LATEST NEWS

छत्तीसगढ़ में 6 दिनों में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का आंकड़ा 3 लाख टन के पार पहुंचा

रायपुर  छत्तीसगढ़ में इन दिनों किसानों की बल्ले-बल्ले है. प्रदेश के किसानों ने महज 6 दिन में ही 502 करोड़ 53 लाख रुपये की कमाई कर ली है. यह कमाई किसानों को धान बेचने के एवज में हुई है. राज्य में 14 नवंबर से सरकारी सोसायटियों में धान खरीदी का महाअभियान चल रहा है. इस अभियान के तहत 68 हजार 668 किसानों ने 3.09 लाख मीट्रिक टन धान बेचा है. इसकी एवज में उन्हें 500 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान 6 दिनों में किया जा चुका है.धान खरीदी की यह प्रक्रिया करीब 70 दिन और चलेगी. 3 लाख टन के पार पहुंचा आंकड़ा छत्तीसगढ़ सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल के हवाले से मिली जानकारी में कहा गया है कि 14 नवंबर से 19 नवंबर तक राज्य में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का आंकड़ा  3 लाख टन के पार पहुंच गया है. मंत्री बघेल ने कहा कि धान खरीदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश के पंजीकृत किसानों से 2 हजार 739 उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर धान खरीद रही है. चालू विपणन वर्ष में 160 लाख टन धान उपार्जन का अनुमान है. 31 जनवरी तक चलेगा अभियान बता दें कि देव-दीवाली 14 नवंबर से शुरू हुए धान खरीदी महापर्व के 6वें दिन तक 3.09 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है. धान खरीदी का यह महाअभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगा. खाद्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में आज 20,296 किसानों से 93 हजार 581 मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है. राज्य में धान बेचने के लिए इस साल 27.68 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है, जिसमें 1.42 लाख नए किसान शामिल हैं. 19 नवंबर के लिए कुल 23791 टोकन जारी किए गए थे. आगामी दिवस के लिए 19934 टोकन जारी किए गए हैं.धान खरीदी व्यवस्था पर निगरानी के लिए अलग अलग जिलों के लिए राज्य स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियों की टीम बनाई गई है, जो लगातार इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में 2 वर्षों में 75 हजार बेटियों के विवाह के लिये 414 करोड़ रुपये की सहायता दी गयी

भोपाल राज्य शासन द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में गत 2 वर्षों में 75 हजार से अधिक बेटियों के विवाह के लिये 414 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गयी। आयुक्त सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण डॉ. आर.आर. भोंसले से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की कन्याओं को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में एक विवाह/निकाह के लिये 55 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसमें 49 हजार रुपये का एकाउंटपेयी चेक वधु (कन्या) के नाम से तथा 6 हजार रुपये आयोजन करने वाले निकाय को दिये जाते है। आयुक्त डॉ. भोंसले ने बताया कि वर्ष 2023-24 में प्रदेश में मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में 62 हजार 84 विवाह कराये गये हैं। इसमें 341 करोड़ 46 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गयी। चालू वित्त वर्ष में एक अप्रैल, 2024 से अभी तक 12 हजार 979 कन्याओं के विवाह/निकाह के लिये 73 करोड़ 22 लाख रुपये की सहायता राशि दी गयी है।  

ग्लोबल स्किल्स पार्क में उद्योग जगत के विशेषज्ञ डॉ. बसु करेंगे छात्रों का मार्गदर्शन

भोपाल संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क (एसएसआर जीएसपी) में 21 नवंबर 2024, गुरुवार को ‘आयशर जीएसपी टॉक्स’ का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष सत्र में वीई कमर्शियल व्हीकल्स लिमिटेड (वोल्वो ग्रुप और आयशर मोटर्स का संयुक्त उपक्रम) के प्रमुख मानव संसाधन अधिकारी डॉ. पार्थसारथी बसु मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम ग्लोबल स्किल्स पार्क के मुख्य ऑडिटोरियम में शाम 4:30 बजे होगा। सत्र में छात्रों को मानव संसाधन प्रबंधन और उद्योग जगत की नवीनतम रणनीतियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जायेगी। इस सत्र में शामिल होने के लिये छात्र-छात्राओं को पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के लिए क्यूआर कोड उपलब्ध कराया गया है, और अधिक जानकारी के लिए 9981919733 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा कार्यक्रम से संबंधित जानकारी www.globalskillSpark.in पर भी उपलब्ध है। ग्लोबल स्किल्स पार्क मध्यप्रदेश में कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। इस सत्र के माध्यम से छात्र-छात्राएं उद्योग विशेषज्ञों से जुड़कर अपनी क्षमताओं को नया आयाम दे सकेंगे।  

जीएम फसल शरीर के लिए हानिकारक, भारतीय किसान संघ ने सरगुजा सांसद को सौंपा ज्ञापन

अंबिकापुर  भारतीय किसान संघ ने जीएम (जेनेटिक माडिफाइड) सरसों को शरीर के लिए हानिकारक बताते हुए इसके फसल उत्पादन पर रोक लगाने की मांग की है। संघ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य किशोर सिंह बघेल ने ज्ञापन के माध्यम से बताया किजेनेटिकली माडिफाइड सरसों की गुणवत्ता पर एक बड़ा प्रश्न चिन्ह लगा हुआ है यहां तक सर्वोच्च न्यायालय ने भी अपने निर्णय में इसके ऊपर संदेह जताया है। देश में जीएम फसल के रूप में बीटी कपास को सन 2002 में किसानों के बीच पिछले दरवाजे से लाया गया। कपास में बैक्टीरिया से दो अलग जीन को डालकर बारी-बारी से अधिक जहरीला कपास बनाया गया और बताया गया था कि कपास में लगने वाली कीट को रोकेगा लेकिन यह झूठा साबित हुआ। वैसे ही कई फसलों में जीव जंतुओं के जीन को डालकर नया जीव तैयारी का खेल चल रहा है। अभी तक यह तय नहीं है कि ऐसी फसलों को फसल कहें या जीव ? खाद्यान फसलों में यदि जीव जंतुओं का जीन डाला जाता है तो उसको शाकाहारी बोलेंगें या मांसाहारी यह भी तय नहीं है। फिर भी बिना किसी चर्चा के, बिना किसी सलाह के, बिना किसी विवज्ञानी परीक्षण-निरीक्षण के बीटी बैगन से लेकर जीएम सरसों तक फसलों को भारत में लाने की कोशिशें हो रही है। उन्होंने बताया कि लगभग 20 वर्षो के अध्ययन के पश्चात् हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई करते हुए माना कि जीएम पर जितने परिक्षण के प्रमाण हैं वे सभी विदेशों के ही हैं। न्यायालय ने सरकार से चार माह के भीतर जीएम फसलों पर समिति बनाने को कहा है लेकिन अब तक इस मामले में कोई पहल नहीं हुई। हाल ही में कई अनुसंधान केंद्रों के द्वारा इसकी पुष्टि की गई हैं कि जीएम फसल हर प्रकार से भारत की भौगोलिक संरचना, पर्यावरण, जलवायु एवं कृषि संस्कृति के लिए सर्वथा अनुचित और हानिकारक है। अतः इस पर तत्काल प्रभाव से देश में प्रयोग करने से रोक लगाई जाए। इसके लिए किसान संघ के द्वारा राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत सरकार के मंत्री एवं सांसदों को उनके संसदीय क्षेत्रों में ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया है। इसी कड़ी में सरगुजा सांसद को ज्ञापन सौंप केंद्र सरकार से जीएम बीज के उपयोग पर रोक लगाने पहल करने की मांग की गई है। यदि सरकार ने इस पर समय रहते कोई निर्णय नहीं लिया तो भारतीय किसान संघ आंदोलन के लिए बाध्य होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य किशोर सिंह बघेल सहित दरिमा तहसील अध्यक्ष सोमवार दास, लुंड्रा ब्लाक अध्यक्ष अनिता जायसवाल, अंबिकापुर ब्लाक अध्यक्ष बबलू नामदेव, धीरज शर्मा, बुधराम दास उपस्थित रहे।

विधानसभा उप निर्वाचन-2024 : 23 नवम्बर को सुबह 8 बजे से आरंभ होगी मतगणना

भोपाल विधानसभा उप निर्वाचन-2024 के अंतर्गत श्योपुर जिले की विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्र.-02 विजयपुर एवं सीहोर जिले की विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्र.-156 की मतगणना शनिवार, 23 नवम्बर को सुबह 8 बजे से आरंभ होगी। दोनों विधानसभा क्षेत्रों में मतगणना के सभी इंतजाम किए जा चुके हैं। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग अधिकारी और सहायक रिटर्निंग अधिकारी को मतगणना के लिये सभी सुरक्षा मापदंडों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गये हैं। विजयपुर विधानसभा की मतगणना के लिये लगाई जाएंगी 16 टेबल्स विजयपुर विधानसभा की मतगणना शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, श्योपुर में होगी। इस विधानसभा क्षेत्र के 327 मतदान केन्द्रों में मतदाताओं द्वारा ईव्हीएम में डाले गये मतों की गणना के लिए 16 टेबल्स लगाई जाएंगी। मतगणना 21 राउंडस् में सम्पन्न कराई जाएगी। बुधनी विधानसभा की मतगणना के लिये लगाई जाएंगी 14-14 टेबल्स बुधनी विधानसभा क्षेत्र की मतगणना शसकीय महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय सीहोर में होगी। इस विधानसभा क्षेत्र के 363 मतदान केन्द्रों में मतदाताओं द्वारा ईव्हीएम में डाले गये मतों की गणना के लिए 2 कक्षों में 14-14 टेबल्स लगाई जाएंगी। मतगणना 13 राउंडस् में सम्पन्न कराई जाएगी। मतगणना स्थल पर रहेगी त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था मतगणना स्थल पर त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। केवल अधिकृत प्राधिकार पत्र प्राप्त व्यक्ति ही प्रवेश कर सकेंगे। कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति मतगणना सेंटर में प्रवेश नहीं कर सकेगा। मतगणना कर्मियों का त्रि-स्तरीय रेण्डमाईजेशन होगा। गणना व्यवस्था प्रत्येक मतगणना टेबल पर एक काउंटिंग सुपरवाईजर, एक काउंटिंग असिस्टेंट, एक काउंटिंग स्टॉफ तथा एक माइक्रो ऑर्ब्जवर रहेगा। समुचित संख्या में गणनाकर्मी मतगणना सम्पन्न कराएंगे। मतगणना हॉल के भीतर ये सामग्री ले जा सकेंगे मतगणना हॉल के भीतर पासधारी अभ्यर्थी, निर्वाचन अभिकर्ता, मतगणना अभिकर्ता को कोरा कागज, मतपत्र लेखा प्रारूप 17 सी भाग-1 की प्रति, रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा प्रदाय किए गए ईवीएम और वीवीपैट की सूची जो विभिन्न मतदान केन्द्रों में प्रयोग में लाई गई है तथा प्लास्टिक पेन या पेंसिल ले जाने की अनुमति रहेगी। ये सामग्री रहेगी प्रतिबंधित मतगणना हॉल में मोबाइल फोन, आईपैड, लैपटॉप, स्मार्ट वॉच, कैमरा, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बीड़ी, सिगरेट और गुटखा प्रतिबंधित रहेगा। किसी को भी मतगणना हॉल में मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होगीI केवल आरओ, एआरओ, काउंटिंग सुपरवाइजर जो ईटीपीबीएमएस/इनकोर से जुडे हैं, वे केवल ईटीपीबीएमएस/इनकोर ओपन करने के लिए ओटीपी हेतु मोबाइल ले जा सकेंगे।  

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने Mpox की दूसरी वैक्सीन को दी मंजूरी

 नईदिल्ली विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने जापानी फार्मा कंपनी केएम बायोलॉजिक्स की एमपॉक्स वैक्सीन के आपात इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। विश्व  स्वास्थ्य संगठन से मंजूरी पाने वाली यह दूसरी वैक्सीन है। डब्लूएचओ ने कहा कि उन्होंने इमरजेंसी यूज लिस्टिंग (EUL) के तहत एमपॉक्स की वैक्सीन LC16m8 को मंजूरी दी है। अब इस वैक्सीन को उन जगहों पर इस्तेमाल किया जा सकेगा, जहां एमपॉक्स का प्रकोप बढ़ेगा। सितंबर में भी एक वैक्सीन को दी थी मंजूरी डब्ल्यूएचओ की ईयूएल एजेंसी ही दुनिया भर के देशों के में वितरण के लिए वैक्सीन को जल्दी से मंजूरी देने और आयात करने का काम करती है। डब्ल्यूएचओ ने सितंबर में भी एमपॉक्स के खिलाफ एक और वैक्सीन को इस्तेमाल की मंजूरी दी थी। यह वैक्सीन बवेरियन-नॉर्डिक कंपनी की एमवीए-बीएन थी। संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी ने 14 अगस्त को ही डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में एमपॉक्स के नए क्लेड 1बी स्ट्रेन के मामलों में वृद्धि पर चिंता जाहिर की थी और एमपॉक्स पर नया अंतरराष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया था।   अफ्रीकी देश कांगो में सबसे ज्यादा एमपॉक्स के मामले मिले एमपॉक्स वायरस का संक्रमण इस साल दुनिया के 80 देशों में रिपोर्ट किया गया है, इनमें से 19 देश अफ्रीका के हैं। हालांकि डीआर कांगो सबसे ज्यादा प्रभावित देश है, जहां इस साल अब तक एमपॉक्स संक्रमण के 39 हजार से ज्यादा संदिग्ध मामले दर्ज किए गए हैं और 1000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। जापान की सरकार ने कांगो को नई स्वीकृत वैक्सीन की 30 लाख डोज दान देने का एलान किया है। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि गर्भवती महिलाओं और ज्यादा कमजोर इम्युनिटी वाले मरीजों को नई वैक्सीन नहीं लगाई जानी चाहिए। वैक्सीन से लोगों को बुखार, मांसपेशियों में दर्द और त्वचा में संक्रमण जैसी परेशानी हो सकती है।   एमपॉक्स के लक्षण तेज बुखार सिरदर्द मांसपेशियों में दर्द ठंड लगना और थकान त्वचा पर दाने, जो बाद में घाव का रूप ले सकते हैं। यह बीमारी आमतौर पर 2-4 हफ्तों में ठीक हो जाती है। हालांकि, अगर समय पर इलाज न हो तो यह जानलेवा हो सकती है। वैक्सीन LC16m8: एमपॉक्स से बचाव का उपाय WHO द्वारा अनुमोदित LC16m8 वैक्सीन संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करती है और महामारी के फैलाव को रोकने में मददगार है। इसे उन लोगों को प्राथमिकता से दिया जाएगा जो वायरस के अधिक संपर्क में हैं, जैसे: 1. स्वास्थ्य कर्मचारी 2. संक्रमित लोगों के करीबी संपर्क 3. प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग एमपॉक्स से बचाव के उपाय WHO ने एमपॉक्स से बचाव के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए हैं: 1. संक्रमित क्षेत्रों और जानवरों से दूर रहें। 2. संक्रमित व्यक्तियों से संपर्क न करें। 3. चोट या घाव को ढककर रखें। 4. स्वास्थ्य कर्मचारी PPE किट का उपयोग करें। 5. व्यक्तिगत स्वच्छता और सतर्कता बनाए रखें। वैश्विक सहयोग और जागरूकता WHO की इस पहल से वैक्सीनेशन अभियान तेज होगा। इसके साथ ही, देशों के बीच सहयोग और जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। यह वैक्सीन उन इलाकों में महामारी के प्रभाव को कम करने में मदद करेगी, जहां संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा है। इसके नतीजा LC16m8 वैक्सीन को मंजूरी मिलना एमपॉक्स से लड़ाई में एक अहम कदम है। इसके उपयोग से न सिर्फ वायरस का प्रसार रोका जा सकेगा ।बल्कि यह वैश्विक स्वास्थ्य संकट को नियंत्रित करने में भी मदद करेगा। वैक्सीनेशन के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और सुरक्षा उपाय अपनाकर इस महामारी से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है।

‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में बसंती का किरदार निभाने के लिए करुणा पांडे ने सीखा कानपुरी लहजा

मुंबई, अभिनेत्री करूणा पांडे ने सोनी सब के शो ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में बसंती का किरदार निभाने के लिए कानपुरी लहजा सीखा। सोनी सब के शो पुष्पा इम्पॉसिबल ने दर्शकों को पुष्पा की प्रेरक कहानी से आकर्षित किया है, जो एक दृढ़ इच्छाशक्ति वाली महिला है। वह जीवन की चुनौतियों का साहस और आशावाद के साथ सामना करती है। पुष्पा का किरदार निभाने वाली करुणा पांडे ने हाल ही में शो में दोहरी भूमिका निभाई है। इसमें वह पुष्पा और उसकी हमशक्ल बसंती दोनों की भूमिका में हैं। कहानी में एक चौंकाने वाला मोड़ आता है, जिसमें कानपुर में रहने वाली बसंती मुंबई में पुष्पा के परिवार में पहुंच जाती है, जबकि असली पुष्पा खुद को बसंती की जगह कानपुर में पाती है। करुणा पांडे ने बताया कि कैसे उन्होंने बसंती की भूमिका निभाने के लिए कानपुर की बोलने की शैली को अपनाया और कैसे एक कलाकार होना और हर दिन कुछ नया सीखना मजेदार है।करुणा पांडे ने कहा,बसंती की भूमिका निभाने से मेरे जीवन में नई चुनौतियां और अनोखे अनुभव आए हैं। बसंती को भरोसेमंद तरीके से चित्रित करने के लिए मुझे ग्रामीण जीवन की बारीकियों में उतरना पड़ा क्योंकि वह कानपुर के चुन्नीगंज नामक स्थान से आती है। इससे मुझे परफॉर्मेंस को और अधिक यथार्थवादी बनाने में मदद मिली।मैंने कानपुर का लहजा सीखने का काम अपने हाथ में लिया, जो मुझे शुरू में मुश्किल लगा। यह ऐसी चीज नहीं थी जिसकी मुझे आदत थी। प्रोडक्शन टीम ने एक लैंग्वेज इंस्ट्रक्टर मुहैया कराया जो सेट पर मेरे साथ रहता है और जब भी मैं कोई गलती करती हूँ तो मेरा मार्गदर्शन करता है। यह सहयोग अमूल्य रहा है, जिससे मुझे बोली को बेहतर बनाने और बसंती के किरदार में प्रामाणिकता लाने में मदद मिली। सोनी सब का शो पुष्पा इम्पॉसिबल हर सोमवार से शनिवार रात 9.35 प्रसारित होता है।

मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों को किया पुरस्कृत

भोपाल राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम में 43वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में मंगलवार को “मध्यप्रदेश दिवस” का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेले में विभिन्न विभागों से शामिल स्व-सहायता समूह, उद्यमियों व कलाकारों को पुरस्कृत किया। मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत 2 स्व-सहायता समूहों को प्रथम व द्वितीय पुरस्कार मिले। प्रथम स्थान पर धार के मांडव का रेवा स्व-सहायता समूह रहा, जिन्हें बाग प्रिंट के लिए पुरस्कार मिला। वहीं संत रविदास स्व-सहायता समूह उज्जैन को बांस से बनी हुई सामग्री एवं कलात्मक खिलौने गुड़िया के लिए द्वितीय पुरस्कार दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए समूहों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से उनके अनुभव भी सुने। स्व-सहायता समूह की दीदीयों ने डॉ. यादव को समूहों के उत्पाद भी भेंट किए। इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती सविता ठाकुर, मध्य सूक्ष्म एवं लघु उद्योग मंत्री चेतन कॉश्यप, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी भी उपस्थित थीं। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, आयुक्त भरत यादव व मिशन संचालक एवं अपर आयुक्त कैलाश वानखेड़े ने दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूहों को इस उपलब्धि पर बधाई भी दी है।  

प्रदेश के Lawyer पराली जलाने वालों का केस नहीं लड़ेंगे, MP हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने लिया कड़ा फैसला

जबलपुर मध्य प्रदेश में पराली जलाने (Stubble Burning) के आंकड़े चिंताजनक हैं. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार देश में 15 सितंबर से 18 नवंबर 2024 के बीच लगभग 27 हजार 319 मामले पराली जलाने के सामने आए हैं. इसमें बताया गया है कि सबसे ज्यादा पराली के मामले मध्य प्रदेश के श्योपुर में रिकॉर्ड किए गए हैं. MP में 15 सितंबर से 14 नवंबर 2024 के बीच पराली जलाने की जो घटनाएं सामने आईं, उनमें सर्वाधिक 489 श्योपुर में दर्ज की गईं. जबलपुर में 275 घटनाएं हुईं तो ग्वालियर, नर्मदापुरम्, सतना, दतिया जैसे जिलों में लगभग 150-150 घटनाएं दर्ज की गईं. यह आंकड़ें पंजाब और हरियाणा जैसे कृषि प्रधान प्रदेशों से भी अधिक हैं. वहीं अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (MP High Court Bar Association) ने पराली जलाने के मामलों में कड़ा रुख अपनाते हुए यह निर्णय लिया है कि इस आरोप में फंसे किसानों की ओर से अधिवक्ता पैरवी नहीं करेंगे. यह निर्णय एसोसिएशन की कार्यकारिणी सभा की बैठक में लिया गया. वकीलों का क्या कहना है? एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता डीके जैन ने बताया कि बैठक में पराली जलाने के कारण होने वाले गंभीर पर्यावरणीय खतरों और जनजीवन पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों पर चर्चा की गई. पराली जलाने से खेतों की उर्वरता प्रभावित होती है, जीव-जंतुओं की मौत होती है, वायुमंडल जहरीला बनता है और लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है. इन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर हुआ विमर्श     पराली जलाने से खेतों की उर्वरक क्षमता घटती है, जिससे अधिक रासायनिक खाद का उपयोग करना पड़ता है.     देश भर में पराली जलाने से वायु प्रदूषण गंभीर समस्या बन गया है, खासकर हरियाणा, पंजाब और दिल्ली जैसे राज्यों में.     मध्य प्रदेश में पलारी (फसल अवशेष) जलाने पर पर्यावरण संरक्षण कानूनों के तहत कार्रवाई की जाती है. इस पर विभिन्न कानूनों के तहत अपराध दर्ज किया जा सकता है, जैसे वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981 जिसके तहत पलारी जलाना वायु प्रदूषण फैलाने का अपराध माना जाता है. इसमें दोषी पाए जाने पर जुर्माना या कारावास हो सकता है. ये अधिनियम भी हैं पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 : इस अधिनियम के तहत पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले कार्यों पर रोक लगाई गई है. धारा 15 के तहत दोषी पाए जाने पर 5 साल तक की जेल या जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं. भारतीय दंड संहिता (IPC) : धारा 188 (सरकारी आदेश की अवहेलना) अगर प्रशासन ने फसल जलाने पर प्रतिबंध लगाया हो और फिर भी कोई इसका उल्लंघन करे, तो यह अपराध दर्ज हो सकता है. धारा 269/270: जीवन के लिए खतरनाक लापरवाही या जानबूझकर बीमारी फैलाने का प्रयास. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देश : NGT ने पराली जलाने पर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं. जिला प्रशासन और संबंधित विभाग दोषियों पर जुर्माना लगाते हैं. जुर्माने की राशि भूमि क्षेत्र के हिसाब से तय होती है. जैसे  2 एकड़ तक: ₹2,500 वहीं 2-5 एकड़ पर ₹5,000 जबकि 5 एकड़ से अधिक पर ₹15,000 जुर्माना हो सकता है. स्थानीय प्रशासनिक नियम : जिला कलेक्टर और प्रशासनिक अधिकारी संबंधित क्षेत्र में विशेष आदेश जारी कर सकते हैं. किसानों को अवगत कराने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जाते हैं. समाधान और प्रोत्साहन पराली प्रबंधन मशीनरी की व्यवस्था के लिए किसानों को अनुदान मिलता है. वहीं जागरूकता अभियान के जरिए वैकल्पिक विधियों (जैसे मल्चिंग, खाद बनाना) को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है. यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उस पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाती है. एसोसिएशन ने बताया क्या है समस्या का प्रमुख कारण? एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि देशहित में पराली जलाने पर प्रतिबंध का समर्थन करते हुए इससे जुड़े अपराधियों की पैरवी नहीं की जाएगी. साथ ही, जागरूकता की कमी और प्रशासनिक उदासीनता को भी इस समस्या का प्रमुख कारण बताया गया. यह कदम पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है. एसोसिएशन ने सरकार और न्यायालय द्वारा पराली जलाने पर जारी निर्देशों के पालन का आह्वान भी किया.

नागरिक सुविधा व जनसामान्य के जीवन स्तर में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग का मुख्यमंत्री डैशबोर्ड एक उत्कृष्ट उदाहरण है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सरकार के कामकाज को बेहतर बनाने और नागरिक सुविधा व जनसामान्य के जीवन स्तर में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग का मुख्यमंत्री डैशबोर्ड एक उत्कृष्ट उदाहरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गांधीनगर में गुजरात सीएम डैशबोर्ड की कार्यप्रणाली का अवलोकन करने तथा उसके संचालन संबंधी जानकारी प्राप्त करने के बाद उक्त विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ई-गवर्नेंस एप्लीकेशन, वेब सर्विसेज, कॉल सेंटर, ग्राम और तालुका स्तर से डाटा कलेक्शन, डाटा इंटीग्रेशन, डाटा वैलिडेशन, परफॉर्मेंस मेजरमेंट, फीडबैक सिस्टम और फीडबैक के आधार पर हितग्राही संतुष्टि से अवगत होने के लिए स्थापित व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पारदर्शिता बढ़ाने और वास्तविक समय में डेटा प्राप्त करने में सहायक उल्लेखनीय है कि गुजरात सीएम डैशबोर्ड एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है। यह राज्य सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों, योजनाओं और प्रगति की निगरानी और मूल्यांकन में सहायक है। यह डैशबोर्ड राज्य के प्रशासन को पारदर्शी, प्रभावी और उत्तरदायी बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। डैशबोर्ड पर योजनाओं की निगरानी और उनकी प्रगति का आंकलन किया जाता है, इससे यह सुनिश्चित होता है कि योजनाएं समय पर और प्रभावी तरीके से लागू हो रही हैं। डैशबोर्ड पर विभिन्न सरकारी विभागों के प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों को ट्रैक भी किया जाता है, यह संकेतक राज्य के विकास और प्रशासन की गति को मापने में सहायक हैं। डैशबोर्ड पारदर्शिता को भी बढ़ावा देने और वास्तविक समय में डेटा प्राप्त करने में सहायक है। डैशबोर्ड स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क निर्माण व अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुधार और बेहतर प्रदर्शन में भी सहायक है।  

राज्यपाल पटेल ने प्रो. त्रिपाठी को राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय छिन्दवाड़ा का कुलगुरू नियुक्त किया

भोपाल राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने राजा शंकर शाह  विश्वविद्यालय,  छिन्दवाड़ा   के  कुलगुरू के पद पर प्रो. इन्द्र प्रसाद त्रिपाठी को नियुक्त किया है। महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय चित्रकूट, जिला सतना (म.प्र.) के विज्ञान एवं पर्यावरण संकाय के प्रोफेसर एवं अधिष्ठाता प्रो. त्रिपाठी है। प्रो. त्रिपाठी का कार्यकाल, कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 4 वर्ष की कालावधि  अथवा  70 वर्ष की आयु जो भी पूर्वतर हो, के लिए रहेगा।  

जिले के 12 विभागों में आनलाइन माध्यम से आरटीआई लागू करने के अपर कलेक्टर ने दिए निर्देश

बिलासपुर आरटीआई एक्टिविस्ट अक्षत सिंह ने 12 विभागों में सूचना के अधिकार के तहत शासन के निर्देश पालन न होने की शिकायत अपर कलेक्टर से की थी। अक्षत सिंह ने अपनी शिकायत में बताया था कि आनलाइन आरटीआई प्रणाली     शिक्षा विभाग,     ग्रामीण यांत्रिकी सेवा,     मछली पालन,     पशुपालन,     क्रेडा ऊर्जा,     कृषि उपज मंडी (तोरवा व तिफरा),     लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, सीएमएचओ कार्यालय,     खनिज विभाग, एसीबी बिलासपुर     जल संसाधन विभाग विभागों में आनलाइन पंजीयन और आनबोर्डिंग प्रक्रिया के तहत कार्य नहीं हो रहा है। तीन दिनों के अंदर प्रक्रिया पूर्ण करने का आदेश जानकारी होने के बाद अपर कलेक्टर आरए कुरूवंशी ने तत्काल संज्ञान में लेते हुए सभी विभाग को तीन दिनों के अंदर सभी विभागों को अपनी आनलाइन जनसूचना अधिकारी की आईडी बना कर कार्यालय को तीन दिनों के अंदर प्रक्रिया पूर्ण करने का आदेश जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाया गया है। शिकायत के बाद प्रशासन ने लिया संज्ञान आरटीआई एक्टिविस्ट अक्षत सिंह ने शिकायत की थी कि बिलासपुर के कई विभागों में अब तक आनलाइन आरटीआई प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। इस वजह से नागरिकों को सूचना प्राप्त करने में परेशानी होती थी। कई विभाग जानकारी देने में आनाकानी करते थे, और समय पर सूचना उपलब्ध नहीं कराते थे। इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए अपर कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को आनलाइन प्रक्रिया लागू करने के लिए तीन दिनों की समय सीमा दी है।

विकास लक्ष्य में सिंगापुर महत्वपूर्ण साझेदार, राजस्थान-मुख्यमंत्री से मिला सिंगापुर का प्रतिनिधि मंडल

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारा लक्ष्य राजस्थान को अगले 5 वर्षों में 180 बिलियन से दोगुना करके 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन के अनुसार हम भी विकसित राजस्थान-2047 के लिए काम कर रहे हैं और सिंगापुर इसमें हमारा बहुत महत्वपूर्ण साझेदार बन सकता है। श्री शर्मा बुधवार को सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल के साथ आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सिंगापुर से आए प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि राजस्थान की ‘अतिथि देवो भवः’ की संस्कृति रही है तथा राजस्थान अपने अद्वितीय संस्कृति और विरासत के लिए दुनियाभर में मशहूर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का सिंगापुर बहुत महत्वपूर्ण भागीदार है तथा सिंगापुर ने अपने आर्थिक मॉडल से विश्व को प्रेरित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में स्वास्थ्य, जल संचय, उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में  अभूतपूर्व काम हो रहा है। राज्य के लोगों को सुलभ स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए हमनें कुल बजट का 8.26 फीसदी बजट स्वास्थ्य क्षेत्र को दिया है। वहीं, कैच द रैन तथा मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन 2.0 के माध्यम से राज्य में जल संचय को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्वी राजस्थान में पेयजल एवं सिंचाई के लिए हमने ईआरसीपी का ऐतिहासिक एमओयू किया है। साथ ही, इसे धरातल पर उतारने का काम भी शुरू हो चुका है। राजस्थान में विश्वभर से निवेश के लिए राइजिंग राजस्थान एक बड़ा मंच श्री शर्मा ने कहा कि राज्य में विश्वभर से निवेश के नए अवसरों को खोलने के लिए हम आगामी 9 से 11 दिसम्बर को राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन करने जा रहे हैं। इस समिट के तहत अब तक 20 लाख करोड़ रूपए के एमओयू हो चुके हैं। श्री शर्मा ने इस ऐतिहासिक आयोजन में सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल को भी आने का न्यौता दिया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सिंगापुर डेलिगेशन की यह यात्रा न केवल राजस्थान और सिंगापुर के संबंधों को मजबूत बनाएगी बल्कि राजस्थान के विकास और वैश्विक संपर्क में नई संभावनाएं भी खोलेगी। इस दौरान राज्य की आर्थिक स्थिति, जल संचय, चिकित्सा एवं राइजिंग समिट से जुड़े कार्यक्रमों, नवाचारों तथा योजनाओं की जानकारी संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दी गई। अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोरा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि राजस्थान में नवीनकरणीय ऊर्जा, पर्यटन, कृषि सहित विभिन्न क्षेंत्रों में अपार संभावनाएं हैं तथा राजस्थान की जनसंख्या का बड़ा हिस्सा युवा हैं। ऐसेे में, राजस्थान विकास की दौड़ में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन श्री अभय कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से राजस्थान में चल रहे मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0, इंटर लिंकिंग रिवर तथा ग्राउण्ड वॉटर रिर्चाज के बारे में जानकारी दी। इस दौरान प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री ए. राठौड़ ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के माध्यम से राज्य की लगभग 88 प्रतिशत जनसंख्या को निःशुल्क स्वास्थ्य बीमा कवरेज दिया जा रहा है। आयुक्त उद्योग श्री रोहित गुप्ता ने बताया कि राजस्थान देश में रिन्यूबल एनर्जी, जेम्स एंड ज्वैलरी, टैक्सटाईल, माइन्स तथा पैट्रोकेमिकल्स में अग्रणी राज्य हैं। उन्होंने राइजिंग राजस्थान की रूप रेखा भी बैठक में रखी। राजस्थान संभावनाओं का प्रदेश, विभिन्न क्षेत्रों में हो रहा बेहतरीन काम बैठक में सिंगापुर से आए प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे कार्यों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि राजस्थान अपार संभावनाओं का प्रदेश है तथा स्वास्थ्य, कौशल विकास, ऊर्जा के क्षेत्र में यहां बेहतरीन काम हो रहा है। हमारी इस यात्रा से राजस्थान और सिंगापुर के संबंधों को एक नई दिशा मिलेगी। बैठक में सिंगापुर के डिजिटल विकास और सूचना मंत्रालय वरिष्ठ राज्य मंत्री श्री जेनिल पुथुचेरी, प्रधानमंत्री कार्यालय से वरिष्ठ राज्यमंत्री श्री डेसमंड टैन कोक मेंग, शिक्षा और जनशक्ति राज्य मंत्री श्री गेन सियो हुआंग, शिक्षा और वित्त मंत्रालय से वरिष्ठ संसदीय सचिव श्री शॉन हुआंग एवं संसद सदस्य श्री जी याओ क्वान, सुश्री राचेल ऑग एवं श्री सक्तियादी सुपाट शामिल थे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्रीमती दिया कुमारी, डॉ. प्रेम चंद बैरवा, उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़, चिकित्सा मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री कन्हैया लाल, जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत, मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री शिखर अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।

अधिकारी-कर्मचारियों के स्थानांतरण आवेदन में मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी जाए: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल  मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि शासकीय सेवकों की स्थानांतरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया जाए। अधिकारी-कर्मचारियों के स्थानांतरण आवेदन में मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी जाए। सामान्य प्रशासन विभाग के प्रविधानों के अनुसार स्थानांतरण प्रक्रिया में विभिन्न कारणों यथा पति-पत्नी शासकीय सेवक हैं और एक ही कार्यस्थल में पदस्थापना चाहते हैं, स्वयं की गंभीर बीमारी, परिवार के सदस्यों की स्वास्थ्य समस्याओं या अन्य बड़े कारणों के लिए प्राथमिकता दी जाए। पोर्टल पर समय पर उपलब्ध कराएं जानकारी उन्होंने कहा, ई-एचआरएमआइएस में ऐसे प्रविधान किए जाएं कि स्थानांतरण में मानवीय हस्तक्षेप कम से कम हो। पोर्टल में शासकीय सेवकों की आवश्यकताओं और प्रविधानों के अनुरूप सभी जरूरी सुधार किए जाएं। रिक्तियों की अद्यतन जानकारी पोर्टल पर समय पर उपलब्ध कराई जाए। एक सप्ताह में तैयारियां करने को कहा उप मुख्यमंत्री ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की स्थानांतरण प्रक्रिया के लिए ई-एचआरएमआइएस पोर्टल के प्रविधानों की समीक्षा की। उन्होंने पोर्टल में सभी तैयारियां एक सप्ताह में करने के लिए कहा है। एमपीएसईडीसी के प्रतिनिधियों ने पोर्टल के प्रविधानों पर प्रस्तुतीकरण दिया। बता दें कि ई-एचआरएमआइएस से लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में स्थानांतरण के लिए पहली बार आनलाइन सुविधा प्रारंभ की जा रही है। 1700 हेक्टेयर वन भूमि पर होंगे विकास कार्य, भारत सरकार ने दी स्वीकृति मप्र की 1700 हेक्टेयर वन भूमि पर विकास कार्य किए जाएंगे। इसके लिए भारत सरकार ने स्वीकृति दे दी है। वर्ष 2024 में भारत सरकार ने मध्य प्रदेश के वन क्षेत्र में कुल एक हजार 709.45 हेक्टेयर भूमि 37 परियोजनाओं के लिए मंजूर की है। इसके बदले में अन्यत्र राजस्व भूमि एवं वर्तमान दर पर ली गई है।इन परियोजनाओं में जल संसाधन विभाग से संबंधित सात प्रकरणों में 1310.08 हेक्टेयर, विद्युत प्रोजेक्ट के 13 प्रकरणों में 220.36 हेक्टेयर, रेलवे के एक प्रकरण में 12.97 हेक्टेयर, खनन के दो प्रकरणों में 56.63 हेक्टेयर, सड़क के चार प्रकरणों में 35.42 हेक्टेयर और 10 अन्य प्रकरणों में 73.95 हेक्टेयर वन भूमि स्वीकृत की गई है। इसके अलावा 48 प्रकरणों में 998.27 हेक्टेयर वन भूमि के डायवर्सन की सैद्धांतिक सहमति भी भारत सरकार ने दी है।

ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना हमारा लक्ष्य, राजस्थान-जयपुर में एनर्जी प्री-समिट में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शामिल

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी की गरिमामयी उपस्थिति में आज एनर्जी प्री-समिट में ऊर्जा क्षेत्र के निवेशकों के साथ 6.57 लाख करोड़ रुपये के निवेश एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। आज हस्ताक्षरित एमओयू में सौर, पवन, हरित हाइड्रोजन, हाइब्रिड, पंप स्टोरेज, बैटरी स्टोरेज और हरित अमोनिया परियोजनाओं सहित अक्षय ऊर्जा और बिजली उत्पादन क्षेत्र के विभिन्न खंडों में परियोजनाएं स्थापित करने का प्रस्ताव है। इस अवसर पर बोलते हुए माननीय मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हस्ताक्षरित निवेश प्रस्तावों के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन से राज्य में लगभग 70000 नए रोजगार सृजित होंगे। राजस्थान को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए निवेशकों से आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा, “राजस्थान अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के लिए एक सुनहरा अवसर प्रस्तुत करता है। राज्य में 2245 मेगावाट की क्षमता वाला दुनिया का सबसे बड़ा सौर पार्क है, यहाँ 325 दिन से अधिक धूप रहती है, हमारे पास सौर और पवन ऊर्जा क्षेत्र में असीमित अवसर मौजूद हैं। हमारा लक्ष्य राजस्थान को एक एनर्जी-सरप्लस राज्य बनाना है जो न केवल प्रदेश बल्कि अन्य राज्यों और देशों की मांगों को भी पूरा करने में भी सक्षम हो।” मुख्यमंत्री जी ने यह भी कहा कि सरकार जल्द ही इंटीग्रेटेड क्लीन एनर्जी पॉलिसी 2024 लाएगी, जिससे ऊर्जा क्षेत्र में कई नए संभावनाओं, जैसे कि पंप भंडारण, हरित हाइड्रोजन, बैटरी भंडारण, जैव ऊर्जा जैसे नवीकरणीय ऊर्जा आदि क्षेत्रों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ मौजूद राजस्थान सरकार के ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हीरालाल नागर ने कहा, “सरकार निवेशकों की व्यापक निगरानी और मार्गदर्शन के माध्यम से एमओयू के शीघ्र क्रियान्वयन की दिशा में काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के कार्यकाल के पहले वर्ष में ही ‘राइजिंग राजस्थान’ वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन 2024 आयोजित करने की यह पहल मजबूत इरादे और हमारे दृढ़ निश्चय को दर्शाती है। आने वाले 3-4 वर्षों में एमओयू को धरातल पर चालू परियोजनाओं में परिवर्तित करने के लिए काम किया जाएगा” समिट से पहले अक्षय ऊर्जा के विविध क्षेत्रों में एमओयू होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत ने कहा, “ऊर्जा क्षेत्र ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल  इन्वेस्टमेंट  समिट  2024  के तहत भारी मात्रा में निवेश जुटाने में सबसे आगे रहा है। हालांकि राज्य सौर और पवन ऊर्जा क्षेत्रों में एक प्रमुख खिलाड़ी बना हुआ है, लेकिन यह जानकर बहुत खुशी होती है कि आज बहुत सारे निवेशकों ने अक्षय ऊर्जा के नए क्षेत्रों में परियोजनाएं स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है।” इस अवसर पर राजस्थान सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव-ऊर्जा श्री आलोक ने कहा, “राजस्थान ने ऊर्जा क्षेत्र में निवेश-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र और सही नीतिगत माहौल बनाया है, जो न केवल राजस्थान के ऊर्जा परिवर्तन में बल्कि पूरे देश के लिए योगदान देगा। इंटीग्रेटेड क्लीन एनर्जी पॉलिसी 2024 जैसी क्षेत्र में नई नीतियों का शुभारंभ राज्य को इस क्षेत्र में लचीलापन और आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ाएगा।” इस अवसर पर उपस्थित अन्य प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में आरआरईसी के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री आलोक गुप्ता, डिस्कॉम्स की अध्यक्ष सुश्री आरती डोगरा, राजस्थान सरकार के आरवीपीएनएल के प्रबंध निदेशक श्री नथमल डिडेल, आरआरईसीएल और आरयूवीआईटी के प्रबंध निदेशक श्री ओम प्रकाश कसेरा और राजस्थान सरकार के अन्य अधिकारी शामिल थे। ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 की तैयारियों के तहत राजस्थान सरकार ने देश भर के साथ-साथ विदेशों में भी निवेशक सम्मेलन आयोजित किए हैं। घरेलू निवेशकों के सम्मेलन पहले ही मुंबई और नई दिल्ली में आयोजित किए जा चुके हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर निवेशक सम्मेलन अब तक दक्षिण कोरिया, जापान, यूएई, कतर, सिंगापुर, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम और सऊदी अरब में आयोजित किए जा चुके हैं। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहुंच के परिणामस्वरूप राजस्थान सरकार को अब तक 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव (एमओयू) प्राप्त हुए हैं, जो राज्य के प्रयासों में निवेशक और व्यापार समुदाय के जबरदस्त विश्वास को दर्शाता है। ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 एक नज़र में: ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 का आयोजन इस साल 9, 10 और 11 दिसंबर को राजधानी जयपुर में होगा। इसका आयोजन राजस्थान सरकार के तत्वाधान में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन (बीआईपी) और राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन (रीको) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है, जिसका नोडल विभाग बीआईपी है। इस त्रि-दिवसीय मेगा समिट का उद्देश्य देश-विदेश की बड़ी-छोटी कंपनियों, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और निवेशकों को राज्य में आ कर काम करने के लिए आमंत्रित करना, प्रदेश में विभिन्न तरह के उद्योग-धंधे लगाने में मदद करना और अन्य सुविधाएँ मुहैया कराना है। इस ग्लोबल समिट के दौरान कृषि, अक्षय ऊर्जा, शिक्षा और कौशल, ऑटो और ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल्स), इंफ्रास्ट्रक्चर, केमिकल और पेट्रो-केमिकल, पर्यटन, स्टार्टअप, खनन और ईएसडीएम/आईटी और आईटीईएस (ESDM/IT and ITeS) सहित विभिन्न क्षेत्रों पर विशेष सत्र का आयोजन होगा। दिल्ली में होने वाले इस इन्वेस्टर्स रोड शो का आयोजन कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंड्स्ट्री (सीआईआई) के सहयोग से किया जा रहा है। सीआईआई ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 का समिट इंडस्ट्री पार्टनर है। इसके अलावा पीडब्ल्यूसी (PwC) इंडिया इस इन्वेस्टमेंट समिट का नॉलेज पार्टनर है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet