की पत्नी और बेटी की हत्या, छत्तीसगढ़-मनेंद्रगढ़ के मां और बेटी के जनाजे को एसपी ने दिया कंधा

मनेंद्रगढ़। सूरजपुर जिले में प्रधान आरक्षक तालिब शेख की पत्नी और बेटी की सोमवार को बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. इस दोहरे हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है. वहीं मंगलवार को मां और बेटी का जनाजा गृह ग्राम मनेंद्रगढ़ से उठाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. इस दौरान पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन सिंह ने भी अंतिम यात्रा में शामिल होकर जनाजा को कंधा दिया. मनेंद्रगढ़ के मौहारपारा कब्रिस्तान में मां और बेटी के शव को सुपुर्द ए खाक किया गया. अंतिम यात्रा में सभी समुदायों के लोग उपस्थित रहे. वहीं बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा. बता दें कि रविवार को सूरजपुर के चौपाटी में एक पुलिसकर्मी से कुलदीप साहू ने बहस किया. यह कहकर कि ‘तुम्हारी पुलिस मेरे जीना हराम कर रखी है’. जिसपर आरक्षक ने कहा ‘मैं तो एक आरक्षक हूं, वरिष्ठ अधिकारी जो कर रहे होंगे, मुझे क्या पता’ तो उसने होटल में कढ़ाई में रखा खौलते हुआ तेल फेंक दिया. उसने होटल से खौलते हुए कड़ाई भरी तेल फेंक दिया. इसमें आरक्षक पूरी तरह से जल गया. इसके बाद उसे इलाज के लिए अंबिकापुर रेफर किया गया. मामले की जानकारी के बाद कुलदीप के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की गई. इस दौरान अंधेरे में वह एक कर में बैठा हुआ था इस दौरान उसने पैदल खोजबीन कर रहे पुलिस वालों पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया. इसी बीच शहर से बाहर महगंवा स्थित प्रधान आरक्षक तालिब शेख के किराए के मकान का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसा तभी तालिब शेख की पत्नी ने अपने पति को कॉल किया. लेकिन बात नहीं हो पाई. उसके बाद तालिब शेख ने भी अपनी पत्नी से कांटेक्ट करने की कोशिश की लेकिन बात नहीं हो पाई. जिसके बाद प्रधान आरक्षक को अंदेशा हुआ और घर पहुंचा. जहां प्रधान आरक्षक शेख ने देखा कि घर में खून फैला हुआ था, बीवी और बच्ची घर पर नहीं थे. वहीं घर के बाहर चाकू मिला और काफी सरगर्मी से तलाश शुरू की गई तो पत्नी और बेटी की लाश शहर से करीब 5 किलोमीटर दूर मिली. फ़िलहाल, आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. पुलिस सरगर्मी से उसकी तलाश कर रही है.

टेकऑफ करते ही टूटी खिड़की, जगदलपुर-रायपुर फ्लाइट की कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग

जगदलपुर जगदलपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है. मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर दोपहर इंडिगो फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. यह फ्लाइट दोपहर 1 बजे जगदलपुर से रायपुर के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन उड़ान के महज 12 मिनट बाद ही खिड़की टूटने के चलते आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी. मिली जानकारी के अनुसार, फ्लाइट के एक हिस्से की खिड़की टूटने से यह आपात स्थिति उत्पन्न हुई. पायलट ने तत्काल सतर्कता दिखाते हुए फ्लाइट को सुरक्षित रूप से वापस एयरपोर्ट पर उतार लिया. यह लैंडिंग 1 बजकर 12 मिनट पर कराई गई. राहत की बात यह है कि फ्लाइट में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. एयरलाइंस की टीम द्वारा तकनीकी खराबी की जांच की जा रही है. बताया जा रहा है कि फ्लाइट में 70 यात्री सवार थे. इमरजेंसी लैंडिंग के बाद जब इंडिगो ने 70 यात्रियों में से कुछ को फ्लाइट टिकट के पैसे वापस किए, तो कुछ यात्रियों ने अगले दिन की फ्लाइट के लिए टिकट बुक करा लिया.

रोहित ने कहा कि बेंगलुरु में खराब मौसम के कारण टीम प्रबंधन ने अभी तक प्लेइंग इलेवन का चयन नहीं किया

नई दिल्ली भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के लिए प्लेइंग इलेवन को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। मंगलवार को मैच से पहले हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए कप्तान रोहित ने कहा कि बेंगलुरु में खराब मौसम के कारण टीम प्रबंधन ने अभी तक प्लेइंग इलेवन का चयन नहीं किया है। बता दें कि बेंगलुरु में काफी बारिश हो रही है, जिसके कारण मैच शुरू होने में देरी हो सकती है। कप्तान रोहित शर्मा ने हिंट दिया है कि भारतीय टीम बुधवार से शुरू हो पहले टेस्ट में दो स्पिनर के साथ उतर सकती है। हालांकि परिस्थितियों को देखकर तीन स्पिनर भी खेल सकते हैं। बेंगलुरू में टेस्ट मैच के सभी पांचों दिन बारिश की संभावना है और भारत 3 तेज गेंदबाजों और 2 स्पिनरों के साथ गेंदबाजी करने का विकल्प चुन सकता है। रोहित शर्मा ने मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “यह सब परिस्थितियों पर निर्भर करता है। आज बारिश हो रही है। पिच को कवर किया गया है। हम कल सुबह 3 या 2 तेज गेंदबाजों और अपनी सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग इलेवन पर फैसला लेंगे। हमने अपने विकल्प खुले रखे हैं।” एम चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच स्पिनरों की मददगार रहती है और ऐसे में भारतीय स्पिनर कहर बरपा सकते हैं। इनके अलावा जसप्रीत बुमराह भी फॉर्म में हैं जिन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ दो टेस्ट में 11 विकेट लिए। भारत की टीम: रोहित शर्मा (कप्तान), जसप्रीत बुमराह (उप-कप्तान), यशस्वी जयसवाल, शुबमन गिल, विराट कोहली, केएल राहुल, सरफराज खान, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जड़ेजा , अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, आकाश दीप 3 टेस्ट मैचों के लिए न्यूजीलैंड की टीम: डेवोन कॉनवे, केन विलियमसन, मार्क चैपमैन, विल यंग, ​​डेरिल मिशेल, टॉम लैथम, ग्लेन फिलिप्स, माइकल ब्रेसवेल, मिशेल सेंटनर, रचिन रवींद्र, टॉम ब्लंडेल, एजाज पटेल, बेन सियर्स, मैट हेनरी, टिम साउथी, विलियम ओ’रुरके

भारत और न्यूजीलैंड के बीच टेस्ट सीरीज कल से, न्यूजीलैंड को बड़ा झटका, बेन सीयर्स पूरी सीरीज से बाहर

नई दिल्ली भारत और न्यूजीलैंड के बीच बुधवार 16 अक्टूबर से तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला खेला जाना है। हालांकि, इस मैच से ठीक पहले न्यूजीलैंड की टीम को एक बड़ा झटका लगा है। दाहिने हाथ के तेज गेंदबाज बेन सीयर्स घुटने की चोट के कारण भारत के खिलाफ खेली जाने वाली तीन टेस्ट मैचों की सीरीज से बाहर हो गए हैं। न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने उनके रिप्लेसमेंट का ऐलान कर दिया है। जैकब डफी अब भारत दौरे के लिए टीम में शामिल किए गए हैं। टीम के मुख्य कोच गैरी स्टीड ने बताया है कि बेन सीयर्स का चोटिल होना निराशाजनक है, क्योंकि उन्होंने घरेलू टेस्ट सीरीज में दमदार प्रदर्शन किया था। न्यूजीलैंड के श्रीलंका दौरे के दौरान बेन सीयर्स के घुटने में दर्द हुआ था, जिसके बाद उनके भारत आने में विलंब हुआ। स्कैन से पता चला कि उनके घुटने में चोट है और वे कुछ समय के लिए क्रिकेट से दूर रहे हैं। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने अपने आधिकारिक बयान में बेन सीयर्स को लेकर जानकारी दी और कहा, ‘‘चिकित्सकों की सलाह के बाद यह फैसला लिया गया कि वह इस टेस्ट सीरीज में नहीं खेलेंगे। उनके सर्वश्रेष्ठ उपचार और रिहैबिलिटेशन के बारे में जल्दी ही फैसला लिया जाएगा।’’ जैकब डफी को उनके रिप्लेसमेंट के तौर पर बुलाया गया है और वह बुधवार को भारत के लिए रवाना होंगे। ऐसे में वह पहले टेस्ट में सिलेक्शन के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। न्यूजीलैंड टीम के हेड कोच गैरी स्टीड ने कहा, “हम बेन (सीयर्स) के बाहर होने पर निराश हैं। उन्होंने अपने टेस्ट करियर की बेहतरीन शुरुआत की थी। वह हमारे लिए एक बेहतरीन तेज गेंदबाजी विकल्प हैं। हालांकि, यह तय नहीं है कि वह कब तक बाहर रहेंगे, लेकिन हम उनके जल्द से जल्द स्वस्थ्य होने की उम्मीद करते हैं। साथ ही साथ यह जैकब (डफी) के लिए भी एक बड़ा मौका है।” जैकब डफी ने अब तक न्यूजीलैंड के लिए छह एकदिवसीय और 14 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं, लेकिन टेस्ट डेब्यू अभी बाकी है। हालांकि, उनको 102 प्रथम श्रेणी मैचों का अनुभव है और वे 299 विकेट रेड बॉल से चटका चुके हैं।

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