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मुख्यमंत्री जन कल्याण शिविर में आवेदन करते हुए स्वीकृत हुई रामबाई को इंदिरा गांधी वृध्वस्था पेंशन

उमरिया  मुख्यमंत्री जन कल्याण पर्व अभियान के तहत आयोजित होने वाले शिविरों में अब आवेदन करने के साथ ही उन्हें योजनाओं का लाभ प्रदाय कर दिया जा रहा है । रामबाई बैगा वार्ड नंबर 2 ने बताया कि उन्होंने शिविर में इंदिरा गांधी वृध्दाावस्था पेंशन योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु आवेदन किया । आवेदन करने के कुछ घंटे बाद मौके पर ही शिविर प्रभारी कंचन तिवारी व्दारा इंदिरा गांधी वृध्दावस्था पेंशन स्वीकृत कर दी गई ।     उन्होने कहा कि इंदिरा गांधी वृध्दा वस्था पेंशन योजना का लाभ पाने के लिए किसी कार्यालय के चक्कर नही काटने पड़े। शिविर के माध्यम से बिना किसी परेशानी के योजना का लाभ मुझे प्राप्त हो गया। इसके लिए मैं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री डा मोहन यादव को धन्यवाद ज्ञापित करती हूं ।

2 जनवरी को मंत्रालय स्थित वल्लभ भाई पटेल पार्क में राष्ट्रगीत वन्देमातरम एवं राष्ट्रगान जन गण मन का गायन

भोपाल मंत्रालय स्थित वल्लभ भाई पटेल पार्क में राष्ट्रगीत “वन्देमातरम” एवं राष्ट्रगान “जन गण मन” का गायन 2 जनवरी को प्रात: 11 बजे किया जाएगा। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन होने से 26 दिसम्बर 2024 से 1 जनवरी 2025 तक राजकीय शोक होने के कारण मंत्रालय में राष्ट्र गीत एवं राष्ट्रगान का आयोजन 2 जनवरी का किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक माह के प्रथम कार्य दिवस पर राष्ट्र गीत एवं राष्ट्र गान का आयोजन पटेल पार्क में किया जाता है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री मोदी के इन चार विजन मिशन से संवारेंगे

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश विकास के लिए ग़रीब, युवा, अन्नदाता और नारी (GYAN) के सशक्तिकरण को आधार बनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आने वाले वर्ष-2025 में मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास को आकार देने के संकल्प के साथ चारों मुख्य स्तंभों के विकास के लिए प्रदेश सरकार ने गरीब कल्याण मिशन, युवा शक्ति मिशन, किसान कल्याण मिशन और महिला सशक्तिकरण मिशन को पूरा करने के लिए अलग-अलग ब्ल्यू-प्रिंट तैयार किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इन सशक्तिकरण मिशनों का जनवरी माह से शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री का दृढ़ विश्वास है कि इन चारों स्तंभों को सशक्त बनाकर मध्यप्रदेश के विकास का स्वर्णिम अध्याय लिखा जा सकेगा। युवा शक्ति मिशन युवा पीढ़ी को उभरती प्रौद्योगिकियों, उद्यमिता और खेल के क्षेत्र में कौशल प्रदान करेगा। इससे उन्हें बदलते हुए नौकरी बाजार के लिए तैयार किया जा सकेगा, साथ ही उनमें सक्षम नेतृत्व के गुण विकसित होंगे। महिला सशक्तिकरण मिशन उन्हें वित्तीय स्वतंत्रता, शैक्षिक अवसर और उद्यमिता के अवसर और प्रोत्साहन देगा। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगीं और प्रदेश में जेंडर इक्वलिटी को बढ़ावा मिलेगा। किसान कल्याण मिशन उद्देश्य विविधीकरण के साथ ही पशुपालन एवं मछली पालन जैसे सहायक व्यवसायों को एकीकृत करने और कृषि-आधारित उद्यमिता जैसे प्रगतिशील उपायों को वित्तीय सहायता और तकनीकी परामर्श देकर प्रोत्साहित कर खेती को मुनाफे का सौदा बनाने पर फोकस्ड है। गरीब कल्याण मिशन में सरकार आर्थिक रूप से पिछड़े समुदायों को वित्तीय सहायता, भूमि संबंधी अधिकार और सामाजिक सुरक्षा प्रदान कर गरीबी के कुचक्र को तोड़ने में मदद करेगी। युवा शक्ति मिशन मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि ‘युवा शक्ति मिशन’ युवाओं के सशक्तिकरण की मजबूत बुनियाद सिद्ध होगा। मिशन से युवा में शिक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक सेवा की भावनाएं विकसित होंगी। साथ ही वह आधुनिक तकनीक के कुशल प्रयोग में सक्षम बनेगा। परिणामस्वरूप युवाओं में सफल एवं सक्षम नेतृत्व के गुण भी विकसित होंगे। ‘युवा शक्ति मिशन’ के सफल क्रियान्वयन में आधुनिक तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कौशल विकास के पाठ्यक्रम युवाओं को सहजता से उपलब्ध हो सकें और वह उन्हें आसानी से समझ सकें, इसके लिए सरकार ने ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किए हैं। इसका लाभ यह भी है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के युवाओं को इसकी सुविधाएं समान रूप से सुलभ होंगी। मिशन की सफलता के लिए सरकार ने सोशल-मीडिया के माध्यमों का भी प्रभावी उपयोग करने की रणनीत बनाई गई है, जिससे युवाओं को मिशन से संबंधित जानकारी आसानी से उपलब्ध कराई जा सके। इससे युवाओं में मिशन के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। महिला सशक्तिकरण मिशन महिला सशक्तिकरण मिशन राज्य में महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में सुधार के लिए डिज़ाइन किया गया है। मिशन का मकसद महिलाओं को पुरुषों के ही समान अवसर उपलब्ध करा प्रदेश जेंडर इक्वलिटी लाना है ताकि प्रदेश में समावेशी समाज की स्थापना हो सके। मिशन के अंतर्गत उनमें शिक्षा और कौशल विकास के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इससे उनकी रोजगार प्राप्त कर पाने की क्षमता और संभावनाएं बढ़ेंगीं और वित्तीय स्वतंत्रता प्राप्त होगी। मिशन महिला उद्यमिता को भी बढ़ावा देगा, उन्हें अपने व्यवसाय शुरू करने और उसके सुचारु संचालन के संसाधन, मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। महिलाओं के सामाजिक सशक्तिकरण के लिए घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न जैसी लैंगिक मुद्दों से निपटने के कार्यक्रम भी शामिल होंगे। यह मिशन महिलाओं में उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाएगा और एक सहायक वातावरण तैयार करेगा। साथ ही महिलाओं के लिए कानूनी सहायता, काउंसलिंग और चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए वन-स्टॉप सेंटर्स स्थापित किए जाएंगे। महिला सशक्तिकरण मिशन यह सुनिश्चित करेगा महिलाओं में नेतृत्व कौशल विकसित हो जिससे वे स्थानीय स्तर पर कुशल नेतृत्व करते हुए मध्यप्रदेश के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। किसान कल्याण मिशन किसान कल्याण मिशन का उद्देश्य कृषि को उन्नत कर खेती को मुनाफे का सौदा बनाना है, जिससे किसानों का जीवन स्तर सुधरे और वे मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। खेती और किसान अर्थव्यवस्था की मजबूती के महत्वपूर्ण अंग हैं, इसलिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में यह मिशन सुनिश्चित करेगा कि किसान समृद्ध हों और कृषि क्षेत्र में आर्थिक स्थिरता आए। मिशन का मुख्य उद्देश्य खेती को लाभप्रद बनाना है। इसके लिए मिशन के अंतर्गत कृषि विविधीकरण, जैविक खेती, खेती में पशुपालन, मछली-पालन जैसे व्यवासायों का एकीकरण और उन्हें बाजारोन्मुखी बनाकर उपज की बाजारों में पहुंच सुनिश्चित करने के साथ किसानों में कृषि-उद्यमिता को बढ़ावा दिये जाने पर जोर दिया जाएगा। मिशन, किसानों को सीधे बाजारों से जोड़ने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों और स्थानीय मेलों का भी आयोजन करेगा, जिससे वे अपनी उपज के लिए उचित मूल्य प्राप्त कर सकेंगे। किसानों का वित्तीय बोझ को कम करने के लिए मिशन के तहत उन्हें बीज, उर्वरक और उपकरण खरीदने के लिए वित्तीय सहायता और सब्सिडी दी जाएगी, जिससे उनके खर्चे कम होंगे और आय में वृद्धि होगी। मिशन, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) की स्थापना को बढ़ावा देकर किसानों में सहकारिता को प्रोत्साहित करेगा ताकि कृषि क्षेत्र संगठित स्वरूप लेकर आगे बढ़ सके। साथ ही मिशन में किसानों को कृषि तकनीकों और संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन से संबंधित प्रशिक्षण भी दिलाया जायेगा। गरीब कल्याण मिशन गरीब कल्याण मिशन, मध्यप्रदेश सरकार द्वारा शुरू की जाने वाली एक अभिनव पहल है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से पिछड़े समुदायों को सशक्त बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि आवश्यक सेवाएं उन तक पहुंच सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में यह मिशन समाज के हाशिए पर रहने वाले वर्गों को सशक्त बनाने की महत्वपूर्णँ रणनीति का हिस्सा है। मिशन का मुख्य उद्देश्य गरीबों के लिए सामाजिक सुरक्षा उपायों को मजबूत करना है, ताकि वंचित वर्ग को कठिन समय में आवश्यक सहायता प्राप्त हो सके। इसके अतिरिक्त, मिशन इस वर्ग को रोजगार से संबंधित चुनौतियों से निपटने में सक्षम योजनाओं का लाभ दिलाएगा। आर्थिक रूप से पिछड़े, जरूरतमंदों को मिशन में वित्तीय सहायता प्रदान कर आर्थिक सशक्तिकरण में मदद करेगा। बुनियादी सेवाओं जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास तक पहुंच में सुधार किया जाएगा, जिससे गरीब परिवारों के जीवन स्तर में सुधार हो सकें। गरीब कल्याण मिशन का उद्देश्य वंचित वर्ग को आर्थिक रूप से समुन्नत बना कर मध्यप्रदेश में आर्थिक विषमता दूर करना है, जिससे गरीब वर्ग भी प्रदेश के विकास … Read more

मुख्य स्नान पर्व पर कोई प्रोटोकॉल लागू नहीं होगा और इस अवसर पर पूज्य संतों और श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की जाएगी: योगी

प्रयागराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाकुंभ मेला में मुख्य स्नान पर्व पर कोई प्रोटोकॉल लागू नहीं होगा और इस अवसर पर पूज्य संतों और श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की जाएगी. प्रयागराज में महाकुंभ के दृष्टिगत समीक्षा बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मेला लगभग आकार ले चुका है और 7,000 से अधिक संस्थाएं यहां आ चुकी हैं. डेढ़ लाख से अधिक टेंट की व्यवस्था मेला प्राधिकरण की ओर से की गई है. देश-दुनिया से लोग प्रयागराज महाकुंभ में आने के लिए उत्सुक हैं. 144 वर्ष के बाद महाकुंभ का यह मुहूर्त आ रहा है और इसके लिए हर प्रकार की व्यवस्थाएं भाजपा सरकार द्वारा यहां युद्धस्तर पर की जा रही हैं. मुख्यमंत्री ने प्रयागवासियों से आतिथ्य सेवा के साथ ही महाकुंभ के दौरान स्वच्छता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करने की अपील करते हुए कहा कि स्वच्छता और आतिथ्य सेवा का जो उदाहरण उन्होंने 2019 के कुंभ में प्रस्तुत किया, उससे अच्छा अवसर इस बार उनके सामने आ रहा है. योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ में प्रत्येक तीर्थयात्री और पर्यटक की सुरक्षा और सुविधा को शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए कहा, “महाकुंभ में कोई भारतीय हो या विदेशी, प्रवासी भारतीय हो या प्रयागराजवासी, बिना भेदभाव सबकी सुरक्षा-सबकी सुविधा सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है.” मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ के दौरान आपदा प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, अग्निशमन, घाट सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा तंत्र को और पुख्ता किया जाना आवश्यक है. सुरक्षा से जुड़ी सभी एजेंसियों को चौबीस घंटे और सातों दिन सक्रिय रहना होगा. महाकुंभ की तैयारियों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी विभागों से उनके कार्यों की प्रगति का विवरण लिया. उन्होंने सभी रेहड़ी-पटरी वालों, ऑटो रिक्शा चालकों और ई-रिक्शा चालकों के पुलिस सत्यापन तेजी से पूरा करने के निर्देश भी दिये. फर्जी खबरों पर कड़ाई से लगाम लगाने के निर्देश उन्होंने सोशल मीडिया, डिजिटल मीडिया पर फर्जी खबरों पर कड़ाई से लगाम लगाने के भी निर्देश दिए. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा से चिढ़ने वाले लोग महाकुंभ को लेकर दुष्प्रचार कर रहे हैं जिन्हें यथोचित जवाब दिया जाना चाहिए. मेलाधिकारी विजय किरण आनंद ने मुख्यमंत्री को बताया कि सभी अखाड़ों, महामंडलेश्वर, खालसा, दंडीबाड़ा, खाकचौक और अन्य संस्थाओं के लिए भूमि आवंटन का कार्य पूर्ण हो गया है, जबकि अन्य नई संस्थाओं को आवंटन का कार्य जारी है. मुख्यमंत्री ने अगले तीन दिनों में अरैल क्षेत्र में नया स्नान घाट तैयार करने के निर्देश दिए और महाकुंभ के लिए चलाई जाने वाली करीब 550 शटल बसों को पांच जनवरी से चलाने का भी निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने प्रयागराज दौरे पर मां गंगा का अभिषेक और पूजन किया. उन्होंने बड़े हनुमान जी का भी दर्शन-पूजन किया. इससे पूर्व उन्होंने नैनी के अरैल में बायो सीएनजी संयंत्र का उद्घाटन किया.  

ऊर्जा मंत्री ने सार्वजनिक स्थलों पर नशे का सेवन रोकने तथा स्वच्छता का संदेश देने किया राम धुन का वाचन

भोपाल उप नगर ग्वालियर में सार्वजनिक स्थलों पर नशे का सेवन रोकने तथा स्वच्छता के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर द्वारा आरंभ किए गए अभियान के तहत मंगलवार को आनंद नगर तिराहे कांचमील पर प्रभु राम की धुन का मधुर वाचन किया गया। इस दौरान ऊर्जा मंत्री तोमर के साथ बड़ी संख्या में शहरवासियों ने भी सीताराम धुन में हिस्सा लिया। इससे पहले ऊर्जा मंत्री तोमर ने न्यू कॉलोनी स्थित अपने आवास से आनंद नगर कांच मील तक स्वच्छता का संदेश देते हुए दुकानदारों और ठेले वालों से कचरा डस्टबिन में डालने तथा अपने आसपास सफाई रखने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता से हम अपने लिए और अपने आस-पास के लोगों के लिए सुरक्षित वातावरण बना सकते हैं। जिससे न केवल हम स्वस्थ रहेंगे बल्कि अपने पड़ोसियों को भी बीमारियों से बचा सकते हैं।

मंडी में प्याज की बंपर आवक के चलते प्याज के दामों में 50% गिरावट, किसान हो रहे निराश, आम आदमी के चेहरे पर मुस्कान

मंदसौर एक माह पहले प्याज के दाम किसानों को खुश कर रहे थे, लेकिन अब दामों में तेजी से रही गिरावट से किसान निराश हैं। दिसंबर माह के पहले सप्ताह में मंदसौर मंडी में किसानों को प्याज के दाम 3750-4000 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव मिल रहे थे। अब प्याज के दाम किसानों को 2500 रुपये भी नहीं मिल रहे है। किसानों का कहना है कि इतने कम दामों से लागत भी नहीं निकल रही है। एक सप्ताह पहले प्याज के दाम 1500 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए थे। व्यापारियों का कहना है कि दाम आगे से ही तय होते हैं। मांग कमजोर होने से भी दामों में गिरावट हो रही है।   मंडी में प्याज की बंपर आवक दो माह से कृषि उपज मंडी में प्याज की बंपर आवक हो रही है। अन्य जिलों से भी मंदसौर मंडी में प्याज की आवक हो रही है, लेकिन प्याज के दामों में लगातार हो रही कमी के कारण किसानों की परेशानी फिर बढ़ गई है। एक माह में प्याज के दामों में 1500 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट हुई है। कृषि उपज मंडी में प्याज और लहसुन की ही सबसे अधिक आवक हो रही है। सोमवार को मंडी में किसानों को प्याज के दाम 800 से 2650 रूपए प्रति क्विटंल तक ही मिले। 26 दिसंबर को 1956 और 27 दिसंबर को प्याज 2081 रुपए प्रति क्विंटल ही बिका था। इससे पहले 23 दिसंबर को किसानों को प्याज के उच्चतम भाव 1500 रुपए क्विंटल ही मिले थे। गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान में मांग घटी मंदसौर से प्याज गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान व अन्य राज्यों में जाता है। व्यापारियों के अनुसार, इन राज्यों में अब मांग कम हो गई है, जिसके चलते दामों में गिरावट हो रही है। किसानों का कहना है कि एक माह में प्याज के दाम दो हजार से भी अधिक कम हो गई है। अब प्याज के दाम 1500 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल भी नहीं मिल रहे है। इसके कारण कई किसान तो प्याज वापस भी ले रहे है।

गणतंत्र दिवस समारोह- 2025- टिमरनी के ऋषिकेश बिल्लौरे दिल्ली के कर्तव्य पथ पर कदम ताल करेगा

टिमरनी एनसीसी के हर कैडेट्स का सपना होता है कि वह RDC ( रिपब्लिक डे कैंप ) के लिए चयनित हो। इस सपने को सच कर दिखाया है टिमरनी के बेटे ऋषिकेश बिल्लौरे ने। वे मध्यप्रदेश- छत्तीसगढ़ एनसीसी एयर विंग के बेस्ट कैडेट के रूप में चुने गए हैं। अगले माह ( गणतंत्र दिवस समारोह- 2025 ) दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड में शामिल होकर वे तिरंगे को सलामी देंगे। RDC के लिए चयन प्रक्रिया का क्रम अगस्त 2024 से ही शुरू हो गया था। पाँच कैंपों में ऋषिकेश ने परेड परीक्षण, फायरिंग में दक्षता, ऑफिसर्स को इंटरव्यू, ग्रुप डिस्कशन, लिखित परीक्षा की परिणाम सूची में लगातार अपना स्थान बनाए रखा। डायरेक्टेड के अंतर्गत आने वाले करीब 40 हजार कैडेट्स के बीच हुई प्रतियोगिता के बाद इन तीन बेस्ट कैडेस्ट्स को चुना गया है। इसी तरह अलग अलग विधा के दल का चयन किया गया। इन्हें फ्लैग ऑफ सेरेमनी के बाद गुरुवार को भोपाल एक्सप्रेस से RDC दिल्ली के लिए रवाना किया गया। परिवार में गौरव का दूसरा मौका इसके पूर्व परिवार में 2011में गौरव का क्षण आया था, तब RDC के लिए भानु बिल्लौरे का चयन हुआ था। वे इंदौर के खालसा कॉलेज के छात्र थे। एनसीसी का ” सी ” सर्टिफिकेट हासिल किया था। दिल्ली RDC से लौटने के बाद डिफेंस का उन पर ऐसा जुनून सवार हुआ कि भानु ने वायुसेना को ज्वाइन किया। कैसे चढ़ा एयर विंग का जुनून भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान…। इस नाम से तो पूरी दुनिया की आर्मी परिचित है। उनके शौर्य ने दुनिया के युवाओं का कितना ध्यान खींचा, यह तो ठीक ठीक पता नहीं, लेकिन भारतीय युवाओं के लिए वे रोल माडल बन गए थे, और अभी भी हैं । स्मरण ही होगा विंग कमांडर अभिनंदन ने पाक के हवाई जहाज ( एफ- 16 ) को , मिग- 21 से मार गिराया था और ख़ुद पैराशूट से कूद गए थे। पाकिस्तान की जमीं पर लैंड करने के बाद उनके साथ क्या- क्या हुआ, इससे भी दुनिया परिचित है…..। आखिरकार विंग कमांडर अभिनंदन सकुशल भारत लौटे थे। इस घटना का टीवी और अखबारों में व्यापक स्तर पर प्रचार- प्रसार हुआ था। इसका भारतीय युवाओं के मन मस्तिष्क पर गहरा असर हुआ था। युवाओं ने अभिनंदन की तरह देश सेवा का संकल्प लिया था। वही जज़्बा, जुनून लेकर कुछ युवा अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं। उनमें से एक हैं टिमरनी के बेटे ऋषिकेश बिल्लौरे। संकल्प पब्लिक स्कूल, टिमरनी में अंग्रेजी माध्यम से केजी-1 से हायर सेकंडरी ( मैथ्स साइंस) तक की पढ़ाई करने वाले ऋषिकेश बिल्लौरे, इन दिनों होल्कर साइंस कॉलेज, इन्दौर तृतीय वर्ष के छात्र हैं। ऋषिकेश ने कॉलेज में एनसीसी ( एयर विंग ) भी ज्वाइन की हुई है। अपने जीवन की पहली उड़ान कैम्प के दौरान 1एमपी, एयर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर के साथ aircraft sortie की। टैक ऑफ से लेकर लैंड होने तक 26 मिनट हवा में रहे थे ऋषि।  

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आज से बदल जाएगा ट्रेनों का समय, भोपाल में एक्स्ट्रा 5 मिनट रुकेंगी 8 गाड़ियां

भोपाल जबलपुर मंडल के मदन महल स्टेशन पर ओएचई (ऑल ओवर हेड इलेक्ट्रिक) ब्रेकडाउन के कारण रेल यातायात प्रभावित हुआ है। इस ब्रेकडाउन के कारण अप और डाउन दोनों रेल लाइनों पर ट्रेनों का संचालन बाधित हो गया है। इसके कारण कुछ ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाने का निर्णय लिया गया है। यह ट्रेन रहेगी प्रभावित ट्रेन 22146 रीवा-भोपाल ट्रेन : यह ट्रेन कटनी से वाया कटनी-सागर-बीना होकर चलाई जाएगी। ट्रेन 11046 धनबाद– श्री छत्रपति शाहू महाराज टर्मिनस कोल्हापुर दीक्षाभूमि एक्सप्रेस : यह ट्रेन कटनी से वाया कटनी-बीना-इटारसी होकर चलायी जाएगी। ट्रेन 01154 दानापुर-मनमाड एक्सप्रेस स्पेशल : यह ट्रेन भी कटनी से वाया कटनी-बीना-इटारसी होकर चलायी जाएगी। भोपाल मंडल में आठ ट्रेनों के ठहराव में वृद्धि, आज से लागू रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भोपाल मंडल से गुजरने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव में बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। यह निर्णय आज से लागू होगा। जिसके तहत मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर ट्रेनों के ठहराव को 5 मिनट से बढ़ाकर 10 मिनट कर दिया जाएगा। भोपाल मंडल के पीआरओ नवल अग्रवाल ने बताया कि यह निर्णय यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करने और स्टेशनों पर भीड़ कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। अब यात्री आराम से ट्रेन में चढ़ सकेंगे और उतर सकेंगे। इन ट्रेनों में पांच मिनट का ठहराव बढ़ाया गया ट्रेन 12627 (बैंगलोर-नई दिल्ली एक्सप्रेस) का भोपाल स्टेशन पर ठहराव 5 मिनट से बढ़ाकर 10 मिनट किया गया है। ट्रेन 14319 (इंदौर-बरेली साप्ताहिक एक्सप्रेस) का बीना स्टेशन पर ठहराव 5 मिनट से बढ़ाकर 10 मिनट किया गया है। ट्रेन 14320 (बरेली-इंदौर साप्ताहिक एक्सप्रेस) का बीना स्टेशन पर ठहराव 5 मिनट से बढ़ाकर 10 मिनट किया गया है। ट्रेन 22468 (गांधी नगर कैपिटल – वाराणसी एक्सप्रेस) का बीना स्टेशन पर ठहराव 5 मिनट से बढ़ाकर 10 मिनट किया गया है। ट्रेन 22830 (शालीमार-भुज एक्सप्रेस) का बीना स्टेशन पर ठहराव 5 मिनट से बढ़ाकर 10 मिनट किया गया है। ट्रेन 19306 (कामाख्या-डा. अम्बेडकर नगर एक्सप्रेस) का बीना स्टेशन पर ठहराव 5 मिनट से बढ़ाकर 10 मिनट किया गया है। ट्रेन 12181 (जबलपुर-अजमेर दयोदय एक्सप्रेस) का गुना स्टेशन पर ठहराव 5 मिनट से बढ़ाकर 10 मिनट किया गया है। ट्रेन 12182 (अजमेर–जबलपुर दयोदय एक्सप्रेस) का गुना स्टेशन पर ठहराव 5 मिनट से बढ़ाकर 10 मिनट किया गया है।  

सांसद निधि योजना की राशि मौजूदा 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ करने के अनुरोध पर चर्चा करेगी संसदीय समिति

नई दिल्ली सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस) पर नवगठित संसदीय समिति की पहली बैठक सात जनवरी 2025 को होगी जिसमें इस मद की निधि को मौजूदा 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने के अनुरोध पर चर्चा की जाएगी। राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश इस समिति के अध्यक्ष हैं। एमपीएलएडीएस पर समिति के निर्धारित एजेंडे के अनुसार, ‘संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस) पर नवगठित समिति की पहली बैठक 7 जनवरी 2025 को संसद भवन एनेक्सी में आयोजित की जाएगी जिसमें विभिन्न मुद्दों पर विचार किया जाएगा और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के प्रतिनिधियों के विचार सुने जायेंगे।’ आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजीव अरोड़ा ने 29 अक्टूबर 2023 को इस मद की राशि को मौजूदा 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने का आग्रह किया था। उन्होंने यह भी सुझाव दिया था कि दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित गरीब मरीजों के लिए एमपीएलएडी फंड के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाए। उनके इस सुझाव पर भी समिति द्वारा विचार विमर्श किया जाएगा। संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास प्रभाग को संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस) के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस योजना के अंतर्गत, प्रत्येक सांसद को अपने निर्वाचन क्षेत्र में प्रति वर्ष 5 करोड़ रुपये तक के कार्यों के लिए जिला कलेक्टर को सुझाव देने का प्रावधान है। योजना के तहत राज्य सभा सदस्य उस राज्य के एक या एक से अधिक जिलों में कार्यों की सिफारिश कर सकते हैं जहां से वे निर्वाचित हुए हैं। कोविड महामारी के मद्देनजर एमपीलैड्स को 6 अप्रैल, 2020 से 9 नवंबर, 2021 तक निलंबित कर दिया गया था और वित्त वर्ष 2020-21 के लिए इस योजना के लिए कोई धनराशि आवंटित नहीं की गई थी। वित्त वर्ष 2021-22 की शेष अवधि, यानी 10 नवंबर, 2021 से 31 मार्च, 2022 तक, प्रत्येक संसद सदस्य के लिए योजना के तहत 2 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। 1993-94 में जब यह योजना शुरू की गई थी, तब प्रत्येक संसद सदस्य को 5 लाख रुपए की राशि आवंटित की गई थी जिसे 1994-95 में बढ़ाकर एक करोड़ रुपए प्रति वर्ष कर दिया गया। इसके बाद, इसे 1998-99 में बढ़ाकर 2 करोड़ रुपए और वित्तीय वर्ष 2011-12 से 5 करोड़ रुपए किया गया।  

नक्सल प्रभावित बस्तर में एक नई हवा चलना शुरू, गोलियों की आवाज के बीच बदलाव की शांति

बस्तर  छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर में एक नई हवा चलना शुरू हुई है। यहां के अबूझमाड़ के दूर-दराज इलाके में जहाँ कभी गोलियों की तड़तड़ाहट गूंजती थी, अब सीमेंट मिक्सर की आवाज़ सुनाई दे रही है। रेकावया गांव में आज़ादी के बाद पहला स्कूल बन रहा है। यह बदलाव सुरक्षा बलों के आक्रामक अभियान का नतीजा है, जिसमें इस साल 222 माओवादियों को मार गिराया गया है। यहां विकास परियोजनाएं भी तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। जिससे बस्तर में बिजली, सड़क और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं। सरकार आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के लिए पुनर्वास नीति में भी बदलाव कर रही है। हालांकि, इस सैन्य अभियान के कारण आम नागरिक भी हिंसा के शिकार हो रहे हैं। माओवादी भी आम लोगों पर हमले कर रहे हैं। शांति वार्ता की संभावना अभी धुंधली है। बस्तर के इस नए अध्याय का नेतृत्व एक आदिवासी मुख्यमंत्री कर रहे हैं, जिससे उम्मीद है कि वे इस क्षेत्र की समस्याओं को बेहतर समझेंगे। गोलियों की आवाज के बीच बदलाव की शांति यह गांव रायपुर से लगभग 300 किलोमीटर दूर अबूझमाड़ के घने जंगलों में स्थित है। गोलियों की आवाज के बीच बदलाव आसान नहीं था। इस साल की शुरुआत में रेकावया में आठ माओवादियों को मार गिराया गया था। इसके बाद ही यहां सुरक्षा शिविर स्थापित किए जा सके और स्कूल के निर्माण के लिए इंद्रावती नदी के रास्ते ईंट और सीमेंट पहुंचाना संभव हो पाया। यह वही स्कूल है, जिसे कभी माओवादी चलाते थे। बस्तर में खुले विकास के रास्ते बस्तर में माओवादियों के खिलाफ यह अभियान केवल रेकावया तक सीमित नहीं है। पूरे बस्तर में सुरक्षा बलों ने 222 माओवादियों को मार गिराया है। यह संख्या पिछले पांच सालों के मुकाबले कहीं ज्यादा है। विष्णु देव साई के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के इस आक्रामक अभियान ने माओवादियों को उनके गढ़ अबूझमाड़ से भी खदेड़ दिया है। इससे बस्तर में विकास के रास्ते खुल गए हैं। बिजली, सड़क और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएँ अब उन इलाकों तक पहुँच रही हैं, जो कभी माओवादियों के कब्जे में थे। दो दशक पहले बंद हुए 50 स्कूल फिर खुले माओवादी हिंसा के कारण दो दशक पहले बंद हुए लगभग 50 स्कूलों को फिर से खोला गया है। इनमें से कुछ स्कूलों का पुनर्निर्माण उन्हीं माओवादियों ने किया है, जिन्होंने कभी इन्हें तोड़ा था। ये माओवादी अब हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं। इसके साथ ही नई ज़िंदगी शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं। 222 माओवादियों का सफाया इस साल सुरक्षा बलों की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2023 में जहां 20 माओवादी मारे गए थे, वहीं इस साल अब तक 222 माओवादियों को मार गिराया गया है। नारायणपुर में एक ही अभियान में 31 माओवादी मारे गए थे। खूंखार नक्सली का गांव पर पुनरुत्थान का प्रतीक छत्तीसगढ़ सरकार सुरक्षा बलों की सफलता के बाद विकास परियोजनाओं को तेज़ी से आगे बढ़ा रही है। खूंखार माओवादी कमांडर हिड़मा के पैतृक गांव पुवर्ती, बस्तर के पुनरुत्थान का प्रतीक बन गया है। इस साल नवंबर में पुवर्ती के आस-पास के कई गांवों में आज़ादी के बाद पहली बार बिजली पहुंची है। यहां सड़क का निर्माण भी चल रहा है। इस साल की शुरुआत में स्थापित एक सुरक्षा शिविर ने इस बदलाव में अहम भूमिका निभाई है। इस शिविर की बदौलत इस गणतंत्र दिवस पर दशकों बाद पुवर्ती में तिरंगा फहराया गया। माओवादियों का भी दिल जीत रही सरकार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक माओवादियों का सफाया करने का वादा किया है। सरकार न केवल बस्तर के लोगों का बल्कि माओवादी कार्यकर्ताओं का भी दिल जीतने में कामयाब होती दिख रही है। इस साल सात साल में सबसे ज़्यादा 802 माओवादी कार्यकर्ताओं ने आत्मसमर्पण किया है। इन पर कुल 8.2 करोड़ रुपये से ज़्यादा का इनाम था। इससे पहले 2016 में 1,210 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया था। सरकार ने हाल ही में अपनी पुनर्वास नीति में बदलाव किया है। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों और नक्सली हिंसा के पीड़ितों के लिए 15,000 घरों को मंजूरी दी गई है। साथ ही, कौशल विकास के लिए 10,000 रुपये प्रति माह का वजीफा भी दिया जाएगा। बस्तर रेंज आईजी का कहना बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज ने हमारे सहयोगी टीओआई को बताया कि 2024 बस्तर रेंज के जवानों के लिए सभी मोर्चों पर महत्वपूर्ण रहा। हमने उन इलाकों में भी सेंध लगाई, जिन्हें माओवादियों का अभेद्य गढ़ माना जाता था। अबूझमाड़ और दक्षिण बस्तर में अभूतपूर्व सफलताओं ने न केवल सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाया है, बल्कि स्थानीय लोगों को भी उम्मीद दी है कि नक्सली खतरा जल्द ही खत्म हो जाएगा। यह न केवल मारे गए नक्सलियों की संख्या है, बल्कि राज्य समिति स्तर के कैडर जैसे उच्च पदस्थ कैडर का नक्सली पारिस्थितिकी तंत्र से हटना है, जिसने हमें इस सीज़न में बढ़त दिलाई है। उन्होंने आगे कहा कि दक्षिण बस्तर, पश्चिम बस्तर और माड़ क्षेत्र के वंचित इलाकों में हमारी परिचालन और विकास पहुंच बढ़ाने से स्थिति बदल गई है। गांवों में पीडीएस दुकानें, आंगनवाड़ी केंद्र और घरेलू विद्युतीकरण जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने से विकास की कमी दूर हुई है और स्थानीय आबादी और सरकार के बीच विश्वास बढ़ा है। हमें आगामी सीज़न में बेहतर परिणामों की उमीद है।

रोहित, विराट और बुमराह लेंगे छुट्टी, चैंपियंस ट्रॉफी से पहले नहीं खेलेंगे ये बड़ी सीरीज

मुंबई टीम इंडिया इस वक्त ऑस्ट्रेलिया दौरे पर है, जहां वो बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में व्यस्त है. मेलबर्न टेस्ट में मिली हार के साथ ही टीम इंडिया इस सीरीज में पिछड़ गई है. इस सीरीज में अभी तक टीम के दो सबसे बड़े नाम, कप्तान रोहित शर्मा और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है और दोनों पर सवाल उठ रहे हैं. दोनों को ही टीम से ड्रॉप किए जाने की मांग हो रही है. ऐसी खराब फॉर्म के बीच अब एक बड़ी खबर आ रही है कि दोनों स्टार खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया से लौटने के बाद छुट्टी पर चले जाएंगे और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज में नहीं खेलेंगे. इन दोनों के अलावा स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भी इस सीरीज से ब्रेक लेंगे. वर्कलोड मैनेजमेंट के लिए लेंगे ब्रेक मेलबर्न टेस्ट में टीम इंडिया की करारी हार के एक दिन बाद 31 दिसंबर को एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इंग्लैंड के खिलाफ फरवरी में होने वाली वनडे सीरीज में कप्तान रोहित, विराट और बुमराह नहीं खेलेंगे. इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वर्कलोड मैनेजमेंट को देखते हुए तीनों खिलाड़ी इस सीरीज से ब्रेक लेंगे. इस तरह ये तीनों ही खिलाड़ी 3 जनवरी से सिडनी में शुरू हो रहे टेस्ट मैच के बाद अगले एक महीने तक छुट्टी पर रहेंगे और सीधे 19 फरवरी से शुरू हो रही चैंपियंस ट्रॉफी से वापसी करेंगे. इंग्लैंड की टीम जनवरी में भारत दौरे पर आ रही है और इस दौरान दोनों टीमों के बीच पहले 5 टी20 मैच की सीरीज होगी, जिसकी शुरुआत 22 जनवरी से होगी. इसके बाद 6 फरवरी से 3 वनडे मैच की सीरीज शुरू होगी. विराट और रोहित पहले ही टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं. ऐसे में वो वैसे भी इस सीरीज का हिस्सा नहीं होते. हालांकि, रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि रोहित और विराट के खेलने को लेकर सेलेक्शन कमेटी अंतिम फैसला लेगी लेकिन अभी की स्थिति में दोनों इस सीरीज का हिस्सा नहीं होंगे. चैंपियंस ट्रॉफी से पहले आखिरी सीरीज जहां तक जसप्रीत बुमराह की बात है तो वो तीनों फॉर्मेट में सक्रिय हैं लेकिन पिछले 3 महीने से लगातार टेस्ट क्रिकेट खेल रहे हैं. ऐसे में चैंपियंस ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट के लिए उनको पूरी तरह से फ्रेश और फिट रखने के लिए इस पूरे दौरे से आराम दिया जाना तय है. भारत और इंग्लैंड के बीच 3 वनडे मैच खेले जाने हैं, जो कि चैंपियंस ट्रॉफी से पहले टीम इंडिया की आखिरी सीरीज होगी. बुमराह जिस तरह की फॉर्म में हैं, उसे देखते हुए उनको आराम देना कोई हैरानी की बात नहीं है लेकिन रोहित और विराट के हालिया प्रदर्शन के बाद उनके चैंपियंस ट्रॉफी से पहले रेस्ट लेने पर सवाल उठने तय हैं.  

देशभर के गांव-गांव और कॉलोनियों में हनुमान चालीसा बागेश्वर धाम भक्त मंडल बनाया जाएगा : पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

छतरपुर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पूरे भारत में बागेश्वर धाम भक्त मंडल बनाने का ऐलान कर दिया है. उन्होंने कहा है कि गांव-गांव और कॉलोनियों में बागेश्वर धाम भक्त मंडल बनाया जाएगा. उन्होंने तारीख का ऐलान भी कर दिया. इसका रजिस्ट्रेशन फरवरी 2025 से शुरू होगा. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से ऐलान किया है कि उनके पास कुछ श्रद्धालुओं ने बागेश्वर धाम भक्त मंडल बनाने का प्रस्ताव रखा था, जो उन्होंन स्वीकार कर लिया है. उन्होंने कहा कि पूरे भारत में गांव-गांव और कॉलोनियों में हनुमान चालीसा बागेश्वर धाम भक्त मंडल बनाया जाएगा. यह भक्त मंडल हिंदुओं की रक्षा का काम करेगा. उन्होंने यह भी कहा कि फरवरी 2025 में इसका गठन किया जाएगा और 20 से 26 फरवरी तक बागेश्वर धाम भक्त मंडल बनाने के लिए सदस्यों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा. इस भक्त मंडल में सभी समाज के लोग शामिल हो सकते हैं. सोशल मीडिया के माध्यम से भेजा संदेश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स है. इसी के चलते उन्होंने साल 2024 में इस बात का ऐलान कर दिया है कि साल 2025 में गांव-गांव व हर इलाके में बागेश्वरधाम भक्त मंडल बनाया जाएगा. यह भक्त मंडल धार्मिक आयोजनों में किस प्रकार से भाग लेगा? इसका खुलासा तो नहीं हुआ है लेकिन इतना जरूर कहा गया है कि हिंदुओं की रक्षा के लिए यह भक्त मंडल काम करेगा. हिंदुओं को एक करने के लिए यात्रा निकल चुके हैं धीरेंद्र शास्त्री धीरेंद्र शास्त्री कुछ समय पहले हिंदुओं को एक करने के लिए यात्रा भी निकल चुके हैं. इस यात्रा में बीजेपी सहित अन्य राजनीतिक दलों के दिग्गज नेताओं ने भाग लिया था. यात्रा में अभिनेता, कलाकार और समाजसेवी संगठनों ने भी अपनी सहभागिता दिखाई थी. अब हनुमान चालीसा बागेश्वर धाम भक्त मंडल के माध्यम से पंडित धीरेंद्र शास्त्री पूरे भारत में अपनी संस्था का गठन करना चाहते हैं.

प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में आलोक शर्मा के नाम की सिफारिश शिवराज सिंह चौहान ने की ….

भोपाल  मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी इकाई को अगले साल 15 जनवरी तक नए अध्यक्ष के मिलने की संभावना है. रविवार को दिल्ली में हुई एक संगठनात्मक बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसकी अध्यक्षता भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और पार्टी के राष्ट्रीय संगठनात्मक महासचिव बीएल संतोष ने की. बैठक में शामिल होने वालों में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा, प्रदेश पार्टी के संगठन महासचिव हितानंद शर्मा और मध्य प्रदेश भाजपा के संगठनात्मक चुनाव प्रमुख विवेक शेजवलकर शामिल थे. एक बार फिर प्रदेश अध्यक्ष बन सकते हैं वीडी शर्मा? वीडी शर्मा ने फरवरी 2020 में राज्य इकाई की कमान संभाली और फरवरी 2023 में अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा किया. लेकिन विधानसभा चुनाव नौ महीने दूर होने के कारण, पार्टी ने उन्हें विस्तार दिया, और वह इस पद पर चार साल पूरे करने के करीब हैं. हालांकि वीडी शर्मा अभी भी प्रदेश अध्यक्ष के पद की दौड़ में हैं, लेकिन यह संभावना नहीं है कि उन्हें राज्य भाजपा प्रमुख के रूप में एक और कार्यकाल मिल सकता है. क्योंकि उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा कर लिया है. वीडी शर्मा पर भी लागू होगा पार्टी का नियम पार्टी के सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व ने निर्देश दिया है कि जिन जिला अध्यक्षों ने अपना कार्यकाल पूरा कर लिया है, उन्हें दोहराया नहीं जाना चाहिए. यही फॉर्मूला वीडी शर्मा पर भी लागू हो सकता है और इसकी बहुत कम संभावना है कि आरएसएस के पसंदीदा होने और प्रभावशाली संगठनात्मक रिकॉर्ड होने के बावजूद उन्हें दूसरा कार्यकाल मिलेगा. आलोक शर्मा के नाम की सिफारिश शिवराज सिंह चौहान ने की प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में तीन पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, बृजेंद्र प्रताप सिंह और अरविंद सिंह भदोरिया बताए जा रहे हैं. इसके अलावा भोपाल से पार्टी सांसद आलोक शर्मा भी दौड़ में हैं, जिनके नाम की सिफारिश केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और बैतूल विधानसभा सीट से विधायक हेमंत खंडेलवाल ने की है, जिन्हें तीन विधानसभा चुनावों के दौरान यूपी में 15 जिलों के समन्वय का प्रभार दिया गया था. बृजेंद्र प्रताप सिंह की भी एंट्री कहा जा रहा है कि भोपाल की हुजूर सीट से स्थानीय विधायक रामेश्वर शर्मा भी इस पद पर नजर गड़ाए हुए हैं और उनके समर्थक उनकी उम्मीदवारी के लिए जोर लगा रहे हैं. प्रस्तावित राज्य भाजपा अध्यक्षों की सूची में सबसे हालिया प्रविष्टि बृजेंद्र प्रताप सिंह की है, जिनका नाम रविवार को दिल्ली में बैठक के दौरान सामने आया था. राज्य पार्टी के पदाधिकारियों का दावा है कि दौड़ में अंतिम नाम के रूप में एक छुपा रुस्तम उभर सकता है. कब होगी नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति राज्य भाजपा प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा, “मध्य प्रदेश में पार्टी संगठन ने सदस्यता अभियान के लिए बहुत अच्छा काम किया है. हमारे पास 1.5 करोड़ से अधिक सदस्य और एक लाख सक्रिय सदस्य हैं. बूथ से लेकर मंडल स्तर तक चुनाव हुए हैं. अगला जिला अध्यक्षों का चुनाव है, जो अगले सप्ताह के भीतर पूरा हो जाएगा और फिर नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी. भाजपा के लिए संगठन ही लोगों की सेवा का मार्ग है, जिसे भी राज्य इकाई का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी जाएगी वह पार्टी के आदर्शों के लिए काम करेगा.” मप्र में बूथ और मंडल स्तर पर चुनाव हुए और सदस्यों की नियुक्ति की गई. पार्टी का संगठन के चुनाव पर जोर 5 जनवरी तक 60 संगठनात्मक जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी जायेगी. रविवार को मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर हुई बैठक में उनकी सूची को अंतिम रूप भी दे दिया गया. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा और हितानंद शर्मा के साथ जिला अध्यक्षों की अंतिम सूची पर निर्णय लेने के लिए अन्य सभी बैठकें रद्द कर दीं. पार्टी के सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व चाहता है कि जिला अध्यक्षों की नियुक्तियां 5 जनवरी तक पूरी हो जाएं. हालांकि, अगर नामों की पसंद पर मतभेद हुआ तो सूची में 10 जनवरी तक की देरी हो सकती है. 431 सदस्य चुनेंगे पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष पार्टी कार्यालय के सूत्रों ने कहा, “लेकिन राज्य पार्टी अध्यक्ष की नियुक्ति 15 जनवरी तक कर दी जाएगी. नए राज्य अध्यक्ष के चुनाव के लिए 60 जिला अध्यक्षों, 230 प्रतिनिधियों (प्रत्येक विधानसभा सीट से एक) और 141 अन्य प्रतिनिधियों सहित 431 सदस्यों का एक निर्वाचक मंडल मतदाता है. इन 431 सदस्यों को बुलाया जाएगा और एक उपयुक्त राज्य पार्टी प्रमुख के नाम की सिफारिश करने के लिए कहा जाएगा.”

1 जनवरी से बदल जाएंगे ये 10 नियम, जानें आपकी जेब पर क्या पड़ेगा असर

नई दिल्ली आज एक जनवरी है। आज से साल 2025 शुरू हो गया । इसी के साथ कई नियम भी बदले । इसमें एलपीजी से लेकर जीएसटी और यूपीआई तक शामिल हैं। इन नियमों के बारे में आपको पता होना चाहिए। क्योंकि इन नियमों में बदलाव सीधे आपकी जेब पर असर डालेंगे। हालांकि कई नियम हर महीने की पहली तारीख को बदलते हैं। लेकिन इस बार पहली तारीख से कुछ और नियमों में बदलाव हो रहा है। जानें एक जनवरी से हो रहे 10 प्रमुख बदलावों के बारे में: 1. LPG सिलेंडर की कीमत हर महीने की पहली तारीख को ऑयल कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की कीमतों को रिवाइज्ड करती हैं। इसमें घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के सिलेंडर शामिल होते हैं। इस दौरान कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़ा भी सकती हैं और कम भी कर सकती हैं। कई बार कंपनियों कीमत में कोई बदलाव भी नहीं करतीं। 2. GST नियम में बदलाव एक जनवरी से जीएसटी से जुड़े कई नियमों में बदलाव होने जा रहा है। इसमें मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) भी शामिल है। यह प्रक्रिया उन सभी टैक्सपेयर्स पर लागू होगी जो जीएसटी फाइल करते हैं। इसका उद्देश्य जीएसटी फाइलिंग प्रक्रिया को और सुरक्षित बनाना है। 3. किसी भी बैंक से पेंशन ईपीएफओ ने एक जनवरी से पेंशन का नियम आसान बना दिया है। एक जनवरी से कर्मचारी अपनी पेंशन की रकम किसी भी बैंक से निकाल सकेंगे। इसके लिए उन्हें किसी भी अतिरिक्त सत्यापन की जरूरत नहीं होगी। इस नए नियम से पेंशन की रकम निकालना काफी आसान होगा। 4. यूपीआई 123Pay पर बढ़ी लिमिट वे यूजर्स जो स्मार्टफोन इस्तेमाल नहीं करते, वे अपने बेसिक या फीचर फोन से भी बैंक अकाउंट से पैसा ट्रांसफर कर सकते हैं। इसकी लिमिट पहले 5 हजार रुपये थी। एक जनवरी से इसे बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दिया गया है। अब लोग ज्यादा रकम का ट्रांजेक्शन कर सकेंगे। 5. किसानों को मिलेगा ज्यादा लोन एक जनवरी से किसानों को अब बिना गारंटी के दो लाख रुपये तक का लोन मिल सकेगा। रिजर्व बैंक ने हाल ही में इसके बारे में घोषणा की थी। रिजर्व बैंक ने कहा था कि किसानों दिए जाने वाले लोन की सीमा को 1.60 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये किया जाता है। 6. बढ़ेंगी कार की कीमतें एक जनवरी से कार खरीदना महंगा हो सकता है। कार कंपनियां जैसे मारुति सुजुकी, हुंडई, महिंद्रा, होंडा, बीएमडब्ल्यू आदि कीमत बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। माना जा रहा है कि एक जनवरी से कार की कीमत 3 फीसदी तक ज्यादा हो सकती है। 7. FD के नियम भी बदलेंगे अगर आप निवेश के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को तवज्जो देते हैं तो एक जनवरी से इसमें भी कुछ बदलाव होने जा रहे हैं। रिजर्व बैंक ने NBFCs और HFCs के लिए FD से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। ये बदलाव एफडी में जमा रकम को मैच्योरिटी से पहले निकालने से जुड़े हैं। 8. अमेजन प्राइम मेंबरशिप में लिमिट तय अमेजन प्राइम की मेंबरशिप में भी एक जनवरी से बदलाव हो रहे हैं। अब एक प्राइम अकाउंट से से केवल दो टीवी पर ही प्राइम वीडियो देख सकेंगे। अगर उस अकाउंट से तीसरे टीवी पर प्राइम वीडियो देखना चाहेंगे तो इसके लिए अलग से सब्सक्रिप्शन लेना होगा। पहले एक प्राइम अकाउंट से पांच डिवाइस (टीवी या स्मार्टफोन) तक पर वीडियो देखे जा सकते थे। 9. रुपे क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल एक जनवरी से रुपये क्रेडिट कार्ड से जुड़े कुछ नियम भी बदल रहे हैं। NPCI ने इसके लिए गाइडलाइन जारी कर दी हैं। नए नियमों के तहत प्रत्येक रुपे क्रेडिट कार्ड यूजर एयरपोर्ट पर लाउंज एक्सेस नहीं कर पाएगा। यह सुविधा क्रेडिट कार्ड से खर्च होने वाली रकम के आधार पर मिलेगी। 10. बदल जाएगा ट्रेनों का समय एक जनवरी से कई ट्रेनों के समय में भी बदलाव हो रहा है। नई समय सारिणी में उत्तर मध्य रेलवे की कई ट्रेन शामिल हैं। इनमें आगरा-वाराणसी के बीच चलने वाली वंदे भारत समेत कुल 15 ट्रेनों को शामिल किया है। वहीं दूसरी ओर इसमें अन्य रूट की और भी ट्रेन शामिल हैं। इसके अलावा कोरोना के समय जो ट्रेन स्पेशल नंबर से चलाई गई थीं, उनका भी नंबर बदल जाएगा। गाड़ियों की कीमतें बढ़ेंगी 1 जनवरी से मारुति, टाटा, हुंडई और अन्य कंपनियां अपनी गाड़ियों के दाम 2-3% तक बढ़ाने वाली हैं।  क्रिकेट में बदलाव 2025 में रोहित शर्मा टेस्ट क्रिकेट से रिटायर हो सकते हैं। वहीं, IPL में RCB की कप्तानी फिर से विराट कोहली को मिल सकती है।  शिक्षा के नियम बदलेंगे 2025 से 5वीं और 8वीं में फेल होने वाले छात्रों को प्रमोट नहीं किया जाएगा। उन्हें दो महीने के भीतर फिर से परीक्षा देकर पास होना होगा। साथ ही, कोचिंग सेंटरों में 16 साल से कम उम्र के बच्चों का ही एडमिशन होगा।  पुराने फोन में वॉट्सएप बंद 1 जनवरी से पुराने फोन, जिनका वर्जन एंड्रॉयड 4.4 या उससे पहले का है, उनमें वॉट्सएप काम नहीं करेगा। भारत में विदेशी डिग्री अब भारतीय और विदेशी विश्वविद्यालय मिलकर साझा कोर्स शुरू करेंगे। इससे लोग भारत में रहकर ही विदेशी डिग्री हासिल कर सकेंगे।

एमपी गजब: शराब पीकर क्लासरूम में सो गए मास्टर साहब, खतरे में बच्चों का भविष्य

MP Amazing: Master fell asleep in the classroom after drinking alcohol, children’s future in danger Sidhi News MP: मध्य प्रदेश के सीधी जिले के शिक्षा विभाग में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है. वहां पर स्कूली शिक्षा के स्तर का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सीधी के एक सरकारी स्कूल के मास्टर साहब बच्चों को पढ़ाने के बदले शराब के नशे में टुल होकर क्लासरूम में ही सो गए. जबकि बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई करते नजर आए. सीधी जिले के सरकारी स्कूलों में यह मामला सामने आने के बाद से शिक्षा विभाग के कर्मचारी और स्थानीय लोग इस घटना पर चिंता जता रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लोगों का कहना है कि छात्रों का भविष्य अंधकारमय दिखाई दे रहा है. अगर इसी तरह शिक्षक और शिक्षा विभाग के अफसर लापरवाह बने रहे तो बच्चों का क्या होगा? ऐसे में तो बच्चों को स्कूल भेजना भी सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है. शराब के नशे में टीचर द्वारा बच्चों को पढ़ाना गंभीर मामला है. ऐसे हुआ खुलासा यह मामला उस समय प्रकाश में आया जब मौके पर स्कूल पहुंचे किसी अभिभावक ने अपने मोबाइल में शिक्षक के करतूत को कैद कर लिया. फिर उसके बाद इसकी शिकायत शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कर की. उसके बाद से शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा है. बता दें की एमपी के स्कूलों में शराब पीकर शिक्षकों के क्लासरूम में सोने की यह कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले रीवा के एक प्राइमरी स्कूल में भी हेडमास्टर साहब भी शराब के नशे में टुल होकर सोते नजर आए थे. 15 सितंबर को ऐसा ही मामला आया था सामने सीधी जिले के ही बमुरहा में ​15 सिंतबर 2024 को स्कूल में शिक्षक शराब के नशे में छात्रों के बैग को तकिया बनाकर सोते नजर आये थे. मामला सामने आने के बाद मास्टर साहब के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को जांच के आदेश दिए थे.

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