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इंदौर में बदमाशों का तांडव, रेसकोर्स रोड पर बदमाशों ने चार लोगों से सोने के गहने लूटे

इंदौर इंदौर शहर के सबसे पॉश इलाकों में शुमार रेसकोर्स रोड पर लूट की बड़ी वारदात की घटना सामने आई है। दो बदमाशों ने यहां चाकू अड़ाकर चार लोगों से सोने के आभूषण लूट लिए। सोने के आभूषण लाखों रुपये कीमत के बताए जा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद तुकोगंज थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस अब इस मामले में सीसीटीवी कैमरे खंगालकर बदमाशों की तलाश में जुट गई है। व्यस्त इलाके में इस तरह की घटना से कई सवाल खड़े होने लगे हैं। बदमाश लोगों को धमका रहे थे कि अगर वे गहने नहीं देते तो उन्हें चाकू मार देंगे। घबराए लोगों ने अपने गहने उतारकर उन्हें दे दिए। जिसे लेकर वे फरार हो गए। कॉलोनियों में घुसे चोर, घरों से लाखों के आभूषण चुराए रात्रि गश्त और नाकाबंदी के बाद भी नकाबपोश बदमाश सूने घरों में घुस गए। पाश कॉलोनियों से चोर लाखों रुपये कीमती आभूषण, नकदी, लेपटाप व अन्य सामान चुराकर ले गए। सीसीटीवी फुटेज में चोर अलग-अलग घरों में दस्तक देते नजर आ रहे हैं। वारदात की शुरुआत राऊ थाना अंतर्गत साईं रायल पाल्म कालोनी में हुई है। फरियादी राशी सोलंकी सात नवंबर को रात करीब आठ बजे पति नवनीतसिंह सोलंकी के साथ पैतृक निवास सुदामा नगर गई थीं। महंगी शराब की बोतलें भी चुरा ली शनिवार सुबह सवा आठ बजे पड़ोसी जेके सोनी ने कॉल कर बताया घर का दरवाजा खुला हुआ है। राशी और नवनीत घर आए तो पता चला घर में चोरी हुई है। पांच अलमारियों के ताले टूटे हुए थे। चोर सोने के आभूषण,नकदी और महंगी शराब की बोतलें चुरा कर ले गए। राशी और नवनीत सरकारी शिक्षक हैं। उन्होंने थाने में शिकायत की। सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक एक्सपर्ट पहुंचे और चोरों के फिंगर प्रिंट जुटाए। पुलिस ने कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो चार चोर नजर आए दो दो-दो की टुकड़ी बनाकर चोरी कर रहे थे। चोरों ने कई घरों के दरवाजों पर दस्तक दी थी। जिन घरों में ताले नहीं लगे उनको छोड़ दिया। सीसीटीवी की जांच कर रहे हैं।  

उपचुनाव की जंग, जनता किसके संग, BJP-Congress के बीच कांटे की टक्कर, चुनाव प्रचार आज थमेगा

भोपाल  मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 13 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए आज सोमवार को चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है, जहां प्रचार के लिए पहुंच रहे आज भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज नेता पार्टी के प्रत्याशियों के लिए वोट मांगने के लिए अपनी ताकत झोंकेंगे. मध्य प्रदेश को विधानसभा सीट क्रमशः बुधनी और विजयपुर और छत्तीसगढ़ में दक्षिण रायपुर में बुधवार को उपचुनाव होना है. MP के बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीट और CG के दक्षिण रायपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार का आज यानी 11 नवंबर को अंतिम दिन है. उपचुनाव के अंतिम दिन दिग्गज नेता कैंपेनिंग करेंगे और पार्टी के प्रत्याशियों के लिए जनता से वोट मांगेंगे. विजयपुर और बुधनी और दक्षिण रायपुर में प्रचार का अंतिम दिन आज मध्य प्रदेश के विजयपुर सीट से वन मंत्री रामनिवास रावत BJP से मैदान में हैं, तो उनके सामने कांग्रेस ने मुकेश मल्होत्रा को टिकट दिया गया है. कांग्रेस से विधायक रहे रामनिवास रावत ने बीजेपी से जुड़ने के बाद इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद विजयपुर सीट पर रिक्त हो गया. वहीं, पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के सांसद चुने जाने के बाद बुधनी सीट रिक्त हो गया. बुधनी सीट से बीजेपी प्रत्याशी रमाकांत भार्गव और कांग्रेस से राजकुमार पटेल मैदान में हैं. प्रचार के अंतिम दिन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विजयपुर में करेंगें चुनाव प्रचार रिपोर्ट के मुताबिक पिछले कई दिनों मुख्यमंत्री मोहन यादव से लेकर BJP की कई बड़े नेताओं ने विजयपुर और बुधनी में कैंपेन कर रहे हैं. तो वहीं कांग्रेस से जीतू पटवारी और सचिन पायलट जैसे नेता विजयुपर में प्रचार किया है. प्रचार के अंतिम दिन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी विजयपुर में अलग अलग जगहों पर चुनाव प्रचार में करेंगे. विजयपुर सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए बीजेपी प्रत्याशी रामनिवास रावत और कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा आमने-सामने हैं, जबकि बुधनी विधानसभा सीट के लिए हो रहे उपचुनाव के लिए बीजेपी प्रत्याशी रमाकांत भार्गव और कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार पटेल आमने-सामने हैं. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह बुधनी में अलग-अलग क्षेत्रों में करेंगे प्रचार वहीं, चुनाव प्रचार के आखिरी दिन केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधनी में पहुंचेंगे और बुधनी विधानसभा क्षेत्र के अलग- अलग जगहों पर जनसभा और कार्यक्रम बैठकों में शामिल होंगे. जबकि बीते रविवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद बुधनी विधानसभा क्षेत्र पहुंचे थे और बुधनी मेंअलग अलग जगहों पर प्रचार करते हुए नज़र आए थे. आज शाम 5 बजे विधानसभा क्षेत्रों में बंद हो जाएंगे चुनाव प्रचार आगामी 13 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए आज 11 नवंबर को चुनाव प्रचार बंद हो गए. आज शाम 5 बजे तक ही सभी राजनीतिक दल चुनाव कैंपेन लाउड स्पीकर के माध्यम से प्रचार कर पाएंगे. हालांकि मतदान से पहले एक दिन पहले बिना गाजे-बाजे और लाउडस्पीकर के पार्टी प्रत्याशी घर-घर जाकर वोटरों से मिलकर अपने लिए वोट मांगेंगे. बीजेपी का पलड़ा भारी आदर्श नगर निवासी मन्नत धनगर का कहना है कि चुनावी माहौल किसका है अभी कहा नहीं जा सकता लेकिन जैसे चुनाव के दिन नजदीक आएगा पता चलेगा. यह बीजेपी का वार्ड है लेकिन टक्कर जोरदार रहने वाली है 2-4 दिन में पता चल जाएगा. अभी माहौल ठंडा है चुनाव नजदीक आने पर माहौल गरम होगा. वार्ड में दोनों पार्टी के अन्य नेता प्रचार प्रसार करने आ रहे हैं. सुनील अग्रवाल का कहना है कि दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी का पलड़ा भारी है. यह इलाका बृजमोहन का गढ़ होने की वजह से उसको हरा पाना मुश्किल. इस इलाके में पूर्व विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने बहुत सारे काम करवाए हैं. उनके काम को जनता देख रही है. चाहे सड़क निर्माण की बात हो या गली की चौक चौराहा पर बिजली लाइटिंग की व्यवस्था की बात, सारी सुविधाएं बृजमोहन अग्रवाल के कार्यकाल के दौरान हुए है. इसी वजह से लोग बृजमोहन अग्रवाल और भाजपा को पसंद करते हैं और इस बार दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में यहां से बीजेपी की जीत होगी. 8 बार जीत चुके हैं बृजमोहन अग्रवाल आदर्श नगर दुर्गा पारा निवासी जयसिंग देवांगन का कहना है उपचुनाव के दोनों प्रत्याशी एक दूसरे के टक्कर के हैं. लेकिन दक्षिण विधानसभा बृजमोहन अग्रवाल का गढ़ है. यहां के वे पूर्व विधायक है. उनकी काट का आज तक कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं आया है. इस बार बीजेपी से सुनील सोनी जरूर चुनावी मैदान में हैं लेकिन क्षेत्र की जनता बृजमोहन अग्रवाल के कहने पर वोट करती है. इसका लाभ सुनील सोनी को मिलेगा. यहां के बच्चे बच्चे बृजमोहन अग्रवाल को जानते हैं. बृजमोहन अग्रवाल यहां से आठ बार चुनाव जीत चुके हैं. इसलिए उनके नाम का यहां माहौल बना हुआ है. कांग्रेस से आकाश शर्मा को प्रत्याशी बनाया गया है. प्रत्याशी अच्छा है बाकी जितनी मेहनत करेगा उतना उसको फल मिलेगा. कांग्रेस ने टिकट देने में कोई गलती नहीं की है आकाश शर्मा प्रत्याशी अच्छा है.

आज Vistaraभरेगी आखिरी उड़ान, मर्जर के पहले Tata Group को दे गई ₹3,195 करोड़

 नई दिल्ली भारतीय एविएशन सेक्टर से जुड़ी एक बड़ी खबर है. दरअसल, टाटा ग्रुप (Tata Group) और सिंगापुर एयरलाइंस (Singapore Airlines) की हिस्सेदारी वाली एयरलाइंस कंपनी विस्तारा आज अपनी आखिरी उड़ान (Vistara Last Flight) भरेगी. कल यानी मंगलवार 12 नवंबर से इसका मर्जर एयर इंडिया (Air India) में हो जाएगा और इसके बाद इसका पूरा ऑपरेशन एयर इंडिया द्वारा ही संचालित किया जाएगा. विस्तारा के 1.15 लाख यात्री करेंगे एयर इंडिया का सफर विस्तारा के विमान कल से आसमान में उड़ान भरते नजर नहीं आएंगे, इसका मर्जर 12 नवंबर को एयर इंडिया में होने जा रहा है और फिर Air India ही इसका संचालन करेगी. आज ये एयरलाइंस अपने नाम से ही आखिरी उड़ान भगेगी. मर्जर के बाद ज्वाइंट वेंचर में सिंगापुर एयरलाइंस को नई इंटीग्रेटेड एयरलाइन में 25.1 फीसदी की हिस्सेदारी हासिल होगी. इस मर्जर के बाद पहले महीने में विस्तारा टिकट (Vistara Air Ticket) वाले 1,15,000 से ज्यादा यात्री एयर इंडिया की फ्लाइट्स में यात्रा करेंगी. कंपनी की ओर से कहा गया है कि यात्रियों को विस्तारा जैसा ही अनुभव होगा 2022 में किया गया था मर्जर का ऐलान Air India-Vistara मर्जर का ऐलान 29 नवंबर, 2022 को किया गया था और इसकी डेडलाइन 12 नवंबर तय की गई थी, जो कि कल है. खास बात ये है कि दोनों एयरलाइंस के मर्जर के बाद सिंगापुर एयरलाइंस, एयर इंडिया में 3195 करोड़ रुपये का अतिरिक्त इन्वेस्टमेंट करेगी, जिसके चलते उसकी एयर इंडिया में 25.1 फीसदी हिस्सेदारी हो जाएगी. बता दें कि Vistara Airlines की शुरुआत टाटा ग्रुप और सिंगापुर एयरलाइंस द्वारा मिलकर 2015 में की गई थी और इसमें जिसमें Singapore Airlines की 49%, जबकि टाटा ग्रुप की 51% हिस्सेदारी थी. नए कोड के साथ उड़ान भरेंगे विमान Vistara आज अपनी आखिरी फ्लाइट ऑपरेट करेगी और एयर इंडिया में विलय के बाद एयरलाइन अब ‘2’ से शुरू होने वाले फ्लाइट कोड के साथ काम करती नजर आएगी, उदाहरण के तौर पर समझें तो यूके 955 फ्लाइट के लिए अब AI 2955 कोड का इस्तेमाल किया जाएगा. इस चेंज के बाद संचालन सुचारू रूप से चलता रहे और यात्रियों को कोई असुविधा न हो. इसके लिए एयरपोर्ट्स (Airports) पर हेल्प डेस्क कियोस्क स्थापित होंगे. विस्तारा ने पोस्ट शेयर कर दी जानकारी विस्तारा एयरलाइंस की ओर से अपने ग्राहकों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) के जरिए पोस्ट के माध्यम से अपडेटेड जानकारी दी गई है कि, ‘क्लब विस्तारा ने एयर इंडिया फ्लाइंग रिटर्न्स के साथ हाथ मिलाकर महाराजा क्लब बनने का फैसला किया है. कृपया ध्यान दें कि नए साइन-अप सहित आपके खाते तक पहुंच उपलब्ध नहीं होगी. आप 12 नवंबर से http://airindia.com पर अपने खाते तक पहुंच सकेंगे, थैंक्यू.’  

बल्दाकछार एवं अवरई ग्राम में 11 योजनाओं में शतप्रतिशत लक्ष्य हासिल

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में राज्य में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। इसी कड़ी में बलौदाबाजार जिले के ग्राम बल्दाकछार एवं अवरई में रहने वाले विशेष पिछडी जनजाति कमार के शतप्रतिशत लोगों को प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया गया है। योजना के तहत अब तक 11 योजनाओं में शतप्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। बल्दाकच्छार में 39 और अवरई में 11 विशेष पिछडी जनजाति कमार परिवार रहते हैं जिनकी  कुल जनसंख्या लगभग 193 है।अब दोनों ही गांव के कमार जनजाति के सभी लोगों का आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड व जाति प्रणाम पत्र बन गया है । महिलाओं के जनधन बैंक खाते खुल गए हैं। पात्रतानुसार किसान क्रेडिट कार्ड, राशन कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि एवं पीएम मातृत्व वंदन योजना का लाभ मिला है। सभी की सिकल सेल जांच एवं सभी घरों में विद्युतीकरण  हो गया है। इसके साथ ही 2 मोबाइल मेडिकल यूनिट की भी सुविधा विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को प्रदान की गयी है। 15 नवम्बर 2023 से शुरू हुए प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछडी जनजाति कमार बाहुल्य ग्राम बल्दाकछार और अवरई में संतृप्तिकरण अभियान शुरू किया गया। इसमें योजना से छूटे हुए लोगों का चिन्हांकन उपरांत उन्हें लाभान्वित करने पर जोर दिया गया और एक वर्ष के अन्दर ही 11 योजनाओं से शतप्रतिशत लोगों को लाभान्वित किया गया। गौरतलब है कि पीएम जनमन योजना का मूल उद्देश्य कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी), परिवारों और बस्तियों तक बुनियादी सुविधाओं और सेवाओं को पहुंचाकर उनकी सामाजिक, आर्थिक स्थितियों में सुधार करना है। पीएम जनमन योजना अंतर्गत कमजोर जनजाति समूहों के बसाहटों में विभिन्न विभागों के समन्वय से पेयजल, आवास, सड़क, आंगनबाड़ी के माध्यम से पोषण, आजीविका संवर्धन हेतु कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

भोपाल में 6 घंटे ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखे गए व्यापारी को साइबर पुलिस ने किया रेस्क्यू

भोपाल  एक व्यापारी की सूझबूझ और पुलिस की तत्काल मदद ने साइबर ठगों के इरादों पर पानी फेर दिया। मध्य प्रदेश पुलिस ने रविवार को एक व्यापारी को साइबर अपराधियों द्वारा लूटे जाने से बचा लिया। ठग व्यापारी को डिजिटल अरेस्ट करने वाले थे। क्या है मामला एमपी पुलिस साइबर सेल ने एक विज्ञप्ति जारी कर मामले के बारे में विस्तार से बताया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि शहर के अरेरा कॉलोनी निवासी विवेक ओबेरॉय को शनिवार दोपहर करीब 1 बजे एक व्यक्ति का कॉल आया। उस व्यक्ति ने खुद को भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) का अधिकारी बताकर फोन किया। सीबीआई और क्राइम ब्रांच का दिया हवाला विज्ञप्ति में बताया गया है कि घोटालेबाजों ने ओबेरॉय को ऐसे लोगों से कनेक्ट कराया, जो खुद को सीबीआई और मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बता रहे थे। ठग दावा कर रहे थे कि ओबेरॉय के आधार कार्ड का उपयोग करके कई फर्जी बैंक खाते खोले गए हैं। ठगों ने ओबेरॉय को कहा कि उनके आधार से ट्रांजैक्शन के लिए कई सिम कार्ड भी खरीदे गए हैं। स्काइप एप डाउनलोड करने का कहा साइबर बदमाशों ने ओबेरॉय को स्काइप वीडियो ऐप डाउनलोड करने को कहा और एक कमरे में रुकने को कहा। इसी बीच मौके का फायदा उठाते हुए व्यवसायी ने सूझबूझ से काम लिया। उसने एमपी साइबर पुलिस को कॉल कर सतर्क कर दिया और पुलिस उसकी ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ के बीच उसके घर पहुंच गई। जब पहुंची असली पुलिस जब असली पुलिस ने फर्जी कानून-प्रवर्तन अधिकारियों के आईडी वेरिफिकेशन की मांग की, तो जालसाजों ने वीडियो कॉल काट दिया। ठग को व्यवसायी की ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ के दौरान उसके बैंक डिटेल तो मिल गए थे, लेकिन उसने पैसे का कोई लेनदेन नहीं किया। ओबेरॉय की आधार डिटेल और मार्केटिंग कनेक्शन के साथ खोले गए फर्जी बैंक खातों के दावों का उपयोग करते हुए, उन्होंने उन्हें स्काइप ऐप डाउनलोड करने के लिए मजबूर किया, जहां उनसे घंटों पूछताछ की गई। इस दौरान, जालसाजों ने उनसे संवेदनशील व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी इकट्ठा करने की कोशिश करते हुए एक फर्जी पूछताछ भी की। उन्होंने उन्हें चेतावनी दी कि वे अपने परिवार को इस स्थिति के बारे में न बताएं, और ऐसा न करने पर उन्हें गिरफ्तार करने और नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। जैसे-जैसे स्कैम आगे बढ़ा, साइबर पुलिस की टीम उनके घर पहुंची और वीडियो कॉल में हस्तक्षेप किया। पुलिस ने अपना परिचय दिया और धोखेबाजों से उनकी पहचान का सबूत दिखाने को कहा। धोखेबाजों ने तुरंत कॉल काट दिया, जिससे डिजिटल अरेस्ट खत्म हो गई। इसके बाद, पुलिस ने ओबेरॉय को बताया कि घोटालेबाजों द्वारा दिखाए गए सभी नोटिस और आरोप पूरी तरह से मनगढ़ंत थे। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते पुलिस नहीं आती तो उनसे करोड़ों रुपए की ठगी हो जाती। क्या होता है डिजिटल अरेस्ट डिजिटल अरेस्ट के मामले में साइबर ठग आपको अनजान नंबर से कॉल करते हैं। अगर आप कॉल उठाते हैं, तो सामने वाला शख्स अपना परिचय किसी उच्च अधिकारी के रूप में दे सकता है। उदाहरण के लिए वह कह सकता है कि आपके नाम से पार्सल विदेश जा रहा था जिसमें ड्रग्स था। ऐसे में जाहिर सी बात है कि इंसान घबरा जाता है। इसके बाद ये फर्जी अधिकारी आपके नाम का फेक अरेस्ट वॉरेंट तक दिखाते हैं। आपको कैमरे के सामने रहने की हिदायत दी जाती है। यही डिजिटल अरेस्ट होता है।

शहर के वार्ड 13 की बस्तियों में 3.19 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

ग्वालियर ग्वालियर में प्रगति की यात्रा इसी प्रकार निरंतर जारी रहेगी। आमजन की सुविधा के लिये जहाँ जरूरत होगी, वहाँ विकास कार्य कराए जाएंगे। इसी कड़ी में वार्ड-13 की विभिन्न बस्तियों में 3 करोड़ 19 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्यों का भूमि पूजन किया गया है । यह बात ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने वार्ड-13 में विकास कार्यों के भूमि पूजन के अवसर पर कहीं। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि उपनगर ग्वालियर के प्रत्येक वार्ड में विकास कार्यों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जायेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सीवर समस्या के स्थायी समाधान के लिए नई सीवर लाइन बिछाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। सीवर लाइन चोक न हो इसके लिए मेन ट्रंक लाइन डाली जा रही है। साथ ही कहा कि उपनगर ग्वालियर में पार्कों के सौंदर्यीकरण के साथ ही पार्कों में ओपन जिम व बच्चों के लिए झूले एवं अन्य खेलकूद उपकरण लगाए जा रहे हैं। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि सिविल अस्पताल प्रतिष्ठित प्राइवेट अस्पताल से बेहतर सेवाएं दे रहा है। वहां की ओपीडी में हजारों की संख्या में मरीज स्वास्थ्य सेवाएँ ले रहे हैं। शीघ्र ही यहाँ पर सीटी स्कैन मशीन भी लगाई जाएगी, जिससे क्षेत्रीय नागरिकों को हजार बिस्तर अस्पताल या अन्य जगहों पर सीटी स्कैन के लिए नहीं जाना पड़ेगा।  

हर घर जल से बदलती गांवों की तस्वीर

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित जल जीवन मिशन ने न केवल गांव के लोगों को पानी के स्रोत से जोड़ा है, बल्कि स्वास्थ्य और स्वच्छता के स्तर को भी सुधारा है। ग्रामीण अब शुद्ध पानी का सेवन कर रहे हैं, जिससे जलजनित बीमारियों में भी कमी आई है। इसके अलावा, बच्चों और महिलाओं को अब पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती। वह समय का उपयोग अन्य कार्यों में करने लगे हैं। यह मिशन केवल पानी की उपलब्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण ग्रामीण समाज के विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। जल जीवन मिशन के माध्यम से बेमेतरा जिले के ग्राम पंचायत मोहतरा (ख) में सफलता की एक प्रेरणादायक कहानी लिखी गई है, जहां हर घर जल का सपना अब हकीकत बन गया है। हाल ही में इस गांव में ‘हर घर जल उत्सव’ का आयोजन हुआ। यह उत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उन सभी ग्रामीणों के लिए गर्व का क्षण था, जिन्होंने जल जीवन मिशन के इस महत्वपूर्ण अभियान का हिस्सा बनकर अपने गांव में एक नया अध्याय लिखा। गांव में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 260 घरों में नल कनेक्शन दिए गए हैं, जिससे अब हर घर में शुद्ध पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है। इस काम को अंजाम देने के लिए 3305 मीटर की पाइप लाइन बिछाई गई है, जो गांव के हर कोने तक पानी पहुंचाने का काम करती है। इसके साथ ही, गांव में एक पानी की टंकी का निर्माण भी किया गया है जो जल आपूर्ति का प्रमुख स्रोत है। यह टंकी न केवल गांव के सभी घरों में पानी पहुंचाती है बल्कि यह जल संग्रहण का भी एक बड़ा साधन है, जिससे जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। गांव की महिलाएं, विशेष रूप से श्रीमति धन्ना बाई मानिकपुरी और श्रीमति पुष्पा साहू, अत्यंत प्रसन्न हैं। पहले उन्हें पानी के लिए गांव के कुओं या हैंडपंपों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे उन्हें न केवल मेहनत करनी पड़ती थी बल्कि अधिक समय भी खर्च करना पड़ता था। घर के अन्य कामकाज में उनकी यह व्यस्तता एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन अब, जब उनके घर के आंगन में ही नल से पानी उपलब्ध है, तो यह उनके जीवन में एक सकारात्मक बदलाव लेकर आया है। अब उन्हें पानी भरने के लिए समय और ऊर्जा की चिंता नहीं करनी पड़ती। उन्होंने इसके लिए सरकार को धन्यवाद दिया । ग्राम पंचायत मोहतरा (ख) का यह कदम अन्य गांवों के लिए भी एक उदाहरण है। जल जीवन मिशन की यह सफलता बताती है कि जब सामूहिक प्रयास और सरकार की योजनाओं का समन्वय होता है, तो किसी भी समस्या का हल संभव है। इस गांव के लोगों ने दिखा दिया कि छोटी-छोटी मुश्किलों को पार करके एक बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। हर घर जल उत्सव के आयोजन के साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि जल संरक्षण की आवश्यकता है ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी इसका लाभ मिल सके।

मल्लिकर्जुन खड़गे का मोदी सरकार पर हमला: ओबीसी आरक्षण और जातिगत जनगणना पर दोहरा रुख

Mallikarjun Kharge’s sharp comment on Modi government: Double stance on OBC reservation and caste census नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकर्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। खड़गे ने कहा कि मोदी जी चुनावी लाभ के लिए खुद को बार-बार ओबीसी बताने का दावा करते हैं, लेकिन यह कभी नहीं बताते कि वे जातिगत जनगणना से पिछड़ी जातियों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को क्यों छुपाए रखना चाहते हैं।खड़गे ने इस संदर्भ में मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया और कहा, “जब मंडल आयोग की सिफारिशें लागू की गईं, तो बीजेपी ने इसका विरोध करते हुए यात्रा निकाली थी। अब मोदी जी ओबीसी वोट हासिल करने के लिए ओबीसी होने का दावा करते हैं, लेकिन जब बात उनके वास्तविक कामकाजी रुख की आती है, तो वे पिछड़ों के हक में कभी खड़े नहीं हुए।” राहुल गांधी के हालिया बयान का हवाला देते हुए खड़गे ने कहा कि हाल ही में धनबाद में राहुल गांधी ने यह खुलासा किया था कि देश की लगभग 50 प्रतिशत आबादी ओबीसी वर्ग से है, 15 प्रतिशत दलित हैं, और 8 प्रतिशत आदिवासी वर्ग के लोग हैं। इन वर्गों की बेहतर सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने का सबसे बड़ा तरीका जातिगत जनगणना है।खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ओबीसी, दलित और आदिवासी वर्ग के खिलाफ है, और यह बात झारखंड की गठबंधन सरकार द्वारा किए गए एक बड़े कदम से स्पष्ट होती है। झारखंड विधानसभा ने OBC आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने के लिए प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन मोदी सरकार ने इसे गवर्नर से रोकवा दिया। “यह दोहरा चरित्र दर्शाता है कि मोदी जी अपने घोषणापत्र में OBC आरक्षण बढ़ाने की बात करते हैं, लेकिन जब असल में इसे लागू करने का समय आता है, तो वे उसे रोकने में किसी भी हद तक जा सकते हैं। क्या इस तरह के दावे पर आप लोग विश्वास करेंगे?” खड़गे ने सवाल उठाया। खड़गे ने यह भी कहा कि मोदी सरकार का यह दोगला रुख ही उनकी असल नीयत को दर्शाता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इस मुद्दे पर गंभीर सोच-विचार करें और सही पक्ष का समर्थन करें।

करोड़ों की चांदी की ईंट किसकी,महाराष्ट्र में साढ़े 6 टन चांदी वाली मिली कैश वैन

मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग की टीमें और पुलिस नाकाबंदी कर वाहनों की जांच कर रही है। दिलचस्प बात यह है कि आचार संहिता लागू होने के बाद से 8 नवंबर तक 280 करोड़ से ज्यादा नकदी और कीमती सामान जब्त किया जा चुका है। राज्य के अलग-अलग जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में पुलिस की ओर से वाहनों की जांच कर कीमती सामान और नकदी जब्त किए गए हैं। कुछ दिन पहले पुणे शहर में पुलिस ने एक वैन पकड़ी थी। इसमें सोने-चांदी के गहने और कीमती सामान था। उसके बाद अब पुलिस ने मुंबई में चांदी की ईंटों से भरी एक वैन पकड़ी है। विक्रोली पुलिस और चुनाव आयोग की टीम की ओर से जब्त की गई कैश वैन में चांदी की ईंटें मिली हैं। दिलचस्प बात यह है कि ये कुल ईंटें साढ़े छह टन की हैं। करोड़ों की कीमत की चांदी की ईंटें वैन में करोड़ों की कीमत की चांदी की ईंटें कथित तौर पर ब्रिंक्स कंपनी के वाहन से मुलुंड के एक गोदाम में स्टोरेज के लिए ले जाई जा रही थीं। शुरुआती जांच में पता चला है कि पुलिस को मिली ये ईंटें सरकारी हैं। हालांकि, इसकी आगे की जांच चुनाव आयोग, आयकर और पुलिस की ओर से की जा रही है। इस बीच पुलिस सभी विधानसभा क्षेत्रों में वाहनों और अवैध यातायात पर कड़ी नजर रख रही है। अवैध रूप से पैसे ले जाने पर कार्रवाई की जा रही है। पालघर में तीन करोड़ कैश जब्त इस बीच शनिवार को पालघर में भी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पालघर में एक गाड़ी से तीन करोड़ से ज्यादा कैश जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, पालघर के वाडा पाली मार्ग से विक्रमगढ़ की ओर जा रही एक कार पर पुलिस को शक हुआ। इसके बाद कार को रोका गया और ड्राइवर से पूछताछ की गई। जांच के दौरान संदेह बढ़ने पर कार को जांच के लिए वाडा पुलिस स्टेशन लाया गया। जांच के दौरान कार से करीब 3 करोड़ 70 लाख रुपये जब्त किए गए। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मुंबई में मिले 2 करोड़ 30 लाख रुपयेमुंबई में भी 2 करोड़ से ज्यादा कैश के साथ 12 लोगों को हिरासत में लिया गया है। जानकारी के मुताबिक, एलटी मार्ग पुलिस स्टेशन को सूचना मिली कि कुछ लोग अवैध रूप से बड़ी मात्रा में नकदी ले जा रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शहर के भुलेश्वर मार्केट, कालबादेवी से 12 लोगों को संदेह के आधार पर गिरफ्तार कर लिया।  

10,000 से अधिक माई भारत यूथ वालंटियर्स भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान में पदयात्रा में शामिल होंगे

डॉ. मनसुख मांडविया छत्तीसगढ़ में जनजातीय गौरव दिवस समारोह के भाग के रूप में पदयात्रा करेंगे भगवान बिरसा मुंडा की विरासत और राष्ट्र निर्माण में आदिवासी समुदायों के योगदान का उत्सव मनाने के लिए पदयात्रा 10,000 से अधिक माई भारत यूथ वालंटियर्स भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान में पदयात्रा में शामिल होंगे रायपुर केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया 13 नवंबर 2024 को छत्तीसगढ़ के जशपुर में जनजातीय गौरव दिवस पर माई भारत यूथ वालंटियर्स के साथ पदयात्रा करेंगे। इस पदयात्रा में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ राज्य के अन्य मंत्री भी शामिल होंगे। यह कार्यक्रम भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती के उपलक्ष्य में उनकी विरासत और देश के विकास में आदिवासी समुदायों के महत्वपूर्ण योगदान के सम्मान में मनाया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम में आदिवासी विरासत को याद करने, समावेशिता को बढ़ावा देने और आदिवासी समुदायों को लाभ पहुंचाने वाली सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 10,000 से अधिक माई भारत यूथ वालंटियर्स भाग लेंगे। ये वालंटियर्स आदिवासी संस्कृति, विरासत और विरासत की रक्षा और संरक्षण की भावना को बढ़ावा देंगे। पदयात्रा कोमड़ो गांव से शुरू होगी और लगभग 7 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए रणजीत स्टेडियम में समाप्त होगी। यह पदयात्रा युवाओं, आदिवासी नेताओं और समुदाय के सदस्यों को आदिवासी विरासत और भावना के जीवंत उत्सव में एकजुट करेगी। इस कार्यक्रम की शुरुआत भारत की स्वतंत्रता में आदिवासी नेताओं के योगदान को दर्शाने वाले सांस्कृतिक अभिनय और आदिवासी विरासत की प्रचुरता को दर्शाने वाले नृत्यों से होगी। इस पदयात्रा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के अनुरूप वृक्षारोपण से होगी। इस पदयात्रा के दौरान, एक प्रदर्शनी स्थल पर ऐतिहासिक आदिवासी आंदोलनों, आदिवासी नायकों को श्रद्धांजलि और भारत के आदिवासी समुदायों की अनूठी कलात्मकता और शिल्प कौशल का प्रदर्शन किया जाएगा। इस पदयात्रा के मार्ग के ठहराव स्थलों पर आदिवासी संस्कृति, सुंदर रंगोली कलाकृतियां, पेंटिंग और पारंपरिक आदिवासी कला का उत्सव मनाने वाले नाटकों का प्रदर्शन किया जाएगा। सीधी प्रसारित कार्यशालाएं उपस्थित लोगों को आदिवासी नृत्य, संगीत और साहित्य के साथ एक परस्पर अनुभव प्रदान करेंगी जबकि आदिवासी खाद्य पदार्थों का चयन उनके स्वास्थ्य लाभों के बारे में बताएगा। पदयात्रा के मुख्य आकर्षण में शामिल हैं: सांस्कृतिक कार्यक्रम: सांस्कृतिक समृद्धि का उत्‍सव मनाते आदिवासी नृत्य और संगीत। आदिवासी आंदोलनों और कलाओं पर प्रदर्शनी: नाटकों और झांकियों द्वारा ऐतिहासिक आदिवासी आंदोलनों, वीरता और शिल्प कौशल का प्रदर्शन। जागरूकता कियोस्क: सरकारी योजनाओं और महिला लाभार्थियों के बारे में जानकारी। कलात्मक कार्यक्रम: रंगोली, पेंटिंग और आदिवासी कला और साहित्य को बढ़ावा देने वाली कार्यशालाएं। युवाओं के योगदान का उत्सव: माय भारत पोर्टल और एनवायकेएस उपलब्धियां दर्शाना। आदिवासी नेताओं को श्रद्धांजलि: प्रतिभागी प्रमुख आदिवासी हस्तियों की वेशभूषा में होंगे। आदिवासी उत्कृष्टता को सम्मान: पद्म पुरस्कार विजेताओं का अभिनंदन और पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देना। आदिवासी भोजन: स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रकार के आदिवासी खाद्य पदार्थ परोसना।   मंत्रालय इस आयोजन के माध्यम से आदिवासी विरासत और संस्कृति की गहन समझ को बढ़ावा देना चाहता है साथ ही सरकारी कल्याणकारी पहलों में आदिवासी समुदाय को सक्रिय रूप से शामिल करना चाहता है। इस उत्सव का उद्देश्य युवाओं को भारत की आदिवासी विरासत की समृद्ध विरासत से जुड़ने, उसे समझने और उसका सम्मान करने के लिए एक मंच प्रदान करना है।  

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की विजयपुर और बुधनी के मतदाताओं से अपील: 13 नवंबर को करें मतदान

Leader of Opposition Umang Singhar’s appeal to the voters of Vijaypur and Budhni: Vote on 13th November and strengthen democracy. भोपाल ! मध्य प्रदेश में 13 नवंबर को श्योपुर जिले की विजयपुर और सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट के उपचुनाव होने जा रहे हैं। इस उपचुनाव में न केवल इन दो विधानसभा क्षेत्रों का भविष्य तय होगा, बल्कि यह मध्य प्रदेश सरकार के पिछले 10 महीने के कार्यकाल का भी महत्वपूर्ण मूल्यांकन का अवसर होगा। कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने विजयपुर और बुधनी के मतदाताओं से एक अपील की है, जिसमें उन्होंने कहा कि यह चुनाव सिर्फ उम्मीदवारों का चुनाव नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र की ताकत को मजबूत करने और प्रदेश सरकार की नीतियों और कार्यों पर आम जनता की राय जानने का भी मौका है। उमंग सिंघार ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा, “आपका एक-एक वोट प्रदेश की दिशा तय करेगा। यह सिर्फ विधानसभा चुनाव नहीं है, बल्कि यह हमारी सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता का मापदंड भी है। आपके मतदान से यह संदेश जाएगा कि आप किस प्रकार के नेतृत्व और नीतियों को अपने क्षेत्र और प्रदेश में देखना चाहते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि 10 महीने पहले सत्ता में आई प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली, वादों की पूर्ति और जनता की सेवा के हिसाब से इस उपचुनाव में मतदाताओं को अपना फैसला लेना है। यह एक बड़ा मौका है जहां जनता को यह तय करना है कि क्या सरकार अपने वादों को पूरा करने में सफल रही है या नहीं।“आपका मतदान ही यह तय करेगा कि आने वाले दिनों में प्रदेश की विकास यात्रा किस दिशा में आगे बढ़ेगी। विजयपुर और बुधनी के मतदाता लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हैं, और हम आपसे आग्रह करते हैं कि आप 13 नवंबर को अपने मतदान का अधिकार अवश्य उपयोग करें,” उमंग सिंघार ने कहा। यह उपचुनाव न केवल इन दो विधानसभा क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में चुनाव परिणामों से यह संकेत मिलेगा कि राज्य के नागरिक आगामी विधानसभा चुनावों में किस दिशा में अपना समर्थन देंगे।

महाराष्ट्र चुनाव के बीच कांग्रेस का बड़ा कदम , 28 बागी उम्मीदवारों को किया पार्टी से निष्कासित

 मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Election 2024) से पहले कांग्रेस ने बागियों के खिलाफ सख्ती की शुरुआत कर दी है. पार्टी से बागी होकर चुनाव लड़ने वाले 22 नेताओं को कांग्रेस ने सस्पेंड कर दिया है. इन नेताओं को पार्टी के खिलाफ काम करने के चलते 6 साल के लिये निलंबित कर दिया गया है. दरअसल, महाराष्ट्र में होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले बागी उम्मीदवार कांग्रेस के लिए चुनौती खड़ी करते दिख रहे हैं. जिन 22 नेताओं को पार्टी से निकाला गया है, उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में महा विकास अघाड़ी (MVA) के उम्मीदवारों के खिलाफ ही ताल ठोंक रखी है. पार्टी से निकाल दिये गए ये दिग्गज कांग्रेस से निकाले गए नेताओं में कई दिग्गज भी शामिल हैं. इनमें पूर्व मंत्री राजेंद्र मुलक (रामटेक निर्वाचन क्षेत्र), याज्ञवल्क जिचकर (काटोल), कमल व्यवहारे (कसबा), मनोज शिंदे (कोपरी पचपखाड़ी) और आबा बागुल (पार्वती) शामिल हैं. बागियों पर एक्शन के बाद कांग्रेस की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि यह फैसला अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रभारी रमेश चेन्निथला के निर्देश पर लिया गया है. कब है महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव? महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग 20 नवंबर को होगी. महाराष्ट्र, झारखंड और अन्य उपचुनावों के नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे. महाराष्ट्र में इस समय दो मुख्य गठबंधन के बीच मुकाबला है जिसमें MVA और महायुति शामिल हैं. महायुति में बीजेपी, शिवसेना (एकनाथ शिंदे)और NCP (अजित पवार) शामिल हैं. इन्हें भी किया पार्टी से बाहर जिन बागी उम्मीदवारों को पार्टी से निष्कासित किया गया है, उनमें सिंदखेडा से बागी शामकांत सनेर, श्रीवर्धन से राजेंद्र ठाकूर, पर्वती से आबा बागुल, शिवाजीनगर से मनीष आनंद, परतूर से सुरेश कुमार जेथलीया और  कल्याण बोराडे, रामटेक सीट से चंद्रपाल चौकसे, सोनल कोवे, मनोज सिंधे, अविनाश लाड, आनंदराव गेदाम, शब्बीर खान, हंसकुमार पांडे, मंगल भुजबल, अभिलाषा गावतुरे, कमल व्यवहारे, मोहनराव दांडेकर, प्रेमसागर गणवीर, याज्ञवल्क्य जिचकर, अजय लांजेवार, राजेंद्र मुलक, विजय खडसे और विलास पाटिल का नाम शामिल हैं. बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में महायुति और महा विकास अघाड़ी के बीच कांटे की टक्कर होने वाली है. 20 नवंबर को वोटिंग के होगी और 23 नवंबर को काउंटिंग होगी. महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त होने वाला है. इस चुनाव में महाविकास अघाड़ी के सामने लोकसभा चुनाव परिणाम को दोहराने की चुनौती है तो वहीं महायुति को दोबारा सत्ता में आने के लिए 145 सीटें हासिल करनी होंगी. दोनों पार्टियां अपना दम-खम दिखाने की पूरी कोशिश कर रही हैं.  

संजीव खन्ना बने सुप्रीम कोर्ट के 51वें चीफ जस्टिस, राष्ट्रपति मुर्मू ने दिलाई शपथ

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जज जस्टिस संजीव खन्ना नए चीफ जस्टिस के रूप में आज शपथ लेने जा रहे हैं। वह भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश होंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुबह 10 बजे संजीव खन्ना को पद की शपथ दिलाएंगी। नए सीजेआई का कार्यकाल 13 मई 2025 तक होगा यानि वह इस पद पर करीब 6 महीने तक ही रहेंगे। अब सभी के जहन में एक सवाल आना आम बात है कि आखिर सीजेआई किस चीज की शपथ लेते हैं। आइए हम आपको इसके बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं। सुप्रीम कोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना को संविधान की शपथ दिलाई जाएगी। भारतीय संविधान के थर्ड शेड्यूल के भाग-4 के तहत चीफ जस्टिस को शपथ दिलाई जाती है। इस दौरान राष्ट्रपति की मौजूदगी में वह यह शपथ लेते हैं कि संविधान के प्रति सच्ची निष्ठा रखते हुए अमीर, गरीब सभी वर्ग के लोगों को बराबर न्याय देंगे। क्या होती है सीजेआई की शपथ अब चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के शपथ की बात करें तो इसमें लिखा होता है कि मैं, भारत के सुप्रीम कोर्ट का सीजेआई नियुक्त किया गया हूं और ईश्वर की शपथ लेता हूं कि मैं विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूंगा। अपनी योग्यता, ज्ञान और विवेक के अनुसार विधिवत और ईमानदारी से व बिना किसी भय या पक्षपात, स्नेह या द्वेष के अपने पद के कर्तव्यों का पालन करुंगा। कौन हैं जस्टिस संजीव खन्ना जस्टिस संजीव खन्ना का 14 मई 1960 को दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस देव राज खन्ना के घर जन्मे थे। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा दिल्ली के मॉडर्न स्कूल, बाराखंभा रोड से पूरी की। उन्होंने 1980 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की और बाद में डीयू के कैंपस लॉ सेंटर से कानून की पढ़ाई की। जस्टिस संजीव खन्ना ने 1983 में दिल्ली बार काउंसिल में वकील के तौर पर नॉमिनेशन कराया। उन्होंने दिल्ली के तीस हजारी में बाद में दिल्ली हाई कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की। जस्टिस खन्ना कथित तौर पर उन कुछ जजों में से हैं जो किसी भी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस बनने से पहले ही सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत हो गए थे। कब रिटायर होंगे जस्टिस संजीव खन्ना? सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठता नियम के मुताबिक, जस्टिस संजीव खन्ना 11 नवंबर 2024 से 13 मई 2025 तक 6 महीने के लिए भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश यानी CJI के रूप में देश की न्यायपालिका का नेतृत्व करेंगे. सुप्रीम कोर्ट में 18 जनवरी 2019 को जज के रूप में शपथ लेने के बाद से अब तक करीब पौने छह साल के दौरान जस्टिस खन्ना यहां 456 पीठ का हिस्सा रहे और 117 फैसले उन्होंने लिखे. दिल्ली के मॉडर्न स्कूल, बाराखंभा रोड से स्कूली शिक्षा पूरी कर वो 1980 में दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हुए. फिर दिल्ली विश्वविद्यालय के ही कैंपस लॉ सेंटर यानी CLC से कानून की डिग्री ली. जस्टिस संजीव खन्ना के चाचा सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस हंस राज खन्ना ने 1976 में एडीएम, जबलपुर बनाम शिवकांत शुक्ला, (1976) के “बंदी प्रत्यक्षीकरण मामले” में एकमात्र असहमतिपूर्ण निर्णय सुनाया था. इसके बाद तत्कालीन इंदिरा गांधी की सरकार ने वरिष्ठतम जज जस्टिस हंसराज खन्ना सहित चार जजों की वरिष्ठता दरकिनार कर जस्टिस एमएच बेग को जनवरी 1977 में देश का चीफ जस्टिस बनाया था. ये भी दिलचस्प तथ्य है कि जस्टिस खन्ना को उनके मूल उच्च न्यायालय – दिल्ली हाईकोर्ट से सीधे सुप्रीम कोर्ट पदोन्नत किया गया. 1997 से अब तक केवल छह जजों को उनके मूल उच्च न्यायालय से प्रोन्नत कर सीधे सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त किया गया है. उनमें जस्टिस सैयद अब्दुल नजीर, जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई, जस्टिस लोकेश्वर सिंह पंटा, जस्टिस जीपी माथुर, जस्टिस रूमा पाल और जस्टिस एसएस कादरी शामिल हैं. जस्टिस खन्ना को 18-01-2019 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था. वे 13-05-2025 को अपने 65 वें जन्मदिन से एक दिन पहले रिटायर होंगे. कैसा रहा है संजीव खन्ना का अब तक का कार्यकाल? ये भी सुखद संयोग रहा कि जस्टिस संजीव खन्ना ने सुप्रीम कोर्च में जज के रूप में 18 जनवरी 2019 को सीजेआई की कोर्ट में शपथ लेने के बाद अपना पहला दिन उसी न्यायालय कक्ष यानी दो नंबर कोर्ट से शुरू किया, जहां से उनके चाचा जस्टिस एच.आर. खन्ना ने इस्तीफा देकर रिटायरमेंट ली थी. जस्टिस एच.आर. खन्ना की तस्वीर भी कोर्ट रूम में लगी है. सुप्रीम कोर्ट में अपने अब तक के कार्यकाल में जस्टिस खन्ना कई महत्वपूर्ण मुकदमों के लिए गठित संविधान पीठ का हिस्सा रहे हैं. ऐसी ही संविधान पीठ और बड़ी पीठ के फैसलों में चुनावी बांड योजना प्रमुख है. इसमें बॉन्ड योजना को असंवैधानिक होने के कारण रद्द कर दिया गया.     जम्मू कश्मीर में संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के केंद्र सरकार के निर्णय पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर लगाने वाली पीठ में भी जस्टिस संजीव खन्ना मौजूद थे.     संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के केंद्र के कदम को बरकरार रखा. इस आदेश ने राज्य का दर्जा बहाल करने का भी निर्देश दिया.     जस्टिस खन्ना ने सीजेआई और जस्टिस कौल के दिए गए निर्णयों से सहमति जताई.     जस्टिस संजीव खन्ना उस दो न्यायाधीशों की बेंच के भी अगुआ रहे, जिसनें दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी थी.     1983 में दिल्ली बार काउंसिल के साथ एक वकील के रूप में नामांकित हुए संजीव खन्ना ने शुरुआत में दिल्ली के तीसहजारी परिसर में स्थित जिला न्यायालय और बाद में दिल्ली हाई कोर्ट और संवैधानिक कानून, प्रत्यक्ष कराधान, मध्यस्थता जैसे विविध क्षेत्रों में न्यायाधिकरणों में प्रैक्टिस की.     साल 2004 में वह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के लिए स्थायी वकील नियुक्त हुए.     दिल्ली हाईकोर्ट में वो अतिरिक्त लोक अभियोजक और एमिकस क्यूरी के रूप में कई आपराधिक मामलों में भी अपनी भूमिका बखूबी निभाई.     दिल्ली हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में 2005 में पदोन्नत हुए. 2006 में स्थायी न्यायाधीश बनाए गए.     दिल्ली उच्च न्यायालय के जज रहते हुए, जस्टिस खन्ना ने दिल्ली न्यायिक अकादमी, दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र और जिला न्यायालय मध्यस्थता केंद्र के … Read more

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा हिनौती गोधाम में हजारों गौवंश को आश्रय मिलेगा

हिनौती गोधाम में गौवंश रखने के लिए तत्काल करें आवश्यक व्यवस्थाएँ – उप मुख्यमंत्री  उप मुख्यमंत्री ने कहा गौशालाओं संचालन तथा गौसेवा के लिए दान दी गयी राशि को आयकर की छूट में शामिल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा हिनौती गोधाम में हजारों गौवंश को आश्रय मिलेगा भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि हिनौती गोधाम में हजारों गौवंश को आश्रय मिलेगा। इसे आधुनिक गौशाला और गोसंवर्धन केन्द्र के रूप में विकसित किया जायेगा। गौशाला में जारी बाउंड्रीबाल का निर्माण शीघ्र पूरा करायें साथ ही स्वीकृत प्लान के अनुसार गौवंश के रहने के लिए शेड तथा भूसा भण्डारण के लिए शेड का निर्माण भी तत्काल शुरू करायें। हिनौती गोधाम को माडल गौशाला के रूप में विकसित करें। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गौशालाओं संचालन तथा गौसेवा के लिए दान दी गयी राशि को आयकर की छूट में शामिल करें, जिससे इस पुनीत कार्य में बढ़चढ़कर सहयोग मिल सके। उप मुख्यमंत्री ने कलेक्टर सतना को बगदरा गौ-अभयारण्य का निर्माण शीघ्र शुरू करने के निर्देश देते हुए कहा कि चित्रकूट के समीप बगदरा घाटी हजारों गौवंश के प्राकृतिक रहवास का अनूठा स्थल है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल रीवा कमिश्नर कार्यालय में विभागीय समीक्षा कर रहे थे। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने बताया कि बाउंड्रीबाल का निर्माण ग्रामीण यंत्रिकी विभाग द्वारा किया जा रहा है। शेड का निर्माण भी दो दिन में शुरू हो जायेगा। गुढ़ में भैरव बाबा मंदिर के समीप स्वीकृत गौशाला में 50 एकड़ में 18 लाख रूपये की लागत से फेंसिंग का कार्य शुरू हो गया है। यहां भी शेड निर्माण के लिए राशि मंजूर कर दी गयी है। बैठक में राजेश पाण्डेय ने गौशाला संचालन समिति में जनप्रतिनिधियों को शामिल करने का सुझाव दिया। जनपद अध्यक्ष गंगेव विकास तिवारी ने गौशाला संचालन के संबंध में सुझाव दिया। बैठक में विधायक मनगवां इंजी. नरेन्द्र प्रजापति, कमिश्नर बी.एस. जामोद, कलेक्टर रीवा श्रीमती प्रतिभा पाल, कलेक्टर सतना अनुराग वर्मा, कलेक्टर मऊगंज अजय श्रीवास्तव, उप संचालक पशु पालन डॉ. राजेश मिश्रा, परियोजना अधिकारी जिला पंचायत संजय सिंह तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।  

जनवरी से होंगे प्रदेश में एक लाख पदों पर भर्ती, मुख्य सचिव अनुराग जैन ने विभागों से मांगी जानकारी

भोपाल. प्रदेश में एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जनवरी 2025 से प्रारंभ होगी। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने सभी मंत्रियों को स्वयं इस कार्य को देखने और समय सीमा के भीतर प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कहा है तो मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी विभागों से रिक्त पदों की जानकारी मांगी है। प्रदेश में इस समय लगभग सात लाख नियमित कर्मचारी हैं। रिक्त पदों की पूर्ति नहीं होने के कारण विभाग आउटसोर्स या फिर संविदा कर्मचारियों से काम चला रहे हैं। इससे काम की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने रिक्त पदों को प्राथमिकता से भरने का निर्णय लिया है। रिक्त पदों की मांगी गई जानकारी मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी विभागों को पत्र जारी कर 2024 में रिक्त पदों की जानकारी मांगी है। साथ ही यह भी पूछा है कि अगस्त 2022 तक किस श्रेणी के कितने पदों की भर्ती की गई। परिणाम इनके जारी हुए या नहीं और चयनित अभ्यर्थियों ने पदभार ग्रहण किया है या नहीं। 31 मार्च 2025 तक कितने पद किस संवर्ग के रिक्त हो जाएंगे।वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजकर भर्ती के लिए कब स्वीकृति ली गई। उधर, भर्ती प्रक्रिया को लेकर मुख्य सचिव राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल के अधिकारियों के साथ बैठक भी कर चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि सरकार जनवरी से भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ कर देगी और। लक्ष्य यह है कि वर्ष 2025 के अंत तक नियुक्तियां प्रारंभ हो जाएं। बजट में किया जाएगा प्रविधान वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2025-26 के बजट की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। इसमें कर्मचारियों के वेतन-भत्ते के लिए सभी को स्थापना व्यय में प्रविधान करना है। एक लाख पदों पर भर्ती के हिसाब से सभी विभागों को बजट प्रविधान भी करना होगा। अभी लगभग 23 प्रतिशत बजट स्थापना व्यय के लिए रखा जाता है।

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