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देहरादून में छह दोस्‍तों की मौत के बाद पुलिस कर रही नया दावा!

देहरादून. ओएनजीसी चौक पर बेलगाम इनोवा कार की दुर्घटना में छह युवाओं की मौत के तीन दिन बाद पुलिस ने दावा किया है कि दुर्घटना से पहले युवाओं की कार शहर में पुलिस चेकपोस्टों पर सामान्य गति से गुजरी थी। पुलिस ने यह दावा भी किया है कि युवाओं की कार की गति बल्लूपुर चौक के बाद तेज हुई थी। पुलिस ने शहर के विभिन्न मार्गों पर लगे हुए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर यह दावा किया है। दावा है कि दुर्घटना से पूर्व राजपुर रोड, सहारनपुर चौक, कांवली रोड, बल्लीवाला से बल्लूपुर तक इनोवा कार जबकि किशननगर चौक से ओएनजीसी चौक की ओर कंटेनर साधारण गति से जाता हुआ दिखा है। हालांकि, पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर रही कि सहारनपुर चौक व कांवली रोड की फुटेज दुर्घटना से कुछ देर पहले की है, या फिर उस समय की, जब इनोवा सवार युवा अपने कांवली रोड और जीएमएस रोड निवासी दो दोस्तों को पार्टी में ले जाने के लिए दुर्घटना से तीन घंटे पहले आए थे। दुर्घटना के सभी कारणों की विस्तृत जांच की जा रही एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि सोमवार देर रात ओएनजीसी चौक पर हुई वाहन दुर्घटना में दुर्घटना के सभी कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के दौरान पुलिस को दुर्घटना से पहले इनोवा कार के शहर में घूमने की महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज प्राप्त हुई हैं। इसमें इनोवा राजपुर रोड से सहारनपुर चौक पहुंची और कांवली रोड होते हुए बल्लीवाला-जीएमएस रोड से बल्लूपुर गई। इन सभी मार्गों पर वाहन पुलिस चेकपोस्ट से गुजरते हुए इनोवा की गति साधारण रही। हालांकि, पुलिस दुर्घटना के बाद मंगलवार को दावा कर रही थी कि इनोवा राजपुर रोड, घंटाघर, चकराता रोड, बिंदाल होते हुए बल्लूपुर की ओर गई थी। दावा यह भी किया था कि संभवत: पुलिस चेकिंग से बचने के लिए युवाओं ने वैकल्पिक मार्ग उपयोग किया हो, लेकिन अब तीन दिन बाद पुलिस ने नई कहानी गढ़ दी है। पुलिस ने दावा किया कि दुर्घटना से पूर्व बल्लूपुर से ओएनजीसी चौक के बीच इनोवा की गति बेलगाम थी। हालांकि, पुलिस अपनी कहानी को लेकर अभी भी स्पष्ट नहीं है और यह भी कह रही कि दुर्घटना में जीवित बचे एकमात्र घायल सिद्धेश अग्रवाल के बयान के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। बता दें कि, गंभीर रूप से घायल सिद्धेश का सिनर्जी अस्पताल में उपचार चल रहा है। वहीं, जिस कंटेनर से इनोवा टकराई थी, उसके लिए पुलिस का दावा है कि कंटेनर किशननगर चौक से करीब छह मिनट में डेढ़ किमी की दूरी तय करते हुए ओएनजीसी चौक तक पहुंचा था। पुलिस फुटेज का समय नहीं कर रही स्पष्ट कार्यशैली पर उठे तमाम सवालों के तीन दिन बाद पुलिस ने अपने बचाव में सीसीटीवी फुटेज को आधार बना यह दावा तो कर दिया कि इनोवा कार की गति साधारण थी, लेकिन यह गति किस समय साधारण थी, पुलिस इस सवाल का जवाब नहीं दे रही। दरअसल, यह कार सोमवार रात बल्लूपुर चौक से दो बार गुजरी। एक बार रात साढ़े 10 से 11 बजे के करीब, जब कांवली रोड व जीएमएस रोड निवासी दो दोस्तों को लेने आने की बारी थी और दूसरी बार रात डेढ़ बजे के करीब, जब दुर्घटना हुई। जब कार दोस्तों को लेने कांवली रोड गई थी तो उससे पहले यह तिलक रोड भी गई थी, क्योंकि एक दोस्त वहां की रहने वाली थी। पुलिस पिकेट पर क्यों नहीं हुई वाहन की जांच पुलिस ने तीन दिन बाद यह दावा जरूर किया कि इनोवा शहर में सामान्य गति से चल रही थी, लेकिन पुलिस इसका जवाब नहीं दे पाई कि जगह-जगह पुलिस पिकेट पर कार को रोका क्यों नहीं गया। कार बिना पंजीयन नंबर-प्लेट के थी और उसमें सात युवा सवार थे। सामान्य तौर पर रात 11 बजे के बाद कोई भी वाहन पुलिस पिकेट से गुजरता है तो पुलिस उसे रोककर चेकिंग करती व चालक से पूछताछ होती है। इसके बाद ही वाहन को आगे जाने दिया जाता है। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि घायल सिद्धेश के शुक्रवार तक होश में आने की संभावना है, ऐसे में उसके बयान के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बिरसा मुण्डा जयंती पर धार में 334 करोड़ रुपए से अधिक लागत के विकास कार्यों की दी गई सौगातें

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने भगवान बिरसा मुंडा के व्यक्तित्व और कृतित्व को जन-जन तक पहुंचाने के लिये किये जा रहे प्रयासों के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रयासों से प्रारंभ हुए जनजातीय गौरव दिवस के माध्यम से हमारी आजादी में जनजातीय नायक-नायिकाओं के योगदान से देश-दुनिया को परिचित कराने में मदद मिली है। अंग्रेजों से वीरता पूर्वक युद्ध करने वाले, जन-समुदाय द्वारा भगवान के रूप में पूजे जाने वाले, मुण्डा क्रांति के जनक बिरसा मुण्डा थे। उन्होंने सशस्त्र छापामार संघर्ष में बलिदानी रायन्ना, संथाल विद्रोह या हूल आंदोलन में तीर-कमान के साथ शामिल होने वाले शहीद सिद्धो संथाल, कान्हू संथाल, उनके छोटे भाई चाँद और भैरव के योगदान का भी उल्लेख किया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी जी की संवेदनाएं जनजाति वर्ग के प्रति विशेष रूप से है। जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिये उन्होंने बजट में पाँच गुना से अधिक की वृद्धि की है। पीएम जन मन योजना के माध्यम से जनजातीय वर्ग के कल्याण को नई दिशा दी जा रही है। बेगा, सहरिया सहित अन्य पिछड़े जनजातीय वर्ग के जीवन में सुधार के लिये भी विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। राज्यपाल श्री पटेल शुक्रवार को धार में भगवान बिरसा मुण्डा जयंती के अवसर पर राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस के विशाल समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समारोह की अध्यक्षता की। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2047 तक देश को सिकल सेल जैसी घातक बीमारी से समाज को मुक्त कराने का लक्ष्य रखा है। इस प्रयास में समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे इस बीमारी के उन्मूलन के संबंध में जागरूकता के लिये विशेष प्रयास करें। समय पर जाँच होने से इस बीमारी का इलाज संभव है। आज का दिन किसी त्यौहार से कम नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का दिन किसी त्यौहार से कम नहीं है। आज के दिन हमारे समाज के गौरव भगवान बिरसा मुण्डा ने जन्म लिया था। यह दिन हमारे लिये गौरव के साथ गर्व का दिन भी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस दिन को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरूआत की है। बिरसा मुण्डा ने जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिये संघर्ष किया। उन्होंने भारत माँ की रक्षा के लिये भी अपनी जीवटता और वीरता से अनेक उल्लेखनीय कार्य किये और समाज को नई दिशा दी। धर्मांतरण के विरोध में आवाज उठाते हुए वे आगे आये। मुख्यमंत्री श्री यादव ने कहा कि संस्कृति बचेगी तो हम बचेंगे। संस्कृति की रक्षा के लिये बिरसा मुण्डा का भारत के इतिहास में एक बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि टंट्या मामा के नाम से विश्वविद्यालय बनाया गया है। रेलवे स्टेशन का नाम भी टंट्या मामा के नाम पर किया गया है। हमारी सरकार जनजाति समाज के समग्र कल्याण के लिये कृत संकल्पित होकर लगातार काम कर रही हैं, जो अनवरत जारी रहेंगे। विकास के साथ होंगे रोजगार के अवसर सृजित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल संवर्धन के माध्यम से विकास को नये आयाम दिये जा रहे हैं। धार जिले में 334 करोड़ रूपये लागत के 57 विकास कार्यों की सौगात क्षेत्र को प्रगति के पथ पर तेज गति प्रदान करेगी। इससे क्षेत्र में विकास के साथ रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पेसा कानून की जानकारी देते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल आदि मूलभूत सुविधाओं के विकास के प्लान तैयार किये जायें और उन्हें कार्यरूप में परिणित भी करें। उन्होंने बताया कि वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित किया जा रहा है। शासन की प्रत्येक योजना का लाभ हर पात्रताधारी व्यक्ति को मिले, इसके लिये मैदानी स्तर पर विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिकल सेल बीमारी समाज के लिये घातक है। इस बीमारी के उन्मूलन के लिये कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी। मैदानी स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के लिये  विशेष प्रयास लगातार जारी हैं। गरीब वर्ग के लिये एयर एम्बुलेंस सेवा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा जनजाति वर्ग के भाई-बहनों को आगे लाने के लिये सभी प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीमार को त्वरित चिकित्सकीय सेवा की उपलब्धता तथा उन्हें हॉस्पिटल पहुंचाने के लिये एयर एम्बुलेंस सेवा प्रारंभ की गई है। प्रदेश सरकार हर व्यक्ति को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिये लगातार प्रयास कर रही है। हमारा संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित नहीं रहे। उन्होंने जनजाति समाज के बच्चों से बेहतर शिक्षण के लिये आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा जनजाति समाज के बच्चों को उच्च शिक्षण के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिये नि:शुल्क कोचिंग की व्यवस्था प्रारंभ की गई है। इन कोचिंग पर होने वाला खर्च शासन द्वारा उठाया जायेगा। गौ-संवर्धन के लिये खुलेंगी बड़ी गौ-शालाएँ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा प्रदेश में गौ-माता की रक्षा और उनके संवर्धन के लिये बड़ी-बड़ी गौशालाएं खोली जाएंगी। ग्रामीणों को दुग्ध उत्पादन के लिये प्रोत्साहित करने के साथ इस पर बोनस भी दिया जायेगा। प्रदेश में राज्य परिवहन निगम जैसी सेवा पुन: प्रारंभ की जायेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन के बेहतर साधन एवं सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि

मुख्यमंत्री साय बोले- हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराएं जीवन में उल्लास भी भरती हैं

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर राजधानी रायपुर के पवित्र खारून नदी के तट महादेव घाट पहुंचकर श्री हाटकेश्वर महादेव और मां काली के दर्शन किए। उन्होंने श्री हाटकेश्वर महादेव और मां काली की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों के खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने पवित्र महादेव घाट में कार्तिक स्नान के लिए जुटे श्रद्धालुओं का अभिवादन कर सभी को कार्तिक पूर्णिमा की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव और विधायक श्री मोतीलाल साहू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर महादेव घाट में आयोजित होने वाला पुन्नी मेला बहुत लोकप्रिय है। दूर-दूर से लोग इसमें बड़ी श्रद्धा के साथ हिस्सा लेने आते हैं। श्री साय ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक, धार्मिक परंपराएं न केवल हमारी आस्था को मजबूत करती हैं अपितु हमारे जीवन में उल्लास भी भरती हैं।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से हमने प्रदेशवासियों को अपने आराध्य भगवान श्री राम के दर्शन के लिए अयोध्या भेजने की नि:शुल्क की व्यवस्था की है। श्री साय ने मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के शीघ्र शुरू किए जाने की जानकारी देते हुए बताया कि इससे 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक तीर्थ यात्रा पर जा सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज से हमने प्रदेश के 25 लाख से अधिक किसानों से धान खरीदी की शुरूआत कर दी है। जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर देश भर से आए जनजाति कलाकारों ने राजधानी में मनमोहक नृत्यों की प्रस्तुति दी। उन्होंने आज नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू होने की जानकारी भी लोगों के साथ साझा की।

छत्‍तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी योजना 2.0 के हितग्राही सर्वेक्षण का शुभारंभ

रायपुर प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-Urban) के दूसरे चरण में उन हितग्राहियों को भी शामिल किया जाएगा जो पहले चरण में आवास से वंचित रह गए थे। इस महत्वपूर्ण योजना के तहत अब और अधिक लोगों को उनके पहले पक्के घर का सपना पूरा करने का मौका मिलेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लिए हितग्राही सर्वेक्षण शुक्रवार से शुरू होगा। इसकी शुरुआत उपमुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव द्वारा मुंगेली के स्वामी आत्मानंद स्कूल में होगी, जहां वे प्रतीकात्मक रूप से हितग्राहियों के सर्वेक्षण प्रपत्र भरेंगे। इस योजना से आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस), निम्न आय वर्ग (एलआईजी), और मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि वे अपने पहले पक्के घर का सपना साकार कर सकें। दूसरे चरण में आवास प्रदान करने के लिए योजना को चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है:     लाभार्थी आधारित निर्माण।     भागीदारी में किफायती आवास।     किफायती किराया आवास।     ब्याज सब्सिडी।     केंद्र सरकार ने अब सभी हितग्राहियों को पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा भी दी है, साथ ही सभी 189 नगरीय निकायों में हेल्पडेस्क की व्यवस्था की जाएगी, ताकि कोई भी आवेदनकर्ता मदद से वंचित न रहे। तीन आय वर्गों को मिलेगा लाभ प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 का लाभ अब तीन आय वर्गों के परिवारों को मिलेगा:     ईडब्ल्यूएस: तीन लाख रुपये तक वार्षिक पारिवारिक आय।     एलआइजी: छह लाख रुपये तक वार्षिक पारिवारिक आय।     एमआइजी: नौ लाख रुपये तक वार्षिक पारिवारिक आय। इस कदम से योजना का दायरा और भी बढ़ गया है, जिससे और अधिक परिवारों को फायदा होगा। योजना के लिए अनिवार्य शर्तें इस योजना में लाभ पाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें हैं:     लाभार्थी परिवार में पति, पत्नी, अविवाहित बेटे और अविवाहित बेटियां शामिल हो सकती हैं।     लाभार्थी परिवार के पास देश में कहीं भी कोई पक्का घर नहीं होना चाहिए।     परिवार के सभी सदस्य का आधार कार्ड और वर्चुअल आधार अनिवार्य है।     लाभार्थी को 31 अगस्त 2024 से पहले स्थानीय निकाय क्षेत्र का निवासी होना जरूरी है। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के दूसरे चरण के साथ छत्तीसगढ़ के लाखों परिवारों को उनके पक्के घर का सपना पूरा करने का सुनहरा मौका मिलेगा। यह योजना न केवल घर के मालिक बनने की राह खोलेगी, बल्कि राज्य के समग्र विकास में भी अहम योगदान देगी।  

भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के अत्याचार के विरुद्ध जनजातीय समाज को किया खड़ा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पूरे देश में राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनायी जा रही है। जनजातीय गौरव दिवस इतिहास के एक बहुत बड़े अन्याय को दूर करने का एक ईमानदार प्रयास है। आजादी के बाद जनजातीय वर्ग के योगदान को इतिहास में वह स्थान नहीं दिया गया, जिसके लिये वे हकदार थे। जनजातीय समाज वो है, जिसने राजकुमार राम को भगवान बनाया। भारत की संस्कृति और आजादी के रक्षा के लिये सैकड़ो वर्षों की लड़ाई का नेतृत्व दिया। आजादी के बाद के दशकों में जनजातीय वर्ग के अनमोल योगदान को मिटाने की कोशिश की गई। इसके पीछे स्वार्थ भरी राजनीति थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज के समग्र कल्याण के लिये अनेक योजनाएँ संचालित कर उनके आर्थिक और सामाजिक विकास का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर बिहार जिले के जमुई में आयोजित राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस पर संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती पर 6 हजार करोड़ रूपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया है। इसमें जनजातीय वर्ग के बच्चों के भविष्य को संवारने वाले स्कूल और हॉस्टल, जनजातीय वर्ग की महिलाओं के लिये स्वास्थ्य सुविधा, जनजातीय क्षेत्रों को जोड़ने वाली सैकड़ों किलोमीटर की सड़कें, जनजातीय वर्ग की संस्कृति को समर्पित संग्रहालय एवं जनजातीय वर्ग के डेढ़ लाख परिवारों को पक्के घर के स्वीकृति पत्र वितरित किये गये हैं। साथ ही आज देव दीपावली के दिन 11 हजार से अधिक जनजातीय परिवारों को अपने घर में प्रवेश कराया गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मध्यप्रदेश के छिन्दवाड़ा के श्री बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय एवं जबलपुर के राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वंतत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का वर्चुअली लोकापर्ण किया। मध्यप्रदेश के शहडोल जिला मुख्यालय पर आयोजित राज्यस्तरीय जनजातीय गौरव दिवस समारोह में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल, सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, अध्यक्ष कोल विकास प्राधिकरण श्री रामलाल रोतेल सहित जन-प्रतिनिधि मौजूद रहे। राज्यपाल श्री पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। अतिथियों का स्वागत जनजातीय परंपरा अनुसार किया गया। जनजातीय कल्याण के लिये राज्य सरकार कर रही है बेहतरीन कार्य : राज्यपाल श्री पटेल राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सम्पूर्ण देश में जनजातीय कल्याण के अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। पीएम जन मन योजना और सिकल सैल उन्मूलन मिशन, जनजाति कल्याण का महाभियान है। इस महाभियान में राज्य सरकार द्वारा जनजाति कल्याण के बेहतरीन कार्य किए जा रहे हैं। अनेक विभागों के माध्यम से अति पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा में लाने के कारगर प्रयास लगातार जारी है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सिकल सैल उन्मूलन मिशन का संकल्प मध्यप्रदेश की धरती से लिया जाना प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है। केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा सिकल सैल उन्मूलन की दिशा में जाँच और जागरूकता के कार्य सघन स्तर पर किए जा रहे हैं। प्रदेश में अब तक 82 लाख लोगों की सिकलसेल स्क्रीनिंग पूर्ण हो गई है। राज्यपाल श्री पटेल ने शहडोल ज़िले के सिकल सैल जाँच कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को सिकल सैल कार्ड वितरण का कार्य जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सिकल सैल से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय, इस रोग के प्रति जागरूकता ही है। उन्होंने कहा कि शादी के पूर्व लड़का-लड़की सिकल सैल कार्ड का मिलान ज़रूर करें। उन्होंने कहा कि गर्भधारण के दौरान और जन्म के बाद भी बच्चे के सिकल सैल की जाँच ज़रूर कराएं। राज्यपाल श्री पटेल ने सभी से आह्वान किया कि सिकल सैल की जाँच और जागरूकता हम सभी की सामूहिक ज़िम्मेदारी है। राज्यपाल श्री पटेल ने भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती पर उनका नमन किया और प्रदेश एवं देश के महान क्रांतिकारी, जनजातीय सपूतों का पुण्य स्मरण भी किया। उन्होंने जनजाति गौरव दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा जबलपुर और छिंदवाड़ा के जनजातीय संग्रहालय के लोकार्पण के प्रति आभार ज्ञापित किया।  

विवादों के बीच सुंबुल तौकीर संग दिखीं रूपाली गांगुली

मुंबई, घरेलू विवाद के सोशल प्लेटफॉर्म पर आने के बाद एक्ट्रेस रूपाली गांगुली सुंबुल तौकीर संग दिखीं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल इंस्टाग्राम से एक तस्वीर साझा कर सुंबुल को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। रूपाली ने एक सेल्फी शेयर की, सुंबुल शुक्रवार को 21 साल की हो गई। फोटो में, ‘अनुपमा’ और ‘इमली’ स्टार्स कैमरे की ओर देखते हुए मुस्कुरा रहे हैं। फोटो पर ‘हैप्पी बर्थडे’ स्टिकर लगा हुआ था। रूपाली ने पहले एक सेल्फी शेयर की थी, जिसे उन्होंने ‘रूफी और अनुफी’ बताया था। इस सप्ताह की शुरुआत में, उन्होंने सौतेली बेटी ईशा वर्मा के खिलाफ मानहानि का नोटिस दायर करने के बाद ‘मानवीय शोर को शांत करने’ के बारे में एक रहस्यमयी पोस्ट शेयर किया था। रूपाली ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक कोट शेयर किया, जिसमें लिखा था, “ऐसे समय होते हैं जब आपको मनुष्यों के शोर से उबरने के लिए जानवरों सी चुप्पी की आवश्यकता होती है।’ यह पोस्ट ऐसे समय में आया जब एक्ट्रेस ने अपनी सौतेली बेटी ईशा को मानहानि का नोटिस भेजा था, जिसमें उन्होंने उनके चरित्र और निजी जीवन को ‘खराब’ करने के लिए 50 करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा था। यह कानूनी नोटिस ईशा के ‘झूठे और नुकसानदेह बयानों’ के जवाब में था और यह कदम उनकी प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए उठाया गया था। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि एक्ट्रेस 50 करोड़ रुपए का मुआवजा भी चाहती हैं। यह नोटिस गांगुली की वकील सना रईस खान ने भेजा है, जो ‘बिग बॉस 17’ में बतौर कंटेस्टेंट नजर आई थीं। कानूनी नोटिस में ईशा को संबोधित करते हुए कहा गया है, ‘हमारे क्लाइंट ने बताया कि वह ‘एक्स’, ‘इंस्टाग्राम’ और ‘फेसबुक’ समेत कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपके द्वारा प्रकाशित पोस्ट और कमेंट को देखकर हैरान रह गई। क्लाइंट ने कहा कि वर्तमान नोटिस जारी करने के लिए सही और सटीक तथ्य पेश करना ठीक होगा …’ नोटिस में बताया गया है कि रूपाली मानसिक सदमे से गुजरी, जिसके कारण उन्हें मेडिकल सहायता लेनी पड़ी। सेट पर उनका अपमान किया गया और उन्होंने प्रोफेशनल मौके को खो दिया।  

जनजातीय गौरव दिवस, सभी के लिए जनजातीय बलिदानियों को स्मरण करने का अवसर : उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार

भोपाल भगवान बिरसा मुंडा शौर्य एवं पराक्रम के प्रतीक हैं। उन्होंने न केवल अंग्रेजों की पराधीनता के विरुद्ध स्वतंत्रता के संघर्ष का शंखनाद किया बल्कि समाज को संगठित कर राष्ट्र के लिए बलिदान देने वाले स्वाधीनता सेनानी तैयार किए। भगवान बिरसा मुंडा ने समाज की बुराइयों पर नियंत्रण एवं सुधार के लिए भी अपना योगदान दिया। जिसने अपने मात्र 25 वर्ष के जीवन में देश के लिए बलिदान देकर राष्ट्र रक्षा के संकल्प लिया और उसके लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए, राष्ट्र के ऐसे क्रान्तिसूर्य के शौर्य एवं पराक्रम पर सभी को गर्व करने की आवश्यकता है। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने शुक्रवार को भगवान बिरसा मुंडा जी की जन्म जयंती पर मनाए जा रहे “जनजातीय गौरव दिवस” के उपलक्ष्य पर भोपाल स्थित शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में आयोजित “पुष्पांजलि कार्यक्रम” में कही। श्री परमार ने उलगुलान के उद्घोषक और धरती आबा कहे जाने वाले जनजातीय गौरव भगवान बिरसा मुंडा जी के छायाचित्र पर पीत अंगवस्त्र ओढ़ाकर, पुष्पांजलि अर्पित की। श्री परमार ने सभी को भगवान बिरसा मुंडा जी की जन्म जयंती की शुभकामनाएं एवं बधाई दीं। श्री परमार ने कहा भगवान बिरसा मुंडा का शौर्य एवं पराक्रम से समृद्ध अल्पायु जीवन, प्रेरणादायक एवं अनुकरणीय है। श्री परमार ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस, यह जनजातीय समाज के गौरव का दिवस नहीं बल्कि हम सभी के लिए गौरव करने का अवसर है। श्री परमार ने भगवान बिरसा मुंडा के जीवन से जुड़े प्रसंगों का उल्लेख करते हुए उनके दूरदर्शितापूर्ण दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस के रूप में जनजातीय बलिदानियों का स्मरण करना, भारत के इतिहास को सही परिप्रेक्ष्य में लिखा जाने की ओर महत्वपूर्ण कदम है। श्री परमार ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, मधु भगत, चक्र बिसोई, राजा शंकरशाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह सहित अनेकों जनजातीय बलिदानियों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। ऐसे जनजातीय बलिदानियों के संघर्ष और इतिहास को सही परिप्रेक्ष्य में पढ़ने एवं समझने की आवश्यकता हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में, पूरे देश को भगवान बिरसा मुंडा जी के जन्म जयंती के अवसर पर जनजातीय गौरव दिवस के रूप में जनजातीय बलिदान की श्रृंखला को स्मरण करने का अवसर मिला है। मंत्री श्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने भारत के गौरवशाली इतिहास, परम्परा, ज्ञान-विज्ञान, संस्कृति एवं दर्शन सहित समस्त भारतीय दृष्टिकोण को शिक्षा में समाहित करने का अवसर दिया है। भारतीय ज्ञान परम्परा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का अभिन्न अंग है। श्री परमार ने ग्रामीण परिवेश में गृहिणियों की रसोई को भारतीय ज्ञान का कुशल एवं श्रेष्ठ प्रबंधन बताया। श्री परमार ने कहा कि 2047 में विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने सभी की सहभागिता की आवश्यकता है। हम सभी के योगदान से वर्ष 2047 तक भारत विश्वमंच पर हर क्षेत्र में सिरमौर बनेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के शहडोल में आयोजित समारोह में ऑनलाइन जुड़कर वर्चुअल संबोधन के सजीव प्रसारण किया गया। महामहिम राज्यपाल श्री मंगु भाई पटेल एवं माननीय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के संबोधन का भी सीधा प्रसारण का किया गया। कार्यक्रम में आयुक्त उच्च शिक्षा श्री निशांत बरबड़े, महाविद्यालय की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष डॉ अजय नारंग, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी उच्च शिक्षा डॉ धीरेंद्र शुक्ल, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अजय कुमार अग्रवाल एवं कार्यक्रम संयोजिका डॉ सविता भार्गव सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं छात्राएं उपस्थित रहीं। उच्च शिक्षा मंत्री ने छात्रावास परिसर का निरीक्षण कर दिए आवश्यक दिशा निर्देश उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने भोपाल स्थित शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम के उपरांत महाविद्यालय के छात्रावास परिसर का औचक अवलोकन किया। श्री परमार ने छात्राओं से संवाद कर ,उन्हें प्रदान की जा रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। श्री परमार ने छात्राओं के पठन-पाठन के लिए आवश्यक सभी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। छात्राओं के लिए उत्तम एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन प्रबंधन के लिए रसोई को पुनः संचालित करने के निर्देश दिए। छात्रावास के पुस्तकालय को नवीनतम पुस्तकों एवं शिक्षण सामग्री से समृद्ध करने को कहा। छात्राओं की सुरक्षा एवं सुविधाओं के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। छात्रावास परिसर की स्वच्छता की सुनिश्चिता एवं खेलकूद सुविधाएं उपलब्ध करने को भी कहा। छात्रावास में छात्राओं की संख्या वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए।  

गरियाबंद में फिर नजर आया तेंदुआ, स्थानीय निवासियों में भय का माहौल

गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में एक बार फिर तेंदुआ नजर आया है, जिससे क्षेत्र के लोग दहशत में हैं. तेंदुआ प्रमुख रूप से पैरी कॉलोनी, जेल वार्ड, जिला अस्पताल, पानी ठंकी और आसपास के मोहल्लों में देखा गया है. पिछले कुछ दिनों से यह तेंदुआ लगातार गरियाबंद के कुत्तों का शिकार कर रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों में भय का माहौल है. विशेष जानकारी के अनुसार, तेंदुआ महाविद्यालय और खेल मैदान के पास स्थित टिकरे पर भी देखा गया है. इस घटनाक्रम के बाद, लोग अपने घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं और पालतू जानवरों को बाहर भेजने से भी बच रहे हैं. स्थानीय लोग वन विभाग से तेंदुए को जल्द सुरक्षित स्थान पर भेजने की अपील कर रहे हैं, ताकि इलाके में शांति बहाल हो सके. वन विभाग ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए अपनी सतर्कता बढ़ा दी है. विभाग ने कर्मचारियों की ड्यूटी बढ़ाई है और मुनादी कर क्षेत्रवासियों को तेंदुआ के बारे में सचेत किया जा रहा है. वन विभाग का अनुमान है कि तेंदुआ गर्भवती हो सकती है और प्रसव के बाद वह इस क्षेत्र से बाहर निकल जाएगी.

देवली-उनियारा विधानसभा सीट पर एसडीएम को नरेश मीणा ने थप्पड़ मारा था, अब हवालात से आई पहली तस्वीर सामने

जयपुर राजस्थान की देवली-उनियारा विधानसभा सीट पर उपचुनाव के दौरान एसडीएम को थप्पड़ मारने वाले नरेश मीणा की हवालात से पहली तस्वीर सामने आई है। इस तस्वीर में वह जमीन पर लेटा हुआ नजर आ रहा है। बता दें कि पुलिस ने नरेश मीणा को गुरुवार को गिरफ्तार किया था। देवली-उनियारा विधानसभा सीट पर वोटिंग के दौरान उसने एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मारा था। दरअसल, नरेश मीणा ने वोटिंग के दौरान इस पर ऐतराज जताया था कि आखिर उसका चुनाव चिन्ह इतना हल्का क्यों दिख रहा है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच इस कदर विवाद बढ़ गया कि बात हाथापाई तक आ पहुंची। नरेश मीणा ने एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद दोनों के समर्थक भी आपस में भिड़ गए। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति को काबू में कर लिया। फिलहाल, स्थिति पूरी तरह नियंत्रित है। लेकिन, इस दौरान नरेश मीणा के समर्थकों ने जमकर उत्पात मचाया था। जहां कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया] तो वहीं सार्वजनिक संपत्तियों को भी व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचाया। उपद्रव के बाद नरेश मीणा फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई। इतना ही नहीं, उसने अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल से वीडियो साझा कर पुलिस-प्रशासन को चुनौती देते हुए कहा कि अगर किसी में हिम्मत है, तो मुझे गिरफ्तार करके दिखाए। मैं किसी भी कीमत पर आत्मसमर्पण नहीं करूंगा। अगर किसी को लगता है कि मैं आत्मसमर्पण के लिए तैयार हो जाऊंगा, तो मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि यह उसकी गलतफहमी है। इसके साथ ही उसने अपने समर्थकों को संदेश दिया है कि आगे की योजना के बारे में आपको जानकारी दे दी जाएगी कि आगे क्या कदम उठाना है। फिलहाल मैं ठीक हूं। कोई दिक्कत नहीं है। आखिरकार पुलिस ने काफी उठापटक के बाद नरेश मीणा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसके अलावा, उसके 60 समर्थकों को भी गिरफ्तार किया गया है। नरेश मीणा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा-189(2), 190, 115(2), 121(2), 132, 223(a), 351(2), 109(1) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 132, 131 के तहत केस दर्ज किया है।  

पुष्पा 2: द रूल का ट्रेलर 17 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में होगा लॉन्च

मुंबई, दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार अल्लू अर्जुन की आने वाली फ़िल्म पुष्पा 2: द रूल का ट्रेलर 17 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में लॉन्च होगा। 17 नवंबर को पुष्पा 2: द रूल का मच अवेटेड ट्रेलर लॉन्च होगा। ये ग्रैंड इवेंट गांधी मैदान में गंगा किनारे शाम 5 बजे से शुरू होगा और इसे एक शानदार आयोजन के रूप में देखा जा रहा है। ट्रेलर में एक्शन, ड्रामा, और स्टार पावर का बेहतरीन तालमेल होगा, और यह फैंस को पुष्पा 2 की अगली कड़ी का पहला नजारा देगा। अपने सोशल मीडिया हैंडल पर घोषणा करते हुए, माइथ्री मूवी मेकर्स ने ट्रेलर लॉन्च इवेंट की तारीख और समय के साथ फिल्म का एक पोस्टर साझा किया है, “गंगा तट पर सबसे बड़े इवेंट के लिए तैयार हो जाइए 3 दिन बाकी हैं 17 नवंबर को गांधी मैदान, पटना में शाम 5 बजे से ग्रैंड #पुष्पा 2dरूल ट्रेलर लॉन्च इवेंट होगा” पुष्पा 2: द रूल, सुकुमार द्वारा निर्देशित और अल्लू अर्जुन, रश्मिका मंदाना और फहाद फासिल द्वारा स्टारर है। इस फिल्म का निर्माण माइथ्री मूवी मेकर्स और सुकुमार ने किया है और म्यूजिक टी सीरीज ने दिया है। यह फिल्म 05 दिसंबर को रिलीज होगी।

उमरिया जिले का विश्व प्रसिद्ध बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व वैश्विक धरोहर है

भोपाल उमरिया जिले का विश्व प्रसिद्ध बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व वैश्विक धरोहर है। यहाँ की जैव-विविधता, दुर्लभ वन्य-जीवों की उपलब्धता, कल्चुरी कालीन किला और हिन्दू देवताओं के प्राचीन मंदिर पूरी दुनिया में दुर्लभ हैं। टाइगर रिजर्व की स्थापना के पूर्व यहाँ का जंगल एवं पहाड़ियों के बीच निर्मित किला एवं अन्य संरचनाएँ रीवा रियासत के महाराजा की निजी सम्पत्ति हुआ करती थी। किले में राजकीय कार्यों के अलावा राज परिवार का निवास भी होता था। घनघोर जंगल राजा और महाराजाओं का निजी शिकारगाह होता था, जहाँ देश-विदेश के राजा समय-समय पर आकर आखेट करते थे। कालांतर में देश की आजादी के बाद तत्कालीन रीवा महाराजा मार्तण्ड सिंह ने सन् 1967 में किला सहित पूरा जंगल मध्यप्रदेश शासन को नेशनल पार्क स्थापित करने एवं वन्य-जीव संरक्षण के लिये दान में दिया था। इसके बाद मध्यप्रदेश शासन द्वारा बाँधवगढ़ नेशनल पार्क की स्थापना की गयी। वर्ष 1981 के बाद यहाँ पर केन्द्र की टाइगर परियोजना शुरू की गयी। बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मौजूद जल-स्रोतों से यहाँ की जैव-विविधता देश-दुनिया के जंगलों की अपेक्षा उत्कृष्ट रही है। यहाँ जल-स्रोतों की मौजूदगी हमेशा से रही है, जिससे हरियाली बनी रहती है। पर्याप्त जल-स्रोत, चारागाह, सघन वन, शाकाहारी, मांसाहारी वन्य-जीवों के लिये आवश्यक आहार और रहवास की अनुकूलता होने से यहाँ दुर्लभ से दुर्लभ वन्य-प्राणी एवं पक्षी अपना आश्रय-स्थल बनाये हुए हैं। बाघों की सघन मौजूदगी पूरी दुनिया में बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व को एक अलग पहचान दिलाती है। टाइगर रिजर्व 1526 वर्ग किलोमीटर के कोर एवं बफर क्षेत्र में फैला हुआ है। इस जंगल में वर्ष 2022 की गणना अनुसार 165 से भी ज्यादा बाघों की संख्या पायी गयी थी। इसके अलावा कान्हा टाइगर रिजर्व से 49 बायसन लाकर वर्ष 2012 में बसाये गये थे, जो अनुकूल परिस्थितियों में बढ़कर वर्तमान में लगभग 200 की संख्या में स्वच्छंद विचरण कर रहे हैं। टाइगर रिजर्व में दुनिया में विलुप्ति की कगार पर पहुँच चुके विशेष प्रजाति के बारहसिंघा भी कान्हा टाइगर रिजर्व से लाकर बाँधवगढ़ में बसाये गये हैं। वर्ष 2018 से जंगली हाथियों ने भी अपना रहवास यहाँ बनाया है। तकरीबन 70 से 80 जंगली हाथी टाइगर रिजर्व के अलग-अलग क्षेत्रों में विभिन्न झुण्डों में विचरण कर रहे हैं। टाइगर रिजर्व में बाघ, बायसन, जंगली हाथी के अलावा नीलगाय, भालू, तेंदुआ, चीतल और सांभर यहाँ के मुख्य वन्य-प्राणी हैं, जो पर्यटन के साथ जैव-विविधता का केन्द्र हैं। टाइगर रिजर्व बाँस एवं साल के सघन वृक्षों से घिरा हुआ है। यहाँ वन्य-जीव दर्शन के अलावा हिन्दू मान्यताओं के कई प्राचीन धार्मिक मंदिर भी हैं। इसमें बाँधवगढ़ किले के समीप स्थित भगवान राम-जानकी मंदिर आस्था का प्रमुख केन्द्र है। यहाँ पर प्रतिवर्ष जन्माष्मी के पर्व पर मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें देशभर से हिन्दू धर्मावलम्बी पूजा-दर्शन के लिये पहुँचते हैं। बाँधवगढ़ की पहाड़ियों पर स्थित कबीर गुफा कबीरपंथियों की आस्था का केन्द्र है। प्रतिवर्ष अगहन पूर्णिमा के दिन यहाँ पर कबीरपंथियों का जमावड़ा होता है और कबीर गुफा में कबीर अनुयायी उनकी पूजा-पाठ करते हैं। संत शिरोमणि सेन की तपोस्थली भी बाँधवगढ़ में ही रही है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा संत सेन का मंदिर एवं समाधि-स्थल बनाने के लिये टाइगर रिजर्व की सीमा से लगे हुए क्षेत्र में भूमि आरक्षित की गयी है, जिसमें निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व बाघों के लिये विश्व प्रसिद्ध है। इसमें पहली बार दो दिवसीय बटरफ्लाई सर्वे कराया गया। टाइगर रिजर्व के 15 कैम्पों में 61 सदस्यों ने रिजर्व के जंगलों में पैदल सर्वे किया और सर्वे शीट पर तितलियों की जानकारी को अपडेट किया। दो दिवसीय सर्वे में तितलियों की 100 से अधिक प्रजातियाँ पायी गयीं। इनमें 5 से अधिक तितलियाँ दुर्लभ प्रजाति की हैं। कॉमन रैड आई, ब्लैक राजा, किंग क्रो और इंडियन डॉर्ट लेट जैसी तितली भी सर्वे में पायी गयी। तितलियों के सर्वे में मोबाइल एप का उपयोग नहीं किया गया। हाथ से ही सर्वे शीट में पैन से जानकारी को अपडेट किया गया।  

जन मन योजना और सिकलसेल उन्मूलन मिशन जनजाति कल्याण का महाभियान : राज्यपाल पटेल

जनजातीय गौरव दिवस, इतिहास के एक बड़े अन्याय को दूर करने का है ईमानदार प्रयास : प्रधानमंत्री मोदी भगवान बिरसा मुंडा ने मातृभूमि के गौरव और सम्मान की रक्षा के लिये अपना सर्वस्व बलिदान दिया प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश के दो जनजातीय संग्रहालय राष्ट्र को किये समर्पित जन मन योजना और सिकलसेल उन्मूलन मिशन जनजाति कल्याण का महाभियान : राज्यपाल पटेल भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के अत्याचार के विरुद्ध जनजातीय समाज को किया खड़ा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय समाज आज भी हमारी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखे है देश में चल रहा है जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास को समक्ष लाने का अभियान बाणसागर बांध से शहडोल जिले के लोगों को भी मिलेगा पानी शहडोल में बनाया जायेगा स्थाई हेलीपेड जनजातीय गौरव दिवस का राज्यस्तरीय कार्यक्रम शहडोल में हुआ आयोजित भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पूरे देश में राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनायी जा रही है। जनजातीय गौरव दिवस इतिहास के एक बहुत बड़े अन्याय को दूर करने का एक ईमानदार प्रयास है। आजादी के बाद जनजातीय वर्ग के योगदान को इतिहास में वह स्थान नहीं दिया गया, जिसके लिये वे हकदार थे। जनजातीय समाज वो है, जिसने राजकुमार राम को भगवान बनाया। भारत की संस्कृति और आजादी के रक्षा के लिये सैकड़ो वर्षों की लड़ाई का नेतृत्व दिया। आजादी के बाद के दशकों में जनजातीय वर्ग के अनमोल योगदान को मिटाने की कोशिश की गई। इसके पीछे स्वार्थ भरी राजनीति थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज के समग्र कल्याण के लिये अनेक योजनाएँ संचालित कर उनके आर्थिक और सामाजिक विकास का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर बिहार जिले के जमुई में आयोजित राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस पर संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती पर 6 हजार करोड़ रूपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया है। इसमें जनजातीय वर्ग के बच्चों के भविष्य को संवारने वाले स्कूल और हॉस्टल, जनजातीय वर्ग की महिलाओं के लिये स्वास्थ्य सुविधा, जनजातीय क्षेत्रों को जोड़ने वाली सैकड़ों किलोमीटर की सड़कें, जनजातीय वर्ग की संस्कृति को समर्पित संग्रहालय एवं जनजातीय वर्ग के डेढ़ लाख परिवारों को पक्के घर के स्वीकृति पत्र वितरित किये गये हैं। साथ ही आज देव दीपावली के दिन 11 हजार से अधिक जनजातीय परिवारों को अपने घर में प्रवेश कराया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश के छिन्दवाड़ा के बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय एवं जबलपुर के राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वंतत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का वर्चुअली लोकापर्ण किया। मध्यप्रदेश के शहडोल जिला मुख्यालय पर आयोजित राज्यस्तरीय जनजातीय गौरव दिवस समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल, सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, अध्यक्ष कोल विकास प्राधिकरण रामलाल रोतेल सहित जन-प्रतिनिधि मौजूद रहे। राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। अतिथियों का स्वागत जनजातीय परंपरा अनुसार किया गया। जनजातीय कल्याण के लिये राज्य सरकार कर रही है बेहतरीन कार्य : राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सम्पूर्ण देश में जनजातीय कल्याण के अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। पीएम जन मन योजना और सिकल सैल उन्मूलन मिशन, जनजाति कल्याण का महाभियान है। इस महाभियान में राज्य सरकार द्वारा जनजाति कल्याण के बेहतरीन कार्य किए जा रहे हैं। अनेक विभागों के माध्यम से अति पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा में लाने के कारगर प्रयास लगातार जारी है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सिकल सैल उन्मूलन मिशन का संकल्प मध्यप्रदेश की धरती से लिया जाना प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है। केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा सिकल सैल उन्मूलन की दिशा में जाँच और जागरूकता के कार्य सघन स्तर पर किए जा रहे हैं। प्रदेश में अब तक 82 लाख लोगों की सिकलसेल स्क्रीनिंग पूर्ण हो गई है। राज्यपाल पटेल ने शहडोल ज़िले के सिकल सैल जाँच कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को सिकल सैल कार्ड वितरण का कार्य जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सिकल सैल से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय, इस रोग के प्रति जागरूकता ही है। उन्होंने कहा कि शादी के पूर्व लड़का-लड़की सिकल सैल कार्ड का मिलान ज़रूर करें। उन्होंने कहा कि गर्भधारण के दौरान और जन्म के बाद भी बच्चे के सिकल सैल की जाँच ज़रूर कराएं। राज्यपाल पटेल ने सभी से आह्वान किया कि सिकल सैल की जाँच और जागरूकता हम सभी की सामूहिक ज़िम्मेदारी है। राज्यपाल पटेल ने भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती पर उनका नमन किया और प्रदेश एवं देश के महान क्रांतिकारी, जनजातीय सपूतों का पुण्य स्मरण भी किया। उन्होंने जनजाति गौरव दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जबलपुर और छिंदवाड़ा के जनजातीय संग्रहालय के लोकार्पण के प्रति आभार ज्ञापित किया। जल, जंगल और जमीन का अधिकार जनजातीय समाज का है मूल अधिकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल, जंगल और जमीन का अधिकार जनजातीय समाज का मूल अधिकार है। इसे अंग्रेज उनसे छीनना चाहते थे। भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के अत्याचार, अनाचार के खिलाफ जनजातीय समाज को खड़ा किया और अंग्रेजों के खिलाफ दो स्तरों पर लड़ाई लड़ी। एक ओर उन्होंने जनजातीय समाज के मूल अधिकार की रक्षा की और दूसरी ओर ईसाई मिशनरियों द्वारा हमारे धर्म के साथ छेड़छाड़ कर हमारे जनजातीय भाइयों को ईसाई बनाने के कुत्सित प्रयासों को ध्वस्त किया। आज हम भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर उन्हें हृदय से स्मरण और नमन करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास को देश के समक्ष लाने का अभियान चलाया है। उन्होंने प्रतिवर्ष देश भर में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस मनाने का निर्णय मध्यप्रदेश में ही लिया। आज पूरे देश में भगवान बिरसा मुंडा जयंती मनाई जा रही है। भगवान बिरसा मुंडा का जीवन हम सबके लिए मार्गदर्शक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा … Read more

जेएफए फर्म के कार्यालय और बेलार्ड एस्टेट के ऑफिस में बम रखा गया, ईमेल के जरिये दी धमकी, लोगो में दहशत

मुंबई मुंबई की एक लॉ फर्म को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। मेल के जरिए जेएसए लॉ फर्म बेलर्ड पेयर और जेएसए ऑफिस कमला मिल लोअर पर्ल को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। यह ई-मेल फरजान अहमद के नाम से आया है। ई-मेल में स्पष्ट कहा गया है कि जेएफए फर्म के कार्यालय और बेलार्ड एस्टेट के ऑफिस में बम रखा गया है। ईमेल आते ही दफ्तर के कर्मचारियों ने पुलिस को सूचित किया। धमकी की सूचना मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई। पुलिस जांच में जुट गई है। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि इस धमकी देने वाले व्यक्ति को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बता दें कि इससे पहले बीते गुरुवार (14 नवंबर) को मुंबई एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। धमकी देने वाले शख्स ने मुंबई एयरपोर्ट पर तैनात सीआईएसएफ को फोन कर एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। इसके बाद एयरपोर्ट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों सहित अन्य लोग खौफजदा हो गए थे। धमकी देने वाले शख्स ने सीआईएसएफ कर्मचारी को फोन कर कहा था कि एयरपोर्ट पर बम रखा हुआ है। इसके बाद जांच में सामने आया कि मोहम्मद नाम का व्यक्ति विस्फोटक सामग्री लेकर मुंबई से अजरबैजान जाने की योजना बना रहा था। लगभग एक साल से देश के कई राज्यों में स्कूल, होटल, एयरपोर्ट, मार्केट, ट्रेन, बस आदि को बम से उड़ाने की धमकियां मिल रही हैं। हालांकि जांच के बाद सभी फर्जी पाई जाती हैं। 27 अक्टूबर को भी मुंबई एयरपोर्ट पर एक धमकी दी गई थी। कहा गया था कि अगर विमान उड़ा तो कोई भी यात्री जिंदा नहीं बचेगा। जांच में यह धमकी भी झूठी पाई गई थी।  

हिसाब बराबर का वर्ल्ड प्रीमियर 26 नवंबर 55वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में होगा

मुंबई, जियो स्टूडियोज और एसपी सिनेकॉर्प द्वारा निर्मित आर. माधवन की मनोरंजक सामाजिक ड्रामा हिसाब बराबर का वर्ल्ड प्रीमियर 26 नवंबर को 55वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफ आई) में होगा। अश्वनी धीर द्वारा निर्देशित, हिसाब बराबर हास्य, व्यंग्य और तीव्र भावनाओं का मिश्रण है, और एक आम आदमी द्वारा कॉरपोरेट बैंक के अरबों डॉलर के घोटाले को उजागर करने की साहसी लड़ाई के बाद वित्तीय धोखाधड़ी के व्यापक मुद्दे का साहसपूर्वक सामना करता है। इस फ़िल्म में, माधवन राधे मोहन शर्मा की भूमिका निभा रहे हैं, जो एक सतर्क रेलवे टिकट चेकर है, जिसे अपने बैंक खाते में एक छोटी लेकिन समझ से परे विसंगति का पता चलता है। यह एक छोटी सी समस्या आगे जाके एक बड़ी जांच में बदल जाता है, जिससे उसे एक बैंकर, मिकी मेहता (नील नितिन मुकेश) द्वारा किए गए एक बड़े वित्तीय घोटाले का पता चलता है। राधे सिस्टम के भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ता है, साथ ही उसे अपने निजी जीवन की जटिलताओं का भी सामना करना पड़ता है आखिर उसे एहसास होता है कि बैलेंस शीट के तरह, रिश्तों को भी केवल संख्याओं से ठीक नहीं किया जा सकता है। कीर्ति कुल्हारी इस फिल्म में न्याय, ईमानदारी और सही के लिए खड़े होने की व्यक्तिगत मूल्य के विषयों की एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जियो स्टूडियोज प्रस्तुत, एसपी सिनेकॉर्प प्रोडक्शन “हिसाब बराबर” अश्वनी धीर द्वारा निर्देशित और ज्योति देशपांडे, शरद पटेल और श्रेयांशी पटेल द्वारा निर्मित है।

भजनलाल शर्मा ने राज्य सरकार को युवाओं, किसानों, महिलाओं एवं मजदूरों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध बताया

जयपुर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य सरकार को युवाओं, किसानों, महिलाओं एवं मजदूरों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध बताते हुए कहा है कि इसी कड़ी में वह अपनी पहली वर्षगांठ के अवसर पर प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण के साथ ही युवाओं, किसानों, महिलाओं एवं श्रमिकों को विशेष सौगातें देने जा रही है। श्री शर्मा गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास पर विभिन्न विभागों के उच्च स्तरीय अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों एवं राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के सफल आयोजन के लिए सभी विभाग तैयारियों में तेजी लाएं एवं आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने सभी विभाग तय समय पर अपने विभाग से संबंधित गतिविधियों की बिन्दुवार समीक्षा करें एवं नियमित रूप से उनकी मॉनिटरिंग करते हुए तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत विभिन्न विभागों एवं जिला स्तर पर आयोजित की जा रही प्री-समिट में होने वाले एमओयू को धरातल पर लागू किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रभारी सचिव अपने विभाग एवं अपने प्रभार वाले जिलों में किए गए एमओयू की मॉनिटरिंग करें। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार वर्षगांठ के अवसर पर प्रदेश के युवाओं को रोजगार उत्सव के तहत करीब 30 हजार युवाओं को नियुक्तियां देने और 70 हजार से अधिक नई भर्तियों की सौगात देने जा रही है। उन्होंने संबंधित विभागों को विज्ञप्ति जारी करने संबंधी कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस दौरान दी जाने वाली नियुक्तियों की स्थिति को लेकर भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवसर पर बिजनेस इनोवेशन प्रोग्राम, अटल एंटरप्रिन्योरशिप प्रोग्राम, आई-स्टार्ट के तहत लीप (लर्न एण्ड प्रोग्रेस) प्रोग्राम, टीओपी (टारगेट ओलंपिक पोडियम) योजना एवं स्पोर्ट्स लाइफ इंश्योरेंस स्कीम का भी शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों से इस संबंध में प्रगति की जानकारी ली। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक जिले में एक उपज, एक वानस्पतिक प्रजाति, एक उत्पाद, एक पर्यटन स्थल एवं एक खेल पर विशेष रूप से बल देते हुए पंच-गौरव कार्यक्रम प्रारम्भ किया जा रहा है। प्रभारी सचिव अपने प्रभार वाले जिलों के लिए इन श्रेणियों में चिन्हित तत्वों के संबंध में भी कार्यवाही करें। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के तहत एक लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने, 10 हजार स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड और कम्यूनिटी इन्वेस्टमेंट फंड से आर्थिक सहायता देने, 45 लाख स्वयं सहायता समूह सदस्यों को आर्थिक सम्बल देने के क्रम में राजसखी पोर्टल की शुरूआत करने, मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना का शुभारंभ करने, लाड़ो प्रोत्साहन योजना अंतर्गत प्रथम किश्त का हस्तांतरण सहित विभिन्न योजनाओं की तैयारियों को लेकर समीक्षा की। उन्होंने श्रमिक कल्याण की दिशा में भवन एवं अन्य संनिर्माण से जुड़े 1.5 लाख श्रमिकों को 150 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरण, स्कूटी वितरण, निःशक्तजनों को सहायक सामग्री एवं सहायता उपकरण उपलब्ध कराने संबंधी कार्यक्रमों की भी जानकारी ली। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इस सरकार के एक साल पूरा होने के उपलक्ष पर किसानों को मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की दूसरी किस्त के साथ ही राजस्थान एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत पांच हजार 500 फार्मपौण्ड के लिए डीबीटी हस्तांतरण सहित अन्य अनुदान सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने इस संबंध में प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश प्रदान किए। उन्होंने इस दौरान पशुपालकों के लिए गोपाल क्रेडिट कार्ड वितरण, नए डेयरी बूथों का आवंटन, 200 नए बल्क मिल्क कूलर्स की स्थापना और एक हजार नए दूध संकलन केन्द्रों का उद्घाटन की तैयारी के संबंध में भी समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 25 हजार करोड़ से अधिक की लागत के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रमों की भी समीक्षा की।  

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