LATEST NEWS

श्रीमती रूणा गुप्ता ने बिहान योजना का लाभ उठाते हुए डेयरी व्यवसाय शुरू किया

रायपुर केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बगीचा ब्लॉक के ग्राम झिक्की की रहने वाली श्रीमती रूणा गुप्ता इसका उत्कृष्ट उदाहरण हैं। बिहान योजना और मुद्रा लोन का लाभ उठाते हुए, उन्होंने डेयरी व्यवसाय शुरू किया और आज वह लखपति दीदी बनकर गांव की महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई हैं। सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाली श्रीमती रूणा का सपना था कि वह अपने पैरों पर खड़ी होकर अपने परिवार का सहारा बनें। अपने इस सपने को साकार करने के लिए उन्होंने बिहान योजना के तहत साई स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपना सफर शुरू किया। समूह के माध्यम से उन्हें अब तक बैंक से 4.50 लाख रुपए का सहयोग मिला, जिससे उन्होंने दो साहीवाल और एक एच.एफ नस्ल की गाय खरीदी और डेयरी व्यवसाय की शुरुआत की। डेयरी व्यवसाय से मुनाफा कमाने के बाद श्रीमती रूणा ने मुद्रा लोन के तहत एक लाख रुपए का लोन लेकर एच.एफ नस्ल की एक और गाय खरीदी। वर्तमान में उनके पास चार गायें हैं, जिनसे प्रतिदिन 22 लीटर दूध का उत्पादन होता है। दूध के साथ-साथ दही और पनीर बनाकर विक्रय करने से उन्हें हर माह लगभग 24 हजार रुपए की आय हो रही है। गायों के चारा, देखभाल और लोन चुकाने के बाद भी वह हर महीने 9 हजार रुपए का शुद्ध लाभ कमा रही हैं। डेयरी व्यवसाय से मिले अनुभवों का उपयोग करते हुए श्रीमती रूणा अब पशु क्रेडिट का कार्य भी कर रही हैं। वह बीमार गायों की देखभाल, इलाज और टीकाकरण का काम करती हैं, जिससे उन्हें हर माह अतिरिक्त 2 हजार रुपए की आमदनी हो जाती है। श्रीमती रूणा अपने इस सफर को बेहद खास मानती हैं। उन्होंने बताया कि इस आय से वह अपने बच्चों की पढ़ाई और परिवार की जरूरतों को पूरा कर रही हैं। खेती में भी उनका योगदान है। इसके साथ ही वह अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही हैं। श्रीमती रूणा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बिहान योजना और सरकार की अन्य योजनाओं की मदद से ही वह आज इस मुकाम पर पहुंच पाई हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें महतारी वंदना योजना का भी लाभ मिला है। श्रीमती रूणा गुप्ता का यह सफर गांव की महिलाओं के लिए एक प्रेरणादायक कहानी है, मेहनत और सही मार्गदर्शन से कोई भी व्यक्ति आत्मनिर्भर बन सकता है।

महतारी वंदन योजना ने महिलाओं को न केवल आर्थिक संबल प्रदान किया

रायपुर महतारी वंदन योजना ने वनांचल क्षेत्र की महिलाओं के जीवन में आशा की एक नई किरण जगाई है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की कमी और सीमित संसाधनों के कारण जीवन यापन करना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। इस योजना ने महिलाओं को न केवल आर्थिक संबल प्रदान किया, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाने में मदद की है। कोरबा जिले के बोड़ानाला गांव की निवासी सुखमत मंझवार का जीवन कभी अभाव और संघर्ष से भरा हुआ था। उनके गांव की खेती योग्य जमीन डुबान में चली गई थी, जिससे परिवार के पास आय का कोई स्थिर स्रोत नहीं था। उनके पति मजदूरी कर परिवार का गुजारा करते थे, लेकिन दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करना मुश्किल था। महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता ने सुखमत के जीवन में एक सकारात्मक बदलाव लाया। इस योजना से प्राप्त राशि ने न केवल उनके घरेलू खर्चों को आसान बनाया, बल्कि उनके परिवार को भी आत्मनिर्भर बनने में मदद की। सुखमत ने साझा किया कि अब वह अपने परिवार की जरूरतों को आसानी से पूरा कर पा रही हैं और किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। बोड़ानाला की ही रहने वाली राजकुमारी मंझवार ने भी इस योजना के लाभ से अपने जीवन को सशक्त बनाया है। उन्होंने बताया कि हर माह मिलने वाली 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता से वह अपने दैनिक खर्चों को आसानी से पूरा कर लेती हैं। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है, और अब उन्हें मुश्किल समय में किसी से मदद मांगने की आवश्यकता नहीं पड़ती। महतारी वंदन योजना ने न केवल आर्थिक रूप से, बल्कि मानसिक रूप से भी महिलाओं को मजबूत बनाया है। इस योजना ने वनांचल क्षेत्र की महिलाओं को अपनी और अपने परिवार की खुशहाली सुनिश्चित करने में सक्षम बनाया है। यह पहल उनके जीवन में एक नई दिशा और उजाला लेकर आई है, जिससे उनका भविष्य बेहतर और सशक्त हो रहा है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों की महिलाओं को वित्तीय सहारा देकर उनके जीवन स्तर को सुधारना और आत्मनिर्भर बनाना है। महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में मददगार साबित हो रही है।

कैसे हैं आपके प्रदेश के मुख्यमंत्री; किस पर कितने हैं केस दर्ज, कितनी है संपत्ति

how chief minister of your state how many cases registered against whom how much property there भारत के राजनीति में मुख्यमंत्री की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। वे न केवल राज्य के सबसे प्रभावशाली नेता होते हैं, बल्कि उनके खिलाफ चल रहे मामलों और उनकी संपत्ति भी चर्चा का विषय बनते हैं। how chief minister of your state हाल ही में लोकतांत्रिक सुधार संघ (ADR) और राष्ट्रीय चुनाव निगरानी (NEW) ने देशभर के 31 मुख्यमंत्रियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों और उनकी संपत्ति का विश्लेषण किया है। इस रिपोर्ट में यह सामने आया है कि कई मुख्यमंत्री गंभीर आपराधिक मामलों में घिरे हुए हैं, जबकि कुछ अपनी संपत्ति के मामले में काफी संपन्न हैं। क्या आपके राज्य के मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई आपराधिक मामले दर्ज हैं? भारत में 31 मुख्यमंत्रियों में से 13 (42%) के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से 10 (32%) मुख्यमंत्रियों पर गंभीर आपराधिक मामले हैं। यह आंकड़े यह दर्शाते हैं कि भारतीय राजनीति में कई मुख्यमंत्री ऐसे हैं जिनके खिलाफ आपराधिक मामले हैं, फिर भी वे सत्ता में बने रहते हैं। किन मुख्यमंत्रियों के खिलाफ कितने गंभीर आरोप हैं? तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंथ रेड्डी: इनके खिलाफ कुल 89 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 72 गंभीर आपराधिक मामले हैं। ये मामले भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत दर्ज किए गए हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन: इनके खिलाफ 47 मामले हैं, जिनमें से 11 गंभीर आपराधिक मामले हैं। आरोपों में भ्रष्टाचार और जमीन कब्जाने के मामले शामिल हैं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू: इन पर कुल 19 मामले हैं, जिनमें 32 गंभीर IPC मामले हैं। भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते नायडू अक्सर विवादों में रहते हैं। कर्नाटका के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया: इन पर 13 मामले हैं, जिनमें 6 गंभीर IPC मामले शामिल हैं। भारत के मुख्यमंत्रियों की संपत्ति कितनी है? भारत के 31 मुख्यमंत्रियों की औसत संपत्ति 52.59 करोड़ रुपये है। कुछ मुख्यमंत्री अरबों की संपत्ति के मालिक भी हैं। चंद्रबाबू नायडू (आंध्र प्रदेश): उनकी संपत्ति 931.83 करोड़ रुपये है।-पेमा खांडू (अरुणाचल प्रदेश): उनकी संपत्ति 332 करोड़ रुपये से अधिक है।सिद्धारमैया (कर्नाटका): उनकी संपत्ति 51 करोड़ रुपये से अधिक है। क्या मुख्यमंत्री की संपत्ति आम नागरिक से कहीं अधिक होती है?मुख्यमंत्री की संपत्ति और आय आम नागरिक की तुलना में काफी अधिक होती है। उदाहरण के लिए, भारत में औसत राष्ट्रीय आय लगभग 1.85 लाख रुपये सालाना है, जबकि मुख्यमंत्री की औसत आय 13.64 लाख रुपये सालाना होती है, यानी उनकी आय लगभग सात गुना अधिक होती है। क्या मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई फाइनैंशियल स्कैंडल या कर्ज है? कुछ मुख्यमंत्री ऐसे हैं जिनके पास बड़ी संपत्ति के साथ-साथ कर्ज भी है। उदाहरण के लिए: पेमा खांडू (अरुणाचल प्रदेश): उनकी संपत्ति 332.56 करोड़ रुपये है, लेकिन उन्होंने 180.28 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। सिद्धारमैया (कर्नाटका): उनकी संपत्ति 51.94 करोड़ रुपये है, और उन्होंने 23.77 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। चंद्रबाबू नायडू (आंध्र प्रदेश): उनकी संपत्ति 931.83 करोड़ रुपये है, लेकिन उन्होंने 10.32 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। भारत में कितनी महिला मुख्यमंत्री हैं? भारत में महिला मुख्यमंत्री की संख्या बहुत कम है। रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मुख्यमंत्रियों में से सिर्फ 2 महिला मुख्यमंत्री हैं, जो केवल 6% हैं। यह आंकड़ा भारतीय राजनीति में महिला नेतृत्व की कमी को दर्शाता है। भारत के मुख्यमंत्रियों की संपत्ति और उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले दर्शाते हैं कि राजनीति में बहुत सी जटिलताएँ होती हैं। हालांकि कुछ मुख्यमंत्री अपनी संपत्ति और पारदर्शिता के मामले में काफी अग्रणी हैं, वहीं कई ऐसे भी हैं जिनके खिलाफ गंभीर आरोप हैं।

राजनांदगांव जिले में 9.72 करोड़ से 324 केज इकाइयां स्थापित

रायपुर राजनांदगांव जिले के बंद पड़ी खदानों को आजीविका के लिए उपयोगी बनाते हुए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत केज कल्चर तकनीक से मछली पालन का कार्य तेजी से लोकप्रिय और फायदेमंद साबित हो रहा है। यह नवाचार न केवल मत्स्य पालकों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हुआ है, बल्कि 150 से अधिक स्थानीय बेरोजगार युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार का नया जरिया भी बन गया है। जिले के ग्राम जोरातराई में बंद पड़ी खदानों को जलस्रोत के रूप में उपयोग करते हुए 9.72 करोड़ रुपए की लागत से 18 इकाइयों में कुल 324 केज लगाए गए हैं। प्रत्येक केज इकाई की लागत 3 लाख रुपए है, जिसमें से 60 प्रतिशत अनुदान के रूप में 5.83 करोड़ रुपए की राशि प्रदान की गई है। केज कल्चर, जिसे नेट पेन कल्चर भी कहा जाता है, जलाशय में फ्लोटिंग केज यूनिट स्थापित करने की एक आधुनिक तकनीक है। इसमें एक केज यूनिट में चार बाड़े होते हैं, जहां उंगली के आकार की मछलियों को पाला जाता है, जो  पांच माह में लगभग एक से सवा किलो वजन की हो जाती है। इस तकनीक में तिलापिया और पंगेसियस जैसी मछलियों का पालन किया जा रहा है। प्रत्येक केज से 2.5 से 3 टन तक मछली उत्पादन होता है, जिससे 6 से 8 हजार रुपए की मासिक आमदनी होती है। ग्राम मुढ़ीपार स्टेशन पारा की श्रीमती पूर्णिमा साहू ने बताया कि जय मां संतोष महिला स्वसहायता समूह के माध्यम से केज कल्चर तकनीक से जुड़ने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। समूह की महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार प्रकट किया है। जोरातराई की खदानों में 8 लाख से अधिक मछलियां पाली जा रही हैं। यह तकनीक न केवल मछलियों की तेज वृद्धि और स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त है, बल्कि संक्रमण का खतरा भी कम रहता है। मत्स्यपालक अपनी जरूरत के अनुसार केज से मछलियां निकाल सकते हैं। राज्य सरकार की इस पहल ने बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को रोजगार के साधन उपलब्ध कराए हैं। मत्स्य पालन की इस नवीन तकनीक से अब ताजी और स्थानीय मछलियां बाजार में उपलब्ध हो रही हैं। केज कल्चर तकनीक ने जिले में मछली उत्पादन के नए आयाम स्थापित किए हैं। जलाशयों और बंद खदानों के जलस्रोतों का यह उपयोग स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के व्यापक मूल्य को मापकर छत्तीसगढ़ के सतत विकास में रेखांकित किया जाएगा

रायपुर वन पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं को ग्रीन जीडीपी के साथ जोड़ने की पहल शुरू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है।  इस पहल  के द्वारा पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के व्यापक मूल्य को मापकर छत्तीसगढ़ के सतत विकास में रेखांकित किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 विज़न और सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप विज़न डॉक्यूमेंट तैयार कर रही है, जिसमें वन विभाग द्वारा संचालित पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के मूल्यांकन की अवधारणा सम्मिलित की गई है। यह समग्र दृष्टिकोण राज्य में पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक प्रगति के बीच संतुलन बनाए रखने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए सतत और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित हो सके। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं का मूल्यांकन न केवल बजटीय योजना को अधिक सुव्यवस्थित बनाएगा, बल्कि भविष्य की रणनीतियों को दिशा प्रदान करेगा, धन आवंटन को अधिक प्रभावी बनाएगा और वानिकी विकास के प्रयासों को सशक्त करेगा। यह प्रक्रिया सतत विकास और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य मे संयुक्त वन प्रबंधन कार्यक्रम ने स्थानीय समुदायों को और अधिक सशक्त बनाया है। गुरु घासीदास, कांगेर घाटी और इंद्रावती जैसे राष्ट्रीय उद्यानों के साथ, छत्तीसगढ़ में प्रकृति आधारित पर्यटन के लिए असीम संभावनाएं हैं। स्थानीय निवासियों को जंगल सफारी, नेचर ट्रेल्स और इको-कैंपिंग जैसी सुविधाओं के प्रबंधन में सक्रिय रूप से शामिल किया जा रहा है, जिससे न केवल सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिला है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी सशक्त किया गया है। छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत भू-भाग वन क्षेत्र से आच्छादित है। यह राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत आधार हैं और लाखों लोगों की आजीविका में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये वन विभिन्न प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ प्रदान करते हैं। वनों से प्राप्त होने वाले अन्य महत्वपूर्ण अमूर्त लाभ अक्सर उपेक्षित रहते हैं और उनका उचित मूल्यांकन नहीं हो पाता। इनमें जलवायु संतुलन बनाए रखने के लिए कार्बन अवशोषण, कृषि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण परागण, पोषक तत्वों का चक्रण, मृदा उर्वरता में सुधार और जैव विविधता संरक्षण जैसी सेवाएं शामिल हैं। वनों का बाढ़ और रोग नियंत्रण, जल प्रवाह का प्रबंधन और वेक्टर जनित रोगों के जोखिम को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके अतिरिक्त, वनों से जल पुनर्भरण और शुद्धिकरण होता है, शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान कर वायु गुणवत्ता में सुधार होता है, और सुंदर प्राकृतिक दृश्य तथा जैव विविधता-समृद्ध क्षेत्रों के माध्यम से मनोरंजन के साथ-साथ भावनात्मक संतुष्टि भी प्रदान होती है। इन वनों का गहरा आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व भी है, क्योंकि पवित्र स्थलों और देवगुड़ी जैसे क्षेत्रों के माध्यम से ये आदिवासी विरासत और परंपराओं को संरक्षित रखते हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के वन अनेक नदियों का उद्गम स्थल हैं, जो सतत जल प्रवाह, जलग्रहण क्षेत्र संरक्षण और कृषि तथा आजीविका के लिए आवश्यक जैविक पदार्थ से मृदा को समृद्ध करने में सहायक हैं। इन प्रत्यक्ष लाभों का राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पर व्यापक आर्थिक प्रभाव पड़ता है। ये सभी लाभ ग्रामीण उद्योगों और आजीविका को प्रोत्साहित करते हैं और राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं।

अटल परिसरों और नालंदा परिसरों के काम में तेजी लाने और उत्कृष्ट निर्माण के निर्देश:अरुण साव

रायपुर : साफ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाएं छत्तीसगढ़ के शहरों को: अरुण साव साफ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाएं छत्तीसगढ़ के शहरों को उप मुख्यमंत्री ने नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा की अनुकम्पा नियुक्ति की प्रक्रियाएं 10 जनवरी तक पूर्ण करने के दिए निर्देश आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को रोजाना वार्डों का भ्रमण कर निर्माण कार्यों, सफाई और प्रकाश व्यवस्था की मॉनिटरिंग करने कहा अटल परिसरों और नालंदा परिसरों के काम में तेजी लाने और उत्कृष्ट निर्माण के निर्देश रायपुर   उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों के साथ नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में सभी नगरीय निकायों को अनुकम्पा नियुक्ति की प्रक्रियाएं 10 जनवरी तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा अनुकम्पा नियुक्ति के लिए प्रदेशभर के नगरीय निकायों में 353 नए पद मंजूर किए गए हैं।     उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बैठक में नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को रोजाना वार्डों का भ्रमण कर निर्माण कार्यों, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था की मॉनिटरिंग करने को कहा। उन्होंने नगरीय निकायों में बन रहे अटल परिसरों और नालंदा परिसरों के काम में तेजी लाने और इनके उत्कृष्ट निर्माण के निर्देश दिए। साव ने अधिकारियों को गंभीरता और सक्रियता से काम करते हुए राज्य के शहरों को साफ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाने को कहा। नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., विशेष सचिव आर. एक्का और संचालक कुंदन कुमार भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।       उप मुख्यमंत्री साव ने समीक्षा बैठक में सभी नगरीय निकायों में अटल परिसर के निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए अच्छी गुणवत्ता की उत्कृष्ट मूर्ति स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अटल परिसर का इस तरह निर्माण करें कि शहर में इसकी विशेष पहचान और दर्शनीय स्थल बनें। उन्होंने प्रदेश के 12 शहरों में बनाए जा रहे नालंदा परिसर के लिए निविदा की प्रक्रिया पूरी कर शीघ्र काम प्रारंभ करने को कहा। साव ने अधिकारियों से कहा कि नालंदा परिसर का शानदार और आइकॉनिक निर्माण होना चाहिए। नालंदा परिसर और अटल परिसर का निर्माण सरकार के महत्वाकांक्षी कार्य हैं। उन्होंने आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को खुद इनकी मॉनिटरिंग करने और प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।     उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में अधोसंरचना मद और 15वें वित्त आयोग के तहत स्वीकृत कार्यों के साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), अमृत मिशन 2.0, एसटीपी निर्माण और आकांक्षी शौचालयों के कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में सामग्री और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी नगरीय निकायों के अधिकारियों को रोजाना प्रातः भ्रमण कर निर्माण कार्यों, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने 01 जनवरी से ही इसकी शुरूआत कर शहरों में प्रकाश और सफाई की व्यवस्था दुरूस्त करने को कहा। साव ने इसमें किसी भी तरह की कोताही न बरतते हुए गंभीरता और सक्रियता से प्रतिदिन कार्यों की मॉनिटरिंग करने को कहा। इसमें किसी तरह का हीला-हवाला पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।        साव ने समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के निर्माणाधीन आवासों को आगामी मार्च महीने तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने गरीबों का आशियाना तैयार करने का काम संवेदनशीलता से करते हुए इनका निर्माण प्राथमिकता से पूर्ण करने को कहा।  उन्होंने किफायती आवास परियोजनाओं के तहत निर्मित आवासों का आबंटन हितग्राहियों को तत्काल करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री साव ने जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के दौरान अनिराकृत प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर इन्हें जल्द से जल्द निराकृत करने को कहा।     साव ने नगरीय निकायों में नियमित और प्लेसमेंट कर्मचारियों के समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने ऊर्जा की अनावश्यक खपत पर रोक लगाते हुए विद्युत देयकों का भुगतान समय पर करने के निर्देश दिए। लंबित भुगतान के कारण विद्युत देयकों पर सरचार्ज लगने की स्थिति नहीं बननी चाहिए। साव ने नगरीय निकायों में सेट-अप के पुनरीक्षण के लिए आवश्यक जानकारी संचालनालय को भेजने को कहा। उन्होंने आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को सभी कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की संयुक्त सचिव डॉ. रेणुका श्रीवास्तव, राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) के सीईओ शशांक पाण्डेय और नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य सहित सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के संयुक्त संचालक एवं नगरीय निकायों के अभियंता भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

ग्रामीण और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला अस्पतालों को मिले नए चिकित्सा अधिकारी व विशेषज्ञ चिकित्सक

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने व स्वास्थ्य सेवाओं की प्रदायगी हेतु पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संविदा पदों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों व चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।       स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर चिकित्सकों की पदस्थापना की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के आदेशानुसार राज्य के रायपुर संभाग के शासकीय अस्पतालों में 06 चिकित्सा अधिकारियों, बिलासपुर संभाग में 12 चिकित्सा अधिकारियों, सरगुजा संभाग में 05 चिकित्सा अधिकारियों, बस्तर संभाग में 06 चिकित्सा अधिकारियों के साथ दुर्ग संभाग में 06 चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ द्वारा आज इन नवीन संविदा चिकित्सा अधिकारियों की पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं। इन डॉक्टरों को संबंधित जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला चिकित्सालयों में पदस्थ किया गया है। नवीन संविदा चिकित्सा अधिकारी की पदस्थापना से त्वरित इलाज में तेजी आएगी और चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों (संविदा) के जारी आदेश में डॉ. अमिताभ लालजी साहू, जिला अस्पताल बेमेतरा, डॉ. क्षमा चोपड़ा, जिला अस्पताल कबीरधाम, डॉ. निकिता खेस, जिला अस्पताल जांजगीर, डॉ. अनु आनी जॉन, जिला अस्पताल मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, डॉ. शोएब खान जिला अस्पताल पंडरी रायपुर, डॉ. नील माधव गवेल, जिला अस्पताल रायगढ़ व डॉ. महिमा निधि जॉर्ज शास. चिकित्सा महाविद्यालय जिला रायगढ़ में पदस्थापना की गई है। रायपुर संभाग हेतु चिकित्सा अधिकारी (संविदा) के जारी आदेश में डॉ. भारती ठाकुर, डॉ. हरिश चौधरी, डॉ. अजीत कुमार पटेल, डॉ. ओजस्वी गौतम, डॉ. अनूप कुमार मेहर, डॉ. शिवेन्द्र सिंह मरई शामिल हैं।  बिलासपुर संभाग हेतु जारी आदेश में  डॉ. ऋषा जोगी, डॉ अरशद आलम, डॉ जीनत शेख, डॉ. प्रतीक्षा सिंह, डॉ. लता गुप्ता डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. तेजस्विनी सोनी, डॉ. राजेश्वर प्रसाद कश्यप, डॉ. विरेन्द्र कुमार सार्वा, डॉ. राजेन्द्र कुमार साहू, डॉ. सुयश आंचल, डॉ. अनुराग यादव, सरगुजा संभाग हेतु जारी आदेश में डॉ. अभिषेक जायसवाल, डॉ. निहारिका कुशवाहा, डॉ. अंकिता बड़ा, डॉ. आकांक्षा मिंज, डॉ. अनुराग सिंह यादव का नाम है। दुर्ग संभाग हेतु चिकित्सा अधिकारी (संविदा) के जारी आदेश में डॉ. प्रखर जंघेल, डॉ. मुकेश कुमार वर्मा, डॉ. नेहा रामटेके, डॉ. अस्मिन निशा, डॉ. शेमोन सिंह ठाकुर, डॉ. सूर्य प्रताप सिंह ठाकुर हैं। बस्तर संभाग हेतु चिकित्सा अधिकारी (संविदा) के जारी आदेश में डॉ. प्रीति भवानी, डॉ. कविता नाग, डॉ. वैशाली साहू, डॉ. मेहुल पटेल, डॉ. गिरधर गोपाल यादव व डॉ. अतुल राज खटीक को पदस्थ किया गया है।

CM साय ने प्रदेशवासियों को नववर्ष 2025 की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को नववर्ष 2025 की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने शुभकामना व्यक्त करते हुए कहा कि नव वर्ष 2025 हम सभी के जीवन में तरक्की के नये अवसर लेकर लाये और हम सभी के जीवन में भरपूर सुख-समृद्धि का वास हो। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नव वर्ष हम सभी के लिए शुभ संकल्प लेने का समय है। पिछले साल हमने प्रधानमंत्री मोदी जी की गारंटी को पूरा करने का संकल्प लिया था और प्रत्येक वर्ग को लाभ पहुंचाने में हमें सफलता मिली। नए वर्ष में भी हम प्रदेश की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस साल हम सभी छत्तीसगढ़ की स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं, साथ ही इस वर्ष को हमने अटल निर्माण वर्ष के रूप में भी मनाने का निर्णय लिया है। आप सभी की भागीदारी से हमें छत्तीसगढ़ को एक समृद्ध और विकसित राज्य बनाना है। उन्होंने कहा कि नव वर्ष में हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ महतारी को संवारने के लिए और अधिक संकल्पित होकर कार्य करेंगे। उन्होंने हम सभी के शुभसंकल्प और मनोरथ नव वर्ष में पूरे हों, यह आशा व्यक्त करते हुए सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

पहले नदी से लाती थीं पानी, अब सोलर पंप ने बदल दी जिंदगी

रायपुर कुछ समय पहले तक कोरबा जिले के बगदरीडांड गांव की बसंती मिंज के लिए घर के उपयोग के लिए पानी का प्रबंधन एक कठिन और जोखिम भरा काम था। उन्हें रोजाना पानी के लिए सिर पर बर्तन उठाकर जंगल की पगडंडियों से होते हुए नदी तक का सफर तय करना पड़ता था। बारिश के दिनों में कीचड़ और फिसलन के बीच उफनती नदी से पानी भरना उनके जीवन का सबसे बड़ा संघर्ष था। लेकिन अब यह संघर्ष बीते दिनों की बात हो गई है। गांव में सोलर ड्यूल पंप की स्थापना और उनके घर तक नल जल कनेक्शन लगने के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। बसंती बताती हैं, पहले पानी के लिए नदी जाना पड़ता था। रास्ता लंबा और खतरनाक था, खासकर बरसात के दिनों में। सिर पर भरे हुए पानी के बर्तन उठाकर घर तक लाना बहुत मुश्किल होता था। लेकिन अब सोलर ड्यूल पंप के जरिए उनके घर तक पानी पहुंचता है। नल से निरंतर पानी मिलने से न केवल उनका जीवन सरल हुआ है, बल्कि उन्हें घर के अन्य कामों के लिए भी पर्याप्त समय मिल रहा है। सोलर ड्यूल पंप की स्थापना से न केवल बसंती, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के जीवन में भी बड़ा बदलाव आया है। अब उन्हें पानी के लिए घर से बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती। पानी की उपलब्धता ने उनके जीवन को सुविधाजनक और सुरक्षित बना दिया है। बसंती कहती हैं, अब चाहे गर्मी हो या बारिश, पानी की चिंता खत्म हो गई है। नल से जितना पानी चाहिए, उतना आसानी से मिल जाता है। यह सुविधा हमारे लिए वरदान की तरह है। सोलर ड्यूल पंप परियोजना का उद्देश्य जल संकट से जूझ रहे ग्रामीण क्षेत्रों को पानी की सुविधा प्रदान करना और महिलाओं की दैनिक जीवन की कठिनाइयों को दूर करना है।

स्मार्ट मीटर लगाने के बाद समय पर हो रही बिलिंग तथा रीडिंग

भोपाल  केन्द्र सरकार की रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना के अंतर्गत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का काम त्वरित गति से शुरू कर दिया गया है। जहां जहां स्‍मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, वहां पर समय पर बिलिंग तथा रीडिंग हो रही है। कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों में अब तक 76 हजार 277 स्मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं। इनमें से भोपाल शहर वृत्‍त में 66 हजार 943, भोपाल ग्रामीण में 6 हजार 745, ग्‍वालियर शहर वृत्‍त में 97, ग्‍वालियर ग्रामीण में 559, नर्मदापुरम ग्रामीण में 1 हजार 414, बैतूल ग्रामीण में 99, राजगढ ग्रामीण में 102, सीहोर ग्रामीण में 305, विदिशा ग्रामीण में 14 स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किए गए हैं। कंपनी ने कहा है कि स्‍मार्ट मीटर लगने से उपभोक्‍ताओं को बेहतर सेवाएं, सटीक बिलिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार होगा। स्‍मार्ट मीटर लगाने का काम समय सीमा में पूर्ण करने के लिए कंपनी की टीमें लगातार कार्य में जुटी हुई हैं। कंपनी ने स्‍मार्ट मीटर के फायदे बताते हुए कहा है कि स्‍मार्ट मीटर से रियल टाइम डेटा प्राप्‍त किया जा सकता है, जिससे उपभोक्‍ताओं को सटीक और समय पर बिलिंग सुनिश्चित की जा रही है। इसके अतिरिक्‍त स्‍वीकृति प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने के लिए आवश्‍यक सुधारात्‍मक कदम उठाए जा रहे हैं। जहां जहां भी स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं वहां पर बिलिंग तथा रीडिंग निर्धारित समय पर हो रही है, इससे सभी उपभोक्‍ता संतुष्‍ट हैं।  

रायपुर : राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा 16 फरवरी को

रायपुर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएसई) के तहत कक्षा 8वीं में अध्ययनरत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए 16 फरवरी 2025 को परीक्षा आयोजित की जाएगी। चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक प्रत्येक माह 1,000 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इस वर्ष परीक्षा का आयोजन माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल सचिव ने आज यहां बताया कि इस योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है और इच्छुक विद्यार्थी 9 जनवरी 2025 तक ऑफलाइन आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं। आवेदन पत्र, प्रारूप, और परीक्षा केंद्रों की सूची सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) और 66 परीक्षा केंद्राध्यक्षों को भेज दी गई है। विस्तृत जानकारी माध्यमिक शिक्षा मण्डल की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। उक्त परीक्षा में राज्य सरकार द्वारा संचालित, अनुदान प्राप्त, एवं स्थानीय निकाय के स्कूलों के कक्षा 8वीं के विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। पिछले वर्ष कक्षा 7वीं में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक (एससी/एसटी के लिए 50 प्रतिशत) आवश्यक हैं। अभ्यर्थी के माता-पिता की वार्षिक आय सभी स्रोतों से अधिकतम 3.50 लाख रूपए होनी चाहिए। इस परीक्षा के लिए केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, निजी स्कूल, एवं आवासीय विद्यालय के विद्यार्थी पात्र नहीं हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगमन 2025 पर प्रदेश के नागरिकों को बधाई और शुभकामनाएँ दी

आगमन : 2025 पर नागरिकों को बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगमन : 2025 पर प्रदेश के नागरिकों को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष-2024 भारत के साथ मध्यप्रदेश समग्र विकास का पर्याय बना। आने वाला वर्ष-2025 निश्चित ही विकसित भारत के ध्येय को गति देगा, भारत की विकास यात्रा को नया आयाम मिलेगा और नया अध्याय गढ़ा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष-2024 प्रदेश में जनकल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। राज्य सरकार आने वाले वर्ष में भी जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का भरसक प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय नव वर्ष के साथ ही अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार नव वर्ष को मनाने की परंपरा है, यह अवसर प्रदेश के विकास में भागीदारी के संकल्प का भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की है कि विकास के प्रयासों में निश्चित ही प्रदेश के नागरिकों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा।  

अपर कलेक्टर ने की 145 आवेदन पत्रो पर जन सुनवाई़

अपर कलेक्टर ने की 145 आवेदन पत्रो पर जन सुनवाई़ विभागीय अधिकारी आवेदनों का निराकरण कर अवगत करायेः- अपर कलेक्टर सिंगरौली अपर  कलेक्टर श्री अरविंद झा के अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागर में आयोजित जन सुनवाई में जिले के विभिन्न अंचलो से आए 145  आवेदको के द्वारा  अपनी समस्याओं से  अवगत कराते हुये अपना आवेदन दिया गया। अपर कलेक्टर के द्वारा सभी आवेदको से उनकी समस्याओं को सुनने के पश्चत जन सुनवाई में उपस्थित अधिकारियो से कई आवेदको की समस्याओं का जन सुनवाई में त्वारित निराकरण कराया गया। साथ ऐसे आवेदन जिनका निराकरण जन सुनवाई के दौरान नही हो सका संबंधित विभागीय अधिकारियो की ओर भेजते हुये निर्देश दिये कि विभागीय अधिकारी आवेदको से सम्पर्क कर उनकी समस्याओं का निराकरण कराये। जनसुनवाई के दौरान  संयुक्त कलेक्टर संजीव पाण्डेय, डिप्टी कलेक्टर माइकेल तिर्की सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

पत्नी को कुल्हाड़ी से मारकर हत्या करने व अन्य को घायल करने वाले आरोपी को ”आजीवन कारावास” की सजा

 बिजुरी    मामला संक्षेप में इस प्रकार था दिनांक 21/04/19 को आरोपी रामधनी साहू के द्वारा रात 22 बजे  व 23 बजे के मध्य पचपेढ़ी नाका मुहार गाम गुलीडाड थाना बिजुरी में आपनी पत्नी कुसुम साहू को कुल्हाड़ी से मारकर हत्या व लवकेश कि कुल्हाड़ी से चोट पंहुचा कर घायल कर दिया जिसकी सूचना थाना बिजुरी में प्राप्त होने पर उक्त अपराध कायम कर उप निरीक्षक सुमित कौशिक के द्वारा विवेचना के दौरान आरोपी की गिरफ्तारी पश्चात आरोपी रामधनी से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी जब्त कर गिरफ्तार कर विवेचना पूर्ण करने पश्चात न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया जिस पर आरोप विरचित कर विचरण किया गया और अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य व अपर अभियोजक राजगौरव तिवारी द्वारा प्रस्तुत तर्क में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के न्यायादृष्टांत से सहमत होते हुए उक्तानुसार दंड से दंडित किया गया।   मामला प्रथम अपर सत्र न्यायालय कोतमा श्री जयसिंह सरोते के न्यायालय के सत्र प्रकरण शासन बनाम रामधनी साहू थाना बिजुरी के अपराध क्र 127/19 धारा 302,324 भादवि  से सम्बंधित है उक्त मामले में आरोपी रामधनी को धारा 302, भादवि  में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 5000 रु के अर्थ दंड धारा 324 एक वर्ष का कारावास और पांच सौ रु का अर्थदंड से दंडित किया है | विशेष तथ्य:- प्रकरण की विवेचना में उप निरीक्षक सुमित कौशिक द्वारा आरोपी से जब्त कुल्हाड़ी व घटना स्थल से जब्त खून आलूदा मिटटी में मानव रक्त को विधिवत जप्त कर साक्ष्य सुरक्षित कर एफ एस एल जांच कराई गई जो कुल्हाड़ी के घटना में प्रयुक्त होने की ओर इशारा कर रहे थे इस के अलावा आहत लवकेश व नीतू साहू के धारा 164 के कथन कराए गए थे । चिकित्सीय साक्षी से घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी को भेजकर प्रश्न पूछने पर उक्त कुहाड़ी से मृतक को आई चोट संभव होना बताया था व चोटों को प्राणघातक बताया था जो घटना को सिद्ध करने में महत्वपूर्ण रही |आरोपी ने कथन में विरोधाभास व साक्षियों के हितबद्ध होने का लिया था बचाव पर अभियोजन द्वारा तर्क दिया गया कि साक्षी जो स्वयं घायल रहा हो वह असत्य नहीं बोलेगा इस आधार पर साक्षियों कि साक्ष्य को विश्वसनीय पाया गया और बचाव पक्ष के तर्क को खारिज कर दिया गया |   दण्ड के बिंदु पर :- न्यायालय ने आरोपी के कृत्य को माना गंभीर ,हित्बद्ध साक्षी के बचाव को किया गया खारिज न्यायलय ने माना कि प्रथम अपराधी होने मात्र से अपराध की प्रकृति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता समाज में पड़ने वाले प्रभाव व अपराध की गंभीरता और आरोपी की पृष्ठभूमि आदि पर गौर करने के बाद माननीय न्यायलय में आरोपी को आजीवन कारावास के दण्ड से दण्डित किया साथ ही 5 हजार रु का जुर्माना भी लगाया |

बढ़ती ठंड में युवाओं ने 50 जरूरतमंद बुजुर्ग व वृद्ध महिलाओं को बांटे कंबल रिपोर्टर श्याम गुप्ता बिरसिंहपुर पाली से

उमरिया  बढ़ती ठंड में कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन के मार्गदर्शन पर पहल राहत के तहत जिले की सक्रिय युवाओं की टोली युवा टीम उमरिया के द्वारा जिले के सटे हुए बस्तियों में चिन्हित कर सप्ताह भर में 50 से भी अधिक जरूरतमंद बुजुर्ग व वृद्ध महिलाओं को गर्म कंबल का वितरण किया गया।      टीम लीडर हिमांशु तिवारी ने बताया की हमारा उद्देश्य समाज की अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान पैदा करना है। बढ़ती ठंड के कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। खासकर गरीब लोग जो अभाव के कारण गर्म कपड़े खरीद पाने में असमर्थ हैं। उन जरूरतमंद लोगों के बीच में नगर के लोगों के सहयोग से कंबल का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों जरूरतमंदों परिवारों को चिन्हित कर रहे है, जिनके बीच कंबल वितरण किया जा रहा है। ऐसे कठिन मौसम में सबसे ज्यादा उन लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है । जिनके पास पहनने और न ओढ़ने के लिए पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े नहीं हैं।कम्बल पाकर जरूरतमंद लोगों के चेहरे खिल उठे।मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। सर्दी से गरीब असहाय लोगों की हर व्यक्ति को मदद करनी चाहिए। इस काम के लिए हर किसी को आगे आना चाहिए एवं समाज के अन्य लोगो को भी इसका अनुसरण कर गरीब तथा असहाय लोगों की मदद में आगे आना चाहिए ।इस दौरान हिमांशु तिवारी,खुशी सेन,वर्षा बर्मन,साक्षी रैदास,अनुसूइया दहिया,खुशबू बर्मन,दीपिका मरकाम,फरहाना खातून एवं सभी उपस्थित रहे।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet