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आज से राज्य सेवा परीक्षा-2022 के 457 पदों के लिए इंटरव्यू, रोजाना 70-80 अभ्यर्थी साक्षात्कार की प्रक्रिया से गुजरेंगे

इंदौर राज्य सेवा परीक्षा-2022 की अंतिम चयन प्रक्रिया सोमवार से शुरू होगी। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने 457 पदों पर 1551 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया है। रोजाना 70-80 अभ्यर्थी साक्षात्कार की प्रक्रिया से गुजरेंगे। आयोग ने अभ्यर्थियों को एक घंटा पहले कार्यालय पहुंचने के निर्देश दिए है। मुताबिक अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड के अलावा पहचान पत्र भी साथ में रखना होगा। आयोग ने मुख्य परीक्षा का परिणाम सात जून को जारी किया था। जुलाई में साक्षात्कार के लिए आवेदन बुलाए, जिसमें 1551 अभ्यर्थियों का चयन किया गया, जिसमें 1259 मुख्य भाग और 292 प्रावधिक भाग में शामिल थे।   जिला पंजीयक, सहायक संचालक, डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, वाणिज्यिक कर अधिकारी, उप पुलिस अधीक्षक, श्रम अधिकारी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, अतिरिक्त सहायक विकास आयुक्त, नायब तहसीलदार, सहायक श्रम अधिकारी, वाणिज्यिक कर निरीक्षक सहित अन्य विभागों के 457 पद हैं। अधिकारियों के मुताबिक 48 चयनित अभ्यर्थियों ने जुलाई में दस्तावेज जमा नहीं किए, जिसमें 27 अभ्यर्थियों ने आवेदन और 21 अभ्यर्थियों ने समयावधि बाद दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। अक्टूबर में आयोग ने इनकी उम्मीदवारी निरस्त कर दी। आपत्ति आने के बाद आयोग ने दोबारा आवेदन बुलाए है। अभी प्रक्रिया चल रही है। वे बताते है कि 11 नवंबर से साक्षात्कार की प्रक्रिया शुरू होगी। मध्य प्रदेश लोकसेवा आयोग (एमपीपीएससी) अगले महीने राज्य पात्रता परीक्षा करवाने जा रहा है। एक दर्जन शहरों में 25 दिसंबर को परीक्षा रखी गई है। 20 विषयों में 30 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। नवंबर अंतिम सप्ताह से अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे। ऑफलाइन आयोजित होगी परीक्षा आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा केंद्रों में बदलाव नहीं किया जाएगा। इस बिंदु पर गाइडलाइन में उल्लेख किया है। म्यूजिक, गणित, कंप्यूटर साइंस, रक्षा व रणनीतिक अध्ययन, अंग्रेजी, हिंदी, फिजिक्स, भूगोल, रसायन सहित 31 विषय रखे गए हैं। परीक्षा ओएमआर शीट पर ऑफलाइन पद्धति से आयोजित होगी। प्रत्येक अभ्यर्थी को दो पेपर हल करने होंगे, जिसमें शिक्षण व शोध अभिवृत्ति और ऐच्छिक विषय रखा है। 300 अंकों के होंगे दो पेपर पहले पेपर में 50 और दूसरे पेपर में 100 प्रश्न होंगे। 300 अंक के दोनों पेपर होंगे। अभ्यर्थियों को तीन घंटे में 150 प्रश्न हल करने होंगे। ये सभी आब्जेक्टिव प्रश्न रहेंगे। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना, सागर, उज्जैन, नर्मदापुरम, शहडोल, खरगोन, रतलाम में परीक्षा केंद्र बनाएंगे। केंद्रों पर 100-150 अभ्यर्थी होंगे। अधिकारियों के मुताबिक हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषा में पेपर होंगे।

कलेक्टर सिंह ने आम नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने का किया आव्हान, अब तुरंत हो होगी कार्रवाई

इंदौर इंदौर में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) ने काम करना प्रारंभ कर दिया है। रविवार को इसका ट्रायल किया गया और एक चौराहे पर सिग्नल तोड़कर भागने वालों को अगले चौराहे पर तुरंत पकड़ लिया गया। चौराहों पर लगे कैमरों की मदद से ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को पकड़ने में पुलिस को कोई परेशानी भी नहीं हुई। अभी तक इंदौर में कैमरे से चालान कट रहे थे और मोबाइल पर मैसेज आ रहे थे या फिर घर पर चालान आ रहे थे। लोग यह चालान नहीं भर रहे थे और इस पर पैनल्टी बढ़ती जा रही थी। इस वजह से पुलिस ने रियल टाइम एक्शन शुरू किया है। अब यदि लोग किसी भी चौराहे पर ट्रैफिक नियम तोड़कर भागेंगे तो उन्हें अगले चौराहे पर पकड़ लिया जाएगा। अधिकारियों ने दिए सिस्टम को शुरू करने के निर्देश इंदौर में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर  प्रशासन एवं पुलिस ने ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को लेकर सख्ती प्रारंभ कर दी है। इंदौर शहर में यातायात के नियंत्रण के लिये विगत दिनों आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में एक चौराहे पर ट्रैफिक नियम तोड़ने पर अगले चौराहे पर ही चालान काटे जाने की कार्रवाई किये जाने का निर्णय लिया गया था। महापौर पुष्यमित्र भार्गव, कलेक्टर आशीष सिंह एवं आयुक्त नगर निगम शिवम वर्मा के निर्देशों के क्रम में इंदौर में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम ने कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। कैमरे के चालान नहीं भर रहे थे लोग, इसलिए अगले चौराहे पर ही पकड़ेगी पुलिस कलेक्टर आशीष सिंह के मार्गदर्शन में स्मार्ट सिटी मिशन इंदौर एवं ट्रैफिक पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से आज रसोमा चौराहे पर आईटीएमएस  सिस्टम से चालानी कार्रवाई की गई। उल्लेखनीय है कि यह देखने में आ रहा था कि सिग्नल तोड़ने पर ऑटोमेटिक चालान जेनरेट तो हो जाते हैं लेकिन चालान जमा करने के सिस्टम में आवश्यक सुधार की आवश्यकता महसूस हो रही थी। इसके लिए यह निर्णय लिया गया था कि चालानी कार्रवाई रियल टाइम की जाये। वाहन चालक द्वारा एक चौराहे पर सिग्नल को तोड़ा जाता है तो अगले चौराहे पर संबंधित पर चालानी कार्रवाई करते हुए वसूली की जाए। इसी के तहत यह कार्रवाई प्रारंभ की गई। कलेक्टर सिंह ने आम नागरिकों से आव्हान किया है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और कार्रवाई से बचें। स्पॉट फाइन किया गया आज स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिव्यांक सिंह एवं पुलिस उपायुक्त अरविन्द तिवारी द्वारा आईटीएमएस सिस्टम से चौराहे पर लाल बत्ती का उल्लंघन करने पर ट्रैफिक पुलिस के माध्यम से चालानी कार्यवाही की गई। दिव्यांक सिंह ने बताया कि शहर के प्रमुख चौराहों पर आईटीएमएस के माध्यम से ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन करने पर चालान बनाए जा रहे हैं। आज इस सिस्टम से रसोमा चौराहे से लाल बत्ती का उल्लंघन करने पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा एमआर-9 चौराहे पर चिन्हित वाहनों के चालान बनाए गए एवं स्पॉट फाइन किया गया।

COP29 में मध्यप्रदेश की बिटिया की भागीदारी गर्व का विषय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की प्रतिभाशाली बिटिया डॉ. साक्षी भारद्वाज को पर्यावरण क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हो रहे COP29 आयोजन में भागीदारी के लिए बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. साक्षी की भागीदारी गर्व का विषय है। उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा 29वां संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन 11 से 22 नवंबर 2024 तक अज़रबैजान के बाकू शहर में हो रहा है। इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन COP29 में भारत एवं मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के लिए मध्यप्रदेश की डॉ. साक्षी भारद्वाज का चयन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत माह भोपाल में भारत के पहले राज्य-स्तरीय Pre-CoP सम्मेलन का आयोजन भी पर्यावरण-संरक्षण के क्षेत्र में एक सार्थक प्रयास रहा है। डॉ. साक्षी कई वर्षों से पर्यावरण-संरक्षण के लिए कार्यरत हैं। राज्य युवा पुरस्कार से सम्मानित होने के साथ ही डॉ. साक्षी भोपाल से स्वच्छ भारत की ब्रांड एंबेसडर भी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैश्विक मंच पर प्रतिनिधित्व की यह उपलब्धि देश के युवाओं को पर्यावरण-संरक्षण के क्षेत्र में आगे लाने में प्रेरक भूमिका निभाएगी।  

बिलासपुर से प्रयागराज की फ्लाइट फुल, उड़ानों के फेरे बढ़ाए जाने की मांग

रायपुर/बिलासपुर  रेलवे द्वारा प्रयागराज होकर जाने वाली ट्रेन सारनाथ एक्सप्रेस को आगामी 3 महीने में कई दिनों तक निरस्त कर दिया है. इसके कारण दिल्ली और प्रयागराज जाने वाली फ्लाइट में यात्रियों की संख्या बढ़ गई है. उसमें लोगों को टिकट नहीं मिल रही है. इसको ध्यान रखते हुए हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने दिल्ली फ्लाइट को पहले की तरह व्हाया प्रयागराज सप्ताह में चार दिन चलाने की मांग की है. हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने बताया कि रेलवे द्वारा प्रयागराज होकर जाने वाली ट्रेन सारनाथ एक्सप्रेस को आगामी 3 महीने में कई दिनों तक निरस्त कर दिया है. इस कारण हवाई जहाज के जरिए प्रयागराज जाने वाले बढ़ गए हैं. वहीं दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में भी आने वाले समय में कोहरे की समस्या होगी, जिसके कारण लोग ट्रेन की बजाय हवाई जहाज से यात्रा करना पसंद करेंगे. इसको ध्यान रखते हुए बिलासपुर से प्रयागराज और दिल्ली के लिए उड़ानों के फेरे बढ़ाए जाना अत्यंत आवश्यक है. समिति ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का एलाइंस एयर के साथ एमओयू है. अतः उसे ही इन उड़ानों में वृद्धि के लिए पहल करनी चाहिए और एलाइंस एयर से उड़ान बढ़ाने को कहना चाहिए. दिवाली सीजन में दिल्ली के लिए सप्ताह में 6 दिन चलने वाली उड़ने पूरी तरह भरी गई थी, साथ ही उसका किराया भी सामान्य से अधिक रहा है. इसी तरह प्रयागराज जाने वाली फ्लाइट भी पूरी सीट के साथ चल रही है. इसके कारण यात्रियों को अधिक एलाइंस एयर यह करने में सक्षम नहीं होती है, तो ओपन टेंडर के माध्यम से अन्य विमानन कंपनियों को बिलासपुर से उड़ानें प्रारंभ करने के लिए आमंत्रित करना चाहिए. चार दिन चलने वाली प्रयागराज चल रही सिर्फ दो दिन समिति ने बताया कि बिलासपुर से प्रयागराज के लिए सप्ताह में चार दिन फ्लाइट थी. उसको घटकर 2 दिन कर दिया गया है. इस कारण प्रयागराज मार्ग पर भी उड़ान में जगह नहीं मिल रही है, और किराया बढ़ गया है. यात्रियों की संख्या को देखते हुए पहले की तरह उड़ान फिर से बढ़कर पहले की तरह सप्ताह में चार दिन करने की आवश्यकता है. इसके लिए बिलासपुर से दिल्ली के लिए चल रही सीधी उड़ान और व्हाया जबलपुर उड़ान को डिस्टर्ब किए बिना यह वृद्धि की मांग की गई है.

इंदौर में 15 नवंबर के बाद तापमान में आएगी गिरावट, अभी कुछ दिन सामान्य रहेगा मौसम

इंदौर इंदौर शहर में अभी अलसुबह व रात के समय उत्तरी हवा हल्की ठंडक का अहसास करवा रही है। दोपहर में धूप निकलने के कारण मौसम सामान्य बना हुआ है। एक सप्ताह ऐसा ही मौसम रहेगा और तापमान सामान्य के आसपास रहेगा। 15 नवंबर के बाद मौसम में परिवर्तन हो सकता है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, इंदौर में अगले सप्ताह भी हल्की ठंड का असर रहेगा और तापमान सामान्य के आसपास ही रहेगा। वर्तमान में इंदौर में हवा का रुख उत्तर व उत्तर पूर्वी तो है, लेकिन यह जमीन की सतह से एक से डेढ़ किलोमीटर की ऊंचाई पर ही चल रही है। इसके ऊपर पश्चिमी हवा चल रही है। उत्तरी हवाओं में अभी नहीं है ठंडक यही वजह है कि अभी शहर में शीतलता का असर दिखाई नहीं दे रहा है। नवंबर में अभी तक पश्चिमी विक्षोभ का असर न दिखने के कारण भी अभी तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ के न आने से हिमालय क्षेत्र में भी अभी बर्फबारी शुरू नहीं हुई है। इस वजह से हिमालय की ओर से आ रही उत्तरी हवा में अभी ज्यादा ठंडक नहीं है। मौसम विज्ञानियों की माने तो अगले सप्ताह एक पश्चिमी विक्षोभ के आने की संभावना है। इसके असर से 15 नवंबर के बाद तापमान में गिरावट आने की संभावना है। अभी सुबह व रात में ठंडक व दोपहर में धूप के कारण गर्मी होने के कारण शहरवासी वायरल, बुखार के शिकार हो रहे हैं। ऐसे में बदलते मौसम में सभी को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की जरूरत है। अलसुबह वाक या काम पर जाते समय जैकेट पहनें व सिर व कान को टोपी, मफलर से ढंककर रखें। रात के समय भी ठंडक बढ़ने पर इस तरह की सावधानी रखें।

ओंकारेश्वर से 75 किलोमीटर लंबी पंचकोशी यात्रा का आयोजन, बड़ी संख्या में पहुंचे हजारों श्रद्धालु

ओंकारेश्वर नर्मदा नदी के तट पर बसे ओंकारेश्वर से 75 किलोमीटर लंबी पंचकोशी यात्रा का आयोजन इस वर्ष देवउठनी एकादशी से एक दिन पहले, आज से शुरू हो रहा है। परंपरागत रूप से हर साल देवउठनी एकादशी से पंचकोशी यात्रा शुरू होती है, लेकिन इस वर्ष तिथियों में बदलाव के कारण यात्रा दशमी को प्रारंभ की जा रही है। इस यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु ओंकारेश्वर पहुंचे हैं, जिनमें महिलाएं, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग सभी शामिल हैं। 49 वर्षों से जारी पंचकोशी यात्रा सन 1975 में शुरू हुई पंचकोशी यात्रा का यह 49वां वर्ष है। इसकी शुरुआत मात्र पांच लोगों द्वारा की गई थी, जिसके जनक सनावद निवासी रविंद्र भारती चौरे थे। अब यह यात्रा ओंकारेश्वर से शुरू होकर 75 किलोमीटर की परिक्रमा करते हुए पांच दिनों में संपन्न होती है और कार्तिक पूर्णिमा के दिन ओंकार पर्वत की परिक्रमा के साथ समाप्त होती है। श्रद्धालुओं का आगमन और सुरक्षा व्यवस्था शनिवार से ही ओंकारेश्वर में श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था। सभी ने नर्मदा स्नान के बाद यात्रा की तैयारियां कीं। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए खंडवा और खरगोन जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। मुख्य चौराहों, घाटों और यात्रा मार्ग पर पुलिस बल और होमगार्ड के जवान तैनात किए गए हैं। पुलिस थाने के अनोख सिंधिया ने बताया कि भगवान आदि शंकराचार्य तिराहे से चार पहिया वाहनों का प्रवेश दोपहर 1 बजे से रोक दिया गया था, और वाहनों की पार्किंग कुबेर भंडारी मंदिर पर की जा रही है। श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था नगर परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संजय गीते ने बताया कि यात्रा में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ध्यान रखने के निर्देश सभी संबंधित विभागों को दिए गए हैं। मंदिर ट्रस्ट के सहायक कार्यपालन अधिकारी अशोक महाजन ने बताया कि घाटों पर श्रद्धालुओं को नर्मदा के जलस्तर की जानकारी लाउडस्पीकर से दी जा रही है। इस दौरान मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि को देखते हुए सभी कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया है। पूरे मार्ग पर सेवाभाव और सहयोग यात्रा के पूरे मार्ग पर कई गांवों और नगरों में श्रद्धालुओं के लिए पानी, भोजन और विश्राम की सुविधाएं स्थानीय लोगों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही हैं। पंचकोशी यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालु नर्मदा स्नान, ज्योतिर्लिंग के दर्शन और कार्तिक पूर्णिमा के पर्व पर शामिल होने के उद्देश्य से ओंकारेश्वर पहुंचे हैं।

नर्सिंग कॉलेजों में 45 हजार सीटों में से 6 हजार से भी कम पर एडमिशन

भोपाल. सीबीआई और हाई कोर्ट द्वारा गठित उच्च स्तरीय जांच समिति के परीक्षण में भले ही लगभग 175 नर्सिंग कॉलेज मान्यता के योग्य पाए गए हैं, पर सख्ती के चलते कई कॉलेज संचालक हाथ खींच रहे हैं। उन्होंने मान्यता के लिए आवेदन ही नहीं किया है, मान्यता नवीनीकरण के लिए लगभग 300 आवेदन आए थे, जिनमें 125 के करीब ही मान्यता योग्य बताए जा रहे हैं। सीटों की बात करें तो इन 125 कॉलेजों में जीएनएम (डिप्लोमा पाठ्यक्रम) और बीएससी (नर्सिंग) मिलाकर लगभग छह हजार सीटें ही हैं, जबकि वर्ष 2020 के बाद एक समय ऐसी स्थिति थी कि प्रदेश में 670 नर्सिंग कॉलेजों में 45 हजार तक सीटें थीं। यह कॉलेजों और सीटों की अब तक की सर्वाधिक संख्या रही। सीटें कम होने का बड़ा नुकसान नर्सिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश की तैयारी कर रहे युवक-युवतियों का होगा। कोई नया कॉलेज नहीं खोला जाएगा मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल के अधिकारियों ने बताया कि एक-दो दिन के भीतर मान्यता जारी होने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने तय किया है वर्ष 2023 की तरह इस वर्ष भी कोई नया कॉलेज नहीं खोला जाएगा, सिर्फ पहले से संचालित कॉलेजों को ही मान्यता दी जाएगी। नवीनीकरण के लिए कॉलेजों से आवेदन मांगे गए थे, जिनके परीक्षण का काम लगभग पूरा हो गया है। मान्यता नवीनीकरण सूची जारी होने के बाद एमपी ऑनलाइन से प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। प्रवेश के लिए कर्मचारी चयन मंडल पहले ही प्रवेश परीक्षा आयोजित कर चुका है। चिकित्सा शिक्षा संचालनालय के अधिकारियों ने बताया कि दिसंबर में प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। बंद हो जाएंगे 350 कॉलेज बता दें, लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल ने नर्सिंग कॉलेजों के संचालन में मापदंड को लेकर हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी। कुछ कॉलेजों का फर्जीवाड़ा मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल ने पकड़ा। हाई कोर्ट ने अपात्र कॉलेजों को बंद करने के निर्देश दिए। इस तरह लगभग 200 कॉलेज बंद हो गए। अभी 485 कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इनमें लगभग 350 बंद हो जाएंगे क्योंकि वे मान्यता के लिए जरूरी सुविधाओं के पैमाने पर खरे नहीं उतर रहे। आगे भी यही स्थिति रही तो प्रदेश की आवश्यकता के अनुसार नर्सिंग कर्मचारी निजी एवं सरकारी अस्पतालों को नहीं मिल पाएंगे।

गंगोत्री धाम की आगामी यात्रा सीजन में जुड़ जाएगी हेली सेवा

उत्तरकाशी. आगामी यात्रा सीजन में गंगोत्री धाम हेली सेवा से जुड़ जाएगा। इसके लिए धाम से डेढ़ किमी पहले नगर पंचायत के पुराने पार्किंग स्थल में हेलीपैड का निर्माण किया जा रहा है। निर्माणाधीन हेलीपैड परिसर में देवदार के तीन वृक्ष भी हैं, जिनके पातन के लिए वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति मांगी गई है। अभी तक सीधे तौर पर हेली सेवा से नहीं जुड़े धाम उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री व यमुनोत्री धाम अभी तक सीधे तौर पर हेली सेवा से नहीं जुड़े हैं। गंगोत्री धाम जाने के लिए विशिष्ट-अतिविशिष्ट अतिथि और तीर्थ यात्रियों को 25 से 30 किमी दूर हर्षिल व झाला स्थित हेलीपैड पर उतरना पड़ता है। आम तीर्थ यात्रियों को झेलनी पड़ती हैं खासी दिक्कतें वीआइपी दौरे के दौरान हर्षिल से गंगोत्री के बीच हाईवे पर यात्रा को भी रोका जाता है, इससे आम तीर्थ यात्रियों को खासी दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। इसी तरह से यमुनोत्री धाम जाने के लिए भी विशिष्ट-अतिविशिष्ट अतिथि और तीर्थ यात्रियों को खरसाली में उतरना पड़ता है। यहां से यमुनोत्री धाम के लिए छह किमी की दूरी पैदल दूरी नापनी पड़ती है। लेकिन, अब दोनों धामों में हेली सेवा मिलने की उम्मीद है। गंगोत्री धाम में हेलीपैड का 80 प्रतिशत कार्य पूरा यमुनोत्री धाम में गरुड़ गंगा के पास हेलीपैड के लिए स्थल चिह्नित कर उसका समतलीकरण किया जा चुका है। जबकि, गंगोत्री धाम में हेलीपैड का 80 प्रतिशत कार्य हो चुका है। यह हेलीपैड लगभग 35 लाख की धनराशि से नगर पंचायत के पुराने पार्किंग स्थल में बनाया जा रहा है।  

बाल विवाह कराने या सहयोग करने वालों को होगी जेल , देवउठनी एकादशी पर बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन की सख्ती

Those who organize or support child marriage will be jailed, administration’s strictness to stop child marriage on Devuthani Ekadashi भोपाल ! प्रदेश सरकार ने आगामी देवउठनी एकादशी पर बाल विवाह की रोकथाम के लिए कड़ी तैयारी शुरू कर दी है। इस दिन होने वाले सामूहिक विवाह कार्यक्रमों में बाल विवाह के मामलों को रोकने के लिए प्रशासन ने विशेष कदम उठाए हैं। सामूहिक विवाह आयोजकों से यह शपथ पत्र लिया जाएगा कि उनके कार्यक्रमों में किसी भी रूप में बाल विवाह नहीं होगा। प्रशासन ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया है और बाल विवाह करने या इसे प्रोत्साहित करने वालों को दो साल तक की सजा का प्रावधान किया है। इसके साथ ही, प्रशासन ने एक जाँच व्यवस्था बनाई है, जिसमें 10 विशेष टीमें तैनात की जाएंगी, जो सामूहिक विवाह कार्यक्रमों पर निगरानी रखेंगी। इन टीमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कहीं भी बाल विवाह ना हो और सभी विवाह नियमों के तहत ही संपन्न हों।साथ ही, प्रशासन ने आयोजन से जुड़े सभी विभिन्न सेक्टरों को भी निर्देशित किया है। प्रिंटिंग प्रेस, हलवाई, कैटरिंग सेवाएं, बैंड, घोड़ी वाले और ट्रांसपोर्ट सेवा के संचालकों को भी बाल विवाह को रोकने में सहयोग देने के लिए कहा गया है। धर्मगुरु और समाज के प्रमुखों से भी यह उम्मीद की जा रही है कि वे इस अभियान में प्रशासन का साथ देंगे और समाज में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाएंगे। इस कदम से प्रशासन का मुख्य उद्देश्य समाज में बाल विवाह की कुरीति को समाप्त करना है और इसे रोकने के लिए हर संभव प्रयास करना है।सभी की सक्रिय भागीदारी से उम्मीद की जा रही है कि देवउठनी एकादशी पर आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह कार्यक्रम सुरक्षित और कानूनी रूप से सही तरीके से संपन्न होंगे, जिससे प्रदेश में बाल विवाह की घटनाओं में कमी आएगी। यहां करें शिकायतबाल विवाह की सूचना चाइल्ड लाइन के दूरभाष नंबर 1098 पर दे सकते हैं। इसके अलावा एसडीएम, तहसीलदार, थाना प्रभारी, परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को दे सकते हैं। शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाएगा।

‘बहन-बेटी की इज्जत के साथ खिलवाड़ करोगे तो जहन्नुम पहुंचा देंगे…: योगी आदित्यनाथ

प्रयागराज. सीएम योगी आदित्यनाथ रविवार को विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के लिए फूलपुर पहुंचे। यहां उन्होंने कोटवा स्थित तिलक इंटर कॉलेज में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने समाजवादी पार्टी और उसके प्रमुख अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला। सीएम ने कहा कि कभी यह क्षेत्र और उत्तर प्रदेश अराजकता और दंगों के लिए जाना जाता था। पहचान का संकट था। युवाओं के सामने रोजगार का संकट था, बेटी-बहन की इज्जत सुरक्षित नहीं थी, किसान आत्महत्या के लिए मजबूर होता था। व्यापारी असुरक्षित महसूस करता था, लेकिन आज ऐसा नहीं है। कांग्रेस और सपा पर बोला जमकर हमला ‘आज कल तो लोग यह कहते सुने जा रहे हैं, देख सपाई, बिटिया घबराई। याद है कन्नौज और हरदोई में इन्होंने क्या किया। क्या इसमें कार्रवाई नहीं करनी चाहिए थी। जब मैंने कार्रवाई की, इनको बुरा लगा। माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेंगे. तो क्या करेंगे। याद करिए गाजीपुर में विधायक कृष्णानंद राय की हत्या किसने की थी, सात लोग साथ में मारे गए थे। सपा की छत्र-छाया में पलने वाले माफिया ने हत्या की थी। प्रयागराज में विधायक राजू पाल की हत्या करने वाला कौन माफिया था, याद करिए इसी सपा का शार्गिद बनकर जो राज करता था। सपा का वास्तिवक चरित्र देखना है तो कन्नौज की घटना को याद करें, जब हमने कार्रवाई की तो सपाई लाल-पीले हो रहे थे।’ सीएम ने कहा, ‘बेटी और बहन की इज्जत के साथ खिलवाड़ करोगे तो जन्नत में तो जगह नहीं मिलेगी, जहन्नुम में जरूर पहुंचा देंगे।’ कांग्रेस और सपा पर व्यंग्य कसते हुए बोले, ‘पीडीए नहीं, यह दंगाइयों और अपराधियों का हाउस है। प्रदेश का कोई अपराधी नहीं, माफिया नहीं, जो सपा का शार्गिद न हो। याद करिए प्रयाग का अतीक अहमद, गाजीपुर का मुख्तार अंसारी, अंबेडकर नगर का खान मुबारक रहा हो, ये सभी सपा के प्रोड्क्ट हाउस के सदस्य थे। जय प्रकाश नारायण, राम मनोहर लोहिया, आचार्य नरेंद्र देव, चंद्रशेखर और जनेश्वर मिश्र का नाम लेते हुए कहा कि आजादी के बाद इन्होंने लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए काम किया था, देश को दिशा दी थी। वहीं आज समाजवादी पार्टी माफिया और बदमाशों का जमवाड़ा भर रहा गया है।’ उन्होंने भाजपा प्रत्याशी दीपक पटेल के समर्थन में वोट की अपील करते हुए कहा कि फूलपुर विधानसभा प्रभु की असीम कृपा का क्षेत्र है। प्रयाग गंगा का क्षेत्र है। प्रयाग की महिमा की बखान करते हुए मोदी सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। उन्होंने कहा, ‘दस वर्ष के अंदर मोदी जी ने जो परिवर्तन करके दिखाया है, उसने बहुत कुछ बदल दिया है। देश में चार करोड़ गरीबों के मकान बने, यूपी में 56 लाख मकान बने। देश में 12 करोड शौचालय बने। यूपी में दो करोड 61 लाख शौचालय बने। देश में एक करोड़ 86 लाख फ्री में गैन कनेक्शन बंटे।’

आज CJI की शपथ लेंगे जस्टिस संजीव खन्ना , EVM समेत ये फैसले रहे चर्चा में

नई दिल्ली. न्यायमूर्ति संजीव खन्ना 11 नवंबर को 51वें सीजेआई के रूप में शपथ लेंगे। संजीव खन्ना, जो चुनावी बांड योजना को खत्म करने और अनुच्छेद 370 को निरस्त करने जैसे सुप्रीम कोर्ट के कई ऐतिहासिक फैसलों का हिस्सा रहे हैं। सोमवार को भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सुबह 10 बजे राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में उन्हें पद की शपथ दिलाएंगी।  बता दें कि न्यायमूर्ति खन्ना न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ का स्थान लेंगे, जो रविवार को सेवानिवृत्त हुए और उनका कार्यकाल 13 मई, 2025 तक रहेगा। कैसे हुई नियुक्ति? 16 अक्टूबर को मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ की सिफारिश के बाद केंद्र ने 24 अक्टूबर को आधिकारिक तौर पर न्यायमूर्ति खन्ना की नियुक्ति को अधिसूचित किया। शुक्रवार को सीजेआई के रूप में न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ का आखिरी कार्य दिवस था और उन्हें शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों, वकीलों और कर्मचारियों द्वारा जोरदार विदाई दी गई। न्यायमूर्ति खन्ना ने जनवरी 2019 से सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में कार्य किया है, कई ऐतिहासिक निर्णयों का हिस्सा रहे हैं जैसे कि ईवीएम की पवित्रता को बरकरार रखना, चुनावी बांड योजना को खत्म करना, अनुच्छेद 370 को निरस्त करना और पूर्व दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत देना। पूर्व जज के भतीजे हैं नए जज दिल्ली स्थित एक प्रतिष्ठित परिवार से आने वाले, न्यायमूर्ति खन्ना दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति देव राज खन्ना के बेटे और टॉप अदालत के प्रमुख पूर्व न्यायाधीश एच आर खान के भतीजे हैं। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, को 18 जनवरी, 2019 को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में प्रमोट किया गया था, हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने से पहले तीसरी पीढ़ी के वकील थे। वह लंबित मामलों को कम करने और न्याय बांटने में तेजी लाने के उत्साह से प्रेरित हैं। कैसे आए चर्चा में? न्यायमूर्ति खन्ना के चाचा न्यायमूर्ति एच आर खन्ना 1976 में आपातकाल के दौरान कुख्यात एडीएम जबलपुर मामले में असहमतिपूर्ण फैसला लिखने के बाद इस्तीफा देकर सुर्खियों में आये थे। आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों के हनन को बरकरार रखने वाले संविधान पीठ के बहुमत के फैसले को न्यायपालिका पर “काला धब्बा” माना गया।

गुजरात के भावनगर में एक व्यक्ति ने अपने शादी के कार्ड पर छपा सीएम योगी का ‘बंटोगे तो कटोगे’ नारा

भावनगर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नारा ‘बंटोगे तो कटोगे’ चर्चा का विषय बना हुआ है। अब गुजरात के भावनगर में एक व्यक्ति ने अपने शादी के कार्ड पर इस नारे को छपवाया है और उसके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर भी छपवाई है। पूरा मामला गुजरात के भावनगर जिले की महुवा तहसील के वांगर गांव का है। जहां पर एक भाजपा कार्यकर्ता के घर 23 नवंबर को शादी होनी है। शादी के लिए तैयार किए गए निमंत्रण कार्ड पर सीएम योगी का चर्चित नारा ‘बंटोगे तो कटोगे’ छपवाया गया है, जिसमें हिंदू समुदाय को एकजुट करने की बात कही गई है। पूरे प्रदेशभर में इस कार्ड की चर्चा की जा रही है। बता दें कि हाल ही में हरियाणा के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘बंटोगे तो कटोगे’ का नारा दिया था। इसके बाद से राजनीतिक गलियारों में इस नारे की चर्चा लगातार हो रही है। चुनावी राज्य महाराष्ट्र और झारखंड में भी योगी के इस नारे पर राजनीतिक पार्टियां आमने-सामने हैं। उत्तर प्रदेश की नौ विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में भी इस नारे का असर देखने को मिल सकता है। भाजपा कार्यकर्ता ने बताया कि उसने लोगों को जागरूक करने और पीएम मोदी के संदेश को फैलाने के मकसद से ये नारा छपवाया है। कार्ड में पीएम मोदी, सीएम योगी और राम मंदिर का डिजाइन भी बनवाया गया है। साथ ही कार्ड में स्वच्छता अभियान और स्वदेशी अपनाने की बात पर भी जोर दिया गया है। गौरतलब है कि झारखंड में एक रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा था, “अपनी ताकत का एहसास कराएं, जातियों में बंटना नहीं है। जाति के नाम पर कुछ लोग आपको बांटेंगे, कांग्रेस और विपक्ष यही काम करती है। ये लोग बांग्लादेशी घुसपैठियों, रोहिंग्या को बुला रहे हैं। एक दिन ये लोग आपके घर के अंदर घंटी और शंख भी नहीं बजाने देंगे। इसलिए एक रहिए और नेक रहिए। मैं तो कहता हूं कि देश का इतिहास गवाह है जब भी बंटे हैं, निर्ममता से कटे हैं।’

सलूंबर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की जीत ही पूर्व विधायक अमृतलाल मीणा को सच्ची श्रद्धांजलि होगी: दियाकुमारी

सलूम्बर (उदयपुर) राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा है कि तेरह नवंबर को सलूंबर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत ही पूर्व विधायक अमृतलाल मीणा को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। श्रीमती दिया कुमारी शनिवार को सलंबूर में भाजपा प्रत्याशी शांता देवी के समर्थन में जनसंपर्क कर रही थी। उन्होंने कहा कि श्रीमती शांता देवी की जीत ही स्वर्गीय अमृतलाल मीणा को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि श्री मीणा ने मेवाड़ की विपरीत परिस्थितियों में भी कमल खिलाये रखा, क्योंकि वह एक मिलनसार व्यक्ति थे। उन्होने सलूंबर के विकास के लिए भरपूर प्रयास किये और उनकी कमी सलूंबर और भाजपा को हमेशा खलती रहेगी। लेकिन अब शीर्ष नेतृत्व ने उनकी पत्नी शांता देवी को यह जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने अपील की कि शांता देवी को जीताकर श्री अमृतलाल मीणा को सच्ची श्रद्धांजलि दे। उपमुख्यमंत्री ने सलूंबर विधानसभा क्षेत्र के जावद में जनसभा को संबोधित किया और फिर सलूंबर कस्बे में एक रोड शो भी किया। रोड शो में भारी संख्या में स्थानीय निवासी, ख़ासकर महिलाओं ने हिस्सा लिया। उन्होने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दिन-रात काम कर रहे है और विकसित राजस्थान के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पूरी टीम मेहनत कर रही है। सलूंबर की कड़ी विकास के डबल इंजन से जुड़ी रहे, इसके लिए जरूरी है कि शांता देवी को आप सभी मिल कर भारी बहुमत से जिता कर विधानसभा में भेजे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के प्रवासी वोटों को भी बूथ तक ले जाने के लिए विशेष प्रयास किये जाने चाहिए। उन्होंने मातृशक्ति से अपील करते हुए कहा कि माताओं-बहनों की विशेष जिम्मेदारी है कि वे परिवार के सभी सदस्यों को वोट डालने के लिए प्रेरित करे।  

प्रदेश के स्कूलों में बैगलेस-डे में विभिन्न गतिविधियों के साथ बच्चों का बढ़ाया जायेगा कौशल

भोपाल. प्रदेश में कक्षा-6 से 8 तक पढ़ने वाले बच्चों का समग्र विकास हो, इसके लिये बैगलेस-डे के दिन बच्चों को विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करने का निर्णय स्कूल शिक्षा विभाग ने लिया है। इस दिन बच्चों के बीच पढ़ाई के अलावा विभिन्न सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं व्यावहारिक गतिविधियाँ की जायेंगी। इस संबंध में राज्य शिक्षा केन्द्र ने जिला शिक्षाधिकारियों और जिला परियोजना समन्वयक को निर्देश जारी किये हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में यह प्रावधान रखा गया है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे 21वीं सदी के कौशल से परिचित हो सकें, इसके लिये कक्षा-6 से 8 तक के स्कूल के बच्चों के लिये प्रत्येक माह में न्यूनतम एक शनिवार को बस्ते-विहीन दिवस का आयोजन हो। इन दिवसों में विद्यार्थियों को व्यावहारिक कौशल की जानकारी दी जाये। बैगलेस-डे के लिये शाला के प्राचार्य एवं शिक्षकों को चर्चा कर गतिविधियों का कैलेण्डर तैयार करने के लिये भी कहा गया है। गतिविधियों की जानकारी “एचडी जिओ टैगी फोटोग्रॉफ’’ राज्य शिक्षा केन्द्र के ई-मेल आईडी rsk.curriculum@gmail.com पर भेजने के लिये कहा गया है। बैगलेस-डे का उद्देश्य विद्यार्थियों को सफल, नवाचारी और जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना है। इसी के साथ विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, साक्ष्य आधारित सोच और रचनात्मकता का विकास करना है। विद्यार्थियों में संवाद, विचार अभिव्यक्ति, स्वास्थ्य एवं पोषण, खेल सहयोग की भावना एवं नेतृत्व गुण के साथ भारतीय ज्ञान परम्परा और पर्यावरणीय चेतना का विकास करना प्रमुख है। बैगलेस-डे में होने वाली गतिविधियाँ राज्य शिक्षा केन्द्र ने बैगलेस-डे में होने वाली गतिविधियों के संबंध में भी दिशा-निर्देश जारी किये हैं। ऑर्ट और क्रॉफ्ट में बच्चों के बीच में ड्राइंग, पेंटिंग, मिट्टी के खिलौनों का निर्माण, मुखौटे, डॉल-मेकिंग और अनुपयोगी सामग्री से वस्तुओं का निर्माण प्रमुख है। साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में बच्चों के बीच लोकगीत-नृत्य, लघु नाटिका, कविता पाठ, कहानी लेखन गतिविधियाँ की जायें। बच्चों को खेती की आधुनिक पद्धतियों की जानकारी हो सके, इसके लिये पॉलीफॉर्मिंग, ऑर्गेनिक फॉर्मिंग, औषधीय पौधों की जानकारियाँ और खेती में उपयोग होने वाले आधुनिक उपकरणों की जानकारी दी जाये। साथ ही स्थल भ्रमण भी कराया जाये। बच्चों को ऐतिहासिक स्थलों, लघु उद्योग व्यवसाय, जिनमें मधुमक्खी-पालन, मुर्गी एवं मछली-पालन इत्यादि की जानकारी दी जाये। बच्चों को स्थानीय बैंक, पुलिस थाना, अस्पताल और अनाज मण्डी का भ्रमण कराया जाये। बच्चों को हथकरघा, खिलौने निर्माण जैसी इकाइयों का भ्रमण कराया जाये। इसी के साथ बच्चों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण की जानकारी देने के साथ खेल गतिविधियाँ भी करायी जायें।

रीजनल इन्वेसटर्स समिट नर्मदापुरम में, सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना: मुख्यमंत्री

भोपाल मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम में 7 दिसंबर को रीजनल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जाएगा, जिसमें निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है ताकि उन्हें राज्य से बाहर न जाना पड़े। मुख्यमंत्री आगामी फरवरी में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए विदेश यात्रा पर भी जाएंगे और विदेशी निवेशकों से राज्य में निवेश के अवसरों पर चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री  ने बताया कि इस समिट में आईटी, MSME और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। समिट के माध्यम से प्रदेश में बड़े और छोटे उद्योगों की स्थापना की संभावनाओं को विस्तार दिया जाएगा, जिससे न केवल राज्य का आर्थिक विकास होगा बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा। फरवरी में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारी मुख्यमंत्री यादव ने जानकारी दी कि वे फरवरी में मध्यप्रदेश में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए ब्रिटेन और जर्मनी का दौरा करेंगे। इस यात्रा के दौरान वे विदेशी निवेशकों से मिलकर उन्हें प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे। उन्होंने बताया कि यह समिट राज्य में औद्योगिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पूरी कोशिश है कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के लिए राज्य के बाहर न जाना पड़े। इसके लिए राज्य सरकार नए उद्योगों और निवेश की संभावनाओं को प्रोत्साहित करने में जुटी है। “वन नेशन, वन इलेक्शन”  का समर्थन चुनावों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के “वन नेशन, वन इलेक्शन” के विचार का समर्थन किया और कहा कि बार-बार चुनाव से ध्यान भटकता है। उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि भाजपा महाराष्ट्र, झारखंड और मध्यप्रदेश के उपचुनावों में जीत हासिल करेगी। मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि वे झारखंड में तीन जनसभाओं को संबोधित करेंगे और वहां से सीधे विजयपुर रवाना होंगे।

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