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योगेश्वर के बयान के बाद बजरंग ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी, दोनों के बीच छिड़ी जुबानी जंग

यमुनानगर नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी द्वारा बजरंग पूनिया पर चार साल का बैन लगाने के बाद से ही हरियाणा की राजनीति में उबाल आया हुआ है। कांग्रेस के नेता इसे भाजपा की चाल बता चुके है। वहीं भाजपा ने इस मामले में राजनीति नहीं करने की सलाह सभी को दी है। उनका कहना है कि नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी के अपने कानून है। वह उसी हिसाब से फैसले लेती है। अब इस कड़ी में पहलवान व भाजपा नेता योगेश्वर दत्त भी कूद पड़े है। उन्होंने बजरंग पूनिया को सलाह देते हुए कहा कि खेल को राजनीति से दूर रखे। खेल में राजनीति न करें। योगेश्वर ने कहा कि अब बजरंग राजनीति में आ गए है। अब उनको राजनीति ही करनी चाहिए खेल को इससे दूर रखना चाहिए। गौरतलब है कि बजरंग पूनिया नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी द्वारा खुद पर चार साल क बैन लगाने के पीछे भाजपा सरकार की सरकार की साजिश बताया।   वहीं योगेश्वर के बयान के बाद बजरंग ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने योगेश्वर दत्त को जवाब दिया कि राजनीति करेंगे तो अपने दम पर करेंगे, न कि बहन-बेटियों को आगे लाकर राजनीति करेंगे। आपको बता दें कि पहलवान बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट ने 6 सितंबर को कांग्रेस जॉइन की थी। जिसके बाद कांग्रेस ने बजरंग को अखिल भारतीय किसान कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया था। जबकि विनेश फोगाट को जुलाना से विधानसभा चुनाव के लिए टिकट दिया था। इस समय विनेश फोगाट जुलाना से विधायक है।  करीब 10 दिन पहले नाडा ने डोप टेस्ट का सैंपल नहीं देने पर बजरंग पूनिया पर चार का बैन लगा दिया था। इसके जवाब में बजरंग ने पहले कहा कि बैन गलत तरीके से लगा है। इतना बैन तो ताकतवर स्टेरॉयड लेने वाले पर लगता है। बजरंग ने कहा कि यह बैन व्यक्तिगत द्वेष और राजनीतिक साजिश का परिणाम है।

मुख्यमंत्री साय बोले- विकसित छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं का होगा अहम योगदा

विकसित छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं का होगा अहम योगदानः मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री ने की 100 दिनों तक चलने वाले निक्षय निरामय कार्यक्रम की शुरूआत : निक्षय पोषण योजना के तहत हितग्राहियों को आनलाइन ट्रांसफर की योजना की राशि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ निरामय छत्तीसगढ़ बनने की ओर अग्रसर : स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर के एम्स आडिटोरियम में रिमोट का बटन दबाकर 100 दिनों तक चलने वाले राज्य स्तरीय निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ अभियान की शुरूआत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रिमोट का बटन दबाकर निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को प्रतिमाह दी जाने वाली 1 हजार रूपए की राशि के आनलाइन ट्रांसफर करने की भी शुरूआत की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को निक्षय निरामय की शपथ भी दिलाई। निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ कार्यक्रम के अंतर्गत अगले 100 दिनों तक राज्य में टीबी, कुष्ठ और मलेरिया के मरीजों की पहचान की जाएगी और उनका उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। योजना में राज्य के वृद्धजनों का भी स्वास्थ्य जांच और उपचार शामिल है। इस मौके पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित भारत के साथ ही साल 2047 तक छत्तीसगढ़ को भी विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य रखा गया है और इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का अहम योगदान होगा। उन्होंने कहा कि 13 दिसंबर को हमारी सरकार के कार्यकाल का पहला वर्ष पूरा हो रहा है। बीते 12 महीनों में हमने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। स्वास्थ्य और शिक्षा, ये दो ऐसे विषय हैं जो सीधे-सीधे राज्य और राष्ट्र के विकास से जुड़े हुए हैं। जब हर नागरिक का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, उन्हें अच्छी शिक्षा मिलेगी, तो वे राष्ट्र के विकास में अपना अधिकतम योगदान दे पाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले के साथ ही सभी चिकित्सकों ने भी प्रदेश में चलाए जा रहे स्वास्थ्य अभियानों में हमेशा तत्परता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। अनेक दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन के साधनों की कमी होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अमले ने अंदरुनी गांवों तक अपनी सेवाएं पहुंचाईं हैं। हमारे डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने अनेक दुर्गम गांवों तक पहुंचने के लिए लंबी-लंबी पदयात्राएं कीं, नदी-नालों को भी पार किया है। उन्होंने कहा कि वास्तव में आप लोगों का यह जज्बा सेना के किसी जवान के जज्बे से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि टीबी, कुष्ठ और मलेरिया जैसी बीमारियों से मुक्ति दिलाने के लक्ष्य को हासिल करने में निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य निरामय छत्तीसगढ़ की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार विस्तार किया जा रहा है। इसके लिए सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों की शुरूआत की जा रही है, मेकाहारा जैसे बड़े अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम करने के लिए नए अस्पताल भवन तैयार किए जा रहे हैं और चिकित्सकों की लगातार भर्ती की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर नया कीर्तिमान स्थापित हो रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुधार के लिए मैदानी अमलों, विशेषकर मितानिन बहनों की प्रशंसा करते हुए उन्हें साधुवाद दिया। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर निक्षय पोषण योजना के हितग्राहियों को आनलाइन डीबीटी के जरिए राशि प्रदान करने की शुरूआत करने के लिए धन्यवाद दिया। निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ अभियान कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने हाथों से  हितग्राहियों को पोषण आहार, हियरिंग एड, वाकर और वाकिंग स्टिक प्रदान किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मितानिन बहनों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर आरंग विधायक श्री खुशवंत साहेब, रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, स्वास्थ्य विभाग  की विशेष सचिव सुश्री प्रियंका शुक्ला एवं एमडी एनएचएम श्री विजय दयाराम के. भी उपस्थित थे।

भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड टेस्ट में भारत 128-5, अभी भी 29 रन से पीछे

एडिलेड भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड ओवल में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में जो डे-नाइट फॉर्मेट में खेला जा रहा है, में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया। ऑस्ट्रेलिया ने दिन-रात्रि के दूसरे क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन भारत को पहली पारी में 180 रन पर समेट दिया। जवाब में खेलते हुए ऑस्ट्रेलिया ने ट्रेविस हेड के शतक की मदद से 337 रन बना लिए हैं। टीम के पास अब 157 रनों की लीड है। दूसरी पारी में भारत ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक 5 विकेट खोकर 128 रन बना लिए हैं। ऋषभ पंत 28 और नितिश कुमार रेड्डी 14 रन बनाकर क्रीज पर नाबाद खड़े हैं। भारतीय टीम अभी भी 29 रन से पीछे चल रही है। भारत दूसरी पारी टीम इंडिया के लिए ओपनिंग पर जयसवाल के साथ केएल राहुल आए। राहुल इस बार कुछ खास नहीं कर पाए और 7 के स्कोर पर कमिंस की गेंद पर एक अनावश्यक शॉट लगाकर विकेटकीपर एलेक्स कैरी को कैच थमा बैठे। 9वें अेवर में जयसवाल भी 24 रन बनाकर बोलांड का शिकार हो गए। उन्होंने 31 गेंदों पर 24 रन बनाए। विराट कोहली दूसरी पारी में भी फ्लॉप हो गए। वह 11 रन बनाकर बोलांड का शिकार हो गए। फैंस को शुभमन गिल से उम्मीद थी जोकि एक छोर पर जमे थे। लेकिन 18वें ओवर में स्टार्क ने उन्हें 28 के स्कोर पर बोल्ड कर दिया। क्रीज पर रोहित शर्मा आए जोकि स्टार्क की ही गेंद पर पगबाधा आऊट होने से बच गए। मात्र 6 रन बनाकर रोहित कमिंस का शिकार हो गए। फिलहाल क्रीज पर ऋषभ पंत 28 और नितिश कुमार रेड्डी 14 खड़े हैं। ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी ओपनर उसमान ख्वाजा 11वें ओवर में 13 रन बनाकर आऊट हो गए। पहले दिन का खेल समाप्त होने तक ऑस्ट्रेलिया ने 1 विकेट पर 87 रन बनाए थे। दूसरे दिन सुबह बुमराह ने सबसे पहले मैकस्वीनी (39) का विकेट निकाला। बुमराह यही नहीं रुके। थोड़ी देर बाद उन्होंने स्टीव स्मिथ (2) को भी चलता किया। ऑस्ट्रेलिया को बड़ा सहारा लबुछेन और ट्रेविस हेड ने दिया। दोनों ने 65 रनों की साझेदारी की। लबुछेन 126 गेंदों पर 64 रन बनाकर नितिश रेड्डी का शिकार हुए। वहीं, एक छोर पर खड़े ट्रेविस हेड ने शानदार स्ट्रोक लगाए और डे नाइट टेस्ट का अपना तीसरा शतक पूरा किया। मिचेल मार्श 9 तो एलेक्स कैरी 15 रन बनाकर आऊट हो गए लेकिन ट्रेविस की तेजतर्रार पारी जारी रही और ऑस्ट्रेलिया 300 रन पार कर गया। डिनर ब्रेक तक ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 8 विकेट खोकर 332 रन हो गया। डिनर ब्रेक के बाद सिराज ने फिर से एग्रेशन दिखाए और मिचेल स्टार्क और बोलांड के विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को 337 रन पर रोक दिया। ऑस्ट्रेलिया के पास अब 157 रन की लीड है। भारत की ओर से मोहम्मद सिराज और जसप्रीत बुमराह 4-4 विकेट लेने में सफल रहे।

खजुराहो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में पुरातत्वविद डॉ शिवकांत बाजपेयी सम्मानित

खजुराहो खजुराहो मे चल रहे 10 अंतरराष्ट्रिय फिल्म फेस्टिवल का शुभारंभ मध्य प्रदेश के राज्यपाल मांगुभाईपटेल ने खजुराहो क्षेत्र के सांसद विष्णुदत्त शर्मा, क्षेत्रीय विधायक अरविंद पटेरिया की उपस्थिति मे किया! इस शुभ अवसर के  दौरान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के पुरातत्वविद डॉ शिवकांत बाजपेयी दीपक , अभिनेता दीपक परासर, मुकेश खन्ना, गायिका संजीवनी को सम्मानित किया गया! महापुरुषो के सोर्य को फिल्म मे दिखाने की बात कही. हजारों वर्ष पुराना खजुराहो के इतिहास से अपने संबोधन का प्रारम्भ किया! पुरातत्वविद डॉ शिवकांत बाजपेयी जो खासकर खजुराहो , पन्ना सहित अन्य जगह से मिलने वाले इतिहासिक तत्वों की पड़ताल मे अपने कार्यो को निरंतरता प्रदान कर रहे! पन्ना जिला सहित आस पास के अन्य जिलों मे लगातार विश्वधरोहर को सुरक्षित करने के प्रयास के साथ हजारों वर्ष से छिपे तथ्यो को उजागर करने मे लगे हुए है! जल्द ही कोई नया अध्याय मध्य प्रदेश ही नही अपितु विश्व के सामने रख सकते है.

INDIA गठबंधन की लीडरशिप पर ममता बनर्जी ने ठोका दावा, भाजपा ने कहा- राहुल गांधी पर किसी को नहीं भरोसा

कोलकाता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा ने INDIA गठबंधन और राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाया है। भाजपा के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, “INDIA गठबंधन का कोई भी नेता राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा के नेतृत्व पर भरोसा नहीं करता है।” उन्होंने आरोप लगाया कि INDIA गठबंधन के भीतर नेतृत्व को लेकर असमंजस की स्थिति है। उन्होंने कहा, “कभी अखिलेश यादव कहते हैं कि वह नेता हैं, कभी ममता बनर्जी कहती हैं कि वह नेता हैं और कभी स्टालिन कहते हैं। लेकिन सभी एक स्वर में कहते हैं कि राहुल गांधी नेता नहीं हैं।” भंडारी ने आगे कहा कि भाजपा राहुल गांधी को ‘बालक बुद्धि’ नहीं कहती, बल्कि यह INDIA गठबंधन के नेता ही हैं जो इस तरह के विचार रखते हैं। ममता बनर्जी का बयान यह बयान ममता बनर्जी की टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने गठबंधन के भीतर नेतृत्व की स्पष्टता पर जोर दिया। ममता बनर्जी ने कहा था कि INDIA गठबंधन को एक समन्वित और सक्षम नेतृत्व की आवश्यकता है, जो चुनावों में भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर काम कर सके। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘मैंने इंडिया गठबंधन का गठन किया था। अब इसे प्रबंधित करना मोर्चे का नेतृत्व करने वालों पर निर्भर है। अगर वे यह नहीं कर सकते तो मैं क्या कर सकती हूं? मैं बस यही कहूंगी कि सभी को साथ लेकर चलने की जरूरत है।’’ यह पूछे जाने पर कि एक मजबूत भाजपा विरोधी ताकत के रूप में अपनी साख को देखते हुए वह गठबंधन का प्रभार क्यों नहीं ले रही हैं, ममता बनर्जी ने कहा, ‘‘यदि अवसर दिया गया तो मैं इसका सुचारू संचालन सुनिश्चित करूंगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं बंगाल से बाहर नहीं जाना चाहती, लेकिन मैं इसे यहां से संचालित कर सकती हूं।’’ आपको बता दें कि प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी को ‘राजनीतिक फ्लेयर’ बताते हुए कहा कि उनका नेतृत्व गठबंधन के भीतर स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा, “INDIA गठबंधन राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर एकमत नहीं है। यह स्पष्ट दिखता है।” राहुल गांधी और INDIA गठबंधन पर भाजपा के इस तंज ने आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक बहस को और तीखा कर दिया है। गठबंधन के नेता भले ही सार्वजनिक रूप से एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन भाजपा का दावा है कि भीतरखाने असहमति की स्थिति बनी हुई है। अब यह देखना होगा कि INDIA गठबंधन इस आलोचना का कैसे जवाब देता है और क्या वह नेतृत्व को लेकर स्पष्टता प्रदान कर पाएगा।

7 साल बाद दूसरी बार प्रेग्नेंट हुई जॉनी डेप की एक्स वाइफ एंबर हर्ड

न्यूयॉर्क हॉलीवुड स्टार जॉनी डेप की एक्स वाइफ एंबर हर्ड के घर जल्द ही दूसरे बच्चे की किलकारियां गूंजने वाली हैं। 38 साल की एक्ट्रेस को ‘एक्वामैन’ फिल्म में उनके किरदार के लिए जाना जाता है। जॉनी डेप से तलाक के बाद वो स्पेन में अपने पहले बच्चे के साथ रह रही हैं। इस गुड न्यूज की पुष्टि एंबर हर्ड के रिप्रेजेंटेटिव ने की है। उन्होंने People मैगजीन से कहा, ‘प्रेग्नेंसी की बस शुरुआत है। इसलिए हम अभी ज्यादा जानकारी शेयर नहीं करना चाहते हैं। एंबर अपने और पहले बच्चे के लिए खुश हैं।’ एंबर अप्रैल 2021 में मां बनी थीं। उनके पहले बच्चे का जन्म सरोगेसी से हुआ था। एंबर हर्ड ने 4 साल पहले किया था फैसला जॉनी डेप से तलाक के बाद एंबर हर्ड ने इंस्टाग्राम पर अपने बच्चे के आने की खुशी शेयर की थी। इसमें बताया गया था, ‘चार साल पहले मैंने फैसला किया कि मैं एक बच्चा चाहती हूं। मैं इसे अपनी शर्तों पर करना चाहती थी। अब मैं समझती हूं कि महिलाओं के लिए इस तरह से अपने भाग्य के सबसे बुनियादी हिस्सों में से एक के बारे में सोचा कितना क्रांतिकारी है।’ शादी पर कही थी ये बात उन्होंने ये भी लिखा, ‘मुझे उम्मीद है कि हम एक ऐसे प्वॉइंट पर पहुंचेंगे, जहां बच्चों के लिए अंगूठी ना चाहना (शादी ना करना) सामान्य हो जाएगा।’ 2015 में जॉनी डेप से की थी शादी एंबर हर्ड ने साल 2015 में जॉनी डेप से शादी की थी और ये रिश्ता साल 2017 तक था। साल 2022 में दोनों के बीच कानूनी लड़ाई हुई थी, जिसे लगभग पूरी दुनिया ने देखा गया। इसके बाद एंबर स्पेन में शांद जिंदगी जी रही हैं। उन्हें बीते दिनों बेटी ऊनाघ के साथ देखा गया था। एंबर ने अभी अपने दूसरे बच्चे के बारे में ज्यादा जानकारी शेयर नहीं की है।  

विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी, चीन के साथ विवाद सुलझाने को चल रही बड़ी तैयारी

बीजिंग भारत और चीन दोनों ही वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के प्रबंधन के लिए अगले कदमों पर विचार-विमर्श करने को लेकर विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता और अन्य बैठकों की तैयारी कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल की यह टिप्पणी भारत और चीन के बीच नई दिल्ली में सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्यकारी तंत्र (WMCC) के तहत वार्ता के एक दिन बाद की। डब्ल्यूएमसीसी की गुरुवार को नई दिल्ली में हुई बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल के अनुरूप सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की थी। भारत और चीन ने पूर्वी लद्दाख में गतिरोध वाले दो स्थानों से सैनिकों को वापस बुलाए जाने के बाद एक अहम वार्ता तंत्र के तहत बृहस्पतिवार को अपनी पहली कूटनीतिक बातचीत में सीमा विवाद से हासिल हुए निष्कर्षों पर विचार किया ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके। जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में एक सवाल के जवाब में कहा कि विशेष प्रतिनिधियों की बैठक की तैयारियां जारी हैं। उन्होंने कहा, ‘हमने विदेश सचिव स्तर की बैठक के बारे में भी बात की। ये बैठकें होने के बाद हम अगले कदमों पर चर्चा करेंगे।” विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि डब्ल्यूएमसीसी बैठक से संबंधित भारतीय बयान में सैनिकों की वापसी प्रक्रिया के कार्यान्वयन के बारे में बात की गई। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक प्रक्रिया है जो पूरी हो चुकी है। और अब यह तनाव कम करने की प्रक्रिया की ओर बढ़ेगी, जिसका उल्लेख (संसद में) विदेश मंत्री के बयान में भी किया गया है।’ वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गश्त के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में जायसवाल ने कहा कि भारतीय पक्ष ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ‘जहां भी गश्त की जानी थी, जो भी स्थिति बहाल होनी थी, वह कर दी गई है।’ भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध मई 2020 में शुरू हुआ था और उस वर्ष जून में गलवान घाटी में हुई झड़प के परिणामस्वरूप दोनों पड़ोसियों के बीच संबंधों में गंभीर तनाव पैदा हो गया था। यह गतिरोध कुछ सप्ताह पहले देपसांग और डेमचोक में सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद समाप्त हुआ था।

भारत ने जारी कर दी अर्जेंट एडवाइजरी, तुरंत सीरिया छोड़ दें, विद्रोहियों ने मचा दिया कत्लेआम

सीरिया सीरिया में विद्रोहियों के कत्लेआम और उथल-पुथल को देखते हुए भारत ने अपने नागरिकों के लिए अर्जेंट एडवाइजरी जारी कर दी है। भारत की तरफ से जारी सला में कहा गया है कि लोगों को सीरिया जाने से बचना चाहिए। इसके अलावा विदेश मंत्रालय ने सीरिया में रहने वाले भारतीय नागरिकों से कहा है कि वे तुरंत सीरिया छोड़कर निकलने की कोशिश करें। इसके अलावा जो लोग सीरिया नहीं छोड़ पा रहे हैं वे भारतीय दूतावा के संपर्क में रहें। विदेश मंत्रालय ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। हेल्पलाइन नंबर है- +963993385973. इसपर वॉट्सऐप मेसेज भी भेजा जा सकता है। इसके अलावा hoc.damascus@mea.gov.in पर ईमेल के जरिए भी दूतावास से संपर्क किया जा सकता है। सीरिया में इस्लामवादियों के नेतृत्व में विद्रोहियों का नियंत्रण बढ़ने के बीच भारत ने शुक्रवार को कहा था कि वह वहां की स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है। विद्रोहियों ने देश के सबसे बड़े शहर अलेप्पो के अधिकतर भूभाग पर कब्जा करने के बाद गुरुवार को मध्य सीरिया के शहर होम्स को भी काफी हद तक अपने कब्जे में कर लिया है। मंत्रालय ने कहा, “जो लोग जा सकते हैं, उन्हें जल्द से जल्द उपलब्ध वाणिज्यिक उड़ानों से सीरिया छोड़ने की सलाह दी जाती है और अन्य लोगों से अनुरोध है कि वे अपनी सुरक्षा के बारे में अत्यधिक सावधानी बरतें तथा अपनी गतिविधियों को न्यूनतम तक सीमित रखें।” गौरतलब है कि इस्लामी आतंकवादी समूह हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएस) ने हमा के प्रमुख शहर पर कब्जा कर लिया है और वे होम्स शहर की ओर बढ़ रहे हैं। हजारों लोगों को होम्स छोड़कर जाना पड़ा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हमने उत्तर सीरिया में हाल में लड़ाई तेज होने पर ध्यान दिया है। हम स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं। सीरिया में लगभग 90 भारतीय नागरिक हैं, जिनमें से 14 संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न संगठनों के लिए काम कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “हमारा मिशन हमारे नागरिकों की सुरक्षा के लिए लगातार उनसे संपर्क बनाए हुए है।” 

अजित पवार को ‘बेनामी संपत्ति’ मामले में बड़ी राहत, आयकर विभाग लौटाएगा 1 हजार करोड़ की प्रॉपर्टी

मुंबई महाराष्ट्र में नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद ही उपमुख्यमंत्री और एनसीपी चीफ अजित पवार को बड़ी राहत मिली है। आयकर विभाग ट्राइब्यूनल ने पवार की 1 हजार करोड़ से ज्यादा की संपत्ति मुक्त कर दी है। 7 अक्टूबर 2021 में छापेमारी के बाद आयकर विभाग ने इस संपत्ति को जब्त कर लिया था। इसमें उनकी पत्नी सुनेत्रा और बेटे पार्थ की संपत्ति शामिल हैं। उस समय वह शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी का हिस्सा थे। ट्राइब्यूनल ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा, आयकर विभाग कोई ऐसा सबूत पेश नहीं कर पाया है जिससे पता चले कि इन संपत्तियों के मामले में बेनामी लेनदेन किया गया। बैंकिंग सिस्टम के जरिए ही सारे लेनदेन हुए थे। आयकर विभाग ने अजित पवार की जिन संपत्तियों को जब्त किया था उसमें दिल्ली का एक फ्लैट, सतारा की शुगर फैक्ट्री और गोवा का रिजोर्ट शामिल था। पवार की तरफ से पेश हुए वकील प्रशांत पाटिल ने कहा कि पवार परिवार ने इन संपत्तियों को लेकर कोई गड़बड़ी नहीं की है और उनके खिलाफ लगे आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि वैध माध्यम के जरिए ही सारा लेनदेन किया गया था। आयकर विभाग भी ऐसा कोई सबूत नहीं दे पाया है जिससे पवार परिवार और बेनामी लेनदेन के बीच कोई कनेक्शन मिले। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया था कि 5 नवंबर 2024 को आयकर विभाग ने कहा था कि ट्राइब्यूनल अपने आदेश पर एक बार फिर विचार करे। हालांकि ट्राइब्यूनल ने आयकर विभाग की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी। आपको बताते चलें के विधानसभा चुनाव से पहले अजित पवार ने जो हलफनामा दिया था उसके मुताबिक उनकी कुल संपत्ति 124 करोड़ की है। उन्होंने बताया था कि उनके पास 14.12 लाख कैश और अकाउंट में 6.81 लाख रुपये जमा है। इसके अलावा उनके पास टोयोटा कैमरी, होंडा सीआरवी और 3 ट्रेलर ट्रैक्टर हैं। इसके अलावा उनकी पत्नी केपास 10 लाख की गाड़ी है।

US Parliament तक पहुंचा भोपाल गैस त्रासदी का मामला, ये प्रस्ताव हुआ पेश

भोपाल भोपाल गैस त्रासदी की 40वीं बरसी के अवसर पर अमेरिकी संसद में 3 दिसंबर को ‘राष्ट्रीय रासायनिक आपदा जागरूकता दिवस’ के रूप में मनाने का प्रस्ताव पेश किया गया। यह प्रस्ताव सीनेटर जेफ मर्कले और प्रतिनिधि सभा की सदस्य प्रमिला जयपाल और रशीदा तलैब द्वारा पेश किया गया। प्रस्ताव में 2001 में हुए भारत-अमेरिका समझौते का जिक्र किया गया है, जिसमें न्याय के लिए सहयोग की बात कही गई थी। यूनियन कार्बाइड के मालिक डॉव इंक से न्यायिक जिम्मेदारियों को पूरा करने की अपील भी की गई।   सुरक्षा की अनदेखी का खामियाजा सीनेटर जेफ मर्कले ने कहा, रासायनिक आपदाएं अक्सर कंपनियों द्वारा सुरक्षा की अनदेखी और मुनाफे को प्राथमिकता देने का नतीजा होती हैं। भोपाल त्रासदी ने लाखों जिंदगियों को तबाह कर दिया और इसका असर आज भी महसूस किया जा रहा है। यूनियन कार्बाइड की लापरवाही प्रस्ताव में यूनियन कार्बाइड और उसके सीईओ वॉरेन एंडरसन पर गैर-इरादतन हत्या के आरोपों का जिक्र किया गया। भारतीय अदालत में चल रही कार्यवाही के बावजूद, कंपनी और उसके प्रतिनिधि अदालत में पेश नहीं हुए।   मुआवजे की मांग प्रमिला जयपाल ने कहा कि यूनियन कार्बाइड और डाउ केमिकल को पीड़ितों को मुआवजा देना चाहिए। रशीदा तलैब ने कहा, डाउ ने यूनियन कार्बाइड का अधिग्रहण करते वक्त त्रासदी की जिम्मेदारी ली थी। 40 साल बाद भी पीड़ित न्याय की आस लगाए बैठे हैं। अब डाउ को नुकसान की भरपाई करनी ही होगी।   जागरूकता दिवस का उद्देश्य वहीं सांसदों ने त्रासदी पीड़ितों के संघर्षों की सराहना की और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता फैलाने पर जोर दिया। इस पहल का उद्देश्य रासायनिक आपदाओं के खतरों के प्रति लोगों को जागरूक करना और मानवाधिकारों की रक्षा को प्राथमिकता देना है। यह अमेरिका की विदेश नीति का एक अहम हिस्सा है। भोपाल गैस त्रासदी पर एक नजर     भारतीय इतिहास में 2-3 दिसंबर 1984 की रात एक ऐसी भयावह घटना के रूप में दर्ज है, जिसे भुला पाना मुश्किल है। यह घटना भोपाल गैस त्रासदी थी, जिसने मानवता पर अमिट छाप छोड़ी। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) के कीटनाशक संयंत्र से लीक हुई मिथाइल आइसोसाइनेट (एमआईसी) गैस ने हजारों लोगों की जान ले ली और लाखों लोगों को शारीरिक और मानसिक पीड़ा पहुंचाई। इस औद्योगिक दुर्घटना को दुनिया की सबसे भीषण औद्योगिक दुर्घटनाओं में से एक माना जाता है। इस घटना में करीब 30 हजार लोग मारे गए भोपाल गैस त्रासदी के तत्काल प्रभाव से एक लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए थे। हालांकि, इस त्रासदी में मरने वालों की संख्या पर अभी भी विवाद है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस घटना में लगभग 30  हजार लोग तत्काल मारे गए थे। जबकि अन्य मानवाधिकार संगठनों और विशेषज्ञों का कहना है कि यह संख्या इससे कहीं ज्यादा थी। कुछ रिपोर्ट्स में यह संख्या 8 हजार से 10 हजार बताई गई है। गैस के प्रभाव से न केवल मौतें हुईं, बल्कि हजारों लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए। इनमें से कई लोग शारीरिक और मानसिक रूप से प्रभावित हुए और आज भी पीड़ित हैं। जब हम दीर्घकालिक प्रभावों पर विचार करते हैं तो यह आंकड़ा और भी बढ़ जाता है। त्रासदी के बाद लंबे समय तक कई लोग सांस की बीमारियों, कैंसर, आँखों में जलन, त्वचा के घावों और मानसिक विकारों से पीड़ित रहे। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं ने विकलांग बच्चों को जन्म दिया और अजन्मे बच्चों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ा।

2 दिनों में 80 क्विंटल अवैध धान जब्त, छत्तीसगढ़-सारंगढ़-बिलाईगढ़ में मंडी समिति की कार्रवाई

रायपुर. छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में लगातार अवैध धान जब्त किया जा रहा है। आज शुक्रवार को 55 क्विंटल अवैध धान भंडारण जब्त किया गया है। वहीं गुरूवार को 30 क्विंटल अवैध धान भंडारण जब्त किया गया था। अवैध धान भंडारण और परिवहन की रोकथाम के लिए कलेक्टर धर्मेश कुमार साहू के द्वारा दिए गए निर्देश के पालन में कृषि उपज मंडी समिति भटगांव के अधिकारी और कर्मचारी द्वारा निरीक्षण के दौरान ग्राम गिरसा निवासी हेमलाल साहू के प्रतिष्ठान में 55 कट्टा ,वजन 22 क्विंटल अवैध भंडारण के रूप में पाया गया, जिसके विरुद्ध मंडी अधिनियम के तहत उक्त धान को जब्त करने की कार्यवही की गई। दूसरी ओर सारंगढ़ के मंडी सचिव राजेंद्र धुर्वे, कर्मचारी अर्जुन सिंह ठाकुर ने सारंगढ़ मंडी के पंजीकृत फर्म गोगाजी ट्रेडर्स ग्राम भोजपुर के दुकान के निरीक्षण में 75 बोरी (30 क्विंटल) अवैध धान भंडारण पाया गया, जो मंडी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लघंन होने के कारण जप्ती प्रकरण बनाया गया।

नशे की हालत में 10 से अधिक लोगों पर हथौड़े से किया ताबड़तोड़ हमला, एक महिला की मौत

रायपुर खरोरा थाना अंतर्गत कोरासी गांव में एक युवक ने नशे की हालत में लोहे के हथियार से एक महिला की हत्या कर दी। साथ ही कई लोगों पर प्राणघातक हमला किया, जिससे वे गंभीर रुप से घायल हो गए हैं। घायलों का उपचार जारी हैं। घटना शुक्रवार देर शाम की है। आरोपी डोगेंद्र उर्फ डब्बू पटेल को ग्रामीणों ने पहले जमकर पिटा उसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया है। बताया जा रहा है कि कोरासी गांव का ही रहने वाला डोगेंद्र पटेल शुक्रवार देर शाम नशे की हालत में घर से एक लोहे का बड़ा हथियार (घन) लेकर निकला। जिसके बाद आरोपी ने रास्ते में दिखने वाले लोगों पर हथियार से हमला करना शुरु कर दिया। इस दौरान एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि 10 से अधिक लोग गंभीर रुप से घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, आरोपी डोगेंद्र ने लोहे का घन लेकर जो भी उसे दिखा उस पर ताबड़तोड़ हमला किया। इस तरह उसने गांव के करीब दर्जन पर लोगों पर हमला किया। जिसमें एक महिला कीर्ति साहू की मौत हो गई। अन्य घायलों में बीरन पटेल (55 वर्षीय), शोभाराम (60 वर्षीय), वीरेंद्र पटेल (55 वर्षीय), भागुराम वर्मा (46 वर्षीय), नीलकंठ साहू (65 वर्षीय), रामूलाल (55 वर्षीय) आदि शामिल है। घायलों का उपचार किया जा रहा है। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

मुख्यमंत्री साय ने हरी झंडी दिखाकर मोबाइल मेडिकल यूनिट व प्रचार वाहन को किया रवाना

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के ऐम्स परिसर में “निक्षय निरामय छत्तीसगढ़” 100 दिवसीय जांच व उपचार अभियान के दौरान लोगों में जागरूकता व टीबी जांच हेतु संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट व प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें रायपुर, दुर्ग एवं बिलासपुर संभाग के लिए एक एक वाहन शामिल हैं। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल उपस्थित थे। मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा अभियान के दौरान चिन्हाकित किये गए जोखिम समूहों की टीबी हेतु स्पॉट स्क्रीनिंग की जाएगी जिससे संदेहास्पद टीबी मरीजों का स्पॉट पर ही टीबी रोग का पता लगाया जा सकेगा । मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा ए.आई. तकनीक से हैंड हेल्ड एक्स रे , CY-टीबी जांच व  16 चैनल वाले ट्रूनाट मशीन से टीबी के संभावित मरीजों की तुरंत एक्स रे द्वारा जांच एवं उपचार किया जाएगा ।

मानदंड पर सवाल उठाने वाली याचिकाएं खारिज, छत्तीसगढ़-हाईकोर्ट में सिविल जज मुख्य परीक्षा 2023 के मूल्यांकन को चुनौती

बिलासपुर. बिलासपुर हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा आयोजित सिविल जज (प्रवेश स्तर) मुख्य परीक्षा 2023 के मूल्यांकन मानदंड को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडेय की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा है कि उम्मीदवार परीक्षा पैटर्न की पूर्व सूचना के हकदार नहीं हैं और परीक्षा पुस्तिका में दिए गए निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। दरअसल, सिविल जज भर्ती प्रक्रिया 7 जून 2023 को 49 रिक्तियों की घोषणा के साथ शुरू हुई। 3 सितंबर 2023 को प्रारंभिक परीक्षा पास करने के बाद उम्मीदवारों को 25 अगस्त 2024 को मुख्य परीक्षा में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया। परिणाम 8 अक्तूबर 2024 को घोषित किए गए, जिसमें 151 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। इसमें कई उम्मीदवारों को इस आधार पर अयोग्य ठहराया गया कि उनके उत्तर अनिवार्य अनुक्रमिक प्रारूप का पालन नहीं करते थे। इस पर याचिकाएं दाखिल की गईं, जिनमें आरोप लगाया गया कि CGPSC ने प्रक्रिया के दौरान “नियमों को बदल दिया,” जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन है। याचिकाकर्ताओ ने तर्क दिया कि उन्हें परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव के कारण मनमाने ढंग से अयोग्य घोषित कर दिया गया। मामला इस बात पर केंद्रित था कि CGPSC ने उम्मीदवारों को प्रश्न-उत्तर पुस्तिका में दिए गए स्थानों में अनुक्रमिक क्रम में उत्तर लिखने की आवश्यकता के बारे में सूचित नहीं किया।

भारत के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने पर्थ के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में भी गदर काटा

एडिलेड भारत के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने पर्थ के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में भी गदर काटा। पर्थ टेस्ट में 8 विकेट निकालने वाले बुमराह ने एडिलेड में खेले जा रहे दूसरे मैच की पहली पारी में चार विकेट चटकाए। उन्होंने डे-नाइट टेस्ट में ओपनर उस्मान ख्वाजा (13), मैकस्वीनी (39), स्टीव स्मिथ (2) और कप्तान पैट कमिंस (12) का शिकार किया। बुमराह ने विकेटों का ‘घातक चौका’ लगाकर मोहम्मद शमी और जहीर खान का रिकॉर्ड तोड़ा है। बुमराह SENA देशों में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले एशियाई गेंदबाजों की लिस्ट में चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं। वह SENA (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया) में 53 पारियों में 125 शिकार कर चुके हैं। भारत के धाकड़ पेसर शमी ने 123 विकेट लिए हैं। उन्होंने 63 पारियों में ऐसा किया। बुमराह से आगे ईशांत शर्मा (130 विकेट) हैं। भारत के पूर्व दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले (141) दूसरे और पाकिस्तान के पूर्व पेसर वसीम अकरम (146) शीर्ष पर काबिज हैं। SENA देशों में एशियाई गेंदबाजों द्वारा सर्वाधिक विकेट (पारी) 146 – वसीम अकरम (55) 125 – जसप्रीत बुमराह बुमराह (53)* 120 – मुथैया मुरलीधरन मुरलीधरन (34) वहीं, बुमराह ने एक साल में भारत के लिए सबसे अधिक टेस्ट विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में जहीर खान को पछाड़ दिया है। बुमराह साल 2024 में अभी तक 53 विकेट ले चुके हैं। जहीर ने 2022 में 51 शिकार किए थे। इस फेहरिस्त में टॉप पर पूर्व कप्तान कपिल देव शीर्ष पर हैं, जिन्होंने 1983 में 75 और 1979 में 74 टेस्ट विकेट झटके। बुमराह मौजूदा साल में 50 टेस्ट विकेट का आंकड़ा छूने लेने वाले इकलौते गेंदबाज हैं। भारत के लिए एक साल में सबसे अधिक टेस्ट विकेट 75 – कपिल देव (1983) 53 – जसप्रीत बुमराह (2024)* 48 – जसप्रीत बुमराह (2018) ट्रैविस हेड (140) की शतकीय पारी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने शनिवार को एडिलेड टेस्ट के दूसरे दिन 337 रन बनाए। भारत की पहली पारी 180 रनों पर सिमटी थी। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी के आधार पर 157 रन की बड़ी बढ़त हासिल की। बुमराह के अलावा तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने भी चार विकेट लिए। नीतीश रेड्डी और आर अश्विन ने एक-एक विकेट अपने नाम किया।

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