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आयुष्मान भारत योजना ने जरूरतमंद परिवारों को बीमारी के उपचार का एक मजबूत सहारा दिया, पुष्पा का भी बना आयुष्मान कार्ड

भोपाल सिंगरौली जिले के बैगा जनजाति के सभी परिवारों के लिए प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) किसी वरदान से कम नहीं है। केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस कल्याणकारी योजना ने जरूरतमंद परिवारों को बीमारी के उपचार का एक मजबूत सहारा दे दिया है। इसी योजना के तहत एक छोटी बच्ची पुष्पा पुत्री कुमरशाह बैगा के परिजन के चेहरे पर आज राहत, संतोष और खुशियों की मुस्कान आ गई है। बैगा जनजाति प्रदेश की विशेष रूप से पिछड़ी जनजातीय समूह (पीवीटीजी) में आती है। पुष्पा बैगा के परिवार की माली हालत बेहद कमजोर है। बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचने में उन्हें कई बाधाओं और दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इस महती योजना के कारण पुष्पा का परिवार अब निश्चिंत महसूस कर रहा है। सबके समर्पित प्रयासों से इस योजना का लाभ सभी बैगा परिवारों तक पहुंच रहा है। इसी दिशा में सिंगरौली में हुए एक शिविर में पुष्पा का भी आयुष्मान कार्ड बनाया गया। आयुष्मान कार्ड बनने से अब पुष्पा का परिवार उसकी चिकित्सा के खर्च को लेकर चिंतामुक्त हो चुका है। किसी भी गंभीर बीमारी या छोटी-बड़ी शारीरिक परेशानी में पुष्पा का इलाज अब 5 लाख रुपये तक सीमा में नि:शुल्क हो सकेगा। यह न केवल पुष्पा के परिवार के लिए, वरन् समाज के पिछड़े व कमजोर आय वर्ग के सभी परिवारों के लिए भी एक बड़ी राहत है। आयुष्मान कार्ड से मिले इस आर्थिक सुरक्षा कवर के कारण अब पुष्पा के माता-पिता अपने बच्चों के शारीरिक विकास एवं उनके भविष्य को लेकर अधिक आत्मनिर्भर महसूस कर रहे हैं। यह योजना उनके जीवन में स्थायित्व और सामाजिक सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में उभरकर सामने आयी है।  

शीतकालीन सत्र में कांग्रेस का निशाना सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों के विभाग रहेंगे

भोपाल मध्यप्रदेश में 16 दिसंबर से शुरू हो रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में कांग्रेस, भाजपा की मोहन सरकार को घेरने की तैयारी में है। कांग्रेस का निशाना सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों के विभाग रहेंगे। कानून-व्यवस्था, पदोन्नति, ओबीसी आरक्षण, महिला और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग पर अत्याचार, कृषि, पंचायत, ग्रामीण विकास, नगरीय विकास, आवास, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर कांग्रेस सरकार से जवाब मांगेगी। साथ ही, राज्य की अर्थव्यवस्था और निवेश प्रस्तावों की स्थिति पर भी कांग्रेस सरकार को घेरने की तैयारी में है। इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस कांग्रेस ने अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़ा वर्ग पर पिछले दस महीनों में हुए अत्याचारों की जांच के लिए अलग-अलग दलों का गठन किया था। इन दलों की रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस विधानसभा में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को कठघरे में खड़ा करेगी। भोपाल में एमडी ड्रग्स का मामला, मादक पदार्थों का बढ़ता उपयोग, अपहरण, महिलाओं और बच्चियों पर अत्याचार की घटनाओं को कांग्रेस प्रमुखता से उठाएगी। इसके साथ ही, कर्मचारियों की पदोन्नति और ओबीसी आरक्षण पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की जाएगी। प्रमोशन पर भी मांगा जाएगा जवाब राज्य में आठ साल से पदोन्नतियां रुकी हुई हैं। हजारों कर्मचारी पदोन्नति के बिना ही सेवानिवृत्त हो गए हैं। कांग्रेस ने ओबीसी आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया था लेकिन मामला अभी भी न्यायालय में लंबित है और 13 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण पर रोक लगी हुई है। लोक निर्माण विभाग में अनियमितता के मामले लगातार सामने आ रहे हैं और कई परियोजनाओं पर अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है। किसानों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरने का प्लान भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले किसानों से 2,700 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं और 3,100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदने, महिलाओं को लाडली बहना योजना में 3,000 रुपये देने, मुख्यमंत्री लाडली बहना आवास योजना लागू करने जैसे कई वादे किए थे, लेकिन अभी तक इन वादों को पूरा नहीं किया गया है। शहरों के मास्टर प्लान अटके हुए हैं और घर-घर नल से जल पहुंचाने की योजना में भी अनियमितताएं सामने आ रही हैं। कांग्रेस ने अपने विधायकों से कहा है कि वे विधानसभा में इन सभी मुद्दों को प्रमुखता से उठाएं और सरकार से जवाब मांगें। जनहित से जुड़े मुद्दे उठाएंगे विधानसभा में उपनेता हेमंत कटारे ने कहा, ‘आगामी विधानसभा सत्र में हम सरकार से वे सभी प्रश्न पूछेंगे, जो जनहित से जुड़े हैं।’ उन्होंने कहा, ‘वित्तीय प्रशासन गड़बड़ाया हुआ है तो रोजगार की बात बेमानी हो गई है। प्रशासनिक अराजकता की स्थिति है। विभागों में काम ही नहीं हो रहे हैं। हम विभागवार रिपोर्ट तैयार करेंगे और जनता के सामने सरकार की वास्तविकता लाएंगे।’

राष्ट्रीय कैडेट कोर का 76वां स्थापना दिवस आज शौर्य स्मारक पर प्रात: 9:15 बजे आयोजित होगा

भोपाल राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) का 76वां स्थापना दिवस आज 21 नवम्बर गुरूवार को भोपाल के शौर्य स्मारक पर प्रात: 9:15 बजे आयोजित होगा। स्थापना दिवस पर स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। एनसीसी सशस्त्र बलों की युवा शाखा एनसीसी भारत के सशस्त्र बलों की युवा शाखा है। इसका राष्ट्रीय मुख्यालय नई दिल्ली में है। यह एक स्वैच्छिक संगठन है। इसमें सेना, नौसेना और वायुसेना शामिल है। एनसीसी का उद्देश्य देश के युवाओं को अनुशासित और देशभक्त नागरिक बनाना है। एनसीसी में हाई स्कूल, कॉलेज और विश्व विद्यालयों के विद्यार्थियों को शामिल कर परेड, छोटे हथियार और बुनियादी सैन्य प्रशिक्षण दिया जाता है। एनसीसी में शामिल होने के बाद कैडेटस् पर सक्रिय सैन्य सेवा में शामिल होने की कोई बाध्यता नहीं है। एनसीसी का आदर्श वाक्य है, एकता और अनुशासन। एनसीसी द्वारा प्रदेश में मुख्य रूप से एक भारत श्रेष्ठ भारत, थल सेना, वायु सेना, नौ सेना केम्प, रॉक क्लाईमिंग ट्रेनिंग केम्प और नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस शिविर 2024 का आयोजन किया गया है।  

मध्य प्रदेश के नए डीजीपी के लिए ये नाम हुए फाइनल! कौन है रेस में सबसे आगे?

भोपाल  मध्य प्रदेश को नया मुख्य सचिव मिलने के बाद अब प्रदेश में नए पुलिस महानिदेशक (New DGP Appointment) को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं हैं, क्योंकि वर्तमान डीजीपी सुधीर सक्सेना 30 नवंबर को सेवानिवृत हो रहे हैं. प्रदेश में नए डीजीपी पद पर नियुक्ति के लिए कई दावेदारों के नाम चर्चाओं में हैं, इनमें अरविंद कुमार रेस में सबसे आगे हैं. राज्य के 30वें डीजीपी के तौर पर सुधीर सक्सेना का कार्यकाल 30 नवंबर को समाप्त हो रहा है. 30 नवबर को सुधीर सक्सेना की विदाई तय है. लगभग ढाई साल से डीजीपी पद पर तैनात रहे सक्सेना के विदा होने के बाद प्रदेश का नया डीजीपी कौन होगा, इसकी चर्चाएं जोरों पर हैं.  रेस में आगे हैं अरविंद कुमार और कैलाश मकवाना गौरतलब है सेवानिवृत हो रहे पुलिस महानिदेशक सक्सेना का स्थान लेने वालों में कई नाम चर्चा में हैं. इनमें सबसे ऊपर होमगार्ड डीजी अरविंद कुमार और हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष कैलाश मकवाना का नाम है. इसके अलावा ईओडब्ल्यू के डीजी अजय शर्मा और प्रतिनियुक्ति पर गए आलोक रंजन, योगेश मुद्गल और पवन श्रीवास्तव भी रेस में है. 1988 और 1989 बैच के आईपीएस ही बन सकेंगे डीजीपी डीजीपी के रेस में शामिल सभी अधिकारी वर्ष 1988 और 1989 बैच के आईपीएस है. माना जा रहा है कि वरिष्ठता के आधार पर उनमें से कोई एक ही डीजीपी बनेगा, लेकिन शेष के सपने अधूरे रहने की संभावना ज्यादा है, ऐसा इसलिए क्योंकि सभी का सेवाकाल उस अवधि में पूरा हो जाएगा. राज्य को अक्टूबर माह में ही नया मुख्य सचिव मिला है. यह जिम्मेदारी अनुराग जैन के हाथ में है और अब राज्य को नया पुलिस महानिदेशक मिलने वाला है. इस तरह राज्य की सरकारी मशीनरी की कमान नए लोगों के हाथ में रहने वाली है. सक्सेना की विदाई परेड की कमांडर होगी डीजीपी की बेटी मौजूदी डीजीपी सुधीर सक्सेना 30 नवंबर को रिटायर होंगे. इस मौके पर होने वाली परेड की कमांडर सक्सेना की पुत्री आईपीएस सोनाक्षी होंगी. संभवत मध्य प्रदेश के पुलिस इतिहास में पहला ऐसा मौका होगा जब डीजीपी को विदाई देने वाली परेड की कमांडर उनकी ही बेटी होगी. इस आयोजन को भव्य रूप दिए जाने की तैयारी जारी है. अक्टूबर महीने में मध्य प्रदेश को मिला नया मुख्य सचिव उल्लेखनीय है राज्य को अक्टूबर माह में ही नया मुख्य सचिव मिला है. यह जिम्मेदारी अनुराग जैन के हाथ में है और अब राज्य को नया पुलिस महानिदेशक मिलने वाला है. इस तरह राज्य की सरकारी मशीनरी की कमान नए लोगों के हाथ में रहने वाली है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एमपी की मोहन सरकार ने केंद्र की भाजपा सरकार को नौ नामों का पैनल भेजा है. इसमें पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन अध्यक्ष से लेकर एडीजी लेवल के अधिकारियों के नाम शामिल हैं. इन नामों में से केंद्र सरकार तीन नामों को फाइनल करेगी. फिर उन तीन नामों में से एक नाम को राज्य सरकार डीजीपी के पद पर नियुक्त करेगी.

करंट से बचने विद्युत कर्मियों को बांटे गए हॉट सूट, बिजली लाइन पर काम करने वाले के लिए मददगार बनेगा

 जबलपुर  अब मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने ऐसा सूट बनाया है जिसे पहनकर बिजली कंपनी चालू लाइन पर भी काम कर लेंगे लेकिन उन्हें करंट नहीं लगेगा। इस सूट को कंपनी ने ‘हॉट सूट’ नाम दिया है। मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने प्रदेश भर के 100 से ज्यादा कर्मचारियों को हॉट सूट पहनकर चालू लाइन में काम करने की ट्रेनिंग दिलाई है। ये कर्मचारी बेंगलुरु से ट्रेनिंग लेकर आए हैं। हॉट सूट को पहनने वाले लाइनमैन को ‘हॉट मैन’ भी कहा जाता है। हाई वोल्टेज करंट में काम करना मुश्किल मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी की लाइनों पर उच्च क्षमता का विद्युत प्रवाह होता है। बिजली उत्पादन इकाई से सीधे ग्रिड के माध्यम से ट्रांसमिशन लाइन पर 400 केव्ही, 220 केव्ही और 132 केव्ही वोल्टेज पर लाइन में करंट दौड़ता है। बिजली कर्मी उच्च दाब क्षमता की लाइनों पर काम कर पाएंगे     कई बार बिजली आपूर्ति बंद होने के बावजूद करंट दौड़ने लगता।     वजह से बिजली कर्मी करंट लगने की हादसे का शिकार हुए थे।     हॉट सूट पहनकर उच्च दाब क्षमता की लाइनों पर काम कर पाएंगे। 132 केवी से लेकन 400 केवी की लाइन पर बिना शटडाउन लिए काम कर सकते हैं बेंगलुरु में 20 दिन तक चली ट्रेनिंग अब तक प्रदेश के करीब 100 बिजली कर्मचारियों को हॉट सूट दिए गए हैं। पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के चीफ इंजीनियर (सीई) संदीप गायकवाड़ के मुताबिक- हॉट सूट पहनकर लाइनमैन 132 केवी से लेकन 400 केवी (किलो वोल्ट) तक की लाइन पर बिना शटडाउन लिए काम कर सकते हैं। बेंगलुरु से आए कर्मचारियों को ट्रेनिंग करीब 20 दिन तक चली अभी जो कर्मचारी बेंगलुरु से आए हैं, उनकी ट्रेनिंग करीब 20 दिन तक चली थी। आगे अब और भी कर्मचारियों को फिर से बेंगलुरु भेजने की तैयारी की जा रही है। हॉट लाइन सूट बना आकर्षण का केंद्र विज्ञान मेला में विशेष तकनीक और मटेरियल से बना इंसूलेटेड सूट के साथ प्रदर्शित एक मॉडल बेहद आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जिसे पहनकर बेयर हैंड तकनीक के द्वारा ट्रांसमिशन लाइनों के 400 के व्ही, 220 के व्ही ,132 के व्ही वोल्टेज लेवल पर चालू लाइन में सुधार कार्य किया जा सकता है। इसके अलावा सब स्टेशन में उपयोग आने वाले विभिन्न उपकरणों के माडल भी प्रदर्शित किए गए हैं ।

Railway का बड़ा ऐलान, 650 ट्रेनों में जोड़े जाएंगे 1000 डिब्बे, 1 लाख यात्रियों को होगा फायदा

भोपाल  रेलवे ने बीते तीन माह में ही विभिन्न ट्रेनों में सामान्य श्रेणी (जीएस) के लगभग छह सौ नए अतिरिक्त कोच जोड़े हैं। ये सभी कोच नियमित ट्रेनों में जोड़े गए हैं। नवंबर माह में जीएस श्रेणी के एक हजार से ज्यादा कोच लगभग साढ़े छह सौ नियमित ट्रेनों में जोड़े जाएंगे। रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (सूचना व प्रचार) दिलीप कुमार ने बताया कि सामान्य श्रेणी के यात्री रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। इस श्रेणी के यात्रियों को अधिकतम सुविधा मुहैया कराने की दिशा में रेलवे विभिन्न दिशाओं में कार्य कर रहा है। इसके तहत जुलाई से अक्टूबर के तीन माह के दौरान जीएस श्रेणी के कुल 583 नए कोचों का निर्माण किया गया। साथ ही इन नवनिर्मित कोचों को 229 नियमित ट्रेनों में जोड़ा गया है। इससे रोजाना हजारों अतिरिक्त यात्रियों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इस नवंबर माह तक जीएस श्रेणी के कुल एक हजार से ज्यादा नए कोच तैयार होकर रेलवे के बेड़े में जुड़ जाएंगे। इन्हें 647 नियमित ट्रेनों में जोड़ा जाएगा। इन डिब्बों के शामिल होने से रोजाना करीब एक लाख अतिरिक्त सवारी रेल यात्रा के सफर का लाभ उठा पाएंगे। नए जीएस कोचों का निर्माण तेजी से चल रहा कार्यकारी निदेशक ने बताया कि सामान्य श्रेणी के यात्रियों की सुविधाओं के मद्देनजर नए जीएस कोचों का निर्माण तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि अगले दो वर्षों में रेलवे के बेड़े में ऐसे गैर-वातानुकूलित सामान्य श्रेणी के दस हजार से ज्यादा जीएस कोचों को शामिल कर लिया जाएगा। इनमें छह हजार से ज्यादा जीएस कोच होंगे, जबकि बाकी डिब्बे स्लीपर श्रेणी के होंगे। इतनी बड़ी संख्या में नान एसी कोचों के शामिल होने से सामान्य श्रेणी के करीब आठ लाख अतिरिक्त यात्री रोजाना रेल यात्रा का सफर कर पाएंगे। जीएस श्रेणी के ये नवनिर्मित तमाम कोच एलएचबी के होंगे। हादसे की स्थिति में इन कोचों में नुकसान भी कम से कम होगा। यात्रियों की सुविधाओं में विस्तार सर्वोच्च प्राथमिकता रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (सूचना और प्रचार) दिलीप कुमार ने सामान्य श्रेणी के यात्रियों की नई सुविधाओं को लेकर जानकारी दी है। कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने बताया कि सामान्य कोच में यात्रा करने वाले यात्री रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल हैं। यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में रेलवे लगातार कार्य कर रहा है। इसके तहत जुलाई से अक्टूबर तीन महीने में 583 नए जनरल कोच का निर्माण किया गया। इन कोचों को नियमित 229 ट्रेनों में जोड़ा गया है। ट्रेनों में जनरल कोच की संख्या बढ़ने से यात्रियों का सफर आसान हुआ है। साथ ही हर दिन अतिरिक्त यात्रियों की यात्रा सुखद हो रही है। एक हजार से ज्यादा नए सामान्य कोच होंगे तैयार     रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (सूचना और प्रचार) दिलीप कुमार ने आगे योजनाओं को लेकर बताया कि बताया कि नवंबर तक सामान्य श्रेणी के एक हजार से ज्यादा नए कोच तैयार होंगे। ये नए कोट जल्द रेलवे के बेड़े में शामिल हो जाएंगे। इन कोचों को नियमित 647 ट्रेनों में लगाया जाएगा। इन कोच के ट्रेनों में लगने से रोजाना करीब 1 लाख अतिरिक्त यात्री सफर का लाभ उठा पाएंगे। सामान्य कोच के यात्रियों का सफर होगा आसान कार्यकारी निदेशक ने आगे बताया कि सामान्य कोच से सफर करने वाले यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नए जनरल कोच का निर्माण तेजी से किया रहा है। अगले दो साल में रेलवे के बेड़े में गैर-वातानुकूलित सामान्य श्रेणी के 10 हजार से ज्यादा जनरल कोच शामिल होंगे। इनमें छह हजार से ज्यादा सामान्य कोच और बाकी डिब्बे स्लीपर श्रेणी के होंगे। इतनी बड़ी संख्या में नॉन एसी कोचों के शामिल होने से सामान्य श्रेणी के करीब आठ लाख अतिरिक्त यात्री रोजाना रेल यात्रा का सफर कर पाएंगे। LHB डिजाइन के नए जनरल कोच रेलवे के बेड़े में शामिल नए जनरल कोच LHB डिजाइन के होंगे। इन डिब्बों से सफर आरामदायक और सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ सुरक्षित बनाने में भी मदद करेगी। पारंपरिक आईसीएफ रेल बोगी के मुकाबले ये नए LHB कोच हल्के और बेहद मजबूत हैं। हादसे की स्थिति में इन बोगियों को नुकसान कम होगा।

अमेरिका और यूरोप को कर्ज कम करना जरूरी, भविष्य में आ सकता है संकट: रघुराम राजन

नई दिल्ली  मशहूर अर्थशास्त्री और भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने अमेरिका समेत उन सभी देशों को ऐसी सलाह दी है, जिसे अगर नहीं माना गया तो भविष्य में गंभीर खतरे हो सकते हैं. उन्होंने वैश्विक स्तर पर बढ़ते हुए सार्वजनिक कर्ज को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है. राजन का कहा है कि लगातार बढ़ता हुआ कर्ज अगले आपातकाल के समय में दुनिया को बेहद कमजोर बना सकता है. यह चेतावनी वैसे तो उन देशों के लिए जो भारी-भरकम कर्ज उठाकर अपनी अर्थव्यवस्था चला रहे हैं. मुख्य रूप से अमेरिका और चीन इसमें शामिल हैं. लेकिन, खतरा भारत जैसे उन देशों पर भी होगा, जिनका बिजनेस अमेरिका और चीन जैसे देशों के साथ चलता है. अमेरिका में होने वाली हर गतिविधि का असर भारत पर पड़ता है, तो चीन भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है. रघुराम राजन ने ‘कर्ज लेकर घी पीने’ वाले देशों को उनके बढ़ते सार्वजनिक ऋण पर नज़र डालने का आग्रह किया है. दुनिया में बढ़ती महामारियों के खतरे के बीच एक बड़े अर्थशास्त्री का ऐसा कहना मायने रखता है. दरअसल, बड़े अर्थशास्त्री पैसे और बजट के बारे में लम्बी दृष्टि रखते हैं और भविष्य का अनुमान लगा सकते हैं. राजन ने कहा, “हमने वैश्विक वित्तीय संकट और महामारी देखी है. आने वाले समय में ऐसी महामारियां अधिक नियमित हो सकती हैं. इसलिए कर्ज के बढ़ते स्तर को नजरअंदाज करना खतरनाक है.” राजन ने रोम में वार्षिक Bancor Prize समारोह के दौरान दिए गए भाषण में उन्होंने कई अहम बातों का जिक्र किया. अपने भाषण में उन्होंने कहा, दुनिया को विखंडन (fragmentation) से बचाने के लिए बहुपक्षीय संस्थाओं (multilateral institutions) में सुधार करने की जरूरत है. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सर्विस ट्रेड, जलवायु कार्य (climate action), और अन्य नए क्षेत्रों में व्यापार के रास्ते खोलने से समस्याओं को हल किया जा सकता है. अमेरिका को लेकर बड़ी चेतावनी अपने भाषण के बाद पत्रकारों से बातचीत में अमेरिका का जिक्र करते हुए रघुराम राजन कहा कि वहां का सार्वजनिक ऋण तेजी से बढ़ रहा है, जो उसे वित्तीय रूप से असुरक्षित बना रहा है. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के हालिया अनुमानों के अनुसार, अमेरिका का कर्ज लगातार बढ़ने की राह पर है. उन्होंने आगाह किया कि यह सिर्फ अमेरिका की समस्या नहीं है, बल्कि दुनिया के कई अन्य देशों के लिए भी चेतावनी है. वैश्विक ऋण की चौंकाने वाली तस्वीर आईएमएफ के अनुसार, 2024 के अंत तक वैश्विक सार्वजनिक ऋण लगभग 100 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है, जो वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 93% है. अमेरिका और चीन जैसे देशों का इसमें प्रमुख योगदान है. राजन ने यह भी कहा कि मुद्रास्फीति (inflation) की धीमी दर और गिरते ब्याज दरें (interest rates) देशों को अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने का अवसर दे रही हैं. लेकिन, इसके बावजूद, अधिकतर सरकारों में इसे लेकर कोई तत्परता नहीं दिख रही है. कर्ज के खतरों से बचने की जरूरत राजन ने जोर देकर कहा कि कर्ज को कम करना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में किसी आपात स्थिति के लिए एक सेफ्टी कुशन बनाया जा सके. उन्होंने यह भी कहा कि अत्यधिक कर्ज वाले देश एक-दूसरे की मदद करने में असमर्थ हो जाते हैं, जिससे दुनिया के लिए एक और खतरा खड़ा हो सकता है. किस देश पर कितना कर्ज अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका पर अपने अपनी जीडीपी का 121 फीसदी कर्ज है. मतलब वह गले तक नहीं डूबा है, बल्कि पानी उसके सिर के ऊपर तक जा चुका है. दूसरे नंबर पर कनाडा है, जिस पर अपनी जीडीपी का 106 फीसदी कर्ज है. चीन ने अपनी जीडीपी की तुलना में 90.1 फीसदी कर्ज उठा रखा है. भारत पर यह प्रतिशत 83.1 फीसदी है. सबसे अधिक कर्ज सूडान पर है, जिसने अपनी जीडीपी की तुलना में 344.4 फीसदी कर्ज लिया हुआ है. फ्रांस, स्पेन और इंग्लैंड पर भी जीडीपी के 100 फीसदी से ज्यादा कर्ज है.

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पदयात्रा के चलते मध्य प्रदेश की पुलिस सहित उत्तर प्रदेश की पुलिस भी अलर्ट

छतरपुर बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा बागेश्वर धाम से ओरछा तक 160 किलोमीटर की पदयात्रा निकाली जाएगी. उनकी यात्रा की शुरुआत आज  21 नवंबर से शुरू होगी. यात्रा मप्र सहित यूपी के जिले में भी प्रवेश करेगी, जिसके चलते मध्य प्रदेश की पुलिस सहित उत्तर प्रदेश की पुलिस भी यात्रा को लेकर अलर्ट है. बता दें हिंदू एकता की अलख जगाने के लिए बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री द्वारा बागेश्वर धाम से ओरछा तक 160 किलोमीटर पदयात्रा निकाली जा रही है. पदयात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह का माहौल बना हुआ है. बागेश्वर धाम से लेकर ओरछा तक के रास्ते भर के गांव के श्रद्धालु पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. यात्राआज 21 नवंबर से बागेश्वर धाम से शुरू होगी, जो कि 29 नवंबर को ओरछा में समाप्त होगी.   यात्रा में ये संत होंगे शामिल यात्रा में मूलक पीठाधीश्वर राजेन्द्र दास महाराज, जगत गुरू रामभद्राचार्य महाराज, हनुमानगढ़ी के महंत राजूदास महाराज, इन्द्रशेश महाराज, सुदामा कुटी के सतीक्ष्णदास, संजीव कृष्ण ठाकुर, अनुरुद्धाचार्य महाराज, जगतगुरू वल्लभाचार्य महाराज, गोरीलाल कुंज के महंत किशोर दास महाराज शामिल होंगे. यात्रा का 7 दिवसीय प्लान • पहला दिन: 21 नवंबर को यात्रा बागेश्वर धाम से शुरू होगी, इसके बाद फोर लेन रोड होते हुए पहला स्टॉप कदारी गांव में होगा. • दूसरा दिन: दूसरे दिन यात्रा करीब 18 किलोमीटर चलकर छतरपुर जिले के पेप्टेक टाउन पहुंचेगी. • तीसरा दिन: 23 तारीख को यात्रा का नौगांव में विश्राम होगा. • चौथा दिन: चौथे दिन पं. धीरेन्द्र शास्त्री देवरी डेम में विश्राम करेंगे. • पांचवां दिन: यात्रा मऊरानीपुर में विश्राम करेगी. • छठवां दिन: यात्रा निवाड़ी में विश्राम करेगी. • सातवां दिन: अंतिम दिन यात्रा यादव ढाबा होते हुए ओरछा धाम पहुंचेगी, जहां यात्रा का समापन होगा. • सनातनी हिंदू एकता पदयात्रा को लेकर जबरदस्त तैयारियां की गई है. छतरपुर की सड़कें और यात्रा मार्ग पोस्टरों से पट गए हैं.

बेखौफ बदमाश, आमजन तो छोड़िए यहां पुलिस भी सुरक्षित नहीं, जवान पर जानलेवा हमला कर लूट

Fearless scoundrels, leave the common man, even the police are not safe here, a soldier was fatally attacked and looted. शहडोल ! मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था के दावों के बावजूद गुंडे-बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। आलम ये है कि, बदमाशों पर से कानून तक का खौफ मानों खत्म हो चुका है। यही वजह है कि बदमाश आमजन के साथ किसी जुर्म को अंजाम देना तो छोड़िए लोगों की सुरक्षा में लगी पुलिस तक को निशाना बनाने से नहीं चूक रहे। इसकी ताजा बानगी देखने को मिली शहडोल जिले में, जहां कुछ बदमाशों ने एक पुलिसकर्मी पर ही न सिर्फ जानलेवा हमला किया, बल्कि लूट की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। हमले में पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बता दें कि, ये हैरान कर देने वाला मामला अमलाई थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले बटुरा मौहरी दाई माता मंदिर के पास घटा है। यहां बुधवार रात अनूपपुर यातयात में पदस्थ आरक्षक सुखसेन कोल पर राजू सरंगिया ,संजय सूरज समेत अन्य बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमले में पुलिस आरक्षक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यही नहीं, जान से मारने की नियत से आए बदमाश पुलिसकर्मी को गंभीर हालत में पड़ा छोड़कर उसका मोबाइल, वायरलेस और कैश लूटकर भाग निकले। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस इधर, घटना के बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने आरक्षक को गंभीर हालत में पड़ा देखा तो वो तत्काल ही उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज शुरु कर दिया गया है। वारदात की सूचना मिलते ही अनूपपुर और शहडोल पुलिस मौके पर पहुंची। मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। साथ ही, आरोपियों की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगली हाथियों की सुरक्षा के लिए सैटेलाइट कॉलरिंग सफल

Umaria News: Satellite collaring successful for the protection of wild elephants in Bandhavgarh Tiger Reserve उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगली हाथियों के संरक्षण के लिए सैटेलाइट कॉलरिंग तकनीक का प्रयोग सफल रहा है। मार्च 2024 में शहडोल के जयसिंहनगर वन क्षेत्र से रेस्क्यू किए गए एक जंगली हाथी को सैटेलाइट कॉलर लगाकर ताला वन परिक्षेत्र की दमना बीट में छोड़ा गया। इसके माध्यम से हाथी के मूवमेंट पर नजर रखी गई, जो संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह तकनीक जंगली हाथियों के मूवमेंट और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने में मदद करती है। इससे न केवल हाथियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी, बल्कि मानव-हाथी संघर्ष को कम करने में भी सहायता मिलेगी। अब सरकार इस तकनीक को प्रदेश के अन्य टाइगर रिजर्व और हाथी संरक्षण क्षेत्रों में भी लागू करने की योजना बना रही है।इस प्रक्रिया के दौरान क्षेत्र संचालक डॉ. नितिन गुप्ता, सहायक संचालक ताला, और वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने बताया कि यह तकनीक हाथियों के प्राकृतिक वास के अध्ययन और संरक्षण की दिशा में एक अहम पहल है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगली हाथियों की सैटेलाइट कॉलरिंग पहली बार की गई है, जो अन्य टाइगर रिजर्व क्षेत्रों में इस तकनीक के उपयोग का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। इससे न केवल हाथियों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि उनके संरक्षण में नए आयाम जोड़े जाएंगे।

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