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गाबा टेस्ट में एक बार फिर ऋषभ पंत से उम्मीद रहेगी कि तीसरे टेस्ट मैच में ऋषभ पंत एक बड़ी पारी खेलें।

गाबा भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी खेली जा रही है। इस टेस्ट सीरीज में अब तक दो टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं। जिसमें दोनों टीमों ने एक-एक मुकाबला अपने नाम किया है। जिसके चलते अभी यह सीरीज बराबरी पर है। 14 दिसंबर से इस सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच खेला जाएगा। वही इस टेस्ट मैच में भारत के दो खिलाड़ी बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं। ऋषभ पंत और मोहम्मद सिराज के पास इस टेस्ट मैच में रिकॉर्ड बनाने का शानदार मौका रहेगा। दरअसल गाबा क्रिकेट स्टेडियम में होने वाला टेस्ट मैच दोनों ही टीमों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारतीय टीम इस टेस्ट मैच को जीत का सीरीज में बढ़त बनाने की कोशिश करेगी। यह टेस्ट मैच 14 से 18 दिसंबर तक खेला जाएगा। ऋषभ पंत कर सकते हैं कमाल वहीं गाबा में होने वाले इस टेस्ट मैच में ऋषभ पंत के पास एक शानदार मौका रहेगा। दरअसल ऋषभ पंत इस मैच में एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं। अगर ऋषभ 63 और रन बना लेते हैं, तो वह गाबा के मैदान पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन जाएंगे। बता दें इससे पहले पंत ने 2021 में गाबा क्रिकेट ग्राउंड पर एक शानदार पारी खेली थी। उन्होंने 138 गेंद पर 89 रनों की पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई थी। ऐसे में एक बार फिर ऋषभ पंत से उम्मीद रहेगी कि तीसरे टेस्ट मैच में ऋषभ पंत एक बड़ी पारी खेलें। मोहम्मद सिराज के पास भी शानदार मौका इसके साथ ही 14 दिसंबर से खेले जाने वाले इस टेस्ट मैच में मोहम्मद सिराज के पास भी एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका रहेगा। मोहम्मद सिराज ने गाबा में अभी एक टेस्ट मैच खेला है। जिसकी दो पारियों में उन्होंने 6 विकेट अपने नाम किए है। मोहम्मद सिराज अगर तीन विकेट और अपने नाम कर लेते हैं, तो गाबा में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज बन जाएंगे। अभी यह रिकॉर्ड ईरापल्ली प्रसन्ना के नाम दर्ज है। उन्होंने दो मैच में कुल 8 विकेट अपने नाम किए थे।

रातापानी टाइगर रिजर्व के संरक्षण के लिए निकाली बाइक रैली, CM ने की शुरुआत, रणदीप हुड्डा भी रहे शामिल

Bike rally taken out for the conservation of Ratapani Tiger Reserve, CM started it, Randeep Hooda also participated रातापानी जंगल के संरक्षण के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत एक विशेष बाइक रैली का आयोजन किया गया। “विरासत से विकास” अभियान के अंतर्गत यह रैली कोलार रोड स्थित गोल जोड़ चौराहे से शुरू हुई। रैली में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ अभिनेता रणदीप हुड्डा ने भी भाग लिया और अभियान की सराहना की। अभियान के दौरान अभिनेता रणदीप हुड्डा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को उनके कार्यकाल के एक साल पूरे होने पर बधाई दी और कहा कि मैं कुरुक्षेत्र की धरती से आता हूं, जहां भगवान श्री कृष्ण ने अन्याय के खिलाफ संदेश दिया। आज मैं उस प्रदेश में हूं, जहां भगवान ने शिक्षा पाई और जहां जल, जंगल और गायों की सुरक्षा का संदेश दिया गया। रणदीप हुड्डा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि श्री कृष्ण के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने जो कार्य किए हैं, वह सराहनीय हैं। विशेषकर जंगलों और वन्य जीवों के संरक्षण के लिए उनकी प्रतिबद्धता प्रशंसा योग्य है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर वीर सावरकर की तारीफ करते हुए कहा कि वीर सावरकर को दो बार कालापानी की सजा हुई, लेकिन वे कभी नहीं झुके। उनका आदर्श आज भी हमें प्रेरणा देता है। रातापानी टाइगर रिजर्व से एक नई इबारत लिखी जाएगी, जहां टाइगर का संरक्षण किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा, “जंगल का राजा टाइगर ही होता है, क्योंकि टाइगर अपने पराक्रम से शिकार करता है। टाइगर रिजर्व की स्थापना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह न केवल प्रदेश के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस टाइगर रिजर्व के उद्घाटन के लिए बाइक रैली का आयोजन रोजगार और प्रदेश को गौरव देने का एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भोपाल और आसपास के क्षेत्र में भूगर्भीय परिवर्तन के कारण प्राचीन चित्रकला और अन्य ऐतिहासिक धरोहरें भी पाई जाती हैं। सीएम ने कहा कि भोपाल एक ऐसी राजधानी जिसके आंगन ने अपना टाइगर रिजर्व बना है।

कभी प्यासे रहे बुंदेलखंड में योगी सरकार के प्रयास से पेयजल की समस्या का समाधान हो गया

 लखनऊ/महाकुंभनगर  योगी सरकार महाकुंभ 2025 में ‘हर घर जल गांव’ बसाएगी। पेयजल का समाधान, मेरे गांव की पहचान थीम पर यह ‘गांव’ 40 हजार स्क्वायर फिट एरिया में बसेगा। इसमें एक तरफ जहां ‘जल जीवन मिशन’ बुंदेलखंड में हर घर तक नल से जल पहुंचाने की कहानी सुनाई जाएगी, वहीं दूसरी तरफ महाकुंभ में नए भारत के नए उत्तर प्रदेश के नए गांवों की सफलता की दास्तां से भी श्रद्धालु, पर्यटक व कल्पवासी परिचित होंगे। योगी सरकार के मार्गदर्शन में ग्रामीण जलापूर्ति व नमामि गंगे विभाग महाकुंभ में इसकी तैयारी कर रहा है। कभी प्यासे रहे बुंदेलखंड में योगी सरकार के प्रयास से पेयजल की समस्या का समाधान हो गया है। सफलता की इस कहानी को लेकर ‘पेयजल का समाधान, मेरे गांव की नई पहचान’ थीम पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी 5 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगी। 51 दिन तक चलने वाली प्रदर्शनी में अलग-अलग कार्यक्रम भी होंगे। प्रदर्शनी में बुंदेलखंड के ग्रामीण महिलाओं को मंच मुहैया कराया जाएगा, जिसमें वे बुंदेलखंड में बदलाव की कहानी बयां करेंगी। बांदा, झांसी, चित्रकूट के जिन गांवों में पानी न होने के कारण शादी नहीं हो पाती थी, वहां भी योगी सरकार ने ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल पहुंचाया। ललितपुर व महोबा के उन गांवों की महिलाएं, पानी ढोने के कारण जिनके सिर से बाल गायब हो गए थे। वे भी डबल इंजन सरकार के अतुलनीय कार्य को महाकुंभ में शुद्ध पानी से जीवन में आए बदलाव की कहानी को बयां करेंगी। ललितपुर से सटे मध्य प्रदेश के बॉर्डर के ‘बाल विहट’ गांव में एक ही कुआं था। इसमें सांप रहते थे, इसके बावजूद यहां के लोग कभी उसी कुएं का पानी पीते थे। मोदी-योगी सरकार ने इस गांव के लोगों को भी शुद्ध पेयजल पहुंचाया। यहां के ग्रामीण भी बदलाव की गाथा बयां करेंगे। महाकुंभ में देश के विभिन्न राज्यों व हिस्सों से श्रद्धालु, पर्यटक आएंगे। इसलिए प्रदर्शनी में हर जानकारी बहुआयामी भाषाओं में मिलेगी। यहां हिंदी, अंग्रेजी, बांग्ला, तेलगू और मराठी में लोग जल जीवन मिशन के माध्यम से बदले यूपी के बारे में अवगत हो सकेंगे। प्रदर्शनी में जल जीवन मिशन से विंध्य-बुंदेलखंड में आए बदलाव को लेकर सफलता की कहानी का भी संकलन पुस्तक के माध्यम से प्रदर्शित होगा। ग्रामीण जलापूर्ति व नमामि गंगे विभाग की तरफ से महाकुंभ में ‘जल मंदिर’ भी बनाया जाएगा। ‘जल मंदिर’ में भगवान शिव की जटा से गंगा धरती पर आएंगी। इसके जरिए संदेश दिया जाएगा कि जल प्रसाद है। जल जीवनदायी है। इसे बर्बाद न करें, बल्कि इसका संरक्षण करें। ‘जल मंदिर’ में सुबह-शाम जल आरती भी होगी। इस आरती में जल जीवन मिशन की गाथा, जल संरक्षण का संदेश भी होगा।

गत श्रावण मास में 1 करोड़ से अधिक संत-महंत-श्रध्दालुओं ने त्रिनेत्रधारी अवंतिकानाथ भगवान महाकाल के दर्शन किए

उज्जैन उज्जयिनी एक महान धार्मिक सांस्कृतिक, साहित्यिक, पौराणिक एवं ऐतिहासिक सिध्द नगरी है। पृथ्वी के नाभिस्थल पर स्थित होने से कुण्डलिनी शक्ति-जागरण के सुविज्ञ योगियों एवं आध्यात्मविदों के लिए यह सफलदायी महत्ती सिध्द भूमि है। यहां पर प्रत्येक 12वें वर्ष में सिंह राशि में गुरू के स्थित होने पर कुम्भ महापर्व का आयोजन सुदीर्घकाल से होता आ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव प्रदेश के साथ-साथ उज्जैन के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं और निरंतर विकास के कार्य कर रहे हैं। उज्जयिनी नगरी का विश्व प्रसिध्द बारह ज्योर्तिलिंगों में से एक दक्षिणमुखी भगवान महाकालेश्वर का मंदिर उज्जैन की जीवन शैली का केन्द्र बिन्दू है। अवंतिकानाथ भगवान महाकालेश्वर मंदिर में महाकाल महालोक बनने के बाद से देश-विदेश से श्रध्दालुओं का अधिकाधिक संख्या में आगमन हो रहा है और निरंतर श्रध्दालुओं की संख्या में वृध्दि हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव की मंशानुरूप भगवान महाकालेश्वर की श्रावण-भादौ मास की सवारियों व राजसी सवारी ने सम्पूर्ण भारतवर्ष का ध्यान आकर्षित किया। भगवान महाकालेश्वर का राजसी वैभव व ठाट-बाट देखने देश-विदेश से 1 करोड़ से अधिक श्रध्दालु सिर्फ श्रावण के एक माह में पधारें। मुख्यमंत्री डॉ.यादव के निर्देशानुसार इस वर्ष सवारी में आकर्षण का केन्द्र देश की विभिन्न जनजातिय दलों के कलाकारों द्वारा लोक नृत्यों की आकर्षक प्रस्तुतियां, पुलिस बैंड द्वारा मधुर धुन की सवारी मार्ग में प्रस्तुति, डमरूवादन का विश्व रिकॉर्ड व राजसी सवारी में भगवान महाकालेश्वर की पालकी रामघाट पहुंचने पर हेलीकाप्टर से पुष्पवर्षा रही। श्रावण मास 22 जुलाई 2024 से 19 अगस्त 2024 में 1 करोड़ से अधिक श्रध्दालुओं ने उज्जैन आकर भगवान महाकाल के देव दर्शन कर महाकाल महालोक को निहारा व सवारियों में सम्मिलित हुए। उज्जयिनी में दिन-प्रतिदिन श्रध्दालुओं की संख्या में वृध्दि होने से उज्जैन, मालवा क्षेत्र का प्रमुख पर्यटन, आर्थिक, सामाजिक केन्द्र बनकर उभरा है। व्यापार के क्षेत्र में बढ़ोतरी होने से नागरिकों को बहुआयामी रोजगार प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशानुरूप सम्राट विक्रमादित्य के समय का गौरव अवंतिका नगरी पुन: प्राप्त करें इसके लिए सम्पूर्ण भारतवर्ष के साधु-संत-महंत, विद्वानों, चिन्तकों, विचारकों, साहित्यकारों, अनुसंधानकर्ताओं का केन्द्र उज्जैन विभिन्न आयोजनों, सेमीनार, संगोष्ठी, महोत्सवों से सम्पूर्ण वर्ष रहा। क्षिप्रा नदी के पावन तट रामघाट पर चैत्र नवरात्रि गुडी पड़वा के अवसर पर “शिवज्योति अर्पणम” भव्य कार्यक्रम आयोजित कर दीप दान किया गया। विक्रमोत्सव व अखिल भारतीय कालिदास महोत्सव के अंतर्गत विविध सांस्कृतिक, साहित्यिक, धार्मिक व विज्ञान के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में देश-विदेश की महान विभूतियां पधारी और उज्जैन निरंतर वर्ष भर साहित्यकारों, विचारकों, चिंतकों और वैज्ञानिकों का केन्द्र बना रहा। 

वन भूमि पर अतिक्रमण हटाने गए वनकर्मियों पर हमला, पथराव में एक गंभीर घायल

Forest workers who went to remove encroachment on forest land attacked, one seriously injured in stone pelting खंडवा। गुड़ी वन परिक्षेत्र में हजारों हेक्टयर वनभूमि को कब्जा मुक्त करने के लिए वन विभाग की टीम जंगल में दो दिनों से कार्रवाई कर रही है। शुक्रवार सुबह सरमेश्वर वन परिक्षेत्र में नवाड़ की जमीन से कब्जा हटाने के लिए 46 वनकर्मियों का दल गया था। वनकर्मियों पर पथराव शुरू कर दियावन भूमि में प्रवेश रोकने के लिए खंती खोदने का कार्य पोकलेन मशीन से करवाया जा रहा था। इसी दौरान सुबह करीब साढ़े दस बजे अतिक्रमणकारियों ने वनकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले से वहां भगदड़ मच गई। पथराव में वन रक्षक संजय सिंह तोमर के सिर में पीछे की ओर पत्थर लगने से वह बेहोश हो गया। घटना में पांच-सात अन्य कर्मचारी भी घायल हुए हैं। गंभीर चोट लगने से वन रक्षक सिंह को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। बिना अनुमति के जुलूस, धरना व प्रदर्शन करने पर लगा प्रतिबंधखंडवा मेंअपर जिला दंडाधिकारी केआर बड़ोले ने जिले में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार सायबर अपराधों की घटनाओं को रोकने के लिए साइबर कैफे में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा। इसकी कम से कम एक महीने तक रिकार्डिंग सुरक्षित रखना होगी। इसकी जिम्मेदारी सायबर कैफे संचालक की होगी।सायबर कैफे में कार्यरत कर्मचारियों की पूरी जानकारी परिचय पत्र व फोटो सहित निकटतम पुलिस थाने में जमा कराना होगी। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित के विरुद्ध धारा 223 के तहत कार्यवाही की जाएगी।

मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 से 20 दिसंबर तक, वित्त मंत्री देवड़ा सत्र के दूसरे दिन अनुपूरक बजट पेश करेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 से 20 दिसंबर तक चलने वाला है. इसी सत्र के दौरान अनुपूरक बजट भी पेश किया जाएगा. मोहन कैबिनेट ने भी बजट को मंजूरी दे दी है. जिसके बाद वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा सत्र के दूसरे दिन ही मध्य प्रदेश का अनुपूरक बजट पेश करेंगे. इसके अलावा भी इस सत्र में मोहन सरकार से चार से पांच अहम प्रस्ताव भी ला सकती है, जिनकी सदन से मंजूरी मिल सकती है. बता दें कि इस बार विधानसभा के सत्र के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन मिलाकर 1700 से भी ज्यादा प्रश्न लगे हुए हैं. 17 दिसंबर को पेश होगा सप्लीमेंट्री बजट मोहन कैबिनेट ने हाल ही में हुई बैठक में सप्लीमेंट्री बजट को मंजूरी दे दी थी, जिसके बाद वित्तमंत्री और राज्य के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा अनुपूरक बजट पेश करेंगे. इस बार का सप्लीमेंट्री बजट 15 हजार करोड रुपए से ज्यादा होगा. 3 महीने के लिए योजनाओं को गति देने के लिए सरकार शीतकालीन सत्र में बजट पेश करेगी, जबकि साल 2025-26 में पूर्ण बजट पेश करने के लिए वित्त विभाग ने 15 जनवरी तक सभी विभागों से सुझाव मांगे हैं. पांच दिन का इस बार सत्र मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र इस बार पांच दिन तक चलेगा. जिसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है. वहीं कांग्रेस सत्र की अवधि बढ़ाए जाने की मांग कर रही है. इसके अलावा सदन में कई मुद्दों पर कांग्रेस और बीजेपी में तीखी बहस देखने को मिल सकती है. माना जा रहा है कि विधानसभा सत्र के दौरान सरकार तकरीबन 11 विधेयक लेकर आ सकती है, जिन पर चर्चा होगी. तीन नए विधायक लेंगे शपथ वहीं विधानसभा के शीतकालीन सत्र में तीन नए विधायक भी शपथ लेंगे, जिसमें अमरवाड़ा उपचुनाव में चुने गए बीजेपी के कमलेश शाह, बुधनी उपचुनाव में चुने गए बीजेपी के रमाकांत भार्गव और विजयपुर उपचुनाव में चुने गए कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर शपथ दिलाएंगे. 

संपदा 2.0 से कोई भी व्यक्ति अब घर बैठे निर्धारित दस्तावेजों का पंजीयन कर सकता है

संतोष मिश्रा भोपाल मध्यप्रदेश में विकसित की गई ई-पंजीयन एवं ई-मुद्रांक इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली का नवीन संस्करण 2.0 विकसित किया गया है। इससे नागरिकों को और बेहतर सुविधाएं प्रदान करने में मदद मिली है। संपदा 2.0 से कोई भी व्यक्ति अब घर बैठे निर्धारित दस्तावेजों का पंजीयन कर सकता है। इसके लिये विभागीय पोर्टल https://sampada.mpigr.gov.in पर कोई भी व्यक्ति स्वयं पंजीकृत होकर अपने दस्तावेज का पंजीयन अथवा ई-स्टाम्प जारी कर सकता है। राज्य सरकार ने इसकी प्रक्रिया को बहुत सरलीकृत कर दिया है। अब दस्तावेजों के पंजीयन के लिये कार्यालय आने अथवा सेवा प्रदाता की सेवाएं लेने की आवश्यकता नहीं रही है। संपदा 2.0 पोर्टल में पंजीयन कार्य करने वाले पक्षकारों की “आधार” बेस्ड ई-केवायसी होगा। इसमें पेन कार्ड का सत्पापन आयकर विभाग के इंटीग्रेटेड सिस्टम पर आधारित होगा। संपत्ति की पहचान यूनिक आईडी से की जा सकेगी। संपत्ति की जियो मैपिंग के आधार पर ही गाइडलाइन दर निर्धारित होगी। इस आधार पर स्वत: ही संपत्ति का मूल्यांकन हो जायेगा। इस सॉफ्टवेयर में ऑटोमेटिक प्रारूप आधारित लेखन की व्यवस्था की गई है। शुल्कों के भुगतान के लिये संपदा वॉलेट मौजूद है। समस्त भुगतान सायबर ट्रेजरी या संपदा वॉलेट से सिंगल क्लिक द्वारा किया जा सकता है। पोर्टल में दस्तावेजों के निष्पादन की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल हस्ताक्षर आधारित किया गया है। ई-हस्ताक्षर के साथ ऑटोमेटिकली पक्षकारों का फोटो अटैच होने संबंधित प्रबंध भी सॉफ्टवेयर में किया गया है। संपदा 2.0 में चयनित दस्तावेजों के लिये फेसलेस पंजीयन का विकल्प भी उपलब्ध है। इसमें पंजीयन कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं है। दस्तावेजों के इलेक्ट्रॉनिकली प्रेजेन्टेशन एवं वर्चुअल फाइनल करने की सुविधा के साथ कार्यवाही के प्रमाणीकरण के लिये ओटीपी की सुविधा भी दी गई है। इसमें पंजीयन, रिटर्न, रिफ्यूजल की सुविधा भी इलेक्ट्रॉनिकली उपलब्ध है। यह पक्षकारों को वीडियो केवायसी से पंजीयन सुविधा भी देता है। इसमें दोनों मोड (असिस्‍टेड एवं नॉन असिस्टेड) उपलब्ध है। पंजीकृत दस्तावेजों का केवल इलेक्ट्रॉनिक संस्करण ही संधारित किया जायेगा। संपदा 2.0 पोर्टल में पक्षकार स्वयं या सेवा प्रदाता के सहयोग से संपत्ति का पंजीयन कर सकता है। इसमें खरीदी या बेचे जाने वाली संपत्ति की पहचान संबंधित विभाग द्वारा प्रदत्त यूनिक आईडी तथा नक्शे पर चिन्हांकित संपत्ति से की जाती है। पक्षकारों की पहचान “आधार” बेस्ड ई-केवायसी से होती है। पोर्टल में चयनित दस्तावेज के आधार पर विलेख स्वत: तैयार होता है। विलेख के प्रारूप पर इलेक्ट्रॉनिकली सहमति के बाद शुल्क का ऑनलाइन भुगतान होता है। इसके बाद “आधार” बेस्ड ई-साईन या डिजिटल साइन के द्वारा ऑनलाइन ही दस्तावेजों का निष्पादन हो होता है। संपदा 2.0 पोर्टल में पंजीकरण के लिये 3 विकल्प (पारंपरिक रूप से कार्यालय में उपस्थित होकर, फेसलेस पंजीयन और रिमोट पंजीयन) उपलब्ध कराये गये है। पंजीयन के लिये सुविधा अनुसार कार्यालय में आने के लिये स्लॉट आरक्षित कर सकते है। फेसलेस और रिमोट पंजीयन में एआई आधारित वीडियो केवायसी से प्रत्येक पक्षकार की पहचान एवं लाइवलीनेस चेक किया जा सकता है। इसके द्वारा समस्त स्व-घोषणाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग होती है। इसमें भी नॉन असिस्टेड विकल्प की स्थिति में ऑनलाइन प्रेजेन्टेशन होता है। पंजीयन के लिये स्लॉट बुकिंग के लिये असिस्टेड विकल्प की स्थिति में वर्चुअल इंटरेक्शन के लिये स्लॉट आरक्षण की सुविधा उपलब्ध है। “लाभाथियों ने साझा किये अपने अनुभव” पंजीयन विभाग की संपदा 2.0 लागू होने के बाद विभिन्न जिलों के लाभार्थियों ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए इसे सुविधाजनक बताया है। गुना के विष्णु प्रसाद बशैंया ने अनुभव साझा किया कि पूरा काम ऑनलाइन और पहले से अधिक व्यवस्थित रूप से हुआ है। गुना की सुअंकिता ने बताया कि संपदा 2.0 से कम समय में बेहतर तरीके से काम हो जाना संभव हो गया है। मुझे तुरंत दस्तावेज मेरे मोबाइल पर प्राप्त हो गये है। इसी तरह का अनुभव रतलाम के राकेश पाटीदार का भी रहा। उन्होंने दुकान की रजिस्ट्री संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर से कराई जिसमें गवाह की आवश्यकता भी नही पड़ी और कोई परेशानी नहीं आई। साथ ही रजिस्ट्री भी मोबाइल पर हाथों हाथ प्राप्त हो गई।  

प्रदेश के शासकीय विभागों के लिए तकनीकी प्रगति का ऐसा सिस्टम विकसित किया है, जो पूरे देश के लिए एक मिसाल बन गया है

 सोनिया परिहार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में, आईटी और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में मध्यप्रदेश हर दिन नए आयाम स्थापित कर रहा है। आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करते हुए, प्रदेश ने अपने शासकीय विभागों और नागरिकों के लिए तकनीकी प्रगति और डिजिटल सुविधाओं का ऐसा सिस्टम विकसित किया है, जो पूरे देश के लिए एक मिसाल बन गया है। राज्य डिजिटल भारत के सपने को साकार करते हुये डिजिटल क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है। इसमें मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रोनिक विकास निगम (एमपीएसईडीसी) और मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (एमपीसीएसटी) अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। म.प्र. में विकसित सॉफ्टवेयर ने देश में बनाई पहचान मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एमपीएसईडीसी) की अगुवाई में प्रदेश ने डिजिटल प्रौद्योगिकी में कई उल्लेखनीय कदम उठाए हैं। संपदा 2.0 और साइबर तहसील जैसे प्लेटफॉर्म नागरिक सेवाओं को सरल बना रहे हैं और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की पहचान को भी मजबूत कर रहे हैं। संपदा 2.0 ने संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया को डिजिटल बनाकर ई-पंजीकरण, ई-स्टाम्प, स्टाम्प शुल्क की गणना और दस्तावेज़ खोज जैसे कार्यों को घर बैठे संभव बनाया गया है। साइबर तहसील ने राजस्व न्यायालयों की प्रक्रियाओं को पारदर्शी और सुव्यवस्थित करते हुए भ्रष्टाचार को कम करने और जनता को त्वरित सेवाएं प्रदान करने का सफल प्रयास किया गया है। निवेश और स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहन सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), सूचना प्रौद्योगिकी-सक्षम सेवाएँ (आईटीईएस), इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिज़ाइन और विनिर्माण (ईएसडीएम) और डेटा केंद्रों की परिवर्तनकारी क्षमता को स्वीकार करते हुए, राज्य में दूरदर्शी “आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम निवेश प्रोत्साहन नीति 2023” बनाई गई है। राज्य के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए यह नीति डिज़ाइन की गई है। जबलपुर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पॉलिसी के दिशा निर्देश लॉन्च किए थे। नीति में निवेशकों को वित्तीय और गैरवित्तीय सहायता प्रदान करने के प्रावधान किए गए है। सभी वित्तीय सहायता, आवश्यक अनुमतियाँ, अनुमोदनों, आवेदनों और किसी भी अन्य संबंधित प्रक्रियाओं के लिए पूर्ण रूप से डिजिटल सिंगल विंडो सिस्टम भी बनाया गया है। राज्य के युवाओं को स्वरोजगार के लिये प्रोत्साहित करने और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए स्टार्ट-अप नीति-2022 लागू है। राज्य में एवीजीसी नीति-2024 भी लागू की जा रही है, जिससे एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) क्षेत्र में नई संभावनाओं का द्वार खुला है। राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा आदि को ध्यान में रखते हुए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति 2024 भी तैयार की गई है। विकसित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर वर्तमान में प्रदेश में 2 हजार से अधिक आईटी/आईटीईएस एवं ईएसडीएम इकाइयां कार्यरत हैं, जिनमें एमपीएसईडीसी में पंजीकृत 650 इकाइयां हैं, जिन्हें राज्य की नीतियों का लाभ मिला है। इन इकाइयों का टर्न ओवर 10 हजार करोड़ रुपए प्रतिवर्ष से अधिक है। देश की 50 से अधिक बड़ी आईटी एवं आईटीईएस इकाइयां मध्यप्रदेश में स्थापित हैं। प्रदेश से हर वर्ष 500 मिलियन डॉलर का निर्यात आईटी से जुड़ी कंपनियों के माध्यम से होता है। राज्य में 5 आईटी स्पेशल इकोनॉमिक जोन हैं। राज्य सरकार द्वारा 15 आईटी पार्क बनाए गए हैं, जिनसे डेढ़ लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। राज्य में 1200 से अधिक तकनीकी स्टार्ट-अप स्थापित हैं, जिनमें से दो “नीव क्लाउड और शॉप किराना” यूनिकॉर्न कंपनी हैं। आईटी/आईटीएस/ईएसडीएम और डेटा सेंटर क्षेत्र में बढ़ता निवेश राज्य में निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव और इंटरैक्टिव सेशन में आईटी/आईटीएस/ईएसडीएम और डेटा सेंटर क्षेत्र में निवेशकों ने विशेष उत्साह दिखाया। इस क्षेत्र में निवेश से रोजगार से नए अवसर सृजित होंगे। सागर में 1700 करोड़ से अधिक निवेश से डेटा स्थापित किया जा रहा है। बेंगलुरु में आयोजित इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट के दौरान, एमपीएसईडीसी ने भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर संघ,, इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया, एसोसिएशन ऑफ जिओस्पेशल इंडस्ट्रीज और टाई ग्लोबल जैसे प्रमुख राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय उद्योग संघों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। जबलपुर, नर्मदापुरम, मुंबई, कोयंबटूर, बेंगलुरु में कई बड़ी कंपनियों से करोड़ों के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। यूके-जर्मनी से एसआरएएम-एमआरएएम ग्रुप द्वारा 25000 करोड़ रूपये निवेश से सेमी कंडक्टर और साइंस टेक्नोलॉजी पार्क विकसित करने का प्रस्ताव प्राप्त हुआ। जीआईएस तकनीक का बढ़ता उपयोग राज्य में जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) तकनीक का भी व्यापक उपयोग हो रहा है। 5G के लिए योजना, अनुमोदन और जीआईएस आधारित सेवाएं प्रदान करने के लिए “गति-शक्ति संचार पोर्टल” विकसित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी की आपूर्ति के लिए सर्वेक्षण, निगरानी और कार्यान्वयन के लिए “जल रेखा” जैसे पोर्टल कार्य कर रहे है। जीआईएस द्वारा तैयार किये गये लोकपथ मोबाइल ऐप और वेब एप्लिकेशन से पूरे राज्य में सड़कों से संबंधित शिकायतों को दर्ज करने एवं उनके निराकरण को मॉनिटर करने की सुविधा दी जा रही है। शोध और शिक्षा के क्षेत्र में नया अध्याय मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (एमपीसीएसटी) के अंतर्गत राज्य में विज्ञान और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उज्जैन तारामंडल में 3डी-4K प्रोजेक्शन सिस्टम का अपग्रेडेशन और वराह मिहिर खगोलीय वेधशाला डोंगला का ऑटोमेशन इस दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हैं। प्रशासनिक डिजिटलीकरण और पारदर्शिता सरकार ने ई-एचआरएमएस पोर्टल और अन्य डिजिटल मंचों के जरिए मानव संसाधन और सरकारी प्रक्रियाओं को डिजिटाइज्ड किया है। मुख्यमंत्री प्रगति पोर्टल ने विभिन्न योजनाओं और निर्माण कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग को सुगम बनाया है। आईटी क्षेत्र में विगत एक वर्ष में प्राप्त उपलब्धियों ने डिजिटल प्रौद्योगिकी से प्रशासनिक दक्षता बढ़ाई है और नागरिकों के जीवन को भी सरल और सुविधाजनक बनाया है। इन नवाचारों ने राज्य को आईटी निवेशकों के लिए एक आदर्श स्थान बना दिया है। प्रदेश डिजिटल भारत के सपने को साकार करते हुये वैश्विक आईटी मानचित्र पर अपनी अलग पहचान स्थापित कर रहा है।  

MP में जल्द ही एक और नई रेल लाइन पर भी काम शुरू होगा, नई रेल लाइन बुंदेलखंड और महाकौशल के बीच बिछाई जाएगी

भोपाल मध्य प्रदेश में जल्द ही एक और नई रेल लाइन पर भी काम शुरू हो सकता है. माना जा रहा है कि रेलवे मध्य प्रदेश को एक और नई रेल लाइन की सौगात दे सकता है. यह रेल लाइन मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड और महाकौशल के बीच बिछाई जाएगी, फिलहाल प्रदेश में इंदौर-मनमाड और बुधनी इंदौर रेलवे लाइन पर काम किया जा रहा है. वहीं केंद्रीय रेल मंत्री ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही मध्य प्रदेश को एक और रेल लाइन पर काम शुरू हो सकता है. सागर-करेली-छिंदवाड़ा के बीच बिछेगी रेल लाइन दरअसल, सागर-करेली-छिंदवाड़ा के बीच बिछाई जाने वाली बहुप्रतिक्षित रेल लाइन को लेकर केंद्रीय रेल मंत्री ने घोषणा की है इस प्रोजेक्ट के लिए जल्द ही डीपीआर के सर्वे को स्वीकृति दी जाने वाली है. जिससे अब क्षेत्र के लोगों को उम्मीद जगी है कि लंबे समय से हो रही इस रेल लाइन की मांग अब पूरी हो सकती है. क्योंकि डीपीआर सर्वे जल्द पूरा होने के बाद रेल मंत्रालय इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर सकता है. यह रेल लाइन तीन जिलों में बिछाई जाएगी, जिसमें सागर, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा जिला शामिल रहेगा. बता दें कि इसकी मांग कई बार उठ चुकी है, स्थानीय सांसद भी संसद में इस मांग को उठा चुके हैं. 120 किलोमीटर का सफर होगा कम सागर-करेली-छिंदवाड़ा के बीच रेल लाइन बिछाए जाने के बाद करीब 120 किलोमीटर का सफर कम हो जाएगा. जबकि तीन घंटे से भी ज्यादा समय की बचत होगी. बता दें कि हाल ही में संसद सत्र कै दौरान सागर की सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने इस रेल लाइन को बिछाने का प्रस्ताव रखा था. खास बात यह है कि इस रेल लाइन को भविष्य में सागर से ललितपुर तक ले जाने की तैयारी है. सांसद ने कहा यह रेल लाइन कृषि, व्यापार और पर्यटन के नजरिए से भी मध्य प्रदेश के लिए अहम साबित होगी. क्योंकि अब तक सागर और नरसिंहपुर जिले सीधे तौर पर सड़क मार्ग से जुड़े हैं, लेकिन रेल लाइन से जुड़ने के बाद महाकौशल और बुंदेलखंड क्षेत्रों में आर्थिक विकास और तेजी से होगा, जबकि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच परिवहन भी आसान होगा. इसके अलावा होशंगाबाद से सांसद दर्शन चौधरी और दमोह से सांसद राहुल सिंह लोधी और छिंदवाड़ा से सांसद विवेक बंटी साहू ने भी इसकी मांग की थी. ऐसे में माना जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट पर जल्द काम शुरू हो सकता है. 

मुख्यमंत्री मोहन यादव का निवेश पर फोकस- 6 रीजनल इंडस्ट्रियल सम्मिट में करीब 3 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव

भोपाल मध्य प्रदेश की मोहन सरकार को आज  13 दिसंबर को एक साल पूरा हो रहा है. सरकार का फोकस समर्पण, सेवा, सुशासन, संस्कृति, त्योहार पर रहेगा. सीएम यादव घोषणापत्र में किए वादे भी बताएं. जानें सीएम मोहन यादव के 12 बड़े फैसले     निवेश पर फोकस- 6 रीजनल इंडस्ट्रियल सम्मिट में करीब 3 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव     स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े कदम- एमपी में 30 मेडिकल कॉलेज, जल्द संख्या 50 होगी     संस्कृति और धर्म से जोड़ा- जन्माष्टमी, गीता जयंती , गोवर्धन पूजा जैसे त्यौहार सरकार ने धूमधाम से मनाए     पर्यावरण के लिए- तेज लाउड स्पीकर, खुले में मांस की बिक्री पर रोक     हरे भरे होंगे खेत खलिहान- बुंदेलखंड क्षेत्र की केन-बेतवा वृहद परियोजना और पार्वती- कालीसिंध-चंबल परियोजना मंजूर     महिला सशक्तिकरण- मध्य प्रदेश में सिविल सेवाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत की जगह 35 प्रतिशत पदों पर आरक्षण मिलेगा     युवाओं को रोजगार- प्रदेश में जल्द अलग-अलग विभागों में करीब एक लाख सरकारी पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी, तैयारी पूरी हो चुकी है     दिग्गजों से तालमेल- सीएम बनने के बाद प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय जैसे केंद्र की राजनीति करने वाले दिग्गज सरकार में मंत्री बने, मोहन यादव ने तालमेल बैठाया     सियासत में भी 100% रिजल्ट- 2023 में सरकार बनने के बाद सीएम मोहन के सामने सबसे बड़ी चुनौती 2024 का लोकसभा चुनाव था, सभी 29 सीट जीती     उपचुनाव में परचम लहराया- डॉ मोहन यादव के सीएम बनने के बाद 3 उपचुनाव हुए बुधनी और अमरवाड़ा बीजेपी तो विजयपुर कांग्रेस जीती     महाराष्ट्र-हरियाणा में भी जलवा- मोहन यादव ने जिन 5 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार किया, उनमें से चार सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की     अफसरशाही पर सख्ती- लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिला तत्काल एक्शन- गुना हादसे के बाद कलेक्टर, एसपी बदले, शाजापुर कलेक्टर को विवादित बयान के बाद हटाया

पुलिस आयुक्त ने सभी थानों के चार पहिया वाहनों पर ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए

इंदौर रात्रि गश्त और क्षेत्र में भ्रमण का बोलकर होटल या अपने ठिकानों पर जाने वाले पुलिसकर्मियों की निगरानी शुरू हो गई है। पुलिस आयुक्त ने सभी थानों के चार पहिया वाहनों पर ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लगाने के निर्देश दिए है। जोन-2 के छह वाहनों पर इसका ट्रायल चल रहा है। डीसीपी जोन-2 अभिनय विश्वकर्मा के मुताबिक जीपीएस का उद्देश्य गश्त को ज्यादा प्रभावी बनाना है। कईं बार पुलिसकर्मी क्षेत्र में भ्रमण करने में लापरवाही करते है। एक स्थान पर घंटों खड़ी रहती है गाड़ी कईं बार एक ही स्थान पर घंटों तक गाड़ी खड़ी रहती है। जीपीएस से डेशबोर्ड पर गाड़ी की लोकेशन देखी जाएगी। गश्त करने वाला पुलिस अधिकारी कहां-कहां गया इसकी पूरी रिपोर्ट अफसरों को मिलेगी। गाड़ी कितने किलोमीटर और कितने समय चली इसका ब्योरा भी मिलेगा। गश्त करने का दावा किया जाता है इससे गड़बड़ी करने वाले पुलिसकर्मियों को चिह्नित करने में सुविधा होगी। डीसीपी के मुताबिक कईं बार वारदात होने पर पुलिसकर्मियों द्वारा विधिवत गश्त करने का दावा किया जाता है। जीपीएस के माध्यम से फ्लैश बैक में जाकर गश्त करने वाले वाहन की लोकेशन निकाल सकते हैं। 6 वाहनों पर प्रयोग शुरू ट्रायल के तौर पर छह वाहनों पर प्रयोग शुरू किया है। इस दौरान कुछ वाहन दूसरे थाना क्षेत्र में जाना पाए गए है। पुलिसकर्मियों द्वारा बताया गया कि वो गश्त के दौरान मुलजिमों को ढूंढने गए थे। पुलिसकर्मियों पर एआई से निगरानी कर रहे डीसीपी डीसीपी के मुताबिक इसके पूर्व जोन-2 में एआई के माध्यम से पुलिसकर्मियों की निगरानी की जा रही है। रात्रि गश्त करने वाले पुलिसकर्मियों से फोटो सहित लोकेशन ली जाती है। इससे पुलिसकर्मी की उपस्थिति सुनिश्चित होती है। गश्त में गलत लोकेशन देने वाले पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर लिया जाता है।

सांसद लालवानी ने इंदौर एयरपोर्ट को आगामी 25 सालों को ध्यान में रखकर विकसित करने की योजना भी केंद्रीय मंत्री नायडू से साझा की

इंदौर इंदौर एयरपोर्ट को नई सुविधाएं मिलने वाली है, जिसके बाद हवाई सफर बेहतर और ज्यादा सुरक्षित होगा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापू राममोहन नायडू इंदौर में कई सुविधाओं का लोकार्पण करेंगे। इसमें नया फायर स्टेशन एयर ट्रैफिक कंट्रोल प्रमुख है। केंद्रीय मंत्री नायडू के इंदौर आगमन की संभावित तारीख 22 दिसंबर है। नागरिक उड्डयन मंत्री नायडू से मुलाकात कर उन्हें इंदौर आने का न्योता दिया दरअसल, इंदौर सांसद शंकर लालवानी ने नागरिक उड्डयन मंत्री नायडू से मुलाकात कर उन्हें इंदौर आने का न्योता दिया है, जिसे केंद्रीय मंत्री नायडू ने स्वीकार किया। साथ ही सांसद लालवानी ने इंदौर एयरपोर्ट को आगामी 25 सालों को ध्यान में रखकर विकसित करने की योजना भी केंद्रीय मंत्री नायडू से साझा की। केंद्रीय मंत्री ने इंदौर में हवाई सुविधाएं बढ़ाने का भरोसा दिलाया सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्री नायडू से इंदौर आने का अनुरोध किया था जिस मंत्री नायडू ने सहर्ष स्वीकार किया है। लगातार विकसित होते इंदौर एवं आगामी सिंहस्थ को ध्यान में रखकर एयरपोर्ट के विकास के लिए एक प्लान भी साझा किया है, जिस पर मंत्री नायडू ने विस्तार से बात को सुना है और इंदौर में हवाई सुविधाएं बढ़ाने का भरोसा दिलाया। इंदौर को नई सौगातें मिलने का रास्ता खुल सकता है इससे पहले सांसद लालवानी ने केंद्रीय मंत्री नायडू से मुलाकात कर नए टर्मिनल भवन, टैक्सी बे बनाने तथा इंदौर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा दिलाने की भी मांग की थी। नागरिक उड्डयन मंत्री मंत्री नायडू के इंदौर प्रवास के दौरान इन विषयों पर भी विस्तार से चर्चा होगी और इंदौर को नई सौगातें मिलने का रास्ता खुल सकता है।  

फिर सामने आई स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही: नसबंदी शिविर में ऑपरेशन के बाद महिलाओं को जमीन पर लिटाया, बेड के बजाय दिए टेंट के गद्दे

Negligence of health department: Women made to lie on the ground after sterilization operation सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले से एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। नसबंदी शिविर में पहुंची महिलाओं को ऑपरेशन के बाद जमीन पर लिटाया गया। ठंड और ठिठुरन के बावजूद महिलाओं को बेड के बजाय टेंट हाउस से मंगाए गए गद्दों पर जमीन पर लिटाया। जिले में स्वास्थ्य विभाग की बदहाल व्यवस्था फिर उजागर हुई है। नसबंदी शिविर में बड़ी संख्या में महिलाएं ऑपरेशन के लिए पहुंची थी। जो ऑपरेशन के बाद जमीन पर लेटी नजर आईं। यह व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है। शिविरों में महिलाओं के लिए बेड का कोई इंतजाम नहीं किया गया। ठंड के मौसम में इस तरह की लापरवाही महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है। बतादें कि, स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऑपरेशन के बाद महिलाओं को जमीन पर लिटाने की तस्वीर पहले भी सामने आ चुकी है। इस बार फिर यहां एक-दो महिलाएं नहीं बल्कि कई महिलाएं जमीन पर लेटी नजर आई। वहीं मामले को लेकर प्रभारी एडीएम ने स्थिति का संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था में जल्द सुधार किया जाएगा।

एमपी गजब: अभी तक आपने देखा पुरूष नसबंदी एवं महिला नसबंदी , अब प्रदेश में कुत्ता नसबंदी एवं टीकाकरण अभियान शुरू, टेंडर जारी किया

MP Ghazab: Till now you have seen male sterilization and female sterilization, now dog sterilization and vaccination campaign started in the state, tender issued. दमोह ! दरअसल, शहर में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ने से इनके काटने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 15 लोग रेबीज के इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा, नगर पालिका के पास भी आवारा कुत्तों को पकड़ने की शिकायतें आ रही हैं। लेकिन, पर्याप्त अमला और संसाधन न होने के कारण अब नसबंदी और टीकाकरण कराने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए नगर पालिका ने टेंडर जारी कर दिया है। शहर में आवारा कुत्तों से निजात दिलाने के लिए नगर पालिका 20 लाख रुपये खर्च करेगी। इससे शहरभर में आवारा कुत्तों का बधियाकरण किया जाएगा। बधियाकरण के बाद टैगिंग कर कुत्तों को छोड़ दिया जाएगा। पागल कुत्ते को पकड़ने के लिए नहीं हैं संसाधननगर पालिका अधिकारियों के अनुसार, शहर में यदि कोई कुत्ता पागल हो जाता है और लोग उसे पकड़ने की शिकायत दर्ज कराते हैं, तो नगर पालिका के पास प्रशिक्षित अमला नहीं है। न ही पर्याप्त संसाधन हैं, जिससे पागल कुत्ते को पकड़कर उसका इलाज कराया जा सके। हर दिन किसी न किसी वार्ड से आवारा कुत्तों को लेकर शिकायत आती है। इस स्थिति में आवारा कुत्तों से निजात के लिए अब नगर पालिका बधियाकरण कराने जा रही है। टेंडर जारी करने के बाद अब एजेंसियों का इंतजार किया जा रहा है। एजेंसियां आते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। एजेंसी को हायर करने के बाद कुत्तों को पकड़ा जाएगा। इसके बाद बधियाकरण करके टैगिंग कर दी जाएगी, जिससे इन कुत्तों की पहचान हो सके। लाइसेंसी एजेंसी को दिया जाएगा कामनगर पालिका दमोह के स्वास्थ्य अधिकारी जितेंद्र पटेल ने बताया कि आवारा कुत्तों से निजात के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। एक माह की समय सीमा तय की गई है, जिसमें एजेंसियां शामिल होंगी। लाइसेंसी एजेंसी को ही काम दिया जाएगा, जो कुत्तों का बधियाकरण करेगी और सुरक्षित तरीके से कार्य सुनिश्चित किया जाएगा।

बैतूल उपचुनाव में भाजपा को झटका, भाजपा पार्षद के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट पर कांग्रेस की जीत

Shock to BJP in Betul by-election, Congress wins on the seat vacant after resignation of BJP councilor. बैतूल ! जिले के सारणी नगर पालिका परिषद के वार्ड नंबर 33 के लिए हुए उपचुनाव में भाजपा को बड़ा झटका लगा है. पार्षद पद के लिए उपचुनाव की गुरुवार को मतगणना हुई. कांग्रेस प्रत्याशी रेखा भलावी ने भाजपा प्रत्याशी को 160 वोटों से हराया. भाजपा पार्षद के इस्तीफा के बाद खाली हुई सीट पर 9 दिसंबर को हुए मतदान की धीमी गति और मतदाताओं की चुनाव में कम रुचि से ही स्पष्ट हो गया था कि परिणाम आश्चर्य में डालने वाले होंगे और हुआ भी कुछ ऐसा ही. कांग्रेस प्रत्याशी ने 160 वोटों से जीता उपचुनाव 12 दिसंबर को आए चुनावी परिणाम ने सबको चौंका दिया. हालांकि कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी पहले से ही अपनी प्रत्याशी की जीत का दम भर थे और हुआ भी कुछ ऐसा ही. कांग्रेस प्रत्याशी रेखा भलावी ने यह उपचुनाव 160 मतों से जीत लिया है. निर्वाचन प्रमाण पत्र लेकर समर्थकों के साथ जैसे ही रेखा भलावी मतगणना स्थल से बाहर निकली वैसे ही कांग्रेसियों ने जमकर जश्न मनाया. 32.5 प्रतिशत हुआ था मतदान नगर पालिका परिषद सारणी के लिए हुए उपचुनाव में शायद यह पहला अवसर है, जब जागरूकता के बावजूद इतना कम मतदान हुआ है. जबकि उपचुनाव को लेकर प्रत्याशियों और प्रशासन में उत्साह था. बावजूद इसके 2166 मतदाताओं में से महज 704 मतदाताओं ने ही मतदान किया था. महज 32.5 प्रतिशत मतदान से प्रशासन भी चिंतित था. प्रशासन को इतनी कम वोटिंग की उम्मीद नहीं थी. भाजपा को दोनों बूथ पर मिली करारी शिकस्त भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी जगदीश नगदे को कांग्रेस प्रत्याशी रेखा भलावी ने दोनों बूथों पर करारी शिकस्त दी है. बूथ क्रमांक 64 पर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में जहां 140 मत पड़े. वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में 183 मत पड़े. जबकि निर्दलीय प्रत्याशी शोभा जगदेव को 69 वोट मिले. इसी तरह मतदान केंद्र क्रमांक 65 पर भाजपा प्रत्याशी को जहां 83 वोट मिले. वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में 200 मत गिरे, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी को महज 29 वोट ही मिले. शिक्षिका बनने पर पार्षद पद से दिया था इस्तीफा नगर पालिका परिषद सारणी के वार्ड नंबर 33 की भाजपा पार्षद संगीता सूर्यवंशी का शिक्षा विभाग में चयन होने पर उन्होंने पार्षद पद से इस्तीफा दिया था. इसके बाद से वार्ड में पार्षद पद के लिए उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई थी. भाजपा ने जहां उपचुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी. वहीं कांग्रेस ने इस मौके को भुनाने में कोई गलती नहीं की. रिटर्निंग ऑफिसर डॉ. अभिजीत सिंह ने बताया कि, ”उपचुनाव की मतगणना संपन्न हो गई है. कांग्रेस प्रत्याशी रेखा भलावी 160 वोटों से जीती हैं. उन्हें निर्वाचन प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है.”

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