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कुशल परेरा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 मैच में नए साल का पहला शतक जड़ा

ओवल श्रीलंका ने न्यूजीलैंड को तीसरे और आखिरी टी20 मैच में 7 रन से हरा दिया. साल 2025 का पहला टी20 इंटरनेशनल मैच बेहद रोमांचक रहा. इस हाई स्कोरिंग मुकाबले में मैच के परिणाम के लिए आखिरी ओवर तक इंतजार करना पड़ा. न्यूजीलैंड को आखिरी ओवर में जीत के लिए 22 रन चाहिए थे. लेकिन श्रीलंकाई गेंदबाज बिनुरा फर्नांडो ने न्यूजीलैंड के अरमानों पर पानी फेर दिया. बिनुरा ने मैच के आखिरी 6 गेंदों पर 14 रन खर्च किए. इस मुकाबले में दोनों टीमों ने मिलकर 429 रन बनाए जिसमें 25 छक्के शामिल थे. आखिरी टी20 मुकाबला जीतने के बावजूद श्रीलंका की टीम 3 मैचों की सीरीज 1-2 से हार गई. श्रीलंका की इस जीत में बिनुरा ने जहां आखिरी ओवर में शानदार गेंदबाजी की वहीं बल्लेबाजी में कुसल परेरा ने शतक जड़कर धमाल मचा दिया.परेरा साल 2025 में पहला इंटरनेशनल शतक जड़ने वाले बल्लेबाज बने.  कुशल परेरा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में नए साल का पहला शतक जड़ते हुए धमाकेदार पारी खेली. 44 गेंदों में 101 रन की इस पारी में उन्होंने 13 चौके और 4 छक्के जड़े. परेरा की इस आतिशी पारी ने न सिर्फ टीम को जीत दिलाई बल्कि 14 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ा. बता दें कि टी20 इंटरनेशनल का सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड एस्टोनिया के साहिल चौहान के नाम है. चौहान ने कई दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए 144 रनों की नाबाद पारी खेली, जिसमें 18 छक्के और 6 चौके शामिल थे. नेल्सन के सेक्सॉटन ओवल में खेले गए सीरीज के तीसरे और आखिरी टेस्ट मैच में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर श्रीलंका को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया. श्रीलंका ने कुसल परेरा (Kusal Perera) के टी20 इंटरनेशनल करियर के पहले शतक के दम पर 5 विकेट पर 218 रन बनाए. कप्तान चरित असलंका ने 24 गेंदों पर 46 रन बनाए वहीं विकेटकीपर कुसल मेंडिस 22 रन बनाकर आउट हुए. न्यूजीलैंड की ओर से मैट हेनरी, जैकब डफी, फॉल्कस, सैंटनर और डेरिल मिचेल ने एक एक विकेट लिया. परेरा ने 46 गेंदों पर 13 चौके और 4 छक्के जड़े. न्यूजीलैंड की टीम 7 विकेट पर 211 रन ही बना सकी 219 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की टीम 7 विकेट पर 211 रन ही बना सकी.उसकी ओर से रचिन रवींद्र ने सबसे ज्यादा 69 रन की पारी खेली. ओपनर टिम रॉबिन्सन 37 रन बनाकर आउट हुए. डेरिल मिचेल 35 रन की पारी खेलकर पवेलियन लौटे. कप्तान मिचेल सैंटनर ने नाबाद 14 रन की पारी खेली वहीं जेकरी फॉक्स ने 13 गेंदों पर नाबाद 21 रन की पारी खेली. टिम रॉबिन्सन और रचिन रवींद्र की ओपनिंग जोड़ी ने 81 रन की साझेदारी की. 6 गेंद पर 22 रन नहीं बना सके मेजबान टीम के बल्लेबाज न्यूजीलैंड को जीत के लिए 6 गेंद पर 22 रन की जरूरत थी. मिचेल सैंटनर और जेकरी फॉक्स की जोड़ी क्रीज पर थी. बिनुरा फर्नांडो मैच का आखिरी ओवर लेकर आए. फर्नांडो के ओवर की पहली गेंद पर सैंटनर ने 2 रन लिए.दूसरी गेंद पर एक रन बने जबकि अगली गेंद वाइड रही. इसके बाद तीसरी लीगल गेंद पर 2 रन बने. चौथी गेंद पर फॉक्स ने छक्का जड़ दिया. इसके बाद कीवी टीम को 2 गेंद पर 10 रन की जरूरत थी. लेकिन आखिरी दो गेंदों पर दो रन ही बन सके. परेरा का पहला T20I शतक कुशल परेरा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी की. महज 44 गेंदों पर शतक पूरा करते हुए उन्होंने 13 चौके और 4 छक्के जड़े. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 219.56 रहा. यह टी20 इंटरनेशनल में उनका पहला शतक है, जो श्रीलंका के लिए अब तक का सबसे तेज शतक भी है. तोड़ा दिलशान का रिकॉर्ड परेरा ने इस पारी के साथ 14 साल पुराना तिलकरत्ने दिलशान का रिकॉर्ड तोड़ दिया. दिलशान ने साल 2011 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 55 गेंदों में शतक लगाया था. परेरा अब श्रीलंका की ओर से टी20 में सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. T20I में सबसे तेज शतक एस्टोनिया के बल्लेबाज साहिल चौहान ने साइप्रस के खिलाफ केवल 27 गेंदों में शतक जड़ते हुए टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट का सबसे तेज शतक  लगाने का रिकॉर्ड तोड़ दिया था. चौहान ने 41 गेंदों पर नाबाद 144 रनों की विस्फोटक पारी में 18 छक्के और 6 चौके लगाए थे. इससे पहले यह रिकॉर्ड नामीबिया के जान निकोल लॉफ्टी-ईटन के नाम था, जिन्होंने 33 गेंदों में शतक लगाया था. T20 में कैसा है परेरा का प्रदर्शन इस पारी के बाद परेरा का बेस्ट स्कोर 101 रन हो गया है. परेरा ने अभी तक कुल 77 मैच खेले है, और 134.12 के शानदार स्ट्राइक रेट के साथ 2056 रन बनाये है-

सरकार ने निशानेबाज मनु भाकर को खेल रत्न से नवाजा, शतरंज खिलाड़ी डी गुकेश को भी खेल रत्न पुरस्कार मिला

नई दिल्ली भारत के लिए ओलंपिक में मेडल जीतने वाली निशानेबाज मनु भाकर को भारी बवाल के बाद खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इससे पहले जब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के नामों की घोषणा की गई थ तो मनु भाकर का नाम उसमें शामिल नहीं था। इसे लेकर मनु भाकर के पिता ने निराशा भी जाहिर किया था। इसके बाद मनु भाकर को खेल रत्न देने की घोषणा की गई है। खेल मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2024 का एलान गुरुवार को कर दिया गया है। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू 17 जनवरी को राष्ट्रपति भवन में विजेताओं को सम्मानित करेंगी। मनु और गुकेश के अलावा भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह और पैरालंपियन प्रवीण कुमार को भी खेल रत्न पुरस्कार दिया जाएगा। खेल मंत्रालय ने बयान में कहा, समिति की सिफारिशों और सरकार की जांच के आधार पर खिलाड़ियों, कोच, विश्वविद्यालयों को पुरस्कार देने का फैसला किया गया है। समिति की सिफारिशों के आधार पर और उचित जांच के बाद, सरकार ने निम्न खिलाड़ियों, कोच, विश्वविद्यालय और संस्थाओं को पुरस्कार प्रदान करने का निर्णय लिया है.  इन ख‍िलाड़‍ियों को म‍िला ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार 2024  1. गुकेश डी (शतरंज) 2. हरमनप्रीत सिंह (हॉकी) 3. प्रवीण कुमार (पैरा एथलेटिक्स) 4. मनु भाकर (शूटिंग) मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक में पहले 10 मीटर एयर पिस्टल में पोडियम पर जगह बनाई और फिर सरबजोत सिंह के साथ मिलकर 10 मीटर मिश्रित टीम में दूसरा कांस्य पदक जीता. इस तरह वह खेलों के इस महाकुंभ के एक ही सत्र में दो पदक जीतने वाली भारत की पहली खिलाड़ी बन गईं. डी गुकेश शतरंज के इतिहास में सबसे युवा विश्व चैम्पियन बने. 2024 में चेन्नई के 18 वर्ष के गुकेश के रूप में एक नया रोलमॉडल सामने आ गया है.सिंगापुर में विश्व शतरंज चैम्पियनशिप मुकाबले में चीन के डिंग लिरेन को हराकर वह विश्व चैम्पियन बने. 14 दौर के खिताबी मुकाबले से पहले ही गुकेश को प्रबल दावेदार माना जा रहा था, जिससे दबाव बनना लाजमी था. तीसरे, 11वें और 14वें दौर में जीत दर्ज करके ने विश्व चैम्पियन का खिताब जीता.  पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने साबित कर दिया कि टोक्यो खेलों में मिला कांसा कोई तुक्का नहीं था.हरमनप्रीत ने पेरिस ओलंपिक में 10 गोल दागे जिसके दम पर उन्हें तीसरी बार एफआईएच वर्ष के सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी का पुरस्कार भी मिला. देखें क‍िन्हें म‍िले अर्जुन पुरस्कार 1. ज्योति याराजी (एथलेटिक्स) 2. अन्नू रानी (एथलेटिक्स) 3. नीतू (मुक्केबाजी) 4. स्वीटी (मुक्केबाजी) 5. वंतिका अग्रवाल (शतरंज) 6. सलीमा टेटे (हॉकी) 7. अभिषेक (हॉकी) 8. संजय (हॉकी) 9. जरमनप्रीत सिंह (हॉकी) 10. सुखजीत सिंह (हॉकी) 11. राकेश कुमार (पैरा तीरंदाजी) 12. प्रीति पाल (पैरा एथलेटिक्स) 13. जीवनजी दीप्ति (पैरा एथलेटिक्स) 14. अजीत सिंह (पैरा एथलेटिक्स) 15. सचिन सरजेराव खिलारी (पैरा एथलेटिक्स) 16. धरमबीर (पैरा एथलेटिक्स) 17. प्रणव सूरमा (पैरा एथलेटिक्स) 18. एच होकाटो सेमा (पैरा एथलेटिक्स) 19. सिमरन जी (पैरा एथलेटिक्स) 20. नवदीप (पैरा एथलेटिक्स) 21. नितेश कुमार (पैरा बैडमिंटन) 22. तुलसीमथी मुरुगेसन (पैरा बैडमिंटन) 23. नित्या श्री सुमति सिवान (पैरा बैडमिंटन) 24. मनीषा रामदास (पैरा बैडमिंटन) 25. कपिल परमार (पैरा जूडो) 26. मोना अग्रवाल (पैरा शूटिंग) 27. रुबीना फ्रांसिस (पैरा शूटिंग) 28. स्वप्निल सुरेश कुसाले (शूटिंग) 29. सरबजोत सिंह (शूटिंग) 30. अभय सिंह (स्क्वैश) 31. साजन प्रकाश (तैराकी) 32. अमन (कुश्ती) खेलकूद में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्जुन पुरस्कार (आजीवन) 1. सुच्चा सिंह (एथलेटिक्स) 2. मुरलीकांत राजाराम पेटकर (पैरा-तैराकी)  द्रोणाचार्य पुरस्कार (नियमित श्रेणी) 1. सुभाष राणा (पैरा-शूटिंग) 2. दीपाली देशपांडे (शूटिंग) 3. संदीप सांगवान (हॉकी) द्रोणाचार्य पुरस्कार (आजीवन श्रेणी) 1. एस. मुरलीधरन (बैडमिंटन) 2. अर्मांडो एग्नेलो कोलाको (फुटबॉल) राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार 1. फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया मौलाना अबुल कलाम आजाद (MAKA) ट्रॉफी 2024 1 चंडीगढ़ विश्वविद्यालय (ओवरऑल विनर यूनिवर्सिटी) 2. लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, (1st रनर-अप यूनिवर्सिटी) 3. गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर (सेकेंड रनर अप यूनिवर्सिटी)

ड्रेसिंग रूम की बातचीत पर गंभीर ने तोड़ी चुप्पी, कहा- जो कुछ कहा वह केवल ईमानदारी भरे कुछ शब्द थे

सिडनी भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने भारतीय क्रिकेट टीम के ड्रेसिंग रूम में माहौल को लेकर आ रही रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में हार के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के ड्रेसिंग रूम में अनबन की खबरों ने काफी विवाद खड़ा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, बॉर्डर गावस्कर सीरीज के चौथे टेस्ट मैच में 184 रनों की बड़ी हार के बाद गौतम गंभीर ने भारतीय खिलाड़ियों के प्रति अपना गुस्सा व्यक्त किया था और कहा था कि ‘बहुत हो गया है’, यह बात उन्होंने अपनी ड्रेसिंग रूम स्पीच में कही थी। इस तरह के माहौल को अच्छा नहीं बताया गया था। सिडनी टेस्ट से पहले गौतम गंभीर ने प्रेस कांफ्रेंस में बात करते हुए इस तरह की रिपोर्ट को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “ये केवल रिपोर्ट है। यह सच नहीं है। मुझे नहीं लगता कि रिपोर्ट पर कोई जवाब देने की जरूरत है। जो कुछ कहा वह केवल ईमानदारी भरे कुछ शब्द थे, मैं आपको यही कह सकता हूं। ईमानदारी बहुत जरूरी है। अगर आप बड़ी चीजों को हासिल करना चाहते हैं तो ईमानदारी बहुत महत्वपूर्ण है।” उन्होंने आगे कहा, “पहले टीम आती है। क्योंकि यह टीम गेम है और हर कोई यह समझता है। एक खिलाड़ी और कोच के बीच में बातचीत को उनके बीच तक ही सीमित रहना चाहिए। ऐसे ही ड्रेसिंग रूम में कोई बातचीत होती है तो उसको ड्रेसिंग रूम में ही रहने देना चाहिए।” बता दें कि बुधवार को द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार गंभीर ने कहा था कि कुछ खिलाड़ियों ने अपने स्वाभाविक खेल के नाम मनमाफिक शॉट्स खेले और हालातों पर कोई ध्यान नहीं दिया। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि गंभीर ने खिलाड़ियों से कहा कि मैंने आपको पिछले छह महीनों में आपके हिसाब से खेलने की पूरी छूट दी, लेकिन अब यह उनको तय करना होगा कि खेल के लंबे फॉर्मेट में कैसे खेलना है। रिपोर्ट में यह तक दावा किया गया कि अगर कोई खिलाड़ी खेल से पहले गंभीर की रणनीति के अनुसार काम नहीं करना चाहता है तो उसको ‘धन्यवाद’ कह दिया जाएगा। इसके अलावा गंभीर ने भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा को फिर से टीम में शामिल करने की भी इच्छा जताई थी।  

मध्य प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप, कोहरे की चादर में लिपटे कई शहर, जिलों में कोल्ड डे का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में ठंड ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। सुबह और शाम ही नहीं बल्कि दोपहर में भी हाड़ कंपाने वाली सर्दी का सितम देखने को मिल रहा है। उत्तर भारत में फिलहाल बर्फबारी हो रही है और वहां से बर्फीली हवाएं मध्य प्रदेश में प्रवेश कर रही हैं। इनकी वजह से प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिली है। मध्य प्रदेश के तापमान में आ रही है गिरावट का यह दौर फिलहाल जारी रहने वाला है। बर्फीली हवाओं ने प्रदेश का अधिकांश हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया है। अब बचे हुए जिले भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। मौसम विभाग ने आने वाले तीन दिनों तक कड़ाके की सर्दी और शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। मध्य प्रदेश में जैसे ही बारिश का दौर खत्म हुआ है, वैसे ही कई शहरों का तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच चुका है। सबसे कम तापमान शहडोल के कल्याणपुर में 6.1 डिग्री सेल्सियस देखा गया। इसके अलावा राजधानी भोपाल, रीवा, जबलपुर, नर्मदापुरम, सतना, उज्जैन, उमरिया, शिवपुरी, बालाघाट, रायसेन, रीवा, नौगांव, गुना जैसे शहरों में कोल्ड डे की स्थिति बनी हुई है। आने वाले तीन दिनों तक कोहरे और शीतलहर का दौर देखने को मिलेगा। लगातार गिर रहा तापमान फिलहाल हिमाचल प्रदेश लद्दाख उत्तराखंड और जम्मू जैसे इलाकों में बर्फबारी हो रही है। यहां से आ रही बर्फीली हवाएं प्रदेश के तापमान में गिरावट का कारण बन रही हैं। मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक हवा की रफ्तार तेज होगी जिससे ठंड का असर ज्यादा बढ़ जाएगा। जनवरी के 20 से 22 दिन शीतलहर और कोल्ड डे में गुजरने वाले हैं। यहां शीतलहर का अलर्ट मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक गुरुवार को जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर सहित 19 जिलों में शीत लहर का अलर्ट जारी किया गया है। मुरैना, दतिया, सागर, भिंड, राजगढ़, छतरपुर, निवाड़ी, उमरिया, दमोह और कटनी में भी शीतलहर चलेगी। आज सुबह से कई जिले घने कोहरे की चादर में लिपटे हुए हैं।

मारुति ने 2024 में 17,90,977 लाख गाड़ियां बेचने के साथ अब तक की सर्वाधिक सालाना थोक बिक्री का रिकॉर्ड तोड़ा

मुंबई स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) की निरंतर मांग और ग्रामीण बाजारों में कारों की बिक्री बढ़ने से साल 2024 में रिकॉर्ड 43 लाख वाहन बिके। इसके साथ ही, वाहन उद्योग ने 2023 में बिके 41.1 लाख गाड़ियों की बिक्री के अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को पीछे छोड़ दिया। बीते साल मारुति सुजुकी, ह्यूंडई, टाटा मोटर्स, टोयोटा किर्लोस्कर और किआ जैसी प्रमुख कंपनियों ने अपनी अब तक की सबसे ऊंची सालाना बिक्री दर्ज की। मारुति सुजुकी इंडिया लि. के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी पार्थो बनर्जी ने कहा, 2023 में 41,09,000 लाख वाहन बिके थे। इस आधार पर 2024 में 4.5 से 4.7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। मारुति ने छह साल बाद तोड़ा रिकॉर्ड मारुति ने 2024 में 17,90,977 लाख गाड़ियां बेचने के साथ अब तक की सर्वाधिक सालाना थोक बिक्री का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। कंपनी ने इससे पहले 2018 में रिकॉर्ड 17,51,919 वाहन बेचे थे।  ह्यूंडई मोटर इंडिया ने भी 2024 में रिकॉर्ड 6,05,433 वाहन बेचे। टाटा मोटर्स के लिए बिक्री के लिहाज से यह लगातार चौथा सबसे बेहतर साल रहा। इस दौरान कंपनी ने 5.65 लाख गाड़ियां बेचीं।  टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने 3,26,329 इकाई के साथ अपनी अबतक की सर्वश्रेष्ठ बिक्री दर्ज की। किआ इंडिया ने भी छह बिक्री वृद्धि के साथ रिकॉर्ड 2,55,038 वाहन बेचे। मारुति सुजुकी की टॉप सेलिंग कार 2024 नं मॉडल यूनिट 1 वैगनआर 1.98 लाख 2 अर्टिगा 1.90 लाख 3 ब्रेजा 1.88 लाख 4 स्विफ्ट 1.73 लाख 5 बलेनो 1.72 लाख 6 डिजायर 1.68 लाख 7 फ्रोंक्स 1.56 लाख   लग्जरी वाहनों में गिरावट लग्जरी सेगमेंट में जर्मन कंपनी ऑडी की कारों की खुदरा बिक्री 2024 में पूरे साल के दौरान एक साल पहले की तुलना में 26.6 फीसदी घटकर 5,816 इकाई रह गई। कंपनी ने 2023 में कुल 7,931 वाहन बेचे थे। दोपहिया-वाणिज्यिक वाहनों में भी उछाल दिसंबर, 2024 में दोपहिया और वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में भी तेजी दर्ज की गई। सुजुकी मोटरसाइकिल के दोपहिया वाहनों की बिक्री 22 फीसदी बढ़कर 96,804 इकाई पहुंच गई। बजाज ऑटो ने दोपहिया व वाणिज्यिक समेत 3,23,125 वाहन बेचे। वीई कमर्शियल व्हीकल लि. ने 8,324 वाणिज्यिक वाहन बेचे। दिसंबर, 2023 में यह आंकड़ा 8,026 था।

मध्यप्रदेश बीजेपी जिलाध्यक्षों को लेकर खींचतान, इंदौर,सहित डेढ़ दर्जन जिलों में नहीं बनी सहमति

Madhya Pradesh BJP tussle over district heads, no consensus reached in one and a half dozen districts including Indore भोपाल ! मध्यप्रदेश में बीजेपी जिलाध्यक्षों के चयन को लेकर सियासी माहौल गर्माया हुआ है। फीडबैक और रायशुमारी के बाद अब जिलाध्यक्षों के चयन के लिए भोपाल में बीजेपी दफ्तर में मंथन चल रहा है। बीजेपी निर्वाचन पदाधिकारी नए जिलाध्यक्षों के नामों पर मंथन कर रहे हैं। खबरें हैं कि इंदौर ग्रामीण और सागर सहित करीब डेढ़ दर्जन जिलों में जिलाध्यक्षों को लेकर जमकर खींचतान मची हुई है और कोई सहमति नहीं बन पाई है। मध्यप्रदेश में भाजपा जिला अध्यक्ष के चयन को लेकर प्रदेश कार्यालय में से वन टू बन चर्चा शुरू हो गई। कई जिलों में सहमति नहीं बन पाने की खबरों के बीच प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह पार्टी दफ्तर में इन जिलों का मसला सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। सबसे ज्यादा विवाद इंदौर ग्रामीण, सागर में हैं। इंदौर ग्रामीण जिला अध्यक्ष चिंटू वर्मा हैं, कुछ नेता प्रयास कर रहे हैं कि वे एक बार फिर अध्यक्ष बनें, जबकि कुछ नेता प्रयास कर रहे हैं कि उनकी जगह दूसरे नेता को इंदौर ग्रामीण की कमान दी जाए। चिंटू वर्मा का कार्यकाल सिर्फ एक साल का ही हुआ है। इंदौर ग्रामीण के लिए भाजपा के एक विधायक दिल्‍ली तक सक्रिय हो गए हैं, वे अपनी पसंद का जिला अध्यक्ष बनवाना चाहते हैं। सागर जिले के अध्यक्ष को लेकर भी गहमा गहमी बनी हुईं है। यहां पर मंत्री गोंविद राजपूत अपनी पसंद से अध्यक्ष बनवाना चाहते हैं, जबकि पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव और भूपेंद्र सिंह अपनी पसंद का अध्यक्ष चाहते हैं। इसके चलते यहां पर जमकर पेंच फंस गया है। इसके अलावा सतना में भी पेंच फंसता हुआ दिखाई दे रहा है। इन जिलों के अलावा करीब डेढ़ दर्जन और ऐसे जिले हैं, जहां पर रायशुमारी में नाम निकल कर सामने नहीं आए। यदि इन जिलों पर सहमति नहीं बनी तो यहां पर जिला अध्यक्ष के चयन को होल्ड किया जा सकता है और बाकी बचे जिलों के जिलाध्यक्षों के नामों का ऐलान 5 जनवरी को किया जा सकता है।

पांचवां और आखिरी टेस्ट स्टार बल्लेबाज विराट कोहली के लिए अपने पुराने तेवर दिखाने का आखिरी मौका

सिडनी बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी का शुक्रवार से सिडनी में शुरू होने वाला पांचवां और आखिरी टेस्ट स्टार बल्लेबाज विराट कोहली के लिए अपने पुराने तेवर दिखाने का आखिरी मौका होगा। अब तक सुपर फ्लॉप रहे कोहली को सिडनी में बड़ा स्कोर बनाकर दिखाना होगा कि उनमें अभी दमखम बाकी है। पहले ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफ़ी में दो विराट कोहली हिस्सा ले रहे हैं और इसमें ग़लती ख़ुद उनकी ही है। छह वर्ष पहले जब वह यहां आए थे तब उन्होंने एक ऐसा शतक लगाया था जिसे घर के बाहर किसी बल्लेबाज़ द्वारा लगाए गए सबसे बेहतरीन शतक की संज्ञा दी जा सकती है। 2018 में पर्थ में खेली गई उनकी पारी यह विश्वास दिलाने के लिए पर्याप्त थी कि जब तक वह क्रीज़ पर हैं, तब कुछ भी संभव है। यहां तक कि 2024 की शुरुआत भी उनके लिए काफ़ी बेहतर हुई थी। कोहली ने ऐसी पिच पर 46 रन बनाए थे जहां दक्षिण अफ़्रीका की पूरी टीम 55 पर सिमट गई थी। कोहली के सामने जितनी ही बड़ी चुनौती आई वह उतनी ही रफ़्तार के साथ उससे पार पाने में सफल रहे। हर टीम को ऐसे खिलाड़ी की ज़रूरत होती है। मौजूदा दौरे पर कोहली सभी छह बार ऑफ़ स्टंप के बाहर की गेंद को छेड़ने के दौरान आउट हुए हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने ईएसपीएन क्रिकइंफो से कहा, “अब समय आ गया है जब उन्हें ना सिर्फ़ रन बनाने होंगे बल्कि इस समस्या से निकलने के लिए उन्हें आउट होने का कोई दूसरा तरीका भी ढूंढना होगा। मैंने अब तक ऐसा खिलाड़ी नहीं देखा है जिसका टेस्ट क्रिकेट पर कोहली जितना इम्पैक्ट हो और उसके साथ यह कमज़ोरी हो। मुझे नहीं लगता कि किसी शीर्ष क्रम के बल्लेबाज़ के साथ ऐसी कोई कमज़ोर कड़ी रही हो। हां ऐसा हो चुका है कि कई बार खिलाड़ी एक ही तरह से आउट हुए हैं लेकिन कोहली के संदर्भ में यह काफ़ी समय से घटित हो रहा है।” मांजरेकर ने मैच डे हिंदी में कहा, “कोहली के पास एक विकल्प यह है कि वह बाहर की गेंदों को छोड़ें और जैसा कि उन्होंने (मेलबर्न टेस्ट) पहली पारी में किया भी। स्टीव स्मिथ अलग अलग तरह से अपनी समस्याएं कम करते हैं लेकिन कोहली के साथ यह काफ़ी लंबे समय से घटित हो रहा है। उस खिलाड़ी जिसके हिस्से में कई बड़ी पारियां हैं उसका बार बार एक ही तरह की ग़लती दोहरना काफ़ी दिलचस्प है।” मेलबर्न में कोहली और सैम कॉन्स्टास के बीच हुई भिड़ंत भी चर्चा का केंद्र बनी रही, जहां 35 वर्षीय सुपरस्टार का एक 19 वर्षीय खिलाड़ी से उलझना काफ़ी लोगों को अखर गया। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर आरोन फ़िंच ने कहा, “कोहली उस तरह के खिलाड़ी हैं जो दबाव की स्थिति में और निखर जाते हैं। वह लड़ाई मोल लेने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि यह उनके भीतर से उनका सर्वश्रेष्ठ निकालता है। यही वह स्थिति होती है जब वह अपना पूरा कौशल झोंक देते हैं।” कोहली ने कई टेस्ट सीरीज़ को अपनी बल्लेबाज़ी और व्यवहार से परिभाषित किया है लेकिन यह सीरीज़ उनके लिए ग़लत आंकलन से परिभाषित हो रही है। सिडनी में चीज़ें ठीक करने का उनके पास आखिरी मौक़ा है। वह मेलबर्न में लगभग ऐसा कर भी चुके थे और ख़ुद स्मिथ तक को यह लगा था कि कोहली के बल्ले से एक बड़ी पारी आने वाली है लेकिन जायसवाल के रन आउट घटनाक्रम के बाद वह ऑफ़ स्टंप के बाहर की गेंद को छेड़ने चले गए जिसे वह अब तक छोड़ते आ रहे थे। शायद नया साल पुराने कोहली को वापस लाने में सफल साबित हो। फ़ील्ड पर तो वह अभी भी पुराने कोहली ही हैं। दर्शकों से उलझ रहे हैं, रोहित शर्मा को हर ज़रूरी सुझाव भी दे रहे हैं। ख़ुद रोहित के लिए यह साल और सीरीज़ अभी तक संतोषजनक नहीं रही है और उनके टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने की भी काफ़ी चर्चा चल रही है। हालांकि मांजरेकर मानते हैं कि इस पर कोई भी निर्णय ख़ुद रोहित ही लेंगे। मांजरेकर ने कहा, “रोहित का फ़ॉर्म वास्तव में चिंताजनक है। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में अकसर ऐसा होता है कि क्रिकेट को सही दिशा दिखाने के लिए बड़े खिलाड़ी आड़े नहीं आते। भारतीय क्रिकेट उस स्तर पर नहीं पहुंचा है। यह ज़िम्मेदारी चयन समिति के अध्यक्ष अजीत आगरकर की भी है लेकिन मुझे लगता है कि रोहित ख़ुद सामने आकर ही अपने फ़ैसले के बारे में बता देंगे।”  

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के विशेषज्ञों ने बैलून तकनीक से मिट्रल व ट्राइकसपिड वॉल्व की सिकुड़न का बिना सर्जरी के इलाज किया

जबलपुर रयूमेटिक हृदय रोग से पीड़ित 40 वर्षीय महिला का मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के विशेषज्ञों ने बैलून तकनीक से मिट्रल व ट्राइकसपिड वॉल्व की सिकुड़न का बिना सर्जरी के इलाज किया। उपचार से मरीज को धड़कन की अनियमितता, बीपी, फेफड़े, पेट व अन्य जगह पर पानी भरने में भी आराम मिला है। इलाज के बाद महिला को पूर्णत: लाभ मिला कार्डियोलॉजी विभाग के हृदय रोग विशेषज्ञ और ऐसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शिशिर सोनी ने बताया कि मरीज को अत्यधिक गम्भीर अवस्था में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल लाया गया था। इससे पहले उसे महाकोशल के कई अस्पतालों और नागपुर के हृदय रोग विशेषज्ञों को दिखाया जा चुका था, लेकिन इलाज नहीं हो सका। डॉ. सोनी ने बताया कि मरीज के मिट्रल और ट्राइकसपिड दोनों वॉल्व में स्टेनोसिस (सिकुडऩ) थी। इस बीमारी में मरीज को अत्यधिक सांस फूलने और पैरों में सूजन की समस्या होती है। इसके अलावा अन्य समस्याएं धडकऩों की अनियमितता, कम बीपी और फेफडें, पेट और अन्य जगहों में पानी भर जाने जैसी परेशानियां भी थीं। उन्होंने बैलून तकनीक से एक ही बार में परक्यूटेनियस मिट्रल और ट्राइकसपिड बैलून वाल्यूलोप्लास्टी सफलतापूर्वक की। इलाज के बाद महिला को पूर्णत: लाभ मिला है।  प्रदेश में पहली बार इलाज डॉ. शिशिर सोनी ने बताया कि एक ही मरीज में दोनों वॉल्व की सिकुड़न का परक्यूटेनियस मिट्रल और ट्राइकसपिड बैलून पाल्यूलोप्लास्टी से सफलतम उपचार दुनिया के कुछ ही कार्डियेक सेंटर में हुआ है। मध्यप्रदेश में यह उपचार पहली बार किया गया है।

पांचवें टेस्ट मैच से पहले कप्तान पैट कमिंस ने कहा- सिडनी में होने वाले पांचवें टेस्टं के लिए टीम में एक किया बदलाव

सिडनी ऑस्ट्रेलिया ने भारत के साथ होने वाले पांचवें और आखिरी टेस्ट से ऑलराउंडर मिचेल मार्श को बाहर कर दिया गया है और उनकी जगह बो वेबस्टर टेस्ट टीम में पर्दापण करेंगे। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने गुरुवार को पांचवें टेस्ट मैच से पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सिडनी में होने वाले पांचवें टेस्टं के लिए टीम में एक बदलाव किया गया है। ऑलराउंडर मिचेल मार्श की जगह बो वेबस्टिर टेस्ट  टीम में शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि कमर दर्द से परेशान रहे मिचेल स्टाटर्क मैच खेलने के लिए फिट हैं। वेबस्टर ने पिछले कुछ सत्र में शेफील्ड शील्ड में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। पिछले सीजन में वह 58.62 की औसत से 938 रन बनाकर शील्ड में सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे और 29.30 की औसत से 30 विकेट लिए। इस सीज़न के चार मैचों में उन्होंने 50.50 की औसत से 303 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है और 96.5 ओवरों में 37.88 की औसत से नौ विकेट लिए हैं। उन्होंने तस्मेनिया के लिए डीन जोन्स ट्रॉफी के 50 ओवर के मैच में 17 रन देकर छह विकेट लिए थे और पहले चार दिवसीय मैच में भारत ए के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया ए के लिए नाबाद अर्धशतक लगाया है और मेलबर्न में दूसरे मैच में दो बार तीन विकेट लिए हैं। कमिंस ने कहा, “मिची ने जाहिर तौर पर इस सत्र में उतने रन नहीं बनाए हैं या शायद उतने विकेट नहीं लिए हैं, जितने वह लेना चाहते थे। इसलिए हमें लगा कि अब समय आ गया है कि हम तैयार हो जाएं और बो टीम के साथ हैं। वह शानदार रहे हैं। इसलिए यह मिची के लिए शर्म की बात है, क्योंकि हम जानते हैं कि वह टीम के लिए कितना कुछ लेकर आते हैं, लेकिन हमें लगता है कि बो के लिए अब अवसर मिलने का यह अच्छा सप्ताह है।” उन्होंने कहा, “वह पूरी तरह से समझदार था। मुझे लगता है कि उसके शब्द, हां, जरूरी नहीं कि वह अचंभित करने वाले हों। वह जानता है कि उसने रन नहीं बनाए हैं या विकेट नहीं लिए हैं जो वह चाहता था। इसलिए यह आपको कमजोर बनाता है। बो के लिए वास्तव में उत्साहित हूं। उसने जो पहली बात कही, मैं बो को वहां जाकर अवसर देने का इंतजार नहीं कर सकता।” पांचवें टेस्टब के लिए ऑस्ट्रेवलियाई एकादश : सैम कॉन्टा स, उस्माेन ख़्िवाजा, मार्नस लाबुशेन, स्टीववन स्मिथ, ट्रैविस हेड, बो वेबस्ट र, ऐलेक्स  कैरी (विकेटकीपर), पैट कमिंस (कप्तान), मिचेल स्टावर्क, नेथन लायन और स्कॉेट बोलैंड।  

न्यूयॉर्क में फिर ताबड़तोड़ गोलीबारी! क्वींस में 11 लोगों को मारी गोली, वीडियो आया सामने

 न्यूयॉर्क अमेरिका के न्यूयॉर्क में एक नाइट क्लब में हुई गोलीबारी में कम से कम 11 लोग घायल हो गए हैं। न्यूयॉर्क के क्वींस इलाके में अमेजुरा नाइटक्लब में बुधवार देर रात गोलीबारी की ये वारदात हुई। पुलिस ने बताया है कि जमैका में अमेजुरा इवेंट हॉल के पास बड़ा नाइटक्लब है, जिसमें 4,000 लोगों की क्षमता है। यहां अक्सर डीजे और लाइव परफॉर्मेंस होते रहते हैं। यहां पर नए साल के मौके पर लोग जमा थे, इसी दौरान गोलीबारी होने की सूचना मिली। पुलिस और राहतकर्मियों ने सभी 11 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। गोलीबारी की घटना के बाद न्यू यॉर्क पुलिस डिपार्टमेंट (NYPD) की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और इलाके को घेर लिया गया। पुलिस को 91 एवेन्यू और 144 प्लेस पर कई खाली कारतूस मिले हैं, जिससे एक और क्राइम सीन बनाया गया है। पुलिस ने आसपास की सड़कों को बंद कर दिया गया। पुलिस ने अमेजुरा और सटफिन ब्लाव्ड पर स्पेशल यूनिट को तैनायत किया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी सिटिन की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने एक सफेद कार की पहचान की है, जिसके गोलीबारी की घटना में शामिल थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।अभी पुलिस को कोई पुख्ता सुराग इस मामले में नहीं मिल सका है। क्वींस नाइट क्लब में गोलीबारी के शिकार लोगों को लॉन्ग आइलैंड ज्यूइश हॉस्पिटल और कोहेन्स चिल्ड्रन मेडिकल सेंटर समेत कई अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। NYPD ने पुष्टि की है कि किसी भी पीड़ित की हालत गंभीर नहीं है और सभी के बचने की उम्मीद है। पुलिस ने अब तक किसी संदिग्ध को गिरफ्तार नहीं किया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है की क्या यह घटना किसी गैंगवार से जुडी है या इसके पीछे कोई और वजह है। घटनास्थल से मिले सबूतों को इकट्ठा किया जा रहा है और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है की अगर उनके पास इस घटना से जुडी कोई भी जानकारी है तो वे आगे आकर पुलिस की मदद करें। अमेरिका से नए साल पर कई शहरों से हिंसा, गोलीबारी और हमलों की खबरें सामने आई हैं। सबसे बड़ी घटना न्यू ओर्लियन्स में हुई है। यहां एक एक शख्स ने नए साल का जश्न मना रहे लोगों की भीड़ पर एक कार चढ़ा दी। इस घटना में 15 लोगों की मौत हो गई और करीब 30 लोग घायल हो गए। अमेरिका ने इसे आतंकी हमला कहा है। इस घटना में हमलावर को पुलिस ने मौके पर ही मार दिया है। मोंटनेग्रो में 2022 में भी हुई थी 12 लोगों की मौत मोंटनेग्रो में 2022 में भी गोलीबारी में 12 लोगों की मौत हो गई थी। सेटिनजे के एक व्यक्ति ने पारिवारिक विवाद के बाद बच्चों सहित सड़क पर चलने वाले लोगों पर बेतरतीब ढंग से गोलियां चला दीं थीं। इससे 12 लोगों की मौत हो गई थी और छह अन्य घायल हो गए थी । हालांकि वह हमलावर शख्स बाद में पुलिस की गोली लगने से मारा गया था।

श्रीलंका ने न्यूजीलैंड को सात रनों से हराया, कुसल परेरा का धमाकेदार शतक

नेल्सन (न्यूजीलैंड) कुसल परेरा (101) की तूफानी शतकीय, चरित असलंका (तीन विकेट) और वानिंदु हसरंगा (दो विकेट) की शानदार गेंदबाजी के दम पर श्रीलंका ने गुरुवार को तीसरे टी-20 मुकाबले में न्यूजीलैंड को सात रन से हरा दिया है। हालांकि न्यूजीलैंड ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीती। कुसल परेरा को उनकी तूफानी शतकीय पारी के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ से तथा सीरीज में आठ विकेट लेने वाले न्यूजीलैंड के गेंदबाज जेकब डफी ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ से नवाजा गया। श्रीलंका के 218 रनों के जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड के लिए टिम रॉबिंसन और रचिन रविंद्र की सलामी जोड़ी ने अच्छी शुरुआत करते हुए पहले विकेट के लिए 81 रन जोड़े। आठवें ओवर में बी फर्नांडो ने टिम रॉबिंसन (37) को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद चरित असलंका ने मार्क चैपमैन (नौ) और ग्लेन फिलिप्स (छह) को आउट कर न्यूजीलैंड को दो झटके दिये। 13वें ओवर में असलंका ने रचिन रविंद्र को बोल्ड कर श्रीलंका को चौथी सफलता दिलाई। रचिन रविंद्र ने 39 गेंदों में पांच चौके और चार छक्के लगाते हुए (69)रनों की पारी खेली। 16वें ओवर में हसरंगा ने मिचेल हे (आठ) को बोल्ड कर दिया। इसी ओवर में उन्होंने माइकल ब्रेसवेल (एक) को भी अपना शिकार बना लिया। श्रीलंका के लिये सातवां महत्वपूर्ण विकेट नुवान तुषारा ने डैरिल मिचेल को आउट कर झटका। डैरिल मिचेल ने 17 गेंदों में एक चौका और चार छक्के लगाते हुए (35) रन बनाये। मिचेल सैंटनर (14) और जैकरी फॉक्स (21) रन बनाकर नाबाद रहे। न्यूजीलैंड की टीम निधारित 20 ओवरों में सात विकेट पर 211 रन ही बना सकी और सात रन से मुकाबला हार गई। श्रीलंका की ओर से चरित असलंका ने तीन विकेट और वानिंदु हसरंगा ने दो विकेट लिये। नुवान तुषारा और बी फर्नांडो ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया। इससे पहले आज यहां न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने 24 के स्कोर पर अपना पहला विकेट पथुम निसंका (14) के रूप में गवां दिया। उन्होंने मैट हेनरी ने विकेटकीपर मिचेल हे के हाथों कैच आउट कराया। इसके बाद पांचवें ओवर में मिचेल सैंटनर ने कुसल मेंडिस को ब्रेसबेल के हाथों कैच आउट करा दिया। कुसल मेंडिस ने 16 गेंदों में (22) रन बनाये। श्रीलंका का तीसरा विकेट अविष्का फर्नांडो (17) के रूप में गिरा। उन्हें जैकब डफी ने पगबाधा आउट किया। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आये कुसल परेरा इस दौरान एक छोर थामे खड़े रहे। इसके बाद बल्लेबाजी करने आये कप्तान चरित असलंका ने कुसल परेरा के साथ पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों के बीच चौथे विकेट लिए 100 रनों की साझेदारी हुई। दोनों ने आतिशी बल्लेबाजी का मुजाहिरा करते हुए तेजी के साथ रन बटोरे। 17वें ओवर में जैकरी फॉक्स ने चरित असलंका को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। चरित असलंका ने 24 गेंदों में एक चौका पांच छक्के लगाते हुए (46) रनों की पारी खेली। 19वें ओवर में डैरिल मिचेल ने कुसल परेरा को आउट किया। कुसल परेरा ने 46 गेंदों में 13 चौके और चार छक्कों की मदद से (101) रनों की शतकीय पारी खेली। यह टी-20 में उनका पहला अंतरराष्ट्रीय शतक है। इसके साथ उन्होंने टी-20 में अपने दो हजार भी पूरे किये। श्रीलंका ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट पर 218 रनों का स्कोर खड़ा किया। न्यूजीलैंड की ओर से मैट हेनरी, जेकब डफी, जैकरी फॉक्स, मिचेल सैंटनर और डैरिल मिचेल ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया।  

मध्यप्रदेश में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, पिछले साल पकड़े 238 रिश्वतखोर

भोपाल  मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरी बड़ी समस्या बन चुक है। आए दिन घूसखोरी के प्रकरण सामने आते रहते हैं। ऐसे में लोकायुक्त की टीम भी भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा कसने के मामले में तेजी ला रही है। पिछले तीन माह में लोकायुक्त की टीम ने प्रदेश में पिछले तीन साल के मुकाबले सर्वाधिक कार्रवाई की है। साल 2024 में जहां कुल 238 कार्रवाई की गई है, तो सिर्फ तीन माह 25 सितंबर से लेकर 31 दिसंबर तक 120 कार्रवाई की गई, जिसमें सिर्फ अकेले ट्रैप के 95 मामले दर्ज किए गए हैं। बड़ी संया में पहुंची शिकायतों पर जांच भी हो रही है। ट्रैप की कार्रवाई में इंदौर, जबलपुर अव्वल लोकायुक्त की ट्रैप की कार्रवाई के मामले में यदि संभागों की बात की जाए तो इंदौर संभाग अव्वल है। यहां साल 2024 में 53 कार्रवाई की गई है, जो प्रदेश के अन्य संभागों के अपेक्षाकृत सबसे ज्यादा है। वहीं दूसरे नंबर पर जबलपुर है, जहां 42 कार्रवाइयां की गई हैं। भ्रष्टाचारियों की फाइलें नहीं रोक पाएंगे अफसर जानकारी के लिए बता दें कि मध्यप्रदेश में अब जांच के बहाने अफसर भ्रष्टाचारियों की फाइलें लंबे समय नहीं रोक पाएंगे। हर फाइल सरकार तक नहीं भेजी जाएगी। नियुक्तिकर्ता अधिकारी को ही अभियोजन स्वीकृति के अधिकार सरकार ने दे दिए हैं। यहां तक कि अनुमति देने की टाइमलाइन भी तय कर दी। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश में कहा है कि नियुक्तिकर्ता अधिकारी परीक्षण में पाता है कि प्रकरण अभियोजन स्वीकृति के योग्य है तो उसे 45 दिन में स्वीकृति जारी करनी होगी।

आध्यात्मिक नेता चिन्मय कृष्ण दास को नहीं मिली राहत, कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

ढाका बांग्लादेश में राजद्रोह के आरोप में जेल में बंद हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास की जमानत अर्जी खारिज हो गई है। दास की जमानत याचिता पर गुरुवार को चटगांव कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के 11 वकीलों ने चिन्मय का पक्ष चटगांव की अदालत में रखा लेकिन उनको जमानत नहीं मिल सकी। बांग्लादेश के द डेली स्टार ने बताया है कि चटगांव की अदालत ने कड़ी सुरक्षा के बीच हुई सुनवाई के दौरान चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी को जमानत देने से इनकार कर दिया। इससे पहले 3 दिसंबर 2024 को दास के केस की तारीख थी। उस समय अभियोजन पक्ष के समय मांगने और चिन्मय की ओर से कोई वकील ना होने के चलते अदालत ने 2 जनवरी की तारीख जमानत पर सुनवाई के लिए दी थी। पूर्व में इस्कॉन से जुड़े रहे दास के खिलाफ बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज के ऊपर भगवा ध्वज फहराने का आरोप है। इस मामले में उनके खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद उनको ढाका के इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया और कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद जेल भेज दिया गया। दास की गिरफ्तारी के बाद चटगांव में उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान हिंसा में चटगांव में एक वकील की मौत भी हो गई थी। ये मामला काफी ज्यादा चर्चा में रहा था। सुप्रीम कोर्ट के वकील करेंगे पैरवी चिन्मय कृष्ण दास की पैरवी के लिए उनके वकील अपूर्ब कुमार भट्टाचार्य के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट के 11 वकीलों की टीम चटगांव पहुंची थी। वकील अपूर्ब कुमार भट्टाचार्य ने द डेली स्टार को बताया, ‘हम एंजीबी ओकया परिषद के बैनर तले चटगांव आए हैं और अदालत में चिन्मय की जमानत के लिए पक्ष रख रहे हैं। हालांकि उनको दास की जमानत की उम्मीद थी, जो नहीं हो सका। यह पूरा मामला 25 अक्टूबर को चटगांव में बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज के ऊपर भगवा ध्वज फहराने के आरोप से शुरू हुआ। मामला दर्ज होने के बाद चिन्मय कृष्ण दास को 25 नवंबर को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद स्थिति तब बिगड़ी, जब 27 नवंबर को चटगांव कोर्ट से दास की जमानत खारिज होने के बाद उनके समर्थकों का प्रदर्शन हिंसक हो गया और इसमें एक वकील की मौत हो गई। चटगांव कोर्ट में हिंसा के बाद बांग्लादेश के कई हिस्सों में अल्पसंख्यकों और इस्कॉन के साधुओं के खिलाफ भी हिंसा देखने को मिली। हालांकि इस्कॉन की ओर से साफ कर दिया गया कि यौन शोषण के आरोपों के चलते दास को पहले ही निकाला जा चुका है। भारत ने भी बयान जारी करते हुए हिंदुओं पर हमलों को लेकर चिंता जताई थी।

टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने पुष्टि की है कि तेज गेंदबाज आकाशदीप पीठ में अकड़न के चलते सिडनी टेस्ट नहीं खेलेंगे

नई दिल्ली टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने पुष्टि की है कि तेज गेंदबाज आकाशदीप पीठ में अकड़न के चलते शुक्रवार से सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू हो रहे पांचवें और अंतिम टेस्ट से बाहर हो गए हैं। आकाशदीप ने ब्रिसबेन और मेलबर्न में खेले दो टेस्ट में शानदार गेंदबाजी करने के बावजूद पांच विकेट लिए थे। वह कुछ हद तक बदकिस्मत रहे कि उन्हें अधिक विकेट नहीं मिल पाए, क्योंकि उन मैचों के दौरान उनकी गेंदबाजी से कई कैच छूट गए थे। भारतीय कोच गौतम गंभीर ने मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुष्टि की, “आकाश दीप पीठ की समस्या के कारण बाहर हैं।” 28 साल के इस तेज गेंदबाज ने अब तक सीरीज में कुल 87.5 ओवर फेंके हैं और चोट का कारण उनके उनका वर्कलोड हो सकता है। ऑस्ट्रेलिया की कठोर पिचें तेज गेंदबाजों के लिए घुटने, टखने और पीठ की समस्याओं के लिए कुख्यात हैं। अब सवाल यह है कि आकाशदीप के बाहर जाने से प्लेइंग XI में किसे जगह मिलेगा। मौजूदा स्क्वॉड में दो नाम, हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्णा, ऐसे विकलप हैं जो आकाशदीप को रिप्लेस कर सकते हैं। हर्षित राणा ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहले दो टेस्ट मैच खेल चुके हैं, ऐसे में उनके खेलने की उम्मीद ज्यादा है। वहीं रोहित शर्मा और ऋषभ पंत के खेलने पर भी सवाल है। जब मैच से एक दिन पहले कोच गौतम गंभीर से रोहित शर्मा के खेलने पर सवाल किया गया तो उन्होंने इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि प्लेइंग XI का चयन वह पिच देखकर टॉस के दौरान करेंगे। वहीं ऋषभ पंत का परफॉर्मेंस भी सीरीज में अभी तक कुछ खास नहीं रहा है। मेलबर्न में खेली दोनों पारियों में वह गैर जिम्मेदाराना शॉट खेलकर आउट हुए। मिडिल ऑर्डर में पंत और रोहित की जगह ध्रुव जुरेल और सरफराज खान को ट्राई किया जा सकता है।

Bhopal को 40 साल बाद मिली जहरीले कचरे से बड़ी राहत, कड़ी सुरक्षा में पहुंचा पीथमपुर

भोपाल  राजधानी भोपाल से 40 साल बाद आखिरकार जहरीला कचरा बाहर निकल ही गया। 12 कंटेनर जहरीला कचरा लेकर धार जिले के पीथमपुर के लिए निकलने की खबर है। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह जहरीला अपशिष्ट कचरा भोपाल से पीथमपुर के लिए रवाना हुआ है। इस कचरे को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर भेजा जा रहा है। कंटेनर के साथ एम्बुलेंस, पुलिस और फायर दमकलें चल रही हैं। 337 मीट्रिक टन जहरीला कचरा भोपाल की यूनियन कार्बाइड (यूका) फैक्ट्री के गोदाम में 337 मीट्रिक टन जहरीला कचरा रखा था। अफसरों के अनुसार कंटेनर उस समय रवाने किए जा रहे हैं जब सड़क पर ज्यादा ट्रैफिक नहीं रहेगा। गौरतलब है कि इस जहरीले कचरे को भोपाल की यूनियन कार्बाइड से पीथमपुर ले जाने की तैयारी रविवार दोपहर से शुरू हुई थी। 12 कंटेनर में लोड किया गया जहर यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के इस जहर ने सैकड़ों लोगों की जान ली थी। उस दर्द को लोग आज भी नहीं भुला पाए हैं। प्रशासन के द्वारा लंबे समय के बाद इसे हटाने के लिए आखिरकार काम किया गया है। इसे सावधानी के साथ 12 कंटेनरों में लोड किया गया है। एक कंटेनर में 30 टन कचरा जानकारी के अनुसार एक कंटेनर में औसत रूप से 30 टन कचरा भरा गया है। 200 से ज्यादा मजदूरों ने इसे अलग-अलग शिफ्ट में कंटेनर में लोड किया है। इस दौरान भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। वहीं सरकार ने भी प्रक्रिया को पूरा करने में हर प्रकार की सावधानी रखी। कचरा हटाने के लिए बनाया ग्रीन कॉरिडोर ग्रीन कॉरिडोर बनाकर पीथमपुर भेजे जा रहे कचरे को रामकी एनवायरो में जलाया जाएगा। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने इस कचरे को 6 जनवरी तक हटाने के निर्देश दिए थे। अब 3 जनवरी को सरकार को हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश करेगी। भोपाल से पीथमपुर तक करीब 250 किलो मीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर बनाया जा रहा है। कार्रवाई का पीथमपुर में हुआ विरोध पीथमपुर में इस कचरा को जलाने के विरोध में 10 से ज्यादा संगठनों ने 3 जनवरी को पीथमपुर बंद का आह्वान किया है। कई संगठनों का कहना है, भोपाल का कचरा अमेरिका भेजा जाए। वहीं पीथमपुर बचाओ समिति 2 जनवरी को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने की तैयारी में है। कब और कैसे लीक हुई थी जहरीली गैस 1984 में 2-3 दिसंबर की रात यूनियन कार्बाइड की फैक्ट्री से जहरीली गैस मिथाइल आइसोसाइनेट लीक हुई थी, जिससे 5 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और 5 लाख से अधिक लोग इसकी जद में आ गए थे. यूनियन कार्बाइड की फैक्ट्री से निकली गैस 40 किलोमीटर दूर तक में फैल गई थी. शहर की एक चौथाई आबादी गैस चेंबर में तब्दील हो गई थी. सबसे अधिक बच्चों पर गैस का प्रभाव पड़ा था. जिस रात यह घटना घटी थी. उसके कई दिनों बाद तक भोपाल से लोगों का पलायन चलता रहा. हजारों लोग सैकड़ों किसोमीटर दूर चले गए. यहां से जाने के बाद बड़ी संख्या में लोग अस्पतालों में भर्ती हुए थे. इस उन्माद के बीच साहस और हौसले की भी कमी नहीं थी. बड़ी संख्या में लोगों ने प्रभावित लोगों को निकालने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी थी. हिरोशिमा और नागासाकी के बाद मौत का विकराल रूप भोपाल गैस त्रासदी जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए जाने के बाद मृत्यु का तीसरा सबसे वीभत्स और घृणित रूप थी. हालात ऐसे बने थे कि श्मशान में लाशें जलाने की जगह नहीं बची थी. एक चीता पर 10 से 15 शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा था. मुस्लिम कब्रिस्तान में भी शवों को दफनाने की जगह नहीं बची थी. स्थिति ऐसी बनी थी कि पुरानी कब्रों को खोद कर शवों को दफनाया गया था. भोपाल में मौत का तांडव कई दिनों तक चलता रहा. गैस रिसाव के 30 घंटे बाद भी फैक्ट्री में लाशों का अंबार लगा हुआ था. तीन दिनों तक जानवरों के शव सड़कों और घरों में बिखरे पड़े हुए थे. इससे महामारी फैलने की आशंका बढ़ती जा रही थी. बड़ी संख्या में यहां से लोग पलायन कर रहे थे. तो प्रशासन अन्य शहरों से सफाई कर्मचारियों को बुलाकर अभियान में लगाया था. गैस का दुष्प्रभाव ना सिर्फ सन 1984 में था बल्कि आज भी लोग विकलांगता और गंभीर बीमारियों की जद में जीने को मजबूर हैं. कई पीढ़ियों ने झेला त्रासदी का दंश भोपाल गैस त्रासदी की जद में आने वाले या फिर उस घटना में बचे लोगों का जीवन सामान्य नहीं रहा. लोगों को कई सालों तक इस त्रासदी का दंश झेलना पड़ा. त्रासदी प्रभावित लोगों की जीवन अवधि कम होती चली गई. साथ ही कई लोग विकलांग, नपुंसक और गंभीर बीमारियों का शिकार होते चले गए. इस त्रासदी के शिकार हुए 21 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को बहुत कष्ट उठाना पड़ा. हाल ही में हुए एक रिसर्च में पता चला कि गैस पीड़ित समूह के पुरुषों और 21 वर्ष से ऊर के व्यक्तियों की मृत्य बहुत जल्द हो गई. इस अध्ययने में पाया गया कि करीब 30 वर्षों में 6 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई. खून में घुल गई जहरीली गैसें त्रासदी के करीब ढाई दशक बाद आईसीएमआर की एक रिपोर्ट सामने आई. इसमें पाया गया कि यहां के लोगों के खून में जहरीली गैसें घुल गई थी. जिससे लोगों में और आने वाली पीढ़ियों में इसका बुरा असर दिखा. आज भी जो बच्चे पैदा होते हैं उनमें सांसों की समस्या, विकलांगता और गंभीर बीमारियां देखी जाती हैं. हालांकि, अब राहत की बात है कि जहरीले कचरे को नष्ट करने की तैयारी शुरू हो गई है. उम्मीद जताई जा रही है कि अब यहां के लोग स्वस्थ और सेहतमंद होंगे और आने वाली पीढ़ियां भी हेल्दी पैदा होंगी.

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