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ईरानी राजदूत ने कहा कि उनके देश और इजराइल के बीच तनाव को सिर्फ भारत ही कम करवा सकता है

 नई दिल्ली ईरान द्वारा इजरायल पर 200 मिसाइलों से हमला करने के बाद पश्चिम एशिया में ना सिर्फ भारी तनाव पसरा हुआ है बल्कि बड़े पैमाने पर भयानक युद्ध की आशंका भी घर कर रही है। इस बीच, भारत में ईरान के राजदूत इराज इलाही ने क्षेत्र में स्थिरता और शांति की बहाली कराने में भारत से हस्तक्षेप करने की मांग की है। ईरानी राजदूत ने कहा, “भारत को इस अवसर का लाभ उठाकर इजरायल को क्षेत्र में अपनी आक्रामकता रोकने और शांति और स्थिरता कायम करने के लिए राजी करना चाहिए।” ईरानी राजदूत ने कहा कि उनके देश और इजराइल के बीच तनाव को सिर्फ भारत ही कम करवा सकता है। बता दें कि भारत के दोनों देशों से मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। यही वजह है कि ईरानी राजनयिक भारत सरकार से पश्चिम एशिया संकट में शामिल सभी पक्षों से तनाव कम करने और कूटनीति और बातचीत के माध्यम से मुद्दों को हल करने का आग्रह कर रहे हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की थी, जब इजरायली सेना ने हिज्बुल्लाह आतंकियों के खिलाफ अपने उत्तरी पड़ोसी लेबनान में संघर्ष के लिए एक नया मोर्चा खोला था। प्रधानमंत्री मोदी ने तब दो टूक शब्दों में कहा था कि दुनिया में आतंकवाद के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। NDTV को दिए एक इंटरव्यू में ईरानी राजदूत ने यह भी कहा कि अगर इजरायल रुकता है, तभी हम भी रुकेंगे। उन्होंने आगे कहा, “ईरान युद्ध नहीं चाहता है। हम क्षेत्र में शांति चाहते हैं, लेकिन यदि हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई आंच आती है, तो हमारे पास जवाबी कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है, और हमने ठीक यही किया भी है।” ईरानी राजदूत ने कहा कि मंगलवार (01 अक्तूबर) को इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइल से किए गए हमले बदले की कार्रवाई का रणनीतिक हिस्सा था। उन्होंने कहा, “यह ईरान की धरती पर हमास प्रमुख इस्माइल हनीयेह की हत्या के जवाब में किया गया पलटवार था। वह हमारे राजकीय अतिथि थे और हमारे देश में इजरायल द्वारा उनकी हत्या कर दी गईी। यह एक राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है और हमारे संविधान के अनुसार, हमें इस तरह के मुद्दे से जवाबी प्रतिक्रिया के साथ निपटना होगा।” ईरानी राजदूत ने यह स्पष्ट किया कि मिसाइल हमला हिजबुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह की हत्या के लिए नहीं किया गया था। उन्होंने कहा, “यहां मुद्दा उलझाया जा रहा है। इजरायल के प्रति हमारी जवाबी कार्रवाई केवल इस्माइल हनीयेह की हत्या के लिए थी, हिजबुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह के लिए नहीं। हिजबुल्लाह खुद का ख्याल रख सकता है।” बता दें कि रूस-यूक्रेन जंग में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी पीएम मोदी से रूस को मनाने और युद्धविराम कराने की गुजारिश की थी। इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल कीव की यात्रा पर गए थे।

यासीन मलिक ने UAPA ट्रिब्यूनल में हलफनामा पेश किया, 1994 में हिंसा और हथियार छोड़कर गांधीवादी बनने की बात की

नई दिल्ली  जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट-यासीन (जेकेएलएफ-वाई) के अध्यक्ष यासीन मलिक ने UAPA ट्रिब्यूनल को एक हलफनामा सौंपा है। इस हलफनामे में मलिक ने बताया कि उसने 30 साल पहले ही हथियार छोड़ दिया है और अब वह गांधीवादी हो गया है। उसने ऐसा 1994 में “एकजुट स्वतंत्र कश्मीर” स्थापित करने के लिए किया है। बता दें कि यासीन मलिक इस समय टेरर फंडिंग मामले में दिल्ली के तिहाड़ जेल में सजा काट रहा है। उसने अपने हलफनामे में कहा कि मैंने 1994 से ही हिंसा और हथियार छोड़ दिया है। गांधीवादी हो गया यासीन मलिक यासीन मलिक ने यूएपीए ट्रिब्यूनल में एक हलफनामा पेश किया। मलिक ने लिखा कि उसने 30 साल पहले यानी 1994 में ही हिंसा और हथियार छोड़ दिया था। अब वह गांधीवादी हो गया है। मलिक ने आगे लिखा कि उन्होंने 1994 में “एकजुट स्वतंत्र कश्मीर” स्थापित करने के जेकेएलएफ-वाई के उद्देश्य को प्राप्त करने के साधन के रूप में हिंसा के रास्ते को छोड़ गांधीवादी हो गया है। यासीन के हलफनामे को पिछले महीने जारी किया गया था और गुरुवार को राजपत्र में प्रकाशित किए गए यूएपीए ट्रिब्यूनल के आदेश में उद्धृत किया गया था। 1967 के गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम(UAPA) के तहत जेकेएलएफ-वाई को ‘अवैध संघ’ घोषित करने के निर्णय को आगे के लिए बरकरार रखा गया था। वायुसैनिकों के खून से रंगे हैं यासीन के हाथ यासीन मलिक ने 1988 में जेकेएलएफ-वाई की स्थापना की थी। वह 1990 में श्रीनगर के रवालपुरा में चार भारतीय वायु सेना कर्मियों की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी है। मलिक की पहचान इस साल की शुरुआत में मुख्य शूटर के रूप में की गई थी। उसे मई 2022 में एनआईए की ओर से जांच किए गए एक आतंकवाद वित्तपोषण मामले में आजीवन कठोर कारावास भी दिया गया था। यासीन ने ट्रिब्यूनल को अपने हलफनामे में दावा किया कि उसे नब्बे के दशक की शुरुआत में “विभिन्न राज्य अधिकारियों” द्वारा आश्वासन दिया गया था कि वे कश्मीर विवाद को एक सार्थक बातचीत के माध्यम से हल करेंगे और एक बार जब उन्होंने एकतरफा युद्धविराम शुरू किया, तो उनके खिलाफ और जेकेएलएफ-वाई के सभी मामलों को वापस ले लिया जाएगा। ट्रिब्यूनल के आदेश में दर्ज है कि इसके बाद, 1994 में उसके और उनके संगठन द्वारा एकतरफा युद्धविराम घोषित किया गया था और इसके परिणामस्वरूप, उसे TADA के तहत 32 लंबित मिलिटेंसी से संबंधित मामलों में जमानत प्रदान की गई थी और उसके बाद, 1994 से 2018 तक युद्धविराम समझौते के अनुसार उसके खिलाफ कोई भी मामला आगे नहीं बढ़ाया गया था। एनआईए का आरोप है कि वह 2016 में हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी की हत्या के बाद 89 से अधिक पत्थरबाजी के मामलों में फंसा है, यासीन ने कहा कि वह हिंसा के दौरान पुलिस हिरासत में था। हालांकि यासीन ने दावा किया कि कश्मीर में जेकेएलएफ-वाई अधिकारी बंद थे क्योंकि इसे पहली बार 2019 में प्रतिबंधित किया गया था। उसने स्वीकार किया कि इसके 50 से अधिक देशों में अंतर्राष्ट्रीय शाखाएं कार्यात्मक हैं और संगठन के कारण का समर्थन कर रही हैं। यह उनके प्रस्तुतिकरण को झुठलाता है कि 2019 के प्रतिबंध के बाद से जेकेएलएफ-वाई और उसके कैडरों द्वारा कोई गैरकानूनी गतिविधि नहीं है।

मॉर्निंग वॉक पर निकले मां-बेटे को हाइवा ने रौंदा, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

बिलासपुर जिलें से फिर एक भयानक सड़क हादसे की खबर सामने आई है. सुबह-सुबह मॉर्निंग वॉक करने के लिए निकले मां-बेटे को एक हाइवा ने कुचल दिया. इस दुर्घटना के बाद से आक्रोशित ग्रामीणों ने मौके पर चक्काजाम कर दिया और शव को सामने रख कर मुआवजे की मांग कर रहे हैं. सूचना मिलने पर मस्तूरी SDM अमित सिन्हा, ग्रामीण एडिशनल SP अर्चना झा समेत बड़े अधिकारी और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाइश देकर रास्ता बहाल करने की कोशिश में जुटी है. यह पूरा मामला मस्तूरी थाना क्षेत्र का है. जानकारी के अनुसार, ग्राम गतौरा की 35 वर्षीय गायत्री बंजारे अपने 7 वर्षीय बेटे पारस के साथ सुबह की सैर पर निकली थीं. आज सुबह 6 बजे जब वे गांव के मरघट के पास पहुंचीं, तभी एक हाइवा (क्रमांक CG 04 NW 5905), जो एनटीपीसी सीपत के ग्राम रलिया से राखड़ लेकर बिलासपुर की ओर जा रहा था, ने उन्हें कुचल दिया. इस दर्दनाक हादसे में मां और बेटे की मौके पर ही जान चली गई. वहीं हादसे के बाद हाइवा चालक वाहन को वहीं छोड़कर फरार हो गया. इस घटना ने पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ा दी है, और स्थानीय प्रशासन से पीड़ित परिवार को सहायता प्रदान करने की मांग की जा रही है.

5 राज्यों के 22 ठिकानों पर NIA का एक्शन, आतंकी संगठन JeM से जुड़े मामले में छापेमारी

श्रीनगर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अधिकारियों ने प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद की गतिविधियों से संबंधित एक मामले में राष्ट्रीय राजधानी सहित पांच राज्यों के 22 ठिकानों पर छापेमारी की है। एनआईए के अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छापेमारी जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, असम और दिल्ली में की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि तलाशी के लिए एनआईए की टीमों को स्थानीय अधिकारियों द्वारा सहायता प्रदान की जा रही है। एनआईए के प्रवक्ता ने कहा कि एजेंसी की दिल्ली शाखा में दर्ज एक मामले में पांच राज्यों के 22 स्थानों पर छापेमारी जारी है। एनआईए ने कहा कि “आरसी-13/24/एनआईए/डीएलआई मामले में तलाशी ली जा रही है। यह छापेमारी जैश-ए-मोहम्मद की गतिविधियों से संबंधित है।” गौरतलब है कि जैश-ए-मोहम्मद की स्थापना मौलाना मसूद अज़हर ने की थी, वह उन तीन आतंकवादियों में से एक था, जिन्हें 1999 में आईसी 814 यात्रियों के बदले में रिहा किया गया था। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव (यूएनएससी) द्वारा जैश-ए-मोहम्मद को ‘विदेशी आतंकवादी संगठन’ के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। मसूद अज़हर को यूएनएससी ने 2019 में ‘वैश्विक आतंकवादी’ घोषित किया था। पश्चिम बंगाल में मंगलवार को थी छापेमारी इससे पहले अभी हाल में ही एनआईए ने पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में कई स्थानों पर छापेमारी की थी। एनआईए की टीम ने राज्य के दक्षिण 24 परगना, आसनसोल, हावड़ा, नदिया और कोलकाता जिलों में 11 स्थानों पर संदिग्धों के आवासों की गहन तलाशी ली। एनआईए की तरफ से कहा गया कि संदिग्ध भाकपा (माओवादी) के सक्रिय कार्यकर्ता थे और माना जाता है कि उन्होंने नक्सली गतिविधियों को अंजाम देने में संगठन के कमांडरों की सहायता की। एनआईए की तरफ से कहा गया कि तलाशी में कई दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, पर्चे, पत्रिकाएं और हस्तलिखित पत्र जब्त किए गए। एनआईए ने कहा कि यह मामला पोलित ब्यूरो, केंद्रीय समिति के सदस्यों, कार्यकर्ताओं और प्रतिबंधित संगठन के समर्थकों की साजिश से संबंधित है।  दिल्ली के मुस्तफाबाद पहुंची टीम एनआई की टीम इस मामले में नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके में शुक्रवार देर रात रेड करने पहुंची. NIA के साथ दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और लोकल पुलिस भी मौजूद थी. सूत्रों के मुताबिक, मुस्तफाबाद में जहां रेड हुई वहां से काफी संदिग्ध सामान मिला है. NIA ने रेड के बाद कुछ लोगों को नोटिस दिया है और 1 से 2 लोगों को पूछताछ के लिए ले गई है.  महाराष्ट्र से दो संदिग्ध हिरासत में जांच एजेंसी एनआईए ने इस ऑपरेशन के दौरान महाराष्ट्र के जालना, औरंगाबाद और मालेगांव में भी रेड डाली. इन जगहों से कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है. बताया गया है कि जालना से 2 लोगों को, छत्रपति शम्भाजी नगर और मालेगांव से 1-1 शख्स को हिरासत में लिया है. जम्मू-कश्मीर: बारामूला में भी पहुंची NIA की टीम जम्मू-कश्मीर के बारामुल्ला जिले के संगरी और कुछ अन्य इलाकों में भी NIA की टीमें स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापेमारी की. यह कार्रवाई अब भी चल रही है. संगरी कॉलोनी में मौलवी इकबाल भट के घर में तलाशी ली गई है. फिलहाल किसी की गिरफ्तारी की खबर नहीं है. सूत्रों ने आगे बताया कि कश्मीर के अन्य हिस्सों में अभी छापेमारी जारी है. यूपी और असम में भी रेड सूत्रों की मानें तो एनआई की टीम असम और उत्तर प्रदेश भी पहुंची और अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की. इस दौरान कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई. हालांकि यहां से किसी को हिरासत में लेने की खबर नहीं है. क्यों हुई ये कार्रवाई एनआईए से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई देश विरोधी गतिविधि, आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद से जुड़े मामले में हो रही है. कुछ संदिग्धों के पास से कई सामान मिले हैं, जिनकी पड़ताल की जा रही है.

धरसींवा के निनवा गांव में 55 साल के बुजुर्ग ने देवता को दी अपनी बलि, धारदार कैंची से काटा खुद का गला

धरसींवा छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. धरसींवा के निनवा गांव में एक श्रद्धालु ने देवता के सामने ही अपनी गर्दन काटकर बलि दे दी. घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है. मामले की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है. बताया जा रहा है कि व्यक्ति ने कैंची से अपने गर्दन को काटा है. मिली जानकारी के अनुसार, धरसींवा के निनवा गांव निवासी 55 वर्षीय भुनेश्वर यादव ने अपने घर के अंदर स्थित देवस्थान के सामने कैंची से अपनी गर्दन काटकर आत्महत्या कर ली. घटना के बाद देवस्थान वाला कमरा खून से लथपथ हो गया. यह घटना आज सुबह लगभग 11:00 की बताई जा रही है. घटना कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है. इस मामले में अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉक्टर दिनेश मिश्र ने कहा कि कोई भी देवी देवता प्राण की बलि नहीं मांगता है. अगर ईश्वर को आप अपना मानते हैं, तो कोई भी नहीं कहेगा की उसके लिए आप अपनी जान दे दें. ये एक प्रकार का अंधविश्वास है जिससे लोगों को बचना चहिए. इससे पहले भी कई बार ऐसे बातें सामने आई है कि लोग अपनी जीभ, उंगली काट लेते हैं ये सब अंधविश्वास है और इससे लोगों का ही नुकसान है.

‘रील’ को लेकर मचा बवाल, राजस्थान के डिप्टी सीएम के बेटे का परिवहन विभाग ने काटा चालान

जयपुर. परिवहन विभाग के मंत्री और डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा के बेटे की रील वायरल होने के बाद उनके ही विभाग को उनके बेटे चिन्मय कुमार बैरवा का 7 हजार रुपये का चालान काटना पड़ा। पिछले दिनों सोशल मीडिया पर छिड़े रील विवाद के बाद सरकार पर इस कार्रवाई को लेकर भारी दबाव था। परिवहन विभाग द्वारा काटा गया यह चालान नियम से ज्यादा मजबूरी का है। दरअसल चिन्मय बैरवा की एक कांग्रेस नेता के पुत्र की जीप चलाने की रील सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी, इसकी मुख्य वजह यह थी कि इस जीप को परिवहन विभाग का दस्ता भी एक्सकॉर्ट करता चल रहा था। सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहुत बड़ा रिएक्शन देखने को मिला क्योंकि चिन्मय बैरवा अभी नाबालिग है और स्कूल में पढ़ता है। ऐसे में उसके पास लाइसेंस भी नहीं है। हालांकि विवाद बढ़ने पर परिवहन मंत्री ने सफाई भी दी लेकिन इसके बाद भी वे सोशल मीडिया पर अलग-अलग कारणों से ट्रोल होते रहे। अब शुक्रवार को सोशल मीडिया पर उनके बेटे का चालान वायरल किया गया। हालांकि इस चालान की तारीख वही दिखाई गई है, जिस दिन उनके बेटे की रील सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इसलिए सोशल मीडिया यूजर यह भी कह रहे हैं कि ये सब फेस सेविंग के लिए किया गया है। बैरवा कहा था- बेटे का कोई दोष नहीं है रील वायरल होने के बाद बैरवा ने सफाई में बेटे का बचाव करते हुए कहा था कि ऐसी कोई बात नहीं है। इसमें उनके बेटे का कोई दोष नहीं है। बैरवा ने यह भी कहा कि पुलिस की जीप एस्कॉर्ट नहीं कर रही थी बल्कि वह तो सुरक्षा की दृष्टि से उसके पीछे चल रही थी लेकिन इस मसले के बाद बैरवा निशाने पर आ गए और पार्टी स्तर पर भी इस मामले को गंभीरता से लिया गया था, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई।

अंतरराष्ट्रीय जल सम्मेलन में जल संचय और जल संरक्षण के उपायों पर गहन विचार-विमर्श

जल जगार में जल संचय और जल संरक्षण के लिए मंथन देश-विदेश के नीति निर्माता, पर्यावरणविद, विशेषज्ञ और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधि ने किया संवाद अंतरराष्ट्रीय जल सम्मेलन में जल संचय और जल संरक्षण के उपायों पर गहन विचार-विमर्श रायपुर धमतरी में रविशंकर जलाशय (गंगरेल बांध) के किनारे आयोजित जल जगार में देश-विदेश के नीति निर्माता, पर्यावरणविद, विशेषज्ञ और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधि जल संचय और जल संरक्षण पर संवाद कर रहे हैं। वे यहां आयोजित अंतरराष्ट्रीय जल सम्मेलन में जल संचय और जल संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए अपने-अपने क्षेत्रों के सफल कार्यों की कहानी साझा कर रहे हैं। वे इनके प्रभावी उपायों पर गहनता से विचार-विमर्श करने के साथ ही धरातल पर उतारने की कार्ययोजना भी तय कर रहे हैं। जल जगार में आयोजित विभिन्न गतिविधियों के बीच आज अंतरराष्ट्रीय जल सम्मेलन के पहले दिन केन्द्रीय कृषि तथा किसान कल्याण मंत्रालय की अपर सचिव डॉ. मनिंदर कौर द्विवेदी, केन्द्रीय जलशक्ति मंत्रालय की अपर सचिव श्रीमती अर्चना वर्मा, पद्मसे सम्मानित प्रसिद्ध पर्यावरणविद सर्वपोपटलाल पवार, श्यामसुंदर पालीवाल और उमाशंकर पाण्डेय तथा अर्थशास्त्री एवं शहरी विकास विशेषज्ञ प्रो. अमिताभ कुंडु ने सम्मेलन को संबोधित किया। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में कलेक्टर सुनम्रता गांधी ने जल जगार के उद्देश्यों और धमतरी जिले में जल संचय व जल संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। अंतरराष्ट्रीय जल सम्मेलन को संबोधित करते हुए केन्द्रीय कृषि तथा किसान कल्याण की अपर सचिव डॉ. मनिंदर कौर द्विवेदी ने कहा कि धमतरी में जल संरक्षण की पहल पुरानी है। यहां की ‘ओजस्वी’ एफपीओ (कृषक उत्पाद संगठन) ने कम पानी में होने वाले धान की खेती प्रारंभ की थी। उन्होंने बताया कि धान की ऐसी बहुत सी प्रजाति है जो कम पानी में होती है और जल्दी पकती है। उन्होंने इस तरह की और भी प्रजातियों को विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने नए बीजों और अन्य फसलों की खेती पर भी ध्यान देने को कहा। केन्द्रीय जलशक्ति मंत्रालय की अपर सचिव श्रीमती अर्चना वर्मा ने अंतरराष्ट्रीय जल सम्मेलन में कहा कि हमारे पूर्वजों के पास जल संचय और जल संरक्षण के बहुत से तरीके थे। वे पानी की एक-एक बूंद का सम्मान करते थे। हमारी जलशक्ति अभियान का भी मूल उद्देश्य पानी की धरोहरों के प्रति सम्मान को वापस लाना है। जल संचय और जल संरक्षण के काम में जन भागीदारी बहुत जरूरी है। उन्होंने जल जगार के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह जल संरक्षण से लोगों को जोड़ने की बहुत अच्छी पहल है। इससे संस्कृति, समुदाय और युवाओं की भागीदारी बढ़ रही है। पद्मसे सम्मानित प्रसिद्ध पर्यावरणविदों और जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले सर्वपोपटलाल पवार, श्यामसुंदर पालीवाल और उमाशंकर पाण्डेय ने सम्मेलन में जल संचय और जल संरक्षण की सफल कहानियां साझा की। पवार ने कहा कि जलस्रोतों में कम से कम 20 प्रतिशत पानी रिचार्ज के लिए छोड़ना चाहिए। इसका 80 प्रतिशत ही उपयोग किया जाना चाहिए। हमारे हिमालय को बचाने के लिए पश्चिमी घाट का संरक्षण जरूरी है। सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद श्यामसुंदर पालीवाल ने बताया कि उन्होंने अपने क्षेत्र में जल संरक्षण के लिए बेटी, पानी और पेड़ों को जोड़कर काम किया। इसे रोजगार से भी जोड़ा। पर्यावरणविद उमाशंकर पाण्डेय ने कहा कि पानी सरकार का विषय नहीं है। यह समाज का विषय है। पानी के बारे में स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ाया जाना चाहिए। हम पानी बना नहीं सकते, लेकिन पानी को बचा सकते हैं। प्रसिद्ध अर्थशास्त्री एवं शहरी विकास विशेषज्ञ प्रो. अमिताभ कुंडु ने सम्मेलन में कहा कि जल की चिंता को लेकर जिला स्तर पर इस तरह का वृहद आयोजन पहली बार देख रहा हूं। यहां नीति निर्धारक, पर्यावरणविद, जल संरक्षक, विशेषज्ञ और नागरिक पानी के बारे में चर्चा कर रहे हैं। उसे बचाने की रणनीति बना रहे हैं। यह बहुत ही उपयोगी पहल है।

नागपुरी गेट थाना परिसर में सैकड़ों मुस्लिमों ने पत्थर फेंके, नारेबाजी करते हुए FIR करने की मांग

मुंबई पैंगंबर मोहम्मद साहब पर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद की विवादित टिप्पणी को लेकर महाराष्ट्र में हवाल हो गया। महाराष्ट्र के अमरावती में भीड़ ने थाने पर हमला कर दिया। एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर पहुंची भीड़ ने जमकर पथराव किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। बल ब्रयोग करके भीड़ को किसी तरह काबू किया गया। पीटीआई की ओर से जारी वीडियो में दिख रहा है कि नागपुरी गेट थाना परिसर में सैकड़ों पत्थर फेंके गए। नारेबाजी करते हुए भीड़ देर रात थाने तक पहुंची थी। उनकी मांग थी कि यति नरसिंहानंद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। इस दौरान अचानक भीड़ उग्र हो गई और थाने पर पथराव शुरू कर दिया गया। पथराव में 21 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि अमरावती शहर के नागपुरी गेट पुलिस थाने के बाहर शुक्रवार रात को हुई पथराव की घटना में कम से कम पुलिस की 10 वैन क्षतिग्रस्त हो गईं। एक अधिकारी ने बताया कि इस सिलसिले में 1,200 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और पुलिस ने उनमें से 26 की पहचान कर ली है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा जारी कर नागपुरी गेट क्षेत्र में पांच या इससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में डासना स्थित देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद ने 29 सितंबर को पैगंबर मोहम्मद साहब पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। गुरुवार रात इसका वीडियो सामने आया तो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। गाजियाबाद पुलिस ने यति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। हालांकि, मुस्लिम समाज के लोगों को कहना है कि सिर्फ एफआईआर काफी नहीं है, यति को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। एक तरफ जहां सोशल मीडिया पर लोगों ने यति के खिलाफ कार्रवाई के लिए आवाज उठाई तो वहीं कई जगह लोगों ने सड़कों पर उतरकर भी नारेबाजी की। गाजियाबाद में भी शुक्रवार रात कई जगहों पर प्रदर्शन किया गया। वहीं, महाराष्ट्र के अमरावती में भीड़ हिंसक हो उठी। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोगों ने पहले तो जमकर नारेबाजी की और फिर अचानक पथराव शुरू कर दिया गया। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से हालात को काबू किया। शहर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। नागपुरी थाने के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है। आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।

कलेक्टर ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 अंतर्गत नगरीय निकायों में किए जा रहे कार्यों के प्रगति की की समीक्षा

स्वच्छता सर्वेक्षण में सभी मुख्य नगरपालिका अधिकारी हासिल करें नए कीर्तिमान- कलेक्टर डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करने वाले वाहनों का मुख्य नगरपालिका अधिकारी स्वयं करें निरीक्षण- कलेक्टर सभी मुख्य नगरपालिका अधिकारी स्वच्छता सर्वेक्षण अंतर्गत करें नए नवाचार- कलेक्टर कलेक्टर ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 अंतर्गत नगरीय निकायों में किए जा रहे कार्यों के प्रगति की की समीक्षा अनूपपुर कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने कहा है कि जिले के सभी मुख्य नगरपालिका अधिकारी स्वच्छता सर्वेक्षण अंतर्गत शहर को साफ एवं सुंदर बनाएं तथा नए कीर्तिमान स्थापित करें। लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने का प्रयास किया जाए। नगरों के बाजारों को व्यवस्थित कर नागरिकों को आवागमन की बेहतर सुविधाएं मुहैया कराएं। उन्होंने कहा कि नगर के सभी वार्डों तथा झुग्गी बस्तियों की बेहतर साफ सफाई सुनिश्चित कराएं। कलेक्टर ने मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को निर्देश दिए कि कचरा वाहन डोर-टू-डोर सभी गली-मोहल्लों में पहुंचे तथा मुख्य नगरपालिका अधिकारी डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करने वाले वाहनों का व्यक्तिगत रूप से स्वयं निरीक्षण करें। कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली आज कलेक्ट्रेट स्थित नर्मदा सभागार में जिले के सभी नगरपालिकाओं एवं नगर परिषदों में स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा कर मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे।  बैठक में संयुक्त कलेक्टर श्री दिलीप कुमार पाण्डेय सहित जिले के सभी नगरपालिकाओं एवं नगर परिषदों के मुख्य नगरपालिका अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।   बैठक में कलेक्टर ने नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता सर्वेक्षण अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की मुख्य नगरपालिका अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की तथा निर्देशित किया कि जिले के पर्यटन एवं दर्शनीय स्थलों का बेहतर रखरखाव एवं साफ सफाई कराया जाए। सामुदायिक शौचालयों का निरंतर संचालन किया जाए तथा वहां साफ सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए। बैठक में कलेक्टर ने सभी मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले को प्लास्टिक मुक्त बनाने हेतु प्लास्टिक के बदले लोगों को कपड़े एवं जूट के थैले एवं बैग का प्रयोग करने हेतु प्रेरित एवं जागरूक किया जाए। बैठक में कलेक्टर ने सभी मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वच्छता सर्वेक्षण अंतर्गत अपने-अपने नगरीय क्षेत्रों में नए-नए नवाचार कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों पर यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा गंदगी करते पाया जाता है, तो उसके विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए। बैठक में कलेक्टर ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी अमरकंटक को निर्देशित किया कि अमरकंटक में किसी भी दार्शनिक एवं पर्यटन स्थल पर गंदगी नहीं होनी चाहिए। अमरकंटक के कपिलधारा, सोनमूड़ा, माई की बगिया, कबीर चबूतरा तथा विभिन्न सरोवरों का बेहतर साफ सफाई कराना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में कलेक्टर ने मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगरीय क्षेत्रों में ऐसे क्षेत्र जहां हमेशा लोग कचरा फेंकते है या गंदगी करते हैं, वहां रेड स्पॉट चिन्हित किया जाए तथा वहां की साफ-सफाई कराकर सतत् मॉनिटरिंग की जाए तथा जो व्यक्ति सफाई के पश्चात् कचरा फेंकता है, उसके विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही भी सुनिश्चित किया जाए। बैठक में कलेक्टर ने निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को समय-सीमा में सभी निर्माण कार्य गुणवत्तायुक्त कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि सार्वजनिक स्थलों में बेहतर पेंटिंग, पोस्टर एवं बैनर के माध्यम से नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता लाई जाए।   बैठक में कलेक्टर ने जिले के सभी नगरीय क्षेत्रों के जल प्रबंधन, कचरा डंपिंग, जन जागरूकता अभियान, शिकायत पर कार्यवाही, युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा, नगरीय क्षेत्रों के स्थानीय ब्रांड एंबेसडर एवं स्वच्छता चैंपियन, जल संरचनाओं की साफ सफाई सहित अन्य विभिन्न विषयों पर आवश्यक चर्चा करते हुए जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

एक को बचाने में दूसरे ने गंवाई जान, राजस्थान-अलवर में बकरियां चराने गए दो बच्चे जोहड़ में डूबे

अलवर. अलवर में बड़ोदा मेव के पास दो बच्चों की जोहड़ में डूबने से मौत हो गई। पुलिस के अनुसार ये दोनों बच्चे पास ही केथवाडीया का बास में जोहड़ पर बकरियों को पानी पिलाने गए थे। बकरियों के पानी पी लेने के बाद एक बच्चा बकरियों को पानी से दूर भगाने का प्रयास कर रहा था कि तभी उसका पैर फिसल गया और वह जोहड़ में जा गिरा और डूब गया। एक बच्चे को डूबता देख उसका दूसरा साथी भी उसको बचाने के चक्कर में जोहड़ में जा गिरा, जिससे वह भी डूब गया। इस घटना में दोनों बच्चों की अकाल मौत हो गई। सूचना मिलते ही बड़ोदा मेव थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एक घंटे की मशक्कत के बाद दोनों बच्चों की लाश जोहड़ से बाहर निकाली। वहां मौजूद लोगों ने पुलिस के कहने पर बच्चों को उल्टा लिटाकर थैरेपी देने की कोशिश भी की ताकि यदि कुछ संभावना हो तो उन्हें बचाया जा सके लेकिन बच्चे पहले ही मृत हो चुके थे। बाद में पुलिस दोनों बच्चों के शवों को बड़ोदा मेव अस्पताल ले गई, जहां दोनों का पोस्टमार्टम करके शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए। दोनों मृतक बच्चों के नाम दीपक भारती और मोहन कुमार बताए जा रहे हैं।

अत्याधुनिक सुविधाएं और 180 बिस्तरों के साथ चंदा देवी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का होगा शुभारंभ

बलौदाबाजार नर सेवा ही नारायण सेवा की भावना को लेकर बलौदाबाजार के पूर्व विधायक स्व बंशराज तिवारी की तरफ से अपनी स्व पत्नी के नाम सन् 2001 में  स्थापित चंदा देवी हॉस्पिटल लगातार क्षेत्र वासियों को स्वास्थ्य के क्षेत्र में सेवा देते आ रहा है. वहीं अब इसमें विस्तार करते हुए जिले सहित प्रदेश वासियों को 180 बिस्तर से युक्त और अत्याधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण सुविधा देने जा रहा है, जिसका शुभारंभ 7 अक्टूबर को होने जा रहा है. डॉ. प्रमोद तिवारी क्षेत्र के प्रसिद्ध शल्य चिकित्सक अपने माता पिता की आज्ञा को शिरोधार्य कर चंदा देवी हॉस्पिटल का एक छोटे से कमरे मे सन 2001 से संचालन कर क्षेत्र वासियों को स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराया वही अब इसको आगे बढा़ते  हुए उनके पुत्र और पुत्रवधु डॉ. नितिन और डॉ. गीतिका शंकर तिवारी ने आगे बढाया और एक राष्ट्रीय स्तर की स्वास्थ्य सेवा का लाभ क्षेत्र सहित राज्य वासियों को देने जा रहे हैं. जो 7 अक्टूबर से मिलने लगेगा. इस संबंध में चंदा देवी हॉस्पिटल के संचालक  डॉ. प्रमोद तिवारी सर्जन लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. नितिन और गीतिका शंकर तिवारी ने बताया कि हमारे बाबुजी  स्व बंशराज जी तिवारी के सपनों को साकार करने लगातार प्रयास किया जाता रहा है और अब हम इसमें एक कदम और बढाते हुए  स्वास्थ्य सेवा का विस्तार कर रहे हैं. जिला मुख्यालय का यह  चंदा देवी तिवारी हॉस्पिटल अब अपने नए स्वरूप में अत्याधुनिक मशीनों ,विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता के साथ सर्व सुविधायुक्त 180 बिस्तरीय मल्टीस्पेशयलिटी हॉस्पिटल और कार्डियक सेंटर के नए परिसर का शुभारंभ 7 अक्टूबर सोमवार को करने जा रहे है जिसमें मरीजों को बलौदाबाजार में ही हृदय रोग कैथ लेब एंजियोप्लास्टी एंजियोग्राफी मस्तिष्क रोग केन्सर कीमो थेरेपी जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज हेपा फिल्टर युक्त मॉड्यूलर आईसीयू एनआई सीयू ऑपरेशन थियेटर डायलिसिस आईवीएफ एमआर आई जैसी सुविधाएं सरलता से उपलब्ध होगा और साथ ही मरीजों को शासन द्वारा और विभिन्न बीमा कंपनियों द्वारा दी जाने वाली चिकित्सकीय लाभ प्रदान किये जायेंगे. इसका शुभारंभ  उद्घाटन समारोह पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह के मुख्य आतिथ्य और स्वास्थ्य मंत्री डॉ श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में सम्पन्न होगा साथ ही विशिष्ठ अतिथि सांसद बृजमोहन अग्रवाल और बलौदाबाजार विधायक और राजस्व खेलकूद युवा कल्याण और आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा होंगे कार्यक्रम के विशेष अतिथि बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल कसडोल विधायक संदीप साहू भाटापारा विधायक इंद्र साव पूर्व विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल पूर्व विधायक और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा पूर्व विधायक और पूर्व नगरीय निकाय मंत्री डॉ शिव डहरिया पूर्व विधायक और भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ सनम जांगड़े पूर्व विधायक जनकराम वर्मा पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा नगरपालिका अध्यक्ष बलौदाबाजार चितावर जायसवाल पूर्व अध्यक्ष कृषक कल्याण परिषद सुरेंद्र शर्मा पूर्व अध्यक्ष पाठ्य पुस्तक निगम शैलेशनीतिन त्रिवेदी और नगर समेत क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उद्घाटन समारोह में सम्मिलित होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे. डॉ. नितिन तिवारी ने आगे कहा कि 24 घंटे की निरंतर  बेहतरीन स्वास्थ्य सेवा के संकल्पों के  साथ हम हमारे नगर, जिले, के साथ सम्पूर्ण क्षेत्र और राज्य वासियों को सेवा देंगे और हमारे बाबुजी स्व पंडित बंशराज जी तिवारी के सपनों को साकार करते हुए आगे बढ़ायेंगे.

मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध पुलिस का विशेष अभियान, राजस्थान-सिरोही में गांजा सप्लायर गिरफ्तार

सिरोही. मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में वांछित गांजा सप्लायर को जिले की रोहिड़ा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गौरतलब है कि जुलाई महीने में मादक पदार्थों की धरपकड़ के दौरान आरोपी तस्कर और उसका साथी फरार होने के बाद पुलिस गिरफ्त में आ गए थे लेकिन पुलिस को गांजा सप्लायर की तलाश थी, जो कि अब पकड़ में आया है। रोहिड़ा पुलिस थानाधिकारी जितेन्द्रसिंह की अगुवाई में टीम द्वारा एनडीपीएस एक्ट पीएस सरूपगंज में वांछित गांजा सप्लायर बकाराम पुत्र दीताराम उर्फ हिताराम गमेती भील को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार बीती 28 जुलाई की रात नाकाबंदी के दौरान पुलिस थाना सरूपगंज के सामने थानाधिकारी कमलसिंह की अगुवाई में नाकाबंदी की गई थी। तलाशी के दौरान वहां से गुजर रही एक ईको कार से 31.500 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया था लेकिन कार चालक मुकेशचंद चौधरी पुत्र लक्ष्मण चौधरी और उसका एक अन्य साथी मौके से फरार हो गए थे। कार के अंदर मुकेश चौधरी के नाम का आधार कार्ड पाया गया, जिस पर गांजा व वाहन को बरामद कर थानाधिकारी पुलिस थाना सरूपगंज द्वारा एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद मामले की जांच रोहिड़ा थानाधिकारी जितेन्द्रसिंह को सौंपी गई थी। मामले में आरोपी मुकेश चौधरी के साथ में गांजा लेने आए हंसराज मीणा पुत्र मदनलाल व गांजा की सप्लाई प्राप्तकर्ता एवं  गांजा पकडे जाने के बाद मुकेश चौधरी को भगाने में सहयोग करने वाले रविन्द्र शर्मा पुत्र मोहनलाल को ट्रेस आउट व नामजद कर पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है। गौरतलब है कि जिले में वांछित आरोपियों की गिरफ्तार करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

एनडीपीएस केस की जांच में जुटी पुलिस, राजस्थान-करौली में फरार स्मैक तस्कर गिरफ्तार

करौली. मासलपुर थाना पुलिस ने स्मैक तस्करी के मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय और एएसपी शंकर लाल मीणा के निर्देशन में अभियान के तहत डीएसपी अनुज शुभम के सुपरविजन में कार्रवाई की गई। सुरेश के खिलाफ पूर्व में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज था। पुलिस ने आरोपी सुरेश निवासी बड़ा पुरा थाना मासलपुर को गिरफ्तार किया है। मासलपुर थाना अधिकारी नीरज कुमार शर्मा ने बताया कि एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय और एएसपी शंकर लाल मीणा के निर्देशन में मादक पदार्थों की खरीद बिक्री रोकने और अपराधियों की धर पकड़ के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत करौली डीएसपी अनुज शुभम के सुपरविजन में  मासलपुर थाना पुलिस ने स्मैक की खरीद फरोख्त के आरोपी को गिरफ्तार किया है। थाना अधिकारी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर मासलपुर थाना पुलिस टीम ने क्षेत्र के भावली मोड़ से सुरेश पुत्र हल्के राम मीणा उम्र 19 साल निवासी बड़ापुरा थाना मासलपुर को दस्तयाब कर जांच के बाद गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ पूर्व में स्मैक की तस्करी का एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज है। पुलिस आरोपी से स्मैक की खरीद फरोख्त को लेकर पूछताछ कर रही है।

ईरानी कप मैच ड्रॉ होने के बावजूद मुंबई क्यों बनी चैंपियन? रहाणे की कप्तानी में 27 साल का सूखा समाप्त

मुंबई अजिंय्य राहणे की कप्तानी वाली मुंबई ने रविवार को ईरानी कप 2024 ट्रॉफी अपने नाम कर ली। मुंबई वर्सेस रेस्ट ऑफ इंडिया मैच ड्रॉ रहा। ईरानी कप मैच में रेस्ट ऑफ इंडिया और रणजी ट्रॉफी विजेता की टक्कर होती है। मुंबई ने लखनऊ के इकान स्टेडियम में आयोजित ईरानी कप में पहली पारी में 537 रन बनाए। जवाब में रेस्ट ऑफ इंडिया 416 रनों पर ढेर हो गई। मुकाबले के पांचवें और अंतिम दिन मुंबई का स्कोर जब दूसरी पारी में 329/8 पर पहुंचा तो ड्रॉ की घोषणा कर दी गई। मुंबई ने 27 साल बाद ईरानी कप ट्रॉफी का सूखा समाप्त किया है। मुंबई ने इससे पहले 1997-98 में खिताब जीता था। हालांकि, कई लोगों के मन में सवाल है कि आखिर मैच ड्रॉ होने के बावजूद मुंबई ही क्यों चैंपियन बनी? चलिए, आपको इसकी वजह बताते हैं। पहली पारी की बढ़त ने दिलाई ट्रॉफी दरअसल, ईरानी कप में एक मैच ही खेला जाता है। ईरानी कप में नियम है कि मैच ड्रॉ रहने पर विजेता का फैसला पहली पारी की लीड के आधार पर होगा। ऐसे में जिस टीम के पास पहली पारी के बाद बढ़त होती है, उसे चैंपियन घोषित कर दिया जाता है। मुंबई इसलिए ईरानी कप ट्रॉफी पर कब्जा जमाने में सफल रही क्योंकि उसने रेस्ट ऑफ इंडिया के खिलाफ पहली पारी में 121 रनों की लीड हासिल की थी। मुंबई के लिए पांचवें दिन तनुश कोटियन और मोहित अवस्थी ने शानदार बल्लेबाजी की। दोनों ने नौवें विकेट के लिए 158 रनों की अटूट पार्टनरशिप की। कोटियन ने 150 गेंदों में 10 चौकों और एक छक्के की मदद से नाबाद 114 रन बनाए। अवस्थी ने 93 गेंदों में नाबाद 51 रन बनाए, जिसमें चार चौके और एक सिक्स शामिल हैं। सरफराज खान बने प्लेयर ऑफ द मैच मुंबई के बल्लेबाज सरफराज खान को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने पहली पारी में दोहरा शतक ठोका था। सरफराज ने 286 गेंदों का सामना करने के बाद नाबाद 222 रन जोड़े। उन्होंने 25 चौके और चार छक्के लगाए। वहीं, सरफराज दूसरी पारी में महज 17 रन ही बना पाए। रेस्ट ऑफ इंडिया के लिए सारांश जैन ने कुल सात विके चटकाए। उन्होंने दूसरी पारी में छह और पहली पारी में एक शिकार किया। रेस्ट ऑफ इंडिया के लिए अभिमन्यु ईश्वर ने 191 रन की शानदार पारी खेली। उन्हें दूसरे छोर से ध्रुव जुरेल (93) के अलावा कोई खास सहयोग नहीं मिला। दोनों नेपांचवें विकेट के लिए 165 रन जोड़े। शम्स मुलानी ने 40 ओवर में 122 रन देकर और कोटियन ने 27 ओवर में 101 रन देकर तीन तीन विकेट चटकाए।

भारत सरकार के लिए खुशखबरी, नए लाइफटाइम हाई पर पहुंचा विदेशी मुद्रा भंडार, गोल्ड रिजर्व में भी बढ़ोतरी

नई दिल्ली भारत का विदेशी मुद्रा भंडार पहली बार 700 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है। 27 सितंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान इसमें 12.6 अरब डॉलर की भारी बढ़ोतरी हुई थी। वीकली ग्रोथ के हिसाब से देखें तो यह भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में अब तक की पांचवीं बड़ी बढ़ोतरी है। शुक्रवार को आरबीआई द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार 704.8 अरब डॉलर होने का अनुमान है। चीन, जापान और स्विटजरलैंड के बाद भारत इस मुकाम पर पहुंचने वाला चौथा देश बन गया है। चीन का विदेशी मुद्रा भंडार तो भारत से करीब पांच गुना है। अमेरिका के बाद चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकॉनमी है लेकिन फॉरेक्स रिजर्व के मामले में दूर-दूर तक कोई चीन के आसपास नहीं है। साल की पहली तिमाही में चीन का विदेशी मुद्रा भंडार करीब 3500 अरब डॉलर था। इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर जापान है। उसका फॉरेक्स रिजर्व करीब 1,300 अरब डॉलर है। यूरोप का छोटा सा देश स्विट्जरलैंड इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर है। इस देश के पास करीब 900 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है। गोल्ड रिजर्व के मामले में अमेरिका सबसे आगे है। अमेरिका के सरकारी खजाने में करीब 8,133 टन सोना जमा है। दास के कार्यकाल में रेकॉर्ड उछाल भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सबसे बड़ी साप्ताहिक उछाल अगस्त 2021 में आई थी। तब यह 16.6 अरब डॉलर बढ़ा था। मार्च 2024 से विदेशी मुद्रा भंडार में 58.4 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है जबकि पिछले साल के मुकाबले इसमें 117.9 अरब डॉलर की तेजी आई है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास के कार्यकाल में भारत के विदेशी भंडार में अब तक की सबसे तेज मासिक वृद्धि हुई है। 70 महीनों की अवधि में यह $4.2 अरब प्रति माह रही। उनके कार्यभार संभालने के बाद से इसमें $298 अरब की तेजी आई। विदेशी मुद्रा आस्तियां 616.15 अरब डॉलर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार 27 सितंबर को समाप्त हफ्ते में मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा मानी जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियां 10.47 अरब डॉलर बढ़कर 616.15 अरब डॉलर हो गई. डॉलर के संदर्भ में उल्लेखित विदेशी मुद्रा आस्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की घट-बढ़ का प्रभाव शामिल होता है. समीक्षाधीन सप्ताह में गोल्ड भंडार का मूल्य 2.18 अरब डॉलर बढ़कर 65.79 अरब डॉलर हो गया. विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 80 लाख डॉलर बढ़कर 18.55 अरब डॉलर हो गया. रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, आलोच्य सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) के पास भारत का आरक्षित भंडार 7.1 करोड़ डॉलर घटकर 4.39 अरब डॉलर रहा.  

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