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शारदीय नवरात्रि 2024: पांचवे दिन मां स्कंदमाता पूजा विधि

नवरात्रि के पांचवे दिन मां दुर्गा के पांचवे स्वरुप स्कंदमाता की पूजा अर्चना की जाती है। स्कंदमाता माता की पूजा करने से नकारात्मक शक्तियों का माश होता है। स्कंदमाता अपने भक्तों के सभी काम बना देती हैं। असंभव से असंभव कार्य उनकी पूजा से पूरे हो जाते हैं। साथ ही स्कंदमाता की पूजा अर्चना करने से व्यक्ति को संतान सुख की प्राप्ति भी होती है। साथ ही व्यक्ति को सभी दुख दर्द से छुटकारा मिलता है। आइए जानते हैं स्कंदमाता की पूजा विधि, भोग, मंत्र और स्तोत्र आदि… स्कंदमाता का स्वरुप भगवान शिव की अर्धांगिनी के रुप में मां ने स्वामी कार्तिकेय को जन्म दिया था। भगवान कार्तिकेय का दूसरा नाम स्कंद है इसलिए मां दुर्गा के इस रुप को स्कंदमाता कहलाया। मां स्कांदमाता की चार भुजाएं हैं। मां भगवान कार्तिकेय को अपनी गोद में लेकर शेर पर सवार रहती है। मां के दोनों हाथों में कमल है। साथ ही स्कंदमाता की पूजा में धनुष बाण अर्पित करने चाहिए। स्कंदमाता का भोग स्कंदमाता को पीले रंग की वस्तुएं सबसे अधिक प्रिय है। माता को केले का भोग लगाना चाहिए। उन्हें पीले रंग के फूल और फल अर्पित करने चाहिए। स्कंदमाता को आप चाहे तो केसर की खीर का भोग लगा सकते हैं। साथ ही मां को हरी इलायची भी अर्पित करके लौंग का जोड़ा चढ़ाएं। स्कंदमाता को कौनसा रंग प्रिय है स्कंदमाता की पूजा में पीले रंग के वस्त्र पहनने चाहिए। आप चाहे तो सुनहरे रंग के वस्त्र भी पहन सकते हैं। साथ ही स्कंदमाता को भी इसे रंग के वस्त्र अर्पित करें। मां स्‍कंदमाता का ध्यान मंत्र सिंहासना गता नित्यं पद्माश्रि तकरद्वया। शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी।। या देवी सर्वभू‍तेषु मां स्कंदमाता रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। स्कंदमाता की पूजा विधि     रोजाना की तरह सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान कर लें और पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध कर लें।     इसके बाद लकड़ी की चौकी पर पीले रंग का कपड़ा बिछा लें और स्कंदमाता की मूर्ति या फिर तस्वीर को स्थापित करें।     फिर स्कंदमाता को पीले फूल से श्रृंगार का सामान अर्पित करें। साथ ही पीले रंग के वस्त्र भी पहनाएं।     इसके बाद स्कंदमाता का ध्यान करते हुए उनके मंत्र का 108 बार जप करें और उन्हें पान का पत्ता, इल्याची, लौंग आदि चीजें अर्पित करें। फिर दुर्गासप्तशती का पाठ करें।     इन सबसे बाद स्कंदमाता की आरती करके सभी को प्रसाद वितरीत कर दें। अंत में मां के सामने शिश झुकार आपकी जो भी मनोकामना हो उसे बोंलें। मां स्‍कंदमाता की आरती जय हो स्कंद माता। पांचवा नाम तुम्हारा आता।। सब के मन की जानन हारी। जग जननी सब की महतारी।। जय हो स्कंद माता। पांचवा नाम तुम्हारा आता।। तेरी ज्योत जलाता रहूं मैं। हरदम तुम्हें ध्याता रहूं मैं।। कई नामों से तुझे पुकारा। मुझे एक है तेरा सहारा।। जय हो स्कंद माता। पांचवा नाम तुम्हारा आता।। कही पहाड़ो पर हैं डेरा। कई शहरों में तेरा बसेरा।। हर मंदिर में तेरे नजारे। गुण गाये तेरे भगत प्यारे।। भगति अपनी मुझे दिला दो। शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो।। इंद्र आदी देवता मिल सारे। करे पुकार तुम्हारे द्वारे।। दुष्ट दत्य जब चढ़ कर आएं। तुम ही खंडा हाथ उठाएं।। दासो को सदा बचाने आई। ‘चमन’ की आस पुजाने आई।। जय हो स्कंद माता। पांचवा नाम तुम्हारा आता।। अंत में क्षमा प्रार्थना जरूर पढ़े अपराधसहस्त्राणि क्रियन्तेऽहर्निशं मया। दासोऽयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वरि॥1॥

पीआरएसयू में प्रोफेसर के 60 पदों पर निकली भर्ती, इस तारीख कर सकते हैं अप्‍लाई

रायपुर पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (पीआरएसयू) में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के 60 पदों पर भर्ती होना है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। अभ्यर्थी पांच नवंबर तक आवेदन कर सकते हैं। पिछले वर्ष सितंबर में पीआरएसयू अध्ययनशाला में शैक्षणिक पदों के लिए भर्ती निकाली गई थी। तब प्रोफेसर, एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसर के 49 पद थे। नई निकली भर्ती में नए पद जोड़कर संशोधित विज्ञापन जारी किया गया है। पिछली बार भूगोल में भी एक पद के लिए भर्ती निकली थी, जिसे इस बार हटा दिया गया है। दूसरे विषयों में 12 नए पद जोड़े गए हैं। इस तरह कुल 60 पदों पर भर्ती होना है। इसमें 10 प्रोफेसर 25 एसोसिएट प्रोफेसर और 25 असिस्टेंट प्रोफेसर के पद है। पिछली बार 24 विषयों में भर्ती निकली थी, इस बार 26 विषयों पर भर्ती हो रही है। इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी इस बात का ध्यान रखें कि उनका आवेदन निर्धारित समय पर विश्वविद्यालय पहुंच जाए, अन्यथा आपका फार्म रिजेक्ट हो सकता है। पिछली बार 56 फार्म विश्वविद्यालय को देर से मिले थे। जिसे बाद में निरस्त किया गया था। पिछली बार जिन्होंने आवेदन किया है, उनका शैक्षणिक रिकार्ड अपग्रेड हुआ है, तो वे नया आवेदन कर सकते हैं। यदि पहले के आवेदन में कोई अपग्रेड नहीं है तो दोबारा फार्म भरने की जरूरत नहीं है। भर्ती से संबंधित अधिक जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट में अपलोड कर दी गई है। अभ्यर्थी वेबसाइट में जाकर देख सकते हैं। पिछले वर्ष चार सौ मिले थे आवेदन पिछले वर्ष भर्ती के लिए आवेदन मंगवाए गए थे, तब विश्वविद्यालय को लगभग चार सौ आवेदन मिले थे। जिसमें 60 आवेदन निरस्त हो गए है। पिछले दिनों विश्वविद्यालय ने निरस्त आवेदनों की सूची जारी किया था। उसमें फार्म निरस्त करने के कारण भी बताए गए थे। जिसमें अंतिम तिथि के बाद आवेदन मिलना, डीडी की जगह स्वयं के नाम से चेक जमा करने जैसे कारण थे। जिन अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त हुए थे, उन्हें आवेदन भरने का मौका मिल रहा है। ऐसे अभ्यर्थी नए सिरे से आवेदन कर सकते हैं। इन विषयों के लिए होनी है भर्ती समाज शास्त्र, इतिहास, प्रचीन भारतीय इतिहास एवं संस्कृति और पुरातत्व, कम्प्यूटर साइंस, साहित्य और भाषा, अर्थशास्त्र, फिजिक्स एंड एस्ट्रोफिजिक्स, फिलासिफी एंड योगा, इलेक्ट्रानिक्स एंड फोटोनिक्स, आप्टोइलेक्ट्रानिक्स एंड लेजर टेक्लोलाजी, बायो-साइंस, एमबीए, बायो टेक्नालाजी, मैथ्स, फार्मेसी, एंथ्रोपोलाजी, ला, रीजनल स्टडीज, जिओलाजी, सेंटर फार बेसिक साइंस, हिन्दी, लाइब्रेरी इंफारमेशन, स्टेटिस्टिक्स, केमिस्ट्री, साइकोलाजी और एंवायरमेंटल साइंस शामिल है।

सराफा व्यापारी एसोसिएशन की बैठक में दीपावली की तारीख पर हुआ निर्णय

इंदौर दीपपर्व की जगमग और खास सजावट के लिए मशहूर सराफा बाजार में दीपावली 31 अक्टूबर को मनेगी। इंदौर चांदी-सोना-जवाहरात व्यापारी एसोसिएशन ने रोशनी के त्योहार की तिथियों को लेकर जारी असमंजस के बीच यह घोषणा की है। दो दिन पहले सियागंज के व्यापारियों ने एक नवंबर को दीपावली मनाने की घोषणा की थी। हालांकि सराफा बाजार में तय हुआ कि महाकाल मंदिर का मत और जनता की सुविधा के लिहाज से वे 31 अक्टूबर को ही दीपावली मनाएंगे। सराफा व्यापारी एसोसिएशन की बैठक में शनिवार को सर्वसम्मति से उपरोक्त निर्णय लिया गया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इस पर व्यापारियों का मत लिया था। परंपरा को बताया वजह व्यापारियों ने कहा कि महाकाल मंदिर में 31 को ही दीपावली मनाई जा रही है। ऐसे में उज्जैन के पंचांग और महाकाल से ऊपर किसी का मत नहीं हो सकता। दूसरा कारण व्यापारियों ने लोगों की सुविधा और सामान्य परंपरा को भी वजह बताया। रात में होता है दीपावली पूजन सराफा व्यापारी एसोसिएशन के मंत्री अविनाश शास्त्री के अनुसार दीपावली पूजन भी रात्रि में होता है। 31 अक्टूबर को रात में अमावस्या तिथि रहेगी। अगले दिन एक नवंबर को सिर्फ शाम छह बजे के पहले तक अमावस्या है। ऐसे में भी तार्किक रूप से दीपावली 31 अक्टूबर को ही मनाना उचित लग रहा है। सियागंज में चार नवंबर को मुहूर्त के सौदे सराफा से दो दिन पहले सियागंज व्यापारी एसोसिएशन ने एक नवंबर को दीपावली मनाने का निर्णय ले लिया था। व्यापारी एसोसिएशन ने इंदौर के पंडितों की राय के आधार पर यह तय किया था। एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल ने कहा कि बाजार में वैसे भी मुहूर्त के सौदे दीपावली के बाद किए जाते हैं। उसके लिए चार नवंबर की तारीख तय की गई है।

सफाई कर्मचारी के 23820 पदों पर भर्ती के रजिस्ट्रेशन आज से होंगे शुरू, जाने एप्लीकेशन प्रॉसेस

नई दिल्ली स्थानीय स्वशासन विभाग, राजस्थान सरकार की ओर से सफाई कर्मचारी के 23820 पदों पर भर्ती निकाली गई है। अधिसूचना के मुताबिक इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 7 अक्टूबर 2024 से शुरू कर दी जाएगी जिसके बाद इच्छुक अभ्यर्थी इस भर्ती में शामिल होने के लिए कल से ऑनलाइन माध्यम से फॉर्म भर सकेंगे। एप्लीकेशन फॉर्म केवल ऑनलाइन माध्यम से भरा जा सकेगा, अन्य किसी भी प्रकार से फॉर्म स्वीकार नहीं किये जाएंगे। आवेदन पत्र भरने की लास्ट डेट 6 नवंबर 2024 तय की गई है। पात्रता एवं मापदंड इस भर्ती में भाग लेने के लिए किसी भी प्रकार की शैक्षिक योग्यता की आवश्यकता नहीं है। हालांकि अभ्यर्थी के पास निर्धारित जगहों पर सफाई का एक वर्ष का कार्य करने का अनुभव प्रमाण पत्र होना चाहिए। इसके साथ ही अभ्यर्थी का राजस्थान राज्य का मूल निवासी होना भी आवश्यक है। आयु सीमा इस भर्ती में भाग लेने के लिए 1 जनवरी 2025 को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष से कम और अधिकतम आयु 40 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। आरक्षित श्रेणी से आने वाले अभ्यर्थियों को ऊपरी उम्र में छूट दी जाएगी। एप्लीकेशन प्रॉसेस इस भर्ती में शामिल होने के लिए अभ्यथी एप्लीकेशन फॉर्म ई-मित्र कियोस्क/ जन सुविधा केंद्र से भरा जा सकता है। इसके अलावा अभ्यर्थी खुद भी SSO पोर्टल पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर सकेंगे। एप्लीकेशन फॉर्म भरने के साथ ही निर्धारित शुल्क अवश्य जमा करें तभी आपका फॉर्म स्वीकार किया जाएगा। सामान्य (अनारक्षित) वर्ग के उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क के रूप में 600 रुपये जमा करना होगा वहीं आरक्षित श्रेणी से आने वाले अभ्यर्थी एवं दिव्यांगजन उम्मीदवारों को एप्लीकेशन फीस के रूप में 400 रुपये का भुगतान करना होगा।

मिनी गोल्फ खिलाड़ी शिवानी सोनी का थाइलैंड में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में हुआ चयन

अंबिकापुर शहर की मिनी गोल्फ खिलाड़ी शिवानी सोनी का चयन थाइलैंड में आयोजित एशियन चैंपियनशिप के लिए हुआ है. प्रतियोगिता 8 से 15 अक्टूबर तक आयोजित की जाएगी. छत्तीसगढ़ से एकमात्र महिला प्रतिभागी के शामिल होने से परिवार-दोस्तों और साथी खिलाड़ियों के साथ शहर के खेल प्रेमियों में खुशी देखने को मिल रही है. शिवानी ने बताया कि शहर के गांधी स्टेडियम में स्थित बास्केटबॉल मैदान में प्रेक्टिस करती हैं. यहां स्थानाभाव की कमी झलकती जरूर है, लेकिन कोई दूसरा ऑप्शन उनके पास नहीं है, जहां वे प्रैक्टिस कर सकें. ऐसे में स्वयं अपना मैदान तैयार करके निरंतर अभ्यास की बदौलत ऑल इंडिया स्तर पर बेस्ट प्लेयर का अवार्ड हासिल किया. शिवानी इसके पहले चाइना मिनी गोल्फ में वर्ल्ड चैंपियनशिप में प्रतिभागी रही हैं, जहां वीमेंस टीम में 9वां रैंक मिला था. वहीं स्वीडन में हुए मिनी गोल्फ चैंपियनशिप में 7वां रैंक उन्होंने हासिल किया था. दो वर्ष राजस्थान में ऑल ओवर इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में प्रतिभागी रहते हुए सिंगल स्ट्रोक इवेंट में शिवानी ने गोल्ड मेडल हासिल किया था. शिवानी को ऑल इंडिया बेस्ट प्लेयर अवार्ड, एकलव्य बेस्ट इंटरनेशनल प्लेयर अवार्ड भी मिल चुका है.

नवरात्रि के दौरान जहां लोग देवी मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करते, लेकिन देश में कुछ ऐसे भी मंदिर हैं जहां महिषासुर की होती है पूजा

नई दिल्ली नवरात्रि के दौरान जहां अधिकांश लोग देवी मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करते हैं। लेकिन देश में कुछ ऐसे भी मंदिर हैं जहां लोग नवरात्रि में महिषासुर की पूजा करते हैं। आइए जानते हैं क्या है पूरी कहानी और क्या है इसके पीछे की वजह। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के मनौरा विकासखंड में एक अलग ही परंपरा देखने को मिलती है। यहां के लोग खुद को राक्षसराज महिषासुर का वंशज बताते हैं। समुदाय के लोग महिषासुर की पूजा करते हैं और इसे अपने पूर्वज के प्रति श्रद्धांजलि मानते हैं। इतना ही नहीं, वह इस परंपरा को बड़े गर्व के साथ निभाते हैं। समुदाय के लोगों का मानना है कि महिषासुर का वध केवल एक छल था, जिसमें देवी दुर्गा ने अन्य देवताओं के साथ मिलकर उनके पूर्वज की हत्या की। इस समुदाय के लोगों की जनजाति जशपुर के जरहापाठ, बुर्जुपाठ, हाडिकोन और दौनापठा जैसे स्थानों पर निवास करती है। इसके अलावा, बस्तर के कुछ हिस्सों में भी इस समुदाय के लोग महिषासुर को अपना पूर्वज मानते हैं। यह लोग नवरात्रि में दुर्गा पूजा में शामिल नहीं होते हैं। उनके अनुसार, देवी के प्रकोप से उनकी मृत्यु का डर रहता है। वह न केवल देवी की पूजा से दूरी बनाए रखते हैं, बल्कि अपने खेत, खलिहान में महिषासुर को अपना आराध्य देव मानकर उसकी पूजा करते हैं। उनके लिए महिषासुर राजा है, और उसकी मृत्यु पर खुशी मनाना उनके लिए असंभव है। यह समुदाय दीपावली के दिन भैंसासुर की भी पूजा करता है। स्थानीय ग्रामीण बताते हैं कि इस जनजाति के लोग नवरात्रि के दौरान किसी भी प्रकार के रीति-रिवाज या परंपरा का पालन नहीं करते हैं। वे अपने पूर्वजों की स्मृति में गहरे शोक में डूबे रहते हैं, जो उनके लिए एक महत्वपूर्ण भावना है। इन लोगों को अपने पूर्वज महिषासुर को लेकर काफी गर्व है और वह उसे अपनी सांस्कृतिक पहचान के रूप में मानता है। इस समुदाय के लोगों ने मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ महिषासुर की प्रतिमा न लगाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा था। यह कदम उन्होंने इसलिए उठाया था ताकि वह अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रख सकें। इनका मानना है कि महिषासुर की पूजा उनके लिए सम्मान का प्रतीक है। जब नवरात्र के दौरान देवी दुर्गा की पूजा की जाती है, तो इस समय महिषासुर के वध की कथा का संदर्भ दिया जाता है, जो इस समुदाय के लिए अपमान का कारण बनता है। इसलिए, उन्होंने यह मांग की थी कि महिषासुर की प्रतिमा को पूजा में शामिल किया जाए ताकि उनकी धार्मिक आस्था का सम्मान हो सके।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में पिछले 4 वर्षों में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर निरंतर अपनी उपस्थिति दर्ज कराता आया है

भोपाल प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में पिछले 4 वर्षों में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर निरंतर अपनी उपस्थिति दर्ज कराता आया है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में बेहतर प्रदर्शन के लिये मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर 11 पुरस्कार तथा प्रदेश स्तर पर 44 पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। योजना में अब तक शहरी क्षेत्र के 12 लाख 30 हजार हितग्राहियों को 1769 करोड़ 16 लाख रूपये का ऋण स्व-रोजगार के लिये उपलब्ध कराया गया है। योजना में मध्यप्रदेश में 4 लाख 89 हजार पथ विक्रेता सफलतापूर्वक डिजिटल लेन-देन कर रहे हैं, जिसमें उन्हें 21 करोड़ रूपये का कैशबैक भी प्राप्त हुआ है। प्रधानमंत्री स्व-निधि योजना में शहरी क्षेत्रों में रेहड़ी पटरी वाले, हाथ ठेला वालों के रोजगार को मजबूती देने के उद्देश्य से शुरू की गई, जिसमें छोटे स्तर पर अपना काम-धंधा करने वाले हितग्राहियों को 10, 20 और 50 हजार रूपये की कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराकर उन्हें आत्म-निर्भर बनाना है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग की इस योजना में कोरोना काल के दौरान पूर्व में असंगठित क्षेत्र के पंजीकृत पथ विक्रेताओं को राज्य सरकार की ओर से एक-एक हजार रूपये की अनुदान राशि भी उपलब्ध कराई गई थी। हितग्राहियों को अन्य योजनाओं का भी मिला लाभ प्रदेश में स्व-निधि से समृद्धि योजना अंतर्गत प्रदेश के 16 लाख 17 हजार से अधिक पंजीकृत पथ विक्रेताओं और परिवार के सदस्यों को सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ भी दिलाया गया है। इनमें प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा, प्रधानमंत्री जनधन योजना, भवन और अन्य निर्माण श्रमिक, प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना, एक राष्ट्र-एक राशन कार्ड योजना, जननी सुरक्षा और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ प्रदाय किया गया है।  

MP सरकार कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बसे 18 गांव को खाली कराया जा रहा है, अब चीतों को घूमने के लिए मिलेगा बड़ा जंगल

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने चीतों के रहवास पालपुर कूनो राष्ट्रीय उद्यान से 11 गांव खाली कराए हैं। इन गांवों की भूमि राष्ट्रीय उद्यान में शामिल की गई है। दरअसल, कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बसे 18 गांव को खाली कराया जा रहा है। इन गांवों की भूमि के बदले 3 हजार 720.9 हेक्टेयर भूमि दूसरी जगह दी गई है। उद्यान के अंदर 18 गांवों का कुल रकबा 4 हजार 407 हेक्टेयर है, इनमें अब तक कुल 11 गांव खाली कराए जा चुके हैं। चीता कॉरिडोर बनाने की योजना इन गांव की भूमि को वन विभाग ने राष्ट्रीय उद्यान का वनखंड घोषित कर दिया है। इस फैसले से वहां चीतों का संरक्षण किया जा सकेगा। उन्हें खुले में घूमने के लिए निर्बाध वन क्षेत्र मिलेगा। इसके पहले चीतों के घर का दायरा भी बढ़ाया जा चुका है। इसको इस तरह से विकसित कर रहे हैं कि चीता मप्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की सीमा तक घूम सकें। इसके लिए इन तीन राज्यों के बीच चीता कॉरिडोर बनाने की योजना भी है। गांव को खाली कराकर घोषित किया वनखंड बता दें कि कूनो के अंदर बने बरेड, लादर, पांडरी, खजूरी में खजूरी, खजूरी कलां और खजूरी खुर्द है। इसी तरह पैरा में चार गांव पैरा, पालपुर, जाखोद एवं मेघपुरा और बसंतपुरा गांव है। इन सभी गांवों को खाली कराकर अब वनखंड घोषित किया है, जिससे ये राष्ट्रीय उद्यान के संरक्षित वन बन गए हैं। इन गांवों का कुल रकबा 1 हजार 854.932 हेक्टेयर है। शेष गांव की भूमि भी शीघ्र वनखंड घोषित की जाएगी। चीतों के रहवास का बढ़ाया दायरा मध्य प्रदेश में चीतों को खुले जंगल में छोड़ने से पहले उनका रहवास पालपुर कूनो नेशनल पार्क का क्षेत्रफल बढ़ाया गया है। कूनो का कुल 54 हजार 249.316 हेक्टेयर वन क्षेत्र बढ़ाया गया है। जिसके बाद अब कूनो का कुल वन क्षेत्र एक लाख 77 हजार 761.816 हेक्टेयर हो गया है।

मध्य प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव: कांग्रेस ने उपचुनाव की तैयारी के लिए एक कमेटी का गठन किया, हलचल शुरू

भोपाल मध्य प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव के लिए हलचल शुरू हो गई है. कांग्रेस ने उपचुनाव की तैयारी के लिए एक कमेटी का गठन किया है. बुधनी और विजयपुर उपचुनाव के लिए ये कमेटी गठित की गई है. विजयपुर विधानसभा की जिम्मेदारी राज्यसभा सांसद अशोक सिंह, विधायक जयवर्धन सिंह, पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह यादव और नीतू शिखरवार को सौंपी गई है. तो वहीं बुधनी विधानसभा की ज़िम्मेदारी पूर्व सांसद अरुण यादव, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल को मिली है. AICC की तरफ से इसको लेकर लेटर जारी किया गया है. कांग्रेस के लिए मजबूत सीट रही है विजयपुर बता दें कि विजयपुर सीट से छह बार के कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत ने लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी जॉइन कर ली थी. लेकिन करीब डेढ़ महीने तक उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया. 8 जुलाई को रावत ने कैबिनेट मंत्री की शपथ ली और विधायकी से इस्तीफा दे दिया. ऐसे में रामनिवास रावत का बीजेपी से लड़ना तय माना जा रहा है. हालांकि ये सीट कांग्रेस के प्रभाव वाली रही है. इसलिए कांग्रेस इस सीट पर जीत को बरकरार रखने के लिए पूरा जोर लगा रही है. शिवराज सिंह के इस्तीफे के बाद खाली हुई बुधनी सीट सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे के बाद खाली हुई है. इसलिए कांग्रेस के लिए इस सीट पर एक मजबूत टिकाऊ चेहरा खोजना बड़ी चुनौती है. फिलहाल कांग्रेस के पास शिवराज सिंह चौहान के प्रभाव वाली इस सीट पर कोई मजबूत चेहरा नहीं दिखाई दे रहा. ऐसे में कांग्रेस यहां दमदार और असरदार उम्मीदवार खोज रही है. वहीं इस सीट की ज़िम्मेदारी पूर्व सांसद अरुण यादव, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल को दी गई है ताकि जीत की दावेदारी को मजबूत किया जा सके.

महाकुंभ में प्रयागराज में नहीं होगी मांस-मदिरा की बिक्री, सनातन परंपरा के सम्मान के लिए सरकार समर्पित: सीएम योगी

प्रयागराज महाकुंभ 2025 के दौरान प्रयागराज की शास्त्रीय सीमा में मांस-मदिरा की बिक्री नहीं होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को प्रयागराज में सभी 13 अखाड़ों, खाक-चौक परंपरा, दंडीबाड़ा परंपरा और आचार्यबाड़ा परंपरा के प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों की उपस्थिति में यह घोषणा की। सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ का आयोजन सनातन धर्म के ध्वजवाहक अखाड़ों और विभिन्न संत परंपराओं के निर्देशन में उनके ही द्वारा किया जाता है। राज्य सरकार, इसमें सहयोगी है और दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुगण अतिथि हैं। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में पूरी दुनिया सनातन भारतीय संस्कृति से साक्षात्कार करेगी। सनातन परंपरा के सम्मान के लिए सरकार समर्पित है। साधु-संतों, संन्यासियों, वैरागियों सहित समस्त सनातन समाज की भावनाओं का सम्मान रखते हुए प्रयागराज की शास्त्रीय सीमा में मांस-मदिरा का क्रय-विक्रय प्रतिबंधित किया जाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पावन त्रिवेणी संगम में स्नान की अभिलाषा लिए महाकुंभ आने वाले हर संत और श्रद्धालु को अविरल-निर्मल गंगा-यमुना के दर्शन होंगे। पवित्र नदियों की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए सरकार के स्तर पर प्रयास किये जा रहे हैं, लेकिन साधु-संत समाज का सहयोग भी अपेक्षित है। मुख्यमंत्री योगी ने यह भी कहा कि, महाकुंभ के दौरान ब्रह्मलीन होने वाले साधु-संतों की समाधि के लिए प्रयागराज में शीघ्र ही भूमि आरक्षित कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों के मार्गदर्शन में ही सनातन समाज का उत्कर्ष संभव है। महाकुंभ 2025, कुंभ 2019 से भी अधिक भव्य हो, इसके लिए सभी को योगदान करना होगा। उन्होंने कहा कि, संतों की कृपा और प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में आज अयोध्या, वाराणसी और ब्रजधाम के नए स्वरूप का दर्शन पूरी दुनिया कर रही है। ब्रह्मलीन नरेंद्र गिरी जी महराज की स्मृति को नमन करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि, आज लेटे हुए हनुमान जी मंदिर के पास कॉरीडोर का निर्माण भी हो रहा है। उन्होंने सभी संतों से स्वच्छ महाकुंभ के अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वच्छता के संकल्प के लिये यह सभी के लिए उचित होगा कि प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग न किया जाए। संत समाज की ओर से गो-हत्या पर प्रतिबंध की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में गोहत्या अपराध है। गोहत्या के विरुद्ध उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। इसके साथ ही, राज्य सरकार सात हजार से अधिक गोवंश आश्रय स्थल का संचालन कर रही है, जहां 14 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सामान्य लोगों को भी गोसेवा से जोड़ा गया है। गोवंश संरक्षण के इस सेवा कार्य को आगे बढ़ाने में संत समाज का सहयोग अपेक्षित है। यह सर्वथा उचित होगा कि सभी आश्रमों में गोवंश संरक्षण स्थल का विकास हो। हर आश्रम में गोसेवा हो। महाकुंभ में सुरक्षा को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने सभी संतों-संन्यासियों, आचार्यों से अनुरोध किया कि अपने आश्रम में तब तक किसी को प्रवास की अनुमति न दें, जब तक कि उनका विधिवत सत्यापन न कर लिया जाए। रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाकुंभ मेला क्षेत्र में संत समाज के साथ बैठक किया। वैदिक मंत्रोच्चार और सनातन धर्म की जयघोष के बीच मुख्यमंत्री योगी ने सभी साधु-संतों, आचार्यों को अंगवस्त्र पहनाकर अभिनंदन किया। संतों के समक्ष महाकुंभ 2025 के प्रबंधन एवं व्यवस्था के संबंध में एक लघु फिल्म का प्रस्तुतीकरण भी किया गया। अखाड़ों और विभिन्न संत परंपराओं के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में मुख्यमंत्री योगी को धन्यवाद देते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया में तनाव व्याप्त है। एक देश, दूसरे देश के साथ युद्ध को आतुर हैं। मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में आयोजित होने वाला महाकुंभ-2025 पूरे विश्व को शांति का संदेश देने वाला होगा। पूरा संत समाज इसमें अपना योगदान करने को आतुर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सनातन धर्म ध्वज के रक्षक हैं, जिनके नेतृत्व में आज सनातन समाज गौरवान्वित हो रहा है। संतों ने कहा कि सीएम योगी पहले मुख्यमंत्री हैं, जो महाकुंभ के विषय में साधु-संतों, आचार्यों से इस तरह सीधे संवाद कर रहे हैं और उनकी समस्याओं, सुझाओं को सुनकर लिपिबद्ध कर रहे हैं। साधु-संतों, आचार्यों के लिए यह अवसर अतुलनीय है। अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने संत समाज की सुरक्षा के अच्छे प्रबंध की भी अपेक्षा जताई। संत गणों ने महाकुंभ-2025 की तैयारियों पर संतुष्टि जताई। साथ ही कहा कि मेला क्षेत्र में चल रही तैयारियों को देखकर यह साफ हो जाता है कि महाकुंभ-2025 प्रयागराज में पूर्व में आयोजित हुए सभी अर्धकुंभ/महाकुंभ से भव्य एवं दिव्य होगा।

चीतों के संरक्षण के लिए 18 गांवों की भूमि को वनखंड किया घोषित

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने चीतों के रहवास पालपुर कूनो राष्ट्रीय उद्यान से 11 गांव खाली कराए हैं। इन गांवों की भूमि राष्ट्रीय उद्यान में शामिल की गई है। दरअसल, कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बसे 18 गांव को खाली कराया जा रहा है। इन गांवों की भूमि के बदले 3 हजार 720.9 हेक्टेयर भूमि दूसरी जगह दी गई है। उद्यान के अंदर 18 गांवों का कुल रकबा 4 हजार 407 हेक्टेयर है, इनमें अब तक कुल 11 गांव खाली कराए जा चुके हैं। चीता कॉरिडोर बनाने की योजना इन गांव की भूमि को वन विभाग ने राष्ट्रीय उद्यान का वनखंड घोषित कर दिया है। इस फैसले से वहां चीतों का संरक्षण किया जा सकेगा। उन्हें खुले में घूमने के लिए निर्बाध वन क्षेत्र मिलेगा। इसके पहले चीतों के घर का दायरा भी बढ़ाया जा चुका है। इसको इस तरह से विकसित कर रहे हैं कि चीता मप्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की सीमा तक घूम सकें। इसके लिए इन तीन राज्यों के बीच चीता कॉरिडोर बनाने की योजना भी है। गांव को खाली कराकर घोषित किया वनखंड बता दें कि कूनो के अंदर बने बरेड, लादर, पांडरी, खजूरी में खजूरी, खजूरी कलां और खजूरी खुर्द है। इसी तरह पैरा में चार गांव पैरा, पालपुर, जाखोद एवं मेघपुरा और बसंतपुरा गांव है। इन सभी गांवों को खाली कराकर अब वनखंड घोषित किया है, जिससे ये राष्ट्रीय उद्यान के संरक्षित वन बन गए हैं। इन गांवों का कुल रकबा 1 हजार 854.932 हेक्टेयर है। शेष गांव की भूमि भी शीघ्र वनखंड घोषित की जाएगी। मध्य प्रदेश में चीतों को खुले जंगल में छोड़ने से पहले उनका रहवास पालपुर कूनो नेशनल पार्क का क्षेत्रफल बढ़ाया गया है। कूनो का कुल 54 हजार 249.316 हेक्टेयर वन क्षेत्र बढ़ाया गया है। जिसके बाद अब कूनो का कुल वन क्षेत्र एक लाख 77 हजार 761.816 हेक्टेयर हो गया है।

विकास से समाज कल्याण के लिए सद्मूल्यों को करना होगा विकसित : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

आध्यात्मिकता द्वारा स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज का निर्माण” वैश्विक शिखर सम्मेलन के समापन समारोह में हुए शामिल Good values ​​will have to be developed for social welfare through development: Deputy Chief Minister Shukla भोपाल ! उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी से विकास की तेज राह में विश्व आगे बढ़ रहा है, इसे सही दिशा देकर मानव कल्याण से जोड़ने के लिए समाज में सद्मूल्यों को विकसित करना होगा। विकास को वरदान बनाना है तो समाज में प्रेम, दया, करुणा, परोपकार और शांति की भावना को जागृत करना होगा। ब्रह्मकुमारी जैसे संस्थानों द्वारा जन-चेतना के लिए किये जा रहे कार्य सशक्त और समृद्ध भारत तथा वैश्विक खुशहाली के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल राजस्थान के माउंट आबू में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित “आध्यात्मिकता द्वारा स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज का निर्माण” वैश्विक शिखर सम्मेलन के समापन समारोह में शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि 4 से 7 अक्टूबर तक आयोजित शिखर सम्मेलन के शुभारंभ सत्र में (4 अक्टूबर) राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु शामिल हुई थीं। प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में सपनों के भारत के निर्माण का चल रहा है महायज्ञ उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गौरवशाली नेतृत्व में भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है आज भारत विश्व की 5 वीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। आगामी 5 वर्षों में हम तीसरी और वर्ष 2047 तक विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे। व्यापक स्तर पर तेज गति से विकास हो रहा है। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था ने विकास के द्वार खोले हैं। नागरिकों को सक्षम बनाने के लिये उच्चस्तरीय शिक्षा, स्वास्थ्य की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। विकास की राह के हर पड़ाव में सहयोग प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सपनों के भारत के निर्माण का महायज्ञ चल रहा है। इस विकास को स्थायी बनाने के लिये मानव जाति का जागृत होना आवश्यक है। इसके लिये भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत और आध्यमिकता का पुनरुत्थान करना होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद कहते थे 21 वीं सदी भारत की होगी। भारत विश्वगुरु होगा। वर्तमान वैश्विक पारिस्थितियों में भारत का नेतृत्व नितांत आवश्यक है। आर्थिक विकास के साथ आध्यात्मिक विकास पर भी कार्य करना होगा। विकसित, समृद्ध और खुशहाल विश्व के निर्माण के लिये भारत की “वसुधैव कुटुंबकम्” की सोच पर सभी को चलना होगा। वैश्विक कल्याण के इस अहम दायित्व के निर्वहन के लिये आवश्यक है कि भारत का हर नागरिक सकारात्मक भूमिका निभाकर लोक-कल्याणकारी पुनीत यज्ञ में सहभागी बने। अच्छा मनुष्य बनकर ही स्वयं, समाज और विश्व का कल्याण किया जा सकता है सुनिश्चित उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी कहते थे “आज मानव ने आकाश में पक्षी की तरह उड़ना सीख लिया है, मछली की तरह समुद्र में तैरना सीख लिया है लेकिन इंसान की तरह जमीन पर चलना नहीं सीख पाया।” उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि वैश्विक कल्याण के लिये मानव मूल्यों को जागृत करना होगा। समाज को तोड़ने वाली शक्तियाँ कार्य कर रही हैं, परंतु ख़ुशी की बात है कि समाज को जोड़ने वाली, चिंतन करने वाली, वैश्विक कल्याण के भाव वाली संस्थाएँ और विचारक सतत कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज विश्व ब्रह्मकुमारी जैसे संस्थानों को आशा भरी नज़रों से देख रहा है। यह वर्तमान पीढ़ी की ज़िम्मेदारी है आगामी पीढ़ी को भारत की समृद्ध संस्कृति और आध्यात्म से जोड़ने की दिशा में प्रयास करे। एक अच्छा मनुष्य बनकर ही स्वयं का, समाज का और विश्व का कल्याणकारी भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल को ब्रह्मकुमारी संस्थान के प्रतिनिधियों ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। ब्रह्मकुमारी के राजयोगी बृजमोहन, राजयोगिनी सुश्री चन्द्रिका दीदी सहित 20 हजार से अधिक प्रतिभागी इस सम्मेलन में शामिल थे।

महाकाल : प्रसाद पैकेट से हटेगी शिखर और ओम की तस्वीरें, मंदिर समिति ने लिया निर्णय

Mahakal: Pictures of Shikhar and Om will be removed from Prasad packets, temple committee took the decision. उज्जैन ! : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर समिति ने लड्डू प्रसाद पैकेट से महाकाल मंदिर के शिखर और ओम की तस्वीर हटाने का निर्णय लिया है। अब बहुत जल्द ही लड्डू प्रसाद के पैकेट तैयार करने का फैसला किया गया है। इस कदम का कारण मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेश है, जिसमें प्रबंध समिति को था। दरअसल, हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने 24 अप्रैल 2024 को तीन महीने के भीतर लड्डू प्रसाद के पैकेट से ये तस्वीरें हटाने का निर्देश दिया गया था। मंदिर समिति ने कोर्ट से और समय मांगा था, जिसके तहत उन्होंने पुराने पैकेट के स्टॉक खत्म होने का अनुरोध किया। अब तीन महीने की अवधि पूरी हो चुकी है इसलिए नए पैकेट बनाने की तैयारी की जा रही है। दरअसल, महंत सुखदेवानंद ब्रह्मचारी और अन्य धार्मिक नेताओं ने कोर्ट में याचिका दायर की थी कि प्रसाद के पैकेट पर ओम और शिखर की तस्वीरें लगाना गलत है, क्योंकि यह धार्मिक संवेदनाओं के खिलाफ है।लोग इन खाली पैकेट्स को डस्टबीन में फेंक देते हैं, जो धार्मिक दृष्टि से अनुचित है। उनका तर्क था कि वैष्णो देवी मंदिर और अमृतसर के गोल्डन टेम्पल में प्रसाद के पैकेट पर कोई चित्र नहीं होता, इसलिए महाकाल मंदिर को भी ऐसा ही करना चाहिए। प्रबंध समिति की हालिया मीटिंग में लिए गए इस निर्णय से यह स्पष्ट हो गया है कि अब महाकाल मंदिर का प्रसाद पैकेट धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करेगा। नई की जा रही पैकिंग में महाकाल के शिखर और ओम की तस्वीरें नहीं होंगी।

राशिफल सोमवार 07 अक्टूबर 2024

मेष: आत्मसंयत रहें। धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास करें। नौकरी में कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। काम में वृद्धि होगी। सेहत का ध्यान रखें। आपसे जिम ज्वाइन करने या फिटनेस रूटीन अपनाने के बारे में बात की जा सकती है। आपको पैसे के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है। आपको पैसे के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है।   वृषभ: करियर में नई पहचान बना सकते हैं। मन प्रसन्न तो रहेगा। फिर भी धैर्यशीलता बनाए रखें। बातचीत में संतुलन बनाए रखें। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। जीवनसाथी का साथ रहेगा। आज एक्सरसाइज करने से आप ज्यादा एनर्जी महसूस करेंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।  आज आप परिवार के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं। धन की स्थिति अच्छी रहेगी। मिथुन: करियर में कोई बड़ी उपलब्धि पा सकते हैं। मन परेशान हो सकता है। आत्मसंयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें तथा बातचीत में भी संतुलित रहें। संतान व जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। जो लोग खराब मौसम का अनुभव कर रहे हैं उनमें सुधार दिखने की संभावना है। आज किसी बुजुर्ग से महत्वपूर्ण मामले में सलाह ले सकते हैं।  आज शहर से बाहर यात्रा के योग बन रहे हैं। कर्क: मन परेशान रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। किसी दूसरे स्थान पर भी जाना पड़ सकता है। परिवार की समस्याएं परेशान कर सकती हैं। पिता का साथ मिलेगा। सेहत के मोर्चे पर आपके फिट रहने के प्रयास सफल होंगे। आज किसी को ऑफिस में अचानक मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।  कोई मित्र या रिश्तेदार आज आपके घर आ सकता है और दिन को खुशनुमा बना सकता है। शैक्षणिक मोर्चे पर आज अच्छा करेंगे। सिंह: आज शाम तक कोई सुखद समाचार मिल सकता है। मन अशांत रहेगा। अपनी भावनाओं को वश में रखें। नौकरी के लिए साक्षात्कारादि कार्यों में सफलता मिलेगी। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है। आज व्यापारी धन जुटाने में सफल रहेंगे।  आज कुछ लोगों को पैतृक संपत्ति विरासत में मिल सकती है। कन्या: आज आपको धन जुटाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है। कार्यस्थल पर किसी मुश्किल काम को करने से आप प्रसन्न होंगे। आपका पॉजिटिव एटीट्यूड घर को एक खुशहाल जगह बनाने में मदद करेगा। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अच्छी तैयारी की आवश्यकता होगी। मित्रों से सद्भाव बनाए रखें। सेहत के प्रति सचेत रहें। कुटुंब की किसी महिला से धन मिल सकता है। वाहन सुख में वृद्धि। तुला: आज आपने जो सोचा है उसे लागू करने के लिए दिन अच्छा है। शैक्षणिक मोर्चे पर आज लो प्रोफाइल रहना महत्वपूर्ण रहेगा। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा, परंतु मन में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के अवसर भी मिल सकते हैं। आज आपको एक्सरसाइज करने का पूरा लाभ मिलेगा। आप आज कर्ज चुकाने की स्थिति में आ सकते हैं। संपत्ति बेचने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए दिन पॉजिटिव रहेगा। वृश्चिक: आज किसी सोशल प्रोग्राम में आपकी कई महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात होने की संभावना है। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन अशांत रहेगा। व्यर्थ के क्रोध से बचें। बातचीत में संतुलित रहें। सेहत का ध्यान रखें। कारोबार में लाभ में वृद्धि होगी। आज आपकी सेहत में सुधार होगा। आर्थिक रूप से आपका दिन अच्छा रहने वाला है। आज आपके पास पैसा आएगा। अच्छी नेटवर्किंग आपको जगह दिलाएगी, लेकिन आपको अपने संपर्कों को फ्रेश करने की जरूरत होगी। धनु: आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे, परंतु आय में कमी व खर्च अधिक की स्थिति से परेशान भी हो सकते हैं। पिता से धन मिल सकता है। परिवार का साथ मिलेगा। आप अपने पैसे के मामले में किसी पर भरोसा करके अपनी उंगलियां जला सकते हैं। बार-बार यात्रा करने वालों को फिट रहने के लिए मौसम का ध्यान रखना होगा।  धन की स्थिति अच्छी रहेगी लेकिन बढ़े हुए खर्च आपका मानसिक तनाव बढ़ा सकते हैं। मकर: किसी बड़े बुजुर्ग से अच्छी सलाह मिल सकती है। मन परेशान रहेगा। कार्यक्षेत्र में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। लाभ के अवसर भी मिलेंगे। आपको निवेश का अच्छा रिटर्न मिल सकता है। आज आपको पर्याप्त मात्रा में धन मिल सकता है। कार्यस्थल पर आपको कोई नया प्रोजेक्ट मिल सतता है। किसी खास व्यक्ति से मुलाकात संभव है। सेहत अच्छी रहेगी। कुंभ: मन परेशान हो सकता है। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन भी हो सकता है। किसी दूसरे स्थान पर जाना हो सकता है। आज आप फिट रहेंगे। आज आपके सामने खर्चे सामने आ सकते हैं। करियर में कोई नई उपलब्धि हासिल हो सकती है। जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा। मीन: आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है। शैक्षणिक मोर्चे पर आपका प्रदर्शन अच्छा रहने वाला है। कुछ लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार होने की संभावना है। संयत रहें। धैर्यशीलता बनाए रखें। परिवार में भी शांति बनाए रखने का प्रयास करें। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। मीठे खान-पान के प्रति रुझान बढ़ेगा। आज ऑफिस में गलतियों से बचने के लिए अपने दिमाग को तनावमु्क्त रखें। आज अपने करीबियों के साथ समय बिता सकते हैं।

भारतीय वायुसेना ने चीन का जासूसी गुब्बारा राफेल से मार गिराया

नई दिल्ली भारतीय वायु सेना के राफेल फाइटर जेट्स ने पिछले साल आसमान में 15 किलोमीटर से अधिक की ऊंचाई पर उड़ रहे चीनी जासूसी गुब्बारे को मार गिराया था. रक्षा सूत्रों ने बताया कि राफेल लड़ाकू जेट में उड़ान भरने वाले भारतीय वायु सेना के पायलटों ने कुछ महीने पहले पूर्वी क्षेत्र में एक चीनी जासूसी गुब्बारे को गिरा दिया था. IAF ने पिछले साल गुब्बारे को किया था शूट  भारतीय वायुसेना ने पिछले साल अमेरिकी वायुसेना द्वारा गिराए गए गुब्बारे की तुलना में एक छोटे गुब्बारे को मार गिराने में सफलता हासिल की थी. सूत्रों ने बताया कि भारतीय वायु सेना के अधिकारियों ने 15 किलोमीटर से अधिक की ऊंचाई पर उड़ रहे गुब्बारे को नीचे गिरा दिया था. 2023 की शुरुआत में, अमेरिकी वायु सेना F-22 ने दक्षिण कैरोलिना के तट पर एक चीनी जासूसी गुब्बारे को मार गिराया था, जो कई दिनों से उत्तरी अमेरिका में घूम रहा था. उसके बाद एक हफ्ते के भीतर इस तरह के कम से कम दो अन्य मामले भी सामने आए थे. अंडमान-निकोबार के ऊपर उड़ रहा था गुब्बारा इसी तरह का एक गुब्बारा भारत में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह क्षेत्र में भी देखा गया था. ऐसा माना जाता है कि इन गुब्बारों का इस्तेमाल एक बड़े क्षेत्र पर नजर रखने के लिए किया जाता है. हालांकि, तीन से चार दिनों तक इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद इसे गिरा दिया गया. यह भी माना जाता है कि चीनी जासूसी गुब्बारों में एक प्रकार का स्टीयरिंग तंत्र होता है जिसका इस्तेमाल उनके हित के क्षेत्रों पर स्थिरता के लिए किया जा सकता है. सेना भविष्य में ऐसे खतरों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अपनी मानक संचालन प्रक्रिया भी तैयार कर रही है.

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